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आगामी वर्षों में साढ़े तीन लाख से अधिक शासकीय भर्तियां की जाएंगी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नीमच में शीघ्र ही एयरपोर्ट बनाया जायेगा। साथ ही खेल सुविधाओं में विस्तार के लिये सर्वसुविधायुक्त स्टेडियम बनाया जायेगा। प्रदेश में पिछले ढाई वर्षों में एक लाख से अधिक भर्तियां की गई हैं। आगामी ढाई वर्षों में साढ़े तीन लाख से अधिक भर्तियां और की जायेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज नीमच के अग्रोहा भवन में आयोजित सेवा से संकल्प अभियान के अभिनंदन कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई दी और देश को विकास के पथ पर आगे ले जाने में उनके योगदान का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश में सेवा से संकल्प अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत सभी जिलों में सेवा, जनभागीदारी और जनकल्याण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि संकल्प से ही शक्ति और विकास का मार्ग प्रशस्त होता है तथा प्रदेश सरकार इसी भावना के साथ निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नीमच के विकास, नागरिकों के जुझारूपन और उद्यमशीलता की सराहना की। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर को आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम सनातन परंपरा और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। प्रदेश के बजट और रोजगार में उल्लेखनीय वृद्धि मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश का शिक्षा बजट लगभग 5 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 38 हजार करोड़ रुपये तथा प्रदेश का कुल बजट बढ़कर 4 लाख 48 हजार करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में ड्रॉपआउट रेट शून्य होने को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय एक लाख 70 हजार रुपये से अधिक हो गई है तथा बिजली उत्पादन 32 हजार मेगावॉट से अधिक पहुंच गया है। वर्ष 2002 में प्रदेश में लगभग 5 मेडिकल कॉलेज थे, जबकि वर्तमान में 33 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जिनमें करीब 8 हजार सीटें उपलब्ध हैं। नीमच में एयरपोर्ट और सर्वसुविधायुक्त स्टेडियम की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विगत वर्षों में 5 लाख किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण हुआ है तथा प्रमुख शहरों की कनेक्टिविटी एक्सप्रेस-वे के माध्यम से बेहतर की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल सुविधाओं के विस्तार से जिले के युवाओं और प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे। चीता प्रोजेक्ट को बताया नीमच के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मुख्यमंत्री ने कहा कि आज चीता प्रोजेक्ट के तहत नीमच के खिमला क्षेत्र में मादा चीता को छोड़ा जा रहा है। उन्होंने इसे जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विश्व के अग्रणी देशों की कतार में है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है तथा न्यायपालिका एवं संवैधानिक संस्थाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय व्यापार एवं समझौतों में भारत ने अपने राष्ट्रीय हितों और किसानों के हितों को प्राथमिकता दी है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की वैश्विक भूमिका निरंतर मजबूत हुई है और देश प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रहा है। विधायक  दिलीप सिंह परिहार ने कहा कि जिले में 2 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित कर सेवा से संकल्प अभियान का शुभारंभ किया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का नीमच को विभिन्न सौगातें देने तथा चीता प्रोजेक्ट के तहत नीमच को चयनित करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने गांधी सागर बांध के पानी से किसानों को मिल रहे लाभ और कृषि क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलाव का भी उल्लेख किया। विधायक  अनिरुद्ध माधव मारू ने कहा कि भारत विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। नगर पालिका अध्यक्ष मती स्वाति चोपड़ा एवं  वंदन खंडेलवाल ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा से संकल्प अभियान के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने अभियान में सहभागी नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों एवं विभिन्न संगठनों की सराहना की। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष  सज्जन सिंह चौहान, आयुक्त उज्जैन संभाग  आशीष सिंह,पुलिस महानिरीक्षक  राकेश गुप्ता सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।  

हथियारबाजी और चाकूबाजी पर अंबिकापुर IG सख्त, बोले- बदमाशों पर कसें नकेल

अंबिकापुर सरगुजा संभाग में आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा ने अंबिकापुर शहर की कानून व्यवस्था को लेकर बैठक ली और गुंडे-बदमाशों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। आईजी दीपक झा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल और सीएसपी अंबिकापुर राहुल बंसल की मौजूदगी में थाना कोतवाली, गांधीनगर, मणिपुर के थाना प्रभारियों और यातायात प्रभारी की संयुक्त बैठक ली। बैठक का मुख्य एजेंडा था- गणेश उत्सव से लेकर नवरात्रि, दशहरा और दीपावली तक शहर में कानून व्यवस्था पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त रहे। आईजी दीपक झा ने आम नागरिकों से अपील की है कि आगामी प्रमुख त्योहारों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और आपसी सहयोग की भावना के साथ मनाएं। पुलिस हर स्तर पर सुरक्षा के लिए तैयार है।वहीं असामाजिक तत्वों को कड़ी चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा है कि यदि कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थानों पर हथियार लहराते, चाकूबाजी, स्टंटबाजी या किसी भी तरह का उपद्रव करते पाया गया और कानून व्यवस्था में शांति भंग करने का प्रयास किया तो पुलिस को कार्रवाई में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरतने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। आईजी का निर्देश- कुंडली खोलो, नकेल कसो आईजी झा ने बैठक में निर्देश दिए कि शहर में कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले उपद्रवियों, आदतन गुंडा बदमाश, गैंग हिस्ट्रीशीटर, निगरानी बदमाशों की पूरी कुंडली खंगाली जाए। प्रत्येक थाना अपने क्षेत्र के ऐसे असामाजिक तत्वों का रिकॉर्ड अपडेट करे और उन पर सख्त वैधानिक कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं होनी चाहिए। विशेष अभियान में 120 के विरुद्ध कार्रवाई आईजी के निर्देशों के परिपालन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में शहर के तीनों थानों में विशेष अभियान चलाया गया।अभियान के तहत 13 नए गुंडा फाइल खोले गए। आदतन अपराधियों की गतिविधियों को देखते हुए थाना कोतवाली में दो, थाना गांधीनगर में 10 और थाना मणिपुर में एक कुल 13 लोगों के विरुद्ध नए गुंडा फाइल खोलकर निगरानी शुरू की गई है। अब इनकी हर गतिविधि पर पुलिस की नजर रहेगी। 82 लोगों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। शांति भंग करने की आशंका वाले लोगों पर धारा 126, 135(3) बीएनएसएस के तहत बड़ी कार्रवाई की गई। इसमें थाना कोतवाली से 36, गांधीनगर से 36 और मणिपुर से 10 कुल 82 लोगों को पाबंद किया गया।इसके अलावा कुल 34 लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।पुलिस का कहना है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा।  

युवक से मारपीट करने वाले पिता-पुत्र पर पुलिस का शिकंजा, निकाला जुलूस

राजनांदगांव. रुपए के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में एक व्यक्ति को कमरे में बंद कर उसकी बेदम पिटाई किए जाने का मामला सामने आया है। शिकायत पर पुलिस ने पिता पुत्र व अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर शहर में उनका जुलूस निकाला। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है। बसंतपुर पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी – के अनुसार आरोपियों के नाम सौरभ जैन पिता दीपक जैन उम्र 25 वर्ष, दीपक जैन पिता भीखमचंद जैन उम्र 50 वर्ष दोनों निवासी सदर लाईन तथा करण साहू पिता मुकेश साहू उम्र 30 वर्ष निवासी चौखड़ियापारा राजनांदगांव बताया जाता है। प्रकरण में प्रार्थी सन्नी पंसारी पिता स्व. धन्नू राम पंसारी निवासी ठेठवारपारा, राजनांदगांव द्वारा थाना बसंतपुर में रिपोर्ट दर्ज करायी गयी कि उसके द्वारा आरोपी दीपक जैन एवं सौरभ जैन, निवासी सदर बाजार, राजनांदगांव से लगभग 3 लाख रुपये उधार लिया गया था, जिसकी वह प्रतिमाह किश्त अदा कर रहा था। गत 18 सितम्बर को प्रार्थी समदा अस्पताल से वापस अपने घर जा रहा था। दोपहर करीब 1.30 बजे दुर्गा चौक के पास पहुंचने पर आरोपी सौरभ जैन, दीपक जैन एवं उनके एक अन्य साथी द्वारा प्रार्थी को जबरदस्ती अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर अपने घर ले जाया गया। वहां घर का शटर बंद कर उधारी रकम वापस करने की बात कहते हुए पैसों की मांग की गई। प्रार्थी द्वारा तत्काल रकम नहीं होने की बात कहने पर आरोपीगण द्वारा एक राय होकर लकड़ी के बैट एवं हाथ-मुक्के से मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 443/2026, धारा 296, 115 (2), 351(2), 127(2), 119(1), 140(3), 3 ( 5 ) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक कौशलेश देवांगन के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा आरोपियों की पतासाजी कर उन्हें हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की गई। आरोपियों के कब्जे/पेश करने पर घटना में प्रयुक्त लकड़ी का बैट एवं आई – क्यूब स्कूटी क्रमांकसीजी 08-ए वाय-7009 जप्त की गई। आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।

अब अभयारण्य में हुए चार चीतें

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को नीमच-मंदसौर जिले के गांधी सागर वन्य अभयारण्य में मादा चीता राधा को छोड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा राधा अष्टमी के उपलक्ष्य में मादा चीता का नामकरण राधा किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रारंभ हुआ चीता प्रोजेक्ट सफलता के नये मानदण्ड स्थापित कर रहा है। वहीं मध्यप्रदेश में विलुप्त हो चुके वन जीवों को पुर्नस्थापित करने का कार्य किया जा रहा है। गत वर्ष छोड़े गये चीतें पूरी तरह स्वस्थ है। गांधी सागर अभयारण्य में एक और चीते का छोड़ जाना मध्यप्रदेश में प्रोजेक्ट चीता के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मादा चीता राधा के गांधी सागर पहुंचने के बाद यहां चीतों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। अभयारण्य में पहले से दो नर चीते प्रभास और पावक तथा एक मादा चीता धीरा मौजूद हैं। अब गांधी सागर में दो नर और दो मादा चीते हो गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में चीता प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है, प्रदेश में चीतों की बढ़ती हुई संख्या इसका प्रमाण है। हमारा सौभाग्य है मध्यप्रदेश वन्यजीवों की विविधता से भरपूर है। हमारा प्रदेश चीता स्टेट के साथ टाइगर स्टेट, घड़ियाल स्टेट और गिद्ध स्टेट के रूप में भी जाना जाने लगा है। असम से जंगली भैंसे भी लाएं गए हैं और प्रदेश में गजराज की संख्या भी लगभग 100 हो गई है। गांधी सागर अभयारण्य में छोड़े गए चीतों से वन्यजीव संरक्षण के साथ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय नागरिकों के लिये रोजगार एवं आजीविका के लिये नये अवसर सृजित होंगे। गांधी सागर अभयारण्य में चीता संरक्षण का दायरा और बढ़ाया गया है, मादा चीता राधा को गांधी सागर में बसाया जाना मध्यप्रदेश में प्रोजेक्ट चीता को कूनो से आगे विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। गांधी सागर को चीतों के लिए दूसरे प्रमुख आवास के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां चीतों के स्वास्थ्य, व्यवहार और नये वातावरण में उनके अनुकूलन की लगातार निगरानी वन विभाग की टीम द्वारा की जाएगी। नई मादा चीता के आने से गांधी सागर में चीतों के संरक्षण और भविष्य में चीता प्रजनन की संभावनाओं को और भी तेजी से बढ़ाने का प्रयास किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन विभाग द्वारा प्रकाशित "सेकंड होम ऑफ "चीता गांधी सागर वाइल्डलाइफ सेंचुरी" बुकलेट का भी विमोचन किया। चीता पुनर्स्थापना के चार वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित इस कार्यक्रम में गरोठ विधायक  चन्दर सिंह सिसोदिया, मनासा विधायक  अनिरुद्ध माधव मारू और मुख्य वन संरक्षक वन्य जीव डॉ. समिता राजौरा भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि प्रदेश का चीता प्रोजेक्ट एशिया का पहला प्रोजेक्ट है। एशिया से चीते गायब हो गए थे, प्रधानमंत्री  मोदी के आशीर्वाद से राज्य सरकार ने संकल्प लिया और चीतों के पुनर्वास का अभियान शुरू किया। प्रदेश में चीतों की संख्या अब लगातार बढ़ती जा रही है। जहां सैकड़ों साल पहले चीतें विलुप्त हो गए थे, वहीं अब वे स्थानीय वातावरण में खेलते-कूदते दिखाई दे रहे हैं। यह वन्य जीवों के प्रति जीयों और जीने दो के सिद्धांत के आधार पर प्राप्त उपलब्धि का प्रतीक है। हमारे जंगल आबाद हो रहे हैं यह हम सब के लिए सौभाग्य का विषय है।  

‘नशा मुक्त पंजाब’ यात्रा में अर्जुन राम मेघवाल, युवाओं को नशे से दूर रखने पर जोर

फाजिल्का. पंजाब को नशे के दलदल से बाहर निकालने के लिए भारतीय जनता पार्टी की ओर से चलाई जा रही मुहिम के तहत आज तीसरी 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' का भव्य आगाज फाजिल्का से हुआ। इस सामाजिक जागरूकता यात्रा के शुभारंभ के लिए विशेष रूप से पहुंचे केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 'बोले सो निहाल, सत श्री अकाल' के जयघोष के साथ अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह यात्रा किसी प्रकार का राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि समाज सुधार से जुड़ा एक बेहद गंभीर और महत्वपूर्ण अभियान है। मुख्य कार्यक्रम से पूर्व केंद्रीय मंत्री आसफवाला स्थित ऐतिहासिक 1971 युद्ध स्मारक पहुंचे। वहां उन्होंने देश की रक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले बलिदानियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और नमन किया। इसके बाद उन्होंने वार मेमोरियल में दर्ज 1971 के भारत-पाक युद्ध में वीर जवानों के अदम्य साहस, वीरता और शहादत की अमर गाथा के बारे में विस्तृत जानकारी ली।

यूपी नीट यूजी-2026: दूसरे चरण की काउंसलिंग का संशोधित कार्यक्रम जारी, 21 सितंबर से च्वाइस फिलिंग

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और मेडिकल शिक्षा में प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी एवं निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित करने की दिशा में यूपी नीट यूजी-2026 की दूसरे चरण की ऑनलाइन काउंसलिंग का संशोधित कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय, उत्तर प्रदेश की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार राज्य के राजकीय एवं निजी क्षेत्र के मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों तथा चिकित्सा विश्वविद्यालयों में संचालित एमबीबीएस/बीडीएस पाठ्यक्रम की स्टेट कोटे की सीटों पर प्रवेश के लिए दूसरे चरण की काउंसलिंग की प्रक्रिया निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार आगे बढ़ेगी। आधिकारिक यूपी नीट पोर्टल पर भी दूसरे चरण की काउंसलिंग से संबंधित अधिसूचना उपलब्ध है।  संशोधित कार्यक्रम के अनुसार दूसरे चरण की मेरिट सूची 21 सितंबर, 2026 को जारी होगी। इसके बाद अभ्यर्थी 21 सितंबर को अपराह्न 2 बजे से 24 सितंबर को पूर्वाह्न 11 बजे तक ऑनलाइन च्वाइस फिलिंग कर सकेंगे। सीट आवंटन परिणाम 25 सितंबर को जारी किया जाएगा। सीट आवंटित होने वाले अभ्यर्थी 26 सितंबर से 1 अक्टूबर, 2026 तक आवंटन पत्र डाउनलोड कर प्रवेश की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। महानिदेशालय ने स्पष्ट किया है कि दूसरे चरण में सीटों का आवंटन दूसरे चरण की मेरिट सूची के आधार पर किया जाएगा। काउंसलिंग के लिए पहले से निर्धारित नियम एवं शर्तें लागू रहेंगी। पहले चरण में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को राहत शासन के दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि प्रथम चरण की काउंसलिंग के माध्यम से सरकारी एवं निजी क्षेत्र के मेडिकल कॉलेजों/चिकित्सा विश्वविद्यालयों में जिन अभ्यर्थियों ने प्रवेश ले लिया है, उनका प्रवेश यथावत रहेगा। इससे प्रथम चरण में दाखिला लेने वाले अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है।शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि 4 राजकीय मेडिकल कॉलेजों में विशेष आरक्षण व्यवस्था से संबंधित मामलों में इलाहाबाद हाईकोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट में लंबित प्रकरणों को ध्यान में रखते हुए संबंधित निर्णयों के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी। महानिदेशालय ने अभ्यर्थियों से नीट यूजी-2026 काउंसलिंग से जुड़ी अद्यतन जानकारी के लिए विभागीय वेबसाइट upneet.gov.in और dgme.up.gov.in को नियमित रूप से देखने की अपील की है। योगी सरकार में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार को मिला व्यापक आधार योगी सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे और मेडिकल कॉलेजों की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। वर्तमान यूपी नीट यूजी-2026 काउंसलिंग पोर्टल पर प्रदेश के अनेक राजकीय एवं निजी मेडिकल संस्थान सूचीबद्ध हैं। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य न्यायालयीन निर्देशों, शासन के निर्णयों और निर्धारित आरक्षण व्यवस्था के अनुरूप काउंसलिंग प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है।  हेल्पलाइन से मिलेगी जानकारी हेल्पलाइन: 8189011696, 8189011697, 8189011698, 8189011699, 8189011700 समय: प्रातः 11 बजे से शाम 5 बजे तक।

बिहार के विकास और विरासत पर बोले सम्राट चौधरी, ₹60 करोड़ से बनेगा भव्य लव-कुश पार्क

पटना राजधानी के बापू सभागार में आयोजित लव-कुश सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के विकास के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्ध बिहार की परिकल्पना की है। बिहार को आगे बढ़ाने के लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है। समारोह में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, मंत्री शीला मंडल समेत अन्य लोग मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने लव-कुश समाज की ऐतिहासिक भूमिका का उल्लेख क‍िया। लव-कुश की कथा का दिया उदाहरण मुख्यमंत्री ने लव-कुश की कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि जब माता सीता के त्याग को लेकर स्थिति बनी, तब लव-कुश ने अपनी मां के सम्मान के लिए भगवान श्रीराम के समक्ष भी खड़े होने का साहस दिखाया। जब माता सीता को लगा कि पिता और पुत्र के बीच युद्ध नहीं होना चाहिए तो उन्होंने स्वयं हस्तक्षेप कर युद्ध रोक दिया।उन्होंने कहा कि हम उस परंपरा के वंशज हैं, जहां मर्यादा की स्थापना के लिए भगवान श्रीराम ने 14 वर्ष का वनवास स्वीकार किया। लव-कुश समाज 1994 में भी एकजुट था और 2026 में भी एक है। समाज किसी के खिलाफ नहीं है। इसका उद्देश्य न्याय के साथ आगे बढ़ना और गौरवशाली इतिहास को कायम रखना है। 2005 के बाद बिहार में बदली विकास की दिशा सम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार को विकास का रास्ता दिखाया। उनके अनुसार राज्य की अर्थव्यवस्था और आधारभूत संरचना में बदलाव आया है। अपने राजनीतिक अनुभव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 1999 में पहली बार सरकार में आने के समय बिहार के बजट की स्थिति को उन्होंने करीब से देखा था। तब राज्य का बजट करीब छह हजार करोड़ रुपये था, जिसमें लगभग दो हजार करोड़ रुपये रायल्टी के रूप में चले जाते थे। उन्होंने बिहार-झारखंड विभाजन का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय बिहार के बंटवारे को लेकर सभी की आंखों में आंसू थे। उन्होंने दावा किया कि बिहार की आय का बड़ा हिस्सा झारखंड क्षेत्र से आता था। 2005 के बाद स्थिति बदली और वर्ष 2024 में बिहार का बजट 3.17 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। शिक्षा में बदलाव का किया उल्लेख मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में एक साथ 211 डिग्री कालेजों में पढ़ाई शुरू कराई गई। मॉडल स्कूल बनाए गए, जिनमें करीब साढ़े तीन लाख बच्चे पढ़ रहे हैं। अब स्‍कूल से ही मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई के तरीके में भी बदलाव आया है। पहले सुबह चार बजे उठकर पढ़ने की बात कही जाती थी, लेकिन अब बच्चे रात में पढ़ना चाहते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए 75 हजार शिक्षकों को एप से जोड़ा गया। उन्होंने दावा किया कि रात एक बजे भी एक साथ करीब 1.42 लाख बच्चों को शिक्षकों की सुविधा उपलब्ध कराने में सफलता मिली है। बिहार की विरासत को दुनिया तक पहुंचाने पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने पर भी काम हो रहा है। उन्होंने सम्राट अशोक का उल्लेख करते हुए कहा कि पाटलिपुत्र की धरती से उन्होंने दुनिया को संदेश दिया। बाद में भगवान बुद्ध की शरण में जाने के बाद बौद्ध धर्म के प्रसार में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कहा कि बिहार की संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करते हुए आगे बढ़ाना है। इसी क्रम में लव-कुश से जुड़ी मान्यताओं वाले स्थलों के विकास की दिशा में भी काम किया जा रहा है। 60 करोड़ से बनेगा लव-कुश पार्क सम्राट चौधरी ने कहा कि वाल्मीकिनगर से जुड़ी लव-कुश की विरासत को विकसित करने के लिए नीतीश कुमार की सहमति से 60 करोड़ रुपये की लागत से भव्य लव-कुश पार्क बनाने का काम शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि माता सीता की जन्मभूमि से जुड़ी विरासत को भी विकसित किया जा रहा है। उनके अनुसार अमित शाह और नीतीश कुमार ने 2025 में करीब एक हजार करोड़ रुपये की लागत से भव्य सीता मंदिर का शिलान्यास किया। उन्होंने दावा किया कि 31 दिसंबर 2028 से पहले सीता मंदिर का निर्माण पूरा हो जाएगा। एकता को बताया विकास की ताकत मुख्यमंत्री ने गठबंधन की राजनीति का उल्लेख करते हुए कहा कि साथ रहने का अलग प्रभाव होता है। उन्होंने कहा कि 2010 में साथ रहने पर 206 सीटें मिली थीं, जबकि 2020 में अलग होने पर यह संख्या 127 रह गई। इसके बाद 2025 में यह आंकड़ा 200 के पार पहुंचा। उन्होंने कहा कि बिहार की समृद्धि के लिए सभी को साथ लेकर चलने का प्रयास किया जाएगा। पांचों उंगलियां बराबर नहीं होतीं, लेकिन मिलकर मुट्ठी बनाती हैं तो वह एकता का प्रतीक बन जाती है। इसी तरह सभी को मिलकर बिहार के निर्माण में योगदान देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने बिहार के मुखिया के रूप में आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य की समृद्धि और विकास के लिए सरकार लगातार काम करती रहेगी।

आरक्षण की चोरी करने वाले आज ज्ञान दे रहे हैं, अंबेडकर को अपमानित करने वाले आज सम्मान की बात करते हैं: अनिल राजभर

लखनऊ समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरक्षण, दलित समाज और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को लेकर भाजपा सरकार पर लगे आरोपों का उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने तीखा जवाब दिया है। एएनआई से बातचीत में राजभर ने कहा कि सपा के मुखिया प्रदेश की राजधानी में बैठकर प्रतिदिन प्रदेश और सम्मानित जनता को गुमराह करने की कोशिश करते हैं। उनके पास जनता के बीच जाने का समय नहीं है, जनता के बीच जाएंगे भी नहीं। राजभर ने कहा कि आज सपा आरक्षण की बात कर रही है, जबकि उनकी चार सरकारों में पिछड़ों और दलितों के आरक्षण की जितनी डकैती हुई, उतनी शायद ही कभी हुई हो। उन्होंने आरोप लगाया कि आरक्षण की चोरी करने वाले आज आरक्षण पर ज्ञान दे रहे हैं। सपा ने सारे पिछड़ों और अति पिछड़ों का आरक्षण चुराया। जब-जब समाजवादी पार्टी की सरकार बनी, तब-तब आरक्षण की मलाई एक जाति विशेष के लोगों को दी गई। पूरी मलाई खाकर आज ये आरक्षण और बाबा साहब की बात कर रहे हैं। आजम खान पर अनिल राजभर का हमला  उन्होंने कहा कि 2012 से 2017 का दौर याद करना चाहिए। यह साजिश है। समाजवादी पार्टी गुंडों को आगे करके समाज में वैमनस्यता पैदा करने की कोशिश कर रही है। राजभर ने कहा कि अब इसकी भी जांच होगी कि समाजवादी पार्टी के किस गुंडे ने कहां मूर्ति खंडित की। उन्होंने सपा से अपने गिरेबान में झांकने को कहा और आरोप लगाया कि 2012 से 2017 के बीच सपा के संरक्षण में बाबा साहब की मूर्तियों को खंडित करने का काम हुआ। दोहरे चरित्र के लोग हैं सपाई मंत्री ने सवाल किया कि बाबा साहब को भूमाफिया किसने बताया? उन्होंने कहा कि सपा के तत्कालीन मंत्री आजम खान ने बाबा साहब को प्रदेश का सबसे बड़ा भूमाफिया बताया था। जहां बाबा साहब की मूर्तियां लगी हैं और उनके नाम के पार्क बने हैं, वहां यह कहा गया मानो दलित समाज ने उन पर कब्जा कर लिया हो और बाबा साहब सबसे बड़े भूमाफिया हों। राजभर ने कहा कि आज इन्हीं लोगों को बाबा साहब और दलित समाज याद आ रहे हैं। ये दोहरे चरित्र के लोग हैं। आरक्षण की चोरी करने वाले आज आरक्षण पर ज्ञान दे रहे हैं और बाबा साहब को अपमानित करने वाले आज उनके सम्मान की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सपा और उसके नेता जनता को कितना नासमझ समझते हैं, यह उनके बयानों और प्रेस कॉन्फ्रेंस से निकलकर आता है। प्रतिदिन बदल रहे पीडीए का परिभाषा राजभर ने कहा कि चिंता न करें, समाज गुमराह होने वाला नहीं है। प्रदेश उनके असली चेहरे को अच्छी तरह जानता है। पीडीए में दलित का ‘डी’ है, कल क्या कहेंगे पता नहीं। अखिलेश पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि इतना कन्फ्यूज नेता तो हम लोगों ने देखा ही नहीं। प्रतिदिन पीडीए की परिभाषा बदल रहे हैं। जनता सब कुछ देख और समझ रही है। समाजवादी पार्टी की दाल नहीं गलने वाली, निश्चिंत रहें।

राजमिस्त्री और रेजा-कुली के बच्चे अब पढ़ेंगे बड़े आवासीय स्कूलों में

​रायपुर  छत्तीसगढ़ सरकार के भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना नारायणपुर जिले के श्रमिक परिवारों के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की एक नई और मजबूत राह तैयार कर रही है। आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के कारण जिन प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में अपने बच्चों को पढ़ाना श्रमिक परिवारों के लिए केवल एक अधूरा सपना हुआ करता था, आज इस योजना की बदौलत उन्हीं संस्थानों के दरवाजे उनके मेधावी बच्चों के लिए पूरी तरह खुल गए हैं। जिले के पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण और आवासीय शिक्षा प्रदान कर यह योजना उनके सपनों को पंख लगा रही है।      ​जिले के ग्राम खरगांव में राजमिस्त्री का कार्य करने वाले रामधर दुग्गा के पुत्र साहिल दुग्गा का चयन जब राज्य के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में शुमार 'राजकुमार कॉलेज, रायपुर' में हुआ, तो पूरे परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। रामधर भावुक होकर कहते हैं कि एक श्रमिक परिवार के लिए ऐसे बड़े विद्यालय में बच्चे को पढ़ाने की कल्पना करना भी आसान नहीं होता, लेकिन सरकार की इस पहल ने उनके बेटे की राह बेहद आसान कर दी है।   ​इसी तरह नारायणपुर के जगदीश मंदिर वार्ड की रहने वाली डिगेश्वरी जैन, जो स्वयं रेजा-कुली का कठिन काम करती हैं, अपनी पुत्री तेजल जैन के इस बड़े अवसर को लेकर बेहद उत्साहित हैं। तेजल का चयन 'दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), राजनांदगांव' में निःशुल्क अध्ययन के लिए हुआ है। वहीं ओरछा तहसील के सुदूर ग्राम कुतुल की रेजा-कुली गणेशिया उसेंडी की बेटी दिप्ती उसेंडी और ग्राम बाकुलवाही के दयाल सिंह पात्र की पुत्री पूर्वी पात्र का चयन 'संस्कार द गुरुकुल, बस्तर' में हुआ है। ग्राम बोरण्ड निवासी बेनु राम राना के पुत्र हिमांशु राना को भी 'कृष्णा एजुकेशन सोसायटी, भिलाई' में रहकर पढ़ने का बेहतरीन मौका मिला है। यह योजना केवल निःशुल्क शिक्षा का जरिया मात्र नहीं है, बल्कि दूरस्थ और आदिवासी अंचलों के बच्चों के भीतर आत्मविश्वास का नया संचार कर उनके करियर को संवारने की एक मजबूत नींव साबित हो रही है। एक समृद्ध और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण पाकर बच्चे न केवल अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगे, बल्कि भविष्य की बड़ी चुनौतियों के लिए भी तैयार हो सकेंगे। इस सुखद बदलाव से गदगद हितग्राही परिवारों ने श्रम विभाग के प्रति आभार जताते हुए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय और श्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन का सहृदय धन्यवाद व्यक्त किया है, जिनकी दूरगामी सोच से आज गरीब परिवारों के बच्चों का भविष्य संवर रहा है।

स्टाइपेंड वृद्धि को लेकर मध्यप्रदेश के इंटर्न डॉक्टरों ने

भोपाल  मध्यप्रदेश के इंटर्न डॉक्टर के स्टाइपेंड में वृद्धि किए जाने के निर्णय के लिए आज मध्यप्रदेश के इंटर्न डॉक्टरों की ओर से उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री  राजेंद्र शुक्ल का आभार व्यक्त किया।इंटर्न डॉक्टरों के प्रतिनिधि डॉ. साकेत रायपुरिया एवं करण पटेल ने अपने डीन एवं सुपरिटेंडेंट सर के साथ उप मुख्यमंत्री  शुक्ल के रीवा निवास पर पहुंचकर उनका धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया। इंटर्न डॉक्टरों ने कहा कि स्टाइपेंड वृद्धि की मांग को गंभीरता से लेते हुए सरकार द्वारा सकारात्मक पहल किए जाने से प्रदेश के हजारों इंटर्न डॉक्टर को राहत मिली है। इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए सभी इंटर्न डॉक्टरों ने उप मुख्यमंत्री  शुक्ल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। इस अवसर पर इंटर्न डॉक्टरों ने कहा कि सरकार द्वारा चिकित्सा विद्यार्थियों एवं युवा चिकित्सकों की समस्याओं को समझते हुए किए गए इस निर्णय से उनका मनोबल बढ़ा है। उन्होंने भविष्य में भी चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर इसी प्रकार के सहयोग एवं सकारात्मक संवाद की अपेक्षा व्यक्त की।