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छत्तीसगढ़ी को आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की पहल तेज, सरकार ने उठाया सकारात्मक कदम

छत्तीसगढ़ी को आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए सकारात्मक पहल राज्यपाल रमेन डेका से छत्तीसगढ़ी भाषाविदों ने की भेंट रायपुर राज्यपाल रमेन डेका से आज लोक भवन में छत्तीसगढ़ी भाषाविदों ने भेंट कर छत्तीसगढ़ी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने तथा इसके संरक्षण, संवर्धन एवं विकास के संबंध में  चर्चा की। छत्तीसगढ़ी प्रदेश की राजभाषा एवं प्रमुख संपर्क भाषा           भाषाविदों ने राज्यपाल को छत्तीसगढ़ी भाषा की प्राचीनता, समृद्ध साहित्यिक परंपरा, व्याकरण, शब्दकोश एवं मानकीकरण की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ी प्रदेश की राजभाषा एवं प्रमुख संपर्क भाषा है और लगभग डेढ़ करोड़ लोग इसका प्रयोग करते हैं। छत्तीसगढ़ी भाषा के विकास और इसे आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की दिशा में सकारात्मक पहल           राज्यपाल डेका ने स्वयं पहल करते हुए इस विषय  पर सार्थक चर्चा की। छत्तीसगढ़ी भाषा के विकास और इसे आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की दिशा में सकारात्मक पहल करते हुए कहा कि इसके लिए एक समिति का गठन किया जाएगा। समिति द्वारा छत्तीसगढ़ी भाषा के इतिहास, साहित्य, व्याकरण, शब्दकोश एवं अन्य संदर्भ सामग्री का व्यवस्थित संकलन किया जाएगा। इसके लिए विषय के विद्वानों एवं विशेषज्ञों से आवश्यक जानकारी और सुझाव भी लिए जाएंगे। राज्यपाल ने इस संदर्भ में असमिया और बोडो भाषाओं को आठवीं अनुसूची में शामिल किए जाने का उदाहरण भी दिया। छत्तीसगढ़ी में 15 वीं शताब्दी से साहित्य सृजन की समृद्ध परंपरा         भाषाविदों ने बताया कि छत्तीसगढ़ी में 15 वीं शताब्दी से साहित्य सृजन की समृद्ध परंपरा रही है। कविता, खंडकाव्य, कहानी, उपन्यास, नाटक, आलोचना एवं पत्रकारिता सहित विभिन्न विधाओं में प्रचुर सामग्री उपलब्ध है। छत्तीसगढ़ी का व्याकरण वर्ष 1890 में तथा पहला शब्दकोश वर्ष 1939 में तैयार हुआ। वर्ष 1924 में पहला छत्तीसगढ़ी उपन्यास ‘हीरू के कहिनी’ प्रकाशित हुआ। पंडित सुंदरलाल शर्मा द्वारा जेल से हस्तलिखित छत्तीसगढ़ी पत्रिका ‘दुलरवा’ का प्रकाशन भी किया गया था। उन्होंने बताया कि प्रदेश के  विश्वविद्यालयों में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर छत्तीसगढ़ी का अध्ययन कराया जा रहा है तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत कक्षा पहली से आठवीं तक के पाठ्यक्रम में भी छत्तीसगढ़ी को शामिल करने की प्रक्रिया जारी है।          इस अवसर पर भाषाविद् डॉ. चित्ररंजन कर, डॉ. सुधीर शर्मा, छत्तीसगढ़ी साहित्यकार शीलकांत पाठक एवं श्रीमती अर्चना पाठक उपस्थित थीं।

दिल्ली वोटर लिस्ट पर बड़ा सवाल, हजारों नाम ड्राफ्ट रोल से गायब; ASDD सूची में भी गड़बड़ी

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में कई गड़बड़ियां सामने आ रही है। कुछ निजी समूह की ओर से किए गए री-वेरिफिकेशन में चौकाने वाले मामले सामने आए है। मंगोलपुरी में रहने वाले कामता प्रसाद ने वोटर लिस्ट में नाम कांता प्रसाद होने के चलते उसे बदलने के लिए आवेदन किया था। लेकिन, उसका निपटारा नहीं हो सका। जब ड्राफ्ट रोल जारी हुआ तो उन्हें मृतक की सूची में डाल दिया गया। अब वह समझ नहीं पा रहे हैं कि आगे क्या करें। 'जन सरोकार', 'एमकेएसएस' और 'वोटर अधिकार मंच' के बैनर तले वॉलंटियर्स ने वाई-ब्लॉक के 8 पोलिंग बूथों पर करीब 10 हजार वोटरों का घर-घर जाकर सर्वे किया। हाल में दिल्ली में चल रहे SIR में मिल रहीं गड़बड़ियां कुछ निजी समूह की ओर से किए गए री-वेरिफिकेशन में चौकाने वाले मामले सामने आए मंगोलपुरी में रहने वाले कामता प्रसाद के आवेदन को मृतक की सूची में डाल दिया गया। घर पर रह रहे लोगों को सरकारी कागज में शिफ्टेड दिखा दिया गया आयोजित एक सार्वजनिक सुनवाई के दौरान इस पीपुल्स ऑडिट की रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें खुलासा हुआ कि सैकड़ों ऐसे लोग जो अपने घरों पर रह रहे हैं, उन्हें सरकारी कागजों में शिफ्टेड दिखा दिया गया। कुछ को डेथ की सूची में भी डाला गया है। ऑडिट आंकड़ों के मुताबिक वाई ब्लॉक के लगभग 9,600 रजिस्टर्ड वोटरों में से सिर्फ 5,800 लोगों के नाम ही ड्राफ्ट SIR रोल में मिल सका। वहीं करीब 2,800 लोगों को एब्सेंट, शिफ्टेड, डेड या डुप्लीकेट (ASDD) की लिस्ट में डाल दिया गया, जबकि 1,800 से ज्यादा वोटर ऐसे निकले जिनका नाम न तो ड्राफ्ट रोल में था और न ही ASDD लिस्ट में, हालांकि उन्होंने 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में वोट डाला था। सुप्रीम कोर्ट में पीड़ितों ने अपनी आपबीती सुनाई जन सुनवाई के दौरान पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस मदन लोकुर, बेजवाड़ा विल्सन, एनी राजा और जनरल अनिल वर्मा समेत कई जानी-मानी हस्तियों की जूरी के सामने पीड़ितों ने अपनी आपबीती सुनाई। हाउस नंबर 2267 के निवासी कांता प्रसाद ने बताया कि वह पूरी तरह स्वस्थ है और पिछली बार वोट भी दिया था, लेकिन नाम सुधरवाने की अर्जी देने के बावजूद उन्हें वोटर लिस्ट में डेथ में दर्ज कर दिया गया। आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2025 में दिल्ली में 1.56 करोड़ वोटर थे, जो SIR शुरू होने तक घटकर 1.45 करोड़ रह गए, यानी सीधे 11 लाख से ज्यादा वोटरों के नाम कट गए। बीएलओ ने दूसरे फॉर्म तक नहीं दिए वोटर अधिकार मंच की एक अधिकारी ने बताया कि पूरी प्रक्रिया के दौरान बीएलओ पर सबकुछ निर्भर था। बीएलओ ने जिनके फॉर्म गुम हो गए, उन्हें दूसरे फॉर्म तक मुहैया नहीं कराए। अगर ड्राफ्ट रोल से पहले वॉर्ड कमेटियों या ग्राम सभाओं की मदद ली जाती, तो कई लोगों के बारे में सटीक जानकारी मिलती।

योगी के चेहरे पर चुनावी मैदान में उतरेगी BJP, इसी हफ्ते यूपी में शुरू होगा नेताओं का दौरा

पटना भारतीय जनता पार्टी ने यूपी विधानसभा चुनाव के लिए प्रदेश का सियासी माहौल गर्माने की तैयारी कर ली है। पार्टी इसी हफ्ते इसकी शुरुआत करने जा रही है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष राजधानी लखनऊ आएंगे। बीएल संतोष के साथ यूपी प्रभारी तावड़े भी दोबारा आएंगे। नितिन पश्चिमी यूपी से अपने दौरों की शुरुआत करेंगे। वहीं बीएल संतोष राजधानी लखनऊ में संगठनात्मक तैयारियों को परखेंगे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इसी माह केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का भी यूपी दौरा प्रस्तावित है। यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने सियासी बिसात बिछा दी है। पार्टी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चेहरे पर यह चुनाव लड़ने जा रही है। योगी भी बीते काफी समय से पूरी तरह चुनावी मोड में हैं। उन्होंने प्रदेश के मंडलों के साथ ही जिलों के भी ताबड़तोड़ दौरे किए हैं। उधर, संगठन की बात करें तो प्रदेश और क्षेत्रीय टीमों की घोषणा के बाद अब जल्द मोर्चों के गठन की तैयारी है। इसके साथ ही पार्टी बूथ और शक्ति केंद्र स्तर पर भी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की मुहिम चला रही है। बीएल संतोष तैयारियों का लेंगे जायजा प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े व सह प्रभारी जगदीश भाई पटेल का दो दिनी दौरा रविवार को ही खत्म हुआ। हालांकि यह दौरा परिचयात्मक होने तक ही सीमित रहा। इस दौरे में प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक भी नहीं हुई। अब 10 और 11 सितंबर को राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष का लखनऊ दौरा प्रस्तावित है। वे यहां संगठन के मोर्चे पर तैयारियों का जायजा लेंगे। खासतौर से मीडिया और सोशल मीडिया को लेकर बात करेंगे क्योंकि इधर, विपक्षी दलों की सक्रियता भी सोशल मीडिया पर काफी अधिक है। बीएल संतोष का दौरा पहले सात व आठ सितंबर को प्रस्तावित था किंतु अंतिम समय पर वह निरस्त हो गया था। नितिन पश्चिम क्षेत्र से करेंगे शुरुआत उधर, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन भी प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों का दौरा करेंगे। वे वहां सियासी आबोहवा का आकलन करने के साथ ही कार्यकर्ताओं में जोश भी भरेंगे। उनके इन दौरों की शुरुआत पश्चिम उत्तर प्रदेश से होने जा रही है। उनका दौरा इसी सप्ताह मेरठ से शुरू होने की चर्चा है। इसके अलावा गृहमंत्री अमित शाह भी अब यूपी का रुख करेंगे। उनका दौरा इसी माह प्रस्तावित है। अमित शाह वर्ष 2013 से लगातार यूपी में सक्रिय रहे हैं। यहां के प्रभारी भी रह चुके हैं। केंद्रीय नेतृत्व के दौरों को लेकर पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने तैयारी शुरू कर दी है।

रेडियोलॉजी कोर्स में फर्जीवाड़ा पड़ा भारी, MGM को छात्र के ₹39.94 लाख लौटाने का आदेश

रांची झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने कहा है कि कोई मेडिकल कॉलेज किसी छात्र से ऐसे पीजी कोर्स का बांड नहीं भरवा सकता, जिसकी मान्यता ही नहीं है। अदालत ने कहा कि जब दाखिला ही गलत और भ्रामक आधार पर दिया गया हो, तो उससे जुड़ा बांड भी कानूनन प्रभावी नहीं रह जाता। अदालत ने महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज (एमजीएम), जमशेदपुर को चिकित्सक से बांड और स्टाइपेंड के रूप में जमा 39,94,645 रुपये लौटाने का आदेश दिया है। साथ ही मानसिक परेशानी और करियर के महत्वपूर्ण दो वर्ष खराब होने के एवज में प्रार्थी छात्र को सात लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया है। एमजीएम ने बिना मान्यता तथा आवश्यक उपकरण के नामांकन ले लिया था। मामला वर्ष 2019-21 सत्र में डिप्लोमा इन मेडिकल रेडियो डायग्नोसिस (डीएमआरडी-रेडियोलाजी) में दाखिले से जुड़ा है। याचिकाकर्ता ने मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज , इलाहाबाद से एमबीबीएस किया था। उसने वर्ष 2019 में नीट-पीजी की परीक्षा पास की। काउंसिलिंग के बाद उसे एमजीएम मेडिकल कॉलेज , जमशेदपुर में डीएमआरडी-रेडियोलाजी की सीट मिली। उसने यह सीट स्वीकार कर ली और पहले से मिली सीट छोड़कर एमजीएम में दाखिला ले लिया। दाखिले के समय कॉलेज ने उससे एक बांड भरवाया था। इसके तहत पढ़ाई बीच में छोड़ने पर 30 लाख रुपये देने के साथ स्टाइपेंड की राशि लौटाने की शर्त थी। कॉलेज ने उसके मूल प्रमाणपत्र भी अपने पास रख लिया था। न कोर्स मान्य था, न रेडियोलाजी में पर्याप्त व्यवस्था याचिकाकर्ता के अनुसार, कॉलेज में दाखिला लेने के बाद उसे पता चला कि रेडियोलाजी विभाग में पर्याप्त शिक्षक और मार्गदर्शन की व्यवस्था नहीं है। बाद में उसे यह भी जानकारी मिली कि जिस डीएमआरडी-रेडियोलाजी पाठ्यक्रम में उसका दाखिला हुआ है, उसे तत्कालीन मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया (एमसीआइ) की मान्यता प्राप्त नहीं है। इसके बाद उसने आइएनआइ-सीईटी परीक्षा दी और चयन होने पर एमजीएम कॉलेज से अपने मूल प्रमाणपत्र वापस मांगे, लेकिन कॉलेज ने दस्तावेज नहीं लौटाए। इस कारण वह चयन के बाद भी वहां दाखिला नहीं ले सका। बाद में उसने नीट-पीजी 2021 में फिर परीक्षा दी और आल इंडिया रैंक 270 हासिल कर संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज, लखनऊ में दाखिला लिया। MRI तक नहीं था, सीटी स्कैन भी खराब अदालत ने मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था पर भी कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि यह हैरानी की बात है कि रेडियोलाजी में पीजी डिप्लोमा कोर्स चलाने वाले कॉलेज के पास MRI मशीन तक नहीं थी। वहीं, उपलब्ध सीटी स्कैन मशीन भी काम नहीं कर रही थी। कोर्ट ने कहा कि पीजी कोर्स के लिए जरूरी उपकरणों और सुविधाओं की उपलब्धता के बारे में महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाना दाखिला लेने वाले छात्रों के साथ धोखे के समान है। एमसीआइ की भूमिका पर भी उठाए सवाल हाई कोर्ट ने तत्कालीन मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया की भूमिका पर भी सवाल उठाया। अदालत ने कहा कि ऐसी स्थिति में एमसीआइ ने कॉलेज के खिलाफ उचित कार्रवाई क्यों नहीं की। कोर्ट ने टिप्पणी की कि नियामक संस्था ने भविष्य के चिकित्सकों के प्रति अपनी जिम्मेदारी से आंखें मूंद लीं और जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की। अदालत ने काउंसिलिंग कराने वाली संस्था को भी जिम्मेदार माना। कोर्ट ने सवाल किया कि जब पाठ्यक्रम मान्यता प्राप्त नहीं था तो काउंसिलिंग में उस कॉलेज और पाठ्यक्रम की अनुशंसा कैसे की गई?

पार्टी छोड़ने वाले थे रामचंद्र यादव, AAP ने पहले ही दिखा दिया बाहर का रास्ता

चंडीगढ़. आम आदमी पार्टी को नगर निगम चुनाव से पहले एक और बड़ा झटका लगने जा रहा है। आप के पार्षद रामचंद्र यादव मंगलवार को कांग्रेस में शामिल होंगे। वह अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ सेक्टर-35 स्थित चंडीगढ़ कांग्रेस भवन पहुंचकर कांग्रेस का हाथ थामेंगे। रामचंद्र यादव के कांग्रेस में जाने की सूचना मिलते ही आम आदमी पार्टी ने भी उनके खिलाफ कार्रवाई कर दी। पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाते हुए आप प्रभारी जमैल सिंह और प्रदेश अध्यक्ष विजेपाल यादव ने उन्हें पार्टी से निष्कासित करने के आदेश जारी कर दिए। रामचंद्र यादव पिछले काफी समय से आप नेताओं से दूरी बनाए हुए थे। पार्टी के साथ उनकी खटपट भी चल रही थी। जनवरी में हुए मेयर चुनाव के दौरान उन्होंने पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के बजाय डिप्टी मेयर पद के लिए निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल कर दिया था। उस समय भी काफी चर्चा में रहे थे। हालांकि रामचंद्र यादव ने कहा था कि वह पार्टी के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन उन्हें भी चुनाव लड़ने का मौका मिलना चाहिए, इसलिए उन्होंने नामांकन दाखिल किया है। चुनाव के दिन उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया था। उनके इस कदम ने उस समय भी आप के भीतर चल रही नाराजगी को सामने ला दिया था। अब नगर निगम चुनाव से कुछ महीने पहले उनका कांग्रेस में जाना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। रामचंद्र यादव वार्ड नंबर 15 से पार्षद हैं। आगामी नगर निगम चुनाव के लिए वार्डों के आरक्षण का ड्रॉ 11 सितंबर को होना है। ऐसे में वार्ड 15 के आरक्षित होने की संभावना को भी उनके कांग्रेस में जाने की एक बड़ी वजह माना जा रहा है। यदि वार्ड आरक्षित हो जाता है तो रामचंद्र यादव के लिए वहां से दोबारा चुनाव लड़ना संभव नहीं होगा। दूसरी ओर आप में रहते हुए किसी दूसरे वार्ड से टिकट मिलने की संभावना भी उनके लिए आसान नहीं दिखाई दे रही थी। ऐसे में चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस में शामिल होने को उनकी सोची-समझी राजनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि कांग्रेस उन्हें आगामी चुनाव में टिकट देगी या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। मुनव्वर के बाद अब रामचंद्र आप के पार्षद मुनव्वर के कांग्रेस में शामिल होने के बाद ही रामचंद्र यादव के भी कांग्रेस में जाने की चर्चाएं तेज हो गई थीं। मुनव्वर ने जुलाई में कांग्रेस का हाथ थामा था। उनके शामिल होने के बाद कांग्रेस के पार्षदों की संख्या नौ हो गई थी। हालांकि कांग्रेस ने दोनों पार्षदों को एक साथ पार्टी में शामिल कराने के बजाय अलग-अलग समय पर आप को झटका देने की रणनीति अपनाई। अब रामचंद्र यादव के कांग्रेस में शामिल होने के बाद कांग्रेस के पार्षदों की संख्या बढ़कर 10 हो जाएगी। 2021 में सबसे बड़ी पार्टी थी आप 2021 के नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी 14 पार्षदों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। भाजपा को 12 और कांग्रेस को आठ सीटें मिली थीं, जबकि शिरोमणि अकाली दल के हरदीप सिंह ने एक सीट जीती थी। हरदीप सिंह बाद में आप में शामिल हो गए थे, जिसके बाद निगम में अकाली दल का कोई पार्षद नहीं बचा। इसके बाद आप के पार्षदों के लगातार पाला बदलने से पार्टी की संख्या घटती गई। सुमन शर्मा और पूनम भाजपा में शामिल हुईं, जबकि कई पार्षद कांग्रेस का हाथ थाम चुके हैं। मुनव्वर के कांग्रेस में जाने के बाद आप की संख्या और कम हुई और अब रामचंद्र यादव के जाने के बाद आप के पास महज आठ पार्षद रह जाएंगे। वहीं भाजपा और कांग्रेस लगातार आप के पार्षदों में सेंध लगाने में सफल रही हैं। ऐसे में 2026 के नगर निगम चुनाव से पहले दलों के बीच पार्षदों को अपने पाले में लाने की सियासत और तेज होने की संभावना है। कभी 14 पार्षदों के साथ सदन की सबसे बड़ी पार्टी रही आप अब आठ पार्षदों तक सिमट गई है। नेता प्रतिपक्ष का पद भी मुनव्वर के कांग्रेस में जाने के बाद आप के हाथ से निकल चुका है। अब रामचंद्र यादव के जाने से पार्टी को एक और बड़ा झटका लगा है। पार्टी     पार्षदों की संख्या – भाजपा     17 कांग्रेस     10 आम आदमी पार्टी     8 शिरोमणि अकाली दल     0 हरदीप सिंह के आप में शामिल होने के बाद से निगम में अकाली दल का कोई पार्षद नहीं है। इसके अलावा चंडीगढ़ के सांसद का सदन में अलग से मतदान अधिकार है।

मां महामाया की भूमि पर पहुंचे CG चीफ जस्टिस महापात्र, बोले- यहां आना मेरे लिए सौभाग्य

बिलासपुर. हाईकोर्ट में प्रभार लेने के बाद आज शाम अपने सम्मान में हुए ओवेशन को सम्बोधित करते हुए चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र ने कहा कि उनके प्रति व्यक्त किए गए शब्दों को वे केवल प्रशंसा के रूप में स्वीकार नहीं करते, बल्कि एक जिम्मेदारी तथा उस स्नेह और विश्वास की अभिव्यक्ति के रूप में स्वीकार करते हैं, जिसके साथ उनका इस संस्था में स्वागत किया गया है. उन्होंने कहा कि, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में सेवा करने का अवसर उनके लिए सम्मान और सौभाग्य की बात है, क्योंकि वे भगवान जगन्नाथ की पावन भूमि ओडिशा से मां महामाया की पवित्र भूमि छत्तीसगढ़ आए हैं. जस्टिस महापात्र ने कहा कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच केवल सीमा साझा करने का संबंध नहीं है, बल्कि दोनों की संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक जीवन में अनेक समानताएं हैं. महानदी दोनों राज्यों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है. पड़ोसी राज्य होने के कारण यहां आना उनके लिए किसी अपरिचित स्थान पर आने जैसा नहीं है. ओवेशन में जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू, जस्टिस एन. के. व्यास जस्टिस सचिन सिंह राजपूत, जस्टिस राकेश मोहन पांडे,, एन के चंद्रवंशी जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल, जस्टिस बिभू दत्त गुरु, जस्टिस संजय कुमार जायसवाल, जस्टिस ए के प्रसद्द सहित सभी न्यायमूर्ति व नय्यैक अधिकारी अधिवक्ता उपस्थित रहे.

हवा सुधारने में मध्यप्रदेश की बड़ी कामयाबी, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में तीन शहर टॉप-5 में

राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026: मध्यप्रदेश के तीन शहर देश के शीर्ष पाँच में स्वच्छ वायु प्रबंधन में मध्यप्रदेश का स्वर्णिम प्रदर्शन: इंदौर द्वितीय, जबलपुर तृतीय और भोपाल चौथे स्थान पर, वार्ड श्रेणी में भोपाल का वार्ड-60 अलंकृत हरित विकास और जनभागीदारी की सुखद परिणति: राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता रैंकिंग में मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय पटल पर लहराया परचम भोपाल  पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और जनभागीदारी की दिशा में मध्यप्रदेश ने स्वर्णिम उपलब्धि अर्जित की है। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 के परिणामों में देश के शीर्ष पाँच स्वच्छ वायु शहरों में प्रदेश के तीन प्रमुख नगरों ने अनुपम स्थान प्राप्त कर राष्ट्रीय पटल पर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। 'राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस' के अवसर पर सोमवार को नई दिल्ली स्थित इंदिरा पर्यावरण भवन के गंगा प्रेक्षागृह में आयोजित समारोह में 10 लाख से अधिक आबादी वाली श्रेणी में इंदौर एवं जबलपुर तथा वार्ड स्तरीय श्रेणी में भोपाल नगर निगम के वार्ड क्रमांक-60 को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान से अलंकृत किया गया। यह सम्मान नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव तन्मय कुमार द्वारा प्रदान किया गया। दस लाख से अधिक जनसंख्या श्रेणी में प्रदेश का उत्कृष्ट प्रदर्शन राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के अंतर्गत 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले महानगरों की प्रतिस्पर्धा में मध्यप्रदेश का प्रदर्शन अत्यंत सराहनीय रहा। इस वर्ग में इंदौर ने संपूर्ण देश में द्वितीय, जबलपुर ने तृतीय तथा राजधानी भोपाल ने चतुर्थ स्थान अर्जित कर स्वच्छ वायु प्रबंधन में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। इसी श्रेणी में ग्वालियर ने 39वाँ स्थान प्राप्त किया। वहीं, 3 से 10 लाख जनसंख्या वर्ग में उज्जैन ने 16वाँ और सागर ने 21वाँ स्थान प्राप्त किया, जबकि 3 लाख से कम जनसंख्या श्रेणी में देवास ने 7वाँ स्थान हासिल किया। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा संचालित इस सर्वेक्षण में देश के 130 प्रमुख शहरों के मध्य निर्धारित मापदंडों पर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने के लिए रैंकिंग जारी की जाती है। इंदौर एवं जबलपुर की अनुकरणीय उपलब्धियां स्वच्छता के क्षेत्र में निरंतर नवमानक स्थापित करने वाले इंदौर नगर ने धूल नियंत्रण, मैकेनाइज्ड सड़क सफाई, हरित क्षेत्र के विस्तार तथा नागरिक सहभागिता के बल पर वायु गुणवत्ता प्रबंधन में देश में दूसरा स्थान हासिल किया है। समारोह में इंदौर नगर निगम की ओर से महापौर पुष्यमित्र भार्गव, आयुक्त क्षितिज सिंघल एवं एमआईसी सदस्य अश्विनी शुक्ला ने यह सम्मान ग्रहण किया। वहीं, प्रदूषण नियंत्रण एवं सुनियोजित पर्यावरण संरक्षण कार्यों के दम पर तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले जबलपुर नगर निगम की ओर से महापौर जगत बहादुर सिंह 'अन्नू', आयुक्त राम प्रसाद अहिरवार, कमलेश श्रीवास्तव, संभव अयाची एवं जी.एस. मरावी ने पुरस्कार प्राप्त किया। भोपाल के वार्ड क्रमांक-60 को मिला राष्ट्रीय गौरव वार्ड स्तरीय वायु गुणवत्ता में अभूतपूर्व सुधार और नवाचारों के लिए भोपाल नगर निगम के वार्ड क्रमांक-60 को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष रूप से सराहा गया। स्थानीय स्तर पर हरित पहल, सघन पौधारोपण तथा नागरिक जागरूकता के प्रभावी प्रयासों के लिए अपर आयुक्त अमन मिश्रा एवं एमआईसी सदस्य आर. के. सिंह बघेल ने यह प्रतिष्ठित सम्मान स्वीकार किया। सतत् विकास और दूरदर्शी नेतृत्व की सुखद परिणति यह राष्ट्रीय गौरव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'विकसित भारत' के पावन संकल्प तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में संचालित पर्यावरण संरक्षण अभियानों का फलश्रम है। प्रदेश के नगरीय निकायों द्वारा धूल नियंत्रण, जल छिड़काव, खुले में कचरा जलाने पर रोकथाम, निर्माण स्थलों की निगरानी एवं व्यापक जनचेतना के जो प्रयास किए गए हैं, आज उन्हीं की परिणति स्वरूप मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय वायु संरक्षण पटल पर यह सफलता अर्जित की है।  

गांवों में पानी से लेकर सड़क तक विकास की रफ्तार तेज, योगी सरकार ने सुविधाओं को बनाया प्राथमिकता

योगी सरकार का ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पेयजल आपूर्ति के साथ सुगम आवागमन की सुविधा पर भी जोर अक्टूबर से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में वृहद स्तर पर चलेगा सड़क मरम्मत से जुड़ा अभियान पेयजल आपूर्ति के दौरान पाइप बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों को बारिश के बाद किया जाएगा ठीक पेयजल योजनाओं को समय से पूरा किया जाए, लापरवाही सामने आने पर होगी कार्रवाई: जलशक्ति मंत्री लखनऊ  योगी सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पेयजल आपूर्ति के साथ लोगों को सुगम आवागमन की सुविधा देने पर जोर दे रही है। इसी क्रम में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने मानसून के बाद अक्टूबर से पूरे प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े स्तर पर सड़क की मरम्मत का अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को अभियान से जुड़ी सभी तैयारियां समय से पूरी करने को कहा है, ताकि पेयजल योजनाओं के लिए खोदी गई सड़कों को जल्द दुरुस्त कर ग्रामीणों को राहत दी जा सके। जलशक्ति मंत्री ने सोमवार को राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न पेयजल योजनाओं की मंडलवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाने के दौरान कई स्थानों पर सड़कें खोदी गई हैं। मानसून के दौरान बारिश के कारण इन मार्गों पर लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अक्टूबर से अभियान चलाकर इन सड़कों को दोबारा भरकर, समतल करते हुए दुरुस्त किया जाए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं का काम पूरा होने के साथ लोगों को बेहतर सड़क सुविधा भी मिल सकेगी। क्षेत्र भ्रमण और रात्रि प्रवास पर भी जोर जलशक्ति मंत्री ने विभिन्न जोन के अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं से क्षेत्र भ्रमण व रात्रि प्रवास के संबंध में फीडबैक लिया। उन्होंने सहायक अभियंताओं (एई) और अवर अभियंताओं (जेई) को भी रात्रि प्रवास करने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं के काम की मौके पर नियमित निगरानी हो सके। पेयजल योजनाओं को समय से पूरा करने के निर्देश निर्माणाधीन पेयजल योजनाओं की समीक्षा करते हुए स्वतंत्र देव सिंह ने सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय में जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए जरूरत के अनुसार मैनपावर बढ़ाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान जलशक्ति मंत्री ने अधिकारियों को जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल योजनाओं के संचालन और जलापूर्ति व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए अधिकारी नियमित निगरानी करें। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार की जा रही पेयजल योजनाओं का बेहतर संचालन सुनिश्चित किया जा सकेगा और लोगों को लगातार पेयजल की सुविधा मिल सकेगी। अधिकारियों के काम की होगी निगरानी बैठक में मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं और अधिशासी अभियंताओं (एक्सईएन) को अपने अधीनस्थ अभियंताओं और संबंधित एजेंसियों के कार्यों की गोपनीय रिपोर्ट तैयार कर अपर मुख्य सचिव को भेजने के निर्देश भी दिए गए। इससे योजनाओं की प्रगति और अधिकारियों व कार्यदायी एजेंसियों के कामकाज की निगरानी को और मजबूत किया जा सकेगा। इस बैठक में नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव, उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के प्रबंध निदेशक योगेश कुमार, राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक जोगिंदर सिंह, जेएमडी (प्रशासन) डॉ. राजेश प्रजापति, जेएमडी प्रभाष कुमार, स्टेट कोऑर्डिनेटर डीके सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सेवा सेतु के जरिए महज चार दिन में जारी हुआ आय प्रमाण पत्र

सफलता की कहानी सेवा सेतु के जरिए महज चार दिन में जारी हुआ आय प्रमाण पत्र नागरिकों तक पहुंच रही डिजिटल शासकीय सेवाएं बिलासपुर सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से नागरिकों को शासकीय सेवाएं अब अधिक सरल, सहज और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हो रही हैं। सेवा सेतु नागरिकों और शासकीय सेवाओं के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य कर रहे हैं। आवेदन से लेकर आवश्यक दस्तावेजों की जांच और प्रमाण पत्र जारी होने तक की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने से नागरिकों को शासकीय कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत मिल रही है। बिलासपुर तहसील के ’’श्री गौरी पहाड़ी को सेवा सेतु के माध्यम से आवेदन करने के महज चार दिनों के भीतर आय प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया।’’         गौरी पहाड़ी को आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। आवेदन प्रस्तुत करने के महज चार दिनों के भीतर श्री गौरी पहाड़ी का आय प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। कम समय में प्रमाण पत्र प्राप्त होने से उन्हें अपने आवश्यक व्यक्तिगत एवं शासकीय कार्यों को पूरा करने में काफी सुविधा मिली। सेवा सेतु के माध्यम से पूरी प्रक्रिया सहज और सुविधाजनक होने से उन्हें प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़े। आय प्रमाण पत्र मिलने के बाद श्री गौरी पहाड़ी ने ’’सेवा सेतु की त्वरित एवं सरल कार्यप्रणाली’’ पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि सेवा सेतु के माध्यम से आवेदन करने की प्रक्रिया आसान रही और निर्धारित समय से पहले ही प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया। इससे उनके जरूरी कार्य समय पर पूरे हो सके। उन्होंने त्वरित निराकरण के लिए छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार भी व्यक्त किया।       सेवा सेतु छत्तीसगढ़ के नागरिकों तक डिजिटल सेवाएँ लाने का एक खास पहल है। इसका उद्देश्य हर एक नागरिक, विशेषतः दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों में रहने वालों, तक सरकार की योजनाएँ और सुविधाएँ पहुंचाना हैं। ‘सेवा सेतु’ सरकार की डिजिटल परिवर्तन यात्रा में एक महत्वपूर्ण अध्याय हैं। इतने सालों में यह एक बड़े सेवा-वितरण व्यवस्था में बदल गया है जो यह सुनिश्चित करता है कि नागरिक सरकारी दफ्तर जाए बिना विभिन्न सेवाओ के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकें।  रचना/  

कटनी में तुलसीदास कुशवाहा बने टैक्सी यूनियन कल्याण समिति के जिला उपाध्यक्ष, सम्मान के साथ मिला आई-कार्ड

कटनी  आभार एवं धन्यवाद टैक्सी यूनियन कल्याण समिति संपूर्ण भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष महोदय माननीय  सुशील सिंह चौहान के नेतृत्व में राष्ट्रीय संगठन मंत्री नीरज दुबे जी के द्वारा तुलसीदास कुशवाहा जी को जिला उपाध्यक्ष का सम्मान एवं आई कार्ड वितरण उपस्थित सम्माननीय राष्ट्रीय सचिव  रोहिणी प्रसाद तिवारी उर्फ मुन्ना महाराज जी मध्य प्रदेश संगठन मंत्री  दीपक पटेल जी कटनी कार्यवाहक अध्यक्ष  तुषार पटेल जी मध्य प्रदेश महामंत्री  अरुण कुशवाहा जी कटनी जिला संरक्षक एवं संगठन मंत्री सोनू गुप्ता जी एवं विवेक शर्मा जी नितिन बर्मन जी उदय सिंह जी कैलाश कनौजिया जी मनोज दुबे जी समस्त कटनी जिला सदस्य  उपस्थित रहे।  राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुशील चौहान जी  (2) राष्ट्रीय संगठन मंत्री नीरज दुबे जी  (3) राष्ट्रीय संयुक्त सचिव पवन कुमार श्रीवास्तव जी राष्ट्रीय सचिव श्री रोहिणी प्रसाद तिवारी और मुन्ना महाराज जी (4)मध्य प्रदेश संगठन मंत्री दीपक पटेल जी  (5)मध्य प्रदेश महामंत्री अरुण कुशवाहा जी  कटनी जिले की टीम  (1) जिला अध्यक्ष दीपक पटेल जी  (2)संगठन मंत्री सोनू गुप्ता जी (3) उपाध्यक्ष कुलदीप मिश्रा जी  (4) उपाध्यक्ष तुलसीदास कुशवाहा जी  (5) कार्यवाहक अध्यक्ष तुषार पटेल  (6) सलाहकार अविनाश रावत  (7) मीडिया प्रभारी सागर शुक्ला जी  (8) महासचिव बॉबी अग्रवाल  (9) मीडिया प्रभारी कमल अरोड़ा  (10) सचिव जैकी राय  (11) महामंत्री विवेक शर्मा  (12) आरिफ खान  (13) संपर्क प्रमुख पवन सिकरवार  (14) राजा खान  (15) मंटू कुशवाहा  (16) सिंधु राज  (17) मुकेश सेन।