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डी-पार्क आग हादसा: सीएम ने किया निरीक्षण, पीड़ितों को आर्थिक सहायता की घोषणा

 रोहतक मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को रोहतक के डी-पार्क क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड स्थल का निरीक्षण किया और प्रभावित दुकानदारों से मुलाकात कर घटना की पूरी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अग्निकांड में जान गंवाने वाले कपिल, सौरभ और अमन के परिजनों से भी मिलकर गहरी संवेदना व्यक्त की तथा उन्हें हर संभव सरकारी सहायता का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद और पीड़ादायक है। सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों और व्यापारियों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत एवं सहायता कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो। मुख्यमंत्री ने राहत कोष से पूर्ण रूप से नष्ट हुई दुकानों के लिए 5-5 लाख रुपये और आंशिक रूप से प्रभावित दुकानों के लिए 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इसके अलावा आग की चपेट में आकर नष्ट हुई रेहड़ियों के मालिकों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। पीड़ितों को मिलेगा मुआवजा उन्होंने बताया कि शहरी स्थानीय निकाय विभाग की रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित दुकानदारों के नुकसान का आकलन कर अलग से मुआवजा भी दिया जाएगा, ताकि व्यापारियों को अपने कारोबार को दोबारा खड़ा करने में मदद मिल सके। बता दें कि 9 जून को माडल टाउन स्थित डी-पार्क के निकट भीषण आग लगने से करीब एक दर्जन दुकानें जलकर राख हो गई थीं। हादसे में तीन लोगों की जिंदा जलने से मौत हो गई थी, जबकि लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ था। घटना के बाद से व्यापारी संगठनों की ओर से पीड़ितों के लिए उचित मुआवजे और राहत की मांग की जा रही थी। मुख्यमंत्री के दौरे और मुआवजे की घोषणा के बाद प्रभावित परिवारों और व्यापारियों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

झारखंड में माले का ऐलान, राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन के साथ

 रांची  झारखंड में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) भाकपा-माले की राज्य कमेटी की दो दिवसीय बैठक के समापन पर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव में भाकपा-माले के विधायक महागठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करेंगे। दीपांकर भट्टाचार्य ने भरोसा जताया कि महागठबंधन के प्रत्याशी झामुमो (JMM) के बैद्यनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा इस चुनाव में शानदार जीत दर्ज करेंगे। वोटर लिस्ट से नाम हटाने का आरोप पार्टी की बैठक में चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान पर गंभीर सवाल उठाए गए। दीपांकर भट्टाचार्य ने केंद्र और आयोग पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया:         इस अभियान के बहाने गरीबों, दलितों, अल्पसंख्यक समुदायों और प्रवासी मजदूरों के नाम जानबूझकर मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं।         अकेले बगोदर विधानसभा क्षेत्र से बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के नाम गायब किए जाने की पुख्ता सूचना मिली है। नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए भाकपा-माले ने पूरे राज्य में “वोट बचाओ अभियान” चलाने का निर्णय लिया है। पेपर लीक मामले पर NTA को भंग करने की मांग देशभर में छात्रों के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ पर पार्टी ने कड़ा रुख अपनाया है। राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि NEET, CUET, CBSE और SSC जैसी प्रमुख परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और अनियमितताओं के कारण छात्र-युवा आंदोलन तेज हो रहा है भाकपा-माले ने मांग की है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को तुरंत भंग किया जाए। देश में एक पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित परीक्षा प्रणाली लागू की जाए। महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन बैठक में केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय मुद्दों पर भी रणनीति तैयार की गई। देश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और गरीबी के खिलाफ पार्टी 16 जुलाई से अगस्त तक एक बड़ा देशव्यापी अभियान शुरू करेगी। साथ ही, फासीवाद, बुलडोजर राजनीति और निजीकरण के खिलाफ संघर्ष को और तेज करने का संकल्प लिया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान कई लोगों ने पार्टी की सदस्यता भी ग्रहण की। मौके पर राज्य सचिव मनोज भक्त, पोलित ब्यूरो सदस्य हलधर महतो, विधायक अरूप चटर्जी और विधायक चंद्रदेव महतो सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।  

स्वच्छता और सौंदर्यीकरण पर फोकस, जयपुर के विकास की समीक्षा में सीएम के बड़े निर्देश

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जयपुर के सुव्यवस्थित विकास, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इसे देश के मॉडल शहर के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए उन्होंने संबंधित विभागों को समन्वित कार्ययोजना के साथ मिशन मोड पर कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर जयपुर के विकास, स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण को लेकर विभागीय अधिकारियों की बैठक ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी की स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए कचरा संग्रहण, परिवहन एवं वैज्ञानिक निस्तारण के लिए बेहतर कार्ययोजना बनाकर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने स्वच्छता व्यवस्था को अनुशासित बनाने के लिए खुले में कचरा फेंकने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व भी है। इसलिए जनभागीदारी को बढ़ावा देते हुए जनजागरूकता अभियान चलाएं तथा सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं भामाशाहों को भी इस अभियान से जोड़े। उन्होंने आधुनिक तकनीक पर बल देते हुए कहा कि मशीनीकृत सफाई व्यवस्था को बढ़ावा तथा मैनुअल व्यवस्था पर निर्भरता को कम करने के निर्देश दिए। मानसून सीजन की तैयारियों को दें अंतिम रूप मानसून सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समयबद्ध तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नालों की व्यापक सफाई समय रहते पूर्ण की जाए। इससे जलभराव की संभावित समस्याओं वाले क्षेत्रों की विशेष निगरानी करते हुए सुगम जल निकासी सुनिश्चित होगी। साथ ही, उन्होंने मानसून सीजन के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए संबंधित विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राजधानी में विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर पूरे शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित स्वरूप प्रदान किया जाए। इसके लिए उन्होंने पर्याप्त संख्या में डस्टबिन उपलब्ध कराने तथा कचरा निस्तारण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपुर केवल प्रदेश की राजधानी ही नहीं, बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पर्यटन पहचान का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने निर्देश दिए कि पर्यटन स्थलों, प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थलों को विशेष रूप से स्वच्छ, आकर्षक और पर्यटन अनुकूल बनाया जाए, ताकि जयपुर की वैश्विक पहचान और अधिक सुदृढ़ हो सके राजधानी के सौंदर्यीकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने शहर की एक प्रमुख सड़क को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ‘मॉडल रोड’ विकसित करने के निर्देश दिए। इस मॉडल रोड पर स्वच्छता, हरियाली, प्रकाश व्यवस्था, सौंदर्यीकरण, यातायात प्रबंधन, पैदल यात्री सुविधाएं एवं अन्य नागरिक सुविधाओं के उच्च मानक विकसित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस परियोजना की सफलता के आधार पर अन्य प्रमुख मार्गों पर भी इसी मॉडल को लागू किया जाएगा। बैठक के दौरान जयपुर विकास प्राधिकरण, राजस्थान आवासन मंडल एवं नगर निगम द्वारा राजधानी में संचालित विकास कार्यों तथा आगामी कार्ययोजना पर आधारित विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री कार्यालय, शहरी विकास विभाग, राजस्थान आवासन मंडल, जयपुर विकास प्राधिकरण, जयपुर नगर निगम, जिला प्रशासन सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

दक्षिणा नहीं, स्वच्छता का वचन चाहिए! रामघाट के पुरोहितों का अनूठा अभियान चर्चा में

उज्जैन  शिप्रा सहित देशभर के नदी-तालाबों को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए रामघाट के तीर्थ पुरोहितों ने अनूठा नवाचार शुरू किया है। अब यहाँ पूजा-आरती के बाद श्रद्धालुओं से नकद दक्षिणा के बजाय सिर्फ नदी स्वच्छता का संकल्प मांगा जा रहा है। हर शाम होने वाली शिप्रा सांध्य आरती के समापन पर पुरोहित भक्तों को नदी स्वच्छ रखने का वचन दिलाते हैं। श्री क्षेत्र तीर्थ पुरोहित पंडा समिति के अध्यक्ष पंडित राजेश त्रिवेदी ने बताया कि मात्र 51 दिन में करीब 2.50 लाख लोगों को यह संकल्प दिलाया जा चुका है। पुरोहितों का मानना है कि यदि यही जनभागीदारी देश के सभी धार्मिक घाटों पर लागू हो, तो बिना किसी भारी-भरकम बजट के जल संरचनाएं स्वच्छ हो सकेंगी। वैष्णव तिलक और आभूषण अर्पित कर राजा स्वरूप श्रृंगार विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार तड़के भस्म आरती के दौरान सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से निर्मित पंचामृत से अभिषेक किया गया। भगवान महाकाल का जटाधारी स्वरूप में चंदन, वैष्णव तिलक एवं आभूषण अर्पित कर राजाधिराज स्वरूप में भव्य श्रृंगार किया गया। इससे पहले प्रथम घंटाल बजाकर मंदिर में प्रवेश किया गया। मंत्रोच्चार के साथ भगवान का ध्यान कर हरिओम जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के पश्चात भगवान के मस्तक पर भांग, चंदन और त्रिपुंड अर्पित कर दिव्य श्रृंगार किया गया। श्रृंगार पूर्ण होने के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से आच्छादित कर भस्म रमाई गई। भस्म अर्पित करने के पश्चात भगवान महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाला, रुद्राक्ष की माला तथा सुगंधित पुष्पों से निर्मित हार अर्पित किए गए। मोगरा और गुलाब के सुगंधित पुष्प धारण कर भगवान महाकाल ने भक्तों को दिव्य दर्शन दिए। इसके बाद फल एवं मिष्ठान का भोग लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया। महा निर्वाणी अखाड़ा की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के पश्चात भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।  

अग्निकांड से प्रभावित व्यापारियों को राहत, रोहतक दौरे पर सीएम सैनी ने घोषित किया मुआवजा

रोहतक. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को रोहतक के डी-पार्क क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड स्थल का निरीक्षण किया और प्रभावित दुकानदारों से मुलाकात कर घटना की पूरी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अग्निकांड में जान गंवाने वाले कपिल, सौरभ और अमन के परिजनों से भी मिलकर गहरी संवेदना व्यक्त की तथा उन्हें हर संभव सरकारी सहायता का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद और पीड़ादायक है। सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों और व्यापारियों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत एवं सहायता कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो। मुख्यमंत्री ने राहत कोष से पूर्ण रूप से नष्ट हुई दुकानों के लिए 5-5 लाख रुपये और आंशिक रूप से प्रभावित दुकानों के लिए 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इसके अलावा आग की चपेट में आकर नष्ट हुई रेहड़ियों के मालिकों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। पीड़ितों को मिलेगा मुआवजा उन्होंने बताया कि शहरी स्थानीय निकाय विभाग की रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित दुकानदारों के नुकसान का आकलन कर अलग से मुआवजा भी दिया जाएगा, ताकि व्यापारियों को अपने कारोबार को दोबारा खड़ा करने में मदद मिल सके। बता दें कि 9 जून को माडल टाउन स्थित डी-पार्क के निकट भीषण आग लगने से करीब एक दर्जन दुकानें जलकर राख हो गई थीं। हादसे में तीन लोगों की जिंदा जलने से मौत हो गई थी, जबकि लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ था। घटना के बाद से व्यापारी संगठनों की ओर से पीड़ितों के लिए उचित मुआवजे और राहत की मांग की जा रही थी। मुख्यमंत्री के दौरे और मुआवजे की घोषणा के बाद प्रभावित परिवारों और व्यापारियों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

अमृतसर एयरपोर्ट पर यात्रियों को बड़ी राहत, डिजी यात्रा और आधुनिक स्क्रीनिंग से आसान हुई यात्रा

अमृतसर. श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर इन लाइन एक्सरे बैगेज स्क्रीनिंग सिस्टम और डिगी यात्रा की शुरुआत से यात्रियों को सुविधा मिलने के साथ ही उनका समय भी बच रहा है। इसमें अब यात्री सीधे चेकिंग काउंटर पर जा सकते हैं, उनके सामान की कन्वेयर बेल्ट पर ही स्क्रीनिंग हो जाएगी। इससे पहले चेकिंग काउंटर पर जाने से पहले एक्सरे मशीन पर रखना पड़ता था। इसी तरह से मई से एयरपोर्ट पर डिगी यात्रा भी शुरू हो चुकी है। इस आनलाइन सिस्टम में पेपरलेस यात्रा की सुविधा यात्रियों को मिल रही है। वर्तमान मे आठ से 10 प्रतिशत यात्री इस सुविधा का फायदा उठा रहे हैं। इसके अलावा एयरपोर्ट पर घरेलू यात्रियों को आगमन पर एयरोब्रिज के लिए समर्पित रास्ता मुहैया करवाने के काम को मंजूरी मिल चुकी है। इसमें 15 दिन तक टेंडर लगाकर छह महीने तक यह काम पूरा किया जाएगा। वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के आने पर घरेलू यात्री एयरोब्रिज का इस्तेमाल नहीं कर पाते थे। इसके अलावा एयरपोर्ट की वर्तमान स्थिति और भविष्य में होने जा रहे विकास को लेकर डायरेक्टर भूपेंद्र सिंह से बातचीत करे जानकारी जुटाई गई है। जिसमें दैनिक जागरण के साथ साक्षात्कार में उन्होंने यात्रियों से जुड़े अहम सवालों के जवाब दिए हैं। सवाल : एयरपोर्ट से घरेलू-अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए क्या प्रयास चल रहे हैं? जवबा: एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग की क्षमता 4.1 मिलियन पैसेंजर्स की है। यहां पर 25 एयरक्राफ्ट की एक साथ पार्किंग को लेकर व्यवस्था है। हालांकि रोजमर्रा में सात से आठ की ही पार्किंग हो रही है। यहां पर नार्दर्न इंडिया का सबसे लंबा 3658 मीटर का रनवे है। जीरो विजिबिलिटी में एयरक्राफ्ट की सुरक्षित लैंडिंग के लिए कैट थ्री सिस्टम भी लगा हुआ है। घरेलू कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए अकासा और स्टार एयर एयरलाइंस से बातचीत चल रही है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बढ़ाने के लिए ब्रिटिश एयरवेज व अन्य के साथ बातचीत की गई है। एयर एशिया की आगे की एक्टिविटी बढ़ाने की कोशिश की है। सवाल : एयरपोर्ट पर पिकअप ड्राप एरिया में वाहन बेतरतीब ढंग से खड़े होते हैं, इसका समाधान कब होगा? जवाब: एयरपोर्ट पर एंट्री में डेडिकेटेड पार्किंग पीछे बनी हुई है। पिकअप-ड्राप एरिया में सिक्योरिटी गार्ड्स भी तैनात करने जा रहे हैं। इनकी ड्यूटी वाहनों की पार्किंग सही ढंग से करवाने की रहेगी। बिल्डिंग के सामने डिवाइडर बनाकर फोर लेन सिस्टम बनाने की योजना है। इसके लिए अप्रूवल ले ली है, इंजीनियरिंग विभाग इस पार काम कर रहा है। इसका टेंडर दो महीने में लगाकर काम पूरा करवाया जाएगा। इससे फोर लेन में वाहनों के लिए व्यवस्थित पार्किंग रहेगी। सवाल : एयरपोर्ट से कारगो क्षमता के मुताबिक नहीं जाने की क्या वजह है? जवाब: श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नार्थ इंडिया का सबसे बड़ी कारगो सुविधा है। पेरिशेबल आइटम्स को रखने का भी बंदोबस्त है। यहां पर कारगो के लिए काफी क्षमता है। उज्बेकिस्तान के लिए कारगो भेजने के लिए कोशिश की थी, जिसे मंजूरी भी दे गई थी। इसमें कस्टम की कुछ औपचारिकताओं के कारण क्लीयरेंस की कार्रवाई चल रही है। यहां मीट आिद एक्सपोर्ट होगा।सीआइआइ के साथ कस्टम के साथ बैठकें की हैं, ताकि कारगो का काम बढ़ाया जा सके। घरेलू कारगो का सिक्योरिटी क्लीयरेंस पेंडिंग है, जैसे ही यह क्लीयर होगा तो फायदा मिलेगा। सवाल : एयरपोर्ट के इमिग्रेशन काउंटरों पर भीड़ रहने-एयरलाइंस के प्रबंधों में खामियों को लेकर कई बार इंटरनेट मीडिया पर वीडियो वायरल हो चुके हैं, इसमें क्या कोई सुधार हुआ है? जवाब: ऐसे मामलों में काफी सुधार हुआ है। एयरलाइंस के साथ हर माह पैसेंजर्स फेसिलिटेशन को लेकर बैठक कर रहे हैं। उनको कमियां दूर करने को कहा है। स्टाफ के व्यवहार और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर हिदायतें दी हैं। एयरपोर्ट पर कुल 10 इमिग्रेशन काउंटर हैं। पेपर लेस डिगी यात्रा भी शुरू हुई है।वहीं, देश-विदेश से आने वाले पैसेंजर्स को फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन ट्रस्टेटिड ट्रेवलर प्रोग्राम की सुविधा भी दी हुई है। इस आनलाइन सिस्टम में भी तुरंत फेस स्कैन करके इमिग्रेशन क्लीयर कर सकते हैं। सवाल : भारत-पाक तनाव के कारण एयरपोर्ट कुछ दिन तक बंद रहा था, इसमें कई उड़ानें बंद हुईं थी। इनमें से कितनी दोबारा बहाल हुई हैं? जवाब: भारत-पाकिस्तान तनाव के बाद सभी फ्लाइट बहाल हो गई हैं। समर शेड्यूल में ट्रैफिक कम रहता है। आपरेशन सिंदूर के कारण पाकिस्तान एयर स्पेस बंद होने से अमृतसर को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानें यहीं से गल्फ कंट्री में कम समय में पहुंच जाती थी। अब ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण भी लंबा रूट पड़ रहा है। ईरान स्पेस बंद होने से यूरोप और गल्फ जाने का रूट काफी लंबा हुआ है। सवाल: एयरपोर्ट पर कर्मशियल गतिविधि के लिए माल बनाने की भी योजना थी, इसमें क्या अपडेट है? जवाब: एयरपोर्ट पर सिटी साइड 27 एकड़ जमीन मौजूद है। इसे अलग-अलग गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। अमृतसर में डेस्टिनेशन मैरिज का काफी प्रचलन है। इसमें मैरिज पैलेस, कामर्शियल हब, बिजनेस टू बिजनेस के लिए प्रस्ताव बनाकर हेडक्वार्टर में बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट को भेजा है। इसमें आगे का फैसला वहीं से होना है।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट फिर लौटा रफ्तार में, अवकाश के बाद आज से नियमित कामकाज शुरू

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का समर वेकेशन समाप्त हो गया है. सोमवार से हाईकोर्ट में नियमित सुनवाई शुरू होगी. हाईकोर्ट प्रशासन ने 15 जून से शुरू होने वाले सप्ताह की कॉज लिस्ट भी जारी कर दी है. ईंधन की बचत और संसाधनों के बेहतर उपयोग को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट प्रशासन ने अधिकारियों और कर्मचारियों को वाहन साझा (व्हीकल शेयरिंग) कर कार्यालय आने की सलाह दी है. समर वेकेशन के दौरान लागू की गई वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था भी समाप्त कर दी गई है. अब सभी अधिकारी और कर्मचारी नियमित रूप से कार्यालय पहुंचकर कार्य करेंगे. वाहन शेयर करने की सलाह हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता में सुधार हुआ है, लेकिन अनावश्यक खर्च से बचना अभी भी जरूरी है। न्यायिक अधिकारियों से कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर ही सरकारी वाहनों का उपयोग करें। हाईकोर्ट में 18 मई से प्रारंभ हुआ ग्रीष्मकालीन अवकाश अब समाप्त हो गया है। वाहन साझा करने की सलाह हाईकोर्ट और जिला न्यायपालिका के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जहां संभव हो, वे अपने सरकारी वाहनों का उपयोग अन्य अधिकारियों के साथ साझा करें। इससे ईंधन की बचत होगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा। 18 मई से था ग्रीष्मकालीन अवकाश हाईकोर्ट में 18 मई से ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हुआ था। इस दौरान जरूरी मामलों की सुनवाई के लिए वेकेशन बेंचों का गठन किया गया था। प्रत्येक सप्ताह डिवीजन बेंच और सिंगल बेंच में निर्धारित दिनों पर सुनवाई जारी रही। जारी हुई नई कॉज लिस्ट हाईकोर्ट प्रशासन ने 15 जून से शुरू होने वाले सप्ताह की कॉज लिस्ट भी जारी कर दी है। नियमित कामकाज शुरू होने के साथ ही लंबित मामलों की सुनवाई फिर से सामान्य तरीके से की जाएगी। वर्क फ्रॉम होम खत्म, कोर्ट में होगी सीधी पैरवी हाईकोर्ट प्रशासन ने वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था भी समाप्त कर दी है। अब अधिवक्ता पहले की तरह कोर्ट रूम में उपस्थित होकर अपने मामलों की पैरवी करेंगे। हालांकि, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा पूर्व की तरह उपलब्ध रहेगी, जिससे जरूरत पड़ने पर वर्चुअल भी सुनवाई में शामिल हुआ जा सकेगा।

खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी में मची भगदड़, मोबाइल ब्लास्ट की अफवाह के बीच 4 लोगों ने गंवाई जान

मुरैना  प्रदेश के मुरैना जिले के हेतमपुर और राजस्थान के  धौलपुर रेल खंड के बीच रविवार शाम खजुराहो उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में मोबाइल फटने के बाद फैली आग की अफवाह से घबराए यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रोक दी। इसके बाद कुछ यात्री ट्रेन से कूदकर समीप की दूसरी रेल लाइन पर आ गए। इसी बीच आई पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से तीन महिलाओं और एक मासूम बच्चे समेत कुल चार की दर्दनाक मौत हो गई।   मृतकों में तीनों महिलाएं आगरा की  मृतकों में आफरीन पत्नी नदीम खान (35) निवासी सुल्तानगंज की पुलिया, आगरा, उनका चार वर्षीय बेटा असद खान, शकुंतला पत्नी भूरी सिंह परमार (60) निवासी कचहरा थोक, रुनकता, आगरा तथा विरमा देवी पत्नी गिरधारी गिरि (60) निवासी गेसोरा, थाना महाजन, जिला बीकानेर (राजस्थान) शामिल हैं। जनरल कोच से हुई अलार्म चेन पूलिंग प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रेन के एक कोच में किसी यात्री का चार्जिंग पर लगा मोबाइल फट गया था। इस कारण आग की अफवाह फैली। हादस रविवार शाम 4:15 बजे उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल के हेतमपुर-धौलपुर रेलखंड पर हुआ। गाड़ी संख्या 19665 खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस के जनरल कोच (इंजन से दूसरा कोच) में किसी ने अलार्म चेन पूलिंग किया था। इस कारण ट्रेन सेक्शन में रुक गई थी। ट्रेन रुकने के दौरान कुछ यात्री नीचे उतरकर समीपवर्ती रेलवे लाइन पर चले गए। इसी दौरान अप दिशा से आ रही गाड़ी संख्या 20424 फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से यात्रियों के हताहत होने की सूचना मिली।  चीख पुकार मच गई घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही जीआरपी, आरपीएफ और मुरैना पुलिस की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया तथा मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।  मोबाइल ब्लास्ट की चर्चा से फैली दहशत घटना उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल के हेतमपुर-धौलपुर रेलखंड की है. गाड़ी संख्या 19665 खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस रविवार शाम करीब 4:15 बजे हेतमपुर और धौलपुर स्टेशन के बीच चल रही थी. इसी दौरान एक कोच में मोबाइल फटने जैसी घटना की चर्चा फैल गई. देखते ही देखते यात्रियों में डर का माहौल बन गया. स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि किसी यात्री ने अलार्म चेन पुलिंग कर दी, जिससे ट्रेन बीच रास्ते में रुक गई. ट्रेन रुकते ही कई यात्री जल्दबाजी में नीचे उतर गए।  दूसरी लाइन पर पहुंच गए यात्री प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन से उतरने के बाद कुछ यात्री पास की दूसरी रेलवे लाइन की ओर चले गए. उसी समय दूसरी तरफ से गाड़ी संख्या 20424 फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस तेज गति से वहां से गुजर रही थी. ट्रैक पर मौजूद यात्रियों को संभलने का मौका नहीं मिला और वे ट्रेन की चपेट में आ गए. इस हादसे में तीन महिलाओं और एक बच्चे सहित कुल चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।  राहत और बचाव कार्य शुरू घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), सरकारी रेलवे पुलिस (GRP), स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किया गया और प्रभावित यात्रियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई. पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मृतकों की पहचान और उनके परिजनों को सूचना दी.  रेलवे अधिकारियों ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं. मोबाइल ब्लास्ट की चर्चा के पीछे वास्तविक कारण क्या था, इसकी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है. प्रशासन पूरे घटनाक्रम की जांच र रहा है।  दिल्ली-मुंबई मार्ग पर यातायात प्रभावित इस हादसे के चलते दिल्ली-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर कुछ समय के लिए रेल यातायात प्रभावित रहा। कई ट्रेनों को रास्ते में रोका गया, जबकि प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की गईं। बाद में ट्रैक को क्लियर कर रेल यातायात सामान्य किया गया। मोड़ होने से सामने से आ रही ट्रेन नहीं दिखी : डीआरएम झांसी रेल मंडल के डीआरएम अनुरुद्ध कुमार के अनुसार, जिस स्थान पर हादसा हुआ वहां रेलवे ट्रैक पर मोड़ होने के कारण यात्रियों को सामने से आ रही ट्रेन दिखाई नहीं दी। प्रारंभिक जांच में हादसे की मुख्य वजह आग लगने की अफवाह के बाद हुई चेन पुलिंग और यात्रियों का ट्रैक पर उतरना सामने आया है। यह हादसा केवल एक रेल दुर्घटना नहीं, बल्कि अफवाह, दहशत और जल्दबाजी का दर्दनाक परिणाम है, जिसने चार परिवारों की खुशियां छीन लीं। रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में ट्रेन में आग लगने की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों का मानना है कि अफवाह के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस और रेलवे की टीमें सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में किया 926 करोड़ की 226 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास

बदला हुआ गोरखपुर बनेगा देश के लिए विकास मॉडल: सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में किया 926 करोड़ की 226 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास मुख्यमंत्री ने सुपोषण मिशन के द्वितीय चरण का भी किया शुभारंभ, प्रदेश के 2 करोड़ बच्चों को मिलेगा सीधा लाभ सीएम बोले- गोरखपुर ने विगत 9 वर्षों में बीमारी, बदहाल बुनियादी ढांचे, जलभराव, अपराध और पहचान के संकट से निकलकर विकास, सुशासन और आधुनिक सुविधाओं के नए युग में प्रवेश किया चारों दिशाओं में कहीं भी जाएं आपको गौरव और सम्मान मिलेगा, 25 करोड़ उत्तर प्रदेशवासी आज इस नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहे हैं: मुख्यमंत्री गोरखपुर  गोरखपुर को विकास का बेहतरीन मॉडल बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में शहर ने बीमारी, बदहाल बुनियादी ढांचे, जलभराव, अपराध और पहचान के संकट से निकलकर विकास, सुशासन और आधुनिक सुविधाओं के नए युग में प्रवेश किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, पर्यटन और बुनियादी ढांचे से जुड़ी नई परियोजनाओं के जरिए गोरखपुर आने वाले समय में देश के लिए एक आदर्श शहरी विकास मॉडल बनकर उभरेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को गोरखपुर में 926 करोड़ रुपये की लागत से 226 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के बाद जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बदला हुआ गोरखपुर, बदलते उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की नई पहचान का प्रतीक है। जब मां स्वस्थ होगी, तभी बच्चा स्वस्थ होगा मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गोरखपुर महानगर की लगभग एक हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हो रहा है। यह दिन प्रदेश के लिए अत्यंत गौरवशाली और ऐतिहासिक भी है, क्योंकि हम प्रदेश के सुपोषण मिशन के द्वितीय चरण का शुभारंभ भी कर रहे हैं। इस योजना का लाभ आने वाले समय में प्रदेश के लगभग 2 करोड़ बच्चों को मिलेगा। अगर बचपन सुरक्षित है, तो भविष्य भी सुरक्षित है। इस बचपन को मजबूत बनाने के लिए सबसे पहले गर्भवती महिलाओं में कुपोषण की समस्या का समाधान करना आवश्यक है। जब मां स्वस्थ होगी, तभी बच्चा स्वस्थ होगा। जो भी बच्चा पैदा होता है, उसके जीवन के प्रारंभिक हजार दिन बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यदि इन हजार दिनों में बच्चे की उचित देखभाल की जाए, तो न केवल उस परिवार के लिए, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र के लिए एक सशक्त नींव तैयार होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चा केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि समाज का और अंततः पूरे राष्ट्र का भविष्य होता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए हमने वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कर-कमलों से प्रयागराज में 'टेक होम राशन' (टीएचआर) प्रणाली शुरू की थी। इसके तहत 4000 से अधिक महिला स्वयंसेवी समूहों द्वारा प्रदेश के विभिन्न विकास खंडों में प्लांट स्थापित किए गए, जहां धात्री महिलाओं और कुपोषित बच्चों के लिए पौष्टिक रेसिपी तैयार करके अनुपूरक पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। जहां टीएचआर प्लांट से सीधे वितरण संभव नहीं है, वहां नेफेड के माध्यम से सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए प्रदेश सरकार ने कई कार्यक्रम शुरू किए हैं। लगभग 2 करोड़ बच्चों को अनुपूरक पौष्टिक आहार मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है कि जब बच्चा तीन वर्ष का हो जाए, तो उसे आंगनवाड़ी केंद्रों में छह वर्ष की आयु तक अच्छा पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाए। साथ ही वहां खेल-खेल में सीखने, अक्षर ज्ञान प्राप्त करने और समग्र विकास के लिए बाल वाटिका तथा प्री-प्राइमरी शिक्षा के कार्यक्रम को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। बेसिक शिक्षा परिषद में प्रवेश की आयु 6 वर्ष है और तीन से छह वर्ष तक का समय बच्चों के सीखने और विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण व मूल्यवान है। इसी को ध्यान में रखकर बाल वाटिका और प्री-प्राइमरी शिक्षा को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है। प्रदेश भर में 70 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों में प्री-प्राइमरी और बाल वाटिका के कार्यक्रम सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। इन केंद्रों में लगभग 2 करोड़ बच्चे अनुपूरक पौष्टिक आहार प्राप्त कर रहे हैं। वहां अक्षर ज्ञान, खेल-आधारित शिक्षा की बेहतरीन व्यवस्था भी उपलब्ध है।  अब कोई गोरखपुर से परहेज नहीं करता मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने बदले हुए गोरखपुर को देखा है। आज से मात्र 9 वर्ष पहले गोरखपुर कैसा था? बीमारी, बिजली नहीं, सड़कों पर गड्ढे, जलभराव, मच्छर, गंदगी, बाढ़, बेरोजगारी, व्यापारियों की सुरक्षा नहीं, बेटियों के लिए उत्तम शिक्षा की व्यवस्था नहीं, किसानों के लिए कोई सुविधाएं नहीं, परंपरागत उद्यमों के संरक्षण के लिए कोई कार्यक्रम नहीं और गरीबों के कल्याण के लिए कोई योजनाएं भी नहीं। 2017 से पहले गोरखपुर में बिजली मुश्किल से 5-6 घंटे ही मिल पाती थी और उसके लिए भी सड़कों पर आंदोलन करना पड़ता था। इंसेफेलाइटिस की बीमारी किस कदर कहर ढा रही थी, सैकड़ों बच्चों की मौत हो रही थी, यह किसी से छुपा नहीं है। पूरा महानगर गंदगी के आगोश में डूबा रहता था। एक तरफ बंद पड़ा फर्टिलाइजर कारखाना हमें चिढ़ाता था, दूसरी तरफ बीमार बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर की पहचान बन चुका था। लखनऊ जाने में 6-8 घंटे लगते थे, वाराणसी जाने में 5-6 घंटे। रामगढ़ताल गंदगी का गढ़ बना हुआ था। गोरखपुर का नाम सुनते ही लोग डर जाते थे। ऐसा लगता था मानो यह आतंक का पर्याय बन गया हो। बेटियां शाम को घर से बाहर निकलने में भी डरती थीं। लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। कैसे किसी शहर का कायाकल्प होता है, कैसे विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाता है और कैसे एक प्रदेश व एक देश गौरव के साथ सिर ऊंचा करके चलता है, अब यह स्पष्ट दिख रहा है। आज भारत का विश्व में सम्मान बढ़ा है, उत्तर प्रदेश का सम्मान बढ़ा है और गोरखपुर का भी सम्मान बढ़ा है। अब कोई गोरखपुर से परहेज नहीं करता, दूरी नहीं बनाता। एक-एक पाई का सदुपयोग और पूर्ण जवाबदेही के साथ हो रहा विकास कार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गोरखपुर में जलभराव की समस्या का समाधान हो रहा है, युवाओं के लिए नौकरियां उपलब्ध हैं, व्यापारियों को सुरक्षा के साथ अनेक योजनाओं का लाभ मिल रहा है। … Read more

कोचिंग विवाद में रौशन आनंद को बड़ी राहत, कोर्ट ने दी बेल

पटना बिहार के चर्चित कोचिंग विवाद में जेल में बंद ज्ञान बिन्दु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद को अदालत से नियमित जमानत मिल गई है। पटना के अतिरिक्त जिला जज (ADJ 33) की अदालत ने जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद बेल दे दिया है। रौशन आनंद को खान सर के खान ग्लोबल स्टडीज पर हमले के मामले में गिरफ्तार कर बेउर जेल भेजा गया था, जहां से अब वह पूरे 12 दिनों के बाद बाहर आ रहे हैं। रौशन आनंद ने दावा किया था कि खान सर ने शातिर दिमाग लगाकर रौशन आनंद सर को फंसाया है। रौशन आनंद जेल से निकलने के बाद भाई प्रिंस यादव के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे, जिनकी नेपाल में संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। रौशन आनंद सर के वकील ने अदालत के सामने कल अपना पक्ष रखते हुए बेहद दमदार दलीलें पेश की थीं। वकील ने कोर्ट को बताया कि इस पूरे विवाद और हमले के मामले में रौशन आनंद सर को साजिश के तहत घसीटा गया है, जबकि घटना से उनका कोई सीधा लेना-देना नहीं है। बचाव पक्ष के वकील ने कहा, "रौशन सर देश के प्रतिष्ठित शिक्षक हैं जो हजारों गरीब बच्चों का भविष्य संवार रहे हैं, उन्हें इस तरह जेल में रखना न्यायसंगत नहीं है। खान सर ने शातिर दिमाग लगाकर रौशन आनंद सर को फंसाया है। वकील की इन दलीलों और पुलिस डायरी की समीक्षा करने के बाद जज ने रौशन सर को नियमित जमानत पर रिहा करने का आदेश जारी कर दिया। भाई प्रिंस की नेपाल में संदिग्ध मौत से पसरा मातम एक तरफ जहाँ रौशन आनंद सर को कानूनी तौर पर इतनी बड़ी राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बता दें कि कल ही रौशन आनंद सर के सगे भाई प्रिंस की पड़ोसी देश नेपाल के एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रिंस यादव की मौत के पीछे ब्रेन हेमरेज को कारण बताया जा रहा है। इस दुखद खबर के सामने आने के बाद से ही रौशन आनंद सर का पूरा परिवार और उनके चाहने वाले गहरे सदमे और शोक में डूबे हुए हैं। भाई प्रिंस यादव का शव नेपाल से लाया जा रहा है और आज ही उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस बीच खान सर ने एक वीडियो संदेश जारी करके कहा है कि प्रिंस की मौत की खबर सुनकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। खान सर ने प्रिंय के दोस्त का वीडियो भी दिखाया है, जिसमें वह कह रहा है कि प्रिंस की तबीयत पहले से खराब रहती थी। उसकी मौत सामान्य रूप से बीमारी से हुई है और किसी ने उसे कुछ नहीं किया है।