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नहीं रहे शूटिंग के गोल्डन बॉय जसपाल राणा, खेल जगत में शोक की लहर

नईदिल्ली  जाने-माने भारतीय शूटिंग कोच और एशियाई खेलों के पूर्व गोल्ड मेडलिस्ट जसपाल राणा का निधन हो गया है। वे 49 साल के थे। नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (NRAI) के प्रेसिडेंट कलिकेश नारायण सिंह देव के अनुसार, राणा ने गुरुवार रात दिल्ली के एक अस्पताल में आखिरी सांस ली। हाल ही में, जर्मनी के म्यूनिख में हुए ISSF वर्ल्ड कप से भारतीय टीम की वापसी की फ़्लाइट के दौरान बीमार पड़ने के बाद राणा का एक मेडिकल प्रोसीजर हुआ था। नई दिल्ली पहुंचने पर उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया और स्टेंट लगाने के लिए एक मेडिकल प्रोसीजर किया गया। राणा भारतीय पिस्टल शूटर्स के लिए हाई-परफॉर्मेंस कोच के तौर पर काम कर रहे थे। कैसे हुई जसपाल राणा की मौत? निशानेबाज से कोच बने जसपाल राणा जर्मनी से लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें दिल्ली के MAX अस्पताल में भर्ती करवाया गया और फिर आज कुछ देर पहले उन्होंने अस्पताल में अंतिम सांस ली। सूत्रों के मुताबिक, फ्लाइट में उनके सीने में तेज दर्द हुआ था। दिल्ली में विमान लैंड होने के बाद, उन्हें दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ने के कारण तुरंत साकेत के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, अभी डॉक्टर की तरफ से उनकी मौत की वजह नहीं बताया गई है। मूल रूप से उत्तराखंड के उत्तरकाशी निवासी जसपाल राणा को निशानेबाजी के क्षेत्र में उनकी उत्कृष्ट सफलता के लिए साल 2002 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था. दिग्गज निशानेबाज जसपाल राणा के निधन पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर गहरा दुख व्यक्त किया है। 

क्रिकेट में द्रविड़ परिवार की नई एंट्री! अन्वय द्रविड़ को मिली टीम इंडिया में जगह, श्रीलंका में दिखेगा दम

मुंबई  भारतीय क्रिकेट में द्रविड़ परिवार का एक और नाम नेशनल लेवल पर पहुंच गया है. पूर्व भारतीय कप्तान और महान बल्लेबाज राहुल द्रव‍िड़ के छोटे बेटे अन्वय द्रविड़ को अगले महीने होने वाले श्रीलंका दौरे के लिए टीम इंड‍िया की अंडर-19 वनडे टीम में शामिल किया गया है. 17 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज को घरेलू आयु वर्ग क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन का इनाम मिला है।  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की जून‍ियर सेलेक्शन कमेटी, जिसकी अगुवाई शरत श्रीधरन कर रहे हैं. उन्होंने ने गुरुवार को श्रीलंका दौरे के लिए वनडे और मल्टी-डे दोनों टीमों का ऐलान किया. यह दौरा 4 जुलाई 2026 से श्रीलंका के हंबनटोटा में शुरू होगा, जिसमें तीन वनडे और दो मल्टी-डे मुकाबले खेले जाएंगे।  अन्वय को 15 सदस्यीय वनडे टीम में जगह मिली है. वह टीम के दो विकेटकीपरों में शामिल हैं, जबकि दूसरे विकेटकीपर  रजत बघेल हैं. मध्य प्रदेश के यशवर्धन सिंह चौहान को टीम की कप्तानी सौंपी गई है, जबकि लक्ष्य रायचंदानी उपकप्तान होंगे।  यह चयन अन्वय के करियर का अब तक का सबसे बड़ा मुकाम माना जा रहा है. दिलचस्प बात यह है कि उनके बड़े भाई समित द्रविड़ कर्नाटक की अंडर-19 टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, लेकिन नेशनल लेवल पर टीम इंड‍िया की अंडर-19 टीम में जगह बनाने वाले परिवार के पहले सदस्य अन्वय बने हैं।  क्यों म‍िला अन्वय द्रव‍िड़ को टीम इंड‍िया में मौका  अन्वय हाल ही में वीनू मांकड़ ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन के कारण चर्चा में आए थे. उन्होंने कर्नाटक अंडर-19 टीम की कप्तानी करते हुए टीम को क्वार्टर फाइनल तक पहुंचाया था. टूर्नामेंट में उन्होंने छह पारियों में 220 रन बनाए. उनकी सबसे यादगार पारी हिमाचल प्रदेश के खिलाफ आई थी, जहां उन्होंने दबाव भरे रनचेज में नाबाद 82 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई थी. इससे पहले वह अंडर-16 विजय मर्चेंट ट्रॉफी में शतक भी जड़ चुके हैं, जिसने सेलेक्टर्स का ध्यान उनकी ओर खींचा।  अंडर-19 वर्ल्ड कप 2028 की तैयारी नेशनल सेलेक्टर इस दौरे को अगले अंडर-19 वर्ल्ड कप राउंड की शुरुआत के तौर पर देख रहे हैं. चूंकि अन्वय अभी केवल 17 साल के हैं, इसलिए वह दो साल बाद होने वाले अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए भी पात्र रहेंगे. ऐसे में श्रीलंका की परिस्थितियों में मिलने वाला यह अनुभव उनके विकास के लिए काफी अहम माना जा रहा है. भारतीय टीम जून के अंत में श्रीलंका रवाना होगी. वनडे सीरीज खत्म होने के बाद मल्टी-डे मुकाबले खेले जाएंगे, जिनके लिए अलग टीम का चयन किया गया है।  टीम इंड‍िया की अंडर-19 वनडे टीम: सागर व‍िर्क, लक्ष्य रायचंदानी (उपकप्तान), यशवर्धन सिंह चौहान (कप्तान), विनीत वीके, अर्जुन राजपूत, कुशाग्र ओझा, रजत बघेल (विकेटकीपर), अन्वय द्रविड़ (विकेटकीपर), अनमोलजीत सिंह, वुटकुरी यशवीर गौड़, रोहित अनिल यादव, शाविन वी, काव्या परेश पटेल, मोहित उलवा और ईशान सूद।  भारत पुरुष अंडर-19 श्रीलंका दौरा पूरा शेड्यूल     पहला वनडे: 04 जुलाई 2026 (शनिवार) – सुबह 10:00 बजे, हम्बनटोटा     दूसरा वनडे: 06 जुलाई 2026 (सोमवार) – सुबह 10:00 बजे, हम्बनटोटा     तीसरा वनडे: 09 जुलाई 2026 (गुरुवार) – सुबह 10:00 बजे, हम्बनटोटा     पहला मल्टी-डे मैच: 13–16 जुलाई 2026 (सोमवार–गुरुवार) – सुबह 10:00 बजे, गॉल     दूसरा मल्टी-डे मैच: 20–23 जुलाई 2026 (सोमवार–गुरुवार) – सुबह 10:00 बजे, कोलंबो     नोट: मैच टाइम श्रीलंका के समयानुसार.   

भारत-पाकिस्तान महामुकाबला 14 जून को, हरमनप्रीत की टीम पर रहेंगी नजरें

 नई दिल्ली  महिला टी20 वर्ल्ड कप का 10वां संस्करण कल यानी 12 जून 2026 से शुरू होने वाला है। ये सीजन ऐतिहासिक होने जा रहा है, क्योंकि पहली बार 12 टीमें खिताब की जंग के लिए एक-दूसरे से भिड़ेगी। इस टूर्नामेंट का फाइनल मैच 5 जुलाई को खेला जाएगा इस बार टी20 विश्व कप की मेजबानी का जिम्मा इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड के कंधों पर है। 33 मुकाबलों वाले इस मेगा इवेंट में 12 टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है। ग्रुप-ए में भारत, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश और नीदरलैंड्स को रखा गया है। वहीं ग्रुप-बी में मेजबान इंग्लैंड के साथ न्यूजीलैंड, श्रीलंका, वेस्टइंडीज, आयरलैंड और स्कॉटलैंड की टीमें होंगी। भारतीय फैंस को तो बस इंतजार है कब भारत और पाकिस्तान महिला टीम का मैच हो, आइए आपको बताते हैं ये मैच कब, कहां और कितने बजे से खेला जाएगा? IND vs PAK W T20 World Cup 2026: कब होगा भारत-पाक मैच? वनडे विश्व कप 2025 का खिताब जीतने वाली हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम के लिए यह विश्व कप बेहद खास होगा, क्योंकि अब टीम इंडिया टी20 की बादशाहत हासिल करने के इरादे से उतरेगी। भारतीय महिला टीम आज तक टी20 विश्व कप की ट्रॉफी नहीं उठा सकी है। वह सिर्फ एक बार 2020 में फाइनल तक पहुंची थी। बता दें कि 14 जून को बर्मिंघम में भारतीय महिला टीम का पहला मुकाबला चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से होगा। ये मैच रात 7 बजे से खेला जाएगा। दोनों के हेड-टू-हेड रिकॉर्ड देखें तो महिला टी20 विश्व कप में दोनों टीमें 8 बार भिड़ी हैं, जिनमें 6 बार भारत और सिर्फ 2 बार पाकिस्तान को जीत मिली है। ऐसे में भारतीय महिला टीम का पाकिस्तान पर पलड़ा भारी है। भारत का ग्रुप स्टेज का पूरा शेड्यूल 14 जून: भारत vs पाकिस्तान, बर्मिंघम 17 जून: भारत vs नीदरलैंड्स, लीड्स 21 जून: भारत vs दक्षिण अफ्रीका, मैंचेस्टर 25 जून: भारत vs बांग्लादेश, मैंचेस्टर 28 जून: भारत vs ऑस्ट्रेलिया,लंदन ट्रॉफी का रास्ता आसान नहीं ग्रुप-ए में भारतीय महिला टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती 6 बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया और मजबूत दक्षिण अफ्रीका होगी। हरमनप्रीत की सेना को अगर इतिहास रचना है तो ग्रुप स्टेज से लेकर नॉकआउट तक हर मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ देना होगा। बांग्लादेश और नीदरलैंड्स को हल्के में लेनी की गलती टीम इंडिया को नहीं करनी होगी। Women's T20 WC 2026: दोनों ग्रुप इस प्रकार- ग्रुप ए: भारत, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड्स, दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश ग्रुप बी: इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, श्रीलंका, वेस्टइंडीज, आयरलैंड, स्कॉटलैंड

16 साल बाद वापसी कर रही साउथ अफ्रीका की बड़ी परीक्षा

जोहानिसबर्ग फीफा विश्व कप 2026 का भव्य आगाज शुक्रवार को प्रतिष्ठित एज्टेका स्टेडियम में मेजबान मेक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के बीच मुकाबले से होगा। यह मैच रात 12:30 बजे से खेला जाएगा। सह मेजबान होने के कारण मेक्सिको पर घरेलू दर्शकों की उम्मीदों का भारी दबाव है और टीम अपने अभियान की शुरुआत जीत के साथ करना चाहेगी। घरेलू मैदान पर किसी भी तरह की चूक पूरे टूर्नामेंट के माहौल को प्रभावित कर सकती है। दूसरी ओर 16 साल बाद विश्व कप में वापसी कर रही दक्षिण अफ्रीका के लिए यह मुकाबला खुद को फिर से वैश्विक फुटबॉल मंच पर स्थापित करने का सुनहरा अवसर है। यदि वह मेजबान टीम को हराने में सफल रहती है तो ग्रुप ए की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है और उसके लिए नाकआउट चरण का रास्ता आसान हो सकता है। दिलचस्प बात यह है कि 2010 विश्व कप के उद्घाटन मुकाबले में भी ये दोनों टीमें आमने-सामने थीं। तब जोहानिसबर्ग में खेला गया मैच 1-1 से बराबरी पर छूटा था और दक्षिण अफ्रीका बाद में गोल अंतर के कारण अगले दौर में जगह बनाने से चूक गया था। मेक्सिको के मुख्य कोच जेवियर अगुइरे अपने तीसरे कार्यकाल में टीम की कमान संभाल रहे हैं। उन्होंने टीम को मजबूत रक्षात्मक ढांचे, मिडफील्ड में एडसन अल्वारेज की अगुआई और स्ट्राइकर राउल जिमेनेज की गोल करने की क्षमता के इर्द-गिर्द तैयार किया है। एज्टेका स्टेडियम में मौजूद हजारों समर्थक टीम के लिए 12वें खिलाड़ी की भूमिका निभा सकते हैं। वहीं, कोच ह्यूगो ब्रूस के मार्गदर्शन में दक्षिण अफ्रीका केवल रक्षात्मक रणनीति अपनाने नहीं उतरेगा। अफ्रीकी क्वालीफायर में नाइजीरिया जैसी मजबूत टीम को पीछे छोड़कर विश्व कप में पहुंची इस टीम ने छह मैचों में केवल चार गोल खाए और नौ गोल दागे। लाइल फोस्टर, ओसविन अपोलिस और मिडफील्डर टेबोहो मोक्वेना टीम की सबसे बड़ी ताकत हैं। ग्रुप ए में आगे कोरिया गणराज्य और चेकिया जैसी टीमों से भी मुकाबले होने हैं। ऐसे में विश्व कप के इस उद्घाटन मैच की जीत किसी भी टीम को शुरुआती बढ़त और आत्मविश्वास प्रदान कर सकती है। फुटबाल प्रेमियों की नजरें अब एज्टेका स्टेडियम पर टिकी हैं, जहां से विश्व कप 2026 की रोमांचक यात्रा शुरू होगी। दूसरे मैच में दक्षिण कोरिया का सामना चेकिया से विश्व कप में शुक्रवार को दूसरा मैच दक्षिण कोरिया और चेकिया के बीच खेला जाएगा। यह मुकाबला सुबह 7:30 बजे से होगा। चेकिया की टीम 2006 के बाद पहली बार विश्व कप में खेल रही है और उसे दक्षिण कोरियाई टीम की कड़ी चुनौती का सामना करना है। दक्षिण कोरियाई टीम क्वालीफाइंग दौर में एक भी मैच नहीं हारी है। इस विश्व कप में सभी की नजरें दक्षिण कोरिया के स्टार खिलाड़ी सन हेंग मिन पर होंगी क्योंकि यह संभवत: उनका अंतिम विश्व कप हो सकता है।

क्वींस क्लब में सेरेना की वापसी: कनाडा की एमबोको के साथ मिलकर जीता पहला मैच

 लंदन  टेनिस की दिग्गज खिलाड़ी सेरेना विलियम्स ने लगभग चार वर्ष बाद पेशेवर टेनिस में वापसी करते हुए क्वींस क्लब ग्रास कोर्ट प्रतियोगिता में मंगलवार को डबल्स मुकाबले में यादगार जीत दर्ज की। अमेरिकी स्टार ने कनाडा की 19 वर्षीय खिलाड़ी विक्टोरिया एमबोको के साथ मिलकर अपना पहला मुकाबला जीता। सेरेना और एमबोको की जोड़ी ने तीसरी वरीयता प्राप्त निकोल मेलिचार-मार्टिनेज और एरिन राउटलिफ की जोड़ी को 7-6 (2), 6-2 से हराया। यह मुकाबला वर्ष 2022 के यूएस ओपन के बाद सेरेना का पहला पेशेवर मैच था। मैच के दौरान सेरेना ने 120 मील प्रति घंटे तक की रफ्तार से सर्विस की और कई दमदार विनर शाट लगाए। मुकाबले का अंत भी उन्होंने दो दो ऐस और एक शानदार सर्विस विनर के साथ शानदार अंदाज में किया। जीत से खुश सेरेना जीत के बाद सेरेना ने कोर्ट पर कहा, 'यह बहुत मजेदार था। विक्टोरिया के साथ खेलकर मुझे बहुत आनंद आया। हमने पहले कभी साथ नहीं खेला, लेकिन कोर्ट पर सब कुछ बहुत स्वाभाविक लगा।' हालांकि, बाद में प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने अपने प्रदर्शन को लेकर विनम्रता दिखाई। उन्होंने मजाकिया अंदाज में खुद को 'सी माइनस' अंक दिए, लेकिन साथ ही कहा कि चार साल बाद सीधे घास के कोर्ट पर लौटना आसान नहीं होता और कुल मिलाकर उनका प्रदर्शन अच्छा रहा। वापसी क्‍यों खास सेरेना की वापसी इसलिए भी खास रही, क्योंकि विपक्षी टीम बेहद मजबूत थी। एरिन राउटलिफ दो बार यूएस ओपन डबल्स चैंपियन रह चुकी हैं, जबकि निकोल मेलिचार-मार्टिनेज विंबलडन और यूएस ओपन के डबल्स फाइनल तक पहुंच चुकी हैं। क्वींस क्लब में दर्शकों ने भी उनका जोरदार स्वागत किया। एंडी मरे एरिना में सेरेना को दिन की सबसे बड़ी तालियां मिलीं। इससे पहले दर्शक ब्रिटेन की एमा राडुकानू और केटी बोल्टर के मुकाबले भी देख चुके थे।

सैयद किरमानी का बड़ा बयान: कप्तानी रेस में थे वे और वेंगसरकर, लेकिन चुने गए कपिल देव

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सुनहरे अध्याय- 1983 विश्व कप को लेकर पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज सैयद किरमानी का एक पुराना लेकिन बेहद अहम खुलासा एक बार फिर सुर्खियों में है. किरमानी ने बताया है कि इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट से ठीक पहले टीम इंडिया की कप्तानी को लेकर चयन समिति के भीतर गहन और निर्णायक मंथन चला था, जिसमें उनका नाम और दिलीप वेंगसरकर भी गंभीर दावेदारों के रूप में शामिल थे. … लेकिन अंतिम निर्णय उस खिलाड़ी के पक्ष में गया, जिसने आगे चलकर न सिर्फ उस विश्व कप की तस्वीर बदली, बल्कि भारतीय क्रिकेट के पूरे इतिहास को नई दिशा दे दी… और वह नाम था- कपिल देव. किरमानी के इस बयान ने 1983 विश्व कप से जुड़े उस कम चर्चित पहलू को फिर से चर्चा में ला दिया है, जो अब तक क्रिकेट इतिहास की परतों में दबा हुआ था. उस समय भारतीय चयन समिति की अध्यक्षता गुलाम अहमद कर रहे थे. उनके साथ अनुभवी चयनकर्ताओं की एक मजबूत टीम थी, जिसमें  बिशन सिंह बेदी, पंकज रॉय, चंदू बोर्डे और चंदू सरवते जैसे दिग्गज शामिल थे. किरमानी के अनुसार, वेस्टइंडीज दौरे के दौरान ही कप्तानी को लेकर अंदरखाने चर्चा तेज हो गई थी. यह बहस दो नामों के बीच सिमटी थी- किरमानी और वेंगसरकर. दोनों खिलाड़ियों के पास अपनी-अपनी मजबूत दावेदारी थी. एक ओर जहां किरमानी टीम के भरोसेमंद विकेटकीपर थे, वहीं वेंगसरकर शीर्ष क्रम के अनुभवी बल्लेबाज के रूप में स्थापित हो चुके थे. लेकिन इसी चर्चा के बीच एक महत्वपूर्ण तर्क सामने आया- क्या एक विकेटकीपर को कप्तानी का अतिरिक्त दबाव देना सही होगा? इसी सोच ने चयनकर्ताओं की दिशा बदल दी और अंतिम निर्णय की भूमिका तैयार की. कपिल देव की ओर झुकी तौल अंततः चयन समिति ने जिस खिलाड़ी पर भरोसा जताया, वह थे कपिल देव यह निर्णय उस समय भले ही साधारण चयन की तरह लगा हो, लेकिन इतिहास ने इसे भारतीय क्रिकेट का सबसे निर्णायक फैसला साबित कर दिया. कपिल देव की कप्तानी में भारत ने न सिर्फ विश्व कप में भाग लिया, बल्कि पूरे टूर्नामेंट की तस्वीर ही बदल दी. कमजोर मानी जाने वाली भारतीय टीम ने पहले दौर में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज जैसी मजबूत टीमों को हराकर सबको चौंका दिया. 25 जून 1983: इतिहास का अमर दिन 25 जून 1983 को लॉर्ड्स के मैदान पर भारत ने वेस्टइंडीज को 43 रन से हराकर क्रिकेट इतिहास में स्वर्णिम अध्याय लिखा. यह वही वेस्टइंडीज टीम थी, जिसे उस समय दुनिया की सबसे मजबूत क्रिकेट टीम माना जाता था. इस जीत ने भारत को पहली बार 50 ओवर का विश्व कप दिलाया और ‘कपिल्स डेविल्स’ की एक ऐसी पहचान बनाई, जो आज भी प्रेरणा का स्रोत है. किरमानी का मानना है कि यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं थी, बल्कि भारतीय क्रिकेट की नींव थी, जिसने आने वाले दशकों में खेल की दिशा और दशा दोनों बदल दी. 'पहला प्यार कभी नहीं भूलता' किरमानी ने भावुक होते हुए कहा कि 1983 की जीत भारतीय क्रिकेट के लिए 'पहले प्यार' जैसी है, जिसे कोई भी देशवासी कभी नहीं भूल सकता. उनके अनुसार, उस टीम ने न सिर्फ जीत हासिल की, बल्कि भारतीय क्रिकेट को आत्मविश्वास, पहचान और वैश्विक सम्मान दिलाया. वे यह भी कहते हैं कि इस उपलब्धि को हर वर्ष 25 जून को विशेष रूप से मनाया जाना चाहिए, क्योंकि इसी दिन भारतीय क्रिकेट ने दुनिया को अपनी असली ताकत दिखाई थी. सम्मान को लेकर सवाल किरमानी ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) पर भी परोक्ष सवाल उठाए. उनका कहना है कि जिस तरह 2007 टी20 विश्व कप जीत के बाद महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली टीम का भव्य सम्मान हुआ, वैसा 1983 के नायकों को नहीं मिला. उनका मानना है कि 1983 की टीम ने भारतीय क्रिकेट की आर्थिक और लोकप्रियता की नींव रखी, लेकिन समय के साथ उस योगदान को उतनी प्रमुखता नहीं मिली, जितनी मिलनी चाहिए थी. किरमानी ने यह भी कहा कि उस दौर के खिलाड़ियों ने भारतीय क्रिकेट को सिर्फ जीत नहीं दी, बल्कि उसे टीवी, स्पॉन्सरशिप और वैश्विक पहचान के नए युग में पहुंचाया. बदलता क्रिकेट और विकेटकीपर की भूमिका किरमानी ने आधुनिक क्रिकेट में विकेटकीपर की भूमिका पर भी विस्तार से बात की. उन्होंने कहा कि पहले विकेटकीपर को केवल स्टंप के पीछे की जिम्मेदारी निभाने वाला खिलाड़ी माना जाता था, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है. उन्होंने एमएस धोनी का उदाहरण देते हुए कहा कि आज का विकेटकीपर मैदान का रणनीतिक केंद्र बन चुका है. वह गेंदबाजों को दिशा देता है, फील्ड सेट करता है और बल्लेबाजों की कमजोरियों को पढ़ने में अहम भूमिका निभाता है. उनके अनुसार, विकेटकीपर को अब केवल विशेषज्ञ नहीं, बल्कि 'आधुनिक ऑलराउंडर सोच' वाला खिलाड़ी माना जाना चाहिए.

रोनाल्डो, मेसी, एमबापे और नेमार पर टिकी दुनिया की नजरें

 नई दिल्ली  48 देश, 1248 खिलाड़ी और लक्ष्य एक फीफा विश्व कप की चमचमाती ट्रॉफी। वो ट्रॉफी जो आज तक सिर्फ आठ देश जीत पाए हैं। अमेरिका की उष्णकटिबंधीय जलवायु में जहां औसत तापमान 32 डिग्री रहेगा, वहां दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी अपने खेल से तापमान को और बढ़ाने के लिए जी जान लगा देंगे। अगले 39 दिन तक दुनिया फुटबॉल के मैदान पर सिमट जाएगी। गुरुवार रात मेक्सिको और दक्षिण अफ्रीका की भिड़ंत के साथ शुरू होने वाले इस टूर्नामेंट का अंत 19 जुलाई को न्यूजर्सी में फाइनल के साथ होगा। अब तक के सबसे बड़े और भ‍व्य फुटबॉल विश्व कप में सभी की नजरें पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो, अर्जेंटीना के लियोन मेसी, फ्रांस के काइलियन एमबापे और ब्राजील के नेमार पर सभी की नजरें होंगी। रोनाल्डो के लिए विश्व कप जीतने का ये छठा प्रयास होगा। नेमार की झोली में भी ये बहुमूल्य ट्रॉफी नहीं है। तो वहीं मेसी और एमबापे चाहेंगे कि वो इसे दूसरी बार अपने नाम कर लें, लेकिन ये आसान नहीं होने वाला। मौजूदा विश्व कप में शामिल किसी भी खिलाड़ी ने ऐसे गरम मौसम में फुटबॉल विश्व कप नहीं खेला। इससे पहले सिर्फ एक बार इतनी गर्मी में फीफा विश्व कप खेला गया था। वो साल था 1994 और मेजबान, यही अमेरिका। उस विश्व कप को याद करने वाले आज भी गर्मी से बेचैन हो जाते हैं। उस बार के चैंपियन ब्राजील के सामने एक बार फिर से मौका होगा कि वो दुनिया को सांबा के मोहपाश में बांध लें। शकीरा और बर्ना बाय देंगे रंगारंग प्रस्तुति उद्घाटन मुकाबले से 90 मिनट पहले रंगारंग समारोह होगा, जिसमें शकीरा, बर्ना बाय, जे बैल्विन, टायला, माना, अलेहांद्रो फर्नांडेज, बेलिंडा जैसे दिग्गज सितारे प्रस्तुति देंगे। नंबर गेम 104 मैच खेले जाएंगे इस बार विश्व कप में जो सबसे ज्यादा हैं, पहले 64 मैच होते थे 3 अलग अलग विश्व कप मैचों की मेजबानी करने वाला मेक्सिको का एज्टेका पहला स्टेडियम बनेगा 17 वर्षीय मेक्सिको के गिल्बर्टो मोरा सबसे युवा खिलाड़ी होंगे जबकि स्काटलैंड के गोलकीपर क्रेग गार्डन सबसे उम्रदराज 357 खिलाड़ी ऐसे हैं, जो पहले भी किसी न किसी विश्व कप टीम का हिस्सा रह चुके हैं 891 खिलाड़ी पहली बार फीफा विश्व कप का अनुभव करेंगे पहली बार खेलेंगे ये देश कैप वेर्डे, कुराकाओ, जार्डन और उज्बेकिस्तान पहली बार फीफा विश्व कप में खेलेंगे अब तक के विजेता     ब्राजील : 1958, 1962, 1970, 1994, 2002     जर्मनी : 1954, 1974, 1990, 2014     इटली : 1934, 1938, 1982, 2006     अर्जेंटीना : 1978, 1986, 2022     उरुग्वे : 1930, 1950     फ्रांस : 1998, 2018     इंग्लैंड : 1966     स्पेन : 2010 फीफा विश्व कप के मैच मेक्सिको बनाम दक्षिण अफ्रीका स्थान : मेक्सिको सिटी समय : 12:30 एएम दक्षिण कोरिया बनाम चेकिया स्थान : गुअलदहारा समय : 7:30 एएम प्रसारण : युनाइट8 1 व 2 स्पोर्ट्स, जी5

17 साल की तन्वी शर्मा ने किया बड़ा उलटफेर

सिडनी  दो बार की ओलिंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू की अगुआई में भारतीय महिला खिलाड़ियों ने बुधवार को ऑस्ट्रेलियन ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट में प्रभावी प्रदर्शन किया जबकि तन्वी शर्मा भी उलटफेर करने में सफल रहीं। तीसरी वरीय सिंधू, तन्वी, मालविका बंसोड, ईशारानी बरुआ और तान्या हेमंत सभी ने राउंड आफ 16 में जगह बनाई। सिंधू ने महिला सिंगल्स के पहले दौर के एकतरफा मुकाबले में पेरू की इनेस लूसिया कास्टिलो सालाजार को सीधे गेम में सिर्फ 32 मिनट में 21-13, 21-11 से हराया। सिंधू अगले दौर में हमवतन ईशारानी से भिड़ेंगी जिन्होंने एक घंटा तीन मिनट चले कड़े मुकाबले में चीन की हान कियान को 22-20, 10-21, 21-14 से शिकस्त दी। दिन का सबसे बड़ा उलटफेर दिन का सबसे बड़ा उलटफेर 17 साल की तन्वी ने किया जिन्होंने पांचवीं वरीय और दुनिया की 11वें नंबर की खिलाड़ी चीनी ताइपे की च्यु पिन चियान को 45 मिनट में 21-12, 22-20 से शिकस्त दी। तन्वी अगले दौर में साथी भारतीय खिलाड़ी मालविका से भिड़ेंगी, जिन्होंने पहला गेम गंवाने के बाद वापसी करते हुए थाईलैंड की तोंरुंग सेहेंग को 15-21, 21-7, 21-13 से हराया। जॉर्ज ने झेली शिकस्‍त पुरुष सिंगल्स में किरण जॉर्ज को कड़े मुकाबले में मलेशिया के जस्टिन हो के विरुद्ध एक घंटा दो मिनट में 19-21, 21-14, 15-21 से हार का सामना करना पड़ा। मिक्स्ड डबल्स में ध्रुव रावत और मनीषा के ने लिन जेडन और विक्टोरिया जोनाडी की स्थानीय जोड़ी को 27 मिनट में 21-13, 21-14 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया।  

वनडे क्रिकेट में भारत का जलवा बरकरार, ICC ODI रैंकिंग में हासिल किया शीर्ष स्थान

नई दिल्ली आईसीसी की पुरुष ODI रैंकिंग में टीम इंडिया टॉप पर बनी हुई है. आईसीसी की जारी रैंकिंग में टीम इंडिया के 1189 प्वाइंट हैं. पिछले साल की तुलना में टीम इंडिया के प्वाइंट में एक अंक की कमी आई है. न्यूजीलैंड 113 अंकों के साथ दूसरे नंबर पर है. वहीं, ऑस्ट्रेलिया 109 अंकों के साथ तीसरे नंबर पर है।  टॉप 10 पोजीशन में एक एक ही बड़ा बदलाव हुआ है. दक्षिण अफ्रीका 102 अंकों के साथ पाकिस्तान को पीछे छोड़ते हुए चौथे स्थान पर पहुंच गया है. पाकिस्तान वनडे रैंकिंग में 98 अंक हैं। 

दंबुला में वैभव सूर्यवंशी का आक्रामक खेल, बिना छक्के 200 के स्ट्राइक रेट से खेली तेज पारी

 दांबुला श्रीलंका के दांबुला स्थित रंगिरी दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे ट्राई नेशन A सीरीज 2026 के मुकाबले में भारत A के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोरीं. अफगानिस्तान A के खिलाफ गुरुवार (11 जून) को मुकाबले में सलामी बल्लेबाज के तौर पर उतरे वैभव ने सिर्फ 22 गेंदों पर 44 रन की तेजतर्रार पारी खेली. आमतौर पर बड़े शॉट्स और छक्कों के लिए पहचाने जाने वाले वैभव इस बार अलग अंदाज में नजर आए. उन्होंने पूरी पारी में एक भी छक्का नहीं लगाया, लेकिन चौकों की ऐसी बरसात की कि अफगानिस्तान A के गेंदबाज दबाव में आ गए. उनकी पारी में कुल 9 चौके शामिल रहे और स्ट्राइक रेट 200 रहा.   भारत A की ओर से वैभव सूर्यवंशी और प्रभसिमरन सिंह ने पारी की शुरुआत की. अफगानिस्तान A ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था, लेकिन वैभव ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया. उन्होंने नई गेंद का फायदा उठाते हुए मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट खेले और टीम को तेज शुरुआत दिलाई. हालांकि शानदार अर्धशतक की ओर बढ़ रहे वैभव सातवें ओवर में आउट हो गए. पारी के 7.1 ओवर में अब्दुल्ला अहमदजई की शॉर्ट गेंद पर उन्होंने बैकफुट से गाइड करने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर इशाक रहीमी के दस्तानों में चली गई. इस तरह वैभव 22 गेंदों में 44 रन बनाकर पवेलियन लौटे. हालांकि वैभव, जिस तरह आउट हुए उस तरीके पर सवाल भी उठे. आउट होने के बाद उनके चेहरे पर निराशा साफ दिखाई दी, क्योंकि वह आसानी से अपना अर्धशतक पूरा कर सकते थे. फिर भी उनकी पारी ने यह दिखा दिया कि वह सिर्फ बड़े शॉट्स के भरोसे नहीं, बल्कि क्लासिकल स्ट्रोकप्ले और टाइमिंग के दम पर भी तेजी से रन बना सकते हैं. यही वजह है कि उनकी यह पारी कई क्रिकेट प्रेमियों को विराट कोहली के शुरुआती दिनों की याद दिला गई, जब चौकों के जरिए रन गति बनाए रखना उनकी सबसे बड़ी ताकत हुआ करती थी. खास बात यह है कि व‍िराट कोहली भी छक्के जड़ने से ज्यादा इन‍िंग बिल्ट करने में व‍िश्वास करते हैं, उसी अंदाज में वो वैभव भी खेलने उतरे थे. इससे पहले श्रीलंका ए के ख‍िलाफ मंगलवार को हुए मुकाबले में भी वैभव सूर्यवंशी ने 12 गेंदों पर 14 रन बनाए थे, तब भी उन्होंने 3 चौके जड़े थे. आईपीएल 2026 में 72 छक्के जड़ने वाले वैभव सूर्यवंशी फ‍िलहाल तो अब तक चौकों में ही डील करते नजर आए हैं. भारत A प्लेइंग XI: वैभव सूर्यवंशी, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), प्रियांश आर्य, ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा (कप्तान), आयुष बदोनी, सूर्यांश शेडगे, अरशद खान, विपराज निगम, अनुकूल रॉय, अंशुल कंबोज. अफगानिस्तान A प्लेइंग XI: इमरान मीर (कप्तान) ,हसन ईसाखिल, खालिद तनीवाल, इजाज अहमद अहमदजई, बहिर शाह, मोहम्मद इशाक (विकेटकीपर),फरमानुल्लाह, अब्दुल्ला अहमदजई, खलील गुरबाज, मोहम्मद इब्राहिम, जहीर खान