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स्कूलों की छुट्टी का ऐलान: DM ने तय किया बंद रहने का समय

शिवहर बिहार में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बढ़ती ठंड के बीच कई जिलों में स्कूल बंद  कर दिए गए हैं। इसी बीच शिवहर जिला प्रशासन ने भी स्कूल बंद  को लेकर बड़ा आदेश जारी कर दिया है। शिक्षकों को प्रतिदिन स्कूल आना अनिवार्य शिवहर जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने कक्षा 1 से 8 तक के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को 21 दिसंबर तक बंद रखने का आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार, सिर्फ बच्चों को छुट्टी रहेगी जबकि शिक्षकों को प्रतिदिन स्कूल आना अनिवार्य होगा। शिक्षक विद्यालय से संबंधित प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्यों का निष्पादन करेंगे। जिलाधिकारी का कहना है कि अत्यधिक ठंड के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसके मद्देनजर स्कूल बंद करने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा प्रशासन ने बच्चों को ठंड से बचाने के लिए सावधानियां बरतने की अपील की है।  

जब हद से बढ़ा मच्छरों का आतंक: युवक ने मारे मच्छर पैक किए और सीधे नगर निगम में किया प्रदर्शन

रायपुर  छत्तीसगढ़ में एक आदमी ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। मच्छरों के काटने के बाद उसने उसे मारकर प्लास्टिक की थैली में पैक किया। फिर उसे लेकर नगर निगम कार्यालय पहुंच गया। वहां उसने निगम के हेल्थ अधिकारी से उसकी जांच करने को कहा। उसे शंका थी कि कहीं ये मच्छर डेंगू के वाहक तो नहीं थे। रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक युवक ने अपनी शिकायत को प्लास्टिक की थैली में बंद करके अधिकारियों तक पहुंचाने का अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। रायपुर के वामनराव लाखे वार्ड में मच्छरों के काटने के बाद युवक ने मच्छरों को मारकर उन्हें करीने से पैक किया और सीधे रायपुर नगर निगम कार्यालय लेकर पहुंच गया। दौलल पटेल नाम के इस आदमी ने बताया कि उसे डर था कि उसे काटने वाले मच्छर डेंगू के वाहक हो सकते हैं। घबराकर उसने पहले डॉक्टर से सलाह ली, जिसने उसे मच्छरों की जांच करवाने की सलाह दी। सामाजिक कार्यकर्ता विजय सोना और नगर निगम के विपक्ष के नेता आकाश तिवारी के साथ पटेल ने पॉलीथीन बैग में अच्छी तरह से सील किए गए मच्छरों को नगर निगम मुख्यालय में स्वास्थ्य अधिकारी को सौंप दिया। नगर निगम के अधिकारियों ने तुरंत डॉक्टरों से संपर्क किया और आशंकाओं को दूर करने के लिए परीक्षण की व्यवस्था की। हालांकि, रिपोर्ट से कुछ राहत मिली क्योंकि ये मच्छर डेंगू फैलाने वाले नहीं बल्कि सामान्य मच्छर निकले। विपक्ष ने इस घटना को हाथोंहाथ लपक लिया। नगर निगम में विपक्ष के नेता आकाश तिवारी ने कहा कि इस घटना ने शहर की मच्छर नियंत्रण व्यवस्था की विफलता को उजागर कर दिया है। कहा कि कागज पर तो लोगों को 'स्वच्छ रायपुर, सुंदर रायपुर' का सपना दिखाया जा रहा है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि निवासियों को मच्छरों को मारकर नगर निगम कार्यालय लाना पड़ रहा है। वहीं, लोगों का कहना है कि मच्छरों का प्रकोप चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। लोग डेंगू और मलेरिया के भय में जी रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ साल पहले इसी इलाके के एक युवक की मच्छर के काटने से मौत हो गई थी। आकाश तिवारी ने कहा कि अगर लोगों को खुद मच्छर पकड़ने पड़ रहे हैं और अधिकारियों को समस्या साबित करनी पड़ रही है तो शहर के अन्य हिस्सों की स्थिति का तो अंदाजा ही लगाया जा सकता है। राज्य के बाकी हिस्सों की तो बात ही छोड़िए। कार्यकर्ता विजय सोना ने बताया कि उन्होंने अपने घर के पास मच्छरों के पनपने की शिकायत नगर निगम के अधिकारियों से बार-बार की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने दावा किया कि उनके परिवार के एक सदस्य की मच्छर जनित बीमारी से मौत हो चुकी है। रायपुर नगर निगम के अधिकारियों ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग और लार्वा रोधी छिड़काव तेज किया जाएगा। हालांकि, निवासी अभी भी संशय में हैं। उनका कहना है कि मच्छर नियंत्रण पर हर साल करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद, खुली नालियां और खराब जल निकासी व्यवस्था मच्छरों के पनपने के लिए आदर्श स्थान बनी हुई है।

दतिया में टीकाकरण के बाद बड़ा हादसा: एक बच्चे की मौत, तीन अस्पताल में भर्ती

दतिया दुरसड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ककरऊआ में शुक्रवार को हुए टीकाकरण के दौरान वैक्सीन लगाए जाने के बाद डेढ़ माह के एक मासूम बच्चे की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद गांव में हड़कंप और आक्रोश का माहौल है। नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में वैक्सीन लगाई गई जानकारी के अनुसार शुक्रवार को गांव में आशा कार्यकर्ता द्वारा नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत बच्चों को वैक्सीन लगाई गई थी। टीकाकरण के कुछ समय बाद एक डेढ़ माह के बच्चे की हालत अचानक बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। वहीं तीन अन्य बच्चों में भी अस्वस्थता के लक्षण सामने आए, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल दतिया रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। शिकायत लेकर कलेक्टर के बंगले पर पहुंचे लोग घटना से आक्रोशित ग्रामीण बड़ी संख्या में शिकायत लेकर दतिया कलेक्टर के बंगले पहुंचे। ग्रामीणों ने टीकाकरण में लापरवाही और स्वास्थ्य अमले की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। जांच के आदेश ग्रामीणों की शिकायत पर कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि मामले में यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंचकर जानकारी जुटा रही है और टीकाकरण से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं की जांच कर रही है। वहीं जिला अस्पताल में भर्ती बच्चों की हालत पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है।

उत्तर भारत में ठंड का कहर: हरियाणा-पंजाब और चंडीगढ़ कोहरे की चादर में लिपटे

चंडीगढ़ पंजाब एवं हरियाणा व चंडीगढ़ में कड़ाके की ठंड जारी है और दोनों राज्यों के कई इलाकों में शनिवार को घने कोहरे की चादर छाई रही। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को पंजाब में फरीदकोट सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। स्थानीय मौसम विभाग के मुताबिक, अमृतसर में न्यूनतम तापमान 9.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक है। लुधियाना और पटियाला में क्रमशः 9.6 और 9.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया जो सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक है। पठानकोट में न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि बठिंडा में यह 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गुरदासपुर का न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस रहा। पंजाब एवं हरियाणा की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 11.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक है। पड़ोसी राज्य हरियाणा के जींद में न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अंबाला में न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से चार डिग्री अधिक है जबकि हिसार में 6.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री कम है। करनाल में न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस और नारनौल में 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि रोहतक, भिवानी और सिरसा में क्रमशः 6.8, सात और सात डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा।

वंदे मातरम् को लेकर हरियाणा विधानसभा में बवाल, लंबी बहस और शोरगुल के बाद मुख्यमंत्री हुड्डा ने दिलाई सहमति

हरियाणा  हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान शुक्रवार को राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ पर शुरू हुई चर्चा ने सदन को सियासी अखाड़े में बदल दिया। शून्यकाल में उठी एक वैचारिक बहस कई घंटों के हंगामे के बाद दस कांग्रेस विधायकों के नेम, मार्शलों के साथ धक्का-मुक्की, नारेबाजी, और अंततः मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सहमति से सुलह तक पहुंची। विवाद की शुरुआत कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला के भाषण से हुई। उन्होंने ‘वंदे मातरम’ की हर पंक्ति को पर्यावरणीय संकट से जोड़ते हुए सवाल खड़े किए। सुरजेवाला ने भावुक लहजे में कहा- ‘जिस मां के दूध को जहर बना दिया, उसे प्रणाम करने का नैतिक अधिकार किसे है। आदित्य के भाषण पर परिवहन मंत्री अनिल विज ने कड़ी आपत्ति जताई। बहस तीखी हुई। बादली विधायक कुलदीप वत्स ने भाजपा को घेरा। शून्यकाल के बाद विधायक घनश्याम ने ‘वंदे मातरम’ पर चर्चा का प्रस्ताव रखा, जिसे स्पीकर हरविन्द्र कल्याण ने स्वीकार कर लिया। लंच के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चर्चा की शुरुअात की। सीएम ने ‘वंदे मातरम’ को सबके लिए वंदनीय, युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया और इसके ऐतिहासिक महत्व पर कहा कि एक दौर में पंडित जवाहरलाल नेहरू को भी इसकी गूंज से अपनी कुर्सी डोलती नजर आई। इतना सुनते ही कांग्रेस विधायक भड़क उठे। हुड्डा समेत कांग्रेस विधायक वेल में पहुंच गए, नारेबाजी शुरू हो गई और सदन की कार्यवाही ठप होने लगी। स्पीकर हरविन्द्र कल्याण ने नियमों के उल्लंघन पर कांग्रेस के दस विधायकों- कुलदीप वत्स, बलराम दांगी, इंदूराज भालू, अशोक अरोड़ा, गीता भुक्कल, शंकुलता खटक, जस्सी पेटवाड़, देवेंद्र हंस, नरेश सेलवाल और विकास सहारण को नेम कर दिया। इसके बावजूद विधायक नहीं उठे, तो स्पीकर ने मार्शल बुलाने के निर्देश दिए। इस दौरान जस्सी पेटवाड़, विकास सहारण, बलराम दांगी और नरेश सेलवाल को मार्शलों ने जबरन बाहर निकाला।संसदीय कार्य मंत्री महिपाल ने कांग्रेसियों के हंगामे पर कहा कि वंदे मातरम पर सही और दुरुस्त जानकारी देना सदन का फर्ज है। सहकारिता मंत्री अरविंद शर्मा ने कहा कि विरोध हो, लेकिन कोई वेल में न पहुंचे, ऐसे प्रबंध हों। कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने तंज कसा- ‘वेल में आना एक फैशन बन चुका है।’नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने संसदीय परंपराओं का हवाला देते हुए लंबी बहस के बाद मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि नेम किए गए विधायकों को वापस बुलाया जाए। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने भी स्पीकर से अनुरोध किया। इसके बाद स्पीकर ने सभी कांग्रेस विधायकों को सदन में बुला लिया और कई घंटों बाद सदन में शांति लौटी। 150 साल का मंत्र, 75 साल का संविधान मुख्यमंत्री ने ‘वंदे मातरम’ को सिर्फ गीत नहीं, सांस्कृतिक प्रतिकार बताया। उन्होंने कहा कि 1875 में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह मंत्र स्वाधीनता आंदोलन की आत्मा बना। 1905 के स्वदेशी आंदोलन से लेकर 1947 तक इसने बलिदान, त्याग और तपस्या की ज्वाला जगाई। 15 अगस्त, 1947 को पंडित ओंकार नाथ ठाकुर के गायन से देश भावुक हुआ। सीएम ने कहा- ‘यदि वंदे मातरम की भावना न होती, तो हम आज इस सदन में न होते।’ हुड्डा का तंज- अब भाजपा वाले सिखाएंगे वंदे मातरम सीएम की टिप्पणी पर भाजपा विधायकों की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि 16 फरवरी, 1921 को रोहतक में महात्मा गांधी, लाला लाजपत राय और मौलाना आजाद आये। उस ऐतिहासिक सभा में 25,000 लोग जुटे थे, जिसकी अध्यक्षता मेरे दादा चौ. मातूराम ने की थी। मेरे दादाजी, मेरे पिताजी ने वंदे मातरम कहा और मैं भी गर्व से वंदे मातरम कहता हूं। मुझे गर्व है कि वंदे मातरम को उस संविधान सभा ने राष्ट्रगीत के रूप में अपनाया, जिसमें मेरे पूजनीय पिताजी चौ. रणबीर सिंह हुड्डा सदस्य थे। अब क्या भाजपा वाले हमें वंदे मातरम सिखाएंगे?

नवा रायपुर अटल नगर में नई तहसील, 60 दिन में मांगी आम राय

रायपुर राज्य सरकार ने रायपुर जिले में नई तहसील के गठन की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नवा रायपुर अटल नगर को नई तहसील के रूप में सृजित करने का प्रस्ताव जारी किया गया है। इस संबंध में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित की है। अधिसूचना के अनुसार, रायपुर जिले की वर्तमान तहसील रायपुर, मंदिर हसौद, गोबरा नवापारा और अभनपुर की सीमाओं में परिवर्तन कर नई तहसील नवा रायपुर अटल नगर के गठन का प्रस्ताव रखा गया है। अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से 60 दिवस के भीतर इस प्रस्ताव पर आपत्ति या सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। निर्धारित अवधि के भीतर सचिव छत्तीसगढ़ शासन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, कैपिटल कॉम्प्लेक्स, नवा रायपुर अटल नगर को लिखित रूप में आपत्ति या सुझाव भेजे जा सकते हैं। 39 गांव होंगे नई तहसील में शामिल प्रस्तावित नई तहसील नवा रायपुर अटल नगर में कुल 6 राजस्व निरीक्षक मंडलों के अंतर्गत 20 पटवारी हल्कों के 39 गांवों को शामिल किया जाएगा। इनमें पलौद, मंदिर हसौद, केंद्री, तोरला, सेरीखेडी और रायपुर-18 कांदुल क्षेत्र के गांव शामिल हैं।अधिसूचना में नई तहसील की सीमाएं उत्तर: मंदिर हसौद, दक्षिण: अभनपुर, पूर्व: गोबरा नवापारा, पश्चिम: रायपुर भी स्पष्ट की गई है।

‘अभ्युदय एमपी ग्रोथ समिट’ से बदलेगा ग्वालियर का भविष्य: 25 दिसंबर को अमित शाह का आगमन, 2 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव

 भोपाल मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए ग्वालियर में बड़ा आयोजन होने जा रहा है। 25 दिसंबर को ‘अभ्युदय एमपी ग्रोथ समिट 2025’ का आयोजन होगा, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस समिट में निवेश और रोजगार सृजन पर गहन मंथन होगा। मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल के तहत ग्वालियर के मेला मैदान में 25 दिसंबर को ‘अभ्युदय एमपी ग्रोथ समिट 2025’ आयोजित की जा रही है। इस समिट का फोकस औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजन करना है। समिट में करीब 2 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों का भूमिपूजन किया जाएगा, जबकि 10 हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण होगा। इन परियोजनाओं से राज्य में हजारों नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे और वे इन निवेश परियोजनाओं की औपचारिक शुरुआत करेंगे। यह आयोजन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर हो रहा है, इसलिए समिट में अटल जी के जीवन और योगदान पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। समिट में विभिन्न विभागों की सफल योजनाओं और उपलब्धियों की प्रदर्शनियां भी होंगी, जिससे आम जनता को सरकार की योजनाओं की जानकारी मिल सकेगी और वे इसका लाभ उठा सकें।  मध्य प्रदेश सरकार का यह प्रयास राज्य को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाने और आर्थिक विकास को तेज करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 

कैंरावाली में दिनदहाड़े फायरिंग: पूर्व सरपंच के भाई को बनाया निशाना, एक बदमाश काबू, दो गाड़ियां बरामद

ऐलनाबाद  हरियाणा के सिरसा जिले के नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के गांव कैंरावाली में गत देर रात उस समय सनसनी फैल गई, जब पूर्व सरपंच के भाई पर गोली चला दी गई। गनीमत रही कि गोली किसी को नहीं लगी और पीड़ित बाल-बाल बच गया। परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए एक आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया, जबकि दो अन्य आरोपी अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी छोड़कर पैदल ही फरार हो गए। सूचना मिलने पर चौपटा पुलिस मौके पर पहुंची और एक आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। गांव कैंरावाली निवासी पूर्व सरपंच के भाई सुरेश कुमार पुत्र राम सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बीती रात करीब साढ़े 12 बजे तीन व्यक्ति एक गाड़ी में सवार होकर उनके घर पहुंचे। रात के समय गाड़ी आने और दरवाजा खटखटाने से परिवार के सदस्य जाग गए। जब सुरेश कुमार ने दरवाजा खोला तो आदमपुर निवासी राजकुमार ने उनसे गांव माखो सरानी जाने का रास्ता पूछा। बताया गया कि बातचीत के दौरान अचानक राजकुमार ने पिस्तौल निकालकर गोली चला दी। गोली सुरेश कुमार को नहीं लगी और वह बाल-बाल बच गए। गोली चलने की आवाज सुनते ही घर के अन्य सदस्य और आसपास के लोग बाहर आ गए। शोर मचने पर आरोपी घबरा गए। इसी दौरान परिजनों ने हिम्मत दिखाते हुए राजकुमार को पकड़ लिया, जबकि उसके साथ आए दो अन्य आरोपी मौके से पैदल ही भाग निकले। फरार होते समय आरोपी अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी वहीं छोड़ गए। घटना की सूचना तुरंत चौपटा पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने मौके से स्कॉर्पियो गाड़ी को कब्जे में लिया है। पकड़े गए आरोपी राजकुमार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में पुलिस हमले के पीछे की वजह और आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि आरोपी को पकड़ने के दौरान ग्रामीणों और परिजनों द्वारा उसकी पिटाई कर दी गई, जिससे वह घायल हो गया। इसके बाद पुलिस ने घायल आरोपी राजकुमार को चौपटा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती करवाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए सिरसा रेफर कर दिया गया। चौपटा थाना के एएसआई अशोक कुमार ने बताया कि इस संबंध में नाथुसरी चोपटा थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही हैं। गांव में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना दोबारा न हो।

घना कोहरा और ठंड बढ़ने की चेतावनी, छत्तीसगढ़ के कई जिलों में सतर्कता

रायपुर छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड का सितम जारी है. राज्य के मध्य हिस्से में अगले दो दिन शीतलहर के हालात बनने और उत्तरी इलाके में सुबह के वक्त घना कोहरा रहने का अलर्ट मौसम विभाग द्वारा जारी किया गया है. वहीं अगले दो दिनों तक 6 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा 7 जिलों में कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार, सरगुजा संभाग के जिलों में कुछ स्थानों पर मध्यम से घना कोहरा छा सकता है. वहीं बिलासपुर संभाग के जिलों में भी एक-दो स्थानों पर कोहरे की स्थिति बनने की संभावना है. अगले दो दिनों तक तापमान में विशेष बदलाव के आसार नहीं हैं. इसके बाद 3 दिनों में 1-2 डिग्री सेल्सियस तापमान बढ़ सकता है. पिछले चौबीस घंटे में माना समेत कई इलाकों का तापमान एक बार फिर 10 डिग्री से नीचे जा चुका है. प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 30.0 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में दर्ज किया गया. वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया. 6 जिलों में शीतलहर का अलर्ट, 7 जिलों में छाए रहेगा कोहरा मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों के लिए रायपुर, खैरागढ़- छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, कबीरधाम और बेमेतरा जिलों के एक दो पैकेट में शीतलहर चलने की संभावना जताई है. इसी तरह 21 दिसंबर तक गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी- भरतपुर, सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर और बलरामपुर जिलों में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की संभावना जताई है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में आज सुबह के वक्त कुहासा छाए रहने की संभावना जताई गई है. अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने के आसार हैं.

पंजाब में ‘जी राम जी विधेयक’ पर सियासी हलचल तेज, सरकार बुलाएगी विधानसभा का विशेष सत्र

चंडीगढ़  मनरेगा के स्थान पर ‘विकसित भारत- जी राम जी विधेयक' लाए जाने के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शनों के बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार जनवरी के दूसरे सप्ताह में इस मुद्दे पर विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित करेगी। मान ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ‘मनरेगा' योजना में बदलाव करके गरीबों की आजीविका को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है… इस मनमानी के खिलाफ पंजाबियों की आवाज उठाने के लिए जनवरी के दूसरे सप्ताह में पंजाब विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाया जाएगा।'