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हरियाणा के युवा इनोवेटर की चर्चा, शहद के सिरके ने CM सैनी को भी किया प्रभावित

झज्जर. विश्व मधुमक्खी दिवस के अवसर पर बीते बुधवार को पंचकूला में आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम में उस समय बेहद दिलचस्प नजारा देखने को मिला, जब सूबे के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी झज्जर के प्रगतिशील मधुमक्खी पालक विनय फोगाट के स्टाल पर पहुंचे। वहां प्रदर्शित अनूठे उत्पादों को देखकर मुख्यमंत्री भी हैरान रह गए और उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, शहद का सिरका… यह तो मैंने पहले कभी सुना ही नहीं! कन्वेंशन सेंटर, रेड बिशप, सेक्टर-1 में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को विनय फोगाट द्वारा तैयार किया गया ''शहद का सिरका'' (हनी विनेगर) और ''बी प्रोबायोटिक'' इतना पसंद आया कि वे इसे विशेष रूप से अपने साथ लेकर गए। क्या खास है शहद के सिरके और बी प्रोबायोटिक में? प्रदर्शनी से वापिस लौटे विनय फोगाट ने बातचीत के दौरान उत्पादों की खासियत के बारे में विस्तार से जानकारी दी। शहद का सिरका (हनी विनेगर): यह आम सिरके की तरह तीखा नहीं होता। इसे शुद्ध शहद को लंबे समय तक प्राकृतिक रूप से फरमेंट (किण्वित) करके तैयार किया जाता है। यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने, वजन नियंत्रित करने और शरीर को डिटाक्सिफाई करने में बेहद असरदार माना जाता है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीआक्सीडेंट्स होते हैं। बी प्रोबायोटिक: यह मधुमक्खियों के प्राकृतिक स्लाइवा (लार) और शहद के कॉम्बिनेशन से तैयार ऐसा अनूठा उत्पाद है, जो पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को मजबूत करने में गेम-चेंजर साबित हो रहा है। 5 राज्यों का सफर और 18 तरह का शहद  दरअसल, झज्जर जिले के मलिकपुर गांव के रहने वाले शहद उत्पादक विनय फोगाट आज क्षेत्र के किसानों के लिए एक बड़ी मिसाल बन चुके हैं। उनके पास मौजूदा समय में करीब 1,100 मधुमक्खी कालोनियां हैं, जिनसे वे सालाना लगभग 38 से 40 टन शहद का रिकार्ड उत्पादन करते हैं। विनय फोगाट ने बताया कि वे केवल एक या दो नहीं, बल्कि 18 अलग-अलग तरह के शहद और उत्पाद तैयार करते हैं। इसके लिए वे मौसम और फूलों के खिलने के चक्र के हिसाब से अपने बी-फार्म को हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश के इलाकों में शिफ्ट करते हैं। उनके पिटारे में सरसों, नीम, शीशम, कीकर, हिमाचल व कश्मीर का पहाड़ी शहद, कश्मीर का एकेशिया, सूरजमुखी, सौंफ और जामुन का शहद प्रमुख रूप से शामिल है। इसके अलावा वे शहद से गुलकंद, हनी अर्क, बी प्रोपोलिस टिंक्चर और घुटनों के दर्द की विशेष जेल भी तैयार करते हैं। फसलों की सच्ची मित्र हैं मधुमक्खियां स्टाल के दौरे के दौरान विनय फोगाट ने मुख्यमंत्री के सामने किसानों से रासायनिक खेती छोड़कर प्राकृतिक खेती अपनाने की पुरजोर अपील की। उन्होंने कहा केमिकल और पेस्टीसाइड्स के अंधाधुंध इस्तेमाल से हमारी सबसे अच्छी मित्र कीट मधुमक्खियां बहुत तेजी से मर रही हैं। जबकि सच्चाई यह है कि जहां भी मधुमक्खी के बाक्स रखे जाते हैं, उसके 3 से 4 किलोमीटर के दायरे में क्रास-पालिनेशन (परागण) के जरिए फसलों की पैदावार ढाई से तीन क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक बढ़ जाती है। वैज्ञानिक तथ्य साझा करते हुए बताया कि मधुमक्खियों के पॉलिनेशन से तिलहनी फसलों में तेल के भीतर सल्फर कंटेंट 10 से 15% तक बढ़ जाता है। साथ ही, मधुमक्खियां अपने स्लाइवा (लार) से फूलों के अंदर जो यीस्ट छोड़ती हैं, उससे फसलों में प्राकृतिक मिनरल्स की मात्रा में भारी इजाफा होता है।

ईंधन बचत और सादगी को बढ़ावा, हाईकोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कार्यवाही

जयपुर बढ़ती ईंधन खपत को कम करने और सादगी उपायों को बढ़ावा देने की दिशा में राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हाईकोर्ट प्रशासन ने घोषणा की है कि 22 मई, 26 मई और 27 मई 2026 को राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ और जयपुर बेंच में न्यायिक कार्यवाही मुख्य रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संचालित की जाएगी। रजिस्ट्रार जनरल की ओर से नोटिस जारी इस संबंध में रजिस्ट्रार जनरल की ओर से आधिकारिक नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में बताया गया है कि यह निर्णय भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) और सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने देशभर की अदालतों और संस्थानों को ईंधन संरक्षण, अनावश्यक यात्राओं में कमी और प्रशासनिक सादगी अपनाने के निर्देश दिए थे। बार एसोसिएशन से चर्चा के बाद लिया गया निर्णय राजस्थान हाईकोर्ट ने इस पहल को लागू करने से पहले जोधपुर और जयपुर की बार एसोसिएशनों से चर्चा भी की। विचार-विमर्श के बाद अदालतों में वर्चुअल सुनवाई को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया गया, ताकि अधिवक्ताओं, पक्षकारों और संबंधित लोगों को बार-बार यात्रा करने की आवश्यकता कम हो सके। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ेंगे पक्षकार नोटिस के अनुसार अदालतों की कार्यवाही संबंधित कोर्ट रूम से ही संचालित होगी, लेकिन अधिवक्ताओं और पक्षकारों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। हाईकोर्ट ने यह भी अपील की है कि आवश्यकता पड़ने पर वाहन साझा (कार पूलिंग) जैसी व्यवस्थाओं को अपनाया जाए, जिससे ईंधन की बचत सुनिश्चित हो सके। फिजिकल हियरिंग पर कोई रोक नहीं हालांकि हाईकोर्ट प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिजिकल हियरिंग पर किसी प्रकार की रोक नहीं लगाई गई है। जो अधिवक्ता या पक्षकार व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होकर सुनवाई में भाग लेना चाहते हैं, वे पहले की तरह न्यायालय में उपस्थित हो सकेंगे। सभी संबंधित संस्थाओं को भेजा गया आदेश हाईकोर्ट प्रशासन ने इस आदेश की प्रतियां सुप्रीम कोर्ट, राजस्थान सरकार, बार काउंसिल ऑफ राजस्थान, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और राज्य के न्यायिक अधिकारियों को भी भेज दी हैं। डिजिटल सुनवाई और ईंधन बचत की दिशा में राजस्थान हाईकोर्ट की यह पहल न्यायिक प्रणाली को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।  

RPSC SI भर्ती 2021 विवाद: पुनर्परीक्षा पर हाईकोर्ट की सुनवाई, नया मोड़ आया

जयपुर राजस्थान हाईकोर्ट में आज एसआई भर्ती 2021 को लेकर सुनवाई हुई, जिसमें अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में शामिल किए जाने की मांग को लेकर याचिका दायर की थी. कोर्ट ने सभी याचिकाकर्ताओं को भर्ती में आवेदन करने के लिए प्रोविजनल अनुमति प्रदान की है. दोबारा होगी एसआई भर्ती परीक्षा हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) रद्द की गई एसआई भर्ती 2021 का पुनः आयोजन करवा रहा है.  हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि पुनर्परीक्षा में केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को शामिल किया जाएगा, जिन्होंने वर्ष 2021 की भर्ती परीक्षा में शामिल हुए थे. 3 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने दी थी परीक्षा एसआई भर्ती 2021 के लिए लगभग 7.95 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, लेकिन सितंबर 2021 में आयोजित परीक्षा में केवल 3,83,097 अभ्यर्थी ही दोनों पेपर में शामिल हुए थे. आयोग पुनर्परीक्षा में भी इन्हीं अभ्यर्थियों को शामिल करने पर कायम है. हाई कोर्ट में दायर की याचिका इस निर्णय का अन्य अभ्यर्थियों द्वारा विरोध किया गया, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि कोरोना महामारी और अन्य कारणों से जो अभ्यर्थी उस समय परीक्षा में शामिल नहीं हो सके, उन्हें भी एक और अवसर दिया जाना चाहिए. याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट हरेंद्र नील, रवींद्र सैनी और निखिल कुमावत ने पैरवी की.

सतीश ग्रोवर की गिरफ्तारी पर फरीदकोट में हंगामा, नामांकन विवाद ने बढ़ाया सियासी तापमान

फरीदकोट. नगर कौंसिल चुनाव के दौरान नामांकन रद होने के मामले को लेकर फरीदकोट में बुधवार रात को राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्मा गया। शिरोमणि अकाली दल द्वारा वीरवार को शहर बंद का आह्वान किया गया, जिसे व्यापारियों और आम लोगों का व्यापक समर्थन मिला। शहर के कई बाजारों में दुकानें बंद हैं और अकाली कार्यकर्ता बड़ी संख्या में गुरुद्वारा खालसा दीवान में एकत्रित हुए हैं। यहां से कार्यकर्ताओं ने थाना सिटी फरीदकोट के घेराव की तैयारी शुरू कर दी। इसी बीच शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के भी दोपहर फरीदकोट पहुंचने की सूचना है, जिससे माहौल और अधिक गरमा सकता है। दरअसल, बुधवार देर रात शिरोमणि अकाली दल के जिला शहरी प्रधान सतीश ग्रोवर को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी रोष फैल गया। गुरुवार सुबह से ही बड़ी संख्या में अकाली कार्यकर्ता एसडीएम कार्यालय के बाहर जमा होने लगे और सतीश ग्रोवर की रिहाई की मांग उठाने लगे। कई स्थानों पर पुलिस और अकाली कार्यकर्ता आमने-सामने डटे दिखाई दिए। नामांकन रद होने से पैदा हुआ विवाद उल्लेखनीय है कि नगर कौंसिल चुनाव के नामांकन रद होने के मामले को लेकर गत दिनों भी भारी हंगामा हुआ था। बुधवार को यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब विधायक गुरदित सिंह सेखों और शिअद उपाध्यक्ष परमबंस सिंह रोमाणा ने अलग-अलग प्रेस वार्ताएं कर एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। विधायक गुरदित सिंह सेखों ने प्रेस वार्ता में कहा कि चुनाव पूरी अनुशासन व्यवस्था के साथ करवाए जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेताओं द्वारा अधिकारियों पर दबाव बनाने और गुंडागर्दी करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि जिन प्रत्याशियों के नामांकन रद हुए हैं, उन्होंने सरकारी करों की चोरी की थी और किसी भी वैध नामांकन को रद नहीं किया गया। विधायक ने यह भी कहा कि कुछ नेताओं ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को धमकियां दी हैं, जिसकी शिकायत चुनाव आयोग को भी भेजी गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि चुनाव प्रक्रिया में खलल डालने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। रोमाणा ने सत्ता पक्ष पर किया पलटवार दूसरी ओर परमबंस सिंह रोमाणा ने देर शाम प्रेस वार्ता कर सत्ता पक्ष पर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि शिरोमणि अकाली दल और अन्य विपक्षी दलों के प्रत्याशियों के नामांकन कथित रूप से सत्ताधारी नेताओं के दबाव में रद करने की कोशिश की गई थी। उन्होंने कहा कि वकीलों की मदद और कानूनी दलीलों के आधार पर उनके प्रत्याशियों के नामांकन स्वीकार करवाए गए। रोमाणा ने कहा कि अब सत्ता पक्ष प्रशासन पर दबाव बनाकर उन पर सरकारी काम में बाधा डालने के मामले दर्ज करवाने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने साफ कहा कि यदि उन पर मामले दर्ज भी किए जाते हैं तो भी वे पीछे नहीं हटेंगे और अपने कार्यकर्ताओं के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल का 86वाँ मंडल

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल का 86वाँ मंडल सम्मेलन सम्पन्न विभिन्न परियोजनों के निर्माण कार्य हेतु लगभग 45 करोड़ की मिली प्रशासकीय स्वीकृति   जी.एस.टी. भुगतान प्रणाली में एकरूपता, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत सीधी भर्ती तथा राज्य शासन के कर्मचारियों के अनुरुप पुनरीक्षित मॅहगाई भत्ता के प्रस्तावों का भी किया अनुमोदन रायपुर  अध्यक्ष अनुराग सिंह देव की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल का 86वाँ मंडल सम्मेलन आज दिनांक 20 मई 2026 को मंडल मुख्यालय नवा रायपुर अटल नगर में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन में प्रदेश में आवासीय एवं अधोसंरचना विकास से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार कर स्वीकृतियाँ प्रदान की गईं। अध्यक्ष अनुराग सिंह देव  ने बताया कि सम्मेलन में दीनदयाल आवास कॉलोनी, कोहका, तिल्दा, जिला रायपुर में व्यवसायिक सह आवासीय प्रकोष्ठ भवनों के निर्माण कार्य हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना के अंतर्गत कुल 76 आवासीय एवं व्यावसायिक भवनों का निर्माण प्रस्तावित है, जिसकी अनुमानित परियोजना लागत लगभग 10.37 करोड़ रुपये है। स्ववित्तीय अटल विहार योजनांतर्गत गिनाबहार, जिला जशपुर में 06 एम.आई.जी., 64 एल.आई.जी. एवं 27 ई.डब्ल्यू.एस. सहित कुल 97 आवासीय भवनों के निर्माण कार्य तथा 7 एकड़ भूमि के विकास कार्य हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 17.51 करोड़ रुपये है। इसी प्रकार स्ववित्तीय योजनांतर्गत सारधा (लोरमी), जिला मुंगेली में 200 ई.डब्ल्यू.एस. भवनों के निर्माण एवं 5 एकड़ भूमि के बाह्य विकास कार्य हेतु भी स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 16.94 करोड़ रुपये है। इसके अतिरिक्त निर्माण कार्यों में जीएसटी भुगतान प्रणाली (GST Payment System) एवं रॉयल्टी क्लीयरेंस प्रमाण पत्र (Royalty Clearance Certificate) संबंधी वर्तमान व्यवस्थाओं में एकरूपता लाने हेतु एक समान मानक प्रक्रिया लागू करने का निर्णय लिया गया। सम्मेलन में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत सीधी भर्ती में दिव्यांगजनों के आरक्षण हेतु पदों के चिन्हांकन को समाज कल्याण विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 25 फरवरी 2026 के अनुसार मंडल में यथावत लागू किए जाने का निर्णय भी लिया गया।  मंडल के अधिकारियों/कर्मचारियों को राज्य शासन के कर्मचारियों के अनुरुप पुनरीक्षित मॅहगाई भत्ता की दरें स्वीकृत की गई। साथ ही क्वींस क्लब ऑफ इंडिया के विकास, संचालन एवं रख-रखाव हेतु लाइसेंस आधार पर पी.पी.पी. मोड के अंतर्गत एजेंसी नियुक्त करने के लिए प्रस्तुत निविदा प्रपत्र एवं लाइसेंस अनुबंध प्रारूप का अनुमोदन भी किया गया है। मंडल सम्मेलन में माननीय सदस्यों को यह भी अवगत कराया गया कि बोर्ड द्वारा इस वर्ष 2026 के प्रथम 04 माह में लगभग मूल्य 317 करोड़ की 1647 संपत्तियों का विक्रय किया गया।  86वें मंडल सम्मेलन में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल आयुक्त अवनीश कुमार शरण (भा.प्र.से.), आवास एवं पर्यावरण विभाग के विशेष सचिव डी.एस. भारद्वाज, लोक निर्माण विभाग के प्रतिनिधि जी.आर. रावटे, वित्त विभाग के प्रतिनिधि निखिल अग्रवाल, हुडको के प्रतिनिधि हितेश बरोट सहित मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। ।

ट्रेनों की लंबी वेटिंग खत्म करने रेलवे का फैसला, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में बढ़ी सुविधा

रायपुर. रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कोरबा-अमृतसर-बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में अस्थायी रूप से एक अतिरिक्त एसी-3 कोच जोड़ने का फैसला किया है। इससे यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलने में राहत मिलेगी। रेलवे के अनुसार, गाड़ी संख्या 18237 कोरबा-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में 21 से 24 मई तथा 26 से 29 मई 2026 तक अतिरिक्त एसी-3 कोच लगाया जाएगा। वहीं गाड़ी संख्या 18238 अमृतसर-बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में 23 से 26 मई और 28 से 31 मई 2026 तक यह सुविधा उपलब्ध रहेगी। यात्रियों को मिलेगी राहत रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अतिरिक्त कोच जुड़ने से अधिक यात्रियों को कन्फर्म बर्थ मिल सकेगी और यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक होगी। गर्मी के मौसम और छुट्टियों के चलते ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

खजुराहो 47.4°C पर पहुंचा, मोबाइल पर इमरजेंसी हीटवेव अलर्ट जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश इस वक्त भीषण गर्मी की चपेट में है। प्रदेश के कई शहर भट्‌ठी की तरह तप रहे हैं और सूरज की तेज तपिश ने लोगों का जनजीवन प्रभावित कर दिया है। बुधवार को प्रदेश के 16 शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। सबसे ज्यादा गर्मी बुंदेलखंड और ग्वालियर-चंबल इलाके में दर्ज की गई। खजुराहो बना प्रदेश का सबसे गर्म शहर खजुराहो में अधिकतम तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह इस सीजन ही नहीं, बल्कि मई महीने का अब तक का सबसे ज्यादा तापमान माना जा रहा है। इससे पहले 29 अप्रैल 1993 को यहां 46.9 डिग्री तापमान दर्ज हुआ था। खजुराहो देश का दूसरा और दुनिया का चौथा सबसे गर्म शहर भी रहा। देश में सिर्फ बांदा इससे ज्यादा गर्म रहा, जहां 48.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। राजधानी भोपाल में भी गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है। यहां तापमान 44 डिग्री के पार पहुंच गया है। हालात ऐसे हैं कि इंसानों के साथ अब जानवर भी गर्मी से बेहाल होने लगे हैं। वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को राहत देने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। शेर, बाघ और तेंदुओं के हाउस में कूलर, पर्दे और ग्रीन नेट लगाए गए हैं, जबकि बाड़ों में लगातार पानी भरा जा रहा है। वहीं भीषण गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। सतना, रीवा, मैहर, टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर जिलों में इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया है। लोगों के मोबाइल फोन पर चेतावनी संदेश भेजकर धूप से बचने, जरूरी सावधानी बरतने और बिना जरूरत बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। भोपाल में भीषण गर्मी का असर अब जानवरों पर भी दिखाई देने लगा है। शहर का तापमान 44 डिग्री के पार पहुंच गया है। गुरुवार सुबह से ही तेज गर्मी का दौर रहा और सुबह 11:30 बजे तक पारा 38 डिग्री दर्ज किया गया। ऐसे में वन विहार नेशनल पार्क ने जानवरों को गर्मी से बचाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। वन विहार में शेर, बाघ और तेंदुओं के हाउस की खिड़कियों पर पर्दे और ग्रीन नेट लगाई गई है, ताकि धूप और गर्म हवा का असर कम हो। बाड़ों में पानी की होद लगातार भरी जा रही है, जहां टाइगर पानी में अठखेलियां करते नजर आ रहे हैं। वन विहार के डायरेक्टर विजय कुमार ने बताया कि हाउस में कूलर लगाए गए हैं। जानवरों को साल्ट लिक्स और मिनरल मिक्चर भी दिया जा रहा है। वहीं हिरण, सांभर और अन्य खुले में घूमने वाले जानवरों के लिए हरा चारा और पर्याप्त पानी की व्यवस्था की गई है। भीषण गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए सतना, रीवा, मैहर, टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर जिले में आपातकालीन अलर्ट जारी किया गया है। ज्यादातर लोगों के मोबाइल फोन पर चेतावनी संदेश पहुंचा, जिसमें धूप से बचने, जरूरी सावधानी बरतने और बिना जरूरत बाहर न निकलने की सलाह दी गई। चेतावनी- दोपहर 12 से 3 बजे तक बाहर न निकलें प्रदेश में पिछले 2 दिन से भीषण गर्मी पड़ रही है। ऐसे में मौसम विभाग ने दोपहर में घरों से बाहर नहीं निकलने की चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे ने कहा कि दोपहर 12 से 3 बजे तक ज्यादा असर रहेगा। ऐसे में लोग जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकले। किन शहरों में सबसे ज्यादा गर्मी? खजुराहो – 47.4°C नौगांव – 46.6°C दमोह – 46°C मंडला – 45.6°C सतना – 45.3°C मुरैना – 45°C इन शहरों में पारा 44 डिग्री के पार पहुंचा रीवा सागर दतिया टीकमगढ़ रायसेन नरसिंहपुर उमरिया  बड़े शहरों का हाल जबलपुर – 44.9°C ग्वालियर – 44.3°C भोपाल – 42.6°C उज्जैन – 42°C इंदौर – 41.1°C

11 हजार से ज्यादा बच्चों को मनचाहे स्कूल में मिला मुफ्त दाखिला, ऑनलाइन लॉटरी पूरी

11 हजार से अधिक बच्चों को मिला मनचाहे विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश निजी विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश के लिए द्वितीय चरण की ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया संपन्न भोपाल  शिक्षा का अधिकार अधिनियम अंतर्गत द्वितीय चरण की ऑनलाइन लॉटरी की प्रकिया बुधवार को संपन्न हो गई। इसमें 11 हजार 485 बच्‍चों को उनकी पसंद के निजी विद्यालयों में नि:शुल्‍क प्रवेश मिला। इस लॉटरी प्रक्रिया में उन बच्‍चों को शामिल किया गया था, जिन्‍हें प्रथम चरण की लॉटरी में उनकी पसंद के स्‍कूल आवंटित नहीं हो सके थे। ऐसे बच्‍चों को निजी विद्यालयों की रिक्‍त सीटों के अनुरूप द्वितीय चरण की लॉटरी के लिए अपनी वरीयता अंकित करते हुए आवेदन करने का एक और अवसर प्रदान किया गया था। द्वितीय चरण की लॉटरी में बच्‍चों को उनकी चुनी गई वरीयता के आधार पर निजी विद्यालयों में सीट का आवंटन  20 मई को ऑनलाइन लॉटरी की स्वचालित कंप्यूटर प्रक्रिया द्वारा किया गया। संचालक राज्‍य शिक्षा केंद्र हरजिंदर सिंह द्वारा द्वितीय चरण की ऑनलाइन लॉटरी का बटन क्लिक किया गया। नर्सरी कक्षा में 7 हजार 599, केजी 1 में 2 हजार 747 और कक्षा 1 में 1 हजार 139 बच्‍चों का दाखिला हुआ। इस अवसर पर संचालक राज्‍य शिक्षा केंद्र हरजिंदर सिंह ने लॉटरी में चयनित बच्चों को उनकी पसंद का स्कूल आवंटित होने पर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्‍होंने पारदर्शी ऑनलाइन व्यवस्था निर्मित करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग और मध्‍यप्रदेश स्‍टेट इलेक्‍ट्रानिक्‍स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन टीम की प्रशंसा भी की। इस वर्ष आरटीई के तहत लॉटरी के लिए दस्तावेज सत्यापन के उपरांत 1 लाख 80 हजार 875 बच्चे पात्र चयनित हुए थे, जिनमें से 1 लाख 6 हजार से अधिक बच्‍चों को शाला आवंटन प्राप्‍त हुआ था। इसके उपरांत 97 हजार 052 बच्‍चों के द्वारा चयनित स्‍कूलों में प्रवेश लिया जा चुका है। आज आयोजित हुई द्वितीय चरण की लॉटरी में 11 हजार 485 और बच्‍चों को उनकी पसंद के निजी विद्यालयों में प्रवेश आवंटन प्राप्‍त हुआ है। इस प्रकार इस वर्ष सत्र 2026-27 में आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में नि:शुल्‍क प्रवेश आवंटन प्राप्‍त करने वाले विद्यार्थियों की संख्‍या 1 लाख 17 हजार 400 से अधिक हो गई है। पोर्टल पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं आवंटन पत्र द्वितीय चरण की लॉटरी में जिन बच्‍चों को निजी विद्यालयों में नि:शुल्‍क प्रवेश प्राप्‍त हुआ है, उनके अभिभावक आरटीई पोर्टल www.rteportal.mp.gov.in पर जाकर आवंटन पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।ऑनलाइन लॉटरी में जिनके स्कूलों का आवंटन हुआ है, उन्हें उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस माध्‍यम से भी सूचना दी जा रही है। बच्चे उन्‍हें आवंटित स्कूलों में 20 मई से 10 जून, 2026 तक जाकर प्रवेश ले सकेंगे। इन बच्चों की फीस सरकार द्वारा नियमानुसार सीधे स्कूल के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की जाएगी। इस अवसर पर राज्‍य शिक्षा केंद्र की आरटीई नियंत्रक सुकिरण कुशवाह, प्रशासक डॉ. राकेश दुबे और तकनीकी सहयोगी विभाग मध्‍यप्रदेश स्‍टेट इलेक्ट्रॉनिक डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के प्रतिनिधि नितीन तुरकर, राम यादव सहित अन्‍य अधिकारी उपस्थित थे। 

CM रेखा गुप्ता समेत मंत्री घर से कर रहे काम, सचिवालय में पसरा सन्नाटा

नई दिल्ली  दिल्ली सरकार में मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री, अधिकारी और कर्मचारी बुधवार को वर्क फ्रॉम होम पर रहे। सिर्फ जरूरी सेवाओं से जुड़े अधिकारी ही दिल्ली सचिवालय में नजर आए। सचिवालय में सन्नाटा पसरा हुआ था। सीएम रेखा गुप्ता बुधवार को खुद वर्क फ्रॉम होम पर रहीं। सिविल लाइंस स्थित जनसेवा सदन के अपने आवास से ही उन्होंने हाइब्रिड मॉडल में बैठकें की। ईंधन बचाने के मकसद से दिल्ली सरकार ने सप्ताह में दो दिन बुधवार व शनिवार को वर्क फ्रॉम होम रखा है। हालांकि इससे जरूरी सेवा से जुड़े कर्मचारियों को बाहर रखा गया है '2 दिन WFH रखें उद्योगपति' सीआईआई दिल्ली स्टेट काउंसिल की बैठक में दिल्ली के पर्यटन, स्किल डिवेलपमेंट, इवेट इंडस्ट्री और उद्योग जगत से जुड़े विभिन्न नीति विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में उद्योग प्रतिनिधियों ने सरकार के सामने अपनी चिंताओं और सुझावों को रखा। इस दौरान दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने दिल्ली को देश और दुनिया के प्रमुख पर्यटन और आयोजन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार की प्राथमिकताओं और भविष्य की योजनाओं पर अपने विचार साझा किए। कपिल मिश्रा ने करते हुए उद्योग जगत से सप्ताह में दो या तीन दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने की अपील की। सिविल लाइंस स्थित आवास से CM ने हाइब्रिड मॉडल में बैठकें की दिल्ली सरकार के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि बुधवार को वर्क फ्रॉम होने के कारण सीएम और मंत्री ने घर से ही काम किया। सीएम ने व्यय-वित्त समिति की बैठक की, जिसमें ज्यादातर अधिकारी घर से ऑनलाइन शामिल हुए। स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बुधवार को अपने घर से ऑनलाइन बैठकें कीं। सीएम रेखा गुप्ता ने सरकार के अलावा निजी कंपनियों से भी सप्ताह में एक से दो दिन वर्क फ्रॉम होम करने की अपील की है।  

पश्चिमी यूपी में लू का प्रकोप, नौतपा से पहले ही झुलसाने लगी गर्मी

मेरठ यूपी के मेरठ में तेज धूप और लू ने लोगों को झुलसा दिया है। सूरज निकलते ही सुबह से ही आसमान से आग बरसती महसूस हो रही है। बुधवार को दिन चढ़ने के साथ तापमान बढ़ता गया। दोपहर तक हालात इतने खराब हो गए कि सड़क और बाजारों में सन्नाटा रहा। तापमान 44 डिग्री तक पहुंच गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक गर्म दिन रहा। 25 मई से गर्मी का प्रकोप नौतपा शुरू होने से पारा और बढ़ेगा। वहीं, जिलाधिकारी ने भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए स्कूलों की छुट्टी कर दी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोग इन दिनों भीषण गर्मी से झुलस रहे हैं। तापमान 44 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। सुबह से ही ऐसा महसूस होने लगता है जैसे आसमान से आग बरस रही हो। लू के थपेड़ शरीर को झुलसा रहे हैं।  नौतपा का भी 25 मई से आगाज हो जाएगा, ऐसे में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आसमान से आग बरसेगी। 29 मई को एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से थोड़ी राहत मिलने के आसार हैं। बुधवार का दिन सीजन में सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही ने बताया कि वर्तमान में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। कहा कि पश्चिमी हवाओं के प्रभाव और साफ आसमान के चलते गर्मी में और इजाफा हो रहा है।    दोपहर के समय लू चलने से स्थिति और अधिक गंभीर हो रही है, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ गया है। बाजारों और मुख्य मार्गों पर दोपहर के समय लोगों की आवाजाही काफी कम देखने को मिल रही है। जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोग सिर और चेहरे को ढककर ही निकले। पिछले पांच दिन का तापमान 16 मई- 39.6 17 मई- 41.3 18 मई- 42.4 19 मई- 43.6 20 मई – 44.0 गर्मी और लू के कारण 23 मई तक स्कूलों में अवकाश मेरठ में बढ़ती गर्मी और लू के मद्देनजर जिलाधिकारी वीके सिंह ने 21 से 23 मई तक प्री-प्राइमरी से कक्षा दस तक के सभी बोर्डों के विद्यालयों में अवकाश घोषित किया है। जिलाधिकारी ने कहा कि छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।   भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है। अत्यधिक गर्मी के दौरान बच्चों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने दें। पर्याप्त पानी और सावधानियों का ध्यान रखने को कहा गया है। सहारनपुर : 12 साल का टूटा रिकॉर्ड, 44 डिग्री पर पहुंचा पारा सहारनपुर जनपद में गर्मी का 12 साल का रिकॉर्ड टूट गया। बीते 12 वर्षों में 20 मई को अधिकतम तापमान 42 डिग्री से ऊपर नहीं गया था। बुधवार को अधिकतम तापमान 44 व न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मेरठ में भी अधिकतम तापमान 44 डिग्री पर पहुंच गया। बागपत में 43, मुजफ्फरनगर में 42, शामली में 42 और बिजनौर में 41 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।