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बांग्लादेश के कोच मुश्ताक अहमद ने भरी हुंकार, बोले- किसी भी टीम को चुनौती दे सकते हैं

नई दिल्ली  विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंकतालिका में चौथे नंबर पर मौजूद बांग्लादेश की निगाहें फाइनल मैच में जगह बनाने पर हैं। ऐसा करने के लिए बांग्लादेश को अगले साल की शुरुआत तक टॉप 2 टीमों में जगह बनानी होगी। बांग्लादेश के स्पिन बॉलिंग कोच मुश्ताक अहमद का कहना है कि उनकी टीम फाइनल में जगह बना सकती है और विपक्षी टीमों के सामने मुश्किल चुनौती पेश करने का माद्दा रखती है। बांग्लादेश ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया है। इस टीम ने ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में घुसकर मात दी थी। हालांकि, अगले ही मैच में ऑस्ट्रेलिया ने पलटवार करते हुए बड़ी जीत दर्ज की, लेकिन बांग्लादेश की टीम टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल की दौड़ में बनी हुई है। बांग्लादेश के लिए क्या हैं समीकरण? विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2027 का फाइनल मैच खेलने के लिए बांग्लादेश को अपने बचे हुए 6 मुकाबलों में 47 अंक हासिल करने होंगे। एक मैच जीतने पर 12 अंक मिलते हैं। ऐसे में उन्हें घरेलू जमीन पर होनी वाली दोनों सीरीज जीतनी होगी। ये सीरीज इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के साथ हैं। बांग्लादेश की टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ स्पिन पिच बनाकर दो मैच जीत सकती है, लेकिन इंग्लैंड को दोनों मुकाबलों में हराना आसान नहीं होगा। जगह पक्की करने के लिए बांग्लादेश को अपने बाकी दो मुकाबलों में से एक में जीत हासिल करनी पड़ेगी। कोच ने भरा दम बांग्लादेश टीम के स्पिन-बॉलिंग कोच मुश्ताक ने टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल खेलने को लेकर कहा, हम अभी बहुत अच्छी स्थिति में हैं। अगर हम अच्छा क्रिकेट खेलते हैं और भरोसा बनाए रखते हैं, तो हम आगे बढ़ सकते हैं। इंटरनेशनल लेवल पर मैच तभी जीते जा सकते हैं, जब आपको हारने की चिंता न हो। कोच के तौर पर हमें यही सोच बदलनी होगी। इसका क्रेडिट सभी खिलाड़ियों, सिलेक्टर्स और स्टेकहोल्डर्स को जाता है, क्योंकि वे एक ही पेज पर हैं और मानते हैं कि अब हम किसी भी टीम को चुनौती दे सकते हैं।' विश्व टेस्ट चैंपियनशिप प्वाइंट्स टेबल टीम                 मैच     जीत     हार     ड्रॉ     अंक     अंक प्रतिशत ऑस्ट्रेलिया         10     8         2     0     96         80 दक्षिण अफ्रीका     4     3        1     0     36          75 न्यूजीलैंड               6     4     1     1     52          72.22 बांग्लादेश              6     3      2     1     40          55.56 भारत                  11     5      4     2     68         51.52 इंग्लैंड                  16     7      8     1     74        38.54 श्रीलंका               6       1         2     3     24        33.33 वेस्ट इंडीज           12     2       8     2     30        20.83 पाकिस्तान           9     2        7     0     5            4.63

रॉबिन दास पर गंभीर आरोप, 9 अक्टूबर को इनर लंदन क्राउन कोर्ट में होगी पेशी

नई दिल्ली  इंग्लैंड के घरेलू क्रिकेट से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। एसेक्स काउंटी क्रिकेट क्लब के 24 साल के बल्लेबाज रॉबिन दास पर यौन उत्पीड़न के दो गंभीर आरोप लगे हैं। इन संगीन आरोपों के सामने आने के बाद एसेक्स काउंटी ने उन्हें तुरंत प्रभाव से टीम से सस्पेंड कर दिया है। अब इस मामले में रॉबिन दास को 9 अक्टूबर 2026 को इनर लंदन क्राउन कोर्ट में पेश होना होगा। मार्च 2024 की घटना, अगस्त 2025 में हुई थी गिरफ्तारी लंदन मेट्रोपोलिटन पुलिस की आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2024 में ब्रिक्सटन में एक महिला के साथ बलात्कार की शिकायत दर्ज कराई गई थी। मामले की जांच के बाद पुलिस ने 27 अगस्त 2025 को रॉबिन दास को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 23 जुलाई 2026 को उन पर दो औपचारिक बलात्कार के आरोप तय किए गए। पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि पीड़ित महिला को हर संभव कानूनी और मनोवैज्ञानिक सहायता दी जा रही है। अगर अदालत में आरोप साबित होते हैं, तो इस युवा क्रिकेटर को लंबी जेल की सजा हो सकती है। एसेक्स काउंटी क्रिकेट क्लब का कड़ा रुख मामले की गंभीरता को देखते हुए एसेक्स काउंटी क्रिकेट क्लब ने बयान जारी कर अपने खिलाड़ी को निलंबित करने की पुष्टि की है। क्लब ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'एसेक्स काउंटी क्रिकेट क्लब इस बात की पुष्टि करता है कि हमारे कॉन्ट्रैक्टेड खिलाड़ी हाल ही में क्लब के बाहर के एक गंभीर मामले को लेकर कोर्ट में पेश हुए थे। क्लब लगातार इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड, प्रोफेशनल क्रिकेटर्स एसोसिएशन और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है। सस्पेंशन की कार्रवाई इसी प्रक्रिया का हिस्सा है और कानूनी प्रक्रिया जारी रहने तक क्लब इस पर कोई अन्य टिप्पणी नहीं करेगा।' कैसा रहा है रॉबिन दास का अब तक का करियर? फरवरी 2002 में जन्मे बांग्लादेशी मूल के इंग्लिश क्रिकेटर रॉबिन दास दाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अब तक 9 फर्स्ट क्लास मैचों में 25.15 की औसत से 327 रन बनाए हैं, जिसमें 1 शतक शामिल है। लिस्ट-ए क्रिकेट के 29 मैचों में 31.00 की औसत से उन्होंने 805 रन बनाए हैं, जिसमें 1 शतक और 5 अर्धशतक दर्ज हैं। उन्होंने अपना आखिरी मुकाबला 21 जुलाई 2026 को मिडिलसेक्स के खिलाफ वनडे कप में खेला था, जिसके बाद से वे क्रिकेट से दूर और निलंबित चल रहे हैं।

हॉकी में टीम इंडिया का जलवा जारी, कोरिया पर 8-2 की शानदार जीत; अभिषेक-दिलप्रीत चमके

काकामिगाहारा  एशियन गेम्स 2026 में भारतीय हॉकी टीम का बेहतरीन प्रदर्शन जारी है। टीम इंडिया ने दक्षिण कोरिया को भी 8-2 के अंतर से रौंद दिया है। इससे पहले भी भारतीय टीम सभी टीमों को बड़े अंतर से हराती आई है। दक्षिण कोरिया के खिलाफ मैच में भारत के लिए फॉरवर्ड अभिषेक (14वां और 38वां मिनट), दिलप्रीत सिंह (26वां और 32वां) ने दो दो गोल किये। शिलानंद लाकड़ा (चौथा), सुखजीत सिंह (नौवां), कप्तान हरमनप्रीत सिंह (11वां) और राजिंदर सिंह (60वां) ने एक एक गोल दागा। कोरिया के लिये किम जाएहो (42वां) और किम योंगबोक (52वां) ने गोल किए। भारत ने इससे पहले इंडोनेशिया को 13-1 और श्रीलंका को 16-1 से हराया था। अब भारत का सामना 26 सितंबर को जापान से होगा। इसके बाद भारत को बांग्लादेश के खिलाफ खेलना है। जापान वही टीम है, जिसने पिछले एशियाई खेलों में सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। इस बार जापान मेजबान भी है। ऐसे में टीम इंडिया को सतर्क रहना होगा। मजबूत टीम मानी जा रही थी कोरिया भारत ने इस टूर्नामेंट में जिस तरह की शुरुआत की थी। इसके बाद कहा जा रहा था कि दक्षिण कोरिया की टीम ही भारत को चुनौती दे सकती है। हालांकि, मैच के दौरान ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला। भारत ने एकतरफा अंदाज में जीत हासिल की और अब टीम इंडिया हॉकी में गोल्ड जीतने की सबसे मजबूत दावेदार है। भारत के लिए सेमीफाइनल का सफर आसान रहेगा, लेकिन नॉकआउट मुकाबलों में टीम इंडिया फंस सकती है। हॉकी में 12 टीमों के बीच मुकाबला एशियन गेम्स 2026 में कुल 12 हॉकी टीमें शामिल हैं। इन्हें 2 ग्रुप में बांटा गया है। दोनों ग्रुप से टॉप 2 टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी। इन्हीं चार टीमों के बीच मैच कराकर हर पदक के विजेता तय किए जाएंगे। भारत के लिए गोल्ड मेडल इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि स्वर्ण पदक जीतने पर भारत 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई कर जाएगा। अब भारत के लिए बड़ी चुनौती जापान की टीम होगी।

शूटिंग में भारत को कांस्य पदक, अनंतजीत सिंह-परिनाज धालीवाल की जोड़ी चमकी

नागोया  एशियन गेम्स 2026 में भारतीय शूटर्स का जलवा बरकरार है। गुरुवार को भी भारतीय शूटिंग टीम ने मिक्स्ड इवेंट में पदक अपने नाम किया। अनंतजीत सिंह और परिनाज धालीवाल की जोड़ी ने ब्रॉन्ज मेडल जीता है। इस जोड़ी ने फाइनल इवेंट में कमाल का प्रदर्शन किया। इस इवेंट में सभी खिलाड़ियों के बीच कांटे की टक्कर रही। एक समय भारतीय जोड़ी और गोल्ड जीतने वाली चीनी जोड़ी के बीच अंतर न के बराबर था। हालांकि, पुरानी गलती के कारण भारतीय टीम को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। भारतीय जोड़ी ने 44 का स्कोर बनाया। वहीं, दक्षिण कोरिया की टीम ने 51 का स्कोर बनाकर सिल्वर मेडल जीता। चीनी टीम ने 52 का स्कोर हासिल कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया और गोल्ड मेडल जीता। अंत में भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन किया था, लेकिन शुरुआती गलती के कारण उन्हें ब्रान्ज से संतोष करना पड़ा। क्या थी भारतीय टीम की गलती? भारतीय जोड़ी ने इस मैच में बेहद साधारण शुरुआत की थी। इसी का नुकसान उन्हें आगे चलकर उठाना पड़ा। पहली सीरीज में भारत ने 7 का स्कोर हासिल किया था। वहीं, चीन और कोरिया का स्कोर 8 था। यहीं पिछड़ने के कारण भारत कभी वापसी नहीं कर सका। छठी सीरीज में जाकर भारत ने दक्षिण कोरिया की बराबरी कर ली थी। दोनों का स्कोर 44 था, लेकिन टाई ब्रेकर में भारतीय टीम हार गई और भारत को 7वीं सीरीज शूट करने का मौका नहीं मिला। वहीं, चीन और जापान के बीच सातवें राउंड के बाद विजेता का फैसला हुआ। अगर भारत ने शुरुआत में अच्छा खेल दिखाया होता तो गोल्ड मेडल जीत सकता था फाइनल इवेंट तीनों टीमों का स्कोर चीन     कोरिया     भारत 8             8          7 16          14        14 23           22        21 30           30        29 38          38        36 45           44        44 (टाई ब्रेकर में बाहर) 52           51    

2018 में ब्रॉन्ज, 2023 में सिल्वर और अब फिर रजत; रोशिबिना ने एशियन गेम्स में लगाई मेडल हैट्रिक

आइची-नागोया  जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियाई खेल 2026 के 5वें दिन भारत का खाता मेडल से खुला। सतनाम सिंह और सलमान खान ने पुरुषों के डबल स्कल्स में 6:13.25 के समय के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। कुछ देर बाद ही यह खुशी डबल हो गई। नाओरेम रोशिबिना ने सिल्‍वर पर कब्‍जा कर इतिहास रच दिया। मेडल की हैट्रिक लगाई नाओरेम रोशिबिना देवी ने एशियन गेम्‍स में लगातार दूसरा रजत पदक जीता है। इतना ही नहीं उन्‍होंने मेडल की हैट्रिक भी लगाई। नाओरेम रोशिबिना देवी एशियाई खेलों में वुशु में लगातार तीन मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। वह महिलाओं के सांडा 60kg इवेंट के फाइनल में चीन की झांग शियाओयू से 2-0 के स्कोर से हार गईं। वह दोनों राउंड 0-5 से हारीं। AI मास्टरक्लास     2018 – ब्रॉन्ज     2022 – सिल्वर     2026 – सिल्वर जकार्ता में जीता था ब्रॉन्‍ज झांग शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में पहुंची थीं, उन्होंने वियतनाम की 2023 वर्ल्ड चैंपियन गुयेन थी थू थुय को भी हराया था। रोशिबिना 2022 हांग्जो एशियाई खेलों का फाइनल भी एक चीनी एथलीट शियाओवेई वू से हार गई थीं। यह उनका तीसरा एशियाई खेलों का मेडल है; इससे पहले उन्होंने जकार्ता 2018 में ब्रॉन्ज मेडल भी जीता था। किसान परिवार से आती हैं नाओरेम रोशिबिना देवी मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के क्वासिफाई गांव के एक किसान परिवार से आती हैं। वह SAI NCOE इंफाल में कोच मैबम प्रेमकुमार सिंह की देखरेख में महिलाओं की सांडा 60kg कैटेगरी में ट्रेनिंग करती हैं और भारत की सबसे कामयाब वुशु एथलीटों में से एक हैं। उन्होंने जकार्ता में 2018 एशियाई खेलों में ब्रॉन्ज मेडल जीता और हांग्झू में 2023 (19वें) एशियाई खेलों में इसे सिल्वर मेडल में बदल दिया। वह एशियाई खेलों में वुशु में सिल्वर मेडल जीतने वाली दूसरी भारतीय खिलाड़ी बनीं। उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें भारत के दूसरे सबसे बड़े खेल सम्मान 'अर्जुन अवॉर्ड' और इंटरनेशनल वुशु फेडरेशन के 'फीमेल वुशु एथलीट ऑफ द ईयर (सांडा)' के खिताब से सम्मानित किया गया है। उपलब्धियां     सिल्वर मेडल: 19वें एशियाई खेल 2023, हांगझोऊ, चीन (महिला सांडा 60 किग्रा)     ब्रॉन्ज मेडल: 2018 एशियाई खेल, जकार्ता, इंडोनेशिया (महिला सांडा 60 किग्रा)     गोल्ड मेडल: दक्षिण एशियाई खेल 2019, काठमांडू-पोखरा, नेपाल (सांडा 60 किग्रा)     गोल्ड मेडल: 9वीं एशियाई जूनियर वुशु चैंपियनशिप 2017, गुमी, दक्षिण कोरिया     ब्रॉन्ज मेडल: वर्ल्ड जूनियर वुशु चैंपियनशिप 2016, बुर्गास, बुल्गारिया     गोल्ड मेडल: मॉस्को वुशु स्टार चैंपियनशिप 2023, रूस     अर्जुन पुरस्कार 2023 (भारत का दूसरा सबसे बड़ा खेल सम्मान)     IWUF फीमेल वुशु एथलीट ऑफ द ईयर (सांडा), 2023  

18 की उम्र में पिता को खोया, दिल्ली में चलाई कैब, फिर एशियन गेम्स में जीता ऐतिहासिक पदक

नई दिल्ली जब जापान के नागोया में मेंस डबल स्कल्स रोइंग का फाइनल मुकाबला खत्म हुआ और भारत का तिरंगा आसमान में लहराया, तो 2,000 मीटर के वाटर कोर्स पर खड़े सलमान खान की आंखों से आंसू छलक पड़े। ये आंसू सिर्फ एक मेडल की खुशी के नहीं थे, ये आंसू थे उस दर्द, बेबसी और कड़े संघर्ष के जो उन्होंने दिल्ली की सड़कों पर कैब चलाते वक्त भोगे थे। सतनाम सिंह के साथ मिलकर 6:13.25 के समय में इतिहास का पहला मेडल जीतने वाले सलमान खान की यह कहानी किसी बॉलीवुड फिल्म से भी ज्यादा भावुक और प्रेरणादायक है। 18 साल की उम्र में सिर से उठा पिता का साया, सपनों को मार उठानी पड़ी स्टेयरिंग उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के पूरे धींगई गांव में जन्मे सलमान खान का बचपन कभी आसान नहीं रहा। छह भाई-बहनों में सबसे बड़े सलमान के पिता मोहम्मद कासिम खान हरियाणा के ताउरू में ट्रक की बॉडी बनाने का काम करते थे। सलमान का सपना बचपन से ही भारतीय सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने का था। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। जब सलमान महज 18 साल के थे, तब डेंगू के कारण उनके पिता का अचानक देहांत हो गया। रातों-रात पूरे परिवार के राशन और छोटे भाई-बहनों की जिम्मेदारी 18 साल के सलमान के नाजुक कंधों पर आ गिरी। फौज में भर्ती होने के अपने सपने को दिल में दफन कर सलमान काम की तलाश में दिल्ली आ गए। परिवार का पेट पालने के लिए उन्होंने दिन-रात दिल्ली की चिलचिलाती धूप और कड़ाके की ठंड में कैब चलाना शुरू कर दिया। किस्मत ने बदली करवट, कैब ड्राइवर से नायब सूबेदार तक का सफर सड़कों पर गाड़ियां दौड़ाते हुए भी सलमान की आंखों में फौज की वर्दी का सपना मरा नहीं था। एक दोस्त ने उनकी अच्छी लंबाई और फौलादी काठी को देखकर उन्हें दोबारा आर्मी भर्ती में किस्मत आजमाने की सलाह दी। सलमान ने कैब की चाबी दूसरे ड्राइवर को सौंपी और केवल 4 महीने की दिन-रात की जी-तोड़ मेहनत के बाद 25 सितंबर 2018 को बॉम्बे इंजीनियर ग्रुप, पुणे में भारतीय सेना में शामिल हो गए। फौज में आने के बाद कोचों ने उनके लंबे कद को देखकर उन्हें रोइंग में उतरने को कहा। जिस खेल का नाम तक सलमान ने कभी नहीं सुना था, उसमें नाव संभालना उनके लिए बेहद कठिन था। दो बार उनका हौसला इस कदर टूटा कि वे खेल छोड़ना चाहते थे, लेकिन आर्मी के सीनियर कोचों ने उनका हाथ थामे रखा। सलमान की मेहनत रंग लाई और वे नेशनल गेम्स से लेकर एशियन रोइंग कप में गोल्ड मेडल जीतते चले गए। उनके इस ऐतिहासिक प्रदर्शन की बदौलत भारतीय सेना ने उन्हें 'नायब सूबेदार' के पद पर पदोन्नत किया। अंतिम समय में बदला पार्टनर, फिर भी रचा इतिहास एशियन गेम्स 2026 से ठीक कुछ दिन पहले भारतीय रोइंग टीम में भारी विवाद और अचानक फेरबदल हुआ। सलमान और उनके साथी सतनाम सिंह को क्वाड्रपल स्कल्स से हटाकर अचानक डबल स्कल्स में डाल दिया गया। तमाम मानसिक तनाव और नई जोड़ी के बावजूद, सतनाम और सलमान ने पानी पर उतरकर ऐसा गदर मचाया कि 1500 मीटर की रेस तक वे गोल्ड मेडल की रेस में दूसरे नंबर पर बने रहे। हालांकि, आखिरी 500 मीटर में वे मामूली अंतर से खिसककर तीसरे स्थान पर रहे, लेकिन भारत को मेन्स डबल स्कल्स का पहला एशियन गेम्स मेडल दिला दिया। जिंदगी की सबसे बड़ी जंग जीत गए सलमान कभी दिल्ली के ट्रैफ़िक में चंद रुपयों के लिए रात-रात भर जागने वाला यह लड़का आज पूरे हिंदुस्तान का गर्व बन चुका है। सलमान खान का यह ब्रॉन्ज मेडल सिर्फ एक खेल की जीत नहीं है, बल्कि यह उस हर उस इंसान की जीत है जो गरीबी, मजबूरी और दुखों के आगे हार नहीं मानता।

ICC रैंकिंग में भारतीयों का दबदबा, तीन खिलाड़ी बने नंबर-1; गिल-बुमराह का कमाल

नई दिल्ली इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आईसीसी ने हाल ही में ताजा रैंकिंग जारी की है। भारतीय टीम वनडे और टी20 रैंकिंग में तो पहले पायदान पर है, साथ ही भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा अलग-अलग फॉर्मेट की प्लेयर्स रैंकिंग में भी देखने को मिल रहा है। टीम इंडिया के 2-4 नहीं बल्कि 16 खिलाड़ी अलग-अलग फॉर्मेट की टॉप-10 रैंकिंग में मौजूद हैं। जी हां, वहीं टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान शुभमन गिल और स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह दो ऐसे खिलाड़ी हैं जिनका नाम 2 अलग-अलग आईसीसी रैंकिंग के टॉप-10 में हैं। आइए एक नजर इस पूरी लिस्ट पर डालते हैं- टेस्ट में रवींद्र जडेजा नंबर-1 टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम का दबदबा पिछले कुछ समय से कम हुआ है। न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के खिलाफ घर में बुरी तरह हारने के बाद टेस्ट रैंकिंग में टीम इंडिया को तगड़ा नुकसान झेलना पड़ा है। भारत आईसीसी टेस्ट टीम रैंकिंग में चौथे पायदान पर है। वहीं खिलाड़ियों की बात करें तो बैटिंग में ऋषभ पंत 7वें तो कप्तान शुभमन गिल 7वें पायदान पर हैं। ऑलराउंडर्स में रवींद्र जडेजा पहले पायदान पर बने हुए हैं। वहीं वॉशिंगटन सुंदर उनके साथ टॉप-10 में हैं। सुंदर आईसीसी टेस्ट ऑलराउंडर्स की रैंकिंग में 6ठे पायदान पर हैं। वहीं टेस्ट बॉलिंग रैंकिंग की बात करें तो यहां एकमात्र नाम जसप्रीत बुमराह का नजर आता है, जो चौथे नंबर पर हैं। वनडे में भारत मजबूत वनडे क्रिकेट की टीम रैंकिंग में जैसे भारत पहले पायदान पर है। वैसे ही उनके खिलाड़ियों का भी अपने-अपने डिपार्टमेंट में दबदबा रहा है। कप्तान शुभमन गिल आईसीसी वनडे बैटिंग रैंकिंग में पहले पायदान पर हैं। वहीं उनके साथ लिस्ट में विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज मौजूद हैं। कोहली वनडे रैंकिंग में तीसरे तो रोहित चौथे नंबर पर हैं। भारत को 27 सितंबर से वेस्टइंडीज के खिलाफ 3 मैच की वनडे सीरीज खेलनी है, ऐसे में कोहली-रोहित की नजरें नंबर-1 पर होगी। वनडे ऑलराउंडर्स में अक्षर पटेल 9वें पायदान पर हैं, तो बॉलिंग में कुलदीप यादव इसी नंबर पर हैं। T20I में भारत का दबदबा भारत और इंग्लैंड के बीच आईसीसी टी20 टीम रैंकिंग में नंबर-1 की जबरदस्त रेस चल रही है। इंग्लैंड पिछले 3 महीनों में 2 बार भारत से यह ताज छीन चुका है। हालांकि टीम इंडिया ने ज्यादा देर इंग्लैंड को खुश होने का मौका नहीं दिया। फिलहाल भारत आईसीसी टी20 टीम रैंकिंग में पहले तो इंग्लैंड दूरे पायदान पर है। इस फॉर्मेट की प्लेयर्स रैंकिंग में भारत के 6 खिलाड़ी टॉप-10 में हैं। बैटिंग में ईशान किशन और अभिषेक शर्मा का जलवा देखने को मिल रहा है। ईशान किशन टी20 बैटिंग रैंकिंग में पहले पायदान पर हैं, जबकि अभिषेक उनके ठीक पीछे दूसरे नंबर पर हैं। तिलक वर्मा 9वें पायदान के साथ तीसरे ऐसे भारतीय बैटर हैं जो टॉप-10 में हैं। ऑलराउंडर्स में हार्दिक पांड्या 7वें नंबर पर हैं, जबकि टी20 इंटरनेशनल बॉलिंग रैंकिंग में दो भारतीय टॉप-10 में हैं। वरुण चक्रवर्ती 7वें तो जसप्रीत बुमराह 10वें नंबर पर हैं। नोट- शुभमन गिल टेस्ट और वनडे में टॉप-10 में हैं तो जसप्रीत बुमराह टी20 और टेस्ट रैंकिंग में।

भारत को रोइंग में कांस्य पदक, सतनाम सिंह-सलमान खान ने बढ़ाया देश का मान

 नागोया  नागोया में भारतीय रोअर्स सतनाम सिंह और सलमान खान ने पुरुषों के डबल स्कल्स (M2X) में  गुरुवार को ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया. भारतीय जोड़ी ने नागरागावा इंटरनेशनल रेगाटा कोर्स पर 6:13.25 का समय निकाला।  सतनाम और सलमान 1500 मीटर तक दूसरे स्थान पर चल रहे थे. लेकिन आखिरी 500 मीटर में उनकी रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ी और वे तीसरे स्थान पर खिसक गए. भारतीय जोड़ी गोल्ड मेडल जीतने वाली चीन की यी शुडी और यीदे नी से 3.88 सेकेंड पीछे रही।  चीन की जोड़ी ने 6:09.37 के समय के साथ गोल्ड जीता. उज्बेकिस्तान के पावेल सोरिन और मेखरोजबेक मामातकुलोव ने 6:10.49 के समय के साथ सिल्वर मेडल अपने नाम किया।  सतनाम का यह एशियन गेम्स में लगातार दूसरा रोइंग मेडल है. उन्होंने 2023 हांगझोऊ एशियन गेम्स में पुरुषों के क्वाड्रपल स्कल्स इवेंट में ब्रॉन्ज जीता था।  कौन हैं रोअर्स सलमान खान? उत्तर प्रदेश के अमेठी के रहने वाले सलमान खान का रोइंग सफर 2018 में शुरू हुआ. वह भारतीय सेना के बॉम्बे इंजीनियर ग्रुप (BEG) में शामिल हुए थे. उनके कोच सत्यवान, सतीश सिराट और प्रभात मिश्रा ने उनकी क्षमता पहचानी और उन्हें रोइंग टीम में शामिल किया. शुरुआत में उन्होंने बटालियन और इंटर-सेंटर प्रतियोगिताओं में गोल्ड और सिल्वर मेडल जीते।  सलमान ने दो बार खेल छोड़ने के बारे में सोचा, लेकिन कोचों के भरोसे ने उन्हें आगे बढ़ाया. इसके बाद उन्हें आर्मी रोइंग नोड (ARN) में जगह मिली, जहां उन्होंने सीनियर कोच कुदरत अली और ट्रेनिंग ऑफिसर मेजर नागेंद्र हुड्डा के मार्गदर्शन में ट्रेनिंग की।  2023 में सलमान को टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) में शामिल किया गया. 2024 में एशियन रोइंग कप में गोल्ड जीतने के बाद उन्हें भारतीय सेना में नायब सूबेदार के पद पर प्रमोशन मिला।  कौन हैं रोअर्स सतनाम स‍िंह? पंजाब के मानसा जिले के पट्टा मालुका के सतनाम सिंह ने रोइंग से पहले नेशनल लेवल पर हैंडबॉल खेला था. 2018 में ओलंपियन स्वर्ण सिंह विर्क की सलाह पर उन्होंने रोइंग शुरू की. इसके बाद उन्होंने तेजी से पहचान बनाई।  सतनाम 2018 यूथ ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. 40वीं सीनियर नेशनल रोइंग चैम्प‍ियनश‍िप में उन्होंने मेंस सिंगल स्कल्स का खिताब जीता और ऐसा करने वाले पहले भारतीय नौसेना के रोअर बने।  2023 हांगझोउ एशियन गेम्स में सतनाम भारतीय मेंस क्वाड्रपल स्कल्स टीम का हिस्सा थे, जिसने ब्रॉन्ज मेडल जीता था. अब उन्होंने डबल स्कल्स में सलमान के साथ एक और एशियन गेम्स पदक अपने नाम कर लिया है।  सलमान के नाम 2022 नेशनल गेम्स और 2023 नेशनल गेम्स समेत कई गोल्ड मेडल हैं. वह 2023 वर्ल्ड रोइंग कप और 2024 BRICS गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. 2025 में उन्होंने एशियन रोइंग चैम्प‍ियनश‍िप में सिल्वर और 2026 सीनियर नेशनल रोइंग चैम्प‍ियनश‍िप में भी सिल्वर जीता था।  सतनाम ने 2025 इंडोर एशियन चैम्प‍ियनश‍िप में सिल्वर और सीनियर एशियन रोइंग चैम्प‍ियनश‍िप में गोल्ड जीता था. 2026 वर्ल्ड रोइंग कप III में वह 15वें स्थान पर रहे थे।  बलराज से भी मेडल की उम्मीद थी इससे पहले भारत रोइंग में एक और मेडल से मामूली अंतर से चूक गया. पुरुषों के सिंगल स्कल्स फाइनल में बलराज पंवार 6:54.80 के समय के साथ चौथे स्थान पर रहे।  बलराज 500 मीटर, 1000 मीटर और 1500 मीटर के पड़ाव तक दूसरे स्थान पर थे, लेकिन आखिरी 500 मीटर में वह चौथे स्थान पर खिसक गए. चीन के डेंग झिवेई ने 6:38.98 के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता. बलराज गोल्ड मेडल विजेता से 15.82 सेकेंड पीछे रहे।  एश‍ियन गेम्स 2026 में भारत के अब तक कुल मेडल  1. इलावेनिल वलारिवन, सोनम मस्कर और विदर्सा विनोद- विमेंस 10 मीटर एयर राइफल टीम इवेंट (निशानेबाजी): सिल्वर 2. इलावेनिल वलारिवन- विमेंस 10 मीटर एयर राइफल (निशानेबाजी): सिल्वर 3. रुद्रांक्ष पाटिल, हिमांशु ढिल्लों और पार्थ राकेश माने- मेन्स 10 मीटर एयर राइफल टीम इवेंट (निशानेबाजी): सिल्वर 4. सुचिका तरियाल- विमेंस ट्रेडिशनल 60 किग्रा (MMA)- ब्रॉन्ज 5. रुद्रांक्ष पाटिल- मेन्स 10 मीटर एयर राइफल (निशानेबाजी): ब्रॉन्ज 6. हिमांशु ढिल्लों- मेन्स 10 मीटर एयर राइफल (निशानेबाजी): सिल्वर 7. महिला क्रिकेट टीम: गोल्ड 8. राइजा ढ‍िल्लों, माहेश्वरी चौहान और परिनाज धालीवाल- विमेंस स्कीट टीम इंवेंट (निशानेबाजी): ब्रॉन्ज  9. अनंतजीत स‍िंह नरुका, मेराज अहमद खान और भवतेघ सिंह ग‍िल- मेन्स स्कीट टीम इंवेंट (निशानेबाजी): ब्रॉन्ज  10. जय मीणा (सॉफ्ट टेन‍िस) : ब्रॉन्ज  11. मीराबाई चानू (वेटलिफ्टिंग): सिल्वर 12. भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम: ब्रॉन्ज 13. सतनाम सिंह, सलमान खान ( रोइंग, पुरुष डबल स्कल्स): ब्रॉन्ज  14. रोश‍िब‍िना देवी नाओरेम (वुशू): स‍िल्वर भारत ने एशियन गेम्स में मिक्स्ड 4x400m रिले फाइनल के किया क्वाल‍िफाई नागोया एशियन गेम्स में मिक्स्ड 4x400m रिले फाइनल के लिए भारतीय टीम ने क्वाल‍िफाई कर लिया है.  भारत ने गुरुवार को हीट 2 में दूसरा स्थान हासिल करने के बाद एशियन गेम्स में मिक्स्ड 4x400m रिले के फाइनल के लिए क्वाल‍िफाई किया. टीएस मनु, एमआर पोवम्मा, जय कुमार और किरण वाली भारतीय टीम ने 3:16.23 का समय निकालकर चीन से पीछे रही.  भारतीय चौकड़ी की टाइमिंग हीट्स में कुल मिलाकर चौथी सबसे तेज थी, जो बहरीन (3:15.73), चीन (3:15.97) और वियतनाम (3:16.08) के बाद थी।  आठ टीमों का फाइनल आज शाम (6 बजकर 45 म‍िनट) पर होगा. भारतीय टीम ने रेस के दूसरे और तीसरे लेग में बढ़त बनाई, लेकिन किरण, जो एंकर लेग  (अंतिम और चौथा चरण) में दौड़ी थीं, आखिर में चीन से पीछे रह गईं. चीन टॉप पर रहा, जबकि UAE (3:17.00) तीसरे स्थान पर रहा. साउथ कोरिया (3:18.66) भी हीट 2 से फाइनल में पहुंचा.  बहरीन, वियतनाम, होस्ट जापान (3:16.52) और फिलीपींस (3:19.68) हीट 1 से क्वालिफई हुए।  एश‍ियन गेम्स में 24 स‍ितंबर को भारत की धमाकेदार शुरुआत एश‍ियन गेम्स में गुरुवार को भारत की धमाकेदार शुरुआत हुई है, भारत ने 2 मेडल जीत लिए हैं. द‍िन का पहला मेडल रोइंग में आया. भारतीय रोअर्स सतनाम सिंह और सलमान खान ने पुरुषों के डबल स्कल्स (M2X) में ब्रॉन्ज मेडल जीता. भारतीय जोड़ी ने नागरागावा इंटरनेशनल रेगाटा कोर्स पर 6:13.25 का समय निकाला. वहीं रोश‍िब‍िना देवी ने एशियन गेम्स में भारत को वुशू का सिल्वर मेडल दिलाया. 60 किग्रा सांडा फाइनल में उन्हें चीन की झांग शियाओयू से 0-2 से हार मिली. रोश‍िब‍िना ने फाइनल से पहले वियतनाम की 2023 वर्ल्ड चैंपियन गुयेन थी थू थुय को … Read more

एशियन गेम्स में मीराबाई चानू का सिल्वर, री सॉन्ग गुम ने 215 किलो उठाकर रचा इतिहास

 नागोया  एशियन गेम्स 2026 के वेटलिफ्टिंग एरीना में बुधवार को मीराबाई चानू ने आखिरकार वह मेडल हासिल कर लिया जिसका इंतजार सालों से था. महिला 49 किग्रा वर्ग में उन्होंने 198 किलो के टोटल के साथ सिल्वर मेडल अपने नाम किया. हालांकि उनसे देश को गोल्ड मेडल की उम्मीद थी।  स्नैच में 88 किलो और क्लीन एंड जर्क में 111 किलो उठाकर मीराबाई ने भारत को 1998 के बाद पहला एशियन गेम्स वेटलिफ्टिंग मेडल दिलाया. कर्णम मल्लेश्वरी के ब्रॉन्ज के 28 साल बाद यह उपलब्धि आई है।  टोक्यो ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट मीराबाई का यह सिल्वर उनके कलेक्शन को और खास बना दिया. मीराबाइ्र के पास पहले से ओलंपिक सिल्वर, तीन वर्ल्ड चैम्प‍ियनश‍िप मेडल (जिसमें एक गोल्ड शामिल), कई कॉमनवेल्थ गेम्स और कॉमनवेल्थ चैम्प‍ियनश‍िप खिताब तथा एशियन चैम्प‍ियनश‍िप ब्रॉन्ज मौजूद है।  लेकिन गोल्ड का सपना फिर टूट गया. नॉर्थ कोरिया (नॉर्थ कोर‍िया का मेडल टैली में नाम डेमोक्रेट‍िक पीपल्स र‍िपब्ल‍िक ऑफ कोर‍िया) की दो बार की वर्ल्ड चैम्प‍ियन री सॉन्ग गुम  ने 215 किलो (94 किलो स्नैच + 121 किलो क्लीन एंड जर्क) के साथ गोल्ड मेडल जीत।  उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ते हुए एशियन गेम्स खिताब का हैट्रिक भी पूरा कर लिया. मीराबाई ने स्नैच में शुरुआत 83 किलो से की, फिर 85 और 87 किलो सफलतापूर्वक उठाकर पहले हाफ में तीसरे स्थान पर रहीं. क्लीन एंड जर्क में 111 किलो के बेस्ट लिफ्ट के साथ उन्होंने मेडल पक्का किया।  दो बार पहले निराश होने के बाद आखिरकार एशियन गेम्स मेडल उनके नाम हो गया. लेकिन किम जोंग उन के देश की लिफ्टर ने रिकॉर्ड प्रदर्शन के साथ सपना अधूरा छोड़ दिया।  री सॉन्ग गुम ने कौन से र‍िकॉर्ड बनाए  नॉर्थ कोरिया की दो बार की विश्व चैम्प‍ियन  री सॉन्ग गुम ने 215 किलो (94 किलो स्नैच + 121 किलो क्लीन एंड जर्क) के साथ गोल्ड मेडल जीता तो जीता ही उन्होंने एक ही दिन में वर्ल्ड रिकॉर्ड (WR), एशियन रिकॉर्ड (AR) और एशियन गेम्स रिकॉर्ड (GR) तीनों अपने नाम कर लिए. उनका यह प्रदर्शन 23 सितंबर 2026 को आइची-नागोया में हुआ। 

India vs Japan: आखिरी गेंद तक रोमांच, 32 रन के स्कोर का भारत ने किया बचाव; दर्ज की 200वीं जीत

नई दिल्ली भारत ने जापान के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल मैच को रोमांचक अंदाज में अपने नाम किया। बारिश की वजह से मैच 5-5 ओवर का हुआ। भारत ने सिर्फ 32 रन बनाए। जापान को आखिरी गेंद पर दो रनों से हार झेलनी पड़ी। यह टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भारतीय टीम की 200वीं जीत है। भारत- 200 जीत भारत टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 200 मैच जीतने वाला पहला देश बना गया है। टीम ने अभी तक 291 मैचों में 194 जीत हासिल की है। वहीं 7 टाई मैचों में 6 जीत मिली है। इस तरह टीम के जीत की संख्या 200 हो गई। अभी तक भारत एक भी टाई मैच नहीं हारा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ बारिश की वजह से एक मैच का सुपर ओवर नहीं हो पाया था और वह टाई ही रह गया। पाकिस्तान- 174 जीत पाकिस्तान ने 299 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 173 जीत हासिल की है। वहीं टीम को एक जीत सुपर ओवर में मिली है। 4 टाई मैचों में पाकिस्तान तीन में हारा है। पाकिस्तान ने 2009 में टी20 विश्व कप का खिताब भी जीता था। न्यूजीलैंड- 137 जीत न्यूजीलैंड की टीम के पास एक भी टी20 विश्व कप का खिताब नहीं है। लेकिन सबसे ज्यादा जीत के मामले में टीम तीसरे नंबर पर है। 267 मैचों में उसे 137 जीत मिली है। टाई हुए 10 मैचों में न्यूजीलैंड सिर्फ दो को ही अपने नाम कर पाया है। साउथ अफ्रीका- 131 जीत 2005 में साउथ अफ्रीका ने अपना पहली टी20 मैच खेला था। 235 मैचों में 131 जीत के साथ टीम लिस्ट में चौथे नंबर पर है। उसे 101 मैचों में हार भी झेलनी पड़ी है। पहला टी20 विश्व कप साउथ अफ्रीका की मेजबानी में ही खेला गया था। इंग्लैंड- 130 जीत दो बार की विश्व चैंपियन इंग्लैंड के 233 मैचों में 130 जीत हैं। टीम को 92 हार झेलनी पड़ी है। उसके 11 मै बेनतीजा रहे। इंग्लैंड का हालिया फॉर्म काफी शानदार रहा है। इस साल 19 मैचों में टीम ने 16 जीत हासिल की है। इस दो में एक हार टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत के खिलाफ मिली थी।