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फरीदकोट में नशे के खिलाफ बड़ी सफलता, 12 किलो से ज्यादा हेरोइन के साथ दो आरोपी दबोचे

फरीदकोट  फरीदकोट में सीआईए स्टाफ ने नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 12 किलो 221 ग्राम हेरोइन के साथ बाइक सवार दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान गांव करमूंवाला, जिला तरनतारन निवासी सुदागर सिंह उर्फ घुल्ला और कवलजीत खान उर्फ कम्मू के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ थाना सदर फरीदकोट में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।  गांव चंदबाजा के पास पुलिस ने की थी नाकाबंदी पुलिस के अनुसार, एसएसपी गुरबंस सिंह बैंस के दिशा-निर्देशों पर सीआईए स्टाफ प्रभारी एसआई हाकम सिंह के नेतृत्व में पुलिस पार्टी ने गरुवार रात अमृतसर-बठिंडा नेशनल हाईवे-54 पर गांव चंदबाजा के पास नाकाबंदी की हुई थी।   इस दौरान तलवंडी की तरफ से तेज रफ्तार बाइक पर आए दोनों युवकों ने पुलिस को देखकर बाइक पीछे मोड़कर भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें काबू कर लिया। तलाशी के दौरान कवलजीत खान के कंधे पर लटके किट बैग से छह पैकेट हेरोइन बरामद हुई। मौके पर पहुंचे डीएसपी (डी) अवतार सिंह राजपाल की निगरानी में कार्रवाई की गई। पुलिस ने हेरोइन और बाइक कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। 

ओवर रेट शराब बेचने पर गिरी गाज, महासमुंद में आबकारी विभाग के 3 अधिकारी सस्पेंड

रायपुर. प्रदेश में शराब की निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री और अवैध शराब निर्माण के खिलाफ आबकारी विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की जांच में महासमुंद जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान तुमा डबरी (बेमचा) में निर्धारित कीमत से अधिक दर पर शराब बेचने की पुष्टि होने के बाद आबकारी उप निरीक्षक नितेश सिंह बैस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण से जुड़ी सामग्री की बड़ी बरामदगी के मामले में आबकारी उप निरीक्षक रानू मरकाम और जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय के प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी मधुकर श्याम हरित के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की गई है। 190 रुपए की शराब 200 रुपए में बेची राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की टीम ने 07 सितंबर 2026 को महासमुंद जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान तुमा डबरी (बेमचा) में आकस्मिक निरीक्षण किया। छद्मक्रेता के माध्यम से कराए गए सत्यापन में दुकान में कार्यरत विक्रयकर्ता क्रमांक 01 दिनेश्वर ध्रुव द्वारा विदेशी मदिरा बैगपाईपर व्हिस्की का 01 नग पाव शासन द्वारा निर्धारित विक्रय दर 190 रुपये के स्थान पर 200 रुपये में बेचना पाया गया। इसके बाद पुनः खरीद परीक्षण में विक्रयकर्ता क्रमांक 02 गुलाब डहरीया द्वारा भी यही मदिरा 190 रुपये के स्थान पर 200 रुपये में बेची गई। इस तरह 02 नग पाव की खरीद में निर्धारित 380 रुपये के स्थान पर 400 रुपये वसूल किए गए यानी दोनों विक्रयकर्ताओं द्वारा कुल 20 रुपये अधिक लिए गए। मामले में दोनों विक्रयकर्ताओं के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 39 (ग) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। प्रभार क्षेत्र में अनियमितता पर नितेश सिंह बैस निलंबित विभाग ने इस मामले को संबंधित प्रभार क्षेत्र में प्रभावी निगरानी के अभाव और शिथिल नियंत्रण का गंभीर मामला माना। इसके बाद नितेश सिंह बैस आबकारी उप निरीक्षक, मदिरा दुकान प्रभारी एवं वृत्त प्रभारी महासमुंद को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 (1) के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय उपायुक्त आबकारी, संभागीय उड़नदस्ता दुर्ग संभाग, दुर्ग (छग) निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। कांकेर में अवैध शराब निर्माण की बड़ी तैयारी का खुलासा इधर, जिला उत्तर बस्तर कांकेर के भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बसंत नगर (नारायणपुर) में पुलिस की छापामार कार्रवाई में एक सूने/बंद किराए के मकान से अवैध मदिरा निर्माण से संबंधित बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की गई। कार्रवाई में 4409 नग खाली शराब की बोतल/पौवा, 105 पत्ता स्टीकर एवं होलोग्राम तथा 3380 ढक्कन सहित अन्य सामग्री जब्त की गई है। जब्त सामग्री में 30 नग पौवा जम्मू स्पेशल व्हिस्की भरी हुई, कुल 5.400 लीटर, कीमत 3600 रुपये भी शामिल है। इसके अलावा विभिन्न ब्रांडों के स्टीकर एवं होलोग्राम की कीमत 59,645 रुपये बताई गई है। कुल खाली बोतल/पौवा की संख्या 4409 नग है, जिसकी कीमत 22,045 रुपये बताई गई है। वहीं विभिन्न प्रकार के कुल 3380 नग ढक्कन भी बरामद किए गए हैं। रानू मरकाम और मधुकर श्याम हरित पर भी गिरी गाज यह प्रकरण रानू मरकाम, आबकारी उप निरीक्षक, मदिरा दुकान प्रभारी एवं वृत्त प्रभारी भानुप्रतापपुर के प्रभार क्षेत्र में आता है। उनके क्षेत्र में इतनी गंभीर अनियमितता पाए जाने को कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता एवं शिथिल नियंत्रण का परिचायक मानते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 (1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय जिला आबकारी अधिकारी, कांकेर रहेगा तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। इसी मामले में मधुकर श्याम हरित, सहायक जिला आबकारी अधिकारी एवं प्रभारी, जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय, जिला उत्तर बस्तर कांकेर के विरुद्ध भी प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही, कर्तव्य के प्रति उदासीनता तथा प्रभावी पर्यवेक्षण एवं सतत निगरानी के अभाव को देखते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई है। उनका निलंबन मुख्यालय कार्यालय आबकारी आयुक्त, छत्तीसगढ़, नवा रायपुर अटल नगर निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। अन्य अधिकारियों से मांगा गया जवाब महासमुंद के इसी अधिक दर पर बिक्री वाले मामले में विभाग ने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की है। दीपक ठाकुर, सहायक जिला आबकारी अधिकारी तथा अजय कुमार पाण्डेय, सहायक जिला आबकारी अधिकारी को कारण बताओ सूचना जारी कर 07 दिवस के भीतर समाधानकारक उत्तर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। मदिरा दुकानों की निगरानी और सख्त होगी विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि प्रदेश में मदिरा की निर्धारित विक्रय दर से अधिक वसूली, अवैध शराब निर्माण तथा निगरानी में लापरवाही को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता और मैदानी अमले की कार्रवाई के माध्यम से मदिरा दुकानों की जांच और निगरानी को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

बैंक कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल से कामकाज प्रभावित, 5 दिन काम की मांग तेज

भोपाल / नईदिल्ली  SBI, PNB और यूनियन बैंक सहित देशभर के सरकारी और कुछ निजी बैंक आज से लगातार तीन दिन बंद रहेंगे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने 2 साल से अटकी 5-डे वर्किंग की मांग को लेकर शुक्रवार को एक दिन की हड़ताल का ऐलान किया है। इसके बाद 12 सितंबर को महीने का दूसरा शनिवार और 13 सितंबर को रविवार होने के कारण बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। अगर सरकार और बैंक मैनेजमेंट ने मांगें नहीं मानीं, तो 26 अक्टूबर से देशभर के बैंकों में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो जाएगी। बैंकों ने अपने ग्राहकों से कहा है कि हड़ताल की वजह से ब्रांच स्तर की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि, इस दौरान UPI, मोबाइल बैंकिंग और ATM जैसी डिजिटल सेवाएं चालू रहेंगी। 5-डे बैंकिंग पर 2 साल से अटकी मंजूरी UFBU का कहना है कि 8 मार्च 2024 को इंडियन बैंक्स एसोसिएशन यानी IBA के साथ 12वें द्विपक्षीय समझौते और 9वें जॉइंट नोट पर हस्ताक्षर हुए थे। इसमें 5-डे बैंकिंग लागू करने पर सहमति बनी थी। इसके तहत कर्मचारी सोमवार से शुक्रवार तक रोज 40 मिनट ज्यादा काम करेंगे। IBA ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देकर केंद्र सरकार के पास भेजा था, लेकिन दो साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी वित्त मंत्रालय से इसे मंजूरी नहीं मिली है। क्या है 5-डे बैंकिंग प्रस्ताव?     वर्तमान में बैंकों में महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी रहती है।     नए प्रस्ताव के लागू होने पर हर शनिवार को छुट्टी रहेगी।     इसके बदले सोमवार से शुक्रवार तक कामकाज का समय 40 मिनट प्रतिदिन बढ़ जाएगा। नई PLI स्कीम पर विवाद: सीनियर अफसरों को फायदा, निचले स्टाफ से भेदभाव यूनियनों ने वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं विभाग द्वारा जारी नई PLI गाइडलाइंस का विरोध किया है। यूनियनों का आरोप है कि यह स्कीम भेदभावपूर्ण है:     स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारी: व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर 365 दिनों तक के बेसिक पे के बराबर PLI मिलेगा।     वर्कमेन और स्केल I से III के कर्मचारी: इन्हें अधिकतम सिर्फ 15 दिनों का बेसिक पे + डीए ही मिलेगा। UFBU का तर्क है कि PLI पूरी तरह बैंक के ओवरऑल प्रदर्शन पर आधारित होना चाहिए और स्केल VII तक के सभी कर्मचारियों को एक समान दिनों का इंसेंटिव मिलना चाहिए। यह नया नियम IBA और यूनियनों के बीच हुए समझौते का उल्लंघन है। दिल्ली हाईकोर्ट और श्रम आयुक्त के पास पहुंचा मामला PLI स्कीम को लेकर विवाद अब मुख्य श्रम आयुक्त के समक्ष सुलह प्रक्रिया के तहत लंबित है। इसके अलावा इस मामले को दिल्ली हाईकोर्ट में भी चुनौती दी गई है। यूनियनों ने मांग की है कि द्विपक्षीय बातचीत के जरिए इंसेंटिव स्कीम में संशोधन किया जाए। पेंशन अपडेशन और OPS की भी मांग     हड़ताल के मुख्य कारणों के अलावा बैंक यूनियनों ने कई पुरानी मांगों को भी फिर उठाया है:     सभी पेंशनभोगियों के लिए पेंशन अपडेशन और सुधार।     सभी रिटायर कर्मचारियों के लिए एक समान महंगाई भत्ता फार्मूला।     NPS के तहत आने वाले कर्मचारियों को ऑल्ड पेंशन स्कीम में स्विच करने का विकल्प। शुक्रवार की हड़ताल के बाद शनिवार-रविवार की छुट्टी 11 सितंबर को शुक्रवार है। इसके बाद 12 सितंबर शनिवार और 13 सितंबर रविवार है। ऐसे में कई जगह बैंकिंग सेवाओं पर असर लगातार तीन दिन तक रह सकता है। कुछ राज्यों में 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी की छुट्टी भी है। ऐसे में वहां कुछ ग्राहकों के लिए बैंक से जुड़ा काम चार दिन तक अटक सकता है। यानी जिस ग्राहक को शाखा में जाकर कोई जरूरी काम करना है, उसके लिए यह सामान्य तीन दिन की छुट्टी से ज्यादा बड़ी परेशानी बन सकती है। किन कामों पर सबसे ज्यादा असर? हड़ताल का सीधा असर बैंक शाखाओं में होने वाले काम पर पड़ सकता है। खासकर, कैश जमा करना, कैश निकालना, चेक से जुड़े काम या शाखा में दस्तावेज जमा करना। बैंक अधिकारियों या कर्मचारियों से आमने-सामने होने वाले काम। हालांकि डिजिटल बैंकिंग सेवाएं अलग तरीके से चलती हैं। इसलिए UPI, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग को शाखा की हड़ताल के बराबर नहीं समझना चाहिए। फिर भी किसी खास सेवा के लिए बैंक की अपनी व्यवस्था या तकनीकी स्थिति अलग हो सकती है। SBI ने ग्राहकों को क्या बताया? देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI ने ग्राहकों को हड़ताल के संभावित असर को लेकर जानकारी दी है। बैंक ने कहा है कि शाखाओं और कार्यालयों का सामान्य कामकाज बनाए रखने के लिए जरूरी इंतजाम किए गए हैं, लेकिन हड़ताल के कारण काम प्रभावित हो सकता है। यानी SBI की शाखाएं पूरी तरह बंद होंगी ही, ऐसा जरूरी नहीं है। लेकिन कर्मचारियों की भागीदारी के हिसाब से कामकाज प्रभावित हो सकता है। बैंक कर्मचारी क्यों कर रहे हैं हड़ताल? बैंक यूनियनों की सबसे प्रमुख मांग 5 डे वर्किंग की है। अभी बैंकिंग क्षेत्र में सभी कार्यदिवसों की व्यवस्था पांच दिन वाली नहीं है। कर्मचारी संगठन लंबे समय से शनिवार और रविवार की छुट्टी के साथ सोमवार से शुक्रवार की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस मुद्दे पर काफी समय से बातचीत चल रही है, लेकिन अभी तक ठोस समाधान नहीं निकला।

उत्सव के रूप में मनाएं स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन और सेवा से संकल्प अभियान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उत्सव के रूप में मनाया जाये स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन अभियान और सेवा से संकल्प अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश में चलाए जाएंगे दो अभियान स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन अभियान से प्रदेश के 50 लाख लोगों को मिलेगा लाभ सेवा से संकल्प अभियान के तहत 17 सितम्बर को शाम 7 बजे से पूरे प्रदेश में जलाये जायेंगे 58 लाख दीपक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में बैठक कर दोनों अभियान के सुचारू संचालन के दिये निर्देश सबकी हो सहभागिता, जनप्रतिनिधियों और आमजन को जोड़ें भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर प्रदेश में दो महत्वपूर्ण अभियानों का शुभारंभ किया जायेगा। प्रदेश में स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना को जन-जन तक पहुंचाने और सेवा से संकल्प अभियान के रूप में जनसेवा को नये संकल्प के साथ पूरा करने के लिए यह अभियान संचालित किए जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन अभियान से प्रदेश के 50 लाख से अधिक ग्रामीण आबादी को उनकी सम्पत्ति की नि:शुल्क रजिस्ट्री कर राजस्व विभाग के माध्यम से दस्तावेज उपलब्ध कराये जायेंगे। वहीं, सेवा से संकल्प अभियान के तहत पहले दिन 17 सितम्बर को शाम 7 बजे पूरे प्रदेश में एक साथ 58 लाख आशीर्वाद के दीपक जलाएं जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह आमजन को सुविधा सम्पन्न बनाने और जनसेवा का बड़ा अभियान है। सभी कलेक्टर्स अपने-अपने जिलों में पूरी तैयारी के साथ दोनों ही अभियान को उत्सव के रूप में आयोजित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान की सफलता के लिए जनप्रतिनिधिगण, समाज और आमजन को इनसे जोड़ा जाए। जन-जन तक अभियान की जानकारी पहुंचायें, इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये। अधिकाधिक युवाओं को अभियान से जोड़ने का प्रयास करें। मुख्यमंत्री डॉ यादव गुरुवार को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी कमिश्नर्स और कलेक्टर्स को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स से कहा कि वे इन दोनों अभियान के लिए अगले दो दिन में माइक्रो प्लानिंग पूर्ण कर लें। जिले में स्वामित्व अभियान का नेतृत्व कलेक्टर स्वयं करें। जिला स्तर पर नोडल अधिकारी, जोनल अधिकारी और सेक्टर अधिकारी भी नियुक्त किए जाएं। बैठक में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला, अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव राजस्व डॉ. ई रमेश कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में प्रदेश के सभी कमिश्नर्स एवं कलेक्टर्स ने वीसी के जरिए सहभागिता की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि स्वामित्व अधिकार निष्पादन अभिलेख, पंजीयन अभियान के अंतर्गत प्रदेश स्तर पर लक्षित भूमि स्वामियों के अधिकार अभिलेखों का राज्य सरकार नि:शुल्क पंजीयन (रजिस्ट्री) कराने के अभियान का शुभारंभ करने जा रही है। इस अभियान में  प्रदेश भर के 41 हजार 568 गांवों के 68 लाख 47 हजार प्लॉट का सर्वे किया जा चुका है और 50 लाख से अधिक हितग्राहियों के नाम पर नि:शुल्क रजिस्ट्री कराई जाएगी। रजिस्ट्री के लिए पंचायत उपकर, अतिरिक्त स्टाम्प ड्यूटी छूट का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीसी के दौरान पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में चुने गए जिले – आगर-मालवा, बड़वानी, हरदा, अशोक नगर और रायसेन के कलेक्टरों से स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन की जानकारी ली।  कलेक्टरों ने बताया कि स्वामित्व योजना से संबंधित मोबाइल ऐप यूजर फ्रेंडली है। पटवारियों की ट्रेनिंग भी तेजी करवाई जा रही है। भू-अभिलेखों की नि:शुल्क रजिस्ट्री से गाँवों में सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है।   हितग्राहियों को निष्पक्षता और परदर्शिता के साथ दिलाएं लाभ बताया गया यह अभियान तीन चरणों में 17 सितम्बर से प्रारंभ होकर 3 अक्टूबर तक संचालित किया जाएगा। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों का प्रशिक्षण तेजी से पूरा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वामित्व योजना का लाभ हितग्राहियों को पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ समय-सीमा में सुनिश्चित किया जाए। प्रत्येक निष्पादन अधिकारी को प्रतिदिन 40 रजिस्ट्री करने का लक्ष्य मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने कहा कि राजस्व विभाग के अधिकारी ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच, सचिव, पटवारी और रोजगार सहायक मिलकर प्रत्येक गुरूवार, शुक्रवार और शनिवार को नि:शुल्क रजिस्ट्री के लिए  शिविर लगाएं और प्रतिदिन कम से कम 30 से 40 रजिस्ट्री स्वामित्व योजना के अंतर्गत निष्पादित करने का लक्ष्य रखें। उन्होंने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए किए वे स्वामित्व अभिलेख अभियान की बेहतर प्लानिंग और शैड्यूलिंग कर प्रति दिन प्रगति रिपोर्ट तैयार कर सबमिट करें। मुख्य सचिव बर्णवाल ने कहा कि किसी प्रकार की समस्या आने पर मुख्यमंत्री सहायता हेल्प लॉइन पर सम्पर्क करें। बैठक में राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन में पंचायत स्तर पर पटवारी निष्पादन अधिकारी होंगे और पंजीयन अधिकारी के रूप में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक एवं अन्य को जिम्मेदारी सौंपी  गई है। सेवा संकल्प अभियान- भोपाल में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम प्रधानमंत्री मोदी के जन्म दिवस पर एक माह तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान का शुभारंभ 17 सितम्बर को राजधानी भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ होगा। इस कार्यक्रम में सभी जिलों के कलेक्टर और हितग्राही वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत मध्यप्रदेश सरकार ने विकसित भारत के निर्माण के लिए विकसित मध्यप्रदेश बनाने का संकल्प जन-जन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। एक माह तक प्रदेश भर में जन सेवा के विभिन्न प्रकल्प संचालित किए जाएंगे एवं जन सहभगिता से कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक हितग्राहियों को सुनिश्चित किया जाएगा। 17 सितम्बर की शाम प्रदेश भर में जलेंगे 58 लाख दीपक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि अभियान के अंतर्गत कुल 13 गतिविधियां संचालित की जाएंगी। जनसंकल्प अभियान की शुरूआत 'आशीर्वाद का दीपक' कार्यक्रम के साथ होगी। इस दिन शाम 7 बजे एक साथ प्रदेश भर के लाभार्थी परिवारों और चयनित 10 से अधिक प्रसिद्ध ऐतिहासिक और पुरातत्विक महत्व के स्थानों पर 58 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया कि दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम के लिए वे अपने जिले के पुरातात्विक स्थानों को चिन्हित करें। अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम में प्रभारी अधिकारी … Read more

एक महीने तक सेवा और सहभागिता का महाअभियान, 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक होंगे आयोजन

प्रदेश में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान गांव से शहर तक होंगे सेवा, सहभागिता और विकसित भारत के संकल्प से जुड़े आयोजन भोपाल मध्यप्रदेश में जनसेवा को जनभागीदारी से जोड़ने और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। एक माह के इस अभियान में सेवा, स्वच्छता, सामाजिक सहभागिता, हितग्राही कल्याण, युवा नवाचार और नागरिक दायित्व से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से आमजन को ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जोड़ा जाएगा। अभियान में कार्यक्रमों के आयोजन पर जोर के साथ योजनाओं का वास्तविक लाभ, नागरिकों की भागीदारी और गतिविधियों के परिणाम भी फोकस किया जाएगा। प्रत्येक जिले में गतिविधियों का दिनांकवार, स्थानवार और उत्तरदायी अधिकारीवार कैलेंडर तैयार होगा तथा नियमित समीक्षा की जाएगी। जनप्रतिनिधियों के साथ सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों, युवाओं, महिलाओं, स्व-सहायता समूहों, वरिष्ठ नागरिकों तथा सामाजिक-आध्यात्मिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सके। होंगे दीपोत्सव और ‘कहानी बदलाव की’ जैसे आयोजन अभियान में ‘आशीर्वाद का दीया’ के तहत हितग्राहीमूलक योजनाओं से लाभान्वित लोगों की अद्यतन एवं प्रमाणित सूची तैयार कर चिन्हित क्षेत्रों में परिवारों की सहभागिता से दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम होंगे। उज्जैन के महाकाल लोक और निवाड़ी के रामराजा लोक, ओरछा में भव्य दीपोत्सव आयोजित किए जाएंगे। ‘सेवा चित्र’ के तहत 17 सितम्बर से 7 अक्टूबर के बीच शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में प्रधानमंत्री द्वारा किए गए सेवा कार्यों और विकसित भारत की संकल्पना पर चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं होंगी। श्रेष्ठ चित्रों की प्रदर्शनी और उत्कृष्ट प्रतिभागियों का सम्मान किया जाएगा तथा चयनित प्रविष्टियों की राज्य स्तरीय प्रदर्शनी भी होगी। ‘सेवा स्मरण’ में सेवा कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को संगीतमय नाट्य प्रस्तुतियों के जरिए आमजन तक पहुंचाया जाएगा। प्रत्येक जिले में 18 से 20 सांस्कृतिक दलों/नुक्कड़ नाट्य टोलियों को सूचीबद्ध कर विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों और सार्वजनिक स्थलों पर प्रस्तुतियां कराई जाएंगी। कार्यक्रम 17 सितम्बर से शुरू होंगे और 2 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर इनका मंचन होगा। ‘आंगन का मिलन’ 25 सितम्बर से 7 अक्टूबर तक सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर आयोजित होगा। तीन दिवसीय आयोजनों में माताओं और बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य एवं महिला कल्याण योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। लाभार्थी माताएं अनुभव साझा करेंगी, आंगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं तथा लाभार्थी माताओं का सम्मान होगा और बच्चों के लिए मनोरंजक गतिविधियां की जाएंगी। ‘कहानी बदलाव की’ में शासन की योजनाओं से जीवन में उल्लेखनीय सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले हितग्राहियों की वास्तविक कहानियां संक्षिप्त वीडियो एवं डिजिटल माध्यम से सामने लाई जाएंगी। लाभार्थी, योजना, स्थान और बदलाव का विवरण दर्ज कर उत्कृष्ट सफलता-कथाओं को प्रोफेशनल तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा। सेवा ज्योति यात्रा से लेंगे विकसित भारत का संकल्प प्रत्येक जिले और ग्राम स्तर पर ‘सेवा ज्योति यात्रा’ आयोजित होगी। अलग-अलग दिशाओं से निकलने वाली यात्राएं निर्धारित स्थल पर एकत्र होंगी, जहां शासन की प्रमुख विकास उपलब्धियों और सेवा कार्यों की जानकारी दी जाएगी। यहां नागरिक ‘विकसित भारत 2047’ का सामूहिक संकल्प लेंगे। स्थानीय नागरिकों, युवाओं, सामाजिक संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी के साथ जिला विकास पुस्तिका का वितरण भी किया जाएगा। मध्यप्रदेश से गुजरने वाली ‘बड़नगर से वाराणसी—जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा’ के पड़ावों पर स्थानीय नागरिकों और विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को जोड़ते हुए कार्यक्रमों को संवादात्मक और सहभागी स्वरूप दिया जाएगा। ‘सेवा मेरा योगदान’ में 25 गतिविधियों से जुड़ेंगे नागरिक अभियान के दौरान ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत नागरिकों को 25 प्रमुख सेवा गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इनमें रक्तदान, अनाथालय/वृद्धाश्रम भ्रमण, वृक्षारोपण, स्वच्छता, स्वास्थ्य जांच, एक गांव गोद लेकर सेवा कार्य, योग-ध्यान, प्लास्टिक-मुक्त जागरूकता, महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, वंचित बच्चों को शिक्षा सहयोग, करियर काउंसलिंग, वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिजिटल साक्षरता, अंगदान संकल्प, नशा-मुक्त भारत, पोषण एवं एनीमिया जागरूकता, सड़क सुरक्षा, जल संरक्षण एवं जल स्रोत सफाई, कचरा पृथक्करण एवं कम्पोस्टिंग, साइबर सुरक्षा, फिट इंडिया, वीर गाथा एवं सैनिक सम्मान, दिव्यांगजन सहयोग, मतदाता जागरूकता एवं पंजीयन, वोकल फॉर लोकल और सरकारी योजनाओं की जागरूकता शामिल हैं। नागरिकों को स्वप्रेरणा से सेवा गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सेवा कार्यों का फोटो-वीडियो दस्तावेजीकरण और सोशल मीडिया प्रचार होगा। चयनित गतिविधियों के बिफोर/आफ्टर वीडियो रील माई भारत पोर्टल पर अपलोड कर डिजिटल प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए भी नागरिकों को प्रेरित किया जाएगा। नदी घाटों और सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान एवं श्रमदान होंगे तथा श्रमदान करने वालों को सम्मानित किया जाएगा। ‘सेवा सेतु’ में मौके पर मिलेगा योजनाओं का लाभ ‘सेवा सेतु—सरकार आपके द्वार’ के तहत विधानसभा और विकासखंड स्तर पर शिविर होंगे। संबंधित विभागों के अधिकारी नागरिकों की योजनावार पात्रता का परीक्षण करेंगे तथा पात्र लोगों को आवेदन, दस्तावेज और योजना लाभ प्राप्त करने में मार्गदर्शन देंगे। प्राप्त आवेदनों के निराकरण की पृथक मॉनिटरिंग होगी। ह्यूमन रंगोली से नवाचार तक ‘सेवा के रंग’ में प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर ह्यूमन रंगोली बनाई जाएगी। इसके विषय जनकल्याणकारी योजनाओं, राष्ट्रीय प्रतीकों और विकसित भारत की संकल्पना पर आधारित होंगे। चयनित शहरों में एक ही दिन 108 मीटर व्यास का ‘भारत मंडल’ बनाने की भी योजना है। ‘हैकाथॉन और इनोवेशन चैलेंज’ में युवा, विद्यार्थी, स्टार्टअप, प्रोफेशनल्स और नवाचारकर्ताओं को जोड़ा जाएगा। उत्कृष्ट नवाचारों की प्रदर्शनी, लाइव डेमो और विशेषज्ञ संवाद आयोजित किए जाएंगे। ‘जनसेवक महाकुंभ—पंचायत से पार्लियामेंट’ के तहत 17 अक्टूबर को प्रस्तावित राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रदेश की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। ‘25 साल, 25 कहानियां’ में विकास और उपलब्धियों के प्रमुख पड़ावों को दर्शाने वाली क्यूरेटेड किट वितरित की जाएगी। इसमें 25 प्रमुख योजनाओं एवं उपलब्धियों की प्रतिकृतियां और विस्तृत जानकारी के लिए क्यूआर कोड होंगे। कार्यक्रमों की संख्या नहीं, परिणाम भी होंगे दर्ज अभियान की गतिविधियों की जिलेवार एवं गतिविधिवार मॉनिटरिंग के लिए सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर पृथक मॉड्यूल तैयार किया जा रहा है। प्रत्येक जिले की 13 गतिविधियों का कैलेंडर 12 सितम्बर तक पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा और अभियान अवधि में दैनिक प्रगति अपडेट होगी। केवल कार्यक्रमों की संख्या नहीं, बल्कि वास्तविक परिणाम, फोटो-वीडियो और जहां लागू हो वहां पहले और बाद के साक्ष्य भी दर्ज किये जायेंगे। ‘सेवा सेतु’ में आने वाले नागरिकों, प्राप्त एवं स्वीकृत आवेदनों तथा वास्तविक रूप से लाभान्वित हितग्राहियों का पृथक विवरण रखा जाएगा। ‘सेवा … Read more

सहारनपुर में मस्जिद विवाद के बाद मुजफ्फरनगर में बढ़ी सुरक्षा, जुमे से पहले सड़कों पर उतरी पुलिस

सहारनपुर     सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पुलिस सतर्क है. जुमे की नमाज से एक दिन पहले गुरुवार शाम मुजफ्फरनगर पुलिस भी अलर्ट मोड पर नजर आई. जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ शहर के व्यस्त बाजारों और संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च किया।  इस दौरान पुलिस ने लोगों के बीच सुरक्षा और शांति का संदेश दिया. पुलिस की तैयारियों में ड्रोन कैमरों से निगरानी भी शामिल रही. अधिकारियों के मुताबिक, कानून-व्यवस्था पर असर डालने की किसी भी कोशिश पर नजर रखी जा रही है और सोशल मीडिया की भी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।  सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद जुमे की नमाज को देखते हुए मुजफ्फरनगर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरती. गुरुवार शाम जिले के आला अधिकारी सड़क पर उतरे. पुलिस बल के साथ शहर के प्रमुख बाजारों और संवेदनशील इलाकों में पैदल मार्च और फ्लैग मार्च किया गया।  फ्लैग मार्च में पुलिस अधिकारियों के साथ विभिन्न थानों की फोर्स भी मौजूद रही. पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की. पुलिस का कहना है कि इस तरह के फ्लैग मार्च का उद्देश्य सिर्फ कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा पैदा करना भी है फ्लैग मार्च के दौरान ड्रोन कैमरों के जरिए निगरानी भी की गई. पुलिस संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल कर रही है।  पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली स्थिति पर नजर रखी जा रही है. इसके साथ ही सोशल मीडिया की भी विशेष निगरानी की जा रही है. पुलिस का फोकस उन लोगों पर है, जो अफवाह फैलाने या भ्रामक सामग्री के जरिए माहौल खराब करने की कोशिश कर सकते हैं।  पूरे मामले को लेकर एएसपी ने क्या बताया? एएसपी सिद्धार्थ के मिश्रा ने बताया कि मुजफ्फरनगर पुलिस और शहर की पुलिस खासकर बहुत सतर्क रहती है. लगभग रोज हर थाना क्षेत्र में पैदल मार्च किया जाता है. आपराधिक गतिविधियों को मॉनिटर किया जाता है. एसपी सिटी के स्तर से पूरे शहर सर्कल में पूरी फोर्स, चारों थानों की फोर्स, चारों एसएचओ और मेरे द्वारा पैदल मार्च किया गया है।  शहर में फ्लैग मार्च किया गया है. शांति और सुरक्षा का जो भाव है, जो मैसेज है, पुलिस वही रिप्रेजेंट कर रही है. वही मैसेज लोगों के बीच पहुंचाने की कोशिश कर रही है. कोई भी किसी प्रकार की संभावना जो कानून व्यवस्था को बिगाड़ सकती है या फिर बिगाड़ने की कोशिश कर सकती है, उन सभी के अगेंस्ट पुलिस लगातार इंटेलिजेंस के स्तर पर सोशल मीडिया को मॉनिटर कर रही है. जुमे की नमाज शांतिपूर्वक होगी. पुलिस द्वारा सभी के साथ संवाद किया गया है. सम्मानित व्यक्ति और समाज के जितने भी जरूरी लोग हैं, हर व्यक्ति तक पुलिस का मैसेज पहुंचा है. आने वाले त्योहार भी शांतिपूर्वक होंगे। 

जयपुर में नगर निगम चुनाव की वोटिंग शुरू, 723 प्रत्याशियों की किस्मत EVM में बंद; 14 सितंबर को नतीजे

जयपुर जयपुर नगर निगम चुनाव 2026 का बिगुल पूरी तरह बज चुका है। आज 11 सितंबर को सुबह 7 बजे से जयपुर नगर निगम के दूसरे और अंतिम चरण के तहत वार्ड पार्षदों को चुनने के लिए वोटिंग प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हो गई है। 150 वार्डों में बने हजारों पोलिंग बूथों पर सुबह से ही मतदाताओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। सुबह की पारी से ही बुजुर्गों, युवाओं और महिलाओं की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। प्रमुख हस्तियों से लेकर आम नागरिक तक अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने के लिए सुबह से ही कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं। प्रशासन की तरफ से निष्पक्ष और सुरक्षित चुनाव कराने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हालांकि, मतदान के शुरुआती एक घंटे में शहर के कुछ घने और संवेदनशील इलाकों से ईवीएम (EVM) में मामूली तकनीकी खराबी की शिकायतें सामने आईं, जिन्हें निर्वाचन विभाग की टीमों ने समय रहते त्वरित कार्रवाई करते हुए तुरंत बदल दिया। जयपुर की जनता आज जिन 723 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला ईवीएम में बंद कर रही है, उनके भाग्य का अंतिम परिणाम 14 सितंबर 2026 को मतगणना के बाद सामने आएगा। 1. सुबह 7 बजे से मतदान, बूथों पर लंबी लाइनें जयपुर नगर निगम क्षेत्र के सभी 150 वार्डों में सुबह 7 बजे से ही मतदान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। सुबह के समय गर्मी कम होने के कारण वोटर्स समय से पहले ही अपने-अपने केंद्रों पर पहुंचने लगे, जिससे कई मतदान केंद्रों पर अच्छी-खासी रौनक नजर आई। 2. प्रमुख नेताओं और दिग्गजों ने किया मतदान जयपुर के स्थानीय विधायकों और कई वरिष्ठ राजनीतिक हस्तियों ने सुबह के पहले चरण में ही अपने-अपने निर्धारित पोलिंग बूथों पर पहुंचकर मताधिकार का प्रयोग किया। नेताओं ने स्याही लगी उंगली के साथ तस्वीरें साझा कर शहर की जनता से शत-प्रतिशत मतदान की अपील की। 3. कुछ बूथों पर ईवीएम में तकनीकी दिक्कत मतदान की शुरुआत में जयपुर के घने परकोटा (चारदीवारी) क्षेत्र और सांगानेर के कुछ मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में तकनीकी खामी की खबरें आईं। इसके कारण करीब 20 से 30 मिनट तक कुछ स्थानों पर मतदान बाधित रहा। 4. तुरंत एक्शन, रिजर्व EVM से वोटिंग जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक और तकनीकी टीमों ने शिकायतों पर तुरंत संज्ञान लिया। सेक्टर में तैनात रिजर्व ईवीएम (EVM) और बैकअप टीमों को मौके पर भेजकर खराब मशीनों को तत्काल बदला गया और मतदान को सुचारू रूप से पुनः चालू कराया गया। 5. पोलिंग स्टेशन पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम जयपुर नगर निगम क्षेत्र में पारदर्शी चुनाव कराने के लिए कुल 2,256 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। अति-संवेदनशील और संवेदनशील बूथों पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और कई जगहों पर वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। 6. 24.33 लाख से अधिक मतदाता इस दूसरे चरण के चुनाव में जयपुर के कुल 24 लाख 33 हजार 121 मतदाता पंजीकृत हैं, जो शहर की छोटी सरकार यानी नगर निगम के पार्षदों और बोर्ड का भविष्य तय कर रहे हैं। 7. 723 प्रत्याशियों के बीच कड़ा चुनावी मुकाबला जयपुर के 150 वार्डों में इस बार कुल 723 प्रत्याशी चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और इंडियन नेशनल कांग्रेस (INC) के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है, लेकिन कई वार्डों में निर्दलीय और बागी प्रत्याशियों ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। 8. पहले चरण के 76.41% वोटिंग रिकॉर्ड को तोड़ने की उम्मीद राजस्थान निकाय चुनाव के पहले चरण (9 सितंबर 2026) में राज्यभर में 76.41% का बंपर वोटिंग प्रतिशत दर्ज हुआ था। इसी ट्रेंड को देखते हुए माना जा रहा है कि जयपुर में भी आज शाम 6 बजे तक भारी मतदान देखने को मिलेगा। 9. डिजिटल वोटर लिस्ट और हेल्पडेस्क सोशल मीडिया पर एक्टिव राज्य निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन द्वारा सोशल मीडिया पर डिजिटल वोटर लिस्ट, पोलिंग बूथ लोकेटर और अनिवार्य पहचान पत्रों से जुड़ी गाइडलाइंस लगातार साझा की जा रही हैं, ताकि वोटर्स को अपना नाम या बूथ खोजने में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। 10. 14 सितंबर 2026 को आएंगे मतगणना के नतीजे आज शाम 6 बजे मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद सभी ईवीएम मशीनों को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में सील करके कड़ी सुरक्षा वाले स्ट्रॉन्ग रूम में भेजा जाएगा। आगामी 14 सितंबर 2026 को होने वाली मतगणना के साथ ही जयपुर नगर निगम के नए पार्षदों की अधिकृत घोषणा की जाएगी।

UP में पटाखा कारोबार को मिलेगी नई रफ्तार, डिप्टी CM ब्रजेश पाठक बोले- सुरक्षा मानकों के साथ उद्योग को बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता

सुरक्षा मानकों के साथ आतिशबाजी कारोबार को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता : ब्रजेश पाठक फायर वर्क्स डीलर्स एसोसिएशन के वार्षिक अधिवेशन में डिप्टी सीएम ने व्यापारियों से किया संवाद लखनऊ उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश में सुरक्षित, जिम्मेदार और नियमसम्मत आतिशबाजी कारोबार को बढ़ावा देने के साथ व्यापारियों के हितों और जनसुरक्षा के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आतिशबाजी कारोबार से जुड़े व्यापारियों की समस्याओं और आवश्यकताओं को गंभीरता से लेते हुए उनके समाधान के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा।  डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक गुरुवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश फायर वर्क्स डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के वार्षिक अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों से आत्मीय संवाद किया और उनके सुझावों, अपेक्षाओं एवं विभिन्न समस्याओं के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आतिशबाजी उद्योग से जुड़े व्यापारियों के हितों का संरक्षण महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ जनसुरक्षा और निर्धारित नियमों का पालन भी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार का प्रयास है कि संबंधित सभी पक्षों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से कारोबार को आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों को वार्षिक अधिवेशन के सफल आयोजन पर बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए संगठन की निरंतर प्रगति और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में अध्यक्ष, राज्य अल्पसंख्यक आयोग मोहसिन रजा, सदस्य, विधान परिषद रजनीकांत माहेश्वरी, सदस्य, विधान परिषद डॉ० सुधीर गुप्ता, फायर वर्क्स डीलर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष हेमंत चांदना, व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष मनीष गुप्ता, एसोसिएशन के महासचिव महेश गुप्ता, पार्षद राजीव वाजपेयी, समाजसेवी नारायण शुक्ला, सतीश चंद्र मिश्र, अमरीश अग्रवाल, अखिलेश गुप्ता एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

सिंगरौली बनेगा माइनिंग का मॉडल डिस्ट्रिक्ट, खनिज संपदा के बेहतर इस्तेमाल पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का जोर

सिंगरौली को बनायें माइनिंग का मॉडल डिस्ट्रिक्ट – मुख्यमंत्री डॉ. यादव खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग से प्रदेश के विकास को मिले नई गति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की खनिज साधन द्वारा प्रस्तावित राज्य खनिज अन्वेषण नीति 2026 की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक और खनिज संपदा की दृष्टि से समृद्ध प्रदेश है। खनिज संसाधनों का वैज्ञानिक, पारदर्शी और पर्यावरण-सम्मत तरीके से उपयोग प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नयी गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि खनिज नीतियों का उद्देश्य राजस्व वृद्धि के साथ-साथ रोजगार, निवेश और स्थानीय विकास के अवसरों का विस्तार करना होना चाहिए और राज्य सरकार यही सुनिश्चित कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को मंत्रालय में खनिज साधन विभाग की बैठक में विभागीय गतिविधियों और प्रस्तावित राज्य खनिज अन्वेषण नीति 2026 की समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी सहित खनिज साधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी  उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की खनिज संपदा प्रदेश के विकास की महत्वपूर्ण पूंजी है। इन प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग पारदर्शिता और पर्यावरणीय संतुलन के साथ ऐसे हो कि प्रदेश को राजस्व मिले, निवेश को प्रोत्साहन मिले और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नये अवसर सृजित हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रस्तावित नीति के संबंध में कहा कि जिला खनिज निधि (डीएमएफ राशि) का समुचित उपयोग करते हुए खनिज संसाधनों से सम्पन्न सिंगरौली जिले को शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल कल्याण, कृषि, वन,  पर्यावरण,  सड़क सुविधाओं और वाटरशेड के मामले में माडल डिस्ट्रिक्ट के रूप में विकसित किया जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खनिज संसाधनों से प्राप्त होने वाले लाभ का अधिकाधिक हिस्सा जनहित के कार्यों में लगाया जाये। विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाकर मध्यप्रदेश को खनिज क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में कार्य किया जाए। बैठक में खनिज साधन से संबंधित विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित राज्य खनिज अन्वेषण नीति 2026 का अनुमोदन कर प्रदेश के नागरिकों के हित में नीति का कारगर अमल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव, खनिज साधन विवेक पोरवाल ने पालिसी प्रेजेंटेशन में बताया कि विभिन्न प्रयासों के जरिए राज्य में खनिज संसाधनों से राजस्व आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित खनिज नीति में वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक खनिज संसाधनों से राजस्व आय 13720 करोड़ रुपए तक और वित्त वर्ष 2030-31 के अंत तक इसे 30000 करोड़ रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान वित्त वर्ष 2026-27 में अगस्त 2026 के अंत तक ही सालाना खनिज राजस्व लक्ष्य से भी अधिक (106 प्रतिशत) राजस्व आय प्राप्त कर ली गई है। प्रदेश के दस जिलों क्रमशः सिंगरौली, अनूपपुर, शहडोल,  कटनी, बालाघाट, सतना,  जबलपुर, छिंदवाड़ा, उमरिया और बैतूल से सर्वाधिक खनिज आय मिलती है। जारी वित्त वर्ष में जुलाई 2026 के अंत तक इन दस जिलों में 3147.10 करोड़ रुपए डीएमएफ निधि उपलब्ध है। इसमें सर्वाधिक योगदान सिंगरौली जिले का है। सभी 55 जिलों को मिलाकर यह डीएमएफ निधि 3574.53 करोड़ रुपए है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले- ‘हनुमान अंश’ में दिखती है आस्था और भक्ति की अद्भुत शक्ति

हनुमान अंश’ फिल्म आस्था, संस्कृति और भक्ति की शक्ति का देती है संदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देखी हनुमान अंश फीचर फिल्म भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार की शाम कोलार स्थित एक निजी प्लाजा में बहुचर्चित फीचर फिल्म ‘हनुमान अंश’ के प्रदर्शन में सहभागिता करते हुए फिल्म देखी। फिल्म देखने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसकी विषय-वस्तु, प्रस्तुति और कलाकारों के अभिनय की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नीब करौली बाबा के जीवन चरित्र पर केंद्रित ‘हनुमान अंश’ फिल्म हमारी आस्था, आध्यात्मिक परंपरा और भगवान हनुमान की भक्ति के मार्ग को समझने का एक माध्यम है। भक्ति से समाज सुधार की शक्ति पाने की पटकथा वाली इस फिल्म ने हम सबके आराध्य भगवान हनुमान की आराधना और सेवा की भावना को अत्यंत प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि नीब करौली बाबा के जीवन पर केंद्रित इस फिल्म से हमें एकात्म मानववाद और सर्वहारा वर्ग के कल्याण की प्रेरणा देती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म में नीब करौली बाबा की भूमिका निभाने वाले कलाकार शोभिनव सत्या के अभिनय की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि शोभिनव सत्या ने नीब करौली बाबा के चरित्र का सिर्फ़ अभिनय ही नहीं किया, बल्कि उसे खुद जीकर जीवंत कर दिया है। उनके अभिनय में बाबा के व्यक्तित्व की सहजता, भक्ति और आध्यात्मिक भावनाओं की गहरी अनुभूति दिखाई देती है। उन्होंने सचमुच कमाल ही कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी संस्कृति और आध्यात्मिक परम्पराओं में संतों का जीवन समाज को सदैव प्रेरणा देता रहा है। ऐसे विषयों पर बनने वाली फिल्में नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, संस्कारों और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से ‘हनुमान अंश’ फिल्म देखने का आह्वान करते हुए कहा कि अपने धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक परम्पराओं में आस्था रखने वाले प्रत्येक व्यक्ति को यह फिल्म अवश्य देखनी चाहिए। यह फिल्म भक्ति के साथ ही हमें अपने जीवन में सेवा, समर्पण, परोपकार और सबके प्रति सद्भावना रखने की अभिप्रेरणा देती है। इस अवसर पर विधायक रामेश्वर शर्मा, मप्र राज्य वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के अध्यक्ष संजय नगाईच, एमपी हाऊसिंग बोर्ड के चेयरमैन कोमल जैन, महापौर श्रीमती मालती राय, जिलाध्यक्ष रविन्द्र यति सहित अन्य जनप्रतिनिधि, निजी प्लाजा के आनर एवं बड़ी संख्या में दर्शकगण उपस्थित थे।