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धार्मिक नगरी खजुराहो को बड़ी सुविधा: 28 अक्टूबर से इंडिगो उड़ाएगी सीधी फ्लाइट, किराया सिर्फ 2989 रु.

छतरपुर  रविवार से दिल्ली, खजुराहो और वाराणसी के बीच इंडिगो एयरलाइंस की नई हवाई सेवा शुरू हो गई है. मध्य प्रदेश के हवाई यात्रियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण सुविधा है. खजुराहो पहुंचने पर विमान का वाटर कैनन से स्वागत किया गया. खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा इसी फ्लाइट से खजुराहो पहुंचे. खजुराहो एयरपोर्ट पर राजनगर विधायक और भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया. सांसद शर्मा ने विदेशी पर्यटकों के साथ केक और रिबन काटकर इस हवाई सेवा का औपचारिक शुभारंभ किया. खजुराहो एयरपोर्ट पर एक लाइब्रेरी का भी उद्घाटन इस अवसर पर सांसद शर्मा ने खजुराहो एयरपोर्ट पर एक लाइब्रेरी का भी उद्घाटन किया. उन्होंने एयरपोर्ट पर ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम को सुना. उन्होंने खजुराहो से जयपुर के लिए जल्द ही हवाई कनेक्टिविटी शुरू होने की संभावना जताई और खजुराहो-वाराणसी वंदे भारत ट्रेन की सौगात के लिए प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया. दिल्ली खजुराहो फ्लाइट की एडवांस बुकिंग जारी इंडिगो की यह उड़ान केवल एक घंटा 15 मिनट में दिल्ली से खजुराहो पहुंचाएगी. यह विमान सुबह 10:00 बजे दिल्ली से उड़ान भरेगा और 11:15 बजे खजुराहो पहुंचेगा. इस रूट पर एडवांस बुकिंग जारी है और किराया डायनामिक रखा गया है. शुरुआती पांच दिनों के लिए किराया इस प्रकार है: 26 अक्टूबर को 6561 रुपए, 27 अक्टूबर को 5674 रुपए, 28 अक्टूबर को 2989 रुपए, 29 अक्टूबर को 4092 रुपए और 30 अक्टूबर को 4776 रुपए. एयरपोर्ट डायरेक्टर संतोष सिंह ने बताया कि, ''उद्घाटन के दिन 126 यात्री खजुराहो पहुंचे और 109 यात्रियों ने यहां से प्रस्थान किया. यह उड़ान सेवा 28 मार्च 2026 तक जारी रहेगी, जिसकी अवधि 29 अप्रैल तक बढ़ाई जा सकती है. सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने बताया कि, ''उन्हें UNGA के 80वें सत्र में शामिल होने के लिए 15 सांसदों में चुना गया था, जिसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया. हालांकि, उन्होंने बिहार चुनाव में अपनी व्यस्तता का हवाला देते हुए इस सत्र में शामिल होने से इनकार कर दिया है. शर्मा ने कहा कि, ''चुनाव उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और संगठन के हिसाब से चल रहे काम को बीच में छोड़कर जाना उचित नहीं है, इसलिए उन्होंने इस जिम्मेदारी से मुक्त करने के लिए पत्र लिखा है.''

आतंकवादी नेटवर्क का खुलासा: भोपाल से गिरफ्तार शख्स ISIS सोशल मीडिया हैंडलर, जमानत के बाद समान विचारधारा वाले युवकों की भर्ती शुरू

भोपाल  भोपाल से गिरफ्तार आतंकी अदनान ISIS का सोशल मीडिया हैंडलर निकला। इससे पहले भी वह एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। जमानत मिलने के बाद से युवकों ​को खुद से जोड़ने का काम कर रहा था।वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के वीडियो सर्वे का ऑर्डर देने वाले जज को धमकी देने वाली पोस्ट (काफिरों का खून आपके लिए हलाल है…) भोपाल से गिरफ्तार आतंकी सैयद अदनान ने इंस्टाग्राम में की थी। जज की फोटो पर काफिर लिखा और उन्हें मारने के लिए उकसाया। इस मामले में लखनऊ के गोमती नगर थाने में केस दर्ज हुआ था। यूपी पुलिस ने इसके खिलाफ UAPA भी लगाया था। 12वीं के बाद ही जिहादी पेज और चैनलों को फॉलो किया अदनान को 4 जून 2024 को भोपाल से गिरफ्तार किया गया था। यूपी पुलिस ने उसे 10 दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। इसके बाद 26 सितंबर 2024 को उसे जमानत मिल गई थी। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि जमानत मिलने के बाद वह चरमपंथी सामग्री पोस्ट करने और समान विचारधारा वाले युवकों को भर्ती करने की गतिविधियों में तेजी ले आया। इससे पहले वह 12वीं के बाद ही जिहादी पेज और चैनलों को फॉलो करने लगा था। इसी दौरान ISIS की विचारधारा से प्रभावित हो गया। जेहादी वीडियो इंटरनेट से जुटाने का काम करता था सीए का स्टूडेंट सैयद अदनान ISIS के लिए सोशल मीडिया हैंडलर के तौर पर काम करता था। वे आईएसआईएस से जुड़ी जेहादी वीडियो इंटरनेट से जुटाने का काम करता था। इन वीडियोज में मजहब के नाम पर मर मिटने जैसी तकरीरें होती थीं। इन्हें तोड़-मरोड़कर हदीसों से जोड़ा जाता था। इन वीडियो को तोड़ने-मरोड़ने और फर्जी तरीके से एडिट करने का काम दिल्ली का अदनान करता था। दोनों ही सिग्नल ऐप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए सीरियाई ISIS कमांडर के संपर्क में रहते थे। वहां से मिले निर्देश के अनुसार वीडियोज को अलग-अलग सोशल मीडिया ग्रुप्स पर शेयर करने का काम किया जाता था। फर्जी पहचान से बनाए गए यूट्यूब चैनल्स पर भी इन वीडियोज को प्रचारित और प्रसारित किया जाता था। ISIS मॉड्यूल से जुड़े दोनों अदनान सोशल मीडिया पर 'सात-उल-उम्माह' और 'वॉयस ऑफ इंडिया' नाम के ग्रुप्स से जुड़े थे। इन ग्रुप्स में एक हजार से ज्यादा सीरिया स्थित अबू मेंबर्स थे। उत्तर प्रदेश का रहने वाला है दूसरा अदनान     मोहम्मद अदनान खान मूल रूप से यूपी के एटा जिले से है। एक मिडिल क्लास फैमिली से ताल्लुक रखता है।     पिता सलीम खान दूरदर्शन में ड्राइवर का जॉब करते हैं और मां अंजुम खान होम मेकर हैं।     तीन बड़ी बहनें है, जिनकी शादी हो चुकी है। एटा में 10वीं तक की पढ़ाई पूरी की। पिता का 2020 में ट्रांसफर हुआ तो फैमिली दिल्ली आ गई।     अदनान ने दिल्ली में पढ़ाई फिर शुरू करने की कोशिश की, जो विफल रहा। इस साल में डेटा इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा पूरा किया। ISIS खलीफा के प्रति निष्ठा की शपथ ली, वीडियो बनाया था भोपाल का अदनान सात महीने पहले ही दिल्ली के अदनान के टच में आया था। दिल्ली के मोहम्मद अदनान ने पुलिस को बताया कि 2023 में सादिक नगर में सरकारी फ्लैट्स में आने के बाद उसने इंस्टाग्राम पर कट्टरपंथी पेजों को फॉलो करना शुरू किया। एक ग्रुप में शामिल हो गया। शुरुआत में इस ग्रुप में 25-30 मेंबर थे। सीरिया स्थित हैंडलर अबू इब्राहिम अल कुरैशी ने आईएसआईएस से संबंधित वीडियो-फोटो और पीडीएफ उपलब्ध कराए थे। इन सामग्रियों और संपर्कों से प्रभावित होकर उसने आईएसआईएस खलीफा के प्रति निष्ठा की शपथ ली थी, जिसका विडियो भी बनाया था। भोपाल वाला अदनान मिडिल क्लास फैमिली से है     मध्य प्रदेश के भोपाल के करोंद का रहने वाला अदनान खान मिडिल क्लास फैमिली से है, जिसके पिता सलाम अलग-अलग प्राइवेट फर्म में अकाउंटेंट का काम करते हैं।     मां पार्ट टाइम एक्ट्रेस है। वह 12वीं तक भोपाल में पढ़ा। फिलहाल भोपाल ईदगाह में एक व्यक्ति के मार्गदर्शन में चार्टर्ड अकाउंटेंट की तैयारी कर रहा है।     यह छह से 10 साल की उम्र तक मदरसे में पढ़ा है। इसके बाद इसका झुकाव कट्टरपंथ की तरफ बढ़ता चला गया, जिसमें 12वीं के बाद इजाफा होता चला गया। कमरे से धार्मिक कट्टरपंथ से जुड़ी किताबें भी मिली थीं अदनान को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 18 अक्टूबर की सुबह चार बजे उसके घर से गिरफ्तार किया था। उसके कमरे से धार्मिक कट्टरपंथ से जुड़ी किताबें भी मिली थीं। पुलिस उसका एक लैपटॉप भी ले गई है, अदनान ने इंस्टाग्राम पर खिलजी नाम से एक फेक आईडी भी बना रखी थी। पूरी कार्रवाई को बेहद गोपनीयता के साथ अंजाम दिया गया। जिसकी भनक स्थानीय पुलिस से लेकर कॉलोनी में रहने वाले अदनान के पड़ोसियों तक को नहीं लगी। 4 साल पहले भी पकड़े गए थे 4 आतंकी इससे पहले भोपाल में चार साल पहले ATS ने जमात के 4 आतंकियों को गिरफ्तार किया था। ये सभी बांग्लादेश के प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-ए-मुजाहिदीन (बांग्लादेश) के सदस्य थे। यहां रहकर आतंकी गतिविधियों के लिए स्लीपर सेल तैयार कर रहे थे। ताकि भविष्य में आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया जा सके। इनमें से दो आतंकी ऐशबाग इलाके की फातिमा मस्जिद के पास किराए से रह रहे थे। इनकी निशानदेही पर करोंद इलाके की खातिजा मस्जिद के करीब एक घर में रह रहे 2 और आतंकियों को पकड़ा गया था।

ग्वालियर सिरप केस में प्रशासन की कड़ी कार्रवाई, ड्रग इंस्पेक्टर अनूभूति शर्मा को किया निलंबित

ग्वालियर   ग्वालियर के बहुचर्चित कफ सिरप केस एक और बड़ा एक्शन हुआ है। अब इस मामले में ड्रग इंस्पेक्टर अनूभूति शर्मा को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला गुना रहेगा। आपको बता दें कि, दवाओं के नमूने लेने के साथ साथ अन्य कार्रवाईयों की कार्यालय प्रमुख को सूचना नहीं देने का उनपर आरोप है। नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन दिनेश श्रीवास्तव की ओर से ये कार्रवाई की गई है। ग्वालियर में एजिथ्रोमाइसिन सिरप के मामले में ड्रग इंस्पेक्टर अनुभूति शर्मा द्वारा सैंपल लिए गए थे। एमपी में एजिथ्रोमाइसिन बैन सिविल सर्जन डॉ. राजेश शर्मा ने मिली मौखिक शिकायत पर ड्रग इंस्पेक्टर को सूचना दी थी। ड्रग इंस्पेक्टर ने सैंपल लिए थे। सिविल सर्जन को मिली मौखिक शिकायत के आधार पर कराई गई कार्रवाई के बाद पूरे प्रदेश में एजिथ्रोमाइसिन पर रोक लग गई थी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई न होते हुए ड्रग इंस्पेक्टर पर कार्रवाई हुई है।

ग्वालियर में फार्म हाउस से पकड़ी गई नकली शराब, महिला सहित 5 आरोपी दबोचे गए

ग्वालियर  ग्वालियर जिले के घाटीगांव क्षेत्र में आबकारी विभाग ने हाईवे किनारे स्थित दो मंजिला फार्म हाउस में चल रही नकली देशी-विदेशी शराब की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। आबकारी विभाग और पुलिल की संयुक्त टीम ने दबिश देकर यहां से लगभग 4 करोड़ रुपये की नकली शराब और 1 करोड़ की मशीनें व सामग्री जब्त की है। इसके साथ ही एक महिला सहित पांच आरोपी पकड़े गए हैं। इनमें हरियाणा के तस्कर भी शामिल हैं। यह फार्म हाउस ग्वालियर के पुराने कांग्रेस नेता सुरेंद्र तोमर का बताया जा रहा है, जिन्होंने बाद में बसपा से विधानसभा चुनाव लड़ा था। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री किराये पर लेकर चलाई जा रही थी। कौन-कौन गिरफ्तार एएसपी जयराज कुबेर ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में सुनीता जाट, मोहित उर्फ मोनू तोमर, सुमित जाट, प्रीतम जाट और दीपक जाट शामिल हैं। फैक्ट्री से 25 हजार लीटर कच्ची शराब, 429 पेटियां रेडी ब्रांड की शराब, 7 लाख रुपए नकद और यूपी नंबर की लोडिंग गाड़ी जब्त की गई है। बताया गया है कि यहां बनने वाली शराब की सप्लाई हरियाणा में की जाती थी। एएसपी ने बताया फार्म हाउस में पुलिस को जो दस्तावेज मिले हैं उनमें 16 अगस्त 2025 से हिसाब मिला है। यह एग्रीमेंट मोहित तोमर, सुरेंद्र तोमर व अमित कुमार के बीच है।इन दस्तावेज में 16 अगस्त से हिसाब मिला है। फैक्ट्री में पकड़ी महिला सुनीता ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसे डेढ़ माह पहले ही खाना बनाने के लिए लाए थे। यह फार्म हाउस सुरेंद्र तोमर का है। उनके संबंध प्रदेश के सभी प्रमुख दलों से हैं। पहले वह बसपा से विधानसभा का चुनाव लड़े फिर कांग्रेस में चले गए और अब खुद को भाजपा नेता बताते हैं। उन्होंने अपना रसूख दिखाने के लिए फेसबुक आईडी पर विधानसभाध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और जहां नकली शराब पकड़ी गई वहां दीवार पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का फोटो लगा रखा था। घाटीगांव हाईवे पर आबकारी विभाग की कार्रवाई में पकड़ी गई अवैध शराब की यह फैक्ट्री बड़े स्तर पर चल रही थी। इस क्षेत्र में आबकारी की टीम पहले भी कंजरों के डेरे पर लगातार कार्रवाई करती रही है, लेकिन यह फैक्ट्री अब तक आबकारी व पुलिस की निगाह में क्यों नहीं आई यह जांच का विषय है।

महाकाल की पहली सवारी आज, कार्तिक-अगहन मास के मौके पर मंदिर समिति का बैंड करेगा नगर भ्रमण

उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल की नगरी में सावन-भादो की तरह कार्तिक मास में भी उज्जैन के राजा भगवान महाकाल अपने मंदिर परिसर से निकलकर भक्तों के बीच पहुंचते हैं। हर साल की तरह इस बार भी कार्तिक-अगहन मास की सवारी धूमधाम से निकलने वाली है।  महाकाल मंदिर में मराठा परंपरा का विशेष तौर पर प्रभाव है। महाराष्ट्रीय परंपरा में शुक्ल पक्ष से माह का शुभारंभ माना जाता है। कार्तिक-अगहन मास में भी महाकाल की सवारी कार्तिक शुक्ल पक्ष के पहले सोमवार से शुरू होती है। इसी वजह से इस बार 27 अक्टूबर से कार्तिक-अगहन माह की पहली सवारी महाकालेश्वर मंदिर से निकाली जाएगी। मंदिर के सभा मंडपम में शाम 4 बजे पूजन के बाद पालकी में विराजमान होकर भगवान महाकाल मनमहेश स्वरूप में नगर भ्रमण पर निकलेंगे। जब भी उज्जैन के राजा नगर भ्रमण पर निकलते हैं तो बाबा की एक झलक पाने के लिए भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ता है। श्रद्धालुओ की सुविधा के लिए मंदिर समिति, जिला प्रशासन कई तैयारियां करता है। इस बार सवारी का आकर्षण बढ़ाने के लिए एक खास प्रयोग किया जाएगा। पहली बार श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति का बैंड भी सवारी में शामिल होगा। इसमें 30 सदस्य हैं, जो विभिन्न वाद्य यंत्रों से भक्ति गीत और भजनों की प्रस्तुति देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीपावली के दिन इस बैंड का शुभारंभ किया था। मंदिर समिति के सहायक प्रशासक आशीष फलवाड़िया ने बताया कि महाकालेश्वर की पहली सवारी से ही बैंड शामिल किया जाएगा। सवारी में पारंपरिक रूप से पुलिस बैंड, घुड़सवार दल, सशस्त्र पुलिस बल और भजन संध्या के सदस्य भी शामिल रहेंगे।  बाबा महाकाल की सवारी महाकालेश्वर मंदिर से शुरू होकर गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी से होती हुई शिप्रा तट पहुंचेगी। यहां शिप्रा के जल से पूजन-अर्चन किया जाएगा। इसके बाद सवारी गणगौर दरवाजा, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, खाती का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबारोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार, गुदरी चौराहा होकर पुन: महाकालेश्वर मंदिर पहुंचेगी। कलेक्टर रोशन सिंह ने बताया कि 27 अक्टूबर को बाबा महाकाल की कार्तिक माह की पहली सवारी निकलेगी. दूसरी सवारी 3 नवंबर को निकलेगी। इस दिन हरिहर मिलन होने से विशेष सवारी रात 12 बजे द्वारकाधीश गोपाल मंदिर पहुंचेगी, फिर अगहन मास की पहली सवारी 10 नवंबर और राजसी सवारी 17 नवंबर को निकलेगी।  कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने महाकालेश्वर मंदिर में प्रशासनिक और प्रबंधन समितियों की बैठक में इन सवारी की तैयारियों की समीक्षा की। कलेक्टर ने बताया कि सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। नगर निगम सड़क की सफाई, रोशनी और जर्जर इमारतों को चिह्नित करने का काम कर रहा है। साथ ही फायर ब्रिगेड और साइनेज की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने आग कहा कि सवारी पारंपरिक तरीके से पूरी धूमधाम से निकाली जाएंगी, ताकि भक्तों को दर्शन का मौका मिल सके। 

SIT की कार्रवाई: जहरीले कफ सिरप केस में श्रीसन फार्मा के मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव सतीश वर्मा को छिंदवाड़ा से अरेस्ट किया

भोपाल   मध्य प्रदेश में जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप केस में एक और बड़ी कार्रवाई की गई है। इसी कड़ी में एसआईटी ने मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए छठवीं गिरफ्तारी की है। श्रीसन फार्मा कंपनी के मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) सतीश वर्मा को छिंदवाड़ा से हिरासत में लिया है। SIT के अधिकारी जितेंद्र सिंह जाट ने लंबी जांच के बाद श्रीसन फार्मा कंपनी में कई वर्षों से कार्यरत एमआर सतीश वर्मा को उनके निवास कूकड़ा जगत छिंदवाड़ा से गिरफ्तार किया और उसे पूछताछ के लिए परासिया ले जाया गया है। अब तक इनकी हुई गिरफ्तारी -डॉक्टर प्रवीण सोनी -जी रंगनाथन -राजेश सोनी न्यू अपना फार्मा -सौरभ जैन अपना मेडिकल फार्मासिस्ट -महिला फार्मासिस्ट के माहेश्वरी कांचीपुरा -एमआर सतीश वर्मा छिंदवाड़ा अबतक 24 मासूमों की जा चुकी जान आपको बता दें कि, छिंदवाड़ा के परासिया के सिविल अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रवीन सोनी अपने निजी क्लीनिक में बच्चों का इलाज कर रहे थे। निजी प्रैक्टिस के दौरान शिशुओं को ऐसी दवाइयां पर्चे पर लिखी गई, जिसे पीने के बाद बच्चों को तेज बुखार और पेशाब में कठिनाई शुरु हो गई, जिसने देखते ही देखते मासूमों की किडनियां प्रभावित कर दी पर विपरीत प्रभाव पड़ा और 24 बच्चों की मौत हो गई थी।

पहले चरण के बिहार चुनाव में मोहन-शिवराज बनेंगे बीजेपी के चेहरा, कांग्रेस के अभियान में दिग्विजय और जीतू सक्रिय

भोपाल / पटना  बीजेपी के स्टार प्रचारकों की लिस्ट में एमपी के सीएम डॉ. मोहन यादव और केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को स्टार प्रचारक बनाया गया है। बिहार चुनाव के लिए दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को वोटिंग होगी। मतगणना 14 नवंबर को होगी। दिग्गी और जीतू कांग्रेस के स्टार कैम्पेनर बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के प्रचार के लिए जारी की गई स्टार प्रचारकों की सूची में मध्य प्रदेश के नेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को ही स्टार कैम्पेनर बनाया गया है। अब बीजेपी के 40 स्टार प्रचारकों के नाम पढ़िए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, धर्मेंद्र प्रधान, गिरिराज सिंह और शिवराज सिंह चौहान,असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस, दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी बिहार चुनाव में भाजपा के उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार करेंगे। भाजपा के स्टार प्रचारकों की लिस्ट में भोजपुरी एक्टर के भी नाम हैं, जिनमें पवन सिंह, मनोज तिवारी, रवि किशन और दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ शामिल हैं। भाजपा के स्टार प्रचारकों में स्मृति ईरानी, केशव प्रसाद मौर्य, सीआर पाटिल, दिलीप कुमार जायसवाल, सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, रेनू देवी, प्रेम कुमार, नित्यानन्द राय, राधा मोहन सिंह, साध्वी निरंजन ज्योति और सतीश चंद्र दुबे शामिल हैं। इसके अलावा ही, राज भूषण चौधरी, अश्विनी कुमार चौबे, रविशंकर प्रसाद, नन्द किशोर यादव, राजीव प्रताप रूडी, संजय जायसवाल, विनोद तावड़े, बाबूलाल मरांडी, प्रदीप कुमार सिंह, गोपालजी ठाकुर और जनक राम भी बिहार में प्रचार करेंगे। अब कांग्रेस के स्टार प्रचारकों के नाम जानिए कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, अशोक गहलोत और केसी वेणुगोपाल जैसी दिग्गज नेताओं के नाम भी शामिल हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल, एमपी पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के अलावा अधीर रंजन चौधरी, मीरा कुमार, कृष्णा अल्लावरू, सुखविंदर सुक्खू, सचिन पायलट, रणदीप सिंह सुरजेवाला, सैयद नासिर हुसैन, चरणजीत सिंह चन्नी, गौरव गोगोई, तारिक अनवर, मोहम्मद जावेद और अखिलेश प्रसाद सिंह के नाम भी सूची में शामिल है। इसके अलावा पप्पू यादव और उनकी पत्नी रंजीत रंजन के नाम भी लिस्ट में हैं। मनोज राम, अल्का लांबा, कन्हैया कुमार, पवन खेड़ा, इमरान प्रतापगढ़ी, शकील अहमद, जीतू पटवारी, सुखदेव भगत, राजेश कुमार राम, शकील अहमद खान, मदन मोहन झा, अजय राय, जिग्नेश मेवाणी,अनिल जयहिंद, राजेंद्र पाल गौतम, फुरकान अंसारी, उदय भानु चिब और सुबोध कांत सहाय शामिल हैं। एनडीए और महागठबंधन के बीच बिहार में मुकाबला बिहार में एनडीए और महागठबंधन के बीच मुख्य चुनावी मुकाबला है। एनडीए में भाजपा-जदयू 101-101 सीटों पर, लोजपा (रामविलास) 29 और आरएलएम व हम 6-6 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। एनडीए के सीट शेयरिंग के अनुसार, भाजपा और जदयू 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी, जबकि चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास) को 29 सीटें और आरएलएम एवं हम को 6-6 सीटें मिली हैं। इसके तहत भाजपा ने सभी 101 सीटों पर उम्मीदवार उतार दिए हैं। 6 और 11 नवंबर को मतदान, मतगणना 14 नवंबर को बिहार विधानसभा चुनाव का पहला चरण 6 नवंबर को और दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा और जनता दल (यूनाइटेड) (जदयू) के नेतृत्व वाले एनडीए और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले महागठबंधन के बीच माना जा रहा है।

उज्जैन में महाकाल मंदिर में पहुंचे श्रीकांत, भस्म आरती में भाग लेकर पूजा और आशीर्वाद प्राप्त किया

 उज्जैन  श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार सुबह आयोजित भस्म आरती में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी कृष्णमाचारी श्रीकांत शामिल हुए। उन्होंने भगवान महाकाल के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कृष्णमाचारी श्रीकांत ने आज प्रातःकाल भस्म आरती में भगवान श्री महाकालेश्वर के मंदिर में दर्शन लाभ लिया। भगवान महाकालेश्वर का पूजन-अर्चन पुजारी आकाश गुरु द्वारा विधि-विधान से कराया। इस अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से भस्म आरती प्रभारी आशीष दुबे ने उनका सम्मान किया। श्रीकांत ने मंदिर में व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए भगवान महाकाल से देशवासियों की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने भी किए थे दर्शन कुछ दिनों पूर्व भारतीय महिला क्रिकेट टीम जब इंदौर में वर्ल्ड कप मैच खेलने पहुंची थी तो उन्होंने ने भी भगवान महाकाल की भस्म आरती के दर्शन किए थे। सभी ने देश की तरक्की और टीम इंडिया की जीत के लिए प्रार्थना भी की थी। महाकाल महालोक बनने के बाद से यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। फिल्म और क्रिकेट के सितारों सहित राजनेता भी बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेने आते हैं।  

कैलाश विजयवर्गीय का संदेश: इंदौर में हुई घटना के बाद खिलाड़ियों को चाहिए कि किसी को बताकर ही बाहर निकलें

इंदौर  इंदौर में आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप में भाग ले रहीं दो ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटरों के साथ कथित छेड़छाड़ की घटना पर मध्य प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में भारी आक्रोश है, लेकिन इस पर नेताओं के बयानों ने विवाद खड़ा कर दिया है. प्रदेश के कद्दावर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस घटना को शर्मनाक और देश के सम्मान से जुड़ा मामला बताते हुए खिलाड़ियों को एक बड़ी  सलाह दी है. विजयवर्गीय ने कहा, "खिलाड़ियों को यह ध्यान रखना चाहिए कि जब वे अपने घर से निकलें, तो उनकी सुरक्षा और स्थानीय प्रशासन को सूचित किया जाना चाहिए क्योंकि (भारत में) क्रिकेटरों का बहुत बड़ा क्रेज है." MLA रामेश्वर शर्मा का तीखा बयान BJP विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस घटना को इंदौर की साफ-सुथरी छवि को बिगाड़ने की साजिश बताते हुए एक तीखा और विवादित बयान दिया है. शर्मा ने बताया कि आरोपी अकील को गिरफ्तार कर लिया गया है, और उसे 'चार जूते मारकर जेल में डाला है.' उन्होंने चेतावनी दी कि अकील को ऐसी सजा मिलेगी की एक नजीर बनेगी.  भोपाल की हुजूर सीट से विधायक ने कहा, "मैं कट्टरपंथी मुसलमानों को बता देना चाहता हूं कि देश की छवि बिगाड़ने में लगे क्यों हो." उन्होंने इंदौर में कोरोना के समय डॉक्टरों पर थूकने की घटना का भी हवाला दिया. विधायक शर्मा ने सख्त लहजे में कहा, "हिंदुस्तान में रहना है तो बाबा साहब के संविधान के तहत रहो. बहन-बेटी का अपमान करने वाले किसी अकील को हम बर्दाश्त नहीं करेंगे." बता दें कि यह घटना गुरुवार सुबह खजराना रोड इलाके में हुई, जब दोनों ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर अपने होटल से एक कैफे की ओर जा रही थीं. एक बाइक सवार व्यक्ति ने उनका पीछा किया, उनमें से एक को गलत तरीके से छुआ और भाग गया. पुलिस अधिकारी के अनुसार, अकील नाम के आरोपी को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया. 

14 साल तक सैलरी लेते रहे चार अस्थायी शिक्षक, अधिकारियों ने हटाने में की गलती — मध्य प्रदेश में मामला

 शिवपुरी  मध्य प्रदेश में सरकारी अधिकारियों की बेहोशी का आलम एक बार फिर सामने आया है। शिवपुरी के करैरा में चार संविदा अस्थायी शिक्षक 14 साल से अवैधानिक रूप से स्कूलों में सेवाएं देते रहे और शिक्षा विभाग से वेतन लेते रहे। इन्हें 2009 में जिस योजना के तहत भर्ती किया गया था, वो 2012 में बंद हो गई। सितम्बर 2025 में चूक पकड़ी गई और अब आनन फानन में नियुक्ति समाप्त कर उन्हें भारमुक्त किया गया। दरअसल, वर्ष 2009 अभिकरण स्तरीय चयन समिति के अनुमोदन एवं पंचायत से प्रस्तावों के परीक्षण उपरांत सहरिया जनजाति के अतिरिक्त संविदा शिक्षक वर्ग-3 की नियुक्ति 2500 रुपये प्रतिमाह की गई थी। नियुक्ति अस्थाई रूप से 12 माह के लिए थी। हर 12 माह पश्चात सेवा वृद्धि के लिए प्रधानाध्यापक द्वारा जनपद पंचायत को शिक्षकों के कार्य एवं व्यवहार के संबंध में संतोषजनक मतांकन भेजे जाने थे। 2012 में योजना समाप्त कर दी गई थी वर्ष 2012 में योजना समाप्त कर दी गई और जिलेभर से इस तरह के सभी शिक्षकों को हटा दिया गया, परंतु करैरा के शाप्रावि उड़वाहा में पदस्थ काशीराम आदिवासी, मोहर सिंह आदिवासी, एकीकृत कन्या शाला अमोला क्रमांक-1 में पदस्थ अनिल आदिवासी, शाप्रावि राजगढ़ में पदस्थ शिवचरण आदिवासी को अधिकारी हटाना भूल गए। यह शिक्षक हर साल बिना नवीनीकरण आदेश के अपनी-अपनी शालाओं में नौकरी करते रहे। उन्हें 2012 से 5000 रुपये वेतन भी मिल रहा था। यानी वे करीब 8 लाख से ज्यादा सैलरी ले चुके थे। अब अचानक आदेश जारी कर चारों शिक्षकों को यह कहते हुए हटा दिया गया है कि जुलाई 2025 में संकुल पर जानकारी प्राप्त हुई कि आप 2012 से बिना सेवा वृद्धि के ही शाला पर शैक्षणिक कार्य करते रहे। ऐसे पकड़ में आई गलती जब चारों शिक्षकों की संविलियन संबंधी फाइल जिला पंचायत सीईओ के पास पहुंची तो उन्होंने आदेश पढ़ा। आदेश में शिक्षकों की नियुक्ति अस्थायी पाई गई। उन्होंने संकुल प्राचार्य से पत्राचार किया। पाया गया कि 2012 में कलेक्टर के यहां से योजना समाप्त होने के संबंध में पत्र भेजा गया था, परंतु जनपद से यह जानकारी शिक्षा विभाग को दी गई या नहीं, यह स्पष्ट नहीं हो पाया। उचित कार्रवाई की जा चुकी है     शिक्षकों ने वर्ष 2011 के बाद सेवा वृद्धि के संबंध में कोई दस्तावेज नहीं दिया है, यह मामला संज्ञान में आया तो इस संबंध में वरिष्ठ कार्यालय से मार्गदर्शन मांगते हुए, जो उचित कार्रवाई हो सकती है, वह कर दी है। – अरविंद यादव, संकुल प्राचार्य शिक्षक क्यों नहीं हटाए गए, इसकी जानकारी नहीं     हमारे यहां से नियुक्ति 2009 में हुई थी, 2012 में योजना समाप्त हो गई थी। इसके बाद जिले भर में शिक्षकों को हटा दिया था। यह चारों शिक्षक क्यों नहीं हटाए गए, इसकी जानकारी नहीं है। आदिम जाति कल्याण विभाग का लेना-देना सिर्फ नियुक्ति तक था। – राजकुमार सिंह, जिला समन्वयक, आदिम जाति कल्याण विभाग