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‘हमें भारत की जरूरत’—अमेरिका के रवैये को लेकर इस देश की अपील, राजदूत का बड़ा बयान

ढाका बांग्लादेश में एक के बाद एक हिंदू मौत के घाट उतारे जा रहे हैं। इस बीच एक बांग्लादेशी नेता का चौंकाने वाला बयान है। यह नेता हैं बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के मिर्जा फखरुल इस्लाम। फखरुल इस्लाम ने कहा है कि हिंदुओं की हत्याएं छोटी और मामूली घटना है। गौरतलब है कि बांग्लादेश में सोमवार को भी दो हिंदू व्यक्तियों को मौत के घाट उतार दिया गया। इससे पहले चार अन्य हिंदूओं की भी हत्या हो चुकी है। इन घटनाओं ने बांग्लादेश में रहने वाले हिंदुओं में काफी डर है। ‘मुसलमानों के साथ भी हो रहा’ फखरुल इस्लाम ने यहां तक कह डाला कि यह सब मीडिया का पैदा किया है। सीएनएन-न्यूज18 के मुताबिक उन्होंने हिंदुओं के खिलाफ हिंसा और हिंदुओं की हत्याओं की घटनाओं को सिरे से खारिज कर दिया। फखरुल ने कहा कि यह सिर्फ छोटी-मोटी घटनाएं हैं। बीएनपी नेता ने आगे कहा कि हिंसा की घटनाएं किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार में मुस्लिम भी सुरक्षित नहीं हैं। मुसलमानों को भी मारा जा रहा है और उनके साथ भी रेप की घटनाएं हो रही हैं। फखरुल ने भारत की विदेश नीति पर भी ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि भारत को अवामी लीग के अलावा अन्य राजनीतिक पार्टियों से भी संपर्क करना चाहिए। साथ ही यह भी कहा कि असल मुद्दा क्रिकेट या अलग-अलग घटनाएं नहीं, बल्कि विदेश मामलों के मंत्री एस जयशंकर द्वारा दिया गया संदेश है।   एक के बाद एक हत्याएं फखरुल इस्लाम की यह टिप्पणी ऐसे वक्त में आई है जब बांग्लादेश में एक के बाद एक हिंदुओं को मौत के घाट उतारा जा रहा है। सोमवार रात 40 वर्षीय किराना दुकानदार सारथ मणि चक्रवर्ती पर तेज हथियारों से हमला किया गया। अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। पिछले करीब 18 दिनों में यह छठवीं घटना है, जिसमें किसी हिंदू को मौत के घाट उतारा गया है। कुछ दिन पहले ही चक्रवर्ती ने बांग्लादेश में बढ़ती हिंसा पर फेसबुक पर लिखा था और अपने जन्मस्थान को मौत की घाटी बताया था। सोमवार को ही राणा प्रताप बैरागी को भी मार डाला गया।  

अमेरिका की नीतियों से परेशान देश की अपील, राजदूत ने कहा—भारत ही रोक सकता है ‘पागलपन’

नई दिल्ली भारत में क्यूबा के राजदूत जुआन कार्लोस मार्सेन एगुइलेरा ने सोमवार को वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य अभियान की कड़ी निंदा की है। बीते सप्ताह ट्रंप ने जिस तरह आधी रात को वेनेजुएला की हमला कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया, उस पर क्यूबा के राजदूत ने घोर निराशा जताई है। राजदूत ने इस दौरान यह भी कहा है कि अमेरिका को रोकने के लिए भारत जैसे देशों का आगे आना बहुत जरूरी है ताकि ग्लोबल साउथ की आवाज मजबूत की जा सके।   पीटीआई वीडियो को दिए एक इंटरव्यू में एगुइलेरा ने कहा कि कोई अकेला देश अमेरिका को ऐसे एकतरफा कदम उठाने से रोक नहीं सकता। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अमेरिका के पागलपन का सामना करने के लिए एकजुट होने का आग्रह किया। राजदूत ने कहा, “मेरे विचार में, अमेरिकी सैन्य आक्रमण वेनेजुएला के खिलाफ एक अपराध है। यह एक आतंकी कृत्य है। यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून में निहित सभी सिद्धांतों का उल्लंघन है। यह एक संप्रभु देश के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई है।” उन्होंने अमेरिकी टैरिफ, ईरान को धमकियां और सैन्य हमलों का उल्लेख करते हुए वैश्विक एकता की आवश्यकता पर जोर दिया। राजदूत ने कहा, “मुझे लगता है कि कोई भी अकेले अमेरिकी को रोक नहीं सकता, ना ही रोक पाएगा। सभी को एक साथ आना चाहिए। यह एकता का समय है।” उन्होंने चेतावनी दी कि इस कार्रवाई से दुनिया को एक खतरनाक संकेत मिला है। भारत से क्या अपील क्यूबा के राजदूत ने वैश्विक भू-राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में भारत की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि दुनिया को भारत की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत एक बड़ी शक्ति के रूप में जरूरी संतुलन बना सकता है और सभी देशों के लिए एक स्थिर भविष्य सुनिश्चित कर सकता है। राजदूत ने कहा, “मुझे पूरा यकीन है कि ग्लोबल साउथ की आवाज के रूप में भारत की भूमिका भविष्य में लगातार मजबूत होती जाएगी। हमें भारत की आवश्यकता है ताकि हम वह संतुलन बना सकें जो दुनिया को चाहिए।”  

गजनी नाम पर विवाद: भारत से हर जगह नाम हटाने की मांग, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बोले

नई दिल्ली शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने सोमनाथ मंदिर को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी है। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत में जहां-जहां भी गजनी का नाम आता है, उसे हटा देना चाहिए। अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, 'प्रधानमंत्री जी ने जो ट्वीट पोस्ट किया है, वह हजार वर्ष पहले की घटना के बारे में है, जिसमें सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण होने का दर्द व्यक्त किया गया है। एक व्यक्ति था महमूद गजनवी, जो अपनी सेना के छोटे-से दल के साथ आया और मंदिर को क्षति पहुंचाई। वहां पूजा करने वाले पुजारियों को उसने नुकसान पहुंचाया, भक्तों को चोट पहुंचाई। उसने यह सोचकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश की कि अगर मंदिर और मूर्तियां नष्ट कर दी जाएं तो सोमनाथ नष्ट हो जाएगा।'   स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आगे कहा कि यह प्रयास हजार वर्ष पहले किया गया था। उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी की ओर से पोस्ट किया गया ट्वीट यह संदेश देना चाहता है कि तुम मंदिर तोड़ सकते हो, मूर्तियां तोड़ सकते हो, लेकिन सोमनाथ को नष्ट नहीं कर सकते। हजार वर्ष बीत गए, सोमनाथ आज भी खड़ा है। इसलिए भविष्य में जो लोग ऐसे प्रयास करेंगे, उन्हें फिर कोशिश नहीं करनी चाहिए। अगर यही कहना चाहते हैं तो यह स्वागतयोग्य कदम है।' उन्होंने कहा कि जहां तक गजनी का सवाल है, उसने निश्चित रूप से अच्छा काम नहीं किया। इसलिए भारत में जहां-जहां भी गजनी का नाम आता है, उसे हटा देना चाहिए। 11 जनवरी को सोमनाथ जाएंगे पीएम मोदी पीएम मोदी विदेशी आक्रमणकारियों के बार-बार हमलों के बाद पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर का 11 जनवरी को दौरा करेंगे। उन्होंने सोमनाथ मंदिर की सराहना करते हुए सोमवार को कहा कि गुजरात स्थित यह मंदिर भारतीय सभ्यता की अदम्य भावना का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण के 1,000 साल पूरा होने पर ब्लॉग पोस्ट में कहा, ‘हमारी सभ्यता की अदम्य भावना का सोमनाथ से बेहतर कोई उदाहरण नहीं हो सकता। यह मंदिर बाधाओं एवं संघर्षों पर विजय प्राप्त करते हुए गौरव के साथ खड़ा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि सोमनाथ की गाथा भारत माता की उन अनगिनत संतानों के अटूट साहस की कहानी है जिन्होंने हमारी संस्कृति और सभ्यता की रक्षा की। यही भावना आज राष्ट्र में भी दिखाई दे रही है जो सदियों के आक्रमणों और औपनिवेशिक लूट से उबरकर वैश्विक विकास के सबसे चमकते केंद्रों में से एक बनकर उभरा है।'  

सत्य साईं बाबा की भक्त हैं वेनेजुएला के राष्ट्रपति दंपती, मादुरो और नई राष्ट्रपति दोनों कर चुके हैं भारत यात्रा

वाशिंगटन अमेरिकी सेना द्वारा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किए जाने के बाद, डेल्सी रोड्रिग्ज ने वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली है। वे इससे पहले मादुरो के प्रशासन में उपराष्ट्रपति थीं। रोड्रिग्ज को उनके भाई, नेशनल असेंबली के नेता जॉर्ज रोड्रिग्ज ने शपथ दिलाई। उन्होंने अपना दाहिना हाथ ऊपर करके कहा- 'मैं हमारी मातृभूमि के खिलाफ नाजायज सैन्य आक्रमण के बाद वेनेजुएला के लोगों को हुई पीड़ा के लिए दुख के साथ आई हूं। मैं दो नायकों के अपहरण के दुख के साथ आई हूं।' इस राजनीतिक संकट के बीच एक दिलचस्प पहलू सामने आया है कि पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और वर्तमान अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज दोनों भारतीय आध्यात्मिक गुरु श्री सत्य साईं बाबा के भक्त हैं।   दोनों नेताओं का भारत से आध्यात्मिक संबंध मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस लंबे समय से सत्य साईं बाबा के अनुयायी रहे हैं। 2005 में उन्होंने आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्ती स्थित प्रशन्ति निलयम आश्रम का दौरा किया और साईं बाबा से निजी मुलाकात की। दिलचस्प बात ये है कि मादुरो के कार्यालय में साईं बाबा की तस्वीर साइमन बोलिवार और ह्यूगो शावेज जैसे नेताओं की तस्वीरों के साथ लगी रहती थी। 2025 में साईं बाबा की जन्म शताब्दी पर मादुरो ने उन्हें प्रकाश का प्राणी कहकर श्रद्धांजलि दी थी। इसी तरह, डेल्सी रोड्रिगेज भी सत्य साईं बाबा की भक्त हैं। उपराष्ट्रपति रहते हुए उन्होंने 2023 (अगस्त) और 2024 (अक्टूबर) में प्रशन्ति निलयम का दौरा किया और साईं बाबा के समाधि मंदिर में श्रद्धा सुमन अर्पित किए। अक्टूबर 2024 की यात्रा के दौरान वे भारत में आधिकारिक दौरे पर थीं और नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से मुलाकात के बाद पुट्टपर्ती गईं। श्री सत्य साईं सेंट्रल ट्रस्ट के अनुसार, ये यात्राएं व्यक्तिगत प्रकृति की थीं और उन्होंने आश्रम में शांति और दिव्यता का अनुभव किया। वेनेजुएला में सत्य साईं बाबा के अनुयायियों की बड़ी संख्या है और इन नेताओं के कारण संगठन को विशेष संरक्षण मिला हुआ है। वेनेजुएला सरकार का प्रयास क्या है? वेनेजुएला की सरकार ने सोमवार को अपने लोगों और दुनिया को यह दिखाने की कोशिश की कि देश आजादी से चलाया जा रहा है और अमेरिका द्वारा नियंत्रित नहीं है। देश के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी बलों द्वारा पकड़ने के बाद यह स्थिति पैदा हुई है। सत्तारूढ़ पार्टी से जुड़े सांसद, जिनमें मादुरो का बेटा भी शामिल है, राजधानी काराकास में नेशनल असेंबली के पूर्व निर्धारित शपथ ग्रहण समारोह को पूरा करने के लिए इकट्ठा हुए, जिसका कार्यकाल 2031 तक चलेगा। मादुरो के बेटे निकोलस मादुरो ग्वेरा ने शनिवार के बाद अपनी पहली सार्वजनिक उपस्थिति में कहा- अगर हम किसी राष्ट्राध्यक्ष के अपहरण को सामान्य मान लेते हैं, तो कोई भी देश सुरक्षित नहीं है। आज, यह वेनेजुएला है। कल, यह कोई भी ऐसा देश हो सकता है जो झुकने से इनकार करता है। उन्होंने कहा- यह कोई क्षेत्रीय समस्या नहीं है। यह वैश्विक राजनीतिक स्थिरता के लिए सीधा खतरा है। वेनेजुएला की संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार, राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में 30 दिनों के अंदर चुनाव कराने होंगे। हालांकि, अमेरिकी दखल और आंतरिक अस्थिरता के बीच स्थिति अनिश्चित है। काराकास में तनावपूर्ण शांति है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस संकट पर नजर रखे हुए है।

SIR को लेकर चुनाव आयोग पर ममता बनर्जी का हमला, BJP IT सेल ऐप का लगाया आरोप

गंगासागर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार (06 जनवरी) को आरोप लगाया कि चुनाव आयोग राज्य में चल रहे गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में केंद्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के IT सेल द्वारा विकसित मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग कर रहा है। दक्षिण 24 परगना जिले में सागर द्वीप की अपनी दो दिवसीय यात्रा समाप्त करने से पहले पत्रकारों से बात करते हुए बनर्जी ने EC पर चुनावी सूची संशोधन करते समय "सभी तरह की गलत चालें चलने" का आरोप लगाया। ममता वहां आगामी गंगासागर मेले की तैयारियों का जायजा लेने गई थीं।   मुख्यमंत्री बनर्जी ने आरोप लगाया, "EC, SIR कराने के लिए सभी तरह की गलत चालें चल रहा है। यह योग्य मतदाताओं को 'मृतक' के रूप में चिह्नित कर रहा है और बुजुर्गों, बीमारों और अस्वस्थ लोगों को सुनवाई में शामिल होने के लिए मजबूर कर रहा है। आयोग SIR प्रक्रिया में BJP के IT सेल द्वारा विकसित मोबाइल ऐप्स का उपयोग कर रहा है। यह अवैध, असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक है। यह जारी नहीं रह सकता।" चुनाव आयोग के खिलाफ TMC सुप्रीमो के आरोपों की यह नई खेप ऐसे दिन आई है, जब उनकी पार्टी के सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने EC के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इस याचिका में दावा किया गया कि पश्चिम बंगाल में चल रहे SIR को करने के लिए चुनाव आयोग ने मनमानी की है और प्रक्रियात्मक रूप से गलत कदम उठाए हैं। TMC ने आरोप लगाया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभ्यास ने राज्य में "योग्य और वास्तविक मतदाताओं द्वारा सामना की जाने वाली कठिनाइयों को काफी बढ़ा दिया है"। बनर्जी ने कहा, "मैं लोगों से आग्रह करती हूं कि वे SIR में भाग लेते समय सावधान रहें। उन्हें उन लोगों के साथ खड़ा होना चाहिए जिन्हें मदद की ज़रूरत है। उन्हें मेरा समर्थन करने की ज़रूरत नहीं है; केवल उन लोगों का समर्थन करें जो इस अभ्यास के कारण परेशानी में हैं।" विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव आयोग के साथ अपने टकराव को तेज करते हुए, मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा था कि वह राज्य में चुनावी सूचियों के EC के SIR के खिलाफ अदालत जाएंगी, जिसमें उन्होंने डर, उत्पीड़न और प्रशासनिक मनमानी का आरोप लगाया था, जिसके कारण उनकी दावा है कि मौतें और अस्पताल में भर्ती होने की घटनाएं हुई हैं।

SC की सुनवाई पर प्रशांत भूषण का तीखा रुख, उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में बोले

नई दिल्ली दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम को सुप्रीम कोर्ट से जमानत नहीं मिलने पर कई लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की है। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने भी इस फैसले पर हैरानी जाहिर करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की और इसे अनुचित और अन्याय तक कह डाला। उन्होंने उमर खालिद और शरजील इमाम का बचाव करते हुए कहा कि वे खुद हिंसा करने के आरोपी नहीं हैं। भूषण ने यह भी कहा कि भाषणों में वह हिंसा के खिलाफ बोलते हुए दिखे थे।   सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अपने बहुप्रतिक्षित फैसले में दिल्ली दंगों से जुड़े 5 आरोपियों को 11 शर्तों के आधार पर जमानत दे दी। हालांकि, देश की सबसे बड़ी अदालत ने उमर खालिद और शरजील इमाम को 'अपराध के अलग पायदान' पर बताते हुए राहत देने से इनकार किया। सर्वोच्च अदालत ने उन पर लगे आरोपों को आतंकवाद की श्रेणी में भी माना और ट्रायल में देरी के आधार पर राहत देना उचित नहीं समझा। अदालत के फैसले से जहां आरोपियों को झटका लगा तो उनके लिए बेल की इच्छा रखने वाले लोगों ने भी गहरी निराशा जाहिर की। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल उठा, खालिद-शरजील का बचाव प्रशांत भूषण ने कहा, 'उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार करना पूरी तरह से चौंकाने वाला, अनुचित और अन्यायपूर्ण है। वह खुद हिंसा करने के नहीं, बल्कि साजिश के आरोपी हैं। उनके भाषणों के कई वीडियो हैं जिसमें वो हिंसा के खिलाफ बोल रहे हैं। ट्रायल के बिना वे 5 साल जेल में गुजार चुके हैं। फिर भी सुप्रीम कोर्ट ने गोपनी पहचान वाले 'संरक्षित गवाहों' के पुलिस के बयान के आधार पर बेल देने से इनकार कर दिया। शर्मनाक और जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार का मजाक।' शरजील के चाचा ने जमानत से इनकार पर जताया अफसोस दिल्ली दंगों की साजिश मामले में शरजील इमाम को जमानत देने से उच्चतम न्यायालय के इनकार पर उसके चाचा ने सोमवार को अफसोस व्यक्त किया, लेकिन कहा कि वह अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं। शरजील के चाचा अरशद इमाम ने संवाददाताओं से कहा, 'फैसले की जानकारी पाकर मैं बेहद आहत हूं। मुझे पूरी उम्मीद थी कि इस बार अदालत जमानत देगी, क्योंकि बहस के दौरान हर बिंदु से यही संकेत मिल रहा था कि शरजील निर्दोष है। फिर भी, एक भारतीय नागरिक के रूप में मैं अदालत के फैसले का सम्मान करता हूं।' उन्होंने हालांकि उम्मीद जताई कि शरजील को अंततः जमानत मिल जाएगी।  

बीरगंज हिंसा: मस्जिद में तोड़फोड़ से मचा बवाल, सुरक्षा बढ़ी, भारत की सीमा पर सतर्कता

काठमांडू प्रशासन का कहना है कि कर्फ्यू के दौरान सुरक्षा बलों को आदेश दिया है कि किसी भी उपद्रवी को वे गोली मार सकते हैं। आम लोगों को सलाह दी गई है कि बेहद जरूरी काम से ही बाहर निकलें। इसके अलावा आसपास में किसी तरह के उपद्रव की स्थिति में 100 नंबर पर कॉल करें। कहा जा रहा है कि इस मामले की शुरुआत दो युवकों हैदर अंसारी और अमानत अंसारी द्वारा टिकटॉक पर एक वीडियो शेयर करने के बाद हुई। इस वीडियो को लेकर हिंदू समुदाय के लोगों का कहना था कि इससे हमारी भावनाएं आहत हुई हैं। दोनों युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था। फिर यह तनाव और बढ़ गया, जब कमला इलाके में एक मस्जिद में तोड़फोड़ किए जाने की खबर आई। इसके बाद जब स्थानीय तौर पर तनाव बढ़ा तो टिकटॉक पर ही कई ऐसे वीडियो वायरल हुए, जिससे अफवाहों ने जोर पकड़ा और पूरे बीरगंज में ही तनाव की स्थिति पैदा हो गई। उपद्रव भी हुए और कुछ लोगों ने पत्थरबाजी की। अंत में पुलिस-प्रशासन ने कर्फ्यू ही लगा दिया ताकि हालात को कंट्रोल किया जा सके। प्रशासन का कहना है कि कर्फ्यू के दौरान सुरक्षा बलों को आदेश दिया है कि किसी भी उपद्रवी को वे गोली मार सकते हैं। आम लोगों को सलाह दी गई है कि बेहद जरूरी काम से ही बाहर निकलें। इसके अलावा आसपास में किसी तरह के उपद्रव की स्थिति में 100 नंबर पर कॉल करें। कहा जा रहा है कि इस मामले की शुरुआत दो युवकों हैदर अंसारी और अमानत अंसारी द्वारा टिकटॉक पर एक वीडियो शेयर करने के बाद हुई। एक टिकटॉक वीडियो के चलते शुरू हुआ था बवाल इस वीडियो को लेकर हिंदू समुदाय के लोगों का कहना था कि इससे हमारी भावनाएं आहत हुई हैं। दोनों युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था। फिर यह तनाव और बढ़ गया, जब कमला इलाके में एक मस्जिद में तोड़फोड़ किए जाने की खबर आई। इसके बाद जब स्थानीय तौर पर तनाव बढ़ा तो टिकटॉक पर ही कई ऐसे वीडियो वायरल हुए, जिससे अफवाहों ने जोर पकड़ा और पूरे बीरगंज में ही तनाव की स्थिति पैदा हो गई। उपद्रव भी हुए और कुछ लोगों ने पत्थरबाजी की। अंत में पुलिस-प्रशासन ने कर्फ्यू ही लगा दिया ताकि हालात को कंट्रोल किया जा सके।  

फ्लाइट परमिशन में देरी पर भड़के अभिषेक बनर्जी, केंद्र पर राजनीतिक षड्यंत्र का आरोप

कोलकाता तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी के बीरभूम दौरे को लेकर मंगलवार को काफी अनिश्चितता बनी रही। नागरिक उड्डयन मंत्रालय से अनुमति न मिलने के कारण उन्हें काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। इस घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि भाजपा उनके कार्यक्रमों में रुकावट पैदा कर रही है। मिली जानकारी के अनुसार, अभिषेक को मंगलवार दोपहर दक्षिण 24 परगना के बेहाला से बीरभूम जिले में 'रण संकल्प सभा' में शामिल होने के लिए कोलकाता के बेहाला फ्लाइंग क्लब से हेलीकॉप्टर से रवाना होना था। उसी दौरान नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हेलीकॉप्टर उड़ाने की परमिशन नहीं दी, जिसके चलते उन्होंने काफी देर तक इंतजार किया, इसके बाद परमिशन मिली। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि भाजपा के लोग डर रहे हैं, इसलिए हमारे कार्यक्रम में भी रुकावट पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग तृणमूल कांग्रेस से इतने डर गए हैं कि अब हमारे कार्यक्रमों में भी रोक लगाने लगे हैं। तृणमूल कांग्रेस के पदाधिकारियों ने बताया कि जिस हेलीकॉप्टर से उन्हें आज उड़ान भरनी थी, उसे झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बातचीत के बाद और झारखंड सरकार के सहयोग से इंतजाम किया गया था। अभिषेक का बुधवार को बीरभूम में 'रण संकल्प सभा' ​​का कार्यक्रम है। रामपुरहाट के बिनोदपुर मैदान में सभा आयोजित करने की योजना थी। वहीं, एक सूत्र के अनुसार सांसद ने हेलीकॉप्टर उड़ाने के लिए आवश्यक अनुमति प्राप्त नहीं की थी। नतीजतन, वह दोपहर तक बेहाला फ्लाइंग क्लब में हेलीकॉप्टर का इंतजार करते रहे। उनका दावा है कि जिस तरह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बांगांव दौरे से पहले समस्याएं खड़ी की गईं, उसी तरह भाजपा अभिषेक के दौरे से पहले ‘साजिश’ रच रही थी। टीएमसी के नेताओं ने कहा कि अभिषेक के बढ़ते प्रभाव और पार्टी की सभाओं से भाजपा डरी हुई है, इसलिए इस तरह की रुकावटें पैदा की जा रही हैं। ममता बनर्जी ने भी इसी तरह की शिकायत की है कि वे खुद कई महीनों से हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल नहीं कर पा रही हैं। हालांकि अभिषेक बनर्जी काफी देर के बाद अपने हेलीकॉप्टर से बीरभूम के लिए रवाना हुए। टीएमसी का दावा है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने उनके चॉपर को क्लीयरेंस नहीं दिया था।

BSF की नई रणनीति, भारत-बांग्लादेश सीमा पर 12 फीट ऊंची स्मार्ट फेंसिंग का निर्माण

सिलीगुड़ी पड़ोसी देश बांग्लादेश में जारी अशांति के बीच भारत–बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हाई अलर्ट है। इसी कड़ी में सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण चिकन नेक (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) क्षेत्र में सीमा सुरक्षा को मजबूत करते हुए लगभग 75 प्रतिशत इलाके में नई डिजाइन की सीमा बाड़ (NDF) स्थापित कर दी है। ट्रिब्यून ने बीएसएफ अधिकारियों के हवाले से लिखा कि 12 फीट ऊंची नई डिजाइन फेंसिंग को विशेष रूप से संवेदनशील इलाकों में लगाया गया है। इस बाड़ की खासियत यह है कि इसे काटने में कई मिनट लगते हैं और इसकी ऊंचाई व संरचना के कारण इसे पार करना भी बेहद मुश्किल है। अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था घुसपैठ की कोशिशों और मवेशी तस्करी जैसी घटनाओं में प्रभावी कमी लाने में मदद करेगी। एक वरिष्ठ बीएसएफ अधिकारी ने बताया कि चिकन नेक क्षेत्र भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों की लाइफलाइन है, क्योंकि यही गलियारा शेष भारत को पूर्वोत्तर से जोड़ता है। इसी कारण यहां तकनीक और मानव संसाधन- दोनों के जरिए सुरक्षा को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया जा रहा है। नई फेंसिंग के साथ-साथ सीमा पर पैन-टिल्ट-जूम (PTZ) कैमरे लगाए गए हैं, जो रियल-टाइम लाइव फीड प्रदान करते हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करते हैं। बीएसएफ इसे ‘स्मार्ट बॉर्डर’ की दिशा में बड़ा कदम मान रहा है। अधिकारियों ने बताया कि एरिया डोमिनेशन प्लान में भी अहम बदलाव किए गए हैं। नए प्लान के तहत बीएसएफ उन इलाकों को निशाना बना रही है, जहां से मवेशियों को इकट्ठा कर सीमा के पास तस्करी के लिए लाया जाता है। इसके लिए बीएसएफ की टीमें आवश्यकता पड़ने पर भारतीय क्षेत्र के भीतर कई किलोमीटर तक जाकर छापेमारी करती हैं, ताकि तस्करी की कड़ी को जड़ से तोड़ा जा सके। सीमा पर अपराध रोकने के लिए बीएसएफ ने एक समुदाय-केंद्रित पहल भी शुरू की है। इसके तहत संदिग्ध तस्करों और ‘टाउट्स’ के घर जाकर उनके परिवारों को अवैध गतिविधियों के गंभीर परिणामों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे विश्वास-निर्माण उपायों से पिछले एक वर्ष में मवेशी तस्करी और मानव तस्करी की घटनाओं में उल्लेखनीय गिरावट आई है। हाल के महीनों में बीएसएफ ने अनजाने में भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले कई बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा और पूरा बैकग्राउंड जांचने के बाद उन्हें बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) को सौंपा। इस प्रक्रिया में उनके फिंगरप्रिंट और व्यक्तिगत विवरण साझा किए गए, ताकि किसी भी आपराधिक या राष्ट्र-विरोधी रिकॉर्ड की पुष्टि की जा सके। आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2025 से अब तक बीएसएफ ने करीब 8.5 करोड़ रुपये मूल्य के मवेशी, सोना, चांदी, वन्यजीव उत्पाद, हथियार, गोला-बारूद और अन्य तस्करी के सामान जब्त किए हैं। इसी अवधि में 440 बांग्लादेशी (जिनमें तस्कर और टाउट्स शामिल हैं), 152 भारतीय, तथा 11 अन्य व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से 187 बांग्लादेशी नागरिकों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद BGB को सौंप दिया गया। बीएसएफ अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में भी फेंसिंग कवरेज बढ़ाने, तकनीकी निगरानी को और सशक्त करने तथा स्थानीय समुदाय के सहयोग से सीमा पर अपराधों के खिलाफ अभियान जारी रखा जाएगा, ताकि चिकन नेक क्षेत्र की सुरक्षा किसी भी सूरत में कमजोर न पड़े।

निकोलस मादुरो ने कोर्ट में उठाया मौका, वेनेजुएला के राष्ट्रपति पद पर बनाए रखा दावा, डील का हुआ खुलासा

न्यूयॉर्क बीते हफ्ते वेनेजुएला में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के इशारे पर जो कुछ भी हुआ, उसने पूरी दुनिया को चौंका दिया. ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को उनके बेडरूम से उठवा लिया. मादुरो और उनकी पत्नी फिलहाल न्यूयॉर्क में कैद हैं और उनके खिलाफ ड्रग्स से जुड़ा मुकदमा शुरू किया गया है. मादुरो के साथ हुई इस घटना से वेनेजुएला का ट्रेड पार्टनर चीन बेहद नाराज हुआ है. चीन के टॉप डिप्लोमैट ने संयुक्त राष्ट्र में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़कर न्यूयॉर्क लाए जाने के अमेरिका के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है. वेनेजुएला में चीन एक बड़ा स्टेकहॉल्डर है और ऐसे में उसकी यह प्रतिक्रिया जायज मानी जा रही है. चीन आम तौर पर गैर-हस्तक्षेप की नीति का पालन करता है. वो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंजूरी के बिना की गई सैन्य कार्रवाइयों की आलोचना करता रहा है. अमेरिका ने चीन के 'ऑल-वेदर' यानी सदाबहार स्ट्रैटेजिक पार्टनर माने जाने वाले देश के नेता को आधी रात उसके ही देश की राजधानी से उठवा लिया गया जो चीन के लिए एक बड़ा झटका है. 'मैं आज भी वेनेजुएला का राष्ट्रपति   …..   अमेरिकी अदालत में पेश हुए निकोलस मादुरो सोमवार को खूब गरजे. उन्होंने भरी अदालत में खुद को बेगुनाह बताया और कहा कि वह किडनैप किए गए हैं. वेनेजुएला से अमेरिकी सेना द्वारा उठाए गए निकोलस मादुरो ने सोमवार को मैनहैटन में अमेरिकी फेडरल कोर्ट में ड्रग तस्करी और नार्को-टेररिज्म के आरोपों पर अपनी पहली पेशी के दौरान मौके का फायदा उठाया और खुद को निर्दोष बताया. अपनी पहली सुनवाई में निकोलस मादुरो ने जज के सामने दावा किया कि वह अब भी वेनेजुएला के राष्ट्रपति हैं और उन्हें किडनैप किया गया है. अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज एल्विन हेलरस्टीन के सामने पेश होते हुए मादुरो ने कोर्ट को बताया कि उन्हें जबरदस्ती वेनेजुएला से लाया गया था. कोर्टरूम में मौजूद रिपोर्टर्स के मुताबिक, उन्होंने कहा, ‘मुझे किडनैप किया गया है.’इतना ही नहीं, निकोलस मादुरो के वकील ने अदालत में साफ किया कि वे फिलहाल जमानत की कोई मांग नहीं कर रहे हैं. जब अदालत में पेशी हुई तो निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस जेल की वर्दी और बेड़ियों में नजर आए. दोनों ने नार्को-टेररिज्म और ड्रग्स तस्करी के सभी चार आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. अदालत में आक्रामक दिखे मादुरो कोर्ट रूम में निकोलस मादुरो काफी आक्रामक दिखे. उन्होंने कहा कि ‘मुझे काराकस में मेरे घर से अगवा किया गया.’ जज ने कहा कि मामले की अगली सुनवाई अब 17 मार्च को होगी. सुनवाई के बाद दोनों को दोबारा कड़ी सुरक्षा में जेल भेज दिया गया. अमेरिकी सेना ने 3 जनवरी को ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ के तहत उन्हें काराकस से पकड़ा था. 'खुद को दुनिया का जज न समझे अमेरिका' चीन ने अमेरिका पर खुद को 'दुनिया का जज' समझने का आरोप लगाया है. चीन ने इस कार्रवाई की वैधता को लेकर संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका को टार्गेट भी किया है, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने रविवार को बीजिंग में पाकिस्तान के अपने समकक्ष से मुलाकात के दौरान कहा था, 'हम कभी यह नहीं मानते कि कोई भी देश दुनिया का पुलिसवाला बन सकता है, न ही हम यह स्वीकार करते हैं कि कोई देश खुद को दुनिया का जज घोषित करे.' उन्होंने सीधे अमेरिका का नाम लिए बिना वेनेजुएला में हुए 'अचानक घटनाक्रम' का जिक्र किया. वांग यी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सभी देशों की संप्रभुता और सुरक्षा की पूरी तरह रक्षा की जानी चाहिए.  बीते शनिवार को 63 साल के मादुरो को आंखों पर पट्टी बांधकर और हथकड़ी लगाकर न्यूयॉर्क ले जाया गया. कैद से उनकी कुछ तस्वीरें सामने आई जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया. मादुरो को हटाने के लिए उनके करीबी से हुई थी डील? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाने पर बड़ा खुलासा किया है। ट्रंप ने कहा कि उनके पास मादुरो के किसी करीबी अधिकारी से डील करने का मौका था, लेकिन उनकी टीम ने फैसला किया कि इसे बिना मदद के ही अंजाम दिया जाएगा। हाल ही में अमेरिका की सेना ने काराकास में सैन्य अभियान चलाकर मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया और यूएस लेकर गए। यहां उन पर नार्को-टेररिज्म, कोकेन आयात की साजिश और हथियार रखने जैसे आरोपों में मुकदमा चलेगा। मादुरो ने न्यूयॉर्क की अदालत में खुद को बेकसूर बताया। इस अभियान के बाद वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज अंतरिम राष्ट्रपति बन गई हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया कि वेनेजुएला पर अंतिम नियंत्रण उनका है और चुनाव कराना अभी संभव नहीं है, क्योंकि देश को पहले स्थिर करना जरूरी है। ट्रंप ने एनबीसी न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका वेनेजुएला से युद्ध नहीं कर रहा, बल्कि ड्रग तस्करी करने वालों से लड़ाई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अंतरिम नेतृत्व सहयोग नहीं करता तो दूसरा सैन्य अभियान हो सकता है। व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने बताया कि ट्रंप ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो को वेनेजुएला में आर्थिक और राजनीतिक सुधारों का नेतृत्व सौंपा है। वेनेजुएला की सरकार कौन चलाएगा? स्टीफन मिलर के अनुसार, अंतरिम सरकार से पूर्ण सहयोग मिल रहा है, जिससे वेनेजुएला के लोग पहले से कहीं अधिक अमीर होंगे। अमेरिका को आर्थिक और सैन्य लाभ मिलेगा। ट्रंप की टीम में रुबियो के अलावा रक्षा सचिव पीट हेगसेथ, उप चीफ ऑफ स्टाफ मिलर और उपराष्ट्रपति जेडी वैंस शामिल हैं। मार्को रुबियो ने ट्रंप के वेनेजुएला को चलाने वाले बयान पर कहा कि अमेरिका रोजमर्रा की सरकार नहीं चलाएगा, बल्कि आर्थिक दबाव और सैन्य धमकी से प्रभाव डालेगा। रुबियो ने जोर दिया कि अंतरिम सरकार के कार्यों से ही फैसला लिया जाएगा और अभी चुनाव की बात जल्दबाजी है। ट्रंप ने वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार का जिक्र कर अमेरिकी कंपनियों के निवेश की बात की, जबकि रुबियो ने कहा कि मौजूदा सैन्य स्थिति से ड्रग और तेल शिपमेंट रोके जा रहे हैं। कोर्टरूम में क्या-क्या हुआ?     मादुरो ने अमेरिकी कोर्ट में गरजते हुए कहा कि ‘मुझे मेरे घर से पकड़ा गया था’.     40 मिनट की सुनवाई के दौरान यह एकमात्र ऐसा पल नहीं था, जब … Read more