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सिखों के नरसंहार पर कांग्रेस की 40 साल बाद माफी, AAP सांसद ने चिदंबरम को घेरा

पंजाब  कांग्रेस नेता पी चिदंबरम के बयान पर आम आदमी पार्टी के सांसद मलविंदर सिंह कंग ने बड़ी बात कही है. उन्होंने कहा कि 40 साल बाद आखिरकार कांग्रेस ने मान लिया कि उनके द्वारा किया गया सिखों का नरसंहार गलत था. कांग्रेस आज भी सज्जन कुमार, जगदीश टाइटलर और कमलनाथ जैसे नेताओं पर मेहरबान क्यों है, जो सिख नरसंहार के लिए जिम्मेदार थे? मलविंदर सिंह कंग ने कहा कि कांग्रेस द्वारा श्री दरबार साहिब और श्री अकाल तख्त पर किए गए हमले को कभी भुलाया नहीं जा सकता. इस मामले में कांग्रेस और इंदिरा गांधी को क्लीन चिट देना सिखों के जख्मों को और गहरा करना है. इससे पहले आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि चिदंबरम का बयान गैर-जिम्मेदाराना है. उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान का हाथ साफ है, लेकिन सिख भावनाओं को आहत न करें. चिदंबरम के बयान सेकांग्रेस आलाकमान नाराज सूत्रों के मुताबिक, चिदंबरम के बयान से कांग्रेस आलाकमान बेहद नाराज है. पार्टी हाई कमान ने कहा कि वरिष्ठ नेता को ऐसे बयान देने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए, इससे पार्टी की फजीहत हो रही है. वहीं, महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा है कि गांधी परिवार का देश के लिए बलिदान सब जानते हैं. यह बयान पार्टी के लिए शर्मिंदगी का कारण है. चिदंबरम के बयान पर किसने क्या कहा? चिदंबरम के बयान पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि चिदंबरम पहले 26/11 पर विदेशी दबाव का खुलासा कर चुके हैं, अब यह बयान. कांग्रेस का इतिहास कमजोरियों से भरा है. बीजेपी प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि चिदंबरम ने सच्चाई कही, लेकिन बहुत देर से. यह कांग्रेस की राजनीतिक साजिश थी. कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए. बीजेपी नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री मजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि यह बयान कांग्रेस की सिख-विरोधी गलती को उजागर करता है. ऐतिहासिक अपराध था. जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि इंदिरा ‘आयरन लेडी’ थीं. ऑपरेशन जरूरी था, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण. कांग्रेस ने खुद भिंडरांवाले को बढ़ावा दिया. दरअसल, चिदंबरम ने हिमाचल के कसौली में एक कार्यक्रम में ऑपरेशन ब्लूस्टार को गलत बताया.  

RJD में संकट: दो बड़े नेताओं ने छोड़ा दल, अब नीतीश का हाथ थामेंगे

पटना बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को एक और बड़ा झटका लगा है। दरअसल, अब नवादा और रजौली से मौजूदा विधायकों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, दोनों ही विधायक जदयू में शामिल हो सकते हैं। दरअसल, नवादा सीट से विधायक विभा देवी और रजौली (सुरक्षित) से प्रकाश वीर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। दोनों विधायकों ने अपना त्यागपत्र विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव को सौंपा, जिसे अध्यक्ष ने स्वीकार कर लिया है। इन दोनों विधायकों के इस्तीफे से बिहार की सियासत में खलबली मच गई है। इस्तीफे पर बोलते हुए, प्रकाश वीर ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पार्टी में लौटने का कोई सवाल ही नहीं है। मैंने विधायक पद से त्यागपत्र दे दिया है… वह (राजद नेता तेजस्वी यादव) एक बार नवादा में यात्रा के लिए गए थे, लेकिन उन्होंने हमें आमंत्रित नहीं किया, इसलिए हम नहीं गए। भीड़ में से कोई उन्होंने कहा, "मैंने चिल्लाकर कहा, 'तेजस्वी भैया, प्रकाश वीर को हटाओ'…इससे मेरे स्वाभिमान को ठेस पहुंची है…(राजद में वापस जाने का) कोई सवाल ही नहीं उठता।" इसी तरह, राष्ट्रीय जनता दल की नेता विभा देवी यादव ने पद से इस्तीफा देते हुए, उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में अच्छा काम किया है। विभा देवी यादव बिहार विधानसभा में नवादा का प्रतिनिधित्व कर रही थीं। उन्होंने कहा, "मैंने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया है…मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नवादा और बिहार में अच्छा काम किया है। वह आगे भी ऐसा ही करते रहेंगे…जनता विकास की उम्मीद करती है। जनता सवाल उठाएगी कि विकास हुआ है या नहीं…" इस बीच, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने रविवार को दो चरणों वाले बिहार विधानसभा चुनाव से पहले हर परिवार को सरकार देने के अपने चुनावी वादे को दोहराया।  

सर्दियों की जल्दी दस्तक: दिल्ली के मौसम में इस बदलाव ने सभी को चौंकाया

नई दिल्ली  दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से मौसम ठंडा हो गया है। पिछले दिनों में हुई बारिश के बाद तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। ऐसे में इस साल दिल्ली समेत पूरे देश में ठंड समय से पहले दस्तक दे सकती है। पिछले हफ्ते श्रीनगर में समय से पहले बर्फबारी हुई और जम्मू-कश्मीर के मैदानी इलाकों में भी मध्यम से बारिश हुई जिससे हवा में ठंडक बढ़ गई। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में भी पूरे हफ्ते बर्फबारी जारी रही और राज्य के निचले इलाकों में भी बारिश हुई। इसका सीधा असर हिमाचल और पंजाब के तापमान में दिखाई दिया। इस बीच मौसम एक्सपर्ट्स का मानना है कि समय में पहले ठंड की दस्तक की वजह मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह के तापमान में गिरावट के कारण विकसित हो रही ला नीना स्थितियां हैं । भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के विशेषज्ञों के अनुसार, ला नीना के कारण भारत के कई हिस्सों, खासकर उत्तरी भारत में, कड़ाके की ठंड पड़ सकती है। इसका मतलब है कि पहाड़ी इलाकों में शीतलहर और बर्फबारी भी बढ़ सकती हैं। IMD ने अक्टूबर में देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से अधिक वर्षा का अनुमान लगाया है, और इस महीने औसत 75.4 मिमी वर्षा का लगभग 115 प्रतिशत बारिश होने की उम्मीद है। क्या है ला नीना ला नीना मौसम को प्रभावित करने वाली एक बड़ी घटना है, जिसका संबंध प्रशांत महासागर से है। यह एल नीनो दक्षिणी दोलन (ENSO) नाम के पूरे चक्र का एक हिस्सा है। ENSO के तीन चरण होते हैं – गर्म (अल नीनो), ठंडा (ला नीना), और न्यूट्रल जो दो से सात वर्षों के चक्रों में होते हैं। ला नीना चरण के दौरान हवाएं सामान्य से अधिक तेज हो जाती हैं और पश्चिमी प्रशांत महासागर की ओर ज्यादा मात्रा में पानी धकेलती हैं, जिससे यह गर्म हो जाता है। इसके चलते दुनिया के पूर्वी भाग में स्थित भारत ठंडा हो जाता है। इससे बारिश में वृद्धि हो जाती है और तापमान में कमी आती है।  

मांझी की पार्टी और HAM के बीच सीट बंटवारे पर फैसला, उम्मीदवारों की घोषणा जल्द

पटना बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनडर एनडीए में सीट शेयरिंग पर जारी खींचतान के बीच बड़ी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) और उसकी सहयोगी पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के बीच सीट बंटवारे को लेकर सहमति बन गई है। इसी बीच जीतनराम मांझी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि मैं अपनी अंतिम सांस तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रहूंगा। सूत्रों के मुताबिक, जीतन राम मांझी की पार्टी HAM को 6 विधानसभा सीटें दी जाएंगी। इसके साथ ही भविष्य में एक विधान परिषद (MLC) सीट देने पर भी बातचीत हुई है। मांझी ने स्पष्ट किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने X पर पोस्ट कर लिखा, 'अभी मैं पटना निकल रहा हूं..वैसे एक बात बता दूं, मैंने पहले भी कहा था और आज फिर से कह रहा हूं। मैं जीतन राम मांझी अपने अंतिम सांस तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के साथ रहूंगा।' उन्होंने कहा- 'बिहार में बहार होगी, नीतीश संग मोदी जी की सरकार होगी।' बता दें कि यह फैसला शनिवार को दिल्ली में हुई एनडीए की मैराथन बैठक के बाद आया है, जो लगभग 8 घंटे चली। बैठक में सीट शेयरिंग को लेकर लंबी चर्चा हुई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार मांझी भाजपा से नाराज चल रहे थे, लेकिन अब बात बन गई है। HAM सूत्रों के अनुसार, सीटों पर अंतिम सहमति के बाद जीतन राम मांझी पटना के लिए रवाना हो गए हैं और जल्द ही उम्मीदवारों की सूची जारी की जा सकती है।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा- तमिलनाडु की दवा कंपनी में हुई लापरवाही पर दोषियों पर होगी कठोर कार्यवाही

कफ सिरप निर्माताओं की करें सघन जांच मध्यप्रदेश सरकार के अनुरोध पर डीईजी और ईजी परीक्षण जनरल मोनोग्राफ में शामिल दवा निर्माण में रसायनों की अनिवार्य जांच होगी सुनिश्चित औषधि निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने ड्रग मॉनिटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन का मसौदा शीघ्र होगा तैयार खाद्य एवं औषधि प्रशासन व्यवस्था की वृहद समीक्षा की भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने निवास कार्यालय भोपाल में खाद्य एवं औषधि प्रशासन व्यवस्था की वृहद समीक्षा की। उन्होंने छिंदवाड़ा की दुखद घटना पर की जा रही कार्रवाई की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु शासन एवं प्रशासन से सतत संपर्क में रहकर दोषियों सख्त कार्यवाही चिन्हांकन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर अपराध है जिसमें मध्यप्रदेश ने अपने अनमोल चिराग़ों को खोया है। इस घटना में लिप्त निजी कंपनी के कर्मचारियों के साथ-साथ ऐसे अधिकारी जिन्होंने जांच में कोताही बरती है, उन पर भी कार्यवाही होनी चाहिए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि घटना में तथ्यात्मक और प्रक्रियात्मक त्रुटियों को स्पष्ट करते हुए संबंधित अधिकारियों की भूमिका का स्पष्ट चिन्हांकन कर तमिलनाडु शासन को पत्राचार कर अवगत कराया जाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में कठोर कार्यवाही नितांत आवश्यक है जिससे दोषियों पर कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित हो। साथ ही अन्य ड्रग मैन्युफैक्चरर सजग हों और नियमों का पालन सुनिश्चित हो। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने व्यापक पैमाने पर अभियान चलाकर सीडीएससीओ के साथ संयुक्त रूप से मध्यप्रदेश के कफ सिरप निर्माताओं की सघन जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि औषधियों की गुणवत्ता, विक्रय व्यवस्था और कोडीन आधारित दवाओं के दुरुपयोग के नियंत्रण के लिए नियमों का सख्त पालन सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि राज्य एवं केंद्रीय औषधि नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की संयुक्त जांच में कोल्ड्रिफ़ सिरप, रिलाइफ़ सिरप और रिस्पीफ़्रेश टीआर सिरप की गुणवत्ता संदिग्ध पाई गई है। इन उत्पादों की बिक्री, स्टॉक और जब्ती संबंधी कार्यवाही की दैनिक मॉनिटरिंग करें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार के अनुरोध पर भारत सरकार ने डायथाइलीन ग्लाइकोल और इथिलीन ग्लाइकोल के परीक्षण को इंडियन फार्माकोपिया के जनरल मोनोग्राफ में शामिल कर लिया है, जिससे दवा निर्माण में इन रसायनों की अनिवार्य जांच सुनिश्चित होगी। कोडीन आधारित औषधियों की बिक्री पर नियंत्रण के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अब सी एंड एफ एजेंसी से होलसेलर को अधिकतम 1000 बॉटल्स और होलसेलर से रिटेलर को अधिकतम 50 बॉटल्स प्रति माह से अधिक बिक्री की सूचना औषधि निरीक्षक को देना अनिवार्य होगा। साथ ही, कोडीन युक्त दवाओं की बिक्री केवल पंजीकृत चिकित्सक के पर्चे पर ही की जा सकेगी। शेड्यूल औषधियों की बिक्री केवल पंजीकृत फार्मासिस्ट की उपस्थिति उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि शेड्यूल औषधियों की बिक्री केवल पंजीकृत फार्मासिस्ट की उपस्थिति में ही की जाए। बिना फार्मासिस्ट के बिक्री पाए जाने पर कठोर कार्रवाई करें। सभी दवा विक्रेता बिक्री रजिस्टर में चिकित्सक का नाम, पर्चे की तिथि, रोगी का विवरण और अन्य प्रावधानों का पालन करें। उन्होंने कहा कि कार्रवाई का उद्देश्य दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना, दुरुपयोग पर रोक लगाना और नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करना है। औषधि निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने ड्रग मॉनिटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन का मसौदा शीघ्र करें तैयार उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि औषधि गुणवत्ता नियंत्रण आधारभूत संरचनाओं, लैब और मैनपावर को सशक्त किया जाये जिससे शीघ्र टेस्टिंग सुनिश्चित की जा सके। राज्य में औषधि निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ड्रग मॉनिटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन योजना के मसौदे को शीघ्र अंतिम रूप देने के लिए आवश्यक कार्यवाही करें। इस योजना में भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर स्थित राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं का उन्नयन और सभी प्रयोगशालाओं में माइक्रोबायोलॉजी व स्टरलिटी लैब स्थापित की जाएंगी। प्रयोगशालाओं में अत्याधुनिक उपकरण जैसे एचपीएलसी, जीएलसी, जीसीएमएसएम, एलसीएमएस, आईआर, यूवी, डिसॉलूशन टेस्टर और डिज़िंटीग्रेशन टेस्टर लगाए जाएंगे। सभी प्रयोगशालाओं को एनएबीएल मान्यता की कार्यवाही भी जाएगी। संपूर्ण राज्य में डेटा एंट्री ऑपरेटर, सैंपलिंग असिस्टेंट, एनालिस्ट, केमिस्ट, लैब असिस्टेंट आदि नए पद सृजित किए जाएंगे। साथ ही कानूनी एवं प्रोजेक्ट प्रबंधन इकाई और एन्फोर्समेंट सेल की स्थापना की जाएगी, जिससे प्रवर्तन, निगरानी और त्वरित कार्रवाई की क्षमता बढ़ेगी। फील्ड स्तर पर पोर्टेबल हैंडहेल्ड डिवाइसेस से औषधियों की गुणवत्ता की त्वरित जांच सुनिश्चित होगी, जबकि नियमित प्रशिक्षण और ई-लर्निंग प्रोग्राम से अधिकारियों की दक्षता में वृद्धि होगी।  

विंध्य-बुंदेलखंड में 15 दिसंबर तक पूरा हो जाएगा तक हर घर नल से जल का संकल्प: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने तय की फेजवार कार्यों की डेडलाइन, तय समयसीमा तक लगाना होगा नल कनेक्शन और कराना होगा थर्ड पार्टी ऑडिट फील्ड में कार्य कर रही एजेंसियों से मुख्यमंत्री ने किया सीधा संवाद, समस्याएं-अपेक्षाएं सुनीं और कहा समयसीमा और गुणवत्ता का रखें पूरा ध्यान फेज-2 की 90% पूर्ण परियोजनाओं को फेज-1 के अनुरूप दिसंबर तक पूरा करने के निर्देश 75% पूर्ण कार्य का समापन मार्च 2026 तक कराने का लक्ष्य; समयसीमा और गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं राज्य में 90,223 करोड़ रुपये लागत की 611 सतही और भूजल स्रोत आधारित योजनाएँ चल रही हैं 85,364 गांवों के 1.98 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को मिला नल कनेक्शन केंद्र सरकार के नोडल अधिकारियों ने 74 जनपदों में 147 योजनाओं का निरीक्षण किया शिकायत निवारण: Jalsamadhan पोर्टल और टोल फ्री नंबर से 62,688 शिकायतें, 46,354 का निस्तारण; मुख्यमंत्री ने संतुष्टिपरक निस्तारण के निर्देश दिए लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र के हर घर में नल से शुद्ध जल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 15 दिसंबर 2025 तक की समय सीमा तय की है। उन्होंने कहा है कि इस अवधि तक न केवल नल कनेक्शन लगाया जाना है, बल्कि थर्ड पार्टी ऑडिट भी करा लिया जाए। इसी तरह, फेज-2 व 3 की जो परियोजनाएं वर्तमान में 90% तक पूर्ण हो चुकी हैं, उन्हें भी फेज-1 के अनुरूप 15 दिसंबर तक पूरा करा लिया जाए। जबकि वर्तमान में 75% तक पूर्ण हो चुके कार्य का समापन मार्च 2026 तक कराने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह योजना केवल पेयजल आपूर्ति का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जन-स्वास्थ्य, महिलाओं की गरिमा और ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता से सीधा जुड़ा मिशन है। योजनाओं की समयसीमा और गुणवत्ता, दोनों पर किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं होगा। कहीं भी किसी भी स्तर पर धनराशि की कमी नहीं होने दी जाएगी। मुख्यमंत्री रविवार को ‘जल जीवन मिशन-हर घर नल योजना’ की अद्यतन स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में नमामि गंगे, ग्रामीण जलापूर्ति विभाग, जल निगम और विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारियों ने विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में जल जीवन मिशन का कार्य कर रहीं विभिन्न एजेंसियों के प्रतिनिधियों की विशेष उपस्थिति रही। मुख्यमंत्री ने एनसीसी लिमिटेड, लार्सन एंड टुब्रो, मेघा इंजीनियरिंग, पीएनसी इन्फ्राटेक, आईसी इंफ्रा, पॉवर मैक, कल्पतरु प्रोजेक्ट्स सहित अनेक एजेंसियों के प्रतिनिधियों से फील्ड में काम करने के दौरान आ रही चुनौतियों के बारे में जानकारी ली। कार्य की गुणवत्ता, फेजवार अवशेष कार्य, बकाया और भुगतान सहित एजेंसियों से हर आवश्यक विषय पर चर्चा की और गुणवत्ता व समयसीमा का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि राज्य में कुल 90,223 करोड़ रुपये लागत की योजनाएँ क्रियान्वित की जा रही हैं, जिनमें 63 सतही स्रोत आधारित और 548 भूजल स्रोत आधारित योजनाएँ शामिल हैं। बैठक में यह भी बताया गया कि अब तक 85,364 गांवों के 1.98 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। वर्तमान में 34,274 गांवों में नियमित जलापूर्ति की जा रही है। मुख्यमंत्री को बताया गया कि केंद्र सरकार द्वारा जल जीवन मिशन की अवधि दिसंबर 2028 तक बढ़ाने और परियोजना लागत में वृद्धि करने का प्रस्ताव वर्तमान में विचाराधीन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अपने संसाधनों से कार्यों को निरंतर जारी रखेगी ताकि जनता को योजनाओं का लाभ समय से मिल सके।  बैठक में बताया गया कि केंद्र सरकार के नामित नोडल अधिकारियों ने देश के 74 जनपदों में 147 योजनाओं का निरीक्षण किया, जिनमें से 132 योजनाएं संतोषजनक पाई गईं। शिकायत निवारण प्रणाली के तहत राज्य द्वारा विकसित पोर्टल https://jalsamadhan.in को 13.5 करोड़ से अधिक बार देखा जा चुका है। पोर्टल पर 62,688 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 46,354 का निस्तारण हो चुका है। साथ ही टोल फ्री नंबर 1800-121-2164 के माध्यम से भी शिकायतें दर्ज की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ताओं के समस्याओं का संतुष्टिपरक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने इंदौर राजवाड़ा बाजार से खरीदे मिट्टी के दीपक

स्वदेशी को अपनाने की कही बात भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने स्वेदशी उत्पादों की खरीदी को बढ़ावा देने, स्वदेशी को उपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लिए स्वेदशी ही उत्तम रास्ता है। उन्होंने प्रतीक रूप में इंदौर राजवाड़ा बाजार से मिट्टी के दीपक खरीदे। उन्होंने फुटपाथ पर दीपकों की दुकान सजाए महिला दुकानदार से दीपक खरीदे। देश भर में दीपावली की धूम है, दुकानें सज गयी है घरों में साफ़-सफ़ाई शुरू हो चुकी है और घरों को सजाने का सामान भी हर दुकान पर सजने लगा है। ऑनलाइन शॉपिंग करने के साथ फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले लोगों को भी प्रोत्साहित करें। इसी असमानता को दूर करने और अपनों से जुड़ने के लिए देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा "आत्मनिर्भर भारत" के स्वदेशी अपनाओ का नारा दिया गया है। इस अवसर पर उनके साथ क्षेत्रीय विधायक गोलू शुक्ला और शहर अध्यक्ष सुमित मिश्रा भी मौजूद थे। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि स्वदेशी संकल्प को पूरा करने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प हर नागरिक को पूरा करना होगा।  

अन्नदाताओं ने भव्य रैली निकालकर अहिल्या माता की नगरी को किया धन्य

भावांतर योजना से किसानों के जीवन में आयेगी खुशहाली हजारों की संख्या में किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकालकर भावांतर योजना के लिए मुख्यमंत्री का जताया आभार देपालपुर, इंदौर और उज्जैन में किसानों के साथ जनप्रतिनिधि भी हुए शामिल भोपाल किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए लागू की गई भावांतर योजना के लिए इंदौर जिले के देपालपुर और उज्जैन के किसानों ने रविवार को भव्य ट्रैक्टर रैली निकालकर राज्य सरकार के इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार माना। ट्रैक्टर रैली में हजारों की संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों के किसान इंदौर के सुपर कॉरिडोर में एकत्रित हुए, जहां मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किसानों के हित में लिये गये निर्णय के लिये आभार व्यक्त किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्योपुर जिले से किसान रैली में वर्चुअली शामिल हुए और किसानों के स्नेहपूर्ण आभार प्रदर्शन के प्रति कृतज्ञता जाहिर की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की खुशहाली ही हमारी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। भावांतर योजना के माध्यम से हमने यह सुनिश्चित किया है कि किसानों को उनकी फसल का पूरा मूल्य मिले। बाजार में यदि दाम घटते भी हैं तो सरकार किसानों की आय में कोई कमी नहीं आने देगी। किसानों के चेहरे पर लौटती मुस्कान हमारे प्रयासों की सफलता का प्रमाण है। भावांतर योजना किसानों की आर्थिक सुरक्षा का है कवच मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज इंदौर में चारों तरफ ट्रैक्टर नजर आ रहे है। अन्नदाताओं ने भव्य रैली निकालकर माता अहिल्या की नगरी को धन्य कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार किसानों के जीवन में खुशहाली लाने के लिये निरंतर कार्य कर रही है। सिंचाई, बीज, खाद, भंडारण और विपणन की व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाया जा रहा है, जिससे कृषि एक लाभकारी व्यवसाय बन सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भावांतर योजना केवल एक भुगतान व्यवस्था नहीं, बल्कि किसानों की आर्थिक सुरक्षा का कवच है। किसानों को उनकी मेहनत और हक का दिलाया जायेगा पूरा पैसा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सोयाबीन के एमएसपी दर में 500 रूपये की वृद्धि कर 5328 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। किसानों की सुविधा के लिये पूरे प्रदेश में लगभग 1700 पंजीयन केन्द्र बनाये गये हैं। इसमें अब तक 5 लाख से अधिक किसानों ने अपनी फसल का पंजीयन कराया है। अकेले इंदौर जिले में ही अब तक 35 हजार से अधिक किसानों ने सोयाबीन फसल के लिये अपना पंजीयन कराया है। पंजीयन की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर रखी गई है। किसानों को फसल बेचने के 15 दिवस के भीतर राशि वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। सभी किसानों को उनकी मेहनत और हक का पूरा पैसा दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि प्रदेश के किसान इस योजना का लाभ उठा रहे हैं और खुश हैं। किसानों के चेहरे पर मुस्कान देखना ही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है। किसान भावांतर योजना में अपनी सोयाबीन फसल के लिये करायें पंजीयन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा पंजीयन से लेकर फसल बेचने तक किसानों के लिए हर संभव सुविधाएं उपलब्ध करायी गई हैं। सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि मंडियों में उपस्थित रहकर किसानों के लिये सभी व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक सोयाबीन फसल के लिये अपना पंजीयन करायें। उन्होंने जैविक खेती के लिए भी पंजीयन कराने की अपील की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता अटूट है और यह योजना उनकी मेहनत का पूरा मूल्य सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी। इंदौर में आयोजित ट्रेक्टर रैली कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, विधायकगण श्री मनोज पटेल, श्री मधु वर्मा, श्री गोलू शुक्ला, सुश्री उषा ठाकुर, अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री सावन सोनकर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना सतीश मालवीय, श्री सुमित मिश्रा, श्री श्रवण चावड़ा सहित जनप्रतिनिधि एवं हजारों की संख्या में कृषक मौजूद रहे। देपालपुर में स्थानीय विधायक श्री मनोज पटेल के नेतृत्व में ट्रेक्टर रैली प्रारंभ हुई और इंदौर पहुंची। भावांतर योजना पर किसानों ने जताया हर्ष ट्रेक्टर रैली में शामिल किसानों ने बताया कि भावांतर योजना से उन्हें फसलों के घटते बाजार मूल्य से बड़ी राहत मिली है। योजना के माध्यम से उन्हें उनकी मेहनत का उचित मूल्य प्राप्त होगा और आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। भावांतर योजना से अब वे फसलों को औने-पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर नहीं हैं। मंडी में बिक्री के बाद सरकार द्वारा दी जाने वाली भावांतर राशि उनकी आर्थिक स्थिति को मज़बूती प्रदान करेगी। हातोद के किसान श्री महेश चौधरी, श्री भारत ठाकुर और श्री धर्मेन्द्र भदौरिया ने कहा कि भावांतर योजना ने हमें बाजार की अनिश्चितता से राहत दी है। पहले उपज का दाम गिरने पर बहुत नुकसान होता था, लेकिन अब सरकार के इस कदम से हमें न्यूनतम लाभकारी मूल्य मिल रहा है। इससे खेती में भरोसा बढ़ा है।” हम इस योजना के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शुक्रगुजार है। देपालपुर के ग्राम बरोदापंथ के किसान श्री संदीप पटेल और श्री रतन पटेल ने कहा कि “पहले हमें अपनी उपज औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ती थी, लेकिन अब भावांतर की वजह से हमें उचित भाव मिलना सुनिश्चित हुआ है, इससे हमारी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। हम मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हैं।  

48 घंटे की चेतावनी! हरियाणा महापंचायत ने DGP हटाने सहित उठाईं ये अहम मांगें

चंडीगढ़  आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के मामले में न्याय संघर्ष मोर्चा ने 31 सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस संघर्ष समिति ने रविवार दोपहर तीन बजे चंडीगढ़ के सेक्टर-20 स्थित गुरु रविदास भवन में एक महापंचायत आयोजित की। महापंचायत में यह निर्णय लिया गया कि हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर को उनके पद से हटा दिया जाए और उनकी गिरफ्तारी की जाए। इसके अलावा, मामले की जांच हाईकोर्ट के किसी जज से कराने की मांग की गई है। हरियाणा सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है कि यदि डीजीपी को पद से न हटाया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसमें शहर की सफाई व्यवस्था को ठप करने के साथ-साथ अन्य प्रकार के विरोध प्रदर्शन भी शुरू किए जाएंगे। महापंचायत समाप्त होने के बाद लोगों से शांति बनाए रखते हुए घर लौटने की अपील की गई, लेकिन कुछ लोग राजभवन की ओर बढ़ने की तैयारी में थे। कुछ ने सड़क पर नारेबाजी शुरू कर दी। हालांकि, महापंचायत के आयोजकों ने स्पष्ट किया कि वे अभी कोई प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं और जो भी नारेबाजी हो रही है, वह व्यक्तिगत स्तर पर है। पुलिस प्रशासन ने उन लोगों को आगे बढ़ने से रोक लिया। छठे दिन भी पोस्टमॉर्टम पर सहमति नहीं बनी छठे दिन भी पूरन कुमार के शव का पोस्टमॉर्टम कराने पर सहमति नहीं बन पाई। उनकी आईएएस पत्नी अमनीत पी कुमार के सेक्टर-11 स्थित आवास पर दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के साथ बैठक हुई। सात अक्टूबर को इसी सेक्टर-11 की कोठी में पूरन कुमार ने आत्महत्या की थी। कैबिनेट मंत्री कृष्णा बेदी ने कहा कि वे पूरन कुमार के परिवार से लगातार संपर्क में हैं। परिवार की मांग पर ही रोहतक के एसपी को हटाया गया। उन्होंने बताया कि आज शाम तक मामला सुलझ सकता है। इससे पहले, चंडीगढ़ पुलिस ने देर रात आईपीएस वाई पूरन कुमार के परिवार की एक मांग मानते हुए एफआईआर में एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(वी) जोड़ दी है। परिवार लगातार इस धारा को शामिल करने की मांग कर रहा था। उनका कहना था कि एफआईआर में एससी/एसटी एक्ट तो दर्ज किया गया है, लेकिन उसके सख्त प्रावधानों को शामिल नहीं किया गया।  

प्रशांत किशोर फंसे, राघोपुर में आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज

पटना जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर पर तेजस्वी यादव के चुनावी गढ़ राघोपुर में आचार संहिता उल्लंघन का केस दर्ज हुआ है। हाजीपुर के पुलिस उपाधीक्षक सुबोध कुमार के अनुसार, एफआईआर वैशाली जिले के राघोपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई।  बताया जा रहा है कि राघोपुर अंचालाधिकारी दीपक कुमार के आवेदन पर प्रशांत किशोर  (Prashant Kishor) के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन के मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है। दरअसल, शनिवार को प्रशांत किशोर राघोपुर पहुंचे थे, जहां पर उन्होंने जनता से संवाद किया था। इस बीच, जब प्रशांत किशोर से इस घटनाक्रम के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने जवाब दिया, "मेरे खिलाफ कई एफआईआर लंबित हैं। एक और हो जाए।" जब यह बताया गया कि चुनाव आयोग उन्हें प्रचार करने से रोक सकता है, तो 47 वर्षीय जन सुराज पार्टी के संस्थापक ने कहा, "कोई बात नहीं। अगर वे मुझे रोकेंगे, तो मैं रुक जाऊंगा।" उनकी पार्टी ने अब तक राज्य विधानसभा की 243 सीटों में से 51 के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि किशोर खुद राघोपुर में तेजस्वी यादव के खिलाफ चुनाव लड़ सकते हैं। बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव 6 और 11 नवंबर को होंगे और मतगणना 14 नवंबर को होगी।