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छात्रा से बदसलूकी का मामला: रतलाम में टीचर पर बड़ी कार्रवाई, कलेक्टर ने लिया संज्ञान

रतलाम  रतलाम में एक शिक्षक को उसकी हरकतों की सजा मिली है। वीरसिंह मईड़ा नाम के इस शिक्षक ने नशे में एक बच्ची की चोटी काट दी थी। पूरी घटना का वीडियो भी वायरल हुआ था। यह घटना पिछले साल हुई थी। अब, करीब एक साल बाद, रतलाम के कलेक्टर ने उसे नौकरी से निकाल दिया है। कलेक्टर राजेश बाथम ने यह फैसला लिया। वीरसिंह मईड़ा रावटी के एक सरकारी स्कूल में पढ़ाता था। स्कूल का नाम सेमलखेड़ी-2 है। मईड़ा वहां सहायक शिक्षक था। उसने 4 सितंबर 2024 को यह हरकत की थी। उस दिन वह स्कूल में नशे की हालत में पहुंचा था। उन्होंने कक्षा 5वीं की एक छात्रा की चोटी काट दी। बच्ची इस दौरान सिसक सिसक कर रोती दिख रही थी। जांच में हुआ खुलासा इस घटना के बाद 5 सितंबर 2024 को शिक्षक को सस्पेंड कर दिया गया था। पुलिस ने उसके खिलाफ मामला भी दर्ज किया था। मामले की जांच हुई। जांच में पता चला कि शिक्षक ने यह कारनामा किया है। इसके बाद कलेक्टर राजेश बाथम ने उसे नौकरी से निकालने का आदेश दिया। यह आदेश गुरुवार की शाम को दिया गया। अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी टीचर ने जब बच्ची की चोटी काटी, तो किसी ने उसका वीडियो बना लिया। वीडियो में टीचर कह रहा था कि जो करना है कर लेना। यह वीडियो इंटरनेट पर बहुत वायरल हुआ था। शुरुआती जांच में ही टीचर को सस्पेंड कर दिया गया था। अब 10 महीने बाद कलेक्टर ने उस पर कार्रवाई की है। उसे अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई है।

HC की कड़ी टिप्पणी: चयनित नायब तहसीलदार को नियुक्ति न देना अनुचित

ग्वालियर ग्वालियर हाईकोर्ट(MP High Court) की एकल पीठ ने नायब तहसीलदार के पद पर चयनित होने के बाद भी नियुक्ति नहीं देने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को 30 दिन में नायब तहसीलदार के पद पर पोस्टिंग देने का आदेश देते हुए कहा कि यह एक ऐसा ज्वलंत मामला है, जहां राज्य शासन के अधिकारियों ने मनमाना, दुर्भावनापूर्ण, निरंकुश रवैया दिखाया। 2016 में नायब तहसीलदार के पद पर चयन के बाद वह अपनी सफलता का पूरा आनंद नहीं ले सका। उसके जीवन के सात साल बर्बाद कर दिए। न अभ्यावेदन का निराकरण किया, न नियुक्ति दी। इसलिए याचिकाकर्ता 7 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति (हर्जाना) पाने अधिकार रखता है। हर्जाने की राशि उस अधिकारी से वसूली जाएगी, जिसने मनमाना रवैया अपनाया। विभाग की मनमानी कांच मिल रोड ग्वालियर निवासी अतिराज सेंगर पीएससी द्वारा वर्ष 2013 में तहसीलदार पद पर भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा में शामिल हुए थे। 2016 में रिजल्ट घोषित किया गया। अतिराज सेंगर को सामान्य श्रेणी की प्रतिक्षा सूची (श्रवण बाधित) में 16 नंबर पर रखा गया। इस श्रेणी में चयनित एक मात्र व्यक्ति अमित कुमार तिवारी थे, लेकिन उन्होंने पदभार ग्रहण नहीं किया। इस कारण एमपी पीएससी ने अतिराज के नाम की अनुशंसा की। विभाग को 2018 में अनुशंसा प्राप्त हो गई। नियुक्ति के लिए राजस्व विभाग में पत्राचार किया, लेकिन राजस्व विभाग ने उनके अभ्यावेदन पर ध्यान नहीं दिया, उन्हें नियुक्ति नहीं दी। इसके चलते हाईकोर्ट में याचिका दायर की। एक साल बाद दी थी सूची राज्य शासन ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि चयन सूची एक साल के लिए थी। 2016 में शुरू होकर 2017 में समाप्त हो गई। इसलिए नियुक्ति नहीं दी जा सकती है। पीएससी ने परिणाम घोषित होने के एक साल बाद नाम की सिफारिश की थी। जब वह सूची अस्तित्व में नहीं थी, तो याचिकाकर्ता को नियुक्ति का सवाल ही नहीं होता है, इसलिए याचिका खारिज किए जाने योग्य है।

जनता की पुकार पर मुख्यमंत्री योगी का भरोसा, बोले- कोई भी असहाय नहीं रहेगा अकेला

गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगातार दूसरे दिन शुक्रवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में 'जनता दर्शन' किया। इस दौरान उन्होंने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं और कहा कि परेशान मत हों, आपकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संबंधित मामलों के निस्तारण के निर्देश दिए। जनता दर्शन में एक महिला इलाज के लिए मुख्यमंत्री से गुहार लगाई तो उन्होंने कहा कि इलाज का इस्टीमेट मंगा लीजिए, सरकार भरपूर मदद करेगी। मुख्यमंत्री शुक्रवार सुबह जनता दर्शन में गोरखनाथ मंदिर परिसर में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक पहुंचे और एक-एक करके सबकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने करीब 200 लोगों से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता की हर पीड़ा का निवारण सुनिश्चित किया जाए। इसमें किसी भी तरह की शिथिलता नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री के समक्ष जनता दर्शन में एक महिला समेत कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे। सीएम योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करा कर शासन में उपलब्ध कराया जाए।  

वित्तीय साक्षरता शिविर मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक बमनौरा कला द्वारा

 बमनौरा कलां आज मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक बमनौरा कलां के ब्रांच मैनेजर द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों मैं जाकर वित्तीय साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया इसमें वित्तीय साक्षरता शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगो को वित्तीय रूप से साक्षर बनाना है ताकि वे अपने पैसे का प्रबंधन बेहतर ढंग से कर सके सही वित्तीय निर्णय ले सके और आर्थिक रूप से स्वतंत्र बन सके वित्तीय साक्षरता शिविर मैं वित्तीय जागरूकता बढ़ाना लोगो को विभिन्न वित्तीय उत्पादों सेवाओं योजनाओं के बारे मैं जानकारी देना इसमें वित्तीय साक्षरता शिविर मैं बचत खाते , ऋण,बीमा और बैंकिंग सेवाओं के बारे मैं विस्तृत जानकारी तथा बैंकिंग सुविधाओ का सही ढंग से लाभ लेना एवं बैंकिंग लोन ऋण समय पर चुकाना इत्यादि शिविर मैं मौजूद मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक से ब्रांच मैनेजर श्री राजेश कुमार जैन, कियोस्क संचालक राकेश अहिरवार , अखलेश रायकवार रक्षपाल सिंह यादव इत्यादि।

सरकारी बैठक या शाही भोज? अफसरों ने उड़ाए 13 किलो काजू-बादाम और पी गए 2 किलो घी

 शहडोल  शहडोल जिले में 4 लीटर पेंट के लिए 165 मजदूरों का बिल निकालने के मामले के बाद एक और चौंकाने वाला बिल सामने आया है. मई महीने में जब गांव-गांव जल संरक्षण के लिए ग्रामीणों को जागरूक करने का अभियान चलाया जा रहा था, तब भदवाही गांव में कुछ और ही खेल चल रहा था. सामने आए बिल के अनुसार, मात्र एक घंटे के कार्यक्रम में जिले के आला अधिकारियों ने 13 किलो ड्राई फ्रूट खा लिया और 19,000 रुपये का बिल बनाया गया. दरअसल, मध्य प्रदेश सरकार ने बारिश के पानी को बचाने और लोगों को जागरूक करने के लिए 'जल गंगा संवर्धन' अभियान चलाया था. मई में शुरू हुए इस अभियान के तहत, सरकार की जानकारी के अनुसार, प्रदेश के सभी गांवों में प्रशासन और ग्रामीणों ने जल संरक्षण के लिए चौपाल लगाई. लोग कितने जागरूक हुए, यह तो पता नहीं, लेकिन सरकारी रुपए पानी की तरह बहाए गए. जब गांव के कुएं, तालाब और नाले सूखे हैं, तब सरकारी चौपाल की छांव में अफसरों की मेज पर काजू-बादाम, दूध-घी और नमकीन की बरसात हो रही है. शहडोल जिले के गोहपारू जनपद की ग्राम पंचायत भदवाही में पिछले महीने जल चौपाल का आयोजन किया गया था, जिसमें जिले के वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर कनिष्ठ कर्मचारी और ग्रामीण मौजूद थे. चौपाल का उद्देश्य गांव-गांव जाकर जल संरक्षण की सीख देना था. लेकिन चौपाल के नाम पर पंचायत रजिस्टर में दर्ज खरीदारी किसी शादी-ब्याह की दावत से कम नहीं है.  इस मेहमान नवाजी पर काजू 5 किलो, बादाम 5 किलो, किशमिश 3 किलो,नमकीन 30 किलो, बिस्कुट पैकेट 20, दूध 6 किलो, शक्कर 5 किलो लगी. वहीं, अफसरों को 2 किलो घी भी पिलाया गया. इस मेहमाननवाजी पर 19,010 रुपये खर्च हुए और इसके अलावा 5 हजार 260 रुपये का एक और बिल निकाला गया, जिसमें घी विशेष रूप से शामिल है. अब सवाल उठता है कि जल संरक्षण के नाम पर अफसरों की थाली में काजू-बादाम कैसे आ गए?  इस पूरे मामले में जिला पंचायत प्रभारी सीईओ मुद्रिका सिंह का कहना है कि जल गंगा संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन हुआ था, जिसमें हम लोग और ग्रामीण शामिल थे. चाय-नाश्ते और खाने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन काजू, बादाम, किशमिश जैसे बिलों का मामला संज्ञान में आया है. इसकी जांच कराई जाएगी.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए निर्देश, शासकीय भर्ती प्रक्रिया की नियमित निगरानी करें अधिकारी

नवीन शासकीय भर्तियों के कार्य की सतत् समीक्षा करें, वरिष्ठ अधिकारी: मुख्यमंत्री डॉ.यादव नवीन शासकीय भर्तियों की सतत समीक्षा करें वरिष्ठ अधिकारी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव का निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए निर्देश, शासकीय भर्ती प्रक्रिया की नियमित निगरानी करें अधिकारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी प्राप्त कर दिए निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विभिन्न शासकीय विभागों में रिक्त पदों को भरने का कार्य तेजी से पूर्ण किया जाए। रिक्त पदों पर सतत् रूप से नियुक्तियों का कार्य होने से विभागों के नियमित कार्यों में भी गति आ रही है। साथ ही वर्षों पश्चात पदोन्नतियों की प्रक्रिया प्रारंभ किए जाने से भी बड़ी संख्या में पदों पर नियुक्ति का कार्य आसान हो रहा है। वरिष्ठ अधिकारी नवीन शासकीय भर्तियों के कार्य की सतत् समीक्षा करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को समत्व भवन, मुख्यमंत्री निवास में हुई एक बैठक में विभिन्न शासकीय विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती के संबंध में जानकारी प्राप्त कर निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभागों में नियुक्तियों के कार्य की निरंतर समीक्षा भी की जाए। मुख्य सचिव स्तर और अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा विभागों को समय सीमा में कार्यवाही के लिए निर्देशित किया गया है। इस क्रम में विभागों से पालन प्रतिवेदन प्राप्त किया जाए। इस कार्य को आवश्यक समन्वय और सर्वोच्च प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विभाग संजय कुमार शुक्ल ने लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन मंडल और अन्य स्तर से नवीन शासकीय भर्तियों की प्रगति से अवगत करवाया। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, सचिव मुख्यमंत्री सिबि चक्रवर्ती, आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

दर्शन व्यवस्था में बड़ा बदलाव: ओंकारेश्वर में अब सिर्फ प्रोटोकॉल पर मिलेंगे VIP दर्शन

खंडवा  श्रावण मास 2025 में इस बार 14 जुलाई से 28 अगस्त तक कुल 6 सोमवार पड़ रहे हैं। ओंकारेश्वर में इस दौरान लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट ने तैयारियां तेज़ कर दी हैं। इसी क्रम में  एसडीएम शिवम प्रजापति की श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर पांच अहम बिंदुओं पर कार्य योजना बनाई गई। दर्शन व्यवस्था सप्ताह के शनिवार, रविवार और सोमवार को विशेष दर्शन प्रबंध रहेंगे। वीआईपी दर्शन सिर्फ प्रोटोकॉल से ही होंगे। स्थानीय लोगों के लिए प्रातः 9:00 बजे तक विशेष दर्शन की सुविधा रहेगी। उसके बाद आम श्रद्धालु की तरह लाइन में लगना होगा। भीड़ को देखते हुए दोपहर 12:20 से 1:20 तक मंदिर बंद रहता था, जिसका समय कम कर दिया गया है। अब मंदिर जल्दी खोला जाएगा, ताकि दर्शन में कोई अवरोध न हो। ट्रस्ट की ओर से पहले से लागू नये सिस्टम से श्रद्धालु अब काफी अभ्यस्त हो चुके हैं। स्वास्थ्य सेवाएं मंदिर ट्रस्ट की ओर से तीन डॉक्टर नियमित रूप से तैनात रहेंगे। एक अतिरिक्त डॉक्टर जिला प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराया जाएगा। सभी प्रमुख घाटों पर ऑक्सीजन सिलिंडर और प्राथमिक उपचार केंद्र स्थापित किए जाएंगे। घाटों और सुरक्षा प्रबंध घाटों पर सुरक्षा नाव तैनात की जाएंगी। नगर परिषद को अनाउंसमेंट सिस्टम लगाने के निर्देश। कोटवार, पटवारी, आरआई आदि की घाटों पर ड्यूटी सुनिश्चित की जाएगी। ओंकारेश्वर नर्मदा नदी में नौका विहार में डीजल इंजन नावों पर रोक, केवल पेट्रोल चालित नए इंजन वाली नावों को अनुमति। यातायात प्रबंधन ऑटो रिक्शा को नगर की सीमा में प्रवेश नहीं मिलेगा। ऑटो स्टैंड: दंडी आश्रम, पुराने बस स्टैंड और बालवाड़ी तक सीमित।  

खड़े डंपर में घुसी कार, तीन की मौत, 7 घायल

बालोतरा नागौर-लाडनूं सड़क पर गुरुवार रात को दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। चूरू जिले के सुजानगढ़ सदर थाना क्षेत्र में मगरासर फांटा के समीप एक कार सड़क किनारे खड़े डंपर से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। इस दर्दनाक हादसे में एक महिला सहित तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार में सवार चार मासूम बच्चों समेत कुल सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही सुजानगढ़ सदर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। पुलिस के अनुसार हादसा गुरुवार रात करीब आठ बजे का है। हादसे में मृतक पचपदरा (जिला बालोतरा) के रहने वाले हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी एक ही परिवार के सदस्य हैं, जो खाटू श्यामजी के दर्शन कर वापस अपने घर लौट रहे थे। मगरासर फांटा के पास उनकी कार सड़क किनारे खड़े डम्पर से भिड़ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें बैठे लोग बुरी तरह फंस गए। हादसे में पचपदरा निवासी महावीर (25) पुत्र अजाराम माली, सुरेश (35) पुत्र बाबूलाल माली तथा सुरेश माली की पत्नी उषा (32) की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने तीनों के शवों को कानुता के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है, जहां पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी। वहीं हादसे में घायल हुए सात अन्य लोगों को तुरंत कानुता अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद हालत गंभीर देखते हुए नागौर के जेएलएन अस्पताल रेफर कर दिया गया। जेएलएन अस्पताल चौकी पुलिस के अनुसार हादसे में घायल हुए लोगों में हिमांशी (11) पुत्री सुरेश माली, धापू (23), अनुष्का (13) पुत्री सुरेश माली, रिंकू पुत्री किशनाराम, लक्षित (2) पुत्र महावीर माली, दिवांशु (9) पुत्र सुरेश माली तथा रवीना (18) शामिल हैं। इनमें से कुछ की हालत चिंताजनक बनी हुई है, जिन्हें देर रात हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया। इधर, हादसे के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने आरोप लगाया कि सड़क किनारे खड़े डम्पर पर रिफ्लेक्टर या कोई चेतावनी संकेत नहीं लगाए गए थे, जिस वजह से हादसा हुआ। ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसी गाड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, जो सड़कों पर जानलेवा तरीके से खड़ी रहती हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद मृतकों के परिवार में कोहराम मच गया है। खाटू श्यामजी जैसे आस्था के तीर्थ से लौट रहे परिवार की यह दुर्घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।

जबलपुर में नेपाली नागरिक के वोटर आईडी प्रकरण की जांच शुरू, पुलिस कर रही गहन पड़ताल

जबलपुर   भारतीय पासपोर्ट के साथ पकड़े गए नेपाली नागरिक को पहचान पत्र जारी करने के जिम्मेदार पुलिस के निशाने पर है। इसके लिए सिविल लाइंस पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। प्रशासन से नेपाल के युवक का नाम केंट विधानसभा क्रमांक 99 की मतदाता सूची में दर्ज करने वालों के नाम पूछे गए है। मामले में पुलिस ने गुरुवार को रांझी एसडीएम को एक पत्र भेजा है। इसमें नेपाली नागरिक दीपक थापा को मतदाता परिचय पत्र जारी करने की प्रक्रिया से जुड़ी कई जानकारी चाही गई है। संबंधित प्रक्रिया के तत्कालीन जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों के बारे में जानकारी मांगी है, जिन्होंने मतदाता परिचय पत्र जारी करने में चूक की है। नेपाली नागरिक दीपक थापा को भारतीय नागरिता के लिए फर्जीवाड़ा में सहयोग किया है। मामले की छानबीन से निवार्चन प्रक्रिया से जुड़े कई कर्मचारी और अधिकारी लपेटे में आ सकते है। नेपाली नागरिक दीपक थापा कुछ वर्षों पूर्व भारत आया। वह जबलपुर पहुंचा और यहीं बस गया। कुछ समय से वह सिविल लाइंस के पवित्र अपार्टमेंट रह रहा था। 22 मई को वह नेपाल जाने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा। जहां, से उसे काठमांडू की फ्लाइट में सवार होना था। एयरपोर्ट पर चेकइन के दौरान सुरक्षा कर्मियों को उस पर संदेह हुआ। उसका भारतीय पासपोर्ट और मतदाता परिचय पत्र जांचा गया। छानबीन में पता चला कि वह मूलत: नेपाल का निवासी है। कुछ समय पूर्व उसने अपना नाम जबलपुर के केंट विधानसभा क्रमांक 99 में मतदाता के रूप में जुड़वाया था। जिसके आधार पर उसने भारतीय पासपोर्ट हासिल किया है। जिसकी जानकारी भारत निर्वाचन आयोग के माध्यम से जिला निर्वाचन कार्यालय तक पहुंची। उसके बाद सिविल लाइंस थाना में मामला पंजीबद्ध किया गया है। युवक के घर तक पहुंची पुलिस रांझी एसडीएम की ओर से मामले की शिकायत किए जाने के बाद सिविल लाइंस पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। आरंभिक जांच में पता चला है कि दीपक थापा का नाम वर्ष 2019 की केंट विधानसभा की मतदाता सूची में शामिल किया गया था। उन जाली अभिलेखों को भी ढूंढा जा रहा है जिसके सहारे उसने स्वयं को केंट विधानसभा का नागरिक बताया। सिविल लाइंस पुलिस का एक दल गुरुवार को आरोपित दीपक थापा का घर ढूंढते हुए पवित्र अपार्टमेंट पहुंचा। आसपास के लोगों से पवित्र के संबंध में पूछताछ की। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वह कब से वहां पर रह रहा था।

मध्यप्रदेश में ट्रांसफर प्रक्रिया तेज, 55 पुलिस अधिकारियों का तबादला आदेश जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश में तबादला एक्सप्रेस की रफ़्तार अभी भी तेज है, अलग अलग विभाग अधिकारियों के तबादला आदेश जारी कर रहे हैं, इसी क्रम में पुलिस मुख्यालय भोपाल ने फिर एक तबादला सूची जारी की है जिसमें पुलिस उप निरीक्षक और कार्यवाहक उप निरीक्षकों के नाम शामिल हैं। 55 उप निरीक्षक/कार्यवाहक उप निरीक्षकों के ट्रांसफर  PHQ भोपाल ने तबादला आदेश की एक बड़ी सूची जारी की है इसमें 55 पुलिस अधिकारियों के नाम हैं जिन्हें एक जिले से दूसरे जिले में ट्रांसफर किया गया है, आदेश के तहत ट्रांसफर किये गए सभी अधिकारियों को तत्काल नई पदस्थापना वाली जगह ज्वाइन करने के निर्देश दिए गए हैं। तबादला नीति का पालन करते हुए कार्यमुक्त करने के निर्देश  तबादला आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिन उप निरीक्षकों और कार्यवाहक उप निरीक्षकों के तबादले किये गए हैं उनको कार्य आवंटन उस इकाई में जॉइनिंग देने के बाद जिले के पुलिस अधीक्षक करेंगे, साथ ही ये भी स्पष्ट किया गया है कि तबादला नीति के अनुसार निर्धारित समयावधि में ट्रांसफर शासकीय सेवक को कार्यमुक्त किया जाये।