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यास्तिका भाटिया की धमाकेदार वापसी, जेमिमा के रंग में रंगा भारत; इंग्लैंड को T20 में दी मात

लंदन  भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड दौरे का आगाज़ धमाकेदार अंदाज में किया. पहले टी20 मुकाबले में भारतीय टीम ने मेज़बान इंग्लैंड को 38 रनों से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली।   पहले बल्लेबाज़ी करते हुए टीम इंडिया की शुरुआत अच्छी नहीं रही और टीम ने जल्दी ही स्मृति मंधाना का विकेट गंवा दिया. हालांकि इसके बाद यास्त‍िका भाटिया और जेमिमा रॉड्रिग्स ने पारी को संभालते हुए तेज रन बटोरे।  यास्तिका ने 40 गेंदों पर 54 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 9 चौके और 1 छक्का शामिल रहा. वहीं जेमिमा ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 40 गेंदों में 69 रन ठोक दिए. उनकी पारी में 10 चौके और 1 छक्का देखने को मिला।  आखिरी ओवरों में दीप्ति शर्मा ने तेज़ रन जोड़कर टीम के स्कोर को 20 ओवर में 188/7 तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. इंग्लैंड की ओर से लॉरेन बेल सबसे सफल गेंदबाज रहीं. उन्होंने चार ओवर में 34 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए।  जवाब में 189 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही. भारतीय गेंदबाज़ों ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा और क्रांति गौड़ ने लगातार दो बड़े झटके देते हुए सोफिया डंकले और एलिस कैप्सी को पवेलियन भेज दिया।  शुरुआती विकेट गिरने के बाद एमी जोन्स  ने पारी को संभालने की कोशिश की. उन्होंने 48 गेंदों में 67 रन की जुझारू पारी खेली, जिसमें 7 चौके शामिल रहे. वहीं हीथर नाइट ने 21 रन बनाकर उनका साथ दिया, लेकिन बाकी बल्लेबाजी बड़ी साझेदारी नहीं कर सके।  इसके बाद नंदनी शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया. उन्होंने सिर्फ 23 रन देकर 3 अहम विकेट झटके और इंग्लैंड के मध्यक्रम को बिखेर दिया. दबाव के बीच उनके स्पेल ने मेजबान टीम की रनगति पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया।  वहीं दीप्ति शर्मा ने भी अहम सफलता हासिल की, जबकि तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने आखिरी ओवरों में बेहद सधी हुई गेंदबाज़ी की. एमी जोन्स को छोड़ दें तो इंग्लैंड की बाकी बल्लेबाज़ भारतीय अटैक के सामने संघर्ष करती नजर आईं।  नतीजा यह रहा कि इंग्लैंड टीम 20 ओवर में 8 विकेट पर 150 रन ही बना सकी और भारत ने मुकाबला 38 रन से अपने नाम कर लिया. अगले महीने टी20 वर्ल्ड कप से पहले मिली इस जीत ने भारतीय टीम के आत्मविश्वास को भी बड़ा बढ़ावा दिया है।  इस मैच में जेमिमा रॉड्रिग्स को 'प्लेयर ऑफ द मैच' का खिताब मिला. इस मैच में यास्त‍िका भाटिया और जेमिमा रॉड्रिग्स ने तीसरे विकेट के लिए 126 रनों की साझेदारी की थी।  इस मैच के बाद यास्त‍िका भाटिया ने अपनी ACL सर्जरी के बारे में भी बात की  भारतीय महिला क्रिकेटर यास्त‍िका भाटिया ने ACL सर्जरी के बाद अपने मुश्किल दौर को याद करते हुए कहा, 'मुझे लगता है कि जिन लोगों की ACL सर्जरी हुई है, वे जानते हैं कि यह कितना कठिन होता है, क्योंकि उस पैर की पूरी मसल लगभग खत्म हो जाती है. आपको सच में सब कुछ फिर से शुरुआत से बनाना पड़ता है' . बाएं हाथ की बल्लेबाज ने बताया कि रिहैब के दौरान कई ऐसे दिन आए, जब उन्हें कोई प्रगति नजर नहीं आती थी. उन्होंने कहा, 'सर्जरी के बाद रिहैब प्रक्रिया काफी मुश्किल थी. कई दिन ऐसे थे जब कुछ भी होता नहीं दिख रहा था और कोई सुधार नजर नहीं आ रहा था. लेकिन मैं हर दिन लगातार मेहनत करती रही' . यास्तिका ने आगे कहा, 'कई महीनों बाद जाकर मुझे सुधार दिखना शुरू हुआ. मेरे आसपास का सपोर्ट सिस्टम बहुत शानदार था. सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का स्टाफ, परिवार, दोस्त और टीममेट्स जैसे जेमिमा (जेमिमा रॉड्रिग्स) लगातार मेरा हालचाल लेते रहते थे. मैं सभी की बहुत आभारी हूं…आखिर में सब अच्छा ही हुआ' . इस चोट की वजह से यास्तिका को पिछले साल भारत में हुए महिला वनडे वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की ऐतिहासिक जीत का हिस्सा बनने का मौका भी गंवाना पड़ा था। 

Vinesh Phogat केस में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, WFI की मुश्किलें बढ़ीं

 नई दिल्ली भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 2026 एशियन गेम्स के चयन ट्रायल्स में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी. ये ट्रायल्स 30 और 31 मई को आयोजित होने हैं।  जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने यह आदेश उस याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया, जिसे भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर किया था. हाईकोर्ट ने पहले ही विनेश फोगाट को ट्रायल्स में भाग लेने की इजाजत दी थी।  सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि विनेश फोगाट का मामला सामान्य खिलाड़ियों से अलग है, क्योंकि उन्होंने देश को कई मौकों पर गौरवान्वित किया है. कोर्ट ने कहा, 'अगर कोई और खिलाड़ी होता तो मामला अलग होता. उन्होंने देश का नाम रोशन किया है। हालांकि, कोर्ट ने खेल मामलों में बार-बार न्यायिक हस्तक्षेप को लेकर चिंता भी जताई. जस्टिस नरसिम्हा ने कहा, 'आप शानदार रेसलर हैं, आपने देश को गर्व महसूस कराया है, लेकिन देश पहले है. हाईकोर्ट पूरे शेड्यूल को बाधित नहीं कर सकता।  सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के तरीके पर भी सवाल उठाए. कोर्ट ने कहा कि खेल प्रशासन में इस तरह तेजी से हस्तक्षेप करने से पूरे स्पोर्ट्स सिस्टम और शेड्यूल पर असर पड़ सकता है।  दरअसल, पिछले हफ्ते दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा था कि मातृत्व को किसी खिलाड़ी के करियर में 'अक्षम्यता' या बाहर करने का आधार नहीं बनाया जा सकता. इसी आधार पर हाईकोर्ट ने WFI को निर्देश दिया था कि विनेश फोगाट को ट्रायल्स में हिस्सा लेने दिया जाए।  अब सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल विनेश को राहत देते हुए ट्रायल्स में खेलने की मंजूरी दे दी है, लेकिन साथ ही WFI की याचिका पर उनका जवाब भी मांगा है. मामले की अगली सुनवाई अगले हफ्ते होगी।  इस फैसले के बाद अब सभी की नजरें 30-31 मई को होने वाले ट्रायल्स पर टिकी हैं, जहां विनेश फोगाट एक बार फिर मैट पर अपनी दावेदारी पेश करती नजर आएंगी।   

56वें रैंक के खिलाड़ी ने किया बड़ा धमाका, जैनिक सिनर को French Open से बाहर किया

पेरिस  गुरुवार 28 मई को फ्रेंच ओपन 2026 में सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिला. जब अर्जेंटीना के जुआन मैनुअल सेरुंडोलो ने दूसरे राउंड में ही दुनिया के नंबर वन खिलाड़ी जैनिक सिनर को हराकर टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया. इस शानदार मुकाबले में सिनर ने पहले दो गेम में 3-6, 2-6 से जबरदस्त जती दर्ज की. लेकिन उसके बाद वो लगातार तीन गेम 7-5, 6-1, 6-1 से हार गए. जिसके साथ ही इस इतालवी स्टार का 'करियर ग्रैंड स्लैम' पूरा करने का सपना भी टूट गया. क्योकं सिनर ग्रैंड स्लैम खिताबों में से सिर्फ फ्रेंच ओपन ही नहीं जीत सके हैं।  हार की वजह इस हार की वजह सिनर का तीसरे सेट में चोटिल होना रहा. जब सिनर तीसरे सेट में 5-1 से आगे चल रहे थे, तब ऐसा लग रहा था कि जीत उनकी ही होगी. लेकिन, अचानक मैच में एक नाटकीय मोड़ आया और सिनर को मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या होने लगी. 24 साल के इस इटालियन खिलाड़ी ने दो बार मैच को अपने नाम करने के लिए सर्विस की, लेकिन दोनों बार वह नाकाम रहे. इसके अलावा, 5-4 के स्कोर पर उन्हें कोर्ट से बाहर जाकर मेडिकल टाइम आउट भी लिया. उस पल के बाद, सिनर अपनी शारीरिक स्थिति को दोबारा ठीक नहीं कर पाए. सेरुंडोलो ने इसका पूरा फायदा उठाया और आखिरी 20 गेम में से 18 गेम जीतकर 2026 सीजन का अब तक का सबसे बड़ा उलटफेर कर दिखाया।  जीत के बाद सेरुंडोलो ने क्या कहा? मैच के बाद दूनिया के 56वें रैंक के खिलाड़ी सेरुंडोलो ने सिनर के बारे में बात करते हुए कहा, 'यह बहुत मुश्किल काम था. मैं एक सेट में तीन से ज्यादा गेम नहीं जीत पा रहा था, इसलिए मैं थोड़ा किस्मतवाला रहा. इस मैच को जीतने के हकदार तो वही थे, लेकिन फिर न जाने क्या हो गया. मुझे उनके लिए बुरा लग रहा है और उम्मीद है कि वह जल्द ही ठीक हो जाएंगे।  सन 2000 के बाद पहली बार इसके साथ ये अर्जेंटीनाई खिलाड़ी सन 2000 में कैरोल कुसेरा के बाद पहला ऐसा पुरुष खिलाड़ी बन गया है, जिसने फ्रेंच ओपन में तीसरे राउंड से पहले ही टॉप सीड खिलाड़ी को टूर्नमेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया।  नया चैंपियन उभरने का मौका यह हार सिनर के करियर में एक दर्दनाक अध्याय जोड़ती है. पिछले साल फाइनल में उन्हें कार्लोस अल्काराज के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था. ये भी उल्लेखनीय है कि सिनर और अल्काराज ने मिलकर पिछले नौ बड़े खिताब अपने नाम किए हैं. सिनर के अब फ्रेंच ओपन से बाहर होने और अल्काराज के कलाई की चोट के कारण पहले से ही बाहर होने से, 2024 के ऑस्ट्रेलियन ओपन के बाद पहली बार इस टूर्नामेंट में एक नया चैंपियन उभरने का मौका खुला है।  सिनर शानदार फॉर्म में थे ये हार इसलिए भी चूभने वाली है, क्योंकि जैनिक सिनर अपने करियर की सबसे बेहतरीन फॉर्म में थे. वो लगातार 30 मैच जीत चुके थे. उन्होंने 2026 में अब तक हुए सभी पांच ATP मास्टर्स 1000 खिताब भी अपने नाम किए थे. लेकिन मैच के दौरान मांसपेशियों में खिचाव के कारण उन्हें हार का सामना करना पड़ा।  सेरुंडोलो की बड़ी उपलब्धि सिनर को हराने वाला सेरुंडोलो, जो अपने करियर में पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के तीसरे दौर में पहुंचा है, का अगला मुकाबला स्पेनिश खिलाड़ी मार्टिन लैंडालूस या चेक खिलाड़ी विट कोप्रिवा से होगा। 

IPL 2026 Qualifier-2 में वैभव सूर्यवंशी के निशाने पर 3 महारिकॉर्ड, सिर्फ 11 छक्कों की दरकार

 मुल्लांपुर राजस्थान रॉयल्स के ओपनर बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी इस समय IPL 2026 के सबसे बड़े स्टार बन चुके हैं. सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबले में 29 गेंदों पर 97 रन की विस्फोटक पारी खेलकर उन्होंने पूरे क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया. अब शुक्रवार (29 मई) को गुजरात टाइटन्स के खिलाफ खेले जाने वाले क्वालिफायर-2 मुकाबले में वैभव कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं।  एलिमिनेटर मैच में वैभव ने 12 छक्के जड़ते हुए एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. उन्होंने क्रिस गेल का पुराना रिकॉर्ड तोड़ा. IPL 2026 में अब तक वैभव के नाम 65 छक्के दर्ज हो चुके हैं और उनका बल्ला लगातार आग उगल रहा है।  क्या टूटेगा आईपीएल के सबसे तेज शतक का र‍िकॉर्ड  हैदराबाद के खिलाफ वैभव इतिहास रचने से सिर्फ 3 रन दूर रह गए थे. उन्होंने 29 गेंदों पर 97 रन बनाए और IPL इतिहास का सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड तोड़ने से चूक गए. यह रिकॉर्ड अब भी क्रिस गेल के नाम है, जिन्होंने 2013 में सिर्फ 30 गेंदों पर शतक लगाया था. यानी वो अपने फॉर्म में रहे तो इस र‍िकॉर्ड को भी बना सकते हैं।  सबसे तेज आईपीएल 1000 रन  वैभव सूर्यवंशी IPL में 1000 रन पूरे करने के बेहद करीब भी पहुंच चुके हैं. उन्हें इस मुकाम तक पहुंचने के लिए सिर्फ 68 रन की जरूरत है. अगर वह गुजरात के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल कर लेते हैं तो IPL इतिहास में सबसे तेज 1000 रन पूरे करने वाले भारतीय बल्लेबाज बन सकते हैं. यह रिकॉर्ड फिलहाल गुजरात टाइटन्स के ही स्टार बल्लेबाज साई सुदर्शन के नाम दर्ज है, जिन्होंने 25 मैचों में 1000 IPL रन पूरे किए थे. वैभव अब तक 22 आईपीएल मैचों की 22 पार‍ियों में 932 रन जड़ चुके हैं।  सबसे तेज 100 छक्के का र‍िकॉर्ड किसके नाम  अब गुजरात टाइटन्स के खिलाफ वैभव के पास एक और बड़ा रिकॉर्ड बनाने का मौका होगा. उनके नाम फिलहाल IPL में 89 छक्के हैं और उन्होंने ये कारनामा सिर्फ 402 गेंदों में किया है. अगर वह क्वालिफायर-2 में 11 छक्के लगा देते हैं तो IPL इतिहास में सबसे तेज 100 छक्के पूरे करने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे।  फिलहाल यह रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के पूर्व ऑलराउंडर आंद्रे रसेल के नाम है. रसेल ने IPL में 100 छक्के पूरे करने के लिए 657 गेंदों का सामना किया था. वैभव इस रिकॉर्ड को काफी बड़े अंतर से तोड़ सकते हैं।  वहीं IPL इतिहास में सबसे तेज 1000 रन बनाने का ओवरऑल रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज शॉन मार्श के नाम है. उन्होंने सिर्फ 21 मैचों में यह उपलब्धि हासिल की थी।  जिस अंदाज में वैभव सूर्यवंशी बल्लेबाजी कर रहे हैं, उसे देखकर साफ है कि गुजरात टाइटन्स के गेंदबाजों के सामने बड़ी चुनौती रहने वाली है. अगर उनका बल्ला एक बार फिर चला, तो IPL रिकॉर्ड बुक में कई नए अध्याय जुड़ सकते हैं। 

जीत के जश्न के बीच अचानक गिर पड़ा टेनिस स्टार, फ्रेंच ओपन में दिखा डराने वाला मंजर

 पेरिस याकूब मेनसिक ने फ्रेंच ओपन 2026 में जीत तो हासिल कर ली, लेकिन मैच खत्म होने के बाद जो दृश्य कोर्ट पर देखने को मिला, उसने खिलाड़ियों से लेकर दर्शकों तक सभी को चिंता में डाल दिया. लगभग पांच घंटे तक चले मुकाबले के बाद 20 साल का यह युवा टेनिस स्टार कोर्ट पर ही गिर पड़ा और दर्द से तड़पता नजर आया।  पेरिस की झुलसा देने वाली गर्मी, 33 डिग्री तापमान और बिना किसी छांव के खेला गया यह मुकाबला किसी परीक्षा से कम नहीं था. कोर्ट-6 पर खेले गए इस मुकाबले में मेनसिक ने मारियानो नावोन को 6-3, 2-6, 6-4, 1-6, 7-6 (11) से हराया. मुकाबला 4 घंटे 41 मिनट तक चला और आखिरी पल तक दोनों खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त संघर्ष देखने को मिला।  पांचवें सेट का टाईब्रेकर शुरू होते-होते मेनसिक का शरीर जवाब देने लगा था. तेज गर्मी और लंबे मुकाबले की वजह से उनके पैरों में बुरी तरह क्रैम्प्स आने लगे. वह मुश्किल से चल पा रहे थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. दर्द में कराहते हुए भी वह हर पॉइंट के लिए लड़ते रहे।  टाईब्रेकर में स्कोर 13-11 पहुंचा और जैसे ही मेनसिक ने फोरहैंड विनर लगाकर मैच खत्म किया, वह तुरंत क्ले कोर्ट पर गिर पड़े. जीत का जश्न मनाने की ताकत भी उनके अंदर नहीं बची थी. वह पीठ के बल लेट गए, दोनों हाथों से चेहरा ढक लिया और कुछ देर तक बिल्कुल नहीं उठ पाए।  विपक्षी खिलाड़ी ने बढ़ाया हौसला कुछ सेकेंड बाद याकूब मेनसिक दर्द से अपना पैर पकड़ लिया और मदद का इशारा करने लगे. स्टेडियम में मौजूद दर्शक पूरी तरह खामोश हो गए. हारने के बावजूद मारियानो नावोन ने शानदार खेल भावना दिखाई. वह तुरंत नेट पार करके मेनसिक के पास पहुंचे और उनकी हालत का हाल जाना।  अंपायर भी तेजी से नीचे उतरे और फिजियो को बुलाया गया. करीब एक मिनट तक मेनसिक कोर्ट पर ही पड़े रहे, जिसके बाद मेडिकल टीम पहुंची. उन्हें बर्फ दी गई और धूप से बचाने के लिए छाता लगाया गया. करीब 10 मिनट तक उनका इलाज चलता रहा. हालांकि हालत खराब होने के बावजूद मेनसिक ने व्हीलचेयर लेने से मना कर दिया. वह धीरे-धीरे खुद चलकर कोर्ट से बाहर गए, लेकिन उनकी चाल साफ बता रही थी कि शरीर पूरी तरह टूट चुका है।  अब सबसे बड़ी चिंता यह है कि क्या मेनसिक तीसरे दौर में खेलने के लिए फिट हो पाएंगे. अगले मुकाबले में उनका सामना दुनिया के नंबर-8 खिलाड़ी एलेक्स डी मिनौर से होना है. दरअसल, इस साल फ्रेंच ओपन में खिलाड़ियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ विरोधी खिलाड़ी नहीं, बल्कि पेरिस की खतरनाक गर्मी भी बन गई है. हीटवेव की वजह से कई खिलाड़ी शारीरिक परेशानियों से जूझ रहे हैं।  पूर्व फाइनलिस्ट कैस्पर रूड ने भी खुलासा किया कि उन्हें पहले दौर के मैच में हीटस्ट्रोक जैसा महसूस हुआ था. रूड ने कहा कि चौथे सेट में उन्हें चक्कर आने लगे थे और वह खुद को 'जॉम्बी की तरह' महसूस कर रहे थे। 

एबी डिविलियर्स, युवराज और गेल जैसे स्टार्स की वापसी से बढ़ेगा रोमांच

 नई दिल्ली  इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके खिलाड़ियों को अब उनके फैंस एक बार फिर से एक्शन में देख पाएंगे। दरअसल, वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लेजेंड्स (WCL) ने अपने तीसरे सीजन की घोषणा कर दी है। अक्टूबर 2026 में होने वाले इस सीजन में संन्यास ले चुके दिग्गज खिलाड़ी और कुछ नए चेहरे मैदान पर धमाल मचाने वाले हैं। पहले दो सीजन में लीग ने क्रिकेट जगत में धमाकेदार एंट्री की। अब यह लीग IPL के बाद दुनिया की दूसरी सबसे ज्यादा देखी जाने वाली क्रिकेट लीग बन चुकी है। सीजन 2 के आंकड़े देखकर हैरानी होती है। इसके 42 करोड़ 30 लाख पूरी दुनिया में दर्शक हैं। इसके अलावा 120 करोड़ इसका डिजिटल इंप्रेशन है। कई दिग्गज खिलाड़ी करेंगे वापसी इस बार फिर मैदान पर पुरानी यादें ताजा होंगी। एबी डी विलियर्स बल्ले से जादू दिखाएंगे, युवराज सिंह अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से विपक्षी गेंदबाजों को परेशान करेंगे। हरभजन सिंह की स्पिन का जादू भी फैंस को देखने को मिलेगा। इनके अलावा डीजे ब्रावो, मोईन अली और क्रिस गेल जैसे स्टार भी वापसी करेंगे। खबरें तो यह भी कह रही हैं कि कुछ नए बड़े नाम भी इस सीजन में जुड़ सकते हैं, जिनकी वजह से रोमांच और बढ़ जाएगा। फॉर्मेट में नहीं होगा बदलाव WCL का फॉर्मेट पहले की तरह ही रहेगा। इसमें इंडिया चैंपियंस, पाकिस्तान चैंपियंस, इंग्लैंड चैंपियंस, ऑस्ट्रेलिया चैंपियंस, साउथ अफ्रीका चैंपियंस, वेस्टइंडीज चैंपियंस और बांग्लादेश चैंपियंस की टीमें हिस्सा लेंगी। ये टीमें उन खिलाड़ियों से भरी होंगी जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अपनी पहचान दी है। भारत-पाकिस्तान, भारत-ऑस्ट्रेलिया जैसी पुरानी राइवलरी फिर से मैदान पर देखने को मिलेगी। WCL के फाउंडर का बड़ा बयान WCL के फाउंडर और सीईओ हर्षित तोमर ने कहा, "जब हमने WCL शुरू किया था तो हमारा सपना था कि फैंस को क्रिकेट से ज्यादा कुछ दे सकें। दो सीजन में यह लीग दुनिया की दूसरी सबसे पॉपुलर क्रिकेट लीग बन गई है। सीजन 3 को हम और भी बड़े स्तर पर ले जाएंगे।"  

पैरा एथलीट सुमित अंतिल का 74.82m थ्रो, F64 में नया विश्व रिकॉर्ड

 नई दिल्ली शक्ति और सटीकता का शानदार प्रदर्शन करते हुए, भारत के पैरा-एथलेटिक्स सुपरस्टार सुमित अंतिल ने बुधवार को आठवीं इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स इंटरनेशनल चैंपियनशिप में पुरुषों की भाला फेंक F64 स्पर्धा में अपना ही विश्व रिकॉर्ड तोड़कर स्वर्ण पदक जीता। हरियाणा के इस एथलीट ने 74.82 मीटर का विशाल थ्रो किया, जिससे दर्शक खुशी से झूम उठे और वैश्विक पैरा-खेल समुदाय को एक स्पष्ट संदेश दिया। दो बार के पैरालंपिक चैंपियन एंटिल ने प्रतियोगिता के दौरान ही अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म का प्रदर्शन कर दिखाया था। उन्होंने धीरे-धीरे गति पकड़ी और चौथे प्रयास में 70.30 मीटर का थ्रो किया, जिसके बाद उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पांचवें थ्रो में दिखाया। उनके इस अंतिम प्रयास ने न केवल उन्हें स्वर्ण पदक दिलाया, बल्कि 2022 एशियाई पैरा गेम्स में बनाए गए उनके पिछले विश्व रिकॉर्ड 73.29 मीटर को भी तोड़ दिया। शानदार प्रदर्शन ने प्रतिद्वंद्वियों को अचंभित कर दिया। नौ खिलाड़ियों के इस समूह का सुमित अंतिल के विस्फोटक प्रदर्शन के आगे कोई चांस नहीं था। उन्होंने शुरू से अंत तक प्रतियोगिता पर पूरी तरह से अपना दबदबा बनाए रखा। महाराष्ट्र के संदीप सरगर ने 62.88 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ रजत पदक जीता और काफी पीछे दूसरे स्थान पर रहे। यह अंतर इस बात को स्पष्ट करता है कि उस दिन अंतिल कितने आगे थे। इस ताजा जीत ने एंटिल के पहले से ही शानदार करियर में एक और चमकीला अध्याय जोड़ दिया है। पिछले ही साल, 26 वर्षीय एंटिल ने नई दिल्ली में आयोजित विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में लगातार तीसरा स्वर्ण पदक जीता था, जिससे उन्होंने बार-बार साबित किया कि वे F64 वर्ग में भाला फेंक के निर्विवाद बादशाह बने हुए हैं। भारतीय पैरा स्पोर्ट्स के लिए यह रिकॉर्ड क्यों महत्वपूर्ण है? भारतीय पैरा-एथलेटिक्स प्रशंसकों के लिए सुमित एंटिल की उपलब्धि सिर्फ एक और पदक से कहीं अधिक है; इसने देश में इस खेल के तीव्र विकास को उजागर किया है। इंडियन ओपन जैसी अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप की मेजबानी से घरेलू खिलाड़ियों को परिचित परिस्थितियों में अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिलता है, साथ ही उन्हें विदेशी खिलाड़ियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करने का अवसर भी मिलता है। एंटिल के विश्व-रिकॉर्ड थ्रो से राष्ट्रीय टीम का आत्मविश्वास बढ़ेगा और हजारों दिव्यांग युवा खिलाड़ियों को इस खेल को अपनाने की प्रेरणा मिलेगी। इस आयोजन में मौजूद कोचों और अधिकारियों ने हरियाणा के इस स्टार खिलाड़ी की निरंतरता और मानसिक दृढ़ता की सराहना की। प्रतियोगिता में प्रबल दावेदार के रूप में उतरे इस खिलाड़ी ने दबाव को बखूबी संभाला और अहम मौकों पर शानदार प्रदर्शन किया। भविष्य की ओर: सुमित एंटिल और अधिक सफलता की ओर अग्रसर हैं। आगामी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं को देखते हुए, सुमित एंटिल का प्रदर्शन शानदार है। नई दिल्ली में उनके रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन ने साबित कर दिया है कि वे F64 भाला फेंक में अपनी क्षमताओं को लगातार निखार रहे हैं। समर्थक यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि भविष्य की चैंपियनशिप और पैरालंपिक खेलों में वे कितनी ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं।  

सिनर ने ताबुर को हराकर फ्रेंच ओपन में दमदार शुरुआत की

पेरिस  दुनिया के नंबर-1 टेनिस खिलाड़ी जानिक सिनर ने फ्रेंच ओपन में अपने पहले दौर के मुकाबले में एकतरफा जीत हासिल की। सिनर ने फ्रांस के 171वीं रैंकिंग वाले वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी क्लेमेंट ताबुर को 6-1, 6-3, 6-4 से हराया। इसके साथ ही उन्होंने लगातार 30वीं जीत दर्ज की। अब उन्होंने फ्रेंच ओपन खिताब जीतने की अपनी कोशिश भी शुरू कर दी है। पिछले साल फाइनल में कार्लोस अलकराज से पांच सेटों में मिली नाटकीय हार के बाद रोलां गैरो में वापसी करते हुए सिनर का पहला मुकाबला उस मैच से बिल्कुल अलग रहा। सिनर ने कहा कि मैं यहां वापस आकर बहुत खुश हूं। यहां की यादें बेहद शानदार हैं। पेरिस के माहौल में खुद को ढालने के लिए सिनर और उनके भाई ने एफिल टावर का लेगो प्रोजेक्ट शुरू किया था। इटालियन ओपन जीतने के बाद वह अपने घर गए थे, जहां उन्होंने इस मॉडल पर काम किया। सिनर का प्रचंड फॉर्म 24 वर्षीय सिनर इस समय शानदार फॉर्म में हैं और लगातार पांच टूर्नामेंट जीत चुके हैं। अलकराज के दाएं हाथ की कलाई में चोट के कारण बाहर होने के बाद सिनर को फ्रेंच ओपन जीतने का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। वहीं, अन्य मुकाबलों में नीदरलैंड्स के जेस्पर डी जोंग ने इटली के फेडरिको सीना को 6-3, 6-1, 6-3 को मात दी। इसके अलावा बेल्जियम के अलेक्जेंडर ब्लाक्स के विरुद्ध ऑस्ट्रेलिया के आठवीं वरीयता प्राप्त एलेक्स डी मिनौर को वॉकओवर मिला। स्वियातेक तीसरे दौर में दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी इगा स्वियातेक ने बुधवार को फ्रेंच ओपन में अपनी लय हासिल करने की कोशिश जारी रखते हुए तीसरे दौर में प्रवेश कर लिया। उन्होंने चेक गणराज्य की सारा बेजलेक को 6-2, 6-3 से हराया। चार बार की चैंपियन स्वियातेक अपनी प्रतिद्वंद्वी से काफी बेहतर नजर आईं। इसके बावजूद उन्होंने 38 अनफोर्स्ड एरर किए, जिनमें कई डबल फाल्ट भी शामिल रहे। कोर्ट फिलिप चैटियर पर खेले गए मुकाबले में शुरुआती गेमों में दोनों खिलाड़ियों ने एक-दूसरे की सर्विस तोड़ी। इसके बाद स्वियातेक ने 5-1 की बढ़त बना ली, लेकिन सातवें गेम में डबल फाल्ट कर उन्होंने दुनिया की 35वें नंबर की खिलाड़ी बेजलेक को वापसी का मौका दे दिया। बेलिंडा की एकतरफा जीत स्वियातेक ने कई बार जल्दबाजी दिखाई, लेकिन 19 अनफोर्स्ड एरर के बावजूद पहला सेट आसानी से अपने नाम कर लिया। दूसरे सेट के शुरुआती आठ गेम में से पांच में सर्विस टूटने के बाद मुकाबला काफी बिखरा हुआ नजर आया। अंत में बेजलेक के फोरहैंड शॉट नेट में जाने के साथ स्वियातेक ने जीत दर्ज की। वहीं, 11वीं वरीयता प्राप्त बेलिंडा बेनसिक ने अमेरिका की कैटी मैकनेली को एकतरफा मुकाबले में 6-4, 6-0 से हराया। वहीं, पांचवीं वरीयता प्राप्त जेसिका पेगुला उलटफेर की शिकार हो गईं। उनको आस्ट्रेलिया की किंबर्ली बिरेल ने 1-6, 6-3, 6-3 से शिकस्त देकर अगले दौर में जगह बनाईं।

प्रणय ने जोनाथन क्रिस्टी को हराकर दूसरे दौर में बनाई जगह

सिंगापुर  भारतीय स्टार शटलर एचएस प्रणय ने बुधवार को खेले गए सिंगापुर ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट में इंडोनेशिया के पांचवीं वरीयता प्राप्त जोनाथन क्रिस्टी को तीन गेम में हराकर पुरुष सिंगल्स के दूसरे दौर में प्रवेश किया। 33 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी ने शानदार संयम दिखाते हुए दुनिया के नंबर-5 खिलाड़ी को एक घंटे से कुछ अधिक समय तक चले मुकाबले में 10-21, 21-12, 21-18 से मात दी। यह पांच वर्षों में क्रिस्टी पर प्रणय की पहली जीत रही। इससे पहले उन्होंने आखिरी बार 2021 इंडोनेशिया ओपन में उन्हें हराया था। 2022 थॉमस कप में भारत की ऐतिहासिक जीत और हाल ही में डेनमार्क में कांस्य पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले प्रणय का अगला मुकाबला सिंगापुर के पूर्व विश्व चैंपियन लोह कीन यू से होगा। भारतीय मिक्स्ड डबल्स जोड़ी ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो ने भी मलेशिया की वोंग टिएन सी और लिम चियू सिएन को 21-14, 20-22, 21-13 से हराकर दूसरे दौर में जगह बनाई। हालांकि, किदांबी श्रीकांत और मालविका बंसोड़ शुरुआती दौर की बाधा पार नहीं कर सके

हर 4वीं गेंद पर छक्का! IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी का ऐतिहासिक विस्फोट

वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में 65 छक्के पूरे कर लिए हैं- किसी भी टी20 टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा. उन्होंने 2012 में क्रिस गेल के 59 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ दिया. लेकिन असली तबाही यहां छिपी है- गेल ने अपने 59 छक्कों तक पहुंचने के लिए 456 गेंदें खेली थीं. वैभव ने 65 छक्कों के लिए सिर्फ 280 गेंदें लीं. यानी हर चौथी गेंद पर छक्का! यह आंकड़ा नहीं, गेंदबाजों के लिए डरावना सपना है. 16 गेंदों में फिफ्टी… प्लेऑफ इतिहास की बराबरी SRH के खिलाफ वैभव ने सिर्फ 16 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया. यह IPL प्लेऑफ/नॉकआउट इतिहास की संयुक्त सबसे तेज फिफ्टी है. इससे पहले 2014 के क्वालिफायर-2 में सुरेश रैना ने किंग्स XI पंजाब के खिलाफ 16 गेंदों में पचासा ठोका था. अब उस सूची में वैभव सूर्यवंशी का नाम भी दर्ज हो चुका है. 242.85 की स्ट्राइक रेट… जो टी20 इतिहास में कभी नहीं हुई वैभव ने इस सीजन 15 पारियों में 680 रन बनाए हैं. स्ट्राइक रेट? 242.85! टी20 इतिहास में पहली बार किसी बल्लेबाज ने 600+ रन बनाकर 200 से ऊपर की स्ट्राइक रेट रखी है. इससे पहले सबसे बेहतर रिकॉर्ड रिली रूसो का था, जिन्होंने 2022 T20 Blast में 623 रन 192.28 की स्ट्राइक रेट से बनाए थे. वैभव ने उस सीमा को भी बौना बना दिया. 12 छक्के… और IPL प्लेऑफ का नया विस्फोट एलिमिनेटर में वैभव ने सिर्फ 29 गेंदों में 12 छक्के जड़ दिए. यह किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा IPL पारी में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा छक्के हैं. दिलचस्प बात? उन्होंने अपने ही रिकॉर्ड की बराबरी की, जो इसी सीजन जयपुर में SRH के खिलाफ बनाया था. और सिर्फ भारतीयों में ही नहीं- IPL प्लेऑफ या नॉकआउट मैच में 12 छक्के अब तक किसी ने नहीं लगाए थे. इससे पहले शुभमन गिल ने 2023 क्वालिफायर-2 में मुंबई इंडियंस के खिलाफ 10 छक्के जड़े थे. पहली 24 गेंदों में 10 छक्के… IPL ने ऐसा पहले नहीं देखा वैभव के पहले 10 छक्के सिर्फ 24 गेंदों में आए. IPL इतिहास में किसी बल्लेबाज ने इतनी तेजी से 10 छक्के नहीं लगाए. क्रिस गेल ने 2013 में पुणे वॉरियर्स के खिलाफ अपनी 175* वाली पारी में पहले 10 छक्कों के लिए 27 गेंदें ली थीं. वैभव ने उस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया. पावरप्ले में 8 छक्के… नई परिभाषा SRH के खिलाफ वैभव के 12 में से 8 छक्के पावरप्ले में आए. IPL इतिहास में पहले छह ओवरों में किसी बल्लेबाज द्वारा इतने छक्के कभी नहीं लगे थे. इससे पहले कई बल्लेबाज एक पारी में पावरप्ले में 7 छक्के लगा चुके थे, जिनमें खुद वैभव भी शामिल थे. लेकिन अब रिकॉर्ड सिर्फ उनके नाम है. 10+ छक्कों वाली 4 पारियां… गेल की बराबरी वैभव अब IPL में 10 या उससे ज्यादा छक्कों वाली 4 पारियां खेल चुके हैं. उन्होंने क्रिस गेल के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है. सबसे हैरान करने वाली बात- इनमें से 3 पारियां सिर्फ IPL 2026 में आई हैं. किसी एक सीजन में ऐसा पहले किसी बल्लेबाज ने नहीं किया. 334.48 की स्ट्राइक रेट… 90+ रन वाली सबसे खतरनाक पारी 29 गेंदों पर 97 रन. स्ट्राइक रेट- 334.48. IPL इतिहास में 90+ रन की किसी भी पारी में यह सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट है. इससे पहले रिकॉर्ड रजत पाटीदार के नाम था, जिन्होंने गुजरात टाइटन्स के खिलाफ 33 गेंदों में 93* बनाते हुए 281.81 की स्ट्राइक रेट हासिल की थी. वैभव ने उस रिकॉर्ड को भी चकनाचूर कर दिया. 300+ स्ट्राइक रेट के साथ 50+ स्कोर… कोई आसपास नहीं वैभव IPL में तीन बार 300+ स्ट्राइक रेट के साथ 50+ रन बना चुके हैं. ऐसा IPL इतिहास में किसी और बल्लेबाज ने नहीं किया. पूरे टी20 क्रिकेट की बात करें तो यह चौथी बार है जब उन्होंने ऐसा कारनामा किया. उन्होंने कीरोन पोलार्ड की बराबरी कर ली है. पावरप्ले में फिफ्टी… वार्नर के पीछे सिर्फ एक कदम वैभव अब IPL में पांच बार पावरप्ले के अंदर ही अर्धशतक पूरा कर चुके हैं. उनसे आगे सिर्फ डेविड वॉर्नर हैं, जिन्होंने ऐसा छह बार किया. इनमें से चार फिफ्टी सिर्फ 2026 सीजन में आई हैं, जो ट्रैविस हेड के 2024 रिकॉर्ड की बराबरी है. 490 रन सिर्फ पहले 6 ओवर में! वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में पावरप्ले के दौरान 490 रन बना दिए हैं.  यह IPL इतिहास में पहले छह ओवरों में किसी बल्लेबाज द्वारा सबसे ज्यादा रन हैं. उन्होंने 2016 में डेविड वॉर्नर के 467 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया. यह सिर्फ सीजन नहीं… सत्ता परिवर्तन है क्रिस गेल, डेविड वॉर्नर, सुरेश रैना, कीरोन पोलार्ड, शुभमन गिल… एक-एक करके हर बड़े नाम के रिकॉर्ड पर अब वैभव सूर्यवंशी की मुहर लग रही है. और सबसे डराने वाली बात? यह खिलाड़ी अभी 15 साल का है. आईपीएल 2026 शायद सिर्फ एक सीजन नहीं, बल्कि उस युग की शुरुआत है, जहां रिकॉर्ड टूटने से पहले लोग सिर्फ यह पूछेंगे- 'क्या वैभव बल्लेबाजी कर रहे हैं?' वैभव ने जो बड़े रिकॉर्ड तोड़े- – एक T20 टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा छक्के – 65 (क्रिस गेल के 59 छक्के पीछे छोड़े) – IPL प्लेऑफ में सबसे ज्यादा छक्के -12 (शुभमन गिल के 10 छक्कों का रिकॉर्ड टूटा) – IPL में सबसे तेजी से 10 छक्के – 24 गेंद (गेल के 27 गेंद वाले रिकॉर्ड से आगे) – IPL पारी के पावरप्ले में सबसे ज्यादा छक्के – 8 – एक IPL सीजन के पावरप्ले में सबसे ज्यादा रन- 490 (डेविड वॉर्नर के 467 रन पीछे छोड़े) – 600+ रन और 200+ स्ट्राइक रेट वाला पहला बल्लेबाज (टी20 इतिहास में पहली बार) – 90+ रन वाली IPL पारी में सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट – 334.48 – एक सीजन में 10+ छक्कों वाली सबसे ज्यादा पारियां -3 – अनकैप्ड बल्लेबाज द्वारा IPL सीजन में सबसे ज्यादा रन – 680* – IPL सीजन में सबसे विस्फोटक बाउंड्री रेट – हर 4.3 गेंद पर छक्का- गेल के 7.7 से काफी आगे. जिन रिकॉर्ड्स की बराबरी की- – IPL प्लेऑफ की सबसे तेज फिफ्टी – 16 गेंद (सुरेश रैना के साथ) – IPL में 10+ छक्कों वाली 4 पारियां – क्रिस गेल की बराबरी – 300+ स्ट्राइक रेट के साथ 50+ स्कोर – कीरोन … Read more