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IND vs IRE: आयरलैंड ने रचा इतिहास, टीम इंडिया को 2-0 से हराकर किया क्लीन स्वीप

बेलफास्ट भारत और आयरलैंड के बीच दो मैचों की टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला रविवार (28 जून) को खेला गया. बेलफास्ट के सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब में हुए इस मुकाबले में आयरलैंड ने 1 रन से जीत हासिल की. इस जीत के साथ ही आयरलैंड ने सीरीज में भारत का 2-0 से सूपड़ा साफ कर दिया. आयरलैंड ने पहली बार भारत के खिलाफ टी20 सीरीज जीती है. मुकाबले में आयरलैंड ने भारतीय टीम को जीत के लिए 155 रनों का टारगेट दिया था, लेकिन वो 9 विकेट पर 153 रन ही बना सकी. मौजूदा टी20 वर्ल्ड चैम्पियन भारत की हार का मुख्य कारण उसकी बैटिंग रही. भारत का टॉप आर्डर इस मैच में भी फ्लॉप रहा।  श्रेयस अय्यर की कप्तानी में खेल रही भारतीय टीम सीरीज का पहला मुकाबला 34 रनों से गंवा बैठी थी. ऐसे में ये मुकाबला जीतना टीम इंडिया के बेहद जरूरी था, लेकिन वो ऐसा नहीं कर पाई. आखिरी ओवर में भारत को जीत के लिए 20 रन बनाने थे. हर्षित राणा (21 रन) ने जरूर कुछ शॉट्स खेलकर उम्मीदें जगाईं, लेकिन वो अहम मौके पर आउट हो गए. आखिरी बॉल पर प्रिंस यादव ने भी छक्का लगाया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।  रनचेज में भारतीय टीम की शुरुआत कुछ खास नहीं रही. उसने 35 रनों के स्कोर तक चार विकेट गंवा दिए. अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन तो गोल्डन डक पर आउट हुए. वहीं कप्तान श्रेयस अय्यर ने 10 रन बनाए. इन तीनों ही बल्लेबाजों को जय मूंदरा ने पवेलियन भेजा. ईशान किशन 12 रनों के निजी स्कोर पर रन आउट हुए. यहां से तिलक वर्मा और अक्षर पटेल ने 39 रन जोड़कर भारतीय पारी को संभाला. मैथ्यू हॉलार्ड ने अक्षर को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा।  शिवम दुबे और तिलक वर्मा ने मिलकर छठे विकेट के लिए 35 रनों की साझेदारी की. लेकिन जब बड़े शॉट्स की दरकार थी, तब शिवम दुबे पवेलियन चल दिए. 20 रनों के निजी स्कोर पर शिवम दुबे को मैथ्यू हफ्रीज ने अपनी फिरकी में फंसाया. तिलक वर्मा ने फिफ्टी जड़ी, लेकिन वो भी मुश्किल वक्त में टीम का साथ छोड़ बैठे. तिलक ने 3 चौके और एक छक्के की मदद से 46 बॉल पर 55 रन बनाए. वहीं सूर्यांश शेडगे 1 रन बना सके. यहां से भारत के लिए मैच जीतना मुश्किल था और ऐसा ही हुआ. जय मूंदरा और मैथ्यू हॉलार्ड ने आयरलैंड के लिए तीन-तीन विकेट झटके।  ऐसी रही आयरलैंड की बैटिंग मुकाबले में आयरलैंड ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए 8 विकेट पर 154 रन बनाए. आयरलैंड की शुरुआत कुछ अच्छी नहीं रही. हर्षित राणा ने दूसरे ही ओवर में टिम टेक्टर (5 रन) को पवेलियन का रास्ता दिखा दिया. फिर अगले ओवर में अर्शदीप सिंह ने तूफानी बैटिंग कर रहे रॉस अडायर (16 रन) को आउट किया. कप्तान लोर्कन टकर (15 रन) इस मैच में बल्ले से प्रभावित नहीं कर पाए और उन्हें डेब्यूटेंट प्रिंस यादव ने पवेलियन भेजा. टकर के आउट होने के समय आयरलैंड का स्कोर 48/3 था।  यहां से बेंजामिन कैलिट्ज और हैरी टेक्टर ने चौथे विकेट के लिए 65 रनों की साझेदारी कर पारी को संभाला. कैलिट्ज ने 3 चौके और दो छक्के की मदद से 23 बॉल पर 37 रन बनाए. शिवम दुबे ने लगातार गेंदों पर कैलिट्ज और गैरेथ डेलानी (0 रन) को चलता किया. इसके बाद जॉर्ज डॉकरेल और हैरी टेक्टर ने छठे विकेट के लिए 31 रन जोड़े और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में मदद की।  हैरी टेक्टर ने 5 चौके और एक छक्के की मदद से 47 बॉल पर 53 रन बनाए. वहीं जॉर्ज डॉकरेल के बल्ले से 19 रन निकले. लियाम मैकार्थी 2 रन बनाकर आउट हुए. भारत की ओर से प्रिंस यादव ने तीन विकेट चटकाए. वहीं अर्शदीप सिंह और शिवम दुबे को 2-2 सफलताएं हासिल हुईं।  इस मुकाबले में भारतीय टीम के लिए ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे और तेज गेंदबाज प्रिंस यादव ने अपना टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया. वॉशिंगटन सुंदर और प्रसिद्ध कृष्णा प्लेइंग-11 से बाहर रहे. हालांकि वैभव सूर्यवंशी को एक बार फिर बेंच पर बैठना पड़ा. वैभव के डेब्यू का इंतजार और लंबा हो चुका है।  भारत और आयरलैंड के बीच अब तक 10 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं. इस दौरान टीम इंडिया ने 8 मुकाबले में जीत दर्ज की. जबकि आयरलैंड को 2 मैचों में सफलता हासिल हुई. यानी आंकड़ों में भारतीय टीम का पलड़ा भारी रहा है। 

आयरलैंड बनाम भारत दूसरा टी20: पिच रिपोर्ट में गेंदबाजों को शुरुआती मदद के संकेत

नई दिल्ली इंडिया वर्सेस आयरलैंड दो मैच की टी20 सीरीज का दूसरा और आखिरी मुकाबला आज यानी रविवार, 28 जून को खेला जाना है। यह मैच भी बेलफास्ट के उसी मैदान पर खेला जाएगा, जहां पहले टी20 में मेजबानों ने भारत के खिलाफ बड़ा उलटफेर किया था। आयरलैंड ने 34 रनों से पहला टी20 जीत सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। यह इंटरनेशनल क्रिकेट में आयरलैंड की भारत पर पहली जीत है। इस जीत से मेजबानों का काफी कॉन्फिडेंस बढ़ा होगा, ऐसे में आज उनकी नजरें सीरीज में 2-0 से भारत का सूपड़ा साफ करने पर होगी। वहीं श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली टीम इंडिया सीरीज और इज्जत दोनों बचाने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। आईए एक नजर भारत बनाम आयरलैंड मैच की पिच रिपोर्ट पर डालते हैं- IND vs IRE पिच रिपोर्ट बेलफास्ट के सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब की पिच पहले टी20 जैसे खेलने की उम्मीद रहेगी। शुरुआत में सीमर्स को थोड़ी मूवमेंट और एक्स्ट्रा बाउंस के साथ कुछ मदद मिल सकती है। हालांकि, मैच आगे बढ़ने के साथ पिच धीमी होने की संभावना है, जिससे स्ट्रोक खेलना थोड़ा और मुश्किल हो जाएगा। पिच को देखते हुए टॉस जीतने वाली टीम पहले बैटिंग चुन सकती है। बेलफास्ट T20I रिकॉर्ड मैच- 28 पहले बैटिंग करते हुए जीते गए मैच- 11 (37.93%) दूसरे बैटिंग करते हुए जीते गए मैच- 16 (55.17%) टॉस जीतकर जीते गए मैच- 11 (37.93%) टॉस हारकर जीते गए मैच- 16 (55.17%) बिना नतीजे वाले मैच- 1 (3.57%) हाईएस्ट स्कोर- 190/5 लोएस्ट स्कोर- 53 हाईएस्ट स्कोर इन चेज- 180/4 एवरेज रन पर विकेट- 17.61 एवरेज रन पर ओवर- 6.78 एवरेज स्कोर पहले बैटिंग करते हुए- 120 IND vs IRE हेड टू हेड भारत और आयरलैंड के बीच टी20 क्रिकेट के इतिहास में कुल 9 मैच खेले गए हैं, जिसमें से 8 बार टीम इंडिया ने तो 1 बार आयरलैंड ने जीत दर्ज की है। आयरलैंड अपने जीत के रिकॉर्ड को आज और सुधारना चाहेगी। IND vs IRE स्क्वॉड आयरलैंड टीम: टिम टेक्टर, रॉस अडायर, हैरी टेक्टर, लोरकन टकर (विकेट कीपर), बेंजामिन कैलिट्ज़, गैरेथ डेलानी, जॉर्ज डॉकरेल, लियाम मैकार्थी, मैथ्यू हम्फ्रीज़, जय मूंद्रा, मैथ्यू होलार्ड, स्टीफन डोहेनी, रूबेन विल्सन, गेविन होए इंडिया टीम: अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेट कीपर), ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, वाशिंगटन सुंदर, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, सूर्यांश शेडगे, वैभव सूर्यवंशी, प्रिंस यादव, रवि बिश्नोई

भारत पर पहली जीत, महिला टीम की वर्ल्ड कप में पहली जीत से आयरलैंड ने रचा इतिहास

ब्रिस्टल  26 और 27 जून की तारीख आयरलैंड क्रिकेट के इतिहास में अमर हो गई हैं। इन 2 दिनों के भीतर आयरिश क्रिकेट समर्थकों को वो खुशियां मिल गई जिसके लिए उनकी आंखें तरस गई थी। पहले पुरुष टीम ने टी20 मुकाबले में भारत के खिलाफ पहली जीत दर्ज की। तो वहीं महिला टीम ने वेस्टइंडीज को मात देकर टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में पहली बार जीत का स्वाद चखा। निश्चित रूप से आयरलैंड क्रिकेट ने विश्व पटल पर अपना नाम रौशन कर दिया है। महिला टीम ने रचा इतिहास 27 जून को महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-2 में आयरलैंड का सामना वेस्टइंडीज से हुआ। आयरिश कप्तान गैबी लुइस ने टॉस जीतने के बाद विपक्षी टीम को पहले बल्लेबाजी करने का न्योता दिया। विंडीज टीम की पारी किसी भी मौके पर रफ्तार पकड़ती हुई नजर नहीं आई। शिनेल हेनरी 27 रन बनाकर सर्वाधिक निजी स्कोर बनाने वाली बल्लेबाज रहीं। जिसके बूते उनकी टीम 128 रन बनाने में कामयाब हुई। 129 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए ओर्ला प्रेंडरगास्ट ने 44 गेंदों में 63 रन की पारी खेलकर मुकाबले को एकतरफा कर दिया। सलामी बल्लेबाज एमी हंटर के 28 रन का साथ मिलने से उनक काम आसान हो गया। आयरलैंड ने 18.1 ओवर में 6 विकेट शेष रहते जीत हासिल कर ली। साल 2009 में शुरू हुए महिला टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में लगातार 31 हार के बाद ये उनकी पहली जीत है। पुरुष टीम ने पहली बार भारत को हराया महिलाओं से पहले पुरुषों ने आयरलैंड क्रिकेट फैंस को खुशियां दी। 26 जून को खेले गए मुकाबले में मेजबानों ने भारतीय टीम को 34 रन के अंतर से मात दी। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए लॉर्कन टकर की टीम ने 183 रन का लक्ष्य दिया था। जिसके जवाब में सुपरस्टार खिलाड़ियों से सजी भारतीय टीम 18.5 ओवर में 148 के स्कोर पर ढ़ेर हो गई। इंटरनेशनल लेवल पर 11 मुकाबलों के बाद आयरिश टीम की यह भारत के खिलाफ पहली जीत थी। सीरीज जीतने का मौका आयरलैंड के पास अब भारत के खिलाफ सीरीज जीतने का सुनहरा मौका है। हालांकि 2 मैचों की श्रंखला को वे अब हार नहीं सकते हैं लेकिन दूसरे मैच में जीत दर्ज कर दुनिया को दिखा सकते हैं कि अब उनकी टीम किसी से कम नहीं है। पहला मैच हारने के बाद दबाव टीम इंडिया के ऊपर रहने वाला है।  

पाकिस्तान को मेजबानी का फायदा, खराब प्रदर्शन के बावजूद वर्ल्ड कप 2028 में एंट्री पक्की

नई दिल्ली महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 की धूम के बीच अगले संस्करण को लेकर भी बड़ा अपडेट आ गया है। बीते शुक्रवार यानि 26 जून को श्रीलंका बनाम स्कॉटलैंड मुकाबले के बाद उन 9 टीमों के नाम सामने आ गए हैं जिन्होंने साल 2028 में होने वाले टूर्नामेंट में सीधे एंट्री कर ली है। इसमें भारत और पाकिस्तान का नाम भी शामिल है। बता दें कि पाक टीम को मेजबान होने की वजह से महिला टी20 वर्ल्ड कप 2028 में सीधे जगह मिली है। पाकिस्तान को मिला मेजबान होने का फायदा पाकिस्तान का महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। 4 मैच खेलने के बावजूद उनके खाते में एक भी जीत नहीं आई है। महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में कुल 12 टीमों ने हिस्सा लिया है। जिन्हें 6-6 के ग्रुप में बांटा गया है। हर ग्रुप की टॉप-4 टीमों के लिए अगले संस्करण के दरवाजे खुलने हैं। पाकिस्तान फिलहाल अपने ग्रुप में 5वें स्थान की टीम है। लेकिन मेजबान होने के चलते उनकी सीट पक्की है। इन 8 टीमों को मिली जगह ग्रुप-ए में से भारत, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, और दक्षिण अफ्रीका ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में प्रदर्शन के आधार पर अपनी जगह बनाई है। जबकि ग्रुप-बी से इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड और श्रीलंका टॉप-4 में पहुंची हैं। 10वीं टीम का फैसला 6 जुलाई तक आईसीसी की रैंकिंग का आधार पर किया जाएगा। आयरलैंड फिलहाल इस रेस में सबसे आगे मानी जा सकती है। 201 रेटिंग पॉइंट्स के साथ यह टीम 9वें पायदान पर काबिज है। स्कॉटलैंड ने गंवाया मौका श्रीलंका को मात देकर स्कॉटलैंड के पास महिला टी20 वर्ल्ड कप 2028 में सीधे क्वालीफाई करने का सुनहरा मौका था। जिसको उन्होंने अपनी गलती से गंवा दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए स्कॉटलैंड ने 152 रन का लक्ष्य दिया था। जिसका पीछा करते हुए लंकाई टीम ने 118 के स्कोर पर 6 विकेट गंवा दिए थे। इस मौके पर स्कॉटलैंड की जीत तय मानी जा रही थी। लेकिन फिर आखिरी 3 ओवर में खेल का पासा पलटा। श्रीलंका ने धुआंधार बल्लेबाजी करते हुए 1 गेंद और 3 विकेट शेष रहते जीत अपने नाम कर ली।  

विंबलडन 2026 ड्रॉ: सेरेना की वापसी से बढ़ा रोमांच, जोकोविक-सिनर और स्वियातेक-रिबाकिना पर नजर

 लंदन  सात बार की विंबलडन चैंपियन अमेरिका की सेरेना विलियम्स चार साल बाद ग्रैंड स्लैम में वापसी करेंगी। टूर्नामेंट के पहले दौर में उनका मुकाबला ऑस्ट्रेलिया की 20 वर्षीय माया जाइंट से होगा। 44 वर्षीय सेरेना को आयोजकों ने वाइल्ड कार्ड दिया है और वह 2022 के बाद पहली बार विंबलडन में सिंगल्स मुकाबला खेलेंगी। सेरेना ने 2022 के अमेरिकी ओपन के बाद कहा था कि वह टेनिस से आगे बढ़ रही हैं। अब वापसी पर उनकी चुनौती आसान नहीं होगी, क्योंकि दुनिया की 53वें नंबर की खिलाड़ी माया जाइंट दो डब्ल्यूटीए खिताब जीत चुकी हैं, जिनमें पिछले साल ईस्टबार्न का ग्रास कोर्ट खिताब भी शामिल है सबालेंका के सामने कोस्तोविच महिला वर्ग में शीर्ष वरीयता प्राप्त एरिना सबालेंका अपने अभियान की शुरुआत सर्बिया की क्वालीफायर तेओदोरा कोस्तोविच के विरुद्ध करेंगी। मौजूदा चैंपियन इगा स्वियातेक का सामना अमेरिका की टेलर टाउनसेंड से होगा। तीसरी वरीय स्वियातेक और दूसरी वरीय एलेना रिबाकिना एक ही हिस्से में हैं। रिबाकिना पहले दौर में फ्रांस की लोइस बोइसों से भिड़ेंगी। वहीं, पुरुष वर्ग में मौजूदा चैंपियन और शीर्ष वरीय इटली के यानिक सिनर सोमवार को सेंटर कोर्ट पर अपने अभियान की शुरुआत सर्बिया के मियोमिर केचमानोविच के विरुद्ध करेंगे। दूसरी वरीयता प्राप्त और हाल में फ्रेंच ओपन चैंपियन बने अलेक्जेंडर ज्वेरेव का मुकाबला बेल्जियम के अलेक्जेंडर ब्लाक्स से होगा। निकला दिलचस्प ड्रॉ ड्रॉ में कई दिलचस्प मुकाबले भी सामने आए हैं। ब्रिटेन के जैक ड्रेपर का सामना छठी वरीयता प्राप्त अमेरिका के टेलर फ्रिट्ज से होगा, जबकि 41 वर्षीय स्विट्जरलैंड के दिग्गज स्टान वावरिंका अपने आखिरी विंबलडन में पूर्व उपविजेता माटेओ बेरेटिनी से भिड़ेंगे। 39 वर्षीय नोवाक जोकोविक रिकॉर्ड 25वें ग्रैंड स्लैम सिंगल्स खिताब की तलाश में पहले दौर में चीन के वू यीबिंग से खेलेंगे। यदि वह आगे बढ़ते हैं तो सेमीफाइनल में उनकी भिड़ंत सिनर से हो सकती है। सिनर के लिए पहले दौर में केचमानोविच आसान प्रतिद्वंद्वी नहीं होंगे। सिनर बिना किसी ग्रास कोर्ट अभ्यास टूर्नामेंट के विंबलडन पहुंचे हैं और उनकी फिटनेस को लेकर भी सवाल बने हुए हैं। फ्रेंच ओपन में वह दो सेट की बढ़त गंवाकर अर्जेंटीना के जुआन मैनुअल सेरुंडोलो से हार गए थे। हालांकि, कार्लोस अलकराज के चोट के कारण बाहर होने से सिनर को लगातार दूसरा विंबलडन खिताब जीतने का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। क्वार्टर फाइनल में उनका संभावित मुकाबला आठवीं वरीयता प्राप्त दानिल मेदवेदेव से हो सकता है। हालांकि मेदवेदेव को पहले ही दौर में पूर्व उपविजेता मारिन चिलिच से कड़ी चुनौती मिलेगी।

ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026: भारत की भारोत्तोलन टीम में चानू समेत मजबूत दावेदार

नई दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों की दो बार की चैंपियन मीराबाई चानू 23 जुलाई से ग्लासगो में शुरू होने वाले इन खेलों में भारोत्तोलन में फिर से भारतीय चुनौती की अगुआई करेंगी। राष्ट्रमंडल खेलों में अभी तक तीन पदक (दो स्वर्ण और एक रजत) जीत चुकी चानू महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा करेंगी उनके साथ मणिपुर की ही भारोत्तोलक बिंद्यारानी देवी (58 किलोग्राम) और पंजाब की हरजिंदर कौर (69 किलोग्राम) भी टीम में शामिल हैं, जिन्होंने 2022 में बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीते थे। लवप्रीत पर पुरुष टीम की जिम्मेदारी पुरुषों में बर्मिंघम में कांस्य पदक विजेता लवप्रीत सिंह (110 किलोग्राम से अधिक) भारतीय टीम का नेतृत्व करेंगे जिसमें राष्ट्रमंडल खेलों में पहली बार भाग लेने वाले ऋषिकांत सिंह (60 किलोग्राम), अजय बाबू (79 किलोग्राम) और दिलबाग सिंह (94 किलोग्राम) भी शामिल हैं। भारोत्तोलन प्रतियोगिताएं 26 से 30 जुलाई तक एसईसी आर्माडिलो में आयोजित की जाएंगी। रविवार को टीम होगी रवाना भारतीय टीम रविवार को बर्मिंघम के लिए रवाना होगी जहां वह अनुकूलन शिविर में हिस्सा लेगी। इसके बाद टीम 23 जुलाई को ग्लासगो के लिए रवाना होगी। भारत ने 2018 और 2022 के राष्ट्रमंडल खेलों में भारोत्तोलन में पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया था। उसने 2018 में गोल्ड कोस्ट में खेले गए राष्ट्रमंडल खेलों में पांच स्वर्ण सहित नौ पदक जीते और फिर 2022 में बर्मिंघम में तीन स्वर्ण सहित 10 पदक अपनी झोली में डाले। इस प्रकार है भारतीय टीम महिला: मीराबाई चानू (48 किग्रा), ज्ञानेश्वरी यादव (53 किग्रा), बिंद्यारानी देवी (58 किग्रा), हरजिंदर कौर (69 किग्रा), संजना (77 किग्रा), मार्तिना देवी (86 किग्रा से अधिक)। पुरुष: ऋषिकांत सिंह (60 किग्रा), एम राजा (65 किग्रा), अजय बाबू (79 किग्रा), दिलबग सिंह (94 किग्रा), लवप्रीत सिंह (110 किग्रा से अधिक)।

नई नवेली केप वर्डे ने रचा इतिहास, FIFA वर्ल्ड कप के नॉकआउट में बनाई जगह; उरुग्वे का सफर खत्म

 ह्यूस्टन FIFA वर्ल्ड कप 2026 में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. दो बार की वर्ल्ड चैम्पियन उरुग्वे का सफर ग्रुप चरण में ही समाप्त हो गया है, जबकि पहली बार वर्ल्ड कप खेल रही केप वर्डे ने इतिहास रचते हुए राउंड ऑफ 32 में जगह बना ली है।  शनिवार (27 जून) को एस्टाडियो ग्वाडलजारा में आयोजित ग्रुप H के निर्णायक मुकाबले में स्पेन ने एलेक्स बेना के पहले हाफ में किए गए गोल की बदौलत उरुग्वे को 1-0 से हरा दिया. इस हार के साथ उरुग्वे की टीम नॉकआउट की दौड़ से बाहर हो गई. पिछले वर्ल्ड कप में भी उरुग्वे के साथ ऐसा ही वाकया हुआ था।  दूसरी ओर शनिवार को ही ह्यूस्टन के ह्यूस्टन स्टेडियम में केप वर्डे और सऊदी अरब के बीच खेला गया मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहा. यह परिणाम केप वर्डे के लिए पर्याप्त साबित हुआ और टीम ने तीनों ग्रुप मैच ड्रॉ खेलकर तीन अंकों के साथ ग्रुप में दूसरा स्थान हासिल कर लिया।  स्पेन सात अंकों के साथ शीर्ष पर रहा, जबकि उरुग्वे और सऊदी अरब दो-दो अंकों के साथ FIFA वर्ल्ड कप 2026 से बाहर हो गए हैं।  करीब पांच लाख की आबादी वाले छोटे से अफ्रीकी द्वीपीय देश केप वर्डे ने अपने पहले ही वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन किया. टीम ने पहले स्पेन को रोका, फिर उरुग्वे के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ खेला और आखिर में सऊदी अरब के खिलाफ एक अंक लेकर इतिहास रच दिया। अब राउंड ऑफ 32 में केप वर्डे का सामना मौजूदा वर्ल्ड चैम्पियन अर्जेंटीना से होगा. वहीं स्पेन अगले दौर में ग्रुप J की उपविजेता टीम से भिड़ेगा। 

लॉर्ड्स में बड़ा मुकाबला: भारत की किस्मत दांव पर, नेट रन रेट भी बनेगा अहम फैक्टर

नई दिल्ली आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 अपने सबसे रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है. ग्रुप-ए से सेमीफाइनल में पहुंचने वाली दो टीमों का फैसला अब आखिरी दिन (28 जून) होगा. हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने अब तक चार में से तीन मुकाबले जीतकर खुद को मजबूत स्थिति में जरूर रखा है, लेकिन सेमीफाइनल का टिकट अभी पक्का नहीं हुआ है. रविवार (28 जून) को क्रिकेट के मक्का लॉर्ड्स पर दो मुकाबले खेले जाएंगे. पहले मैच में बांग्लादेश का सामना साउथ अफ्रीका से होगा, जबकि दूसरे मुकाबले में भारत की टक्कर ऑस्ट्रेलिया से होगी. इन दोनों मैचों के नतीजे तय करेंगे कि सेमीफाइनल में कौन-कौन सी टीम पहुंचेगी. चारों ग्रुप मैच जीत चुकी ऑस्ट्रेलियाई टीम 8 अंकों और +4.724 के शानदार नेट रनरेट के साथ सेमीफाइनल के दरवाजे पर खड़ी है. दूसरी ओर भारत 6 अंकों और +2.268 नेट रन रेट के साथ दूसरे स्थान पर मौजूद है. साउथ अफ्रीका ने भी नीदरलैंड्स को 88 रन से हराकर अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा है. ऐसे में ग्रुप-ए से दूसरे सेमीफाइनलिस्ट के लिए भारत और साउथ अफ्रीका के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है. भारत के लिए सबसे अच्छा और सीधा रास्ता ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत है. यदि भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया को हरा देती है तो उसके 8 अंक हो जाएंगे. हालांकि इसके बाद भी कहानी खत्म नहीं होगी. अगर साउथ अफ्रीका भी बांग्लादेश को हरा देता है, तो दोनों टीमों के 8-8 अंक होंगे और फैसला नेट रनरेट से होगा. वहीं अगर बांग्लादेश साउथ अफ्रीका को हरा देता है, तो भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया को रौंदकर सीधे सेमीफाइनल में पहुंच सकती है. ऑस्ट्रेलिया से हार तो क्या होगा? हालांकि ऑस्ट्रेलिया से हार की स्थिति में भारत 6 अंकों पर ही रहेगा. तब भारतीय टीम की नजरें पूरी तरह बांग्लादेश और साउथ अफ्रीका के मुकाबले पर टिकी होंगी. अगर बांग्लादेश साउथ अफ्रीका को हरा देता है, तो भारत और साउथ अफ्रीका बराबर अंकों पर रहेंगे. ऐसे में नेट रन रेट तय करेगा कि सेमीफाइनल में कौन जाएगा. लेकिन अगर साउथ अफ्रीका जीत जाता है, तो भारत का सफर यहीं समाप्त हो जाएगा. इंग्लैंड के मौसम को देखते हुए बारिश की संभावना को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. अगर भारत और ऑस्ट्रेलिया का मुकाबला बारिश की वजह से रद्द हो जाता है, तो दोनों टीमों को एक-एक अंक मिलेगा. यानी भारत के 7 अंक हो जाएंगे. इस स्थिति में टीम इंडिया को बांग्लादेश की जीत की दुआ करनी होगी. यदि साउथ अफ्रीका अपना मैच जीत लेता है, तो भारत टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगा. भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी सकारात्मक बात उसका नेट रनरेट है. बांग्लादेश पर मिली जीत के बाद भारत का नेट रन रेट +2.268 पहुंच गया है, जो साउथ अफ्रीका से बेहतर है. यही कारण है कि कई संभावित स्थितियों में भारत को बढ़त मिल सकती है. हालांकि टीम मैनेजमेंट किसी भी तरह के गणित पर निर्भर नहीं रहना चाहेगा. ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ जीत हासिल कर भारत अपने दम पर सेमीफाइनल का टिकट हासिल करना चाहेगा. अब लॉर्ड्स के मैदान पर भारतीय टीम की सबसे बड़ी परीक्षा होनी है. कप्तान हरमनप्रीत कौर, सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना, ऑलराउंडर शेफाली वर्मा और मिडिल ऑर्डर बैटर जेमिमा रोड्रिग्स जैसे खिलाड़ियों पर बड़ी जिम्मेदारी होगी. वहीं गेंदबाजी विभाग से भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी.

बेलफास्ट टी20 में भारतीय बल्लेबाजी बिखरी, 183 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम 148 पर ऑलआउट

नई दिल्ली नए टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई में पहली बार मैदान पर उतरी भारतीय टीम को आयरलैंड के खिलाफ मुकाबले में पराजय का मुंह देखना पड़ा. शुक्रवार (26 जून) को बेलफास्ट में खेले गए सीरीज के पहले टी20 इंटरनेशनल मैच में भारत को 34 रनों से हार मिली. 183 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 18.5 ओवर में सिर्फ 148 रनों पर सिमट गई. यह हार किसी एक खिलाड़ी या एक विभाग की वजह से नहीं हुई. टॉप ऑर्डर बुरी तरह फ्लॉप रहा, मिडिल ऑर्डर दबाव में बिखर गया और टेलेंडर्स चमत्कार नहीं कर सके. भारतीय टीम की गेंदबाजी भी डेथ ओवर्स में उतनी खास नहीं रही. प्रसिद्ध कृष्णा ने तो चार ओवरों के स्पेल में 57 रन लुटा दिए. यही भारत की हार की सबसे बड़ी कहानी रही. 183 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को पहले ही झटके लग गए. विकेटकीपर बैटर संजू सैमसन सिर्फ 5 रन बनाकर डेब्यूटेंट जय मूंदरा का शिकार बने. इसके बाद ईशान किशन भी महज 1 रन बनाकर लौट गए. नए कप्तान श्रेयस अय्यर से बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वह भी सिर्फ 3 रन बनाकर पवेलियन चलते बने. भारत ने 60 रनों के स्कोर तक अपने तीन बड़े विकेट गंवा दिए थे. ऐसे में टीम दबाव में आ गई. सिर्फ अभिषेक शर्मा चल पाए एक छोर पर विकेट गिरते रहे, लेकिन अभिषेक शर्मा ने आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी थी. उन्होंने आयरिश गेंदबाजों पर जमकर हमला बोला और महज 19 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिया. अभिषेक ने 20 गेंदों पर 50 रन बनाए, जिसमें 7 चौके और 2 छक्के शामिल थे. पावरप्ले में भारत के 68 रनों में से 47 रन अकेले अभिषेक के बल्ले से आए. हालांकि अभिषेक शर्मा का विकेट गिरते ही भारतीय पारी की रफ्तार भी थम गई. मिडिल ऑर्डर में उप-कप्तान तिलक वर्मा (19) और वॉशिंगटन सुंदर (9 रन) ने निराश किया. नतीजा यह हुआ कि 100 रनों के स्कोर तक भारत के 6 विकेट गिर गए. यहीं से मुकाबला भारत के हाथ से निकलता दिखाई देने लगा. शिवम दुबे और अक्षर पटेल ने सातवें विकेट के लिए 35 रन जोड़कर कुछ देर के लिए भारतीय उम्मीदों को जिंदा रखा. शिवम ने 25 रन बनाए, जबकि अक्षर ने 15 रनों का योगदान दिया. जब शिवम से बड़े शॉट्स की दरकार थी, तब जय मूंदरा ने उन्हें कॉट एंड बोल्ड कर दिया. इसके बाद अक्षर भी बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में आउट हो गए. यहीं से भारत की आखिरी उम्मीद भी खत्म हो गई. शिवम दुबे और अक्षर पटेल के आउट होने के बाद हर्षित राणा (8 रन) और अर्शदीप सिंह (2 रन) भी ज्यादा देर नहीं टिक सके. निचले क्रम के बल्लेबाज लक्ष्य के दबाव को झेल नहीं पाए और पूरी टीम 148 रनों पर सिमट गई. डेब्यूटेंट खिलाड़ियों ने काटा गदर आयरलैंड की जीत के सबसे बड़े नायक उसके दो डेब्यूटेंट खिलाड़ी रहे. तेज गेंदबाज मैथ्यू हॉलार्ड ने तीन विकेट लेकर भारतीय टॉप ऑर्डर की कमर तोड़ दी, जबकि लेफ्ट-आर्म पेसर जय मूंदरा ने दो बड़े विकेट हासिल किए. स्पिनर मैथ्यू हम्प्रीज ने भी तीन विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी को बिखेर दिया. मुकाबले में भारत ने प्रसिद्ध राणा की शानदार गेंदबाजी की बदौलत आयरलैंड को शुरुआती झटके जरूर दिए थे. लेकिन कप्तान लोर्कन टकर (50) और गैरेथ डेलानी (49) की पारियों ने मैच का रुख बदल दिया. खासकर 17वें ओवर में प्रसिद्ध कृष्णा के खिलाफ आए 27 रन भारत पर भारी पड़ गए. यही रन बाद में जीत और हार का अंतर साबित हुए. सूर्यकुमार यादव के बाद टी20 टीम की कमान संभाल रहे श्रेयस अय्यर के लिए यह शुरुआत निराशाजनक रही. कप्तान बल्ले से भी फ्लॉप रहे और टीम भी हार गई. उधर, 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका नहीं मिला, जिससे करोड़ों भारतीय फैन्स का इंतजार और बढ़ गया.

लंदन के ली वैली हॉकी सेंटर में भारत ने शुरुआती पिछड़ने के बाद पलटवार करते हुए पाकिस्तान को एकतरफा मुकाबले में हराया

लंदन लंदन के ली वैली हॉकी एंड टेनिस सेंटर में खेले गए एफआईएच प्रो लीग के एक हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 7-1 के भारी अंतर से धूल चटा दी। मैच की शुरुआत में 0-1 से पिछड़ने के बाद कप्तान हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई में भारतीय टीम ने मैदान पर वो आक्रामकता दिखाई कि पाकिस्तान का डिफेंस ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। यह पाकिस्तान के खिलाफ भारत की लगातार 17वीं ऐतिहासिक जीत है। इस धमाकेदार जीत के साथ ही भारत अंक तालिका में स्पेन को पछाड़कर 7वें स्थान पर पहुंच गया है। भारत के अब 15 मैचों में 17 अंक हो चुके हैं। मुकाबले के दौरान भारतीय मिडफील्डर्स और फॉरवर्ड्स ने कमाल का तालमेल दिखाया। कुल 36 बार विपक्षी सर्कल में सेंध लगाते हुए भारत ने मैच में पूरी तरह अपना दबदबा बनाए रखा। शानदार खेल के लिए हार्दिक सिंह को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। सुखजीत सिंह (19वां मिनट) जब भारतीय टीम शुरुआती क्वार्टर में 0-1 से पीछे चल रही थी, तब सुखजीत ने 19वें मिनट में मैदानी गोल दागकर भारत की मैच में वापसी कराई। इसके अलावा उन्होंने मैच के उत्तरार्ध में अभिषेक के गोल के लिए एक बेहतरीन असिस्ट भी किया। हरमनप्रीत सिंह (26वां मिनट) भारतीय टीम के कप्तान ने दूसरे क्वार्टर में अपने अनुभव का परिचय देते हुए 26वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील किया। उनके इस शानदार ड्रैग फ्लिक ने भारत को मैच में 2-1 की मजबूत बढ़त दिला दी। हार्दिक सिंह (34वां मिनट) मिडफील्ड में बेहतरीन खेल दिखाने वाले और 'प्लेयर ऑफ द मैच' रहे हार्दिक सिंह ने दूसरे हाफ की शुरुआत में मिले पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदला। 34वें मिनट में किए गए उनके इस गोल ने स्कोर को 3-1 कर दिया। जुगराज सिंह (35वां मिनट) हार्दिक के गोल के ठीक एक मिनट बाद, जुगराज सिंह ने भारतीय टीम के एक बेहद तेज काउंटर अटैक (जवाबी हमले) को अंजाम दिया। 35वें मिनट में उनके इस मैदानी गोल ने पाकिस्तान को पूरी तरह बैकफुट पर धकेलते हुए बढ़त 4-1 कर दी। अभिषेक (41वां मिनट) पाकिस्तान के डिफेंस पर लगातार दबाव बना रहे फॉरवर्ड खिलाड़ी अभिषेक ने 41वें मिनट में अपनी क्लास दिखाई। उन्होंने सुखजीत सिंह से मिले एक बेहतरीन और सटीक पास को सीधे गोल पोस्ट के अंदर भेजकर भारत का पांचवां गोल दागा। राज कुमार पाल (43वां मिनट) मैच के 43वें मिनट में जब कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर ड्रैग फ्लिक मारा, तो पाकिस्तानी गोलकीपर से गेंद रिबाउंड होकर आई। वहां मुस्तैद खड़े राज कुमार पाल ने कोई गलती न करते हुए गेंद को गोल में तब्दील कर स्कोर 6-1 कर दिया। दिलप्रीत सिंह (53वां मिनट) मैच के आखिरी क्वार्टर में भी भारतीय आक्रमण थमा नहीं और 53वें मिनट में दिलप्रीत ने एक शानदार मूव बनाया। उन्होंने इस मूव को फिनिशिंग टच देते हुए मैच का सातवां और आखिरी गोल दागकर पाकिस्तान की हार पर अंतिम मुहर लगा दी।