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BJP के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव कल, राजस्थान से भारी समर्थन के संकेत

नईदिल्ली  भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर पार्टी संगठन में हलचल तेज हो गई है। सोमवार को दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पार्टी के राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी लक्ष्मण द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे। इस दौरान पार्टी के लगभग सभी मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में राजस्थान की भूमिका इस बार खास मानी जा रही है। राजस्थान से पार्टी के 20 वरिष्ठ नेताओं को प्रस्तावक के रूप में नामित किया गया है। इन नेताओं में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, दोनों उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और प्रेमचंद बेरवा सहित कई केंद्रीय व राष्ट्रीय स्तर के नेता शामिल हैं। दिल्ली में दिखेगा शीर्ष नेतृत्व का जमावड़ा सोमवार को होने वाले नामांकन कार्यक्रम के दौरान भाजपा मुख्यालय में शीर्ष नेतृत्व का जमावड़ा देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी नामांकन प्रक्रिया में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचेंगे। इस दौरान उनकी कई केंद्रीय मंत्रियों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि इन बैठकों में संगठनात्मक मुद्दों के साथ-साथ आगामी राजनीतिक रणनीतियों पर भी चर्चा हो सकती है। राजस्थान से ये 20 नेता बने प्रस्तावक भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्वाचन के लिए राजस्थान से जिन 20 नेताओं को प्रस्तावक बनाया गया है, उनमें संगठन और सरकार दोनों का संतुलित प्रतिनिधित्व देखने को मिलता है। प्रस्तावकों की सूची इस प्रकार है— मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बेरवा राष्ट्रीय मंत्री अलका गुर्जर अरुण चतुर्वेदी अशोक परनामी सतीश पूनिया सीपी जोशी पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ राज्यसभा सदस्य घनश्याम तिवाड़ी सांसद मंजू शर्मा ओंकार सिंह लखावत सी. आर. चौधरी जसवंत विश्नोई कैलाश चौधरी प्रभु लाल सैनी नारायण पंचारिया अजय पाल सिंह पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावकों की यह सूची न केवल संगठनात्मक अनुभव को दर्शाती है, बल्कि राजस्थान में भाजपा के भीतर मौजूद विभिन्न राजनीतिक धाराओं का भी प्रतिनिधित्व करती है। 20 जनवरी को होगा नए अध्यक्ष का ऐलान नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की औपचारिक घोषणा 20 जनवरी को की जाएगी। पार्टी में लंबे समय से इस ऐलान का इंतजार किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि बिहार के पांच बार के विधायक नितिन नबीन को 14 दिसंबर को भाजपा का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। हालांकि, खरमास के कारण वे औपचारिक रूप से अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण नहीं कर सके थे। खरमास की अवधि 14 जनवरी को समाप्त हो चुकी है, जिसके बाद अब औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। संगठन को मजबूत करने पर फोकस कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद से नितिन नबीन लगातार सक्रिय नजर आए हैं। उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों का दौरा कर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ बैठकें कीं। संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और आगामी चुनावों की रणनीति पर उनका खास फोकस रहा है। इससे पहले वे पार्टी में कई अहम संगठनात्मक पदों पर रह चुके हैं, जिनमें भारतीय जनता युवा मोर्चा के बिहार अध्यक्ष का पद भी शामिल है। राजनीतिक दृष्टि से अहम मानी जा रही प्रक्रिया भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव ऐसे समय हो रहा है, जब पार्टी लोकसभा चुनावों के बाद नए राजनीतिक समीकरणों और आगामी राज्यों के विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटी है। ऐसे में नए अध्यक्ष की भूमिका संगठनात्मक मजबूती, चुनावी रणनीति और सरकार व संगठन के बीच समन्वय के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। राजस्थान से बड़ी संख्या में प्रस्तावकों का चयन यह संकेत देता है कि पार्टी राज्य नेतृत्व को राष्ट्रीय स्तर पर खास महत्व दे रही है। अब सभी की निगाहें सोमवार के नामांकन और 20 जनवरी को होने वाले औपचारिक ऐलान पर टिकी हैं

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भारत की मजबूत मौजूदगी, अजित डोभाल समेत 6 मुख्यमंत्री दावोस रवाना

नई दिल्ली WEF यानी विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक सोमवार से दावोस में शुरू हो रही है। इस बैठक में भारत दमदार प्रतिनिधित्व के लिए तैयार है। पांच दिवसीय इस आयोजन में दुनिया भर के दिग्गज दुनिया की चुनौतियों पर चर्चा करेंगे। सरकार, व्यापार, शिक्षा, नागरिक समाज और श्रम संघों के 3000 से अधिक नेता इस बैठक में शामिल हो रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी मंत्रिमंडल के पांच सदस्यों के साथ बैठक में शामिल होंगे। चार केंद्रीय मंत्री, छह सीएम शामिल हो रहे भारत से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के अलावा केंद्रीय मंत्रियों – अश्विनी वैष्णव, शिवराज सिंह चौहान, प्रल्हाद जोशी और के राम मोहन नायडू के साथ ही छह मुख्यमंत्रियों और देश के 100 से अधिक शीर्ष सीईओ बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक में शामिल होने वाले मुख्यमंत्रियों में महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस, आंध्र प्रदेश के एन चंद्रबाबू नायडू, असम के हिमंत विश्व शर्मा, मध्य प्रदेश के मोहन यादव, तेलंगाना के ए रेवंत रेड्डी और झारखंड के हेमंत सोरेन शामिल हैं। इसके अलावा, गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष रमेशभाई संघवी (भाजपा) और उत्तर प्रदेश का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी दुनिया भर के अमीर और शक्तिशाली लोगों के इस वार्षिक जमावड़े के लिए दावोस की यात्रा करेंगे। भारतीय नेता कई चर्चाओं में शामिल होंगे भारतीय नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान कई समूह चर्चाओं में भाग लेने की उम्मीद है, जिसमें क्या भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है विषय पर एक चर्चा भी शामिल है। इसके अलावा वे द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति जुबिन इरानी भी अलायंस फॉर ग्लोबल गुड: जेंडर इक्विटी एंड इक्वालिटी की संस्थापक और चेयरपर्सन के रूप में वहां मौजूद रहेंगी, जिसकी स्थापना कुछ साल पहले दावोस में ही हुई थी। इसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी, टाटा समूह के एन चंद्रशेखरन, बजाज समूह के संजीव बजाज, जुबिलेंट भरतिया समूह के हरि एस भरतिया और टीवीएस मोटर के सुदर्शन वेणु भी शामिल होंगे। बैठक में कई भारतीय कंपनियों के सीईओ भी शामिल होंगे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार, वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी भी वहां मौजूद रहेंगे। इंडिया पवेलियन का संदेश: भारत के साथ पार्टनरशिप करें डब्ल्यूईएफ की बैठक में बर्फ से ढकी दावोस शहर की गलियों में हर जगह लिखा हुआ है -भारत के साथ पार्टनरशिप करें और भविष्य को सब्सक्राइब करें। इंडिया पवेलियन का यह मुख्य संदेश है। टॉप इंडस्ट्री चैंबर सीआईआई के पवेलियन में भी ऐसा ही मैसेज है। भारत की कई बड़ी आईटी कंपनियों ने भी अपने पवेलियन और लाउंज सजाए हैं, और उनके लिए कॉमन थीम एआई। उनके द्वारा लगाए गए चाय और कॉफी स्टॉल्स के अलावा, एक एआई लाउंज भी है। विप्रो और टीसीएस के लाउंज के विपरीत दिशाओं में एक-दूसरे के सामने हैं, जबकि इंफोसिस, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा भी आसपास ही हैं। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, झारखंड, उत्तर प्रदेश, केरल और तेलंगाना सहित विभिन्न राज्य सरकारों के पवेलियन भी हैं। दावोस में सुरक्षा कड़ी दावोस में पांच हजार से ज्यादा सशस्त्र बल के जवान, अहम जगहों पर स्नाइपर्स, एआई से लैस ड्रोन और स्पाइवेयर और जासूसी का मुकाबला करने के लिए खास उपकरण सुरक्षा में तैनात हैं। स्विटजरलैंड के इस छोटे से शहर में इससे पहले इतनी सुरक्षा कभी नहीं रही। सभी एंट्री पॉइंट्स के साथ-साथ रैंडम जगहों पर भी चेकिंग की जा रही है।

नन्हे बेटे का रिजल्ट बना आखिरी पल, इंजीनियर पिता ने स्कूल में ही तोड़ा दम

 जोरहाट असम के जोरहाट से एक दिल को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. जहां बेटे का रिजल्ट लेने के बाद अचानक एक पिता की तबीयत खराब हो गई और वो जमीन पर गिर पड़े. जिसके बाद पिता को आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया. लेकिन बचाया नहीं जा सका. रिजल्ट लेकर निकलते ही हुई तबीयत खराब जानकारी के अनुसार मंगलवार को सैमफोर्ड स्कूल में एक दुखद घटना हुई. जहां एक पिता अपने बेटे का परीक्षा परिणाम लेने स्कूल गए थे और वहीं गिर पड़े और उनकी मौत हो गई. मृतक की पहचान कछ गरल इलाके के सोनारी गांव के रहने वाले दीपांकर बोरदोलोई (35) के रूप में हुई है. सूत्रों के अनुसार बोरदोलोई अपने बेटे का रिजल्ट लेने स्कूल आए थे, जो UKG में पढ़ता है. लेकिन रिजल्ट लेने के कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई और वे गिर पड़े. स्कूल में मौजूद लोग तुरंत उन्हें इमरजेंसी इलाज के लिए जोरहाट मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल ले गए. लेकिन तब तक उनकी मौत हो गई थी.  सिंचाई विभाग में इंजीनियर थे दीपांकर इस घटना के बाद स्कूल कैंपस में मातम छा गया. शिक्षक, माता-पिता और छात्र इस अचानक हुए नुकसान से गहरे सदमे में हैं. दीपांकर बोरदोलोई तेओक डिवीजन के तहत सिंचाई विभाग में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे. उनकी असामयिक मृत्यु से उनके परिवार, सहकर्मी और स्थानीय समुदाय गहरे शोक में हैं. हालांकि इंजीनियर के मौत के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है. पूरे मामले में अभी पुलिस का भी बयान नहीं आया है. 

मौसम बदलेगा करवट: हिमाचल में आज रात से पश्चिमी विक्षोभ का असर, ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात संभव

शिमला  हिमाचल प्रदेश में शुष्क मौसम का दौर खत्म होने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, आज रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है, जिसके प्रभाव से 22 और 23 जनवरी को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और बर्फबारी होने की प्रबल संभावना है। ताबो में कड़ाके की ठंड, पारा शून्य से नीचे पिछले 24 घंटों में हिमाचल के जनजातीय क्षेत्रों में भीषण ठंड दर्ज की गई है: सबसे ठंडा स्थान : लाहौल-स्पीति का ताबो रहा, जहाँ न्यूनतम तापमान -2.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। कुकुमसेरी : यहाँ का तापमान -1.6 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा धर्मशाला, बिलासपुर, सोलन और ऊना में भी रात के तापमान में भारी गिरावट देखी गई है। बर्फबारी और बारिश का पूर्वानुमान 19 जनवरी (आज रात) : पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम करवट लेना शुरू करेगा। 22 जनवरी : लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा, कुल्लू और शिमला के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी होने के आसार हैं। 23 जनवरी : बारिश और बर्फबारी का दायरा बढ़ेगा। मध्य पर्वतीय और निचले क्षेत्रों में हल्की बारिश होने की संभावना है, जिससे शुष्क मौसम से राहत मिलेगी। तापमान में उतार-चढ़ाव मौसम विभाग के अनुसार, बर्फबारी शुरू होने से पहले न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की मामूली बढ़ोतरी होगी। हालांकि, जैसे ही सिस्टम आगे बढ़ेगा, तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट आएगी, जिससे कड़ाके की ठंड फिर से जोर पकड़ेगी। नोट: फिलहाल कोई 'ऑरेंज' या 'रेड' अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन ऊंचाई वाले इलाकों में यात्रा करने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

1 अप्रैल से बदलेंगे टोल टैक्स के नियम, बिना रुके सीधे कटेगा शुल्क

नई दिल्ली अगर आप अक्सर हाईवे पर सफर करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। 1 अप्रैल 2026 से नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा पर नकद भुगतान गुजरे जमाने की बात हो जाएगी। केंद्र सरकार ने टोल प्लाजा पर कैश लेन-देन को पूरी तरह बंद करने का फैसला किया है। सिर्फ FASTag और UPI से होगा भुगतान केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के अनुसार, देश को डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने और टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों को खत्म करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। 1 अप्रैल के बाद टोल प्लाजा पर केवल FASTag और UPI ही भुगतान के मान्य माध्यम होंगे। वर्तमान में कई टोल प्लाजा पर FASTag होने के बावजूद लोग कैश लेन का इस्तेमाल करते हैं, जिससे जाम की स्थिति बनी रहती है। नए नियम के लागू होने के बाद:     टोल प्लाजा से कैश लेन पूरी तरह हटा दी जाएगी।     वाहन चालकों को जाम से निजात मिलेगी और यात्रा समय की बचत होगी।     पारदर्शिता बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था पूरी तरह डिजिटल होगी। सरकार 'मल्टी लेन फ्री फ्लो' (MLFF) टोलिंग सिस्टम लाने की तैयारी में है। इसके तहत…     बिना बैरियर के टोल: शुरुआत में देशभर के 25 टोल प्लाजा पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसे लागू किया जाएगा।     सेंसर तकनीक: इस सिस्टम में कोई बैरियर नहीं होगा। वाहन बिना रुके गुजरेंगे और ऊपर लगे कैमरे व सेंसर FASTag के जरिए अपने आप टोल काट लेंगे।     सुगम यात्रा: पायलट प्रोजेक्ट सफल होने के बाद इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा, जिससे हाईवे पर वाहनों की गति बाधित नहीं होगी।

यूएई राष्ट्रपति का भारत आगमन आज तय, अहम समझौतों पर लग सकती है मुहर

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर, संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान आज भारत की आधिकारिक यात्रा पर आएंगे। संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण करने के बाद यह उनकी तीसरी आधिकारिक भारत यात्रा होगी और पिछले एक दशक में उनकी पांचवीं भारत यात्रा होगी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है। विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच सौहार्दपूर्ण, घनिष्ठ और बहुआयामी संबंध हैं, जो मजबूत राजनीतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों पर आधारित हैं। व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए), स्थानीय मुद्रा निपटान (एलसीएस) प्रणाली और द्विपक्षीय निवेश संधि द्वारा समर्थित ये संबंध दोनों देशों के शीर्ष व्यापारिक और निवेश साझेदारों में से हैं। भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच एक मजबूत ऊर्जा साझेदारी भी है, जिसमें दीर्घकालिक ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्थाएं शामिल हैं। यह दौरा दोनों नेताओं को भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी के लिए नए आयाम स्थापित करने का अवसर प्रदान करेगा। इससे पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान भी संभव होगा, जहां भारत और यूएई के बीच उच्च स्तर की समानताएं हैं। अमेरिका से तनाव के बीच भारत और यूएई के बीच होगी कोई बड़ी डील? अमेरिका से तनाव के बीच भारत को कई देशों से बड़ी उम्मीद है। अब यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के आने के बाद किस तरह की डील होती है, इसपर आधिकारिक घोषणा के बाद ही पता चलेगा। लेकिन विदेश मंत्रालय की ओर से मिली सूचना के आधार पर ऊर्जा के क्षेत्र में कोई बड़ा समझौता हो सकता है। यूएई और भारत के बीच पहले से रहे हैं मजबूत संबंध बता दें कि यूएई और भारत एक-दूसरे के लिए बड़े व्यापारिक भागीदार और निवेशक हैं। दोनों देशों के बीच CEPA यानी व्यापार समझौता जिससे द्विपक्षीय व्यापार करना आसान हुआ है। LCS यानी स्थानीय मुद्रा प्रणाली, इसके तहत दोनों देश अपनी खुद की करेंसी में लेनदेन कर सकते हैं। निवेश संधि, इससे एक-दूसरे के देश में पैसा लगाना सुरक्षित हुआ है।

पंजाब (पाकिस्तान) में तेज रफ्तार का कहर, सड़क दुर्घटना में 3 की मौत

इस्लामाबाद पाकिस्तान के विभिन्न सूबों में शनिवार को दो सड़क हादसों में 23 लोगों की मौत के महज 24 घंटों के भीतर पंजाब में ओवर स्पीडिंग की वजह से तीन लोगों की मौत हो गई। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान के पूर्वी पंजाब प्रांत में एक तेज रफ्तार कार पेड़ से टकराई। इस हादसे में तीन लोगों की जान चली गई और एक घायल हो गया। रेस्क्यू 1122 के एक अधिकारी ने सिन्हुआ न्यूज एजेंसी को बताया कि यह हादसा शनिवार देर रात अटक जिले के फतेह जंग शहर में हुआ। रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं और शवों को पास के अस्पताल में पहुंचाया गया। घायल व्यक्ति को आगे के इलाज के लिए अस्पताल ले जाने से पहले फर्स्ट एड दिया गया। अधिकारी ने तेज रफ्तार को हादसे की वजह बताया। इससे पहले शनिवार को, बलूचिस्तान और पंजाब से रिपोर्ट किए गए दो अलग-अलग सड़क हादसों में 23 लोग मारे गए और कई घायल हो गए थे। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पहली घटना में, बलूचिस्तान के ग्वादर के पास मकरान कोस्टल हाईवे पर एक पैसेंजर कोच पलटने से नौ लोगों की जान चली गई और 36 अन्य घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, यह हादसा ओरमारा के हुड्ड गोठ इलाके के पास हुआ, जब जिवानी से कराची जा रही एक कोच का कंट्रोल खो गया और वह पलट गई। यह गाड़ी अल उस्मान नाम की एक प्राइवेट ट्रांसपोर्ट कंपनी की थी। पंजाब के सरगोधा जिले में एक अलग दुखद घटना में, घने कोहरे के बीच एक मिनी-ट्रक के सूखी नहर में गिरने से कम से कम 14 लोग मारे गए। यह हादसा कोट मोमिन तहसील के घलापुर बंगला के पास हुआ, जहां बहुत कम विजिबिलिटी के कारण गाड़ी सड़क से उतर गई थी। रेस्क्यू अधिकारियों ने बताया कि सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सात अन्य ने पास के अस्पतालों में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे के समय, ट्रक में 23 लोग इस्लामाबाद से फैसलाबाद एक अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे थे। कोहरे के कारण मोटरवे बंद होने की वजह से ड्राइवर ने लोकल रास्ता चुना था। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, जो सभी इस्लामाबाद के रहने वाले थे।

धर्म ही जीवन और सृष्टि की मूल शक्ति, इसके बिना कुछ भी संभव नहीं: मोहन भागवत

मुंबई आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने ने रविवार को कहा कि धर्म ही पूरी सृष्टि का संचालक है। जब सृष्टि बनी, तब उसे चलाने के लिए जो नियम बने, वही धर्म है। पूरी दुनिया उन्हीं नियमों पर चलती है। इसलिए कोई भी पूरी तरह अधर्मी नहीं हो सकता। राज्य भले ही सेकुलर हो सकता है, लेकिन मनुष्य, प्रकृति या सृष्टि की कोई भी चीज धर्म के बिना नहीं रह सकती। संघ प्रमुख ने ये बात मुंबई में आयोजित ‘विहार सेवक ऊर्जा मिलन’ कार्यक्रम में कही। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पानी का धर्म बहना है और आग का धर्म जलाना है। इसी तरह हर व्यक्ति का भी अपना-अपना धर्म और कर्तव्य होता है, जैसे पुत्र धर्म, राजधर्म और समाज धर्म। ये नियम और अनुशासन हमारे पूर्वजों ने गहरे आध्यात्मिक चिंतन और कठिन साधना से समझे। उन्होंने पैदल-पैदल देशभर में घूमकर, बिना भाषण दिए भी, आम लोगों के जीवन में धर्म को उतार दिया। इसलिए भारतवर्ष की रग-रग में धर्म बसता है। उन्होंने कहा कि उनके पास कोई ड्राइवर नहीं है, लेकिन उन्हें, पीएम नरेंद्र मोदी और हम जैसे अनेक लोगों को चलाने वाली एक ही शक्ति है। वही शक्ति आपको भी चला रही है। अगर हम उस शक्ति द्वारा चलाई जा रही गाड़ी में बैठे हैं, तो हमारा कभी एक्सीडेंट नहीं होगा। उस ड्राइवर का नाम है—धर्म। धर्म ही पूरी सृष्टि का ड्राइवर है। सृष्टि के चलने का नियम ही धर्म है और सब कुछ उसी पर चलता है। भागवत ने कहा कि परिस्थितियां हमारे हाथ में नहीं होतीं। वे उसकी इच्छा से आती-जाती हैं। अगर उसकी इच्छा होगी तो हम केवल निमित्त बनेंगे और परिस्थिति बदल जाएगी। अगर नहीं बदली, तो भी कोई नुकसान नहीं है। कम से कम हम अच्छा जीवन जीते हुए, अच्छे कर्म करते हुए, अच्छे स्थान को प्राप्त करेंगे। इसी निष्ठा के साथ हमें अहंकार से मुक्त होकर सबको साथ लेकर सेवा करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज देश में धर्म का बल खड़ा हो रहा है। जब यह धर्म पूरी तरह खड़ा होगा, तब देश अपनी सभी समस्याओं पर विजय पाकर फिर से विश्व गुरु बनेगा। भारतवर्ष परम वैभव और बल से संपन्न होकर विश्व मंच पर अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि वह दिन हम इन्हीं आंखों से देखेंगे। बस एक ही शर्त है कि हमें धर्म पर अडिग रहना है और सेवा करते रहना है। मोहन भागवत ने युवाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां मौजूद युवाओं में एक अंदरूनी शक्ति है। भक्तिभाव से भरा हुआ मन और सेवा की भावना संतों का स्वभाव होती है। संत दूसरों के छोटे से गुण को भी बड़ा बनाकर देखते हैं। उन्होंने कहा कि जो बात मंच से कही गई है, वह वे उसी भावना से स्वीकार कर रहे हैं।

ट्रंप के ग्रीनलैंड टैरिफ बयान से यूरोप में नाराज़गी, डच विदेश मंत्री का तीखा हमला

नई दिल्ली डच विदेश मंत्री डेविड वैन वील ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आठ यूरोपीय देशों पर ग्रीनलैंड को समर्थन देने के कारण टैरिफ लगाने की योजनाओं को "ब्लैकमेल," "समझ से बाहर," और "अनुचित" बताया। रविवार को प्रसारित टेलीविजन करंट अफेयर्स शो 'डब्ल्यूएनएल ऑप जोनदाक' पर वैन वील ने कहा कि अब यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए कि "यह बेतुकी योजना" रद्द हो जाए। मंत्री ने कहा, "यह ब्लैकमेल है, और यह अपने सहयोगियों के साथ काम करने का तरीका नहीं है।" उन्होंने कहा कि धमकियों के बावजूद, नीदरलैंड्स नाटो अभ्यास की तैयारियों में हिस्सा लेने के लिए आर्कटिक द्वीप पर भेजे गए दो लोगों को वापस बुलाने की योजना नहीं बना रहा है। एक बार जब असली ऑपरेशन शुरू हो जाएगा, तो नीदरलैंड्स और सैनिक भेजेगा, लेकिन कितने, यह अभी तय नहीं हुआ है। यूरोपीय नेता इस हफ्ते वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के लिए स्विट्जरलैंड के दावोस जाएंगे, और ट्रंप के भी इसमें शामिल होने की उम्मीद है। वैन वील ने कहा, "हमें वहां बहुत सारा होमवर्क करना है।" "और पहली प्राथमिकता इस बेतुके प्रस्ताव को खत्म करना है।" यूरोपीय यूनियन ने चेतावनी दी है कि यह कदम संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोप के बीच संबंधों को कमजोर करने की धमकी है। आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि ट्रंप द्वारा घोषित 10 फीसदी टैरिफ "एक खतरनाक गिरावट" को ट्रिगर कर सकते हैं। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि टैरिफ 1 फरवरी से ग्रीनलैंड में सैनिक भेजने वाले देशों के सभी सामानों पर लागू होंगे। उन्होंने कहा कि अगर जून तक ग्रीनलैंड को "नहीं खरीदा गया," तो टैरिफ बढ़कर 25 फीसदी हो जाएगा। रक्षा मंत्री रूबेन ब्रेकेलमैन ने इस हफ्ते की शुरुआत में घोषणा की थी कि नीदरलैंड्स डेनिश मिशन के हिस्से के रूप में ग्रीनलैंड में दो सैन्य कर्मियों को भेज रहा है, जिसे संभावित नाटो अभ्यास की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।

बांग्लादेश में चुनावी तनाव तेज, पोस्टल बैलेट के विरोध में जेसीडी का चुनाव आयोग भवन पर प्रदर्शन

ढाका बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को होने वाले चुनाव से पहले देश में राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिल रही है। एक तरफ राजनीतिक दलों की आंतरिक कलह उजागर हो रही है, तो दूसरी ओर पोस्टल बैलेट को लेकर बवाल मचा हुआ है। इन सबके बीच जातीयतावादी छात्र दल (जेसीडी) ने रविवार को अगरगांव में चुनाव आयोग की बिल्डिंग को घेर लिया। ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, जेसीडी ने चुनाव आयोग के राजनीतिक प्रभाव और भेदभाव वाले फैसलों, खासकर पोस्टल बैलेट के मामले में इलेक्शन कमीशन के फैसले का विरोध किया। छात्र दल के सैकड़ों कार्यकर्ता कमीशन के सामने और उसके आसपास जमा हो गए। जेसीडी के अध्यक्ष रकीबुल इस्लाम के नेतृत्व में लोग सुरक्षा घेरे के बाहर खड़े होकर नारे लगा रहे हैं। हालात को देखते हुए चुनाव आयोग के परिसर में और उसके आस-पास कानून लागू करने वाली एजेंसियों की मौजूदगी बढ़ा दी गई। पुलिस, नेवी, रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) और अंसार के सदस्यों को तैनात किया गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बिल्डिंग के पास दंगा कंट्रोल गाड़ियां और वॉटर कैनन लगाए गए। छात्र दल ने कहा कि उसने आयोग को तीन मुख्य वजहों से घेरा है। पहला, पोस्टल बैलेट के बारे में पक्षपाती और संदिग्ध फैसले। दूसरा, कमीशन के फैसले लेने की प्रक्रिया में कथित राजनीतिक दखल और तीसरा, शाहजलाल यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी स्टूडेंट यूनियन चुनाव के बारे में एक ऐसा अभूतपूर्व और विवादित नोटिफिकेशन जारी करना, जो कथित तौर पर एक खास राजनीतिक पार्टी के प्रभाव में था। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए छात्र दल के अध्यक्ष रकीबुल इस्लाम ने आरोप लगाया कि एक खास राजनीतिक समूह ने पोस्टल बैलेट पर गलत प्रभाव डाला था और चुनाव ने उसके उकसावे पर काम किया था। संभावित सुधारों की रिपोर्ट के बावजूद, आयोग के कामों ने एक बार फिर छात्र संगठनों को अपमानित किया है। ऐसा शाहजलाल यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में छात्र संघ और हॉल चुनावों के आसपास हुई घटनाओं में हुआ था। उन्होंने पोस्टल बैलेट बांटने की प्रक्रिया की भी आलोचना की और इसकी तुलना स्टूडेंट हॉस्टल में एक कॉमन जगह पर छोड़े गए लेटर से की, जिसे कोई भी ले सकता था। उन्होंने दावा किया कि करीब 160 बैलेट एक ही बॉक्स में रखे गए थे और बाद में बाहर से आए वोटरों में बांट दिए गए। बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार, यह विरोध प्रदर्शन बहरीन में एक ही पते पर बड़ी संख्या में पोस्टल बैलेट भेजे जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हुई बड़ी चर्चा और आलोचना के बाद हुआ है। चुनाव आयोग ने 14 जनवरी को इस मामले पर सफाई दी थी। दरअसल ईसी सेक्रेटेरिएट के सीनियर सचिव अख्तर अहमद ने कहा था कि पोस्टल बैलेट यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन के जरिए भेजे जाते हैं और अलग-अलग देशों में, खासकर मिडिल ईस्ट में, पोस्टल सिस्टम अलग-अलग होते हैं। बहरीन में लोकल पोस्टल सिस्टम की वजह से लगभग 160 बैलेट एक ही बॉक्स में एक ही जगह पर रह गए थे।