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वैभव सूर्यवंशी को मिल सकता है बड़ा इनाम, टीम इंडिया में एंट्री की तैयारी पूरी

नई दिल्ली  15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने हाल ही में खत्म हुए इंडियन प्रीमियर लीग में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में टॉप किया. अब आयरलैंड और इंग्लैंड में होने वाली T20I सीरीज के लिए पहली बार भारत की टीम में शामिल होने जा रहे हैं. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के चयनकर्ता शनिवार (6 जून) को मुंबई में मिलेंगे. यहां आयरलैंड और इंग्लैंड में होने वाली दो T20 सीरीज के लिए भारत की टीम का चयन करेंगे. उम्मीद की जा रही है कि सूर्यवंशी इन दोनों टीमों का हिस्सा होंगे।  ESPNCricinfo की रिपोर्ट के अनुसार, “वैभव सूर्यवंशी को पहली बार टीम इंडिया में मौका मिलने जा रहा है. चयनकर्ता 2028 में लॉस एंजिल्स ओलंपिक और उसी साल ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में होने वाले अगले T20 वर्ल्ड कप की तैयारी कर रहे हैं।  बिहार के बाएं हाथ के बल्लेबाज वैभव ने इस साल की शुरुआत में U19 वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार जीता था. IPL 2026 में अपनी बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित किया. उन्होंने 237.30 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की और 16 मैचों में कुल 776 रन बनाकर टूर्नामेंट में रिकॉर्ड बनाया. राजस्थान रॉयल्स के लिए ओपनिंग करते हुए 16 मैचों में उन्होंने 72 छक्के लगाए. यह किसी भी खिलाड़ी द्वारा T20 सीरीज या टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा हैं।  इस साल के IPL में वैभव की शानदार बल्लेबाजी को सचिन तेंदुलकर, पैट कमिंस और अन्य दिग्गज खिलाड़ियों ने खूब सराहा. अब वह इंटरनेशनल मैचों में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बनने जा रहे हैं. जहां वैभव के टीम इंडिया में शामिल होने की खबर है, वहीं T20 वर्ल्ड कप 2026 विजेता टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव को बाहर किया जा सकता है।  सूर्या IPL 2026 में बेहद खराब फॉर्म में रहे और पिछले 18 महीनों में टीम इंडिया के लिए भी उनकी बल्लेबाजी प्रभावित नहीं कर पाई. लगभग तय है कि श्रेयस अय्यर सूर्यकुमार की जगह भारत के नए कप्तान बनेंगे. उन्होंने दिसंबर 2023 के बाद से तीन बार T20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के लिए 20 ओवर के फॉर्मेट में कोई मैच नहीं खेला है। 

अचानक संन्यास लेकर चौंकाया! केएस भरत ने विराट और रोहित को कहा शुक्रिया

  नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट से एक परिचित चेहरा दूर हो गया है. विकेटकीपर बल्लेबाज केएस भरत ने गुरुवार (4 जून) को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया. भरत ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए अपने फैसले की जानकारी दी. उनके इस ऐलान के बाद क्रिकेट जगत में उनके सफर को याद किया जा रहा है।  32 साल के केएस भरत उन खिलाड़ियों में रहे, जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में वर्षों तक लगातार मेहनत की और शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम तक का सफर तय किया।. हालांकि उनका अंतरराष्ट्रीय करियर लंबा नहीं रहा, लेकिन भारतीय टीम की टेस्ट कैप हासिल करना उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा।  संन्यास की घोषणा करते हुए भरत ने इंस्टाग्राम पर लिखा, 'गर्व और कृतज्ञता के साथ मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा करता हूं. अपने देश का प्रतिनिधित्व करना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है.' भरत ने अपने संदेश में भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI), आंध्र क्रिकेट एसोसिएशन, वाइजैग डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (VDCA) और अपने परिवार का आभार जताया. उन्होंने पूर्व कप्तान विराट कोहली, रोहित शर्मा और पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ का भी विशेष रूप से धन्यवाद किया, जिन्होंने उनके करियर में अहम भूमिका निभाई।  कैसा रहा भरत का टेस्ट करियर? केएस भरत को लंबे इंतजार के बाद भारतीय टेस्ट टीम में मौका मिला था. उन्होंने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2023 के दौरान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया. विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर उन्हें ऋषभ पंत की गैरमौजूदगी में टीम में शामिल किया गया था. भरत ने भारतीय टीम के लिए कुल 7 टेस्ट मैच खेले, जिनमें उन्होंने 20.09 की औसत 221 रन बनाए. उनका आखिरी टेस्ट मैच फरवरी 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ विशाखापत्तनम में था. इसके बाद युवा खिलाड़ियों की एंट्री और कड़ी प्रतिस्पर्धा के चलते वह टीम में अपनी जगह बरकरार नहीं रख सके।  अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भले ही केएस भरत को ज्यादा मौके नहीं मिले, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड शानदार रहा. आंध्र प्रदेश के लिए खेलते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण पारियां खेलीं और विकेटकीपर के रूप में भी अपनी अलग पहचान बनाई. भरत भारतीय घरेलू क्रिकेट के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर राष्ट्रीय टीम का दरवाजा खटखटाया. उनकी मेहनत और संघर्ष को हमेशा याद किया जाएगा।  केएस भरत इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का भी हिस्सा रहे. उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और दिल्ली कैपिटल्स (DC) के लिए खेलते हुए अपनी उपयोगिता साबित की. आईपीएल में उन्होंने 10 मैचों में 199 रन बनाए और कुछ यादगार पारियां भी खेलीं. आरसीबी के लिए खेलते हुए उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं. भरत ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है, लेकिन घरेलू क्रिकेट और भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान को लंबे समय तक याद रखा जाएगा। 

भारतीय टी-20 क्रिकेट की कमान अब श्रेयस अय्यर के हाथों में, सूर्यकुमार यादव की छुट्टी

 नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट में एक बड़ा बदलाव हो गया है. श्रेयस अय्यर को टीम इंडिया का नया T20 कप्तान बना दिया गया है. अब तक यह जिम्मेदारी सूर्यकुमार यादव के पास थी, लेकिन अब उनकी जगह श्रेयस अय्यर टीम की कमान संभालेंगे।  कुछ समय से सूर्यकुमार यादव की कप्तानी और उनके खेल को लेकर काफी सवाल उठ रहे थे. T20 वर्ल्ड कप में और उसके बाद के मैचों में उनका अपना खेल उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. इसके अलावा आईपीएल में भी वो वैसा नहीं खेल पाए जैसी उनसे उम्मीद थी. इन सब बातों को देखते हुए टीम के चुनाव करने वालों ने यानी सेलेक्टर्स ने सोचा कि अब नए कप्तान की तलाश करनी होगी।  श्रेयस अय्यर को क्यों चुना गया? श्रेयस अय्यर काफी समय से भारतीय क्रिकेट में एक भरोसेमंद बल्लेबाज के तौर पर जाने जाते हैं. घरेलू क्रिकेट में और IPL में वो पहले भी कप्तानी कर चुके हैं. मैदान पर वो अच्छी सोच के साथ खेलते हैं और दबाव में भी सही फैसले लेते हैं. इन्हीं खूबियों की वजह से टीम मैनेजमेंट की नजर में वो सबसे सही उम्मीदवार थे।  अब आगे क्या होगा? श्रेयस अय्यर के कप्तान बनने के साथ भारतीय T20 टीम में एक नए दौर की शुरुआत मानी जा रही है. सबकी नजर अब इस पर रहेगी कि उनके नेतृत्व में टीम आने वाली सीरीज और बड़े टूर्नामेंट में कैसा खेलती है. इसके अलावा टीम में खिलाड़ियों के चुनाव और बल्लेबाजी के क्रम में भी कुछ जरूरी बदलाव देखने को मिल सकते हैं।  बड़ी जिम्मेदारी है अय्यर के कंधों पर अब श्रेयस अय्यर के सामने सिर्फ रन बनाने की चुनौती नहीं है. उन्हें पूरी टीम को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है. यह फैसला भारतीय क्रिकेट के लिए आने वाले वक्त की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है।   

ट्रायल्स से बाहर होने के बावजूद WFI की जिद पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, विनेश फोगाट केस में अहम टिप्पणी

सोनीपत  सुप्रीम कोर्ट ने पहलवान विनेश फोगाट के एशियन गेम्स के ट्रायल्स में हिस्सा लेने के खिलाफ कुश्ती संघ की याचिका पर सुनवाई गुरुवार (4 जून, 2026) को बंद कर दी है. कोर्ट को बताया गया कि विनेश ट्रायल्स में हिस्सा ले चुकी हैं और हारकर बाहर भी हो चुकी हैं. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने आगे सुनवाई को गैरजरूरी बताया।  कुश्ती संघ (WFI) ने हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें विनेश को ट्रायल्स में जाने की अनुमति दी गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले से जुड़े कानूनी सवाल खुले हैं. हाईकोर्ट चाहे तो उन पर विचार कर सकता है।  बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार कुश्ती संघ ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की है. कुश्ती संघ की तरफ से सीनियर एडवोकेट डीएन गोवर्धन ने कोर्ट से अनुरोध किया है कि पैरा नंबर 31 से आगे का हाईकोर्ट का आदेश रद्द कर दिया जाना चाहिए, क्योंकि इसमें तो यहां तक कह दिया गया है कि डब्ल्यूएफआई की कार्रवाई दुर्भावनापूर्ण और निंदनीय है. हालांकि, कोर्ट ने आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।  सुप्रीम कोर्ट ने कुश्ती संघ से कहा है कि हाईकोर्ट की इन टिप्पणियों का सिंगल बेंच के पास लंबित मामले की सुनवाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा. कोर्ट ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट के निष्कर्षों को सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दोहराया है और मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं।  यह मुद्दा विनेश फोगाट को एशियन गेम्स के ट्रायल्स में शामिल होने के लिए इजाजत देने से जुड़ा है. पहले हाईकोर्ट ने विनेश फोगाट को ट्रायल्स में जाने की अनुमति दे दी थी और फिर 29 मई को सुप्रीम कोर्ट ने भी फैसले को बरकरार रखा. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने विनेश को इजाजत देने के लिए हाईकोर्ट की तरफ से अपनाए गए दृष्टिकोण पर विचार करने के लिए मामले को लंबित रखा था।  कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट ने आदेश में मातृत्व पर पन्ने दर पन्ने खर्च कर दिए, जबकि असली मुद्दा इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (ITA) के मानदंडों से जुड़ा है क्योंकि विनेश फोगाट डोपिंग टेस्ट में शामिल नहीं हुईं।  सुप्रीम कोर्ट ने विनेश को फटकार भी लगाई थी कि वह 2024 से गायब हैं, कभी मातृत्व और कभी  बतौर विधायक हरियाणा विधनासभा की कार्यवाही में व्यस्त होने का हवाला दिया. 2026 के डोपिंग टेस्ट में भी शामिल नहीं हुईं. कोर्ट ने उनसे कहा था कि हमें समझना होगा कि भारतीय खेल, विश्व खेलों से जुड़े हुए हैं. खिलाड़ी की उपलब्धियों का सम्मान होना चाहिए, लेकिन देश हर बात से पहले है. हाईकोर्ट ने विनेश फोगाट को घरेलू प्रतियोगिताओं और 2026 के एशियन गेम्स के ट्रायल्स के लिए अयोग्य ठहराए जाने की डब्ल्यूएफआई की कार्रवाई को निंदनीय और बदले की भावना से प्रेरित बताया था. उन्होंने कहा था कि मातृत्व अवकाश के बाद वापसी कर रही खिलाड़ी से ऐसा व्यवहार अस्वीकार्य है। 

कराटे में विंध्य की बेटी का कमाल, राज्य स्तर पर सफलता के बाद राष्ट्रीय मंच पर चुनौती

शहडोल खेल की बात हो और शहडोल का नाम ना आए ऐसा हो नहीं सकता है. शहडोल जिले में क्रिकेट ही नहीं बल्कि और भी खेलों के गजब टैलेंट है. अभी हाल ही में शहडोल से काव्या सिंह वैश्य कराटे के खेल में नेशनल खेलने देहरादून गई हुई हैं, जिनसे गोल्ड मेडल की आस है. 4 जून से 7 जून तक उत्तराखंड के देहरादून में कराटे का नेशनल होना है।  ये फेडरेशन नेशनल है, जिसे बहुत ही अहम चैंपियनशिप माना जा रहा है. इस नेशनल गेम्स में काव्या सिंह वैश्य से गोल्ड मेडल की उम्मीद जताई जा रही है. उनके कोच रामकिशोर चौरसिया का मानना है कि, काव्या की तैयारी पूरी है और जिस तरह से उसने स्टेट में गोल्ड मेडल जीता है, ठीक उसी तरह से नेशनल में भी इससे बेहतर की उम्मीद है।  कौन हैं काव्या सिंह वैश्य? काव्या सिंह वैश्य शहडोल जिले की उभरती हुई युवा कराटे खिलाड़ी हैं. जिनकी उम्र अभी लगभग 15 साल के करीब है. हाल ही में देहरादून में होने वाले नेशनल गेम्स में 14 से 15 कैडेट वर्ग में हिस्सा लेंगी. जिसमें 61 किलोग्राम वर्ग में खेलेंगी. ये नेशनल फेडरेशन उनके करियर के लिए अहम मानी जा रही है. काव्या सिंह वैश्य बताती हैं कि, ''वो पिछले 5 साल से कराटे सीख रही हैं. अब तक तीन स्टेट और दो नेशनल खेल चुकी हैं. जिसमें नेशनल में एक गोल्ड मेडल और एक सिल्वर मेडल है।  काव्या सिंह कहती हैं कि, ''वो कराटे में शुरुआत से ही अपना 100 परसेंट दे रही हैं. उनके जीवन का लक्ष्य बेस्ट कराटे प्लेयर बनना है और देश का नाम रोशन करना है.'' वो कहती है कि, ''उनकी प्रैक्टिस बहुत ही अच्छी चल रही है. किसी भी खिलाड़ी के करियर में सबसे बड़ा सपोर्ट उनकी फैमिली का होता है और उनकी फैमिली इस खेल के लिए उनका पूरा सपोर्ट कर रही है. इसीलिए वह चाहती है कि इस खेल में वह कुछ बेहतर करके दिखाएं, जिससे उनकी फैमिली और देश का नाम रोशन हो सके।  कई सालों से कर रहीं कोचिंग काव्या सिंह के कोच रामकिशोर चौरसिया बताते हैं कि, ''काव्या उनके पास चार-पांच साल पहले आई थी और जब से आई है तब से बड़े ही डिसिप्लिन तरीके से कोचिंग कर रही है. उसमें खास बात यह है कि वह मेहनत करती हैं और उससे भागती नहीं है. ज्यादातर बच्चों में देखने को आता है कि जब वह ट्रेनिंग करने आते हैं जब तक ध्यान न दो प्रैक्टिस नहीं करते. लेकिन काव्या के साथ ऐसा नहीं है. अगर उसे कोई टास्क दिया गया है तो उसे वो ईमानदारी से पूरा करती है और यही उसकी सफलता का राज है। 

IND vs AFG: हैमस्ट्रिंग इंजरी ने बढ़ाई टीम इंडिया की चिंता, वनडे सीरीज नहीं खेलेंगे विराट कोहली

मुंबई   टीम इंडिया को अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज शुरू होने से पहले बड़ा झटका लगा है. न्यूज एजेंसी पीटीआई ने रिपोर्ट किया है कि स्टार बल्लेबाज विराट कोहली हैमस्ट्रिंग में चोट लगने के कारण इस तीन मैचों की सीरीज से बाहर हो गए हैं. हालांकि BCCI ने अभी तक इस सीरीज के लिए कोहली के रिप्लेसमेंट की पुष्टि नहीं की है।  कोहली को कब लगी थी चोट? कोहली को यह चोट IPL 2026 के फाइनल के दौरान लगी थी, जब उन्होंने RCB को गुजरात टाइटन्स के खिलाफ 156 रनों का लक्ष्य हासिल करते समय नाबाद 75 रनों की शानदार पारी खेली थी. मैच के दौरान कोहली को रन बनाते समय कुछ परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, जिसकी वजह से उन्हें कई बार मेडिकल टीम से भी मदद लेनी पड़ी थी।  बता दें कि अफगानिस्तान एक टेस्ट और तीन वनडे मैच खेलने के लिए भारत के दौरे पर है. टेस्ट मैच 6-10 जून तक न्यू चंडीगढ़ में खेला जाएगा. जबकि तीन वनडे मैच 13 जून से 20 जून तक खेले जाएंगे. इसके बाद टीम इंडिया इंग्लैंड के दौरे पर जाएगी, जहां उसे 14 जुलाई से 19 जुलाई के बीच तीन वनडे मैच खेलने हैं।  गलत समय पर लगी चोट यह चोट इस स्टार बल्लेबाज के लिए बिल्कुल गलत समय पर आई है. विराट कोहली टी20 इंटरनेशनल और टेस्ट से संन्यास लेने के बाद सिर्फ वनडे फॉर्मेट ही खेल रहे हैं, और वो इस समय इस फॉर्मेट में अपने सबसे शानदार फॉर्म से भी गुजर रहे हैं. 2025 में इस फॉर्मेट में कोहली 13 मैचों में 651 रन बनाकर भारत के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने थे, जिसमें तीन शतक और चार अर्धशतक शामिल थे. उन्होंने इस फॉर्म को 2026 में भी जारी रखा और न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में 240 रन बनाए, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल था।  विराट फैंस को बड़ा झटका विराट कोहली के करोड़ों फैंस चाह रहे हैं कि ये स्टार बल्लेबाज 2027 वनडे वर्ल्ड कप खेले और सेंचुरी की सेंचुरी भी पूरी करे, जिससे वो सिर्फ 15 शतक दूर हैं. कोहली के टेस्ट में 30 वनडे में 54 और टी20 इंटरनेशनल में 1 शतक हैं. अगर कोहली वनडे में अपनी शानदार फॉर्म को बरकरार रख पाते हैं तो फिर वो सचिन तेंदुलकर के सेंचुरी की सेंचुरी के रिकॉर्ड को भी तोड़ सकते हैं।  अफगानिस्तान सीरीज के लिए टीम इंडिया का वनडे स्क्वाड शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), हार्दिक पांड्या, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, गुरनूर बरार, हर्ष दुबे।  इस स्क्वाड में से रोहित शर्मा और हार्दिक पांड्या को सब्जेक्टेड टू फिटनेस की कैटेगरी में रखा गया है. जिसका मतलब साफ है कि इन दोनों स्टार खिलाड़ियों को सीरीज शुरू होने अपनी फिटनेस साबित करनी होगी। 

अगरकर और गंभीर लेंगे बड़ा फैसला, T20 टीम की कप्तानी की रेस में श्रेयस सबसे आगे

नई दिल्ली टीम इंड‍िया को टी20 वर्ल्ड कप 2026 ज‍िताने के बावजूद कप्तान सूर्यकुमार यादव पर संकट है, उनकी हाल‍िया फॉर्म गड़बड़ रहा, जिस वजह से उनकी स्थिति पूरी तरह सुरक्षित नहीं मानी जा रही है।  टी20 वर्ल्ड कप में उनका व्यक्तिगत प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा, जबकि आईपीएल 2026 में भी उनका बल्ला लगातार संघर्ष करता नजर आया. यही वजह है कि टीम  सेलेक्टर्स अब भविष्य को ध्यान में रखते हुए टी20 टीम के लिए नए नेतृत्व विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।   जानकारी के अनुसार टीम इंड‍िया की अगली टी20 सीरीज, जो आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर खेली जानी है, उससे पहले कप्तानी को लेकर अहम चर्चा हो सकती है. इस रेस में श्रेयस अय्यर सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरे हैं. हालांकि अंतिम फैसला लेने से पहले सूर्यकुमार यादव के भविष्य और टीम की दिशा को लेकर हेड कोच गौतम गंभीर से भी राय-मशविरा किया जाएगा।  सूत्रों का कहना है कि सेलेक्टर्स की प्राथमिकता केवल अगली सीरीज नहीं, बल्कि अगले दो टी20 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए एक दीर्घकालिक कप्तान चुनना है. इसी वजह से ऐसे खिलाड़ी की तलाश हो रही है जो लंबे समय तक टीम का नेतृत्व कर सके।  श्रेयस अय्यर के पक्ष में सबसे बड़ा तर्क उनका नेतृत्व अनुभव और हालिया प्रदर्शन है. आईपीएल में कप्तानी करते हुए उन्होंने खुद को एक सफल लीडर के रूप में स्थापित किया है. साथ ही बल्लेबाजी में भी लगातार रन बनाकर उन्होंने अपनी दावेदारी मजबूत की है. माना जा रहा है कि टीम प्रबंधन उन्हें टी20 टीम में नए नंबर-4 बल्लेबाज के रूप में भी देख रहा है. यदि ऐसा होता है तो वह प्लेइंग इलेवन में सूर्यकुमार यादव की जगह ले सकते हैं।  क्या केवल अय्यर ही हैं टी20 कप्तानी की रेस में…  हालांकि कप्तानी की दौड़ केवल अय्यर तक सीमित नहीं है. शुभमन गिल, अक्षर पटेल, तिलक वर्मा और इशान किशन भी सेलेक्टर्सओं की नजर में हैं. इनमें तिलक और ईशान ऐसे नाम बताए जा रहे हैं जो अंतिम समय में बड़ा उलटफेर कर सकते हैं. अगर अय्यर को कप्तानी मिलती है तो इन दोनों में से किसी एक को उप-कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।  इस बीच टीम सेलेक्शन और भविष्य की रणनीति को लेकर मुख्य सेलेक्टर्स अजीत अगरकर और हेड कोच गौतम गंभीर के बीच कई मुद्दों पर अलग-अलग राय होने की भी चर्चा है. खासकर नेशनल टीम में विशेषज्ञ खिलाड़ियों की भूमिका को लेकर दोनों की सोच अलग बताई जाती है. सूत्रों के मुताबिक अगरकर चयन समिति में बेहद प्रभावशाली भूमिका निभा रहे हैं और कप्तानी से जुड़े फैसले में उनकी राय अहम रहने वाली है।  आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे से पहले टीम इंड‍ियाीय क्रिकेट में सबसे बड़ी चर्चा अब यही है कि क्या सूर्यकुमार यादव टी20 कप्तान बने रहेंगे या फिर टीम इंडिया एक नए दौर की शुरुआत श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में करेगी। 

Lord’s Test में रूट के पास बड़ा मौका, 75 रन बनाते ही रच देंगे नया इतिहास

लंदन  इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जो रूट एक बार फिर रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराने के बेहद करीब हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ 4 जून से लॉर्ड्स में शुरू होने वाले पहले टेस्ट मैच में रूट के पास दो बड़े कीर्तिमान हासिल करने का सुनहरा मौका होगा।  35 वर्षीय रूट को न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में 2000 रन पूरे करने के लिए सिर्फ 75 रन की जरूरत है. अगर वह यह आंकड़ा छू लेते हैं तो टेस्ट इतिहास में न्यूजीलैंड के खिलाफ 2000 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बन जाएंगे. फिलहाल रूट ने ब्लैककैप्स के खिलाफ 21 टेस्ट मैचों में 1925 रन बनाए हैं. इस दौरान उनका औसत 53.47 का रहा है, जबकि उन्होंने 6 शतक और 9 अर्धशतक लगाए हैं।  रूट पहले से ही न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं. उन्होंने पाकिस्तान के महान बल्लेबाज जावेद मियांदाद को पीछे छोड़ रखा है. मियांदाद के नाम न्यूजीलैंड के खिलाफ 1919 रन दर्ज हैं, जबकि रूट 1925 रन तक पहुंच चुके हैं।  इतना ही नहीं, रूट टेस्ट क्रिकेट में 14,000 रन पूरे करने से भी सिर्फ 57 रन दूर हैं. यदि वह यह उपलब्धि हासिल कर लेते हैं तो भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के बाद इस मुकाम तक पहुंचने वाले दुनिया के सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बन जाएंगे।  क्या रूट तोड़ देंगे सच‍िन तेंदुलकर का ऑलटाइम रनों का र‍िकॉर्ड? सचिन तेंदुलकर के नाम टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक 15,921 रन दर्ज हैं. रूट फिलहाल इस रिकॉर्ड से 1,979 रन दूर हैं. क्रिकेट जगत के कई विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा फॉर्म और फिटनेस को देखते हुए रूट भविष्य में सचिन के इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड को चुनौती दे सकते हैं।  हाल ही में रूट ने भी स्वीकार किया था कि अब उनके लिए सचिन के रिकॉर्ड को लेकर होने वाली चर्चाओं को नजरअंदाज करना मुश्किल हो गया है. उन्होंने कहा कि सचिन तेंदुलकर की उपलब्धियां अविश्वसनीय हैं और उनके साथ तुलना होना ही अपने आप में सम्मान की बात है. रूट ने सचिन की लंबी क्रिकेट यात्रा और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बनाए गए 100 शतकों की भी जमकर सराहना की।  WTC में है जो रूट का दबदबा  वर्ल्ड टेस्ट चैम्प‍ियनश‍िप चैं(WTC) के इतिहास में भी रूट का दबदबा कायम है. वह WTC शुरू होने के बाद सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं. रूट ने 74 टेस्ट मैचों में 6480 रन बनाए हैं, जो दूसरे स्थान पर मौजूद ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ से करीब 2000 रन ज्यादा हैं. ऐसे में लॉर्ड्स टेस्ट सिर्फ इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच मुकाबला नहीं होगा, बल्कि जो रूट के लिए कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम करने का भी शानदार अवसर होगा।  इंग्लैंड बनाम न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज का शेड्यूल  पहला टेस्ट: 4 जून से 8 जून, लॉर्ड्स (लंदन)  दूसरा टेस्ट: 17 जून से 21 जून, द ओवल (लंदन)  तीसरा टेस्ट: 25 जून से 29 जून, नॉटिंघम 

Rishabh Pant पर भारी पड़ा करोड़ों का दांव? एक-एक रन की कीमत जानकर रह जाएंगे हैरान

लखनऊ  ऋषभ पंत के लिए IPL 2026 का सीजन बहुत खराब गुजरा। न तो बल्लेबाज के तौर पर न ही कप्तान के तौर पर वह अपनी टीम का बेड़ा पार कर सके। सिर्फ सैलरी के हिसाब से देखें तो लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए ऋषभ पंत का एक-एक रन इस सीजन 8.65 लाख रुपये की करीब का पड़ा। इतना नहीं, पिछले दो सीजन के आंकड़ों को मिलाया जाए तो उनके एक-एक रन की कीमत एलएसजी ने 9.29 लाख रुपये चुकाई है। चौके-छक्कों की कीमत निकाली जाए तो यह 50 लाख रुपये से भी ज्यादा बैठेगी। दरअसल, ऋषभ पंत को लखनऊ सुपर जायंट्स यानी एलएसजी ने आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन में 27 करोड़ रुपये में खरीदा था। उस सीजन में 14 मैचों में 269 रन ही ऋषभ पंत ने बनाए थे। अगर सिर्फ सैलरी के हिसाब से देखा जाए तो पिछले सीजन में उनके एक-एक रन के लिए एलएसजी ने 10-10 लाख रुपये से ज्यादा की कीमत चुकाई है। 10 लाख 3 हजार 717 रुपये का एक रन एलएसजी को ऋषभ पंत का 2025 के सीजन में पड़ा था। IPL 2025 में ऋषभ पंत के आंकड़े सैलरी – 27 करोड़ रन – 269 एक रन = 1003717 वहीं, 2026 के सीजन की बात करें तो इतनी ही रकम में ऋषभ पंत को एलएसजी ने रिटेन किया था और इस सीजन 14 मैचों में 312 रन बनाए थे। ऋषभ पंत की 27 करोड़ रुपये की सैलरी में उनके रनों का भाग दिया जाए तो यह प्रति रन 865,384 रुपये बैठता है। अब आप सोचिए कि उनके रनों की कीमत कितनी महंगी रही। पिछले दो साल के आंकड़ों को बात करें तो कुल 581 रन उन्होंने 54 करोड़ रुपये की सैलरी पाकर बनाए। उनके हर एक रन की कीमत पिछले दो साल में 9 लाख 29 हजार 432 रुपये प्रति रन बैठती है। IPL 2026 में ऋषभ पंत के आंकड़े सैलरी – 27 करोड़ रन – 312 एक रन = 865314 2025+2026 में एक रन = 929432 IPL 2025 और 2026 के सीजन में ऋषभ पंत एलएसजी के कप्तान भी थे। दोनों बार टीम प्लेऑफ्स के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी। इस बार तो टीम सबसे आखिरी स्थान पर रही। इसके बाद ऋषभ पंत ने कप्तानी छोड़ने का फैसला किया। हालांकि, छोड़ने से ज्यादा उनसे कप्तानी छीनने की बात कही जा रही है, लेकिन आधिकारिक तौर पर तो उनका और एलएसजी का बयान यही है कि उन्होंने कप्तानी छोड़ी है। लखनऊ सुपर जायंट्स ने 14 में से सिर्फ 4 ही मैच इस सीजन आईपीएल में जीते हैं, जबकि 2025 में पंत की कप्तानी में एलएसजी ने 14 में से 6 मुकाबले ही जीते थे। इस तरह 28 मैचों में से सिर्फ 10 मैचों में वे एलएसजी को जीत दिला सके। ऐसे में उनकी कप्तानी जानी ही थी, जो 2026 के सीजन के बाद चली गई है।

ENG vs NZ: जो रूट 2000 रन और 14,000 टेस्ट रन के करीब, सचिन के रिकॉर्ड पर भी नजर

इंग्लैंड इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जो रूट एक बार फिर रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराने के बेहद करीब हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ 4 जून से लॉर्ड्स में शुरू होने वाले पहले टेस्ट मैच में रूट के पास दो बड़े कीर्तिमान हासिल करने का सुनहरा मौका होगा. 35 वर्षीय रूट को न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में 2000 रन पूरे करने के लिए सिर्फ 75 रन की जरूरत है. अगर वह यह आंकड़ा छू लेते हैं तो टेस्ट इतिहास में न्यूजीलैंड के खिलाफ 2000 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बन जाएंगे. फिलहाल रूट ने ब्लैककैप्स के खिलाफ 21 टेस्ट मैचों में 1925 रन बनाए हैं. इस दौरान उनका औसत 53.47 का रहा है, जबकि उन्होंने 6 शतक और 9 अर्धशतक लगाए हैं. रूट पहले से ही न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं. उन्होंने पाकिस्तान के महान बल्लेबाज जावेद मियांदाद को पीछे छोड़ रखा है. मियांदाद के नाम न्यूजीलैंड के खिलाफ 1919 रन दर्ज हैं, जबकि रूट 1925 रन तक पहुंच चुके हैं. इतना ही नहीं, रूट टेस्ट क्रिकेट में 14,000 रन पूरे करने से भी सिर्फ 57 रन दूर हैं. यदि वह यह उपलब्धि हासिल कर लेते हैं तो भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के बाद इस मुकाम तक पहुंचने वाले दुनिया के सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बन जाएंगे. क्या रूट तोड़ देंगे सच‍िन तेंदुलकर का ऑलटाइम रनों का र‍िकॉर्ड? सचिन तेंदुलकर के नाम टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक 15,921 रन दर्ज हैं. रूट फिलहाल इस रिकॉर्ड से 1,979 रन दूर हैं. क्रिकेट जगत के कई विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा फॉर्म और फिटनेस को देखते हुए रूट भविष्य में सचिन के इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड को चुनौती दे सकते हैं. हाल ही में रूट ने भी स्वीकार किया था कि अब उनके लिए सचिन के रिकॉर्ड को लेकर होने वाली चर्चाओं को नजरअंदाज करना मुश्किल हो गया है. उन्होंने कहा कि सचिन तेंदुलकर की उपलब्धियां अविश्वसनीय हैं और उनके साथ तुलना होना ही अपने आप में सम्मान की बात है. रूट ने सचिन की लंबी क्रिकेट यात्रा और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बनाए गए 100 शतकों की भी जमकर सराहना की. WTC में है जो रूट का दबदबा वर्ल्ड टेस्ट चैम्प‍ियनश‍िप चैं(WTC) के इतिहास में भी रूट का दबदबा कायम है. वह WTC शुरू होने के बाद सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं. रूट ने 74 टेस्ट मैचों में 6480 रन बनाए हैं, जो दूसरे स्थान पर मौजूद ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ से करीब 2000 रन ज्यादा हैं. ऐसे में लॉर्ड्स टेस्ट सिर्फ इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच मुकाबला नहीं होगा, बल्कि जो रूट के लिए कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम करने का भी शानदार अवसर होगा. इंग्लैंड बनाम न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज का शेड्यूल पहला टेस्ट: 4 जून से 8 जून, लॉर्ड्स (लंदन) दूसरा टेस्ट: 17 जून से 21 जून, द ओवल (लंदन) तीसरा टेस्ट: 25 जून से 29 जून, नॉटिंघम