samacharsecretary.com

रैपिड मेट्रो संचालन की जिम्मेदारी GMRL को सौंपने की प्रक्रिया शुरू, अब तक 62 लाख यात्रियों ने किया सफर

गुरुग्राम हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन लिमिटेड (एचएमआरटीसी) ने गुरुग्राम रैपिड मेट्रो को दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) से गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल रैपिड मेट्रो का संचालन और रखरखाव डीएमआरसी और जीएमआरएल संयुक्त रूप से कर रहे हैं। प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए संयुक्त समितियों का गठन किया गया है और समय-सीमा तय कर दी गई है ताकि यात्रियों की सेवाओं में किसी प्रकार का व्यवधान न आए और हस्तांतरण सुरक्षित रूप से पूरा हो। यात्रियों और प्रदर्शन का आंकड़ा सोमवार को एचएमआरटीसी की 62वीं बोर्ड बैठक में बताया गया कि गुरुग्राम रैपिड मेट्रो ने अप्रैल से जुलाई 2025 के बीच 62.49 लाख यात्रियों को सेवा दी। यह संख्या पिछले साल की तुलना में 13.59 प्रतिशत अधिक है। किराया राजस्व में भी 11.87 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। एचएमआरटीसी के प्रबंध निदेशक डॉ. चंद्रशेखर खरे ने बताया कि परिचालन व्यय में 6.33 प्रतिशत की कमी आई, जिससे वित्तीय स्थिति मजबूत हुई। गैर-किराया स्रोतों से आय भी बढ़ी और 21.11 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो पिछले साल 15.56 करोड़ रुपये थी। वित्तीय और विज्ञापन आय में बढ़ोतरी मेट्रो वायाडक्ट और पिलर्स पर 22 विज्ञापन स्थलों की ई-नीलामी से 58.34 करोड़ रुपये वार्षिक राजस्व की उम्मीद है। इसमें एचएमआरटीसी का हिस्सा 35 करोड़ रुपये से अधिक रहेगा। बैठक में क्षेत्र में चल रही अन्य मेट्रो और रैपिड रेल परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की गई। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने दिल्ली-रोहतक और गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा/ग्रेटर नोएडा नमो भारत कॉरिडोर की डीपीआर पर काम शुरू कर दिया है, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होगी। भविष्य की परियोजनाएं और लागत दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर का विस्तार 103.02 किमी से बढ़ाकर 136.30 किमी किया गया है, जिसमें 17 स्टेशनों की बजाय अब 21 स्टेशन शामिल होंगे। इस परियोजना की अनुमानित लागत 33,051.15 करोड़ रुपये है, जिसमें हरियाणा का हिस्सा लगभग 7,472.11 करोड़ रुपये है। यह निवेश प्रदेश के वित्तीय और आर्थिक लाभ को बढ़ाने में मदद करेगा। बैठक में परिवहन, नगर एवं ग्राम आयोजना और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और परियोजनाओं की समय पर प्रगति सुनिश्चित करने पर चर्चा की गई।

हरियाणा को मिल सकती है पहली इंटरनेशनल फ्लाइट, हिसार से दुबई तक सीधी कनेक्टिविटी की तैयारी

हिसार   हरियाणा के महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डा हिसार से जल्द ही अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवाएं शुरू हो सकती हैं। दुबई के लिए कार्गो सेवा शुरू करने को लेकर हरियाणा सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। नागरिक उड्डयन विभाग की आयुक्त एवं सचिव अमनीत पी. कुमार ने मुख्यमंत्री नायब सैनी को इस संबंध में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि दुबई के लिए प्रस्तावित उड़ान, हिसार हवाई अड्डे से हरियाणा की पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान होगी। फिलहाल राज्य सरकार इस विषय पर केंद्र सरकार से दिल्ली में बातचीत कर रही है। गौरतलब है कि 12 सितंबर को हिसार से जयपुर के लिए घरेलू उड़ान सेवा की शुरुआत मुख्यमंत्री नायब सैनी द्वारा की गई थी।  इसी बीच, मध्य प्रदेश सरकार ने भी नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में सक्रियता दिखाई है। मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने दिल्ली में एलायंस एयर के चेयरमैन अमित कुमार और सीईओ राजर्षि सेन से मुलाकात की है। एलायंस एयर वही कंपनी है, जिसने हरियाणा सरकार के साथ समझौता किया हुआ है। 

कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर! हाई कोर्ट ने प्रमोशन और पेंशन लाभ का रास्ता किया साफ

कैथल  पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कैथल जिले के पुलिस कर्मचारियों के पक्ष में बड़ा आदेश सुनाते हुए रोहतक रेंज द्वारा जारी सीनियरिटी और प्रमोशन से जुड़े विवादित आदेश को रद्द कर दिया है। अदालत ने साफ किया कि कैथल पुलिसकर्मियों की वरिष्ठता और प्रमोशन का निर्णय केवल करनाल रेंज कर सकता है। इस फैसले से कैथल के करीब 70 पुलिस कर्मचारियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, जिनमें एएसआई और एसआई रैंक के अधिकारी शामिल हैं। इनमें से कुछ कर्मचारी अब सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। मामला सब-इंस्पेक्टर मोहिंदर सिंह और अन्य कर्मचारियों द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता कर्मवीर सिंह बनयाना ने अदालत में दलील दी कि उनके मुवक्किल वर्ष 2004 से 2008 के बीच कैथल जिले में हेड कांस्टेबल के रूप में कन्फर्म हुए थे। जबकि उनके जूनियर साथियों को वर्ष 2009 से 2011 के बीच करनाल और पानीपत में कन्फर्म किया गया था। इसके बावजूद 2019 में रोहतक रेंज ने सीनियरिटी सूची बदलते हुए जूनियर्स को सीनियर बना दिया और उन्हें एंटीडेटेड प्रमोशन भी दे दिए। अधिवक्ता ने तर्क दिया कि नियमों के मुताबिक हेड कांस्टेबल तक की सीनियरिटी जिला स्तर पर तय होती है, जबकि एएसआई और एसआई की सीनियरिटी रेंज स्तर पर होती है। ऐसे में कैथल, करनाल और पानीपत के कर्मचारियों की वरिष्ठता और प्रमोशन का फैसला केवल करनाल रेंज कर सकता था। रोहतक रेंज को इसमें हस्तक्षेप का कोई अधिकार नहीं था क्योंकि 29-9-2011 में करनाल रेंज के गठन के बाद जिला करनाल, पानीपत और कैथल के पुलिस कर्मियों के बारे में कोई भी निर्णय लेने का अधिकार केवल करनाल रेंज के पास ही है रोहतक रेंज के पास नहीं है। न्यायमूर्ति जगमोहन बंसल ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माना कि रोहतक रेंज का आदेश पूरी तरह गलत था। अदालत ने इस आदेश को रद्द करते हुए कहा कि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) हरियाणा स्वयं या किसी अन्य अधिकारी को नियुक्त कर तीन माह में उचित आदेश जारी करें। इस फैसले से कैथल जिले के एएसआई और एसआई रैंक के लगभग 70 पुलिस कर्मचारियों को प्रमोशन, वेतनमान और पेंशन लाभ मिलेगा। चूंकि इनमें से कुछ कर्मचारी अब रिटायर हो चुके हैं, इसलिए उन्हें भी एरियर और पेंशन लाभ का फायदा मिल सकेगा। कैथल पुलिस लाइन और थानों में तैनात कर्मचारियों ने हाईकोर्ट के इस आदेश का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह फैसला न केवल वर्षों से लंबित उनके हक की बहाली है बल्कि इससे उनका मनोबल भी ऊँचा होगा। कर्मचारी संगठनों ने भी अदालत के इस निर्णय को ऐतिहासिक करार देते हुए सरकार से अपील की है कि आदेश का पालन समय पर और बिना देरी के किया जाए। हाईकोर्ट का यह आदेश केवल कैथल पुलिसकर्मियों पर लागू होगा। इससे यह भी साफ हो गया है कि सीनियरिटी और प्रमोशन को लेकर भविष्य में किसी अन्य रेंज को कैथल के कर्मचारियों के मामले में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं होगा।

हरियाणा के रेसलर अमन सहरावत अयोग्य घोषित, वजन में गड़बड़ी के कारण नहीं लड़ पाएंगे वर्ल्ड चैंपियनशिप

हिसार   विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भाग ले रही भारतीय टीम को रविवार को बड़ा झटका लगा, जब ओलंपिक पदक विजेता अमन सहरावत को अधिक वजन पाए जाने के कारण जगरेब में चल रही प्रतियोगिता से अयोग्य घोषित कर दिया गया। पेरिस ओलंपिक 2024 में कांस्य पदक जीतने वाले अमन का वजन पुरुषों की फ्रीस्टाइल 57 किग्रा वर्ग में 1.7 किग्रा अधिक पाया गया। 2023 में जारी यूडब्ल्यूडब्ल्यू नियमों के अनुसार, विश्व कप, यूडब्ल्यूडब्ल्यू रैंकिंग सीरीज और अन्य अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में दो किग्रा तक अधिक वजन की अनुमति है, लेकिन विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक जैसे बड़े टूर्नामेंटों में ऐसा प्रावधान नहीं है। बता दें कि इससे पहले पेरिस ओलंपिक 2024 में महिला पहलवान विनेश फोगाट को 50 किग्रा वर्ग में थोड़े अधिक वजन के कारण प्रतियोगिता से बाहर कर दिया गया था। 25 अगस्त को पहुंचे थे जगरेब  अमन सहरावत 25 अगस्त को अनुकूलन शिविर के लिए क्रोएशिया के जगरेब पहुंचे थे और उनके पास वजन कम करने का पर्याप्त समय था। छत्रसाल स्टेडियम में प्रशिक्षण लेने वाले 22 वर्षीय अमन भारतीय टीम के प्रमुख पदक प्रत्याशियों में से एक माने जा रहे थे। बता दें अमन सहरावत हरियाणा के झज्जर जिले के बिरोहर गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने कुश्ती में अपनी शुरुआती ट्रेनिंग और संघर्ष के बाद पेरिस ओलंपिक 2024 में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया।   

हरियाणा के शिक्षकों के लिए खुशखबरी: जल्द घोषित होंगे राज्य पुरस्कार, 15 साल अनुभव अनिवार्य

चंडीगढ़  हरियाणा के योग्य शिक्षकों के लिए लंबे इंतजार के बाद खुशखबरी आने वाली है। पिछले दो वर्षों से राज्य शिक्षक पुरस्कार की घोषणा नहीं होने के कारण शिक्षकों में निराशा का माहौल था. लेकिन अब सरकार अक्टूबर के पहले हफ्ते में योग्य शिक्षकों को राज्य शिक्षक पुरस्कार देने पर विचार कर रही है। इसका ऐलान भी जल्द होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, इस विषय को लेकर सरकार और विभागीय अधिकारी गंभीर हैं और उन्होंने राज्य शिक्षक पुरस्कार देने संबंधी कई औपचारिकताओं को जल्द से जल्द पूरा कर लिया है।इससे शिक्षकों की मेहनत और उपलब्धियों को सम्मानित करने की प्रक्रिया अब जल्द शुरू होने वाली है। दो साल से नहीं मिले पुरस्कार हरियाणा में शिक्षकों को दो साल से राज्य शिक्षक पुरस्कार नहीं मिले हैं। 2024 और 2025 के पुरस्कारों की घोषणा अभी तक नहीं हुई है। पिछली बार 2023 में सरकार ने एक साथ 2022 और 2023 के पुरस्कार वितरित किए थे। लगातार दो साल से पुरस्कार का इंतजार कर रहे शिक्षकों को इस बार मिलने की उम्मीद है। शिक्षक संगठन लंबे समय से सरकार से मांग कर रहे थे कि समय पर पुरस्कार घोषित किए जाएं, ताकि शिक्षकों का मनोबल बढ़े और मेहनती व उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सही सम्मान मिले। 1 लाख रुपए नगद मिलते हैं हरियाणा में राज्य शिक्षक पुरस्कार योजना के माध्यम से प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल प्रधानाध्यापक और उच्चतर माध्यमिक स्तर सहित विभिन्न श्रेणियों के शिक्षकों को ₹100,000 और प्रशस्ति पत्र सहित दस राज्य पुरस्कार दिए जाते हैं। आवेदन के लिए 15 साल का अनुभव जरूरी राज्य शिक्षक पुरस्कार-2025 के लिए आवेदन करने के लिए कक्षा शिक्षकों के पास कम से कम 15 वर्षों का नियमित शिक्षण अनुभव होना चाहिए। प्रधानाध्यापक, प्रधानाचार्य जिनके पास 20 वर्षों का नियमित शिक्षण अनुभव हो, जिसमें से कम से कम 5 वर्षों की सेवा, सीडीसी प्रभार सहित, प्रधानाध्यापक, प्रधानाचार्य के रूप में हो। आवेदक शिक्षकों की पिछले दस वर्षों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR-APR) में ग्रेडिंग (+A/A) है। पिछले 5 वर्षों के बोर्ड कक्षा के परिणाम (10वीं और 12वीं कक्षा के) बोर्ड परिणामों की तुलना में माइनस में नहीं हैं। संस्था प्रमुख के मामले में, पिछले 5 वर्षों के बोर्ड कक्षाओं (10वीं और 12वीं) के सामान्य स्कूल परिणाम बोर्ड परिणामों की तुलना में माइनस में नहीं होने चाहिए।

हरियाणा से बॉलीवुड तक का सफर! दिविता जुनेजा की पहली फिल्म ‘हीर एक्सप्रेस’ सिनेमाघरों में रिलीज

अंबाला  हरियाणा के अंबाला की बेटी दिविता जुनेजा ने बॉलीवुड की चकाचौंध भरी दुनिया में एंट्री मार ली है। दिविता जुनेजा ने अपनी पहली फिल्म ‘हीर एक्सप्रेस’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया है, जो हाल ही में देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। इस फिल्म में उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई है। जूही चावला, मल्लिका शेरावत और परिणीति चोपड़ा जैसी कई मशहूर अभिनेत्रियों के बाद अब हरियाणा की यह बेटी भी बॉलीवुड की चमक-दमक में शामिल हो चुकी है। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा दिविता जुनेजा का जन्म हरियाणा के अंबाला में हुआ था और उन्होंने अपनी शुरुआती परवरिश वहीं की। उनका परिवार आज भी अंबाला से जुड़ा हुआ है, जबकि वे वर्तमान में चंडीगढ़ में रहती हैं। दिविता के पिता संजीव जुनेजा अंबाला के एक प्रतिष्ठित बिजनेसमैन हैं। दिविता ने अपनी स्कूली शिक्षा चंडीगढ़ के विवेका हाई स्कूल से पूरी की और इसके बाद पंजाब यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया। ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने टैगोर थिएटर में कई नाटकों में भाग लेकर अपनी कला का प्रदर्शन किया। अभिनय के प्रति लगाव और मुंबई में संघर्ष बचपन से ही दिविता को संगीत, नृत्य और अभिनय का गहरा शौक था। उन्होंने एक्टिंग को अपना करियर बनाने का निर्णय लिया। अपने सपनों को पूरा करने के लिए दिविता मुंबई पहुंचीं, जहां उन्होंने एक प्रतिष्ठित एक्टिंग स्कूल से अभिनय की बारीकियां सीखीं। मुंबई में रहते हुए उन्होंने सोशल मीडिया पर शॉर्ट फिल्में बनाना शुरू किया, जिससे उनके अभिनय कौशल में निखार आया। बॉलीवुड में पहला मौका – ‘हीर एक्सप्रेस’ दिविता की बुआ, राधिका चीमा के अनुसार, डायरेक्टर उमेश शुक्ला नए चेहरे की तलाश में थे। दिविता की भोली सादगी ने डायरेक्टर को प्रभावित किया और उन्हें ‘हीर एक्सप्रेस’ में मुख्य भूमिका निभाने का मौका मिला। दिविता के माता-पिता, तारा और संजीव जुनेजा, तथा भाई दिव्यम ने उनके सपनों को पूरा करने में हमेशा उनका समर्थन किया है। दिविता का सोशल मीडिया संदेश फिल्म ‘हीर एक्सप्रेस’ के रिलीज के बाद दिविता ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि वे भगवान कृष्ण का आशीर्वाद लेकर वृंदावन में माथा टेककर इस फिल्म की यात्रा शुरू करना चाहती थीं। उन्होंने फिल्म टीम की मेहनत, समर्पण और धैर्य की भी प्रशंसा की। फिल्म ‘हीर एक्सप्रेस’ की कहानी और सफलता ‘हीर एक्सप्रेस’ एक फैमिली कॉमेडी-ड्रामा फिल्म है, जो रिश्तों, प्यार और परिवार के महत्व पर आधारित है। फिल्म में दिविता जुनेजा के अलावा प्रीत कामनी, आशुतोष राणा, गुलशन ग्रोवर और संजय मिश्रा जैसे अनुभवी कलाकार भी हैं। फिल्म की कहानी एक पंजाबी लड़की ‘हीर’ की है, जो लंदन में एक भारतीय रेस्तरां चलाती है। उसकी जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव आते हैं, जो उसे परिवार के साथ जुड़ाव की अहमियत समझाते हैं। फिल्म की शूटिंग भारत से लेकर लंदन तक हुई है, जिसमें इमोशन, रोमांच और रिश्तों की गर्माहट का बेहतरीन मेल है। गृहनगर में उत्साह और प्रतिक्रिया अंबाला में फिल्म का पहला शो हाउसफुल रहा, जिसमें दिविता खुद मौजूद थीं और उन्होंने दर्शकों से सीधे उनके रिव्यू लिए। यह उनके गृहनगर के प्रति उनकी आत्मीयता और सम्मान को दर्शाता है।

दिल्ली यूनिवर्सिटी चुनाव: ABVP ने हरियाणा के वोटरों पर कसा फोकस, धनखड़ को उतारकर बनाई बड़ी रणनीति

बहादुरगढ़  दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव में बीजेपी की छात्र इकाई ABVP की जीत सुनिश्चित करने के लिए 35 हजार हरियाणवी वोटरों पर खास फोकस किया जा रहा है। इसी रणनीति के तहत हरियाणा बीजेपी के दिग्गज नेताओं को प्रचार की कमान सौंपी गई है। 14 सितंबर की रात रामजस कॉलेज में ‘कुणबा’ नाम से कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें ABVP प्रत्याशियों के समर्थन में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़, हरियाणा के खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम और कबड्डी प्लेयर व भाजपा नेता दीपक हुड्डा पहुंचे। प्रचार के दौरान ओपी धनखड़ ने कहा कि ABVP छात्रों में राष्ट्रभक्ति और व्यक्तित्व विकास पर जोर देती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कभी दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ की अध्यक्ष रह चुकीं हरियाणा की बेटी रेखा गुप्ता आज दिल्ली की मुख्यमंत्री हैं, इससे बढ़कर व्यक्तित्व विकास का और क्या उदाहरण हो सकता है। कई राज्यों के मुख्यमंत्री ABVP से रहे ABVP देश का वह छात्र संगठन है, जिसने कई राज्यों को मुख्यमंत्री दिए हैं। केंद्र और राज्यों में कई मंत्री भी ABVP से निकले हैं। राष्ट्रप्रेम का उदाहरण देते हुए नेताओं ने कहा कि जब वे ABVP में थे तो जेपी नड्डा के साथ लाल चौक पर झंडा फहराने गए थे। उस समय पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। लेकिन आज नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने धारा 370 को खत्म कर दिया है और अब कश्मीर के लाल चौक पर शान से तिरंगा लहरा रहा है। हरियाणा से हैं अध्यक्ष व उपाध्यक्ष प्रत्याशी दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ (DUSU) में BJP की छात्र इकाई, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने प्रेजिडेंट के लिए हरियाणा के बहादुरगढ़ के आर्यन मान और उपाध्यक्ष पद के लिए सोहना से विधायक तेजपाल तंवर के पौत्र गोविंद तंवर को प्रत्याशी बनाया गया है। हरियाणा के छात्रों की संख्या को देखते हुए ही ABVP ने ऐसा फैसला किया है। प्रेजिडेंट पद के प्रत्याशी आर्यन मान के दादा स्व. श्रीचंद मान लोवा सत्रह खाप के कई साल तक प्रधान रहे। बॉर्डर जिलों से ज्यादा स्टूडेंट DUSU चुनाव में कुल वोटरों की बात करें तो इनकी संख्या सवा लाख से डेढ़ लाख के बीच रहती है। इनमें से 30 से 35 हजार वोटर अकेले हरियाणा के हैं। यहां पढ़ने वाले नौजवानों में सबसे ज्यादा स्टूडेंट बॉर्डर जिलों गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर, रोहतक, सोनीपत और महेंद्रगढ़ जिले के हैं। DUSU में 3 बार प्रेजिडेंट रह चुके हरियाणवी दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ (DUSU) में अब तक हरियाणा से जुड़े तीन नेता अध्यक्ष रह चुके हैं। 2011 में बहादुरगढ़ के अजय छिक्कारा NSUI के उम्मीदवार के रूप में प्रेजिडेंट बने। इसके बाद 2012 में रोहतक के आसन गांव के अरुण हुड्डा ने यह पद संभाला। अरुण, कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के करीबी माने जाते थे। 2019 में सोनीपत के अक्षित दहिया ABVP के प्रत्याशी के तौर पर DUSU अध्यक्ष बने। पिछले साल NSUI के रौनक खत्री ने जीत दर्ज की थी। इस बार ABVP ने मुकाबले के लिए हरियाणा से आने वाले आर्यन पर दांव लगाया है। 18 को वोटिंग, अगले दिन काउंटिंग आर्यन मान ने हंसराज कॉलेज से ग्रेजुएशन की है और फिलहाल दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) से लाइब्रेरी साइंस से पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहे हैं। डूसू चुनाव 18 सितंबर को होंगे और गिनती 19 सितंबर को होगी।

25 सितंबर से शुरू होंगे आवेदन, लाडो लक्ष्मी पोर्टल का ट्रायल आज से; CM की घोषणा के बाद बढ़ी हलचल

हिसार  हरियाणा सरकार 25 सितंबर से दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा है कि जल्द ही आवेदन के लिए पोर्टल खोला जाएगा। इसके लिए जिलों में आज से ट्रायल भी शुरू हो चुका है। हालांकि, योजना की पात्रता संबंधी सभी शर्तें अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई हैं। इस योजना के लिए समाज कल्याण विभाग के कर्मचारियों को फॉर्म भरने की विशेष ट्रेनिंग दी गई है। ट्रायल के दौरान आने वाली किसी भी समस्या के समाधान के लिए वे तुरंत उच्च अधिकारियों से संपर्क करेंगे। हरियाणा में 15 साल की रिहाइश प्रमाण पत्र सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जा रहा है। इसी कारण डोमिसाइल सर्टिफिकेट बनवाने के लिए भारी भीड़ लग रही है, खासकर उन परिवारों में जहां बहुएं दूसरे राज्यों से हैं और जिनकी शादी को 15 साल पूरे नहीं हुए हैं। ऐसे में पति डोमिसाइल सर्टिफिकेट बनवा रहे हैं। कॉमन सर्विस सेंटरों (CSC) पर इसके लिए बड़े विज्ञापन लगाए गए हैं।   हरियाणा सरकार दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना को शुरू करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री नायब सैनी की ओर से घोषित इस योजना के तहत 18 से 20 लाख महिलाओं को हर महीने ₹2100 दिए जाएंगे। योजना का आवेदन पोर्टल 25 सितंबर से खुलने की उम्मीद है और इसके लिए आज से जिलों में ट्रायल भी शुरू हो गया है। हालांकि, योजना की पात्रता से जुड़ी कुछ शर्तें लाभार्थियों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पा रही हैं, जिससे कई परिवारों में असमंजस की स्थिति है। विशेषकर 'डोमिसाइल' की शर्त ने उन परिवारों को सबसे ज्यादा परेशान किया है, जिनकी बहुएं दूसरे राज्यों से हैं। आइए, इस योजना के हर पहलू को गहराई से समझते हैं। योजना की शर्तें मुख्यमंत्री ने भले ही 18 से 20 लाख महिलाओं को लाभ देने की बात कही हो, लेकिन इस योजना की कुछ शर्तें लाभार्थियों की संख्या को सीमित कर रही हैं। यहां उन तीन मुख्य शर्तों पर गौर करते हैं जिन्होंने इस योजना को जटिल बना दिया है। 1. उम्र की सीमा : हरियाणा में योजना का लाभ 23 से 60 वर्ष की महिलाओं को मिलेगा, जबकि देश के अन्य राज्यों जैसे दिल्ली, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में ऐसी योजनाओं के लिए न्यूनतम उम्र 18 से 21 वर्ष है। हरियाणा की यह शर्त कई युवा महिलाओं को दायरे से बाहर कर देती है। 2. आय की टफ शर्त : योजना का लाभ केवल उन महिलाओं को मिलेगा जिनकी पारिवारिक आय ₹1 लाख वार्षिक से कम है। यह शर्त महाराष्ट्र (₹2.5 लाख) और मध्य प्रदेश (₹2.5 लाख) जैसे राज्यों की तुलना में काफी सख्त है। अगर हरियाणा सरकार बीपीएल परिवारों को ही लाभ देती, तो लाभार्थियों की संख्या लगभग 42 लाख होती, लेकिन आय की सीमा ने इस संख्या को घटाकर 19-20 लाख तक सीमित कर दिया है। 3. डोमिसाइल की शर्त सबसे भारी : यह शर्त इस योजना की सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। आवेदन करने वाली अविवाहित महिला को खुद हरियाणा का स्थायी निवासी होना चाहिए, जबकि विवाहित महिला के लिए उसके पति का पिछले 15 साल से हरियाणा का मूल निवासी होना अनिवार्य है। यह नियम उन लाखों परिवारों के लिए एक बड़ी समस्या बन गया है जिनकी बहुएं पड़ोसी राज्यों से आई हैं और जिनकी शादी को अभी 15 साल पूरे नहीं हुए हैं। यह शर्त उन सामाजिक संबंधों को भी प्रभावित कर रही है जो हरियाणा की सीमा से सटे राज्यों जैसे पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के साथ दशकों से चले आ रहे हैं। पति बनवा रहे हैं सर्टिफिकेट डोमिसाइल इस डोमिसाइल की शर्त को पूरा करने के लिए उन परिवारों में होड़ मची हुई है, जिनकी बहुएं दूसरे राज्यों की हैं। चूंकि बहुओं की शादी को अभी 15 साल नहीं हुए हैं, इसलिए उनके पति अपने 'डोमिसाइल सर्टिफिकेट' बनवा रहे हैं ताकि वे इस योजना के लिए आवेदन कर सकें। महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, भिवानी, यमुनानगर, अंबाला, सिरसा और नूंह जैसे जिलों में ऐसी संख्या बहुत ज्यादा है, क्योंकि इन जिलों की सीमाएं पड़ोसी राज्यों से सटी हुई हैं। राजस्थान के डूमोली गांव की रहने वाली अनीता, जिनकी शादी नारनौल के चिंडालिया गांव के अमित से हुई। उसने बताया कि वे भी इस डोमिसाइल की शर्त से परेशान हैं। उनकी तरह ही राजस्थान के मेघपुर की मंजू, जिनकी शादी 2014 में हुई थी, के पति भी सर्टिफिकेट बनवाने में लगे हैं। ये महिलाएं कहती हैं कि 'अब तो हम भी हरियाणवी बहुएं बन गई हैं, यह डोमिसाइल की शर्त सही नहीं है।' यह स्थिति दिखाती है कि सरकार की एक अच्छी मंशा वाली योजना भी कैसे कुछ नियमों के कारण जटिल बन सकती है। सरकारी तैयारी और पोर्टल की सुविधाएं योजना को लागू करने के लिए सरकार ने भी कमर कस ली है। समाज कल्याण विभाग के कर्मचारियों को फॉर्म भरने की विशेष ट्रेनिंग दी गई है। आज से जिलों में फॉर्म भरने का ट्रायल वर्जन शुरू होगा, ताकि 25 सितंबर को पोर्टल खुलने पर कोई तकनीकी दिक्कत न आए। सरकार ने कुछ प्रावधानों को सरल भी किया है। • एक मोबाइल नंबर से 3 फॉर्म : एक परिवार आईडी में एक ही मोबाइल नंबर से तीन फॉर्म भरे जा सकते हैं, भले ही वह नंबर फैमिली आईडी में पंजीकृत न हो। यह उन परिवारों के लिए एक बड़ी सुविधा है जहां एक ही फोन का इस्तेमाल कई लोग करते हैं। • आधार और बैंक अकाउंट की अनिवार्यता : लाभार्थी का आधार कार्ड उसके मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट से जुड़ा होना अनिवार्य है। साथ ही, बैंक अकाउंट का फैमिली आईडी से लिंक होना भी जरूरी है ताकि राशि सीधे खाते में भेजी जा सके। दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना एक महत्वाकांक्षी पहल दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना एक महत्वाकांक्षी पहल है जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करना है। लेकिन इसकी पात्रता की शर्तें, विशेषकर आय और डोमिसाइल की, कई योग्य लाभार्थियों को दायरे से बाहर कर सकती हैं। जहां एक तरफ सरकार इस योजना को लागू करने की तैयारी में है, वहीं दूसरी तरफ उन लाखों परिवारों की चिंता भी बढ़ गई है जिनकी बहुएं दूसरे राज्यों से आई हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार भविष्य में इन शर्तों में कोई … Read more

5 दिन बाद हरियाणा से विदा होगा मानसून, उससे पहले झमाझम बारिश; क्षतिपूर्ति पोर्टल आज होगा बंद

चंडीगढ़   हरियाणा में 22 सितंबर से मानसून के लौटने के आसार है. मौसम विभाग के अनुसार, 16 से 17 सितंबर के बीच राज्य में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. इसकी वजह पहाड़ों पर सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ व बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र को माना जा रहा है. 17 से 19 सितंबर के बीच हरियाणा के कई जिलों में छिटपुट बारिश हो सकती है. इसके बाद, मानसून की रवानगी की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि हरियाणा से मानसून की विदाई 22 सितंबर के आसपास से होगी. प्रदेश में 22-23 जून को मानसून की एंट्री हुई थी। उसके बाद से अब तक सामान्य से 41% ज्यादा बारिश हो चुकी है। कल, 14 सितंबर तक प्रदेश में 401.1 एमएम बारिश होनी चाहिए थी लेकिन 564.8 एमएम बरसात हो चुकी है। वहीं बारिश न होने से दिन के समय फिर से गर्मी और उमस बढ़ने लगी है। दिन का तापमान 35 डिग्री तक पहुंचने लगा है। अब दिन का तापमान बढ़ रहा है और रात का तापमान गिरने लगा है। वहीं बारिश से फसलों के नुकसान के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आवेदन करने का आज अंतिम दिन है। कल से इसको लेकर स्पेशल गिरदावरी शुरू की जाएगी। हुई इतनी बारिश पिछले साल हरियाणा से मानसून की वापसी 2 अक्टूबर को हुई थी, लेकिन इस साल यह सामान्य से पहले लौटेगा. इस सीजन में प्रदेश में अब तक 564.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 42 प्रतिशत ज्यादा है और 27 साल का रिकॉर्ड तोड़ चुकी है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की विदाई के बाद भी यदि मौसमी सिस्टम सक्रिय होते हैं व बारिश होती है, तो सर्दी इस बार समय से पहले दस्तक दे सकती है. मानसून की विदाई नजदीक आते ही बढ़ना लगा तापमान हरियाणा में मानसून की समाप्ति नजदीक आने के साथ ही तापमान में बदलाव दिखने लगा है। रविवार को दिन के अधिकतम तापमान में औसतन 0.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी देखी गई। प्रदेश में अधिकतम तापमान नूंह में 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जींद में दिन के तापमान में सबसे ज्यादा 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हुई। वहीं, अगर रात के तापमान की बात करें तो प्रदेश में न्यूनतम तापमान में औसतन 0.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई है। गुरुग्राम में रात का सबसे कम तापमान 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान में सबसे ज्यादा गिरावट सिरसा में 4.5 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज की गई। यहां ओटू सेंटर पर रात का तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नूंह में रात का सबसे अधिक तापमान 28.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे रातें अब ठंडी होनी शुरू हो जाएंगी। क्षतिपूर्ति पोर्टल का आज अंतिम दिन मानसून में बारिश और जलभराव से फसलों के नुकसान का मुआवजा लेने के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आवेदन करने का आज, 15 सितंबर को अंतिम दिन है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 14 सितंबर तक 4 लाख 85 हजार 90 किसान क्षतिपूर्ति के लिए आवेदन कर चुके हैं। किसानों का कहना है कि उनकी 28 लाख 46 हजार 98 एकड़ फसल का नुकसान हो चुका है। करीब 6,292 गांवों में यह नुकसान दर्ज किया गया है। सबसे ज्यादा नुकसान भिवानी, जींद, हिसार, चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ में होने का अनुमान है। हिसार में 2 हफ्ते बाद खुले स्कूल, ट्रैक्टर पर पहुंचे बच्चे हिसार के बरवाला में जलभराव की वजह से स्कूल 2 हफ्ते बाद खुले। यहां के सुलखनी गांव में सड़कों पर जलभराव की वजह से बच्चे ट्रैक्टर पर बैठकर स्कूल पहुंचे। सुलखनी गांव के रमेश, संदीप, जगदीप ने बताया कि भारी बारिश के कारण राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय और राजकीय प्राथमिक विद्यालय दोनों के मैदान और कक्षाओं में पानी भर गया था, जिसके चलते शिक्षा विभाग को स्कूलों में छुट्टी घोषित करनी पड़ी थी। नुकसान भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के पूर्व प्रधान वैज्ञानिक डाॅ. वीरेंद्र सिंह लाठर ने बताया कि मानसून सीजन में अधिक बारिश से इस बार धान की अगेती फसल को पहले ही 15- 20 फीसदी तक नुकसान पहुंच चुका है. यदि अब बारिश हुई तो पकी हुई फसल को भी 10- 15 फीसदी तक और नुकसान हो सकता है.

गोल्डन पंच! मीनाक्षी हुड्डा ने कजाकिस्तान की बॉक्सर को हराकर दिलाया भारत को स्वर्ण

रोहतक  विश्व मुक्केबाजी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए रोहतक की बॉक्सर  मीनाक्षी हुड्डा ने गोल्ड मेडल जीता है। मीनाक्षी ने कजाकिस्तान की बॉक्सर नाजिम क्यजैबे को हराकर स्वर्ण पदक जीता। मीनाक्षी ने दो माह बाद ही बदला ले लिया। नाजिम क्यजैबे चार बार वर्ल्ड चैंपियन रह चुकी है। इसके अलावा पिछले पेरिस ओलंपिक की रजत पदक विजेता खिलाड़ी है। कोच विजय हुड्डा ने बताया कि जुलाई में बॉक्सिंग का वर्ल्ड कप कजाकिस्तान में हुआ था। इस वर्ल्ड कप में कजाकिस्तान की बॉक्सर नाजिम क्यजैबे के साथ ही मीनाक्षी का फाइनल मैच था। उन्होंने दावा किया कि इसमें मीनाक्षी को विवाद पूर्ण तरीके से हरा दिया था जिसके कारण रजत पदक से संतोष करना पड़ा। जहां वर्ल्ड कप हो रहा था उसी देश की होने के कारण उस खिलाड़ी को फायदा हुआ। उन्होंने बताया कि उसी समय से मीनाक्षी ने मन में ठान लिया था। इस बॉक्सर से बदला जरूर लूंगी। वह बदला पूरा हो गया। उन्होंने विजेता खिलाड़ी को बधाई दी व आगे भी शानदार प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। मीनाक्षी ने बताया कि फाइनल मैच में पहला राउंड 4-1 से जीता, लेकिन दूसरे राउंड में 3-2 से हार का सामना करना पड़ा। मन में था इससे बदला लेना है। किसी भी हालत में तीसरा राउंड जितना है। तीसरे राउंड में शुरू से ही अपना दबदबा बनाया। राउंड को एक तरफा करते हुए 4-1 से पदक जीता। मीनाक्षी के पिता कृष्ण ने बताया कि बेटी की जीत से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। उसने पूरे गांव, कोच, प्रदेश व देश का नाम रोशन कर दिया। पूरे परिवार ने मीनाक्षी के सभी मैच लाइव देखे। पिता ने कहा कि मुझे बेटी पर गर्व है। मीनाक्षी आगे भी शानदार प्रदर्शन करके देश का नाम रोशन करेगी।