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एमडीए की बड़ी सौगात: सहयाद्रि योजना में आधुनिक सुविधाओं के साथ आवासीय विकास

मुरादाबाद यूपी में मुरादाबाद महानगरवासियों के लिए अच्छी खबर है। दिल्ली रोड व कांठ रोड के बीचो बीच विकसित की जा रही सहयाद्रि योजना सोमवार को लांच कर दी गई। योजना के तहत 18 मई से 17 जून तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। फेज-1 योजना में कुल 609 प्लॉट शामिल किए गए हैं। लाटरी के जरिए आवंटन किया जाएगा। सोमवार को योजना का मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह, डीएम राजेंद्र पैंसिया, एमडीए उपाध्यक्ष अनुभव सिंह व सचिव पंकज वर्मा के द्वारा विधिवत उद्घाटन किया गया। एमडीए अधिकारियों का कहना है कि बहुत जल्द योजना का फेस-2 भी लांच किया जाएगा। 54 एकड़ में विकसित की जाने वाली सहयाद्रि योजना में 609 प्लॉट के अलावा एक इंटर कालेज, एक जूनियर हाई स्कूल, दो नर्सरी स्कूल भी बनेंगे। एमडीए उपाध्यक्ष अनुभव सिंह ने बताया कि सहयाद्रि योजना के प्लॉटों का आवंटन लाटरी के द्वारा निकाला जाएगा। एक मुश्त धनराशि जमा करने पर चार से छह प्रतिशत की छूट भी पा सकते हैं। 24 पार्क किए जाएंगे विकसित, बनेगा हाईटेक एसटीपी प्लॉट मुरादाबाद। 26 साल बाद मात्र पांच माह के भीतर शहरवासियों को गोविंदपुरम और अब सहयाद्रि योजना की सौगात मिली है। इसका सीधा श्रेय मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह का कुशल नेतृत्व, विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अनुभव सिंह व सचिव एमडीए पंकज वर्मा के सराहनीय प्रयास को जाता है। यह होंगे सहयाद्रि योजना के आकर्षण – दो स्थानों पर स्पोर्ट्स सेंटरों का किया जाएगा निर्माण – योजना के दोनों भागों में विभिन्न आकार के आठ व्यवसायिक भूखंड शिक्षण संस्थानों के लिए रहेंगे। – योजना में आंगनबाड़ी केंद्र, पुलिस पोस्ट, पोस्ट ऑफिस, ई-सुविधा सेंटर, – बैंक, पब्लिक टॉयलेट, गारबेज कलेक्शन, इलेक्ट्रिक सब स्टेशन के साथ एसटीपी की भी व्यवस्था होगी। – पूरी योजना 350 करोड़ रुपये में विकसित की जाएगी, प्लॉटों की अनुमानित दर 39600 प्रति वर्ग मीटर निर्धारित की गई है। उपाध्यक्ष एमडीए, अनुभव सिंह ने कहा कि विकास प्राधिकरण का उद्देश्य केवल आवास उपलब्ध कराना नहीं है। बल्कि संपूर्ण आधुनिक शहरी जीवन शैली प्रदान करना है। सहयाद्रि योजना को एक आधुनिक एवं नियोजित आवासीय परिसर के रूप में विकसित किया जाएगा। मंडलायुक्त, आन्जनेय कुमार सिंह ने कहा कि सहयाद्रि योजना मंडल के नियोजित एवं संतुलित शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। वर्षों से लंबित इस क्षेत्र को दोबारा विकास की मुख्य धारा में लाना केवल एक परियोजना नहीं बल्कि संस्थागत प्रतिबद्धता एवं दूरदृष्टि का उदाहरण है। डेढ़ हजार रुपये निर्धारित किया गया आवेदन शुल्क एमडीए उपाध्यक्ष अनुभव सिंह ने बताया कि सहयाद्रि योजना में आवेदन करने के लिए 18 मई से 17 जून तक ऑन लाइन आवेदन कर सकेंगे। इच्छुक लोग जनहित पोर्टल तथा एमडीए की आधिकारिक वेबसाइट पर भी आवेदन कर सकेंगे। आवेदन शुल्क डेढ़ हजार निर्धारित किया गया है। विवाद के कारण 14 साल तक फंसी रही योजना करीब चौदह साल पहले ग्राम पंचायत सोनकपुर देहात के पास विभिन्न श्रेणियों के 434 आवास बनाकर योजना को लांच किया गया था। लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए बनाए गए रास्ते को लेकर कुछ किसानों से एमडीए का विवाद हो गया था। मामला कोर्ट में पहुंचने के बाद यह योजना लटक गई। वर्तमान में विभिन्न श्रेणियों के बने आवास जर्जर अवस्था में पहुंच गए हैं। बनाए गए आवासों को प्राधिकरण नए तरीके से सौंदर्यीकरण कराएगा। योजना में लागू होगा आरक्षण सहयाद्रि योजना में शासन की नीतियों के अनुसार आरक्षण भी लागू होगा। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन, सरकारी सेवाओं के कर्मचारी, रिटायर्ड सैनिक एवं अन्य पात्र वर्गों के लिए आरक्षण उपलब्ध रहेगा।

इलाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, मरीज रेफर करने पर कार्रवाई के संकेत

पटना. सम्राट चौधरी ने मंगलवार को सारण जिले के डुमरी बुजुर्ग में सहयोग शिविर का शुभारंभ किया। सरकार की प्राथम‍िकताएं ग‍िनाईं। अधिकारियों को साफ चेतावनी दी कि जनता की शिकायतों का समाधान 30 दिनों के भीतर नहीं होने पर संबंधित पदाधिकारी स्वत: निलंबित माने जाएंगे। दीप प्रज्वलित कर शिविर का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यभर में सहयोग शिविर की शुरुआत की जा रही है। 31 वें दिन स्‍वत: सस्‍पेंड होंगे अधिकारी इसके माध्यम से आम लोग सीधे अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे और उनकी मॉनिटरिंग सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से होगी। उन्होंने बताया कि 11 मई को सरकार ने सहयोग पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1100 जारी किया था। अब पंचायत स्तर पर हर महीने दूसरे और चौथे मंगलवार को सहयोग शिविर लगाए जाएंगे। जहां अंचल, ब्लॉक, शिक्षा, थाना समेत विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों का समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवेदन मिलने के 10 दिनों के भीतर संबंधित अधिकारी को पहला नोटिस जारी किया जाएगा। 20 दिन पूरे होने पर दूसरा नोटिस और 25वें दिन तीसरा नोटिस भेजा जाएगा। इसके बावजूद 30 दिनों में समस्या का समाधान नहीं होने पर 31वें दिन संबंधित अधिकारी स्वत: निलंबित हो जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार को समृद्ध बनाने का सपना देख रहे हैं। सहयोग शिविर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सोनपुर में होंगे विकास के कई कार्य मुख्यमंत्री ने सारण के विकास से जुड़ी कई बड़ी घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले इस क्षेत्र को गोद लेने की घोषणा की गई थी और अब यहां एयरपोर्ट तथा टाउनशिप का निर्माण किया जा रहा है। बाबा हरिहरनाथ के नाम पर टाउनशिप विकसित होगी। उन्होंने कहा कि पटना के मरीन ड्राइव की तर्ज पर छपरा में गंगा-अंबिका पथ का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही नोएडा की तर्ज पर आधुनिक शहर बसाने की योजना पर भी काम चल रहा है। राज्य में 211 स्थानों पर डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे। स्वास्थ्य व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुमंडल अस्पतालों के डॉक्टर सामान्य बीमारी में मरीजों को रेफर कर देते हैं, जो स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि अनावश्यक रेफर करने पर सिविल सर्जन पर कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 15 अगस्त तक जिला और अनुमंडल अस्पतालों में बेहतर इलाज की व्यवस्था उपलब्ध करा दी जाएगी।

राजस्थान में आम जनता पर महंगाई की मार, गैस के बाद अब पेट्रोल-डीजल महंगा

जयपुर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है. एक ही हफ्ते के भीतर दूसरी बार तेल कंपनियों ने दामों में बढ़ोतरी की है. मंगलवार (19 मई) सुबह नए रेट जारी होने के बाद जयपुर में पेट्रोल 109 रुपये के करीब पहुंच गया है. जबकि डीजल की कीमतें 94 रुपये के पार हो गई है. पेट्रोल 94 पैसे बढ़कर 108.94 और डीजल 91 पैसे बढ़कर 94.17 रुपये प्रति लीटर पहुंच गए है.   4 साल बाद पेट्रोल-डीजल ने फिर बढ़ाई चिंता करीब 4 साल बाद तेल की कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को मिला. इससे पहले अप्रैल 2022 में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े थे. मार्च 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले ₹2 की कटौती के चलते राहत भी मिली थी. लेकिन अब खाड़ी देशों में चल रहे तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी जारी है, जिसका असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दिख रहा है. शुक्रवार (15 मई) को जयपुर में पेट्रोल 3.25 रुपए और डीजल 3.02 रुपए महंगा हुआ था. गैस के बाद तेल के भाव से भी बिगाड़ेगा बजट तेल कंपनियों की ओर से लगातार बढ़ाए जा रहे दामों का असर सीधे आम लोगों के बजट पर पड़ रहा है. इससे पहले 2022 से पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बने हुए थे. मई के शुरुआत में 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर के दाम भी 993 रुपए बढ़ाए गए थे. इसके बाद से राजस्थान में कमर्शियल सिलेंडर का भाव 3099 रुपये पहुंच गया है.

पंजाब में बिजली व्यवस्था होगी सुरक्षित, खेतों से हटेंगे खुले तार; CM मान की बड़ी घोषणा

संगरूर. पंजाब के खेतों में बिजली के खंभों व ऊपर से गुजरने वाली तारों से किसानों को होने वाली परेशानियों को खत्म करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने पैतृक गांव सतोज से खेतों में बिजली की लाइनों को अंडरग्राउंड करने की महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत की। इस परियोजना पर करीब आठ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार के अनुसार सतोज गांव में करीब सात किलोमीटर लंबी हाईटेंशन लाइन तथा 9.5 किलोमीटर लो टेंशन बिजली लाइनों को जमीन के नीचे डाला जाएगा। इसके तहत खेतों में लगे बिजली के खंभों व खुली तारों को हटाकर आधुनिक अंडरग्राउंड केबल प्रणाली विकसित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने क्या कहा? मुख्यमंत्री ने कहा कि खेतों में बिजली की खुली तारों के कारण अक्सर शॉर्ट सर्किट या स्पार्किंग से फसलों में आग लगने की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। नई योजना से ऐसी घटनाओं पर काफी हद तक रोक लग सकेगी। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि यह परियोजना केवल सतोज तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि चरणबद्ध तरीके से पूरे पंजाब में लागू की जाएगी। इससे किसानों को सुरक्षित और बाधारहित खेती का वातावरण मिलेगा। खेतों में खंभों और तारों के हटने से कृषि कार्यों में भी सुविधा बढ़ेगी तथा आधुनिक मशीनों के उपयोग में आने वाली दिक्कतें कम होंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों को प्राथमिकता दे रही है और खेती को अधिक सुरक्षित, आधुनिक तथा सुविधाजनक बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू की जा रही हैं। ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ किसानों की जमीन को तारों और खंभों से मुक्त करना इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य है। गांव सतोज में इस योजना की शुरुआत को किसानों ने भी सराहा है। किसानों का कहना है कि अंडरग्राउंड बिजली व्यवस्था लागू होने से फसलें सुरक्षित रहेंगी और खेतों में काम करना पहले से अधिक आसान होगा।

तेज हवाएं और बारिश बढ़ाएंगी परेशानी, छत्तीसगढ़ में 48 घंटे का मौसम अलर्ट जारी

रायपुर. छत्तीसगढ़ में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भीषण गर्मी और उमस के बीच अब प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, तेज आंधी और गरज-चमक का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी और विदर्भ क्षेत्र में सक्रिय चक्रवाती सिस्टम का असर प्रदेश के मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है। इस बदलाव से तापमान में गिरावट और मौसम में नमी बढ़ने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। कई जिलों में हुई झमाझम बारिश पिछले 24 घंटों के दौरान रायपुर, बस्तर, दुर्ग, महासमुंद और आसपास के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। राजधानी रायपुर में शनिवार को 62.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि बस्तर संभाग के कई इलाकों में भी जोरदार बारिश हुई। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। दिनभर बादल छाए रहने और ठंडी हवाएं चलने से मौसम सुहावना बना रहा। ग्रामीण इलाकों में किसानों ने भी इस बारिश को राहत भरी बताया है। बिलासपुर सबसे गर्म, रायपुर में तापमान गिरा मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बिलासपुर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं राजधानी रायपुर में न्यूनतम तापमान 21.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश और बादलों की सक्रियता के कारण अगले कुछ दिनों तक तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है। इन मौसम प्रणालियों का दिख रहा असर मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और तमिलनाडु के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। इसके अलावा पश्चिम विदर्भ से मन्नार की खाड़ी तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जो लगातार नमी को मध्य भारत और छत्तीसगढ़ की ओर खींच रही है। इसी वजह से प्रदेश में बादलों का घना जमाव, गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां बढ़ गई हैं। अगले दो दिनों तक ऐसा रहेगा मौसम मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवाएं, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना बनी रहेगी। विभाग के अनुसार इस दौरान मौसम अचानक बदल सकता है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। विशेष रूप से लोगों को खुले क्षेत्रों, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि इस दौरान बिजली गिरने का खतरा अधिक रहता है। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम? राजधानी रायपुर में सोमवार को आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक दिनभर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवा चल सकती है। रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। शाम के समय मौसम में  बदलाव देखने को मिल सकता है। किसानों के लिए राहत, लेकिन सतर्कता जरूरी विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश गर्मी से राहत देने के साथ-साथ खरीफ सीजन की तैयारी कर रहे किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। हालांकि तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए सतर्कता बेहद जरूरी है।कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान खेतों में काम करने से बचें और बिजली कड़कने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहें। मौसम विभाग की अपील मौसम विभाग ने नागरिकों से आग्रह किया है कि बिजली चमकने के समय खुले स्थानों में न रहें, और पेड़ों तथा बिजली के खंभों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। तेज बारिश और आंधी के दौरान सुरक्षित जगहों पर शरण लेने की सलाह दी गई है, साथ ही मौसम से जुड़े ताज़ा अपडेट पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। विभाग के अनुसार, प्रदेश में यह बदला हुआ मौसम आने वाले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है।

महिला सुरक्षा से कुपोषण तक एक्शन प्लान तैयार, बस्तर बैठक में शाह ने दिए बड़े निर्देश

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के बस्तर में पहली बार मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक हुई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में जगदलपुर में हुई इस बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी।  बैठक में राज्यों के विकास के साथ-साथ गंभीर सामाजिक और सुरक्षा मुद्दों पर कड़े फैसले लिए गए हैं। बैठक में चारों राज्यों में अपराध नियंत्रण, विशेषकर महिलाओं के उत्पीड़न और रेप जैसे मामलों पर जल्द फैसले लेने पर चर्चा की गई। विकास, समन्वय और सीमावर्ती मुद्दों पर चर्चा मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में राज्यों के बीच आपसी समन्वय, कानून व्यवस्था, सीमा विवाद, परिवहन, बिजली, जल संसाधन और आंतरिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। नक्सल प्रभावित रहे इलाकों में संयुक्त रणनीति और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल पर भी फोकस रहा। बस्तर को नई पहचान देने की कोशिश बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक खत्म होने के बाद अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस पर नजरें टिकी हैं। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसके जरिए केंद्र सरकार बस्तर को लेकर अपना भविष्य का विजन और बड़ा रोडमैप देश के सामने रखेगी। इसके जरिए सरकार यह साफ संदेश देने की कोशिश कर रही है कि बस्तर अब केवल संघर्ष या नक्सलवाद की पहचान तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में यह अंचल पर्यटन, निवेश, तेज विकास और बड़ी प्रशासनिक गतिविधियों के एक नए और मजबूत केंद्र के रूप में उभरेगा, जिसकी शुरुआत इस सफल बैठक से हो चुकी है। वर्चुअल हो सकती थी बैठक- दीपक बैज बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक को लेकर PCC चीफ दीपक बैज ने तंज कसा। बैज के मुताबिक एक तरफ प्रधानमंत्री देश से पेट्रोल-डीजल बचाने और वर्क फ्रॉम होम करने का आह्वान करते हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके ही गृहमंत्री और मुख्यमंत्री उनकी बातों को हवा में उड़ा रहे हैं। जब केंद्रीय गृह मंत्रालय और सभी राज्यों के मुख्यमंत्री सचिवालयों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की हाईटेक सुविधाएं पहले से उपलब्ध हैं, तो इस बैठक को वर्चुअल भी किया जा सकता था।

सत्ता का सेमीफाइनल बने निकाय चुनाव, 105 नगर निकायों में पार्टियां झोंकेंगी पूरी ताकत

चंडीगढ़  पंजाब में 26 मई को होने वाले निकाय चुनाव सूबे में सियासी दलों की नब्ज टटोलेंगे। 105 नगर निकायों (नगर निगम, नगर परिषद व नगर पंचायत) के यह चुनाव पंजाब के कुल 117 में से 90 विधानसभा क्षेत्रों को प्रभावित करेंगे। इन हलकों के शहरी इलाकों के मतदाताओं पर किस दल की कितनी पकड़ है, चुनाव परिणाम के बाद यह तय हो जाएगा।  दरअसल, सभी राजनीतिक दल इन निकाय चुनावों को विधानसभा चुनाव से पहले सत्ता के सेमीफाइनल के तौर पर देखते हुए मैदान में उतरेंगे और जीत के लिए पूरी ताकत झोंकेंगे, क्योंकि आठ महीने बाद पंजाब में विधानसभा चुनाव होने हैं। ये चुनाव सभी दलों के लिए इसलिए अहम हैं, क्योंकि ये चुनाव सीधे तौर पर एक करोड़ से अधिक शहरी मतदाताओं और 90 हलकों की सियासत पर केंद्रित हैं। नामांकन प्रक्रिया खत्म चुनावी प्रक्रिया के तहत नामांकन प्रक्रिया खत्म हो चुकी है और अब दलों के जो मतदाता मैदान में हैं, उन्हें जितवाने के लिए पार्टी के रणनीतिकारों ने अपना काम शुरू कर दिया है। इस दौरान पिछले चुनावों की समीक्षा की जा रही है, तो वहीं वार्डवार मुद्दों की जमीन भी तैयार की जा रही है, क्योंकि कुछ कॉमन मुद्दों के साथ-साथ हर वार्ड के अलग-अलग मुद्दों पर चुनाव लड़ा जाना है। हालांकि भाजपा और आप अपनी केंद्र व प्रदेश स्तरीय नीतियों व एजेंडे को भी आगे रखेंगी, वहीं कांग्रेस और शिअद के निशाने पर आप सरकार रहेगी। सूबे में शहरी मतदाता अहम क्यों पंजाब में राजनीतिक दलों के लिए शहरी वोटर बहुत अहम माने जाते हैं, खासकर उन सियासी दलों के लिए जिनकी सियासत पंथक एजेंडे से ऊपर सूबे के विकास के इर्द-गिर्द घूमती है। भाजपा इन चुनावों को इसलिए खासा गंभीरता से ले रही है, क्योंकि अधिकतर गैर-सिख आबादी शहरों में ही बसती है, जिसे पंजाब में भाजपा अपनी ताकत मानती है। हालांकि भाजपा ने पिछले दिनों कुछ सिख व पंथक नेताओं को पार्टी में शामिल कर अपना फोकस सिख वोटरों पर भी बढ़ाया है, लेकिन पार्टी का मुख्य सियासी केंद्र गैर-सिख वोटर ही हैं। इसी तरह पंथक पार्टी शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की स्थिति ग्रामीण सिख वोटरों के बीच ठीक है। आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस की बात करें तो ये दोनों दल शहरों और ग्रामीण इलाकों में अपनी अच्छी पैठ रखते हैं। आप इस वक्त सत्तारूढ़ है, जबकि कांग्रेस विभिन्न धड़ों में बंटी हुई है। मतदाताओं का आशीर्वाद बढ़ाएगा मनोबल निकाय चुनाव में यह बात तो जाहिर है कि जिस दल को मतदाता जीत का आशीर्वाद देंगे, आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर उसका मनोबल बढ़ेगा। आप के लिए परिणाम यह भी तय करेंगे कि कहीं प्रदेश में सत्ता विरोधी लहर तो नहीं है, जबकि भाजपा को यह मालूम चल जाएगा कि पंजाब जीतने के लिए उनके प्रयासों और पार्टी की रणनीति को कितनी मजबूती मिली है। कांग्रेस यदि धड़ेबाजी में बंटी रही तो यह चुनाव पार्टी को एक और सबक देंगे, जबकि शिअद को इस बात का आभास हो जाएगा कि शहरी और गैर-सिख मतदाताओं में उनकी पहुंच कितनी है। 

अमरोहा में मुठभेड़ के बाद अपहृत युवक बरामद, दो बदमाश गोली लगने से घायल

अमरोहा यूपी के अमरोहा में रजबपुर पुलिस ने रविवार रात कालाखेड़ा के जंगल में हुई मुठभेड़ के बाद तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इनके कब्जे से दो दिन पूर्व अगवा किए गए युवक दीपांशु को सकुशल बरामद किया है। घेराबंदी के दौरान बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसकी जवाबी कार्रवाई में दो बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गए। पकड़े गए बदमाशों ने युवक को असली नोटों के बदले तीन गुना नकली करेंसी देने के जाल में फंसाकर अगवा किया था और परिजनों से पांच लाख रुपये की फिरौती मांग रहे थे। एसपी लखन सिंह यादव ने बताया कि शनिवार शाम रजबपुर क्षेत्र से मुस्तफापुर नवादा निवासी दीपांशु का अपहरण हुआ था। रविवार रात पुलिस को आरोपियों की लोकेशन कालाखेड़ा के जंगल में मिली। पुलिस की जवाबी फायरिंग में विजेंद्र सिंह प्रजापति और धर्मेंद्र घायल हो गए, जबकि उनके तीसरे साथी योगेश पाल को घेराबंदी कर दबोच लिया गया। गिरोह का चौथा सदस्य झम्मन फरार है। पुलिस ने मौके से घटना में प्रयुक्त कार, दो तमंचे और कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस पूछताछ में अपहरण की जो वजह सामने आई वह चौंकाने वाली है। मुख्य आरोपी धर्मेंद्र ने दीपांशु को झांसा दिया था कि उसके पास ऐसे नकली नोट हैं जिन्हें बाजार में कोई नहीं पकड़ सकता। यकीन दिलाने के लिए उसने दीपांशु को 500-500 के तीन असली नोट दिए और उन्हें नकली बताया। शनिवार को धर्मेंद्र ने उसे एक लाख के बदले तीन लाख रुपये देने का लालच देकर रजबपुर बुलाया और वहीं से उसे अगवा कर लिया। अपहरण के बाद रात भर पी शराब दो गाड़ियां बदलकर घूमते रहे अपहरण के बाद बदमाश दीपांशु को लेकर रातभर घूमते रहे। पुलिस को चकमा देने के लिए उन्होंने रास्ते में गाड़ी बदली और बोलेरो की जगह फ्रोंक्स कार का इस्तेमाल किया। आरोपियों के पास नकदी खत्म हुई तो उन्होंने दीपांशु के गाजियाबाद निवासी दोस्त को डरा-धमकाकर पांच हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए। पुलिस के मुताबिक, बदमाशों ने इन पैसों से रातभर शराब पी और उसका भुगतान दीपांशु के ही मोबाइल से किया। फिलहाल पुलिस फरार चौथे आरोपी की तलाश में दबिश दे रही है। बरेली और बिजनौर के लोग बन चुके थे शिकार मुठभेड़ में गिरफ्तार तीन बदमाशों का फिलहाल कोई अपराधिक रिकार्ड सामने नहीं आया है हालांकि पूछताछ के दौरान तीनों ने इसके पहले बरेली व बिजनौर में दो-तीन युवाओं से एक-दो लाख रुपये की धोखाधड़ी करना स्वीकार किया है। पुलिस के मुताबिक नकली नोटों का लालच देकर ये गिरोह युवाओं को अपने जाल में फंसाता था। रकम लेने के बाद नकली नोट देने के लिए समय ले लेते थे और बाद में पूरी रकम हड़प कर लेते थे। क्योंकि, मामला नकली नोटों से जुड़ा होता था लिहाजा पीड़ित शिकायत लेकर पुलिस तक जाने में झिझकते थे। इसी बीच इन लोगों ने अब दिपांशु को अपना शिकार बनाने का प्रयास किया लेकिन उसने एक लाख रुपये देने से पहले तीन लाख रुपये मांग लिए। इसी जिद पर बात बिगड़ गई। करीब 15 मिनट तक चली बहस के बाद बोलेरो सवार लोगों ने पैसे हड़पने के लिए दिपांशु को अगवा कर लिया। बताया जा रहा है कि फरार आरोपी झम्मन गाजियाबाद में ठेकेदारी करता है। इस काम को अंजाम देने के लिए धर्मेंद्र ने उसकी बोलेरो ली थी लेकिन दिपांशु के अपहरण के बाद जब काफी देर तक फिरौती मिलने की बात नहीं बनी तो झम्मन भांप गया कि पुलिस उनके पीछे पड़ चुकी है लिहाजा मां की तबियत खराब होने का बहाना किया और अपनी बोलेरो ले गया।

‘नशे पर लगाम, देश को सलाम’ अभियान के तहत दो अंतर-राज्यीय शराब सप्लायर गिरफ्तार

नई दिल्ली  द्वारका जिला पुलिस ने नशीले पदार्थों और अवैध शराब पर सख्ती करते हुए नया अभियान 'नशे पर लगाम, देश को सलाम' शुरू किया है। अभियान के तहत स्पेशल स्टाफ और एंटी-नारकोटिक्स सेल की टीमों ने संयुक्त कार्रवाई कर दो अंतर-राज्यीय अवैध शराब सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से 3850 क्वार्टर अवैध शराब बरामद की है और दो कारें भी जब्त कर ली हैं। 8 मई को द्वारका जिला पुलिस की टीमों ने दो अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की। नजफगढ़ थाना क्षेत्र में यूईआर दीचाऊं डिपो के पास कार से धर्मेंद्र (25 वर्ष, निवासी रोहतक, हरियाणा) को गिरफ्तार किया गया। उसकी कार से 2500 क्वार्टर अवैध शराब बरामद हुई। दूसरी कार्रवाई साईं बाबा मंदिर के पास हुई, जहां अमन (22 वर्ष, निवासी झिलमिल, शाहदरा) को एक कार के साथ 1350 क्वार्टर अवैध शराब के साथ पकड़ा गया। दोनों मामलों में नजफगढ़ पुलिस स्टेशन में दिल्ली आबकारी अधिनियम की धारा 33/38/58 (डी) के तहत अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। नशे पर वार द्वारका जिले के डीसीपी कुशल पाल सिंह (आईपीएस) के निर्देश पर शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर में अवैध शराब और नशीले पदार्थों की सप्लाई को पूरी तरह रोकना है। डीसीपी ने अपनी टीमों को सख्त निर्देश दिए हैं कि युवाओं को नशे की लत से बचाने और समाज को इस सामाजिक बुराई से मुक्त करने के लिए लगातार अभियान चलाए जाएं। पूछताछ में हुआ खुलासा कार्रवाई इंस्पेक्टर कमलेश कुमार के नेतृत्व में की गई। टीम में हेड कांस्टेबल प्रदीप, सुधीर, जयराम, जितेंद्र यादव, जयभगवान, विकास, गोपाल यादव और अन्य जवान शामिल थे। पूरे ऑपरेशन की देखरेख एसीपी (ऑपरेशंस) सुभाष मलिक ने की। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अवैध शराब को दिल्ली और आसपास के इलाकों में सप्लाई करने की बात स्वीकार की। अमन ने बताया कि माता-पिता के देहांत के बाद आसानी से पैसे कमाने के लिए वह इस धंधे में शामिल हो गया था। नशे पर सख्ती द्वारका जिला पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाई जाएगी। पुलिस का कहना है कि यह अभियान लगातार चलेगा और युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।  

बेटी बचाओ अभियान में ढिलाई पर बड़ा एक्शन, स्वास्थ्य विभाग ने 4 अधिकारियों को निलंबित किया

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने प्रदेश में गिरते लिंगानुपात और अवैध भ्रूण लिंग जांच के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में लापरवाही बरतने के आरोप में चार चिकित्सा अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सुमिता मिश्रा ने सोमवार को यह कार्रवाई की। निलंबित अधिकारियों में सोनीपत के सीएचसी पुरखास की वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. टीना आनंद, यमुनानगर के सीएचसी रादौर के एसएमओ डॉ. विजय परमार, रोहतक के सीएचसी चिड़ी के एसएमओ डॉ. सतपाल और नारनौल के सीएचसी सेहलंग की मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रभा शामिल हैं। सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान इन अधिकारियों को क्रमशः रोहतक, अंबाला, झज्जर और रेवाड़ी के सिविल सर्जन कार्यालयों से संबद्ध किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने इनके खिलाफ हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के नियम-7 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी है। आदेश में कहा गया है कि संबंधित अधिकारियों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया गया और उन्होंने राज्य में लिंगानुपात सुधारने से जुड़ी योजनाओं की प्रभावी निगरानी और क्रियान्वयन सुनिश्चित नहीं किया। गौरतलब है कि हरियाणा सरकार पिछले कुछ महीनों से अवैध लिंग जांच और कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान चला रही है। पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत लगातार छापेमारी, निगरानी और जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, ताकि बेटियों के जन्म अनुपात में सुधार लाया जा सके और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। ये अधिकारी हुए सस्पेंड एसीएम सुमिता मिश्रा द्वारा जारी निलंबन आदेश के तहत जिन अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है, उनके नाम इस प्रकार हैं: SMO डॉ. टीना आनंद SMO विजय परमार SMO सतपाल MO प्रभा