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LoC के पास उरी में आतंकवादियों पर सेना की कार्रवाई, एनकाउंटर अभी भी जारी

उरी  आतंकी साजिश का पर्दाफाश होने के बाद अब जम्मू पुलिस जल्द ही किरायेदारों को लेकर नया मुहिम शुरू करने जा रही है. किरायेदार सत्यापन प्रक्रिया को सुगम बनाने और लोगों की थाने आने-जाने की आवश्यकता को कम करने के लिए एक विशेष वेब पोर्टल शुरू करने जा रही है. जम्मू के एसएसपी जोगिंदर सिंह ने कहा कि वर्तमान मैनुअल प्रणाली में हर किरायेदार और मकान मालिक को थाने में फिजिकली उपस्थित होना पड़ता है, जिससे अक्सर असुविधा होती है. उन्होंने आगे बताया कि हम इस भौतिक संपर्क को खत्म करने पर काम कर रहे हैं. एक उपयोगकर्ता-अनुकूल किरायेदार सत्यापन पोर्टल विकसित किया जा रहा है और जल्द ही शुरू किया जाएगा. एसएसपी जोगिंदर सिंह ने बताया कि पोर्टल शुरू होने के बाद न तो किरायेदार और न ही मकान मालिक को पुलिस स्टेशन आने की आवश्यकता होगी. सत्यापन फार्म ऑनलाइन जमा किए जा सकेंगे और पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करेगी. बता दें क‍ि अक्‍सर ऐसे मामले सामने आते रहे हैं कि आतंकवादी किरायेदार के रूप में रह रहे हैं, लेकिन उनके बारे में समय रहते पता नहीं चल पाता है. एसएसपी ने यह भी कहा कि दुकानदारों और कंपनियों द्वारा कर्मचारियों का सत्यापन करना डीसीपी के आदेशों के तहत अनिवार्य है. उन्होंने कहा कि हर दुकानदार या कंपनी को अपने कर्मचारियों का सत्यापन सुनिश्चित करना होगा. यह अनिवार्य है. सोशल मीडिया पर गलत सूचना के प्रसार पर एसएसपी ने कहा कि पुलिस ने सरकार से आवश्यक नियम लागू करने का आग्रह किया है. कैसे विस्‍तार करता गया अल-फलाह ट्रस्‍ट प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया है. यह गिरफ्तारी पीएमएलए-2002 की धारा 19 के तहत की गई. ईडी ने इस मामले में अपनी जांच की शुरुआत दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की ओर से दर्ज की गई दो एफआईआर के आधार पर की थी. एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि अल-फलाह विश्वविद्यालय, फरीदाबाद ने छात्रों और अभिभावकों को धोखा देने के लिए धोखाधड़ीपूर्ण तरीके से एनएएसी मान्यता का दावा किया था, जबकि विश्वविद्यालय को यूजीसी मान्यता प्राप्त नहीं थी. ईडी की जांच में यह सामने आया कि अल-फलाह ट्रस्ट (जो 1995 में स्थापित हुआ था) के पास पर्याप्त वित्तीय संसाधनों का अभाव था, लेकिन इसके बावजूद इसने 1990 के दशक से लेकर अब तक जबरदस्त विस्तार किया. जांच में यह भी पाया गया कि ट्रस्ट ने अपनी आय को पारिवारिक संस्थाओं में ट्रांसफर किया और इसके लिए निर्माण तथा खानपान के ठेके अपने परिवार के सदस्य संस्थाओं को दिए.

आंध्र में नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई, हिडमा के बाद मटुरे समेत सात की मौत

गोदावरी  आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले के मारेडुमिल्ली और GM वालसा के जंगलों में बुधवार सुबह सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में सात नक्सली मारे गए. यह कार्रवाई मंगलवार से चल रहे संयुक्त ऑपरेशन का हिस्सा थी. राज्य के इंटेलिजेंस एडीजी महेश चंद्र लड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुष्टि की कि मुठभेड़ के दौरान चार पुरुष और तीन महिला नक्सली ढेर किए गए हैं और फील्ड से लगातार अपडेट मिल रहे हैं. मारे गए नक्सलियों में संगठन का टॉप IED एक्सपर्ट मेट्टुरु जोगाराव उर्फ टेक शंकर भी शामिल है, जो आंध्र-ओडिशा बॉर्डर स्पेशल जोनल कमेटी (AOBSZC) का महत्वपूर्ण सदस्य और तकनीकी संचालन का सबसे बड़ा जिम्मेदार माना जाता था. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, टेक शंकर ही वह कैडर था जिसने पिछले वर्षों में छत्तीसगढ़ और AOB क्षेत्र में सुरक्षा बलों पर किए गए लगभग सभी बड़े लैंडमाइन और IED हमलों को डिजाइन और निष्पादित किया था. पुलिस ने बताया कि वह हथियार निर्माण, संचार प्रणाली और विस्फोटक उपकरणों की डिजाइनिंग में माहिर था, और इसी विशेषज्ञता के चलते वह संगठन की "टेक्निकल रीढ़" माना जाता था. AOB क्षेत्र में फिर बढ़ रही नक्सल गतिविधि पिछले कुछ महीनों से आंध्र–ओडिशा सीमा क्षेत्र में नक्सली गतिविधि में वृद्धि की सूचना मिल रही थी. इनपुट मिले थे कि नक्सली जंगलों के भीतर नए ठिकाने बना रहे हैं, कैडर को दोबारा सक्रिय कर रहे हैं और छत्तीसगढ़ की ओर से नए समूह राज्य की सीमा में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे हैं. इसी आधार पर आंध्र प्रदेश ग्रेहाउंड्स और अन्य एजेंसियों ने मंगलवार को एक बड़ा तलाशी अभियान शुरू किया, जिसके परिणामस्वरूप बुधवार सुबह GM वालसा इलाके में मुठभेड़ हुई. पिछले ऑपरेशनों से जुटी जानकारी ने दिखाई राह एडीजी लड्डा ने बताया कि 17 नवंबर को भी सुरक्षा बलों ने मारेडुमिल्ली क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई की थी, जिसमें कुख्यात नक्सली नेता हिड़मा सहित छह नक्सली मारे गए थे. उन्हीं से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर संयुक्त टीमों ने AOB क्षेत्र में फैले नक्सली नेटवर्क पर विशेष फोकस किया और लगातार कई जिलों में ऑपरेशन चलाए. 50 नक्सली गिरफ्तार-राज्य में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई एडीजी लड्डा ने जानकारी दी कि हाल के दिनों में NTR, कृष्णा, काकीनाडा, कोनसीमा और एलुरु जिलों से 50 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें केंद्रीय समिति, राज्य समिति, एरिया कमेटी और प्लाटून टीम के सदस्य शामिल हैं. यह पहली बार है जब इतने बड़े पैमाने पर संगठन के कोर कैडर को एक साथ पकड़ा गया है. हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद सुरक्षा बलों ने अभियान के दौरान 45 हथियार, 272 कारतूस, दो मैगजीन, 750 ग्राम वायर और कई तकनीकी उपकरण व दस्तावेज बरामद किए हैं. एडीजी लड्डा ने कहा कि "फील्ड स्टाफ ने पूरी योजना के अनुसार, बिना किसी हानि के ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा किया है. इंटेलिजेंस विभाग ने लगातार नक्सलियों की गतिविधियों की निगरानी की और सही समय का इंतज़ार करने के बाद निर्णायक कार्रवाई की." जानें हिड़मा के अटैक की लिस्ट! कौन था हिडमा हिड़मा का जन्म1981 में छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में हुआ था. वह पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) की एक बटालियन का कमांडर और माओवादी सेंट्रल कमेटी का सदस्य था. वह बस्तर क्षेत्र से इस नेतृत्व में शामिल होने वाला इकलौता आदिवासी माना जाता था. हिड़मा पिछले 2 दशक में हुए 26 से ज्यादा बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड रहा है. इसमें 2010 दंतेवाड़ा हमला भी शामिल है, जिसमें 76 CRPF जवान शहीद हुए थे. इसके अलावा 2013 में झीरम घाटी हमले, 2021 सुकमा-बीजापुर हमले में भी हिड़मा की भूमिका रही है. हिड़मा दंतेवाड़ा में 76 जवानों की हत्या का मास्टरमाइंड था छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 2010 में 76 जवानों की हत्या हुई थी. यह नक्सल इतिहास का सबसे बड़ा हमला था. उस हमले का मास्टरमाइंड हिड़मा ही था. इसमें बसवाराजू भी शामिल रहा, जो एनकाउंटर में पहले ही मारा जा चुका है. बुरकापाल हमले में भी था हिडमा का हाथ     2017 के बुरकापाल हमले में भी उसका हाथ था जिसमें CRPF के 24 जवान शहीद हुए थे.     माडवी हिडमा ने झीरम घाटी हमला, दंतेवाड़ा में 76 जवानों की हत्या, बुरकापाल हमला और बीजापुर हमले का मास्टरमाइंड था.     हिड़मा सेंट्रल कमेटी का मेंबर और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का लीडर था, जो कम से कम 26 जानलेवा हमलों के लिए जिम्मेदार था.     हिड़मा की पहचान बस्तर क्षेत्र में नक्सलियों के प्रमुख नेता के तौर पर होती थी, जिसे सुरक्षाबलों ने आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले के मारेदुमिल्ली में मार गिराया है.     हिड़मा पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 45 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. वहीं उस पर अलग-अलग राज्य की सरकारों ने कुल मिलाकर एक करोड़ रुपये से ज्यादा का इनाम रखा था.     हिड़मा साल 2010 में दंतेवाड़ा में हुए हमले का मास्टरमाइंड था, जिसमें 76 सीआरपीएफ जवानों की हत्या हुई थी.     इसके बाद हिड़मा 2013 में झीरम घाटी में हुए नक्सली हमले में शामिल था, जिसमें 33 लोग मारे गए थे और इसमें छत्तीसगढ़ कांग्रेस के शीर्ष नेता शामिल थे.     साल 2017 में बुरकापाल हमले में भी हिड़मा शामिल था, जिसमें 24 जवान शहीद हुए थे.     हिड़मा साल 2021 में बीजापुर में हुए नक्सली हमले का भी मास्टरमाइंड था, जिसमें 22 जवान शहीद हुए थे.     हिडमा का एनकाउंटर कैसे हुआ     पिछले कुछ हफ्तों से आंध्र प्रदेश SIB/इंटेलिजेंस इनपुट्स से खास तौर पर आंध्र प्रदेश-छत्तीसगढ़-ओडिशा बॉर्डर के पास माओवादियों के मूवमेंट का इशारा मिला था और उन इनपुट्स के आधार पर हमने ऑपरेशन किया और यह कामयाबी मिली. सिक्योरिटी अधिकारियों के मुताबिक, हिडमा उर्फ संतोष, उसकी पत्नी और चार अन्य लोग छत्तीसगढ़ से भाग रहे थे, जब सुबह 6 से 7 बजे के बीच अल्लूरी सीताराम राजू जिले के मारेदुमिल्ली जंगल में सिक्योरिटी फोर्स ने उन्हें घेर लिया. आज (18 नवंबर) सुबह आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले के मारेदुमिल्ली में पुलिस और माओवादियों के बीच एनकाउंटर शुरू हुआ. फायरिंग सुबह 6 बजे से 7 बजे के बीच हुई. ऑपरेशन में हिड़मा समेत छह माओवादी मारे गए है और अभी भी एक बड़ा कॉम्बिंग ऑपरेशन चल रहा है. … Read more

किसानों के लिए राहत: PM मोदी जारी करेंगे PM Kisan सम्मान निधि की नई किस्त

नई दिल्ली सरकार की ओर से किसानों को सालाना 6 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है. यह राशि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों के खातों में ट्रांसफर की जाती है. पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त आज, 19 नवंबर को करीब 9 करोड़ किसानों के खातों में ट्रांसफर की जानी है. सोशल मीडिया पर दी जानकारी एग्रीकल्चर इंडिया ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी है.इसमें केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान बताते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 19 नवंबर, बुधवार को दोपहर डेढ़ बजे किसानों के खातों में किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त का ट्रांसफर किया जाएगा. 9 करोड़ किसानों के खातों में 18 हजार करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी. इससे पहले प्राकृतिक आपदा से पीड़ित राज्यों हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के किसानों के खातों में यह राशि पहले ही स्थानांतरित की जा चुकी है. शिवराज चौहान आगे बताते हैं कि आज प्रधानमंत्री मोदी किसानों को संबोधित भी करेंगे और यह दिन किसान उत्सव के रूप में मनाया जाएगा. इन किसानों को नहीं मिलेगी किसान सम्मान निधि  अगर आप किसान सम्मान निधि का लाभ लेना चाहते हैं तो इसके लिए ई-केवाईसी अनिवार्य है. आप ई-केवाईसी पीएम किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर या सीएससी सेंटर के माध्यम से करा सकते हैं. इस योजना का लाभ केवल उन किसानों को मिल सकेगा जो पंजीकृत जमीन पर खेती करके आजीविका कमा रहे हैं.

भारतीय रेलवे की नई पहल, ट्रेन यात्रा होगी और सुरक्षित; डिब्बों में मिलेगी वायरस-फ्री हवा

नई दिल्ली  भारतीय रेलवे यात्रियों को संक्रमण-मुक्त और सुरक्षित यात्रा प्रदान करने की दिशा में एक बड़ी पहल करने जा रहा है। अब ट्रेन के कोचों की हवा पहले से कहीं अधिक स्वच्छ और रोगाणुरहित होगी। इसके लिए रेलवे वायरलेस रोबोटिक अल्ट्रावायलेट यूवी-सी कीटाणुशोधन तकनीक का उपयोग शुरू करने वाला है। इस तकनीक की मदद से ट्रेन के डिब्बों में मौजूद हानिकारक जीवाणु और वायरस निष्क्रिय हो जाएंगे, जिससे यात्रियों की स्वास्थ्य सुरक्षा और बेहतर हो सकेगी। दिल्ली रेल मंडल की कई प्रमुख ट्रेनों में इस तकनीक का 90 दिनों तक सफल परीक्षण किया गया। हरियाणा के गुरुग्राम स्थित कंपनी मेसर्स ग्रीनस्काइज एविएशन प्रा. लि. ने यह ट्रायल किया, जिसमें जीवाणु भार में 99.99% तक कमी दर्ज हुई। परीक्षण के उत्कृष्ट परिणामों को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने सभी जोन को यह तकनीक अपनाने के निर्देश जारी कर दिए हैं।   यह उन्नत रोबोटिक प्रणाली एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आधारित है, जिसमें मोबाइल रोबोट और यूवी-सी कीटाणुशोधन बैटन शामिल है। इसमें अल्ट्रासोनिक सेंसर लगाए गए हैं, जो परिस्थिति के अनुसार स्वतः काम करते हैं। यूवी-सी किरणें 254 नैनोमीटर तरंगदैर्ध्य पर बैक्टीरिया और वायरस के डीएनए-आरएनए को निष्क्रिय कर देती हैं, जिससे वे जीवित नहीं रह पाते। यह प्रक्रिया पूरी तरह रसायन-मुक्त और पर्यावरण अनुकूल है, जो किसी भी प्रकार के हानिकारक अवशेष नहीं छोड़ती। विशेषज्ञों का कहना है कि यह तकनीक सतहों और हवा दोनों को सुरक्षित बनाने में प्रभावी है। एनआरसी-सीएमएफआरआई के सेवानिवृत्त वैज्ञानिक डॉ. डीबी सिंह के अनुसार, अल्ट्रावायलेट तकनीक पानी से लेकर हवा तक में मौजूद सूक्ष्मजीवों को निष्क्रिय करने की क्षमता रखती है। इससे ट्रेन के वातानुकूलन, वेंटिलेशन और तापमान नियंत्रण के साथ एकीकृत होकर हवा को लगातार साफ रखा जा सकता है, जिससे संक्रमण का खतरा काफी कम होगा। रेलवे बोर्ड के पर्यावरण एवं हाउसकीपिंग मैनेजमेंट निदेशक अजय झा ने क्षेत्रीय रेलों को आरडीएसओ के साथ समन्वय कर एक वर्ष के लिए इस तकनीक के ट्रायल पर काम शुरू करने के निर्देश दिए हैं। आवश्यकता पड़ने पर उत्तर रेलवे से तकनीकी सहायता लेने को भी कहा गया है। ग्रीनस्काइज एविएशन के डायरेक्टर ऑपरेशंस कैप्टन पवन कुमार अरोड़ा के अनुसार, वायरलेस रोबोटिक यूवी-सी सिस्टम आईसीएमआर-सीएसआईओ प्रमाणित है और पूर्णतः हरित, टिकाऊ तथा रसायन-मुक्त समाधान प्रदान करता है, जो वैश्विक पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप है।

पुणे भूमि घोटाला जांच: पार्थ पवार का नाम नहीं, तीन अधिकारियों पर गिरी गाज

पुणे    महाराष्ट्र में 300 करोड़ रुपये की विवादित जमीन डील को लेकर आखिरकार जांच रिपोर्ट सामने आ गई है. पुणे की मुंडवा स्थित सरकारी जमीन को कथित तौर पर निजी कंपनी को बेचने और स्टांप ड्यूटी में भारी छूट देने के मामले में संयुक्त इंस्पेक्टर जनरल ऑफ रजिस्ट्रेशन (IGR) की तीन सदस्यीय समिति ने सब रजिस्ट्रार रविंद्र तारू समेत तीन लोगों को जिम्मेदार ठहराया है. वहीं, सरकार ने संबंधित कंपनी को 42 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी की वसूली को लेकर नोटिस भेजते हुए सात दिन में जवाब मांग लिया है. संयुक्त IGR राजेंद्र मुंठे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय समिति ने अपनी रिपोर्ट IGR रविंद्र बिनवाडे को सौंपी, जिन्हें इसे आगे पुणे डिविजनल कमिश्नर चंद्रकांत पुलकुंदवार को भेजना था. रिपोर्ट में बताया गया है कि पार्थ पवार का नाम किसी भी दस्तावेज में नहीं आया, इसलिए उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया. एक वरिष्ठ अधिकारी ने न्यूज एजेंसी को बताया, चूंकि पार्थ पवार का नाम पूरे सेल डीड में कहीं नहीं है, उन्हें जांच में दोषी नहीं ठहराया जा सकता. रिपोर्ट में उन तीन लोगों को जिम्मेदार बताया गया है जो सीधे तौर पर डील में शामिल थे, जिनमें निलंबित सब रजिस्ट्रार रविंद्र तारू भी शामिल हैं. किन लोगों को दोषी ठहराया गया? रिपोर्ट में जिन तीन लोगों को जिम्मेदार ठहराया गया है, उनमें रविंद्र तारू- सब-रजिस्ट्रार (निलंबित), दिग्विजय पाटिल- पार्थ पवार के पार्टनर और रिश्तेदार, शीटल तेजवानी- सेलर्स की ओर से पावर ऑफ अटॉर्नी धारक का नाम है. ये तीनों पहले से ही पुलिस द्वारा दर्ज FIR में आरोपी हैं. सरकारी जमीन कैसे बेची गई? 40 एकड़ की यह जमीन मुंडवा के पॉश इलाके में स्थित है. यह जमीन सरकारी थी, जिसे बेचा ही नहीं जा सकता था. इसके बावजूद इसे अमाडिया एंटरप्राइजेज LLP को बेचा गया, जिसमें पार्थ पवार पार्टनर हैं. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कंपनी को 21 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी में गलत तरीके से छूट दी गई. भविष्य में ऐसे धोखाधड़ी से बचाव के उपाय बताए जांच रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण सिफारिशें की गई हैं. जहां भी स्टांप ड्यूटी छूट मांगी जाए, कलेक्टर (स्टांप) की अनुमति अनिवार्य हो. रजिस्ट्रेशन एक्ट की धारा 18-K के अनुसार, 7/12 एक्सट्रैक्ट एक महीने से पुराना नहीं होना चाहिए और पूरी ओनरशिप का दस्तावेज़ जरूरी है. 20 अप्रैल 2025 के नोटिफिकेशन का हवाला देते हुए कहा गया कि सरकारी जमीनों से जुड़े दस्तावेज़ों का रजिस्ट्रेशन सब-रजिस्ट्रार नहीं कर सकते. अभी यह नियम केवल स्पष्ट सरकारी स्वामित्व पर लागू होता है, इसे धुंधली या आंशिक सरकारी स्वामित्व वाली स्थितियों में भी लागू किया जाना चाहिए. 42 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी का नोटिस इसी बीच IGR दफ्तर ने अमाडिया एंटरप्राइजेज को 42 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी की वसूली पर अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस भेजा है. एक अधिकारी ने बताया, कंपनी ने 15 दिन मांगे थे, लेकिन हमने उन्हें 7 दिन का ही समय दिया है. अन्य जांच रिपोर्टें भी आएंगी राजस्व विभाग और सेटलमेंट कमिश्नर की रिपोर्ट भी तैयार हो रही है. तीनों रिपोर्टें अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) विकास खर्गे को भेजी जाएंगी. वे इस मामले की जांच के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा बनाई गई छह सदस्यीय समिति के प्रमुख हैं. सरकार ने इस डील को पहले ही रद्द कर दिया है.

पुराने वाहन मालिकों के लिए नई तीन कैटेगरी, फ‍िटनेस शुल्क हुआ महंगा

नई दिल्ली अगर आप भी अपनी कार या कमर्श‍ियल व्‍हीकल का रज‍िस्‍ट्रेशन 10 या 15 साल के बाद एक्‍सटेंड कराने का मन बना रहे हैं तो यह खबर आपके काम की है. जी हां, केंद्र सरकार की तरफ से व्‍हीकल फ‍िटनेस टेस्‍ट की फीस में बड़ा बदलाव किया गया है. इसमें अलग-अलग कैटेगरी के पुराने व्‍हीकल के लिए फीस को 10 गुना तक बढ़ा दिया गया है. नए नियमों के तहत 10, 15 और 20 साल से ज्‍यादा पुराने व्‍हीकल पर अलग-अलग चार्ज ल‍िया जाएगा. केंद्र सरकार ने 18 अक्‍टूबर को सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल में संशोधन करते हुए व्‍हीकल फिटनेस टेस्ट फीस में बड़ा इजाफा कर द‍िया है. कुछ कैटेगरी में यह बढ़ोतरी 10 गुना तक हो गई है. पूरी तरह बदल जाएगा फ्लैट-रेट स्ट्रक्चर नया फीस स्ट्रक्चर देशभर में तुरंत लागू कर दिया गया है. सरकार का कहना है कि यह कदम पुराने और असुरक्षित वाहनों को सड़कों से हटाने और स्क्रैपेज पॉल‍िसी को मजबूत करने के लिए जरूरी था. पहले 15 साल से ज्‍यादा पुराने व्‍हीकल पर एक्‍स्‍ट्रा फीस लगती थी, लेक‍िन अब इसकी तीन नई कैटेगरी बना दी गई हैं. इनमें पहली कैटेगरी 10 से 15 साल, दूसरी 15 से 20 साल और तीसरी 20 साल से ज्‍यादा वाली है. हर कैटेगरी के ह‍िसाब से फीस बढ़ती चली जाएगी. नया मॉडल पहले के फ्लैट-रेट स्ट्रक्चर को पूरी तरह बदल देगा. सबसे ज्‍यादा फीस किस तरह के व्‍हीकल पर? व्‍हीकल का रज‍िस्‍ट्रेशन र‍िन्‍यू कराने पर अब पहले के मुकाबले ज्‍यादा चार्ज देना होगा. सबसे ज्यादा झटका हेवी कमर्श‍ियल व्‍हीकल को लगा है. 20 साल से ज्‍यादा पुराने ट्रक या बस का रज‍िस्‍ट्रेशन र‍िन्‍यू कराने के लि‍ए अब 25,000 रुपये देने होंगे. पहले यह चार्ज महज 2,500 रुपये था. 20 साल से ज्‍यादा पुराने मीडियम कमर्शियल व्हीकल को पहले के 1800 रुपये की बजाय 20,000 रुपये देने होंगे. यह बढ़ोतरी 10 गुने से भी ज्‍यादा है, ज‍िससे पुराने कमर्शियल व्‍हीकल को चलाना काफी महंगा हो जाएगा. सरकार की तरफ से साफ कहा गया क‍ि सड़कों से पुरानी और खतरनाक गाड़‍ियां जल्दी हटनी चाहिए. इसको ध्‍यान में रखते हुए फिटनेस फीस को इतना महंगा कर द‍िया गया है क‍ि पुरानी गाड़ी रखना घाटे का सौदा हो जाएगा. लोगों को मजबूरन नई, सुरक्षित और कम प्रदूषण वाली गाड़ी लेनी पड़ेगी या पुरानी को स्क्रैप करना होगा. सरकार की तरफ से यह कदम नेशनल व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी को आगे बढ़ाने के लि‍ए उठाया गया है.  

ग्लोबल रिपोर्ट: सड़क दुर्घटनाएँ हर वर्ष 11.90 लाख जानें लेती हैं

नई दिल्ली राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय ने प्रत्येक वर्ष लाखों लोगों के सड़क दुर्घटनाओं में मारे जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि इस वैश्विक समस्या से निपटने के लिए दुनिया को एकजुट होने की आवश्यकता है। विश्वविद्यालय के यातायात प्रबंधन एवं सड़क सुरक्षा केंद्र में हर वर्ष नवंबर के तीसरे रविवार को सड़क दुर्घटनाओं में मारे गये लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए विश्व सड़क यातायात पीड़ित स्मृति दिवस का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी स्कूल ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एंड स्मार्ट पुलिसिंग के अंतर्गत यातायात प्रबंधन एवं सड़क सुरक्षा केंद्र ने गुजरात परिसर में एक कैंडल मार्च का आयोजन किया। इस वर्ष सभा को समन्वयक विश्व विजय राय ने संबोधित किया। इस अवसर पर उल्लेख किया गया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की 'ग्लोबल स्टेटस रिपोर्ट' 2023 के अनुसार दुनिया भर में हर साल लगभग 11 लाख 90 हजार लोग सड़क दुर्घटनाओं के कारण मरते हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो की 2023 की रिपोर्ट के अनुसार देश में सड़क दुर्घटनाओं के कारण हर वर्ष लगभग एक लाख 70 हजार लोगों की मौत होती है।  बढ़ सकती है सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या, 2023 का आंकड़ा पार होने की आशंका  साल 2024 में सड़क हादसों में होने वाली मौतों का आंकड़ा 2023 से भी ज्यादा हो सकता है। अब तक मिले शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, देश के दो दर्जन से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों जैसे उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा, तेलंगाना, असम और दिल्ली में सड़क हादसों में हुई मौतें पिछले साल के मुकाबले बढ़ी हैं। मीडिया रिपोर्ट से पता चलता है कि, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक (जिसमें पश्चिम बंगाल शामिल नहीं है), 2024 में सड़क हादसों में करीब 1.7 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई। तुलना करें तो 2023 में यह संख्या 1.73 लाख थी, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा था। पश्चिम बंगाल में अकेले 6,000 से अधिक मौतें दर्ज की गई थीं। अधिकारियों का कहना है कि जब बंगाल के आंकड़े जोड़ लिए जाएंगे, तो यह संख्या 2023 से ज्यादा हो जाएगी। कुछ राज्यों में राहत की झलक हालांकि, हर तरफ निराशाजनक तस्वीर नहीं है। 2024 के शुरुआती आंकड़ों में 9 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ऐसे हैं, जहां सड़क हादसों में मौतों की संख्या कम हुई है। उदाहरण के तौर पर, केरल में 2023 में 4,080 मौतें हुई थीं, जबकि 2024 में यह घटकर 3,846 रह गईं। इसी तरह गुजरात में भी मौतों का आंकड़ा 7,854 से घटकर 7,717 हो गया। विशेषज्ञों की राय: "10 बड़े राज्यों पर फोकस जरूरी" ट्रैफिक सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक देश के 10 बड़े राज्य, जो कुल मौतों में सबसे ज्यादा हिस्सा रखते हैं, अपने आंकड़े नहीं घटाते, तब तक सड़क मौतों को आधा करने का लक्ष्य पूरा करना मुश्किल है। पूर्व सड़क परिवहन सचिव के मुताबिक, "राष्ट्रीय राजमार्गों और राज्य राजमार्गों पर हादसे और मौतें कुल मामलों के लगभग 60 प्रतिशत के लिए जिम्मेदार हैं। इन पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।" हादसों के आंकड़े और हकीकत में फर्क आधिकारिक आंकड़े पूरी सच्चाई नहीं बताते, क्योंकि कई छोटे हादसे पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज नहीं होते। फिर भी प्रारंभिक डेटा से पता चलता है कि 2024 में 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 4.7 लाख से अधिक सड़क हादसे हुए, जबकि 2023 में यह संख्या करीब 4.8 लाख थी। सड़क सुरक्षा के लिए सरकार की नई योजना सरकार अब सड़क सुरक्षा को और सख्ती से लागू करने की तैयारी कर रही है। सड़क परिवहन मंत्रालय मोटर व्हीकल एक्ट में बदलाव करने जा रहा है। प्रस्ताव है कि ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने के नियम और सख्त किए जाएं, और खराब ड्राइविंग व्यवहार पर नेगेटिव पॉइंट सिस्टम लागू हो, जिससे चालकों का लाइसेंस सस्पेंड या रद्द भी किया जा सके।  सड़क सुरक्षा अब भी बड़ी चुनौती सरकारी कोशिशों के बावजूद बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं चिंता का विषय हैं। अगर आने वाले समय में सड़क सुरक्षा पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो सड़क पर जान गंवाने वालों की संख्या कम होती नहीं दिख रही। 

छह बार हुई बैठक के बाद, मंत्री ने साफ किया – समझौता होगा बराबरी का

 नई दिल्‍ली भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील का इंतजार बेसब्री से किया जा रहा है. डोनाल्‍ड ट्रंप ने अपने बयान में यहां तक कह दिया है कि जल्‍द ही हम अच्‍छी डील लॉक करने रहे हैं. हालांकि भारत की तरफ से ऐसा कोई बयान नहीं आया था, लेकिन कमर्शियल और इंडस्‍ट्रीज मिन‍िस्‍टर पीयूष गोयल का बड़ा बयान आया है. जिनके मुताबिक, भारत बराबरी का समझौता करेगा. पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर 'आपको अच्छी खबर सुनने को मिलेगी' जब यह समझौता निष्पक्ष, न्यायसंगत और संतुलित होगा. उन्होंने कहा कि भारत इस डील में किसानों और मछुआरों के हितों की भी रक्षा करेगा.  किसानों और मछुआरों के हित में होगी डील उन्होंने इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित भारत-अमेरिका आर्थिक शिखर सम्मेलन में कहा कि व्यापार समझौते के लिए बातचीत एक प्रक्रिया है और एक राष्ट्र के रूप में भारत को किसानों, मछुआरों और लघु उद्योगों के हितों को ध्यान में रखना होगा. गोयल ने कहा कि जब यह समझौता निष्पक्ष, न्यायसंगत और संतुलित हो जाएगा, तो आपको अच्छी खबर सुनने को मिलेगी.  पीयूष गोयल ने आगे जानकारी देते हुए कहा कि भारत और अमेरिका मार्च से प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं. अब तक छह दौर की बातचीत पूरी हो चुकी है.  नवंबर में ही हो सकती है डील डेक्कन क्रोनिकल की रविवार को आई एक रिपोर्ट में एक बड़ा दावा किया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि India-US Trade Deal का ऐलान नवंबर में ही किया जा सकता है. रूसी तेल (Russian Oil) का मुद्दा पूरी तरह से सुलझ चुका है और डोनाल्ड ट्रंप ने भी भारत पर 25 फीसदी तक टैरिफ कम करने पर सहमति जताई है.  पहला चरण पूरा होने के करीब  रिपोर्ट यह भी कहती है कि भारत–अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौता (BTA) का पहला चरण लगभग पूरा होने के करीब है. भारत और अमेरिका के बीच अब तक 6 दौर की बातचीत हो चुकी है और दोनों देश 2025 तक पहला चरण पूरा करने की योजना बना रहे हैं. हालांकि आगे जटिल मुद्दों पर बातचीतहोती रहेगी. कितना रह सकता है टैरिफ?  अभी भारत पर कुछ टैरिफ 50 फीसदी है, जिसमें से 25 फीसदी टैरिफ भारत पर रूसी तेल खरीदने के कारण लगाया गया है. चूक‍ि अब भारत ने रूसी तेल खरीद को कम किया है, ऐसे में एक्‍सपर्ट मान रहे हैं कि 25 फीसदी तो टैरिफ क होना तय ही है, लेकिन उनका यह भी कहना है कि आगे चलकर भारत पर अमेरिका टैरिफ को 15 फीसदी तक लेकर आएगा.

उत्तर और मध्य भारत में कड़ाके की ठंड! दिल्ली, मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में शीतलहर, IMD ने जारी की चेतावनी

नई दिल्ली  देश में मौसम का बदलाव तेज़ी से महसूस (Weather Update) किया जा रहा है। एक तरफ उत्तर भारत कड़ाके की ठंड की लपेट में है, वहीं दक्षिण भारत के कई राज्यों में लगातार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। IMD ने पूर्वी राजस्थान, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मराठवाड़ा, तेलंगाना और विदर्भ में 18 से 20 नवंबर के दौरान विभिन्न स्थानों पर शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने मछुआरों को 18 से 22 नवंबर तक समुद्री क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह भी दी है।   उत्तर भारत में ठंड का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। कई शहरों में सुबह-शाम तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जा रही है और लोग दिन के समय होने वाली धूप का आनंद लेते दिख रहे हैं। वहीं, दक्षिण भारत पिछले कुछ दिनों से बारिश की मार झेल रहा है, जिससे कई इलाके जलभराव और खराब मौसम की स्थिति से जूझ रहे हैं।   मध्य प्रदेश में शीतलहर  मध्य महाराष्ट्र और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में 18 नवंबर को शीत लहर से लेकर भीषण शीत लहर की स्थिति बनी रहने की संभावना है और 19-20 नवंबर को कुछ स्थानों पर शीत लहर की स्थिति बनी रहने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 18-20, विदर्भ, मराठवाड़ा, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में 18 और मध्य महाराष्ट्र में 19 नवंबर को कुछ स्थानों पर शीत लहर की स्थिति बनी रहने की संभावना है।   दिल्ली-एनसीआर में मौसम  आईएमडी के अनुसार, 18 नवंबर को दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग हिस्सों में शीतलहर का प्रकोप जारी रहेगा। तापमान में और गिरावट की संभावना है। दिन का अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है।   यूपी का मौसम  उत्तर प्रदेश में भी शीतलहर का असर तेज है। प्रयागराज में सोमवार को सीजन का पहला कोहरा देखने को मिला। मौसम विभाग का कहना है कि पूरे प्रदेश में ठंड का यही रुख बरकरार रहेगा। 17 नवंबर को लखनऊ का अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। बिहार का मौसम  बिहार में 18 नवंबर से तापमान में तेज गिरावट की संभावना है। सुबह के समय कई जिलों में शीतलहर का असर महसूस हो सकता है। विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में इसी तरह का मौसम बना रहेगा। पहाड़ी राज्यों का मौसम जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी का दौर जारी है। 18 नवंबर को इन राज्यों में तापमान 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कम होने की संभावना है।

बांग्लादेश में उग्र प्रदर्शन: हसीना की सजा के विरोध में सड़कों पर बवाल, 50 घायल

ढाका  बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) द्वारा मौत की सजा सुनाए जाने के बाद देशभर में तनाव और हिंसा फैल गई। फैसले के बाद रातभर कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन, आगजनी और हमलों की रिपोर्ट आई है। कम से कम 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं। अदालत का फैसला बना कारण सोमवार को ICT ने शेख हसीना को पिछले साल जुलाई में सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के दौरान किए गए मानवता-विरुद्ध अपराधों के आरोपों में दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई। इसके साथ ही उनके दो शीर्ष सहयोगियों  पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल,पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून को भी दोषी ठहराया गया। हालांकि मामून को अपराध की गंभीरता को देखते हुए हल्की सजा दी जाएगी।फैसले के कुछ ही घंटों बाद देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए। प्रदर्शनकारियों ने जगह-जगह सड़कों पर मार्च निकाले और कुछ स्थानों पर प्रमुख हाईवे को ब्लॉक कर दिया।   ढाका में सबसे उग्र प्रदर्शन सबसे ज्यादा उग्रता ढाका के धानमंडी 32 इलाके में देखी गई। यह वही स्थान है जहां बांग्लादेश के संस्थापक और शेख हसीना के पिता शेख मुजीबुर रहमान का घर स्थित है।ढाका ट्रिब्यून और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार:     प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई बार टकराव हुआ     दंगाइयों ने वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी की     साउंड ग्रेनेड, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया     50 से ज्यादा लोग घायल हुए     5 जिलों में गाड़ियां जलाई गईं फैसले के बाद कम से कम पांच जिलों केरनिगंज, नारायणगंज, चिटगांव, सिराजगंज और बोγρα में वाहनों को आग लगाने की घटनाएं हुईं। सुरक्षा एजेंसियों को रातभर हालात काबू में करने के लिए तैनात रहना पड़ा। पिछले हफ्ते ही देश में 50 से ज्यादा आगजनी और देसी बम हमले हुए थे, जिनमें तीन लोगों की मौत हुई थी। अदालत के फैसले ने इस तनाव को और भड़का दिया है। हमला पूर्व राष्ट्रपति के घर तक पहुंचा किशोरगंज जिले में स्थित पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल हमीद के घर पर भी देर रात हमला किया गया।प्रथम अलो की रिपोर्ट के अनुसार:     फैसले के बाद इलाके में कुछ लोगों ने जुलूस निकाला     तभी 20–30 लोगों की भीड़ ने अचानक घर पर धावा बोल दिया     तोड़फोड़ की गई, हालांकि बड़े नुकसान से बचा लिया गया बांग्लादेश में तनाव बरकरार देश में राजनीतिक माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। सुरक्षा बलों को कई संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त तैनाती करनी पड़ी है। विशेष बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, जबकि इंटरनेट सेवाएं और संचार पर भी निगरानी बढ़ाई गई है।