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अयोध्या राम मंदिर में करोड़ों के चढ़ावे की कथित हेराफेरी की जांच तेज, एसआईटी पहुंची गणना कक्ष

अयोध्या अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी की जांच के लिए बनी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) पहुंच गई है। एसआईटी ने राम मंदिर परिसर स्थित गणना कक्ष में पहुंच कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। नोटों की गिनती के दौरान कुछ वर्षों में तैनात कर्मचारियों के नाम पते की तस्दीक सहित ट्रस्टियों की सूची मांगी गई है। इसके आधार पर अब पूछताछ होगी। बताया जा रहा है कि राम जन्मभूमि परिसर में गणना कर्मचारी बनने के बाद बदल गई माली हालात की जांच भी होगी। कर्मचारियों के आपस की रिश्तेदारी भी खोजी जा रही है। एसआईटी में शामिल वरिष्ठ अफसरों को अपनी प्रारम्भिक जांच रिपोर्ट एक सप्ताह और पूरी रिपोर्ट 15 दिन में सौंपने का निर्देश शासन ने दिया है योगी सरकार ने शनिवार को तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी का नेतृत्व मंडलायुक्त लखनऊ विजय विश्वास पंत कर रहे हैं। उनके साथ आईजी लखनऊ रेंज किरन एस और विशेष सचिव वित्त नील रतन को बतौर सदस्य शामिल किया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मुख्यमंत्री से एसआईटी गठित किए जाने का अनुरोध किया था। जांच के दायरे पर सवाल बताया जाता है कि प्रारम्भिक रिपोर्ट में जांच का दायरा चढ़ावे की धनराशि में करोड़ों की चोरी और गणना की निगरानी और इसको लेकर जवाबदेह लोगों तक सीमित रहेगा या इसके आगे भी विस्तारित हो सकता है। जांच का दायरा बढ़ा तो निश्चित ही कई उच्च पदस्थ लोगों तक जांच की आंच पहुंच सकती है। उसका कारण है कि यहां हर व्यवस्था को जितना बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने की कोशिश की गयी, हकीकत उसके उलट थी। सूत्र बताते हैं कि इसकी प्रमुख वजह कमीशनखोरी रही। इसी तरह दर्शन व्यवस्था में नि:शुल्क सिस्टम के बाद भी धन उगाही की शिकायतें आम रहीं। इसको लेकर कुछ लोगों की धरपकड़ भी हुई लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया। सुरक्षा कारणों से फोटोग्राफी पर रोक के बाद भी सोशल मीडिया में आ रही तस्वीरों को लेकर किसी की जवाबदेही नहीं है। व्यवस्था से जुड़े पदाधिकारी सशंकित एसआईटी की जांच शुरू होते ही राम मंदिर की व्यवस्थाओं में लगे संघ और विहिप के पदाधिकारी सशंकित हो गये है। उन्हें भी यह आशंका सता रही है कि जांच का दायरा बढ़ा तो उन सबकी जवाबदेही तय होगी जो संगठन के दम पर मनमर्जी चला लेते थे। इस जांच से ट्रस्ट के कर्मचारी जरूर खुश दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि काम का जिम्मा हम सबका है और ऐन वक्त पर सुपरविजन के नाम पर ऊपर से लोग बैठा दिए जाते हैं जो पहले से तय व्यवस्थाओं को अपने हिसाब से कराने का दबाव बनाते हैं। इस व्यवस्था के कारण ही रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा से लेकर बाकी के समारोह में अव्यवस्थाएं हुईं। इनका यह भी कहना है कि हम लोग के निर्धारित वेतन के सापेक्ष आउट सोर्सिंग के कर्मचारियों के नाम पर कंपनियों को अधिक भुगतान किया जा रहा है लेकिन आश्वासन के बाद भी हम लोगों का वेतन नहीं बढ़ रहा है और मनमाफिक व्यवस्था में धन खर्च हो रहा है।

मतदाता सूची की होगी बड़ी पड़ताल, पंजाब में आज से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरू

चंडीगढ़  पंजाब में आज से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया की शुरुआत होने जा रही है। इसके तहत 2 करोड़ 14 लाख 57 हजार 160 मतदाताओं की जांच की जाएगी। 1 अक्तूबर को फाइनल मतदाता सूची जारी की जाएगी। इस दौरान फर्जी, डुप्लीकेट और मृत मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाएंगे। बीएलओ के प्रशिक्षण और संशोधन प्रक्रिया से जुड़ी गतिविधियों से इसकी शुरुआत की जा रही है जो 24 जून तक जारी रहेगी। राज्य में 25 जून से 24 जुलाई तक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं के फॉर्म भरवाएंगे। प्रत्येक बीएलओ को औसतन 300 घर और 1200 मतदाताओं की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा मतदाता सूची का मसौदा 3 अगस्त को प्रकाशित होगा। इसके बाद 3 अगस्त से 2 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर के दौरान आधार कार्ड को केवल पहचान के स्रोत के रूप में माना जाएगा। इसे पहचान के अंतिम प्रमाण के तौर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। बीएलओ फॉर्म देने के बाद उन्हें लेने के लिए मतदाताओं से तीन बार संपर्क करेंगे। सत्यापन के दौरान मतदाताओं की जन्मतिथि और पारिवारिक रिकॉर्ड का मिलान किया जाएगा। जिन लोगों का नाम 2003 की मतदाता सूची में नहीं था लेकिन उनके माता-पिता या दादा-दादी का नाम दर्ज था, उनके दस्तावेज भी जांचे जाएंगे। मतदाता आयोग की वेबसाइट पर पुराने रिकॉर्ड चेक कर सकेंगे। आयोग के अनुसार मतदाता सूची से नाम हटवाने के लिए फॉर्म-7 भरना होगा। वहीं ऐसे एनआरआई जिन्होंने किसी दूसरे देश की नागरिकता नहीं ली है वे फॉर्म-6ए भरकर अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करवा सकते हैं। 

उत्तर प्रदेश में गर्मी की वापसी, 5–7 डिग्री तक बढ़ सकता है तापमान

लखनऊ उत्तर प्रदेश में विक्षोभ के गुजरने के बाद रविवार को ज्यादातर जिलों में तेज धूप खिली और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज हुई। इस बीच सोमवार को बिहार से सटे तराई व कुछ दक्षिणी जिलों में गरज चमक के आसार हैं। क्षेत्रीय माैसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के गुजर जाने के बावजूद कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर समेत कुछ दक्षिणी इलाकों में हवा में माैजूद नमी की वजह से तेज हवाएं चलने और गरज चमक के संकेत हैं। सोमवार के लिए प्रदेश के13 जिलों में 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और गरज चमक की चेतावनी जारी की गई है। रविवार को 42.4 डिग्री सेल्सियस के साथ बांदा प्रदेश में सर्वाधिक गर्म रहा। उरई और प्रयागराज दोनों जिलों में 41.4 डिग्री और झांसी में 40.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। रविवार से अगले पांच दिनों में प्रदेश भर में अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री की बढ़त आएगी। साथ ही तपिश भरे दिनों की फिर से वापसी होगी इन जिलों में तेज हवाओं के साथ गरज चमक की चेतावनी सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, गाजीपुर, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर व आस पास के क्षेत्र।   राजधानी में तीखी हुई धूप, बढ़ने लगी तपिश राजधानी में रविवार को तीखी धूप खिली। तपिश बढ़ने से अधिकतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस से ज्यादा और रात के तापमान में 5.3 डिग्री का उछाल दर्ज किया गया। माैसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म हो चुका है। अब आगे एक हफ्ते राजधानी में माैसम शुष्क रहने वाला है। साथ ही आने वाले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़त आएगी। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि रविवार को लखनऊ में विक्षोभ का असर खत्म हो गया है। आने वाले दिनों में धूप की तल्खी बढ़ने के साथ ही तपिश भरे दिनों की वापसी होगी। रविवार को अधिकतम तापमान 3.3 डिग्री की बढ़त के साथ 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री की उछाल के साथ 26.6 डिग्री सेल्सियस रहा।  

चुनावी मोड में AAP, लोक मिलनियों के जरिए गिनाएगी सरकार की उपलब्धियां

चंडीगढ़. राज्य में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (आप) ने संगठन और सरकार के कामकाज को सीधे जनता तक पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर जनसंपर्क अभियान शुरू करने की रणनीति बनाई है। पार्टी ने अपने मौजूदा विधायकों और हलका इंचार्जों को निर्देश दिए हैं कि वे अगले दो महीनों तक अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार लोक मिलनियां आयोजित कर लोगों के बीच रहें और सरकार की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड पेश करें। पार्टी ने संभावित चुनावी उम्मीदवारों को हर दिन तीन लोक मिलनियां आयोजित करने का लक्ष्य दिया है। इन बैठकों के जरिए न केवल सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी दी जाएगी, बल्कि क्षेत्र के लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को भी जाना जाएगा। पार्टी का लक्ष्य है कि 15 अगस्त तक हर विधानसभा क्षेत्र के सभी गांवों और प्रमुख शहरी वार्डों तक पहुंच बनाई जाए। 2027 के लिए शुरुआती चुनावी तैयारी पार्टी के अंदर इसे 2027 के लिए शुरुआती चुनावी तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पहले से ही विभिन्न इलाकों में लोक मिलनियां कर रहे हैं, जबकि वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल समेत कई मंत्री भी अपने-अपने क्षेत्रों में जनसभाएं और संवाद कार्यक्रम शुरू कर चुके हैं। सूत्र बताते हैं कि जिन विधायकों और हलका इंचार्जों को पार्टी संभावित उम्मीदवार मान रही है, उन्हें अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए रंगला पंजाब फंड से राशि भी उपलब्ध कराई जा सकती है। बताया जा रहा है कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए करीब 10 करोड़ रुपये तक के विकास कार्यों की योजना बनाई गई है, ताकि चुनाव से पहले जमीनी स्तर पर काम दिखाई दे सके। पार्टी नेतृत्व ने जनप्रतिनिधियों को अगले दो महीनों तक अपने विधानसभा क्षेत्रों में अधिकतम समय देने और अनावश्यक रूप से क्षेत्र से बाहर न जाने की सलाह भी दी है। वहीं, आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी आने वाले समय में व्यापारियों और उद्योग जगत से जुड़े वर्गों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रमों में हिस्सा ले सकते हैं, जिससे पार्टी का समर्थन आधार और व्यापक बनाया जा सके। मानना है कि लगातार जनसंपर्क, विकास कार्यों की प्रस्तुति और लाभार्थी वर्गों से सीधा संवाद, आप की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बनने जा रहा है। पार्टी इस अभियान के जरिए सरकार की योजनाओं को राजनीतिक समर्थन में बदलने की कोशिश में जुटी है।

बस्तर को देश का सबसे सुंदर और विकसित आदिवासी संभाग बनाएंगे : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

बस्तर देश का सबसे सुंदर और विकसित आदिवासी संभाग बनेगा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बस्तर के आर्थिक विकास और लघु वनोपजों के समुचित उपयोग के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया ‘तेरा राज नहीं आएगा रे’ पुस्तक का विमोचन रायपुर  नक्सलवाद का दंश झेलते-झेलते बस्तर चार दशकों तक विकास की मुख्यधारा से दूर रहा, लेकिन अब नक्सलवाद की समाप्ति के साथ केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से बस्तर को देश का सबसे सुंदर और विकसित आदिवासी संभाग बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  आज राजधानी रायपुर में आयोजित ‘तेरा राज नहीं आएगा रे’ पुस्तक के विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. शशांक शर्मा, पांचजन्य के संपादक हितेश शंकर सहित अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सलवाद के कारण बस्तर विकास की दौड़ में काफी पीछे रह गया था। अब परिस्थितियां बदल रही हैं और एक नए, विकसित तथा समृद्ध बस्तर के निर्माण का अवसर प्राप्त हुआ है। राज्य सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है, जिनसे आमजन को मूलभूत सुविधाओं सहित सभी आवश्यक सेवाएं सहज रूप से उपलब्ध हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो दिन पूर्व ही यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के 12 वर्ष पूर्ण किए हैं। उनके नेतृत्व में देश ने अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनमें नक्सलवाद की समाप्ति की दिशा में मिली सफलता भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद देश की आंतरिक सुरक्षा के समक्ष सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में इस चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना किया गया। उन्होंने कहा कि मजबूत नेतृत्व समाज में विश्वास और उत्साह का संचार करता है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में माओवाद के विरुद्ध सामूहिक संकल्प विकसित हुआ। सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ा, आम जनता खुलकर माओवाद के विरोध में सामने आई और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद की। इस संघर्ष में लेखकों, पत्रकारों और बुद्धिजीवियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बस्तर आए थे, जहां उन्होंने पत्रकारों से मुलाकात कर उनके योगदान की सराहना की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीव रंजन प्रसाद और सुरचना नायडू ने यह पुस्तक ऐसे समय में लिखी है, जब माओवाद की समाप्ति हो चुकी है। इस दृष्टि से यह पुस्तक और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। समय के साथ स्मृतियां धुंधली हो जाती हैं और घाव भरने लगते हैं। ऐसे में आवश्यक है कि माओवाद के कठिन दौर और उससे मुक्ति के संघर्ष को दस्तावेज़ी रूप में सुरक्षित रखा जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उससे सीख सकें। उन्होंने कहा कि जब भावी पीढ़ियां इस विषय पर लिखी पुस्तकों को पढ़ेंगी, तब उन्हें यह समझने का अवसर मिलेगा कि माओवाद से मुक्ति के लिए समाज और सुरक्षा बलों ने कितना कठिन संघर्ष किया तथा कितने जवानों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया। यह पुस्तक उन्हें यह भी बताएगी कि हिंसा किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकती और लोगों का विश्वास केवल संविधान एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर ही जीता जा सकता है। मुख्यमंत्री ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि लेखकों ने अत्यंत गंभीर और व्यापक शोध किया है। उन्होंने बस्तर समाज के विभिन्न वर्गों, आत्मसमर्पित नक्सलियों तथा नक्सलवाद को निकट से देखने और झेलने वाले लोगों से संवाद कर महत्वपूर्ण तथ्यों का संकलन किया है। पुस्तक यह उजागर करती है कि किस प्रकार माओवादी नेतृत्व ने अपने कैडर का विस्तार किया और अनेक परिवारों पर संगठन में सदस्य भेजने का दबाव बनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लेखकों ने अपने शोध में जिन पूर्व नक्सलियों से बातचीत की, उनमें लगभग 80 प्रतिशत लोग अशिक्षित या केवल पांचवीं कक्षा तक शिक्षित पाए गए। जिस आयु में उनके हाथों में कलम होनी चाहिए थी, उस आयु में उन्हें हथियार थमा दिए गए। माओवाद ने एक पूरी पीढ़ी को शिक्षा से वंचित रखा, उन्हें परिवार और समाज से दूर कर दिया। उन्होंने कहा कि राजीव रंजन प्रसाद ने बस्तर पर पहले भी कई महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें माओवाद का वास्तविक चेहरा उजागर करने के साथ-साथ बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति का भी प्रभावी चित्रण किया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अब बस्तर के नवनिर्माण का समय है। राज्य सरकार ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ के माध्यम से योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। नियद नेल्ला नार योजना और बस्तर मुन्ने अभियान के जरिए शासकीय योजनाओं का लाभ सैचुरेशन मोड में लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। जहां पहले सुरक्षा कैंप स्थापित थे, वहां अब सेवा डेरे विकसित किए जा रहे हैं, जो शासकीय सेवाओं, कौशल विकास और उद्यमिता के केंद्र बनेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बस्तर की लगभग 85 प्रतिशत आबादी की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन के माध्यम से अगले तीन वर्षों में इस आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। सहकारिता के माध्यम से बस्तर को अग्रणी संभाग बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जनजातीय परिवारों को गाय अथवा भैंस उपलब्ध कराकर कृषि के साथ पशुपालन को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत अब तक लाखों लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है और उन्हें बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि नए बस्तर में कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। बंद पड़े 421 स्कूलों को पुनः प्रारंभ किया गया है तथा अबूझमाड़ और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही इंद्रावती नदी पर देउरगांव और मटनार बैराज का निर्माण किया जा रहा है, जिससे बड़ी संख्या में किसानों को सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों के माध्यम से यहां की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को … Read more

कृषि विभाग की सख्ती, खाद की 1500 बोरियां जब्त, दो दुकानों पर गिरी गाज

धमतरी. धमतरी जिले में खरीफ सीजन से पहले खाद की कालाबाजारी पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है. इसी कड़ी में कृषि विभाग की टीम विभिन्न उर्वरक विक्रय केंद्रों में जांच के लिए पहुंची. निरीक्षण के दौरान मगरलोड विकासखंड के करेली छोटी स्थित वंदना खाद भंडार में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर उर्वरक बिक्री और कम्प्यूटराइज्ड बिल नहीं देने की शिकायत सही पाई गई. अनियमितता की पुष्टि होने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रतिष्ठान का उर्वरक लाइसेंस निलंबित कर दिया. साथ ही दुकान में रखी 859 बोरी रासायनिक उर्वरक भी जब्त कर ली गई. मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है. अन्य प्रतिष्ठानों पर भी हुई कार्रवाई नगरी विकासखंड के बेलरगांव स्थित पवार ट्रेडर्स से 600 बोरी और जय किसान ट्रेडर्स से 100 बोरी जैविक खाद जब्त की गई. दोनों प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है. कुरूद विकासखंड के चण्डी ट्रेडर्स और किसान ट्रेडर्स में POS मशीन के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में अंतर पाए जाने के साथ ही मूल्य सूची और उपलब्ध स्टॉक की जानकारी प्रदर्शित नहीं की गई थी. इस गंभीर अनियमितता पर दोनों प्रतिष्ठानों के उर्वरक लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं. कृषि विभाग की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से कालाबाजारी करने वाले प्रतिष्ठानों में हड़कंप मच गया है. वहीं प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे उर्वरक खरीदते समय अनिवार्य रूप से पक्का बिल लें और किसी भी अनियमितता की सूचना तुरंत कृषि विभाग या जिला प्रशासन को दें.

सीएम योगी ने लाभार्थियों को सौंपे प्रमाणपत्र, विभिन्न योजनाओं की सहायता राशि भी की वितरित

सीएम योगी ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को वितरित किए प्रमाणपत्र और सहायता राशि सुपोषण मिशन के द्वितीय चरण का किया शुभारंभ, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को वितरित किया नवीन अनुपूरक पुष्टाहार गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखपुर में 926 करोड़ रुपये की लागत से 226 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र, सहायता राशि, आवास की चाबी, आयुष्मान कार्ड तथा नवीन अनुपूरक पुष्टाहार वितरित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सुपोषण मिशन के द्वितीय चरण का शुभारंभ करते हुए बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को नवीन टेक होम राशन (टीएचआर) रेसिपी एवं अनुपूरक पुष्टाहार वितरित किया। उन्होंने शेजल, सिद्धि, आंशी, सानवी और श्री जैसी नन्हीं बच्चियों को तथा सोनी देवी और अमृत देवी जैसी गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषण किट प्रदान कर उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना की लाभार्थी रवीना मधेशिया को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत सुनीता देवी और चैता देवी को आवास की चाबी एवं स्वीकृति प्रमाण पत्र सौंपे गए। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत शकुंतला देवी को आयुष्मान कार्ड प्रदान किया गया, जिससे उन्हें गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। कृषि विभाग की योजनाओं के अंतर्गत कौड़ीराम क्षेत्र के बुनेल प्रजापति को कृषि परियोजना के लिए अनुदान स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया। वहीं बेलघाट क्षेत्र के जयप्रकाश मिश्रा को भी कृषि विकास से संबंधित सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के लाभार्थियों को भी सम्मानित किया। एस्ट्रो टर्फ हॉकी मैदान के पवेलियन का शुभारंभ इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने गोरखपुर स्थित वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में नव निर्मित एस्ट्रो टर्फ हॉकी मैदान के पवेलियन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने हॉकी प्रतियोगिता में भाग ले रहे नन्हें खिलाड़ियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने स्वयं भी हॉकी स्टिक थामकर मैदान पर स्ट्रोक लगाया और खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी तथा विभिन्न उत्पादों से सुसज्जित स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने अन्नप्राशन संस्कार कार्यक्रम में शामिल छोटे बच्चों को अन्न ग्रहण कराया तथा उनकी माताओं को उपहार भेंट कर शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। लोकार्पण होने वाली परियोजनाएं 112 करोड़ से जिला कारागार में मेन वॉल का विस्तार कर 30 कैदियों की क्षमता वाली 4 नग बैरक एनक्लोजर वॉल का निर्माण ₹10 करोड़ से अधिक धनराशि से वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज मैं बहुउद्देश्यीय क्रीड़ा हॉल 27 करोड़ से बी.आर.डी. मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम का जीर्णोद्धार ₹5 करोड़ से परिक्षेत्रीय साइबर थाने का प्रशासनिक भवन शिलान्यास होने वाली परियोजनाएं ₹49 करोड़ से अधिक धनराशि से बी.आर.डी. मेडिकल कॉलेज में कर्मचारियों हेतु टाइप-2 के 100 आवासों का निर्माण कार्य ₹48 करोड़ से गुलहरिया में कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स कम एंटरटेनमेंट जोन का निर्माण कार्य ₹35 करोड़ से नगर निगम गोरखपुर में साहित्य पार्क का निर्माण कार्य

दशकों का इंतजार खत्म! बस्तर के तीन गांवों में पहली बार गूंजेगी बच्चों की पाठशाला

दंतेवाड़ा. मलगिर क्षेत्र के बड़ेपल्ली, लावा और बैंगपाल गांवों में आजादी के बाद पहली बार स्कूल शुरू होने जा रहे हैं. इन गांवों के 65 बच्चे पहली बार औपचारिक शिक्षा से जुड़ेंगे. इलाका अब तक सड़क और शैक्षणिक सुविधाओं से वंचित रहा है. शिक्षा विभाग की टीम ने गर्मी की छुट्टियों में दुर्गम रास्तों पर पैदल पहुंचकर सर्वे किया. घर-घर जाकर बच्चों की पहचान और दस्तावेज तैयार किए गए. अभिभावकों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया गया. फिलहाल ग्रामीणों द्वारा उपलब्ध कराए गए भवनों में कक्षाएं संचालित होंगी. भविष्य में स्थायी स्कूल भवन बनाने की योजना तैयार की जा रही है. यह पहल दूरस्थ इलाकों में शिक्षा पहुंचाने की बड़ी कोशिश मानी जा रही है. साथ ही स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा पढ़ाई से जोड़ने का अभियान भी जारी है. पलायन और अन्य कारणों से शिक्षा से दूर हुए बच्चों की सूची तैयार की जा रही है. बस्तर के इन गांवों में अब पहली बार बच्चों के हाथों में कलम और किताब दिखाई देगी.

समाज कल्याण विभाग की नई पहल, सर्वोदय विद्यालयों और छात्रावासों में हर पेड़ को मिलेगी डिजिटल पहचान

समाज कल्याण विभाग की पहल, सर्वोदय विद्यालयों और छात्रावासों में हर पेड़ की होगी डिजिटल पहचान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हरित विकास संकल्प को मिला नया आयाम पेड़ों को मिलेगा संस्थान की संपत्ति का दर्जा, पर्यावरण संरक्षण का आदर्श मॉडल बनेंगे संस्थान लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास के विजन को आगे बढ़ाते हुए समाज कल्याण विभाग ने एक अभिनव पहल की शुरुआत की है। विभाग ने अपने सभी जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों, आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों एवं अन्य संस्थानों में मौजूद पेड़ों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए वृक्ष परिसंपत्ति प्रबंधन व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इस व्यवस्था के तहत प्रत्येक पेड़ को एक यूनिक पहचान संख्या प्रदान की जाएगी, जिससे उसकी निगरानी, संरक्षण और प्रबंधन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। इस संबंध में प्रमुख सचिव समाज कल्याण अनुराग यादव ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। हर पेड़ का तैयार होगा डिजिटल डाटा बैंक नई व्यवस्था के अंतर्गत विभागीय संस्थानों में मौजूद सभी पेड़ों का व्यापक सर्वेक्षण कराया जाएगा। प्रत्येक पेड़ को एक विशेष पहचान संख्या दी जाएगी और उसकी प्रजाति, स्थान, अनुमानित आयु तथा वर्तमान स्थिति का पूरा विवरण वृक्ष परिसंपत्ति पंजिका में दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही सभी पेड़ों की फोटो लेकर उनका डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार किया जाएगा। इससे समय-समय पर उनकी स्थिति का आकलन करने और आवश्यक संरक्षण उपाय करने में सुविधा मिलेगी। पेड़ों को मिलेगा संस्थान की संपत्ति का दर्जा समाज कल्याण विभाग ने स्पष्ट किया है कि संस्थानों में मौजूद सभी पेड़ों को अब परिसंपत्ति के रूप में दर्ज किया जाएगा। किसी भी पेड़ की कटाई अथवा बड़े स्तर पर छंटाई बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के नहीं की जा सकेगी। साथ ही प्रत्येक वर्ष इन पेड़ों का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा, ताकि उनकी सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। यह व्यवस्था हरित संपदा को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पर्यावरण संरक्षण का आदर्श मॉडल बनेंगे संस्थान समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि पेड़ हमारी अमूल्य प्राकृतिक धरोहर हैं और उनका संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप दिया जा रहा है। इसी कड़ी में विभागीय संस्थानों में वृक्ष परिसंपत्ति प्रबंधन व्यवस्था लागू की जा रही है। इससे न केवल पेड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी बल्कि विद्यार्थियों और समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। समाज कल्याण विभाग का प्रयास है कि उसके विद्यालय, छात्रावास और अन्य संस्थान शिक्षा व सामाजिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के भी आदर्श केंद्र बनें। यह पहल प्रदेश में हरित धरोहर के संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं दूरगामी कदम साबित होगी।

उड़ान के साथ उछले रियल एस्टेट के दाम, नोएडा एयरपोर्ट ने बदल दी जेवर की तस्वीर

नोएडा  नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से आज से कमर्शियल फ्लाइट्स का संचालन शुरू हो रहा है, जो दिल्ली-एनसीआर और पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है. आज वो 175 किसान भी सफर करेंगे, जिनकी जमीनों का इस भव्य एयरपोर्ट के निर्माण के लिए अधिग्रहण किया गया था. इस शुरुआत के साथ ही अब जेवर और उसके आस-पास के इलाकों का न सिर्फ नक्शा, बल्कि भाग्य भी पूरी तरह बदलने जा रहा है।  नोएडा एयरपोर्ट बनने के ऐलान के बाद से ही इस इलाके में प्रॉपर्टी के दामों में तेजी आने लगी थी, और अब एयरपोर्ट शुरू होने के बाद यहां रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रॉपर्टी दोनों की डिमांड और तेजी से बढ़ने की संभावना है।  रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले पांच सालों में यहां अपार्टमेंट के दामों में तीन गुना और प्लॉट की कीमत में 1.5 गुना बढ़ोतरी हुई है. अब जब रनवे से विमानों ने उड़ान भरना शुरू कर दिया है, तो यह क्रेडिबिलिटी रियल एस्टेट बाजार को एक नए स्तर पर ले जाएगी. आने वाले दिनों में यमुना एक्सप्रेसवे, ग्रेटर नोएडा और जेवर के आस-पास निवेश की एक नई लहर देखने को मिलेगी।  रियल एस्टेट सेक्टर पर क्या असर हवाई अड्डे का चालू होना सिर्फ हवाई यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आर्थिक गतिविधियों का एक बहुत बड़ा केंद्र बनने जा रहा है. एयरपोर्ट के चलते होटल, रेस्टोरेंट, शॉपिंग मॉल और ऑफिस स्पेस की मांग में भारी इजाफा होगा. विदेशी और राष्ट्रीय कंपनियां इस इलाके में अपने ऑफिस खोलने को प्राथमिकता देंगी।  इसके साथ ही, जेवर एयरपोर्ट के पास 'कार्गो टर्मिनल' होने की वजह से यह पूरा बेल्ट एक ग्लोबल लॉजिस्टिक्स हब में तब्दील हो रहा है. इससे इंडस्ट्रियल प्लॉट्स की कीमतें आसमान छूने लगी हैं. दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों के कामकाजी लोग और हाई-नेट-वर्थ इंडिजुअल्स अब यमुना एक्सप्रेसवे के आस-पास विला और प्रीमियम अपार्टमेंट्स में निवेश कर रहे हैं, जिससे रेजिडेंशियल मार्केट को भी नए पंख मिल गए हैं।  इस इलाके के रियल एस्टेट में उछाल आने की एक बड़ी वजह इसकी बेजोड़ कनेक्टिविटी योजनाएं हैं. एयरपोर्ट को फिल्म सिटी और ग्रेटर नोएडा से जोड़ने के लिए पोड टैक्सी और मेट्रो नेटवर्क पर तेजी से काम चल रहा है, जिससे भविष्य में यात्रियों की राह आसान होगी और आस-पास के कमर्शियल प्रोजेक्ट्स की वैल्यू बढ़ेगी।  इसके अलावा, यमुना एक्सप्रेसवे दिल्ली, आगरा और मथुरा को सीधे जोड़ता है, जिससे लॉजिस्टिक्स और टूरिज्म दोनों को भारी बढ़ावा मिल रहा है. वहीं दूसरी ओर, दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का एक स्टॉप जेवर एयरपोर्ट पर होने की वजह से इस पूरे बेल्ट की आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों की कीमत कई गुना बढ़ने का अनुमान है।