samacharsecretary.com

अब टायर में न हवा की जरूरत, न पंचर का डर! Airfree Tyres ने दी नई तकनीक

नई दिल्ली Bridgestone AirFree Tyres: सड़क पर गाड़ी चलाते वक्त टायर पंचर हो जाए, तो सबसे पहले मन में यही ख्याल आता है कि आज तो दिन खराब हो गया. हवा निकली, गाड़ी रुकी, और सफर अटक गया. लेकिन अब टायर की दुनिया में एक ऐसी तकनीक सामने आ रही है, जो इस झंझट को बीते वक्त की बात बना सकती है. जापान की मशहूर टायर कंपनी Bridgestone ने ऐसा टायर पेश किया है, जिसमें हवा की ही जरूरत नहीं है. यानी न हवा भरने की टेंशन, न पंचर का डर, और न ही बीच सड़क पर रुकने की मजबूरी.  Bridgestone ने अपने एयरलेस टायर की थर्ड जेनरेशन मॉडल से पर्दा उठा दिया है. इस नए Airfree Tyre में पहले के मुकाबले कई अहम सुधार किए गए हैं, जाकि इसे और बेहतर बनाया जा सके. कंपनी इसे कॉन्सेप्ट स्टेज से आगे ले जाकर अब रियल वर्ल्ड यानी प्रोडक्शन रेडी लेवल पर पहुंचा दिया है. कंपनी इस एयर फ्री टायर को लेकर धीमें-धीमें सोशल इम्प्लीमेंटेशन की दिशा में आगे बढ़ रही है. अब तक भविष्य का टायर कहे जाने वाला एयरलेस टायर जल्द ही सड़कों पर दौड़ने वाली गाड़ियों में नज़र आएंगे. AirFree Tyre की तकनीक ब्रिजस्टोन के इस थर्ड जेनरेशन एयरफ्री टायर में एडवांस सिमुलेशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है. इसके साथ ही मजबूत और फ्लेक्सिबल मटेरियल से बना स्ट्रक्चर तैयार किया गया है. कंपनी का कहना है कि, ऐसा इसलिए किया गया है ताकि ये एयरफ्री टायर अलग अलग मौसम और सड़क की स्थितियों के अनुसार बेहतर प्रदर्शन कर सके. इसका मकसद टायर को ज्यादा भरोसेमंद और लंबे समय तक चलने वाला बनाना है. AI बेस्ड डायनामिक स्ट्रक्चर इस टायर की एक ख़ास बात ये भी है कि, इसमें डायनामिक स्ट्रक्चरल डिजाइन दिया गया है. यह सेकंड जेनरेशन के राइड कंफर्ट वाले फोकस से आगे बढ़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बेस्ड ऑटोमेटेड लर्निंग सिस्टम का इस्तेमाल करता है. यह सिस्टम टायर के आकार और उस पर पड़ने वाले दबाव को अलग अलग परिस्थितियों के हिसाब से खुद एडजस्ट करता है. इससे टायर का इस्तेमाल कई तरह के वाहनों में आसानी से किया जा सकता है. ब्लू स्पोक्स से बढ़ी सेफ्टी कंपनी ने इन टायरों के निर्माण में ब्लू स्पोक्स (नीले रंग के स्पोक व्हील्स) जैसे स्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया है. आम भाषा में समझें तो टायर के अंदर नीले रंग के स्पोक्स लगाए गए हैं, जो कम रोशनी और शाम के समय साफ नजर आते हैं. इसका मकसद लोकल कम्युनिटी मोबिलिटी में सेफ्टी को और बेहतर बनाना है. इनमें हवा की जगह रिसाइकल होने वाली थर्मोप्लास्टिक रेजिन से बने स्पोक्स लगाए गए हैं, जो गाड़ी का पूरा वजन आसानी से उठा सकते हैं. ब्रिजस्टोन का यह भी दावा है कि, ये स्पोक्स सड़क के झटकों को भी कम करते हैं. इन टायरों का डेमो टेस्ट मार्च 2024 में जापान के कोडाइरा सिटी, टोक्यो में शुरू किया गया था, जो लगातार जारी है. यह टेस्ट ग्रीन स्लो मोबिलिटी सॉल्यूशंस के लिए इन टायरों की उपयोगिता को परखने के लिए किया जा रहा था. हालांकि आम पैसेंजर कार इस्तेमाल करने वालों को इसके लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है. इस समय ब्रिजस्टोन इन एयरफ्री टायरों को कमर्शियल ट्रकों और अल्ट्रा कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक वाहनों पर टेस्ट कर रही है. कंपनी का मानना है कि प्रोफेशनल फ्लीट वाहनों में मेंटेनेंस की जरूरत ज्यादा होती है, इसलिए वहां यह तकनीक ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती है.

अल्ट्रॉवायलेट बाइक पर शानदार ऑफर, ₹2.50 लाख की बाइक अब ₹1.49 लाख में, साथ में ₹2,499 में सब्सक्रिप्शन प्लान

मुंबई  भारत की इनोवेशन-ड्रिवन मोबिलिटी कंपनी अल्ट्रॉवायलेट ऑटोमोटिव (Ultraviolette Automotive) ने EV मार्केट में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने बैटरी फ्लेक्स (Battery Flex) नाम से एक नई बैटरी ऐज-ए-सर्विस (Battery-as-a-Service- BaaS) स्कीम लॉन्च की है, जिसके तहत अब आप X-47 क्रॉसओवर को सिर्फ ₹1,49,000 में घर ला सकते हैं। यह कीमत पहले करीब ₹2.5 लाख थी, यानी इसकी कीमत में लगभग 40% की कटौती हुई है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं। बैटरी फ्लेक्स (Battery Flex) एक ऐसा मॉडल है, जिसमें आप कम कीमत पर बाइक खरीदते हैं और बैटरी को सब्सक्रिप्शन पर लेते हैं। इस पहल के लिए अल्ट्रॉवायलेट (Ultraviolette) ने भारत की ग्रीन-ओनली NBFC ईकोफी (Ecofy) के साथ पार्टनरशिप की है। बैटरी सब्सक्रिप्शन की बात करें तो ये ₹2,499 प्रति माह से शुरू होती है। यह खर्च औसतन एक महीने के पेट्रोल खर्च से भी कम बताया जा रहा है। इसकी बैटरी पर 5 साल की वारंटी मिलती है। सब्सक्रिप्शन पूरा होने के बाद बैटरी की ओनरशिप ग्राहक को बिना अतिरिक्त शुल्क के ट्रांसफर कर दी जाएगी। X-47 एक इलेक्ट्रिक क्रॉसओवर टू-व्हीलर है, जो स्टाइल, परफॉर्मेंस और टेक्नोलॉजी का कॉम्बिनेशन पेश करता है। इसमें बैटरी फ्लेक्स (Battery Flex) के साथ कम डाउनपेमेंट, आसान मासिक खर्च देखने को मिलता है, जिससे बैटरी की टेंशन खत्म रहेगी। बैटरी फ्लेक्स (Battery Flex) के लिए एनरोलमेंट 5 मार्च 2026 से शुरू हो चुके हैं। भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर अपनाने की रफ्तार बढ़ रही है, लेकिन ज्यादा कीमत अभी भी बड़ी बाधा है। बैटरी ऐज-ए-सर्विस (Battery-as-a-Service) मॉडल खरीद को किफायती बनाता है। इसकी बैटरी रिस्क कम करता है और ग्राहक का भरोसा बढ़ाता है। इसकी कम शुरुआती कीमत, सस्ता मासिक सब्सक्रिप्शन और 5 साल की वारंटी मिलती है। यह पैकेज EV खरीदारों के लिए काफी आकर्षक लग रहा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि बैटरी फ्लेक्स (Battery Flex) स्कीम बाजार में कितना बड़ा असर डालती है।

दुनियाभर में TVS का दबदबा, टू-व्हीलर मार्केट में यामाहा को पछाड़ा और बनाई तीसरी पोजीशन

मुंबई  भारतीय कंपनियों की वैश्विक रफ्तार भारतीय ऑटोमोबाइल कंपनियां अब सिर्फ घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी मजबूती से अपनी पहचान बना रही हैं। इसी कड़ी में TVS Motor Company ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बिक्री के आंकड़ों के आधार पर कंपनी ने जापान की दिग्गज Yamaha Motor Company को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी टू-व्हीलर निर्माता कंपनी का स्थान हासिल कर लिया है। सेल्स के आंकड़ों में TVS की बड़ी छलांग साल 2025 में TVS मोटर ने कुल 54.6 लाख यूनिट्स की बिक्री दर्ज की, जबकि यामाहा की वैश्विक बिक्री करीब 50 लाख यूनिट्स पर सिमट गई। TVS के लिए यह आंकड़ा इसलिए भी खास है क्योंकि 2024 के मुकाबले कंपनी की बिक्री में करीब 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखने को मिली है। वहीं यामाहा की ग्रोथ इस अवधि में बेहद सीमित रही, जिससे रैंकिंग में बड़ा बदलाव हुआ। हीरो और होंडा के बीच TVS की मजबूत मौजूदगी TVS मोटर अब Hero MotoCorp के बाद टॉप-3 में जगह बनाने वाली दूसरी भारतीय कंपनी बन गई है। हालांकि, वैश्विक स्तर पर सबसे आगे अब भी Honda Motor Company बनी हुई है, जिसने 2025 में 1.64 करोड़ से ज्यादा यूनिट्स की बिक्री की। इस तुलना से साफ है कि होंडा की पकड़ इतनी मजबूत है कि उसे चुनौती देने के लिए बाकी कंपनियों को सामूहिक रूप से भी कड़ी मेहनत करनी होगी। EV सेगमेंट से मिली रफ्तार TVS की तेजी के पीछे उसका व्यापक टू-व्हीलर पोर्टफोलियो और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में मजबूत पकड़ अहम कारण रही है। कंपनी के इलेक्ट्रिक स्कूटर ने बाजार में भरोसा बनाया है, वहीं पारंपरिक सेगमेंट में भी इसके मोटरसाइकिल मॉडल लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। खास तौर पर अपाचे सीरीज ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में बिक्री को मजबूती दी है। स्कूटर सेगमेंट में भी TVS की मौजूदगी लगातार मजबूत होती जा रही है। एक्सपोर्ट मार्केट में बढ़ता प्रभाव TVS मोटर का निर्यात कारोबार भी तेजी से बढ़ा है। अफ्रीकी बाजारों में कंपनी पहले से ही मजबूत स्थिति में है और अब उसका फोकस लैटिन अमेरिका जैसे उभरते बाजारों पर भी बढ़ रहा है। इन क्षेत्रों में अब तक Bajaj Auto की मजबूत पकड़ रही है, लेकिन TVS अपनी स्पोर्ट्स बाइक रेंज के दम पर वहां विस्तार की रणनीति पर काम कर रही है। TVS और यामाहा के लिए आगे की चुनौती आने वाले समय में यामाहा के लिए तीसरा स्थान वापस पाना आसान नहीं होगा। इसके लिए उसे भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया जैसे हाई-वॉल्यूम बाजारों में बिक्री बढ़ानी होगी, साथ ही इलेक्ट्रिक सेगमेंट में भी मजबूत उपस्थिति बनानी होगी। दूसरी ओर, TVS की रणनीति घरेलू बाजार को और मजबूत करने के साथ-साथ निर्यात बढ़ाकर अपनी तीसरी पोजिशन को सुरक्षित रखने की है। TVS मोटर की यह उपलब्धि भारतीय ऑटो उद्योग के लिए एक बड़ा संकेत है कि देसी कंपनियां अब वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती से खड़ी हैं। बढ़ती बिक्री, मजबूत EV रणनीति और एक्सपोर्ट पर फोकस ने TVS को दुनिया के टॉप टू-व्हीलर निर्माताओं की कतार में मजबूती से ला खड़ा किया है।

तेल की कीमत में उछाल, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच कच्चा तेल 83 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर

नई दिल्ली   मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच गुरुवार को कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में 2 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। सप्लाई पर असर पड़ने के कारण कीमतों में उछाल आया है, क्योंकि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को बंद कर दिया है। सुबह के शुरुआती कारोबार में इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर बेंचमार्क क्रूड का अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट 2.43 प्रतिशत बढ़कर 83.26 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। वहीं न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज (एनवाईमेक्स) पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) का अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट 2.63 प्रतिशत बढ़कर 76.63 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक कंटेनर जहाज पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिससे जहाज को नुकसान पहुंचा है। तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी भारत के आयात बिल पर असर डाल सकती है। यदि कच्चे तेल की कीमत पूरे साल के लिए प्रति बैरल 1 डॉलर बढ़ती है, तो भारत का आयात बिल लगभग 16,000 करोड़ रुपए तक बढ़ सकता है। इस बीच, सरकारी सूत्रों के मुताबिक, कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी को लेकर भारत फिलहाल अपेक्षाकृत सुरक्षित स्थिति में है। देश के पास लगभग 25 दिनों का कच्चे तेल का भंडार और 25 दिनों के पेट्रोलियम उत्पादों का स्टॉक मौजूद है, जिसमें वह तेल भी शामिल है जो जहाजों के जरिए भारत के बंदरगाहों की ओर आ रहा है। भारत अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक आयात करता है, जिसमें से करीब 50 प्रतिशत तेल मिडिल ईस्ट के देशों से आता है, जो मुख्य रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते भारत पहुंचता है। ईरान युद्ध के बाद इस मार्ग से सप्लाई प्रभावित हुई है। हालांकि, भारत ने अफ्रीका, रूस और अमेरिका से तेल आयात बढ़ाकर अपने स्रोतों में विविधता लाई है और रणनीतिक भंडार बनाकर ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत किया है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने खाड़ी देशों के अलावा अन्य देशों से भी तेल आयात बढ़ाया है, जिसके चलते अब बड़ी मात्रा में तेल की सप्लाई होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते नहीं आती। भारत ने 31 मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष में कच्चे तेल के आयात पर 137 अरब डॉलर खर्च किए थे। वहीं चालू वित्त वर्ष के पहले दस महीनों (अप्रैल 2025 से जनवरी 2026) के दौरान 206.3 मिलियन टन कच्चे तेल के आयात पर 100.4 अरब डॉलर खर्च किए गए।  

युद्ध के बीच ChatGPT पर नाराज़गी, 300% तक बढ़ा अनइंस्टॉलेशन रेट

वाशिंगटन अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर हमला कर रहे हैं और ईरान भी जवाबी कार्रवाई कर रहा है. इस दौरान अमेरिका AI कंपनियां भी चर्चा में हैं. इसमें Anthropic और OpenAI की काफी चर्चा की गई है. इस दौरान OpenAI ने जल्दबाजी में पेंटागन के साथ पार्टनरशिप कर ली लेकिन लोगों ने सोशल मीडिया पर कंपनी की काफी आलोचना की. इसके बाद ओपनएआई के चैटजीपीटी ऐप को लोगों ने अनइंस्टॉल करना शुरू किया, जिसका आंकड़ा 300 परसेंट तक पहुंच गया. इसके बाद OpenAI के सीईओ ने गलती को सुधारा। अमेरिकी AI कंपनी और चैटजीपीटी मेकर OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने माना है कि अमेरिका डिफेंस डिपार्टमेंट के साथ पार्टनरशिप करने में थोड़ा समय लेना चाहिए था. OpenAI ने पेंटागन के साथ शुरुआती डील ऐसे समय कि जब  Anthropic का कॉन्ट्रैक्सट खत्म हुआ. इसके बाद सोशल मीडिया पर ओपनएआई को विरोध का सामना करना पड़ा। ChatGPT ऐप किया अनइंस्टॉल  लोगों ने ओपनएआई का विरोध तो किया, साथ ही उसके ChatGPT ऐप को अनइंस्टॉल करना शुरू किया. सेंसर टावर के मुताबिक, 28 फरवरी को ChatGPT के अनइंस्टॉल दिन-प्रतिदिन के आधार पर 295% तक बढ़ चुके थे. वहीं दूसरी ओर Anthropic के Claude चैटबॉट के डाउनलोड्स की संख्या 51 परसेंट तक बढ़ी. साथ ही Claude अमेरिका में Apple App Store पर नंबर 1 स्थान तक पहुंच गया।  ऑल्टमैन ने किया X पर पोस्ट  सैम ऑल्टमैन ने X प्लेटफॉर्म (पुराना नाम Twitter) पर पोस्ट किया और बताया है कि ओपनएआई ने अब पेंटागन के साथ अपने कॉन्ट्रैक्ट को अपडेट कर दिया है. कंपनी अपने प्रिन्सिपल को क्लीयर कर दिया है।  उन्होंने आगे बताया है कि पेंटागन के साथ जल्दी करने का मकसद था कि अमेरिकी रक्षा विभाग और एआई इंडस्ट्री के बीच तनाव और न बढ़े. Anthropic का पेंटागन के साथ कॉन्ट्रैक्ट इसलिए खत्म हो गया था. ऑल्टमैन ने माना कि पूरी स्थिति अंत में मौकापरस्ती और अव्यवस्थित लगने लगी. ऑल्टमैन ने कहा कि वह इस अनुभव को भविष्य के फैसलों पर ध्यान रखेंगे। कैटी पेरी ने भी जताया विरोध  पॉप स्टार कैटी पेरी ने भी X प्लेटफॉर्म पर Claude के स्क्रीनशॉट के साथ दिल वाले इमोजी के साथ शेयर किया. कैटी पेरी के इस पोस्ट से पता चलता है कि वह पेंटागन की मांगों को ठुकराने वाले Anthropic के फैसले को सपोर्ट कर रही हैं।  ओपनएआई ने क्या बदलाव किए? सैम ऑल्टमैन ने एक इन्टरनल मेमो भी शेयर किया है. मेमो में बताया है कि ओपनएआई के सिस्टम का यूज अमेरिकी नागरिक पर बड़े पैमाने पर  घरेलू निगरानी में नहीं किया जा सकता है. यह प्रतिबंध अमेरिकी संविधान के National Security Act 1947 के चौथे संशोधन और FISA Act 1978 जैसे कानूनों पर बेस्ड है।    

कोहराम के बाद बाजार में रैली, क्या खत्म होने वाली है जंग? तेजी के पीछे ये 3 वजहें

मुंबई तीन कारोबारी सत्र के दौरान शेयर बाजार में भारी गिरावट आई थी, लेकिन गुरुवार को शेयर बाजार में शानदार तेजी आई है. सेंसेक्‍स 440 अंक या 0.56 फीसदी चढ़कर 79555 अंक पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 160 अंक या 0.65 फीसदी चढ़कर 24640 पर पहुंच गया. वहीं निफ्टी बैंक में भी 220 अंक चढ़कर कारोबार कर रहा था।  BSE टॉप 30 शेयरों की बात करें तो 16 शेयरों में उछाल है और बाकी 14 शेयरों में गिरावट देखी जा रही है. सबसे ज्‍यादा गिरावट हिंदुस्‍तान यूनिलीवर और आईटी शेयरों में आई है. वहीं रिलायंस 3 फीसदी, एनटीपीसी 2.40 फीसदी और टाटा स्‍टील के शेयर में 2 फीसदी की उछाल है. यह तेजी मिडिल ईस्‍ट में छिड़ी जंग के बीच आया है. ऐसे में कई निवेशक ये कयास लगा रहे हैं कि युद्ध खत्‍म हो सकता है. आइए जानते हैं आज शेयर बाजार में इतनी तेजी क्‍यों आई है।  क्‍यों आई शेयर बाजार में उछाल?      एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार में काफी गिरावट आ चुकी है. पिछले तीन दिनों में निवेशकों की वैल्‍यू में 22 लाख करोड़ रुपये साफ हो चुके हैं. इस कारण निचले लेवल से खरीदरी बढ़ी है. निवेशकों ने अच्‍छे और लार्जकैप शेयरों में ज्‍यादा दांव लगाया है।     एशियाई बाजार में भी तेजी रही है. जापान के शेयर बाजार में 2.50 फीसदी की तेजी आई है. अमेरिकी मार्केट में भी मिला-जुला असर दिखाई दिया है. इसके अलावा साउथ कोरिया के मार्केट में 10 फीसदी से ज्‍यादा की उछाल आई है. इधर, डॉलर की तुलना में रुपया 51 पैसा रिकवर होकर 91.54 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच चुका है।      इंडिया VIX डर का सूचकांक या अस्थिरता सूचकांक लगभग 10 प्रतिशत गिरकर 19.04 के स्तर पर आ गया. वहीं तकनीकी नजरिए से देखें तो जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य बाजार रणनीतिकार आनंद जेम्स का कहना है कि जंग के बीच काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिले, लेकिन गैप भरने के तुरंत बाद समापन के समय हुई भारी गिरावट ने कुछ तेजी को कम कर दिया. हालांकि, 24450 के आसपास बंद होने से सकारात्मक रुझान बना हुआ है. हम 24840 का स्तर देख रहे हैं, लेकिन 24625 को एक बड़ी बाधा मानते हैं. दूसरी ओर, 24370 से नीचे फिसलने पर 24000-23550 के स्तर तक पहुंचने की संभावनाएं फिर से बन सकती हैं. अभी बाजार में गिरावट की संभावना कम है।  इन सेक्‍टर्स में मजबूती सिर्फ एफएमजीसी, आईटी और टेलिकॉम सेक्‍टर्स में गिरावट देखी जा रही है, बाकी के सेक्‍टर्स में शानदार तेजी है. ऑयल एंड गैस सेक्‍टर में 3.30 फीसदी की तेजी है, जबकि निफ्टी फार्मा में 1 फीसदी की तेजी है. इसके बाद ऑटो, बैंक और फाइनेंस सेक्‍टर में भी अच्‍छी तेजी है। 

Mercedes-Benz CLA इलेक्ट्रिक सेडान आई, 792 किमी रेंज और बुकिंग 10 मार्च से

मुंबई  लग्जरी कार निर्माता कंपनी Mercedes-Benz ने आखिरकार भारत में अपनी बहुप्रतीक्षित Mercedes-Benz CLA इलेक्ट्रिक सेडान को पेश कर दिया है. इसकी बुकिंग 10 मार्च से शुरू होगी, जिसके बाद अप्रैल में इस कार को लॉन्च किया जाएगा. बता दें कि नई Mercedes-Benz CLA, कंपनी के एंट्री-लेवल मॉडल्स की लाइन-अप में ICE A-Class Limousine के साथ-साथ EQA और EQB EVs की जगह लेगी. ऐसा पहली बार है, जब यह नेमप्लेट फुली इलेक्ट्रिक पावरट्रेन के साथ आएगी, क्योंकि साल 2020 की शुरुआत में बंद होने से पहले, यह कम्बशन-पावर्ड थी. फिलहाल कंपनी ने इसकी कीमत का खुलासा नहीं किया है. 2026 Mercedes-Benz CLA Electric की रेंज और स्पेसिफिकेशन नई CLA EV के स्पेसिफिकेशन की बात करें तो इसमें 800-वोल्ट का इलेक्ट्रिकल आर्किटेक्चर इस्तेमाल किया गया है, और इसका बेस 85kWh 250+ वेरिएंट WLTP साइकिल पर 792km की रेंज देने का दावा करता है, जिसे भारतीय बाजार में उतारा जाएगा. इसकी मज़बूत रेंज काफ़ी हद तक CLA इलेक्ट्रिक की 93 प्रतिशत ड्राइवट्रेन एफिशिएंसी की वजह से है, जिसे इसके एयरोडायनामिक डिज़ाइन और ऑप्टिमाइज़्ड एनर्जी कंजम्प्शन से मदद मिलती है. खास बात यह है कि अब इसका ग्राउंड क्लीयरेंस ज़्यादा है, और इसके सस्पेंशन को सड़क की कंडीशन के हिसाब से खास तौर पर ट्यून किया गया है. एक और खास बात यह है कि इसमें दो-स्पीड गियरबॉक्स लगाया गया है, जैसा कि Porsche Taycan जैसे मॉडलों में देखने को मिलता है, जबकि ज़्यादातर EVs में आम तौर पर सिंगल-स्पीड रिडक्शन यूनिट होती है. कार में लगी पीछे वाली इलेक्ट्रिक मोटर 272hp की पावर देती है, जिससे CLA 250+ सिर्फ 6.7 सेकंड में 100kph की स्पीड पकड़ सकती है. वहीं चार्जिंग की बात करें तो, यह सिस्टम 240kW तक की हाई-स्पीड DC फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करता है, और कंपनी का दावा है कि सही हालात में सिर्फ़ 20 मिनट में इसकी बैटरी 400km की रेंज तक चार्ज हो सकती है. 2026 Mercedes CLA Electric का एक्सटीरियर डिजाइन नई CLA के डिजाइन की बात करें तो इसमें लाइटिंग एलिमेंट्स में Mercedes के तीन पॉइंट वाले स्टार लोगो पर खास ध्यान दिया गया है. स्टार मोटिफ हेडलाइट्स, टेल-लाइट्स और 142 छोटे बैकलिट स्टार्स वाली सील्ड-ऑफ फ्रंट ग्रिल में भी मौजूद है. बंपर के डिज़ाइन पर नजर डालें तो यह साफ़ और एयरो-फोकस्ड है, जो इसकी एफिशिएंसी-फर्स्ट अप्रोच के हिसाब से है, और इसमें छोटे एयर इनलेट भी दिए गए हैं, जो कार के कोनों पर एयरफ्लो को आसानी से गाइड करने में मदद करते हैं. साइड प्रोफ़ाइल की बात करें, तो इस सेडान में फ़्लश डोर हैंडल और 18-इंच के व्हील्स के साथ एक स्लीक, कूपे जैसा सिल्हूट दिया गया है. बड़ी पैनोरमिक ग्लास रूफ गर्म मौसम के लिए सही हीट-प्रोटेक्टिव कोटिंग के साथ आती है. अपने पिछले मॉडल से 30mm लंबी, 25mm चौड़ी और 25mm ऊंची होने के बावजूद, स्मूद सरफेसिंग और बेहतर एयरफ़्लो मैनेजमेंट EV को 0.21 का कम ड्रैग कोएफ़िशिएंट पाने में मदद करते हैं. रियर प्रोफाइल की बात करें तो इसमें पीछे की तरफ, टेल-लाइट्स के बीच एक पूरी चौड़ाई वाली लाइट बार लगाई गई है. इसके उपलब्ध एक्सटीरियर शेड्स के तौर पर क्लियर ब्लू, कॉस्मिक ब्लैक, पोलर व्हाइट, एल्पाइन ग्रे और पेटागोनिया रेड कलर शामिल हैं, जिनमें से आखिरी दो मैन्युफ़ैक्चर ऑप्शन हैं. 2026 Mercedes CLA Electric का इंटीरियर और फीचर्स चूंकि भारतीय बाजार में CLA 250+ वेरिएंट उतारा जाएगा, इसलिए इसमें कंपनी का ट्रिपल-डिस्प्ले सुपरस्क्रीन नहीं दिया जाएगा. इसके बजाय, केबिन में 10.25-इंच का ड्राइवर डिस्प्ले और मर्सिडीज़ के लेटेस्ट MB.OS ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलने वाला 14-इंच का सेंट्रल टचस्क्रीन होगा. वहीं पैसेंजर डिस्प्ले की जगह, LED-बैकलिट स्टार लोगो वाला एक ग्लास पैनल लगाया जाएगा, जो एम्बिएंट लाइटिंग के साथ सिंक होगा. यह कार ओवर-द-एयर सॉफ्टवेयर अपडेट को भी सपोर्ट करेगी. इसके अलावा, इसमें वायरलेस चार्जिंग और छह 100W USB-C फास्ट-चार्जिंग पोर्ट स्टैंडर्ड तौर पर दिए गए हैं, और पीछे की सीटें 40:20:40 के अनुपात में बांटी गई हैं. 2026 Mercedes CLA Electric के सेफ्टी फीचर्स वैसे तो Mercedes CLA इलेक्ट्रिक का Bharat NCAP द्वारा क्रैश-टेस्ट अभी बाकी है, लेकिन इसे 2025 में Euro NCAP द्वारा पूरी 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग दी गई थी. फ्रंट और साइड एयरबैग के अलावा, इसमें एक सेंटर एयरबैग, साथ ही कैमरा- और रडार-बेस्ड लेवल 2 ADAS भी होगा.

अब घर बैठे मिलेगा PF का पूरा हिसाब! EPFO ने आसान किया बैलेंस और पासबुक चेक करना

नई दिल्ली अगर आप किसी कंपनी में काम करते हैं और यह जानना चाहते हैं कि पिछले कुछ सालों में आपके ईपीएफ अकाउंट में कितनी राशि जमा हुई है, तो अब इसके लिए आपको किसी सीए, एजेंट या साइबर कैफे की मदद लेने की जरूरत नहीं है। कई लोग जानकारी के अभाव में दूसरों पर निर्भर हो जाते हैं, जिससे धोखाधड़ी का खतरा भी बढ़ जाता है। अब कर्मचारी खुद अपने मोबाइल या कंप्यूटर से सुरक्षित तरीके से पीएफ बैलेंस देख सकते हैं। मिस्ड कॉल से तुरंत मिलेगी जानकारी सबसे आसान तरीका मिस्ड कॉल का है। अगर आपके पास इंटरनेट नहीं है, तब भी आप बैलेंस जान सकते हैं। अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 9966044425 पर मिस्ड कॉल दें। दो रिंग के बाद कॉल अपने आप कट जाएगी और कुछ ही सेकंड में आपके मोबाइल पर एसएमएस के जरिए बैलेंस की जानकारी आ जाएगी। इसके लिए जरूरी है कि आपका यूएएन एक्टिव हो और आधार या पैन से लिंक हो। SMS से भी मिल सकती है डिटेल आप एक मैसेज भेजकर भी अपनी पीएफ डिटेल प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए 7738299899 पर EPFOHO UAN ENG लिखकर भेजें। अगर आप हिंदी में जानकारी चाहते हैं तो EPFOHO UAN HIN लिखें। यह सेवा कई भाषाओं में उपलब्ध है। UMANG ऐप से पासबुक देखें और डाउनलोड करें स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं के लिए UMANG ऐप एक सुरक्षित और सरकारी माध्यम है। सबसे पहले UMANG ऐप डाउनलोड करें और रजिस्ट्रेशन पूरा करें। इसके बाद ऐप में EPFO विकल्प खोजें और View Passbook पर क्लिक करें। अपना यूएएन दर्ज करें और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को डालें। इसके बाद आप अपनी पूरी पासबुक देख सकते हैं और उसे पीडीएफ के रूप में डाउनलोड भी कर सकते हैं। EPFO पोर्टल से ऑनलाइन चेक करें बैलेंस अगर आप कंप्यूटर या लैपटॉप का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आधिकारिक वेबसाइट passbook.epfindia.gov.in पर जाकर लॉगिन करें। अपना यूएएन और पासवर्ड दर्ज करें। इसके बाद Member ID चुनें और View Passbook पर क्लिक करें। आपकी पूरी पीएफ डिटेल स्क्रीन पर दिखाई देगी, जिसे आप डाउनलोड भी कर सकते हैं। इन बातों का रखें ध्यान पीएफ बैलेंस देखने के लिए आपका यूएएन एक्टिव होना जरूरी है। साथ ही मोबाइल नंबर ईपीएफओ रिकॉर्ड में दर्ज होना चाहिए और आपके खाते की केवाईसी, जैसे आधार, पैन और बैंक अकाउंट की जानकारी पूरी तरह अपडेट होनी चाहिए। अब कर्मचारी बिना किसी परेशानी और बिना किसी अतिरिक्त खर्च के घर बैठे अपने ईपीएफ खाते की पूरी जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।    

नई इलेक्ट्रिक हैचबैक से विदेशी कंपनी का धमाका, फीचर्स में होंगे शानदार बदलाव, पंच और टियागो ईवी की टेंशन बढ़ेगी

मुंबई  विनफास्ट (Vinfast) इंडियन मार्केट में अपनी पकड़ को मजबूत कर रही है। कंपनी जल्द ही Limo Green इलेक्ट्रिक को मार्केट में लॉन्च करने वाली है। इसके साथ ही कंपनी इलेक्ट्रिक हैचबैक सेगमेंट में भी नया प्रोडक्ट लाने की सोच रही है। इस इलेक्ट्रिक हैचबैक का नाम VF5 है। विनफास्ट की इस इलेक्ट्रिक हैचबैक की टक्कर टाटा टियागो ईवी और पंच ईवी से होगी। कंपनी इस भारत में लॉन्च होने वाली यह ईवी कई देशों में पहले से सेल हो रही है। आइए डीटेल में जानते हैं इसके बारे में। VF5 की लंबाई 3967 मिमी, चौड़ाई 1723 मिमी, ऊंचाई 1579 मिमी और वीलबेस 2514 मिमी है। यह Punch.EV के मुकाबले जरा सी बड़ी है। हालांकि, इसकी चौड़ाई और ऊंचाई थोड़ी कम है। ग्लोबल मार्केट में ऑफर की जा रही VF5 का ग्राउंड क्लीयरेंस 169 मिमी है। भारतीय वर्जन में यह थोड़ा बढ़ सकता है। बूट स्पेस 260 लीटर है, जिसे 900 लीटर तक बढ़ाया जा सकता है। पीछे की सीटों में 60:40 स्प्लिट-फोल्डिंग फंक्शन दिया गया है। VF5 में ब्रैंड का सिग्नेचर फ्रंट फेसिया, फ्लेयर्ड वील आर्च, ब्लैक बॉडी क्लैडिंग, एलईडी लाइटिंग, 17 इंच के वील (वियतनामी वेरिएंट में) और कई सारे फीचर्स मिलते हैं। कुल मिलाकर इसका डिजाइन एसयूवी जैसा लगता है। ग्लोबल मार्केट में उपलब्ध VF5 पांच सीटों वाली कार है। Vinfast के बाकी मॉडल्स की तरह इसका इंटीरियर भी मॉडर्न और मिनिमलिस्टिक डिजाइन वाला है। इसमें सिल्वर एक्सेंट के साथ ऑल-ब्लैक थीम का यूज किया गया है। स्टीयरिंग वील तीन स्पोक वाला है और इसमें कंट्रोल बटन लगे हुए हैं। कार के ग्लोबल मॉडल में PM 2.5 एयर फिल्टर, 7 इंच का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, 4 स्पीकर वाला साउंड सिस्टम, लेदरेट सीट्स, कीलेस एंट्री और गो, ऑटो हेडलाइट्स, वॉइस कमांड सपोर्ट और वायरलेस ऐपल कारप्ले और ऐंड्रॉयड ऑटो के साथ 8 इंच का इंफोटेनमेंट यूनिट दिया गया है। हो सकता है कि इसके इंडियन वेरिएंट को कंपनी कुछ बदलावों के साथ लॉन्च करे। 326 किमी तक की रेंज VF5 में दी जा रही बैटरी का साइज अलग-अलग मार्केट्स में अलग-अलग होता है। कुछ रीजन में यह 29.6 kWh की बैटरी के साथ उपलब्ध है, जिसकी NEDC रेंज प्रति चार्ज 268 किमी है। जबकि, बाकी रीजन में इसमें 37.23 kWh की बड़ी बैटरी मिलती है, जिसकी रेंज 326 किमी (NEDC) है। छोटी बैटरी 33 मिनट से भी कम समय में 10 से 70 पर्सेंट तक चार्ज हो जाती है। छोटे बैटरी वाले वर्जन में 93hp/135Nm की इलेक्ट्रिक मोटर लगी है, जबकि दूसरे वर्जन का आउटपुट 134hp/135Nm है। 93hp (70kW) वाला वर्जन 0 से 100 kmph की स्पीड 14 सेकंड में पकड़ लेता है। 136hp वाला वर्जन यही काम 11 सेकंड से भी कम समय में कर पाता है।

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच राहत, भारी तेजी के बाद थमा कच्चे तेल का रुख

नई दिल्ली पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) के जरिए आपूर्ति को लेकर चिंताओं के बीच पिछले सत्र में 10 प्रतिशत से अधिक की तेज उछाल के बाद मंगलवार को कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ कुछ स्थिरता देखी गई। अमेरिकी कच्चे तेल के वायदा भाव में 1.4 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई और यह 72.23 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं ब्रेंट क्रूड 1.87 प्रतिशत बढ़कर शुरुआती कारोबार में 79.2 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता दिखा। ईरान के जवाबी हमलों से तेल और गैस आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे तेल की कीमतों में तेजी आई और महंगाई को लेकर चिंता गहरा गई। रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान ने सऊदी अरब के तेल और गैस ढांचे को निशाना बनाया और रणनीतिक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों को लेकर चेतावनी दी। विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी प्रशासन द्वारा घरेलू ऊर्जा कीमतों को नियंत्रित करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों की घोषणा से सोमवार को आई घबराहट कुछ कम हुई। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने बताया कि ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट और ऊर्जा सचिव क्रिस राइट मंगलवार को बढ़ती ऊर्जा कीमतों से निपटने की योजना की घोषणा करेंगे। हालांकि, वैश्विक तेल आपूर्ति के प्रमुख मार्ग माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों को खतरा बना हुआ है, जिससे कीमतों को समर्थन मिल रहा है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह मार्ग अस्थायी रूप से बंद भी होता है तो भारत कुछ समय तक स्थिति संभाल सकता है। लेकिन अगर जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है, तो भारत को आपूर्ति के स्रोतों में और विविधता लानी होगी। बताया जा रहा है कि भारत पहले से ही रूस, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका जैसे वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं की तलाश कर रहा है। निवेश बैंक मॉर्गन स्टेनली ने कहा है कि यदि पश्चिम एशिया में पूर्ण स्तर का संघर्ष होता है और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति लंबे समय तक बाधित होती है, तो ब्रेंट क्रूड की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। एक अन्य हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि जलडमरूमध्य में व्यवधान की स्थिति में ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जा सकता है और व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की स्थिति में यह 100 डॉलर प्रति बैरल के पार भी जा सकता है। अनुमान के मुताबिक, सीमित संघर्ष की स्थिति में तेल की कीमत में 5 से 10 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि ईरान के तेल ढांचे को सीधा नुकसान होने पर 10 से 12 डॉलर प्रति बैरल तक का इजाफा संभव है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कच्चे तेल की कीमत में हर 1 डॉलर की बढ़ोतरी से भारत का वार्षिक आयात बिल करीब 2 अरब डॉलर बढ़ जाता है, जिससे व्यापार संतुलन पर दबाव पड़ता है। दुनिया के कुल तेल परिवहन का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है, जबकि भारत के 40 प्रतिशत से अधिक कच्चे तेल आयात इसी मार्ग से आते हैं।