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हावड़ा-जमालपुर वंदे भारत ने तोड़ा रिकॉर्ड: 12 महीनों में 15 लाख यात्री और 13 करोड़ की आय

भागलपुर हावड़ा-जमालपुर वंदे भारत एक्सप्रेस ने 17 सितंबर को एक साल का सफल संचालन पूरा कर लिया। पहले यह ट्रेन हावड़ा भागलपुर के नाम से चलती थी। शुरुआत में ट्रेन केसरिया और काले रंग में चलती थी, लेकिन 16 अगस्त से जमालपुर से संचालन शुरू होने के बाद इसका रंग उजाला और ब्लू कर दिया गया। वहीं, मालदा डिविजन के आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान लगभग 15 लाख यात्रियों ने इस ट्रेन से सफर किया और रेलवे को 13 करोड़ रुपये की आमदनी हुई। वहीं, भागलपुर स्टेशन यार्ड में वंदे भारत की मेंटेनेंस सुविधा भी शुरू होने जा रही है। 32 करोड़ रुपये की लागत से डब्ल्यूपीओ कंपनी द्वारा पिट लाइन तैयार की गई है। 28 सितंबर को इसका फाइनल निरीक्षण होगा। इस पिट लाइन के बाद ट्रेन की नियमित मेंटेनेंस और तकनीकी कार्य यहीं किए जा सकेंगे। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इससे भविष्य में वंदे भारत की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी। वंदे भारत यात्रियों को अब मिलेगा एक लीटर रेल नीर वंदे भारत एक्सप्रेस में सफर करने वाले यात्रियों को अब पानी की कमी की समस्या से जूझना नहीं पड़ेगा। आईआरसीटीसी ने बड़ा बदलाव करते हुए आधा लीटर के स्थान पर एक लीटर रेल नीर की बोतल देने की तैयारी शुरू कर दी है। आईआरसीटीसी के एजीएम विरेंद्र भट्ठी ने बताया कि अन्य रूटों पर यह व्यवस्था पहले से लागू है और जल्द ही वंदे भारत में भी यात्रियों को सुविधा मिलेगी। दरअसल, यात्रियों की ओर से लगातार शिकायत की जा रही थी कि आधा लीटर पानी यात्रा के दौरान पर्याप्त नहीं होता। अतिरिक्त बोतल की मांग पर उपलब्धता का हवाला देकर इंकार कर दिया जाता था। अब यह नई व्यवस्था यात्रियों की सुविधा में बड़ा कदम साबित होगी।

ट्रंप की घोषणा का असर: 5 बड़ी फार्मा कंपनियों के शेयर धड़ाम

मुंबई   डोनाल्‍ड ट्रंप ने गुरुवार देर रात फार्मा समेत कई सेक्‍टर पर टैरिफ का ऐलान कर दिया.फार्मा पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया गया है, जिसका असर आज भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिल रहा है. भारतीय शेयर बाजार आज दबाव में कारोबार कर रहा है. सेंसेक्‍स 412.67 अंक गिरकर 80,747.01 पर है और निफ्टी 115 अंक गिरकर 24,776 पर कारोबार कर रहा है. वहीं फार्मा शेयर, जिनका अमेरिका में बड़ा एक्‍सपोजर है, आज बिखर गए. ट्रंप टैरिफ के ऐलान के बाद भारत के 5 फार्मा शेयर तेजी से बिखरे हैं, जिसमें अरबिंदो, ल्यूपिन, डीआरएल, सन और बायोकॉन शामिल हैं. Arvindo Pharma आज 1.91 फीसदी गिरकर 1,076 रुपये पर कारोबार कर रहा है. Lupin शेयर में करीब 3 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो 1918.60 रुपये पर कारोबार कर रहा है. सन फार्मा के शेयर करीब 3.8 फीसदी टूटकर 1580 पर कारोबार कर रहा है. Cipla के शेयर में 2 फीसदी की गिरावट आई है. Strides Pharma Science 6 फीसदी, नैट्को फॉर्मा 5 फीसदी, बॉयोकॉन 4 फीसदी, ग्‍लैनफार्मा 3.7%, डिविलैब 3%, IPCA लैब 2.5% और Zydus life 2 % टूटे हैं. मैनकाइंड फार्मा में भी 3.30 फीसदी की गिरावट रही.  बीएसई टॉप 30 शेयरों की बात करें तो सबसे ज्‍यादा ग‍िरावट सनफार्मा के शेयर में 3.8 फीसदी की रही. इसके बाद इंफोसिस, टेक महिंद्रा और एशियन पेंट्स जैसे 25 शेयर 2 फीसदी तक टूटे हैं. बाकी 5 शेयरों में तेजी है. भारी दबाव में ये सेक्‍टर्स टैरिफ ऐलान के बाद आज फार्मा सेक्‍टर में सबसे बड़ा दबाव दिखाई दे रहा है. यह सेक्‍टर 1.80  फीसदी टूट चुका है. इसके अलावा, H-1B वीजा के कारण आईटी 1.30 फीसदी और हेल्‍थकेयर सेक्‍टर 1.50 फीसदी टूटकर कारोबार कर रहे हैं. 88 शेयर 52वीक के लो पर  बीएसई के 3,073 शेयरों में से 864 शेयरों में तेजी देखी जा रही है, जबकि 2,062 शेयर गिर हुए हैं. 147 शेयरों में कोई एक्‍शन नहीं दिखाई दे रहा है. 76 शेयरों में अपर सर्किट और 65 शेयरों में लोअर सर्किट लगा है. 88 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर कारोबार कर रहे हैं.  निवेशकों को तगड़ा नुकसान  शेयर बाजार में गिरावट से निवेशकों को आज भी तगड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है. बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन आज 454 लाख करोड़ हो चुका है, जबकि कल 457 लाख करोड़ रुपये था. इसका मतलब है कि निवेशकों को करीब 3 लाख करोड़ का नुकसान हुआ है.     

वैश्विक स्तर पर चमकी भारत की अर्थव्यवस्था, अमित शाह ने मोदी सरकार की उपलब्धियों का किया दावा

मुंबई मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज वैश्विक अर्थव्यवस्था के विश्लेषक भारत की विकास गाथा को स्वीकार कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले दस वर्षों में हुए सुधारों को ऐतिहासिक बताया। अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने बैंकिंग क्षेत्र में उन सुधारों की शुरुआत की, जो वर्षों तक भ्रष्टाचार और अपारदर्शिता से ग्रसित रहा। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने निर्णायक कदम उठाए। शाह ने बताया कि बीते दस वर्षों में देश में 53 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए। इसका उद्देश्य गरीब से गरीब व्यक्ति को भी बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच दिलाना था। उन्होंने कहा कि इससे देश की आर्थिक संरचना मजबूत हुई। गृह मंत्री ने कहा कि सरकार ने पहली बार नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (एनपीए) की जानकारी को पारदर्शी तरीके से प्रस्तुत किया। इससे न केवल बैंकों की कार्यप्रणाली में सुधार आया बल्कि निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा। भारत की छवि मजबूत हुई उन्होंने कहा कि भारत की विकास दर और सुधारों ने वैश्विक स्तर पर देश की छवि को मजबूती दी है। अब दुनिया भारत को आर्थिक शक्ति के रूप में देख रही है। शाह ने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में भारत और तेजी से विकास करेगा और विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होगा। जीएसटी पर क्या बोले शाह? शाह ने जीएसटी सुधारों पर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी की पार्टी इसे अपना विचार बताती रही, लेकिन उनकी सरकार राज्यों को 14% वृद्धि की गारंटी नहीं दे पाई। मोदी सरकार ने यह भरोसा दिलाकर इसे लागू किया। गृह मंत्री ने आगे कहा कि ग्रीन ग्रोथ और रक्षा उत्पादन भारत की विकास यात्रा के प्रमुख कारक होंगे। उन्होंने बैंकों से कहा कि भारतीय बैंक अब वैश्विक शीर्ष बैंकों में शामिल होने के लिए पैमाना बदलें। भारत-अमेरिका वार्ता पर भी बोले शाह इस दौरान शाह ने भारत-अमेरिकी वार्ता पर भी अपनी बात कई बाते रखी। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका वार्ता अपने अंतिम चरण में है और एक सप्ताह में इसका परिणाम सबके सामने होगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार अर्थव्यवस्था को मजबूती और सुचारु रूप से आगे बढ़ाने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। इसके साथ ही शाह ने ‘मेक इन इंडिया’ और एमएसएमई सेक्टर को मजबूती देने की बात करते हुए कहा कि यह भारत को निर्माण केंद्र बनाने में निर्णायक साबित होगा। उन्होंने यूपीआई को डिजिटल क्रांति की धुरी बताया।

दुनिया को चौंकाने वाला दान: लैरी एलिसन देंगे 31.24 लाख करोड़, 15 साल पहले ली थी संकल्प

न्यूयॉर्क  दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्‍यक्ति और ओरैकल के फाउंडर लैरी एलिसन ने अपनी कुल संपत्ति का 95 फीसदी दान करने की बात कही है. एलिसन फिलहाल टेस्‍ला के सीईओ एलन मस्‍क के बाद दूसरे सबसे अमीर आदमी हैं. ब्‍लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्‍स के मुताबिक, एलिसन के पास सितंबर, 2025 तक करीब 373 अरब डॉलर की संपत्ति थी. इस लिहाज से अगर देखा जाए तो इसका 95 फीसदी यानी 31 लाख करोड़ रुपये से ज्‍यादा की संपत्ति वे दान करने वाले हैं. एलिसन की संपत्ति में सबसे ज्‍यादा उछाल ओरैकल के एआई मॉडल की ग्रोथ के बाद आया है, जिसकी वजह से ओरैकल के स्‍टॉक में जबरदस्‍त उछाल दिखा है. एलिसन ने साल 2010 में ही अपनी कुल संपत्ति का 95 फीसदी दान करने की बात कही थी. उनकी संपत्ति में सबसे बड़‍ी हिस्‍सेदारी ओरैकल की इक्विटी में 41 फीसदी भागीदारी के रूप में आती है. सितंबर, 2025 तक एलिसन के पास 373 अरब डॉलर की संपत्ति रही है. उन्‍होंने टेस्‍ला में भी बड़ा निवेश किया हुआ है. कहां दान करते हैं अपना पैसा एलिसन पहले से ही अपनी संपत्ति का एक बड़ा हिस्‍सा दान करते आए हैं, जो ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी के एक गैर लाभकारी संगठन एलिसन इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नोलॉजी के जरिये किया जाता रहा है. यह संस्‍थान दुनियाभर में हेल्‍थकेयर, खाने की कमी, क्‍लाइमेट में बदलाव और एआई रिसर्च के लिए फंडिंग करता है. इस संस्‍थान का नया कैंपस साल 2027 में खुलने वाला है, जिसकी वैल्‍यू करीब 1.3 अरब डॉलर की होगी. इससे पहले एलिसन ने 20 करोड़ डॉलर का दान यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न कैलिफोर्निया को कैंसर रिसर्च सेंटर स्‍थापित करने के लिए दिया था. इसके अलावा 1 अरब डॉलर का दान एलिसन मेडिकल फाउंडेशन को भी दिया था. मुश्किल प्रोजेक्‍ट पर कर रहे काम  एलिसन ने पिदले साल साइंटिस्‍ट जॉन बेल को अपने रिसर्च सेंटर की अगुवाई के लिए नियुक्‍त किया था. लेकिन, पिछले अगस्‍त में उन्‍होंने कहा कि यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के पूर्व प्रेसिडेंट सैंटा ओनो को हायर किया है, जो बेल के साथ मिलकर काम करते. इसके दो सप्‍ताह बाद ही बेल ने अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया. उनका कहना था कि यह बहुत मुश्किल प्रोजेक्‍ट है और इस पर काम नहीं किया जा सकता है. कोड लिखने से की थी करियर की शुरुआत एलिसन ने यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनोइस से पढ़ाई समाप्‍त करने के बाद डाटाबेस कोड लिखने से अपने करियर की शुरुआत की थी. साल 1977 में उन्‍होंने बतौर सह-संस्‍थापक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट लैबोरेटरीज की स्‍थापना की, जो बाद में ओरैकल के नाम से जानी गई. साल 2014 तक वह ओरैकल के सीईओ रहे. इसके बाद एग्‍जीक्‍यूटिव चेयरमैन और सीटीओ के पद पर काम किया. एलिसन के पास इस कंपनी के अलावा भी कई और निवेश हैं. उन्‍होंने हवाई द्वीप का करीब 98 फीसदी हिस्‍सा खरीद रखा है.

भारत का सबसे अमीर बनने का सपना सच होने के क़रीब: गौतम अदाणी की संपत्ति में दो दिन में 13 अरब डॉलर का उछाल

नई दिल्ली देश के दिग्गज उद्योगपति और अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी की संपत्ति में बीते दो कारोबारी सत्रों में 13 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है। उनकी संपत्ति में बढ़ोतरी शेयरों की कीमत में तेजी आने के कारण हुई है। गौतम अदाणी की संपत्ति में इस साल 17.1 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है, जबकि मुकेश अंबानी की संपत्ति में 8.02 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। अदाणी ग्रुप के शेयरों में बढ़ोतरी की वजह सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) की ओर से शॉर्ट सेलर फर्म हिंडनबर्ग मामले में क्लीन चिट देना है। शॉर्ट-सेलर द्वारा व्यापक रूप से प्रचारित दावों के झूठे होने की पुष्टि करने वाले अपने अंतिम आदेश में, सेबी ने निष्कर्ष निकाला कि अदाणी समूह ने दो निजी फर्मों के माध्यम से धन का प्रवाह करके किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया, जिससे छिपे हुए संबंधित पक्ष लेनदेन और धोखाधड़ी के दावों को प्रभावी ढंग से खारिज कर दिया गया। बीते तीन कारोबारी सत्रों में अदाणी पावर का शेयर करीब 30 प्रतिशत, अदाणी टोटल गैस का शेयर भी करीब 18 प्रतिशत, अदाणी ग्रीन एनर्जी का शेयर करीब 15 प्रतिशत, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के शेयर का दाम 10 प्रतिशत से अधिक बढ़ चुका है। इस दौरान अदाणी एंटरप्राइजेज का शेयर 11 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दे चुका है, जबकि अदाणी पोर्ट्स के शेयर ने करीब 3 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। दुनिया के अरबपतियों की सूची में 452 अरब डॉलर के साथ एलन मस्क शीर्ष पर हैं। इसके बाद 388 अरब डॉलर के साथ लैरी एलिसन दूसरे, 269 अरब डॉलर के साथ मार्क जुकरबर्ग तीसरे, 250 अरब डॉलर के साथ जेफ बेजोस चौथे और 221 अरब डॉलर के साथ लैरी पेज पांचवे स्थान पर होंगे। मौजूदा में समय में अरबपतियों की सूची में मुकेश अंबानी 98.6 अरब डॉलर के साथ 18 वें स्थान पर, गौतम अदाणी 95.7 अरब डॉलर के साथ 19 वें स्थान पर हैं।

Nokia की बाजार में वापसी तय, क्या एक बार फिर जीत पाएगा यूज़र्स का भरोसा?

मुंबई  Nokia एक बार फिर मार्केट में वापसी कर रही है. कंपनी ने HMD ग्लोबल के साथ अपने ब्रांड लाइसेंस एग्रीमेंट को बढ़ा दिया है. इसका मतलब है कि HMD अगले कुछ सालों तक Nokia की ब्रांडिंग वाले फोन्स बेच पाएगी. हालांकि, ये एग्रीमेंट सिर्फ फीचर फोन्स के लिए है. यानी मार्केट में आपको नोकिया के स्मार्टफोन नहीं मिलेंगे.  दोनों कंपनियों के बीच साल 2016 में ब्रांड लाइसेंसिंग एग्रीमेंट हुआ था, जो 2026 में एक्सपायर होने वाला था. हालांकि, लाइसेंस एक्सपायर होने से पहले ही HMD ने नोकिया ब्रांड का इस्तेमाल करना बंद कर दिया था.  कौन-से फोन होंगे लॉन्च? कंपनी पिछले कुछ वक्त से HMD ब्रांड नेम के तहत स्मार्टफोन और फीचर फोन्स मार्केट में बेच रही है. रिपोर्ट्स की मानें, तो कंपनी ने नोकिया के साथ अपने लाइसेंस को अगले दो से तीन साल के लिए बढ़ा लिया है. इसकी वजह से हमें मार्केट में नोकिया ब्रांडिंग वाले फीचर फोन्स एक बार फिर देखने को मिल सकते हैं.  HMD ने नोकिया ब्रांडिंग के साथ कई क्लासिक फोन्स को मार्केट में दोबारा लॉन्च किया था. इन फोन्स को अच्छा रिस्पॉन्स भी मिला, लेकिन स्मार्टफोन के जमाने में फीचर फोन्स कहां तक मुकाबला करते. वहीं दूसरी तरफ नोकिया की ब्रांडिंग के बाद भी HMD के स्मार्टफोन्स मार्केट में कोई कमाल नहीं कर पाए.  अब तक कंपनी को नहीं हुआ फायदा पिछले कुछ वक्त से कंपनी HMD ब्रांडिंग के साथ स्मार्टफोन को लॉन्च कर रही है. मगर इसका भी कोई फायदा होते ब्रांड को नहीं दिख रहा है. नोकिया ब्रांड की फीचर फोन मार्केट में वापसी कंपनी को राहत पहुंचा सकती है. खासकर भारत और चीन जैसे मार्केट में जहां आज भी फीचर फोन्स की मांग है.  भारत की बात करें, तो फीचर फोन्स की डिमांड यहां सबसे ज्यादा है. IDC के डेटा के मुताबिक, HMD ग्लोबल भारतीय फीचर फोन मार्केट में एक मजबूत प्लेयर है. साल 2024 में कंपनी का मार्केट शेयर लगभग 22 फीसदी था. लाइसेंस एक्सटेंशन से HMD को मजबूती मिलेगी. ये देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस पारी में नोकिया और HMD की जोड़ी कोई कमाल करेगी.

Hero ने लॉन्च किया नया Destini स्कूटर, GST छूट के बाद कीमत 72,000 रुपये तक पहुंची

नई दिल्ली जीएसटी छूट से सरगर्म ऑटो बाजार में हीरो मोटोकॉर्प ने बड़ा दांव खेला है. जब तमाम कंपनियां दाम घटाने की होड़ में हैं, वहीं हीरो ने ग्राहकों को सिर्फ कीमत का तोहफा ही नहीं दिया, बल्कि एकदम नया स्कूटर Destini 110 लॉन्च किया है. महज 72,000 रुपये से शुरू होने वाला यह स्कूटर न सिर्फ किफायती है बल्कि लुक और डिज़ाइन के मामले में सेग्मेंट के लीडर Honda Activa को टक्कर देता है. वेरिएंट और प्राइस जनवरी 2025 में कंपनी ने Destini 125 का नया अवतार पेश किया था और अब उसी डिज़ाइन व स्टाइलिंग पर बेस्ड नया Destini 110 लॉन्च किया गया है. कंपनी ने इसे दो वेरिएंट्स में उतारा है. VX वेरिएंट की कीमत 72,000 रुपये और ZX जिसकी कीमत 79,000 रुपये (एक्स-शोरूम) रखी गई है. लुक और डिज़ाइन देखने में यह स्कूटर काफी हद तक बड़े मॉडल Destini 125 से मिलता-जुलता है. इसमें वही H-शेप्ड LED डे-टाइम-रनिंग लाइट (DRLs) और LED टेललैंप दिए गए हैं. इंडिकेटर्स एप्रन पर थोड़ा नीचे की ओर प्लेस किए गए हैं. चौड़ा फ्लोरबोर्ड और लंबी सीट के चलते ये स्कूटर एक आरामयदाक सवारी के लिए डिज़ाइन किया गया है. कलर ऑप्शन     VX वेरिएंट: ग्रे, ब्लू और व्हाइट     ZX वेरिएंट: ग्रे, ब्लू और रेड इंजन और परफॉर्मेंस Destini 110 में कंपनी ने 110.9 सीसी का इंजन दिया है, जो 8.1 bhp की पावर और 8.87 Nm का टॉर्क जेनरेट करता है. हीरो का दावा है कि यह स्कूटर 56.2 kmpl का माइलेज देगा. ZX वेरिएंट में कंपनी ने कैस्ट व्हील्स और फ्रंट डिस्क ब्रेक ब्रेक्स दिए हैं. वहीं  VX वेरिएंट में ड्रम ब्रेक सेटअप मिलता है.  आंकड़ो में Destini सीट हाइट 770 मिमी व्हीलबेस 1,302 मिमी ग्राउंड क्लीयरेंस 162 मिमी वजन 114 किग्रा फ्यूल टैंक 5.3 लीटर मिलते हैं ये फीचर्स दोनों वेरिएंट्स में प्रोजेक्टर LED हेडलाइट, LED टेल लैंप, डिगी-एनालॉग स्पीडोमीटर, फ्रंट ग्लव बॉक्स, इनबिल्ट USB चार्जिंग पोर्ट जैसे फीचर्स दिए गए हैं. सस्पेंशन के लिए सामने टेलिस्कोपिक फोर्क और पीछे सिंगल-साइड शॉक दिया गया है. दोनों वेरिएंट्स में 12-इंच ट्यूबलेस टायर दिए गए हैं.  Honda Activa से तुलना भारत का सबसे लोकप्रिय स्कूटर Honda Activa फिलहाल 73,000 रुपये से 77,500 (एक्स-शोरूम) की रेंज में उपलब्ध है. ऐसे में हीरो ने Destini 110 को रणनीतिक तरीके से पोजिशन किया है. इसका बेस VX वेरिएंट (72,000 रुपये) Activa से सस्ता है. टॉप ZX वेरिएंट (79,000 रुपये) थोड़ा महंगा जरूर है, लेकिन इसमें डिस्क ब्रेक, कैस्ट व्हील्स और LED प्रोजेक्टर हेडलैंप जैसे प्रीमियम फीचर्स हैं, जो Activa में नहीं मिलते.

अब सस्ता हुआ सीमेंट! देश की सबसे बड़ी कंपनी अल्ट्राटेक ने कीमतों में की बड़ी कमी

नई दिल्ली सीमेंट सेक्‍टर की दिग्‍गज कंपनी अल्‍ट्राटेक ने जीएसटी कटौती का तोहफा अपने कस्‍टमर्स को दिया है. कंपनी ने सीमेंट की कीमतों में कटौती का ऐलान किया है, जो 22 सितंबर से प्रभावी हैं. अब 1 बोरी सीमेंट पहले से काफी सस्‍ता हो चुका है. कंपनी ने अपने सर्कुलर में कहा कि 22 सितंबर से ग्रे सीमेंट और सफेद सीमेंट सभी पर GST 18% लागू होगा, जो पहले 28 फीसदी था.  कंपनी ने कहा कि एक जिम्मेदार संगठन के तौर पर अल्ट्राटेक इस कटौती का पूरा लाभ अपने डीलर्स और कस्‍टमर्स तक पहुंचाएगा. जिस कारण ग्रे और सफेद सीमेंट की कीमतों में जीएसटी संशोधन किया जा रहा है. कंपनी ने सभी डीलर्स को इसका लाभ कस्‍टमर्स को देने के लिए निर्देश दिया.  कंपनी ने कहा कि 22 सितंबर से नई जीएसटी दर सभी सीमेंट बैग पर लागू होंगे. अपने 17 सितंबर को जारी सर्कुलर में कंपनी ने कहा कि अबसे 21 सितंबर, 2025 के बीच, प्लांट से भेजे जाने वाले सभी सीमेंट बैगों पर पुराना और संशोधित एमआरपी दोनों दर्ज किया जाएगा. पुराना स्‍टॉक खत्‍म होने के बाद ही नई कीमत पर नया स्‍टॉक दिया जाएगा. कितने कम हुए सीमेंट के दाम  Ultratech ने अलग-अलग कैटेगरी के सीमेंट की कीमतों में कटौती की है. कंपनी ने एक बोरी सीमेंट पर करीब 50 रुपये घटाए हैं. PPC सीमेंट के एक बोरी की कीमत पहले 550 रुपये थी, जो अब घटकर 500 रुपये हो चुकी है. PCC Premium LPP के एक बोरी की कीमत पहले 600 रुपये थी, जो अब कम होकर 550 रुपये हो चुकी है. बाकी कैटेगरी के सीमेंट पर भी इसी तरह दाम घटे हैं.  सीमेंट पर कितना घटा जीएसटी जीएसटी काउंसिल की बैठक में सीमेंट पर जीएसटी को 28 फीसदी से घटकार 18 फीसदी कर दिया गया, यानी सीमेंट की कीमतों में 10 फीसदी जीएसटी रेट कम किए गए. यह कटौती 22 सितंबर से देश मे लागू हो चुकी है.  अब स‍िर्फ 2 मुख्‍य स्‍लैब  गौरतलब है कि 3 सितंबर को हुए जीएसटी काउंसिल की बैठक में अबतक के सबसे बड़ा जीएसटी सुधार किया गया. इसके तहत 4 स्‍लैब को हटाकर सिर्फ 2 मुख्‍य स्‍लैब 5% और 18% कर दिया गया. वहीं लग्‍जरी और सिन प्रोडक्‍ट पर जीएसटी दर को बढ़ाकर 40 फीसदी कर दिया गया. जीएसटी में इतने बड़े सुधार के बाद 22 सितंबर से तमाम चीजें सस्‍ती हो गई हैं. एसी-कार से टीवी, कपड़ा और जूता तक सस्‍ते हो चुके हैं. हालांकि अभी कस्‍टमर्स नए स्‍टॉक का इंतजार कर रहे हैं. 

₹49,999 में Ola की S1 X और Roadster बाइक, जानें ऑफर की पूरी डिटेल

मुंबई  अगर आप इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने का प्लान कर रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। इलेक्ट्रिक स्कूटर और मोटरसाइकल बनाने वाली देसी कंपनी ओला इलेक्ट्रिक ने ओला सेलिब्रेट्स इंडिया नाम से एक शानदार फेस्टिव ऑफर शुरू किया है, जिसके तहत इसकी इलेक्ट्रिक गाड़ियों की शुरुआती कीमत ₹49,999 हो गई है। यह ऑफर मुहूर्त महोत्सव के नाम से शुरू किया गया है जो अगले नौ दिनों तक चलेगा। इस दौरान रोजाना सीमित संख्या में स्कूटर और मोटरसाइकिल 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर उपलब्ध होंगी। ओला रोज सुबह अपने सोशल मीडिया हैंडल पर इन खास मुहूर्तों की घोषणा करेगा। ₹49,999 में मिलेंगे ये स्कूटर और मोटरसाइकल इस ऑफर के तहत ओला S1 X का 2 kWh बैटरी वाला मॉडल मात्र ₹49,999 रुपये में खरीदा जा सकता है। इसकी कीमत 81,999 रुपये है। इसके अलावा ओला रोडस्टर X का 2.5 kWh बैटरी वाला वेरिएंट सिर्फ ₹49,999 में मिलेगा। इस मोटरसाइकल की कीमत 99,999 रुपये है। ₹99,999 में दमदार मॉडल जो लोग ज्यादा पावर वाले मॉडल लेना चाहते हैं उनके लिए ओला का S1 प्रो+ (5.2 kWh) और रोडस्टर X+ (9.1 kWh) की कीमत अब ₹99,999 है। ये दोनों ही टॉप-स्पेसिफिकेशन वाले मॉडल हैं, जिनमें 4680 भारत सेल बैटरी पैक लगे हैं। वैसे इनकी कीमत 1,69,999 रुपये और 1,89,999 रुपये है। ओला की अन्य गाड़ियों की कीमतें सीमित समय के इस ऑफर के अलावा ओला अपनी अन्य गाड़ियों को भी बेचती रहेगी। S1 प्रो+ और S1 प्रो – इनकी बैटरी 3 kWh से 5.2 kWh तक की है, और इनकी कीमत ₹1.20 लाख से ₹1.69 लाख के बीच है। S1 X – यह इलेक्ट्रिक स्कूटर आम लोगों के लिए बना है और इसकी शुरुआती कीमत ₹81,999 है। पुराने मॉडल – दूसरी जनरेशन के पुराने मॉडल अभी भी ₹97,999 और ₹1,18,999 में उपलब्ध हैं। मोटरसाइकिलों की कीमतें ओला ने अपनी रोडस्टर सीरीज को भी कई कॉन्फिगरेशन में पेश किया है। रोडस्टर X+ – इसमें 4.5 kWh की बैटरी है और इसकी कीमत ₹1,27,499 है। रोडस्टर X – यह 2.5 kWh, 3.5 kWh और 4.5 kWh के विकल्पों में आती है और इसकी कीमत ₹99,999 से ₹1,24,999 के बीच है। स्पोर्ट्स स्कूटर सेगमेंट में एंट्री करेगा ओला ओला ने हाल ही में अपने सालाना संकल्प इवेंट में यह भी बताया कि 4680 भारत सेल वाली S1 प्रो+ (5.2 kWh) और रोडस्टर X+ (9.1 kWh) की डिलीवरी नवरात्रि से शुरू हो जाएगी। इनकी कीमत ₹1.69 लाख और ₹1.89 लाख है। इसके साथ ही ओला ने स्पोर्ट्स स्कूटर सेगमेंट में भी एंट्री की घोषणा की है। S1 प्रो स्पोर्ट नाम का यह स्कूटर जनवरी 2026 में ₹1.49 लाख की शुरुआती कीमत पर लॉन्च होगा। ओला इलेक्ट्रिक इस फेस्टिव सीजन में ग्राहकों को अपनी तरफ खींचने के लिए कई आकर्षक छूट और फायदे दे रहा है।  

ऑटो शेयरों में रफ्तार, बाजार में ब्रेक — निफ्टी-सेंसेक्स लाल निशान में

मुंबई  शेयर बाजार में मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बीच सप्ताह के लगातार दूसरे कारोबारी दिन सुस्ती के साथ कारोबार की शुरुआत हुई और फिर सेंसेक्स-निफ्टी की चाल बदली-बदली नजर आई. दरअसल, ग्रीन में खुलने के बाद दोनों इंडेक्स रेड जोन में आ गए. हालांकि, ऑटो कंपनियों के शेयरों में आई तूफानी तेजी के चलते दोनों इंडेक्स ओपनिंग के साथ सोमवार की गिरावट के उबरे हुए नजर आए थे.  बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स खुलने के कुछ ही मिनटों में 150 अंक के आसपास तक उछला, लेकिन फिर अचानक 100 अंक के करीब टूट गया, लेकिन अगले ही पल फिर ग्रीन में आ गया. तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी अपने पिछले बंद के मुकाबले बढ़त के साथ कारोबार शुरू किया और 25,250 तक चढ़ा, लेकिन फिर गिरकर 25,160 तक आ गया. इससे पहले सोमवार को मार्केट में आखिरी कारोबारी घंटे में गिरावट तेज हो गई थी और ट्रंप के H1B Visa की फीस में बढ़ोतरी के ऐलान के बाद आईटी स्टॉक्स के बिखरने के चलते में सेंसेक्स-निफ्टी बुरी तरह फिसलकर बंद हुए थे.  ऐसे चढ़त-गिरते नजर आए इंडेक्स मंगलवार को शुरुआती कारोबार सेंसेक्स ने अपने पिछले बंद 82,159.97 की तुलना में फिसलकर 82,147 पर ओपनिंग की और फिर अचानक उछाल भरते हुए  82,307.50 पर कारोबार करता दिखा, लेकिन इसके बाद इसमें गिरावट आई और ये 140 अंक फिसलकर 82,019 तक आ गया. एनएसई निफ्टी मामूली बढ़त के साथ 25,209 पर कारोबार शुरू किया और फिर सेंसेक्स की तरह इसकी चाल भी बदलती रही. ग्लोबल मार्केट में गिफ्ट निफ्टी भी गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था.  Tata से MRF तक ऑटो शेयरों का धमाल भले ही शेयर मार्केट में तगड़ा उतार-चढ़ाव दिखा, लेकिन ऑटो और ऑटो सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में सरकार के GST Cut के चलते तूफानी तेजी दिखी. टाटा मोटर्स, मारुति से लेकर महिंद्रा एंड महिंद्रा तक के शेयर ओपनिंग के साथ ही दौड़ लगाते नजर आए. Maruti 3.20%, M&M 2.60%, Tata Motors 1.50%, Ashok Leyland 2.66%, Sona Comstar 2.10%, Uno Minda 1.30%, Exide India 1.15%, MRF 1.10% की उछाल के साथ ट्रेड कर रहे थे.   ये शेयर भी ग्रीन जोन में  ऑटो स्टॉक्स के अलावा मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान बढ़त के साथ ग्रीन जोन में नजर आने वाले अन्य शेयरों की बात करें, तो इनमें Thermax 2%, OFSS 1.75%, Glenmark 1.70%, RVNL 1.30%, Om Infra Share 15.15%, IIL 13.43%, KEC 7.58%, ATL 7.52%, PVSL 5.19% की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे.  कल संभल नहीं सका था बाजार शेयर बाजार बीते कारोबारी दिन सोमवार को पूरे कारोबारी दिन सुस्ती के साथ कारोबार हुआ था और भारी उतार-चढ़ाव देखने के बाद दोनों इंडेक्स बड़ी गिरावट के साथ क्लोज हुए थे. सेंसेक्स 466 अंक फिसलकर 82,159.97 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी ने 124 अंक की गिरावट लेकर 25,202.35 पर क्लोजिंग की थी.खासतौर पर आईटी शेयर बुरी तर टूटे थे और टेक महिंद्रा से लेकर टीसीएस, इंफोसिस तक के शेयरों में पैसे लगाने वालों को तगड़ा नुकसान हुआ था.