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परिवहन, विभाग राजस्व बढ़ाने निगरानी प्रणाली को करें और अधिक मजबूत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सड़क दुर्घटना पर रोक लगाने के लिए अंतरविभागीय बैठक हो नियमित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव परिवहन, विभाग राजस्व बढ़ाने निगरानी प्रणाली को करें और अधिक मजबूत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव सड़क हादसों पर लगेगा ब्रेक, CM डॉ. यादव ने दिए नियमित अंतरविभागीय बैठक के निर्देश बस स्टॉप पर यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं देने पर दें ध्यान मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा इंदौर से होगी शुरू मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवहन विभाग की बैठक में दिए निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में सड़क दुर्घटना पर रोक लगाने के लिए अंतरविभागीय बैठक नियमित रूप से हो। सड़कों पर सुरक्षा से जुड़ी कमियां पाए जाने पर उन्हें तत्काल दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सड़क पर बने बस स्टॉप पर नागरिकों को साफ-सफाई के साथ आवश्यक सुविधाएं मिलें। परिवहन विभाग की राजस्व संग्रह निगरानी प्रणाली को और मजबूत किए जाने के निर्देश भी दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में हुई परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए। मुख्य सचिव अनुराग जैन भी मौजूद थे।  मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा जल्द हो शुरू, मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने दिए निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा इंदौर से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परिवहन सेवा में यात्रियों की सुविधाओं और किफायती किराये पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परिवहन सेवा में इलेक्ट्रिकल व्हीकल और उससे जुड़े अधोसंरचना के कार्य को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि परिवहन सेवा के लिए बनाए गए नियमों का सख्ती से पालन हो, यह सुनिश्चित किया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शीघ्र प्रारंभ की जा रही है। इसकी शुरूआत बसों की आवाजाही के प्रदेश के सबसे बड़े केंद्र इंदौर नगर से होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बसों में शहरों एवं गांवों के नाम फ्रंट ग्लास पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किए जाएं। साथ ही बस स्टॉप पर भी गांव और नगरों के नाम अनिवार्य रूप से लिखवाए जाएं। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए वाहनों की गति सीमा पर नियंत्रण किया जाना बेहद जरूरी है। इसी के साथ गाड़ी चलाने वाले व्यक्ति के पास आवश्यक कागजों की वैधता की जांच भी नियमित हो। परिवहन विभाग में बेहतर प्रबंधन के लिए अधिकारी-कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर भी जोर दिया। परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि विभाग के आधुनिकीकरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। परिवहन अमले को उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। नशे की हालत मं  गाड़ी चलाने वाले ड्राइवरों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाही की जा रही है। परिवहन से प्रदेश में बढ़ा है 6 प्रतिशत राजस्व बैठक में बताया गया कि इस वर्ष 16 लाख 60 हजार वाहनों का पंजीयन किया गया है। इसमें 2 लाख 58 हजार से अधिक इलेक्ट्रिकल व्हीकल का पंजीयन किया गया है। प्रदेश में ऑन रोड वाहनों की संख्या एक करोड़ 80 लाख के करीब है। परिवहन से प्राप्त होने वाली राजस्व आय में लगातार वृद्धि हो रही है। वर्ष 2024-25 में 4 हजार 874 करोड़ रुपए की राजस्व आय हुई है। इसमें पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बैठक में राजस्व वृद्धि के किए जाने वाले उपायों पर भी चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि राजस्व संग्रह में विशेष तौर पर चालान से प्राप्त की जाने वाली राशि के अधिकार प्रधान आरक्षक को सौंपे जाने की भी अधिसूचना शीघ्र जारी की जाएगी। बैठक में कैश लेस उपचार योजना, राहवीर योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को मिले इसके लिए नागरिकों में जागरूकता अभियान चलाने संबंध में भी चर्चा हुई। बैठक में प्रदूषण नियंत्रण के लिए विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी गई। परिवहन सचिव मनीष सिंह ने बताया कि उज्जैन जिले में सार्वजनिक बस संचालन का विस्तृत सर्वे पूरा कर लिया गया है। जबलपुर और इंदौर में रूट सर्वे और श्रेणीवार संचालित बसों की संख्या का अनुमान और आवश्यक सर्वे भी लगभग पूरा किया जा चुका है। बैठक में बताया गया कि 6 बिंदुओं पर प्राथमिकता पूर्वक ध्यान दिया जा रहा है। इनमें संस्थागत व्यवस्था एवं स्टॉफ, नियम एवं करों में संशोधन, रूट सर्वे एवं स्कीम की अधिसूचना, आईटी प्लेटफार्म एवं एजेंसी का चयन, परिवहन अधोसंरचना की योजना और ऑपरेटर से चर्चा एवं कैपेसिटी बिल्डिंग पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। बैठक में परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा एवं विभागीय अधिकारी मौजूद थे।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश     बसों के संचालन में और यात्रियों को बेहतर सेवाएं देने नई तकनीक का प्रयोग करें।     बसों के साथ ही बस स्टैंड और बस स्टॉप पर स्वच्छता रहे। वातावरण सुविधाजनक हो।     यात्री बसों का बीमा अनिवार्य हो। सभी कार्य नियमों के अंतर्गत हों, पारदर्शिता रहे।     दिव्यांग यात्रियों का विशेष ध्यान रखा जाए।     बसें फिट हों, स्टॉफ का व्यवहार अच्छा हो।     अप-डाउनर्स को भी आवश्यक सुविधाएं दी जाएं।     बड़े शहरों की तरह कस्बों, गांवों के नाम मार्ग के किनारे बोर्ड पर अंकित किए जाएं।  

एमपी एग्रो अनुत्पादन व्यय नियंत्रित करें : एसीएस राजन

भोपाल  उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि द एमपी स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड नये कार्य क्षेत्र विकसित कर आय वृद्धि के प्रयास करे। उन्होंने यह निर्देश एमपी स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कार्पोरेशन के संचालक मंडल की 200वीं बैठक में दिये। बैठक में अपर मुख्य सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण अनुपम राजन, आयुक्त उद्यानिकी श्रीमती प्रीति मैथिल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री कुशवाह ने कहा कि एमपी एग्रो राज्य शासन के कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के लिये कार्य करने वाली महत्वपूर्ण एजेन्सी है। उद्यानिकी विभाग द्वारा अनेक योजनाओं के लिये एमपी एग्रो को नोडल एजेन्सी बनाया गया है। इसके काम में तेजी लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी विभाग द्वारा राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के माध्यम से कलस्टर विकसित करने की जिम्मेदारी भी एमपी एग्रो को दी गई है। यह काम समय-सीमा में किये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नर्मदापुरम जिला स्थित बाबई कृषि फार्म की आय वृद्धि के लिये विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाये। फार्म स्थित मशीनरी और उपकरणों के उपयोग के लिये विशेष एजेन्सी की सेवाएँ ली जा सकती है। अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने कहा कि एमपी एग्रो अनुउत्पादन व्ययों को नियंत्रित करें। उन्होंने कहा कि परम्परागत प्रक्रिया के स्थान पर एग्रो विशेष एजेन्सियों की सेवाएँ लेकर बेहतर प्रोजेक्ट तैयार करें। उन्होंने कहा कि एग्रो लिमिटेड को अपनी टेण्डर प्रक्रिया में गति लाने की आवश्यकता है इससे समयानुसार योजनाओं का लाभ किसानों को मिल सकेगा। आयुक्त उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण श्रीमती प्रीति मैथिल ने कहा‍कि एमपी एग्रो को व्यवसाय वृद्धि के लिये ड्रोन टेक्नोलॉजी, एग्रीपीवी कृषि जैसे क्षेत्रों में नवीन प्रयोग करने की आवश्कता है। उन्होंने एग्रो द्वारा टेण्डर प्रक्रिया की समय-सीमा में सुधार कराये जाने का सुझाव भी दिये। प्रबंध संचालक अरविंद दुबे ने बताया कि एमपी एग्रो ने इस वर्ष 2025-26 में लिक्विड बायो फर्टिलाइजर उत्पादन का लक्ष्य एक लाख 25 हजार लीटर रखा है। इसमें एक करोड़ लाख 96 लाख रूपये की सकल आय अनुमानित है। 2024-25 में निगम को 2470 बायो गैस संयंत्र का लक्ष्य के विरूद्ध 1840 संयंत्रों का निर्माण कराया गया है। बैठक में निगम के अधिकारी-कर्मचारियों के वेतन भत्तो से संबंधित प्रस्ताव भी पारित किये गये।  

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता प्रशिक्षकों को मंत्री टेटवाल ने दी शुभकामनाएं

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता प्रशिक्षकों को मंत्री टेटवाल ने दी शुभकामनाएं मंत्री टेटवाल का सम्मान, राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त प्रशिक्षकों को दी बधाई कौशल विकास के प्रशिक्षकों ने बढ़ाया मध्यप्रदेश का मान भोपाल कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2025 से सम्मानित प्रशिक्षण अधिकारी प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। राज्यमंत्री टेटवाल ने तीनों प्रशिक्षकों से मिलकर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। राज्यमंत्री टेटवाल ने कहा कि यह उपलब्धि प्रशिक्षकों की प्रतिबद्धता, नवाचार और मेहनत का परिणाम है। राज्यमंत्री टेटवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार का संकल्प युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान करना है, ताकि वे वर्तमान के प्रतिर्स्धात्मक वातावरण के अनुकूल स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन प्रयासों की बड़ी उपलब्धि है और आने वाले समय में विभाग को और अधिक नवाचार करने की प्रेरणा देगा। यह गौरव पूरे प्रदेश और विभाग के लिए गर्व का क्षण है, जो यह दर्शाता है कि मध्यप्रदेश कौशल विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानक स्थापित कर रहा है। राष्ट्रपति ने किया था पुरस्कृत शिक्षक दिवस 5 सितम्बर को राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु ने प्रदेश के तीन प्रशिक्षण अधिकारियों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान किया था। शासकीय संभागीय आईटीआई, भोपाल के प्रशिक्षण अधिकारी (ट्रेड रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग) राजेंद्र मालवीया को यह पुरस्कार उनकी नवाचारी पद्धतियों और व्यावहारिक प्रशिक्षण की दिशा में किए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए मिला। उन्होंने प्रशिक्षार्थियों को स्वरोजगार और उद्यमिता की राह दिखाई। उनके प्रशिक्षार्थियों ने स्वयं व्यवसाय स्थापित कर लाखों रूपये का रोजगार उत्पन्न किया और अनेक विद्यार्थियों ने अंतरराष्ट्रीय अवसर प्राप्त कर प्रदेश का नाम रोशन किया। शासकीय संभागीय आईटीआई, भोपाल के प्रशिक्षण अधिकारी (ट्रेड मैकेनिक डीजल) प्रशांत दीक्षित ने विद्यार्थियों के लिए नई तकनीकें विकसित करने और ई-कंटेंट निर्माण में उल्लेखनीय योगदान दिया। कोविड-19 महामारी के दौरान उनके डिजिटल कंटेंट से देशभर के लाखों आईटीआई विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला। उनकी इस पहल ने कौशल शिक्षा को तकनीकी रूप से मजबूत आधार प्रदान किया। शासकीय संभागीय आईटीआई, भोपाल के प्रशिक्षण अधिकारी (ट्रेड कोपा दृष्टिबाधित) श्रीमती प्रेमलता रहांगडाले ने दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रयास किए। उन्होंने उन्हें कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाने में सफलता पाई। उनके प्रशिक्षार्थी समाज में गरिमापूर्ण पहचान बना रहे हैं और विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्राप्त कर रहे हैं। मध्यप्रदेश की यह उपलब्धि निरंतर बनी हुई है। वर्ष 2024 में भी प्रदेश के दो प्रशिक्षण अधिकारियों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान किया गया था। यह साबित करता है कि कौशल विकास विभाग लगातार गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और नवाचार का नया मानक स्थापित कर रहा है। राज्यमंत्री टेटवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार और रोजगार से सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदेश की इस दिशा में हो रहे प्रयासों की पुष्टि है और आने वाले समय में और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा भी है।  

किसानों के लिए खुशखबरी: बीज संघ ने शुरू किया उच्च गुणवत्ता वाले हाइब्रिड बीजों का उत्पादन

मंत्री सारंग की अध्यक्षता में सहकारी बीज उत्पादक-विपणन संघ की बैठक भोपाल  सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बीज उत्पादक एवं विपणन संघ मर्यादित के संचालक मंडल की बैठक की। बैठक में वर्ष 2025-26 के लिए संघ द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के दौरान प्रजनक बीज उठाव एवं वितरण, आधार एवं प्रमाणित बीज के उत्पादन और विपणन की वर्तमान स्थिति तथा आगामी लक्ष्यों की समीक्षा की गई। मंत्री सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की वास्तविक मांग के अनुरूप बीजों का उत्पादन बढ़ाया जाए। उन्होंने विशेष रूप से जोर दिया कि जिन बीजों एवं ब्रांड की अधिक मांग है, उनके उत्पादन एवं आपूर्ति पर प्राथमिकता के साथ कार्य किया जाए। मंत्री सारंग ने कहा कि ‘एमपी चीता’ ब्रांड को एक सशक्त मार्केटिंग रणनीति के साथ राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित किया जाए, जिससे यह किसानों के बीच एक भरोसेमंद और गुणवत्तापूर्ण ब्रांड के रूप में स्थापित हो सके। उन्होंने कहा कि चिन्हित फसलों और बीजों पर फोकस करते हुए, हॉटिकल्चर (बागवानी) फसलों को भी बढ़ावा देने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं। बैठक में बताया गया कि बीज संघ ने किसानों की उत्पादकता और लाभप्रदता बढ़ाने के उद्देश्य से उच्च गुणवत्ता वाले हाइब्रिड बीजों का उत्पादन प्रारंभ कर दिया है। इन बीजों से बेहतर पैदावार, रोग प्रतिरोधक क्षमता तथा गुणवत्तापूर्ण फसल प्राप्त होगी। मंत्री सारंग ने इस पहल को कृषि क्षेत्र में बड़ा कदम बताते हुए इसे व्यापक स्तर पर प्रचारित करने के निर्देश दिए। बैठक में यह भी बताया गया कि बीज उत्पादन एवं गुणवत्ता सुधार के लिए किसानों और तकनीकी कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मंत्री सारंग ने निर्देश दिये है कि रिसर्च एवं डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान दिया जाए और इसके लिए आवश्यकतानुसार मैन पावर भी बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि बीज उत्पादन एवं गुणवत्ता संवर्धन के लिए एक दिवसीय सेमिनार आयोजित किया जाए, जिसमें विश्वविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों, अनुसंधान संस्थानों तथा कृषि विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाए। इससे बीजों की ब्रांड वैल्यू और गुणवत्ता सुधार के नए आयाम जुड़ सकेंगे। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त अशोक वर्णवाल, प्रमुख सचिव सहकारिता डीपी आहूजा, कृषि सचिव निशांत वरवड़े, आयुक्त सहकारिता मनोज पुष्प, प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक मनोज गुप्ता, बीज संघ के प्रबंध संचालक महेंद्र दीक्षित सहित सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं संघ के संचालक मंडल के सदस्य उपस्थित रहे।  

हॉकी एशिया कप जीत पर मंत्री सारंग ने विवेक सागर का किया सम्मान

भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को तात्या टोपे स्टेडियम, भोपाल में मध्यप्रदेश के अंतर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी विवेक सागर को सम्मानित किया। विवेक सागर ने हाल ही में राजगीर (बिहार) में आयोजित हॉकी एशिया कप-2025 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम को विजय दिलाने में अहम भूमिका निभाई, साथ ही पूरे टूर्नामेंट में अपने खेल कौशल और नेतृत्व क्षमता का परिचय भी दिया। मंत्री सारंग ने कहा कि विवेक सागर जैसे खिलाड़ियों के कारण मध्यप्रदेश की खेल पहचान पूरे देश ही नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हो रही है। उन्होंने कहा कि राजगीर में आयोजित फाइनल मुकाबले सहित पूरे टूर्नामेंट में विवेक सागर का प्रदर्शन सर्वोच्च रहा। उन्होंने अपने जज्बे और संघर्ष से भारत को गौरवान्वित किया है। यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि मध्यप्रदेश की धरती से ऐसे सितारे निकल रहे हैं, जो पूरी दुनिया में अपनी प्रतिभा की चमक बिखेर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि राजगीर में खेले गए एशिया कप-2025 के फाइनल में भारतीय हॉकी टीम ने साउथ कोरिया को 4-1 से पराजित कर चौथी बार एशिया कप का खिताब अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारतीय टीम ने आगामी हॉकी वर्ल्ड कप के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है। मंत्री सारंग ने भारतीय टीम की इस उपलब्धि पर कप्तान, कोच और सभी खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि भारतीय हॉकी की विजय का यह क्रम आगे भी अविराम जारी रहेगा और भारतीय हॉकी नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करेगी।  

रोजगार की दृष्टि से जापानी एवं जर्मनी भाषा सिखाने के लिए बनाएं कार्ययोजना: मंत्री परमार

उद्योगजगत की जरूरत और भारतीय ज्ञान परम्परा समावेशी पाठ्यक्रम का निर्माण करें : मंत्री परमार रोजगार की दृष्टि से जापानी एवं जर्मनी भाषा सिखाने के लिए बनाएं कार्ययोजना: मंत्री परमार तकनीकी शिक्षा मंत्री परमार ने विभागीय गतिविधियों एवं कार्यों की समीक्षा की भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने मंगलवार को मंत्रालय में तकनीकी शिक्षा विभाग की बैठक में विविध विभागीय गतिविधियों एवं कार्यों के क्रियान्वयन एवं प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। तकनीकी शिक्षा मंत्री परमार ने निर्माण कार्यों एवं एसएफसी उपरांत स्वीकृत कार्यों की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सेवा भर्ती नियम-2004 के अंतर्गत नियुक्त उच्च पदों पर पूर्व से कार्यरत शिक्षकों के पेंशन प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। मंत्री परमार ने शासकीय तकनीकी शिक्षण संस्थानों की स्वायत्तता नियमों का पुनरावलोकन कर समसामयिक बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के झाबुआ स्थित परिसर में संचालित यूआईटी (यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) के लिए यथावत सतत् संचालन के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को भी कहा। उन्होंने तकनीकी शिक्षण संस्थानों में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) के मापदंडों के अनुरूप शैक्षणिक पदों की भर्ती एवं प्रयोगशालाओं आदि के लिए आवश्यक मानव संसाधन की पूर्ति शीघ्र करने के निर्देश दिए। मंत्री परमार ने उद्योग जगत की आवश्यकता अनुरूप पाठ्यक्रम निर्माण के लिए क्षेत्रीय आवश्यकताओं एवं मांगों के व्यापक अध्ययन के साथ क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए। पाठ्यक्रमों में भारतीय ज्ञान परम्परा के समावेश के लिए आवश्यक क्रियान्यवन करने को कहा। मंत्री परमार ने तकनीकी शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को जापानी एवं जर्मनी भाषा सिखाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने को कहा है। इससे विद्यार्थियों को वहां रोजगार के अवसरों के अनुरूप संवाद में भाषाई सहजता प्राप्त हो सकेगी और देशों के मध्य सांस्कृतिक संबंध और मजबूत होंगे। बैठक में तकनीकी शिक्षण संस्थानों में आईआईटी की तर्ज पर एमपीआईटी की स्थापना, कोडिंग लैब्स, डिजिटल यूनिवर्सिटी, राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय की प्रगति, संस्थानों में शोध, अनुसंधान एवं पेटेंट की अद्यतन स्थिति, संस्थानों में तकनीकी शब्दकोश की उपलब्धता, संस्थान परिसरों में विद्यावन स्थापना की प्रगति, शुजालपुर में आरजीपीवी अंतर्गत यूआईटी की स्थापना, इनोवेट एमपी की दृष्टि से सृजन कार्यक्रम की अद्यतन स्थिति सहित विभिन्न विभागीय विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा मनीष सिंह एवं आयुक्त तकनीकी शिक्षा अवधेश शर्मा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

CM डॉ. यादव की पहल: उद्योगपतियों संग वन-टू-वन बैठक कर बढ़ाएंगे निवेश

कोलकाता में 10 सितम्बर को निवेश अवसरों पर इंटरएक्टिव सेशन CM डॉ. यादव की पहल: उद्योगपतियों संग वन-टू-वन बैठक कर बढ़ाएंगे निवेश निवेश बढ़ाने के लिए CM डॉ. यादव की सीधी बातचीत, उद्योगपतियों से होगी खास बैठक मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्योगपतियों से निवेश के संदर्भ में करेंगे वन-टू-वन बैठक भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 10 सितम्बर को कोलकाता में उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन (वन-टू-वन) बैठकें करेंगे। साथ ही टेक्सटाइल, वस्त्र एवं परिधान, आई टी, ईएसडीएम, मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग, रिन्यूएबल एनर्जी सहित सभी प्रमुख सेक्टर में संभावित निवेश अवसरों और व्यावसायिक साझेदारी पर विस्तार से चर्चा करेंगे। कोलकाता में होने वाले इंटरएक्टिव सेशन में पीएम मित्रा पार्क की निवेश संभावनाओं को विशेष रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही निवेश-उपयुक्त परियोजनाएं, इंटीग्रेटेड लैंड बैंक, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर्स, प्लग-एंड-प्ले इन्फ्रास्ट्रक्चर और हाल ही में लागू की गई 18 नई निवेश नीतियों की जानकारी साझा की जाएगी। इज ऑफ डुईंग बिजनेस के तहत निवेशकों के लिए सुगम वातावरण और राज्य की मजबूत आधारभूत संरचना को भी उजागर किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान "इनफिनिट पॉसिबिलिटीज इन मध्यप्रदेश" फिल्म प्रदर्शित की जाएगी, जिसमें प्रदेश की औद्योगिक प्रगति, विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना और निवेश-अनुकूल माहौल को दिखाया जाएगा। यह फिल्म उद्योग जगत को निवेश के लिए उपलब्ध अवसरों और लाभों से परिचित कराएगी। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र कुमार सिंह निवेशकों को विस्तृत प्रस्तुति देंगे, जिसमें निवेश-उपयुक्त परियोजनाओं, औद्योगिक क्षेत्रों में अवसरों और नीतिगत सुविधाओं की जानकारी दी जायेगी।  

ग्राम स्तर पर मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता का आकलन कर विकास गतिविधियां की जाएं संचालित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सामाजिक-आर्थिक जीवन स्तर के उन्नयन का प्रभावी माध्यम हैं पंचायतें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्राम स्तर पर मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता का आकलन कर विकास गतिविधियां की जाएं संचालित त्यौहारों से पहले सभी गांवों में साफ-सफाई सुनिश्चित हो नगरों के नजदीकी ग्रामों और ग्राम पंचायतों में अधोसंरचना विकास प्रबंधन की करें विशेष व्यवस्था प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में देश में मध्यप्रदेश अव्वल जिन स्व-सहायता समूहों के सभी सदस्य लखपति हैं, उन्हें रोल मॉडल के रूप में किया जाए प्रस्तुत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पंचायतें सामाजिक-आर्थिक जीवन स्तर के उन्नयन का प्रभावी माध्यम हैं। शासन की कल्याणकारी योजनाओं और विकास गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन में पंचायतराज संस्थाओं की सक्रिय सहभागिता और उनकी व्यवस्थाओं में पारदर्शिता आवश्यक है। प्रदेश की सभी पंचायतों में सभी लोगों को मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता का आकलन कराते हुए विकास गतिविधियां संचालित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि त्यौहारों से पहले सभी गांवों में साफ-सफाई सुनिश्चित करें। साथ ही धार्मिक पर्वों पर होने वाले भंडारों और धार्मिक आयोजनों को प्लास्टिक कचरा मुक्त बनाने में ग्राम पंचायतें पहल करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों और योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, पंचायत और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के लिए हों गतिविधियां संचालित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम स्तर की जरूरतों, प्राथमिकताओं और सतत् विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के उद्देश्य से स्थानीय स्तर पर सहभागी नियोजन और योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन आवश्यक है। स्थानीय स्तर पर कार्य कर रहे पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के लिए भी गतिविधियां संचालित की जाएं। प्रदेश में हो रहे नगरीय विस्तार को देखते हुए नगरों के पास के ग्रामों और ग्राम पंचायतों में अधोसंरचना विकास प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्था की जाए। स्वावलंबी गौशालाओं के प्रबंधन का दस्तावेजीकरण किया जाए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बन रहे आवासों का निर्माण जलवायु की अनुकूलता और ग्रीष्म ऋतु के प्रभाव का आकलन करते हुए किया जाए। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बन रहे पीएम आवास काडिजाइन ऐसा हो, जिससे इनकी विशेष पहचान बनी रहे। उन्होंने कहा कि स्वावलंबी रूप में संचालित हो रही गौशालाओं के प्रबंधन का दस्तावेजीकरण किया जाए तथा अन्य जिलों के गौशाला संचालक भी स्वावलंबी प्रबंधन प्रक्रिया का अनुसरण करें। गौशालाओं के प्रबंधन को धार्मिक संस्थाओं और समाज की दान-पुण्य गतिविधियों से जोड़ा जाए। इसके साथ ही जिन स्व-सहायता समूहों के सभी सदस्य लखपति हैं, उन समूहों को प्रदेश में रोल मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाए। स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों को एमएसएमई तथा बड़े उद्योग समूहों से जोड़ने की दिशा में भी प्रयास हो। परम्परागत आवास निर्माण तकनीकों का कराया रहा रहा है अध्ययन बैठक में मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, मनरेगा, आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत संचालित गतिविधियों और उनकी प्रगति पर विचार-विमर्श हुआ। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना के अंतर्गत आवास पूर्णता में देश में प्रदेश प्रथम स्थान पर है। योजना के अंतर्गत स्वीकृत 49 लाख 42 हजार आवासों में से 39 लाख 5 हजार आवास पूर्ण हो गए हैं। योजना के अंतर्गत निर्मित हो रहे आवास स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप बने, इस उद्देश्य से प्रदेश के विभिन्न अंचलों में आवास निर्माण के लिए प्रचलित परम्परागत तकनीकों का भी अध्ययन स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्टिटेक्चर द्वारा कराया गया है। जल गंगा संवर्धन अभियान सहित जल संरक्षण कार्यों में सामूहिक भागीदारी के बेहतर परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। वार्षिक लेबर बजट के अंतर्गत आवास कार्यों से 324 लाख मानव दिवस सृजित किए गए। जल गंगा संवर्धन अभियान से 350 लाख मानव दिवस सृजित करते हुए 826 करोड़ रूपए की मजदूरी का भुगतान किया गया। मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति परिवारों को रोजगार देने में देश में प्रथम स्थान पर है। एक बगिया मां के नाम योजना में 5 जिलों ने दर्ज की बेहतर उपलब्धि बैठक में बताया गया कि एक बगिया मां के नाम योजना के अंतर्गत सिंगरौली, खण्डवा, बैतूल, देवास और आगर-मालवा जिलों ने बेहतर उपलब्धि दर्ज की है। मां नर्मदा परिक्रमा पथ के आश्रय स्थलों की भूमि पर पौधरोपण के साथ फेंसिंग से पौधों को सुरक्षित रखने में मदद मिली है। प्रदेश में 11 संस्थाओं द्वारा बिना आर्थिक सहायता के 85 गौशालाओं का संचालन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत 5 हजार 393 अद्यतन जल संग्रहण संरचनाएं निर्मित की गईं। योजना से नदी पुनर्जीवन की दिशा में भी खण्डवा जिले में घोड़ापछाड़ नदी और रतलाम जिले में मलेनी नदी पर हुए कार्य से अप्रैल-मई माह तक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सफलता मिली है। बेहतर जल प्रबंधन से क्लस्टर आधारित सब्जी उत्पादन आय का बेहतर विकल्प सिद्ध हो रहा है और किसान फल-सब्जी उत्पादन में 15 से 20 प्रतिशत अतिरिक्त आय प्राप्त कर रहे हैं। आजीविका मिशन की गतिविधियों का अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसे ईप्लेटफार्म तक हुआ विस्तार आजीविका मिशन के अंतर्गत कृषि और पशुपालन आधारित गतिविधियों से 30 लाख और गैर कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों से 11 लाख परिवार जुड़े हैं। लखपति दीदी इनिशिएटिव के अंतर्गत 11 लाख 26 हजार दीदीयों ने उपलब्धि दर्ज कराई है। आजीविका मिशन की गतिविधियों का विस्तार अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसे ईप्लेटफार्म तक भी हुआ है। बैठक में एक जिला एक उत्पाद योजना के अंतर्गत संचालित गतिविधियों, स्व-सहायता समूहों और प्रायवेट कम्पनी/स्टार्टअप के माध्यम से पार्टनरशिप के लिए की जा रही पहल की भी जानकारी दी गई। नवीन अटल सेवा सदन और अटल ई-सेवा केन्द्र स्थापना का कार्य जारी बैठक में बताया गया कि सभी पंचायतों में भवन उपलब्ध कराने के लिए नवीन अटल सेवा सदन का निर्माण किया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर अटल ई-सेवा केन्द्र स्थापना, प्रदेश के प्रत्येक ग्राम के शमशान घाट तक पहुंच मार्ग और शमशान घाट की व्यवस्था की दिशा में कार्य जारी है। सभी ग्राम पंचायतों में शत-प्रतिशत यूपीआई आधारित भुगतान प्राप्ति व्यवस्था स्थापित की गई है। उल्लेखनीय है कि … Read more

मध्य प्रदेश पुलिस में बड़ी भर्ती, आरक्षक और उप निरीक्षक के 8,000 पदों के लिए आवेदन जल्द

भोपाल प्रदेश में पुलिस आरक्षक और उप निरीक्षक के पदों पर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। पुलिस आरक्षकों के 7500 और उप निरीक्षकों के 500 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया इसी माह से प्रारंभ होने जा रही है। कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) ने इसकी तैयारी लगभग पूरी कर ली है। एक सप्ताह में विज्ञापन जारी करने की योजना है। ईएसबी की यह भी तैयारी है कि लिखित परीक्षा इसी वर्ष करवा ली जाए। बता दें, छह माह से भर्ती प्रक्रिया रोजगार कार्यालय में जीवित पंजीयन को लेकर निर्णय नहीं होने के कारण उलझी हुई थी। सरकार ने अन्य परीक्षाओं में पंजीयन की अनिवार्यता यथावत रखने का निर्णय लिया है, पर पुलिस भर्ती में पंजीयन को लेकर निर्णय पुलिस मुख्यालय पर छोड़ दिया था। मुख्यालय ने तय किया है कि पंजीयन जरूरी नहीं रहेगा। मंडल को भी इसकी नियमावली भेज दी गई है। बता दें, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने तीन वर्ष के भीतर आरक्षकों के 22,500 पदों पर भर्ती करने के लिए कहा है। इस वर्ष ईएसबी और आगे दो वर्षों में पुलिस भर्ती बोर्ड से परीक्षा कराई जाएगी। आरक्षक और उप निरीक्षकों के अतिरिक्त पुलिस मुख्यालय में लिपकीय संवर्ग के 500 पदों पर भी भर्ती की जानी है। मुख्यालय की तरफ से इसी वर्ष मार्च में इन संवर्गों में पदों पर भर्ती के लिए प्रस्ताव ईएसबी को भेजा गया था। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर राज्यों को रोजगार कार्यालय में जीवित पंजीयन की अनिवार्यता पर पुनर्विचार करने के लिए कहा। इस संबंध में निर्णय लेने में सरकार को लगभग छह माह लग गए। अब भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ होती है तो लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा पूरी कराने में ही कम से कम छह माह लगेंगे। उप निरीक्षकों की भर्ती में पहली बार साक्षात्कार को भी जोड़ा गया है। बता दें, उप निरीक्षकों की भर्ती सात वर्ष बाद हो रही है। इस बीच परीक्षा की तैयारी करने वाले लाखों युवक अधिकतम उम्र सीमा पार कर गए। इसमें इस बार से यह बदलाव भी किया गया है कि इसमें शारीरिक दक्षता परीक्षा के अंकों को जोड़कर प्रावीण्य सूची बनाई जाएगी।

प्रधानमंत्री मोदी गरीबों का दुख और उनकी जरूरतें समझते हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

संबल योजना सच्चे अर्थों में श्रमिक भाई-बहनों का सहारा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी गरीबों का दुख और उनकी जरूरतें समझते हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने 7,953 हितग्राहियों के खातों में 175 करोड़ की राशि सिंगल क्लिक से की अंतरित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी संस्कृति में मान्यता है कि 'परहित सरिस धर्म नहिं भाई' यानी दूसरों की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है और संबल योजना दूसरों की सेवा करने की इसी भावना को चरितार्थ करने का मार्ग है। राज्य सरकार की इस पहल का ही परिणाम है कि संबल योजना सच्चे अर्थों में श्रमिक भाई-बहनों का सहारा बनी हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय से संबल योजना के 7 हजार 953 हितग्राहियों के खातों में 175 करोड़ रुपये अंतरित कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि यह राशि श्रमिक भाई-बहनों के लिए बड़ी मदद साबित होगी। प्रदेश में 1 करोड़ 77 लाख से अधिक श्रमिक इस योजना में पंजीकृत हैं। पंजीयन की प्रक्रिया लगातार जारी है। इस अवसर पर पंचायत और ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल उपस्थित थे। कार्यक्रम से सभी जिले वर्चुअली रूप से जुड़े। श्रमिकों के कल्याण के लिए "श्रीपहल" को मंजूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संबल योजना की शुरूआत वर्ष 2018 में हुई थी, तब से अब तक कुल 7 लाख 60 हजार 886 प्रकरणों में 7 हजार करोड़ रूपए से अधिक की राशि हितग्राहियों को वितरित की जा चुकी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गरीबी देखी है, इसलिए वे गरीबों का दुख और उनकी जरूरतें समझते हैं। संबल योजना उसी मुश्किल वक्त के साथी का नाम है। इसी क्रम में श्रमिकों के स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार में मदद के लिए को "श्रीपहल" को मंजूरी प्रदान की गई है। इसका एक और उद्देश्य श्रमिकों के जीवन स्तर को उन्नत करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। गिग एवं प्लेटफार्म श्रमिकों की नई श्रेणी बनाकर संबल योजना में किया शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार सबका साथ और सबका विकास की राह पर अग्रसर है। मार्च 2024 से घर-घर जाकर सामान और सेवायें देने वाले गिग एवं प्लेटफार्म श्रमिकों की नई श्रेणी बनाकर संबल योजना में शामिल किया गया है। अब ये श्रमिक भाई-बहन अधिकाधिक संख्या में संबल योजना में रजिस्ट्रेशन करवा रहे हैं और सभी आर्थिक हितलाभ ले रहे हैं। इसी क्रम में पत्थर तोड़ने वाले, ईंट बनाने वाले, पापड़-अचार बनाने वाले, खाना बनाने वाले, घरों में काम करने वाले मजदूर या तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले सभी श्रमिक और उनके परिवार इस योजना से जुड़कर आर्थिक मदद पा रहे हैं। संबल योजना के जरिए श्रमिक भाई-बहनों और उनके परिवार के जीवन को आसान और बेहतर बनाने तथा उनका बेहतर भविष्य गढ़ने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संबल योजना में रजिस्टर्ड श्रमिकों के आंशिक स्थाई रूप से अपंग होने पर 01 लाख रुपये और स्थाई रूप से अपंग होने पर 02 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। दुर्घटना में संबल हितग्राही भाई-बहन की मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को 4 लाख रुपये और सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये अनुग्रह सहायता दिये जाने का प्रावधान है। संबल हितग्राही के परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के लिए 5 हजार रुपये की अंत्येष्टि सहायता राशि देने का भी प्रावधान है। सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामय योजना का लाभ भी दिया जा रहा है। इसमें पांच लाख रुपये तक निःशुल्क इलाज की सुविधा का प्रावधान किया गया है। कम से कम समय में प्रभावितों को उपलब्ध कराया जाएगा हितलाभ : मंत्री पटेल पंचायत और ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि 5वीं बार श्रमिकों के खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से सीधे राशि अंतरित की जा रही है। आज अंतरित हुई राशि में 28 दिसम्बर 2024 तक के सभी प्रकरणों का निराकरण हो गया है। दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में कम से कम समय में संबंधित श्रमिक या उनके परिजन को हितलाभ अंतरित कराने की दिशा में विभाग निरंतर प्रयासरत है। इस अवसर पर सचिव रघुराज राजेन्द्रन सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।