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शादी के 21 दिन बाद सीएम मोहन यादव के बेटे-बहू नर्मदा परिक्रमा पर, यात्रा ओंकारेश्वर से शुरू

 खंडवा  मध्य प्रदेश के खंडवा के ओंकारेश्वर से सीएम डॉ. मोहन यादव के बेटे और बहू ने नर्मदा परिक्रमा शुरू की हैं। तीर्थनगरी ओंकारेश्वर के ब्रह्मपुरी घाट पर नवविवाहित डॉ. अभिमन्यु यादव और उनकी पत्नी डॉ. इशिता ने मां नर्मदा की परिक्रमा का संकल्प लिया। परिक्रमा आरंभ करने से पूर्व दोनों ने संत विवेक गुरु से आशीर्वाद प्राप्त किया। परिजन के साथ भगवान के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की।  उज्जैन में हुआ था विवाह पिछले महीने 30 नवंबर को उज्जैन में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में डॉ. अभिमन्यु का विवाह खरगोन जिले की डॉ. इशिता से हुआ था। नवविवाहित जोड़ा अब सीधे आध्यात्मिक यात्रा पर निकल पड़ा है। पूरा परिवार साथ नर्मदा परिक्रमा में अभिमन्यु-इशिता के साथ उनकी बड़ी बहन डॉ. आकांक्षा यादव, जीजा जी और बड़े भाई वैभव यादव अपनी पत्नी के साथ शामिल हैं। पूरा परिवार मिलकर मां नर्मदा की परिक्रमा कर रहा है। 15 दिन में पूरी होगी यात्रा – जानिए पूरा रूट ओंकारेश्वर से शुरू हुई यह नर्मदा परिक्रमा महेश्वर, बड़वानी, राजपीपला-गरुड़ेश्वर (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी क्षेत्र), भरूच होते हुए नर्मदा सागर संगम यानी खंभात की खाड़ी तक जाएगी। करीब 15 दिन में यात्रा पूरी होने की उम्मीद है। हाल ही में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में प्रदेश के मुखिया डॉ मोहन यादव के पुत्र अभिमन्यु यादव का विवाह संपन्न हुआ था। विवाह के बाद धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के क्रम में अभिमन्यु यादव और डॉ. इशिता यादव ने मां नर्मदा की परिक्रमा प्रारंभ करने का संकल्प लिया। जिसे पूरा करने के लिए नवदंपति रवाना हुए। यह यात्रा 15 दिन में पूरी होगी। इस दौरान मुख्यमंत्री के बड़े बेटे-बहू और बेटी-दामाद भी साथ में मौजूद हैं। विवाह की कुछ खास बातें पिछले महीने 30 नवंबर को उज्जैन के सांवराखेड़ी में डॉ मोहन यादव के बेटे अभिमन्यु और इशिता की शादी की रस्में सामूहिक सम्मेलन में संपन्न हुईं थीं। वरमाला के दौरान बाबा रामदेव ने मंत्र पढ़कर वरमाला की रस्म कराई थी। सामूहिक विवाह समारोह में अभिमन्यु इशिता के साथ 22 जोड़ों ने फेरे लिए थे सामूहिक सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया राज्यपाल मंगुभाई पटेलए मंत्री तुलसी सिलावट कथावाचक पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी सहित कई हस्तियां पहुंची थीं। 

विनोद कुमार शुक्ल को नम आंखों से श्रद्धांजलि, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पार्थिव शरीर को दिया कंधा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के शैलेन्द्र नगर स्थित वरिष्ठ साहित्यकार एवं ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित स्वर्गीय विनोद कुमार शुक्ल के निवास पहुंचे और उनके अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. मुख्यमंत्री ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर नमन किया तथा ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की. इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने स्वर्गीय शुक्ल के पार्थिव शरीर को कंधा देकर उन्हें भावपूर्ण अंतिम विदाई दी. उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं तथा असंख्य पाठकों और साहित्य-प्रेमियों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी से उपजे महान साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के निधन से हिंदी साहित्य जगत को अपूरणीय क्षति पहुँची है. उनकी रचनाएँ संवेदनशीलता, मानवीय सरोकारों और सरल किंतु गहन अभिव्यक्ति की अनुपम मिसाल हैं. विनोद कुमार शुक्ल जी के निवास पहुँचकर उनके अंतिम दर्शन किया। उन्हें सम्पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गयी। यह एक ऐसे सृजनशील व्यक्तित्व की अंतिम यात्रा थी, जिन्होंने साहित्य जगत को ऐसी अनमोल कृतियाँ दीं, जो साहित्य संसार की थाती है। उन्होंने कहा कि शुक्ल की लेखनी ने हिंदी साहित्य को नई ऊँचाइयाँ प्रदान की. उनका साहित्य न केवल पाठकों को गहराई से स्पर्श करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत बना रहेगा. साहित्य जगत में उनका अवदान सदैव स्मरणीय रहेगा. शुक्ल को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई. इस अवसर पर कवि डॉ. कुमार विश्वास, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी अलोक सिंह, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, वरिष्ठ साहित्यकार, जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी गण उपस्थित रहे.

त्रिपक्षीय समझौते से मजदूरों को बड़ी राहत, रांची नगर निगम देगा पहली बार बोनस

रांची झारखंड की राजधानी रांची नगर निगम के उप श्रमायुक्त अविनाश कृष्ण की उपस्थिति में मजदूरों के बोनस भुगतान को लेकर त्रिपक्षीय समझौता संपन्न हुआ। इस समझौते के तहत पहली बार रांची नगर निगम में कार्यरत मजदूरों को बोनस का लाभ मिलेगा, जिसे श्रमिक हितों की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। त्रिपक्षीय समझौते पर मजदूर पक्ष की ओर से झारखंड नगर निकाय मजदूर यूनियन, रांची के अध्यक्ष एवं प्राधिकृत प्रतिनिधि भवन सिंह तथा यूनियन के सचिव सुखनाथ लोहरा ने हस्ताक्षर किए। वहीं नियोक्ता पक्ष की ओर से मेसर्स स्वच्छता कॉरपोरेशन, बेंगलुरु के महाप्रबंधक राजशेखर रेड्डी और प्रोजेक्ट मैनेजर जी. गांधी ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। समझौता पूर्ण होने के बाद उप श्रमायुक्त अविनाश कृष्ण ने इसकी प्रमाणित प्रति दोनों पक्षों को उपलब्ध कराई।         मजदूरों को दो किस्तों में मिलेगा बोनस भुगतान समझौते के अनुसार वर्ष 2024-25 के लिए बोनस भुगतान की व्यवस्था तय की गई है। दिसंबर 2024 और जनवरी 2025 में कार्यरत मजदूरों को 2000 रुपये प्रति कामगार की दर से बोनस दिया जाएगा। यह राशि दो किस्तों में मजदूरों को प्राप्त होगी, जो दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 के वेतन के साथ भुगतान की जाएगी। वहीं फरवरी और मार्च 2025 में कार्यरत मजदूरों को 1000 रुपये बोनस दिया जाएगा, जिसका भुगतान दिसंबर 2025 के वेतन के साथ किया जाएगा।        मजदूरों ने समझौते का किया स्वागत इस अवसर पर झारखंड नगर निकाय मजदूर यूनियन के अध्यक्ष भवन सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि यूनियन के लंबे संघर्ष और निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि रांची नगर निगम के मजदूरों को पहली बार बोनस का अधिकार मिलना मजदूर एकता की जीत है। भवन सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि यूनियन आगे भी मजदूरों के अन्य अधिकारों और सुविधाओं के लिए संघर्ष जारी रखेगी। मजदूरों ने इस समझौते का स्वागत करते हुए इसे आर्थिक राहत देने वाला कदम बताया है। श्रमिकों का कहना है कि बोनस मिलने से उनके परिवारों को आर्थिक सहारा मिलेगा, खासकर त्योहार और जरूरी खर्चों के समय। श्रमिक संगठनों का मानना है कि यह त्रिपक्षीय समझौता भविष्य में नगर निगम के अन्य श्रमिक अधिकारों, जैसे सामाजिक सुरक्षा और स्थायी लाभों की दिशा में भी एक मजबूत आधार तैयार करेगा।

भोपाल में बच्चों ने सांता क्लॉज बनकर बाँटी खुशियाँ

भोपाल  सैपलिंग्स एवं स्वामी विवेकानंद इंग्लिश स्कूल द्वारा भोजपुर रोड समाज के वंचित वर्ग के बच्चों के साथ साझा करने और देखभाल की भावना को साकार करते हुए एक सराहनीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय ने निर्माण – परिवर्तन की ओर समिति के बच्चों के साथ मिलकर खुशियाँ बाँटी। निर्माण – परिवर्तन की ओर समिति एक सामाजिक संगठन है, जो भोपाल में वंचित बच्चों के लिए स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्यरत है। वर्तमान में संस्था शहर के तीन विभिन्न केंद्रों पर 250 से अधिक बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान कर रही है। कार्यक्रम के अंतर्गत सैपलिंग्स भोजपुर रोड द्वारा निर्माण संस्था के बच्चों को स्टेशनरी सामग्री, कपड़े, ऊनी वस्त्र, खिलौने एवं जूते वितरित किए गए। निर्माण संस्था के संस्थापक श्री नरेश मोटवानी और समाज सेविका मीता वाधवा जी के मार्गदर्शन में इंदुरिया चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री लक्ष्मी नारायण एवं प्रभा इंदुरिया ने बच्चों को उपहार प्रदान किए। कार्यक्रम के दौरान सैपलिंग्स भोजपुर रोड के बच्चे सांता क्लॉज बनकर आए और उन्होंने सभी बच्चों को उपहार बाँटे। सांता क्लॉज के आगमन से बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे और पूरे कार्यक्रम में उत्सव का माहौल बन गया। इसके साथ ही विद्यालय के बच्चों ने एनजीओ के बच्चों के साथ मिलकर एक आनंदमय पार्टी का आयोजन किया, जिसमें Sharing & Caring की भावना को बढ़ावा दिया गया। बच्चों ने मिलकर खेलकूद किया और आपसी प्रेम व समानता का संदेश दिया। यह पहल बच्चों में सामाजिक जिम्मेदारी, करुणा और मानवीय मूल्यों को विकसित करने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।

सीनियर्स की टॉर्चर की शिकायत पर इंदौर डेंटल कॉलेज में 3 छात्राओं को सस्पेंड किया गया

इंदौर  एमजीएम मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला अभी थमा ही नहीं था कि दूसरा मामला इंदौर के शासकीय डेंटल कॉलेज से सामने आया है. यहां पर एमडीएस फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स ने यूजीसी को रैगिंग के संबंध में शिकायत की, जिसके बाद कॉलेज प्रबंधन ने बड़ा एक्शन लिया है. शासकीय डेंटल कॉलेज प्रबंधन द्वारा जांच कर तीन सीनियर छात्राओं को सस्पेंड कर दिया गया है. इस तरह रैगिंग कर रही थीं सीनियर छात्राएं शासकीय डेंटल कॉलेज एमडीएस प्रथम वर्ष की छात्राओं द्वारा यूजीसी को रैगिंग के संबंध में एक मेल भेजा गया था. इस मेल में उन्होंने जानकारी दी कि कॉलेज की ही डेंटल की सीनियर छात्राएं उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही हैं. वह उनसे डिपार्टमेंट खोलने का काम करवाती हैं और शाम को छुट्टी होने के बाद भी काफी देर तक कॉलेज में ही बिठाए रखती हैं. साथ ही जब खाना खाने की बारी आती है तो सीनियर के द्वारा बाद में खाने का दबाव बनाया जाता है. यूजीसी के दखल के बाद कॉलेज प्रबंधन का एक्शन जैसे ही यूजीसी को पूरे मामले की जानकारी लगी तो अधिकारियों ने कॉलेज प्रबंधन को इस पूरे मामले से अवगत करवाया. इसके बाद कॉलेज प्रबंधन ने जूनियर छात्राओं की शिकायत पर रैगिंग की आरोपी तीन छात्राओं की जांच पड़ताल शुरू की. जांच पड़ताल के दौरान सीनियर छात्राओं ने कॉलेज प्रबंधन को यह जवाब दिया कि उन्होंने सिर्फ अनुशासन बनाए रखने के लिए इस तरह की हरकत की थी. इस पर कॉलेज प्रबंधन ने छात्राओं को बताया कि अनुशासन बनाने के लिए इस तरह का दबाव बनाना भी रैगिंग की श्रेणी में आता है. डेंटल फर्स्ट ईयर में केवल 6 छात्र शासकीय डेंटल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉक्टर अलका गुप्ता ने बताया, '' रैगिंग से संबंधित शिकायत कॉलेज की जूनियर छात्राओं द्वारा यूजीसी को की गई थी. उसी के बाद जांच कर तीन छात्रों को सस्पेंड कर दिया गया है और पूरे मामले की जानकारी भी यूजीसी को दे दी गई है.'' इंदौर के शासकीय डेंटल कॉलेज के एमडीएस प्रथम वर्ष की बैच में 6 ही छात्र हैं, जिसमें एक छात्र और 5 छात्राएं हैं और इन्हीं लोगों ने तीन सीनियर छात्राओं की रैगिंग को लेकर शिकायत की थी.

कोहरे का असर रेल ट्रांसपोर्ट पर, MP-मुंबई स्पेशल ट्रेनें लेट, यात्री परेशान

भोपाल  कोहरे का असर आम जनजीवन के अलावा रेल यातायात पर नजर आ रहा है। दिल्ली, नागपुर, जबलपुर और मुंबई की तरफ से आने वाली ट्रेनें अपने समय से लेट चल रही है। सोमवार को 18238 छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस (Chhattisgarh Express) अपने निर्धारित समय से 1 घंटे की देरी से इटारसी रेलवे स्टेशन पहुंची। इसके अलावा 22533 यशवंतपुर सुपर फास्ट (Yesvantpur Superfast) 2 घंटे लेट चली। 12715 सचखंड एक्सप्रेस (Sachkhand Express) अपने तय समय से तीन घंटे की देरी से इटारसी स्टेशन पर पहुंची। कोहरे के कारण दिल्ली से आने वाली ट्रेनें लेट इधर, ठंड बढ़ने के साथ ही शहर में सुबह सूर्यउदय के समय घना कोहरा छाया रहा। जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। लोग ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आ रहे हैं। कोहरे की वजह से दिल्ली से आने वाली कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। नगरपालिका ने शहर के जयस्तंभचौक, रेलवे स्टेशन के सामने रेन बसेरा के पास सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाए हैं। जिससे लोग राहत महसूस कर रहे हैं। रीवा-मुंबई के बीच चलेंगी दो स्पेशल ट्रेन रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और बढ़ती मांग को देखते हुए रीवा और मुंबई (सीएसएमटी) के बीच दो-दो ट्रिप स्पेशल ट्रेनें (Rewa-CSMT Special Trains) चलाने का निर्णय लिया है। ये ट्रेनें इटारसी होकर गुजरेंगी, जिससे नर्मदापुरम और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। पीआरओ रेलवे ने बताया कि रीवा से सीएसएमटी के लिए स्पेशल ट्रेन गुरुवार 1 जनवरी और 8 जनवरी को रवाना होगी। वापसी में सीएसएमटी से रीवा के लिए यह ट्रेन शुक्रवार 2 जनवरी और 9 जनवरी को चलाई जाएगी। 02187 रीवा-सीएसएमटी स्पेशल ट्रेन रीवा से दोपहर 3.50 बजे प्रस्थान करेगी।

सरस राजसखी मेले में दिखा भारत–एक सूत्रधार, परंपरा और तकनीक ने रचा नया रंग

जयपुर भारत को एक सूत्र में पिरोने की भावना को साकार करती “भारत – एक सूत्रधार” की थीम पर आधारित सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला-2025 इन दिनों लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। मेले में देश के विभिन्न राज्यों से आए हस्तशिल्प, वस्त्र, व्यंजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भारतीय विविधता की एक जीवंत तस्वीर पेश कर रही हैं। मेले के दौरान एनआईएफ ग्लोबल जयपुर, कमला पोद्दार इंस्टीट्यूट एवं राजीविका के संयुक्त तत्वावधान में डिजिटल सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने हेतु एक जागरूकता नाट्य प्रस्तुति भी दी गई। इस प्रस्तुति के माध्यम से आत्मविश्वास, ग्रूमिंग तथा डिजिटल टूल्स के महत्व को सरल और प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। नाट्य दृश्यों के जरिए यह संदेश दिया गया कि कॉन्फिडेंट कम्युनिकेशन और प्रभावी प्रेज़ेंटेशन से ग्राहक जुड़ाव बेहतर होता है, वहीं ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम और कैशलेस लेन-देन आज के डिजिटल युग में व्यवसाय की आवश्यकता बन चुके हैं। इसके साथ ही वाट्सअप, वाट्सअप बिजनेस और इंस्टाग्राम  जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से घर बैठे व्यवसाय विस्तार, ऑर्डर मैनेजमेंट, डिलीवरी तथा उत्पाद प्रचार के तरीकों को भी प्रस्तुत किया गया। एनआईएफ ग्लोबल जयपुर और कमला पोद्दार इंस्टीट्यूट के स्टूडेंट्स द्वारा मंचित इस नाट्य प्रस्तुति को दर्शकों ने सराहा और इसे डिजिटल साक्षरता एवं आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सार्थक पहल बताया। मेले में टेक्सटाइल सेक्शन में खास तौर पर महिलाओं की भारी भीड़ देखने को मिली। पंजाब, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों से आए पारंपरिक वस्त्र अपनी विशिष्ट पहचान और आकर्षक बनावट के कारण खासे लोकप्रिय हो रहे हैं। रंग-बिरंगे परिधान, बारीक हस्तनिर्मित डिज़ाइन, पारंपरिक कढ़ाई और क्षेत्रीय कला की झलक ने खरीदारों को अपनी ओर आकर्षित किया है। रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान कलाकारों द्वारा प्रस्तुत राजस्थानी लोक नृत्य और मधुर मांड गायन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं बिहार के पारंपरिक लोक नृत्य- जजिया और जाट-जतिन- की जीवंत और भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने माहौल को और भी उत्साहपूर्ण बना दिया। दर्शकगण तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन करते नजर आए और पूरा परिसर उत्सवधर्मी वातावरण में डूब गया।

सागर: बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में एक साथ बनेंगे 10 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर

सागर  बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) सागर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। सागर विधायक शैलेंद्र जैन के सतत प्रयासों से अस्पताल परिसर में एक साथ 10 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर का निर्माण किया जा रहा है, जिससे एक ही समय में 10 अलग-अलग विधाओं के ऑपरेशन संभव हो सकेंगे। 16 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण विधायक जैन ने बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से 60,000 वर्गफुट क्षेत्रफल में आधुनिक स्ट्रक्चर का निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 10 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर की स्थापना के लिए लगभग 15 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि से अत्याधुनिक सुविधाओं का निर्माण प्रस्तावित है। सागर के स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि साबित होगी उन्होंने कहा कि यह परियोजना सागर के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी। विधायक जैन ने बताया कि वर्तमान में ऑपरेशन थिएटर की कमी के कारण कई मरीजों को अपने ऑपरेशन के लिए कई दिनों तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है। 10 नए मॉड्यूलर ओटी के निर्माण से न केवल मरीजों को समय पर उपचार मिलेगा, बल्कि चिकित्सकों को भी बेहतर और सुगम कार्य वातावरण उपलब्ध होगा। विभिन्न प्रकार के रोगियों के ऑपरेशन एक साथ इससे विभिन्न प्रकार के रोगियों के ऑपरेशन एक साथ और अधिक प्रभावी ढंग से किए जा सकेंगे। मंगलवार को विधायक जैन ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. पीएस ठाकुर के साथ निर्माणाधीन ऑपरेशन थिएटर भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए ठेकेदार को कार्य शीघ्र, गुणवत्तापूर्ण एवं समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के अधिकारी, चिकित्सक एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। परियोजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र के हजारों मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का सीधा लाभ मिलेगा।

राजस्थान में ठंड का प्रकोप, घना कोहरा और जमाव बिंदु के करीब तापमान, शेखावाटी में अलर्ट

 जयपुर  राजस्थान में एक बार फिर सर्दी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। उत्तर-पश्चिमी जिलों में सक्रिय शीत लहर के प्रभाव से बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। शेखावाटी अंचल में ठंड सबसे ज्यादा असरदार रही, जहां सीकर जिले के फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 1.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो जमाव बिंदु के बेहद करीब है। बुधवार सुबह सीकर और आसपास के क्षेत्रों में ओस जमने की स्थिति बनी, जबकि कई जिलों में हल्के से मध्यम और कहीं-कहीं घना कोहरा छाया रहा। कोहरे के कारण दृश्यता प्रभावित हुई और जनजीवन पर असर देखा गया। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, बीकानेर, जोधपुर, चूरू, झुंझुनूं, गंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में घने कोहरे की स्थिति बनी रही, जिससे दिन के तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट आई। आगे क्या रहेगा मौसम का मिज़ाज? मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले कुछ दिनों में तापमान में और गिरावट हो सकती है। इसके साथ ही शीतलहर का दायरा बढ़ने और रात के तापमान में और कमी आने की संभावना है। कमजोर उत्तरी हवाओं और कोहरे के कारण कुछ शहरों में न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर भी दर्ज किया गया, लेकिन ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है। कोहरे और शीतलहर को देखते हुए नागरिकों को सुबह-शाम सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।

भोपाल में रोड विस्तार के लिए 7 हजार से अधिक पेड़ों की कटाई, NHAI के दावे पर उठे सवाल

भोपाल देश में विकास बनाम पर्यावरण की बहस अभी थमी भी नहीं थी कि अब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक और चिंता बढ़ाने वाली तस्वीर सामने आ रही है. झीलों और हरियाली के लिए पहचाने जाने वाले भोपाल में अब विकास के नाम पर हज़ारों पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलने वाली है. मामला शहर के बीचोबीच स्थित अयोध्या बायपास का है, जहां सड़क चौड़ीकरण की आड़ में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई शुरू हो चुकी है. जिस विकास की बात की जा रही है, उसकी कीमत भोपाल की हरियाली को चुकानी पड़ रही है. अयोध्या बायपास, जो भोपाल के सबसे व्यस्त और अहम मार्गों में से एक है, अब फोर लेन से सिक्स लेन बनने जा रहा है. इसके साथ ही दोनों ओर दो-दो लेन की सर्विस रोड भी तैयार की जाएगीए जिसके बाद यह सड़क 10 लेन की हो जाएगी. इस परियोजना के तहत हजारों पेड़ों की कटाई होनी है. जैसे ही यह जानकारी सामने आई, पर्यावरणविदों, प्रकृति प्रेमियों और सामाजिक संगठनों में नाराजगी फैल गई. सवाल उठने लगे कि क्या ट्रैफिक समाधान का यही एकमात्र रास्ता है, और क्या हर बार विकास की कीमत पेड़ों को चुकानी पड़ेगी? इस पूरे प्रोजेक्ट की ज़िम्मेदारी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी NHAI के पास है. एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर देवांश नुवल का तर्क है कि आने वाले वर्षों में ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ेगा और सड़क चौड़ीकरण से जाम की समस्या से राहत मिलेगी.  मामला NGT तक पहुंचा और NGT के निर्देश पर एक विशेष समिति का गठन किया गया, जिसने पूरे प्रोजेक्ट और पेड़ों की स्थिति की जांच की. जांच के बाद समिति ने 10 हजार की बजाय 7,871 पेड़ों की कटाई को सशर्त मंजूरी दी. इन शर्तों के मुताबिक, काटे जाने वाले हर एक पेड़ के बदले 10 नए पौधे लगाए जाएंगे. यानी लगभग 80 हज़ार पौधरोपण का दावा किया गया है. NHAI का कहना है कि पौधरोपण सिर्फ कागज़ों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसकी निगरानी भी की जाएगी और पौधों के जीवित रहने की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी लेकिन पर्यावरण विशेषज्ञ इन दावों पर सवाल उठा रहे हैं. उनका कहना है कि वर्षों पुराने, बड़े और छायादार पेड़ों की भरपाई केवल पौधे लगाकर नहीं की जा सकती. एक पेड़ बनने में दशकों लगते हैं और उसका पर्यावरणीय योगदान किसी नए पौधे से तुरंत पूरा नहीं हो सकता. भोपाल के रहने वाने नितिन सक्सेना ने इन पेड़ों की कटाई को लेकर एनजीटी में याचिका भी लगाई लेकिन पेड़ों की कटाई को रोक नहीं पाए विकास की रफ्तार तेज है, लेकिन उसकी कीमत भी कम नहीं. आज सड़कें चौड़ी होंगी, ट्रैफिक सुगम होगा, लेकिन क्या कल शहर सांस ले पाएगा? कागजों पर दस गुना पौधरोपण के वादे हैं, मगर जमीन पर गिरते पुराने पेड़ उस भरोसे को सवालों के घेरे में खड़ा कर रहे हैं. भोपाल, जो कभी हरियाली की पहचान था, अब एक अहम मोड़ पर खड़ा है जहां फैसला सिर्फ सड़क का नहीं, आने वाली पीढ़ियों की सांसों का भी है