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आज होगी इंडिया गठबंधन की अहम बैठक, सीट शेयरिंग पर हो सकता है फ़ैसला

पटना इंडिया गठबंधन में सीट शेटरिंग फॉर्मूला को लेक पिछले कुछ दिनों से जारी मंथन अब अंतिम चरण में हैं। रविवार को इंडिया गठबंधन के समन्वय समिति के अध्यक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पोलो रोड में अहम बैठक हुई। इसमें इंडिया गठबंधन के घटक दलों के सभी प्रमुख नेता शामिल हुए। आज फिर से इंडिया गठबंधन के सभी घटक दल पोलो रोड में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के आवास पर बैठक करेंगे। इसके बाद सात अक्टूबर यानी कल तेजस्वी यादव संयुक्त प्रेस कॉफ्रेंस कर सीट शेयरिंग की घोषणा कर देंगे। अब इंडिया गठबंधन इस बार आठ दलों के साथ चुनावी मैदान में उतरेगा। इनमें कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई),  मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम), भाकपा माले, विकासशील इंसान पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी शामिल हैं। सूत्र बता रहे हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन में राजद के खाते में करीब 130, कांग्रेस को 55 सीट, वामदल को 35, वीआईपी को 20 सीटें मिल सकती है। हालांकि कुछ सीटों को लेकर अब भी खींचतान जारी है। संभावना है कि आज की बैठक में इस पर सभी दलों की सहमति बन जाए। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पार्टी झामुमो और पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस की पार्टी रालोजपा राजद कोटे से पांच सीओं पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है। सूत्र बता रहे हैं कि इंडिया गठबंधन की बैठक में 2020 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टियों में वोट प्रतिशत और सीटों के रिकॉर्ड को देखते हुए इस बार सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय हुआ है। ओवैसी को नहीं मिला अब तक जवाब इधर, AIMIM पार्टी के सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी को इंडिया गठबंधन अपने साथ रखेगा या नहीं? इस पर कोई बात अब तक नहीं हुई है। संभावना है कि आज की बैठक में इस मुद्दे पर बात हो। हालांकि, ओवैसी ने राजद से गठबंधन को लेकर कहा कि हमने उनके सामने प्रस्ताव रखा था और बीजेपी से लड़ने के लिए सिर्फ 6 सीटें मांगी थीं, लेकिन अब तक उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला है।  

JMM का बिहार में बड़ा दांव, 12 सीटों का दावा और तेजस्वी यादव से संभावित बैठक आज

रांची बिहार विधानसभा चुनाव में हिस्सेदारी को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा के सुदिव्य कुमार सोनू और विनोद पांडे आज पटना में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव से मुलाकात करेंगे। पार्टी अध्यक्ष और सीएम हेमंत सोरेन ने दोनों को बातचीत करने के लिए इसकी कमान सौंपी है।   पार्टी सूत्रों के मुताबिक झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भी अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। पार्टी राज्य की सीमावर्ती 12 विधानसभा सीटों पर दावेदारी के साथ महागठबंधन में सम्मानजनक भागीदारी की तैयारी में जुट गई है। झामुमो की नजर बिहार के तारापुर, कटोरिया, मनिहारी, झाझा, बांका, ठाकुरगंज, रुपौली, रामपुर, बनमनखी, जमालपुर, पीरपैंती और चकाई सीटों पर है। इन जिलों की सीमा झारखंड से लगती है और यहां झामुमो का वोटबैंक मजबूत माना जाता है। पार्टी का दावा है कि इन इलाकों में संगठन की जमीनी पकड़ अच्छी है और अतीत में उसके विधायक भी यहां से चुने जा चुके हैं। उल्लेखनीय है कि सितंबर महीने में झामुमो अध्यक्ष और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पटना में हुई ‘वोटर अधिकार रैली' के दौरान राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की थी, लेकिन तब सीट शेयरिंग पर कोई चर्चा नहीं हो सकी थी। इस बार बैठक को लेकर झामुमो काफी गंभीर है और पार्टी नेताओं को मजबूत तुकरं के साथ सीट शेयरिंग की बातचीत की जिम्मेदारी दी गई है। ज्ञातव्य है कि पिछले साल हुए झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान झामुमो ने महागठबंधन धर्म निभाते हुए राजद को 7 सीटें दी थीं, जिनमें से पार्टी ने 4 सीटों पर सफलता पाई थी। झामुमो अब इसी तर्ज पर बिहार में 12 सीटों की मांग कर रहा है। पार्टी का तर्क है कि गठबंधन धर्म में उसे भी वही सम्मान और हिस्सेदारी मिलनी चाहिए, जैसा उसने झारखंड में सहयोगी दलों को दिया था।  

पटना मेट्रो का दौड़ना शुरू, चुनाव से पहले नीतीश कुमार ने खास नजर डालते हुए बाहर का नजारा देखा

पटना  पटना मेट्रो का इंतजार अब खत्म हो गया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज (सोमवार) पटना मेट्रो को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस दिन भूतनाथ से न्यू आईएसबीटी तक पहले फेज की मेट्रो के परिचालन का उद्घाटन किया गया.बिहार विधानसभा चुनाव के ऐलान से पहले पटना मेट्रो की शुरुआत हो गई है। सोमवार को CM नीतीश कुमार ने हरी झंडी दिखाकर इसे रवाना किया। पहले फेज में ISBT से भूतनाथ रोड के बीच 3 स्टेशन के बीच इसे चलाया जाएगा। ये ट्रैक 4.5 KM लंबा है। तीन स्टेशनों तक मिलेगी सेवा वर्तमान में यह मेट्रो सेवा 4.3 किलोमीटर रूट पर चलेगी, जो तीन स्टेशनों आईएसबीटी, जीरो माइल और भूतनाथ रोड के बीच संचालित होगी. पटना मेट्रो रेल कार्पोरेशन (पीएमआरएल) की तरफ से परिचालन की पूरी तैयारी कर ली गई थी. छह भूमिगत मेट्रो स्टेशनों की आधारशिला भी रखी इस दिन उद्घाटन के साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कॉरिडोर वन के तहत पटना जंक्शन सहित छह भूमिगत मेट्रो स्टेशनों और 9.35 किलोमीटर लंबी सुरंग की आधारशिला भी रखी. सेफ्टी कमिश्नर दे चुके हैं हरी झंडी 3 दिन पहले मेट्रो रेल सेफ्टी कमिश्नर (CMRS) ने पटना मेट्रो के प्राथमिक कॉरिडोर के लिए सुरक्षा प्रमाण पत्र जारी किया था। CMRS ने सिग्नलिंग सिस्टम, पटरियों की मजबूती, ट्रेन की गति, ब्रेकिंग सिस्टम और अन्य बिंदुओं की गहन जांच की थी। सुरक्षा मानकों पर खरा उतरने के बाद मेट्रो सेवा शुरू करने की मंजूरी दी गई। मधुबनी पेंटिंग से सजी मेट्रो मेट्रो के कोच को मधुबनी पेंटिंग से खास तौर पर सजाया गया है, जो बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करता है. कोचों में गेट, खिड़कियों और अंदरुनी हिस्सों पर गोलघर, महावीर मंदिर, महाबोधि वृक्ष, बुद्ध स्तूप और नालंदा के खंडहर जैसे बिहार के विश्वप्रसिद्ध पर्यटक स्थलों के आकर्षक स्टिकर लगे हैं. 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी गति शुरुआत में मेट्रो की अधिकतम गति 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी. 15 से 30 रुपये होगा किराया आइएसबीटी से जीरो माइल का किराया 15 रुपये, वहीं न्यू आइएसबीटी से भूतनाथ मेट्रो स्टेशन का किराया 30 रूपये तय किया गया है. यानी पटना मेट्रो का फिलहाल न्यूनतम किराया 15 रुपये और अधिकतम किराया 30 रुपये रहेगा. दो इमरजेंसी बटन की सुविधा यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए हर मेट्रो कोच में 360-डिग्री सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. आपात स्थिति के लिए दो इमरजेंसी बटन और माइक्रोफोन की भी सुविधा उपलब्ध कराई गई है. प्रत्येक कोच में कुल 138 सीटें इमरजेंसी में बटन दबाने पर यात्री सीधे मेट्रो रेल के ड्राइवर से बात कर सकेंगे और सीसीटीवी फुटेज भी कंट्रोल रूम में भेजी जाएगी. प्रत्येक कोच में कुल 138 सीटें हैं और उसमें 945 यात्रियों के खड़े होकर यात्रा करने की व्यवस्था है. सुबह 8 बजे से शुरू होगा परिचालन पहले चरण में तो यह मेट्रो आईएसबीटी मेट्रो स्टेशन से भूतनाथ रोड तक चलेगी. अभी इसका परिचालन सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक किया जाएगा. हर 20 मिनट के अंतराल पर प्रत्येक स्टेशन पर मेट्रो मिलेगी. रोजाना मेट्रो 40 से 42 फेरे लगाएगी. 7 सितंबर को एलिवेटेड ट्रैक पर दौड़ी थी मेट्रो पटना मेट्रो का पहला ट्रायल रन 3 सितंबर को हुआ था। डिपो के अंदर 800 मीटर के ट्रैक पर ट्रेन को दौड़ाया गया था। इसके बाद 7 सितंबर को तीन कोच वाली मेट्रो डिपो से निकलकर ISBT स्टेशन से भूतनाथ स्टेशन तक 3.6KM का सफर एलिवेटेड ट्रैक पर तय किया था। इस दौरान मेट्रो की स्पीड, सिग्नलिंग सिस्टम और ट्रैक की सुरक्षा से जुड़ी सभी चीजों की जांच की गई है। ट्रायल के दौरान आने वाली तकनीकी गड़बड़ियों को भी देखा गया था। मधुबनी पेंटिंग से डिजाइन की गई मेट्रो की बोगियां पटना मेट्रो की बोगियों को मधुबनी पेंटिंग से डिजाइन किया गया है। पूरी बोगियां नारंगी कलर में दिखेंगी। मेट्रो की तीनों बोगियों की गेट, बॉडी, खिड़की सहित हर जगह पर स्टिकर लगाया गया है। बोगियों के बाहर और अंदर का लुक बदला गया है। मेट्रो की छत पर मधुबनी पेंटिंग की स्टिकर चिपकाई गई है। बोगियों पर गोलघर, महावीर मंदिर, महाबोधि वृक्ष, बुद्ध स्तूप, नालंदा खंडहर सहित बिहार के सभी टूरिस्ट प्लेस की तस्वीरों से सजाया गया है। मेट्रो कॉरिडोर वन और टनल की रखी आधारशिला मुख्यमंत्री मेट्रो कॉरिडोर वन के पटना जंक्शन समेत छह भूमिगत स्टेशन और 9.35 किलोमीटर लंबे टनल का शिलान्यास किया। कॉरिडोर वन में पटना जंक्शन से रुकनपुरा और मीठापुर तक 9.35 किमी में टनल बनेगा। कॉरिडोर वन में 2565.80 करोड़ से छह भूमिगत स्टेशन सहित टनल का निर्माण होना है। एजेंसी से एग्रीमेंट कर लिया गया है। निर्माण 42 महीने में पूरा करना है। कॉरिडोर वन के लिए दो हिस्सों में टेंडर जारी हुआ था। इसके पहले भाग में रुकनपुरा, राजा बाजार और चिड़ियाघर स्टेशन बनेगा। पाटलिपुत्र एलिवेटेड स्टेशन के बाद रुकनपुरा रैप से इसपर 1147.50 करोड़ खर्च होंगे। दूसरे भाग में विकास भवन, विद्युत भवन और पटना जंक्शन स्टेशन का निर्माण होगा। साथ ही विकास भवन से पटना जंक्शन होते हुए मीठापुर रैंप तक टनल बनेगा। निर्माण पर 1418.30 करोड़ खर्च होंगे।

टिकट बंटवारे में बदलाव, BJP इन वर्तमान विधायकों को सकती है अलविदा

पटना बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की चुनाव समिति की लगातार दो दिन बैठक हुई, जिसमें चुनावों की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा की गई। सूत्रों के मुताबिक, बढ़िया प्रदर्शन न करने वाले या विवादों में घिरे मौजूदा विधायकों के टिकट पर कैंची चलना तय माना जा रहा है। उन विधायकों को टिकट नहीं देने की चर्चाएं जोरों पर है। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री एवं बिहार चुनाव के लिए पार्टी प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने की। बैठक में उनके कैबिनेट सहयोगी एवं चुनावों के सह-प्रभारी सीआर पाटिल और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े भी मौजूद थे। बिहार विधानसभा चुनाव में नए चेहरों को मिलेगा मौका भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि चर्चा ‘‘हमारी बची हुई मौजूदा सीटों के साथ-साथ पिछली बार हारी हुई सीटों'' पर केंद्रित होगी। उन्होंने कहा था कि ‘‘जिन उम्मीदवारों का प्रदर्शन अच्छा रहा है और जिनका कोई मजबूत विरोधी नहीं है, उन्हें दूसरी बार मौका दिया जा सकता है, लेकिन बाकी को नए चेहरों से बदलना पड़ सकता है। सूत्रों के मुताबिक,  कमजोर प्रदर्शन करने वाले या विवादों में घिरे 20 से अधिक विधायकों का टिकट काटा जा सकता है। बताया जा रहा है कि रामनगर से भागीरथी देवी, छपरा से विधायक डॉ. सीएन गुप्ता, लोरिया के विनय बिहारी , आरा से अमरेंद्र प्रताप सिंह, नरकटियागंज की रश्मि वर्मा, अलीपुर के मिश्रा लाल यादव जैसे कुछ अन्य विधायकों के टिकटें कटना तय माना जा रहा है। ऐसे में प्रदेश के कई राजनीतिक दिग्गजों के भविष्य पर सवालिया निशान लगता नजर आ रहा है! पार्टी द्वारा विधायकों के प्रदर्शन को लेकर भी सर्वे करवाया गया। जिन विधायकों को लेकर लोगों ने अच्छा फीडबैक दिया है, पार्टी उनको ही दोबारा मौका देने का फैसला किया है। वहीं कमजोर प्रदर्शन वाले विधायकों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। आज होगा चुनाव की तारीखों का ऐलान बता दें कि पार्टी ने 2020 के चुनावों में 110 सीट पर चुनाव लड़ा था, जिनमें से 75 पर जीत हासिल की थी, और अन्य दलों के दलबदल और उपचुनावों में जीत के कारण पिछले कुछ वर्षों में इसकी ताकत बढ़ी है। जानकारी हो कि निर्वाचन आयोग सोमवार को बिहार विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा करेगा। निर्वाचन आयोग शाम चार बजे संवाददाता सम्मेलन करेगा। बिहार में 243 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है।

मैथिली ठाकुर की राजनीतिक संभावनाएँ: BJP नेता विनोद तावड़े से की मुलाकात

पटना बिहार को लोकप्रिय गायिका मैथिली ठाकुर को लेकर चर्चा है कि वे 2025 का विधानसभा चुनाव लड़ सकती हैं। यह चर्चा इसलिए हो रही है, क्योंकि उन्होंने बीजेपी के नेताओं से मुलाकात की है। इस मुलाकात के दौरान उनके पिता भी साथ में थे। विनोद तावड़े और नित्यानंद राय के साथ जब से उनकी तस्वीर सामने आई है चुनाव लड़ने को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। दरअसल, विनोद तावड़े ने बीते रविवार को अपने एक्स हैंडल से तस्वीरें शेयर कर लिखा कि वर्ष 1995 में बिहार में लालू राज आने पर जो परिवार बिहार छोड़कर चले गए, उस परिवार की बिटिया सुप्रसिद्ध गायिका मैथिली ठाकुर जी बदलते बिहार की रफ्तार को देखकर फिर से बिहार आना चाहती हैं। आज गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय जी और मैंने उनसे आग्रह किया कि बिहार की जनता के लिए और बिहार के विकास के लिए उनका योगदान बिहार का सामान्य आदमी अपेक्षित करता है और वे उनकी अपेक्षाओं को पूरा करें। बिहार की बिटिया मैथिली ठाकुर जी को अनंत शुभकामनाएं! मैथिली ठाकुर ने क्या कहा? विनोद तावड़े के इस पोस्ट से संकेत मिल रहा है कि मैथिली चुनाव लड़ सकती हैं। मैथिली ठाकुर ने भी एक्स पर पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा है, "जो लोग बिहार के लिए बड़े सपने देखते हैं, उनके साथ हर बातचीत मुझे दूर दृष्टि और सेवा की शक्ति की याद दिलाती है। हृदय से सम्मानित और आभारी हूं. श्री नित्यानंद राय जी एवं श्री विनोद श्रीधर तावड़े जी।" कौन हैं मैथिली ठाकुर? मैथिली ठाकुर मधुबनी के बेनीपट्टी की रहने वाली हैं। चुनाव आयोग द्वारा मैथिली ठाकुर को बिहार का 'स्टेट आइकॉन' भी नियुक्त किया गया था। भारतीय शास्त्रीय और लोक संगीत में प्रशिक्षित मैथिली ठाकुर को 2021 के लिए बिहार के लोक संगीत में उनके योगदान के लिए संगीत नाटक अकादमी के उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार के लिए चुना गया था। मैथिली ठाकुर अपने दो भाइयों के साथ लोक, हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत, हारमोनियम और तबला में अपने दादा और पिता द्वारा प्रशिक्षित की गई हैं।  

निर्वाचन आयोग की तैयारी: क्या बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में होगा?

पटना/नई दिल्ली बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए तारीखों का एलान आज हो सकता है। इस बार का चुनाव दो चरणों में होने के आसार हैं। पिछली बार तीन चरणों में चुनाव हुआ था। इस बार त्योहारों के कारण सिर्फ नवंबर महीने का समय मतदान के लिए बच रहा है और राष्ट्रीय जनता दल समेत विपक्षी दलों ने दो चरण में मतदान कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग से अपील की है। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाईटेड ने एक चरण में ही मतदान की सलाह दी थी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इन अपीलों-सलाहों पर बात करने के बाद रविवार को पटना में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान चुनाव की तारीखों पर कोई बात नहीं की थी। वह रविवार शाम को दिल्ली पहुंचे और अब आज, सोमवार को शाम चार बजे भारत निर्वाचन आयोग का नई दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन है। माना जा रहा है कि इसमें चुनाव की तारीखें घोषित हो जाएंगी। हालांकि, चुनाव आयोग के संकेतों को देखते हुए 7 अक्टूबर के बाद अधिसूचना जारी होने की संभावना बताई जा रही थी। दो चरणों के चुनाव की संभावना क्यों ज्यादा बिहार में विधानसभा का चुनाव करीब 30-35 साल के दौरान पांच-छह चरणों में होता था। वर्ष 2010 का चुनाव छह, 2015 का पांच और 2020 का तीन चरणों में हुआ था। इस बार मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण के कारण दुर्गा पूजा के पहले चुनाव की बाकी तैयारियां नहीं हो सकी थीं। इस महीने दीपावली और फिर लोक आस्था का महापर्व छठ भी है। ऐसे में 27-28 तारीख तक मतदान की संभावना नहीं है। राजनीतिक दलों ने भी छठ के बाद ही मतदान की तारीखें रखने की अपील की थी। इसके साथ ही ध्यान देने वाली बात यह भी है कि विधानसभा के कार्यकाल के प्रावधान के तहत 22 नवंबर के पहले बिहार में नई सरकार के लिए निर्णय होना है। इसलिए, माना जा रहा है कि दो चरणों में चुनाव कराया जा सकता है। बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए होना है मतदान देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार रविवार को पटना से लौटे। दो दिन के बिहार दौरे के बाद अब मतदान की तारीखें घोषित करना ही बचा है। मतदाताओं का गहन पुनरीक्षण पूरा कर मतदाता सूची जारी की जा चुकी है। बिहार की 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव के लिए अमूमन सितंबर अंत तक अधिसूचना जारी होती रही है। 2010 में 27 सितंबर को पहले चरण की अधिसूचना जारी हुई थी और अंतिम छठे चरण का मतदान 20 नवंबर को कराया गया था। 2015 में तो 16 सितंबर को पहले चरण की अधिसूचना जारी कर पांचवें और अंतिम चरण का मतदान 5 नवंबर को हुआ था। 2020 में पहले चरण की अधिसूचना 1 अक्टूबर को जारी हुई थी और तीसरे-अंतिम चरण का मतदान 7 नवंबर को हुआ था।

पटना से मेट्रो का सफर शुरू, किराया, रूट और सुविधाओं की पूरी जानकारी

पटना पटनावासियों के लिए आज बड़ा दिन है। कई साल का इंतजार खत्म हो गया रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज सुबह पौने 12 बजे पटना मेट्रो के पहले फेज की सेवा का शुभारंभ कर दिया। पाटलिपुत्र बस टर्मिनल डिपो के पास बने मेट्रो स्टेशन से वह भूतनाथ से न्यू आईएसबीटी तक पहले फेज की मेट्रो के परिचालन का शुभारंभ किया। पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (पीएमआरएल) ने परिचालन की अंतिम तैयारी पूरी कर ली है। इसके अलावा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कॉरिडोर वन के तहत पटना जंक्शन सहित छह भूमिगत मेट्रो स्टेशनों और 9.35 किलोमीटर लंबी सुरंग की आधारशिला भी रखेंगे। मेट्रो के कोच को मधुबनी पेंटिंग से खास तौर पर सजाया गया है, जो बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करता है। कोचों में गेट, खिड़कियों और अंदरुनी हिस्सों पर गोलघर, महावीर मंदिर, महाबोधि वृक्ष, बुद्ध स्तूप और नालंदा के खंडहर जैसे बिहार के विश्वप्रसिद्ध पर्यटक स्थलों के आकर्षक स्टिकर लगाए गए हैं। मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त जनक कुमार गर्ग पहले ही प्रायरिटी कॉरिडोर के तीन स्टेशनों पर मेट्रो के परिचालन को हरी झंडी दे चुके थे हर 20 मिनट के अंतराल पर मिलेगी मेट्रो पटना मेट्रो प्रबंधन के अनुसार, मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त ने सिग्नलिंग सिस्टम, पटरियों की मजबूती, ट्रेन की गति, ब्रेकिंग सिस्टम और अन्य तकनीकी पहलुओं की गहन जांच की है। सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद मेट्रो को परिचालन के लिए मंजूरी दी गई। शुरुआत में मेट्रो की अधिकतम गति 40 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। आईएसबीटी से जीरो माइल का किराया 15 रुपये होगा। वहीं न्यू आईएसबीटी से भूतनाथ मेट्रो स्टेशन का किराया 30 रुपये निर्धारित किया गया है। यानी पटना मेट्रो का फिलहाल न्यूनतम किराया 15 रुपये और अधिकतम किराया 30 रुपये होगा। पहले चरण में आइएसबीटी मेट्रो स्टेशन से भूतनाथ रोड तक मेट्रो चलेगी। फिलहाल इसका परिचालन सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक किया जाएगा। हर 20 मिनट के अंतराल पर प्रत्येक स्टेशन पर मेट्रो उपलब्ध होगी। प्रतिदिन मेट्रो 40 से 42 फेरे लगाएगी। महिलाओं और दिव्यांगों के लिए प्रत्येक ट्रेन में 12-12 सीटें आरक्षित होंगी। बीएसएपी के जवान संभाएंगे सुरक्षा की कमान मेट्रो कोच में मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग की सुविधा भी होगी। प्रत्येक कोच में सभी दरवाजों के पास एक लाल रंग का पैनिक बटन दिया गया है। कोच के अंदर डिस्प्ले बोर्ड पर अगले स्टेशन की जानकारी और घोषणाएं लगातार चलती रहेंगी। वहीं यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर मेट्रो कोच में 360-डिग्री सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। आपात स्थिति के लिए दो इमरजेंसी बटन और माइक्रोफोन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। आपात स्थिति में बटन दबाने पर यात्री सीधे मेट्रो रेल के ड्राइवर से बात कर सकेंगे और सीसीटीवी फुटेज भी कंट्रोल रूम में भेजी जाएगी। प्रत्येक कोच में कुल 138 सीटें हैं और उसमें 945 यात्री खड़े होकर यात्रा कर सकते है। पटना मेट्रो की सुरक्षा बिहार स्पेशल आर्म्ड पुलिस (बीएसएपी) के जवान संभालेंगे। बीएसएपी के जवान मेट्रो पर चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेंगे। प्रवेश द्वार से लेकर प्लेटफार्म तक इनकी तैनाती होगी। बेली रोड पर मेट्रो के निर्माण कार्य का भी शिलान्यास करेंगे सीएम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को ही बेली रोड पर मेट्रो के भूमिगत खंड के निर्माण कार्य का भी शिलान्यास करेंगे। यह भूमिगत खंड मेट्रो परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो शहर के व्यस्त इलाकों में मेट्रो के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कॉरिडोर वन के तहत कुल छह भूमिगत स्टेशनों के लिए 9.35 किमी की सुरंग की आधारशिला रखेंगे। इस कॉरिडोर में पटना जंक्शन से रुकनपुरा और मीठापुर तक 9.35 किमी लंबी सुरंग शामिल है, जिस पर कुल 2,565.80 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे। इसका निर्माण कार्य अगले 42 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य है। निर्माण के फेज वन में रुकनपुरा, राजा बाजार और चिड़ियाघर स्टेशन के साथ ही पाटलिपुत्र एलिवेटेड स्टेशन के बाद रुकनपुरा रैंप शामिल है। जिसकी कुल लागत 1,147.50 करोड़ रुपये है। वहीं, फेज दो में विकास भवन, विद्युत भवन और पटना जंक्शन स्टेशन के साथ विकास भवन से मीठापुर तक सुरंग का निर्माण भी शामिल है। जिसकी कुल लागत 1,148.3 करोड़ है। पटना मेट्रो की कुल लागत 13,925.5 करोड़ रुपये है, जिसमें जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जेआइसीए), केंद्र सरकार और बिहार सरकार का योगदान है। पटना मेट्रो के दो कॉरिडोर रेड लाइन (16.86 किमी) और ब्लू लाइन (14.56) में कुल 24 होंगे। पहले चरण का पूरा संचालन 2027 तक शुरू होने की संभावना है।  

चुनाव से पहले NDA का मास्टरस्ट्रोक, दीदियों के खातों में पहुंचा 2100 करोड़

 पटना  बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान आज हो सकता है। शाम चार बजे भारत निर्वाचन आयोग के प्रेस कॉन्फ्रेंस की घोषणा हो चुकी है जिसमें चुनाव का पूरा प्रोग्राम अनाउंस किया जा सकता है। इससे पहले एनडीए खासकर बिहार सरकार ने एक और स्ट्रोक लगा दिया है। सीएम नीतीश कुमार ने रिमोट का बटन दबाकर बिहार की 21 लाख जीविका दीदियों के खाते में दस-दस हजार की राशि सोमवार को भेज दिया। अबतक एक करोड़ 21 लाख दीदियों को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत दस हजार की राशि का लाभ दिया जा चुका है। कार्यक्रम में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी समेत बिहार सरकार के कई मंत्री और अधिकारी शामिल थे। इससे पहले 26 सितम्बर को पीएम नरेंद्र मोदी ने दिल्ली से रिमोट दबाककर 75 लाख महिलाओं को यह उपहार दिया था। पीएम ने कहा था कि बिहार की महिलाओं के दो भाई हैं नीतीश और नरेंद्र जो उनकी सुख और समृद्धि के लिए काम कर रहे हैं। नीतीश कुमार ने तीन अक्टूबर को दूसरी किश्त जारी की। उस दिन 25 लाख महिलाओं के खाते में दस-दस हजार की राशि ट्रांसफर की गई थी। अब आज सोमवार को 21 लाख महिलाओं को इसका लाभ दिया गया। बिहार सरकार यह संकल्प है कि राज्य की महिलाओं को शैक्षणिका, राजनीतिक, सामाजिक के साथ आर्थिक रूप से भी मजबूत किया जाए। मालूम हो कि महिलाओं को अपने पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए उन्हें दस-दस हजार रुपये दिये जा रहे हैं। बाद में उनके द्वारा की गयी तैयारी का आकलन करते हुए उन्हें और दो लाख रुपये तक की सहायता राज्य सरकार देगी। इस योजना में जीविका से जुड़ी हर परिवार की एक महिला को यह राशि दी जा रही है। अन्य महिलाएं भी जीविका से जुड़कर इस योजना का लाभ ले सकती हैं। सीएम आज पटना मेट्रो का उद्घाटन करने वाले हैं। मुजफ्फरपुर में भी वे करीब तीन सौ करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन आज करने वाले हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव का शंखनाद आज, चुनाव आयोग करेगा कार्यक्रम की घोषणा

पटना  भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) आज शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए तारीखों और शेड्यूल की आधिकारिक घोषणा करेगा. उम्मीद लगाई जा रही हैं कि बिहार में दो चरणों में मतदान हो सकता है. वहीं, रविवार को पटना में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने स्पष्ट कर दिया था कि आगामी विधानसभा चुनाव 22 नवंबर से पहले संपन्न हो जाएगी, क्योंकि 22 नवंबर को वर्तमान कार्यकाल समाप्त हो रहा है. आयोग ने 4 और 5 अक्टूबर को बिहार का दौरा किया, जहां मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने राजनीतिक दलों, अधिकारियों, पुलिस और सिविल सोसाइटी से मुलाकात की. इस दौरान कानून-व्यवस्था, व्यय निगरानी और मतदान केंद्रों की व्यवस्था पर चर्चा हुई. राजनीतिक दलों ने चरणों की संख्या पर सुझाव दिए और आयोग ने छठ पूजा (18-28 अक्टूबर) और दिवाली को ध्यान में रखते हुए शेड्यूल तैयार किया है. मतदान संभवतः छठ के बाद अक्टूबर-नवंबर में होगा जो 2020 की तरह कम चरणों में हो सकता है. प्रत्येक बूथ पर केवल 1,200 मतदाताओं की अनुमति होगी. राजनीतिक दलों की आयोग से अपील वहीं, राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग के साथ बैठक में छठ पर्व के तुरंत बाद चुनाव कराने की अपील की है जो अक्टूबर के अंत में मनाया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके, क्योंकि बड़ी संख्या में बाहर काम करने वाले लोग त्योहारों के लिए अपने-अपने घर लौटते हैं. 22 साल बाद हुआ वोटर लिस्ट का शुद्धीकरण इससे पहले बिहार दौरे के बाद पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को कहा कि बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण से 22 साल बाद मतदाता सूची का शुद्धिकरण हुआ है. उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों के लिए कई नई पहल की जा रही हैं, जिन्हें आने वाले समय में पूरे देश में दोहराया जाएगा. मुख्य चुनाव आयुक्त ने 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा के चुनावों में शुरू की जा रही कई पहलों के बारे में भी बताया, जिसमें अनुसूचित जातियों के लिए 38 निर्वाचन क्षेत्र और अनुसूचित जनजातियों के लिए दो अन्य आरक्षित हैं. इन पहलों में, जिन्हें समय आने पर पूरे देश में दोहराया जाएगा, एक नई मानक संचालन प्रक्रिया शामिल है, ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि पंजीकरण के 15 दिनों के अंदर मतदाताओं को ईपीआईसी कार्ड वितरित किए जाएं और मतदान केंद्रों पर मोबाइल जमा सुविधा भी शामिल है. एक मतदान केंद्र पर होंगे 1200 मतदाता सीईसी ने कहा, 'मतदान केंद्रों पर भीड़भाड़ को रोकने के लिए ये फैसला लिया गया है कि किसी भी मतदान केंद्र पर 1,200 से ज़्यादा मतदाता नहीं होंगे. मतदाताओं के लिए मतदान प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए मतदान केंद्रों पर मोबाइल डिपॉज़िट सुविधा शुरू की जा रही है.' हर बूथ की होगी वेबकास्टिंग उन्होंने कहा, 'अन्य नई सुविधाओं में सभी मतदान केंद्रों पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग और ईवीएम डेटा में विसंगति की शिकायत के मामले में वीवीपीएटी पर्चियों का अनिवार्य सत्यापन शामिल है.' उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया 22 नवंबर से पहले पूरी कर ली जाएगी, जब वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है. आपको बता दें कि बिहार चुनाव में सत्ताधारी एनडीए (बीजेपी-जेडीयू) और महागठबंधन (आरजेडी-कांग्रेस) के बीच कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है. प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी भी इस बार मैदान में है. इस विधानसभा चुनाव में बेरोजगारी, प्रवासन और स्थानीय मुद्दे प्रमुख होंगे. आयोग ने जेल में बंद व्यक्तियों के नामांकन पर संसदीय कानूनों का हवाला देते हुए फैसला लेने की बात कही.  

नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट पटना मेट्रो जल्द दौड़ेगी, किराया ₹15 से ₹30, होगी रोज़ 40+ राइड्स

पटना  बिहार में विधानसभा चुनाव करीब हैं. चुनाव की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाली सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार भी एक्टिव मोड में है. चुनाव कार्यक्रम के ऐलान से पहले सीएम नीतीश की सरकार अब पटना के लोगों को बड़ा तोहफा देने जा रही है. सीएम नीतीश 6 अक्टूबर को दिन में 11 बजे पटना के लोगों को मेट्रो रेल की सौगात देंगे. पटना मेट्रो रेल परियोजना पर 13 हजार 925 करोड़ 50 लाख की लागत आई है. पटना मेट्रो के उद्घाटन कार्यक्रम में सीएम नीतीश के साथ दोनों डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी शामिल होंगे. पटना मेट्रो के शुभारंभ पाटलिपुत्र बस डिपो से होना है. इस सेवा की शुरुआत के बाद यात्री इसमें आईएसबीटी स्टेशन से जीरो माइल और भूतनाथ तक सफर कर पाएंगे. इस रूट की लंबाई करीब सवा चार किलोमीटर है. पटना मेट्रो का न्यूनतम किराया 15 रुपये पटना मेट्रो के लिए जो किराया निर्धारित किया गया है, उसके मुताबिक एक स्टेशन तक सफर करने के लिए 15 रुपये का टिकट लगेगा और अधिकतम किराया 30 रुपये होगा. पटना मेट्रो का परिचालन फिलहाल सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक होगा और हर दिन इस रूट पर मेट्रो ट्रेन 40 से 42 फेरे लगाएगी. पटना मेट्रो की साज-सज्जा पर भी खास ध्यान दिया गया है. इस ट्रेन को विश्व प्रसिद्ध मधुबनी पेंट्रिंग से सजाया गया है. इस पेंटिंग में बिहार की पहचान की झलके है. पटना मेट्रो प्रोजेक्ट की पूरी टाइमलाइन बिहार राजधानी पटना में मेट्रो ट्रेन चलाने का प्लान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साल 2013 में बनाया था. पटना मेट्रो परियोजना की गिनती सीएम नीतीश के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में की जाती है. नीतीश कुमार की अगुवाई वाली कैबिनेट ने 11 जून 2013 को पटना मेट्रो परियोजना के लिए डीपीआर तैयार करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. जून 2014 में पटना मेट्रो परियोजना को हरी झंडी मिली, जिसका निर्माण पांच चरणों में कराने का प्रस्ताव पारित किया गया. पटना मेट्रो प्रोजेक्ट में बिहार और केंद्र सरकार के साथ–साथ जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी यानी JICA की भी भागीदारी है. कब क्या हुआ– -17 फरवरी 2019 को पीएम मोदी ने पटना के पहले मेट्रो रेल कॉरिडोर का शिलान्यास किया -18 फरवरी 2019 को पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की स्थापना की गई -पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी PMRCL को पटना मेट्रो प्रोजेक्ट को पूरा करने की जिम्मेदारी मिली -इस प्रोजेक्ट में DMRC को सलाहकार बनाया गया -4 मार्च 2019 को पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने पटना के इंदिरा भवन में अपना ऑफिस खोला -जनवरी 2022 में एल एंड टी कंपनी ने पटना मेट्रो के फेज-1 के कॉरिडोर-2 के डिजाइन और निर्माण के लिए मेट्रो ऑपरेटर DMRC से ऑर्डर हासिल किया -पहले फेज में पटना मेट्रो के पांच स्टेशन पूरा करने का लक्ष्य रखा गया