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सत्ता में नया चेहरा: अयातुल्लाह अलीरेजा अराफी को मिली ईरान की कमान

तेहरान ईरान के लंबे समय तक सर्वोच्च नेता रहे अली खामेनेई की अमेरिका-इजरायल के हवाई हमले में मौत के कुछ घंटों बाद ईरान ने अयातुल्लाह अलीरेजा अराफी को देश का अंतरिम सर्वोच्च नेता नियुक्त कर दिया है। ईरान सरकार ने बताया कि तेहरान स्थित उनके आवासीय परिसर पर हुए हमले में खामेनेई की जान गई। वह साल 1989 से देश के सर्वोच्च नेता थे। इससे पहले 1979 की इस्लामी क्रांति के नेता रूहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद उन्होंने यह पद संभाला था। सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, संकट काल में देश का कामकाज एक तीन सदस्यीय परिषद देखेगी। इस परिषद में राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, मुख्य न्यायाधीश ग़ुलाम हुसैन मोहसेनी एजेई और गार्जियन काउंसिल का एक धर्मविद शामिल होगा। ईरान के संविधान के अनुसार, जब तक नया स्थायी सर्वोच्च नेता नहीं चुना जाता, तब तक यही परिषद नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाएगी। नए सर्वोच्च नेता का अंतिम फैसला विशेषज्ञों की सभा करेगी। यह 88 सदस्यों का धार्मिक निकाय है, जिसके पास देश की राजनीतिक व्यवस्था, सेना और अहम संस्थानों पर अंतिम अधिकार होता है। बता दें कि अयातुल्लाह अलीरेजा अराफी का जन्म 1959 में ईरान के मेयबोद शहर में हुआ था। वह गार्जियन काउंसिल के सदस्य भी हैं, जो कानूनों की जांच और चुनावों की निगरानी करता है। साथ ही, 2008 से 2018 तक अल-मुस्तफा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के प्रमुख भी रहे। 2011 से सांस्कृतिक क्रांति की सर्वोच्च परिषद के स्थायी सदस्य हैं। मौजूदा तनावपूर्ण हालात के बीच उनकी नियुक्ति को ईरान की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।

ईरान में शोक, दुनिया में हलचल: खामेनेई के बाद पुतिन का गुस्सा, चीन और उत्तर कोरिया की कड़ी प्रतिक्रिया

नई दिल्ली अमेरिका और इजरायलके हवाई हमले में ईरान के सुप्रीम नेता खामेनेई की मौत के बाद दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई की कड़ी निंदा की। वहीं चीन और उत्तर कोरिया ने भी नाराजगी जाहिर की है। इजरायली मीडिया के अनुसार, रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई इंसानी नैतिकता और अंतरराष्ट्रीय कानून के सभी नियमों का उल्लंघन करती है। पुतिन ने ईरानी समकक्ष मसूद पेजेशकियन को लिखे एक नोट में कहा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों की मौत के संबंध में मेरी गहरी संवेदनाएं स्वीकार करें।” चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि खामेनेई पर हमला ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन है। यह यूएन चार्टर के मकसद और सिद्धांतों और इंटरनेशनल रिलेशन के बेसिक नियमों को रौंदता है। चीन इसका कड़ा विरोध करता है और इसकी कड़ी निंदा करता है। हम सैन्य ऑपरेशन को तुरंत रोकने, तनावपूर्ण स्थिति को और न बढ़ाने और मिडिल ईस्ट और पूरी दुनिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर कोशिश करने की अपील करते हैं। उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया, कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा है कि ईरान पर इजरायल के हमले और वहां अमेरिकी सैन्य अभियान गैरकानूनी हमले और राष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंघन हैं। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा कि खामेनेई सरकार के बैलिस्टिक मिसाइल और न्यूक्लियर प्रोग्राम, हथियारबंद प्रॉक्सी को सपोर्ट और अपने ही लोगों के खिलाफ हिंसा और डराने-धमकाने के क्रूर कामों के लिए जिम्मेदार थे। वह ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर हमलों की प्लानिंग के लिए जिम्मेदार थे। उनकी मौत पर शोक नहीं मनाया जाएगा। ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इस हमले में खामेनेई की बेटी, पोता और दामाद की भी मौत हो गई है।

पीएम मोदी का बड़ा बयान: देश के भविष्य की दिशा तय करेगा तमिलनाडु

मदुरै प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तमिलनाडु के मदुरै में विकास कार्यों का उद्घाटन और आधारशिला रखी। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज का यह आयोजन तमिलनाडु के विकास के सफर में एक गौरवपूर्ण अध्याय का प्रतीक है। हमने 4400 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं की आधारशिला रखी हैं, उनका उद्घाटन किया है और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं संपर्क व्यवस्था में बदलाव लाएंगी, अर्थव्यवस्था को गति देंगी, रोजगार सृजित करेंगी और लाखों लोगों के जीवन को बेहतर बनाएंगी। किसानों के लिए बाजारों तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़कें, पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के लिए सुगम यात्रा और व्यवसायों के लिए तेज परिवहन की सुविधा उपलब्ध होगी। पिछले 12 वर्षों में, भारत सरकार ने तमिलनाडु के राजमार्ग नेटवर्क में भारी निवेश किया है। 2014 से अब तक यहां 4000 किलोमीटर से अधिक राजमार्गों का निर्माण हो चुका है। आज, मुझे दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारतीय रेलवे में ऐतिहासिक परिवर्तन आया है। यह एक आधुनिक, कुशल और जन-केंद्रित परिवहन प्रणाली के रूप में उभर रहा है। यह परिवर्तन विशेष रूप से तमिलनाडु में दिखाई देता है। हमारी सरकार के सत्ता में आने के बाद से तमिलनाडु के लिए रेलवे बजट आवंटन में लगभग नौ गुना वृद्धि हुई है। 2009 से 2014 तक, रेलवे के लिए औसत वार्षिक आवंटन 880 करोड़ रुपए था। 2026-27 में, यह आवंटन बढ़कर 7600 करोड़ रुपए हो गया है। पिछले वर्ष मैंने तमिलनाडु में नए पंबन पुल का उद्घाटन किया था। यह भारत का पहला ऊर्ध्वाधर लिफ्ट समुद्री पुल है, जो इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का प्रतीक है। यह पुल स्वयं तमिलनाडु में एक प्रमुख पर्यटन स्थल बन गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में, नौ वंदे भारत और नौ अमृत भारत ट्रेनें तमिलनाडु के लोगों को लाभ पहुंचा रही हैं। इन हाई-स्पीड ट्रेनों के डिब्बों का निर्माण चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में हो रहा है। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि 'मेक इन इंडिया' की हमारी परिकल्पना आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे रही है और हमारे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा कर रही है। पीएम मोदी ने कहा कि तमिलनाडु में अवसंरचना के लिए आवंटित धनराशि पिछले दशक की तुलना में तीन गुना बढ़ गई है। 2026 का बजट भी इस प्रवृत्ति को जारी रखते हुए तमिलनाडु पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है। इस बजट में हमने बेंगलुरु-चेन्नई और चेन्नई-हैदराबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा है। ये कॉरिडोर इस पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाएंगे। बजट में तमिलनाडु को 'रेयर अर्थ कॉरिडोर' के हिस्से के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। 'रेयर अर्थ कॉरिडोर' उन्नत विनिर्माण, अनुसंधान और तकनीकी विकास को बढ़ावा देंगे। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु का समृद्ध इतिहास और विरासत है। आदिचनल्लूर जैसे ऐतिहासिक स्थलों को वैश्विक धरोहर स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रत्येक भारतीय 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए प्रेरित है। तमिलनाडु राष्ट्र के भविष्य को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। हमारा सामूहिक लक्ष्य एक विकसित भारत के लिए एक विकसित तमिलनाडु है। केंद्र सरकार समावेशी विकास और राज्य की प्रगति को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।  

मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव, अमेरिकी विमानवाहक पोत को बनाया निशाना

नई दिल्ली  अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं। इसी बीच ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन पर चार बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने कहा कि यह हमला फारस की खाड़ी में किया गया। उनके बयान के मुताबिक, अमेरिकी विमानवाहक पोत अब्राहम लिंकन चार बैलिस्टिक मिसाइलों से प्रभावित हुआ। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। अमेरिका की ओर से इस बारे में कोई सीधी पुष्टि नहीं की गई है। ऑपरेशन 'एपिक फ्यूरी' अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि उसकी सेना ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' की शुरुआत में ईरान की जमरान श्रेणी की एक कार्वेट पर हमला किया। सेंटकॉम के अनुसार, यह जहाज ओमान की खाड़ी में चाह बहार पियर के पास डूब रहा है। बयान में कहा गया कि ईरान की सशस्त्र सेनाओं, आईआरजीसी और पुलिस को हथियार डाल देने चाहिए और जहाज छोड़ देना चाहिए। ईरान के अन्य हमलों के दावे हैदराबाद स्थित ईरानी वाणिज्य दूतावास ने भी एक्स पर दावा किया कि जेबेल अली एंकरज पर अमेरिकी युद्धपोतों के लिए गोला-बारूद ले जा रहे एक व्यापारी जहाज को चार ड्रोन से निशाना बनाया गया। ईरान के मुताबिक जहाज को भारी नुकसान हुआ और वह पूरी तरह निष्क्रिय हो गया। इसके अलावा ईरान ने दावा किया कि कुवैत के अब्दुल्ला मुबारक इलाके में स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डे पर चार बैलिस्टिक मिसाइल और 12 ड्रोन से हमला किया गया। बयान में कहा गया कि वहां का ढांचा पूरी तरह नष्ट हो गया और कई अमेरिकी सैनिक मारे गए या घायल हुए। इन दावों की भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। जहाजों पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, जहाजों पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला करना अपेक्षाकृत नई रणनीति है। साल 2023 में यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में ऐसे हथियारों का इस्तेमाल किया था। उस दौरान कई व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाए जाने की खबरें आई थीं। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूकेएमटीओ ने बताया कि आज होरमुज जलडमरूमध्य में दो जहाजों पर हमला हुआ। एक जहाज ओमान के तट के पास और दूसरा संयुक्त अरब अमीरात के तट के पास निशाना बना। हालांकि इन जहाजों के नाम नहीं बताए गए हैं। क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।  

मध्य पूर्व हालात पर भारत अलर्ट: दूतावासों ने जारी की चेतावनी, यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह

बेरूत मिडिल ईस्ट में जारी तनावपूर्ण हालात के मद्देनजर लेबनान में स्थित भारतीय दूतावास, बेरूत ने वहां रह रहे सभी भारतीय नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने, सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा व आपातकालीन निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। रविवार को जारी एडवाइजरी में दूतावास ने कहा, “क्षेत्र में मौजूदा स्थिति को देखते हुए लेबनान में रह रहे सभी भारतीय नागरिक अनावश्यक यात्रा से बचें, सतर्क रहें और स्थानीय स्तर पर जारी सुरक्षा एवं आपातकालीन दिशानिर्देशों का पालन करें।” दूतावास ने आपात स्थिति में भारतीय नागरिकों को मोबाइल नंबर +96176860128 या ईमेल के जरिए संपर्क करने को कहा है। इससे पहले भारत सरकार ने ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हालिया घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त की। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि सभी पक्ष संयम बरतें, हालात को और न बिगाड़ें और आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा कि क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय मिशन वहां रह रहे भारतीयों के संपर्क में हैं और उन्हें सतर्क रहने तथा स्थानीय सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। भारतीय दूतावास, तेहरान ने ईरान में रह रहे भारतीयों को अत्यधिक सतर्क रहने, अनावश्यक आवाजाही से बचने और संभव हो तो घरों के भीतर रहने की सलाह दी है। भारतीय दूतावास, दोहा ने कतर में भारतीयों से स्थानीय प्रशासन और दूतावास द्वारा जारी सूचनाओं का पालन करने को कहा है। भारतीय दूतावास, अबू धाबी और दुबई स्थित वाणिज्य दूतावास ने भी संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह जारी की है। कतर में जारी एडवाइजरी में विशेष रूप से कहा गया है कि लोग सैन्य स्थलों के आसपास न जाएं और सार्वजनिक सुरक्षा के हित में अधिकतम समय तक घरों के भीतर ही रहें। भारत ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए संवाद और कूटनीति का रास्ता अपनाया जाना चाहिए। साथ ही सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किए जाने पर भी बल दिया गया है। मिडिल ईस्ट में तेजी से बदलते हालात के बीच भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे की एडवाइजरी जारी की जाएगी।

बिना वजह ट्रैफिक चालान आ गया? भुगतान से पहले ऐसे करवाएं रद्द

नई दिल्ली क्या आपका भी गलत चालान कटा है? कई बार ऐसा होता है कि ऑनलाइन गलत चालान काटकर आपको भेज दिया जाता है, लेकिन असल में आपकी गलती कुछ नहीं होती। इस तरह के चालान के पीछे अक्सर तकनीकी गड़बड़ी या पहचान की गलती वजह होती है। यही वजह है कि सरकार ने गलत चालान रद्द करवाने की व्यवस्था भी की है। ऐसे में चालान के आते ही उसे भरने की जल्दबाजी न करें। आप चंद स्टेप्स को फॉलो करके अपनी बेगुनाही का सबूत दे सकते हैं और बहुत ही आसानी से चालान रद्द भी करवा सकते हैं। स्टेप 1: सबसे पहले चेक करें चालान गलत चालान को रद्द करवाने के लिए सबसे पहले echallan.parivahan.gov.in पर जाकर चेक करें कि आपका चालान असली है भी या नहीं। यहां आपको चालान और वाहन की डिटेल्स दर्ज कर देखना होगा कि आपके नाम पर आया चालान असल में मौजूद है या नहीं। स्टेरप 2: Complaint/Grievance सेक्शन पर जाएं अगर चालान मौजूद होता है, तो उसी वेबसाइट पर Complaint/Grievance सेक्शन पर जाएं। यह सरकार तक शिकायत पहुंचाने का ऑफिशियल जरिया है। स्टेप 3: जानकारी दर्ज करें इसके बाद अपनी जानकारी दर्ज करें जैसे कि नाम, मोबाइल और चालान नंबर, क्यों चालान गलत है और आपकी बात साबित करने वाली फोटो या वीडियो। टिकट और टिकट का स्टेटस अगर आपके राज्य का पोर्टल अलग है, तो आप अपने राज्य के परिवहन पोर्टल पर जाकर इन्हीं स्टेप्स को वहां फॉलो कर सकते हैं। इसके बाद पोर्टल पर आपकी शिकायत की एक टिकट बन जाएगी। इस टिकट के जरिए आप शिकायत का स्टेटस भी चेक कर पाएंगे कि उस पर क्या निर्णय लिया गया।

आज 444 इंटरनेशनल फ्लाइट्स रद्द, हवाई क्षेत्र बंद होने से देशभर में यात्री परेशान

नई दिल्ली अमेरिका और इजराइल के सैन्य हमलों के बाद ईरान समेत 11 देशों ने एयरस्पेस बंद कर दिया है, जिससे भारत में 850 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुईं और यात्रियों को रीशेड्यूलिंग या रिफंड दिए गए है. इससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है. रविवार को 444 उड़ाने रद्द की गई हैं. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के अनुसार ईरान और कई मध्य पूर्वी देशों में हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण बड़े पैमाने पर व्यवधान के बाद 1 मार्च को 444 उड़ानें रद्द होने की आशंका है। ईरान और मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों पर हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के कारण 28 फरवरी को घरेलू एयरलाइंस की 410 उड़ानें रद्द कर दी गईं थी। ईरान पर इजरायल-अमेरिका के हमले के बाद ईरान और कई मध्य पूर्वी देशों में हवाई क्षेत्र बंद हैं। जिसको देखते हुए डीजीसीए ने 1 मार्च को 444 उड़ानें रद्द होने की आशंका जताई है। डीजीसीए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि संभावित मार्ग परिवर्तन को प्रबंधित करने और यात्रियों की निर्बाध सुविधा सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख हवाई अड्डे परिचालन अलर्ट पर हैं। आपको बता दें कि 28 फरवरी को एयरसेवा को 216 शिकायतें दर्ज की गईं थी और इसी अवधि के दौरान 105 शिकायतों का समाधान किया गया, जिससे प्रभावित यात्रियों को आवश्यक सहायता सुनिश्चित हुई। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के बयान के अनुसार मध्य पूर्व में लागू हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के मद्देनजर, एयरलाइनों को निर्देश दिया गया है कि वे वैश्विक सुरक्षा प्रोटोकॉल और स्थापित आकस्मिक योजना प्रक्रियाओं के अनुसार, जहां भी आवश्यक हो, उड़ानों का समय पर पुनर्निर्देशन या मार्ग परिवर्तन सुनिश्चित करें। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के बयान के अनुसार यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सर्वोपरि है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय सुरक्षित, सुचारू और कुशल हवाई संचालन सुनिश्चित करने के लिए स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रहा है। स्थिति पर निरंतर नज़र रखी जा रही है। आवश्यकतानुसार आगे की जानकारी दी जाएगी। भारतीय विमानन प्राधिकरण (एएआई) और निजी हवाई अड्डा संचालकों को सलाह दी गई है कि वे ग्राउंड हैंडलिंग, पार्किंग स्थल, यात्री सुविधाओं, चालक दल की व्यवस्था और आव्रजन सहायता के लिए आवश्यकतानुसार एयरलाइंस के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखें। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी एयरलाइन से फ्लाइट स्टेटस की पुष्टि जरूर करें. एयरलाइंस ने प्रभावित यात्रियों को रीशेड्यूलिंग या रिफंड के विकल्प दिए हैं.

रेड फ्लैग से बदले का ऐलान! मस्जिद पर झंडा फहराने का क्या है मतलब

नई दिल्ली ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद देश में तनाव और गहरा गया है। उनकी मौत के तुरंत बाद क़ोम शहर की मशहूर जामकरान मस्जिद के गुंबद पर लाल रंग का 'इंतकाम का झंडा' फहराया गया। इसे बदले और न्याय के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह लाल झंडा समर्थकों के गुस्से और बदले की भावना को दर्शाता है। जामकरान मस्जिद ईरान में धार्मिक रूप से बेहद अहम मानी जाती है, इसलिए वहां झंडा फहराना एक बड़ा संदेश माना जा रहा है। बताया गया है कि खामेनेई की मौत शनिवार को तेहरान में हुए अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हवाई हमले में हुई। ईरानी सरकारी मीडिया ने रविवार को उनकी मौत की पुष्टि की, जिसके बाद ईरान समेत कई देशों में शोक और प्रदर्शन शुरू हो गए। अमेरिका और इजरायल की प्रतिक्रिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने बयान जारी कर कहा कि खामेनेई इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक थे। उन्होंने इसे ईरानी जनता के लिए बड़ा मौका बताया कि वे अपने देश को वापस ले सकते हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ऐसे कई संकेत हैं कि यह तानाशाह अब जिंदा नहीं है। उन्होंने ईरान की जनता से अपील की कि वे एकजुट होकर मौजूदा शासन को खत्म करें और अपना भविष्य सुरक्षित करें। इजरायली सेना (IDF) ने दावा किया कि खामेनेई इजरायल को खत्म करने की योजना के मुख्य योजनाकार थे। उनकी मौत की खबर आने के बाद तेहरान की सड़कों पर कुछ जगहों से खुशियों की आवाजें भी सुनी गईं, जबकि उनके निवास वाले इलाके के ऊपर काला धुआं देखा गया। ईरान में आगे की व्यवस्था खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने अस्थायी नेतृत्व की व्यवस्था की है। 66 वर्षीय धर्मगुरु अलीरेजा अराफी को तीन सदस्यीय अस्थायी नेतृत्व परिषद में शामिल किया गया है। सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, अराफी को परिषद में धार्मिक सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है। इस परिषद में राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और मुख्य न्यायाधीश गुलामहुसैन मोहसिनी एजई भी शामिल हैं। यह परिषद तब तक देश का नेतृत्व संभालेगी जब तक एक्सपर्ट्स की असेंबली नए सर्वोच्च नेता का चयन नहीं कर लेती। सरकारी मीडिया ने इस नियुक्ति की पुष्टि की है।  

ईरान संकट की चिंगारी पाकिस्तान तक पहुंची, कराची में हिंसा, अमेरिकी दूतावास फूंका, 9 मारे गए

ईरान यूएस-इजरायल हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत की खबर फैलते ही पाकिस्तान के कराची शहर में अमेरिकी दूतावास के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। अमेरिका के खिलाफ बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी लाठी डंडे लेकर जमा हो गए और तोड़फोड़ शुरू कर दी। इससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसके बाद लोकल पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा और चेतावनी के तौर पर गोलियां चलानी पड़ीं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, इसमें कम से कम 9 प्रदर्शनकारियों की मौत की खबर है।   आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े प्राप्त जानकारी के अनुसार हालात को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इसके अलावा, पुलिस ने एहतियातन चेतावनी के तौर पर हवाई फायरिंग भी की। यातायात प्रभावित, लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने सुल्तानाबाद को माई कोलाची से जोड़ने वाली सड़कों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। जिन्ना ब्रिज से आने वाले ट्रैफिक को I.I. चुंदरीगर रोड की ओर डायवर्ट किया गया, ताकि स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखा जा सके और जाम की स्थिति न बने। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे फिलहाल उस क्षेत्र से दूर रहें, क्योंकि सुरक्षा बल विरोध प्रदर्शन को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जुटे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में भीड़ एंट्रेंस पर तोड़-फोड़ करती और कथित तौर पर बिल्डिंग के कुछ हिस्सों में आग लगाती दिख रही है। ईरान ने बदला लेने की कसम खाई बता दें कि खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने सार्वजनिक रूप से बदला लेने की कसम खाई है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अमेरिका के समर्पण तक कार्रवाई जारी रहेगी। हालांकि, इन घटनाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है और क्षेत्र में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को फिर दी चेतावनी वहीं, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हमला किया गया तो अमेरिका, ऐसा जवाब देगा जो पहले कभी नहीं देखा गया। ट्रंप के अनुसार, अगर ईरान ने हमारी रेड लाइन पार की, तो उसे इसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा।

मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव: ईरान ने दागीं मिसाइलें, ट्रंप बोले- अब अमेरिका दिखाएगा ताकत

ईरान ईरान ने अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद व्यापक सैन्य कार्रवाई का दावा किया है। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिका और उसके सहयोगियों के खिलाफ प्रतिशोध के तौर पर की जा रही है। ईरानी मीडिया और सैन्य सूत्रों के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में इजरायल और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए गए हैं। UAE और कतर में धमाकों की खबर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर, जिन्हें अमेरिका का करीबी सहयोगी माना जाता है, वहां हमलों की सूचना सामने आई है। दुबई और कतर की राजधानी दोहा में कई जोरदार धमाकों की आवाज सुनाई देने की खबरें हैं। हालांकि इन हमलों से हुए नुकसान और हताहतों को लेकर स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।   IRGC का दावा: मिसाइल और ड्रोन से हमला ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस' के पांचवें चरण के तहत कार्रवाई का दावा किया है। जेबेल अली एंकरेज पर अमेरिकी जहाज के लिए गोला-बारूद ले जा रहे एक पोत को ड्रोन से निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है। कुवैत के अब्दुल्ला मुबारक क्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक अड्डे पर 4 बैलिस्टिक मिसाइल और 12 ड्रोन से हमला किए जाने की बात भी सामने आ रही है। हमलों में बुनियादी ढांचे के नष्ट होने और अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इन दावों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दुबई एयरपोर्ट और प्रमुख स्थलों पर हमला ईरान ने दुनिया के व्यस्ततम हवाई अड्डों में शामिल दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा को निशाना बनाने का दावा किया है। साथ ही दुबई के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पाम जुमेराह और लक्जरी होटल बुर्ज अल अरब पर भी पहले हमले किए जाने की बात कही गई है। अमेरिका राष्ट्रपति ने फिर दी चेतावनी अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हमला किया गया तो अमेरिका, ऐसा जवाब देगा जो पहले कभी नहीं देखा गया। ट्रंप के अनुसार, अगर ईरान ने हमारी रेड लाइन पार की, तो उसे इसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा। ईरान ने सार्वजनिक रूप से बदला लेने की कसम खाई वहीं, खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने सार्वजनिक रूप से बदला लेने की कसम खाई है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अमेरिका के समर्पण तक कार्रवाई जारी रहेगी। हालांकि, इन घटनाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है और क्षेत्र में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।