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23 जून राशिफल: इन 6 राशि वालों के लिए खुलेंगे तरक्की के द्वार, आएगी शुभ सूचना

मेष 23 जून के दिन अपने प्लान और सब्र पर भरोसा करें। सलाह ये रहेगी की अपने रूटीन पर ध्यान दें। काम को ऑर्गनाइज करें। अचानक बदलाव से बचें। पैसे के मामले में सावधानी बरतने की जरूरत है। रिलेशन छोटे-छोटे अच्छे कामों से बेहतर होते हैं। वृषभ 23 जून के दिन क्लियर प्लान फॉलो करें। विनम्र रहें, और छोटी-छोटी मदद लें। शाम तक सफलता धीरे-धीरे मिलेगी। आज रात छोटी-छोटी जीत का जश्न मनाएं। आज आप शांत और स्थिर महसूस करेंगे। धीमे कामों को ध्यान से कर पाएंगे। छोटी-छोटी तरक्की से अच्छे नतीजे मिलेंगे। मिथुन 23 जून के दिन आपकी एनर्जी ज्यादा हाई रहेगी और प्रैक्टिकल भी सोचेंगे। एक समय में एक ही काम पर फोकस करें। आज के दिन छोटे-छोटे स्टेप्स पूरे करें, और अपने करीबी लोगों के साथ अपनी खुशी शेयर करें। कर्क 23 जून के दिन छोटे प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए तैयार रहेंगे। आपको जल्दी रिजल्ट और खुशी मिल सकती है। साथ ही आप शांत रहेंगे। आज के दिन भविष्य के क्लियर लक्ष्यों पर फोकस करेंगे। सिंह 23 जून के दिन आपकी लगातार देखभाल से भरोसा बनेगा। आपको खुशी के छोटे-छोटे मौके मिल सकते हैं। हर कदम पर सब्र रखें और खुद के साथ नरमी से पेश आएं। आज के दिन आप एनर्जेटिक महसूस करेंगे। कन्या 23 जून के दिन दोस्ताना मदद से प्रैक्टिकल कदम बेहतर नतीजे देंगे। सब्र रखें और खुद पर मेहरबान रहें। छोटे बदलावों पर भरोसा करें। आपकी जिज्ञासा मददगार रास्ते खोल सकती है। दोस्ताना सवाल पूछें। तुला 23 जून का दिन हल्का मोमेंटम देगा। छोटे काम आसानी से पूरे हो सकते हैं। बातचीत आसानी से सुलझ जाएगी, और चुनाव नैचुरल लगेंगे। छोटे ब्रेक लें, करीबी लोगों की बात सुनें, और वादे निभाएं। वृश्चिक 23 जून के दिन आज ध्यान से प्लानिंग करने का सही समय है। परिवार या कोई एक काम चुनें, एक क्लियर और आसान प्लान बनाएं। आज के दिन अपने आइडिया शेयर करें। छोटे-छोटे, लगातार कदम स्ट्रेस कम कर सकते हैं। धनु 23 जून के दिन आप चीजें मैनेज कर सकते हैं। आज आपकी भावनाएं मजबूत हैं। अच्छे कामों पर भरोसा करें, धीरे बात करें। आपके आसान प्लान से दोस्तों, परिवार को सपोर्ट और मन की शांति मिल सकती है। लगातार तरक्की करें। मकर 23 जून के दिन दोस्तों के साथ आइडिया शेयर करें। नई सीख मजेदार और प्रोडक्टिव लग सकती है। छोटे-छोटे एक्सपेरिमेंट आपकी स्किल बढ़ाने और रोज के काम आसान बनाने में मदद करते हैं। आज के दिन शांत और खुश रहें। कुंभ 23 जून के दिन कोई छोटा नोट पढ़ें और कोई नया आसान आइडिया आजमाएं, जिससे काम या खेल आसान हो जाए। आज के दिन छोटे-छोटे काम निपटाने के लिए अपने तेज दिमाग का इस्तेमाल करें। एक आसान प्लान आजमाएं, नोट्स लिखें। मीन 23 जून के दिन आज शांति से कदम उठाएं। जरूरी काम तय करें। आज के दिन परिवार की मदद करें। एक छोटा प्लान बनाएं ताकि बिना स्ट्रेस या जल्दी बदलाव के लगातार तरक्की हो और पलों का मजा लें सकें।  

शनि का मीन राशि में गोचर: मेष, कुंभ और मीन पर साढ़ेसाती, सिंह-धनु पर ढैय्या का प्रभाव जारी

शनि इस वक्त मीन राशि में गोचर कर रहे हैं और साल के आने वाले अगले 6 महीने भी शनि की यही स्थिति रहने वाली है. शनि के मीन राशि में होने के कारण मेष, कुंभ और मीन राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है. जबकि सिंह और धनु राशि वालों पर शनि की ढैय्या का प्रभाव जारी है. साल 2026 के लगभग छह महीने पूरे हो चुके हैं और अब अगले छह महीने बाकी हैं. आइए जानते हैं कि अगले छह महीने पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या पर इसका कैसा प्रभाव रहने वाला है. शनि की साढ़ेसाती सभी ग्रहों में शनि को न्याय और कर्मफल देने वाला ग्रह माना जाता है. शनि सबसे धीमी गति से चलने वाले ग्रह हैं और एक राशि में लगभग ढाई वर्ष तक रहते हैं. राशि परिवर्तन के साथ ही कुछ राशियों पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या शुरू होती है, जबकि कुछ राशियों को इससे राहत मिलती है. साल 2026 में शनि मीन राशि में स्थित हैं, इसलिए कुछ राशियों पर इसका प्रभाव अभी भी बना हुआ है. मेष राशि मेष राशि वालों पर इस समय शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है. साल 2026 के बाकी महीनों में कार्यक्षेत्र में कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. काम में रुकावटें आ सकती हैं और मन में दुविधा बनी रह सकती है. इस दौरान किसी भी निर्णय में जल्दबाजी से बचना और हर कदम सोच-समझकर उठाना आपके लिए बेहतर रहेगा. कुंभ राशि कुंभ राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण जारी है. ऐसे में साल के बाकी महीनों में धीरे-धीरे राहत मिलने के संकेत हैं. समय के साथ कार्यों में सफलता मिलने की संभावना बढ़ सकती है. हालांकि खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी रहेगा. साथ ही किसी भी बड़े फैसले को पूरी समझदारी के साथ लेना आपके लिए लाभदायक हो सकता है. मीन राशि मीन राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है. आने वाले महीनों में कामकाज से जुड़ी चुनौतियां सामने आ सकती हैं. नौकरी और व्यापार में किसी भी फैसले को जल्दबाजी में लेने से बचना होगा. लेन-देन के मामलों में सतर्कता जरूरी रहेगी. साथ ही खर्च बढ़ने की संभावना भी बनी रह सकती है. इसलिए आर्थिक मामलों में संयम रखना उचित रहेगा. शनि की ढैय्या सिंह राशि सिंह राशि वालों पर इस समय शनि की ढैय्या का प्रभाव है. साल 2026 के बाकी महीनों में निवेश से जुड़े मामलों में अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी. बिना पूरी जानकारी के कोई बड़ा आर्थिक निर्णय लेना नुकसानदेह हो सकता है. धैर्य और संतुलित सोच के साथ आगे बढ़ना आपके लिए बेहतर रहेगा. धनु राशि धनु राशि वालों पर भी शनि की ढैय्या जारी है. वर्ष 2026 के शेष महीनों में धैर्य और संयम बनाए रखना आवश्यक होगा. कार्यक्षेत्र में जल्दबाजी करने से बचना चाहिए. सोच-समझकर लिए गए निर्णय भविष्य में बेहतर परिणाम दे सकते हैं. इस दौरान संतुलित दृष्टिकोण अपनाना आपके लिए लाभदायक साबित हो सकता है.

वास्तु शास्त्र के अनुसार सही उपहार चुनने के नियम और सावधानियाँ

उपहार किसी व्यक्ति के प्रति अपना सम्मान या भावनाओं को व्यक्त करता है. कभी कभी किसी व्यक्ति का सहयोग करने के लिए उपहार दिया जाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, उपहार देने में हमेशा सावधानी रखनी चाहिए क्योंकि गलत उपहार देने से संबंध खराब हो सकते हैं. सही उपहार से रिश्ते मजबूत होते हैं और स्वयं को भी लाभ होता है. वहीं, उपहारों की पैकिंग भी महत्वपूर्ण मानी जाती है खासतौर से पैकिंग पेपर रंग.   उपहार के लेन-देन में सावधानियां – उपहार में नियमित प्रयोग की जाने वाली वस्तु देना शुभ होता है. – वहीं, सजावटी चीजें कम से कम देनी चाहिए. – श्रृंगार की सामग्री और सौंदर्य प्रसाधन उसी को दें जिससे रिश्ते करीबी हों. – एक व्यक्ति का दिया हुआ उपहार दूसरे को नहीं देना चाहिए. – प्रेम के मामले में कांच की वस्तुएं या ताजमहल उपहार में ना दें. – इनके अलावा, जहां तक हो सके देवी-देवताओं की मूर्तियां उपहार में ना दें. ये उपहार देना और लेना होता है बेहद शुभ (Good Luck Gifts) चांदी की वस्तुएं- वास्तु और ज्योतिष में चांदी का संबंध चंद्रमा से है. चांदी का कोई सिक्का या बर्तन उपहार में देना या लेना समृद्धि और मानसिक शांति लाता है. दौड़ते हुए घोड़ों की तस्वीर- सात सफेद दौड़ते हुए घोड़ों की तस्वीर या मूर्ति उपहार में देना बहुत शुभ माना जाता है. यह करियर और बिजनेस में तरक्की (Growth) का प्रतीक है. मिट्टी के बर्तन या शोपीस- मिट्टी के बने सजावटी सामान उपहार में मिलने से अटका हुआ धन वापस आता है और घर में स्थिरता आती है. लाफिंग बुद्धा या फेंगशुई आइटम्स- लाफिंग बुद्धा, खुशहाली और आर्थिक संपन्नता लाने वाला माना जाता है. इसे खुद खरीदने के बजाय उपहार में मिलना ज्यादा फलदायी होता है. उद्देश्य के हिसाब से दें उपहार – किसी वरिष्ठ या गुरुजन को कलम या पुस्तक का उपहार दें. – प्रेम के मामले में सुगंध, सुंदर कपड़े या फूल दें. – विवाह के अवसर पर वस्त्र, घर की चीजें या मिठाई जरूर दें. – संतान प्राप्ति के अवसर पर चांदी की कोई छोटी सी चीज जरूर दें. – पति-पत्नी के मामले में घड़ियों का उपहार सर्वोत्तम होता है. – मित्रता के मामले में चॉकलेट या संगीत की कोई चीज दें. – टूटे रिश्ते को जोड़ने के लिए सुगंधित मोमबत्ती और घड़ी दें.

वास्तु शास्त्र: झाड़ू लगाने के नियम, दाहिने हाथ से सफाई को माना जाता है शुभ

 वास्तु शास्त्र में झाड़ू लगाने से संबंधित बहुत सारे नियमों का उल्लेख है. जिसमें सबसे विशेष है कि झाड़ू किस हाथ से लगानी चाहिए. वास्तु शास्त्र के मुताबिक, झाड़ू को हमेशा दाहिने हाथ (Right Hand) से पकड़कर सफाई की शुरुआत करनी चाहिए. चूंकि हिंदू सनातन परंपरा और वास्तु में झाड़ू को देवी लक्ष्मी का रूप माना गया है, इसलिए इसे पकड़ने और इस्तेमाल करने के कुछ खास नियम बताए गए हैं. झाड़ू पकड़ने और इस्तेमाल करने के नियम दाहिने हाथ से शुरुआत किसी भी शुभ या जरूरी कार्य की तरह, झाड़ू को भी दाहिने हाथ से पकड़कर ही बुहारना (सफाई करना) शुरू करना चाहिए. यदि आप बाएं हाथ से काम करने वाले (Left-handed) हैं, तो आप अपनी सुविधा के अनुसार बाएं हाथ का उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि वास्तु में भाव और स्वच्छता को अधिक महत्व दिया गया है. दोनों हाथों का उपयोग यदि झाड़ू भारी या लंबी है, तो आप दोनों हाथों से उसे पकड़ सकते हैं, लेकिन मुख्य नियंत्रण दाहिने हाथ में ही होना चाहिए. पैर न लगाएं झाड़ू को कभी भी पैर नहीं लगाना चाहिए और न ही इसके ऊपर से लांघकर (पार करके) जाना चाहिए. अगर गलती से पैर लग जाए, तो हाथ से छूकर क्षमा मांग लेनी चाहिए. झाड़ू लगाने के मुख्य वास्तु नियम सही दिशा झाड़ू हमेशा घर के पश्चिम (West) या दक्षिण-पश्चिम (South-West) कोने में रखनी चाहिए. झाड़ू लगाते समय कोशिश करें कि शुरुआत उत्तर या पूर्व दिशा से करते हुए कचरे को दक्षिण या पश्चिम की तरफ लाएं. समय का ध्यान झाड़ू लगाने का सबसे शुभ समय सूर्योदय के तुरंत बाद का होता है. शाम को झाड़ू न लगाएं सूर्यास्त के बाद या शाम के वक्त झाड़ू लगाने से सख्ती से बचना चाहिए. माना जाता है कि इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा और लक्ष्मी बाहर चली जाती है. अगर किसी वजह से शाम को सफाई करनी ही पड़े, तो कचरे को घर से बाहर न फेंकें, उसे एक कोने में इकट्ठा कर दें और सुबह फेंकें. झाड़ू को छुपा कर रखें जैसे घर में धन को छुपाकर रखा जाता है, वैसे ही झाड़ू को भी ऐसे स्थान पर रखना चाहिए जहां बाहर से आने वाले किसी मेहमान या बाहरी व्यक्ति की सीधी नजर उस पर न पड़े. खड़ी न रखें झाड़ू झाड़ू को कभी भी खड़ी करके नहीं रखना चाहिए. इसे हमेशा लिटाकर रखना ही वास्तु के अनुसार शुभ होता है. खड़ी झाड़ू घर में कलह और दरिद्रता का कारण बन सकती है.

महाभारत की वो वीरांगनाएं, जिनकी शक्तियां इतिहास के पन्नों में छिप गईं

महाभारत काल की जब भी बात होती है, तो अक्सर वीर पुरुषों के नाम और उनके पराक्रम की कहानियां ही सामने आती हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि उस समय कुछ ऐसी वीर और शक्तिशाली स्त्रियां भी थीं, जिनकी अद्भुत शक्तियां इतिहास के पन्नों में कहीं दबकर रह गईं. आखिर कौन थीं ये स्त्रियां और क्यों इनकी चर्चा कम होती है, आइए जानते हैं. 1. हिडिंबा इसमें सबसे पहला नाम आता है हिडिंबा का. वह एक भयानक राक्षस हिडिंब की बहन थी और खुद भी कई मायावी शक्तियों की स्वामिनी थी. वह रूप बदलने में माहिर थी और एक साथ कई लोगों को आकाश में उठा सकती थी. महाभारत के मुताबिक, लाक्षागृह से बचने के बाद जब पांडव जंगल में रुके थे, तब हिडिंब ने अपनी बहन को उन्हें मारने भेजा. लेकिन भीम को देखकर हिडिंबा मोहित हो गई और सुंदर स्त्री का रूप धारण कर लिया. बाद में भीम और हिडिंब के बीच युद्ध हुआ, जिसमें हिडिंब मारा गया और भीम ने हिडिंबा से विवाह कर लिया. हिडिंबा के पास एक और अद्भुत शक्ति थी, वह गर्भ धारण करते ही तुरंत संतान को जन्म दे सकती थी. इसी से घटोत्कच का जन्म हुआ था. 2. गांधारी गांधार देश के राजा सुबल की पुत्री होने के कारण उनका नाम गांधारी पड़ा था. वह भगवान शिव की महान भक्त थीं और उन्हें 100 पुत्रों का वरदान मिला था. उनकी आंखों में अद्भुत शक्ति थी. उन्होंने अपने तप और शक्ति से दुर्योधन के शरीर को वज्र समान मजबूत बना दिया था. हालांकि, श्रीकृष्ण की रणनीति के कारण उसकी जांघ कमजोर रह गई. महाभारत युद्ध के बाद गांधारी ने पांडवों को क्षमा कर दिया, लेकिन श्रीकृष्ण को पूरे वंश के नाश का श्राप दिया था. इससे उनकी शक्ति का अंदाजा लगाया जा सकता है. 3. कुंती कुंती एक तपस्वी और अत्यंत बुद्धिमान स्त्री थीं. उन्हें ऋषि दुर्वासा से एक चमत्कारी मंत्र प्राप्त हुआ था, जिससे वह किसी भी देवता का आह्वान कर सकती थीं. इसी मंत्र के प्रभाव से कर्ण का जन्म हुआ. बाद में उन्होंने यह मंत्र माद्री को भी दिया था. पति की मृत्यु के बाद कुंती ने अपने पुत्रों का पालन-पोषण किया और उन्हें योग्य शिक्षा दिलाई. उन्होंने पांडवों को उनका अधिकार दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उनकी राजनीतिक समझ और धैर्य उन्हें विशेष बनाता है. 4. उलूपी उलूपी नागराज वासुकी की दत्तक पुत्री थीं और उन्हें नागकन्या व जलपरी दोनों रूपों में जाना जाता है. अर्जुन जब अपने अभियान पर थे, तब उनकी मुलाकात उलूपी से हुई. उलूपी अर्जुन को पाताल लोक ले गई और उनसे विवाह किया. उसने अर्जुन को जल में अजेय होने का वरदान दिया था. 5. भानुमती भानुमती कंबोज के राजा की पुत्री थीं. वह बेहद सुंदर, बलशाली और बुद्धिमान थीं. उनके स्वयंवर में कई राजा आए थे, लेकिन दुर्योधन ने उनसे बलपूर्वक विवाह किया था. कहा जाता है कि भानुमती कुश्ती में निपुण थीं और कई बार दुर्योधन को भी हरा देती थीं. उनकी ताकत और बुद्धिमत्ता उन्हें खास बनाती है. 6. सत्यवती सत्यवती, राजा शांतनु की पत्नी थीं. उनका जन्म मछली के गर्भ से हुआ था, इसलिए उन्हें मत्स्यगंधा कहा जाता था. ऋषि पराशर ने उन्हें वरदान दिया, जिससे उनके शरीर से सुगंध आने लगी और उनका नाम सत्यवती पड़ा था. सत्यवती राजनीति और कूटनीति में निपुण थीं. उनके कारण ही भीष्म ने आजीवन ब्रह्मचर्य का व्रत लिया, जो आगे चलकर महाभारत युद्ध की नींव बना.

नीम करोली बाबा के 4 जीवन सूत्र, जो बदल सकते हैं आपकी सोच और जीवन

नीम करोली बाबा के 4 जीवन-बदलने वाले सूत्र नीम करोली बाबा सादगी और भक्ति के प्रतीक थे.  उनका मानना था कि सुख-समृद्धि पाने के लिए किसी कठिन अनुष्ठान की जरूरत नहीं है, बस कुछ छोटी बातों को जीवन में उतारना काफी है. 1. हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करें बाबा हनुमान जी के परम भक्त थे.  उनका कहना था कि हनुमान चालीसा की हर पंक्ति एक मंत्र की तरह है.  जो व्यक्ति रोजाना पूरी श्रद्धा के साथ सुबह-शाम हनुमान चालीसा पढ़ता है, उसके जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं. 2. गुरु का आशीर्वाद और मार्गदर्शन लें जीवन में एक गुरु का होना बहुत जरूरी है.  उनके अनुसार, जिसने गुरु चुन लिया, उसे उनके सानिध्य में रहते हुए उनके बताए मार्ग पर चलना चाहिए.  गुरु का आशीर्वाद ही सबसे बड़ी पूंजी है, जो इंसान को सही दिशा दिखा कर उसे भटकने नहीं देता. 3. बुरे वक्त में धैर्य रखें जीवन है तो उतार-चढ़ाव तो आएंगे ही. बाबा सिखाते थे कि कठिन समय में घबराना नहीं चाहिए.  हर अंधेरी रात के बाद सवेरा जरूर होता है. यदि आप अपनी ईश्वर/शक्ति पर पूरा भरोसा रखेंगे, तो बड़ी से बड़ी मुश्किल भी आसान हो जाएगी. 4. धन का सही इस्तेमाल करें असली अमीर वह नहीं है जिसके पास बहुत पैसा है, बल्कि वह है जो धन को सही जगह खर्च करता है. नीम करोली बाबा कहते थे कि अपने धन का कुछ हिस्सा जरूरतमंदों की सेवा और परोपकार में लगाना चाहिए.  जो पैसा दूसरों की भलाई में काम आता है, वह कभी कम नहीं होता, बल्कि बरकत लेकर आता है.

देवशयनी एकादशी से शुरू होगा चातुर्मास, 25 जुलाई से चार महीने तक शुभ कार्यों पर विराम

हिंदू धर्म में चातुर्मास के चार महीने बहुत ही शुभ माने जाते हैं. इन शुभ दिनों की शुरुआत देवशयनी एकादशी से होती है और समापन प्रबोधिनी यानी देवउठनी एकादशी पर होती है. द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार देवशयनी एकादशी 25 जुलाई को मनाई जाएगी, जिसके चार महीने भगवान विष्णु को समर्पित हैं. जिसका समापन देवउठनी एकादशी पर 20 नवंबर को होगा. इस चातुर्मास में सावन, भाद्रपद, आश्विन और कार्तिक के महीनों का आगमन होगा.    क्या है चातुर्मास? देवशयनी एकादशी पर शुरू होने वाले चातुर्मास से भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा में चले जाते हैं. जिसके बाद उन चार महीनों के लिए सभी मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है. इसके बाद जैसे ही श्रीहरि देवउठनी एकादशी पर जागते हैं, उसी वक्त से सभी मांगलिक कार्य दोबारा शुरू हो जाते हैं. पौराणिक कथा के मुताबिक, चातुर्मास की कथा राजा बलि और श्रीहरि से जुड़ी हुई है. राजा बलि, जो असुरों के राजा थे, उन्होंने इंद्र से सत्ता छीनकर पूरे ब्रह्मांड पर राज करना शुरू कर दिया था. तब सभी देवता भगवान विष्णु की शरण में गए. भगवान विष्णु ने वामन अवतार लिया, जो एक बौने ब्राह्मण के रूप में थे, और राजा बलि से तीन पग जमीन मांगी. फिर उन्होंने विशाल रूप धारण किया. पहले पग में पूरी पृथ्वी नाप ली, दूसरे पग में आकाश (मध्य लोक) को माप लिया. तीसरे पग के लिए जगह नहीं बची, तो राजा बलि ने अपना सिर आगे कर दिया और भगवान से कहा कि वे तीसरा पग उनके सिर पर रख दें. पुराणों के अनुसार, भगवान विष्णु इन चार महीनों तक राजा बलि के द्वार पर ही रहते हैं और कार्तिक शुक्ल एकादशी के दिन वापस आते हैं. इन चार महीनों में, जब देवता सोते हैं, तब असुर ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं और लोगों को परेशान करते हैं. इसलिए शास्त्रों में कहा गया है कि इस समय हर व्यक्ति को कोई न कोई व्रत जरूर करना चाहिए. चातुर्मास वही सुरक्षा कवच है, जो अनुशासन और भक्ति से हमें बचाता है. क्या चातुर्मास में मांगलिक कार्य होते हैं? चातुर्मास के दौरान, यज्ञ, विवाह, जनेऊ (उपनयन), गृह प्रवेश और अन्य शुभ काम नहीं किए जाते है. इस समय शादी-ब्याह जैसे मांगलिक कार्य करना अशुभ माना जाता है. इसके बजाय, गृहस्थ लोगों के लिए यह समय अपनी आस्था को मजबूत करने का होता है. वे ध्यान करते हैं और व्रत रखते हैं. लेकिन रोज की पूजा, सत्यनारायण कथा, रुद्राभिषेक और भक्ति से जुड़े काम चातुर्मास में पूरी तरह किए जा सकते हैं, बल्कि इन्हें करना और भी अच्छा माना जाता है. यानि, इस दौरान शुभ कामों पर रोक लगाना आध्यात्मिक रुकावट नहीं है, बल्कि अपनी ऊर्जा को भक्ति और साधना की ओर मोड़ना है. चातुर्मास में क्या खाना और क्या नहीं खाना चाहिए? चातुर्मास में भक्त कुछ खास चीजों का सेवन नहीं करते, जैसे गुड़, तेल, बैंगन और हरी पत्तेदार सब्जियां. साथ ही नमकीन और मसालेदार भोजन से भी परहेज किया जाता है. खासकर वैष्णव परंपरा को मानने वाले लोग इस दौरान तैलीय, ज्यादा नमक या मीठा खाने से बचते हैं. इसके अलावा प्याज, लहसुन और बैंगन भी नहीं खाते हैं. हर महीने के हिसाब से भी कुछ चीजों से परहेज किया जाता है- श्रावण में पालक और हरी सब्जियां नहीं खानी चाहिए. भाद्रपद में दही से बचना चाहिए. आश्विन में दूध नहीं पीना चाहिए. कार्तिक में मांसाहार, खासकर मछली नहीं खानी चाहिए. कैसे करें चातुर्मास में पूजा? चातुर्मास मनाने के लिए आपको कहीं बाहर जाने या मंदिर में रहने की जरूरत नहीं है. आप घर पर ही आसान तरीके से इसका पालन कर सकते हैं. – सुबह सूर्योदय से पहले उठें और भगवान विष्णु को दीपक जलाकर ताज़ी तुलसी के पत्ते अर्पित करें. – विष्णु सहस्रनाम या हरे कृष्ण महामंत्र का जाप करें. अगर आप एक माला भी जप लेते हैं, तो वह भी काफी माना जाता है. – इन चार महीनों में कम से कम एकादशी का व्रत जरूर रखें. – अपनी इच्छा से किसी एक चीज़ या आदत का त्याग करें, यही आपका व्यक्तिगत व्रत होगा. – भागवत पुराण या रामायण का पाठ करें या उनकी कथा सुनें. – दान-पुण्य करें, जैसे अन्नदान, गरीबों को भोजन कराना या मंदिर में सेवा करना.

बुध का कर्क राशि में प्रवेश, कई राशियों के लिए बदलेगा भाग्य का रास्ता

 वैदिक ज्योतिष के सभी ग्रहों में बुध अत्यंत प्रभावशाली ग्रहों में गिना जाता है. बुध को मिथुन और कन्या राशि का स्वामी माना जाता है और यह ग्रह विशेष रूप से बुद्धि, वाणी, संवाद क्षमता, व्यापारिक समझ और मानसिक चेतना से जुड़ा होता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, बुध 22 जून यानी आज दोपहर 3 बजकर 9 मिनट पर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे. बुध का यह राशि परिवर्तन बहुत ही विशेष माना जा रहा है. ऐसे में कुछ राशियों के लिए यह गोचर बहुत ही शुभ है और कुछ राशियों को सावधान रहना होगा. 1. मेष बुध का गोचर मेष राशि के चौथे भाव में होगा. घर का माहौल सकारात्मक बना रहेगा. करियर और कार्यक्षेत्र के संदर्भ में यह समय मेहनत का फल देने वाला रहेगा. बेहतर परिणाम मिलने की संभावना है. वरिष्ठ अधिकारियों और सहकर्मियों का सहयोग भी मिल सकता है. आर्थिक मामलों में जमीन-जायदाद से जुड़े विवाद सामने आ सकते हैं. यह समय जीवनसाथी के लिए प्रगति लेकर आ सकता है. करियर में उन्नति या पदोन्नति मिलने की संभावना बन सकती है. 2. वृषभ बुध का गोचर वृषभ राशि के तीसरे भाव में होगा. अधूरे काम पूरे हो सकते हैं. आपके प्रयासों को सफलता मिल सकती है. आर्थिक मामले सही रहेंगे. रिश्ते मजबूत हो सकते हैं. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को अच्छे परिणाम मिलने की संभावना बढ़ सकती है. 3. मिथुन बुध का गोचर मिथुन राशि के दूसरे भाव में होगा. कम्युनिकेशन स्किल इस समय आपकी सबसे बड़ी ताकत बन सकती है. यह समय धन अर्जित करने के लिए बढ़िया माना जा रहा है. नई संपत्ति या प्रॉपर्टी खरीदने का विचार कर सकते हैं. 4. कर्क बुध आज कर्क राशि में ही जाने वाले हैं. सेहत का सबसे ज्यादा ध्यान रखना होगा. हालांकि, आर्थिक दृष्टि यह समय सकारात्मक रहेगा. विदेशी स्रोतों, विदेशी कंपनियों या विदेश से जुड़े कार्यों से लाभ मिलने की संभावना बन सकती है. परिवार में मानसिक बनी रहेगी. करियर के क्षेत्र में नौकरीपेशा लोगों के लिए यह समय अच्छा साबित हो सकता है. 5. सिंह बुध का गोचर सिंह राशि वालों के बारहवें भाव में होगा, जो खर्च, विदेश, एकांत, शोध और मानसिक चिंतन से जुड़ा होता है. आर्थिक योजना बनाकर चलना बेहद जरूरी रहेगा. अनावश्यक खर्चे बढ़ सकते हैं. इस दौरान लंबी दूरी की यात्रा करनी पड़ सकती है, जो भविष्य के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है. 6. कन्या बुध कन्या राशि वालों के ग्यारहवें भाव में होगा. आपकी कोई पुरानी इच्छा पूरी हो सकती है. लंबे समय से रुका हुआ काम पूरा हो सकता है. सेहत अच्छी रहेगी. आप खुद को ऊर्जा से भरपूर और शारीरिक रूप से मजबूत महसूस कर सकते हैं. सामाजिक जीवन में इस दौरान आपकी सक्रियता बढ़ सकती है. नए रिश्तों की शुरुआत होने की संभावना भी बन सकती है. 7. तुला बुध का गोचर तुला राशि वालों के दसवें भाव में होगा. यह अवधि तुला राशि के जातकों के लिए सकारात्मक अवसर लेकर आ सकती है. कार्यक्षेत्र या बिजनेस से जुड़ी कोई ऐसी खुशखबरी मिल सकती है. करियर में पदोन्नति मिलने की संभावना बन सकती है. समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ सकता है. पारिवारिक जीवन में भी यह समय सुखद रह सकता है. भाग्य का साथ मिलेगा. 8. वृश्चिक बुध का गोचर वृश्चिक राशि वालों के नौवें भाव में होगा. इस दौरान कई मामलों में अप्रत्याशित लाभ मिलने की संभावना भी बन सकती है. इस दौरान अचानक यात्रा के योग भी बन सकते हैं, जो किसी जरूरी कार्य या अवसर के कारण हो सकती है. 9. धनु बुध का गोचर धनु राशि वालों के आठवें भाव में होगा. स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव आ सकता है. इस दौरान जीवनसाथी के साथ किसी बात को लेकर मतभेद हो सकता है. पिता से जुड़े आर्थिक मामलों में थोड़ी परेशानी आ सकती है. 10. मकर बुध का गोचर मकर राशि वालों के सातवें भाव में होगा. पदोन्नति या आय में वृद्धि होने की संभावना बन सकती है. पेशेवर जीवन में स्थिरता और प्रगति देने वाला साबित हो सकता है. पारिवारिक जीवन में भी सकारात्मक माहौल बना रह सकता है. आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है. 11. कुंभ बुध कुंभ राशि वालों के छठे भाव में प्रवेश करेंगे. पुराने कर्ज से मुक्ति मिलने की संभावना बन सकती है. खर्चों में बढ़ोतरी होने की संभावना भी बन सकती है. आर्थिक योजना बनाकर चलना जरूरी होगा. कानूनी मामला चल रहा है तो इस दौरान निर्णय आपके पक्ष में आने की संभावना बन सकती है. 12. मीन बुध मीन राशि वालों के पांचवें भाव में होगा. इस दौरान नई चीजें सीखने और ज्ञान प्राप्त करने की इच्छा बढ़ सकती है. आर्थिक दृष्टि से यह समय आय में वृद्धि के संकेत दे सकता है. यदि आप विवाहित हैं तो जीवनसाथी को करियर में कोई महत्वपूर्ण उपलब्धि मिल सकती है. प्रेम विवाह के योग भी बन सकते हैं. 

बुधादित्य योग और भद्र राजयोग का शुभ संयोग, मिथुन-कन्या समेत इन राशियों पर बरसेगी किस्मत की मेहरबानी

मेष: 22 जून के दिन फाइनेंशियल दिक्कतों से छुटकारा पाने के लिए अपने पार्टनर से सलह लें। आज काफी मोटिवेटेड फील करेंगे। सही दृष्टिकोण के साथ आप अपने रोमांटिक सपनों को हकीकत में बदल सकते हैं। वर्क प्रेशर आज ज्यादा फील हो सकता है। वृषभ: 22 जून के दिन सिनीयर्स के साथ नोक-झोक से बचना बेहतर रहेगा। धन के मामले में लकी रहने वाले हैं आज आप। वर्क प्रेशर ज्यादा हो सकता है। अर्थीक स्थिति मजबूत रहेगी। करियर में कुछ नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। मिथुन: 22 जून के दिन उत्साह से भरा रहेगा दिन। आज आपको काम पर फोकस करने की सलाह दी जाती है। अपनी डाइट को हेल्दी रखें। आगे बढ़ने और दुनिया को यह दिखाने से न डरें कि आप क्या कर सकते हैं। कर्क: 22 जून के दिन फाइनेंशियल स्थिति में थोड़े-बहुत उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। स्किल्स में सुधार करना चाहते हैं, तो अब कदम उठाने का सही समय आ गया है। आज का दिन थोड़ा बिजी फील हो सकता है। सिंह: 22 जून का दिन आपके लिए काफी लकी माना जा रहा है। अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलें। बिजनेस कर रहे लोगों की किस्मत साथ देगी। अपने रास्ते में आने वाले अवसरों का लाभ उठाने का दिन है। कन्या: 22 जून के दिन मजाकिया बातचीत में खुद को शामिल करने के लिए तैयार रहें। आज के दिन कुछ ऐसा करें, जो आप हमेशा से करना चाहते थे। आपका अच्छा मूड होगा और यह उन लोगों को आकर्षित करेगा, जो कनेक्शन बनाने के लिए तैयार हैं। तुला: 22 जून के दिन आपको अपने फाइनेंस को मैनेज करने में आपका पार्टनर मदद कर सकता है। हेल्थ पर आज कड़ी नजर रखें। जो लोग रिलेशन में हैं, उनके लिए आज अपने जुनून को जगाने और अपनी पार्ट्नर्शिप में फिर से स्पार्क लाने का सही समय है। वृश्चिक: 22 जून के दिन अपने साथी की बात ध्यान से सुनें। विवाद को निपटाने के लिए समझौता करना जरूरी है। एक-दूसरे के साथ फिर से जुड़ने के लिए समय निकालें और हर पल का आनंद उठाएं। अपने रोज के कार्यक्रम से कुछ समय निकालें। धनु: 22 जून के दिन धैर्य रखें और टकराव को रोकने के लिए खुद को समझाएं। शाम होते-होते आपकी सभी मुश्किलें कम हो जाएंगी। अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए आज का दिन शुभ है। थोड़ा इमोशनल फील कर सकते हैं। मकर: 22 जून के दिन आप प्यार और परिवार के बीच फंसा हुआ महसूस कर सकते हैं। जबकि आपका दिल नई दोस्ती के लिए तरस सकता है। अपने ऊपर अत्यधिक बोझ डालने से बचने के लिए अपने जीवन में इन चीजों को संतुलित करने का तरीका खोजना अनिवार्य है। कुंभ: 22 जून के दिन ऐसी एक्टिविटी करें, जो आपको खुश और कॉन्फिडेंट बनाती है। आपकी आनंदमय ऊर्जा को बढ़ाने और उन लोगों को आकर्षित करने का सबसे अच्छा तरीका है, जो आपके जैसा ही महसूस करते हैं। मीन: 22 जून के दिन आपको कुछ मुश्किलों से जूझना पड़ सकता है। अगर आप अपने पार्टनर के साथ कोई प्लान बना रहे हैं, तो बातचीत के दौरान विवाद हो सकता है, जो तीखी बहस में बदल सकता है। खुलकर बातचीत करने की कोशिश करें। डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।  

वास्तु शास्त्र के अनुसार फ्रिज के ऊपर ये चीजें रखना हो सकता है अशुभ, बढ़ती है नकारात्मक ऊर्जा

वास्तु शास्त्र में घर की हर वस्तु का अपना महत्व होता है, और फ्रिज भी इससे अछूता नहीं है. रसोई में रखा फ्रिज न केवल भोजन को ताज़ा रखता है, बल्कि यह घर की ऊर्जा और आर्थिक स्थिति पर भी असर डालता  है.  वास्तु के अनुसार, फ्रिज जल तत्व का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए इसे सही दिशा में रखना और इसके ऊपर रखी जाने वाली चीजों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. फ्रिज के ऊपर क्या न रखें? फ्रिज के ऊपर सामान रखने की आदत अक्सर घर में नकारात्मक ऊर्जा को खींच कर वास्तु दोष का कारण बनती है. इसलिए कुछ चीजों को फ्रिज के ऊपर कभी न रखें: दवाइयां: फ्रिज के ऊपर दवाइयां रखने से उनकी प्रभावशीलता कम हो जाती है. इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा vibrations) बढ़ते हैं. धन और कीमती वस्तुएं: नकदी, सिक्के या गहने फ्रिज के ऊपर रखने से धन के आगमन में रुकावट आती है. अनावश्यक आर्थिक हानि हो सकती है. इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: माइक्रोवेव या टोस्टर जैसे भारी बिजली के उपकरण फ्रिज के ऊपर रखने से ऊर्जाओं में टकराव होता है.  साथ ही, फ्रिज के कंपन से इनके गिरने का खतरा भी बना रहता है. मृत पौधे: सूखे फूल, बोनसाई या मुरझाए हुए पौधे कभी न रखें. ये घर में मृत और नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करते हैं. खाने-पीने की चीजें: फ्रिज के मोटर से निकलने वाली गर्मी के कारण ऊपर रखे ब्रेड, अनाज या शराब जैसे खाने-पीने की चीजें जल्दी खराब हो जाती हैं, जिससे घर में वास्तु दोष पैदा होता है. फ्रिज के ऊपर/अंदर क्या रखें (सकारात्मक ऊर्जा के लिए) घर की सकारात्मकता और समृद्धि बढ़ाने के लिए आप ये उपाय अपना सकते हैं: आध्यात्मिक प्रतीक: फ्रिज के दरवाजे पर स्वास्तिक जैसे शुभ प्रतीक या वास्तु के मुताबिक मैग्नेट लगाने से घर में सुख-समृद्धि आती है. क्लीयर क्वार्ट्ज क्रिस्टल: फ्रिज के ऊपर एक छोटा, साफ क्लीयर क्वार्ट्ज क्रिस्टल रखने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है. यह रसोई में सुरक्षा घेरा बनता है. प्रकाश: वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, फ्रिज के पास एक छोटा घी का दीपक या सुगंधित मोमबत्ती रखना तत्वों को संतुलित करने और ऊर्जा को शुद्ध करने में मदद करता है. सेंधा नमक (Rock Salt): एक छोटी कांच की कटोरी में थोड़ा सेंधा नमक रखें. यह रसोई की नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है. इसे हर 15-20 दिन में बदलते रहें. सुगंधित मोमबत्ती: एक छोटी सुगंधित मोमबत्ती (बिना जलाए) रखने से भी वातावरण ताज़ा बना रहता है. फ्रिज के लिए कुछ महत्वपूर्ण वास्तु टिप्स दिशा का चुनाव (Ideal Placement): वास्तु के अनुसार, फ्रिज को हमेशा रसोई या डाइनिंग रूम के दक्षिण-पश्चिम (South-West) या दक्षिण-पूर्व (South-East) कोने में रखें. फ्रिज को कभी भी उत्तर-पूर्व (North-East) दिशा में न रखें. साफ-सफाई: फ्रिज को हमेशा साफ और व्यवस्थित रखें. उसे गैरजरूरी सामानों से न भरें (Overstuffing न करें). एक्सपायरी चेक करें: फ्रिज में रखा बासी या खराब भोजन ऊर्जा के प्रवाह को रोकता है. इसलिए, समय-समय पर फ्रिज चेक करें , एक्सपायर हो चुके सामान को तुरंत बाहर निकालें.