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‘हमारे जीवन में सौभाग्य का सूर्योदय हुआ’, शिवराज सिंह चौहान के घर आया नन्हा मेहमान; पोते का नाम रखा अहान

भोपाल  केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के घर में किलकारियां गूंजी हैं। वह एक बार फिर से दादा बने हैं। छोटी बहू ऋद्धि ने बेटे को जन्म दिया है। उसका नाम अभी अहान रखा गया है। अस्पताल से शिवराज सिंह चौहान ने खुशनुमा पल के इस वीडियो को एक्स पर शेयर किया है। इस दौरान परिवार के सभी सदस्य मौजूद थे। सौभाग्य का सूर्योदय हुआ शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि आज हमारे जीवन में फिर एक बार सौभाग्य का सूर्योदय हुआ है। बेटे के रूप में ‘अहान’ हमारे घर अपार खुशियां लेकर आया है। कुणाल और रिद्धि माता-पिता बने है, मुझे और साधना को फिर से दादा-दादी बनने का सौभाग्य मिला है। इला को भाई मिल गया उन्होंने आगे लिखा कि कार्तिकेय-अमानत बड़े पापा-बड़ी मम्मी बन गए हैं और हमारी लाडली इला का भाई हमारे घर खुशियां लेकर आया है। बेटे 'अहान' की नन्ही-सी किलकारी ने पूरे घर को आनंद और प्रेम से भर दिया है। यह हमारे लिए ईश्वर का अनमोल आशीष है। वहीं, संदीप जैन और स्वाति जैन को भी नाना-नानी बनने की बहुत-बहुत बधाई। अहान के जन्म के साथ कार्तिकेय और अमानत बड़े पापा-बड़ी मम्मी बन गए हैं, जबकि परिवार की लाड़ली इला को छोटा भाई मिला है। शिवराज ने लिखा कि अहान की नन्ही-सी किलकारी ने पूरे घर को आनंद और प्रेम से भर दिया है। यह उनके लिए ईश्वर का अनमोल आशीर्वाद है।उन्होंने अहान के नाना-नानी संदीप जैन और स्वाति जैन को भी बधाई दी है। पोते के जन्म से बेहद खुश हैं शिवराज सिंह चौहान शिवराज सिंह चौहान ने पोते के जन्म की खुशखबरी साझा करने के लिए एक वीडियो शेयर की है. वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, ' आज हमारे जीवन में फिर एक बार सौभाग्य का सूर्योदय हुआ है. बेटे के रूप में ‘अहान’ हमारे घर अपार खुशियां लेकर आया है. कुणाल और रिद्धि माता-पिता बने हैं, मुझे और साधना को फिर से दादा-दादी बनने का सौभाग्य मिला है।  उन्होंने आगे लिखा, 'कार्तिकेय-अमानत बड़े पापा-बड़ी मम्मी बन गए हैं और हमारी लाड़ली इला का भाई हमारे घर खुशियां लेकर आया है. बेटे 'अहान' की नन्ही-सी किलकारी ने पूरे घर को आनंद और प्रेम से भर दिया है. यs हमारे लिए ईश्वर का अनमोल आशीष है. संदीप जैन जी और स्वाति जैन जी को भी नाना-नानी बनने की बहुत-बहुत बधाई।  पोते को प्यार से गोद में लेते दिखे शिवराज सिंह चौहान वीडियो में शिवराज सिंह चौहान नर्स से अपने नवजात पोते को अपने हाथों में लेते हुए दिखाई दे रहे हैं. उनके बगल में उनकी पत्नी भी खड़ी हैं, जो अपने पोते को प्यार से निहार रही हैं. वीडियो में पोते का चेहरा दिल के इमोजी से छिपाया हुआ है।  ‘अहान’ नाम में छिपा है खास मतलब शिवराज सिंह चौहान ने अपने पोते का नाम ‘अहान’ रखा है, जो सुनने में जितना प्यारा है, इसका मतलब भी उतना ही खास है. ‘अहान’ एक मशहूर भारतीय और हिंदू नाम है. संस्कृत में इसका संबंध ‘अहन’ या ‘अह’ शब्द से माना जाता है, जिसका अर्थ ‘दिन’ होता है. आमतौर पर ‘अहान’ का अर्थ भोर, सूर्योदय, सुबह की पहली किरण या नई शुरुआत माना जाता है. ये नाम नई सुबह, रोशनी और जीवन में एक नई शुरुआत का प्रतीक भी माना जाता है।  पोती के नाम का मतलब भी है खास शिवराज सिंह चौहान के 21 जनवरी 2026 को पोती का जन्म हुआ था. उन्होंने अपनी पोती का नाम ‘इला’ रखा था. ये नाम संस्कृत से लिया गया है और इसका संबंध धरती, वाणी और उर्वरता की देवी से माना जाता है. वैदिक ग्रंथों में इला को ‘इदा’ नाम से भी जाना जाता है. उन्हें सरस्वती और भारती के साथ भी पूजा जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इला वैवस्वत मनु की बेटी और बुध देव की पत्नी थीं. उनके पुत्र का नाम पुरूरवा था।  जनवरी में पोती इला के दादा बने थे शिवराज सिंह चौहान के बड़े बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान और अमानत के घर 21 जनवरी 2026 को बेटी का जन्म हुआ था। दिल्ली के एम्स में जन्मी इस बच्ची का नाम इला रखा गया। पोती के जन्म पर शिवराज ने सोशल मीडिया पर लिखा था- आज हमारे घर लाड़ली लक्ष्मी आई है। कार्तिकेय पिता और अमानत मां बनी हैं, जबकि वे खुद दादा और साधना दादी बनी हैं। छोटे बेटे हैं कुणाल दरअसल, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के दो बेटे हैं। कुणाल उनके छोटे बेटे हैं। हालांकि उनकी शादी पहले हुई थी। कुणाल की शादी ऋद्धि से हुई है। ऋद्धि पहली बार मां बनी हैं। इसके बाद परिवार में खुशी की लहर हैं। शिवराज सिंह चौहान उनकी पत्नी साधना सिंह के चेहरे पर दादा-दादी बनने की खुशी देखी जा सकती है। पोती के साथ भी बिताते हैं समय गौरतलब है कि शिवराज सिंह चौहान को अपने कार्यों के बाद जब भी खाली समय मिलता है तो वह अपनी पोती के साथ व्यतीत करते हैं। सोशल मीडिया पर कई बार वह पोती को खेलाते हुए वीडियो पोस्ट करते रहते हैं। उन्हें फिर से दादा-दादी बनने पर लोग बधाई भी दे रहे हैं।  

धार अस्पताल का 200 मीटर जर्जर मार्ग छह घंटे में हुआ दुरुस्त, समाजसेवियों ने बिना शोर-शराबे के कराया काम

धामनोद  शासकीय अस्पताल परिसर का अंदरूनी मार्ग जो वर्षों से गड्ढों के कारण मरीजों के लिए परेशानी बना हुआ था, वह अब दुरुस्त हो गया है। नगर के कुछ समाजसेवियों ने मंगलवार रात करीब छह घंटे में 200 मीटर लंबे मार्ग का अपने स्तर पर डामरीकरण करा दिया। इस दौरान न कोई भूमिपूजन हुआ, न प्रचार और न ही काम कराने वालों ने अपना नाम सार्वजनिक किया। स्ट्रेचर ले जाने में होती थी दिक्कत अस्पताल परिसर का यह मार्ग लंबे समय से जर्जर था। जगह-जगह गड्ढे होने से मरीजों को स्ट्रेचर से एक वार्ड से दूसरे वार्ड तक ले जाने में दिक्कत होती थी। बरसात में गड्ढों में पानी भर जाने से स्थिति और खराब हो जाती थी। दोपहिया वाहन चालकों के साथ ही गंभीर मरीजों के स्वजन को भी आवागमन में परेशानी होती थी। मार्ग सुधार को लेकर कई बार मांग भी उठी, लेकिन लंबे समय तक कोई पहल नहीं हुई। रात 10 से सुबह चार बजे तक चला काम समाजसेवियों ने मरीजों की परेशानी को देखते हुए स्वयं पहल की। मंगलवार रात करीब 10 बजे डामरीकरण का काम शुरू हुआ, जो रातभर चला और सुबह चार बजे तक पूरा कर लिया गया। बुधवार सुबह जब मरीज और स्वजन अस्पताल पहुंचे तो गड्ढों की जगह डामरीकृत सड़क देखकर वे हैरान रह गए। अस्पताल सूत्रों के अनुसार इस मार्ग से रोजाना सैकड़ों मरीज और उनके स्वजन गुजरते हैं। नए रास्ते से अब एंबुलेंस और स्ट्रेचर की आवाजाही आसान हो गई है। प्रशासन ने सराहा, रखरखाव की कही बात इस संबंध में संबंधित अधिकारियों ने कहा कि `अस्पताल परिसर के अंदरूनी मार्ग के लिए हमने कई बार पत्राचार किया था, लेकिन बजट अभाव के कारण काम नहीं हो पा रहा था। समाजसेवियों द्वारा कराए गए इस कार्य से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। अब अस्पताल प्रशासन द्वारा इस मार्ग के रखरखाव की जिम्मेदारी ली जाएगी।` समाजसेवियों ने बताया कि `अस्पताल आने वाले मरीजों को हो रही परेशानी देखी नहीं गई। इसलिए बिना किसी प्रचार के यह काम कराया गया है।` उन्होंने आगे भी अस्पताल में साफ-सफाई और अन्य जरूरी सुविधाओं में सहयोग करने की बात कही। सेवा का उदाहरण बना धामनोद आमतौर पर सार्वजनिक कार्यों में भूमिपूजन और प्रचार की होड़ रहती है। ऐसे में बिना नाम और प्रचार के कराया गया यह डामरीकरण क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। समाजसेवी ने रातों-रात सुधार सामग्री लाकर सड़क सुधरवा दी     समाजसेवी अस्पताल में आते-जाते रहते थे। वह देखते थे कि अस्पताल परिसर पहुंचने में सड़क का हिस्सा गड्ढों में तब्दील था, जिसे समाजसेवी ने रातों-रात सुधार सामग्री लाकर सड़क सुधरवा दी। उन्होंने इसे गुप्तदान कहकर नाम उजागर नहीं करने का निवेदन किया है। -कीर्ति बोरासी, सीबीएमओ, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धामनोद  

सिद्धांता अस्पताल पर बड़ा एक्शन, मंजूरी से ज्यादा बनाई 4 मंजिलें; लाइसेंस रद्द, तोड़ने का नोटिस

भोपाल   राजधानी में नियमों को ताक पर रखकर भवन खड़े करने और उनका मनमाना उपयोग करने वालों पर नगर निगम की कार्रवाई लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। एक दिन पहले दो केमिकल फैक्ट्रियों को सील करने के बाद बुधवार को भवन अनुज्ञा शाखा ने रेडक्रास सोसायटी स्थित सिद्धांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को सील कर दिया। निगम के अनुसार, भवन अनुज्ञा शाखा द्वारा इस भवन के लिए जी प्लस वन की अनुमति कामकाजी महिला छात्रावास के प्रयोजन से दी थी, लेकिन मौके पर निर्माण चार मंजिला मिला। यानी स्वीकृति से तीन मंजिल अधिक निर्माण कर दिया गया। ऊपर से उसी भवन में अस्पताल संचालित हो रहा था। नियमों का उल्लंघन निगम ने इसे स्वीकृत अधिभोग का उल्लंघन मानते हुए 21 अगस्त को नोटिस जारी किया था और 12 सितंबर को 24 घंटे का अंतिम नोटिस भी किया। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन उच्च न्यायालय चला गया था। हालांकि, बाद में अस्पताल प्रबंधन ने न्यायालय से अपना आवेदन वापस ले लिया, जिसके बाद नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया। स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण के चलते अब निगम प्रशासन अस्पताल की इमारत को तोड़ने की कार्रवाई भी कर सकता है। अतिरिक्त निर्माण को लेकर निगम ने नोटिस जारी कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग निरस्त कर चुका है रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस वहीं इससे पूर्व स्वास्थ्य विभाग की जांच में भी अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर 19 गंभीर कमियां सामने आ चुकी हैं। इसके बाद सीएमएचओ कार्यालय ने अस्पताल का नर्सिंग होम रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस निरस्त कर दिया था। निगम के अनुसार, भवन में फायर सेफ्टी नार्म्स के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं भी पूर्व में नहीं पाई गई थीं।     सिद्धांता अस्पताल के भवन को स्वीकृत उपयोग के विपरीत संचालित किए जाने पर सील किया गया है। साथ ही अतिरिक्त निर्माण को लेकर भवन स्वामी को नोटिस जारी किया गया है। नियमों के अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी। – भुवन गुप्ता, उपायुक्त, नगर निगम  

NSS स्वयंसेवकों ने ली नशे के खिलाफ शपथ, बोले- नशा न करेंगे, न करने के लिए प्रेरित करेंगे

N.S.S. स्वयंसेवकों ने नशे के विरुद्ध ली शपथ नशा न करेंगे ना करने के लिए प्रेरित करेंगे (माधव महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा 300 छात्रों ने हस्ताक्षर अभियान चलाया, नशामुक्त जीवन की ली शपथ) ग्वालियर   भारत सरकार के राष्ट्रीय सेवा योजना क्षेत्रीय निदेशालय मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़, भोपाल के निर्देशानुसार माधव महाविद्यालय, ग्वालियर के राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयसेवकों ने हेल्थ वॉक रन स्टेप अप, स्टे एडिक्शन फी' कार्यक्रम आयोजित किया। 'मेरी सेहत, मेरा गर्व आधारित थीम पर वॉक रन में स्वयंसेवकों ने आमजन को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ अशुल श्रीवास्तव सदस्य हिन्दी सलाहाकार समिति युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार एवं प्राचार्य डॉ शिव कुमार शर्मा माधव महाविद्यालय ने नशा मुक्त विकसित भारत सौ सप्ताह की शपथ दिलाई एवं डॉ हरीशकर कसाना समन्वयक एन एस. एस जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर, डॉ. मनोज अवस्थी जिला संगठक एन एस एस ग्वालियर, धर्मेन्द्र वर्मा एस.डी.आर.एफ कमांडेंट एवं वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ सजय कुमार पाण्डेय एन. एस. एस. माधव महाविद्यालय, ग्वालियर ने रैली को हरी झण्डी दिखाई। मुख्य अतिथि डॉ. अशुल श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों व उपस्थित लोगों को नशामुक्त विकसित भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प दिलाया। इसके साथ ही हस्ताक्षर अभियान, नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जनजागरूकता का सदेश दिया गया। हेल्थ वॉक / रन की शुरूआत महादजी नगर से केदारपुर तक तय कर सम्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र का आधारस्तम्भ होती है। देश का युवा यदि स्वस्थ, जागरूक और अनुशासित रहेगा तो भारत विकास के नए शिखर छू सकता है। उन्होंने कह कि मेरी सेहत, मेरा गर्व केवल एक विचार नहीं, बल्कि स्वस्थ और नशामुक्त जीवन की दिशा में सामूहिक सकल्प है। कार्यक्रम में एन.एस.एस. अधिकारी डॉ. हिंदू सिंह धाकड़, डॉ नरेन्द्र कुमार वर्मा, डॉ अर्चना सिह, डॉ. विनोद सिंह कुशवाह, डॉ गिरजा नरवरिया, डॉ दीक्षा त्यागी, डॉ एचएल. पटेल के साथ बड़ी संख्या में एन.एस.एस. स्वयंसेवक उपस्थित थे।

रीवा-रामपुर नैकिन रेलखंड तैयार, जल्द शुरू होगी यात्री ट्रेन; स्टेशन बनकर हुए तैयार

रीवा   रीवा से रामपुर नैकिन के बीच जल्द यात्री ट्रेन का संचालन शुरू होने की उम्मीद है। रेलवे ने इसके लिए तैयारियां तेज कर दी है। पश्चिम मध्य रेलवे के जीएम दिलीप सिंह गुरुवार को सतना से देवेंद्रनगर रेलवे ट्रैक का निरीक्षण करने आ रहे है। संभावना जताई जा रही है कि वे रीवा से रामपुर नैकिन के बीच तैयार ट्रैक का भी निरीक्षण कर सकते हैं। हालांकि उनके इस निरीक्षण को लेकर अभी अधिकृत सूचना जारी नहीं हुई है। निरीक्षण के बाद रेलवे ट्रेन संचालन को हरी झंडी दे सकता है। ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना का हिस्सा है ये रेल लाइन ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना (Lalitpur-Singrauli railway project) के तहत रीवा से सीधी के बीच रेलवे ट्रैक का निर्माण किया जा रहा है। चुरहट तक ट्रैक का काम पूरा हो चुका है, जबकि चुरहट से आगे सीधी तक निर्माण कार्य जारी है। इस हिस्से का काम वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। रीवा जिले में सिलपरा और गोविंदगढ़ में दो अतिरिक्त रेलवे स्टेशनों का निर्माण भी कराया गया है। निर्माण पूरा होने के बाद ये स्टेशन करीब एक साल से अधिक समय से उपयोग के इंतजार में हैं। अब रेलवे रीवा से रामपुर नैकिन तक यात्री ट्रेन चलाने की तैयारी में है। इसके लिए रेलवे स्टेशनों और ट्रैक पर व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही है। स्टेशनों पर ट्रैक की सफाई कर चूना लगाया गया है। रेलवे की तैयारियों को देखते हुए माना जा रहा है कि निरीक्षण के बाद ट्रेन संचालन को मंजूरी मिल सकती है। ट्रेन शुरू होने से रीवा और सीधी जिले के बीच आवागमन करने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी। सीधी में स्टेशन भवन का निर्माण जारी सीधी तक रेलवे ट्रैक बिछाया जा चुका है, लेकिन स्टेशन भवन का निर्माण अभी जारी है। ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना के इस हिस्से को वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है। स्टेशन का निर्माण पूरा होने के बाद ट्रेनों का विस्तार सीधी तक किया जा सकेगा। वर्तमान में निर्माण कार्य को पूरा होने में करीब दो वर्ष का समय लगने की उम्मीद है। बिलासपुर ट्रेन का रामपुर नैकिन तक हो सकता है विस्तार बिलासपुर-रीवा के बीच चलने वाली ट्रेन को रामपुर नैकिन तक बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। यह ट्रेन सुबह करीब 6 बजे रीवा पहुंचती हैं। रेलवे ऐसा शेड्यूल तैयार कर रहा है, जिससे आनंद विहार, इतवारी, रेवांचल सहित अन्य ट्रेनों से आने वाले यात्री भी आगे रामपुर नैकिन तक सफर कर सकें। अभी ट्रेन विस्तार का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है, लेकिन रेलवे ने 10 अक्टूबर से संचालन शुरू करने की तैयारी की है। शटल ट्रेन में एलएचबी कोच से सफर होगा आरामदायक जबलपुर-रीवा के बीच चलने वाली शटल ट्रेन की पूरी रैंक बदलकर एलएचबी कोच लगाए गए हैं। रेलवे ने करीब दस दिन पहले इसकी घोषणा की थी, जिसके बाद अब पुरानी रैंक हटाकर नई एलएचबी रैंक लगा दी गई है। एलएचबी कोच अपेक्षाकृत हल्के और अधिक आधुनिक होते हैं तथा यात्रियों को बेहतर और आरामदायक सफर उपलब्ध कराते हैं। रीवा से चलने वाली छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल मुंबई, रीवा-चिरमिरी और रीवा-भोपाल ट्रेनों में अभी पुराने रैंक लगे हैं। रेलवे इन ट्रेनों की रैंक भी जल्द बदलने की तैयारी कर रहा है।

देखो पूरा देश, पर सबसे पहले मध्यप्रदेश’, CM मोहन यादव बोले- टूरिज्म अब हार्ट हीलिंग का भी जरिया

देखो पूरा देश, पर सबसे पहले मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव टूरिज्म अब सिर्फ़ फीलिंग का ही नहीं, हार्ट हीलिंग का भी जरिया बन गया है वैश्विक पर्यटकों के लिए एमपी टूरिज्म की बहुभाषी वेबसाइट और अत्याधुनिक डिजिटल ट्रैवल हैंडबुक का हुआ लोकार्पण 34 देशों के 100 से अधिक विदेशी टूर ऑपरेटर्स और 180 घरेलू टूर ऑपरेटर्स सहित 600 से अधिक प्रतिभागी हुए शामिल असीम पर्यटन संभावनाओं को आकर्षित करेगा ‘मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026’ : मंत्री लोधी ‘मुखयमंत्री डा. यादव ने किया मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट ; 2026’ के 7वें संस्करण का शुभारंभ प्रदेश में पर्यटन परियोजनाओं की स्थापना के लिए 6 महत्वपूर्ण एमओयू का हुआ आदान-प्रदान, निवेश प्रोत्साहन के तहत दिए गए 2 लेटर ऑफ अवार्ड भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक देश की अर्थव्यवस्था को 3 ट्रिलियन तक ले जाने का जो लक्ष्य रखा है, टूरिज्म उसका एक बहुत बड़ा पार्ट है। प्रधानमंत्री मोदी के तीन मंत्रों – देखो अपना देश, वोकल फ़ॉर लोकल और ट्रिपल टी यानी टेक्नोलॉजी, ट्रेड और टूरिज्म ने भारत के पर्यटन को नई दिशा दे दी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्यटकों की संख्या और संभावनाएं दोनों बढ़ रही है क्योंकि पर्यटन अब सिर्फ़ घूमने-फिरने और प्रकृति को एक्सप्लोर करने का ही विषय नहीं रहा, यह हमारी कला-संस्कृति के प्रसार, रोज़गार, निवेश और आर्थिक विकास का माध्यम बन चुका है। उन्होंने प्रदेश के नागरिकों से कहा कि यद्यपि पर्यटन के लिए पूरे देश में अनेकानेक स्थल हैं, तथापि जब भी पर्यटन के लिए निकलें, तो सबसे पहले अपने मध्यप्रदेश को ही चुनें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को प्रदेश के पर्यटन विकास, पर्यटकों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि और टूर ऑपरेटर्स, होटल व्यवसायियों व होमस्टे संचालकों जैसे हितग्राहियों को व्यावसायिक गतिविधियों के लिए एक वैश्विक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में ‘मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026’ के 7वें संस्करण का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि टूरिज्म अब सिर्फ़ फीलिंग को शेयर करने का ही नहीं, हार्ट हीलिंग का भी जरिया बन गया है। अब टूरिस्ट ऐसे ट्रैवल डेस्टिनेशन पर जाना पसंद करता है , जहां सुंदर और शांत वातावरण हो। ट्रैकिंग और एडवेंचर के साथ वेलनेस ओर स्पिरिचुअल टूरिज्म भी अब तेजी से ट्रेंड कर रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में 17 सितम्बर 2022 से चीता पुनर्स्थापना के बाद वन पर्यटन बढ़ा है। टेक्नोलॉजी अब पर्यटन का अंग बन चुकी है। हमने 20 चीते लाकर यहां काम शुरू किया था। इनकी संख्या बढ़कर अब 60 हो गई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व चीतों का तीसरा आश्रय स्थल बन गया है। मध्यप्रदेश में पर्यटन के विकास के लिए तेजी से काम हो रहे हैं, यही कारण है कि हमारा मध्यप्रदेश पर्यटन के मामले में नए-नए रिकार्ड बना रहा है। वर्ष 2025 में प्रदेश में 21 करोड़ से अधिक पर्यटक आए, जो वर्ष 2024 की तुलना में 57 प्रतिशत अधिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आध्यात्मिक और वन्य जीव पर्यटन अब मध्यप्रदेश की पहचान बन चुका है। प्रकृति प्रेमियों  के लिए तो मध्यप्रदेश स्वर्ग है। हमारे 12 नेशनल पार्क और 9 टाइगर रिजर्व जैव विविधता से भरा हुआ  खजाना हैं।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश के दूर-दराज से आए अतिथियों, टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स, पर्यट न जगत के प्रतिनिधियों और निवेशकों का मध्यप्रदेश की धरती पर स्वागत करते हुए कहा कि आप कुछ दिन तो हमारे मध्यप्रदेश में गुजारिये, आप इसे भूल नहीं पाएंगे क्योंकि जो भी एक बार यहां आता है, वह हमारा ही हो जाता है। इसलिए एक बार मध्यप्रदेश घूमने का अनुभव जरूर लें। ट्रैवल मार्ट से वैश्विक पर्यटन बाजार में मजबूत होगी मध्यप्रदेश की पहचान : राज्यमंत्री लोधी संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि  प्रधानमंत्री मोदी के  मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. यादव  के नेतृत्व में मध्यप्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में निरंतर नई ऊंचाइयां प्राप्त कर रहा है।मध्यप्रदेश की गौरवशाली सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत , प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध परंपराएं और आध्यात्मिक धरोहर देश- दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। यहां के विविध पर्यटन अनुभवों ने हमेशा पर्यटकों का दिल जीता है। वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश में 21 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन प्रदेश सरकार की पर्यटन क्षेत्र के विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ.  यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को देश और दुनिया के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर नए नवाचार और प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट पर्यटन क्षेत्र के विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाने के साथ-साथ प्रदेश में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने, नए पर्यटन अवसरों को विकसित करने और मध्यप्रदेश के पर्यटन को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। एमपी ट्रैवल मार्ट 2026: प्रदेश के आर्थिक और पर्यटन विकास का सशक्त मंच:  मुख्य सचिव बर्णवाल मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने कहा कि आज हम “इंटीग्रेट, इनोवेट और इंस्पायर” (एकीकृत करें, नवाचार करें और प्रेरित करें) के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। वर्ष 2025 में हमारे पर्यटन क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अंतर्गत प्रदेश में 21 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 57% अधिक है। ‘हार्ट ऑफ इनक्रेडिबल इंडिया’ की आतिथ्य परंपरा का अनुभव लीजिए, क्योंकि 'मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट' मध्यप्रदेश को विकास के नए शिखर पर ले जाने की इस यात्रा में साझीदार बनने का एक सशक्त मंच है। आयोजन से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि को मिलेगी और गति : महेंद्र प्रताप सिंह फिक्की मध्यप्रदेश और आईटो के चेयरमैन महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्यटन का भविष्य ‘एक्सपीरियंस टूरिज्म’ में है, जहां पर्यटक केवल स्थलों को देखें नहीं, बल्कि प्रदेश की संस्कृति, कला, शिल्प, खान-पान और ग्रामीण जीवन को करीब से महसूस करें। पर्यटन अब सिर्फ यात्रा नहीं, बल्कि अनुभवों, कहानियों और नए संबंधों को संजोने का माध्यम बन रहा है। ‘देखो अपना देश, सबसे पहले मध्यप्रदेश’ इसी अनुभव को आगे बढ़ाने की एक सोच है। कार्यक्रम के दौरान, पर्यटन विभाग के सचिव एवं मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. ने … Read more

MP में पर्यटन निवेश को मिलेगा बढ़ावा, CM मोहन यादव बोले- प्रदेश में हैं अपार संभावनाएं

पर्यटन की दृष्टि से असीम संभावनाओं का केंद्र है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य सरकार पर्यटन निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में महत्वपूर्ण एमओयू के साथ प्रदान किये लेटर ऑफ अवॉर्ड पर्यटन निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठक में आए करोड़ों रुपये के निवेश प्रस्ताव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध वन्य जीव संपदा, ऐतिहासिक धरोहरों और आध्यात्मिक पर्यटन की दृष्टि से असीम संभावनाओं का केंद्र है और राज्य सरकार पारदर्शी नीतियों, त्वरित अनुमतियों और सिंगल-विंडो सिस्टम के माध्यम से निवेशकों को हरसंभव सहयोग देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘एमपी ट्रैवल मार्ट : 2026’ के दौरान मध्यप्रदेश में पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाई देने और निजी निवेश को गति प्रदान करने के उद्देश्य से देश-विदेश के प्रमुख पर्यटन निवेशकों, हॉस्पिटैलिटी समूहों और स्टेकहोल्डर्स के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं। प्रदेश में पर्यटन अधोसंरचना, धरोहर संरक्षण, कौशल विकास, फिल्म पर्यटन और विभिन्न पर्यटन परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान किया गया तथा निवेशकों को लेटर ऑफ अवॉर्ड (एलओए) प्रदान किए गए। सीहोर के रामगढ़ में 848.40 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश एमओयू निवेश संवर्धन के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए सीहोर जिले के रामगढ़ में ए.आर.एम. फूड्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 848.40 करोड़ रुपये के निजी निवेश से गोल्फ कोर्स, होटल विला, वेलनेस रिसॉर्ट एवं लक्जरी होटल परियोजनाओं के विकास के लिए महत्वपूर्ण एमओयू किया गया। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से क्षेत्र में 920 प्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इस अवसर पर ए.आर.एम. फूड्स का प्रतिनिधित्व कंपनी के चेयरमैन एवं निदेशक अतुल अग्रवाल ने किया। निवेशकों को त्वरित अनुमतियों का भरोसा और रोजगार सृजन को मिलेगी गति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी निवेशकों, संस्थाओं और उद्यमियों का स्वागत करते हुए आश्वस्त किया कि राज्य सरकार भूमि आवंटन, अधोसंरचना विकास और आवश्यक स्वीकृतियों को समयबद्ध रूप से पूरा करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन महत्वपूर्ण एमओयू, निवेश प्रस्तावों और लेटर ऑफ अवॉर्ड के माध्यम से मध्यप्रदेश का पर्यटन क्षेत्र नई ऊंचाइयों को छुएगा और स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार व स्वरोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे। कौशल विकास, हेरिटेज संरक्षण और फिल्म पर्यटन में हुए एमओयू पर्यटन विकास, योजना और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में कई अन्य महत्वपूर्ण एमओयू भी हुए। फिल्म पर्यटन के क्षेत्र में एसीएडी, इंदौर के साथ फिल्म निर्माण शिक्षा, पर्यटन एवं कंटेंट निर्माण के लिए समझौता (एमओयू) हुआ। ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के तहत स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए), नई दिल्ली के साथ ओरछा के ऐतिहासिक परिसर की समेकित प्रबंधन योजना तैयार करने के लिए एमओयू हुआ। कौशल विकास अन्तर्गत भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (आईआईटीटीएम), ग्वालियर के साथ पर्यटक वाहन चालकों के आरपीएल प्रशिक्षण एवं प्रमाणन के लिए एमओयू किया गया। इसके प्रथम चरण में भोपाल के 100 पर्यटक वाहन चालकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसमें संस्थान का प्रतिनिधित्व प्रो. प्रशांत के. गौता ने किया। वहीं, द्रोणह के साथ ओरछा परिसर के पर्यावरण, लैंडस्केप एवं संरक्षण योजना तैयार करने के लिए एमओयू किया गया, जिसमें श्रीमती शिखा जैन ने प्रतिनिधित्व किया। इसके अतिरिक्त, टेकनपुर (ग्वालियर) स्थित बीएसएफ अकादमी में पर्यटन सुविधाओं के विकास, डिजिटल अधोसंरचना और बीएसएफ म्यूजियम के उन्नयन के लिए बीएसएफ अकादमी, एमपीएसटीडीसी तथा जिला प्रशासन के बीच त्रिपक्षीय एमओयू हुआ, जिसका प्रतिनिधित्व डीआईजी हरिंदर सिंह तोमर एवं रितेश ठाकुर ने किया। हॉस्पिटैलिटी और लक्जरी रिसॉर्ट्स के क्षेत्र में आए निवेश प्रस्ताव वन-टू-वन बैठकों के दौरान हॉस्पिटैलिटी और लक्जरी रिसॉर्ट्स के क्षेत्र में अन्य बड़े निवेश प्रस्ताव भी सामने आए। एटमॉस्फियर ग्रुप के प्रबंध निदेशक सौभाग्य महापात्रा ने उज्जैन, इंदौर और प्रमुख वन्य जीव सर्किटों में लक्जरी हॉस्पिटैलिटी विस्तार के लिए 500 करोड़ रुपये के निवेश की योजना साझा की। रेनी ग्रुप के निदेशक पंकज फुलवानी ने मांडू में 350 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक लुनेरा सराय को ‘वेलकम होटल बाय आईटीसी’ (130 करोड़ रुपये) के रूप में विकसित करने, खजुराहो में कुटनी डैम के सामने वॉटर फ्रंट रिसॉर्ट (125 करोड़ रुपये), सीधी में ‘स्टोरी बाय आईटीसी’ (35 करोड़ रुपये) और मैहर में बाणसागर डैम के पास रिसॉर्ट सहित कुल 290 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के संबंध में चर्चा हुई। सर्व ग्रुप के प्रबंध निदेशक कुणाल ज्ञानी ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (मढ़ई) में ‘ताज सफारीज’ के साथ 40 एकड़ में 100 करोड़ रुपये के अल्ट्रा-लक्जरी वन्य जीव रिसॉर्ट और राज्य में कुल 300 करोड़ रुपये के समग्र निवेश संबंधी चर्चा की। एमआरवीएच रिसॉर्ट्स के निदेशक जितेंद्र सिंह ने ओंकारेश्वर में 200 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे ‘रमाडा रिसॉर्ट बाय विंडहैम’ को सिंहस्थ 2028 से पूर्व, वर्ष 2026 के अंत तक पूर्ण करने तथा रातापानी, बांधवगढ़, पचमढ़ी व मढ़ई में 150 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश का प्रस्ताव दिया। वन्य जीव पर्यटन और होटल विस्तार में प्रमुख समूहों ने दिखाई रुचि वन्य जीव पर्यटन को गति देने के लिए रामको ग्रुप (जेकेआर हॉस्पिटैलिटी) की प्रबंध निदेशक सुशारदा दीपा ने कान्हा, कूनो, पेंच, रानी दुर्गावती, संजय डुबरी, रातापानी, बांधवगढ़ और पन्ना में 120 से 140 करोड़ रुपये के सतत वन्य जीव रिसॉर्ट्स विकसित करने की योजना प्रस्तुत की।इसके साथ ही वराय होटल्स के सीएमडी शैलेश कलवाडिया ने उज्जैन के ब्रजराजखेड़ी में 80 करोड़ रुपये के होटल प्रोजेक्ट, इवॉल्व बैक ग्रुप के अब्राहम जॉर्ज रामापुरम ने मांडू में 50 करोड़ रुपये से अधिक के रिसॉर्ट प्रोजेक्ट और अनाशविश टाइगर कैंप के विनोद सिंह राजपुरोहित ने ‘द लीला’ के साथ मिलकर कान्हा व सतपुड़ा में लक्जरी परियोजनाओं पर चर्चा की। विसक्वेस्ट हॉस्पिटैलिटी के एस. वेंकट रेड्डी, जूस्टा होटल्स के आशीष वोहरा, अंबुजा नियोतिया के अवनीश कोहली और अहिल्या एक्सपीरिएंसेज के यशवंत राव होलकर ने भी प्रदेश में होटल व डेस्टिनेशन हॉस्पिटैलिटी परियोजनाओं में निवेश की गहरी रुचि दिखाई। फिल्म निर्माण, सांस्कृतिक प्रचार और फूड टूरिज्म पर विमर्श फिल्म पर्यटन के तहत ‘द वायरल फीवर’ (टीवीएफ) के संस्थापक अरुणाभ कुमार ने ‘पंचायत’ और ‘गुल्लक’ जैसी चर्चित वेब-सीरीज की शूटिंग का उल्लेख करते हुए राज्य को फिल्म हब के रूप में विकसित करने पर चर्चा की। सुप्रसिद्ध अभिनेता अन्नू कपूर ने सिनेमा के जरिए सांस्कृतिक धरोहर के प्रचार पर विचार रखे, जबकि सेलिब्रिटी शेफ रणवीर बरार ने डेस्टिनेशन-बेस्ड फूड टूरिज्म विकसित करने पर सुझाव दिए। विभिन्न अंचलों में … Read more

मध्यप्रदेश में वोटर लिस्ट की री-चेकिंग शुरू, 74 हजार BLO घर-घर पहुंचेंगे; बेघर-मजदूरों के लिए कैंप

भोपाल  चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत मध्य प्रदेश में मतदाता सूची को सही और अपडेट करने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत राज्य भर में 74,000 बूथ लेवल अधिकारी (BLO) 31 अक्टूबर तक घर-घर जाकर सर्वे करेंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य वोटर लिस्ट से बाहर हुए पात्र नागरिकों के नाम दोबारा जोड़ना और हटाई गई प्रविष्टियों का सत्यापन करना है। 31.11 लाख कटे नामों का दोबारा होगा सत्यापन प्रशासन द्वारा पहले मतदाता सूची से हटाए गए 31 लाख 11 हजार नामों का पुनः सूक्ष्मता से निरीक्षण किया जा रहा है। इनमें लगभग 14 लाख ऐसे नाम हैं जो या तो दो जगह दर्ज थे या फिर संबंधित व्यक्तियों का निधन हो चुका है। वहीं लगभग 17,11,302 ऐसे मतदाता हैं जो स्थायी रूप से कहीं और चले गए हैं या पते पर नहीं मिले थे। यदि वे वास्तव में स्थानीय निवासी हैं और मतदान करते हैं, तो उनके नाम सूची में फिर से जोड़े जाएंगे। युवाओं और वंचित वर्गों के लिए दी गई छूट 1 जनवरी 2027 तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नवयुवक अब बिना किसी डिक्लेरेशन के एडवांस में फॉर्म-6 भर सकते हैं। मजदूर बस्तियों, रैन बसेरों (नाइट शेल्टर) और बेघर नागरिकों का नाम मतदाता सूची में दर्ज करने के लिए अलग से विशेष कैंप लगाए जाएंगे। राजनीतिक दलों के साथ साझा होंगी लिस्ट मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद ज़मीनी स्तर पर काम में तेज़ी ला दी गई है। बीएलओ को हर सप्ताह 20 से 25 घरों तक पहुंचने का लक्ष्य दिया गया है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद तैयार अंतिम सूची को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए (Booth Level Agents) के साथ साझा किया जाएगा, ताकि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।

जबलपुर-इटारसी तीसरी रेल लाइन का इंतजार बढ़ा, DPR तैयार; सुधरेगी यूपी-दक्षिण भारत की कनेक्टिविटी

जबलपुर एक ओर जबलपुर मंडल से जुड़ने वाले रेलखंडों पर मल्टीट्रैकिंग की रफ्तार बढ़ रही है, वहीं मानिकपुर-जबलपुर-इटारसी के महत्वपूर्ण रेलमार्ग की तीसरी लाइन की योजना अभी अंतिम स्वीकृति का इंतजार कर रही है। इस दोहरी लाइन वाले करीब 519 किमी लंबे रेलखंड पर प्रतिदिन औसतन दो से ज्यादा यात्री और मालगाड़ियों का संचालन होता है। ट्रेनों की बढ़ती संख्या के मुकाबले ट्रैक क्षमता कम होने से कई बार यात्री ट्रेनों को आउटर पर रोकना पड़ता है। इसका सीधा असर ट्रेनों की समयबद्धता पर पड़ रहा है। ट्रेनों की धीमी चाल और विलंब के कारण यात्रियों को समस्या से जूझना पड़ रहा है। रेल बोर्ड भेजा गया डीपीआर पश्चिम मध्य रेल की ओर से मानिकपुर-जबलपुर-इटारसी रेलखंड की तीसरी लाइन के लिए सर्वे कर डीटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा चुकी है। डीपीआर परीक्षण के लिए रेल बोर्ड भेजी गई है, लेकिन अंतिम स्वीकृति अभी बाकी है। इसके चलते परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही है। यह रेलमार्ग कोलकाता-मुंबई के पुराने और महत्वपूर्ण रेल रूट का हिस्सा है। उत्तर प्रदेश और बिहार को महाराष्ट्र तथा दक्षिण भारत से जोड़ने वाला यह प्रमुख मार्ग है। जबलपुर मंडल के इस हिस्से पर यात्री ट्रेनों के साथ मालगाड़ियों का भी लगातार दबाव रहता है। अतिरिक्त ट्रैक नहीं होने के कारण एक ट्रेन को आगे बढ़ाने के लिए दूसरी ट्रेन को रोकने की स्थिति कई जगह बनती है। कनेक्टिंग रूट पर मल्टीट्रैकिंग तेज मानिकपुर-जबलपुर-इटारसी से जुड़े रेलखंडों पर मल्टीट्रैकिंग का काम आगे बढ़ चुका है। मानिकपुर-प्रयागराज के बीच उत्तर मध्य रेलवे ने तीसरी लाइन के लिए जमीन अधिग्रहण पूरा कर निर्माण शुरू कर दिया है। कटनी-बीना रेलखंड पर तीसरी लाइन तैयार हो चुकी है। चौथी लाइन को मिली स्वीकृति कटनी-शहडोल-अनूपपुर रेलखंड पर चौथी लाइन को स्वीकृति मिल चुकी है। वहीं इटारसी-भोपाल और इटारसी-नागपुर रेलखंड पर भी चौथी लाइन की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में बीच के मानिकपुर-जबलपुर-इटारसी हिस्से की तीसरी लाइन अभी स्वीकृति के इंतजार में है।  

MP में डॉक्टरों को रोकने की कवायद तेज, कलेक्टर्स को मिली जिम्मेदारी; 2,601 बॉन्डेड डॉक्टरों ने संभाली सेवा

भोपाल मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को पाटने के लिए एक अहम और सख्त कदम उठाया है। इस साल राज्यभर के जिला और ब्लॉक-स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रों पर 3,118 बॉन्डेड डॉक्टरों की पोस्टिंग की गई है। विभाग का मुख्य संदेश बिल्कुल साफ है- 'डॉक्टरों को नौकरी छोड़ने नहीं देना है।' इसके लिए प्रशासन ने सभी जिला कलेक्टरों को मैदान में उतरकर इन युवा डॉक्टरों की शुरुआती समस्याओं को समझने और उन्हें पूरी सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। बॉन्ड नियमों के पालन में आया रिकॉर्ड उछाल पिछले कुछ वर्षों के मुकाबले इस बार अनिवार्य बॉन्ड प्रणाली का अनुपालन काफी बेहतर रहा है:     इस साल कुल 3,118 डॉक्टरों की पोस्टिंग की गई।     इनमें से 2,601 डॉक्टर (यानि 83% से अधिक) पिछले हफ्ते तक अपनी ड्यूटी ज्वाइन कर चुके हैं।     तुलनात्मक रूप से देखें तो साल 2025 में यह आंकड़ा मात्र 39.5% और 2024 में 42% था।     इतनी बड़ी संख्या में डॉक्टरों के जुड़ने से राज्य के अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी का आंकड़ा जो पहले करीब 5,000 था, अब घटकर लगभग 2,000 के आसपास रह जाने की उम्मीद है। नई चुनौतियों से पार पाना बड़ी प्राथमिकता स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस समय सबसे बड़ी चिंता इन डॉक्टरों के रिटेंशन (नौकरी में टिके रहना) को लेकर है। इनमें से अधिकांश युवा डॉक्टर पहली बार बड़े शहरों से बाहर दूरदराज और आदिवासी जिलों में काम करने पहुंचे हैं। वहां उन्हें आवास, भोजन, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं के मोर्चे पर कई तरह की शुरुआती परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विभाग का मानना है कि यदि शुरुआती महीनों में इन्हें एक सकारात्मक और अनुकूल माहौल मिल जाए, तो उनके नौकरी छोड़ने के मामलों में भारी कमी आएगी। जनप्रतिनिधियों से भी सहयोग की अपील इस दिशा में कलेक्टर्स को विशेष रूप से ब्रीफ किया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में डॉक्टरों के रहने और काम करने की स्थितियों की समीक्षा के लिए ओरिएंटेशन सत्र आयोजित करें। इसके अलावा, विभाग ने स्थानीय विधायकों, सांसदों और अन्य जनप्रतिनिधियों से भी संपर्क साधा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनके समर्थक या स्थानीय लोग डॉक्टरों पर अनावश्यक दबाव न बनाएं, बल्कि एक सकारात्मक और सहयोगी रुख अपनाएं। क्या हैं मेडिकल बॉन्ड के कड़े नियम?     मध्य प्रदेश में सरकारी मेडिकल कॉलेजों से पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए नियम स्पष्ट हैं:     सामान्य वर्ग के एमबीबीएस स्नातक: ग्रामीण क्षेत्रों में 1 साल की अनिवार्य सेवा, ऐसा न करने पर 10 लाख रुपये का जुर्माना।     एससी/एसटी वर्ग: नियम के तहत एक साल की सेवा और जुर्माना राशि 5 लाख रुपये।     मेरिटोरियस/सीएम वेलफेयर योजना: सरकारी कॉलेजों से पढ़ने वाले इन छात्रों को 2 साल की सेवा देनी होगी और 10 लाख रुपये का बॉन्ड पेनल्टी है।     निजी कॉलेज के छात्र (सरकारी फीस पर): जिन छात्रों की फीस सरकार ने उठाई है, उन्हें 5 साल की सेवा देनी होगी और 25 लाख रुपये का जुर्माना प्रावधान है।     नॉन-सर्विस पीजी छात्र (MD/MS): 1 वर्ष की सेवा और 10 लाख रुपये जुर्माना।     इन-सर्विस उम्मीदवार, डिमॉन्स्ट्रेटर और मेडिकल ऑफिसर: इनके लिए 5 साल की अनिवार्य सेवा और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान तय किया गया है।