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जबलपुर से कोटा तक नई रेल लाइन: अब शहरों में ट्रैफिक घटेगा, बाहर से गुजरेंगी मालगाड़ियां

जबलपुर. भारतीय रेल (Indian Railways) अब अपनी परिचालन व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने जा रही है। ट्रेनों की लेटलतीफी दूर करने और बड़े जंक्शनों पर बढ़ते ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए 'बाइपास रेल लाइन' का जाल बिछाया जाएगा। पश्चिम मध्य रेल (WCR) ने इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत आठ प्रमुख स्थानों को चिह्नित किया है। इन शहरों में प्रस्तावित है बाइपास रेलवे की इस योजना के केंद्र में जबलपुर, कोटा, बीना, गुना, रुठियाई, सवाई माधोपुर, कछपुरा और रामगंज मंडी जैसे व्यस्त स्टेशन शामिल हैं। इन स्थानों पर प्रस्तावित बाइपास लाइनों की कुल लंबाई लगभग 166 किलोमीटर होगी। इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य मालगाड़ियों को मुख्य स्टेशनों के बाहर से ही उनके गंतव्य की ओर रवाना करना है। सर्वे के लिए बजट स्वीकृत रेलवे बोर्ड ने इस परियोजना की गंभीरता को देखते हुए इसके प्रारंभिक सर्वेक्षण (Survey) के लिए 83 लाख रुपये की राशि स्वीकृत कर दी है। वर्तमान में तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने का काम भी तेजी से चल रहा है, जिसे इन बाइपास लाइनों से जोड़कर ट्रेनों के आवागमन को और सुगम बनाया जाएगा। मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों का अलग होगा रास्ता अभी स्थिति यह है कि मालगाड़ियां और यात्री ट्रेनें एक ही ट्रैक और स्टेशनों का उपयोग करती हैं। बड़े स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म खाली न होने के कारण अक्सर ट्रेनों को आउटर पर रोकना पड़ता है। बाइपास बनने से मालगाड़ियां शहर के भीतर प्रवेश किए बिना ही निकल जाएंगी, जिससे मुख्य स्टेशनों पर ट्रैक खाली रहेंगे और यात्री ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार होगा। इटारसी में अंतिम चरण का काम देश के सबसे व्यस्ततम जंक्शनों में शुमार इटारसी में बाइपास का काम पहले से ही निर्माणाधीन है। यहाँ शेष बचे 9 किलोमीटर के हिस्से के लिए जल्द ही फाइनल सर्वे शुरू किया जाएगा। इस छोटे से खंड के पूरा होते ही इटारसी जंक्शन पर ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा।

समान नागरिक संहिता को लेकर सियासत तेज: उमंग सिंघार बोले—आदिवासी पहचान से समझौता नहीं होगा

भोपाल. मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यह कानून आदिवासी समाज की पहचान, परंपराओं और संवैधानिक अधिकारों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। उन्होंने कहा कि भारत विविधताओं का देश है, जहां आदिवासी समाज अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और सामाजिक व्यवस्थाओं के साथ सदियों से जीवन यापन कर रहा है। ऐसे में एकरूप कानून थोपना न केवल उनकी परंपराओं का अनादर है, बल्कि यह उनके अधिकारों का भी उल्लंघन है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 44 में यूसीसी को ‘राज्य के नीति निदेशक तत्व’ में रखा गया था, क्योंकि संविधान सभा यह समझती थी कि विविधताओं वाले देश में इस विषय पर व्यापक सहमति बनानी होगी। यह कोई तत्काल लागू होने वाला अनिवार्य अधिकार नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक सिद्धांत था। लेकिन बीजेपी सरकार इसे जल्दबाजी, बिना संवाद और बिना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के थोपने का प्रयास रही है। सिंघार ने कहा, यूसीसी के नाम पर जो एकरूपता थोपी जा रही है, वह ‘विविधता में एकता’ के हमारे मूल मंत्र को तोड़ती है। आदिवासी समाज की अपनी सामाजिक व्यवस्था, विवाह, उत्तराधिकार और भूमि से जुड़े रीति-रिवाज सदियों पुराने हैं। पांचवीं और छठी अनुसूची उन्हें सांस्कृतिक स्वायत्तता देती है। यदि यूसीसी बिना छूट के लागू हुई, तो यह संविधान की भावना के खिलाफ होगा। समानता का अर्थ एकरूपता नहीं सिंघार ने सरकार के ‘समानता’ के तर्क पर सवाल उठाते हुए कहा कि समानता का अर्थ एकरूपता नहीं होता, बल्कि हर समुदाय की विशिष्टता को सम्मान देते हुए न्याय सुनिश्चित करना होता है। उन्होंने चिंता जताई कि न तो आदिवासी संगठनों, न पंचायतों, न ही किसी धार्मिक या सामाजिक समूह से चर्चा की गई। बीजेपी की यही ‘नया सामान्य’ बन गया है – बिना विचार-विमर्श के कानून बनाना। यह अलोकतांत्रिक, असांप्रदायिक और असंवैधानिक है। सरकार को साफ जवाब देना चाहिए कि क्या यूसीसी आदिवासियों पर लागू होगी? यदि नहीं, तो संरक्षण की गारंटी क्यों नहीं दी जा रही? यह अनिश्चितता जानबूझकर फैलाया गया भय है।” आदिवासी समाज की परंपराओं की सुरक्षा की जाए सिंघार ने सरकार से स्पष्ट जवाब मांगते हुए कहा कि क्या आदिवासी समुदायों को यूसीसी के दायरे में लाया जाएगा या उन्हें इससे बाहर रखा जाएगा। साथ ही उन्होंने मांग की कि आदिवासी समाज को इस संहिता से बाहर रखा जाए और उनकी परंपराओं व अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। सिंघार ने कहा कि बिना सहमति और संवाद के लाया गया कानून समाज में बंटवारे का काम करेगा। “यूसीसी की घोषणा ने एकता की बजाय अलगाव पैदा किया है। सरकार तुष्टीकरण की राजनीति छोड़े, आदिवासी समाज को यूसीसी के दायरे से बाहर रखा जाए और सभी समुदायों को विश्वास में लेते हुए कोई साझा मसौदा तैयार किया जाए। जल्दबाजी और अलोकतांत्रिक तरीका बीजेपी की असहिष्णु सोच को दर्शाता है। उन्होंने सरकार से अपील की कि इस मुद्दे पर विधानसभा में विस्तृत चर्चा हो, सभी धर्मों, जनजातियों और अल्पसंख्यकों को साथ लेकर ही कोई नीति बने, अन्यथा यह देश की सांस्कृतिक विविधता के लिए घातक साबित होगी।

नोएडा से मंगाई गई स्पिरिट से बनी जहरीली शराब, 10 लोगों की मौत के बाद बड़ा खुलासा

मोतिहारी/साहिबाबाद  बिहार के मोतिहारी में जहरीली शराब कांड मामले में बड़ी सफलता मिली है। इस कांड के मुख्य आरोपी और शराब सप्लाई करने वाली कंपनी के मालिक सतीश चौधरी को उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद (गाजियाबाद) से गिरफ्तार किया गया। मोतिहारी पुलिस की विशेष टीम ने दिल्ली से सटे इस इलाके में छापेमारी कर उसे दबोचा। मोतिहारी में जहरीली शराब पीने से 10 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जिसके बाद से ही पुलिस सप्लायरों के नेटवर्क को खंगाल रही थी। सतीश चौधरी न केवल कंपनी का मालिक है, बल्कि वो बड़े पैमाने पर बिहार में शराब सप्लाई भी करता है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने में जुटी है। नोएडा से मंगाई गई थी स्पिरिट दरअसल, मोतिहारी में जिस स्पिरिट का इस्तेमाल कर जहरीली शराब बनाई गई थी, वह औद्योगिक इस्तेमाल के नाम पर नोएडा से मंगाई गई थी। इस स्पिरिट वाले जार पर 'सुपर पावर एडब्ल्यू-68 हाइड्रोलिक आयल' लिखा हुआ है। बिहार पुलिस और मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग की अब तक की जांच में इसका खुलासा हुआ है। पुलिस छापेमारी में अब तक ऐसे 26 लीटर वाले 50 से अधिक जार बरामद किए जाने की सूचना है। मोतिहारी में जहरीली शराब से 10 की मौत मोतिहारी जहरीली शराब कांड में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई गंभीर रूप से बीमार पड़े थे। जांच में पता चला है कि गिरफ्तार नामजद अभियुक्त राजा कुमार ने कन्हैया राय के साथ मिलकर स्पिरिट वाली जार मंगाई थी। स्थानीय सप्लाई चेन में इनकी प्रमुख भूमिका रही। इसके अलावा आत्मसमर्पण करने वाले अभियुक्त सुनील साह की भी भूमिका मिली है। उनके बीच पैसे के लेन-देन के साक्ष्य मिले हैं। जहरीली शराब कांड में पुलिस की कार्रवाई एसआईटी ने जहरीली शराब बनाने वाली कंपनी के मालिक सह सप्लायर सतीश चौधरी को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद (साहिबाबाद) से गिरफ्तार किया। आरोपी 'एसएस केमिकल' नाम से बिना किसी रजिस्ट्रेशन के फर्जी कंपनी चला रहा था, जिसके जरिए जहरीली स्प्रिट का अवैध निर्माण और सप्लाई की जा रही थी।  गाजियाबाद से पूरे नेटवर्क को कंट्रोल कर रहा था आरोपी सतीश चौधरी। इसकी सप्लाई चेन बिहार समेत कई अन्य राज्यों में शराब माफियाओं तक फैली हुई है। तुरकौलिया थाना कांड संख्या 174/26 के तहत गिरफ्तारी के बाद पुलिस को कई चौंकाने वाले सुराग मिले हैं, जिससे अन्य ठिकानों पर छापेमारी की तैयारी है।  इससे पहले पुलिस ने मुख्य सप्लायर लवकुश यादव को कोटवा के सबैया गांव से पकड़ा था, जिसकी निशानदेही पर इस गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सका। एक-एक सबूत जुटाने में जुटी है टीम मोतिहारी शराबकांड के बाद मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (Prohibition and State Narcotics Control Bureau) ने गहन अनुसंधान के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। इसमें घटनास्थल से जब्त सारे साक्ष्यों के शृंखलाबद्ध अभिलेखीकरण (चेन ऑफ कस्टडी) सावधानी से तैयार करने का निर्देश दिया गया है, ताकि ट्रायल के दौरान कोई परेशानी न हो। पुलिस को रजिस्टर अपडेट करने की हिदायत इसके साथ ही मालखाने के रजिस्टर में उसे अनिवार्य रूप से दर्ज करने को कहा गया है। इससे पहले बिहार पुलिस ने जहरीली शराब कांड को लेकर एसओपी भी जारी की थी। एसओपी (Standard Operating Procedure) में सभी जिलों को इस संबंध में आसूचना संकलन (Intelligence Gathering) कराने और अपने-अपने जिलों के थानों, चौकीदारों और दफादारों को सतर्क करने का निर्देश दिया गया है। कहीं भी ऐसे संदिग्ध जार बरामद होने पर उसकी रासायनिक जांच कराने का निर्देश है।  

दिल्ली-एनसीआर में पाइप गैस का विस्तार, हजारों नए PNG कनेक्शन देने की तैयारी

नई दिल्ली   इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने दिल्ली-एनसीआर में पाइप के जरिये खाना पकाने की गैस (PNG) का कनेक्शन देने का काम तेज कर दिया है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी कमल किशोर चटिवाल का कहना है कि आईजीएल का उद्देश्य रसोई गैस पर दबाव कम करना और ज्यादा से ज्यादा कस्टमर को सुविधा उपलब्ध कराना है। मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बीच ऊर्जा की आपूर्ति बाधित होने के बाद सरकार पीएनजी को काफी बढ़ावा दे रही है और इसे एलपीजी के एक सुविधाजनक विकल्प के रूप में पेश कर रही है। चटिवाल ने बताया कि पहले आईजीएल रोजाना 600-700 पीएनजी कनेक्शन देती थी, जिसे अब बढ़कर 2,100-2,200 प्रतिदिन कर दिया गया है। कंपनी का लक्ष्य इस संख्या को बढ़ाकर 5,000 प्रतिदिन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि कंपनी अब केवल घरेलू रसोई तक सीमित नहीं है, बल्कि फास्ट-फूड श्रृंखला और पुलिस स्टेशनों को भी पीएनजी कनेक्शन देने पर ध्यान दे रही है। हाल ही में एलपीजी आपूर्ति में बाधा के कारण कई तत्काल खाने का सामान उपलब्ध कराने वाले फास्ट-फूड आउटलेट प्रभावित हुए हैं। कहां-कहां पहुंच गया कनेक्शन देश की सबसे बड़ी शहर गैस वितरक कंपनी आईजीएल अब तक दो प्रमुख फास्ट-फूड श्रृंखला की 100 से अधिक दुकानों को पीएनजी से जोड़ चुकी है और इतने ही कनेक्शन प्रक्रिया में हैं। कुल मिलाकर आईजीएल की योजना लगभग 400 आउटलेट को पीएनजी से जोड़ने की है। इसके साथ ही, दिल्ली के सभी पुलिस थानों को पीएनजी कनेक्शन देने की प्रक्रिया भी जारी है, जिससे कैंटीन में एलपीजी सिलेंडर के रिफिल की समस्या से राहत मिलेगी। कहां तक पहुंची पाइपलाइन नयी दिल्ली के कारोबारी केंद्र कनॉट प्लेस में भी अब पीएनजी नेटवर्क पर काम शुरू हो गया है। पहले अनुमति न मिलने के कारण इस क्षेत्र में पीएनजी की पहुंच नहीं थी। हालांकि, अब सरकार द्वारा नियमों में ढील दिए जाने के बाद इसपर काम शुरू हो गया है। अधिकारी ने बताया कि अब पाइपलाइन कनॉट प्लेस के आउटर सर्किल में पहुंच चुकी है। 90 दिनों में 4.85 लाख कनेक्शन चटिवाल ने बताया कि कंपनी अगले 90 दिन में अपने परिचालन वाले क्षेत्र में 4.85 लाख नए कनेक्शन देने का लक्ष्य लेकर चल रही है। उन्होंने कहा कि भारत के पास प्राकृतिक गैस की पर्याप्त उपलब्धता है, जिसे पाइप के जरिये घरों में रसोई में पहुंचाया जाता है। इसके अलावा इसकी आपूर्ति उद्योगों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों मसलन होटल और रेस्तरां को की जाती है। भारत में कितना होता है उत्पादन भारत में प्रतिदिन 9.2 करोड़ मानक घनमीटर प्राकृतिक गैस का उत्पादन होता है। शहर गैस (पीएनजी और सीएनजी मिलाकर) में इसके एक-तिहाई हिस्से की खपत की जाती है। आईजीएल के पास 28,000 किलोमीटर से अधिक लंबा पाइपलाइन नेटवर्क है। इसका शहर गैस वितरण नेटवर्क ढांचा दिल्ली के अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, रेवाड़ी, गुरुग्राम, करनाल, कैथल, फतेहपुर, अजमेर, पाली, शामली, बांदा, मुजफ्फरनगर, कानपुर और मेरठ तक फैसला हुआ है। साथ ही यह 950 से अधिक सीएनजी स्टेशन के जरिये 21 लाख से अधिक वाहनों को ईंधन उपलब्ध करा रही है।

बठिंडा में बैसाखी मेले की तैयारियां तेज: प्रशासन सतर्क, सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा

बठिंडा. बैसाखी मेले के मद्देनजर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। डिप्टी कमिश्नर बठिंडा राजेश धीमान और एसएसपी डा. ज्योति यादव बैंस ने तख्त श्री दमदमा साहिब गुरुद्वारा के प्रबंधकों के साथ बैठक कर मेले के दौरान व्यवस्थाओं की समीक्षा की। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालु 01655-220241 और 01655-220249 नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सहायता के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ) की 30 सदस्यीय टीम भी तैनात की गई है। डीसी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीने के पानी की 24 घंटे उपलब्धता और साफ-सफाई व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए। मेले में आने वाले वाहनों की सुचारू आवाजाही के लिए शहर में छह स्थानों पर अस्थायी बस स्टैंड बनाए गए हैं। इसके अलावा सड़कों की सफाई के लिए रोड स्वीपिंग मशीनें लगाई गई हैं और विभिन्न क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग कराई जा रही है। अग्निशमन विभाग की गाड़ियों को भी प्रमुख स्थानों पर तैनात किया गया है। इस मौके पर एडीसी (ज) कंचन, एसडीएम तलवंडी साबो राजेश कुमार शर्मा, एसपी जगदीश बिश्नोई, एसपी नरेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

झारखंड में बड़ी कार्रवाई: लंबे समय से फरार नक्सली मुन्ना आखिरकार दबोचा गया

बलरामपुर. 13 साल से फरार चल रहे नक्सली मुन्ना कोरवा को झारखंड से गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता मिली है. मुन्ना पर बंधक बनाकर मारपीट और हत्या की नियत से गोली चलाने का आरोप है. साल 2012 से वह जंगल में छिपकर पुलिस की आखों में धूल झोंक रहा था. जानकारी के मुताबिक, नक्सलियों ने लातेहार निवासी लखू यादव को ग्राम पुन्दाग में बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की थी. नक्सली दस्ता के सदस्य इकबाल यादव के निर्देश पर लखू को जान से मारने के इरादे से गोली चलाई गई, लेकिन वह किसी तरह बचकर भाग निकला। घटना के संबंध में सामरीपीठ में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी. आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं 147, 148, 149, 342, 395, 307, 120बी भादवि एवं आर्म्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया था. जांच के दौरान सभी आरोपी भाग निकले थे. न्यायालय ने उनके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया था. मुखबीर से जानकारी मिली की वारंटी मुन्ना कोरवा झारखंड के तेहड़ी (भण्डरिया) में छिपा हो सकता है. इसके बाद एक विशेष टीम गठित कर झारखंड रवाना किया गया. पुलिस ने आरोपी को दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया. सामरीपाठ लाकर उसे कोर्ट में पेश किया गया.

फूड सेफ्टी पर बड़ा सवाल: मंदसौर में 700 लीटर दूध के साथ यूरिया-केमिकल मिले, जांच शुरू

मंदसौर. मंदसौर जिले में पुलिस ने आठ दिन में दूसरी बार गरोठ क्षेत्र में नकली दूध बनाने की आशंका में छापामार कार्रवाई की है। शनिवार की देर रात गरोठ के ग्राम चचावदा चौकटिया में एक बाड़े में दबिश देकर पुलिस ने यूरिया, केमिकल सहित अन्य सामग्री जब्त की है। यहां लगभग 700 लीटर दूध का स्टाक भी मिला है। अब जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी। मिली जानकारी के अनुसार शनिवार-रविवार की दरमियानी रात लगभग डेढ़ बजे गरोठ पुलिस की टीम ने ग्राम चचावदा चौकटिया स्थित एक बाड़े में दबिश दी। यहां दो कमरों में दूध की डेयरी संचालित हो रही है। मौके से पुलिस ने ढाई कट्टा यूरिया, केमिकल सहित अन्य सामग्री जब्त की है जो संभवतः नकली दूध बनाने के लिए उपयोग की जा रही थी। साथ ही करीब 700 लीटर दूध का स्टाक भी मिला। पुलिस को जानकारी मिली है कि इस डेयरी का संचालन सूरज गायरी कर रहा था। कोटड़ा बुजुर्ग में भी डेयरी पर मिला था 200 लीटर दूध उल्लेखनीय है कि अभी पांच दिन पूर्व ही शामगढ़ व गरोठ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गरोठ क्षेत्र के कोटड़ा बुजुर्ग में भी एक डेयरी पर छापा मारा था। यहां 2000 लीटर दूध, 200 लीटर केमिकल व दूध के पावडर जैसा पदार्थ मिला था। खाद्य विभाग ने दूध के सेंपल लेकर लेब में भेजे थे। उसकी जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।

‘पाकिस्तान के और होंगे टुकड़े’,CM योगी का बड़ा बयान, विस्थापितों को जमीन का हक

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को पाकिस्तान को लेकर बड़ा और तीखा बयान दिया. उन्होंने पाकिस्तान को पापी बताते हुए कहा कि जिस देश ने भारत का विभाजन कराया, वह खुद भी बंट चुका है और आगे भी उसके और टुकड़े होंगे. यह बात उन्होंने मियानपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही, जहां उन्होंने बांग्लादेश से विस्थापित हिंदू परिवारों को भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र वितरित किए. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने एक और बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि मियानपुर गांव का नाम बदलकर अब रविंद्र नगर रखा जाएगा. यह नाम गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर के सम्मान में रखा जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह बदलाव गांव की पहचान को नई दिशा देगा और यहां बसे लोगों को उनकी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ेगा. अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पाकिस्तान ने भारत को बांटने का पाप किया और उसके बाद खुद भी विभाजित हो गया. उन्होंने आरोप लगाया कि वहां हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लिए कोई जगह नहीं है और इन समुदायों को वहां सजा झेलनी पड़ी. उन्होंने कहा कि भारत ही ऐसा देश है जिसने इन लोगों को सम्मान और सुरक्षा दी. मुख्यमंत्री ने बताया कि आज 1000 से ज्यादा ऐसे परिवारों को जमीन के अधिकार दिए जा रहे हैं, जो 1947 और 1971 के विभाजन के दौरान विस्थापित होकर यहां आकर बस गए थे. उन्होंने कहा कि इन परिवारों ने वर्षों तक बिना अधिकार के जीवन बिताया, लेकिन अब उन्हें उनका हक मिल रहा है. मियानपुर का नाम बदलेगा, अब होगा रविंद्र नगर उन्होंने कहा कि इन बंगाली बंधुओं की जमीन और संपत्ति को कुछ राक्षसों ने कब्जा लिया था, लेकिन अब सरकार उन्हें उनका अधिकार वापस दिला रही है. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि लखीमपुर, धौरहरा और मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्रों में 417 करोड़ रुपये की 213 परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया है. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 331 विस्थापित हिंदू परिवारों को भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र दिए. उन्होंने कहा कि आज इन परिवारों को उस जमीन का मालिकाना हक मिल रहा है, जिस पर वे दशकों से रह रहे थे. उन्होंने यह भी कहा कि यह काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के सबका साथ, सबका विकास के संकल्प को दर्शाता है. कांग्रेस पर हमला बोलते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले की सरकारों ने इन लोगों से वोट तो लिए, लेकिन उन्हें कभी जमीन का अधिकार नहीं दिया. उन्होंने कहा कि इनकी पहचान छिपाने के लिए गांव का नाम मियानपुर रखा गया था, जबकि यहां एक भी मियां नहीं था. अब इस गांव को रविंद्र नगर नाम दिया जाएगा और इसकी पहचान गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर से जोड़ी जाएगी, जिन्होंने भारत का राष्ट्रगान लिखा. मुख्यमंत्री ने बंगाल को भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर बताया. उन्होंने कहा कि इस साल वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं, जिसे बंकिम चंद्र चटर्जी ने लिखा था. उन्होंने कहा कि यह गीत देशभक्ति और एकता का प्रतीक है. विस्थापित परिवारों को मिला जमीन का मालिकाना हक विभाजन का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 1947 की त्रासदी इसलिए हुई क्योंकि देश बंट गया था और समाज में विभाजन पैदा हुआ था. उन्होंने कहा कि आज भी जो लोग जाति के नाम पर समाज को बांटते हैं, वो बहुत बड़ा पाप कर रहे हैं और देश के साथ विश्वासघात कर रहे हैं. उन्होंने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर भी बात की. उन्होंने कहा कि जब वहां हिंदू, सिख, बौद्ध या जैन समुदाय के लोग प्रताड़ित होते हैं, तो उनकी उम्मीद भारत से ही होती है. वो न्याय और सुरक्षा के लिए भारत की तरफ देखते हैं. मुख्यमंत्री ने भावुक अंदाज में कहा कि जब ये विस्थापित परिवार भारत आए थे, तब उनके पास टूटे हुए सपने और गहरा दर्द था. उन्होंने अपने घर और अपनों को पीछे छोड़ दिया था और अनिश्चित भविष्य का सामना कर रहे थे. उन्होंने कहा कि ये लोग अपनी मर्जी से नहीं आए थे, बल्कि उन्हें मजबूर होकर अपना घर छोड़ना पड़ा था. उन्होंने कहा कि न तो बांग्लादेश और न ही पाकिस्तान ने इन लोगों को स्वीकार किया, क्योंकि वे हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन या पारसी थे. भारत ने ही उन्हें खुले दिल से अपनाया और उन्हें सम्मान दिया. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हिंदू समाज की सहिष्णुता की यही पहचान है कि यहां आने के बाद किसी ने इन लोगों से उनकी जाति या संप्रदाय नहीं पूछा. उन्हें अपनाया गया और समाज का हिस्सा बनाया गया. कांग्रेस पर हमला, वोट लिए लेकिन अधिकार नहीं दिए उन्होंने बताया कि लखीमपुर खीरी, गोला गोकर्णनाथ, धौरहरा और मोहम्मदी क्षेत्रों में करीब 1031 विस्थापित हिंदू और सिख परिवारों को 542 हेक्टेयर जमीन का मालिकाना हक देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. उन्होंने कहा कि पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, रामपुर और बिजनौर में करीब 65000 विस्थापित परिवार रह रहे हैं और सरकार उन्हें जमीन का अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध है. मुख्यमंत्री ने बताया कि इन परिवारों को सरकारी योजनाओं के तहत मकान, शौचालय, बिजली और पानी की सुविधा भी दी गई है. उन्होंने कहा कि सरकार इन लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि आज 417 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ है और फरवरी 2025 में 1622 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शुरू की गई थीं. उन्होंने कहा कि लखीमपुर राज्य का सबसे बड़ा कृषि जिला है, जिसे ‘लक्ष्मीपुर’ के रूप में भी जाना जाता है. उन्होंने बताया कि गोला गोकर्णनाथ में काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर एक कॉरिडोर बनाया जा रहा है, जिसका 65 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. इससे पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. बांग्लादेश से आए परिवारों के दर्द और संघर्ष का जिक्र मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की सरकारें अपराध, दंगे और अराजकता के लिए जानी जाती थीं, जबकि वर्तमान सरकार विकास और कानून व्यवस्था पर ध्यान दे रही है. उन्होंने कहा कि अब एक जिला, एक माफिया की जगह एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज की पहचान बन रही है और लखीमपुर में मेडिकल कॉलेज भी बन चुका है. उन्होंने कहा कि … Read more

सीएम सैनी का बड़ा फैसला: गुरुग्राम में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी मजबूती

 गुरुग्राम दिल्ली से सटे गुरुग्राम में बढ़ती आबादी और स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए हरियाणा सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गुरुग्राम में विभिन्न स्थानों पर 100 से 150 बेड की क्षमता वाले चार अतिरिक्त अस्पताल इसी तर्ज पर खोलने के प्रस्ताव तैयार किए जाएं। मुख्यमंत्री का यह निर्देश न केवल शहर के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि भविष्य की स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री सैनी ने यह महत्वपूर्ण निर्देश गुरुग्राम में निर्माणाधीन शीतला माता देवी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित कैबिनेट सब-कमेटी की बैठक के दौरान दिए। यह परियोजना सहकारी संघवाद और स्थानीय निकायों के आपसी सहयोग का अनूठा उदाहरण है। इसका इंफ्रास्ट्रक्चर जीएमडीए का 50 फीसदी, नगर निगम गुरुग्राम का 45 फीसदी और श्री माता शीतला देवी श्राइन बोर्ड पांच फीसदी के वित्तीय सहयोग से तैयार हो रहा है। आयुष्मान के लाभार्थियों को प्राथमिकता बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल के आरक्षित बेड पर आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा, हमारा उद्देश्य केवल बिल्डिंग खड़ी करना नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ऐसी सेवाएं देना है जो गुरुग्राम को वैश्विक स्वास्थ्य मानचित्र पर स्थापित करें। मेडिकल शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बैठक में प्रोजेक्ट की बारीकियों को साझा किया। आरक्षण और किफायती शिक्षा पर जोर मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्णय लेते हुए निर्देश दिए कि गुरुग्राम के सेक्टर-102ए खेड़की माजरा में बन रहे इस अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज की 150 एमबीबीएस सीटों और 850 बेडों में से 33-33 प्रतिशत हिस्सा हरियाणा के विद्यार्थियों और स्थानीय निवासियों के लिए आरक्षित किया जाए। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि आरक्षित सीटों पर फीस अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों के समान ही रखी जाएगी, जिससे राज्य के मेधावी लेकिन आर्थिक रूप से सामान्य परिवारों के छात्रों को चिकित्सा शिक्षा के लिए भारी-भरकम फीस नहीं भरनी होगी।

सेहत पर खतरा: धौलपुर से आ रहा मिलावटी दूध टैंकर पकड़ा गया

 आगरा  अगर आप दूध खरीद रहे हैं तो एक बार उसे अच्छी तरीके से जांच लीजिए। कहीं मिलावटी दूध आपकी सेहत को खराब न कर दे। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने शनिवार दोपहर करहरा (किरावली)गांव के पास न्यू दक्षिणी बाईपास से एक टैंकर से 1200 लीटर मिलावटी मिश्रित दूध जब्त किया। मिलावटी दूध की आपूर्ति धौलपुर से हुई थी। दूध में रिफाइंड की मिलावट की पुष्टि हुई। दूध से दुर्गंध आ रही थी। शहर की विभिन्न डेरी में 45 से 50 रुपये प्रति लीटर में बेचा जाना था। टीम ने दूध का एक नमूना लेने के बाद उसे नष्ट करा दिया। चालक से पूछताछ के बाद संबंधित डेरी का पता लगाया जा रहा है। न्यू दक्षिणी बाईपास के करहरा गांव के पास एफएसडीए टीम ने की कार्रवाई धौलपुर से हर दिन शहर में कई टैंकर दूध, घी, पनीर भेजा जाता है। यह सब ऑन डिमांड आता है। सबसे अधिक आपूर्ति शहर और उसकी सीमा से सटे डेरी में होती है। शनिवार सुबह धौलपुर से एक टैंकर शहर आना था। एफएसडीए टीम ने न्यू दक्षिणी बाईपास स्थित करहरा गांव के पास जांच शुरू कर दी। एक टैंकर को रोका गया। जांच में उसमें दूध मिला। धौलपुर, राजस्थान के वाहन चालक प्रेम नारायण के पास कोई भी वैध दस्तावेज नहीं मिला। बिल की रसीद नहीं थी। न ही दूध की जांच रिपोर्ट थी। यह वीडियो भी देखें डेरी में 45 से 50 रुपये प्रति लीटर होने जा रही थी बिक्री मिलावटी मिश्रित दूध से दुर्गंध आ रही थी। टैंकर में थर्मोस्टेट भी नहीं लगा था। इससे दूध को सुरक्षित तापमान पर नहीं रखा जा रहा था। मोबाइल लैब से दूध का नमूना लिया गया और जांच की गई तो उसमें रिफाइंड की पुष्टि हुई। टैंकर से 1200 लीटर मिलावटी मिश्रित दूध जब्त किया गया। एक नमूना लेने के बाद दूध को कराया नष्ट सहायक खाद्य आयुक्त महेंद्र प्रताप ने बताया कि मिलावटी दूध की कीमत 60 हजार रुपये है। इसे शहर की डेरी में बिक्री के लिए ले जाया जा रहा था। दूध में रिफाइंड की पुष्टि हुई है। यह है दूध की पहचान का तरीका कुछ मात्रा में दूध लें। उसे धीमी आंच में उबाल लें। अगर दूध पीला पड़ जाए तो उसमें यूरिया की मिलावट की गई है। दूध को हाथ में लेने पर उसमें साबुन जैसी चिकनाहट आ सकती है। दूध को उबाल लें। उसमें कुछ नींबू की बूंद डाल दें। मिलावटी दूध को फटने में अधिक समय लगता है। असली दूध का स्वाद हल्का मीठा और मिलावटी दूध का कड़वा होता है। पेट संबंधी हो सकती हैं बीमारियां वरिष्ठ फिजीशियन डॉक्टर मनीष बंसल ने बताया कि लंबे समय तक मिलावटी दूध का प्रयोग करने से पेट संबंधी बीमारियां हो सकती हैं। जिस मकसद से दूध को पिया जा रहा है। उसके उलट स्थिति सामने आने लगी।इससे उल्टी और दस्त भी हो सकती है।