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गोल्‍ड-सिल्‍वर ETF में 40% का नुकसान, निवेशकों को हो सकता है बड़ा झटका, अब क्या कदम उठाएं?

मुंबई  कुछ महीने पहले गोल्‍ड-सिल्‍वर की खूब चर्चा हो रही थी. हर छोटा, बड़ा निवेशक सोना-चांदी खरीदने की बातें कर रहा था. उसमें भी ज्‍यादातर लोग सोना और चांदी को डिजिटल खरीदने की सलाह दे रहे थे, चाहे वह कमोडिटी एक्‍सपर्ट्स हो या ना… जिसका नतीजा ये रहा कि बहुत से निवेशकों ने अपने शेयरों में लगाया पैसा या फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट में लगाया पैसा निकालकर Gold-Silver ईटीएफ खरीदे। अगर जनवरी में खरीदे गए अभी भी इनके पास गोल्‍ड और सिल्‍वर के ईटीएफ हैं, तो अब ये फंस चुके हैं. क्‍योंकि जनवरी से लेकर अभी तक इन ETFs में भारी गिरावट देखने को मिली है. ये ईटीएफ अभी तक 40 फीसदी तक टूट चुके हैं. जबकि निवेशकों को उम्‍मीद थी कि ईरान-अमेरिका के बीच जंग शुरू होने के बाद इनमें तेजी आएगी, लेकिन ठीक इसके उल्‍टा हुआ है और इन मेटल्‍स के ईटीएफ में तेज गिरावट आई है। गोल्‍ड-सिल्‍वर ETFs में इतनी गिरावट क्‍यों आई?  ऐसा माना जाता है कि कोई भी जंग निवेशकों को सेफ असेट की ओर आकर्षित करती है, लेकिन ईरान-अमेरिका के बीच जंग ने सेफ असेट यानी सोना-चांदी के भाव को गिराया है. इसी कारण गोल्‍ड-सिल्‍वर ETFs में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है. एक्‍सपर्ट्स का मानना है कि सोना और चांदी में गिरावट डॉलर में मजबूती के कारण हुआ है     होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के कारण तेल की कीमतों में इजाफा देखने को मिला है. ब्रेंट क्रूड ऑयल अभी 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहा है. इस कारण ग्‍लोबल महंगाई का खतरा पैदा हुआ है. ऐसे में निवेशक सुरक्षित मुद्रा 'डॉलर' को मान रहे हैं, जिस कारण डॉलर में तेजी है.      मजबूत डॉलर और महंगाई, जंग के बीच भी सोने-चांदी में तेजी को रोक रहे हैं. वहीं फेडरल रिजर्व बैंक की ओर से भी रेट कटौती की उम्‍मीद नहीं दिखाई दे रही है, जो सोने-चांदी की कीमतों पर विपरीत असर डालते हैं. ऐसे में सोने-चांदी की चमक फीकी दिख रही है.      तीसरा बड़ा कारण, सोने-चांदी के ईटीएफ में तेजी रुक जाने से और बिकवाली के कारण निवेशक इन असेट को बेचकर बाहर निकल रहे हैं. ऐसे में Gold-Silver ETFs में डिस्‍काउंट्स है.  अब आगे क्‍या अनुमान है?  एक्‍सपर्ट्स की बातों को समराइज करें तो ये पता चलता है कि अगर अमेरिकी इकोनॉमी में मंदी का खतरा पैदा होता है तो सोने-चांदी के दाम में अच्‍छी तेजी आज सकती है, जिससे Gold-Silver ETFs के दाम में भी तेजी आ सकती है, लेकिन अगर अमेरिकी इकोनॉमी मजबूत होती है तो सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट आने से ये ईटीएफ के भाव भी गिरेंगे.  कमोडिटी एक्‍सपर्ट्स का यह भी मानना है कि ईरान-इजरायल जंग रुकने के बाद सोने और चांदी के भाव नीचे आ सकते हैं, जो एक बड़ा करेक्‍शन हो सकता है. वहीं कुछ एक्‍सपर्ट्स यह भी कह रहे हैं कि इस साल सोना-चांदी 15 से 20 फीसदी का रिटर्न दे सकते हैं.  रिकॉर्ड हाई से कितना टूटे गोल्‍ड-सिल्‍वर ईटीएफ?  Nippon India Silver ETF 29 जनवरी को 360 रुपये पर था, जहां से यह करीब 40 फीसदी गिरकर 235 रुपये पर कारोबार कर रहा है. Nippon India Gold ETF 29 जनवरी को अपने रिकॉर्ड हाई 148 रुपये से 15 फीसदी नीचे है और 127 रुपये पर कारोबार कर रहा है. इसी तरह, Tata Silver ETF 32%, ICICI सिल्‍वर ईटीएफ करीब 35 फीसदी, टाटा गोल्‍ड ईटीएफ और ICICI गोल्‍ड ईटीएफ 15% तक गिरे हैं.  रिकॉर्ड हाई से कितने सस्‍ते हुए सोना-चांदी?  MCX पर चांदी का रिकॉर्ड हाई लेवल 4.20 लाख रुपये प्रति किलो है और सोने का भाव 1.93 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम है. 18 मार्च को चांदी की कीमत 2.52 लाख रुपये है और सोना 1.55 लाख रुपये है. ऐसे में चांदी 1.68 लाख रुपये और सोना 38 हजार रुपये सस्‍ता है. 

PF खाताधारकों के लिए अहम खबर: EPFO के नियमों में बदलाव पर सरकार का बड़ा अपडेट

नई दिल्ली लोकसभा में सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत चल रहे EPFO 3.0 रिफॉर्म्स पर विस्तृत जानकारी दी है। श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने बताया कि इस पहल का मकसद सिस्टम को ज्यादा तेज, पारदर्शी और यूजर-फ्रेंडली बनाना है। खासतौर पर क्लेम सेटलमेंट को फास्ट करना, प्रोसेस को आसान बनाना और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए सभी सेवाएं एक जगह उपलब्ध कराना इसमें शामिल है। क्या होगा बदलाव सबसे बड़ा बदलाव सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम (CPPS) को लेकर आया है। मंत्री ने बताया कि 1 जनवरी 2025 से EPFO के सभी फील्ड ऑफिस इस सिस्टम को पूरी तरह अपना चुके हैं। इस नए सिस्टम की मदद से हर महीने 70 लाख से ज्यादा पेंशनर्स को समय पर और बिना गलती के पेंशन मिल रही है। यानी अब पेंशन के भुगतान में देरी या गड़बड़ी की शिकायतें काफी हद तक कम हो गई हैं। क्लेम सेटलमेंट के मामले में भी बड़ा सुधार देखने को मिला है। सरकार के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में 25 फरवरी 2026 तक ₹5 लाख तक के कुल 3.52 करोड़ से ज्यादा क्लेम ऑटो मोड में सेटल किए गए हैं। यही नहीं, कुल एडवांस क्लेम्स में से करीब 71.37% ऑटोमैटिक तरीके से निपटाए गए, जिनके जरिए लगभग ₹51,620 करोड़ की राशि जारी की गई। इससे साफ है कि अब लोगों को अपने पैसे के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ रहा। EPF अकाउंट ट्रांसफर अब काफी आसान नौकरी बदलने पर EPF अकाउंट ट्रांसफर भी अब काफी आसान हो गया है। पहले जहां इस प्रक्रिया में नियोक्ता की मंजूरी और कई स्टेप्स लगते थे, अब KYC अपडेट होने पर यह काम खुद-ब-खुद हो रहा है। 25 फरवरी 2026 तक करीब 70.5 लाख ऑटो ट्रांसफर क्लेम्स बिना किसी दखल के प्रोसेस हो चुके हैं। वहीं 21 लाख से ज्यादा ट्रांसफर क्लेम ऐसे हैं, जो कर्मचारियों ने खुद बिना नियोक्ता की मदद के जमा किए। एक बड़ा डिजिटल अपग्रेड अगर EPFO 3.0 को आसान भाषा में समझें, तो यह एक बड़ा डिजिटल अपग्रेड है, जिसमें कागजी काम कम करके पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और ऑटोमेटेड बनाया गया है। पहले जहां क्लेम सेटलमेंट में 20 दिन तक लग जाते थे, अब वही काम 3 दिन से भी कम समय में हो रहा है। इससे कर्मचारियों और पेंशनर्स दोनों को काफी राहत मिल रही है। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल (EPS-95 के तहत न्यूनतम पेंशन बढ़ाने) पर फिलहाल कोई ठोस ऐलान नहीं हुआ है। सरकार ने इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि इस पर विचार चल रहा है, लेकिन अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। ऐसे में लाखों पेंशनर्स की नजर अब आने वाले फैसलों पर टिकी हुई है।

शेयर बाजार में बड़ी उछाल, गिरावट के बाद एक घंटे में सेंसेक्स पहुंचा 76,000 पर

मुंबई शेयर बाजार की चाल दो कारोबारी दिनों से लगातार बदली-बदली नजर आ रही है. सोमवार को जहां सेंसेक्स-निफ्टी ने आखिरी कारोबारी घंटे में बाजी पलट दी थी और शुरुआती गिरावट के बाद अचानक तूफानी तेजी लेकर बंद हुए थे. वहीं मंगलवार को भी दोनों इंडेक्स की चाल शुरुआती कारोबार में ही बदलती रही।  जी हां, बढ़त के साथ खुलने के बाद कुछ ही मिनटों में दोनों इंडेक्स रेड जोन में ट्रेड करते दिखे, तो घंटेभर के कारोबार के बाद अचानक सुस्ती से उबरते हुए पलटी मार दी. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 495 अंक की छलांग लगाकर 76,000 पर कारोबार कर रहा था, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स 150 अंक से ज्यादा उछल गया था. इस बीच Zomato की पैरेंट कंपनी Eternal, M&M, Tata Steel, से लेकर Maruti, IndiGo तक के शेयर तेज रफ्तार पकड़े नजर आए।  सेंसेक्स-निफ्टी की बदली-बदली चाल  शेयर मार्केट में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत सुस्ती के साथ हुई. BSE Sensex अपने पिछले कारोबारी बंद 75,502.85 की तुलना में तेजी के साथ 75,826 पर ओपन हुआ और फिर कुछ मिनट में ही ये फिसलकर 75,234 के स्तर पर आ गया. करीब घंटेभर के कारोबार के बाद स्थिति फिर से बदली हुई दिखी और सेंसेक्स इंडेक्स 495 अंक की उछाल के साथ 76,000 के लेवल पर पहुंच गया।  NSE Nifty की बात करें, तो इसकी चाल भी सेंसेक्स के साथ-साथ बदलती रही. 50 शेयरों वाले इस इंडेक्स ने अपने पिछले बंद 23,408 की तुलना में बढ़त लेकर 23,493 पर कारोबार शुरू किया था और फिर ये 23,346 तक फिसला था. लेकिन अचानक इसमें भी तूफानी तेजी आ गई और खबर लिखे जाने तक निफ्टी 155 अंक की तेजी लेकर 23,577 पर कारोबार करता नजर आया. हालांकि, इस स्तर पर पहुंचने के बाद फिर दोनों इंडेक्स की रफ्तार कम होती दिखी ये 10 शेयर बने बाजार के 'हीरो' Stock Market में अचानक आई इस तेजी के बीच कई दिग्गज शेयरों का सपोर्ट शामिल है, जो तेज रफ्तार से भागते हुए नजर आए. इनमें बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Eternal Share (3.70%), M&M Share (2.94%), Tata Steel Share (2.86%), Maruti Share (2.10%), Indigo Share (1.50%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे।  वहीं मिडकैप में शामिल Tornt Power Share (2.20%) और Ashok Leyland Share (1.85%) की बढ़त में था. स्मॉलकैप कैटेगरी में शामिल शेयरों में APARINDS Share (4%), ASTERDM Share (3.20%) और MCX Share (3%) उछलकर कारोबार कर रहा था।   अचानक तेजी के ये बड़े कारण बात करें, शेयर बाजार में अचानक आई तेजी के पीछे के कारणों के बारे में, तो एशियाई बाजारों में तेजी से मिले ग्लोबल पॉजिटिव सिग्नल का असर देखने को मिला है. Japan Nikkei, Hongkong HangSeng से लेकर साफत कोरिया का KOSPI तक ग्रीन जोन में ट्रेड कर रहे थे. इसके अलावा लगातार दूसरे दिन मेटल, ऑटो जैसे शेयरों में वैल्यू बाइंग देखने को मिली है. बाजार के डर का पैमाना India VIX फिर 6 फीसदी टूटा।     

फरवरी में भारत का व्यापारिक घाटा कम होकर 27.1 अरब डॉलर हुआ

नई दिल्ली  भारत का वस्तु व्यापारिक घाटा फरवरी में कम होकर 27.1 अरब डॉलर हो गया है, जो कि पिछले महीने 34.68 अरब डॉलर था। यह जानकारी वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की ओर से  दी गई। बीते महीने देश का वस्तु निर्यात बढ़कर 36.61 अरब डॉलर हो गया है, जो कि जनवरी में 36.56 अरब डॉलर था। वहीं, आयात कम होकर 63.71 अरब डॉलर हो गया है, जो कि पहले 71.24 अरब डॉलर था। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देश का वस्तु निर्यात वित्त वर्ष 2025-26 की अप्रैल-फरवरी अवधि में 402.93 अरब डॉलर रहा है, जो कि पिछले साल समान अवधि में 395.66 अरब डॉलर था। यह समीक्षा अवधि में सालाना आधार पर 1.84 प्रतिशत की बढ़त को दर्शाता है। यह आंकड़े ऐसे समय पर सामने आए हैं, जब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध चल रहा है, जो 28 फरवरी को शुरू हुआ था और जिसके चलते मध्य पूर्व में होर्मुज जलडमरूमध्य बाधित हो गया है। इसी जलडमरूमध्य से होकर दुनिया के 20 प्रतिशत तेल और गैस का निर्यात होता है।  जलडमरूमध्य के बंद होने से मध्य पूर्व के देशों को चावल जैसी वस्तुओं के भारत के निर्यात पर भी असर पड़ा है। पहले, भारत के ऊर्जा आयात का लगभग 50 प्रतिशत होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आता था, लेकिन अब इसमें विविधता आ गई है और इसका एक बड़ा हिस्सा रूस से आ रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारत के रणनीतिक तेल भंडार और 40 आपूर्तिकर्ता देशों से ऊर्जा आयात में विविधता लाने से वैश्विक ऊर्जा संकटों का सामना करने की देश की क्षमता में काफी सुधार हुआ है। इस लचीलेपन के कारण ईरान युद्ध से उत्पन्न व्यवधान के बावजूद भारत में कोई ऊर्जा संकट नहीं आया है, क्योंकि सरकार आपूर्ति-पक्ष प्रबंधन के माध्यम से स्थिति को संभाल रही है। जहाज और बंदरगाह मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, भारत ईरान के साथ भी सीधे संपर्क में है ताकि उसके व्यापारिक जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति मिल सके। भारतीय ध्वज वाला जहाज जग लाडकी रविवार को संयुक्त अरब अमीरात के फुजैरा बंदरगाह से लगभग 80,800 मीट्रिक टन मुरबान कच्चे तेल के साथ सुरक्षित रूप भारत के लिए रवाना हुआ। जहाज और उस पर सवार सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। बयान में आगे कहा गया कि इलाके में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं, और पिछले 24 घंटों में भारतीय नाविकों से जुड़ी कोई भी दुर्घटना की सूचना नहीं मिली है। भारतीय ध्वज वाले दो एलपीजी वाहक जहाज, शिवालिक और नंदा देवी, जिनमें लगभग 92,712 मीट्रिक टन एलपीजी भरी हुई है, शनिवार को होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं और वर्तमान में भारत की ओर रवाना हैं। इनके सोमवार को मुंद्रा बंदरगाह और मंगलवार को कांडला बंदरगाह पहुंचने वाले हैं।

आखिरी घंटे में पलटी बाजी, शेयर बाजार ने दिखाई ताकत, सेंसेक्स 900 अंक बढ़ा

मुंबई शेयर बाजार की चाल ने सप्ताह के पहले कारोबारी दिन निवेशकों को जमकर हैरान किया. कभी रेड, तो कभी ग्रीन जोन में सेंसेक्स-निफ्टी कारोबार करते नजर आए, लेकिन दोपहर दो बजे के आसपास अचानक बाजी पलट गई और दोनों इंडेक्स रॉकेट की रफ्तार से भागने लगे. बाजार बंद होने पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 938 अंक की तेजी लेकर बंद हुआ, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 257 अंक उछलकर क्लोज हुआ. इस तेजी के बीच HDFC Bank, M&M, Trent जैसे शेयर जोरदार उछाल के साथ बंद हुए।  सुस्त शुरुआत के बाद रॉकेट बना सेंसेक्स शेयर बाजार में धीमी शुरुआत के बीच BSE Sensex सोमवार को अपने पिछले शुक्रवार के बंद 74,563 की तुलना में गिरकर 74,415 के लेवल पर ओपन हुआ था और शुरुआती कारोबार के दौरान 73,949 तक फिसला था. हालांकि, आखिरी कारोबारी घंटे में 2.20 बजे के आसपास अचानक 30 शेयरों वाला ये इंडेक्स गदर मचाने लगा और अंत में 938 अंक या 1.26 फीसदी की उछाल के साथ 75,502.85 पर क्लोज हुआ।   Nifty ने भी मचाया गदर  सेंसेक्स ही नहीं, NSE Nifty की भी चाल बदली-बदली नजर आई. एनएसई का ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,151 की तुलना में गिरकर 23,116 पर खुला था. खराब शुरुआत के बाद ये तेजी से फिसलता चला गया और 22,955.25 के लेवल आ गया था, लेकिन सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए इस इंडेक्स ने भी रफ्तार पकड़ी और बाजार बंद होने पर ये 257.70 अंक चढ़कर 23,408.80 पर क्लोज हुआ।  इन 10 शेयरों ने दिखाया दम  शेयर बाजार में अचानक लौटी तेजी के बीच जिन टॉप-10 शेयरों ने दम दिखाया, उनमें लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Trent Share (3.01%), HDFC Bank Share (2.88%), M&M Share (2.86%), Eternal Share (2.80%), Bajaj Finance Share (2.79%), ITC Share (2.22%) और Tata Steel Share (2.04%) की तेजी के साथ बंद हुआ. मिडकैप में शामिल Paytm Share (3.86%) चढ़कर क्लोज हुआ, तो वहीं स्मॉलकैप में शामिल शेयरों में Poonawalla Share (4.40%) और Apollo Tyre Share (3.38%) उछलकर बंद हुआ।  बाजार में तेजी के ये बड़े कारण  सोमवार को बाजार में अचानक लौटी तेजी के पीछे के कारणों की बात करें, तो निचले स्तरों से वैल्यू बाइंग देखने को मिली. मेटल, ऑटो, बैंक और FMCG शेयरों ने मार्केट को सपोर्ट किया. इसके अलावा शेयर बाजार में डर का पैमाना माने जाने वाला India VIX करीब 5% फिसल गया। 

सोना-चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट, चमक पड़ी फीकी, जानें आज के रेट

इंदौर मिडिल ईस्ट जंग के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की जा रही है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार,  बीते कारोबारी दिन (शुक्रवार), 13 मार्च 2026 को शाम के समय 22 कैरेट सोने का भाव ₹145093 प्रति 10 ग्राम था, जो आज 16 मार्च 2026 को ₹143295 प्रति 10 ग्राम पहुंच आ गया है. वहीं, चांदी (999, प्रति 1 किलो) की कीमत में भी आज गिरावट दर्ज की गई है।  बता दें कि इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए गए दाम पूरे देश में मान्य होते हैं. केंद्रीय सरकार द्वारा घोषित छुट्टियों के अलावा शनिवार और रविवार को रेट जारी नहीं किए जाते हैं।  Gold-Silver Price Today 16 March 2026: सोना-चांदी का लेटेस्ट रेट शुद्धता शुक्रवार शाम का रेट सोमवार सुबह का रेट जानें कितना सस्ता? सोना (प्रति 10 ग्राम) 999 (24 कैरेट) 158399 156436 1963 रुपये सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 995 (23 कैरेट) 157765 155810 1955 रुपये सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 916 (22 कैरेट) 145093 143295 1798 रुपये सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 750 (18 कैरेट) 118799 117327 1472 रुपये सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 585 (14 कैरेट) 92663 91515 1148  रुपये सस्ता चांदी (प्रति 1 किलो) 999 260488 252793 7695 रुपये सस्ती बता दें कि बीते कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को सोना सुबह की तुलना में शाम के समय सस्ता हुआ था जबकि, चांदी के रेट में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई थी. शुक्रवार को 24 कैरेट सोने का भाव (999 शुद्धता) सुबह का रेट: ₹158555 प्रति 10 ग्राम शाम का रेट: ₹158399 प्रति 10 ग्राम शुक्रवार को चांदी का भाव (999 शुद्धता) सुबह का रेट: ₹259951 प्रति किलो शाम का रेट: ₹260488 प्रति किलो इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए गए दामों में जीएसटी शामिल नहीं होता है. गहने खरीदते समय पर मेकिंग चार्ज भी अलग से देने होते हैं. 

एयर इंडिया का ऐतिहासिक कदम: अबू धाबी और दुबई की 5 फ्लाइट्स रद्द

 नई दिल्ली मध्य पूर्व (Middle East) में गहराते युद्ध के बादलों ने अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. कई देशों द्वारा अपने एयरस्पेस (वायु क्षेत्र) को बंद करने या पाबंदियां लगाने के कारण वैश्विक उड़ानों का पूरा शेड्यूल बिगड़ गया है. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के एअरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा जारी नए निर्देशों के बाद एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानों पर भी बड़ा असर पड़ा है। 15 मार्च 2026 के लिए निर्धारित कई 'एड-हॉक' (ad-hoc) उड़ानों को रद्द करना पड़ा है, जिससे भारत और यूएई के बीच यात्रा करने वाले सैकड़ों यात्री फंसे हुए हैं। एअर इंडिया ने स्पष्ट किया है कि दुबई एअरपोर्ट अथॉरिटी के निर्देशों के कारण उसे अपनी उड़ानें कम करने पर मजबूर होना पड़ा है. एअर इंडिया की दिल्ली-दुबई मार्ग पर केवल एक रिटर्न फ्लाइट संचालित होगी, जबकि पांच में से चार निर्धारित उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। एअर इंडिया एक्सप्रेस की दुबई के लिए छह में से पांच उड़ानें रद्द हैं, केवल एक दिल्ली-दुबई रिटर्न फ्लाइट चलेगी. अबू धाबी के लिए एअर इंडिया एक्सप्रेस की सभी पांचों उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। शारजाह: एयर इंडिया एक्सप्रेस दिल्ली, कन्नूर, कोच्चि, कोझिकोड, मुंबई और तिरुवनंतपुरम के लिए उड़ानें संचालित करने की योजना बना रही है. रास अल खैमाह: कोझिकोड और कोच्चि के लिए उड़ानें चलेंगी। कंपनी ने साफ किया है कि ये उड़ानें भी स्लॉट की उपलब्धता और परिचालन के समय की स्थितियों पर निर्भर करेंगी. यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक कर लें।

28 दिन में 18 लाख से अधिक बाइक और स्कूटर बिके, जानें कौन सी कंपनियों की हुई सबसे ज्यादा बिक्री

 नई दिल्ली भारतीय टू-व्हीलर मार्केट के लिए फरवरी शानदार महीना रहा है. इस महीने ऑटोमोबाइल कंपनियों ने बेहतरीन सेल की है. SIAM (सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स) ने  बताया कि फरवरी 2026 में इंडस्ट्री ने रिकॉर्ड सेल की है. टू-व्हीलर मार्केट की बात करें, तो इस सेक्टर की ग्रोथ 35.2 परसेंट है। सभी कंपनियों ने कुल 18,71,406 यूनिट्स बेची हैं. पिछले साल फरवरी में कंपनियों ने 13,84,605 यूनिट्स बेची थी. कैटेगरी के हिसाब से बात करें, तो स्कूटर्स की सेल 42.3 परसेंट बढ़ी है. कंपनियों ने 7,29,774 यूनिट्स बेची हैं। सबसे ज्यादा किन कंपनियों ने बेची दोपहिया? वहीं मोटरसाइकिल की सेल 30.8 परसेंट बढ़ी है. कंपनियों ने कुल 10,96,537 यूनिट्स बेची हैं. सबसे ज्यादा टू-व्हील्स हीरो मोटोकॉर्प ने बेचे हैं. कंपनी ने फरवरी 2026 में कुल 4,57,826 यूनिट्स बेची हैं. वहीं दूसरे नंबर पर होंडा टू-व्हीलर्स हैं, जिन्होंने 4.31 लाख गाड़ियों को बेचा है. ये आंकड़े रिटेल सेल्स के हैं। तीसरे नंबर पर TVS है. कंपनी ने फरवरी 2026 में कुल 3,33,935 यूनिट्स बेची हैं. वहीं बजाज ने 1,80,846 यूनिट्स और सुजुकी ने 94,398 यूनिट्स को बेचा है. 6वें पायदान पर रॉयल एनफील्ड है, जिसने 91,216 यूनिट्स को बेचा है. ओला को छोड़ दे तो इस महीने सभी टू-व्हीलर कंपनियों की सेल बढ़ी है.    कंपनी हीरो मोटोकॉर्प होंडा टू-व्हीलर्स TVS बजाज ऑटो सुजुकी फरवरी में सेल (यूनिट्स) 4,57,826 4.31 लाख 3,33,935 1,80,846 94,398 इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की भी है जबरदस्त मांग फेडरल ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के मुताबिक, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की 1,11,709 यूनिट्स फरवरी महीने में बिकी हैं. पिछले साल फरवरी में 76,722 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स बिके थे. हालांकि, जनरवरी के मुकाबले फरवरी में इलेक्ट्रिक दोपहियो की सेल कम हुई है.  सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स TVS ने बेची हैं. कंपनी ने 31,614 यूनिट्स फरवरी में बेची हैं. वहीं बजाज ऑटो ने 25,328 यूनिट्स सेल की है. जबकि एथर ने 20,584 यूनिट्स बेची हैं. Hero Vida की बात करें, तो कंपनी ने 12,514 यूनिट्स सेल की हैं. ओला को पीछे करते हुए 5वें नंबर पर Greaves/ Ampere है, जिसकी 4,724 यूनिट्स बिकी हैं. कंपनी TVS बजाज ऑटो एथर एनर्जी हीरो विडा एंपियर फरवरी में सेल (यूनिट्स) 31,614 25,328 20,584 12,514 4,724

AI के प्रभाव से इस कंपनी में होगी छंटनी, हजारों की नौकरी जाएगी, मार्क जकरबर्ग ने की भविष्यवाणी

वाशिंगटन फेसबुक की पेरेंट कंपनी Meta एक बड़ा फैसला लेने जा रही है. कंपनी बड़े स्तर पर छंटनी की तैयारी कर रही है, जिसमें वह दुनियाभर से अपने कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाएगा. मार्क जकरबर्ग की कंपनी लगातार आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर मोटी रकम इनवेस्ट कर रही है। रॉयटर्स की रिपोर्ट्स, कंपनी की छंटनी की वजह से मेटा के 20 परसेंट वर्कफोर्स पर असर पड़ेगा. जानकारी के मुताबिक, 31 दिसंबर तक मेटा के पास करीब 79 हजार कर्मचारी थे. ऐसे में इसका 20 परसेंट कर्मचारियो को बाहर का रास्ता दिखाएंगे, तो करीब 15 हजार कर्मचारियों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ेगी। AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होगी मोटी रकम  मार्क जबरकर्ब की फर्म का प्लान है कि वह साल 2028 तक AI इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर 600 बिलियन अमेरिका डॉलर (55 लाख करोड़ रुपये) का इनवेस्टमेंट करेंगे। जकरबर्ग पहले ही संकेत दे चुके हैं कि AI के पास ताकत है कि वह चीजों को आसान बनाती है. ऐसे में विशाल टीम के बिना भी कई काम किए जा सकेंगे। जकरबर्ग ने जनवरी में कहा था कि जिन प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए एक बड़ी टीम की जरूरत थी. अब उस काम को एक प्रतिभाशाली शख्स कर सकता है। 2022 से भी बड़ी होगी छंटनी अगर मेटा अपनी कंपनी में से 20 परसेंट लोगों को बाहर का रास्ता दिखाता है तो यह कंपनी की तरफ से जाने वाली एक बड़ी छंटनी होगी. साल 2022 के नवंबर में कंपनी ने 11,000 लोगों को नौकरी से निकाल दिया था और चार महीने के बाद 10 हजार लोगों की छंटनी की थी। सीनियर ऑफिसर्स को बताया जा चुका है  रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने बड़े स्तर पर बैठे अधिकारियों को बता दिया है कि बड़ी छंटनी के लिए तैयार हो जाएं. हालांकि अभी तक इसकी कोई डेट का ऐलान नहीं किया गया है। 

मिडल-ईस्ट तनाव के कारण ट्रैवल सेक्टर को ₹5500 करोड़ का रोज़ाना नुकसान, कोच्चि और पुरी की मांग में 200% वृद्धि

नई दिल्ली मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक टूरिज्म इंडस्ट्री पर भी साफ दिखाई देने लगा है। ईरान पर इजराइल और अमेरिका के हमलों और क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों के कारण दुनियाभर में ट्रैवल सेक्टर को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। वर्ल्ड ट्रैवल एंड टूरिज्म काउंसिल (WTTC) के अनुमान के मुताबिक इस संघर्ष की वजह से दुनिया भर के टूर और ट्रैवल सेक्टर को हर दिन करीब 5,500 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। मिडिल-ईस्ट के कई देशों में बढ़ते तनाव और सुरक्षा चिंताओं के चलते पर्यटक अपने ट्रैवल प्लान बदल रहे हैं, जिससे पर्यटन उद्योग प्रभावित हो रहा है। अगर भारतीय पर्यटकों की बात करें तो हर साल भारत से विदेश यात्रा करने वाले लगभग आधे यात्री यूएई, सऊदी अरब, कतर और ओमान जैसे मिडिल-ईस्ट देशों की यात्रा करते हैं। इनमें से करीब 40 प्रतिशत लोग पर्यटन के उद्देश्य से इन देशों में जाते हैं। लेकिन हालात को देखते हुए अब कई भारतीय पर्यटक अपने ट्रैवल प्लान में बदलाव कर रहे हैं। टूर ऑपरेटर्स के अनुसार अब भारतीय पर्यटक थाईलैंड, मलेशिया और जापान जैसे देशों के लिए ज्यादा पूछताछ कर रहे हैं। इन देशों को फिलहाल सुरक्षित और बेहतर विकल्प माना जा रहा है, इसलिए यहां पर्यटन की मांग बढ़ रही है। वहीं दूसरी ओर भारत के अंदर भी घरेलू पर्यटन में तेजी देखने को मिल रही है। एयरलाइंस के किराए बढ़ने के बावजूद कई पर्यटक अब कोच्चि, पुरी और अंडमान जैसे भारतीय पर्यटन स्थलों को प्राथमिकता दे रहे हैं। ट्रैवल एजेंसियों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में इन घरेलू डेस्टिनेशन के लिए पूछताछ में करीब 200 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।  2026 घरेलू पर्यटन के लिए अच्छा साबित हो सकता है ल्ल दिल्ली स्थित ट्रैवल कंपनी टीमवन हॉलिडेज की प्रवक्ता अनीशा शर्मा के मुताबिक, फिलहाल खाड़ी देशों की यात्रा के लिए लगभग 100% तक कैंसिलेशन देखने को मिल रहे हैं। यदि यह रुझान जारी रहता है तो 2026 भारत के घरेलू पर्यटन के लिए बेहद मजबूत साल साबित हो सकता है। यात्री देश के नजदीकी और विविध पर्यटन स्थलों को खोज रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्लेटफॉर्म पिकयोरट्रेल के सीईओ हरि गणपति के मुताबिक मिडिल-ईस्ट क्षेत्र की बुकिंग में 60% तक की गिरावट आई है। ल्ल मेकमाईट्रिप के को-फाउंडर राजेश मागो कहते हैं- यदि संघर्ष लंबा चलता है, तो लोग घरेलू गंतव्यों या अप्रभावित अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों की ओर रुख कर सकते हैं। ल्ल वहीं ईज माईट्रिप के फाउंडर निशांत पिट्टी का कहना है- थाईलैंड, मलेशिया, मालदीव और जापान जैसे देशों के लिए बुकिंग में अच्छी बढ़त देखी जा रही है। घरेलू पर्यटन लगातार मजबूत बना हुआ है।’