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मध्यप्रदेश में मुआवजे की प्रक्रिया होगी आसान, क्रेडस डैशबोर्ड से मिलेगी बेहतर सुविधा

भोपाल   सड़क दुर्घटनाओं के पीडि़तों को मुआवजे में होने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए मप्र का 'क्लेमेन्ट रीइम्बर्समेंट एंड डिपॉजिट सिस्टम (क्रेडस) डैशबोर्ड लॉन्च कर दिया गया। यह देश का पहला डैशबोर्ड है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीश व कार्यकारी अध्यक्ष, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) जस्टिस सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट में इस पोर्टल का शुभारंभ किया। इसे मप्र न्यायपालिका के लिए विकसित किया है। अन्य राज्यों के लिए मॉडल बनेगा मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के लिए बना यह डैशबोर्ड अन्य राज्यों के लिए मॉडल बनेगा। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, पोर्टल न्याय को तेज व नागरिकों के लिए सुलभ बनाने की दिशा में सार्थक कदम है। स्वत: संज्ञान याचिका में सुप्रीम कोर्ट ने दिए थे निर्देश यह पहल सुप्रीम कोर्ट के स्वत: संज्ञान याचिका के आदेश 22 अप्रैल 25 के अनुपालन में एमपीहाईकोर्ट ने की। इसमें मोटर वाहन अधिनियम, 1988, कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम, 1923 के तहत मुआवजा राशि व विवरण अपलोड किए जाएंगे। पोर्टल पर मिलेगी ऐसी सुविधाएं -बीमा कंपनियों या जिम्मेदार पक्षों से ऑनलाइन मुआवजा जमा। – दावा करने वालों के बैंक खातों में सीधे धनराशि हस्तांतरण। – डैशबोर्ड पर वास्तविक समय में राशि-प्रकरण की स्थिति की जानकारी।

2 अक्टूबर तक मांस, मछली और अंडे की दुकानों पर प्रतिबंध, उमरिया से मैहर तक लागू आदेश

उमरिया  नवरात्रि की आज से शुरुआत हो गई है। नवरात्रि के पहले दिन से दो अक्टूबर तक मध्य प्रदेश के कई शहरों में मांस-मछली की बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा। उमरिया में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में 22 सितंबर से दो अक्टूबर तक मांस-मछली की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया है। वहीं, इस पर अंडा कारोबारियों ने एतराज जताया है। इसके साथ ही मैहर में भी बिक्री पर प्रतिबंध है। शहरी विकास अभिकरण के निर्देशानुसार नगर पालिका परिषद उमरिया क्षेत्राअंतर्गत समस्त अंडा, मांस, मछली, मटन विक्रेता 22 सितंबर 2025 नवदुर्गा स्थापना से लेकर विसर्जन दिनांक 2 अक्टूबर 2025 तक अंडा, मांस, मछली, मटन का विक्रय नहीं होगा। इसके साथ ही प्रतिष्ठानों को भी बंद रखा जाएगा। नवरात्रि की वजह से किया गया प्रतिबंधित विश्व हिन्दू परिषद के पूर्व जिला मंत्री ने कहा कि मैं पूर्ण रूप से सनातनी हूं। यह प्रस्ताव बिल्कुल स्वागत योग्य है। नौ दिनों तक भक्तिमय वातावरण बना रहता है, इस बीच यत्र-तत्र मांस मछली की दुकान लगी रहती हैं जो की पीड़ादायक होती है। त्यौहार और उपवास के समय में जहां ऐसी स्थिति देखने को मिलती है, वहां मन व्यथित हो जाता है। एक घृणा का भाव मन में उभरता और मन दुखी होता है, जिस तरह शांति समिति की बैठक में जो यह प्रस्ताव दिया गया है, स्वागत योग्य है। शांति समिति की बैठक के बाद फैसला उमरिया कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने बताया कि आगामी दुर्गा पूजा और दशहरे को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें जिले के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उनके द्वारा यह सुझाव दिया गया कि नवरात्रि के दौरान अंडे, मांस और मछली के विक्रय पर प्रतिबंध लगाया जाए। उनके सुझाव को प्रस्ताव में लिया गया है और उस पर परीक्षण कार्यवाही की जाएगी। वहीं, खुले रहने पर क्या कार्रवाई होगी, इस पर कहा कि निरीक्षण करवाएंगे। अंडा व्यापारियों ने जताया विरोध वहीं, इस मामले मे थोक अंडा व्यापारी अनिल कुमार ने विरोध जताते हुए कहा कि हमारे धंधे पर प्रभाव तो बहुत पड़ेगा। मुझे अंडे का काम करते हुए 38 वर्ष हो गए आज तक कभी प्रतिबंध नहीं लगा। मांस पर होता था, यह पहली बार हो रहा है। हमारे साथ कई लोगों का परिवार जुड़ा है। अब 9-10 दिन दुकान बंद रहेगी तो उनका परिवार कैसे चलेगा, वह लोग भी परेशान हैं। हम भी परेशान हैं कि हमारे पास जो माल पड़ा हुआ है, वह सब खराब होगा, जिला प्रशासन की तरफ से हम लोगों से किसी प्रकार की सहमति नहीं ली गई है। न ही अभी तक कोई यह कहने आया कि आप लोग अपनी दुकान बंद रखिएगा, इतना ही नहीं कोई भी यह पूछने वाला नहीं है कि आपके पास कितना माल रखा हुआ है कितना खराब होगा। गौरतलब है जिला प्रशासन और शांति समिति के इस निर्णय से अंडा, मांस, मछली कारोबारियों में काफी रोष देखने को मिल रहा है कि यह एकतरफा निर्णय ले लिया गया है, यदि ऐसा ही करना है तो शराब की दुकानों पर भी प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।

बनारस में निवेश की बड़ी पहल, एमपी सरकार रुद्राक्ष सेंटर में कराएगी इन्वेस्टर्स मीट

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नवंबर में वाराणसी में इन्वेस्टर्स मीट कराने का निर्णय लिया है। यह कार्यक्रम वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में होगा। इस सिलसिले में रामनगर इंडिस्ट्रयल एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल रीवा में सीएम मोहन यादव से मिला है। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों के साथ अलग-अलग वार्ता कर निवेश के बारे में जानकारी ली। उन्होंने सभी सुविधाओं के अतिरिक्त अन्य कोई भी आवश्यकता के लिए जिला कलेक्टर, औद्योगिक विकास आयुक्त मध्य प्रदेश एवं मुख्यमंत्री कार्यालय से सीधे संपर्क में रहने की बात कही। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने हनुमाना के पास स्थित औद्योगिक क्षेत्र को देखा।  इस दौरान मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निदेशक रीवा संभाग यूके तिवारी व पूरी टीम उपस्थित रही। प्रतिनिधिमंडल में एसोसिएशन के अध्यक्ष डीएस मिश्रा, महामंत्री राकेश जायसवाल, उपाध्यक्ष सुरेश पटेल, उपाध्यक्ष अरविंद अग्रवाल, उपाध्यक्ष संजय गुप्ता, प्रतिष्ठित उद्यमी प्रमोद चौरसिया, अंजनी अग्रवाल, पियूष अग्रवाल आदि शामिल थे। अयोध्या में राम मुस्कुराते हैं, तो मथुरा में कृष्ण क्यों नहीं? – मोहन यादव का सवाल भगवान राम अपने बाल रूप मे अयोध्या में विराज चुके हैं तो वहीं मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि को लेकर गाहे-बगाहे स्वर उठते रहते हैं। हिंदुओं का मत है कि भगवान राम की तरह मथुरा में भी भगवान कृष्ण का भव्य मंदिर बने,पर अभी यह मामला कोर्ट में है। इस बीच मथुरा पहुंचे मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने नया बयान दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि जब अयोध्या में भगवान राम मुस्कुरा रहे हैं, तो मथुरा में भगवान कृष्ण के मुस्कुराने में क्या गलत है। मुख्यमंत्री वृंदावन में थे। वह अपने कैबिनेट मंत्री राकेश शर्मा द्वारा 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता का जश्न मनाने और शहीदों को सम्मानित करने के लिए केशव धाम में आयोजित भागवत कथा के समापन समारोह में शामिल हुए थे। इस अवसर पर यादव ने कहा, "हमने अयोध्या में रामलला को मुस्कुराते हुए देखा है… जब रामलला मुस्कुरा रहे हैं, तो कृष्ण कन्हैया भी मुस्कुराएं तो इसमें क्या गलत है?" उन्होंने आगे कहा, "यह भी खुशी का एक कारण होना चाहिए। आवाज तो चारों दिशाओं से आ रही है।" किसी का नाम लिए बिना मोहन यादव ने कहा, "जो बहरे हैं, वे अपने कान ठीक कर लें, जिनकी आंखों में दिक्कत है, वे साफ-साफ देख लें। हम ज्यादा दूर नहीं हैं।" यह ध्यान देने योग्य है कि मथुरा में शाही ईदगाह मस्जिद-श्री कृष्ण जन्मभूमि मामले की सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट में चल रही है। हिंदू पक्ष शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने और जमीन वापस लेने की माँग कर रहा है, जबकि मुस्लिम पक्ष 1968 के समझौते और 1991 के पूजा स्थल अधिनियम (Places of Worship Act) का हवाला देते हुए मस्जिद की कानूनी वैधता का दावा कर रहा है। मोहन यादव ने इस मामले का सीधा जिक्र नहीं किया, लेकिन उनके बयानों को इस संदर्भ में देखा जा सकता है।

IMD का अलर्ट: 25 सितंबर से MP में आएगा नया मौसम सिस्टम, भारी बारिश के आसार

भोपाल  मध्य प्रदेश में अगले तीन दिन बादल छाने के साथ हल्की बारिश और बूंदाबांदी का दौर जारी रहेगा, लेकिन कहीं भी भारी बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि 25 सितंबर को एक नया वेदर सिस्टम एक्टिव होने जा रहा है, जिससे फिर तेज बारिश होने का अनुमान है।इसके बाद सितंबर अंत से मानसून की विदाई शुरू होगी।बता दे कि रविवार को भोपाल ,नर्मदापुरम, उज्जैन, मंडला, नरसिंहपुर समेत 15 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। 25 सितंबर को सक्रिय होगा नया वेदर सिस्टम     दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी रेखा , भटिंडा, फतेहाबाद, पिलानी, अजमेर, दीसा, भुज और से होकर गुजर रही है। अगले 24 घंटों के दौरान गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के कुछ और हिस्सों; एचपी और जेके के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल हैं। उत्तरी अंडमान सागर और उससे सटे म्यांमार तट पर ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण अब म्यांमार-दक्षिण बांग्लादेश तटों से सटे उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी पर बना हुआ है और औसत समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर तक विस्तृत है। इसके प्रभाव में अगले 24 घंटों के दौरान उत्तरी बंगाल की खाड़ी पर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।     25 सितंबर के आसपास पूर्व-मध्य और उससे सटे उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक और नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए, इसके 26 सितंबर के आसपास दक्षिण ओडिशा-उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों के पास उत्तर-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक अवदाब क्षेत्र बनने की प्रबल संभावना है। इसके 27 सितंबर के आसपास दक्षिण ओडिशा-उत्तरी एपी के तटों को पार करने की प्रबल संभावना है। उत्तर-पूर्वी बिहार और उससे सटे सिक्किम के ऊपर औसत समुद्र तल से 3.1 किमी ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। 1 जून से 21 सितंबर तक कहां कितनी हुई वर्षा सोना खरीदने की प्लानिंग है क्या ? ये है आज 22 सितंबर का 10 ग्राम का ताजा भाव, जानें अपने शहरों का सोमवार का 22-24 कैरेट का लेटेस्ट रेट     मध्य प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 21% अधिक वर्षा हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 16% और पश्चिमी मध्य प्रदेश 24% अधिक वर्षा हुई है। एमपी में अब तक 43 .8 इंच बारिश हो चुकी है, जो सीजन की 118 प्रतिशत है। अब तक 36.3 इंच बारिश होनी थी। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। पिछले मानसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी।     सबसे कम बारिश वाले जिलों में बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा खरगोन और शाजापुर शामिल हैं। ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है।भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया में बारिश का कोटा फुल हो चुका है।

हमीदिया अस्पताल में चमत्कार! डेढ़ साल के बच्चे की आंख से निकाला गया चार्जर पिन, सफल सर्जरी से बची दृष्टि

भोपाल  हमीदिया अस्पताल में रविवार को हरदा जिले से आए एक डेढ़ साल के बच्चे की आंख की सर्जरी कर उसे बचाया गया। बच्चे की आंख में खेल-खेल में मोबाइल चार्जर का पिन घुस गया, जिससे उसकी आंख का कार्निया क्षतिग्रस्त हो गया था। माता-पिता बच्चे को लेकर तत्काल स्थानीय अस्पताल पहुंचे। जहां से बच्चे की स्थिति को देखते हुए, उसे भोपाल रेफर कर दिया गया। उन्होंने शहर के तीन बड़े अस्पतालों के चक्कर लगाए, लेकिन सभी ने इमरजेंसी में सर्जरी करने से इनकार कर दिया। अंत में अभिभावक हमीदिया अस्पताल पहुंचे। इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में ड्यूटी डाक्टर ने बताया कि उन्होंने बच्चे की स्थिति को देखते हुए कार्निया स्पेशलिस्ट डा. भारती आहूजा को सूचना दी। उन्होंने बिना देरी किए विभाग में पहुंचकर तत्काल मरीज की जांच की। उसे भर्ती किया गया। इसके बाद सर्जरी की तैयारी शुरू कर दी गई। करीब छह घंटे में सभी व्यवस्थाएं हुईं, जिसके बाद मरीज की सफल सर्जरी कर उसकी आंख की रोशनी बचाई जा सकी। ऑपरेशन में देरी से रोशनी जाने का था खतरा कार्निया स्पेशलिस्ट डा. भारती आहूजा ने बताया कि बच्चे की जांच में कार्नियल टियर की समस्या देखने को मिली थी। इस स्थिति में सर्जरी देर से होने पर इंफेक्शन का खतरा रहता है, जो आगे चलकर किसी गंभीर परेशानी का कारण बन सकता था। बच्चा सिर्फ डेढ़ साल का है। ऐसे में उसकी सर्जरी के लिए जनरल एनेस्थीसिया देना पड़ा। हमने एनेस्थीसिया विभाग की टीम से मदद मांगी। उनके सहयोग से और नेत्र विभाग व इमरजेंसी विभाग के स्टाफ की मदद से बच्चे की आंख की सर्जरी 20 मिनट में पूरी की गई। बच्चे की आंख में फिलहाल पट्टी बंधी हुई है। दो दिन के बाद इसे खोला जाएगा, जिसके बाद आंखों की अंतिम जांच की जाएगी। रिपोर्ट सही आने के बाद बच्चे को जल्द ही डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।

हरित संदेश के साथ इंदौर ने मनाया नो कार डे, साइकिल पर निकले अधिकारी और जनप्रतिनिधि

इंदौर  क्लीन सिटी इंदौर में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहल करते हुए सोमवार को नगर निगम द्वारा नो कार डे का आह्वान किया गया है. लिहाजा आज शहर के पर्यावरण संरक्षण के लिए नागरिक और माननीय कार्य की जगह साइकिल से सफर करते नजर आएंगे. पिछले साल 22 सितंबर को भी इंदौर में नो कार डे मनाया गया था, जिसके फलस्वरूप शहर के पर्यावरण में 18 फीसदी तक सुधार हुआ था. कार फ्री जोन रहेगा इंदौर शहर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में लगातार नए आयाम स्थापित करने वाला इंदौर नगर निगम एक दिन वाहन को विराम देने के प्रयास के चलते प्रदूषण नियंत्रण को लेकर सक्रिय है. हर साल 22 सितंबर को शहर में नो कार मनाया जाता है. इस कड़ी में नगर निगम सोमवार 22 सितम्बर को 'नो कार डे इंदौर 2025' का आयोजन कर रहा है. इस अवसर पर गीता भवन से पलासिया तक का क्षेत्र पूरी तरह कार फ्री जोन रहेगा. आयोजन का उद्देश्य नागरिकों को निजी वाहनों की जगह पर्यावरण-मित्र साधनों जैसे साइकिल, सार्वजनिक परिवहन और पैदल चलने की ओर प्रेरित करना है.  नो कार डे के बारे में देते हुए महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया, "इस अभियान ने पिछले वर्षों में उल्लेखनीय सफलताएं दर्ज की हैं. साल 2023 में 80 हजार लीटर ईंधन की बचत और वायु गुणवत्ता सूचकांक में 18 प्रतिशत सुधार दर्ज किया गया था. उस समय शहर के सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने स्वयं कार का उपयोग न कर प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया था. इसके बाद साल 2024 में पेंटिंग प्रतियोगिता, मैस्कॉट लॉन्च और म्यूजिकल इवेंट्स के माध्यम से अभियान का विस्तार किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 1.50 लाख लीटर ईंधन की बचत और वायु गुणवत्ता में 38 प्रतिशत सुधार दर्ज हुआ. इन उपलब्धियों ने नो कार डे को अब अभियान बना दिया है." नो कार डे पर साइक्लोथॉन का आयोजन इस साल कार्यक्रम को और प्रभावशाली बनाने की तैयारी की गई है. 21 सितम्बर की शाम 56 दुकान क्षेत्र में संगीत संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें अधिकारी और ट्रैफिक हीरोज ने नागरिकों से नो कार डे को सफल बनाने का आह्वान किया. सोमवार 22 सितंबर की सुबह पलासिया से राजवाड़ा होते हुए वापस पलासिया तक साइक्लोथॉन का आयोजन किया गया है, जिसमें अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक भाग ले रहे हैं. इसी दिन गीता भवन से पलासिया रोड तक लाइव पेंटिंग प्रतियोगिता और विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां भी होंगी. महापौर की शहर वासियों से अपील महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नागरिकों से अपील की है कि "वे 22 सितम्बर को कार का उपयोग न करें और स्वच्छ, प्रदूषण मुक्त इंदौर बनाने के इस जन आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाएं. उन्होंने कहा कि "इस अभियान में सभी की उपस्थिति और सहयोग ही आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वायु और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित कर सकता है." सभी कर रहे हैं साइकिल का उपयोग शहर में महापौर सुबह अपने सहयोगियों के साथ साइकिल पर सवार होकर सचिवालय से निकले और पलासिया पहुंचे. इसी प्रकार हाई कोर्ट के जस्टिस रूसिया सहित अन्य न्यायाधीश साइकिल पर सवार होकर हाई कोर्ट के लिए निकलेंगे. इधर पुलिस कमिश्नर, निगम आयुक्त जिला कलेक्टर सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि भी सोमवार को कार के स्थान पर साइकिल का उपयोग करते नजर आएंगे.

नए साल से पहले रेलवे अलर्ट: मध्यप्रदेश की 5 ट्रेनें रद्द, 18 की होगी रूट बदल, जानें पूरी लिस्ट

ग्वालियर पुराने साल की विदाई और नए साल के स्वागत को लेकर सैर-सपाटे की योजना बनाने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ने जा रही हैं। वीरंगना लक्ष्मीबाई झांसी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म तीन पर वाशेबल एप्रन हटाकर गिट्टी रहित पटरी बिछाने का काम होने के कारण डेढ़ माह तक कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। 25 नवंबर से आठ जनवरी के बीच ग्वालियर होकर चलने वाली पांच जोड़ों ट्रेनों को रेलवे ने रद्द (Cancelled Train in MP) किया है, जबकि कई ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से संचालित किया जाएगा। कुछ ट्रेनों के शुरूआत और समाप्ति स्टेशन में बदलाव इसमें कई ट्रेनें ग्वालियर स्टेशन से ही झांसी के बजाय शिवपुरी-गुना होते हुए बीना तक संचालित की जाएंगी, वहीं झांसी होकर कानपुर के बीच चलने वाली कई ट्रेनों को इटावा-भिंड होकर ग्वालियर लाया जाएगा। इसके साथ ही कुछ ट्रेनों के शुरूआत और समाप्ति स्टेशन में बदलाव भी किया गया है।   ये ट्रेनें रहेंगी रद्द – ट्रेन क्रमांक 11901-11902 वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-आगरा कैंट एक्सप्रेस 25 नवंबर से लेकर नौ जनवरी तक रद्द रहेगी। – ट्रेन क्रमांक 11903-11904 वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-इटावा एक्सप्रेस 25 नवंबर से नौ जनवरी तक रद्द रहेगी। – ट्रेन क्रमांक 05073-05074 बेंगलुरु सिटी-लालकुआं साप्ताहिक ट्रेन को 29 नवंबर से छह जनवरी तक रद्द किया गया है। – ट्रेन क्रमांक 07363-07364 योगनगरी ऋषिकेश-हुबली साप्ताहिक ट्रेन 27 नवंबबर से पांच जनवरी तक रद्द रहेगी। – ट्रेन क्रमांक 06597-06598 योगनगरी ऋषिकेश-यशवंतपुर को 27 नवंबर से एक जनवरी तक रद्द किया गया है। परिवर्तित मार्ग से चलेंगी ये ट्रेनें – ट्रेन क्रमांक 22456 कालका-साईनगर शिरडी एक्सप्रेस को 27 नवंबर से चार जनवरी तक मथुरा-बयाना-सागरिया-रूठियाई-बीना होकर चलाया जाएगा। – ट्रेन क्रमांक 16318 श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा-कन्याकुमारी एक्सप्रेस 24 नवंबर से पांच जनवरी तक मथुरा-बयाना-सागरिया-रूठियाई-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 20494 चंडीगढ़-मदुरै एक्सप्रेस 28 नवंबर से पांच जनवरी तक मथुरा-बयाना-सागरिया-रूठियाई-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 16032 श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा-चेन्नई सेंट्रल 25 नवंबर से छह जनवरी तक मथुरा-बयाना-सागरिया-रूठियाई-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 16788 श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा-तिरुनेलवेली एक्सप्रेस 27 नवंबर से एक जनवरी तक मथुरा-बयाना-सागरिया-रूठियाई-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 14314 बरेली-लोकमान्य तिलक टर्मिनस 29 नवंबर से तीन जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – इसी प्रकार ट्रेन क्रमांक 14320 बरेली-इंदौर एक्सप्रेस 26 नवंबर से सात जनवरी तक तक अपने बदले हुए मार्ग ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 12162 आगरा कैंट-एलटीटी लश्कर एक्सप्रेस 29 नवंबर से तीन जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 22706 जम्मूतवी-तिरुपति 28 नवंबर से दो जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 12752 जम्मूतवी-नांदेड़ 30 नवंबर से चार जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 22408 हजरत निजामुद्दीन-अंबिकापुर एक्सप्रेस 25 नवंबर से छह जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 11078 जम्मूतवी-पुणे झेलम एक्सप्रेस 24 नवंबर से सात जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 09466 दरभंगा-अहमदाबाद एक्सप्रेस एक दिसंबर से पांच जनवरी तक बदले हुए मार्ग कानपुर से इटावा-ग्वालियर-गुना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 09465 अहमदाबाद-दरभंगा एक्सप्रेस 28 नवंबर से दो जनवरी तक कानपुर-इटावा-ग्वालियर-गुना के रास्ते चलेगी।

स्वदेशी वस्तुओं की खरीदी करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जीएसटी की दरों में कटौती के बारे में व्यापारियों को देंगे जानकारी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार (22 सितंबर को) भोपाल के ऐतिहासिक 'चौक बाजार में' नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी के प्रचार अभियान में शामिल होंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर 2:30 बजे भवानी मंदिर, सोमवारा चौक पर होगा, जहां मुख्यमंत्री डॉ. यादव के जीएसटी प्रचार अभियान का स्वागत किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शारदीय नवरात्र की घट स्थापना अवसर पर यहां कर्फ़्यू वाली माता मंदिर में दर्शन-पूजन कर शुभाशीष प्राप्त करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव चौक बाजार में ही पुलिस चौकी से दीपाली साड़ी प्रतिष्ठान तक पैदल भ्रमण करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री बाजार में खरीददारी करने आये ग्राहकों और व्यापारियों से जीएसटी के बारे में चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव व्यापारियों को जीएसटी रेजोल्यूशन की प्रतियां वितरित करेंगे और व्यापारियों को समझाइश देकर जीएसटी को लेकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रचार अभियान के दौरान स्वदेशी हैंडलूम्स और खादी कपड़े से बने परिधानों की खरीददारी करेंगे। साथ ही विभिन्न भुगतान माध्यमों के बारे में जानकारी देकर आमजन को डिजिटल पेमेंट प्रणाली अपनाने का संदेश भी देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अपरान्ह 3 बजे श्री मोतीलाल मन्नूलाल धर्मशाला पहुंचेंगे, जहां वे व्यापारिक, वाणिज्यिक एवं सामाजिक संगठनों के करीब 300 प्रतिनिधियों से रूबरू होकर संवाद करेंगे। संवाद के दौरान केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी की दरों में कटौती किए जाने से क्रेता-विक्रेता को होने वाले लाभों की जानकारी दी जायेगी।  

स्व का जागरण: मातृशक्ति ने दिया आत्मविश्वास और सफलता

ग्वालियर  ग्वालियर में मातृशक्ति में स्व का भाव जगाने के लिए संकल्प से सिद्धी का मूल ध्येय सिद्ध किया है महिलाओं के समूह स्वयं सिद्धा ने। यह संस्था महिलाओं में सांस्कृतिक संवर्द्धन और आंतरिक गुणों की पहचान कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रहा हैं। कोरोना काल में आपदा में अवसर तलाशने के लिए यह संस्था अस्तिव में आई। वर्तमान में संस्था से जुड़कर 350 महिलाएं समाज के नवसृजन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहीं हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह संस्था महिलाओं को स्वयं के उत्पाद निर्मित करने में मदद करने के साथ ही उन्हें बाजार भी उपलब्ध कराती है। इसके बदले में संस्था महिला सदस्यों से कोई कमीशन नही लेती है। इसलिए उत्पादन से लेकर मुनाफे तक सदस्यों का पूर्ण अधिकार होता है। आज समूह की सदस्य आस्ट्रेलिया, जापान, दुबई, इटली,जर्मनी व अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों के बीच अपने उत्पाद पहुंचा रही हैं। इन महिलाओं द्वारा निर्मित महाराष्ट्रीयन, गुजराती, पंजाबी व्यंजनों के साथ-साथ हस्तशिल्प उत्पाद इन देशों में काफी पसंद किए जा रहे हैं। स्वयं सिद्धा संस्था की सूत्रधार महिमा तारे ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल में समाज घोर निराशा और हताशा का वातावरण निर्मित था। उस समय नया काम करने की कल्पना करना भी असंभव प्रतीत हो रहा था, क्योंकि बाजार बंद था, नौकरियों पर घनघोर काले बादल छाए हुए थे। कई परिवारों में दो वक्त की रोटी की व्यवस्था करना चुनौती पूर्ण था। जीवन का सरकार पर आश्रित होकर चलना मुश्किल था। ऐसे माहौल में महिलाओं को घर की दहलीज लांघकर स्वयं को सिद्ध करने का संकल्प भी डरावना सा लग रहा था। साहस और हिम्मत के साथ पहला पग किसी तरह से आगे बढ़ाया। श्रीमती तारे कहती हैं कि संस्था का उद्देश्य केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना ही नही हैं, उनका व्यक्तित्व विकास और उनके सपनों को साकार करना मूलध्येय है। आंवले के उत्पादों से की शुरुआत संस्था की महिला सदस्यों को ग्वालियर के राजामाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में आंवले की प्रोसेसिंग कर इसके उत्पाद बनाने का अवसर मिला। सदस्यों को यहां आंवले की धुलाई, छंटाई, कटाई, और फिर विभिन्न तरीकों से गूदा, रस या पाउडर तैयार करने का प्रशिक्षण मिला। इससे उन्होंने आंवला कैंडी, अचार, च्यवनप्राश, जूस, या कास्मेटिक उत्पाद बनाना सीखा इसके साथ सभी सदस्यों को उत्पादों के मानकीकरण और पाश्चुरीकरण का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशासन से मिला आर्डर रद हो गया महिमा तारे बताती हैं कि दीपावली से पहले का समय था। पहला आर्डर जिला प्रशासन से स्वल्पहार का मिला। हम लोग उत्साहित थे। प्रत्येक महिला ने 10-10 किलो की मात्रा में व्यंजन तैयार किये। अचानक कोरोना गाइड लाइन के कारण प्रशासन ने आर्डर यह कहकर रद कर दिया कि केवल पैकेज्ड फूड लेने की अनुमति हैं। सभी महिलाएं निराश होकर सारा सामान मेरे घर पर रख गईं। बैजाताल पर स्टाल लगाकर इन व्यंजनों को बेचने का प्रयास किया, पूरे दिन बैठने के बाद कोई सामान नही बिका। निराशा के बीच आशा की किरण दीपावली के रूप में सामने आई और यह सामान हाथों-हाथों बिक गया। महिलाओं को मना करना पड़ा कि दीदी अब कोई आर्डर मत लेना। ऋतुओं के अनुसार तैयार करती है उत्पाद संस्था से जुड़ी महिलाओं के पास पूरे माह कार्य रहता है, क्योंकि महिला सदस्य ऋतुओं के अनुसार उत्पाद तैयार करती हैं, जिससे उनका माल हाथों-हाथों बिक जाता है। महिलाएं अचार, पापड़ नियमित तौर करती हैं। त्योहारों, होली, दीपावली, रक्षाबंधन, नवरात्र पर परंपरागत पकवान बाखरबड़ी, खमण-ढोकला, गुजिया, मठरी, नमकीन, पूरनपोली, गुड की रोटी बनाती हैं। व्यजनों का निर्माण सभी बहनें एक ही रसोई में एक दूसरे का हाथ बांटते हुए करती हैं।  

जबलपुर-रायपुर कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा, 150 किमी फोरलेन सड़क का निर्माण जल्द

जबलपुर जबलपुर से रायपुर की सड़क की दशा जल्द बदलेगी। इस सड़क के कुछ हिस्से पर वाहन चालक चलने से घबराते हैं। इस सड़क को अब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण फोरलेन बनाने जा रहा है। सड़क की न सिर्फ चौड़ाई बढ़ेगी बल्कि नए तरह से निर्माण किया जाएगा। जबलपुर से चिल्पी तक करीब 150 किलोमीटर के हिस्से का निर्माण एनएचएआइ करेगा। इस मार्ग के निर्माण में 4500 करोड़ का व्यय होगा। फिलहाल सडक निर्माण के लिए कंसल्टेंसी नियुक्त करने का प्रयास हो रहा है ताकि इसकी डिटेल प्रोजेक्ट बनाकर केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजा जा सके। सब कुछ ठीक रहा तो यह सड़क जो अभी एमपी रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन (एमपीएसईडीसी) के पास है, इसे वापस एनएचएआइ सड़क का हस्तातंरण करेगा। वन्य जीवों के लिए सुरक्षित मार्ग जबलपुर से चिल्पी के बीच मंडला क्षेत्र में आने वाला कान्हा नेशनल पार्क का कोर एरिया आता है। जहां वन्यजीवों की घनी आबादी विचरण करती है। ऐसे में एनएचएआई मार्ग में जगह-जगह अंडरपास और ओवर ब्रिज का निर्माण करेंगा ताकि वाहन निकलने से वन्य जीवों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो। कई जगह साउंड प्रूफ उपकरण भी लगाए जाएंगे जिससे बंदरों और अन्य जीवों को वाहनों की आवाजाही खलल न पैदा करें। बता दें करीब 25 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर की लागत आ रही है। फोरलेन बनने से बढ़ेगी रफ्तार फिलहाल राष्ट्रीय राजमार्ग 30 जबलपुर से रायपुर के बीच दो लेन है। इस वजह से वाहनों की आवाजाही में थोड़ी परेशानी होती है। मौसम खराब होने पर वाहनों की लंबी कतार सड़क पर लग जाती है। आवागमन भी बाधित होता है। यहां कुछ जगह लैंड स्लाइडिंग की भी समस्या बनी हुई है इसके लिए लगातार एमपीआरडीसी को शिकायत होती है लेकिन वहां से कोई भी राहत नहीं मिल पा रही है। एमपीआरडीसी द्वारा इस सड़क का निर्माण गुणवत्ताहीन तरीके से कराया जा रहा था। वर्षों से यह सड़क बेहद खराब स्थिति में है जिससे आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब इस सड़क को सरकार फोरलेन में तब्दील होगी तो बड़े स्तर पर राहत मिलने की संभावना है। इस सड़क के लिए गडकरी ने मांगी थी माफी जबलपुर मंडला की यह वही सड़क है जिसके लिए केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को सड़क की खराब गुणवत्ता के लिए सार्वजनिक माफी मांगनी पड़ी थी। गडकरी 2022 में मध्य प्रदेश दौरे पर आए थे। तब उन्होंने मध्य प्रदेश को छत्तीसगढ़ से जोड़ने वाले नेशनल हाईवे की इस बदहाल सड़क को देखा। उन्होंने शर्मिंदगी महसूस की। सड़क की स्थिति को देखते हुए मंच से ही माफी मांगी थी। इस दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव भी मौजूद थे। केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने ये बयान सात नवंबर 2022 को मध्य प्रदेश के मंडला में दिया था। गडकरी ने जबलपुर से मंडला के बीच नेशनल हाईवे के टेंडर रद्द कर सड़क के इस हिस्से को फिर से बनवाने के निर्देश दिए थे। बाद में इस मार्ग को सुधारने के लिए 53 करोड़ रुपये की लागत से सुधार का काम हुआ था। 2015 में शुरू हुआ था निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 251 करोड़ की लागत से जबलपुर से मंडला के बीच इस राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन को निर्माण एजेंसी बनाया था। तीन फेस में बनने वाली इस सड़क का काम साल 2015 में शुरू हुआ था, जिसे दिसंबर 2016 तक पूरा हो जाना था। लेकिन, अब तक हाईवे का निर्माण अधूरा है और जहां हाईवे बना वो घटिया निर्माण से टूट-फूट का शिकार है।