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अंडर-19 एशिया कप: वैभव सूर्यवंशी का जलवा, 14 दिसम्बर को भारत-पाकिस्तान के बीच होगा रोमांचक मुकाबला

  दुबई  एसीसी मेन्स अंडर-19 एशिया कप 2025 (ACC Mens U19 Asia Cup 2025) की शुरुआत (12 द‍िसंबर) से हो रही है. वहीं टूर्नामेंट का फाइनल 21 दिसंबर को होगा. आयुष म्हात्रे इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम की कमान संभाल रहे हैं. वहीं टीम के उप-कप्तान विहान मल्होत्रा होंगे.  इस टूर्नामेंट में भारत की पाकिस्तान से टक्कर 14 स‍ितंबर को होगी. 16 द‍िसंबर को भारत की मलेश‍िया से भ‍िड़ंत होनी है. खास बात यह है कि इस टूर्नामेंट के सभी मुकाबले 10:30 पर शुरू होंगे. वहीं टॉस सुबह 10 बजे होगा. भारत में क्रिकेट फैन् ACC मेन्स U19 एशिया कप 2025 के सभी मैच सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर लाइव देख सकते हैं. टूर्नामेंट SonyLIV ऐप और वेबसाइट पर लाइव स्ट्रीमिंग के लिए भी उपलब्ध होगा.  वैभव सूर्यवंशी ने इससे पहले एशिया कप राइजिंग स्टार्स टूर्नामेंट 2025 में बल्ले से कमाल का खेल दिखाया था. तब वैभव ने यूएई के खिलाफ मैच में सिर्फ 42 गेंदों पर 144 रन बना दिए थे. वहीं उन्होंने उस सीरीज के 4 मुकाबलों में 239 रन 59.75    के एवरेज और 243.87 के स्ट्राइकर रेट से बनाए थे. इसमें 20  चौके और 22 छक्के शामिल थे.  अंडर-19 एशिया कप के ग्रुप्स  ग्रुप ए: भारत, पाकिस्तान, मलेश‍िया, UAE  ग्रुप बी: बांग्लादेश, श्रीलंका, अफगानिस्तान, नेपाल  भारत के ग्रुप मुकाबले  12 दिसंबर- बनाम UAE, आईसीसी एकेडमी, दुबई  14 दिसंबर- बनाम पाकिस्तान, आईसीसी एकेडमी, दुबई  16 दिसंबर- बनाम मलेश‍िया, द सेवन्स, दुबई  अंडर-19 एशिया कप में नॉकआउट मैचों का शेड्यूल  19 दिसंबर- पहला सेमीफाइनल (A1 vs B2), आईसीसी एकेडमी  19 दिसंबर- दूसरा सेमीफाइनल (B1 vs A2), द सेवन्स, दुबई  21 दिसंबर- फाइनल ACC मेन्स U19 एशिया कप 2025, पूरी टीमें एशिया कप के लिए भारत की अंडर-19 टीम: आयुष म्हात्रे (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, विहान मल्होत्रा ​​(उप-कप्तान), वेदांत त्रिवेदी, अभिज्ञान कुंडू (विकेटकीपर), हरवंश सिंह (विकेटकीपर), युवराज गोहिल, कनिष्क चौहान, खिलान ए. पटेल, नमन पुष्पक, डी. दीपेश, हेनिल पटेल, किशन कुमार सिंह (फिटनेस के अधीन), उधव मोहन और एरॉन जॉर्ज.  स्टैंडबाय खिलाड़ी: राहुल कुमार, जे हेमचूडेशन, बीके किशोर और आदित्य रावत.  एशिया कप के लिए UAE की अंडर 19 टीम:  यायिन राय (C), अहमद खोदादाद, अलीअसगर शम्स, अयान मिस्बाह, करण धीमान, मुहम्मद बाज‍िल आस‍िम, नसीम खान, नूरुल्लाह अयोबी, पृथ्वी मधु, रेयान खान, सालेह अमीन, शालोम डिसूजा, उद्दीश सूरी, युग शर्मा, जैनुल्लाह रहमानी.  एशिया कप के लिए पाकिस्तान की अंडर 19 टीम: साद बेग (C), अब्दुल सुभान, अहमद हुसैन, अली रजा, फहम-उल-हक, फरहान यूसुफ, हारून अरशद, मोहम्मद अहमद, मोहम्मद हुजैफा, मोहम्मद रियाजुल्लाह, नवीद अहमद खान, शाहजैब खान, तैयब आरिफ, उमर जैब, उस्मान खान.  एशिया कप के लिए मलेशिया की अंडर 19 टीम: डीज पात्रो (C), मुहम्मद आलिफ, जाश्विन कृष्णमूर्ति, हमजाह पंगी, मुहम्मद अकरम, मोहम्मद हारिज अफनान, अजीब वाजदी, मुहम्मद नूरहानिफ, चे अहमद अल आतिफ चे जमान, मुहम्मद असीराफ रिफाई मोहम्मद अफ‍िनिद, मोहम्मद हैरिल (WK), मुहम्मद फतुल मुमिन, नगीनेश्वरन सथनकुमारन, सयाकिर इज़ुद्दीन.  एशिया कप के लिए बांग्लादेश की अंडर 19 टीम: अजीजुल हकीम तमीम (C), जवाद अबरार, समीउन बसीर रतुल, शेख पैज जिबोन, रिजान हुसैन, शादीन इस्लाम, एमडी अब्दुल्ला, फरीद हसन फैसल, कलाम सिद्दीकी अलीन, इकबाल हुसैन इमोन, रिफाई बेग, शाहिरार अल अमीन, अहमद शाहरिया, साद इस्लाम रज़ीन, एमडी शबुज.  एशिया कप के लिए नेपाल की अंडर 19 टीम: अशोक धामी (C), आशीष लुहार (WK), वंश छेत्री, नीरज कुमार यादव (WK), दिलशाद अली, अपराजित पौडेल, सुशील बहादुर रावल, दयानंद मंडल, नितेश कुमार पटेल, चंदन राम, रोशन बिश्वकर्मा, दर्श सोनार, निश्चल क्षेत्री, सिब्रिन श्रेष्ठ  एशिया कप के श्रीलंका की अंडर 19 टीम:  विमथ दिनसारा (C), कविजा गमागे (V/C), दिमंथा महाविथाना, विरन चामुदिथा, दुलनीथ सिगेरा, चमिका हीनातिगाला, अधम हिल्मी, चमारिंडू नेथसारा, किथमा विदानापथिराना, सेठमिका सेनेविरत्ने, सनुजा निंदुवारा, कुगाथास मथुलन, रसिथ निमसारा, विग्नेश्वरन आकाश, थारुशा नवोदय.  एशिया कप के अफगानिस्तान की अंडर 19 टीम: महबूब तस्कीन (C), खालिद अहमदज़ई (WK), उस्मान सादात, फैसल खान शिनोज़ादा, उजैर खान नियाजी, अजीजुल्लाह मिआखिल, नजीफ़ल्लाह अमीरी, खात‍ितिर खान स्टानिकजई, नसरतुल्लाह नूरिस्तानी, अब्दुल अजीज खान, सलाम खान अहमदजई, वहीदुल्लाह जादरान, जैतुल्लाह शाहीन, रोहुल्लाह अरब और हफीजुल्लाह जादरान 

एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक के साथ चमकी ज्योतिर्मयी सिकदर, भारत को मिली नई स्टार रनर

नई दिल्ली  भारतीय एथलेटिक्स में पी.टी. उषा को 'उड़न परी' के नाम से जाना जाता है। उन्हें यह उपनाम उनकी बिजली की गति से दौड़ने वाली क्षमता की वजह से मिला था। पी.टी. उषा के बाद जिस महिला धावक ने अपनी दौड़ने की क्षमता से पूरे देश को प्रभावित किया और एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड जीता, वो थीं ज्योतिर्मयी सिकदर। सिकदर को 'नई गोल्डन गर्ल' के नाम से जाना गया।  ज्योतिर्मयी सिकदर का जन्म 11 दिसंबर, 1969 को पश्चिम बंगाल के नादिया जिले के एक छोटे से गांव देबग्राम में हुआ था। ज्योतिर्मयी को एथलेटिक्स विरासत में मिली थी। उनके पिता, गुरुदास सिकदर, पोल वॉल्टर थे। ज्योतिर्मयी की दौड़ने की क्षमता को उनके पिता ने ही पहचाना था। उन्हें अपने पिता से कड़ा प्रशिक्षण मिला। इसके बाद मेंटर सत्यराम रॉय ने ज्योतिर्मयी की क्षमता को पहचाना और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई। 1992 में ऑल इंडिया ओपन मीट में उनका नेशनल डेब्यू शानदार था। 800मी में शानदार समय निकालते हुए, उन्होंने रजत पदक जीता। 1994 तक, ज्योतिर्मयी ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। 1500 मीटर में एक नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया और नेशनल एथलेटिक्स मीट में स्वर्ण पदक जीता। 1994 के अंतरराष्ट्रीय आईटीसी एथलेटिक्स मीट में 800मी में कांस्य पदक जीता।  जकार्ता में 1995 की एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में, उन्होंने 800मी में स्वर्ण पदक जीता। 1997 में, फुकुओका एशियन ट्रैक एंड फील्ड मीट में, उन्होंने 800मी और 1500मी श्रेणी में कांस्य पदक जीता। साथ ही 4×400मी रिले में रजत पदक जीता। 1998 ज्योतिर्मयी का सबसे अच्छा साल था, एक ऐसा साल जिसने उनका नाम सुनहरे अक्षरों में लिख दिया। बैंकॉक एशियन गेम्स में, उन्होंने अपने करियर की सबसे अच्छी टाइमिंग दिखाई, 800 मी में 2:01.00 और 1500 मी में 4:12.82, जिससे उन्हें 4×400 मी रिले में दो स्वर्ण और एक रजत पदक मिला। इन सफलताओं के बाद ही उन्हें भारतीय खेलों की 'नई गोल्डन गर्ल' कहा जाने लगा। 1996 में अटलांटा में आयोजित ओलंपिक में उन्होंने 4×400 मी रिले में भारत का प्रतिनिधित्व किया था और सातवें नंबर पर रही थीं। ज्योतिर्मयी सिकदर को दौड़ के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों के लिए भारत सरकार ने 1995 में अर्जुन पुरस्कार, 1998 में राजीव गांधी खेल रत्न और 2003 में पद्मश्री से सम्मानित किया था। एथलेटिक्स में बड़ी सफलता और सम्मान हासिल करने के बाद ज्योतिर्मयी ने राजनीति में एंट्री की और 2004 से 2009 तक वह पश्चिम बंगाल की लोकसभा सीट कृष्णानगर से लोकसभा सांसद थीं। नादिया जिले के एक छोटे से गांव में धान के खेत पर दौड़ने से लेकर अंतरराष्ट्रीय ट्रैक पर भारत का तिरंगा झंडा फहराने तक की ज्योतिर्मयी सिकदर की कहानी प्रेरणादायी है।

बार्सा और एटलेटिको का जलवा बरकरार, चैंपियंस लीग में शानदार जीत से बढ़ाया कदम

बार्सिलोना  बार्सिलोना ने जूल्स कोंडे के हेडर से लगाए दो गोल की मदद से आइंट्राच्ट फ्रैंकफर्ट को 2-1 से हराकर चैंपियंस लीग में अहम जीत हासिल की। जीत के साथ बार्सिलोना 36 टीमों के लीग फेज में 13वें नंबर पर आ गया है। शीर्ष 8 में जगह बनाने के लिए बार्सिलोना को दो और मैचों में जीत हासिल करनी होगी। एटलेटिको मैड्रिड ने एक गोल से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए पीएसवी के खिलाफ 3-2 से जीत हासिल की। गुस टिल ने 10वें मिनट में मैच का पहला गोल किया। अलेक्जेंडर सोरलोथ ने 37वें मिनट में जूलियन अल्वारेज को बराबरी का गोल करने का मौका दिया। इससे पहले डेविड हैंको ने 52वें मिनट में मातेज कोवर के नाहुएल मोलिना के लॉन्ग-रेंज शॉट को बाहर धकेलने के बाद रिबाउंड पर गोल किया, और सोरलोथ ने चार मिनट बाद तीसरा गोल किया। रिकार्डो पेपी ने 85वें मिनट में दूर के पोस्ट पर गोल किया और आखिरी मिनटों में अरमांडो ओबिस्पो ने पास से एक सुनहरा मौका गंवा दिया, जिससे एटलेटिको ने 3-2 से अहम जीत हासिल की। इंटर मिलान के खिलाफ लिवरपूल के लिए इब्राहिमा कोनाटे के पहले हाफ के हेडर को हैंडबॉल के लिए खारिज करने के लिए चार मिनट के वीएआर रिव्यू की जरूरत थी। अधिकारियों ने प्रीमियर लीग चैंपियन का पक्ष लिया और पांच मिनट बाकी रहते पेनल्टी दी। डोमिनिक सोबोस्जलाई ने स्पॉट से गोल करके लिवरपूल की टीम को 1-0 से जीत दिलाई, जो मोहम्मद सलाह के बिना खेली थी। टॉटेनहैम ने स्लाविया प्राग पर 3-0 से आसान जीत हासिल की, जिसमें डेविड जिमा ने 26वें मिनट के बाद गेंद को अपने ही नेट में डाल दिया और मोहम्मद कुदुस ने 50वें मिनट में पेड्रो पोरो पर फाउल के बाद पेनल्टी स्पॉट से बढ़त दोगुनी कर दी। मैच खत्म होने से 10 मिनट पहले जेवी सिमंस ने एक और पेनल्टी को गोल में बदलकर मैच अपने नाम कर लिया। मेसन ग्रीनवुड ने शानदार खेल दिखाया जिससे मार्सिले ने पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए यूनियन सेंट-गिलोइस को 3-2 से हराया। अनन खलैली ने मेजबान टीम को आगे कर दिया, लेकिन इगोर पैक्साओ ने 15 मिनट बाद बराबरी कर ली और ग्रीनवुड ने 41वें और 58वें मिनट में गोल करके मैच का रुख बदल दिया। खलैली ने गोल करके यूनियन को मुकाबले में बनाए रखा। बायर्न म्यूनिख ने जोशुआ किमिच के अपने गोल से वापसी करते हुए स्पोर्टिंग सीपी को अपने घर में 3-1 से हराया।

‘बेस्ट देने को प्रेरित करते हैं’ — सूर्यकुमार यादव की कप्तानी ने डेल स्टेन का दिल जीता

नई दिल्ली दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन ने सूर्यकुमार यादव की कप्तानी की जमकर प्रशंसा करते हुए कहा कि उनका सहज रवैया खिलाड़ियों को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करता है। स्टेन ने जियोस्टार पर कहा, ‘जब आपको अपनी टीम का समर्थन मिल रहा होता है और आप अपने माहौल में सहज महसूस करते हैं, तो आप अपने खिलाड़ियों के साथ खुलकर बातचीत कर सकते हैं। आपको अपनी जगह या कप्तानी को लेकर कोई खतरा महसूस नहीं होता।’ उन्होंने कहा, ‘जब आप टीम को सर्वोपरि रखते हैं। जब आप यह कहते हैं किसी खिलाड़ी के लिए व्यक्तिगत रूप से सर्वश्रेष्ठ क्या है। टीम के लिए सर्वश्रेष्ठ क्या है। हर कोई इसी तरह का कप्तान चाहता है, जो आत्मविश्वास से भरा हो, मिलनसार हो और व्यापक हित के लिए समायोजन करने को तैयार हो। चाहे यह सिर्फ एक मैच या श्रृंखला के लिए ही क्यों न हो, यह लचीलापन आपके खिलाड़ियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को सामने लाता है।’   स्टेन ने कहा, ‘इसलिए जब वह किसी से कहते हैं, आज तुम तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी नहीं कर सकते, मुझे तुम्हारी जरूरत छठे नंबर पर है तो बल्लेबाज समझ जाता है क्योंकि कप्तान ने पहले भी उसका साथ दिया है। यह कप्तानी का बहुत अच्छा गुण है।’ कटक में खेले गए सीरीज के पहले टी20 मैच में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 101 रनों के विशाल अंतर से हराया। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट के नुकसान पर 175 रन बनाए। चोट के बाद टीम इंडिया में वापसी करने वाले स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ने 28 गेंदों में नाबाद 59 रन की पारी खेली।    जीत के लिए 176 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम भारत की धारदार गेंदबाजी के सामने सिर्फ 74 रन पर सिमट गई। टी20 इंटरनेशनल में दक्षिण अफ्रीका का ये न्यूनतम स्कोर है।  

ब्लेयर टिकनर की धाकड़ गेंदबाजी, कीवी टीम ने पहली ही पारी में विंडीज को 205 पर रोका

नई दिल्ली  न्यूजीलैंड ने तेज गेंदबाज ब्लेयर टिकनर के चोटिल होने से पहले किए गए शानदार प्रदर्शन की मदद से वेस्टइंडीज को दूसरे टेस्ट क्रिकेट मैच के पहले दिन बुधवार को वेलिंगटन टेस्ट की पहली पारी में 205 रन पर आउट कर दिया। टिकनर ने 32 रन देकर चार विकेट लिए लेकिन क्षेत्ररक्षण करते समय वह गिर गए और उनके कंधे में चोट लग गई। इसके बाद उन्हें स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर ले जाया गया। टिकनर को अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे माइकल रे से अच्छा सहयोग मिला। उन्होंने 65 रन देकर तीन विकेट लिए जिससे वेस्टइंडीज की टीम 75 ओवर में ही सिमट गई। न्यूजीलैंड ने पहले दिन का खेल समाप्त होने तक अपनी पहली पारी में बिना किसी नुकसान के 24 रन बनाए हैं। उस समय डेवोन कॉनवे 16 और कप्तान टॉम लैथम सात रन पर खेल रहे थे। न्यूजीलैंड इस तरह से वेस्टइंडीज से पहली पारी में 181 रन पीछे है। टिकनर की चोट से न्यूजीलैंड के चोटिल खिलाड़ियों की सूची में एक और नाम जुड़ गया है। उसकी टीम पहले से ही मैट हेनरी, विल ओरूर्क, बेन सियर्स, नाथन स्मिथ और काइल जैमीसन जैसे तेज गेंदबाजों के बिना खेल रही हैं। विकेटकीपर टॉम ब्लंडेल भी हैमस्ट्रिंग में खिंचाव के कारण इस मैच में नहीं खेल रहे हैं। उनकी जगह मिशेल हे को टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिला।   कुछ विषम परिस्थितियों के बावजूद पहले टेस्ट को ड्रॉ कराने वाली वेस्टइंडीज की टीम आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरी लेकिन उसके बल्लेबाज क्राइस्टचर्च में दूसरी पारी की तरह प्रदर्शन नहीं कर पाए। वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किए जाने के बाद अच्छी शुरुआत की। जॉन कैंपबेल (44) और ब्रैंडन किंग (33) ने पहले विकेट के लिए 66 रन जोड़े, जो 21 पारियों में वेस्टइंडीज की तरफ से पहले विकेट के लिए सर्वश्रेष्ठ साझेदारी है। लंच के समय वेस्टइंडीज का स्कोर दो विकेट पर 92 रन और चायकाल तक चार विकेट पर 175 रन था लेकिन इसके बाद उसकी पारी लड़खड़ा गई। उसने अपने आखिरी छह विकेट 29 रन के अंदर गंवाए। पहले टेस्ट की पहली पारी में अर्धशतक और दूसरी पारी में शतक बनाने वाले शाई होप ने टीम की तरफ से सर्वाधिक 48 रन बनाए।  

रॉकस्टार वाइब्स और पागल होती भीड़—हार्दिक पांड्या ने खोला प्रेरणा का सीक्रेट

नई दिल्ली  भारत के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या का मानना है कि चोटिल होने के कारण बाहर हो जाने के बाद वह सकारात्मक मानसिकता से ही ‘दमदार और बेहतर वापसी’ करने में सफल रहे। रॉकस्टार का उदाहरण देकर उन्होंने ये भी बताया कि उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा क्या है। एशिया कप के दौरान चोटिल होने वाले इस 32 वर्षीय खिलाड़ी ने भारतीय टीम में शानदार वापसी करते हुए दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में 28 गेंद पर नाबाद 59 रन की तूफानी पारी खेली और फिर 16 रन देकर एक विकेट लिया। भारत ने इस मैच में 101 रन से बड़ी जीत हासिल की। हार्दिक ने बीसीसीआई टीवी पर जारी किए गए एक वीडियो में कहा, ‘मेरी सोच यह थी कि मैं पहले की तुलना में अधिक दमदार और बेहतर वापसी करूं। चोटें मानसिक रूप से आपकी परीक्षा लेती हैं और साथ ही कई तरह के संदेह भी पैदा करती हैं। इससे उबरने में अपने करीबी लोगों का भी बड़ा योगदान होता है।’ उन्होंने कहा, ‘मैंने खुद को मजबूत बनाए रखा जिससे मुझे अधिक आत्मविश्वास मिला तथा खुद पर भरोसा करने और अपनी क्षमताओं पर पूरी तरह से विश्वास करने में मदद मिली है। मुझे एक खिलाड़ी के रूप में खुद पर पूरा भरोसा है। मेरा हमेशा से मानना ​​रहा है कि अगर आप खुद पर विश्वास नहीं करते हैं, तो दूसरे आप पर कैसे विश्वास करेंगे।’ वह खिलाड़ियों को बेस्ट के लिए प्रेरित करते हैं; सूर्या पर फिदा हुए डेल स्टेन टी20 विश्व कप में भारतीय अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी हार्दिक ने कहा कि वह ऐसे इंसान हैं जो आत्मविश्वास अपने भीतर से प्राप्त करता है और लोग क्या सोच रहे हैं इसकी ज्यादा परवाह नहीं करता है उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि मैं जीवन में बेहद ईमानदार और यथार्थवादी इंसान रहा हूं जिससे मुझे बहुत मदद मिली है। मुझे घुमा फिरा कर बात करना पसंद नहीं है। मैं इसकी परवाह नहीं करता कि अन्य लोग मेरे बारे में क्या सोच रहे हैं। मैं हमेशा इस पर ध्यान देता हूं कि मैं खुद के बारे में क्या सोच रहा हूं।’ हार्दिक ने कहा, ‘अब वो समय आ गया है जब हार्दिक पांड्या सिर्फ खेल खेलना चाहता है, मैदान पर हर पल का आनंद लेना चाहता है। अब बड़ा और बेहतर बनना ही मेरे जीवन का ध्येय है।’ पांड्या का कहना है कि दर्शकों के समर्थन से उन्हें नई ऊर्जा मिलती है, जो उन्हें उम्मीदों पर खरा उतरने में मदद करती है। उन्होंने कहा, ‘आपको एक रॉकस्टार होना चाहिए। आप आते हैं, 10 मिनट तक परफॉर्म करते हैं और भीड़ पागल हो जाती है, मुझे लगता है कि यही मेरे लिए सबसे बड़ी प्रेरणा रही है। मैंने जिंदगी में कई मुश्किलों का सामना किया और उनसे सबक लिया। इसलिए जब भी मैं मैदान पर उतरता हूं तो मुझे लगता है कि दर्शक बस मेरा ही इंतजार कर रहे हैं। वे मुझे बल्लेबाजी करते हुए देखने के लिए ही इंतजार कर रहे हैं।'

ICC रैंकिंग में ROKO का दबदबा, बुमराह-अभिषेक की शानदार जगह, नंबर 1 और 2 पर है कब्जा

 दुबई ICC (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंस‍िल) की बुधवार (12 द‍िसंबर) को ताजा रैकिंग सामने आई. जिसमें 38 साल के रोहित शर्मा और 37 साल के विराट कोहली क्रमश: नंबर 1 और नंबर 2 बल्लेबाज बने हुए हैं. वहीं म‍िचेल स्टार्क टेस्ट क्रिकेट में नंबर 3 गेंदबाज बन गए हैं. एशेज के दो शुरुआती टेस्ट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है. नंबर 1 टेस्ट गेंदबाज जसप्रीत बुमराह हैं.  विराट कोहली अप्रैल 2021 से ODI बल्लेबाजों की नंबर 1 रैंकिंग पर नहीं हैं, तब उनको पाकिस्तान के बाबर आजम ने उन्हें पीछे छोड़ा था. लेकिन अब कोहली फिर से टॉप स्थान के बेहद करीब पहुंच गए हैं, क्योंकि साउथ अफ्रीका के खिलाफ हाल ही में हुई तीन मैचों की ODI सीरीज में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया.  37 साल के कोहली को तीनों मैचों में कुल 302 रन बनाने के लिए ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ चुना गया था. उनकी इस शानदार प्रदर्शन का असर ICC की ताजा रैंकिंग में भी दिखा, जहां वह दो पायदान ऊपर चढ़कर दूसरे नंबर पर पहुंच गए. उनके आगे सिर्फ रोहित शर्मा हैं.  रोहित ने इस सीरीज में 146 रन बनाए और नंबर 1 की अपनी पोजीशन बरकरार रखी. वहीं विशाखापट्टनम में खेले गए आखिरी मैच में कोहली की नाबाद 65 रनों की पारी की बदौलत वह अब रोहित से सिर्फ 8 रेटिंग पॉइंट पीछे रह गए हैं.  भारत अब अगला वनडे मुकाबला 11 जनवरी से न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की घरेलू सीरीज में खेलेगा. इस दौरान सभी की नजरें रोहित शर्मा और विराट कोहली पर होंगी, क्योंकि दोनों के बीच ODI बल्लेबाजों की नंबर 1 रैंकिंग की दौड़ और तेज है.  कोहली ही नहीं, इस हफ्ते जारी नई रैंकिंग में कई और भारतीय खिलाड़ियों ने भी बड़ी छलांग लगाई है. विकेटकीपर-बल्लेबाज केएल राहुल दो पायदान ऊपर चढ़कर 12वें नंबर पर पहुंच गए हैं. वहीं गेंदबाज़ों की रैंकिंग में बाएं हाथ के स्पिनर कुलदीप यादव बड़ा फायदा पाते हुए तीन स्थान ऊपर चढ़कर तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं.  कटक टी20 के बाद बदली टी20 रैकिंग  कटक में भारत की 101 रन की धमाकेदार जीत के बाद T20I गेंदबाजों की नई रैंकिंग में तीन भारतीय खिलाड़ियों को फायदा मिला है. अक्षर पटेल दो स्थान चढ़कर 13वें नंबर पर, अर्शदीप सिंह तीन पायदान बढ़कर 20वें नंबर पर और जसप्रीत बुमराह छह स्थान ऊपर उठकर 25वें नंबर पर पहुंच गए हैं.  म‍िचेल स्टार्क बने नंबर 3 टेस्ट गेंदबाज  इधर टेस्ट गेंदबाजों की रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क की बड़ी छलांग कोई हैरानी की बात नहीं है. इंग्लैंड के खिलाफ पहले दो एशेज टेस्ट में लगातार ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बनने के बाद स्टार्क तीन स्थान ऊपर चढ़कर तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं. इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों के खराब प्रदर्शन का असर टेस्ट रैंकिंग पर भी पड़ा है. हैरी ब्रूक दो स्थान गिरकर चौथे नंबर पर आ गए हैं. वहीं केन विलियमसन और स्टीव स्मिथ, दोनों एक-एक स्थान ऊपर बढ़े हैं और अब टॉप पर मौजूद जो रूट के पीछे क्रमशः दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं.  कौन से भारतीय ICC रैकिंग में नंबर 1 पर कायम?  टी20 बल्लेबाजी रैंकिंग में अभिषेक शर्मा (913)  टॉप पर हैं. टी20 की ही गेंदबाजी रैंकिंग की बात करें तो वरुण चक्रवर्ती (782) टॉप पर हैं. टेस्ट ऑलराउंडर की श्रेणी में रवींद्र जडेजा का जादू चल रहा है. वह 455 अंक के साथ शीर्ष पर हैं.

शुभमन गिल थे ‘कप्तान-इन-वेटिंग’? पूर्व चयनकर्ता का दावा—2023 में ही हो गया था फैसला

नई दिल्ली  शुभमन गिल को जब एशिया कप 2025 से पहले भारत की टी20 टीम का उपकप्तान घोषित किया गया था तो साफ हो गया था कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई उनको तीनों फॉर्मेट के कप्तान और भारतीय क्रिकेट के नए पोस्टर ब्वॉय के रूप में देख रहा है। शुभमन गिल को पहले ही टेस्ट और वनडे टीम की कप्तानी सौंपी जा चुकी थी और अब संभावित रूप से टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बाद वे टी20 टीम के कप्तान भी होंगे। हालांकि, इस बीच एक बड़ा ही सनसनीखेज दावा पूर्व सिलेक्टर सलील अंकोला ने किया है। उनका कहना है कि बीसीसीआई ने 2023 में ही मन बना लिया था कि रोहित शर्मा से कप्तानी शुभमन गिल को सौंपी जाएगी।   जब विराट कोहली के बाद रोहित शर्मा कप्तान बने तो वह 30 की उम्र को पार कर चुके थे। सभी को पता था कि रोहित ज्यादा समय तक कप्तान नहीं रहेंगे। इस बीच गिल के रूप में एक बड़ा विकल्प बीसीसीआई को मिला, जिन्होंने टेस्ट कप्तान के तौर पर अपनी पहली सीरीज में ही दमदार प्रदर्शन किया और एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी में 2-2 से बराबरी कराई। शुभमन गिल को कप्तान बनाने का फैसला एकाएक नहीं लिया गया था, बल्कि बोर्ड और सिलेक्टर्स ने पहले ही रोहित के उत्तराधिकारी के रूप में गिल को पहचान लिया था। 2023 में खूब रन गिल ने बनाए थे। पूर्व BCCI सिलेक्टर सलिल अंकोला ने खुलासा किया है कि बोर्ड ने 2023 में समय आने पर रोहित की जगह लेने के लिए गिल को एक उम्मीदवार के तौर पर सोचा था। विकी लालवानी के यूट्यूब चैनल पर सलिल अंकोला ने कहा, "हमने हमेशा सोचा था कि गिल कप्तान बनेंगे। हमने 2023 में ही उन्हें इस रोल के लिए सोचा था, हमें विश्वास था कि वह कमान संभाल लेंगे। सेलेक्टर्स सिर्फ कोच और कप्तान से ही नहीं, बल्कि दूसरे सीनियर खिलाड़ियों से भी सुझाव लेते हैं। उन्हें भी लगा कि वह सही आदमी हैं, यहां तक कि उन खिलाड़ियों को भी जो पहले रिटायर हो चुके थे।" जैसे ही रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा तो शुभमन गिल को बिना देरी किए सिलेक्टर्स और बीसीसीआई ने कप्तान घोषित कर दिया। अगली वनडे सीरीज आई तो उसमें भी कप्तान शुभमन गिल थे। इसके पीछे का कारण ये था कि बोर्ड को 2027 वर्ल्ड कप के लिए कप्तान चुनना था, क्योंकि रोहित शर्मा सिर्फ वनडे फॉर्मेट में एक्टिव थे, लेकिन उनकी उम्र 38 के पार हो चुकी थी। इसके साथ-साथ अपनी कप्तानी में इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज में 756 रन बनाकर उन्होंने दिखा दिया कि वे कप्तानी के बोझ में दबेंगे नहीं। गिल ने इसे साबित कर दिखाया एक टेस्ट और 20 वनडे इंटरनेशनल मैच खेलने वाले अंकोला ने आगे बताया, "यह एक सामूहिक फैसला है। सबने यह महसूस किया और उसने इंग्लैंड में इसे साबित भी किया। क्या शानदार सीरीज थी उसकी! इतने दबाव में, अगर वह इंग्लैंड में 750 रन बनाता है, तो यह उसकी मानसिक क्षमता दिखाता है। लोग कहेंगे कि किसी और को कप्तान होना चाहिए था या किसी और को वापस लाना चाहिए। इंसान बहुत असंतुष्ट आत्माएं होते हैं। आप कितना भी अच्छा करें, वे उसमें कुछ न कुछ बुराई ढूंढ ही लेंगे। लोगों को लगता है कि उन्हें सब कुछ पता है।"  

क्या यही थी हार की जड़? कटक मैच पर साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज का बड़ा खुलासा

कटक  साउथ अफ्रीका को भारत के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में शर्मनाक हार मिली। साउथ अफ्रीका की टीम अपने सबसे कम स्कोर 74 रन पर ऑलआउट हो गई। इसके बाद साउथ अफ्रीका की टीम के बल्लेबाजी कोच एशवेल प्रिंस ने अपनी टीम के बल्लेबाजों पर हार का ढीकरा फोड़ा है और कहा है कि भारत के मजबूत गेंदबाजी आक्रमण की चुनौती का जवाब देने में हमारे बल्लेबाज नाकाम रहे।   दक्षिण अफ्रीका की टीम 176 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 12.3 ओवर में 74 रनों पर ढेर हो गई। इस तरह भारत को 101 रनों से बड़ी जीत मिली। भारत और श्रीलंका में अगले साल सात फरवरी से शुरू होने वाले टी20 विश्व कप से पहले दक्षिण अफ्रीका के लिए यह चिंता का विषय है। एशवेल प्रिंस ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘इस तरह के बल्लेबाजी प्रदर्शन के बाद जाहिर है कि यह एक ऐसा विभाग है, जिसमें हमें जल्द से जल्द सुधार करना होगा।’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘भारतीय गेंदबाजी आक्रमण बहुत मजबूत है और उन्होंने हमारे बल्लेबाजों के सामने कड़ी चुनौती पेश की। हमारे बल्लेबाज इस चुनौती का जवाब देने में नाकाम रहे।’’ प्रिंस ने इस मैच में करारी हार के लिए बल्लेबाजों को दोषी ठहराते हुए कहा कि पिच मिल रही उछाल को बहाना नहीं बनाना चाहिए, क्योंकि वे अपने घरेलू मैदानों पर उछाल भरी विकेटों पर खेलने के आदी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि टी20 क्रिकेट में 180 से कम का कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। विकेट से थोड़ी उछाल मिल रही थी, लेकिन दक्षिण अफ्रीका में हम इस तरह के विकेट पर खेलने के आदी हैं। भारतीय गेंदबाजों ने हमारे सामने चुनौती पेश की और हम उसका जवाब नहीं दे पाए।’’ इस मैच में अर्धशतक जड़ने वाले भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या की जमकर तारीफ करते हुए प्रिंस ने कहा कि यह ऑलराउंडर शांत स्वभाव का है और छक्के लगाने में माहिर है। उन्होंने कहा, ‘‘हार्दिक ने शानदार पारी खेली। मुझे लगता है कि हमें उन्हें बहुत श्रेय देना चाहिए। वह चोट से उबरकर वापस आए हैं और उन्होंने अच्छी वापसी की। उन्होंने हमारे गेंदबाजों को दबाव में रखा।’’  

BCCI ने IPL 2026 Auction लिस्ट में किया बदलाव, बड़ी गलती को सुधारा

नई दिल्ली IPL 2026 Auction से पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई से एक बड़ी गलती हो गई थी। ऑक्शन में शामिल कुछ खिलाड़ियों को अनजाने में फाइनल लिस्ट से बीसीसीआई ने बाहर कर दिया था। हालांकि, कुछ ही घंटे बाद बीसीसीआई ने अपनी गलती में सुधार किया और 9 नए खिलाड़ियों को फाइनल लिस्ट में जगह दे दी। 350 खिलाड़ियों को ऑक्शन के लिए बीसीसीआई ने फाइनल किया था, जिसमें 9 नए नाम जुड़ने के बाद लिस्ट 359 खिलाड़ियों की हो गई है। अबू धाबी में 16 दिसंबर होने वाले मिनी ऑक्शन के लिए 1300 से ज्यादा खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन किया था, जिसमें से 1000 के करीब खिलाड़ी बाहर कर दिए गए हैं। नए खिलाड़ियों में IPL विनर स्वास्तिक चिकारा, जिन्हें हाल ही में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने रिलीज किया है और वीरनदीप सिंह शामिल हैं, जो इस साल के ऑक्शन पूल में एसोसिएट देश (मलेशिया) के एकमात्र खिलाड़ी हैं। जोड़े गए अन्य सात खिलाड़ी त्रिपुरा के ऑलराउंडर मनीषंकर मुरासिंह, चामा मिलिंद (हैदराबाद), के.एल. श्रीजीत (कर्नाटक), एथन बॉश (दक्षिण अफ्रीका), क्रिस ग्रीन (ऑस्ट्रेलिया), राहुल राज नमला (उत्तराखंड) और विराट सिंह (झारखंड) हैं। 359 खिलाड़ियों की इस फाइनल लिस्ट में 247 खिलाड़ी भारतीय हैं, जबकि 112 ओवरशीज प्लेयर हैं। हालांकि, सिर्फ 77 स्लॉट ही भरे जाने हैं। इस तरह 200 से ज्यादा खिलाड़ी फिर भी अनसोल्ड रहने वाले हैं। इनमें भी 31 विदेशी खिलाड़ी आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने में सफल हो सकते हैं। कोलकाता नाइट राइडर्स यानी केकेआर के पास सबसे ज्यादा 64.30 करोड़ रुपये का पर्स है और उन्हें 13 खिलाड़ियों की जगह भरनी है, उसके बाद चेन्नई सुपर किंग्स के पास 43.4 करोड़ रुपये हैं। उनके पास 9 स्लॉट खाली हैं। बीसीसीआई की ओर से एक और गलती ये हुई थी कि दिल्ली में जन्मे निखिल चौधरी को बोर्ड ने इंडियन अनकैप्ड प्लेयर के तौर पर फाइनल लिस्ट में जगह दी थी, लेकिन वे अब ऑस्ट्रेलिया में सेटल हो चुके हैं और वहां के लिए डोमेस्टिक क्रिकेट खेलते हैं। ऐसे में उनकी कैटेगरी ऑस्ट्रेलियन अनकैप्ड प्लेयर के तौर पर बदली गई है, जो पहले इंडियन अनकैप्ड प्लेयर के तौर पर थी। निखिल चौधरी बिग बैश लीग में खेल चुके हैं।