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लालू यादव की बढ़ी मुश्किलें! IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस में कोर्ट ने 8 अन्य आरोपियों के साथ तय किए आरोप

नई दिल्ली/पटना  IRCTC होटल मनी लॉन्ड्रिंग केस में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के ताजा आदेश के बाद लालू परिवार के लिए कानूनी चुनौतियां बढ़ गई हैं. कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत 9 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है. जबकि 7 आरोपियों को आरोपों से बरी किया गया है. मामले की अगली सुनवाई 3 अक्टूबर 2026 को होगी. लेकिन आखिर यह मामला है क्या? इसकी शुरुआत कब हुई? रेलवे के होटलों से लेकर पटना की जमीन और मनी लॉन्ड्रिंग तक पूरा मामला कैसे पहुंचा? और अब लालू परिवार के सामने आगे क्या कानूनी चुनौती है? आइए हर सवाल का जवाब समझते हैं।  क्या है IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग घटना, कैसे बढ़ेगी लालू परिवार की मुश्किलें जानें क्या है IRCTC होटल मामला? यह मामला लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान रांची और पुरी के BNR होटलों के संचालन के ठेके से जुड़ा है. CBI का आरोप है कि इन दोनों होटलों के रखरखाव और संचालन का ठेका निजी कंपनी सुजाता होटल्स को देने की प्रक्रिया में कथित अनियमितताएं की गईं. एजेंसी के अनुसार, इस कथित लाभ के बदले पटना में जमीन का लेन-देन हुआ।  जमीन का क्या कनेक्शन है? जांच एजेंसियों के मुताबिक होटल टेंडर और पटना की जमीन के बीच कथित लेन-देन इस केस का सबसे अहम हिस्सा है. CBI ने आरोप लगाया कि पटना की बेशकीमती जमीन पहले एक कंपनी के जरिए खरीदी गई. बाद में उसका प्रभावी नियंत्रण लालू परिवार से जुड़ी कंपनी लारा प्रोजेक्ट्स तक पहुंचा. एजेंसी ने जमीन की कीमत और जिस कीमत पर सौदा हुआ. उसमें बड़े अंतर का भी आरोप लगाया है. यही कथित लेन-देन बाद में ED की मनी लॉन्ड्रिंग जांच का आधार बना।  मामला कब शुरू हुआ? इस मामले की जड़ें 2004-05 के दौर में हैं. उस समय लालू प्रसाद यादव केंद्र में रेल मंत्री थे। मार्च 2004 में रेलवे के दो होटलों के प्रबंधन से संबंधित प्रक्रिया IRCTC को सौंपी गई थी. मई 2004 में लालू रेल मंत्री बने। इसके बाद होटल संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ी. CBI के मुताबिक 2005-06 में टेंडर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी कर सुजाता होटल्स को फायदा पहुंचाया गया।  CBI ने केस कब दर्ज किया? कई वर्षों बाद यह मामला 2017 में फिर सामने आया. जुलाई 2017 में CBI ने FIR दर्ज की. एजेंसी ने लालू यादव और अन्य पर पद के कथित दुरुपयोग, आपराधिक साजिश और होटल टेंडर में अनियमितता के आरोप लगाए. इसके बाद CBI ने जांच आगे बढ़ाई और अप्रैल 2018 में चार्जशीट दाखिल की. इसमें लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया।  ED की एंट्री कब हुई? CBI की FIR के आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की. अगस्त 2018 में ED ने PMLA के तहत लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की. यहीं से यह मामला सिर्फ कथित भ्रष्टाचार या टेंडर विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मनी लॉन्ड्रिंग केस के रूप में भी अदालत पहुंच गया।  आज कोर्ट ने क्या फैसला दिया? 10 सितंबर 2026 को राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत 9 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया. वहीं 7 आरोपियों को आरोपों से बरी कर दिया गया. कोर्ट ने प्रथमदृष्टया लालू यादव द्वारा रेल मंत्री के पद के कथित दुरुपयोग से जुड़े आरोपों को मुकदमा आगे बढ़ाने लायक माना. आरोप तय किए गए आरोपियों में लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, सरला गुप्ता, पीसी गुप्ता, लारा प्रोजेक्ट्स, सुजाता होटल्स, विजय कोचर और विनय कोचर शामिल हैं।  क्या लालू यादव और तेजस्वी दोषी साबित हो गए? नहीं…यह सबसे जरूरी कानूनी बात है. कोर्ट द्वारा आरोप तय करना दोषी करार देना नहीं होता. इसका मतलब है कि अदालत ने प्रथमदृष्टया मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार माना है. अब ट्रायल में अभियोजन पक्ष को अपने आरोप सबूतों के जरिए साबित करने होंगे. बचाव पक्ष को अपना पक्ष रखने का पूरा अधिकार होगा. इसलिए फिलहाल लालू यादव, तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी या अन्य आरोपियों को दोषी कहना सही नहीं होगा।  अब लालू परिवार की मुश्किलें कैसे बढ़ सकती हैं? आरोप तय होने के बाद मामला ट्रायल की ओर बढ़ेगा. अभियोजन पक्ष सबूत और गवाह पेश करेगा.इसके बाद बचाव पक्ष उन सबूतों को चुनौती देगा. लालू परिवार के लिए चुनौती इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मामले में कथित होटल टेंडर, जमीन के लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग की कड़ियों को अदालत में साबित करने की कोशिश होगी. हालांकि इसका अंतिम परिणाम ट्रायल के बाद ही सामने आएगा।  क्या यह Land-for-Jobs केस ही है? नहीं…दोनों मामले अलग हैं. IRCTC मामला रांची और पुरी के रेलवे होटलों के कथित टेंडर में अनियमितता और उससे जुड़े जमीन के लेन-देन पर केंद्रित है. वहीं Land-for-Jobs केस में रेलवे में नौकरी देने के बदले कथित तौर पर जमीन लेने के आरोप हैं. दोनों मामलों में लालू परिवार के सदस्यों के नाम सामने आने के कारण अक्सर इन्हें एक साथ देखा जाता है, लेकिन कानूनी तौर पर दोनों अलग मामले हैं।  अब अगली सुनवाई कब होगी? राउज एवेन्यू कोर्ट ने 3 अक्टूबर 2026 को अगली सुनवाई की तारीख तय की है. अब अदालत में मामले की ट्रायल प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।   

जोखिमपूर्ण भवनों की जांच में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, जिम्मेदारों की तय होगी जवाबदेही: CM साय

जोखिमपूर्ण भवनो की जांच में होगी लापरवाही, तो तय होगी जवाबदेही – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय छात्रों और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, संभावित खतरों की पहले पहचान कर करें प्रभावी कार्रवाई : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टर-एसपी को दिए स्पष्ट निर्देश: घटना होने का इंतजार नहीं, संभावित जोखिमों की पहचान कर समय रहते करें कार्रवाई सभी जिलों में हॉस्टल, पीजी, कोचिंग सेंटर, स्कूल और बड़े शैक्षणिक भवनों का तत्काल निरीक्षण एवं सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश जर्जर और जोखिमपूर्ण भवनों की वास्तविक स्थिति का करें आकलन, विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े मानकों के पालन में नहीं हो कोई शिथिलता अवैध और मिलावटी शराब के खिलाफ पुलिस, आबकारी और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से चलाएं अभियान दूसरे राज्यों से अवैध शराब की आवक रोकने सीमावर्ती क्षेत्रों और परिवहन मार्गों पर बढ़ाएं निगरानी रायपुर   विद्यार्थियों और नागरिकों के जीवन की सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन की जिम्मेदारी केवल किसी घटना के बाद कार्रवाई करने तक सीमित नहीं है, बल्कि संभावित खतरों की पहले से पहचान कर उन्हें दूर करना भी हमारी जिम्मेदारी है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी संभागायुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी जिलों में हॉस्टल, पीजी, कोचिंग सेंटर, स्कूल तथा बड़े शैक्षणिक भवनों का तत्काल निरीक्षण एवं सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश देते हुए कहा कि जहां भी सुरक्षा संबंधी कमियां सामने आएं, वहां समय-सीमा निर्धारित कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित कराया जाए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहा कि वे अपने-अपने जिलों में स्वयं इसकी नियमित निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि शासन के निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर दिखाई दे। मुख्यमंत्री साय ने स्कूलों, पुस्तकालयों, छात्रावासों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर स्थित पुराने एवं जर्जर भवनों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे भवन, जिनकी स्थिति जोखिमपूर्ण है अथवा जिनसे किसी प्रकार की जनहानि की आशंका हो सकती है, उनकी पहचान कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान हो और दुर्घटना की आशंका को पहले ही समाप्त कर दिया जाए। विशेष रूप से बच्चों और विद्यार्थियों से जुड़े संस्थानों में सुरक्षा मानकों के पालन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिलों में सुरक्षा से संबंधित निरीक्षण की प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए। केवल शिकायत अथवा दुर्घटना सामने आने के बाद कार्रवाई करने की प्रवृत्ति के स्थान पर सतत निगरानी और समय रहते सुधार की कार्यसंस्कृति विकसित करनी होगी। अवैध और मिलावटी शराब के विरुद्ध प्रदेशभर में सख्त अभियान चलाने के निर्देश मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को अवैध एवं मिलावटी शराब के निर्माण, बिक्री, भंडारण और परिवहन के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आबकारी विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। जिन क्षेत्रों अथवा स्थानों पर अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, बिक्री या मिलावट की आशंका हो, वहां संयुक्त टीमों के माध्यम से छापेमारी की जाए। सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ाएं निगरानी, दूसरे राज्यों से अवैध शराब की आवक पर लगे प्रभावी रोक उन्होंने पुलिस और आबकारी विभाग को सूचनाओं का नियमित आदान-प्रदान करते हुए संयुक्त रूप से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के निर्माण अथवा मिलावट में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। लापरवाही पर तय होगी अधिकारियों की जवाबदेही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासन द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा उदासीनता सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया कि बैठक में दिए गए निर्देशों पर तत्काल अमल शुरू किया जाए तथा जिलों में की गई कार्रवाई की नियमित समीक्षा भी सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर मुख्य सचिव विकास शील, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, वन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, संयुक्त सचिव प्रभात मलिक सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

अल्पसंख्यक कार्य मंत्री माननीय किरेन रिजीजू जी से मिर्ज़ा एजाज़ बेग ने की सौजन्य भेंट

अल्पसंख्यक कार्य मंत्री माननीय किरेन रिजीजू जी से मिर्ज़ा एजाज़ बेग ने की सौजन्य भेंट हज 2027 की प्रतीक्षा सूची को कन्फर्म करने का किया निवेदन  रायपुर  केन्द्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री, भारत सरकार माननीय किरेन रिजीजू जी से आज नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के चेयरमेन (राज्य मंत्री दर्जा) मिर्ज़ा एजाज़ बेग ने सौजन्य भेंट की। भेंट के दौरान बेग ने मान. मंत्री जी को हज 2026 के सफलता पूर्वक संपादन की बधाई देते हुए  इस वर्ष हज के दौरान हाजियों को उपलब्ध कराई गई  व्यवस्थाओ के लिए आभार व्यक्त किया। बेग ने मान. मंत्री जी से राज्य के हज यात्रियों की व्यवस्थाओ पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। बेग ने बताया कि ऑनलाइन हज आवेदन हेतु हज यात्रियों की सुविधा हेतु हज कमेटी के कार्यालय में पृथक से एक काउंटर की व्यवस्था की गई, जहां से बड़ी संख्या में आवेदन किए गए। राज्य के लोगों को हज संबंधी अधिक से अधिक जानकारी देने के उद्देश्य से विगत दिनों छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी की वेबसाइट का शुभारंभ किया गया है। बेग ने केन्द्रीय मंत्री रिजीजू से हज 2027 हेतु राज्य की समस्त हज प्रतीक्षा सूची को कन्फर्म करने, की प्रमुखता से मांग रखी। माननीय मंत्री जी ने प्रतीक्षा सूची को कन्फर्म करने हेतु आश्वासन दिया है। बेग ने बताया कि विगत वर्षों की तुलना में आगामी हजयात्रा हेतु सर्वाधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। उनमें अधिकांश कन्फर्म भी हुए हैं। केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा हजयात्रा हेतु उपलब्ध कराई जा रही व्यवस्थाओं और शासन द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाओं से हज यात्रियों में उत्साह है । माननीय मंत्री जी से भेंट के दौरान राज्य हज कमेटी के सदस्य मौलाना अमीर बेग भी उपस्थित थे।

‘नॉन-वेज बंद नहीं करेंगे’, दुर्गा पूजा समितियों ने धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी पर जताई नाराजगी

 नई दिल्ली 'दुर्गा पूजा में नॉन-वेज़ खाना बंगाल का कल्चर है और बिन बंगाली कल्चर समझे इस पर टिप्पणी भी गलत है।' दिल्ली की दुर्गा पूजा समितियों का यही मानना है। दिल्ली में 350 से ज्यादा दुर्गा पूजा समितियां नवरात्र में पूजा का पंडाल सजाती हैं। इन समितियों का कहना है कि वो बिन सोचे-समझे की गई किसी टिप्पणी पर दुर्गा पूजा में नॉन-वेज खाना बंद नहीं करेंगे। दरअसल बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की उस टिप्पणी ने बहस छेड़ दी है, जिसमें उन्होंने दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहार से बचने और पूजा पंडालों के आसपास नॉन-वेज की बिक्री ना करने की अपील की। दिल्ली के 'मिनी बंगाल' और दुर्गा पूजा के हब चितरंजन पार्क की मेला ग्राउंड दुर्गा पूजा समिति के असिस्टेंट ट्रेजरर अधिक मित्रा ने कहा कि दुर्गा पूजा हमारे लिए वो पल है जब हम मां दुर्गा का उनके मायके में वापस आने पर स्वागत करते हैं। पांच दिन वो हमारे घर में रहती हैं और हम उनकी देखभाल एक प्यारी बेटी की तरह करते हैं। मां को भोग में खिचड़ी, लूची, पायेश,… चढ़ाया जाता है, जो सात्विक और शाकाहारी होता है। बाकी परिवार के लिए माछ-भात और मटन पकता है, वह खास बंगाली अस्मिता है। खुद भी आएं, दूसरों को भी लाएं दिल्ली की अरामबाग दुर्गा पूजा समिति के प्रेजिडेंट अभिजीत बोस ने कहा कि यह पूर-नस्ल वेज़ और नॉन-वेज़ के नाम पर माहौल खराब करने का है। धीरेंद्र शास्त्री का बयान बिल्कुल गलत है। उन्हें बंगालियों की दुर्गा पूजा के बारे में पता ही नहीं है। वह हमारी पूजा की तुलना नॉर्थ की नवरात्र की पूजा से कर रहे हैं, जबकि हमारी पूजा का नेचर ही अलग है। बंगाल में पूजा में बलि दी जाती है। दिल्ली में यह नहीं होता तो यहां हम मां को फल, सब्ज़ी यह सब बलि के रूप में देते हैं। ऊपर से भोग में प्याज़-लहसुन तक नहीं होता। पंडाल के बाहर ग्राउंड में हम नॉन-वेज़ स्टॉल लगाते हैं क्योंकि बंगाली नॉन-वेज खाते हैं। मंडप के बाहर होती व्यवस्था मिलनी कल्चरल एंड वेलफेयर समिति की दुर्गा पूजा के प्रेजिडेंट मृणाल बिश्वास ने कहा कि हमारी पूजा मंडप के अंदर वेज़ तक खाने की इजाज़त नहीं होती। मंडप के बाहर वेज़, नॉन वेज़ दोनों खाने की व्यवस्था होती है। मैं खुद वेज़ हूं मगर दुर्गा पूजा में नॉन-वेज़ ना मिले, यह तो थोपने वाली बात है। बंगाल में तो काली पूजा में मछली का भोग लगता है क्योंकि बंगाल की ज्योग्राफी में नदी है, तो मछली उनका खाना है। नई दिल्ली काली बाड़ी के प्रेजिडेंट डॉ सुब्रतो गांगुली ने कहा कि नॉन-वेज़ की बहस में दिल्ली की कोई भी पूजा समिति नहीं फंसेगी। बयान ही नासमझी का है। नॉर्थ-इंडिया के ट्रेडिशन को पूरे भारत में कैसे लागू किया जा सकता है?

30 सितम्बर तक सभी विभागों में लागू होंगे ई-एचआरएमएस और डीई पोर्टल

30 सितम्बर तक सभी विभागों में लागू होंगे ई-एचआरएमएस और डीई पोर्टल भोपाल  प्रदेश के शासकीय सेवकों के लिए मानव संसाधन प्रबंधन के लिए ई-एचआरएमएस एवं विभागीय जाँच प्रकरणों के प्रबंधन के लिए डीई पोर्टल से संबंधित प्रकरणों के एंड-टू-एंड ऑनलाइन वर्कफ्लो की सुविधा प्रदान किए जाने का राज्य-शासन द्वारा निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत समस्त विभागों द्वारा उक्त पोर्टलों को अपनाया जाएगा, जो आईएफएमआईएस स्पैरो (IFMIS,SPARROW) एवं अन्य कर्मचारी-संबंधी पोर्टलों के साथ एकीकृत है। सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागवार प्रशिक्षण कार्यक्रम निर्धारित किए जाने एवं इन पोर्टलों की प्रगति का नियमित अनुश्रवण करने के निर्देश दिए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश अनुसार इन पोर्टलों को समस्त विभागों एवं उनके अधीनस्थ क्षेत्रीय कार्यालयों में अपनाए जाने की सलाह दी गई है। नियुक्ति से सेवानिवृत्ति तक कर्मचारियों के संपूर्ण सेवा-जीवन चक्र का सुव्यवस्थित एवं एकीकृत प्रबंधन सुनिश्चित होगा। अवकाश, भ्रमण, सूचनाओं एवं अन्य सेवा-संबंधी अनुमतियों के निराकरण में समय एवं कार्यभार में कमीं आएगी तथा निर्णय प्रक्रिया अधिक त्वरित एवं पारदर्शी होगी। पदोन्नति, परिवीक्षाधीन अधिकारियों/कर्मचारियों की सेवाओं की पुष्टि एवं अन्य स्थापना-संबंधी प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण में सुविधा होगी। स्थानांतरण, पदस्थापना एवं अन्य संवर्ग (कैडर) प्रबंधन संबंधी कार्य अधिक प्रभावी एवं सुव्यवस्थित हो सकेंगे। प्रत्येक अधिकारी/कर्मचारी को अपनी सेवा संबंधी समस्त जानकारी, जैसे सेवा-वृत्त, जी.पी.एफ. शेष राशि, वेतन पर्ची, अवकाश विवरण आदि का समेकित डिजिटल प्रोफाइल उपलब्ध होगा। वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन (एसीआर/एपीएआर) के प्रबंधन एवं अनुश्रवण की प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित होगी। विभागीय जाँच प्रकरणों के पंजीयन से अंतिम निर्णय तक उनकी ऑनलाइन मानीटरिंग एवं ट्रैकिंग की प्रभावी व्यवस्था उपलब्ध होगी। 30 सितम्बर 2026 तक उक्त पोर्टलों को अपनाये जाने संबंधी समुचित कार्यवाही किए जाने की अपेक्षा की गई है।  

गोमतीनगर से पिकप भवन जाना हुआ आसान, लखनऊ में नई यू-टर्न व्यवस्था लागू

लखनऊ यूपी की राजधानी लखनऊ में गोमतीनगर से पिकप भवन, विभूति खंड, लोहिया हास्पिटल जाने के लिए पॉलीटेक्निक चौराहा तक वाहन चालकों को अब लंबा चक्कर लगाना नहीं पड़ेगा। चौराहे पर ट्रैªफिक दबाव कम करने और उल्टी दिशा से गुजरने वाले वाहनों चालकों पर लगाम कसने के लिए यातायात पुलिस ने बुधवार को नया प्रयोग लागू किया है। वेब मॉल के सामने मुख्य मार्ग पर डिवाइडर पर कट बनाकर दो यू-टर्न बनाए गए हैं। अभी तक जल्दबाजी में वाहन चालक पिकप भवन से पॉलिटेक्निक चौराहे पहुंचने के लिए उल्टी दिशा से गुजरते थे। जिसकी वजह से दुर्घटना की संभावना और चौराहे से आने वाला ट्रैफिक प्रभावित होता था। वहीं गोमतीनगर से पिकप भवन की ओर जाने के लिए वाहन चालकों को पॉलीटेक्निक चौराहा या मुहाने पर बने यू-टर्न से मुड़ना पड़ता था। नई व्यवस्था के तहत वाहन चालकों लंबा चक्कर लगाना नहीं पड़ेगा। इसके अलावा पॉलीटेक्निक चौराहे पर ट्रैफिक दबाव भी कम होगा। टीआई कृष्णपाल सिंह ने बताया कि प्रयोग के तौर पर नई व्यवस्था लागू की गई है। सफलता मिलने पर इसे स्थाई कर दिया जाएगा। हालांकि बुधवार को पहले दिन वाहन चालक थोड़ा कंफ्यूज दिखे। ट्रैªफिक कर्मियों ने लाउड हेलर के जरिए वाहन चालकों को यू-टर्न से गुजरने के लिए जागरूक करते नजर आए। बंद होगा चौराहे से सटा यू टर्न पॉलीटेक्निक चौराहे से ठीक पहले पूर्व में बनाया गया यू टर्न बंद कर दिया जाएगा। इसकी वजह यह है कि इस यू टर्न में दोनों ओर से वाहन आ जा रहे थे। दूसरा, जिनको पेट्रोल पम्प वाली सर्विस लेन में जाना होता था वो मार्ग अवरुद्ध कर दे रहे थे। ऐसे में मुंशीपुलिया और निशातगंज की ओर से आ रहे कुछ ही वाहन सिग्नल ग्रीन रहते निकल पाते थे। इसके अलावा यू टर्न पर आए दिन हादसे हो रहे थे। ऐसे गुजरेंगे वाहन डीसीपी ट्रैफिक रवीनी त्यागी ने बताया कि राम मनोहर लोहिया अस्पताल, पिकप भवन से पॉलिटेक्निक चौराहे जाने वाले वाहन वेब सिनेमा के सामने बने कट से मुख्य मार्ग पर पहुंचेंगे। फिर मुख्य मार्ग पर बनाए गए यू-टर्न से होकर पॉलिटेक्निक चौराहा जा सकेंगे। गोमतीनगर से पिकप भवन, राम मनोहर लोहिया अस्पताल की ओर जाने वाले वाहन मुख्य मार्ग पर बने यू-टर्न लेकर पॉलिटेक्निक की ओर से आ रहे मार्ग पर पहुंचेगे। फिर वेब सिनेमा के सामने डिवाइडर से कट से सर्विस लेन पर पहुंचेगें।

मानसून की विदाई से पहले झमाझम बारिश, राजस्थान के 25 से ज्यादा जिलों में येलो अलर्ट

जयपुर  मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर राजस्थान में अच्छी बारिश का दौर आने वाला है। एक साथ सक्रिय कई मौसम प्रणालियों के प्रभाव से 11 से 15 सितंबर तक प्रदेशभर में अच्छी बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है तो कहीं झमाझम बारिश होने के आसार है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून का अंतिम दौर प्रदेशवासियों लिए राहत देने वाला हो सकता है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश से जलभराव की समस्या भी बन सकती है। मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में राजस्थान के अधिकांश भागों में शुष्क पश्चिमी हवाएं प्रभावी है। हालांकि, बंगाल की खाड़ी से लगे उत्तरी आंध्रप्रदेश तथा दक्षिणी उड़ीसा तट के आसपास 11 सितंबर को नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। ऐसे में पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, जयपुर, कोटा संभाग के कुछ भागों में बारिश का एक नया दौर शुरू होगा साथ ही 12 से 15 सितंबर के दौरान जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर संभाग के कुछ और भागों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। 13-14 सितंबर को कोटा संभाग व आसपास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, बीकानेर संभाग के जिलों में 13 से 15 सितंबर को छुटपुट स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। जानें: 11-12 और 13 सितंबर को कहां कहां बारिश की चेतावनी 11 सितंबर: मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार नया कम दबाव का क्षेत्र बनने 11 सितंबर को बारां, भरतपुर, धौलपुर और करौली में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने इन जिलों में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी ​किया है। 12 सितंबर: मौसम विभाग ने अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, करौली, कोटा, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूम्बर, सवाई माधोपुर, सिरोही, टोंक, उदयपुर और पाली जिले में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। 13 सितंबर: अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूम्बर, सवाई माधोपुर, सिरोही, टोंक, उदयपुर, जालोर और पाली जिले में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

जिले के शासकीय छात्रावासों में बच्चों का होगा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण

जिले के शासकीय छात्रावासों में बच्चों का होगा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कलेक्टर ने सीएमएचओ को दिए आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करने के निर्देश ग्वालियर  जिले में जनजाति कल्याण विभाग के छात्रावासों के साथ-साथ सर्व शिक्षा अभियान अंतर्गत संचालित बालिका एवं बालक छात्रावासों में निवासरत बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जायेगा। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने स्वास्थ्य परीक्षण की नियमित व पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिए हैं। उन्होंने कहा है कि छात्रावासों में रहने वाले बच्चों के स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।     कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि छात्रावासों में माह में एक बार बालिकाओं का स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आवश्यकता अनुसार महिला चिकित्सक की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा है कि छात्रावासों के निकट स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अथवा अन्य शासकीय अस्पतालों के चिकित्सकों को भी नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के लिए जिम्मेदारी सौंपी जाए। उन्होंने हर छात्रावास में प्राथमिक स्वास्थ्य किट रखवाने के निर्देश भी दिए हैं।      बालिका छात्रावासों में महिला चिकित्सक द्वारा प्रतिमाह स्वास्थ्य परीक्षण के साथ ही हीमोग्लोबिन टेस्ट एवं आंखों की जांच कराई जाएगी। प्रत्येक बालिका का स्वास्थ्य कार्ड तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही पुरानी बीमारी से पीड़ित बच्चों के उपचार की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी कलेक्टर ने दिए हैं।     स्वास्थ्य परीक्षण व्यवस्था की समीक्षा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी स्तर से की जाएगी। कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत द्वारा भी समय-समय पर इसकी समीक्षा करेंगे।  सर्व शिक्षा अभियान के तहत जिले में यहां संचालित हैं छात्रावास      सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत जिले में 4 कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय सह छात्रावास संचालित है, जो मोहनगढ़, गैडोलकला, मोहना व हस्तिनापुर में स्थित हैं। इसके अलावा रेंहट, सहराई, करहिया, अमरोल व घाटीगांव में बालिका छात्रावास विभाग द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। ग्वालियर शहर के अंतर्गत बालक छात्रावास पागनबीसी परिसर तिलक नगर, सेबेंथ बटालियन परिसर काली ब्रिज मुरार, सीडब्ल्यूएसएन बालक छात्रावास महलगांव तथा सीडब्ल्यूएसएन बालिका छात्रावास काल्पी ब्रिज मुरार क्षेत्र में संचालित हो रहे हैं।   

हरियाणा में सूखे नशे की चपेट में गांवों की लड़कियां, खाप ने दी चेतावनी- बर्बाद हो जाएंगे परिवार

जींद. नशा रोकने की मांग को लेकर दो सितंबर को नौगामा खाप ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात करने के बाद बुधवार को माजरा खाप ने भी एसपी कुलदीप सिंह से मुलाकात की। खाप पदाधिकारियों ने नशे पर रोक लगाने के लिए पुलिस से सहयोग मांगा। इस दौरान 15 सितंबर को गांव अशरफगढ़ में नशा मुक्ति को लेकर आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम के लिए एसपी को निमंत्रण दिया गया। एसपी कुलदीप सिंह ने कहा कि यदि खाप इस मामले में आगे आती हैं तो पुलिस के लिए नशा रोकना बड़ा काम नहीं है। नशा बिकता दिखे तो तुंरत करें शिकायत उन्होंने कहा कि यदि किसी के आसपास कोई नशा बेचता है तो उसकी तुरंत पुलिस को शिकायत दें। पुलिस अपने स्तर पर नशा रोकने का काम कर रही है। इसमें पंचायतों का भी सहयोग मिल जाए तो नशे पर जल्द काबू पाया जा सकता है माजरा खाप के प्रधान गुरविंदर सिंह सिंधु ने कहा कि खाप के कई गांवों में नशा काफी बिक रहा है। नशे के कारण कई परिवार बर्बाद हो चुके हैं और युवा पीढ़ी इसकी गिरफ्त में बुरी तरह फंस चुकी है। लड़कियां भी इससे अछूती नहीं रही हैं। उन्होंने कहा कि आज कोई गांव ऐसा नहीं है, जिसमें सूखा नशा न बिकता हो। समय रहते बच्चों को नहीं संभाला गया तो घर बर्बाद हो जाएंगे। प्रदेश में नशे के कारण काफी युवाओं की मौत हो चुकी है और नशे के कारण युवा वर्ग अपराध की तरफ बढ़ रहा है। पुलिस का हर तरह से खाप सहयोग करने को तैयार है। 15 सितंबर को होगा कार्यक्रम सिंधु ने बताया कि युवाओं को जागरूक करने और गांवों को नशे से दूर रखने के लिए 15 सितंबर को अशरफगढ़ में कार्यक्रम होगा। इसमें एसपी कुलदीप सिंह को मुख्यातिथि बनाया गया है। एसपी से मिलने वालों में महेंद्र सिंह सहारण, जयसिंह सैनी, रामफल गोयत, नवाब सिंह, रघुबीर नंबरदार, अमन पिलानियां, जगदीश और सरपंच फूल सिंह शामिल रहे। कल हैबतपुर सचिवालय में होगी बैठक माजरा खाप के प्रवक्ता समुंद्र सिंह फोर ने कहा कि युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में बुरी तरह फंस चुकी है और लड़कियां भी इससे अछूती नहीं हैं। उन्होंने कहा कि 15 सितंबर के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए 11 सितंबर को हैबतपुर गांव के सचिवालय में माजरा खाप की पंचायत होगी। इसमें 14 गांवों के मुख्य लोगों के साथ सभी गांवों के सरपंचों को भी बुलाया गया है। पंचायत में नशे के खिलाफ बड़ा फैसला लिया जाएगा।

बिहटा एयरपोर्ट की उड़ानों पर संकट, 460 करोड़ का टर्मिनल सिर्फ 2% बना

पटना  बिहार की राजधानी पटना से सटे बिहटा एयरपोर्ट से नागरिक विमानों की उड़ान की महत्वाकांक्षी परियोजना अधर में लटक गई है। दरअसल, बिहटा में एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन के निर्माण कार्यों को पूरा करने का जिम्मा जिस कंपनी को दिया गया था, उसने पूरी तरह से काम बंद कर दिया है। लगभग 460 करोड़ की लागत से टर्मिनल भवन के निर्माण का जिम्मा पिछले वर्ष अप्रैल में रूस की कंपनी ज्वाइंट स्टॉक कंपनी इंडस्ट्रियल एसोशिएशन बोजरोजदिनी को मिला था। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार अब तक टर्मिनल भवन का मात्र दो प्रतिशत काम ही हो सका है। मई से कंपनी ने मजदूरों और मशीनों को हटाना शुरू कर दिया था। पिछले एक माह से टर्मिनल भवन का काम पूरी तरह से ठप है। परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने एयरपोर्ट अथॉरिटी और इंडिया के केंद्रीय कार्यालय को वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया है। स्थानीय पदाधिकारी अब निर्माण परियोजना के संबंध में केंद्रीय निर्देशों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। बिहटा एयरपोर्ट के निर्माण का काम लेने वाले रूस की कंपनी ने तय लागत से 31 प्रतिशत कम की राशि पर निर्माण का जिम्मा दिया था। पूर्व से ही लेटलतीफ चल रही इस परियोजना को पूरा करने के लिए समयबद्ध तरीके से काम करने का निर्देश एएआई ने दिया था। आरंभ से ही कंपनी ने निर्माण कार्यों को लेकर धीमी गति रही। एक साल बीतने के बाद संबंधित एजेंसी ने टर्मिनल भवन का निर्माण कार्य पूरी तरह बंद कर दिया। फिलहाल मामले को लेकर स्थानीय अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं। इस परियोजना को 14 मार्च 2027 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। आईआईटी, एनआईटी सहित कई संस्थान हैं एयरपोर्ट के निर्माण की प्रतीक्षा स्थानीय लोगों के लिए दूसरे राज्यों के लोग भी कर रहे हैं। यहां आईआईटी, एनआईटी, एफडीडीआई, नाइलिट जैसे कई केंद्रीय शिक्षण संस्थान हैं जहां दूसरे राज्यों के छात्र पढ़ते हैं। पटना से बिहटा की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए दानापुर स्टेशन से बिहटा तक एलिवेटेड रास्ता भी तैयार किया जा रहा है। ऐसे में एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन का निर्माण बंद होने से परियोजना पूरा होने का इंतजार कर रहे लोगों को झटका लगा है। मामले में फिलहाल केंद्रीय मुख्यालय के निर्देशों की प्रतीक्षा है। 1413 करोड़ से अधिक की है परियोजना परियोजना पर 1400 करोड़ से अधिक की राशि खर्च की जानी है। दो मंजिला टर्मिनल भवन को 50 लाख सालाना यात्रियों की क्षमता का बनाया जाना तय हुआ है। दस विमानों के लिए पार्किंग, एयरोब्रिज, आवासीय परिसर, प्रशासनिक भवन, मल्टीलेबल कार पार्किंग व अन्य नागरिक सुविधाएं विकसित की जानी है। हालांकि परिसर में एप्रॉन का निर्माण कार्य जारी है। इसे 50 करोड़ से 15 महीने में पूरा करना था।