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बंगाल बजट में कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! DA 20% बढ़ा, सरकार ने किए कई बड़े ऐलान

कलकत्ता पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने अपना पहला बजट पेश कर दिया. अपने पहले बजट में सरकार ने हर पक्ष को साधने की कोशिश की है. सरकार ने DA (महंगाई भत्ता) में भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है. साथ ही रिटायर्ड पत्रकारों को 5000 रुपये पेंशन दी जाएगी. बजट में उन लोगों को विशेष भत्ता में दिया जाएगा जिन्हें झूठे केस में जेल भेजा गया. साथ ही गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को एक बार में 21,000 रुपये दिए जाएंगे. पिंक कार्ड भी शुरू किया जाएगा।  वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई वाली सरकार का 2026-27 का बजट पेश किया. वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए कहा कि AI का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है. हम पश्चिम बंगाल के लिए AI इम्पैक्ट प्रोग्राम शुरू कर रहे हैं।  उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार की पहल से ऑनलाइन परीक्षा, ऑनलाइन स्क्रूटनी, ऑनलाइन वेरिफिकेशन और ट्रैकिंग की जाएगी. यहां तक की रेत, कोयला और बोल्डर की नीलामी भी ऑनलाइन की जाएगी।  वित्त मंत्री ने बताया कि प्रशासनिक सुधारों और बुनियादी ढांचे को गति देने के लिए बजट में कई अहम कदम उठाए गए हैं. राज्य के कांथी क्षेत्र को अब एक नया पुलिस जिला बनाया जाएगा. इसके अलावा जनता की सहूलियत के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों में कुछ नई नगरपालिकाएं और नए फायर स्टेशन भी खोले जाएंगे।  तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के लिए पश्चिम बंगाल अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक पर अपना मुख्य ध्यान केंद्रित करेगा. इसके साथ ही राज्य में डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा. परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए ऑनलाइन परीक्षा और डिजिटल रिकॉर्ड से जुड़ा मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किया जाएगा।  राज्य की संस्कृति को सहेजने के लिए कोलकाता में एक नया सांस्कृतिक स्कूल स्थापित करने का ऐलान किया गया है. इसके अलावा स्थानीय विकास को गति देने के उद्देश्य से विधायकों को मिलने वाले एमएलए फंड (MLA Fund) को 70 लाख रुपये से बढ़ाकर सीधे 1 करोड़ रुपये कर दिया गया है।  विधानसभा के पटल पर बजट पेश करने से पहले सीएम और वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की. बताया जा रहा है कि इस बार बजट की फाइलों को सहेजने के लिए बंगाल की परंपरा को ध्यान रखते हुए तैयार की गई हैं. ये फाइलें राज्य की पारंपरिक मैट (चटाई) और जूट से बनाई गई हैं, जो पर्यावरण अनुकूल और किफायती भी हैं।  बीजेपी सरकार ने अपने पहले बजट में खर्च के लिए MLA फंड की राशि में बढ़ोतरी की है. अब इसे 70 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दिया गया है. जबकि नदी के कटाव के लिए 50 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया गया। बंगाल बजट में शुभेंदु सरकार का बड़ा ऐलान शुभेंदु सरकार ने राज्य में 1 लाख रिक्त पदों पर भर्ती करने का ऐलान किया है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन पदों में 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं के लिए निर्धारित किया गया है, जिससे महिला सशक्तिकरण और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।  यह फैसला सीधे तौर पर ममता बनर्जी के लंबे समय से स्थापित "महिला कल्याण और महिला सशक्तिकरण" वाले राजनीतिक नैरेटिव को चुनौती देने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है. यदि नई BJP सरकार 1 लाख सरकारी नौकरियों में 33% आरक्षण महिलाओं को देती है, तो वह कल्याणकारी सहायता से आगे बढ़कर आर्थिक सशक्तिकरण का नैरेटिव बनाना चाहेगी।  कर्मचारियों को 20% DA की सौगात; पत्रकारों के लिए भी बड़ा ऐलान वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए कहा, 'हम भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था विकसित करना चाहते हैं' और नई सरकार का लक्ष्य एक विकसित तथा भविष्य के लिए तैयार बंगाल बनाना है।  बजट की सबसे बड़ी घोषणाओं में राज्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी शामिल है. इसके बाद कुल DA बढ़कर 38 प्रतिशत हो जाएगा. वित्त मंत्री ने बताया कि यह फैसला 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा. सरकार ने राज्य परिवहन निगम के बस कंडक्टरों के पारिश्रमिक में वृद्धि का भी ऐलान किया है. वहीं, सेवानिवृत्त पत्रकारों को हर महीने 5,000 रुपये पेंशन देने की घोषणा ने भी ध्यान खींचा है. इन फैसलों से लाखों कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और पत्रकार समुदाय को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।    5 दिनों के भीतर 7वां वेतन आयोग लागू करने का था वादा भाजपा ने चुनाव से पहले वादा किया था कि सरकार बनने के 45 दिनों के भीतर सातवां वेतन आयोग लागू किया जाएगा। सरकार ने इसके लिए निर्देश भी जारी कर दिए हैं। इसके अलावा कर्मचारियों का बकाया DA देने का भी वादा किया गया था।

गुस्से में बैठक छोड़कर निकली ईरानी टीम, शहबाज और मुनीर को लगा झटका; वेंस की फुसफुसाहट बनी चर्चा का विषय

दोहा   ईरान और US के बीच स्विट्जरलैंड में बातचीत का पहला राउंड मुश्किलों भरा रहा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बाद ईरान ने वार्ता से वॉकऑउट कर दिया. इस दौरान ईरानी डेलीगेशन ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ फोटो खिंचवाने से भी इनकार कर दिया।  स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में हुई वार्ता में ईरान और अमेरिका के साथ-साथ पाकिस्तान और कतर के अधिकारी भी मौजूद रहे. चारों देश हाल ही में साइन किए गए इस्लामाबाद MoU के तहत बातचीत के पहले राउंड के लिए जमा हुए थे।  इस बीच, ट्रंप के ईरान को लेबनान में हिज्बुल्लाह पर लगाम लगाने और नई अमेरिकी मिलिट्री कार्रवाई का सामना करने की चेतावनी दी. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'ईरान को लेबनान में अपने ज्यादा पैसे पाने वाले प्रॉक्सी को परेशानी पैदा करने से तुरंत रोकना होगा. अगर वो ऐसा नहीं करते हैं, तो हम ईरान पर फिर से बहुत जोरदार हमला करेंगे, ठीक वैसे ही जैसे हमने पिछले हफ्ते किया था।  गुस्से में कमरे से बाहर निकला ईरानी डेलीगेशन ट्रंप के इस बयान के बाद ईरानी डेलीगेशन बातचीत की मेज से वॉकआउट कर जाता है. ईरानी अधिकारियों के वार्ता से वॉकआउट करने का एक वीडियो भी सामने आया है. इसमें पहले तो पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची का गले लगाकर स्वागत करते नजर आ रहे हैं. इसके बाद दोनों को धीरे-धीरे बातचीत करते देखा जा सकता है. लेकिन थोड़ी देर बाद ही ईरानी डेलीगेशन गुस्से में कमरे से बाहर चला जाता है।  अराघची समेत ईरानी डेलीगेशन के वॉकआउट करने से शहबाज शरीफ के चेहरे का रंग उतर जाता है. उनके चेहरे पर हैरानी साफ नजर आती है. कुछ देर बाद, वो अपने बगल में खड़े पाकिस्तान आर्मी चीफ आसिम मुनीर की तरफ इशारा करते हुए उन्हें कुछ बताते नजर आते हैं।  जेडी वेंस ने भांप ली स्थिति ईरानी डेलीगेशन के वॉकआउट करने के बाद माहौल टेंशन वाला हो जाता है. अमेरीका के उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस की नजर शहबाज-मुनीर पर पड़ती है, जिनके हाव-भाव से परेशानी साफ झलक रही थी. फिर वेंस उन दोनों के पास जाते हैं और शहबाज-मुनीर के कान में कुछ कहते हैं. इसके बाद तीनों काफी देर तक धीरे-धीरे बात करते हुए दिखते हैं।  ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, बातचीत शुरू होने से पहले दोनों पक्षों के बीच हाथ मिलाने और जॉइंट फोटो सेशन का प्लान था. हालांकि, ईरान के चीफ नेगोशिएटर मोहम्मद बाघेर गलिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस सेशन में हिस्सा लेने से मना कर दिया और बाहर चले गए।  ट्रंप की धमकियों का जवाब देने की तैयारी में ईरान! तस्नीम न्यूज ने बाद में बताया कि ईरानी डेलीगेशन ट्रंप की धमकियों के विरोध में वार्ता से वॉकआउट कर गया. वहीं, प्रेस टीवी ने भी सूत्रों के हवाले कहा कि ईरानी डेलीगेशन ने अमेरिकी पक्ष के सामने आपत्ति जताई थी. सोर्स ने कहा, 'ईरानी डेलीगेशन ने अमेरिकी साइड के सामने अपनी आपत्तियां उठाई हैं और अभी ट्रंप की ज़ुबानी धमकियों का सही जवाब देने के लिए हालात का अंदाजा लगा रहा है। 

मुंबई में मॉनसून का कहर! अंधेरी सबवे पानी में डूबा, सड़कों पर जलभराव; IMD ने दी चेतावनी

 मुंबई महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने दस्तक दे दी है. सोमवार सुबह से जारी बारिश के बीच कई इलाकों में जलभराव की खबरें सामने आ रही हैं. अंधेरी सबवे में पानी भर गया है. वहीं, कई सड़कों पर भी पानी ही पानी दिखाई दे रहा है।  भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 22 जून को शहर में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक, बीते दिन यानी रविवार को शहर के कई इलाकों में सीजन की पहली अच्छी बारिश दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने आज भी आंधी-बारिश की चेतावनी दी है।    मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में मॉनसून दक्षिण कोंकण तक पहुंच गया था, लेकिन पिछले कुछ दिनों से मॉनसून सोलापुर के पास रुका हुआ था. महाराष्ट्र में एक बार फिर मॉनसून एक्टिव हुआ है लेकिन रफ्तार अभी धीमी है. बता दें कि मुंबई में हर साल मॉनसून में मूसलाधार बारिश होती है लेकिन इस बार मॉनसून ने अभी तक अच्छी रफ्तार नहीं पकड़ी है।    IMD के अनुसार, मुंबई और आसपास के इलाकों में आज पूरे दिन बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी. कुछ जगहों पर गरज और बिजली चमकने के भी आसार हैं. मौसम विभाग ने मुंबई में आज येलो अलर्ट जारी किया है, जिसका मतलब है कि मौसम खराब रह सकता है, लेकिन बहुत ज्यादा खतरा नहीं है।  मौसम विभाग के अनुसार, मुंबई के ऊपर कुछ बादल छाए हुए हैं. हालांकि, महाराष्ट्र के बाकी हिस्सों में अभी मॉनसून की अच्छी बारिश नहीं हुई है. मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में ही बारिश की गतिविधियां देखी जा रही हैं।  मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मॉनसून की शुरुआत इस बार थोड़ी देरी से हुई है. लेकिन अब हवाओं में नमी बढ़ने से बारिश शुरू हो गई है. मुंबई के आसमान में सुबह से ही बादल छाए हुए हैं. जबकि कई इलाकों में हल्की बारिश भी हो रही है. वहीं, कुछ जगहों पर तेज हवाएं चल रही हैं।  इस बीच मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने अलर्ट है. मॉनसून की बारिश के दौरान निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या से निपटने के लिए पंपिंग मशीनें चेक की जा रही हैं. ट्रैफिक पुलिस को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि लोगों को बारिश से होने वाले ट्रैफिक जाम से ना जूझना पड़े।  मॉनसून की बारिश किसानों के लिए अच्छी खबर है. महाराष्ट्र के कई जिलों में खरीफ फसलों की बुवाई शुरू हो सकेगी. मौसम विभाग ने जानकारी दी कि अगले कुछ दिनों में मॉनसून और मजबूत हो सकता है. पूरे महाराष्ट्र में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। 

लेबनान मुद्दे पर अमेरिका-ईरान में बढ़ा टकराव, 80 मिनट की बैठक के बाद बातचीत पर लगा ब्रेक

वाशिंगटन महीनों से मिडिल ईस्ट में तनाव जारी है. संघर्ष को समाप्त करने के लिए स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच रविवार को पहले दौर की बैठक हुई. हालांकि, ये बैठक तनावपूर्ण रहा. लेबनान को लेकर दोनों देश के बीच मतभेद खुलकर दिखे. साथ ही साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान की वजह से बातचीत बिगड़ते हुए नजर आई।  अमेरिका की ओर से बातचीत करने के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस मौजूद थे. वहीं ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल हुए।  स्विट्जरलैंड में आयोजित हुई ये बैठक हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम समझौते के बाद आयोजित की गई थी. इस बैठक का उद्देश्य साफ था कि दोनों देश सभी मुद्दों पर चर्चा करें और चार महीने से जारी संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ें।  बैठक शुरू होने के पहले ईरान के प्रतिनिधिमंडल ने कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों से अलग-अलग बैठक की. इसके बाद ईरान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका से बातचीत की प्रगति इस बात पर निर्भर करता है कि वह समझौते की शर्तों को ज़मीन पर कितना लागू करता है और लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई पर कितना विराम लगाता है।  ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि उसने अब तक समझौते की पहली शर्त यानि सभी मोर्चों पर सीजफायर लागू करने में सफल नहीं हुआ है. ईरान का कहना है कि इसका प्रमाण लेबनान में देखा जा सकता है. वहां अभी भी इजरायल की ओर से सैन्य कार्रवाई जारी है।  अमेरिका और ईरान के बीच क़रीब 80 मिनट तक बैठक चली. जिसमें प्रतिबंधों में राहत और ईरान की फ्रीज संपत्तियों को रिलीज कराने जैसे विषयों पर चर्चा हुई।  वार्ता के दौरान तनाव तब बढ़ गया था जब डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए ईरान को धमकी दी कि वह लेबनान में अपने सहयोगी समूहों को नियंत्रित करे. इससे ईरान भड़क उठा और ईरानी प्रतिनिधिमंडल कुछ देर के लिए बैठक छोड़ दी. हालांकि, बाद में ग़ालिबफ़ ने कहा कि अमेरिका को अपने बयानों में सावधानी बरतने की ज़रूरत है. ईरान की सेना किसी भी स्थिति में जवाब देने के लिए तैयार है।  वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कूटनीतिक प्रक्रिया में ऐसी घटनाएं सामान्य है. कठिन वार्ताओं में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं और बातचीत प्रगति करते रहती है।  उन्होंने ये भी कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को ईरान के साथ रिश्ते सुधारने के लिए नए दृष्टिकोण से आगे बढ़ने के निर्देश दिए हैं।  इस तनाव का असर साफ देखने को मिला. ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्तावित प्रतीकात्मक हैंडशेक और संयुक्त तस्वीर से साफ इनकार कर दिया।  दूसरी ओर इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संकेत दिया कि दक्षिणी लेबनान में इजराइली सैन्य मौजूदगी फिलहाल जारी रहेगी. नेतन्याहू का कहना है कि इज़रायल अपनी सुरक्षा के लिए जो क्षेत्र बनाया है उसे जरूरत पड़ने तक बनाए रखेगा. इजरायल एक खुद्दार देश है. हर बात पर सहमति होना जरूरी नहीं है. डोनाल्ड ट्रंप हर कुछ नहीं करते, जो हम चाहते हैं. और न ही मैं हर कुछ करता हूं जो वो चाहते हैं।  ईरान-अमेरिका वार्ता में गतिरोध से कच्चे तेल के दाम में बढ़ोतरी हुई है. ब्रेंट क्रूड 81 डॉलर के पार पहुंच गई है. $1 से ज्यादा ब्रेंट क्रूड महंगा हुआ है।   

होर्मुज संकट के बीच भारत की ऊर्जा रणनीति बदली, वैकल्पिक स्रोतों पर जोर

नई दिल्ली  ईरान और अमेरिका के बीच एमओयू साइन होने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही सामान्य होने तक भारत ने जून में रूस और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से कच्चे तेल की खरीद बढ़ा दी है. भारतीय रिफाइनरियों ने खाड़ी क्षेत्र से आपूर्ति पूरी तरह बहाल होने से पहले अपना 'ऑयल स्टोरेज' सुरक्षित करने की रणनीति अपनाई. मैरीटाइम और कमोडिटी इंटेलिजेंस फर्म क्लेपेर (Kpler) के आंकड़ों के मुताबिक, जून में 19 तारीख तक भारत ने रूस से औसतन 26.6 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चे तेल का आयात किया, जबकि मई में यह 19.1 लाख बैरल प्रतिदिन था. इसके साथ ही रूस भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बना हुआ है. संयुक्त अरब अमीरात से आयात जून में 6.36 लाख बैरल प्रतिदिन रहा, जो मई के रिकॉर्ड 6.44 लाख बैरल प्रतिदिन से थोड़ा कम है. वहीं, वेनेजुएला 2.09 लाख बैरल प्रतिदिन की आपूर्ति के साथ भारत का चौथा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा. सऊदी अरब की आपूर्ति 3.84 लाख बैरल प्रतिदिन रही. भारत ने 60% तक घटाई अमेरिकी तेल खरीद दूसरी ओर, अमेरिका से तेल आयात घटकर केवल 91 हजार बैरल प्रतिदिन रह गया, जबकि मई में यह 2.52 लाख बैरल प्रतिदिन था. रूस से रियायती दरों पर मिलने वाला तेल भारत के लिए फायदे का सौदा बना हुआ है, जबकि संयुक्त अरब अमीरात से बढ़ी खरीद ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अनिश्चितता के बीच आपूर्ति संतुलित करने में मदद की. भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा आयातक देश है और कच्चे तेल, एलएनजी (LNG), एलपीजी (LPG) के लिए खाड़ी देशों पर काफी हद तक निर्भर है. अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया था, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई. होर्मुज दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल खपत के परिवहन का प्रमुख समुद्री मार्ग है और सऊदी अरब, इराक, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और कतर जैसे खाड़ी देशों के निर्यात के लिए बेहद अहम माना जाता है. हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम समझौते के बाद पिछले सप्ताह के अंत से होर्मुज के जरिए तेल आपूर्ति धीरे-धीरे बहाल होने लगी है. होर्मुज के खुलने को लेकर अनिश्चितता बरकरार फिर भी, ईरान द्वारा इजरायल पर युद्धविराम समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाने के बाद स्थिति को अब भी नाजुक माना जा रहा है. लेबनान पर इजरायल के ताजा हमलों के बाद ईरानी सेना ने शनिवार को फिर से होर्मुज बंद करने की घोषणा की. इस तरह यह समुद्री मार्ग जहाजों की आवाजाही के लिहाज से अब भी पूरी तरह खुल नहीं सका है. क्लेपेर में मॉडलिंग के सीनियर मैनेजर सुमित रितोलिया ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलने से भारत को सबसे तेज राहत एलपीजी आपूर्ति में मिलेगी, जबकि कच्चे तेल और एलएनजी की आपूर्ति सामान्य होने में अधिक समय लग सकता है. उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों के व्यवधान के दौरान भारत ने तेल और गैस आपूर्ति के वैकल्पिक स्रोतों और अन्य समुद्री मार्गों का इस्तेमाल कर स्थिति के अनुसार खुद को ढाल लिया है. रितोलिया के अनुसार, 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का फिर से खुलना वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए बड़ा मील का पत्थर होगा, लेकिन भारत पर इसका असर अलग-अलग ईंधनों पर अलग तरीके से पड़ेगा.' उन्होंने कहा कि एलपीजी सबसे ज्यादा प्रभावित ईंधन रहा, जबकि कच्चे तेल और एलएनजी की आपूर्ति अपेक्षाकृत स्थिर बनी रही. क्योंकि भारत ने रूस, ब्राजील और वेनेजुएला जैसे वैकल्पिक स्रोतों से आयात बढ़ा दिया था. भारत ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर सुमित रितोलिया का अनुमान है कि जुलाई की शुरुआत से धीरे-धीरे सामान्य स्थिति बनने पर सबसे पहले फंसे हुए कार्गो को निकाला जाएगा और शिपिंग गतिविधियां बहाल की जाएंगी. इसके बाद खाड़ी देशों का निर्यात धीरे-धीरे बढ़ेगा. भारत अपनी जरूरत का लगभग 88 प्रतिशत कच्चा तेल, 50 प्रतिशत नेचुरल गैस और लगभग 65 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है. ईरान युद्ध से पहले भारत के लगभग आधे कच्चे तेल, दो-तिहाई एलएनजी और करीब 90 प्रतिशत एलपीजी की आपूर्ति खाड़ी देशों से होती थी. हाल के दिनों में होर्मुज में भारत के लिए स्थिति सामान्य होने के संकेत भी मिले हैं. भारत के झंडे वाले तीन तेल टैंकर, जिनमें 8.6 लाख टन से अधिक कच्चा तेल था, और एक भारतीय एलएनजी जहाज ने अमेरिका-ईरान समझौते के बाद सफलतापूर्वक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार किया है. रितोलिया ने कहा कि रूस का कच्चा तेल अब भी भारत की आयात रणनीति का प्रमुख आधार बना हुआ है. जून में रूस से आयात 23.5 लाख बैरल प्रतिदिन से अधिक रहने का अनुमान है और यह नया रिकॉर्ड बना सकता है. उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धी कीमतों और आपूर्ति सुरक्षा के कारण होर्मुज सामान्य होने के बाद भी रूस भारत के लिए अहम आपूर्तिकर्ता बना रहेगा. भारत ने वेनेजुएला से भी तेल की खरीद बढ़ाई भारतीय रिफाइनरियों ने मार्च के बाद से अटलांटिक बेसिन और वेनेजुएला से भी खरीद बढ़ाई है ताकि खाड़ी क्षेत्र की सीमित आपूर्ति की भरपाई की जा सके. जून में वेनेजुएला से आयात 3 से 4 लाख बैरल प्रतिदिन रहने का अनुमान है, हालांकि अमेरिकी प्रतिबंधों और उत्पादन सीमाओं के कारण दीर्घकालिक स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. सबसे बड़ा बदलाव एलपीजी क्षेत्र में देखा गया है. खाड़ी आपूर्ति बाधित होने के बाद अमेरिका भारत के लिए बड़ा एलपीजी आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है. पिछले साल हुए दीर्घकालिक समझौते ने इसमें मदद की, हालांकि लंबी दूरी के कारण परिवहन लागत बढ़ गई है. सुमित रितोलिया के अनुसार, होर्मुज सामान्य होने के बाद खाड़ी देशों की बाजार हिस्सेदारी धीरे-धीरे बढ़ेगी, लेकिन भारत की आयात रणनीति पहले की तुलना में अधिक विविध बनी रहेगी. उन्होंने कहा कि होर्मुज के फिर से खुलने से माल ढुलाई लागत कम होगी, आपूर्ति जोखिम घटेंगे और वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर दबाव कम होगा. हालांकि, शिपिंग कंपनियों, बीमा कंपनियों और व्यापारियों का भरोसा पूरी तरह लौटने में अभी कई सप्ताह या महीने लग सकते हैं.

ट्रेन यात्रियों के लिए राहत, AI तकनीक से 94% सटीकता के साथ टिकट कन्फर्मेशन का अनुमान

नई दिल्ली ट्रेन से यात्रा का प्लान बनाते समय सबसे बड़ी टेंशन बर्थ कंफर्म होने की होती है। इस मामले में रेलवे से यात्रियों के लिए बड़ी राहत वाली खबर आई है। भारतीय रेलवे ने अपने आधिकारिक रेलवन एप को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक से लैस कर दिया है। अब यात्रियों को वेटिंग टिकट के कन्फर्म होने की संभावना का अनुमान लगाने के लिए अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। रेलवे के अनुसार, एप में जोड़ा गया नया एआई आधारित फीचर टिकट कन्फर्म होने की संभावना का अनुमान लगाता है और इसकी सटीकता लगभग 94 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यह पहली बार है जब किसी सरकारी रेलवे एप में यात्रियों को वेटिंग टिकट की स्थिति के बारे में एआई आधारित पूर्वानुमान उपलब्ध कराया जा रहा है। इस सुविधा का उद्देश्य यात्रियों को यात्रा की बेहतर योजना बनाने में मदद करना है। यदि किसी यात्री का टिकट वेटिंग में है, तो एप उपलब्ध आंकड़ों और पूर्व रिकॉर्ड के आधार पर यह अनुमान बताएगा कि टिकट कन्फर्म होने की कितनी संभावना है। एआई मॉडल लाखों पुराने रिजर्वेशन रिकॉर्ड, टिकट कैंसिलेशन के पैटर्न, विभिन्न रूटों पर यात्रियों की मांग, मौसम, छुट्टियों और त्योहारों के दौरान होने वाली अतिरिक्त भीड़ जैसे कई कारकों का विश्लेषण करता है। इसके बाद सिस्टम संभावित परिणाम का आकलन करता है। रेलवे का दावा है कि हालिया परीक्षणों और समीक्षा में इस तकनीक ने लगभग 94 प्रतिशत तक सटीक परिणाम दिए हैं। हालांकि रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा केवल एक पूर्वानुमान है, कोई अंतिम गारंटी नहीं। टिकट का वास्तविक कन्फर्मेशन सीटों की उपलब्धता, कैंसिलेशन और चार्ट तैयार होने तक होने वाले बदलावों पर निर्भर करेगा। इसलिए यात्रियों को एआई के अनुमान को केवल एक मार्गदर्शक के रूप में देखना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम रेलवे सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। अब यात्रियों को वेटिंग टिकट के कारण होने वाली अनिश्चितता से काफी हद तक राहत मिलेगी और वे समय रहते वैकल्पिक यात्रा की व्यवस्था भी कर सकेंगे। उत्तर मध्य रेलवे के वरिष्ठ पीआरओ डॉ. अमित मालवीय का कहना है कि भविष्य में एआई आधारित सेवाओं का दायरा और बढ़ाया जाएगा, जिससे यात्रियों को अधिक सटीक और उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराई जा सके। रेलवन एप में जोड़ी गई यह नई सुविधा भारतीय रेलवे के तकनीकी आधुनिकीकरण की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

चार दिवसीय धार्मिक उत्सव में तीन दिन मंदिर के कपाट रहेंगे बंद

 गुवाहाटी पूर्वी भारत के सबसे बड़े धार्मिक उत्सवों में से एक अंबुबाची मेला 2026 के लिए असम सरकार और कामाख्या मंदिर प्रबंधन ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। गुवाहाटी की ऐतिहासिक नीलाचल पहाड़ी पर स्थित माँ कामाख्या मंदिर में इस वर्ष देश-विदेश से 8 लाख से अधिक श्रद्धालुओं, साधु-संतों और तांत्रिक साधकों के जुटने की उम्मीद है। देवी कामाख्या के वार्षिक मासिक धर्म चक्र और स्त्री शक्ति के प्रतीक के रूप में मनाया जाने वाला यह चार दिवसीय उत्सव 22 जून को 'प्रवृत्ति' के साथ शुरू होगा और 26 जून को 'निवृत्ति' के साथ समाप्त होगा। इस दौरान तीन दिनों तक मंदिर के कपाट पूरी तरह बंद रहेंगे और श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा, स्वास्थ्य और भोजन के विशेष प्रबंध किए गए हैं असम की पर्यटन मंत्री अजंता नियोग ने मेले की व्यवस्था को लेकर कहा, "यह देश का सबसे बड़ा धार्मिक अंबुबाची मेला है। भारत और विदेश से लाखों लोग यहां आते हैं। हम श्रद्धालुओं को पीने का पानी, भोजन, चिकित्सा सेवाएं और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हर तरह से तैयार हैं। हमने निचले स्थानों पर शिविर और भोजन की व्यवस्था की है। लगभग 8 लाख लोगों के आने की उम्मीद है, इसलिए इस आयोजन का प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है। हम श्रद्धालुओं से अनुरोध करते हैं कि वे मेले के दौरान सुबह 5 बजे से शाम 6 बजे तक कामाख्या मंदिर अवश्य आएं।" असम सरकार ने भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की मेले के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए, असम सरकार ने भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं, सुरक्षा, परिवहन और आवास सुविधाओं के लिए 24 विभागों में 4.55 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। मंदिर अधिकारियों ने सभी ऑफलाइन विशेष दर्शन काउंटरों को भी बंद कर दिया है। विशेष दर्शन के इच्छुक श्रद्धालुओं को ऑनलाइन पास बुक करना होगा, जबकि सामान्य दर्शन नि:शुल्क रहेंगे। अंबुबाची मेले का महत्व मां कामाख्या मंदिर में साल में एक बार अंबुबाची मेला लगता है। । इस मेले से बहुत ही प्राचीन और गहरी धार्मिक मान्यता जुड़ी हुई है। ऐसी मान्यता है कि इस वार्षिक मेले के दौरान मां कामाख्या अपने मासिक धर्म यानी रजस्वला से गुजरती हैं। यही कारण है कि इस दौरान देवी मां को पूरा आराम दिया जाता है और मंदिर के मुख्य कपाट तीन दिनों के लिए पूरी तरह बंद कर दिए जाते हैं। इन तीन दिनों में मंदिर परिसर में किसी तरह की कोई पूजा-अर्चना, आरती या अन्य कोई भी धार्मिक अनुष्ठान नहीं होते। चौथे दिन, खास शुद्धिकरण अनुष्ठान करने के बादमंदिर के पट भक्तों के लिए खोले जाते हैं। इस साल अंबुबाची मेले की शुरुआत 22 जून 2026 से हो रही है, जो 26 जून तक चलेगा।

INS दूनागिरी, INS अग्रय और INS संशोधक की एंट्री से भारत की रक्षा क्षमता में बड़ा इजाफा

नई दिल्ली  पाकिस्तानी नौसेना समंदर में अपनी ताकत बढ़ाने के लिए चीन से हंगोर क्लास की पनडुब्बी लेकर आई है। ऐसे में भारत ने भी पनडुब्बियों को डुबो देने वाले तीन घातक स्वदेशी युद्धपोत नीले समंदर में उतार दिए हैं। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने और नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में तीन नए युद्धपोतों INS दुनागिरि, INS अग्रय और INS संशोधक को भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल किया गया। इस दौरान पीएम मोदी ने दुश्मनों को स्पष्ट संकेत दिया कि शांति की रक्षा के लिए सामर्थ्य जरूरी है और भारत लगातार अपनी रक्षा क्षमता को और मजबूत कर रहा है। पीएम मोदी ने कहा, 'भारत ने हमेशा से समुद्र को सहयोग का माध्यम माना है। लेकिन भारत ये भी जानता है कि शांति की रक्षा के लिए सामर्थ्य आवश्यक है। समृद्धि की रक्षा के लिए सुरक्षा आवश्यक है। भविष्य के निर्माण के लिए आत्मनिर्भरता अनिवार्य है। आज INS अग्रय, INS दूनागिरी और INS संशोधक इसी भावना के प्रतीक बनकर भारतीय नौसेना में शामिल हुए हैं।' समंदर में ताकत बढ़ा रही भारतीय नौसेना कोलकाता में श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट में आयोजित एक खास समारोह में इन तीनों वॉरशिप को नौसेना के बेड़े में शामिल किया गया। इनमें एक गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट दूनागिरी, दूसरा एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट अग्रेह और तीसरा सर्वे वेसेल लार्ज संशोधक है। हालांकि, यह पहला मौका नहीं है जब एक ही दिन में तीन वॉरशिप नौसेना में शामिल किए जा रहे हैं। इससे पहले 15 जनवरी 2025 को मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में नीलगिरी क्लास का पहला स्टेल्थ फ्रिगेट INS नीलगिरी, डिस्ट्रॉयर INS सूरत और पनडुब्बी INS वागशीर भारतीय नौसेना में शामिल किए गए थे। नेवी को मिला P17A क्लास का पांचवा वॉरिशप इसी साल 30 मार्च को गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) ने प्रोजेक्ट 17ए के तहत निर्मित पांचवां गाइडेड स्टेल्थ फ्रिगेट दूनागिरी भारतीय नौसेना को सौंपा था। दूनागिरी, पूर्ववर्ती INS दूनागिरी का आधुनिक स्वरूप है, जो लींडर क्लास का फ्रिगेट था और 5 मई 1977 से 10 अक्टूबर 2010 तक नौसेना का हिस्सा रहा। यह 16 महीनों में भारतीय नौसेना को सौंपा गया पी17ए श्रेणी का पांचवां वॉरशिप है। पहले चार जहाजों के निर्माण से मिले अनुभव के आधार पर इसका निर्माण समय 93 महीनों से घटाकर 80 महीने कर दिया गया। INS दूनागिरी की खासियत     INS दूनागिरी में ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली लगी है, जो एंटी-शिप और एंटी-सर्फेस युद्ध में बेहद प्रभावी मानी जाती है।     यह वॉरशिप बराक-8 लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल आधुनिक एयर डिफेंस गन स्वदेशी टॉरपीडो वरुणास्त्र, एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर, आधुनिक सोनार, कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम मल्टी-फंक्शन रडार जैसी अत्याधुनिक सिस्टम से लेस हैं।     यह फ्रिगेट दुश्मन के हमलों का पता लगाने और उन्हें नष्ट करने में सक्षम है।     INS दूनागिरी लगभग 75 प्रतिशत उपकरण स्वदेशी हैं और इसका डिजाइन नौसेना के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो ने तैयार किया है।     6,700 टन वजनी यह युद्धपोत 30 नॉट की अधिकतम गति से चल सकता है। INS अग्रेह की खासियत     दुश्मन की सबमरीन से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए भारतीय नौसेना ने एंटी-सबमरीन वॉरफेयर (एएसडब्ल्यू) शैलो वॉटर क्राफ्ट परियोजना शुरू की थी। साल 2019 में 16 वॉरशिप के निर्माण का कांट्रेक्ट दिया गया था, जिनमें आठ कोचिन शिपयार्ड और आठ जीआरएसई में बनाए जा रहे हैं। इसी परियोजना के तहत निर्मित अग्रेह को भी नौसेना में शामिल किया गया है। इससे पहले आईएनएस अर्णाला, आईएनएस अंद्रोत्त, आईएनएस माहे और आईएनएस अंजदीप को नौसेना में शामिल किया जा चुका है।     INS अग्रेह की खासियत है कि यह एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर, लाइटवेट टॉरपीडो, 30 मिमी नेवल गन, हल-माउंटेड सोनार और वैरिएबल डेप्थ सोनार से लैस है।     यह जहाज 25 नॉट की रफ्तार से चल सकता है और तकरीबन 3,300 किलोमीटर तक की दूरी तय करने में सक्षम है।     तटीय क्षेत्रों में यह 100 से 150 नॉटिकल मील तक दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगा सकता है। INS संशोधक की खासियत     संशोधक की खासियत है कि यह समुद्र तल की स्कैनिंग करना, सुरक्षित नेविगेशन रूट के लिए समुद्री चार्ट तैयार करने के साथ-साथ हाइड्रोग्राफिक सर्वे करना है।     जीआरएसई, कोलकाता में निर्मित इस जहाज में 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है।     इसका डिजाइन भारतीय नौसेना के नेवल डिजाइन ब्यूरो ने तैयार किया है।     110 मीटर लंबा और लगभग 3,800 टन वजनी यह जहाज दो डीजल इंजनों से संचालित होता है।     यह 25 दिनों से ज्यादा समय तक समुद्र में रहने में सक्षम है और इसकी अधिकतम रफ़्तार 18 नॉट है।     भारतीय नौसेना में शामिल होने के बाद संशोधक देश की समुद्री सुरक्षा, समुद्री क्षेत्र के मैप और सुरक्षित नेविगेशन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

नेतन्याहू सरकार की छवि पर उठे सवाल, जनता में बढ़ा असंतोष

नई दिल्ली अमेरिका और ईरान के बीच भले ही समझौता हो गया है, लेकिन अभी भी मिडिल ईस्ट में तनाव जारी है। इजरायल लेबनान के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। इस बीच एक चौंकाने वाले सर्वे रिपोर्ट सामने आया है। सर्वेक्षण के अनुसार, इजरायली जनता ने साफ संकेत दिया है कि हालिया पश्चिम एशिया संघर्ष और अमेरिका-ईरान समझौते के बाद ईरान मजबूत होकर उभरा है, जबकि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार की छवि बुरी तरह धूमिल हुई है। हिब्रू विश्वविद्यालय और अगम संस्थान के सहयोग से 17 से 20 जून के बीच कराए गए सर्वेक्षण में 3,644 लोगों ने भाग लिया। न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, सर्वे में शामिल 92.1 प्रतिशत लोगों का मानना है कि ईरान ने संघर्ष जीत लिया या इजरायल की तुलना में उसे ज्यादा फायदा हुआ। 82.9 प्रतिशत इजरायलियों ने कहा कि इस युद्ध और उसके परिणामों से इजरायल की दीर्घकालिक सुरक्षा कमजोर हुई है। खास बात यह है कि यह धारणा केवल विपक्षी समर्थकों तक सीमित नहीं है। नेतन्याहू के दक्षिणपंथी राजनीतिक आधार वाले मतदाताओं में भी 93.1 प्रतिशत ने ईरान को मजबूत बताते हुए इसे इजरायल की हार माना। अमेरिका-ईरान समझौते का भारी विरोध इतना ही नहीं, सर्वेक्षण में अमेरिका-ईरान समझौते को इजरायलियों का भारी बहुमत विरोध करता दिखा। 63.2 प्रतिशत लोगों ने समझौते का विरोध किया, जबकि केवल 12.1 प्रतिशत ने इसका समर्थन किया। नेतन्याहू सरकार की छवि पर सबसे गंभीर प्रहार यह रहा कि 72.5 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने प्रधानमंत्री के ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान की सफलता वाले दावों पर भरोसा नहीं जताया। 56.4 प्रतिशत लोगों ने युद्ध प्रबंधन को 'विफल' या 'खराब' करार दिया। स्विट्जरलैंड में फिर शुरू हुई अमेरिका-ईरान वार्ता यह सर्वेक्षण ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिकी और ईरानी अधिकारी रविवार को स्विट्जरलैंड में दीर्घकालिक समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। अस्थायी समझौते को स्थायी बनाने के लिए हो रही इन वार्ताओं में तेहरान का परमाणु कार्यक्रम, तेल निर्यात और क्षेत्रीय सुरक्षा प्रमुख मुद्दे हैं। ये वार्ताएं लेबनान में जारी तनाव के बीच हो रही हैं। दक्षिणी लेबनान में इजरायली सैनिकों और हिजबुल्लाह के बीच झड़पों के बाद शुक्रवार को घोषित युद्धविराम का दोनों पक्ष उल्लंघन करने का आरोप लगा रहे हैं। ईरान ने स्पष्ट किया है कि लेबनान में स्थायी युद्धविराम वार्ता की सफलता के लिए जरूरी है, जबकि अमेरिका अगले 60 दिनों में व्यापक समझौते की उम्मीद जता रहा है।

पूर्वोत्तर और कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, बिजली गिरने और भूस्खलन का खतरा

नई दिल्ली देश के कई राज्यों में एक बार फिर मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। ऐसे में मौसम विभाग ने 17 राज्यों में तूफानी आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम के लोगों की मुसीबतें बढ़ सकती है, क्योंकि यहां पर कल यानी 22 जून को भारी बारिश होने की आशंका है। इस दौरान कई इलाकों में बिजली गिरने, जलभराव और भूस्खलन होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 23 जून के आसपास महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ और हिस्सों और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल हैं। 17 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट IMD के अनुसार, 17 राज्यों में तेज हवाओं के साथ 22 जून को बारिश हो सकती है। अगले दो दिनों के दौरान पूर्वी भारत, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में तथा अगले 24 घंटों के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तेलंगाना में मध्यम से गंभीर आंधी-तूफान की गतिविधि होने की संभावना है। इस दौरान 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं अगले 24 घंटों के दौरान जम्मू-कश्मीर में कहीं-कहीं ओलावृष्टि और को राजस्थान में धूल भरी आंधी चलने की भी संभावना है। दिल्ली में कल कैसा रहेगा मौसम? दिल्ली में हल्की बारिश की संभावना (22-24 जून): मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में 22 जून को गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इससे तापमान में गिरावट आएगी और अधिकतम तापमान 35 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। 23 जून को भी राजधानी दिल्ली में 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के आसार है। हालांकि 23 और 24 जून को बारिश होने की संभावना काफी कम है। यूपी में कल कैसा रहेगा मौसम उत्तर प्रदेश में अभी नहीं मिलेगी गर्मी से राहत (22-25 जून): उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर अभी जारी रहने वाला है। IMD के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 24 जून तक लू चलने की संभावना है, जबकि राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क बना रहेगा। हालांकि 25 जून को पूर्वी उत्तर प्रदेश और 26 जून को दोनों क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, कानपुर नगर, कानपुर देहात, औरैया, इटावा, फर्रुखाबाद और कन्नौज में कल मौसम शुष्क रहेगा। गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, बस्ती, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर में कल मौसम शुष्क रहेगा, साथ ही लू चलने की संभावना है। आपके शहर में कल कैसा रहेगा मौसम शहर      अधिकतम तापमान (20 जून)     न्यूनतम तापमान (20 जून) दिल्ली      41°C     27°C मुंबई      35°C     30°C चेन्नई      39°C     29°C कोलकाता       36°C     28°C लखनऊ       42°C     31°C पटना      40 °C     31°C रांची       33°C     24°C भोपाल     36°C     26°C जयपुर     37°C     27°C शिमला     26°C     15°C नैनीताल     27°C     17°C बिहार में कल कैसा रहेगा मौसम बिहार के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट (22- 28 जून): बिहार में मानसून की गतिविधियां तेज होने लगी हैं। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में अगले सात दिनों तक बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। मौसम विभाग ने अररिया, कटिहार और किशनगंज जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश, मेघगर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण में कल एक-दो स्थानों पर बारिश की संभावना है। सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा में कल कई स्थानों पर बारिश की संभावना है। अररिया, सुपौल, कटिहार और किशनगंज में भारी बारिश, वज्रपात और 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं का अलर्ट है। रोहतास, कैमूर (भभुआ), भोजपुर, बक्सर, अरवल, औरंगाबाद में कल एक-दो स्थानों पर बारिश की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में कल कैसा रहेगा मौसम हिमाचल प्रदेश में हल्की बारिश का अलर्ट (22-27 जून): मौसम विभाग के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में 22 से 27 जून के दौरान छिटपुर बारिश हो सकती है। इस दौरान 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, चंबा, सिरमौर, सोलन, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर में बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। उत्तराखंड में कल कैसा रहेगा मौसम उत्तराखंड में बारिश का अलर्ट ( 22-27 जून): IMD ने उत्तराखंड में 22 से 27 जून तक बारिश होने की संभावना जताई है। देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, उधम सिंह नगर, पौड़ी, टिहरी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चमोली, रुद्रप्रयाग में बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। 23 जून को गरजम-चमक के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं। राजस्थान में कल कैसा रहेगा मौसम राजस्थान में धूलभरी आंधी का अलर्ट (22-27 जून): मौसम विभाग के अनुसार, जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, कोटा, उदयपुर, अलवर, भरतपुर, सीकर, झुंझुनूं, जैसलमेर, बाड़मेर में तेज आंधी और हल्की बारिश की संभावना है। 22 और 23 जून को कुछ इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। जबकि कल पश्चिमी राजस्थान में डस्ट स्टॉर्म की चेतावनी जारी की गई है। जम्मू-कश्मीर में कल कैसा रहेगा मौसम जम्मू-कश्मीर में बारिश के साथ ओलावृष्टि का अलर्ट (22 जून): मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर में कल यानी 22 जून को बारिश के साथ ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। श्रीनगर, जम्मू, बारामूला, अनंतनाग, पुलवामा, कुलगाम, डोडा, राजौरी, पुंछ, उधमपुर में बारिश, आंधी और कुछ जगह ओलावृष्टि की संभावना है। हरियाण में कल कैसा रहेगा मौसम हरियाणा में हल्की बारिश की संभावना (22-24 जून): हरियाणा में 22 से 24 जून को छिटपुट बारिश होने की संभावना है। राज्य के गुरुग्राम, फरीदाबाद, करनाल, पानीपत, हिसार, रोहतक, अंबाला, सोनीपत, यमुनानगर, भिवानी में आंधी और हल्की बारिश की संभावना है। झारखंड में कल कैसा रहेगा मौसम झारखंड में आंधी-बारिश का अलर्ट (22-27 जून): रांची, जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम), धनबाद, बोकारो, देवघर, … Read more