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एसआईआर अभियान को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने की पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक

गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा कार्यकर्ताओं का आह्वान किया है कि वे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में अपना शत प्रतिशत योगदान दें। एसआई आर में लगने वाली आपकी मेहनत लोकतंत्र के लिए है इसलिए घर-घर संपर्क करें। एक-एक नाम जुड़वाने का काम करें। मतदाता सूची में कोई भी पात्र मतदाता छूटने न पाए। कार्यकर्ता घर-घर जाकर गणना प्रपत्र भरवाने का कार्य करें। सीएम योगी शुक्रवार दोपहर बाद योगिराज बाबा गम्भीरनाथ प्रेक्षागृह में एसआईआर अभियान को लेकर  भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर रहे थे। बैठक में भाजपा महानगर के सात मंडलों के पदाधिकारी-कार्यकर्ता शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग भारत के लोकतंत्र को कमजोर करना चाहते हैं, वही लोग एसआईआर पर अनर्गल टिप्पणी कर रहे हैं। वह जीते तो उनका पुरुषार्थ और अगर वह हारते हैं तो इवीएम को दोषी ठहराते हैं। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों का यही एकमात्र मुद्दा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र मजबूत होगा देश मजबूत होगा। विपक्षी पार्टियां नहीं चाहतीं कि लोकतंत्र मजबूत हो। मुख्यमंत्री ने एसआईआर अभियान को एक राष्ट्रीय जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती में सभी को अपना योगदान देना होगा। उन्होंने मंडल अध्यक्षों से एसआईआर के तहत अब तक किए गए कार्यों का वृत्त लिया और प्रारूप 6, 7 और 8 का बैग भी कार्यकर्ताओं को दिया।  बैठक को सांसद रविकिशन शुक्ल, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ.धर्मेंद्र सिंह ने भी संबोधित किया। विषय प्रस्तावना, स्वागत भाषण व आभार ज्ञापन महानगर संयोजक राजेश गुप्ता ने तथा संचालन महामंत्री अच्युतानंद शाही ने किया। बैठक में विधायक विपिन सिंह, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष  विश्वजितांशु सिंह आशु, डॉ. सत्येन्द्र सिन्हा, महानगर महामंत्री ओमप्रकाश शर्मा, इन्द्रमणि उपाध्याय, महानगर इकाई के अन्य पदाधिकारी, राप्ती नगर, मालवीय नगर, दीनदयाल नगर, गोरक्ष नगर, आर्य नगर, बिस्मिल नगर व गीता नगर मंडलों के अध्यक्ष, मंडल पदाधिकारी, बूथ अध्यक्ष, शक्ति केंद्र संयोजक आदि उपस्थित रहे।

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के निर्देशों के बाद आयुष्मान कार्ड वितरण में आई तेजी

अब तक 12, 283 करोड़ रुपये से अधिक के इलाज के क्लेम सेटल 9 करोड़ लक्षित लाभार्थियों में से 5,42,13,534 आयुष्मान कार्ड हुए जारी लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना आम नागरिकों तक तेज़ी से पहुँच रही है। सरकार का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि कोई भी पात्र गरीब परिवार स्वास्थ्य सुविधा से वंचित न रहे। प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत 9 करोड़ लक्षित लाभार्थियों में से 5,42,13,534 आयुष्मान कार्ड हुए जारी हो चुका है।  करोड़ों रुपये का कैशलेस इलाज, गरीबों को बड़ी राहत आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है। यह सुविधा प्रदेश के सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी दी जा रही है। अब तक योजना के अंतर्गत 74.4 लाख लाभार्थियों के इलाज के मामले, 12,283 करोड़ रुपये से अधिक का क्लेम सेटल किया जा चुका है। इससे लाखों परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक संबल मिला है। मुख्यमंत्री योगी की सख्ती से व्यवस्था में सुधार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आयुष्मान कार्ड बनाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अवरोध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी का परिणाम है कि अब विभागीय स्तर पर कार्ड पूरी तरह मुफ्त और सरल प्रक्रिया से बनाए जा रहे हैं, जिससे आम नागरिकों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे। हर तबके तक पहुंचाने का संकल्प योगी सरकार का लक्ष्य है कि यह योजना केवल कागज़ों तक सीमित न रहे, बल्कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक वास्तविक लाभ पहुंचे। आयुष्मान कार्ड ने प्रदेश के गरीब, श्रमिक, वृद्ध और जरूरतमंद परिवारों को इलाज के लिए कर्ज या जमीन बेचने की मजबूरी से राहत दी है।

‘गरिमा भूलना लोकतंत्र का अपमान’—हिजाब विवाद में रांची में नीतीश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन

रांची हिजाब प्रकरण को लेकर बिहार से लेकर झारखंड तक बवाल मचा हुआ है. शुक्रवार को रांची में झारखंड मुस्लिम युवा मंच के सदस्यों ने ‘महिलाओं का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारों के साथ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला फूंका. मोहम्मद शाहिद अय्यूबी ने कहा कि जब कोई संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति अपनी मर्यादा भूलकर महिला का अपमान करता है, तो वह केवल एक महिला नहीं बल्कि पूरे समाज, संविधान और लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुंचाता है. झारखंड मुस्लिम युवा मंच के अध्यक्ष मोहम्मद शाहिद अय्यूबी ने कहा कि हम उस देश में रहते हैं जहां नारी को शक्ति, सम्मान और संवेदना का प्रतीक माना गया है. हिंदू धर्म में नारी को दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती का स्वरूप कहा गया है. वहीं इस्लाम में मां के कदमों तले जन्नत बताई गई है और बेटी को जिगर का टुकड़ा बताया गया है. याद दिल दें कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा नियुक्ति पत्र वितरण के दौरान कथित तौर पर एक महिला डॉक्टर के हिजाब हटाने वाले प्रकरण को लेकर झारखंड की राजधानी रांची में मुस्लिम युवा मंच ने जोरदार प्रदर्शन किया. संगठन के अध्यक्ष मोहम्मद शाहिद अय्यूबी के नेतृत्व में आक्रोशित युवाओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला दहन कर कड़ा विरोध दर्ज कराया. अय्यूबी ने कहा कि जब कोई संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति अपनी मर्यादा भूलकर महिला का अपमान करता है, तो वह केवल एक महिला नहीं बल्कि पूरे समाज, संविधान और लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुंचाता है. उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ केवल एक सरकारी नारा नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है, जिसे आचरण और भाषा दोनों में अपनाना होगा. दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे देश में महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकारों का खुलेआम हनन हो रहा है. झारखंड मुस्लिम युवा मंच ने केंद्र एवं राज्य सरकारों से मांग की कि वे महिला अधिकारों और अल्पसंख्यक अधिकारों की केवल बात न करें, बल्कि सख्त कानून, स्पष्ट कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में कोई भी प्रभावशाली व्यक्ति इस तरह का दुस्साहस न कर सके. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ हाथों में तख्तियां लेकर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया. यह विरोध आंदोलन किसी एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि महिला सम्मान, लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए है. जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती और सार्वजनिक जीवन में महिलाओं के सम्मान की गारंटी नहीं दी जाती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा. मोहम्मद शाहिद ने कहा कि जब देश की बेटियां शिक्षा, चिकित्सा, विज्ञान और प्रशासन के क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रही हैं, तब उन्हें इस प्रकार अपमानित किया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक मर्यादाओं के खिलाफ है. देश में किसी महिला, वह भी एक डॉक्टर के साथ, इस तरह का व्यवहार अत्यंत निंदनीय और शर्मनाक है.

महिला वकील को थाने में अवैध रूप से रोके जाने का मामला, सुप्रीम कोर्ट सख्त, यूपी व केंद्र से जवाब तलब

नोएडा नोएडा के एक थाने में महिला वकील को कथित रूप से कई घंटे तक बंधक बनाकर यौन शोषण करने के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने गौतमबुद्ध नगर के पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया है कि घटना वाले दिन पुलिस स्टेशन में लगे कैमरों की फुटेज किसी भी स्थिति में न हटाई जाए और उसे सीलबंद लिफाफे में सुरक्षित रखा जाए। महिला वकील ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को सेक्टर-126 पुलिस स्टेशन में उस समय तैनात अधिकारियों के खिलाफ तुरंत प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया जाए। साथ ही उन्होंने मांग की है कि मामले की जांच एसआईटी या सीबीआई को सौंपी जाए, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके। जस्टिस विक्रम नाथ और एन. वी. अंजारिया की पीठ ने पीड़ित वकील की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई की। याचिका में दावा किया गया है कि तीन दिसंबर की रात उन्हें सेक्टर-126 पुलिस स्टेशन में पुलिसकर्मियों द्वारा कथित रूप से 14 घंटे तक अवैध हिरासत में रखा गया। इस दौरान उनके साथ यौन उत्पीड़न और जबरदस्ती किए जाने का आरोप लगाया गया है, जबकि वह अपने मुवक्किल से जुड़े दायित्व निभाने के लिए वहां मौजूद थीं। पीठ ने मामले में केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और गौतमबुद्ध नगर के पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर सात जनवरी तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। डीसीपी नोएडा यमुना प्रसाद ने कहा कि मामला दो पक्षों के बीच विवाद से संबंधित था, जिसमें एक पक्ष की ओर से महिला अधिवक्ता भी थाने पहुंची थीं। उन्होंने बताया कि अब अधिवक्ता ने आरोप लगाया है कि थाने में उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। डीसीपी ने कहा कि पुलिस अपनी स्तर से पूरे मामले की जांच कर रही है और न्यायालय के सभी निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। याचिकाकर्ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने पीठ के समक्ष कहा कि यह अत्यंत गंभीर मामला है, जिसमें एक महिला वकील के साथ कथित यौन दुर्व्यवहार किया गया और उन्हें अवैध रूप से हिरासत में रखा गया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि यह घटना दिल्ली के पास नोएडा में हो रही है, तो पूरे देश की सुरक्षा स्थिति की गंभीरता को समझा जा सकता है। पीठ ने बताया कि आम तौर पर वह संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत इस तरह की याचिकाओं पर विचार नहीं करती और याचिकाकर्ता को संबंधित हाईकोर्ट जाने की स्वतंत्रता देती है। हालांकि, याचिका में लगाए गए गंभीर आरोपों और इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि मामला पुलिस स्टेशन में घटना के दौरान सीसीटीवी कैमरों को ब्लॉक करने से भी संबंधित है, अदालत ने इस याचिका पर विचार करने का निर्णय लिया। वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने पीड़ित महिला वकील की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा कि इस आदेश के बाद कोई भी उसे परेशान करने की हिम्मत नहीं करेगा। सुनवाई के दौरान, वरिष्ठ अधिवक्ता सिंह ने थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को तुरंत जब्त करने की भी मांग की। हाईकोर्ट क्यों नहीं गएः सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई की शुरुआत में सवाल किया कि याचिकाकर्ता ने अपनी शिकायत लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट से क्यों संपर्क नहीं किया। पीठ ने कहा कि उन्हें पूरी सहानुभूति है और हाईकोर्ट को उचित कार्रवाई करने देना चाहिए। इस पर महिला अधिवक्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट याचिका को हाईकोर्ट में ट्रांसफर कर सकता है। पीठ ने जवाब में कहा कि समस्या यह है कि यदि हम इस याचिका पर सुनवाई शुरू करते हैं, तो दिल्ली के आसपास के सभी मामले केवल सुप्रीम कोर्ट में ही आने लगेंगे। इसके बाद वरिष्ठ अधिवक्ता सिंह ने पीठ से अनुरोध किया कि इसे एक तरह का टेस्ट केस माना जाए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले से ही सीसीटीवी फुटेज मामले की निगरानी कर रहा है, जो अत्यंत महत्वपूर्ण है। ‘गर्दन पर पिस्टल रखा गया’ महिला वकील की ओर से याचिका में आरोप लगाया गया है कि पुलिसकर्मियों ने सरकारी पिस्तौल उनकी गर्दन पर रखकर मोबाइल फोन का पासवर्ड सौंपने के लिए मजबूर किया, जिससे उनकी जान तत्काल खतरे में पड़ गई। याचिकाकर्ता ने यह भी बताया कि उन्हें फर्जी मुठभेड़ में मारे जाने की धमकियां दी गईं। याचिका में यह आरोप भी शामिल है कि अधिकारियों ने थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों को दुर्भावनापूर्ण तरीके से बंद या हटा दिया, जो सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए अनिवार्य आदेश का स्पष्ट उल्लंघन था।

भोपाल को मिली मेट्रो की सौगात, आज होगा शुभारंभ, जानें रूट, किराया और समय

भोपाल यात्रीगण कृपया ध्यान दें … राजधानी को आठ साल बाद आज मेट्रो की सौगात मिलने जा रही है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शाम 5.10 सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन से मेट्रो को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके बाद शाम 5.15 बजे वह मेट्रो में बैठकर एम्स मेट्रो स्टेशन तक जाएंगे। जहां स्वागत कार्यक्रम में वह कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। हालांकि इसके पहले शाम 4 बजे मिंटो हॉल में भोपाल मेट्रो का लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित होगा। शाम 4.45 बजे लोकार्पण किया जाएगा। कार्यक्रम में देश के कई बड़े दिग्गज नेता शामिल हो रहे हैं। 21 दिसंबर से शहर के नागरिक मेट्रो में सफर कर सकेंगे। भोपाल मेट्रो सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगी। मेट्रो का न्यूनतम किराया 20 रुपये से शुरू है। तीन से पांच स्टेशन का किराया 30 रुपये और एम्स से सुभाष नगर तक का किराया 40 रुपये रहेगा। दिनभर में मेट्रो ट्रेन कुल 17 फेरे लगाएगी। सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन से 8 फेरे और एम्स मेट्रो स्टेशन से 9 फेरे लगाए जाएंगे। 75 मिनट के अंतराल में मेट्रो को चलाया जाएगा। इस दौरान मेट्रो 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। यात्री को मैन्युअली टिकट लेना होगा। मेट्रो का टाइम-टेबल क्या है? मेट्रो प्रशासन ने शुक्रवार को संचालन का टाइम-टेबल जारी किया। एम्स मेट्रो स्टेशन से पहली ट्रेन सुबह 9 बजे चलेगी और 9.25 बजे सुभाष नगर पहुंचेगी। सुभाष नगर से पहली ट्रेन 9.40 बजे रवाना होकर 10.05 बजे एम्स पहुंचेगी। एम्स से आखिरी ट्रेन शाम 7 बजे चलेगी, जो 7.25 बजे सुभाष नगर पहुंचेगी। वहीं सुभाष नगर से अंतिम ट्रेन शाम 6.25 बजे रवाना होकर 6.50 बजे एम्स स्टेशन पहुंचेगी।

शोक में नीतीश कुमार: सास का IGIMS में निधन, बेटे के साथ बांस घाट पहुंचे सीएम

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सास विद्यावती देवी का निधन हो गया है। उन्होंने 90 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। लंबे समय से बीमार चल रहीं विद्यावती देवी को 47 दिन पहले इलाज के लिए पटना के आईजीआईएमएस (IGIMS) में भर्ती कराया गया था, जहां शुक्रवार शाम करीब 6:40 बजे उनका निधन हो गया। इधर, आज सुबह अंतिम दर्शन के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना स्थित बांस घाट पहुंचे। उनके साथ उनके पुत्र निशांत कुमार भी मौजूद रहे। इस दौरान दोनों की आखें नम दिखीं। इसके अलावा मंत्री अशोक चौधरी, न्यास बोर्ड के अध्यक्ष रणवीर नंदन समेत NDA के कई वरिष्ठ नेता भी बांस घाट पहुंचे और अंतिम दर्शन किए।  बताया जा रहा है कि विद्यावती देवी पिछले काफी समय से अस्वस्थ थीं और चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन से मुख्यमंत्री परिवार में शोक की लहर है। राजनीतिक और सामाजिक जगत से जुड़े कई लोगों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। बांस घाट पर अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी कर ली गईं, जहां परिवार के सदस्यों और करीबी लोगों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया। सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने लिखा कि प्यारी नानी मां के देहांत की दुखद खबर से मन अत्यंत व्यथित और शोकाकुल है। वे केवल एक नानी ही नहीं, बल्कि स्नेह और ममता की वह छांव थीं, जिनके किस्से, दुलार और सदा मुस्कुराता चेहरा हमेशा हमारे हृदयों में जीवित रहेगा। उनका प्रेम, अपनापन और आशीर्वाद हमारे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने आगे लिखा कि आपने हमें प्यार, संस्कार और अच्छाई का पाठ पढ़ाया। मैं वादा करता हूं कि आपकी दी हुई सीख और मूल्यों को जीवन भर आत्मसात रखूंगा। आप जहाँ भी हों, सदैव सुखी रहें और ऊपर से हम सबको अपना आशीर्वाद देती रहें। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकसंतप्त परिवार को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।

घर बैठे बनेगा मैरिज सर्टिफिकेट, भोपाल में जल्द शुरू होगी ऑनलाइन सुविधा

 भोपाल  राजधानी वासियों को अब मैरिज सर्टिफिकेट बनवाने के लिए निगम कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे न ही किसी दलाल को रिश्वत देकर सर्टिफिकेट बनवाने की जरूरत पड़ेगी, क्योंकि अब यह काम ऑनलाइन होगा । गुरुवार को आयोजित टीएल की बैठक के दौरान निगमायुक्त संस्कृति जैन ने नागरिक सेवाओं को सरल और पारदर्शी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। शहर के नागरिक निगम की वेबसाइट पर आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर मैरिज सर्टिफिकेट ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। वार्ड में पदस्थ निगम कर्मचारी अपलोड किए गए दस्तावेजों के आधार पर मौके पर पंचनामा तैयार करेंगे और दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे। सत्यापन पूरा होने के बाद संबंधित व्यक्ति डिजिटल मैरिज सर्टिफिकेट ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। निगम आयुक्त ने आनलाइन सर्टिफिकेट जारी करने की पूरी प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। 50 दिन से ज्यादा कोई भी शिकायत लंबित न रहे बैठक के दौरान समय-सीमा की शिकायतों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए निगमायुक्त अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि 50 दिनों तक कोई भी शिकायत लंबित नहीं रहनी चाहिए। निर्धारित अवधि में शिकायतों का निराकरण कर उन्हें विलोपित कराया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बड़े बकायादरों पर करें सख्ती राजस्व वसूली की समीक्षा करते हुए निगम आयुक्त ने संपत्तिकर और बकाया करों की प्रभावी वसूली के निर्देश दिए, विशेष रूप से बड़े बकायादारों से सख्ती से कर वसूली करने को कहा। साथ ही लीज रेंट की राशि भी अनिवार्य रूप से जमा कराने के निर्देश दिए गए।

कब तक सहेंगे यह धुआँ?: दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता चौथे दिन खराब

नई दिल्ली राजधानी में स्थानीय कारकों के चलते प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में हवा की गति धीमी होने के चलते लगातार चौथे दिन भी हवा बेहद खराब श्रेणी में बरकरार है। सुबह की शुरुआत धुंध और कोहरे की मोटी परत से हुई। वहीं, पूरे दिन आसमान में स्मॉग की घनी चादर भी दिखाई दी। इसके चलते कई इलाकों में दृश्यता भी बेहद कम रही। साथ ही, लोगों को आंख में जलन व सांस के मरीजों को परेशानी हुई। ऐसे में शुक्रवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 374 दर्ज किया गया। यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है। इसमें गुरुवार की तुलना में एक सूचकांक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। दूसरी ओर, दिल्ली एनसीआर में नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 410 दर्ज किया गया, यह हवा की गंभीर श्रेणी है। वहीं, ग्रेटर नोएडा में 322, गाजियाबाद में 358 और गुरुग्राम में 322 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 251 दर्ज किया गया। यह हवा की खराब श्रेणी है। दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाला प्रदूषण 15.91 फीसदी रहा। इसके अलावा पेरिफेरल उद्योग से 7.95, आवासीय इलाकों से 3.86 और निर्माण गतिविधियों से 2.16 फीसदी की भागीदारी रही। सीपीसीबी के अनुसार, शुक्रवार को हवा पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा से 10 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 900 मीटर रही। इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 6000 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। दूसरी ओर, दोपहर तीन बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 292.4 और पीएम2.5 की मात्रा 183.7 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि शनिवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में बरकरार रहेगी। हालांकि, रविवार से सोमवार के बीच हवा के गंभीर श्रेणी में पहुंचने की आशंका है। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन, खांसी, खुजली, सिर दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, शुक्रवार को कई इलाकों में गंभीर और बेहद खराब श्रेणी में हवा दर्ज की गई।

झारखंड में क्रिसमस से न्यू ईयर तक कड़ाके की ठंड का अलर्ट, इतने डिग्री तक जाएगा पारा

रांची झारखंड में इस वक्त जबरदस्त ठंड देखने को मिल रही है। ठंड से लोगों का हाल बेहाल हो गया है। कहा जा रहा है कि अभी ठंड में और इजाफा होगा। मौसम विभाग के मुताबिक क्रिसमस से न्यू ईयर तक भीषण ठंड देखने को मिल सकती है। राज्य भर में क्रिसमस से न्यू ईयर तक प्रचंड ठंड मौसम विभाग के मुताबिक 19 से 25 दिसंबर के बीच न्यूनतम तापमान छह से 14 डिग्री तो 26 दिसंबर से एक जनवरी के दौरान सात से 14 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। ऐसे में राज्य भर में क्रिसमस से न्यू ईयर तक प्रचंड ठंड रह सकती है। क्रिसमस से न्यू ईयर तक ठंड में और इजाफा देखने को मिल सकता है। इसी बीच राहत की बात ये है कि इस दौरान स्कूली बच्चों की छुट्टियां पड़ जाएंगी जिससे उन्हें सुबह घने कोहरे में स्कूल जाना नहीं पड़ेगा। कहीं-कहीं शीतलहरी चलने की संभावना रांची मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक अभिषेक आनंद के मुताबिक, आज यानी शुक्रवार को राज्य के 10 जिलों गढ़वा, पलामू, हजारीबाग, चतरा, लातेहार, गिरिडीह, रांची, खूंटी और देवघर में घना कोहरा छाया रहेगा। इसके साथ ही कहीं-कहीं शीतलहरी चलने की संभावना है। इसके अलावा अन्य जिलों में भी सुबह के समय सामान्य कोहरा और कनकनी बढ़ने के साथ-साथ ठंडी हवा चलने की संभावना है। ठंड की वजह से घरों में दुबके लोग मौसम विभाग का कहना है अगले दो दिनों तक झारखंड में शीतलहर से लोगों को बचना है। राज्य की राजधानी रांची सहित अधिकांश जिलों का तापमान 10 डिग्री से नीचे चल रहा है। अधिकांश जिलों में कोहरे का व्यापक असर देखा जा रहा है तो वही शीतलहरी की दोहरी मार भी लोगों पर पड़ रह रही है। आलम यह है कि सुबह 7:00 बजे से पहले लोगों की सुबह की सैर पर निकलना भी मुश्किल हो गया है। वही शाम के बाद ग्रामीण इलाकों में पूरी तरीके से सड़क पर सन्नाटा देखा जा रहा है क्योंकि ठंड की वजह से लोग घर से निकलना नहीं चाह रहे है।  

एसआईआर के बाद भोपाल में मतदाता सूची में बदलाव, अभी भी है नाम जोड़ने का मौका

भोपाल   राजधानी भोपाल सहित मध्य प्रदेश में एसआईआर का पहला चरण पूरा हो गया है. 27 अक्टूबर की स्थिति में भोपाल में 21 लाख 25 हजार मतदात थे. लेकिन अब इनमें से 4 लाख 38 हजार मतदाओं के नाम नई मतदाता सूची से कट सकते हैं. भोपाल जिला उप निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया "एसआईआर का फार्म जमा करने के आखिरी दिन तक 79 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी कर ली गई है. जबकि 20.6 प्रतिशत यानि 4 लाख 38 हजार मतादाता अनकनेक्टेबल पाए गए हैं." 23 जनवरी को प्रकाशित होगा ड्राफ्ट भुवन गुप्ता ने बताया "मतदाता सूची का अंतिम ड्राफ्ट 23 जनवरी को प्रकाशित होगा. जो मतदाता इसमें शामिल नहीं होंगे, वो 23 जनवरी के बाद इसके लिए दावा-आपत्ति लगा सकते हैं. इसके साथ ही एक लाख 13 हजार मतदाता ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जिनका 2003 की मतदाता सूची से लिंक नहीं मिला. ये मतदाता भी नौ मैपिंग की श्रेणी में हैं. इनकी व्यक्तिगत सुनवाई की जाएगी." इसके लिए अनमैपिंग वाले मतदाताओं को 19 दिसंबर से नोटिस जारी किए जाएंगे. बाद में इनके दस्तावेजों का सत्यापन होगा. इसके बाद इनके नाम मतदाता सूची में शामिल कर लिए जाएंगे. सभी 85 वार्डों में होगी दावा-आपत्ति की सुनवाई भुवन गप्ता ने बताया "जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हुई है. उनके लिए अलग-अलग वार्डों में कैंप लगाया जाएगा. सभी 85 वार्डों में बीएलओ बैठेंगे, जो दावे-आपत्तियों का निराकरण करेंगे. इसके साथ ही 85 अतिरिक्त निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी बनाने का प्रस्ताव आयोग को भेजा है. ये सभी 85 वार्डों में नोटिस की सुनवाई करेंगे."  भुवन गुप्ता ने बताया "प्रत्येक वार्ड में एक दिन में 50 लोगों के दावे-आपत्तियों की सुनवाई होगी. 35 हजार मतदाता ऐसे भी मिले हैं, जिनकी मृत्यु हो गई है. इनके नाम भी मतदाता सूची से हटेंगे." इस तरह नए मतदाता जुड़वा सकते हैं नाम जिला निर्वाचन अधिकारी कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया "23 जनवरी को मतदाता सूची का अंतिम ड्राफ्ट जारी होगा, इसके साथ ही दावे-आपत्ति का दौर भी शुरू होगा. इस दौरान 1 जनवरी 2026 की स्थित में जो नए मतदाता हैं, वो अपने नाम जुड़ाने के लिए या संशोधन के लिए भी आवेदन कर सकते हैं. हमारे बीएलओ इस दौरान बूथों में बैठेंगे. फिलहाल जिले में 4 लाख 38 हजार मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं." नागरिकता प्रस्तुत करने के लिए 50 दिन का समय उप निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया "अनकलेक्टेबल पत्रक वाली सूची में आने वाले लोगों को कोई नोटिस नहीं भेजा जाएगा. प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद यदि ऐसे मतदाताओं का नाम सूची में नहीं मिलता है, तो उन्हें फार्म 6 के जरिए नए मतदाता के तौर पर खुद को पंजीकृत करना होगा." "इसके लिए आवेदकों को आवेदन के साथ नाम, पते और जन्मतिथि के प्रमाण के साथ नागरिकता का प्रमाण भी प्रस्तुत करना होगा. ऐसे मतदाताओं को नागरिकता का दस्तावेज पेश करने के 50 दिन का समय दिया जाएगा." एसआईआर के लिए दस्तवेजों की 5 श्रेणियां 1. एक जुलाई 1987 को भारत में जन्मे व्यक्ति को जन्मतिथि और जन्म स्थान की पुष्टि के लिए प्रमाण पत्र देना होगा. 2. एक जुलाई 1987 से दो दिसंबर 2004 तक जन्मे व्यक्ति को स्वयं के जन्मतिथि और जन्म स्थान के प्रमाण के साथ पिता की जन्मतिथि-जन्म स्थान को प्रमाणित करने वाले दस्तावेज देने होंगे. 3. दो दिसंबर 2004 के बाद जन्मे व्यक्ति को पिता के जन्म स्थान-जन्म तिथि प्रमाण पत्र के साथ माता की जन्मतिथि और जन्म स्थान का प्रमाण भी देना होगा. वहीं यदि माता-पिता में से कोई भारतीय नहीं हैं, तो उनका वैध पासपोर्ट-वीजा की एक प्रति देनी होगी. 4. देश के बाहर जन्मे व्यक्ति को भारतीय मिशन से जारी जन्म पंजीकरण का प्रमाणपत्र देना होगा. 5. यदि किसी को भारतीय नागरिकता पंजीकरण से मिली है, तो उन्हें नागरिकता पंजीकरण का प्रमाणपत्र लगाना होगा.