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विजय बघेल की याचिका पर बहस पूरी, भूपेश बघेल का आचार संहिता विवाद अदालत में सुरक्षित

बिलासपुर बिलासपुर हाईकोर्ट से बड़ी खबर सामने आई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ दायर चुनाव याचिका पर हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब इस मामले में कभी भी बड़ा फैसला आ सकता है। पूर्व सीएम भूपेश बघेल के खिलाफ यह याचिका दुर्ग सांसद विजय बघेल ने दाखिल की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान भूपेश बघेल ने आचार संहिता का खुला उल्लंघन किया था। याचिका में यह मांग की गई है कि भूपेश बघेल का निर्वाचन शून्य किया जाए। इस मामले में भूपेश बघेल की ओर से कोर्ट में 16 बिंदुओं पर जवाब पेश करते हुए कहा गया कि यह याचिका चलने योग्य नहीं है। विधानसभा चुनाव 2023 के भाजपा प्रत्याशी विजय बघेल ने पूर्व सीएम भूपेश बघेल के खिलाफ चुनावी याचिका दायर करते हुए पूर्व सीएम के निर्वाचन को निरस्त करने की मांग की है। याचिका में विजय बघेल ने आरोप लगाया है कि पाटन क्षेत्र में आचार संहिता का उल्लंघन किया गया है। भाजपा का आरोप है कि चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद पाटन विधानसभा सीट में कांग्रेस उम्मीदवार के लिए रैली का आयोजन किया गया था। इसकी शिकायत चुनाव आयोग से भी की गई है। इस संबंध में रोड शो कार्यक्रम की एक सीडी भी दी गई है। विधानसभा चुनाव 2023 में पाटन विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी विजय बघेल ने कांग्रेस प्रत्याशी और तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ चुनाव याचिका दाखिल की थी। याचिका में विजय बघेल ने कहा है कि 16 नवंबर 2023 को पाटन विधानसभा सीट में चुनाव प्रचार किया गया, जबकि छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दूसरे फेज के लिए 15 नवंबर की शाम को प्रचार अभियान खत्म हो गया था। पाटन विधानसभा सीट में भी दूसरे फेज में मतदान हुआ था। याचिका में कहा गया है कि प्रावधान का उल्लंघन करते हुए 16 नवंबर को रैली और रोड शो आयोजित किया गया था। इस रैली की फोटो और वीडियो भी उपलब्ध कराए गए हैं। आरोप है कि फोटो और वीडियो में स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि भूपेश बघेल रैली का आयोजन कर रहे थे, जिसमें सरकारी कर्मचारी और पुलिस अधिकारी भी शामिल थे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भूपेश बघेल के पक्ष में नारे लगाए। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए भूपेश बघेल ने आचार संहिता का उल्लंघन किया, इसलिए उनकी उम्मीदवारी रद्द की जाए और उन्हें दंडित किया जाए।

छत्तीसगढ़ में बदलाव: नक्सली हिंसा पर लगाम, 27 बाहलकर्ताओं का मुख्यधारा में स्वागत

सुकमा छत्तीसगढ़ को लाल आतंक से मुक्त करने के लिए जारी सुरक्षाबलों की प्रभावी कार्रवाई रंग ला रही है. सोनू दादा समेत 60 नक्सलियों के सरेंडर के बाद नक्सली संगठन को एक और झटका लगा है. सुकमा जिले में बुधवार को 50 लाख रुपए के इनामी 27 नक्सलियों ने पुलिस अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है. इनमें 2 हार्डकोर नक्सली शामिल हैं. 10 महिला और 17 पुरुष माओवादियों का सरेंडर छत्तीसगढ़ शासन की “छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति” और “नियद नेल्ला नार” योजना से प्रभावित होकर आज 10 महिलाओं सहित कुल 27 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया. इनमें पीएलजीए बटालियन नंबर-1 के दो हार्डकोर नक्सली भी शामिल हैं. आत्मसमर्पित माओवादियों में एक सीवायसीएम सदस्य, 15 पार्टी सदस्य और 11 अग्र संगठन के सदस्य हैं.आत्मसमर्पित नक्सलियों में एक पर 10 लाख रुपये, तीन पर 8-8 लाख रुपये, एक पर 3 लाख रुपये, दो पर 2-2 लाख रुपये और नौ नक्सलियों पर 1-1 लाख रुपये का इनाम घोषित था. इस तरह कुल 50 लाख रुपये के इनामी नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है. इन नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण  (1) ओयाम लखमू पिता स्व0 ओयाम पस्से उम्र लगभग 53 वर्ष जाति दोरला निवासी बुर्कलंका पांतापारा थाना किस्टाराम जिला सुकमा (छ0ग0),(ईनाम 10 लाख). (2) .माड़वी भीमा उर्फ तामो भीमा पिता स्व0 माड़वी केशा उम्र लगभग 18 वर्ष जाति मुरिया निवासी करकापारा थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा (ईनामी 08 लाख). (3) सुनिता उर्फ कवासी सोमड़ी पिता स्व0 पोज्जा उम्र लगभग 24 वर्ष जाति मुरिया निवासी काउरगट्टा मिस्सीपारा थाना पामेड़ जिला बीजापुर (ईनामी 08 लाख). (4 ) सोड़ी मासे पिता पाकलू उम्र लगभग 22 वर्ष जाति मुरिया निवासी गुण्डराजगुड़ा थाना पामेड़ जिला बीजपुर,(ईनामी 08 लाख). (5) मुचाकी हड़मा पिता स्व0 जोगा उम्र लगभग 30 वर्ष जाति मुरिया निवासी गोगुण्डा मिस्सीपारा थाना केरलापाल जिला सुकमा (ईनाम 03 लाख). (6) सोड़ी दुला पिता स्व. नंदा उम्र 40 वर्ष जाति मुरिया निवासी कामावरम थाना किस्टाराम जिला सुकमा(ईनाम 02 लाख). (7) कुहरम बुधरा उर्फ पदाम बुधरा पिता स्व. पदाम हिड़मा उम्र 31 वर्ष जाति मुरिया निवासी जिनेतोंग (जिनेलतोंग) थाना कोंटा जिला सुकमा (ईनाम 2 लाख). (8) विद्या उर्फ मुचाकी जोगी पिता स्व0 हड़मा उम्र लगभग 26 वर्ष जाति मुरिया निवासी पीलावाया (कोरेवाया) थाना कोण्टा जिला सुकमा (ईनाम 01 लाख). (9) दुर्राे/मड़कम हड़मे उर्फ मड़कम पोज्जे पिता जोगा उम्र 24 वर्ष जाति मुरिया निवासी पोटकपल्ली बड़ापारा थाना किस्टाराम जिला सुकमा (ईनाम 01 लाख). (10) माडवी देवे पिता हिड़मा उम्र लगभग 28 वर्ष जाति मुरिया निवासी पीलावाया थाना कोंटा जिला सुकमा (ईनाम 01 लाख). (11) रोहन उर्फ कलमू हिड़मा पिता पोज्जा उम्र लगभग 21 वर्ष जाति मुरिया निवासी पेंटापाड़ थाना चिंतागुफा जिला सुकमा (ईनाम 01 लाख).  (12) वेको देवे उर्फ विमला पिता गंगा निवासी छोटेकेड़वाल थाना चिंतागुफा जिला सुकमा, (ईनाम 01 लाख).  (13) रजनी उर्फ वेट्टी कोसी पिता स्व0 हड़मा उम्र लगभग 26 वर्ष जाति मुरिया निवासी डब्बामरका थाना किस्टाराम जिला सुकमा(ईनाम 01 लाख) . (14) अंजू उर्फ मड़कम बुस्की उर्फ पिता मड़कम हुंगा उम्र लगभग 22 वर्ष जाति मुरिया निवासी एंटापाड़ थाना चिंतागुफा जिला सुकमा (छ0ग0)(ईनाम 01 लाख).  (15) मड़कम सुनिता उर्फ सुन्नी पिता बुस्का उम्र लगभग 21 वर्ष जाति मुरिया निवासी एंटापाड़ चिंतागुफा जिला सुकमा(ईनाम 01 लाख). (16) सोड़ी बुधरा पिता स्व. नंदा उम्र लगभग 38 वर्ष जाति मुरिया निवासी कामावरम् (कामाराम) थाना किस्टाराम जिला सुकमा (ईनाम 01 लाख). (17) माड़वी भीमा पिता स्व. परदेशी उम्र लगभग 35 वर्ष जाति मुरिया निवासी पोट्टेमंगू थाना किस्टाराम जिला-सुकमा. (18 ) वेट्टी सूला पिता स्व. लखमा उम्र लगभग 25 वर्ष जाति मुरिया निवासी मड़पेदुलोड़ थाना चिंतागुफा जिला सुकमा. (19) कवासी देवा पिता स्व. भीमा उम्र लगभग 50 वर्ष निवासी मड़पेदुलेड थाना चिंतागुफा जिला सुकमा.  (20) सोड़ी हुंगा पिता स्व0 बुधरा उम्र लगभग 31 वर्ष जाति मुरिया निवासी सिंघनमड़गू थाना किस्टाराम जिला सुकमा.  (21) सोड़ी मासा पिता स्व0 हुंगा उम्र लगभग 29 वर्ष जाति मुरिया निवासी सिंघनमड़गू थाना चिंतागुफा जिला सुकमा.  (22) तेलाम मासा पिता नंदा उम्र लगभग 38 वर्ष जाति मुरिया निवासी जोन्नागुड़ा जिला सुकमा.  (23) माड़वी कोसी पिता स्व. भीमा उम्र लगभग 36 वर्ष जाति मुरिया निवासी तुमालपाड़ बण्डीपारा थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा. (24) सोम्बारू उर्फ सोड़ी सोमड़ू पिता स्व0 हड़मा उम्र लगभग 46 वर्ष जाति मुरिया निवासी गुण्डराजगुड़ा मुरियापारा थाना पामेड़ जिला बीजापुर. (25) हेमला मुत्ता पिता देवा उम्र लगभग 31 वर्ष जाति मुरिया निवासी गुण्डराजगुड़ा थाना पामेड़ जिला बीजापुर. (26) हेमला अर्जुन पिता चंद्रा उम्र लगभग 46 वर्ष जाति दोरला निवासी गुण्डराजगुड़ा थाना पामेड़ जिला बीजापुर.  (27) मड़कम देवा पिता स्व0 सुक्का उम्र लगभग 33 वर्ष जाति मुरिया निवासी उसकावाया थाना कोंटा जिला सुकमा. इन सभी को सरकार की पुनर्वास व आत्मसमर्पण नीति के तहत  50,000- 50,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि के चेक प्रदान किया गया है.

चंडीगढ़ के अस्पताल का डॉक्टर अचानक लापता

चंडीगढ़ चंडीगढ़ के जी.एम. सीएच-32 का डॉक्टर अचानक लापता हो गया, जिन्हें कसौली से बरामद किया गया। बताया जा रहा है कि जी.एस. सीएच-32 के डॉक्टर गौरव एमडी के छात्र थे और कर्नाटक के रहने वाला था। वह पिछले 2 दिनों से लापता था। परिवार से बात करने के बाद वह लापता हो गए था और उनका मोबाइल भी बंद था। पुलिस उनकी तलाश कर रही थी, जिसके बाद डॉक्टर को कसौली से बरामद किया गया। 

चौंकाने वाली सूची: भाजपा में मुस्लिम उम्मीदवारों का नाम भी किया गया शामिल

पटना बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए पहली लिस्ट जारी करने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने चार राज्यों में होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए भी उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में एक मुस्लिम चेहरा भी शामिल है। इससे पहले भाजपा ने जम्मू-कश्मीर के लिए जो राज्यसभा चुनाव की लिस्ट जारी की थी उसमें भी एक मुस्लिम कैंडिडेट को मैदान में उतारा है। आज भाजपा ने चार राज्यों की पांच सीटों पर उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया है। भाजपा ने जम्मू-कश्मीक के बडगाम सीट से आगा सैयद मोहसिन को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, नगरोटा से देवयानी राणा भाजपा उम्मीदवार घोषित हुई हैं। भाजपा ने झारखंड की घाटशिला (एसटी) सुरक्षित सीट से उम्मीदवार के नाम का ऐलान किया है। यहां से बाबूलाल सोरेन को उपचुनाव के लिए मैदान में उतारा है। भाजपा ने ओडिशा और तेलंगाना की एक-एक सीट के लिए भी उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की है। भगवा पार्टी ने ओडिशा की नुआपाड़ा सीट से जय ढोलकिया और तेलंगाना की जुबली हिल्स सीट से लंकाला दीपक रेड्डी को कैंडिडेट बनाया है। आपको बता दें कि इससे पहले भारतीय जनता पार्टी ने जम्मू-कश्मीर से राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की भी लिस्ट जारी की थी। उस लिस्ट में तीन उम्मीदवारों के नाम थे। भगवा पार्टी ने गुलाम मोहम्मद मीर, राकेश महाजन और सत पाल शर्मा को मैदान में उतारा है। आपको बता दें कि चुनाव आयोग ने चार सीटों के लिए चुनाव के लिए तीन अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी की हैं।

खुशखबरी: पंजाब सरकार ने ‘कोटा’ किया दोगुना, लाखों लोगों को मिलेगा सीधा लाभ

चंडीगढ़ पंजाब सरकार ने खिलाड़ियों को दी जाने वाली डाइट मनी का कोटा दोगुना करने का अहम फैसला लिया है। इस फैसले के बाद, खिलाड़ियों को अब 240 रुपये की बजाय 480 रुपये मिलेंगे। राज्य सरकार लगभग छह साल के अंतराल के बाद खिलाड़ियों की डाइट मनी में बढ़ोतरी कर रही है। इस फैसले के बारे में बताते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पिछली सरकारों ने खिलाड़ियों को दी जाने वाली सुविधाओं और डाइट मनी को लेकर कभी गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने डाइट मनी में केवल 48 रुपये की बढ़ोतरी की थी। मंत्री चीमा ने स्पष्ट किया कि मौजूदा फैसला डाइट से जुड़े विशेषज्ञों से चर्चा के बाद लिया गया है। जरूरत के हिसाब से डाइट चार्ट तैयार किया जाएगा सरकार के इस कदम के तहत, पंजाब सरकार लगभग 13 खेल विंगों में खिलाड़ियों की डाइट के लिए ठेकेदारों की नियुक्ति कर रही है। खिलाड़ी की जरूरतों और वह किस खेल में कितनी मेहनत करता है, इसके आधार पर डाइट चार्ट प्लान तैयार किया जा रहा है। इस डाइट में प्रोटीन समेत खिलाड़ी की जरूरत की हर चीज शामिल होगी। इस बढ़ोतरी की मांग हाल ही में सरकार द्वारा कराए गए एक सर्वेक्षण में सामने आई थी, जिसमें कहा गया था कि महंगाई के इस दौर में खिलाड़ियों को 240 रुपये में पर्याप्त और प्रचुर चीजें नहीं मिल रही हैं। 

विधानसभा चुनाव में CM नीतीश की रणनीति: कल से होगा प्रचार अभियान शुरू

पटना  जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने बुधवार को बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कल से चुनाव प्रचार अभियान की शुरूआत करेंगे। संजय झा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कल से चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत करेंगे। उन्होंने बताया कि नीतीश कुमार बिहार विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के प्रचार अभियान की शुरुआत करने के लिए समस्तीपुर और दरभंगा का दौरा करेंगे। उन्होंने कहा कि पूरा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग)एकजुट है और राजग का उद्देश्य नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार बनाना है। उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों ने राजग सरकार के विकास कार्यों को देखा है और अब वे पीछे मुड़ कर नहीं देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि राजग के घटक दलों के बीच सीटों के बंटवारे और उनके द्वारा लड़ी जाने वाली सीटों को लेकर कोई मतभेद नहीं है। जदयू नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार और जदयू दोनो की कमान संभाले हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार में और जदयू में जो भी निर्णय होता है, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अनुमति और सहमति के बाद ही होता है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार लोकतांत्रिक तरीके से निर्णय लेते हैं, सभी से चर्चा करते हैं, सभी का मंन्तव्य लेते हैं, उसके बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में राजग प्रचंड बहुमत से 2010 का रिकार्ड भी पीछे छोड़ देगा। संजय झा ने कहा कि विपक्ष को भी पता है कि इस बार आम जनता, महिलाओं और युवाओं का मूड कैसा है। इसलिए भविष्य में आने वाले परिणामो की आहट से पूरा विपक्ष दहशत में है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग निराधार खबरें चला कर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बिहार की जनता से आग्रह किया कि अफवाहों पर ध्यान नहीं दें और केवल अधिकारिक स्रोतों से प्राप्त सूचना पर ही विश्वास करें। 

अंबेडकर प्रतिमा विवाद के बीच ग्वालियर में हाई अलर्ट, हर मोड़ पर चौकसी

ग्वालियर ग्वालियर में चल रहे अंबेडकर प्रतिमा विवाद के बाद बढ़े तनाव के बीच 15 अक्टूबर को अंबेडकर समर्थकों ने एक बड़े आंदोलन चेतावनी दी थी। इस चेतावनी को देखते हुए बुधवार को पुलिस ने भी कमर कस ली है। चप्पे-चप्पे और हर आने-जाने वाले पर पुलिस की नजर है। इन हालातों के बीच आंदोलन करने वाले कुछ संगठन बैकफुट पर चले गए हैं, लेकिन पुलिस अब भी दो अप्रैल के दंगों को लेकर एहतियाद बरत रही है। पूरा ग्वालियर पुलिस ने छावनी में बदल दिया। इस दौरान कलेक्टर ने आदेश देकर धारा 163 भी लागू की हुई है। छह महीने पहले शुरू हुआ था विवाद ग्वालियर में 6 महीने पहले एक विवाद शुरू हुआ था। ये विवाद ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर हुआ था। वकीलों का एक पक्ष चाहता था कि, हाई कोर्ट परिसर में प्रतिमा लगायी जाए, लेकिन वहीं बार काउंसिल अध्यक्ष और पूर्व अध्यक्ष समेत वकीलों का एक धड़ा इसके विरोध में था। नतीजा हाई कोर्ट परसर में हंगामा हुआ और प्रतिमा विवाद बढ़ गया। आपत्तिजनक टिप्पणी ने भड़काई थी आग इस विवाद की आग यहाँ खत्म नहीं हुई, बल्कि इसमें राजनैतिक और सामाजिक संगठनों की एंट्री हो गई। प्रतिमा लगाने के पक्षकार और विरोधी दोनों ही पक्षों में टिप्पणियाँ और शिकायतों का दौर शुरू हो गया। इसी बीच बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष एड अनिल मिश्रा ने डॉ भीमराव अंबेडकर के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। इस टिप्पणी ने आग में घी का काम किया और अंबेडकर समर्थकों और आजाद समाज पार्टी भीम आर्मी समते संगठनों ने 15 अक्टूबर को एक बड़े प्रदर्शन का ऐलान कर दिया। जिसके चलते आज पूरा ग्वालियर छावनी में तब्दील है। 4 हजार पुलिसकर्मियों ने संभाला मोर्चा, सोशल मीडिया पर भी नज़र कोई भी अप्रिय घटना ना हो इसके लिए पूरे ग्वालियर में 3 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी चप्पे चप्पे पर तैनात हैं। ग्वालियर के अलावा बाहर से भी 800 सुरक्षाकर्मियों का अतिरिक्त बल ग्वालियर में बुलाया गया है। सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। इसके साथ ही लगातार सोशल मीडिया पर हो रही पोस्ट पर भी नजर रखी जा रही है। अब तक 500 से अधिक भड़काऊ पोस्ट को हटवाया जा चुका है और सौ से अधिक लीगों को इस तरह की पोस्ट के लिए नोटिस भी दिया चुका है। सीएसपी बोली- हालात नियंत्रण में ग्वालियर सीएसपी हिना खानन से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि हालत पूरी तरह नियंत्रण में हैं। पुलिस कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। आम जन को किसी तरह की परेशानी ना हो और उनको आम दिनचर्या पर किसी तरह का प्रभाव ना पड़े ये प्रयास कर रहे हैं और लोगों से भी सहयोग की अपील है। शहर की सीमाओं पर भी नाकेबंदी बहरहाल पुलिस ने शहर की सीमाओं से लेकर बाजार और मुख्य स्थानों पर तैनात है। शिवपुरी, मुरैना, झाँसी और भिंड सभी हाईवे सीमाओं पर नाकेबंदी की अगायी है और आने जाने वालों की जाँच की जा रही है।  

अवधी और भोजपुरी भजनों की धुनों पर झूमेगी अयोध्या नगरी

अयोध्या के 300 स्थानीय प्रतिभागी होंगे शामिल सीएम योगी के निर्देश पर महोत्सव में इस बार स्थानीय कलाकारों को भी मिलेगा बढ़चढ़कर प्रतिभाग करने का अवसर अयोध्या में इस बार दीपोत्सव 2025 को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह एक वृहद मंच, तीन मध्यम मंच के अलावा सात छोटे मंचों पर आने वाले श्रद्धालुओं को मंत्र मुक्त करेंगे कलाकार इसके अलावा 22 झांकियों पर और उनके आगे पीछे कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए चलेंगे अयोध्या अयोध्या में दीपोत्सव 2025 को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। इस बार दीपोत्सव में 2000 से अधिक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इनमें उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों के करीब 500 कलाकार भी प्रतिभाग करेंगे। स्थानीय स्तर पर अयोध्या के लगभग 300 स्थानीय कलाकार भी इस भव्य आयोजन में शामिल होंगे। वृहद और मध्यम मंचों के साथ 07 छोटे मंचों पर होगा सांस्कृतिक प्रदर्शन अयोध्या अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के सलाहकार और विशेष कार्याधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि अयोध्या में इस बार एक वृहद मंच, तीन मध्यम मंच और सात छोटे मंच बनाए जा रहे हैं। इन मंचों पर देशभर से आए कलाकार अवधी और भोजपुरी भजन व लोक संगीत की प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। श्रद्धालुओं के लिए रहेंगे तीन प्रकार के मंच अयोध्या अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के सलाहकार और विशेष कार्याधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि राम कथा पार्क में वृहद मंच और मध्यम मंच तुलसी उद्यान, बड़ी देवकाली और गुप्तार घाट पर स्थापित किए जा रहे हैं। इन मंचों पर भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों पर आधारित भव्य नाट्य मंचन होंगे। सात छोटे मंचों पर दिखेगा कलाकारों का हुनर दीपोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं को रामकथा सुनने और प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सात छोटे मंच भी बनाए जा रहे हैं। यहां अयोध्या और आसपास के जिलों के कलाकार पारंपरिक लोकगीत, नृत्य और नाट्य प्रदर्शन करेंगे। इससे स्थानीय कलाकारों को अपने हुनर को बड़े मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। झांकियों के साथ चलते कलाकार दिखाएंगे सांस्कृतिक झलक दीपोत्सव की शोभायात्रा में 22 भव्य झांकियां शामिल होंगी। इन झांकियों पर और उनके आगे-पीछे कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए चलेंगे। रामायण के विभिन्न प्रसंगों पर आधारित इन झांकियों से श्रद्धालुओं को दिव्य अनुभूति होगी। अयोध्या की संस्कृति का होगा विराट संगम दीपोत्सव 2025 में अयोध्या न सिर्फ भक्ति और आस्था की नगरी बनेगी, बल्कि सांस्कृतिक विविधता का केंद्र भी होगी। अवधी, भोजपुरी, ब्रज और फगुआ की लहरियों से गूंजती अयोध्या अपनी सनातन संस्कृति की झलक पूरे विश्व को दिखाएगी।

प्रशांत किशोर: चुनाव नहीं लड़ूंगा, जनसुराज की जीत पर भ्रष्ट नेताओं-नौकरशाहों पर होगा एक्शन

पटना जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बुधवार को एलान किया कि वह आगामी बिहार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि यह फैसला पार्टी ने उसके व्यापक हित में लिया है। प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर जन सुराज पार्टी बिहार चुनाव जीतती है, तो इसका राष्ट्रव्यापी असर होगा। राष्ट्रीय राजनीति की दिशा बदल जाएगी। बुधवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि पार्टी ने फैसला किया है कि मैं विधानसभा चुनाव न लड़ूं, और इसी कारण राघोपुर से तेजस्वी यादव के खिलाफ हमने किसी और उम्मीदवार को मैदान में उतारा है। यह फैसला पार्टी के व्यापक हित में लिया गया है। अगर मैं चुनाव लड़ता, तो जरूरी संगठनात्मक कार्यों से मेरा ध्यान भटकता। सरकार बनने के एक महीने के भीतर यह कानून बनाया जाएगा प्रशांत किशोर ने कहा कि हमने बिहार को भू-माफिया, बालू माफिया और तमाम तरह के माफियाओं से मुक्त करने का वादा किया है। इसी दिशा में हमने छह बड़े वादे किए हैं, जिनमें फर्जी शराबबंदी नीति को खत्म करना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के एक महीने के भीतर एक कानून बनाया जाएगा, जिसके तहत 100 सबसे भ्रष्ट नेताओं और अफसरों की पहचान की जाएगी। मुझे पूरा यक़ीन है कि ये लोग अभी से पूजा-पाठ कर रहे होंगे कि हम सत्ता में न आएं। इन भ्रष्ट लोगों पर मुकदमा चलाया जाएगा और उनकी अवैध संपत्ति जब्त कर राज्य के खजाने में जमा की जाएगी, ताकि बिहार के विकास में उसका इस्तेमाल हो सके। यह वही विकास है जो इन लोगों की वजह से रुका पड़ा है, हम या तो भारी जीत दर्ज करेंगे या पूरी तरह हार जाएंगे जब उनसे उनकी पार्टी की चुनावी संभावनाओं को लेकर सवाल किया गया, तो 48 वर्षीय प्रशांत किशोर ने कहा कि मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि हम या तो भारी जीत दर्ज करेंगे या पूरी तरह हार जाएंगे। मैंने पहले भी कहा है कि हमें या तो 10 से कम सीटें मिलेंगी या 150 से ज्यादा। बीच का कोई रास्ता नहीं है। जब उनसे पूछा गया कि अगर बिहार में त्रिशंकु विधानसभा बनती है, तो क्या जन सुराज एनडीए या इंडिया गठबंधन को समर्थन देगा, इस पर उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि त्रिशंकु जनादेश की कोई संभावना नहीं है। पीके ने यह भी कहा कि अगर हमें 150 से कम सीटें मिलती हैं। अगर जनसुराज को 120 या 130 सीटें भी आती हैं तो वह मेरी नजर में हार होगी। अगर हम अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो हमें बिहार को देश के 10 सबसे विकसित राज्यों में शामिल करने का जनादेश मिलेगा। लेकिन, अगर जनता ने हमारे ऊपर पर्याप्त भरोसा नहीं जताया। हम अपनी सड़क और समाज की राजनीति को आगे बढ़ाते रहेंगे। बिहार में सत्ताधारी एनडीए की हार तय है जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने दावा किया कि बिहार में सत्ताधारी एनडीए की हार तय है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब सत्ता में वापस नहीं लौटेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व वाले गठबंधन की सीटों और उम्मीदवारों को लेकर असमंजस की स्थिति से साफ है कि हालात उनके पक्ष में नहीं हैं। पीके ने दावा किया एनडीए की विदाई तय है और नीतीश कुमार अब दोबारा मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। पिछली विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान ने चुनाव की घोषणा से कुछ दिन पहले ही बगावत कर दी थी और नीतीश कुमार की पार्टी के खिलाफ कई उम्मीदवार उतार दिए थे, जिनमें से अधिकांश प्रभावशाली नहीं थे, लेकिन इसका नतीजा यह हुआ कि जदयू की सीटें घटकर 43 पर आ गई थीं। 

कन्या सुमंगला, घरौनी, सामूहिक विवाह और स्वयं सहायता समूह जैसी योजनाओं से आधी आबादी को मिला नया आत्मविश्वास

लखनऊ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत प्रदेश की 1.86 करोड़ पात्र महिलाओं के खाते में 1500 करोड़ रुपए की सब्सिडी प्रदान करने के अलावा योगी सरकार आधी आबादी के सशक्तिकरण को मिशन के रूप में आगे बढ़ा रही है।  उत्तर प्रदेश में नारी सम्मान को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए बीते वर्षों में अनेक योजनाएं लागू की गई हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर, सुरक्षित और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है। लगातार चल रहे इन प्रयासों ने न केवल महिलाओं के जीवन स्तर को ऊंचा किया है, बल्कि समाज में सम्मान, आत्मविश्वास और समानता की भावना को भी मजबूत किया है। उत्तर प्रदेश आज नारी सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश कर रहा है। * कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत अब तक 26 लाख 34 हजार बेटियों को आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। यह योजना बालिकाओं की शिक्षा, पोषण और भविष्य की सुरक्षा के लिए एक मजबूत आधार साबित हुई है। * महिलाओं को संपत्ति का स्वामित्व दिलाने के लिए घरौनी योजना चलाई गई है, जिसके तहत 1 करोड़ 10 लाख महिलाओं को गृहस्वामित्व प्रमाणपत्र प्राप्त हुए हैं। इस योजना ने ग्रामीण महिलाओं को अधिकार और आत्मसम्मान दोनों प्रदान किए हैं। * आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए प्रदेश में 10 लाख स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) गठित किए गए हैं, जिनसे 1 करोड़ महिलाएं जुड़ी हैं। इन समूहों को समय-समय पर रिवॉल्विंग फंड के माध्यम से सहयोग प्रदान किया जा रहा है, जिससे महिलाएं स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन कर रही हैं। * मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से 4 लाख 67 हजार से अधिक महिलाओं का विवाह संपन्न कराया गया है। प्रत्येक विवाह पर ₹1 लाख की आर्थिक सहायता ने गरीब परिवारों के आर्थिक बोझ को कम किया है। * महिलाओं की दैनिक कठिनाइयों को दूर करने के लिए जल जीवन मिशन के तहत 2 करोड़ 41 लाख घरों में नल से जल उपलब्ध कराया गया है। इससे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को राहत मिली है, जिन्हें पहले पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। * महिला स्वामित्व को प्रोत्साहित करने के लिए ₹1 करोड़ तक की संपत्ति खरीद पर महिलाओं को 1% स्टाम्प शुल्क की छूट दी गई है। * सरकारी सेवाओं में 20% आरक्षण के प्रावधान से अब तक 1 लाख 75 हजार महिलाओं को रोजगार मिला है, जिनमें से 44,177 महिलाओं की भर्ती पुलिस विभाग में हुई है। * नारी सुरक्षा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। अपराधियों को सजा दिलाने में प्रदेश देश में अग्रणी है। कई मामलों में रिपोर्ट दर्ज होने से लेकर सजा तक का समय सिर्फ 40 दिन रहा है। * निराश्रित महिलाओं को ₹1,000 मासिक भत्ता देने की व्यवस्था से 36 लाख 75 हजार महिलाएं लाभान्वित हुई हैं। * इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से 2 लाख महिलाएं और बीसी सखी योजना के तहत 39 हजार महिलाएं ग्रामीण वित्तीय व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनी हैं। लाभार्थी महिलाओं ने सीएम योगी का जताया आभार  निशुल्क सिलेंडर प्राप्त करने वाली लाभार्थी महिलाओं ने लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दीपावली के इस उपहार के लिए धन्यवाद दिया और महिलाओं की समृद्धि और उनके सशक्तिकरण के लिए लगातार काम करने को लेकर आभार जताया। लाभार्थी लीलावती ने कहा कि इस निशुल्क सिलेंडर के लिए मुख्यमंत्री जी का हार्दिक धन्यवाद करते हैं। यह दीपावली के पावन अवसर पर हमारे लिए अमूल्य उपहार है। वहीं, लखनऊ की निशा चौहान ने कहा कि इस सब्सिडी का लाभ प्रदान करने के लिए हम मुख्यमंत्री जी का आभार प्रकट करते हैं। पहले हम चूल्हे में खाना बनाते थे, जिसके चलते हमें बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब मुख्यमंत्री जी द्वारा दिए गए इस उपहार से हमें बहुत लाभ मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का इस उपहार के लिए धन्यवाद करते हैं।