samacharsecretary.com

खंडित प्रतिमा के सामने प्रार्थना करेंगे विवादित वकील, बोले– CJI का रास्ता मंजूर

खजुराहो  स्टिस बीआर गवई पर जूता फेंकने वाले एडवोकेट राकेश किशोर 5 नवंबर को खजुराहो आएंगे। वे यहां विष्णु मंदिर में खंडित प्रतिमा के समक्ष प्रार्थना और ध्यान करने का आह्वान कर रहे हैं।राकेश किशोर ने अपने 'सनातनी भाइयों' से इस कार्यक्रम में सहयोग करने की अपील की है। उनका आगामी कार्यक्रम 5 नवंबर, कार्तिक पूर्णिमा को खजुराहो के जवारी मंदिर में है, जहां वे खंडित विष्णु प्रतिमा का पूजन-अर्चन करेंगे। जस्टिस गवई ने भी मूर्ति से प्रार्थना करने और ध्यान का सुझाव दिया उन्होंने बताया कि वे वहां विपश्यना ध्यान भी कराना चाहते हैं। किशोर के अनुसार, जस्टिस गवई ने भी मूर्ति से प्रार्थना करने और ध्यान का सुझाव दिया था कि वह अपना सिर खुद लगा ले। उन्हें यह सुझाव पसंद आया है। राकेश किशोर ने कहा कि यह कार्यक्रम तब तक जारी रहेगा जब तक मूर्ति की दोबारा प्राण प्रतिष्ठा नहीं हो जाती और उसका सिर वापस नहीं लग जाता। उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में शांतिपूर्ण ढंग से इसमें शामिल होने का आग्रह किया है। राकेश किशोर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर भी लगातार अपील कर रहे हैं। उनकी पोस्ट में लिखा है, "प्रिय सनातनी भाई अब जागो और चलो 05 नवम्बर, बुधवार कार्तिक पूर्णिमा खजुराहो (म. प्र.) विष्णु भगवान की खंडित विवादित प्रतिमा की शांतिपूर्ण ढंग से प्रार्थना और ध्यान करने में मेरा सहयोग करें। राकेश किशोर ने कोर्ट में नारेबाजी की थी दरअसल, यह पूरा मामला 16 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट की ओर से खजुराहो में भगवान विष्णु की खंडित मूर्ति की बहाली की मांग वाली याचिका खारिज किए जाने से जुड़ा है। इस फैसले के विरोध में, राकेश किशोर ने 6 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट के अंदर जस्टिस गवई पर जूता फेंकने की कोशिश की थी। हालांकि, जूता जस्टिस गवई तक नहीं पहुंच सका और सुरक्षाकर्मियों ने राकेश किशोर को तुरंत पकड़ लिया। इस दौरान उन्होंने "सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान" जैसे नारे लगाए थे। इस घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने वकील राकेश किशोर (72) का लाइसेंस 9 अक्टूबर को तत्काल प्रभाव से कैंसिल कर दिया। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने भी उन्हें सस्पेंड कर दिया है। राकेश बिना जांच सस्पेंशन पर सवाल उठाते हुए कहते हैं कि मुझे इससे काफी नुकसान हुआ। मेरे क्लाइंट्स अपना पैसा और केस दोनों वापस ले रहे हैं। हालांकि राकेश किशोर को कोर्ट से जमानत मिल गई है।

रिजल्ट कमजोर तो अब अलग से पढ़ाई! राजधानी में स्कूलों को स्पेशल क्लास चलाने के निर्देश

भोपाल  पढ़ाई में कमजोर बच्चों को अलग से क्लास लगाकर होशियार बनाया जाएगा। राजधानी के स्कूलों में त्योहार के बाद यह शुरूआत होने जा रही है। बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। यह क्लास दसवीं और बारहवीं कक्षा के लिए होगी। दसवीं और बारहवीं की परीक्षा फरवरी में होगी। पढ़ाई के तीन माह माह बाकी है। ऐसे में राजधानी के स्कूलों में स्पेशल क्लासेस के निर्देश जारी हुए हैं। इन क्लास में उन बच्चों को अलग से पढ़ाया जाना है जिनका रिजल्ट टेस्ट परीक्षा के दौरान कमजोर है। इसके लिए शिक्षकों की अतिरिक्त ड्यूटी होगी। पढ़ाई की तैयारी के लिए आनन फानन में जारी निर्देश पर शिक्षकों ने आपत्ति जताई। उनका कहना है अधिकांश की ड्यूटी बीएलओ में हैं। पढ़ाने स्टाफ नहीं। राजधानी में 20 और हायर सेकण्डरी स्कूल राजधानी में 20 हाई और हायर सेकण्डरी स्कूल हैं। यहां दोनों कक्षाओं में बीस हजार से ज्यादा बच्चे दर्ज हैं। हाल में इनके मासिक टेस्ट कराए गए हैं। ये स्कूल स्तर पर हुए हैं। इनके परिणाम तय करेंगे कितने बच्चों की स्पेशल क्लास होना है। परीक्षा की तैयारी के बीच बहुत से शिक्षकों की ड्यूटी गैर शैक्षणिक कामों में लगी है। इनमें से कुछ बीएलओ बनाए गए हैं। अध्यापन प्रभावित हो रहा है। रिजल्ट पर असर होगा।- उपेन्द्र कौशल, अध्यक्ष शिक्षक संगठन

त्योहारी सीजन में सफर आसान! ग्वालियर-बेंगलुरु रूट पर 3 दिन तक चलेगी एक्स्ट्रा फ्लाइट, शेड्यूल जारी

ग्वालियर दीपावली नजदीक आते ही हवाई यात्रा की मांग तेजी से बढ़ने लगी है। ग्वालियर से संचालित फ्लाइटें अभी से लगभग फुल हो चुकी हैं। ऐसे में लंबी दूरी के यात्रियों की सुविधा के लिए एयर इंडिया(Air India Flight) ने 17 से 19 अक्टूबर तक ग्वालियर-बेंगलुरु के बीच अतिरिक्त फ्लाइट चलाने का फैसला किया है। इस निर्णय से बेंगलुरु रूट पर यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। फिलहाल ग्वालियर से मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु के लिए नियमित उड़ानें संचालित की जा रही हैं। तीन दिन के लिए दूसरी बेंगलुरु फ्लाइट जुड़ने से यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होने की संभावना है। यह रहेगा समय बेंगलुरु से ग्वालियर: सुबह 6:30 बजे उड़ान भरेगी, सुबह 9:10 बजे पहुंचेगी। ग्वालियर से बेंगलुरु: सुबह 9:45 बजे रवाना होगी, दोपहर 12:45 बजे पहुंचेगी। एक दिन में 760 यात्रियों ने किया सफर दीपावली से पहले फ्लाइट से यात्रा करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सोमवार को शहर से तीन फ्लाइटों के जरिए 760 यात्रियों ने सफर किया।     बेंगलुरु से आए- 159 यात्री, गए- 64     दिल्ली से आए- 167 यात्री, गए – 103     मुंबई से आए- 167 यात्री, गए- 100     वहीं रविवार को यात्रियों की संख्या बढ़कर 852 तक पहुंच गई थी।

उच्च शिक्षा पर संकट! MP में सहायक प्राध्यापक के आधे से ज्यादा पद खाली, भर्ती प्रक्रिया अधूरी

 भोपाल  प्रदेश के कॉलेजों में संसाधन के साथ-साथ शिक्षकों की भी कमी है। दो साल के अंदर 32 नए कॉलेज जरूर खोले गए, लेकिन शिक्षकों की भर्ती नहीं की गई। प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में 76 फीसद प्राध्यापक, 56 फीसद सहायक प्राध्यापक के पद खाली हैं। वहीं, प्राचार्यों के पद भी खाली हैं। 90 फीसद से अधिक कॉलेज प्रभारी प्राचार्यों के भरोसे संचालित हो रहे हैं। फिर भी मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) द्वारा तीन साल पहले 1,669 पदों पर निकली भर्ती प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हुई है। एमपीपीएससी की सुस्त कार्यप्रणाली ने इस समस्या को और बढ़ा दिया है। सहायक प्राध्यापक-2022 की भर्ती परीक्षाओं के लिए साक्षात्कार और दस्तावेज सत्यापन के बाद अब भी प्रक्रिया चल रही है। कई विषयों के लिए शेड्यूल भी जारी नहीं हुआ है। नतीजा यह है कि 571 सरकारी कॉलेजों में पढ़ाई अतिथि विद्वानों या प्रभारी प्राचार्यों पर है। कई कॉलेजों में एक भी नियमित शिक्षक नहीं है। बता दें, सहायक प्राध्यापक के स्वीकृत 12,895 पदों में से 7,284 पद खाली हैं। इसी तरह प्राध्यापकों के 848 स्वीकृत पद हैं। इनमें 206 पद भरे हुए और 642 खाली हैं। प्राध्यापकों के 75 फीसद पद खाली प्रदेश के शासकीय कॉलेजों में प्राध्यापकों की 75 फीसद पद खाली हैं। कुल 848 पद स्वीकृत हैं। इनमें 206 कार्यरत हैं, जबकि 642 पद खाली हैं। एमपीपीएससी ने प्राध्यापकों की सीधी भर्ती 2011-12 में की थी। इसके बाद से प्राध्यापकों के पद पर कोई विज्ञापन जारी नहीं किया। प्रभारी प्राचार्यों के भरोसे कालेज प्रदेश में यूजी के 469 कॉलेजों में 10 पद पर प्राचार्य कार्यरत हैं, बाकी 459 पदों पर प्रभारी प्राचार्य हैं। इसी तरह पीजी कॉलेजों में 98 स्वीकृत पद में से सिर्फ पांच प्राचार्य पद भरे हुए हैं, बाकि 93 प्रभारी प्राचार्य पदस्थ हैं। प्रदेश भर का आंकड़ा प्रदेश में कॉलेजों की संख्या : 571 सहायक प्राध्यापकों के स्वीकृत पद : 12,895 कार्यरत सहायक प्राध्यापकों की संख्या : 5,611 खाली पदों की संख्या : 7,284 प्राध्यापकों के स्वीकृत पद : 848 पद कार्यरत पद : 206 पद खाली पद : 642 पद यूजी कालेज में प्राचार्य के स्वीकृत पद : 469 नियमित प्राचार्य : 10 खाली पद : 459 पीजी कालेज में प्राचार्य के स्वीकृत पद : 98 कार्यरत : पांच खाली पद : 93 ग्रंथपाल के स्वीकृत पद : 582 भरे हुए पद : 247 खाली पद : 335 क्रीड़ा अधिकारी के स्वीकृत पद : 543 भरे हुए पद : 227 खाली पद : 316 सहायक प्राध्यापक भर्ती-2022 के तहत जल्द ही भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। अन्य खाली पदों को भरने के लिए एमपीपीएससी को 2,197 पदों पर सहायक प्राध्यापक की भर्ती के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। – अनुपम राजन, अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा

त्यौहारी सीजन में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए रात और तड़के किया जा रहा ट्रांसमिशन लाइनों का मेंटेनेंस: मंत्री तोमर

इंदौर मे एमपी ट्रांसको की अभिनव पहल : मंत्री  तोमर त्यौहारी सीजन में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए रात और तड़के किया जा रहा ट्रांसमिशन लाइनों का मेंटेनेंस: मंत्री  तोमर भोपाल  ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि इंदौर महानगर के विद्युत उपभोक्ताओं को जरूरत के समय विद्युत का व्यवधान न हो, इस उद्देश्य  के साथ मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी इंदौर ने एक अभिनव पहल  की है। त्यौहारी सीजन में ट्रांसमिशन लाइन के मेंटेनेंस दिन के बजाय देर रात या  तड़के किए जा रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को बिजली व्यवधान का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा है कि इसी तरह के प्रयोग अन्य शहरों में भी किए जाएंगे। सामान्यतः ट्रांसमिशन लाइन में मेंटेनेंस का कार्य दिन के उजाले में ही किया जाता है, लेकिन इंदौर ट्रांसमिशन मेंटेनेंस टीम ने इस परंपरा को बदल दिया है। अब जब शहर सो रहा होता है, तब एमपी ट्रांसको की टीमें फील्ड में सक्रिय होकर ट्रांसमिशन लाइनों की देखरेख कर रही होती  हैं। फ्रंट लाइन मे  महिला अधिकारी एमपी ट्रांसको इंदौर की यह पहल इसलिए भी विशेष है क्योंकि इसका नेतृत्व अतिरिक्त मुख्य अभियंता मती नीलम खन्ना के मार्गदर्शन मे कार्यपालन अभियंता मती नम्रता जैन कर रहीं है। कार्यपालन अभियंता मती नम्रता  जैन  चाहे रात्रि कालीन हो या सुबह तडके, पूरे शटडाउन समय मे फील्ड पर मौजूद रहकर मेंटेनेंस कार्य की स्वयं निगरानी करती हैं। त्यौहारी सीजन में उपभोक्ताओं को राहत देने का प्रयास अतिरिक्त मुख्य अभियंता मती नीलम खन्ना ने बताया कि इंदौर की बिजली व्यवस्था  कुछ इस तरह  है कि यदि ट्रांसमिशन लाइन पर मेंटेनेंस के दौरान शटडाउन लिया जाए, तो उपभोक्ताओं को असुविधा हो सकती है। इस समय त्यौहारी सीजन होने के कारण घरेलू और व्यावसायिक दोनों वर्गों के लिए  निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। रेलवे के मेगा ब्लॉक के दौरान भी किया गया सफल कार्य विगत दिवस रेलवे द्वारा दिए गए समय सीमा वाले मेगा ब्लॉक के दौरान  मती  नम्रता जैन की सूझबूझ और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता के कारण एमपी ट्रांसको की टीम ने रात भर काम कर रेलवे क्रॉसिंग पर कंडक्टर बदली के बेहद चुनौतीपूर्ण काम  को न्यूनतम संभव समय मे  पूरा करने का उल्लेखनीय कार्य किया। इसी तरह 132 के व्ही नॉर्थ जोन- चंबल सर्किट एक ट्रांसमिशन  लाइन पर सुबह 4 बजे से शटडाउन लेकर काम किया गया, तो  इसी फीडर के सर्किट नंबर दो पर रात भर ब्रेकडाउन अटेंड किया गया। अंधेरे और ठंड के बावजूद अधिकारी-कर्मचारी पूरी निष्ठा से कार्य में जुटे रहे। एमपी ट्रांसको की यह अनूठी पहल तकनीकी नवाचार के साथ-साथ कार्यसंस्कृति का उत्कृष्ट उदाहरण भी है।  

भोपाल में दीवाली तक सख्त पहरा, लाइव मॉनिटरिंग और ट्रैफिक डायवर्जन से होगा नियंत्रण

भोपाल  दीवाली त्योहार को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। शहर में प्रमुख स्थानों और मुख्य बाजार जैसे न्यू मार्केट, चौक बाजार, बिट्टन मार्केट, 10 नंबर मार्केट, न्यू मार्केट, मंगल वारा सहित शहर के मॉल और प्रमुख इलाके चिह्नित कर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में किसी भी तरह की चोरी, झपटमारी और लूट की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस लगातार गश्त पर रहेंगी। प्लान तैयार कर विशेष निगरानी पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने बताया कि त्योहार के दौरान सुरक्षा के लिए विशेष प्लान तैयार किया गया है। शहर भर में 500 पुरुष पुलिसकर्मी, 200 महिला पुलिसकर्मी और 75 दुर्गा शक्ति टीम सिविल ड्रेस में तैनात की गई हैं, ताकि भीड़ वाले बाजारों में किसी भी तरह के संदिग्ध गतिविधि पर तैनात टीम तुरंत कार्रवाई करेंगी। महिला सुरक्षा है पहली प्राथमिकता महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मॉल, मंदिर और मार्केट इलाकों में महिला पुलिसकर्मी विशेष निगरानी कर रही हैं। इसके अलावा सिविल ड्रेस में दुर्गा शक्ति टीम बाजारों में गश्त पर रहेंगी। किसी भी आपत्तिजनक स्थिति होने पर तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार रहेंगी। कंट्रोल रूम से लाइव निगरानी पुलिस ने बताया कि बाजारों में लगे सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड कंट्रोल रूम से मॉनिटर की जा रही है। संदिग्ध व्यक्तियों पर कैमरे से नजर रखी जा रही है। संदिग्ध गतिविधि होने पर डायल 112 करें शिकायत: पुलिस कमिश्नर ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत डायल 100 व नजदीकी पुलिस थाने को दें। आज से पुराने भोपाल में नहीं जा सकेंगे चार पहिया और लोडिंग वाहन — जनकपुरी, जुमेराती, छोटे भैया चौराहा, घोड़ा नक्कास, हनुमानगंज और आजाद मार्केट जैसे इलाकों में लोडिंग वाहन, ऑटो और चारपहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा — करोंद, डीआईजी बंगला, सिंधी कॉलोनी और शाहजहांनाबाद से आने वाले वाहन भोपाल टॉकीज चौराहे से आगे नहीं जा सकेंगे, उन्हें अपने वाहन बाल विहार ग्राउंड में पार्क करना होगा — भारत टॉकीज से आने वाले दोपहिया वाहन अपने वाहन सेंट्रल लाइब्रेरी मैदान में पार्क करने होंगे — संगम टॉकीज और सब्जी मंडी परिसर में अस्थायी पार्किंग की व्यवस्था की गई है। — लखेरापुरा, इतवारा, मारवाड़ी रोड, इब्राहिमपुरा से तीन और चार पहिया वाहन चौक बाजार की ओर नहीं जा सकेंगे, इन्हें सरस्वती स्कूल के पास बनी मल्टीलेवल पार्किंग या सदर मंजिल पार्किंग का उपयोग करना होगा — भीड़ अधिक होने पर दोपहिया वाहन भी इन्हीं पार्किंग स्थलों पर वाहन पार्क कर सकेंगे 10 नंबर मार्केट में वन-वे ट्रैफिक 13 अक्टूबर से 10 नंबर मार्केट में भी दिवाली तक ट्रैफिक व्यवस्था बदली गई है। यहां वन वे ट्रैफिक किया गया है। वाहन वंदे मातरम चौराहे से एंट्री करेंगे और 10 नंबर मार्केट तिराहे से होते हुए नेशनल अस्पताल की ओर जा सकेंगे। वहीं नेशनल अस्पताल वंदे मातरम चौराहे की दिशा में आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। न्यू मार्केट में मल्टीलेवल पार्किंग का करें यूज न्यू मार्केट में भीड़ बढ़ने पर टीटी नगर थाना चौराहे के पास स्थित मल्टीलेवल पार्किंग का यूज करना होगा। यहां रंगमहल चौराहे से थाना चौराहे की दिशा में आवागमन को बदला जा सकता है। एमपी नगर में निर्धारित वाहन पार्किंग में करनी होगी पार्किंग इधर एमपी नगर जोन 1 के व्यापारी और खरीदार स्थानीय मल्टीलेवल पार्किंग और निर्धारित स्थलों पर ही वाहन पार्क कर सकेंगे। बैरागढ़ में चंचल चौराहे के पास मल्टीलेवल पार्किंग व्यवस्था भोपाल के बैरागढ़ यानी संत हिरदाराम नगर के चंचल चौराहे के पास मल्टीलेवल पार्किंग तैयार है। इसके साथ ही नए ब्रिज निर्माण के दौरान पीडब्ल्यूडी की ओर से छोटे अस्थायी पार्किंग स्थल भी बनाए जा रहे हैं। जहां ग्राहक थोड़े समय के लिए अपने वाहन खड़े कर सकेंगे। ट्रैफिक पुलिस ने की अपील इस दौरान ट्रैफिक पुलिस ने अपील की है कि सभी व्यापारी और दुकानदार रात 12 बजे से सुबह 7 बजे के बीज ही सामान की लोडिंग और अनलोडिंग का काम करें, ताकि जाम की स्थिति न बने।

हेलिकॉप्टर से हांका लगाकर नीलगाय-काले हिरण पकड़ेंगे, मध्य प्रदेश ने साउथ अफ्रीकी विशेषज्ञ बुलाए

भोपाल  मध्य प्रदेश के मालवा इलाके के किसानों के लिए समस्या बन चुके काला हिरण और नीलगाय को पकड़ने के लिए एक बड़ा और अनूठा अभियान शुरू होने वाला है. दक्षिण अफ्रीका से विशेषज्ञों की 15 सदस्यीय टीम 15 अक्टूबर को भोपाल पहुंचेगी और शाजापुर जिले के कालापीपल से अभियान की शुरुआत करेगी. इस पूरे अभियान के लिए वन विभाग ने रॉबिन्सन हेलिकॉप्टर किराए पर लिया है. यह रेस्क्यू अभियान 15 अक्टूबर से 5 नवंबर तक 20 दिन तक चलेगा. शुरुआत में यह अभियान कालापीपल और शुजालपुर क्षेत्र में चलाया जाएगा. कालापीपल विधानसभा के चार स्थानों (इमलीखेड़ा, भानियाखेड़ी, डुंगलाय, उमरसिंघी, अरनिया काला) को पहले चरण के लिए चिन्हित किया गया है. हेलिकॉप्टर से हांका लगाकर (जानवरों को घेरकर) काले हिरण और नीलगाय को पकड़ा जाएगा.  पकड़े गए जानवरों को विशेष वाहनों से मंदसौर जिले स्थित गांधी सागर सेंचुरी में शिफ्ट किया जाएगा. पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ के अफसरों ने बताया कि यदि यह पायलट फेज सफल रहा, तो इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा. जनता से सहयोग की अपील BJP विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के समक्ष किसानों को हो रहे इस नुकसान का मुद्दा बार-बार उठाया था, जिसके बाद सरकार सक्रिय हुई और यह पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया. अब विधायक ने वन विभाग के साथ मिलकर ग्रामीणों से इस अभियान में सहयोग की अपील की है.  उन्होंने जनता से अपील की है कि जिन क्षेत्रों में हिरण और नीलगाय झुंड में हों, उसकी सूचना तत्काल रेस्क्यू टीम या गांव के सरपंच को दें, ताकि लोकेशन के आधार पर टीम अपनी तैयारी पूरी कर सके. यह काम सरपंचों को सौंपा गया है.

कानून की नजर में अधिकारी-कर्मचारी और आमजन सभी समान हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

कानून का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव कानून की नजर में अधिकारी-कर्मचारी और आमजन सभी समान हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिवनी प्रकरण में हुई कार्रवाई पर की मीडिया से चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। कानून की नजर में अधिकारी-कर्मचारी और आम जन सभी समान हैं और जो भी गलती करेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सिवनी प्रकरण में लिप्त पुलिस के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों पर कायमी होने के साथ-साथ उनके विरुद्ध कार्रवाई भी की गई है। राज्य सरकार कानून व्यवस्था के प्रति विशेष संवेदनशील है। प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिवनी हवाला मनी लूट मामले में दोषी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के विरूध एफआईआर दर्ज करने के संबंध में मंत्रालय में मीडिया से चर्चा में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों पर नागरिकों के हित और अधिकारों की सुरक्षा का दायित्व है, उनके द्वारा अमानत में खयानत निंदनीय और अक्षम्य है। जिन पर आम जन को लूट और अपराध से बचाने का दायित्व है यदि वे ही यह करने लगे तो अराजकता फैलेगी। सिवनी प्रकरण में दोषी पाए गए अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश में कानून सबके लिए बराबर है, यह भावना स्थापित करने के लिए यह कार्यवाही मिसाल बनेगी। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में हम आमजन की बेहतरी और कल्याण के लिए समर्पित हैं। बेहतर कार्य के लिए हम अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहन देंगे लेकिन कोई गलती करेगा तो उसे दण्डित किया जाएगा।  

मध्य प्रदेश की राजस्व वृद्धि पर GST का असर, वसूली में कमी से बजट अनुमान पर उठे सवाल

 भोपाल  प्रदेश को वर्ष 2025-26 में 2,90,879 करोड़ रुपये सभी माध्यमों से मिलने की उम्मीद थी लेकिन जीएसटी की दरों में किए गए सुधार से अनुमान गड़बड़ा सकता है। दरअसल, केंद्रीय करों में प्रदेश का हिस्सा 1,11,662 करोड़ रुपये का है लेकिन जीएसटी की नई दरों के कारण इसमें कमी संभावित है। जीएसटी में अभी प्रदेश को 17 हजार करोड़ रुपये मिले हैं। जबकि, राज्य के करों से 1.31 लाख करोड़ रुपये राजस्व मिलने के अनुमान के विरुद्ध अभी तक 54 हजार करोड़ रुपये ही खजाने में आए हैं। जल जीवन मिशन में भी भारत सरकार से राशि नहीं मिल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मंत्रालय में राजस्व से जुड़े विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की और अधिकारियों को लक्ष्य पूर्ति के लिए प्रयास करने के निर्देश दिए। प्रदेश सरकार ने 2025-26 के बजट में केंद्रीय करों में 17 और राज्य के करों में 11 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया है। जीएसटी से 32,705 करोड़ और राज्य के जीएसटी से 42,140 करोड़ रुपये मिलना अनुमानित है लेकिन अब यह आंकड़ा गड़बड़ा सकता है। सूत्रों का कहना है कि जीएसटी की नई दरों से प्रदेश को लगभग साढ़े आठ हजार करोड़ रुपये के राजस्व का घाटा हो सकता है। बैठक में प्रदेश को विभिन्न करों के माध्यम से प्राप्त हुए राजस्व, वित्तीय वर्ष की शेष अवधि की संभावना और लक्ष्य को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान बताया गया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत एकल नल जल योजना की लागत में हुई वृद्धि भारत सरकार ने देने से इन्कार कर दिया है। चूंकि, कार्य प्रारंभ हो चुका है इसलिए राज्य के बजट से लगभग तीन हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए गए हैं। अभी भी भारत सरकार से राशि नहीं मिल रही है, जिसके कारण वित्तीय प्रबंधन गड़बड़ा रहा है। अधिकारियों से कहा गया कि वे राजस्व प्राप्ति के लक्ष्य पर काम करें। साथ ही यह भी देखें कि कहां से अतिरिक्त राशि प्राप्त हो सकती है। भारत सरकार के स्तर पर जो मामले लंबित हैं, उन पर ध्यान दें।

CDS चौहान का बड़ा बयान: ‘आधुनिक युद्ध बदला रूप ले चुका है, भारत आतंकवाद को कभी स्वीकार नहीं करेगा’

ग्वालियर  ग्वालियर पहुंचे देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने कहा कि अब युद्ध की परिभाषा बदल चुकी है। अब भारत आतंक को कभी स्वीकार नहीं करेगा। पहले जीत का आधार यह होता था कि कितने सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया या कितने विमान गिराए गए, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर ने इन परंपरागत मानकों को गलत साबित किया है। आधुनिक युद्ध में जीत का नया आधार है स्थिरता और गति, एक साथ कई मोर्चों पर कार्रवाई की क्षमता, सभी ऑपरेशनों के संयोजन का प्रदर्शन, शुद्धता, सही टाइमिंग और नुकसान का सटीक मूल्यांकन। जनरल अनिल चौहान ग्वालियर के द सिंधिया स्कूल के 128वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। इस दौरान सीडीएस चौहान ने छात्रों को समझाते हुए कहा कि युद्ध किसी देश की नीति की निरंतरता है। सरकार नीति बनाती है और सेना उसका अमल करती है। यही सच्चे नेतृत्व का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से कहा कि यह अमृतकाल देश की किस्मत बदलने का समय है, और हर छात्र को अपने क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर देश निर्माण में योगदान देना चाहिए। इसके साथ ही, अपने संबोधन में जनरल चौहान ने लेफ्टिनेंट जनरल सिन्हा का एक उद्धरण साझा करते हुए राजनेता, नौकरशाह और सैनिकों के सोचने के तरीके को बेहद रोचक ढंग से समझाया। जब एक सैनिक ‘न’ कहता है तो उसका मतलब ‘न’ होता है- सीडीएस उन्होंने कहा, जब कोई राजनीतिज्ञ ‘हां’ कहता है तो उसका मतलब ‘शायद’ होता है, ‘शायद’ कहे तो ‘न’ होता है, और यदि ‘न’ कहे तो वह अच्छा राजनीतिज्ञ नहीं है। जब कोई नौकरशाह ‘न’ कहता है तो उसका मतलब ‘शायद’ होता है, ‘शायद’ कहे तो ‘हां’ होता है, और यदि वह शुरुआत में ही ‘हां’ कह दे तो वह नौकरशाह ही नहीं। लेकिन जब एक सैनिक ‘न’ कहता है तो उसका मतलब ‘न’ होता है, और जब वह ‘हां’ कहता है तो वह हर हाल में ‘हां’ पर कायम रहता है। अगर सैनिक ‘शायद’ कहे, तो वह सैनिक नहीं। उन्होंने कहा कि सेना की यही स्पष्टता और प्रतिबद्धता राष्ट्र की असली ताकत है। 'मेरे पूर्वज, महाराजा महादजी सिंधिया ने सेना का आधुनिकीकरण किया' वहीं, इस साल के माधव पुरस्कार विजेता भारत के विदेश सचिव विक्रम मिश्री को दिया गया। इस बीच केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि हमारे बीच सेना प्रमुख हैं, तो बताना चाहूंगा कि मेरे पूर्वज, महाराजा महादजी सिंधिया ने भारत की सेना का आधुनिकीकरण किया। हजारों सैनिकों को नवीनतम स्तर का प्रशिक्षण दिया और उस सेना को सबसे आधुनिक तोपखाने और हथियारों से सुसज्जित किया। हमारी सेना ने अफगान अहमद शाह अब्दाली को अफगानिस्तान में उसके घर में वापस धकेल दिया। 1771 में दिल्ली के लाल किले की प्राचीर पर झंडा फहराकर छत्रपति शिवाजी महाराज के हिंदू स्वराज के सपने को साकार किया और 1779 में महाराष्ट्र के वारगांव के युद्ध में निर्णायक जीत के साथ पहले आंग्ल-मराठा युद्ध में अंग्रेजों को धूल चटा द