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सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश मंत्री विजय शाह को फटकारा, कहा- ‘बस बहुत हो गया, आदेश मानें’

भोपाल   मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। भारतीय सेना की महिला अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इस मामले में अभियोजन स्वीकृति देने में हो रही देरी को लेकर मध्यप्रदेश सरकार को फटकार लगाई है और कड़े शब्दों में कहा है कि यह सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण नहीं, बल्कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था। बस बहुत हुआ, अब हमारे आदेश का पालन कीजिए। 'बस बहुत हो गया, अब हमारे आदेश का पालन करें' शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान CJI सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि विशेष जांच दल (SIT) द्वारा अभियोजन की मंजूरी के लिए भेजा गया प्रस्ताव दो सप्ताह पहले ही निपटाया जाना चाहिए था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर SIT ने मामले की जांच की थी और मंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सरकार से अनुमति मांगी थी। इसके बाद CJI सूर्य कांत ने कहा, 'बस बहुत हो गया, अब हमारे आदेश का पालन करें, सबसे पहले माफी मांगनी चाहिए थी। यह तब हुआ जब हमने स्वतः संज्ञान लिया। इस मामले को चार सप्ताह बाद सूचीबद्ध करें।' कोर्ट की तरफ से यह टिप्पणी तब की गई, जब सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने कहा कि मंत्री पर मुकदमा चलाने की मंजूरी पर फैसला अभी लंबित है। मंत्री को इस तरह के कमेंट करने की आदत है- सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मंत्री विजय शाह का बचाव करते हुए कहा कि शायद उनके बयान को गलत समझा गया है वो महिला अधिकारी की प्रशंसा करना चाहते थे। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने इसे सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण नहीं बल्कि अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। एक राजनेता के तौर पर उन्हें ये अच्छे से पता है कि महिला अधिकारी की तारीफ कैसे की जाती है। इसके साथ ही कोर्ट ने एसआईटी की स्टेटस रिपोर्ट का हवाला देते हुए ये भी कहा कि मंत्री को इस तरह के कमेंट्स करने की आदत है। मंत्री विजय शाह ने ये कहा था.. पिछले साल भारत के द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर के बाद कर्नल सोफिया कुरैशी ने इस ऑपरेशन की मीडिया ब्रीफिंग की थी। इस के बाद मध्यप्रदेश के इंदौर जिले के महू में एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री विजय शाह ने कहा था- 'जिन्होंने हमारी बेटियों को विधवा किया, हमने उन्हें सबक सिखाने के लिए उनकी ही एक बहन को भेजा।' मंत्री विजय शाह के इस बयान को कर्नल कुरैशी के धर्म से जोड़कर देखा गया और हर तरफ इसकी निंदा हुई थी। यहां ये भी बता दें कि मंत्री विजय शाह इससे पहले भी विवादित और आपत्तिजनक बयान दे चुके हैं। विजय शाह के विवादित बयान     साल 2013 के विधानसभा चुनावों से पहले विजय शाह ने तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह को लेकर अभद्र टिप्पणी की थी और ये मामला गर्माने और विवाद बढ़ने के बाद उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा भी देना पड़ा था।     सितंबर 2022 में राहुल गांधी के अविवाहित होने के पर भी उन्होंने विवादित टिप्पणी की थी। तब उन्होंने कहा था कि 50-55 साल की उम्र में भी शादी न हो तो लोग पूछने लगते हैं लड़के में कुछ कमी है क्या?     साल 2023 में बालाघाट में फिल्म शूटिंग के दौरान मंत्री विजय शाह ने अभिनेत्री विद्या बालन से रात में मिलने की इच्छा जताई थी जिस पर विद्या बालन ने आपत्ति की तो विजय शाह ने वन विभाग के जरिए फिल्म की शूटिंग रुकवा दी थी और तब ये मामला भी काफी सुर्खियों में रहा था।

मौसम अलर्ट: उत्तर-पूर्वी एमपी के 6 जिलों में ओला, 30 से अधिक जिलों में आंधी और बारिश का खतरा

भोपाल  मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से भिंड और दतिया समेत 6 जिलों में ओले गिरने की संभावना जताई गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ सकती है। मौसम केंद्र के अनुसार, शुक्रवार को प्रदेश के भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में तेज आंधी के साथ ओलावृष्टि होने की प्रबल संभावना है। ओलावृष्टि के अलावा, मुरैना जिले में बिजली गिरने और गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान जताया गया है, वहीं ग्वालियर और विंध्य क्षेत्र के कई जिलों में दोपहर के समय मौसम बदल सकता है। छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज और सीधी में हलकी से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 40-50 किमी घंटे की रफ्तार से चल सकती है आंधी मौसम विभाग ने उत्तर और पूर्वी मध्य प्रदेश के 30 से ज्यादा जिलों में तेज आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर सहित 34 ज़िलों में दिन का तापमान बढ़कर 42-43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है। विशेष रूप से निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, रतलाम, नीमच और मंदसौर ज़िलों में तापमान में तेज़ी से बढ़ोतरी का पूर्वानुमान लगाया गया है। 10 मई से बदलेगा मौसम मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार जहां उत्तरी और पूर्वी ज़िलों में अगले दो दिनों तक गरज-चमक और हल्की बारिश जारी रह सकती है, वहीं 9 और 10 मई से गर्मी की तीव्रता में काफ़ी बढ़ोतरी होने की संभावना है। 10 मई से एक नया मौसम तंत्र सक्रिय होने की संभावना है, जिसका प्रभाव अगले दो दिनों में और भी ज़्यादा दिखाई देगा। अब सताएगा पारा इधर राजधानी भोपाल में भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के लिए पहचाने जाने वाले मई महीने का पहला सप्ताह इस बार राहत भरा रहा। मौसम के मिजाज ने इस तरह करवट ली कि मई के शुरुआती सात दिनों में लोगों को वह चुभन महसूस नहीं हुई, जो आमतौर पर इस समय होती है। तीन साल बाद मई में इस तरह की स्थिति बनी है। इसके पहले 2023 में भी पहले सप्ताह में तापमान सामान्य से काफी कम थे। हालांकि मौसम शुष्क होने के साथ ही अब आने वाले दिनों में गर्मी बढ़ सकती है। आमतौर पर मई की शुरुआत तीखी गर्मी से होती है । पिछले दस सालों में भी अधिकांशत: यहीं ट्रेंड रहा है। पहले सप्ताह में ही अधिकमत तापमान 41 से 43 डिग्री के बीच रहते हैं, लेकिन इस बार मई की शुरुआत में लगातार बादल, तेज हवा,बारिश, बौछारों के कारण दो तीन तापमान 40 डिग्री तक पहुंचा है। 39.3 डिग्री पर पहुंचा अधिकतम तापमान गुरुवार को मौसम शुष्क रहा, सुबह से ही धूप खिली। हालांकि दोपहर में हल्के बादल भी दिखे। अधिकतम तापमान में बुधवार के मुकाबले 0.9 डिग्री की बढ़ोतरी हुई। अब भी तापमान सामान्य से 1.5 डिग्री कम है। मौसम विज्ञानी वीएस यादव कहना है, अभी प्रदेश को प्रभावित करने वाला कोई बड़ा सिस्टम दिखाई नहीं दे रहा है, ऐसे में आगामी दिनों में तापमान 3 से 4 डिग्री तक बढ़ सकता है। गुरुवार को दिन में तीखी धूप रही, वहीं उमस के कारण भी लोग बेहाल नजर आए। दोपहर बाद हल्के बादलों की भी आवाजाही रही, वहीं रात्रि शहर में तेज हवा चली। रात 8 बजे के आसपास हवा की अधिकतम स्पीड 45 किमी प्रतिघंटा तक पहुंच गई थी। तेज हवा के कारण लोगों को उमस और गर्मी से थोड़ी राहत मिली। रूक-रूककर तेज हवा का दौर देर रात्रि तक जारी रहा। सावधानी बरतने की सलाह मौसम विभाग ने बिजली चमकने और आंधी के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। खुले मैदान में होने पर तुरंत किसी पक्के मकान की शरण लें। बेमौसम हो रही इस बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचने की भी आशंका जताई जा रही है। दो दिन इसलिए बारिश के आसार फिलहाल, एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) मध्य प्रदेश के बीचो-बीच एक्टिव है तो दूसरा ऊपरी हिस्से में है। एक ट्रफ भी पूर्वी हिस्से से गुजर रही है। 10 मई से नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है। मौसम विभाग की मानें तो 2 दिन तक कुछ जिलों में बारिश और आंधी चलने के आसार हैं। वहीं, 10 और 11 मई को पूरे प्रदेश में गर्मी पड़ेगी।

पहली कक्षा के बच्चों के बैग का वजन 1078 ग्राम तय, जबलपुर में DPI ने कलेक्टर-डीईओ को निर्देशित किया

जबलपुर  जबलपुर में बच्चों के भारी स्कूल बैग को लेकर अब प्रशासन सख्त हो गया है। बाल संरक्षण आयोग और लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने कलेक्टर को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि स्कूलों में नेशनल बैग पॉलिसी का सख्ती से पालन कराया जाए। संचालनालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्री-प्राइमरी कक्षाओं के बच्चों के लिए बैग की आवश्यकता ही नहीं है। वहीं कक्षा 1 से 12वीं तक छात्रों के बैग का अधिकतम वजन तय किया गया है। निर्देश में कहा गया है कि भारी बस्तों के कारण बच्चों के शारीरिक विकास पर असर पड़ सकता है और मानसिक दबाव भी बढ़ता है। डीईओ को बस्ते का वजन जांचने के निर्देश जानकारी के मुताबिक समग्र शिक्षा अभियान और लोक शिक्षण संचालनालय की अपर परियोजना संचालक नंदा भलावे ने जिला शिक्षा अधिकारियों को पहले ही पत्र भेजकर स्कूलों में बैग का वजन जांचने के निर्देश दिए थे। स्कूलों में निरीक्षण कर यह जानकारी भी मांगी गई थी कि छात्रों के बैग का वजन कितना पाया गया। हालांकि अभी तक किसी स्कूल में कार्रवाई या औपचारिक जांच सामने नहीं आई है। छुटि्टयों में कैसे जांचेंगे वजन बताया जा रहा है कि स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां शुरू होने के बाद रिपोर्ट मांगी गई है, ऐसे में निरीक्षण और वास्तविक जांच को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। माना जा रहा है कि कई जगह बिना जांच के रिपोर्ट भेजे जाने की आशंका है। आयोग बोला-अधिक वजन का स्वास्थ्य पर असर बाल संरक्षण आयोग ने अपने पत्र में कहा है कि कई निजी स्कूल अब भी नीति का पालन नहीं कर रहे हैं और छोटे बच्चों को भारी बस्ते लेकर स्कूल आने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। आयोग ने कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि सभी सरकारी और निजी स्कूलों में इस नीति का पालन सुनिश्चित कराया जाए और उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। कक्षा अनुसार तय किया गया बैग का वजन प्री-प्राइमरी : बैग आवश्यक नहीं कक्षा 1 : 1078 ग्राम कक्षा 2 : 1080 ग्राम कक्षा 3 : 1572 ग्राम कक्षा 4 : 1804 ग्राम कक्षा 5 : 1916 ग्राम कक्षा 6 : 3080 ग्राम कक्षा 7 : 3508 ग्राम कक्षा 8 : 3640 ग्राम कक्षा 9 : 4400 ग्राम कक्षा 10 : 4182 ग्राम कक्षा 11वीं-12वीं : 3.5 किलो से 5 किलो तक  

राजेंद्र भारती केस में नया मोड़: कपिल सिब्बल की एंट्री, क्या बच पाएगी विधायकी?

दतिया मध्य प्रदेश के दतिया के पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती से जुड़े 27 वर्ष पुराने एफडी हेराफेरी मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने त्वरित सुनवाई की याचिका स्वीकार कर ली है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 26 मई निर्धारित की है। न्यायालय ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए इसे प्राथमिकता से सूचीबद्ध किया, हालांकि शासन पक्ष की ओर से समय की मांग किए जाने के कारण सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी। जानकारी के अनुसार, राजेंद्र भारती की ओर से 4 मई को शीघ्र सुनवाई हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया था, जिसे 6 मई को जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की अदालत में रखा गया। इससे पूर्व मामले की नियमित सुनवाई के लिए 29 जुलाई की तिथि निर्धारित थी, लेकिन याचिकाकर्ता पक्ष द्वारा जल्द सुनवाई की मांग के चलते यह बदलाव हुआ। पूर्व विधायक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पक्ष रखते हुए अदालत से मामले की तत्काल सुनवाई का आग्रह किया और याचिका को शीघ्र सूचीबद्ध करने की मांग की। एफडी हेराफेरी मामले में दोष सिद्ध यह मामला वर्ष 1998 में दतिया सहकारी ग्रामीण विकास बैंक में की गई 10 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट से जुड़ा है। आरोप है कि बैंक के तत्कालीन पदाधिकारियों के साथ मिलकर एफडी की अवधि में अनियमित परिवर्तन कर फर्जी तरीके से ब्याज निकाला गया। इस प्रकरण में दिल्ली की एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने राजेंद्र भारती को दोषी ठहराते हुए 3 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।कोर्ट ने उन पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और जालसाजी सहित विभिन्न धाराओं में दोष सिद्ध किया है। सह-आरोपी बैंक लिपिक रघुवीर प्रजापति को भी समान धाराओं में सजा सुनाई गई है। राजनीतिक और कानूनी स्थिति पर असर सजा के बाद विधानसभा द्वारा राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त कर दतिया सीट को रिक्त घोषित किया जा चुका है। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार दो वर्ष या उससे अधिक की सजा होने पर जनप्रतिनिधि की सदस्यता स्वतः समाप्त मानी जाती है। हालांकि, यदि हाईकोर्ट से सजा पर स्थगन आदेश (स्टे) प्राप्त होता है, तो उनकी राजनीतिक स्थिति पर पुनर्विचार संभव है। इस बीच, उनके पुत्र अनुज भारती ने जानकारी दी है कि फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील और जमानत के लिए आवेदन दायर किया जाएगा। मामले ने पकड़ा राजनीतिक तूल इस पूरे प्रकरण के बाद दतिया की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। यदि हाईकोर्ट में राहत नहीं मिलती, तो दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव की स्थिति बन सकती है।

नई दिल्ली में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को पुष्प-गुच्छ भेंट किया और विषयों पर की चर्चा

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे। यहां उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। सीएम मोहन यादव ने उन्हें अंगवस्त्रम ओढ़ाया और भेंट किया और स्मृति चिन्ह भेंट किया। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात के संबंध में ट्वीट भी किया। सीएम मोहन यादव ने दिल्ली में हुई इस भेंट की तस्वीरें अपने एक्स हेंडल पर पोस्ट की हैं। इधर सीएम के दिल्ली दौरे पर भोपाल में राजनैतिक अटकलें तेज हो गई हैं। बीजेपी में खासी गहमागहमी है। मध्यप्रदेश में इन दिनों निगम मंडलों, प्राधिकरणों में नियुक्तियों का दौर चल रहा है और प्रदेश मंत्रि-मंडल मेें विस्तार की भी संभावना जताई जा रही है। इधर राज्य सरकार का ढाई वर्ष का कार्यकाल पूर्ण हो रहा है। ऐसे में मंत्री और विभागीय अधिकारियों के साथ चर्चा का कार्यक्रम निर्धारित किया जा रहा है। ऐसी राजनैतिक गहमागहमी के बीच सीएम मोहन यादव के दिल्ली दौरे से भोपाल में खासतौर पर सत्ताधारी पार्टी में हलचलें तेज हो गई हैं। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात के संबंध में सीएम मोहन यादव का ट्वीट आज नई दिल्ली में @BJP4Indi के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @NitinNabin जी से सौजन्य भेंट की। इससे पहले सीएम मोहन यादव गुरुवार को मध्य प्रदेश के पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल के बेटे प्रबल सिंह पटेल की शादी में सम्मिलित होने आंध्रप्रदेश के प्रसिद्ध देवस्थान तिरुपति पहुंचे थे। उन्होंने वर-वधु को आशीर्वाद दिया। प्रदेश में जहां एक ओर निगम मंडलों, प्राधिकरणों में राजनैतिक नियुक्तियां की जा रहीं हैं वहीं प्रदेश मंत्रि-मंडल मेें विस्तार भी संभावित बता दें कि प्रदेश में जहां एक ओर निगम मंडलों, प्राधिकरणों में राजनैतिक नियुक्तियां की जा रहीं हैं वहीं प्रदेश मंत्रि-मंडल मेें विस्तार भी संभावित है। इधर मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार का 13 मई को ढाई साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इसके लिए सीएम मोहन यादव द्वारा सभी मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा के लिए बैठक बुलाई गई है। मुख्यमंत्री ने बैठकों की डेडलाइन भी तय कर दी है जिससे कई मंत्रियों की परेशानी बढ़ गई है। मंत्रियों को अपने विभाग और अपने प्रभार के जिले की उपलब्धियां, नवाचार, आगे की कार्य योजना तथा चुनौतियों के बारे में जानकारी देनी होगी सीएम मोहन यादव ने मंत्रियों से कहा ​है कि समीक्षा बैठकें 8 मई से 10 मई के बीच विभागवार होंगी। इसमें मंत्रियों को अपने विभाग और अपने प्रभार के जिले की उपलब्धियां, नवाचार, आगे की कार्य योजना तथा चुनौतियों के बारे में जानकारी देनी होगी। विभागों के एसीएस, पीएस और सचिवों की भी इस दौरान कड़ी परीक्षा होगी।

मालगाड़ी का डिब्बा मंदसौर में पटरी से उतरा, ट्रेनों में देरी, बड़ा हादसा टला

मंदसौर  मध्य प्रदेश के मंदसौर के दलौदा में गुरुवार देर शाम को एक मालगाड़ी का एक डिब्बा पटरी से उतर गया। जानकारी के मुताबिक हादसा उस वक्त हुआ जब दलौदा से मंदसौर तक शुरू होने वाले नए रेलवे ट्रैक पर निरीक्षण का काम चल रहा था। इस हादसे के बाद दोनों तरफ की कई ट्रेनें प्रभावित हुई है। एआरटी टीम भेजी गई हादसे की सूचना रेलवे के अधिकारियों को मिलते ही रतलाम से एआरटी (एक्सीडेंट रिलिफ टीम) की टीम को घटनास्थल के लिए भेज दिया गया। जिसके बाद एआरटी की टीम ने ट्रैक शुरू करने के प्रयास प्रारंभ किए। पूरी प्रक्रिया के दौरान लगभग तीन घंटे से अधिक तक रेलवे ट्रैक पूरी तरह बंद था। 8 मई को स्पीड ट्रायल होना है बड़ी बात यह कि मंदसौर से नीमच तक के रेलवे दोहरीकरण में महज दलौदा से मंदसौर तक का करीब 14 किलोमीटर का कार्य बचा हुआ था, जो पूरा हो चुका है। इस ट्रैक का सीआरएस निरीक्षण भी वर्तमान में चल रहा है, जिसके बाद ही इसे यात्री ट्रेनों के लिए खोला जाएगा। शुक्रवार 8 मई को इस नए ट्रैक पर स्पीड ट्रायल भी होना है, लेकिन उससे पहले हुआ यह हादसा रेल्वे की कार्यशैली पर प्रश्न लगा रहा है। ट्रेनों के ट्रैक चेंजिंग पोजीशन में गड़बड़ी शुरुआती जानकारी की मानें तो दोनों ट्रैक पर ट्रेनों के ट्रैक चेंजिंग पोजीशन में गड़बड़ी की झलक भी दिखाई दे रही है। घटना के प्राथमिक वीडियो में एक इंजन मौके पर खड़ा हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो में इंजन से डिब्बे को लगी टक्कर भी साफ दिखाई दे रही है। हादसा और भी बड़ा हो सकता था वीडियो देखकर साफ जाहिर हो रहा है कि ट्रैक चेंजिंग में गड़बड़ी हुई है, जिससे दोनों गाड़ियों को एक ही ट्रैक पर डाल दिया गया था। उसी दौरान पीछे से आ रहे इंजन से इस मालगाड़ी के डिब्बे को टक्कर लगी और वह डिरेल हो गया। यह हादसा और भी बड़ा हो सकता था । इसी कारण रेलवे के अधिकारी कुछ भी साफ साफ कहने से बचते दिखाई दे रहे हैं। वे महज डिब्बे का पटरी से उतरने की जानकारी दे रहे हैं, लेकिन हादसे का घटनाक्रम क्या रहा, इसकी जानकारी नहीं दी जा रही है।

मरीजों की बीमारी पर ‘कमीशनखोरी’ का इलाज!

मरीजों की बीमारी पर ‘कमीशनखोरी’ का इलाज! राजपुर अस्पताल के तीन डॉक्टर लोकायुक्त के शिकंजे में, पैथोलॉजी जांच को बना रखा था ‘कमाई का धंधा’  बड़वानी सरकारी अस्पताल, जहां मरीज इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, वहीं अगर डॉक्टर बीमारी नहीं बल्कि “कमीशन” देखने लगें, तो व्यवस्था पर सवाल उठना तय है। ऐसा ही शर्मनाक मामला राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सामने आया, जहां तीन डॉक्टर मरीजों को निजी पैथोलॉजी लैब पर भेजने के एवज में मोटा कमीशन वसूलते पकड़े गए। विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त संगठन की इंदौर इकाई ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए तीनों डॉक्टरों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि अस्पताल में लंबे समय से “जांच के नाम पर कमीशन” का खेल चल रहा था और मरीजों को सिर्फ इसलिए एक विशेष लैब पर भेजा जा रहा था ताकि डॉक्टरों की जेब गर्म होती रहे। शिकायतकर्ता अदनान अली, जो राजपुर की एक पैथोलॉजी लैब में मैनेजर है, ने लोकायुक्त को बताया कि पहले डॉक्टर 20 प्रतिशत कमीशन लेते थे, लेकिन पिछले महीने से लालच इतना बढ़ गया कि तीनों ने मिलकर सीधे 50 प्रतिशत हिस्सा मांगना शुरू कर दिया। यानी मरीजों की जेब कटे और डॉक्टरों की कमाई बढ़े — यही खेल चल रहा था। लोकायुक्त जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद ट्रैप बिछाया गया। कार्रवाई के दौरान आरोपी डॉक्टरों को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया गया। डॉ. अमित शाक्य — 8 हजार रुपए डॉ. दिव्या साईं — 5 हजार रुपए डॉ. मनोहर गोदारा — 12 हजार रुपए लोकायुक्त टीम ने कुल 25 हजार रुपए की रिश्वत राशि बरामद की। तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। इस कार्रवाई ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि क्या सरकारी अस्पतालों में मरीजों का इलाज अब “कमीशन आधारित व्यवस्था” बन चुका है? और यदि लोकायुक्त की कार्रवाई नहीं होती, तो यह खेल आखिर कब तक चलता रहता? सूत्रों की मानें तो अब इस पूरे नेटवर्क में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच हो सकती है। राजपुर अस्पताल में हुई इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

रायपुर कार्यक्रम के दौरान अनूपपुर में हुआ राष्ट्रीय अध्यक्ष का हुआ स्वागत

रायपुर कार्यक्रम के दौरान अनूपपुर में हुआ राष्ट्रीय अध्यक्ष का हुआ स्वागत अनूपपुर  राष्ट्रीय स्वर्णकार समाज राजनीतिक एवं भागीदारी मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जीतेंद्र वर्मा स्वर्णकार जी का रायपुर से कार्यक्रम वापस के दौरान अनूपपुर स्टेशन पहुंचने पर काफी संख्या में स्वर्णकार समाज के लोगों द्वारा स्वागत वंदन अभिनंदन कर स्वर्णकार समाज को आगे बढ़ाने की दिशा में चर्चा की गई इस दौरान स्वर्णकार समाज के काफी संख्या में लोग मौजूद थे जिसमें मुख्य रूप से श्री डल्लू कुमार सोनी राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति ने मुलाकात की इस दौरान विनय कुमार सोनी एडवोकेट जिला अध्यक्ष अनूपपुर,ओमप्रकाश सोनी वरिष्ठ समाजसेवी एवं जिला अध्यक्ष अनूपपुर अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति के साथ अन्य पदाधिकारी ने की राष्ट्रीय अध्यक्ष का पुष्पकुंज से स्वागत कर उनसे मुलाकात की.

भूजल बचाने निगम की पहल: 15 हजार इमारतों में लगाए जाएंगे रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

इंदौर  इंदौर में गर्मी के बढ़ते प्रकोप के साथ ही पानी की किल्लत विकराल रूप धारण करने लगी है। स्थिति यह है कि नर्मदा के नलों में अब कम दबाव से पानी की आपूर्ति हो रही है और शहर के 30 से 40 प्रतिशत इलाकों में बोरिंग भी पूरी तरह सूख चुके हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए नगर निगम ने भूजल स्तर सुधारने और बारिश की बूंदों को सहेजने के लिए कड़े कदम उठाना शुरू कर दिया है। निगम प्रशासन ने अब शहर के तमाम आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक भवनों के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को अनिवार्य कर दिया है। अभियान के पहले चरण में 600 से अधिक बहुमंजिला इमारतों और बड़े भवनों को चिह्नित कर नोटिस थमाए गए हैं। आगामी दो महीनों के भीतर निगम ने 15,000 भवनों में यह सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य रखा है और आम नागरिकों से भी इसे स्वेच्छा से अपनाने की अपील की जा रही है।  शहरी क्षेत्रों में जमीन के भीतर का पानी खत्म होता जा रहा बढ़ती हुई आबादी की जरूरतों को पूरा करने के लिए नर्मदा के चौथे चरण का कार्य तो प्रारंभ कर दिया गया है, परंतु सबसे बड़ी चुनौती पानी की वास्तविक उपलब्धता को लेकर बनी हुई है। हालांकि जिम्मेदार अधिकारी यह दावा कर रहे हैं कि पानी की टंकियों को पूर्व की भांति ही भरा जा रहा है, किंतु धरातल पर परिस्थितियां इसके विपरीत नजर आ रही हैं। शहरी क्षेत्रों में जमीन के भीतर पानी का स्तर निरंतर गिरता जा रहा है। इसी गिरावट को रोकने के उद्देश्य से नगर निगम ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग और वॉटर रिचार्जिंग की व्यापक पहल की है। भूजल स्तर में सुधार के लिए दीर्घकालिक योजना भूजल बोर्ड की हालिया रिपोर्ट में निगम के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम भी दिखाई दिए हैं। आंकड़ों के अनुसार, पानी का दोहन प्रतिशत 119 से कम होकर 117 पर आ गया है। भविष्य की जरूरतों और जल संकट के स्थाई समाधान के लिए निगम ने लंबी अवधि की योजना पर ध्यान केंद्रित किया है। निगमायुक्त क्षितिज सिंघल के अनुसार, बड़ी इमारतों में इस प्रणाली को अनिवार्य किया गया है। वर्तमान में लगभग 800 भवन स्वामियों और मल्टी संचालकों ने सूचित किया है कि उन्होंने सिस्टम लगाने का कार्य शुरू कर दिया है। इस पूरी प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए 30 जून तक की समय सीमा तय की गई है। निर्माण कार्यों और व्यावसायिक उपयोग पर कड़े प्रतिबंध लागू किए बढ़ती गर्मी में घरेलू खपत के साथ-साथ निर्माण कार्यों और गैरेज जैसे व्यावसायिक क्षेत्रों में पानी का बेतहाशा उपयोग हो रहा है। इसे नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने निर्माण कार्यों और ऑटोमोबाइल सर्विस स्टेशनों पर बोरिंग या नर्मदा जल के उपयोग को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। इसके विकल्प के रूप में निगम ने शहर के 35 अलग-अलग स्थानों पर ट्रीटेड वॉटर के हाईडेंट पॉइंट बनाए हैं, जहां से व्यावसायिक कार्यों के लिए पानी लिया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त कार धोने या किसी भी रूप में पानी का दुरुपयोग करने वालों पर चालानी कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। ज्ञात हो कि निगम ने दो वर्ष पूर्व भी एक लाख वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का बड़ा अभियान चलाया था। 

उपभोक्ताओं के लिए राहत: शादी समारोह में फटाफट मिलेगा सिलेंडर

भोपाल  बीते दो महीनों से चल रही गैस सिलेंडर की समस्या से उपभोक्ताओं को राहत मिलने वाली है। अगर आपके घर में शादी-समारोह या कोई फंक्शन है और कमर्शियल गैस सिलेंडर चाहिए तो अब नई व्यवस्था शुरु कर दी गई है। अगर आपको फंक्शन के लिए कमर्शियल गैस सिलेंडर चाहिए तो अब सीधे गैस एजेंसी पर कैटरर्स के माध्यम से आवेदन कराना होगा। खाद्य एवं आपूर्ति प्रशासन की ओर से कमर्शियल सिलेंडर्स देने की व्यवस्था में बदलाव किया है। डॉयरेक्ट करना होगा आवेदन अब कलेक्टर या एसडीएम को आवेदन करने की बजाय सीधे गैस एजेंसी को आवेदन देना होगा। कैटरर्स शादी के आमंत्रण कार्ड के साथ आवेदन देकर जरूरत बताएगा। संचालक उपलब्ध सिलेंडर के अनुसार, कितने देने हैं तय करेगा। कम से कम दो सिलेंडर दिए जाएंगे। गौरतलब है कि कमर्शियल सिलेंडर सिर्फ सरकारी संस्थानों की जरूरत के लिए देना तय किया था, लेकिन अब मांग के अनुरूप भी देना शुरू किया जा रहा है। जिला खाद्य आपूर्ति संचालक चंद्रभान सिंह जादौन के अनुसार, लोगों की सुविधा और स्थिति के अनुसार प्रक्रिया तय की जा रही है। गैस सिलेंडर के रेट बढ़े अपभोक्ताओं को जानकारी के लिए बता दें कि पूरे मध्यप्रदेश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 993 रुपए महंगा हो गया है। भोपाल में 3074 रुपए, इंदौर में 3179 रुपए, जबलपुर में 3290 रुपए, ग्वालियर में 3296 रुपए और उज्जैन में 3241 रुपए में सिलेंडर मिलेगा। दो महीने में रेट 1248 रुपए बढ़ चुके हैं। अब इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। कमर्शियल सिलेंडर के रेट ऐसे समय बढ़े हैं, जब होटल, रेस्टोरेंट-ढाबों को जरूरत की 50 प्रतिशत गैस ही मिल रही है। जुलाई तक प्रदेश में 20 हजार से ज्यादा शादियां होनी हैं, ऐसे में लोगों को ज्यादा पैसे खर्च करने पडे़ंगे। बता दें कि कमर्शियल गैस सिलेंडर 2 महीने में साढ़े 12 सौ रुपए तक महंगा हुआ है। यानी पहले की तुलना में 60% रेट बढ़े हैं। फरवरी तक सिलेंडर 1800 रुपए में मिल जाता था, लेकिन अब 50 प्रतिशत आपूर्ति ही हो रही है। कमर्शियल गैस नहीं मिलने से डीजल भट्‌टी और इंडक्शन का उपयोग हो रहा है। इससे डीजल और बिजली का खर्च बढ़ा हुआ है। अब खाने के रेट बढ़ाने पड़ेंगे। जीतू पटवारी ने साधा निशाना गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय जनता से बड़े-बड़े वादे किए गए थे और नारा दिया गया था बहुत हुई महंगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार, लेकिन आज वही सरकार महंगाई को चरम पर पहुंचाने का काम कर रही है। अब चुनाव के बाद राहत की जगह महंगाई मिल रही। फरवरी माह से अब तक व्यावसायिक गैस सिलेंडर के दामों में 1,380 तक की बढ़ोतरी हुई है, जो केवल तीन महीनों में लगभग 81 प्रतिशत की वृद्धि है।