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सोने-चांदी के दामों में दूसरी दिन गिरावट, महंगाई और युद्ध की छाया, क्या वजह है इस गिरावट की?

इंदौर  अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों ने ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को कमजोर कर दिया है। वहीं, मध्य पूर्व में जारी युद्ध ने तेल की कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है। इन दोनों वजहों ने मिलकर सोने (Gold) की कीमतों पर दबाव बनाया है। सुबह 9:15 बजे के आसपास एमसीएक्स पर सोना अप्रैल वायदा 0.10% गिरकर 1,61,660 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था। उस समय एमसीएक्स चांदी मई वायदा 0.57% गिरकर ₹2,66,969 प्रति किलोग्राम पर थी। दूसरी ओर ब्लूमबर्ग के मुताबिक सिंगापुर में सुबह 8:05 बजे सोने की कीमत (स्पॉट गोल्ड) 0.9% गिरकर 5,132.76 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। वहीं, चांदी 1.5% गिरकर 84.44 डॉलर पर आ गई। दूसरी ओर, प्लैटिनम में 1% और पैलेडियम में 0.8% की गिरावट दर्ज की गई। ब्लूमबर्ग डॉलर स्पॉट इंडेक्स भी 0.2% की मजबूती के साथ बढ़त पर रहा। महंगाई और मजबूत डॉलर ने बढ़ाई सोने की मुश्किलें हालांकि, साल की शुरुआत में अमेरिका का मुख्य महंगाई आंकड़ा नियंत्रित दिख रहा था, लेकिन अब भविष्य को लेकर बढ़ती महंगाई की आशंकाओं ने फेडरल रिजर्व के लिए ब्याज दरों में कटौती की संभावना को कम कर दिया है। इस उम्मीद से डॉलर को मजबूती मिली है और डॉलर इंडेक्स में 0.3% की बढ़त देखी गई। वहीं, यूरोपीय यूनियन ने भी आगाह किया है कि इस साल उसकी महंगाई दर 3% के पार जा सकती है, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई की चिंता और गहरा गई है। क्या सोने की रैली ने लिया है अस्थायी ब्रेक? ब्लूमबर्ग ने मेलबर्न की वैंटेज मार्केट्स की विश्लेषक हेबे चेन के हवाले से बताया है कि सोने का यह गिरना 'हार मानने' की तरह नहीं, बल्कि एक 'ठहराव' की तरह लग रहा है। उनका कहना है, "बढ़ती महंगाई की उम्मीदों ने डॉलर को फिर से मजबूत किया है और निकट भविष्य में फेड द्वारा दरों में कटौती की संभावनाओं को टाल दिया है। ऐसे में निवेशकों ने फिलहाल सोने से किनारा कर लिया है, क्योंकि बाजार एक समय में सिर्फ एक ही सुरक्षित निवेश को जगह दे सकता है।" सोना: सुरक्षित निवेश की चमक बरकरार, लेकिन राह आसान नहीं सोने के लिए ब्याज दरों का बढ़ना एक बाधा है, क्योंकि यह खुद कोई ब्याज नहीं देता। इसके अलावा, निवेशक जरूरत पड़ने पर अपने पोर्टफोलियो के दूसरे हिस्सों को मजबूत करने के लिए सोने को नकदी में बदल लेते हैं। युद्ध शुरू होने के बाद से एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETF) में सोने की मात्रा में गिरावट आई है। हालांकि, पिछले हफ्ते दो साल से ज्यादा की सबसे बड़ी गिरावट के बाद, मंगलवार को इसमें कुछ निवेश दर्ज किया गया। सुरक्षित निवेश का यह दौर खत्म नहीं हुआ है इस साल सोने की कीमतों में अब तक करीब 20% की बढ़ोतरी हुई है। भू-राजनीतिक उथल-पुथल के समय एक सुरक्षित निवेश होने के कारण इसे लगातार समर्थन मिल रहा है। हालांकि, 24 फरवरी से शुरू हुए युद्ध के बाद से इसका कारोबार काफी अस्थिर रहा है और ऊपर जाने की रफ्तार थम गई है। चेन का कहना है, "सुरक्षित निवेश का यह दौर खत्म नहीं हुआ है। यह बस सांस ले रहा है।"

शेयर बाजार में ‘Oil Strike’ का असर, खुलते ही ध्वस्त हुए ये 10 प्रमुख स्टॉक

मुंबई शेयर बाजार में एक बार फिर कोहराम (Stock Market Crash) मचा है. गुरुवार को खुलने के साथ ही सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स धड़ाम हो गए. अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान युद्ध के चलते पैदा हुआ तेल संकट और भारत में एलपीजी संकंट (LPG Crisis In India) का सीधा असर मार्केट पर देखने को मिला है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला Sensex खुलने के साथ ही 978 अंक फिसल गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty 275 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर ट्रेड कर रहा था. इस बीच जोमैटो, इंडिगो, आईसीआईसीआई बैंक समेत कई दिग्गज स्टॉक धड़ाम नजर आए. बता दें कि गुरुवार को अचानक फिर क्रूड के दाम (Crude Oil Price Surge) में 9 फीसदी के आसपास का उछाल आया।  सेंसेक्स-निफ्टी में फिर हाहाकार मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच तेल संकट के चलते शेयर बाजार पर भी Oil Strike जारी है और ये संभलने का नाम नहीं ले रहा है, सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन बाजार में कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,863 के लेवल से टूटकर 76,369 पर ओपन हुआ और फिर कुछ ही मिनटों में बिखरते हुए 978 अंक फिसकर 75,871 पर आ गया. बात एनएसई निफ्टी की करें, तो इसमें भी खुलने के साथ ही हाहाकार मचा नजर आया है. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले कारोबारी बंद 23,866 के मुकाबले गिरकर 23,674 पर ओपन हुआ और फिर सेंसेक्स की तरह ही फिसलते हुए 23,556 पर आ गया।  विदेशों से मिले थे खराब सिग्नल  शेयर बाजार में गिरावट के संकेत पहले से ही विदेशी बाजारों से मिल रहे थे. जहां बीते कारोबारी दिन अमेरिका शेयर बाजारों में तगड़ी गिरावट देखने को मिली थी, तो वहीं गुरुवार को एशियाई शेयर मार्केट भी क्रैश नजर आए थे. गिफ्ट निफ्टी भी 180 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर कारोबार कर रहा था. इन ग्लोबल निगेटिव संकेतों के भारतीय शेयर बाजार खुलने के साथ ही धराशायी हो गया।   1597 शेयर खुलते ही धड़ाम कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच आई Indian Stock Market में गिरावट के चलते Nifty 23,700 से नीचे आ गया. शुरुआती कारोबार में जहां 643 शेयरों ने मामूली बढ़त के साथ कारोबार शुरू किया, तो वहीं 1597 कंपनियों के शेयर खुलने के साथ ही धड़ाम हो गए. इसके अलावा 159 शेयरों की फ्लैट ओपनिंग हुई, यानी इनकी स्थिति में कोई चेंज नहीं दिखा।  शुरुआती कारोबार में Interglobe Aviation, ICICI Bank, LT, Kotak Mahindra Bank, TMPV, Eternal, IndiGo, ICICI Bank जैसे शेयर सबसे ज्यादा गिरावट में कारोबार कर रहे थे।  सबसे ज्यादा टूटे ये 10 शेयर  बात करें, बाजार में गिरावट के बीच सबसे ज्यादा टूटने वाले 10 शेयरों के बारे में, तो बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Eternal (Zomato) Share 4.30%, M&M Share 3.20%, Maruti Share 2.25%, Trent Share 2.10%, IndiGo Share 2% और ICICI Bank Share 1.90% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे.  इसके अलावा मिडकैप में शामिल Bharat Forge Share 4%, APL Apollo Share 2.90%, Supreme India Share 2.74% और Ashok Leyland Share 2.60% टूटकर ट्रेड कर रहे थे। 

Apple ने भारत में बढ़ाई रफ्तार, उत्पादन 53% उछला, ग्लोबल iPhone प्रोडक्शन में बड़ी हिस्सेदारी

नई दिल्ली  दिग्गज अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी एप्पल ने 2025 में भारत में उत्पादन करीब 53 प्रतिशत बढ़ाया है और इस दौरान करीब 5.5 करोड़ यूनिट्स की असेंबली की है, यह आंकड़ा इससे पहले के वर्ष में 3.6 करोड़ यूनिट्स था। यह जानकारी रिपोर्ट्स में दी गई। ब्लूमबर्ग की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया कि एप्पल अमेरिका में चीनी उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ से बचने के लिए भारत में अपने करीब एक चौथाई फ्लैगशिप प्रोडक्ट्स का उत्पादन कर रहा है। रिपोर्ट में कहा गया कि एप्पल वैश्विक स्तर पर प्रतिवर्ष लगभग 22-23 करोड़ आईफोन का उत्पादन करता है, जिसमें भारत की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ रही है। इसकी वजह सरकार द्वारा प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) के तहत मिलने वाला प्रोत्साहन है। पीएलआई के तहत मिलने वाले प्रोत्साहन ने चीन की तुलना में कमजोर आपूर्ति श्रृंखलाओं और रसद संबंधी चुनौतियों जैसी संरचनात्मक लागत संबंधी कमियों को दूर करने में मदद की है। एप्पल अब भारत में फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी ग्रुप, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और पेगाट्रॉन कॉर्प जैसे आपूर्तिकर्ताओं के माध्यम से आईफोन 17 सीरीज के सभी मॉडल, जिनमें प्रो और प्रो मैक्स मॉडल भी शामिल हैं, का निर्माण करती है। आईफोन 15 और 16 जैसे पुराने मॉडल घरेलू बिक्री और निर्यात के लिए स्थानीय स्तर पर ही बनाए जा रहे हैं। भारत में बिक्री 9 अरब डॉलर से अधिक हो जाने के बाद, एप्पल अपने रिटेल नेटवर्क का विस्तार कर रहा है और अब इसके छह स्टोर हो चुके हैं। साथ ही, कंपनी इस साल के अंत में भारत में एप्पल पे लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। इंडस्ट्री के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में भारत से निर्यात होने वाली सबसे मूल्यवान वस्तु एप्पल का आईफोन बन गया है। इस दौरान देश में स्थित प्लांट्स से एप्पल ने लगभग 23 अरब डॉलर मूल्य के आईफोन निर्यात किए गए, जिनमें से अधिकतर अमेरिका भेजे गए। जनवरी-दिसंबर की अवधि में कुल 30.13 अरब डॉलर मूल्य के निर्यात के साथ, स्मार्टफोन पहली बार भारत की शीर्ष निर्यात श्रेणी बन गई है। कुल स्मार्टफोन निर्यात में एप्पल की हिस्सेदारी 76 प्रतिशत रही है। 

ईंधन की किल्लत के बीच खुशखबरी: इलेक्ट्रिक कार पर कंपनी दे रही भारी डिस्काउंट

मुंबई पश्चिमी एशिया में जंग के बादल गहराते जा रहे हैं. तेल के कुओं के आसपास तनाव बढ़ा तो दुनिया भर के बाजारों में हलचल तेज हो गई. कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगीं और इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता दिख रहा है. ऐसे वक्त में जब पेट्रोल-डीजल महंगा होने का डर हर देश को सता रहा है, ऑटोमोबाइल कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहनों को आगे बढ़ाने में जुट गई हैं. इसी कड़ी में VinFast ने एक नई पहल शुरू की है, जिसका मकसद लोगों को पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ियों के बजाय इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर ले जाना है।  वियतनामी कंपनी विनफास्ट ने ट्रेड गैस फॉर इलेक्ट्रिक (Trade Gas for Electric) नाम से एक नया कैंपेन शुरू किया है. यह प्रोग्राम एक साथ कई एशियाई बाजारों में लागू किया जा रहा है, जिनमें वियतनाम, भारत, इंडोनेशिया और फिलीपींस शामिल हैं. इस स्कीम के तहत अगर ग्राहक अपनी पुरानी पेट्रोल गाड़ी को एक्सचेंज कर नई VinFast इलेक्ट्रिक कार खरीदते हैं तो उन्हें 3 प्रतिशत का एक्स्ट्रा डिस्काउंट दिया जाएगा. वहीं इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने वाले ग्राहकों को 5 प्रतिशत तक का डिस्काउंट मिलेगा।  कंपनी के मुताबिक यह छूट पहले से चल रहे ऑफर्स के ऊपर दी जाएगी. यानी ग्राहकों को एक साथ कई फायदे मिल सकते हैं. इससे इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना पहले के मुकाबले ज्यादा सस्ता और आसान हो सकता है।  इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए कंपनी की मोबिलिटी यूनिट ग्रीन एंड स्मार्ट मोबिलिटी (GSM) ने अपनी राइड-हेलिंग सर्विसेज में भी छूट का ऐलान किया है. 11 मार्च से 31 मार्च 2026 के बीच Xanh SM (वियतनाम) और Green SM (इंडोनेशिया) की सर्विसेज का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को किराए में 10 प्रतिशत तक की छूट का फायदा मिलेगा।  कंपनी का कहना है कि इससे इलेक्ट्रिक वाहनों से सफर करना और भी किफायती बनेगा. साथ ही ज्यादा लोग इको-फ्रेंडली ट्रांसपोर्ट ऑप्शन की ओर मुखर होंगे. कंपनी ने यह भी संकेत दिया है कि यह प्रोग्राम फिलहाल लिमिटेड टाइम पीरियड के लिए शुरू किया गया है, लेकिन अगर ग्लोबल मार्केट में फ्यूल प्राइस में इजाफा बना रहता है तो इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।  VinFast में ग्लोबल सेल्स की डिप्टी सीईओ डुओंग थी थू ट्रांग का कहना है कि, 'ट्रेड गैस फॉर इलेक्ट्रिक' प्रोग्राम दुनिया भर में बदलती इकोनॉमिकल और जियो-पॉलिटिकल कंडिशन को देखते हुए शुरू किया गया है. ऐसे में विनफास्ट ग्रीन इकोसिस्टम के जरिए एक सॉल्यूशन लेकर आया है. इससे लोगों के डेली लाइफ में फ्यूल प्राइसेस का असर कम होगा साथ ही पॉल्यूशन पर भी लगाम लगेगी।  VinFast की कारें विनफास्ट के इंडियन पोर्टफोलियो में फिलहाल दो कार मॉडल हैं और दोनों ही SUV सेगमेंट में आते हैं. कंपनी की सबसे सस्ती कार VinFast VF6 है, जिसकी शुरुआती कीमत करीब 17.29 लाख रुपये रखी गई है. वहीं लाइनअप की सबसे महंगी कार VinFast VF7 है, जिसकी कीमत करीब 26.79 लाख रुपये तक जाती है. आने वाले समय में कंपनी दो नए मॉडल लॉन्च करने की योजना बना रही है, जिनमें Limo Green और VF3 शामिल हैं. माना जा रहा है कि इन मॉडलों के आने से इलेक्ट्रिक कार सेगमेंट में कम्पटीशन और बढ़ेगा। 

जंग के माहौल में सोना-चांदी सस्ता, MCX पर गोल्ड फिसलकर ₹1.63 लाख के नीचे

इंदौर  अंतरराष्ट्रीय बुलियन कीमतों में सुस्ती के बीच बुधवार को Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर सोना और चांदी की कीमतें गिरावट के साथ खुलीं। अप्रैल फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट के लिए Gold का MCX रेट 0.09% गिरकर ₹1,63,149 प्रति 10 ग्राम पर खुला, जबकि पिछला बंद ₹1,63,303 था। इसके बाद बिकवाली का दबाव बढ़ा और सोने की कीमत 0.43% गिरकर ₹1,62,600 तक पहुंच गई। मई फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट के लिए Silver की MCX कीमत 0.31% गिरकर ₹2,76,988 प्रति किलोग्राम पर खुली, जबकि पिछला बंद ₹2,77,850 था। चांदी की कीमत ₹2,850 (लगभग 1.02%) गिरकर ₹2,75,000 प्रति किलोग्राम के स्तर तक आ गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव वैश्विक बाजार में भी सोने और चांदी के वायदा भाव में गिरावट दर्ज की गई। COMEX पर सोना आज 5,194 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर खुला, जबकि पिछला बंद भाव 5,242.10 डॉलर प्रति औंस था। खबर लिखे जाने तक सोना 22.50 डॉलर की गिरावट के साथ करीब 5,219.60 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता देखा गया। इस साल अब तक सोने ने 5,586.20 डॉलर प्रति औंस का उच्चतम स्तर भी छुआ है। वहीं चांदी की बात करें तो COMEX पर चांदी का वायदा भाव 88.50 डॉलर प्रति औंस पर खुला, जबकि पिछला बंद भाव 89.59 डॉलर था। कारोबार के दौरान यह करीब 0.82 डॉलर की गिरावट के साथ 88.77 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रही थी। इस साल चांदी ने 121.79 डॉलर प्रति औंस का उच्चतम स्तर छू लिया है।  स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.4% बढ़कर $5,213.99 प्रति औंस हो गई जबकि अप्रैल डिलीवरी के लिए अमेरिकी गोल्ड फ़्यूचर्स 0.4% गिरकर $5,221.80 हो गए। स्पॉट सिल्वर की कीमत 0.6% बढ़कर $88.89 प्रति औंस हो गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद डॉलर दबाव में आया जिसमें उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध खत्म होने के करीब हो सकता है। एशियाई कारोबार के दौरान स्पॉट गोल्ड करीब 1% बढ़कर 5,145 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया जबकि स्पॉट सिल्वर की कीमतों में लगभग 4% की तेज उछाल दर्ज की गई और यह 87.9 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। ऐसे में निवेशकों की नजर आज सोना-चांदी की कीमतों और वैश्विक संकेतों पर बनी हुई है। पढ़ें भारत में आज सोने का भाव कितना है?  दुनिया की छह बड़ी मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा की स्थिति दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 98.85 पर आ गया है,जो कि सोमवार को 99 के ऊपर था। इसके अलावा, सोने और चांदी में तेजी की एक वजह वैश्विक अस्थिरता को माना जा रहा है।  हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिए एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियान "बहुत जल्द" समाप्त हो जाएगा। ट्रंप ने जीत को उस बिंदु के रूप में परिभाषित किया है जब तेहरान के पास ऐसे हथियार विकसित करने की क्षमता नहीं रह जाएगी जो अमेरिका, इजरायल या उसके सहयोगियों के लिए खतरा बन सकें।  वहीं, ईरान ने भी ट्रंप के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने ईरानी के सरकारी मीडिया पर कहा कि यह वाशिंगटन नहीं, तेहरान तय करेगा कि संघर्ष कब समाप्त करना है। इससे वैश्विक स्तर पर अस्थिरता और बढ़ गई है, जिससे सोने और चांदी में खरीदारी को बढ़ावा मिला है।

दुनियाभर में Instagram सेवाएं प्रभावित, ऐप और पोर्टल ठप होने की यूजर्स ने दी जानकारी

नई दिल्ली Instagram की सर्विस अचानक ठप पड़ गईं और बहुत से यूजर्स ने इसको लेकर रिपोर्ट्स भी किया. यूजर्स ने बताया है कि ऐप और पोर्टल दोनों प्रभावित हुए हैं. यूजर्स को फीड एक्सेस करने में प्रॉब्लम आ रही है। आउटेज को ट्रैक करने वाली वेबसाइट डाउन डिटेक्टर पर सैकडों यूजर्स ने रिपोर्ट की और बताया कि उनको इंस्टाग्राम पर प्रॉब्लम हो रही है. बहुत से यूजर्स फीड को एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं यानी वह नए पोस्ट आदि को चेक नहीं कर पा रहे है। डाउनडिटेक्टर के मुताबिक, इस आउटेज की शुरुआत सुबह 9 बजे के आसपास हुई है. हालांकि अभी तक कंपनी ने इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी है। अमेरिका में दिखा सबसे ज्यादा असर  Instagram की सर्विस पर असर दुनियाभर में दिखाई दिया है. इसमें सबसे ज्यादा असर अमेरिका में दिखाई दिया. जहां करीब 12 हजार यूजर्स ने रिपोर्ट की है. हालांकि सवा दस के आसपास सर्विस दोबारा पटरी पर लौटने लगी हैं।  भारत में भी दिखा असर  Instagram की सर्विस भारत में भी प्रभावित दिखाई दीं, जहां करीब 1 हजार लोगों ने रिपोर्ट ने की है. यूके में भी इंस्टाग्राम की सर्विस प्रभावित हुई हैं।  एक पॉपुलर ऐप है Instagram  Instagram एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है. इस प्लेटफॉर्म पर यूजर्स फोटो और वीडियो को शेयर करते हैं. साथ ही इंस्टाग्राम पर रील्स आदि को भी पसंद किया जाता है. इस प्लेटफॉर्म सेलिब्रिटी आदि भी मौजूद हैं, जो रेगुलर पोस्ट करते हैं।

बड़े घोटाले पर कार्रवाई: चंडीगढ़ ब्रांच फ्रॉड में IDFC फर्स्ट बैंक ने 645 करोड़ का क्लेम सेटल किया

नई दिल्ली आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने मंगलवार को बताया कि उसने अपनी चंडीगढ़ शाखा में हुए धोखाधड़ी मामले से जुड़े दावों के रूप में 645 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया है। यह राशि बैंक के शुरुआती अनुमान से लगभग 55 करोड़ रुपए ज्यादा है। बैंक ने यह भी कहा कि जांच के दौरान अब तक कोई नई गड़बड़ी सामने नहीं आई है। बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में कहा कि पहले 590 करोड़ रुपए की मूल राशि का अनुमान लगाया गया था, लेकिन बाद में मिले दावों के आधार पर कुल 645 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। बैंक के अनुसार, यह सभी दावे उसी घटना और उसी चंडीगढ़ शाखा से जुड़े हैं; कोई नया मामला सामने नहीं आया है। बैंक ने यह भी बताया कि सभी संबंधित खातों का मिलान पूरा कर लिया गया है और 25 फरवरी 2026 के बाद से देश भर में कोई नया दावा नहीं मिला है। बैंक ने कहा कि उसने अपने सिद्धांतों के अनुसार प्रभावित ग्राहकों को यह भुगतान किया है और आगे भी धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा ताकि नुकसान की राशि की वसूली की जा सके। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने बताया कि इस घटना के बावजूद बैंक की जमा राशि (डिपॉजिट बेस) स्थिर बनी हुई है। 28 फरवरी तक बैंक का कुल डिपॉजिट 2,92,381 करोड़ रुपए था, जबकि दिसंबर के अंत में यह 2,91,133 करोड़ रुपए था। बैंक ने अपने ग्राहकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह सिर्फ चंडीगढ़ की एक शाखा से जुड़ी अलग घटना है। बैंक का लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (एलसीआर) भी मौजूदा तिमाही में 114 प्रतिशत के आरामदायक स्तर पर है। बैंक को उम्मीद है कि भविष्य में भी डिपॉजिट और लोन की वृद्धि पहले की तरह जारी रहेगी। इससे पहले बैंक ने बताया था कि हरियाणा सरकार के खातों से जुड़े लगभग 590 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया था, जिसमें बैंक के कुछ कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है। मामले की जांच के लिए बैंक ने केपीएमजी को फॉरेंसिक ऑडिट सौंपा है, जिसकी अंतिम रिपोर्ट चार से पांच सप्ताह में आने की उम्मीद है। साथ ही जांच पूरी होने तक बैंक ने चार अधिकारियों को निलंबित भी कर दिया है। घटना के बाद हरियाणा सरकार ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक को सरकारी कामकाज से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।

ट्रंप के शांति संदेश से शेयर बाजार हरा, सेंसेक्स 77,945.95 तक पहुँचा, निफ्टी में 106 अंक की उछाल

मुंबई बेंचमार्क शेयर बाजार के सूचकांक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान युद्ध में तनाव कम करने वाली टिप्पणियों के बाद हरे रंग में खुले। एसएंडपी BSE सेंसेक्स 379.79 अंक बढ़कर 77,945.95 पर पहुंचा, जबकि NSE निफ्टी50 106.40 अंक की तेजी के साथ 24,134.45 पर पहुंच गया (सुबह 9:28 बजे तक)। चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट ने कहा कि क्रूड की कीमतों में अत्यधिक अस्थिरता ने दुनियाभर के शेयर बाजारों में भी उथल-पुथल मचा दी है। उन्होंने कहा, "कल क्रूड की कीमतों में पैनिक रिएक्शन ने ब्रेंट क्रूड को लगभग $120 तक पहुंचा दिया था, जो आज सुबह $89 तक गिर गया। एक ही दिन में लगभग $30 की यह चरम उतार-चढ़ाव पश्चिम एशियाई संघर्ष के वैश्विक क्रूड आपूर्ति पर पड़ने वाले असमंजस को दर्शाती है।" 

UP के 2002 गांवों में BSNL की नई ओएफसी परियोजना, दो अरब रुपये से होगा डिजिटल विस्तार

गोंडा उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देने के लिए गोंडा व बलरामपुर में बीएसएनएल दो अरब रुपये खर्च कर अपना नेटवर्क सुधार रहा है। दोनों जिलों के 2002 गांवों में बीएसएनएल गांव-गांव ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जा रही है। इसके बाद ब्लाक, स्कूल अस्पताल व थाने को फाइबर कनेक्शन देकर उन्हें तेज रफ्तार के इंटरनेट सेवाएं दी जाएगी। यही नहीं, करीब 300 रुपये प्रति माह में ग्रामीण उपभोक्ता भी कनेक्शन लेकर तीव्र गति वाले इंटरनेट का लाभ ले सकेंगे। सरकार भले ही डिजिटलाइज्ड व आनलाइन सेवाएं देने के लिए गंभीर है लेकिन ऑनलाइन आवेदन फॉर्म से लेकर बैकिंग,गेहूं बिक्री रजिस्ट्रेशन समेत अन्य सेवाएं डिजिटल होने के बाद उनका पूरा लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। कारण, गांवों में इंटरनेट की खराब हालत के चलते हमेशा सर्वर डाउन रहता है, जिससे लोगों को बार-बार मुख्यालय दौड़ना पड़ रहा है। यही नहीं आए दिन सर्वर डाउन रहने से बच्चे,महिलाएं व बुजुर्गों को भी परेशानी हो रही है। कोई परीक्षा फॉर्म नही भर पा रहा है तो कोई पेंशन के लिए मुख्यालय तक दौड़ रहा है। इन्हें स्कूल में नामांकन परीक्षा व फॉर्म भरने से लेकर अन्य जरूरी कार्य भी निजी साइबर कैफे से कराना पड़ रहा है। सरकारी कार्यालयों में आनलाइन कामकाज निपटाने के लिए कार्मिकों को एनआईसी या फिर साइबर कैफे का सहारा लेना पड़ता है, जिसमें अधिक धन व श्रम अधिक व्यय होता है। साथ ही गोपनीयता भंग होने का भी डर रहता है। इन समस्याओं को देखते हुए सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों की इंटरनेट सेवाएं दुरुस्त करने की तैयारी शुरू कर दी है। सरकारी दूर संचार कंपनी बीएसएनएल ने गोंडा-बलरामपुर के 2002 गांवों में बीएसएनएल गांव-गांव ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछा रहा है। दो अरब रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को जिम्मा उसने रेलवे विकास निगम को दिया है, जो इस साल 31 मई तक पूरा कर लिया जाना है। ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछने के बाद ब्लाक, स्कूल अस्पताल व थाने को फाइबर कनेक्शन दिया जाएगा, जिससे उन्हें तेज इंटरनेट की सेवाएं मिलेंगी। यही नहीं करीब 300 रुपये प्रति माह में ग्रामीण उपभोक्ता भी कनेक्शन लेकर इसका लाभ सकेंगे। दीपेंद्र गुप्ता, जिला प्रबंधक भारत संचार निगम लिमिटेड- ओएफसी केबल मई तक पड़ जाएगी, जिसके बाद जून से दोनाें जिलाें के सभी गांवों में तीव्र गति वाला इंटरनेट चलने लगेगा।

साइबर ठगी के शिकार? RBI देगी राहत, अब डिजिटल फ्रॉड पर मिलेगा मुआवजा

मुंबई डिजिटल ट्रांजेक्शन के दौर में ऑनलाइन ठगी का शिकार होने वाले करोड़ों भारतीयों के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) राहत की एक बड़ी योजना लेकर आया है। आरबीआई ने डिजिटल लेनदेन में ग्राहकों की सुरक्षा और जवाबदेही से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव का एक प्रारूप (Draft) पेश किया है। इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य छोटे मूल्य की धोखाधड़ी (Small Value Frauds) के लिए ग्राहकों को सीधा मुआवजा दिलाना और बैंकों की जिम्मेदारी तय करना है। प्रस्तावित समय-सारणी के अनुसार, जनता 6 अप्रैल, 2026 तक इस ड्राफ्ट पर अपने सुझाव दे सकती है और ये नियम 1 जुलाई, 2026 से पूरे देश में प्रभावी हो सकते हैं। अब बैंकों को साबित करनी होगी ग्राहक की गलती नए नियमों के तहत, डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों में 'सबूत' जुटाने का पूरा बोझ अब बैंकों के कंधों पर होगा।     बैंक की जिम्मेदारी: बैंक को यह सिद्ध करना होगा कि धोखाधड़ी ग्राहक की लापरवाही से हुई है, न कि बैंकिंग सिस्टम की किसी खामी से।     व्यापक परिभाषा: 'अधिकृत इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन' के दायरे को बढ़ाकर अब इसमें जबरदस्ती (Coercion) या धोखे से कराए गए भुगतान को भी शामिल किया गया है। इन स्थितियों में ग्राहक की होगी 'जीरो लायबिलिटी' (Zero Liability):     बैंक की चूक: यदि फ्रॉड बैंक की किसी तकनीकी कमी या लापरवाही के कारण हुआ हो।     थर्ड-पार्टी ब्रीच: यदि किसी तीसरे पक्ष की गलती से नुकसान हुआ है और ग्राहक 5 दिनों के भीतर इसकी सूचना बैंक को दे देता है। छोटे फ्रॉड के लिए मुआवजे का नया मॉडल RBI ने पहली बार ₹50,000 तक के डिजिटल फ्रॉड के लिए एक विशेष मुआवजे के ढांचे का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत पीड़ित को उसके शुद्ध नुकसान का 85% या अधिकतम ₹25,000 (जो भी कम हो) वापस मिल सकेगा। मुआवजे की शर्तें:     यह लाभ एक व्यक्ति को जीवन में केवल एक बार ही मिल सकेगा।     धोखाधड़ी की रिपोर्ट 5 दिनों के भीतर बैंक और साइबर क्राइम पोर्टल दोनों पर दर्ज करना अनिवार्य होगा। अलर्ट और रिपोर्टिंग के लिए सख्त निर्देश सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए RBI ने बैंकों के लिए नए रिपोर्टिंग मानक तय किए हैं:     अनिवार्य SMS अलर्ट: ₹500 से अधिक के हर डिजिटल लेनदेन पर बैंक को तुरंत SMS अलर्ट भेजना होगा।     24×7 रिपोर्टिंग चैनल: बैंकों को डिजिटल फ्रॉड की शिकायत के लिए चौबीसों घंटे चालू रहने वाली हेल्पलाइन या पोर्टल की सुविधा देनी होगी। RBI का यह कदम न केवल ग्राहकों का डिजिटल बैंकिंग पर भरोसा बढ़ाएगा, बल्कि बैंकों को अपने सुरक्षा तंत्र को और अधिक मजबूत करने के लिए भी प्रेरित करेगा।