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प्रशासन का बड़ा फैसला, पीएनजी पाइपलाइन वाले इलाकों में तीन महीने बाद बंद होगी सिलेंडर की सप्लाई

करनाल  ग्रामीण सहित जिले के जिन 45 क्षेत्रों में पीएनजी पाइपलाइन बिछी है, वहां 3 जुलाई के बाद एलपीजी सिलिंडर नहीं मिलेगा। जिला प्रशासन की ओर से ऐसे क्षेत्रों के लोगों को तुरंत पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए कहा गया है। नोडल अधिकारी एवं एडीसी राहुल रईया ने सार्वजनिक नोटिस जारी कर दिया है, जिसमें कहा गया है कि नोटिस जारी होने की तिथि के तीन माह बाद एलपीजी सिलिंडर नहीं मिलेगा। एडीसी के अनुसार, पीएनजी कनेक्शन के लिए तीन महीने के अंदर आवेदन करना होगा। आवेदन करने वाले उपभोक्ताओं की एलपीजी आपूर्ति, सूचना की तारीख से तीन महीने बाद बंद कर दी जाएगी बशर्ते प्राधिकृत इकाई की ओर से आवेदन को मंजूर कर लिया गया हो। जिले में करीब 650 किलोमीटर पीएनजी की पाइपलाइन बिछी है। 26 हजार लोगों के पास ही सक्रिय कनेक्शन हैं। निष्क्रिय कनेक्शन धारकों को प्राथमिकता पर पीएनजी कनेक्शन एक्टिव किया जा रहा है। ब्यूरो ऐसे कर सकते हैं आवेदन एचएसवीपी के सेक्टर-5 स्थित एससीओ 76 में इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड से बातचीत कर सकते हैं। पीएनजी कनेक्शन के लिए www.iglonline.net लिंक पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आईजीएल ग्राहक सेवा नंबर 8448184015 और 9773980554 के माध्यम से भी नए कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया जा सकता है। भवन मालिक के नाम से होगा इंद्रप्रस्थ गैस एजेंसी मैनेजर शिवम गुप्ता ने बताया कि पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदनकर्ता भवन का कानूनी रूप से मालिक होना जरूरी है। उसी के नाम से ही कनेक्शन जारी होगा। शहर के सेक्टर चार से नौ, सेक्टर-12, 13, 14 भाग-एक, सेक्टर-16, 32, 35, 36, 45, एलआईसी कॉलोनी, मान कॉलोनी, मॉडल टाउन, न्यू डीसी कॉलोनी, आर्यपुरम, अशोका कॉलोनी, दयाल सिंह कॉलोनी, दुग्गल कॉलोनी, निर्मल विहार, जनरैली कॉलोनी, नरसी विलेज भाग-1 और 2, पालम कॉलोनी, अशोका नर्सरी, डीसी कॉलोनी, दीवान कॉलोनी, कर्ण विहार, रणजीत एन्क्लेव, शक्तिपुरम भाग- एक और दो, प्रेम नगर, राम नगर, राजीव पुरम, विकास नगर, वसंत विहार, घरौंडा, विकास कॉलोनी, दादूपुर (नीलोखेड़ी), बैंक कॉलोनी, समौरा गांव (इंद्री) और कबीर नगर (असंध) में पीएनजी की पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है।  

नशा मुक्ति के नाम पर यातनाओं का खेल होगा बंद, जागरूक करने के लिए विभाग ने जारी की 20 केंद्रों की लिस्ट

 अंबाला  जिले में अवैध रूप से चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया गया है। विभाग ने जिले के सभी प्रमुख नागरिक अस्पतालों व कोर्ट परिसर में 20 मान्यता प्राप्त वैध नशा मुक्ति केंद्रों व पुनर्वास केंद्र की सूची चस्पा कर दी है। इस सख्ती का मुख्य उद्देश्य उन युवाओं और परिजनों को जागरूक करना है, जो सही मार्गदर्शन के अभाव में अवैध केंद्रों के चंगुल में फंस जाते हैं। देखा गया है कि नशे की लत छुड़ाने के लिए युवा और उनके परिजन नागरिक अस्पतालों में परामर्श के लिए पहुंचते हैं। वहां सही जानकारी के अभाव में वह कई बार अवैध रूप से चल रहे केंद्रों के एजेंटों के चंगुल में फंस जाते हैं। यह अवैध केंद्र न केवल मोटी फीस वसूलते हैं बल्कि वहां भर्ती युवाओं के साथ अमानवीय व्यवहार की शिकायतें भी आती रही हैं। अब अस्पतालों में बोर्ड लगने से मरीजों को सीधे तौर पर पता चल सकेगा कि कौन सा केंद्र सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है। जिले में हो चुका अवैध केंद्रों का भंडाफोड़ अंबाला में पहले भी समय-समय पर अवैध रूप से चल रहे पांच नशा मुक्ति केंद्रों का भंडाफोड़ हो चुका है। यहां तक कि इन अवैध केंद्रों पर युवकों को यातनाएं देने के भी मामले सामने आ चुके हैं। कैंट स्थित नशा मुक्ति केंद्र खतौली में युवक को यातनाएं देने के मामले से पर्दा उठते ही एक के बाद एक 2 अवैध नशा मुक्ति केंद्रों का पर्दाफाश हुआ था। खतौली के साथ-साथ गरनाला में अवैध रूप से नशा मुक्ति केंद्र चल रहा था। पुलिस ने इन दोनों नशा मुक्ति केंद्रों से 27 युवकों को रेस्क्यू किया था। यहां तक कि 5 सितंबर को अवैध नशा मुक्ति केंद्र में युवक भी दम तोड़ चुका है।  सिटी की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी गौरव की मौत हुई थी। परिजनों ने कल्याण फाउंडेशन नशा मुक्ति केंद्र गांव मौखा माजरा संचालक समेत अन्य 4 लोगों पर यातनाएं देने के आरोप लगाए थे। जिसके आधार पर पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया था। – साहा थाना क्षेत्र में अगस्त 2025 में एक के बाद एक दो नशा मुक्ति केंद्र अवैध रूप से चलते पाए गए थे। विभाग ने इनमें दाखिल युवाओं का रेस्क्यू किया था। सिटी में 11 केंद्र स्वास्थ्य विभाग की ओर से 15 नशा मुक्ति केंद्रों व 5 पुनर्वास केंद्र की सूची जारी की गई है। इनमें अंबाला सिटी में 11, अंबाला कैंट के 6, बराड़ा के 2, नारायणगढ़ का 1 शामिल है। जिले में एक सरकारी नशा मुक्ति केंद्र अंबाला सिटी में है। जहां रोजाना की ओपीडी 100 तक पहुंच जाती है। सुबह के समय नशा मुक्ति केंद्र में डे केयर की सुविधा भी है। जिले के नागरिक अस्पतालों व कोर्ट परिसर में वैध 20 नशा मुक्ति केंद्रों व पुनर्वास केंद्रों की सूची चस्पा कर दी गई है ताकि मरीजों, तीमारदारों के साथ-साथ आमजन भी जागरूक हो सकें। – डॉ. मुकेश, डिस्ट्रिक्ट मेंटल हेल्थ प्रोग्राम ऑफिसर अंबाला

पलिया में गैस किल्लत के बीच करुणा एजेंसी के गोदाम से 108 सिलेंडर पार

लिखिमपुर एलपीजी की किल्लत के बीच लखीमपुर खीरी के पलिया क्षेत्र में चोरी की बड़ी वारदात हुई है। यहां चोरों ने गैस एजेंसी के गोदाम की दीवार काटकर 108 सिलिंडर चोरी कर लिए। शनिवार सुबह जब कर्मचारी गोदाम पर पहुंचे तो सिलिंडर गायब देख उनके होश उड़ गए। सूचना मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। लखीमपुर खीरी के पलिया क्षेत्र में शुक्रवार रात चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने करुणा गैस एजेंसी के गोदाम को निशाना बनाया और यहां से 108 एलपीजी सिलिंडर पार कर दिए। गैस एजेंसी संचालक ने पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।   गांव राजापुर बेनी मोहम्मदी निवासी अमिष सिंह की पत्नी करुणा सिंह के नाम से मोहल्ला सिंघहिया दुधवा रोड स्थित गैस एजेंसी है, जिसका गोदाम मकनपुर रोड पर स्थित है। शुक्रवार की रात चोरों ने गोदाम को निशाना बनाया और दीवार तोड़कर अंदर घुस गए। शातिर चोरों ने गोदाम से 108 सिलिंडर चोरी कर लिए। एजेंसी संचालक के मुताबिक चोरी हुए सिलिंडरों में 98 भरे हुए और 10 खाली थे। घटना की जानकारी शनिवार की सुबह करीब सात बजे हुई। जब गोदाम कर्मचारी रितेश कुमार वहां पहुंचे। गोदाम की दीवार टूटी देख कर्मचारी के होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत इसकी सूचना करुणा सिंह को दी। करुणा सिंह ने पलिया कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने मौका मुआयना कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। जिले में है एलपीजी की किल्लत जिले में बीते कई दिनों से एलपीजी की किल्लत है, जिससे सिलिंडरों की कालाबाजारी बढ़ गई है। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में सिलिंडरों की चोरी इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। चोरों ने करुणा गैस एजेंसी के गोदाम की न सिर्फ दीवार तोड़ी बल्कि गेट भी तोड़ दिया। चोर 108 सिलिंडर ले गए हैं जो किसी वाहन बगैर जा पाना संभव नहीं है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी चेक कर रही है। पुलिस के लिए बढ़ी चुनौती एक तरफ आम जनता रसोई गैस की आपूर्ति के लिए परेशान है, वहीं दूसरी तरफ इस तरह की बड़ी चोरी ने पुलिस और गैस डीलर्स की नींद उड़ा दी है। फिलहाल करुणा सिंह ने कोतवाली पलिया में तहरीर देकर सिलिंडरों की जल्द बरामदगी की मांग की है। अब देखना यह है कि पुलिस सिलिंडर चोर गिरोह का भंडाफोड़ कब तक कर पाती है। पलिया सीओ जितेंद्र परिहार ने बताया कि घटना की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।  

ईरान-इजराइल तनाव का राजस्थान पर ‘साइड इफेक्ट’, शेखावाटी के हजारों प्रवासियों का वतन लौटना हुआ मुश्किल

जयपुर/सीकर  पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बादलों ने राजस्थान के लोगों और उनके सुनहरे सपनों के बीच एक बड़ी दीवार खड़ी कर दी है। ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का सीधा साइड इफेक्ट अब जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर साफ नजर आ रहा है। खाड़ी देशों को जोड़ने वाली लाइफलाइन कही जाने वाली उड़ानें न केवल रद्द हो रही हैं, बल्कि जो बची हैं, उनका किराया आसमान छू रहा है। 24 घंटे की देरी और रूट का फेरबदल ईरान के ऊपर से हवाई क्षेत्र बंद होने और सुरक्षा कारणों से विमान कंपनियों ने जयपुर से अपनी उड़ानों में भारी कटौती की है। इसका सबसे बुरा असर जयपुर-अबू धाबी और दुबई रूट पर पड़ा है। पहले जहां जयपुर से रोजाना दो उड़ानें संचालित होती थीं, अब केवल एक शाम की फ्लाइट ही उड़ान भर पा रही है। दुबई की दोनों नियमित उड़ानें लगातार रद्द चल रही हैं, जबकि मस्कट की फ्लाइट अब सप्ताह में केवल दो दिन ही संचालित हो रही है। शेखावाटी (सीकर, चूरू, झुंझुनूं) के हजारों प्रवासी, जो ईद या छुट्टियों पर घर आने की तैयारी में थे, अब अधर में लटके हैं। किराया नहीं, 'करंट' लगा रही हैं टिकटें युद्ध के कारण विमानों को अब लंबे रूट से उड़ान भरनी पड़ रही है, जिससे ईंधन की खपत बढ़ गई है। इसका बोझ आम आदमी की जेब पर पड़ा है। इटली और खाड़ी देशों से भारत आने वाली टिकटें, जो पहले 50,000 रुपये के आसपास थीं, अब 1,50,000 रुपये तक पहुंच गई हैं। एक सामान्य मजदूर या कामगार के लिए तीन गुना किराया देना नामुमकिन साबित हो रहा है। शेखावाटी के प्रवासियों का छलका दर्द सीकर के जालेऊ निवासी हसन खान की कहानी उन हजारों लोगों की बानगी है जो इस समय खाड़ी देशों के एयरपोर्ट पर फंसे हैं। हसन बताते हैं, 'मेरी शारजाह-जयपुर फ्लाइट बिना सूचना रद्द कर दी गई। मुझे दुबई से टैक्सी के जरिए मस्कट भेजा गया और वहां से दूसरी फ्लाइट लेकर जयपुर पहुंच सका। इस सफर में जितना पैसा खर्च हुआ, उससे कहीं ज्यादा मानसिक तनाव झेलना पड़ा।' कई प्रवासियों को डर है कि अगर तनाव और बढ़ा, तो उनका वतन लौटना तो दूर, वहां नौकरी बचाना भी मुश्किल हो जाएगा। व्यापार और पर्यटन पर भी संकट जयपुर एयरपोर्ट से होने वाला 'कार्गो व्यापार' भी प्रभावित हुआ है। कीमती पत्थर, रत्न और हस्तशिल्प का निर्यात करने वाले व्यापारियों के ऑर्डर फंसे हुए हैं। पर्यटन सीजन के अंत में विदेशी सैलानियों की आवाजाही में भी गिरावट दर्ज की गई है।

पंजाब के 22 जिलों में बारिश के आसार, ओले और तेज आंधी की चेतावनी; पठानकोट में मौसम हुआ ठंडा

पठानकोट   पंजाब और चंडीगढ़ में शनिवार को मौसम ने बड़ा बदलाव दिखाया, जहां पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के 22 जिलों में आज खराब मौसम रहने की संभावना है। विभाग ने आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पठानकोट में तेज बारिश दर्ज की गई, जिससे वहां मौसम ठंडा हो गया। राज्य में तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस गिरकर सामान्य से 2.2 डिग्री नीचे पहुंच गया है। 22 जिलों में मौसम का असर मौसम विभाग ने बताया कि पंजाब के 22 जिलों में आज मौसम खराब रह सकता है। इनमें से 8 जिलों में ओलावृष्टि, आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। इन जिलों में पठानकोट, होशियारपुर, रूपनगर, गुरदासपुर, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला और मोहाली शामिल हैं। वहीं, बाकी 14 जिलों में तेज हवाओं और बिजली चमकने की आशंका है। अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा और संगरूर में भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है। पठानकोट में सबसे ज्यादा बारिश राज्य में सबसे अधिक बारिश पठानकोट जिले में दर्ज की गई है। यहां थेन बांध पर 9.5 मिमी और केवीके पठानकोट में 1.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। फाजिल्का के अबोहर में 4.0 मिमी बारिश दर्ज की गई। रूपनगर में भाखड़ा बांध पर 1.5 मिमी और श्री आनंदपुर साहिब में 1.0 मिमी बारिश हुई। अमृतसर में 1.2 मिमी और फिरोजपुर में 1.0 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। चंडीगढ़, लुधियाना और पटियाला में बारिश तो हुई, लेकिन मात्रा बहुत कम रही। मौसम बदलाव की मुख्य वजह मौसम में इस बदलाव के पीछे पश्चिमी विक्षोभ को मुख्य कारण माना जा रहा है। यह सिस्टम दक्षिण अफगानिस्तान और पाकिस्तान के आसपास 3.1 से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर सक्रिय है। इसके साथ ही उत्तर-पूर्वी पाकिस्तान और हरियाणा के ऊपर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इन सिस्टम्स के प्रभाव से एक ट्रफ उत्तर-पूर्वी पाकिस्तान से पंजाब और हरियाणा होते हुए उत्तर प्रदेश तक फैली हुई है, जिससे बादल, बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बन रही है। 7 अप्रैल से और बढ़ेगी सक्रियता मौसम विभाग के अनुसार 7 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। इससे मौसम की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। इसके चलते आने वाले दिनों में बारिश और आंधी की घटनाएं बढ़ने की संभावना है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। 9 अप्रैल तक बारिश का पूर्वानुमान मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के अनुसार 4, 7 और 8 अप्रैल को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं 5, 6 और 9 अप्रैल को अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है। अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इसके बाद तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन तेज हवाएं और गरज-चमक जारी रह सकती है।

डबल हॉलिडे का ऐलान: 8 व 14 अप्रैल को स्कूल-कॉलेज और दफ्तर रहेंगे बंद

चंडीगढ़. पंजाब में इस अप्रैल महीने में बच्चों और सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार ने 8 अप्रैल, बुधवार को सरकारी छुट्टी घोषित की है। इस दिन पूरे पंजाब के स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे। जानकारी के अनुसार, 8 अप्रैल को श्री नाभा दास जी का जन्म दिवस मनाया जाएगा, जिसके चलते पूरे राज्य में सरकारी अवकाश रहेगा। इसे गज़टेड छुट्टियों की सूची में आधिकारिक रूप से शामिल किया गया है। इसके अलावा, 14 अप्रैल, मंगलवार को भी पंजाब में गज़टेड छुट्टी रहेगी। इस दिन राज्य में बैसाखी का त्यौहार और डा. बी. आर. अंबेडकर का जन्मदिन मनाया जाएगा। इस अवसर पर भी पूरे राज्य के स्कूल, कॉलेज और सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। वहीं, सरकारी अधिकारियों का कहना है कि छुट्टियों से न सिर्फ विद्यार्थियों को आराम मिलेगा, बल्कि कर्मचारियों को भी पारिवारिक और धार्मिक कार्यक्रमों को मनाने का मौका मिलेगा। इस प्रकार पंजाब में अप्रैल महीने में दो महत्वपूर्ण छुट्टियां होने से राज्य में स्कूल-कॉलेज और सरकारी कार्यालयों की गतिविधियां प्रभावित रहेंगी, जबकि लोगों को त्योहार और विशेष अवसरों को मनाने का अवसर मिलेगा। त्योहार और महापुरुषों की जयंती – इस पूरे महीने में त्योहारों और महापुरुषों की जयंती के उपलक्ष्य में पंजाब के सभी स्कूल, कॉलेज और सरकारी संस्थान कई दिनों तक बंद रहेंगे। छुट्टियों की इस लंबी फेहरिस्त ने जहां बच्चों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है, वहीं कर्मचारियों को भी काम के बीच सुकून के पल मिलने वाले हैं। ​यहाँ देखें कब-कब है अवकाश ​महीने की शुरुआत में ही छुट्टियों का सिलसिला शुरू हो रहा है। आइए नजर डालते हैं इस महीने आने वाली प्रमुख छुट्टियों पर: ​3 अप्रैल (शुक्रवार): ‘गुड फ्राइडे’ के अवसर पर राज्य में पहली सरकारी छुट्टी रहेगी। शुक्रवार को छुट्टी होने के कारण लोगों को तीन दिनों का (शुक्रवार, शनिवार, रविवार) लंबा वीकेंड मिल सकता है। ​8 अप्रैल (बुधवार): श्री गुरु नाभा दास जी की जयंती के उपलक्ष्य में शिक्षण संस्थान और सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे। ​14 अप्रैल (मंगलवार): यह दिन पंजाब के लिए बेहद खास है। इस दिन ‘बैसाखी’ का पावन पर्व है और साथ ही संविधान निर्माता डॉ. बी. आर. अंबेडकर की जयंती भी मनाई जाएगी। ​19 अप्रैल (रविवार): भगवान परशुराम जी की जयंती है। हालांकि, यह रविवार को पड़ रही है, लेकिन धार्मिक उत्साह में कोई कमी नहीं दिखेगी। ​रविवार की अतिरिक्त छुट्टियां ​सरकारी गजटेड छुट्टियों के अलावा, इस महीने में 4 रविवार (5, 12, 19 और 26 अप्रैल) आ रहे हैं। इस तरह कुल मिलाकर अप्रैल का लगभग आधा महीना छुट्टियों और उत्सवों के नाम रहने वाला है।

ट्राइबल गेम्स में सिद्दी पहलवानों का दबदबा, कुश्ती में दिखाया दमखम

रायपुर. 'प्रतिभा को किसी परिचय की जरूरत नहीं होती'- यह कहावत 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स- 2026' में सच साबित हुई, जहां कर्नाटक के 'सिद्दी समुदाय' के पहलवानों ने मैट पर अपनी जबरदस्त छाप छोड़ी है। उनकी यह सफलता अब सिर्फ़ पदकों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समुदाय के कुश्ती के क्षेत्र में एक ताकत के तौर पर उभरने का प्रतीक है। अफ़्रीकी मूल के भारत में लगभग 50,000 सिद्दी लोग रहते हैं, जिनमें से एक-तिहाई कर्नाटक में निवास करते हैं। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में कर्नाटक के 9 पहलवानों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 4 सिद्दी समुदाय से थे। इन चार पहलवानों में से तीन ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया जबकि एक को रजत पदक मिला। स्वर्ण पदक जीतने वाले पहलवानों में मनीषा जुआवा सिद्दी (76 किग्रा), रोहन एम डोड़ामणि (ग्रीको रोमन 60 किग्रा) और प्रिंसिता पेदरू फर्नांडिस सिद्दी   (68 किग्रा) शामिल हैं जबकि शालिना सेयर सिद्दी (57 किग्रा) को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। इन पहलवानों की सफलता न सिर्फ उनके संघर्ष और मेहनत की कहानी कहती है, बल्कि कुश्ती जैसे खेलो में सिद्दी समुदाय के बढ़ते वर्चस्व को भी दिखाता है। कर्नाटक के इन चारों पहलवानों का दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में ट्रायल हुआ था और वहां भी ये पहले नंबर पर रहे थे।  सिद्दी समुदाय के प्रदर्शन से कर्नाटक कुश्ती टीम की कोच ममता बेहद गौरवान्वित महसूस कर रही हैं। ममता ने कहा, ''जैसे हमारे देश में कुश्ती में हरियाणा का दबदबा है तो ठीक वैसे ही हमारे राज्य में अहलियाल क्षेत्र का कुश्ती में वर्चस्व रहता है। राज्य में डिपार्टमेंट ऑफ यूथ एंड डेवलपमेंट एंड सेंटर मुख्य रूप से इन्हीं सिद्दी समुदाय के लिए है। इनके बच्चे यहीं पर ट्रेनिंग करते  हैं। पिछले कुछ समय से इस समुदाय के लोगों के अंदर कुश्ती का क्रेज बढ़ा है और वे अब अपने बच्चों को कुश्ती में भेजने लगे हैं। उत्तरी कर्नाटक के धारवाड़ जिले से आने वाले पुरुष पहलवान रोहन एम. डोड़ामणि भी इसी समुदाय से आते हैं। डोड़ामणि की मां सरकारी स्कूल में खाना पकाती हैं जबकि पिता का छह साल पहले ही देहांत हो चुका है। रोहन ने कहा, “सिद्दी समुदाय के अंदर समय-समय पर छोटे दंगल होते रहते हैं और जो इनमें जीतता है, उन्हें ज्यादा से ज्यादा पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया जाता है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में स्वर्ण जीतने से पहले मैं सीनियर नेशनल चैंपियनशिप, नेशनल गेम्स और ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में भी भाग ले चुका हूं।'' देश में खिलाड़ियों के अंदर छिपी प्रतिभा की पहचान करने और उन्हें एक बेहतर मंच देने के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) और खेल मंत्रालय ने मिलकर 2018 में खेलो इंडिया यूथ गेम्स की शुरुआत की थी। उसके बाद खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स और अब खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शुरुआत हुई है। साई के टैलेंट डेवलपमेंट कमेटी के सदस्य महा सिंह राव कहते हैं, '' साई और खेल मंत्रालय की तरफ से हम कम उम्र के प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान करते हैं ताकि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जो सपना है कि 2036 ओलंपिक खेल भारत में हो, उस सपने को साकार करने के लिए ये सरकार की रणनीति का एक हिस्सा है। प्रधानमंत्री के अलावा खेल मंत्री, साई और हम इस सपने को साकार करने में लगे हुए हैं कि आगे आने वाले ओलंपिक खेलों में हम ज्यादा से ज्यादा मेडल जीते।'' उत्तर कन्नड़ कारवार जिले से आने वाली शालिना सेयर सिद्दी ने इस प्रतियोगिता में रजत पदक जीतने के बाद कहा, ''हमारे समुदाय में कुश्ती को लेकर अब लोग दिलचस्पी लेने लगे हैं। मैंने अपने अंकल के कहने पर कुश्ती शुरू की थी और शुरू से ही वह मुझे ट्रेनिंग देते आ रहे हैं। मैंने इस प्रतियोगिता के लिए मेहनत तो पूरी की थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और मैं स्वर्ण जीतने से चूक गई।'' कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ कारवार जिले से ही आने वाली प्रिंसिता सिद्दी ने कहा, ''शुरुआत में मुझे कुश्ती में दिलचस्पी नहीं थी और मैं बहुत रोई थी। लेकिन फिर धीरे-धीरे जब हमारे समुदाय के बच्चे इसमें भाग लेने लगे तो उन्हें देखकर मैं भी प्रैक्टिस करने लगी। यहां तक पहुंचने के लिए मैं शाम-सुबह दो-दो घंटे प्रैक्टिस करती हूं। मुझे इंटरनेशनल लेवल पर मेडल लाना है और इसके लिए मैं कड़ी मेहनत कर रही हूं।'' इन पहलवानों की सफलता इस बात को सिद्ध करती है कि जब सही मंच, ट्रेनिंग और सपोर्ट मिलता है, तो दूरदराज के समुदायों से भी प्रतिभाएं शिखर तक पहुंच सकती हैं और भारत के खेल भविष्य को आकार दे सकती हैं।

सीएम मोहन यादव ने काशी की कचौड़ी-पूरी का लिया लुत्फ, उनकी सादगी ने लोगों का दिल जीता

भोपाल  मुख्यमंत्री मोहन यादव अपने वाराणसी दौरे के दौरान एक अलग अंदाज में नजर आए। उन्होंने यहां के मशहूर स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लिया, जिसकी तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। एयरपोर्ट जाते समय सीएम का काफिला अचानक मिंट हाउस स्थित श्रीराम भंडार पर रुक गया। यहां उन्होंने बनारस की प्रसिद्ध कचौड़ी, पूरी-राम भाजी और जलेबी का आनंद लिया। बता दें मुख्यमंत्री  मोहन यादव का काफिला जब वाराणसी में एयरपोर्ट की ओर जा रहा था, तभी वे मिंट हाउस स्थित श्रीराम भंडार पर अचानक रुक गए। यहां उन्होंने बनारस की मशहूर कचौड़ी, पूरी-राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के हर प्रांत और शहर की अपनी विशिष्ट खान-पान संस्कृति होती है, जो वहां की पहचान को दर्शाती है। स्थानीय स्वाद और पारंपरिक व्यंजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।   लोगों के बीच सहज सीएम डॉ. यादव मुख्यमंत्री के इस सहज और सरल व्यवहार ने आम लोगों का दिल जीत लिया। स्थानीय लोगों ने भी उनसे मुलाकात कर खुशी जाहिर की और उनके इस अंदाज की सराहना की। कई लोगों ने उनसे संवाद भी किया। लोगों का कहना था कि डॉ. मोहन यादव से मिलकर ये लगा ही नहीं कि वे किसी मुख्यमंत्री से बात कर रहे हैं।  मेरा सौभाग्य है कि बाबा ने 7 दिन में 2 बार बुलाया सीएम मोहन यादव ने कहा- बाबा विश्वनाथ की कृपा से उन्हें 7 दिन में 2 बार काशी आने का अवसर मिला। यह मेरा सौभाग्य है। शहर में आध्यात्मिक ऊर्जा है। सीएम ने काशी में आयोजित विक्रमादित्य पर आधारित महानाट्य की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तुति बेहद अद्भुत है और जो भी काशी आए, वह इसे जरूर देखे। 3 अप्रैल को विक्रमोत्सव 2026 के महानाट्य मंचन का शुभारंभ किया 3 अप्रैल को सीएम योगी और मध्य प्रदेश सीएम मोहन यादव ने विक्रमोत्सव 2026 के महानाट्य मंचन का शुभारंभ किया। इस दौरान सीएम मोहन यादव ने योगी को वैदिक घड़ी भी भेंट की। मध्यप्रदेश के सीएम मोहन यादव ने कहा- मुख्यमंत्री योगीजी ने जो कहा, वह काफी महत्वपूर्ण है। 3 भाइयों की जोड़ी जगत में विख्यात है। भाइयों के बीच कैसा संबंध होना चाहिए, इसका उदाहरण भगवान श्रीकृष्ण और बलराम जी की जोड़ी से मिलता है। उसी प्रकार भर्तृहरि और महाराज विक्रमादित्य की जोड़ी भी उतनी ही प्रसिद्ध है। विक्रमादित्य की परंपरा में महाराज भर्तृहरि नाथ संप्रदाय में प्रतिष्ठित हुए। उनकी दीक्षा की भूमि उज्जैन थी। उनकी साधना की भूमि काशी के निकट चुनार का किला था। कहा जाता है कि चुनार किले का निर्माण भी महाराज भर्तृहरि के नाम से जुड़ा है। जब इस नाट्य रूपांतरण की प्रस्तुति का प्रस्ताव मध्यप्रदेश सरकार के समक्ष आया, तो मेरा पहला सुझाव था कि इसका आयोजन काशी में किया जाए।

भोपाल में अधिकारी बने शिक्षक, 102 स्कूलों में अफसरों ने दी क्लास और बच्चों से किया संवाद

भोपाल/ इंदौर  इंदौर-उज्जैन समेत प्रदेशभर में 1 अप्रैल से नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत हो गई है। स्कूलों में पहले दिन विद्यार्थियों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। इस दौरान बाल सभाओं का आयोजन हुआ। साथ ही छात्रों को पाठ्यपुस्तकों का वितरण भी किया गया। अब ‘स्कूल चलें हम’ अभियान के तहत 4 अप्रैल को प्रदेशभर के स्कूलों में कलेक्टर समेत प्रशासनिक अधिकारी कक्षाएं लेने पहुंचे। इंदौर जिले में 162 प्रशासनिक अधिकारी सरकारी स्कूलों में पहुंचे। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा प्रताप नगर स्थित आश्रम क्रमांक-2 में विद्यार्थियों से संवाद किया। इधर, राजधानी भोपाल में 102 स्कूलों में 102 अधिकारी छात्रों के साथ चर्चा की। वहीं, उज्जैन में 106 अधिकारी स्कूलों में पहुंचे। सत्र के पहले दिन स्कूलों में विशेष मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था की गई। शिक्षा विभाग द्वारा कार्यक्रमों की लगातार समीक्षा की जा रही है, ताकि सत्र की शुरुआत व्यवस्थित रूप से हो सके। इंदौर निगम कमिश्नर स्कूल पहुंचे इंदौर नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल नेहरू पार्क स्थित बाल विनय मंदिर स्कूल पहुंचे, जहां उन्होंने बच्चों के साथ समय बिताया और उनके प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स को समझा। इस दौरान उन्होंने छात्रों से बातचीत कर उनकी सीखने की प्रक्रिया को करीब से देखा। सिंघल ने कहा कि यह अनुभव उनके लिए बेहद खास रहा। बच्चों का आत्मविश्वास देखकर उन्हें खुशी हुई और उनके द्वारा प्रोजेक्ट्स की प्रस्तुति ने उन्हें अपने स्कूल के दिनों की याद दिला दी। उन्होंने लैब में बच्चों के काम की सराहना करते हुए कहा कि यही बच्चे देश का भविष्य हैं। कलेक्टर बोले-कभी निराश न हों कलेक्टर शिवम वर्मा प्रताप नगर स्थित आश्रम क्रमांक-2 पहुंचे। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि कभी निराश ना हों। प्रतियोगिता में भाग लेना ही बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने अपने जीवन के बारे में बताया कि एक छोटे से गांव से उन्होंने पढ़ाई शुरू की। इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश को अपना लक्ष्य बनाया और इसे पूरा भी किया। बाद में एक ऑयल कंपनी में नौकरी करते हुए यूपीएससी की तैयारी की और सफल हुए। घर-घर संपर्क से बढ़ेगा नामांकन सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए शिक्षकों को घर-घर संपर्क अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक स्कूल से एक शिक्षक अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को प्रवेश के लिए प्रेरित करेगा। 85% से अधिक अंक वालों के अभिभावकों का सम्मान पिछले सत्र में 85% से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को स्कूल स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। विभाग का मानना है कि इससे छात्रों का मनोबल बढ़ेगा। शिक्षा विभाग का लक्ष्य नर्सरी से 12वीं तक के सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों की तर्ज पर विकसित करना है। इसके लिए सत्र की शुरुआत से ही शैक्षणिक गतिविधियों की कार्ययोजना लागू की जा रही है। नए सत्र के साथ खास शुरुआत प्रदेशभर में 1 अप्रैल से शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत हो चुकी है। भोपाल में भी पहले दिन स्कूलों में विद्यार्थियों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। स्कूलों में बाल सभाएं आयोजित हुईं और बच्चों को पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया गया।  अभियान का उद्देश्य: बढ़े नामांकन इस पहल का मकसद सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाना और पढ़ाई के प्रति बच्चों की रुचि बढ़ाना है। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को घर-घर संपर्क अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। हर स्कूल से एक शिक्षक अभिभावकों से मिलकर बच्चों को स्कूल में प्रवेश दिलाने के लिए प्रेरित करेगा। अभिभावकों का भी होगा सम्मान पिछले सत्र में 85% से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को स्कूल स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। विभाग का मानना है कि इससे छात्रों का मनोबल बढ़ेगा और पढ़ाई के प्रति सकारात्मक माहौल बनेगा। सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने की तैयारी शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि नर्सरी से लेकर 12वीं तक के सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों के बराबर सुविधाएं और गुणवत्ता दी जाए। इसी को ध्यान में रखते हुए सत्र की शुरुआत से ही अलग-अलग शैक्षणिक गतिविधियों की योजना लागू की जा रही है। 

जिले में पहली बार घुड़सवारी और कराते की नर्सरी, 25-25 खिलाड़ियों का हुआ चयन

अंबाला  खेल विभाग की ओर से जिले में अलॉट की गई 22 निजी खेल नर्सरियों के शुक्रवार को ट्रायल हुए। इसमें खिलाड़ियों ने प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले 25-25 खिलाड़ियों का चयन कर उन्हें शामिल कर लिया गया। शनिवार को सभी निजी खेल नर्सरियां शुरू हो जाएंगी। चयनित खिलाड़ी अब आधुनिक सुविधाओं के बीच अपने खेल को निखार सकेंगे। सबसे ज्यादा खिलाड़ियों में पहली बार जिले में शुरू होने वाली घुड़सवारी, खो-खो व कराते की प्रतियोगिता को लेकर दिखाई दिया। अब जिले में 26 सरकारी के साथ-साथ 22 निजी खेल नर्सरियां भी चालू हो गई है। लाल स्टड फार्म में घुड़सवारी मिलने से खुशी जिले में पहली बार लाल स्टड फार्म को घुड़सवारी की खेल नर्सरी मिलने से खुशी है। इसके अलावा गांव लौटां पंचायत को तीरंदाजी, ग्राम पंचायत खानअहमदपुर बराड़ा में तलवारबाजी, डीसी माडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कराते, सीबी सीनियर सेकेंडरी स्कूल आएचए परेड में योगा, फारुखा खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल में स्केटिंग, एंजल्स सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल में खो-खो, सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल साहा में क्रिकेट, आर्मी पब्लिक स्कूल में फुटबाल, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय नंबर तीन अंबाला कैंट में फुटबाल। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय नंबर दो में फुटबाल। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय नंबर दो में हैंडबाल। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खानपुर ब्राह्मणा में कबड्डी, केंद्रीय विद्यालय नंबर चार अंबाला कैंट में फुटबाल। एसडी कालेज अंबाला कैंट में बाक्सिंग। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डेरा में कबड्डी। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय नंबर एक अंबाला कैंट में हैंडबाल। राजकीय प्राथमिक विद्यालय सेक्टर -9 में बास्केटबाल। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पंजोखरा साहिब में वेटलिफ्टिंग। राजकीय माध्यमिक विद्यालय मियांमाजरा में हाकी। आर्मी पब्लिक स्कूल अंबाला कैंट में ताइक्वांडो। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पुलिस लाइन अंबाला शहर में हैंडबाल के ट्रायल हुए।