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राजनांदगांव में प्रस्तावित फर्टिलाइजर प्लांट बनेगा विकास का नया इंजन, उद्योग और रोजगार को मिलेगी गति: मुख्यमंत्री साय गैस आधारित फर्टिलाइजर प्लांट से बदलेगी राजनांदगांव की तस्वीर, औद्योगिक विकास के साथ बढ़ेंगे रोजगार के अवसर: CM साय

राजनांदगांव में प्रस्तावित गैस आधारित फर्टिलाइजर प्लांट से औद्योगिक विकास और रोजगार को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से की आत्मीय भेंट इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 सहित प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर हुई चर्चा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा अध्यक्ष  डॉ. रमन सिंह से उनके रायपुर स्थित निवास पर आत्मीय भेंट की। इस अवसर पर दोनों नेताओं के बीच राजनांदगांव में गेल (इंडिया) लिमिटेड के प्रस्तावित गैस आधारित फर्टिलाइजर प्लांट, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 तथा प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजनांदगांव में गेल (इंडिया) लिमिटेड का प्रस्तावित गैस आधारित फर्टिलाइजर प्लांट क्षेत्र के औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना साबित होगा। इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होने के साथ सहायक उद्योगों और व्यावसायिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे राजनांदगांव सहित आसपास के क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश में नई संभावनाओं वाले उद्योगों के विस्तार के साथ आधुनिक तकनीक और उच्च मूल्य आधारित विनिर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 इसी दिशा में छत्तीसगढ़ को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आधुनिक विनिर्माण के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने की महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ में बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं और निवेश के लिए नई संभावनाएं बनी हैं। हमारा प्रयास है कि प्रदेश में आने वाला निवेश स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, क्षेत्रीय विकास और आर्थिक समृद्धि का माध्यम बने। राजनांदगांव की प्रस्तावित फर्टिलाइजर परियोजना भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी।

पिज्जा रेस्टोरेंट की आड़ में चल रहा था ड्रग सिंडिकेट! अमेरिका में पंजाबी युवक गिरफ्तार, 40 किलो कोकीन जब्त

जालंधर अमेरिका के कैलिफोर्निया (California) में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट (Drug Syndicate) का पर्दाफाश करने का दावा किया है।पुलिस के अनुसार, पंजाब (Punjab) निवासी कवंलप्रीत पिज्जा रेस्टोरेंट (Pizza) की आड़ में कथित तौर पर कोकीन और अन्य नशीले पदार्थों की सप्लाई का नेटवर्क चला रहा था। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पिज्जा डिलीवरी की आड़ में ड्रग्स का कारोबार जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी पिज्जा बिजनेस और डिलीवरी नेटवर्क का इस्तेमाल कथित तौर पर ड्रग्स की सप्लाई के लिए करता था। पुलिस का आरोप है कि इस नेटवर्क के जरिए स्थानीय स्तर पर कोकीन और मेथ जैसे नशीले पदार्थ पहुंचाए जाते थे। बताया जा रहा है कि आरोपी ने धीरे-धीरे एक बड़ा सप्लाई नेटवर्क तैयार कर लिया था और इससे भारी रकम कमाता था। रेड में 40 किलो कोकीन, पिस्तौल और कैश बरामद गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी के घर और उससे जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई के दौरान करीब 40 किलो कोकीन, कई पिस्तौलें और बड़ी मात्रा में अमेरिकी डॉलर बरामद किए गए। हथियारों की बरामदगी ने जांच को और गंभीर बना दिया है। अधिकारियों को आशंका है कि ड्रग नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग भी इस अवैध गतिविधि में शामिल हो सकते हैं। अवैध तरीके से अमेरिका में रहने का भी आरोप जांच में आरोपी के अमेरिका (US) में अवैध तरीके से रहने की बात भी सामने आने का दावा किया गया है। पुलिस अब उसके इमिग्रेशन रिकॉर्ड के साथ-साथ कथित ड्रग नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। उम्रकैद तक की सजा का सामना कर सकता है आरोपी इतनी बड़ी मात्रा में कोकीन, हथियारों की बरामदगी और कथित ड्रग तस्करी के आरोपों के चलते आरोपी को अमेरिकी कानून के तहत गंभीर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। दोष सिद्ध होने पर उसे लंबी जेल की सजा, यहां तक कि उम्रकैद, और भारी आर्थिक दंड का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि अंतिम सजा अदालत के फैसले पर निर्भर करेगी। पुलिस अब कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने के लिए जांच और छापेमारी आगे बढ़ा रही है।

मोहसिन रजा को योगी सरकार ने दी नई जिम्मेदारी, यूपी अल्पसंख्यक आयोग की संभालेंगे कमान

लखनऊ यूपी के पूर्व मंत्री मोहसिन रजा को बड़ी जिम्मेदारी मिली है। मोहसिन रजा को यूपी अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। मोहसिन रजा इससे पहले वह योगी सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ और हज विभाग में राज्य मंत्री रह चुके हैं। मोहसिन रजा के साथ ही आयोग में आठ सदस्य भी नामित किए गए हैं। संदीप जैन, अंशुमान कुमार सिंह मैसी, हनप्रीत सिंह बेदी, मोहम्मद असलम, परविंदर सिंह, नेहा खान, सैयद सिराज अब्बास रिजवी और रूमाना सिद्दीकी को सदस्य बनाया गया है। मोहसिन रजा साल 2017 में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद उन्हें मंत्री बनाया गया था। अब पूर्व मंत्री मोहसिन रजा को उत्तर प्रदेश रअल्पसंख्यक आयोग की कमान दी गई है। कैबिनेट रैंक मिलने के साथ उनकी नई जिम्मेदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आपको बता दें कि नई जिम्मेदारी मिलने से कुछ समय पहले ही 12 अगस्त को मोहसिन रजा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में मोहसिन रजा ने उत्तर प्रदेश के वक्फ बोर्डों में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया था। इस दौरान मोहसिन रजा ने दोनों वक्फ बोर्ड की संपत्तियों की जिला स्तर पर एसआईटी जांच कराने की मांग उठाई थी। इन्हें मिली जिम्मेदारी मोहसिन रजा – लखनऊ संदीप जैन – कैलाशगंज चौक एटा अंशुमान कुमार सिंह मैसी – एनआईटी कैंपस लोधीपुर शाहजहांपुर हनप्रीत सिंह बेदी – लालबाग पचेंडा रोड गांधी कॉलोनी मुजफ्फरनगर मोहम्मद असलम – ग्राम पाउली फतेहपुर परविंदर सिंह – आलमबाग लखनऊ नेहा खान – ग्राम बूढ़नपुर कुर्की बाजार अकबरपुर अंबेडकरनगर सैयद सिराज अब्बास रिजवी – निजामाबाद आजमगढ़ रूमाना सिद्दीकी – लखनऊ कौन हैं मोहसिन रजा मोहसिन रजा ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत एमआरएफ पेस फाउंडेशन ( चेन्नई में स्थित ) से की थी। मोहसिन रजा रणजी ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया है। इसके अलावा मोहसिन रजा ने मॉडलिंग और फिल्म उद्योग में भी अपना करियर बनाया। उन्होंने डीडी नेशनल पर प्रसारित होने वाले टेलीविजन ड्रामा 'नीम का पेड़' में अभिनय किया । उन्हें 1995 में "प्रिंस लखनऊ" का खिताब भी मिला।इसके बाद 2013 में मोहसिन राज भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए और पार्टी के प्रवक्ता बने। 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत के बाद उन्हें राज्य मंत्री बनाया गया। अगस्त 2019 (उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल फेरबदल) में रजा को अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज राज्य मंत्री नियुक्त किया गया। मोहसिन रजा का जन्म 15 जनवरी 1968 को उन्नाव शहर में हुआ था। मोहसिन ज़मींदारों के एक परिवार से आते हैं। वे स्वर्गीय सैयद जिना रज़ा नक़वी के पुत्र हैं।

युवाओं के लिए सुनहरा मौका! जांजगीर में 10 सितंबर को रोजगार मेला, 12वीं-BE पास कर सकेंगे आवेदन

जांजगीर-चांपा. जिला रोजगार कार्यालय जांजगीर द्वारा शासकीय आईटीआई जांजगीर में गुरूवार 10 सितम्बर को प्रातः 11 से 3 बजे तक एक दिवसीय रोजगार मेला का आयोजन किया गया है. जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि जिसमें निजी क्षेत्र के 3 नियोजक उपस्थित रहेगें. कैरियर ट्री चेन्नई द्वारा ट्रेनी 150 पद, चैतन्य फाईनेंस इंडिया लिमिटेड रायगढ़ द्वारा कस्टमर रिलेशनशिप एक्जीक्टिव के 20 पद एवं भारतीय जीवन बीमा निगम नैला द्वरा बीमा सखी के 20 पदों पर भर्ती की कार्यवाही की जाएगी. उक्त पद हेतु शैक्षणिक योग्यता 10वीं, 12वीं, डिप्लोमा, इंजीनियरिंग, बीई निर्धारित किया गया है. चयनित उम्मीदवारों का कार्यक्षेत्र जांजगीर, सक्ती, डभरा, व अन्य राज्य चेन्नई होगा. इच्छुक युवा जो उक्त रोजगार मेला में शामिल होना चाहते है वे अपना समस्त शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्रों तथा जिला रोजगार कार्यालय के रोजगार पंजीयन कार्ड के साथ निर्धारित तिथि को उपस्थित होकर रोजगार मेला में शामिल हो सकते है. उपमुख्यमंत्री साव ने लोरमी को बड़ी सौगात लोरमी. डिप्टी सीएम के प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए लोरमी में जल और मृदा संरक्षण के लिए कुल 3 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से 27 विकास कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है. पर्यावरण उपकार निधि के तहत स्वीकृत किए गए इन सभी विकास कार्यों का मुख्य उद्देश्य लोरमी क्षेत्र में गिरते जल स्तर को सुधारना और मिट्टी के कटाव को रोकना है. स्वीकृत कार्यों में नदियों और नालों के पानी को रोकने के लिए 16 नए चेक डैम का निर्माण किया जाएगा. आवागमन व सुरक्षा के दृष्टिकोण से ग्रामीण संपर्क को सुचारू बनाने के लिए 5 नई पुलियों और तटबंध सुरक्षा के लिए रिटेनिंग वॉल का निर्माण होगा. इस प्रकार क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कुल 27 विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं. इन विकास कार्यों के शुरू होने से न केवल स्थानीय किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल मिलेगा, बल्कि भू-जल स्तर में भी सुधार होगा. इसके अलावा बारिश के दिनों में जलभराव और मिट्टी के कटाव जैसी समस्याओं से भी ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी. स्थानीय निवासियों और किसानों ने इस निर्णय के लिए खुशी जताते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव का आभार व्यक्त किया है.

निजी विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान परंपरा के विकास में निभाएं अहम भूमिका: राज्यपाल पटेल

हमारी ज्ञान परंपरा में व्यावहारिकता, गहनता और जीवन का दर्शन : राज्यपाल पटेल राज्यपाल भारतीय ज्ञान परंपरा के विकास में निजी विश्वविद्यालयों के योगदान विषय पर आयोजित कार्यशाला में हुए शामिल भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि भारतीय संस्कृति प्रकृति पूजक है। ब्रह्माण्ड के सूर्य, चन्द्रमा, ग्रह, नक्षत्र हमारी जीवन संस्कृति का अभिन्न अंग है। प्रकृति के पांचों तत्व वायु, अग्नि, जल, पृथ्वी और नभ हमारी दैनिक दिनचर्या में शामिल है। यह महान ज्ञान परंपरा अनंत काल से शाश्वत है। इसमें व्यावहारिकता, गहनता और जीवन का गूढ़ दर्शन है। जरूरी  है कि इस अद्भुत और गौरवशाली परंपरा को वर्तमान और भावी पीढ़ी तक सार्थक रूप से पहुंचाया जाए। आयोजक इस दिशा में बेहतर पारस्परिक समन्वय के साथ चिंतन करें, शोध और अनुसंधान को बढ़ावा दें। भारतीय ज्ञान परंपरा का निरंतर समृद्धता में योगदान करें। राज्यपाल पटेल मंगलवार को मध्‍यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग और निजी विश्वविद्यालय संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने की निजी विश्वविद्यालयों के माध्यम से की गई पहल के लिए आयोजकों को बधाई और शुभकामनाएं दी। कुशाभाऊ सभागार में आयोजित कार्यशाला का आयोजन ''भारतीय ज्ञान परंपरा के विकास में निजी विश्वविद्यालयों के योगदान'' विषय पर किया गया था। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री इंदर परमार भी मौजूद थे। विकसित भारत के लिए सक्षम और सामर्थ्यवान पीढ़ी तैयार करें : राज्यपाल राज्यपाल पटेल ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा का महान स्त्रोत हमारी वैदिक,   पौराणिक और प्राचीन संस्कृति है। रामायण और महाभारत जैसे ग्रंथ, ज्ञान, विज्ञान और संस्कार के अद्भुत भंडार है। इन ग्रंथों के प्रत्येक पात्र प्रेम, आदर, त्याग, स्वाभिमान, सम्मान और नैतिकता के आदर्श प्रतीक है। उन्होंने निजी विश्वविद्यालयों से अपेक्षा की है कि हमारी परंपरा और उसके ज्ञान तत्वों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने की ज़िम्मेदारी स्वीकारें। विद्यार्थियों को समाज के गरीब, पिछड़े, वंचित और कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील बनाएं। उन्हें विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सक्षम और सामर्थ्यवान बनाएं। उन्होंने कहा कि आयोजक नियमित रूप से ऐसे आयोजनों की समीक्षा के द्वारा भविष्य की चुनौतियों और उनके समाधान के प्रयास करें। वही विद्या सार्थक, जो अज्ञान, भय और बंधन से करें मुक्त : पटेल राज्‍यपाल पटेल ने कहा कि हमारी गुरु शिष्य परंपरा में शिक्षा केवल पाठ याद करना नहीं, बल्कि चरित्र, अनुशासन, आत्म निर्भरता और कर्तव्य बोध का विकास करना था। भारतीय ज्ञान परंपरा का गौरव, ऐसी उपलब्धियों में नहीं, बल्कि उस सोच में है, जिसने ज्ञान को मानव और समाज के हित से जोड़ा है। भारतीय ज्ञान परंपरा में शिक्षा की सार्थकता मनुष्य को अज्ञान, भय और बंधन से मुक्त करना और “सब सुखी हो” के लिए कार्य करना बताया है।   हमारी ज्ञान परंपरा में मानव कल्याण का महान ध्येय : राज्यपाल राज्‍यपाल पटेल ने कहा कि भारत केवल एक प्राचीन देश नहीं, ऐसी महान ज्ञान सभ्यता है, जिसका लक्ष्य सत्य, जीवन और लोक का कल्याण था। हमारी ज्ञान परंपरा में शिक्षा केवल सूचना पाना नहीं, बल्कि जीवन को समझकर मानवता के कल्याण के लिए सत्य की खोज करना था। उन्होंने कहा कि उपनिषदों में हमारी ज्ञान परंपरा की जिज्ञासा, वेदों में प्रकृति और ब्रह्मांड के प्रति सम्मान तथा हमारे दर्शन में जीवन के गहरे सवालों के चिंतन की महान विरासत मिलती है। चरक और सुश्रुत ने मानव स्वास्थ्य और चिकित्सा को व्यवस्थित ज्ञान के रूप में विकसित किया। कौटिल्य के अर्थशास्त्र में शासन, अर्थनीति, कूटनीति और समाज व्यवस्था पर गहरा चिंतन मिलता है, जिसकी प्रासंगिकता सर्वकालिक है। राज्‍यपाल पटेल ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। उनका मध्‍यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ. खेमसिंह डेहरिया और निजी विश्वविद्यालय संघ के अध्यक्ष डॉ. संजीव अग्रवाल ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। भारतीय ज्ञान परम्परा केवल पाठ्यक्रम नहीं, व्यावहारिक ज्ञान का सशक्त माध्यम : उच्च शिक्षा मंत्री परमार कार्यशाला में उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा केवल पाठ्यक्रम का विषय नहीं, बल्कि समाज जीवन में विद्यमान व्यावहारिक ज्ञान की समृद्ध परम्परा है। यह हमारे पूर्वजों का प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का भाव उनकी वैज्ञानिक एवं समग्र जीवन-दृष्टि की परिचायक है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने शिक्षा में भारतीय ज्ञान परम्परा के समृद्ध समावेश का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा को भारतीय दृष्टि एवं भारतीयता से जोड़ने के प्रयासों में सार्वजनिक और निजी विश्वविद्यालयों की सक्रिय और पारस्परिक सहभागिता आवश्यक है। जरूरी है कि इसका युगानुकूल परिप्रेक्ष्य में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ शोध, अनुसंधान एवं दस्‍तावेजीकरण किया जाए। सभी निजी विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान परम्परा के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष प्रकोष्ठ गठित करें। अपने पूर्वजों के ज्ञान को सहेजें और तथ्यों के आधार पर जीवनोपयोगी पाठ्य सामग्री तैयार करें। शिक्षा संस्कृति और उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल कोठारी ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत भारतीय ज्ञान परंपरा की दिशा में मध्‍यप्रदेश की कार्य प्रणाली की सराहना की। प्रदेश को राष्ट्रीय प्रयासों में अग्रणी बताया। निजी विश्वविद्यालयों के सहयोग से भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने की पहल को अनुकरणीय कहा। मध्‍यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी के संचालक अशोक कड़ेल ने हिन्दी ग्रंथ अकादमी द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित पाठ्यक्रम सृजन और प्रकाशन प्रयासों की जानकारी दी। कार्यशाला में उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा के भावी रोडमेप के लिए स्‍थानीयता और आधुनिकता का समन्वय प्रशिक्षण, शोध एवं अनुसंधान आधारित प्रमाणित पाठ्यक्रम, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा अत्यंत जरूरी है। कार्यशाला में स्वागत उद्बोधन निजी विश्वविद्यालय संघ के अध्यक्ष डॉ. संजीव अग्रवाल ने दिया। आभार निजी वि.वि. संघ के सचिव डॉ. अजीत सिंह पटेल ने व्यक्त किया। इस अवसर पर उच्‍च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी,  मध्‍यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के सदस्य, निजी विश्वविद्यालय संघ के पदाधिकारी, शिक्षाविद् उपस्थित थे।  

काले झंडे, कर्मचारियों का विरोध और स्कूलों से जुड़े मुद्दे… पंजाब में मान सरकार पर बढ़ी सियासी घेराबंदी

चंडीगढ़ पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले सामने आए कुछ विवादों ने सियासी रंग ले लिया है। राजनीतिक दल इन मुद्दों को जोर-शोर से उठा रहे हैं और इनके जरिये सरकार को घेरने के साथ चुनावी समीकरण साधने की कोशिश में हैं। खास बात यह है कि इनमें से कई मामलों पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने मुख्य सचिव, डीजीपी समेत अन्य अधिकारियों से जांच के बाद रिपोर्ट मांगी है। अमूमन विधानसभा चुनाव से पहले धरने और प्रदर्शन सियासी माहौल को गर्म करते हैं। राजनीतिक दल भी इन आंदोलनों को अपने एजेंडे से जोड़ते हैं। पंजाब में पिछले कुछ दिनों में सामने आए इन विवादों ने इस सिलसिले को और तेज कर दिया है। विपक्षी दल जहां इन्हें सरकार के खिलाफ माहौल बनाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं वहीं सरकार डैमेज कंट्रोल में जुटी है।  काला झंडा दिखाने से लेकर लाठीचार्ज तक मोहनजीत सिंह का मामला : सुनाम के शेरों गांव में मुख्यमंत्री की लोक मिलनी के दौरान नशे के खिलाफ आवाज उठाते हुए मोहनजीत सिंह ने छत पर खड़े होकर काला झंडा फहराया था। पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था। बाद में मोहनजीत ने पुलिस पर थर्ड डिग्री टॉर्चर का आरोप लगाया। भाजपा, शिअद और कांग्रेस के नेताओं ने उसका समर्थन करते हुए सरकार को घेरा। राज्यसभा सांसद तरुण चुघ की शिकायत पर आयोग ने मुख्य सचिव, डीजीपी, संगरूर एसएसपी और डीसी से तत्काल जांच कर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। पांच करोड़ के आरोप : मुख्यमंत्री की पत्नी के नाम पर दुराचार के आरोपी को बचाने के लिए कथित तौर पर पांच करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप लगा। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस रणजीत सिंह की शिकायत पर आयोग ने मुख्य सचिव और डीजीपी से जांच रिपोर्ट मांगी है। सफाई कर्मचारियों पर लाठीचार्ज : बरनाला में मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों पर पुलिस लाठीचार्ज के आरोप लगे। महिलाओं समेत प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग का आरोप है। आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए पूछा है कि लाठीचार्ज का आदेश किन परिस्थितियों में दिया गया और इसकी मंजूरी किस अधिकारी ने दी। घायलों की संख्या, चोटों की प्रकृति, चिकित्सा स्थिति और मुआवजे की जानकारी भी मांगी गई है। स्कूलों से छात्राओं और आवारा कुत्तों तक सीमावर्ती स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस : पंजाब के सीमावर्ती सरकारी स्कूलों में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस नहीं मनाने के आरोप लगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सरकार की ओर से मोर्चा संभाला। आयोग ने मुख्य सचिव से राज्य, जिला और स्कूल स्तर की कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। मोगा में छात्राओं से कथित उत्पीड़न : सरकारी स्कूल में छात्राओं से कथित यौन उत्पीड़न के मामले में आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया। मुख्य सचिव और मोगा एसएसपी को नोटिस जारी कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई। शिक्षा विभाग प्रधानाचार्य को निलंबित कर चुका है। रूपनगर में बच्ची की मौत : आवारा कुत्तों के हमले में आठ वर्षीय बच्ची की मौत के मामले में भी आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया। पंजाब में आवारा कुत्तों के आतंक और सरकार की ओर से उठाए गए कदमों पर मुख्य सचिव से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। इन मामलों को लेकर विपक्षी दल सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। चुनाव नजदीक आने के साथ इन विवादों के और सियासी मुद्दा बनने के आसार हैं।

सीएम बोले- कारीगर सिर्फ सप्लायर नहीं, ब्रांड ओनर और युवा जॉब सीकर नहीं, एंटरप्रेन्योर बनें

यूपी का मतलब अल्टीमेट पोटेंशियल, टेक्सटाइल सेक्टर बनेगा नई औद्योगिक ताकत: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीएम बोले- कारीगर सिर्फ सप्लायर नहीं, ब्रांड ओनर और युवा जॉब सीकर नहीं, एंटरप्रेन्योर बनें टेक्सटाइल सेक्टर में 5,196 करोड़ रुपये के नए निवेश प्रस्तावों के एमओयू, 163 करोड़ के लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी   कृषि के बाद सर्वाधिक रोजगार देने वाला सेक्टर है वस्त्र उद्योग, यूपी में दो लाख हैंडलूम और पांच लाख से अधिक पावरलूम बुनकर   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया दो दिवसीय यूपी टेक्सटाइल्स कॉन्क्लेव-2026 का उद्घाटन   यूपी टेक मित्र पोर्टल लॉन्च, हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना का भी किया शुभारंभ लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी का मतलब ‘अल्टीमेट पोटेंशियल’ है। उत्तर प्रदेश के पास विरासत, हुनर, मानव संसाधन, उद्योग, उद्यमिता और देश का सबसे बड़ा बाजार है। दुनिया की सबसे युवा वर्कफोर्स भी हमारे पास है। अब इसी ताकत के सहारे उत्तर प्रदेश को ग्लोबल टेक्सटाइल हब बनाना है। हमारा लक्ष्य फाइबर से यार्न, यार्न से फैब्रिक, फैब्रिक से गारमेंट और गारमेंट से ब्रांड होते हुए ग्लोबल मार्केट तक पूरी वैल्यू चेन प्रदेश में विकसित करने का है।   मुख्यमंत्री योगी मंगलवार को दो दिवसीय यूपी टेक्सटाइल्स कॉन्क्लेव-2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने यूपी टेक मित्र पोर्टल लॉन्च करने के साथ हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में टेक्सटाइल सेक्टर में 5,196 करोड़ रुपये के नए निवेश प्रस्तावों के एमओयू किए गए। साथ ही 163 करोड़ रुपये के लेटर ऑफ कम्फर्ट और 60 करोड़ रुपये की सब्सिडी का वितरण किया गया।   मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की टेक्सटाइल पहचान हजारों वर्षों पुरानी है। वैदिक साहित्य से लेकर रामायण और महाभारत तक काशी के रेशमी वस्त्रों का उल्लेख मिलता है। वाराणसी की सिल्क साड़ी, भदोही का कारपेट, लखनऊ की चिकनकारी, बरेली की जरी, कानपुर का टेक्सटाइल इकोसिस्टम और मेरठ में टेक्निकल टेक्सटाइल की संभावनाएं प्रदेश की विरासत और औद्योगिक क्षमता का प्रमाण हैं।   उन्होंने कहा कि प्रदेश में दो लाख हैंडलूम और पांच लाख से अधिक पावरलूम बुनकर इस सेक्टर की असली ताकत हैं। कृषि के बाद सर्वाधिक रोजगार का सृजन वस्त्र उद्योग करता है। उत्तर प्रदेश फैब्रिक मैन्युफैक्चरिंग में देश में तीसरे स्थान पर है और कुल फैब्रिक उत्पादन में उसकी हिस्सेदारी 13 से 14 प्रतिशत है। पिछले छह वर्षों में प्रदेश के वस्त्र, परिधान और हस्तशिल्प निर्यात में करीब 56 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यूपी इस सेक्टर में देश का चौथा सबसे बड़ा निर्यातक राज्य बन गया है। वर्ष 2025-26 में 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निर्यात के साथ गौतमबुद्ध नगर देश के प्रमुख निर्यातक जिलों में दूसरे स्थान पर पहुंचा है।   मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2030 तक 350 बिलियन अमेरिकी डॉलर की टेक्सटाइल एवं अपैरल इकोनॉमी और 100 बिलियन डॉलर के निर्यात का लक्ष्य रखा है। इस राष्ट्रीय संकल्प में उत्तर प्रदेश अपनी पूरी क्षमता से भागीदारी करेगा। ओडीओपी के माध्यम से प्रदेश के 35 से अधिक जिलों के वस्त्र और हैंडलूम उत्पादों को नई पहचान मिली है। प्रदेश के 17 टेक्सटाइल उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लाखों महिलाएं भी इस सेक्टर से जुड़कर आत्मनिर्भर हो रही हैं।   मुख्यमंत्री योगी ने पिछली सरकारों पर हमला करते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश की पहचान ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ की बन गई थी। कानून व्यवस्था चौपट थी। निवेशक व्यापार का सपना लेकर आता था और वसूली की पर्ची लेकर लौटता था। दंगे, कर्फ्यू, गुंडा टैक्स और माफिया के कारण उद्योग लगाना मुश्किल था। बिजली और विकास एक परिवार तक सीमित था। आज यूपी कर्फ्यू, दंगा, माफिया और उपद्रव से मुक्त है। उन्होंने कहा, “बेटी, व्यापारी या निवेशक की सुरक्षा में सेंध लगाने का दुस्साहस किया तो दो ही जगह होंगी, या जेल या जहन्नुम।”   उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था में बदलाव और निवेश अनुकूल नीतियों का परिणाम है कि आज प्रदेश के पास 36 सेक्टोरल पॉलिसी हैं। देश के 55 प्रतिशत मोबाइल और 60 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट का उत्पादन यूपी में हो रहा है। यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के छह स्ट्रेटेजिक नोड में 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। प्रदेश में एमएसएमई के 12 प्लेज पार्क भी तैयार हो रहे हैं।   मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि टेक्सटाइल इंडस्ट्री अब केवल धागे, कपड़े और फैशन तक सीमित नहीं है। डिफेंस, हेल्थकेयर, कृषि और स्पोर्ट्स जैसे क्षेत्रों में टेक्निकल टेक्सटाइल तेजी से उभर रहा है। इसलिए उत्तर प्रदेश को ट्रेडिशनल टेक्सटाइल से आगे बढ़कर टेक्निकल टेक्सटाइल में भी अपनी ताकत बढ़ानी होगी। पीएम मित्रा पार्क और संत कबीर टेक्सटाइल पार्क जैसी पहल इसी दिशा में आगे बढ़ रही हैं। वाराणसी, अमरोहा, बरेली, संतकबीरनगर और बिजनौर में परियोजनाओं के लिए भूमि आरक्षित की गई है। सीतापुर, मऊ, कानपुर, झांसी और रायबरेली में टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क के लिए भूमि चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। नोएडा को अपैरल सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है।   मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सरकार चाहती है कि एमएसएमई केवल सब-कॉन्ट्रैक्टर नहीं, ग्लोबल वैल्यू चेन के पार्टनर बनें। युवा केवल जॉब सीकर नहीं, टेक्सटाइल एंटरप्रेन्योर और इनोवेटर बनें तथा कारीगर केवल सप्लायर नहीं, अपने ब्रांड के मालिक बनें। ‘डिजाइन इन यूपी, मेड इन यूपी और एक्सपोर्टेड फ्रॉम यूपी’ के मंत्र से प्रदेश के हुनर को वैश्विक पहचान मिले। निफ्ट रायबरेली और उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट कानपुर युवाओं को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप तैयार कर रहे हैं।   मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यूपी आज पॉलिसी, इंफ्रास्ट्रक्चर, टैलेंट और मार्केट हर स्तर पर तैयार है। अब प्रदेश की सांस्कृतिक पूंजी को आर्थिक पूंजी में बदलना है। बुनकर का हुनर, उद्यमी का कारोबार, युवाओं का रोजगार, महिलाओं की भागीदारी, निवेश और निर्यात बढ़ाकर उत्तर प्रदेश को दुनिया के प्रमुख टेक्सटाइल केंद्रों में स्थापित किया जाएगा। कार्यक्रम में खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग मंत्री राकेश सचान, उत्तर प्रदेश ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव वस्त्र उद्योग अनिल कुमार सागर सहित देशभर के प्रमुख उद्यमी, निवेशक, निर्यातक और टेक्सटाइल सेक्टर के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

मध्य प्रदेश में 83.5% बारिश का कोटा पूरा, भोपाल समेत 12 जिलों में सामान्य से ज्यादा बरसा पानी; 4 दिन अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक औसतन 31.1 इंच (लगभग 791 मिमी) पानी बरस चुका है। यह आंकड़ा निर्धारित कोटे का 83.5 प्रतिशत है। सामान्य औसत 33.1 इंच के मुकाबले अभी करीब दो इंच की कमी बनी हुई है, जो कुल मिलाकर छह प्रतिशत कम है। प्रदेश के 12 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है। इनमें भोपाल, राजगढ़, शिवपुरी, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज और उमरिया शामिल हैं। इन क्षेत्रों में वर्षा का प्रतिशत 101 से 146 तक पहुंच गया है। मऊगंज जिले में सबसे अधिक करीब 53 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि आलीराजपुर में सबसे कम 13.6 इंच पानी गिरा। 12 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश भोपाल, राजगढ़, शिवपुरी, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज और उमरिया में सामान्य से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं उमरिया, अनूपपुर, आगर-मालवा, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, ग्वालियर, गुना, दतिया, खरगोन और बुरहानपुर में अब तक 90% से ज्यादा बारिश हो चुकी है। मऊगंज प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला है, जहां करीब 53 इंच पानी गिर चुका है, जबकि आलीराजपुर में सबसे कम 13.6 इंच बारिश दर्ज हुई है। 31 जिलों में 3 से 54% तक बारिश कम प्रदेश के कई जिलों में अब भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी नीचे है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में 3% से 23% तक कम बारिश हुई है। वहीं पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा समेत कई जिलों में सामान्य से 7% से 54% तक कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में बारिश से सुधरा आंकड़ा पिछले एक सप्ताह में पूर्वी मध्य प्रदेश के बारिश के आंकड़े में तेजी से सुधार हुआ है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में हाल के दिनों में तेज बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात भी बने। इसी वजह से पहली बार इस सीजन में पूर्वी हिस्से की बारिश सामान्य के आसपास पहुंची है और सोमवार तक यहां सामान्य से करीब 1% ज्यादा बारिश दर्ज की गई। 11 सितंबर तक इन संभागों में तेज बारिश मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक 11 सितंबर तक रीवा और शहडोल संभाग में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। प्रदेश के बाकी जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 12 सितंबर के बाद एक नया सिस्टम सक्रिय हो सकता है, जिसके असर से एक बार फिर पूरे प्रदेश में बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। इतने ही जिले बेहतर स्थिति में हैं, जहां 90 प्रतिशत से अधिक कोटा पूरा हो चुका है। इसके विपरीत 31 जिले अभी भी पिछड़े हुए हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश अपेक्षाकृत अच्छी रही, जबकि इंदौर-उज्जैन वाले पश्चिमी हिस्से में कमी ज्यादा नजर आ रही है। रीवा-शहडोल में जारी रहेगा बारिश का दौर मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के अनुसार 11 सितंबर तक रीवा और शहडोल संभाग में भारी वर्षा का क्रम बना रहेगा। अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 12 सितंबर के बाद नए सिस्टम के सक्रिय होने की संभावना है, जिससे पूरे प्रदेश में दोबारा बारिश का माहौल बन सकता है। जून में सूखा, जुलाई-अगस्त में अच्छी बारिश मौसम विभाग के अनुसार, जून में 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआती दिनों में तेज बारिश होने से यह बढ़ गया। इसके बाद मानसून दो बार ब्रेक हुआ और कई दिन तक बारिश नहीं हुई। आखिरी सप्ताह में फिर से स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। बावजूद इसके 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि, जुलाई और फिर अगस्त का भी फुल हो गया, लेकिन जून की भरपाई नहीं हो पाई। यही वजह से अब तक भी प्रदेश में 6 प्रतिशत कम पानी गिरा है। प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जिले की सामान्य बारिश 38 से 39 इंच तक है।  

झारखंड धाम परिसर में युवाओं ने चलाया वृहद सफाई अभियान

झारखंड धाम परिसर में युवाओं ने चलाया वृहद सफाई अभियान कौड़िया  उमरिया जिले के कौड़िया स्थित झारखंड धाम परिसर में सोमवार सुबह गांव के युवाओं ने एकजुट होकर वृहद श्रमदान एवं सफाई अभियान चलाया। कौड़िया एवं सलैया के युवाओं ने झारखंड धाम पहुंचकर पूरे परिसर सहित तालाब के आसपास साफ-सफाई की और स्वच्छता का संदेश दिया। इस दौरान युवाओं ने कहा कि गांव की स्वच्छता एवं ऐतिहासिक-धार्मिक धरोहरों की देखरेख किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी को मिलकर अपने आसपास के सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने के लिए आगे आना चाहिए। युवाओं ने संकल्प लिया कि भविष्य में भी गांव के रास्तों, नदी-तालाबों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई के साथ-साथ गांव के विकास कार्यों में इसी तरह एकजुट होकर श्रमदान किया जाएगा।

बिहान योजना ने दिया आजीविका का सहारा

बिहान योजना ने दिया आजीविका का सहारा मुर्गी पालन से दंतेवाड़ा की रामबती ने कमाए 25 हजार रुपये रायपुर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (‘बिहान’) के तहत संचालित इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर योजना छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में एक प्रभावी जरिया बन रही है। दंतेवाड़ा जिले के कुआकोंडा और दंतेवाड़ा विकासखंडों में बीते डेढ़ वर्षों से लागू इस योजना के जरिए लगभग 2,200 परिवारों को आजीविका के नए साधनों से जोड़ा जा चुका है। हिम्मत और मेहनत की मिसाल बनीं रामबती         दंतेवाड़ा जिले के कुआकोंडा विकासखंड के ग्राम मुड़ापारा की निवासी रामबती नाग ने इस योजना का लाभ उठाकर मुर्गी पालन की शुरुआत की। जिला प्रशासन के सहयोग से उन्हें जून माह में ₹80 प्रति चूजा की दर से 100 चूजे और दाना उपलब्ध कराया गया था। शुरुआती दौर में बीमारी के कारण करीब 25 से 30 चूजों की मृत्यु हो जाने से रामबती को झटका ज़रूर लगा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। बचे हुए चूजों का बेहतर रखरखाव और देखभाल करके उन्होंने अब तक करीब ₹25,000 की शुद्ध आय अर्जित कर ली है। रामबती अपने तैयार मुर्गों को ₹500 प्रति किलो की दर से बेचती हैं, जिनका औसतन वजन 1 से 3 किलोग्राम तक होता है। ब्रुडिंग केंद्रों से महिला उद्यमियों को दोहरा लाभ         योजना के अंतर्गत एक विशेष पहल भी शुरू की गई है, जिसमें क्लस्टर स्तर पर महिलाओं को उद्यमी के रूप में तैयार किया जा रहा है। ये महिला उद्यमी बाहर से क्रॉस असील प्रजाति के ज़ीरो-डे चूजे लाती हैं और ब्रुडिंग केंद्र में 15 दिनों तक उनका पालन-पोषण करती हैं। इसके बाद इन स्वस्थ चूजों को समूह की अन्य महिलाओं को सौंपा जाता है, जिससे तैयार करने वाली उद्यमी और पालन करने वाली महिला, दोनों को आय का अवसर मिल रहा है। 450 से अधिक ग्रामीण महिलाओं को मिला रोजगार         जिले के विभिन्न क्लस्टरों में अब तक लगभग 450 महिलाओं को मुर्गी पालन गतिविधि से जोड़ा गया है। महिलाओं को उनकी क्षमता और आवश्यकता के अनुसार 50 से 100 चूजे मुहैया कराए जाते हैं। बिहान योजना की इस पहल ने न केवल स्थानीय स्तर पर नियमित रोजगार उपलब्ध कराया है, बल्कि रामबती जैसी सैकड़ों ग्रामीण महिलाओं में आत्मविश्वास भरकर उन्हें आत्मनिर्भरता की राह पर खड़ा किया है।