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कमलनाथ का बड़ा बयान: भारत में पेट्रोल-डीज़ल और गैस की कोई कमी नहीं है

भोपाल  कांग्रेस नेता कमलनाथ के देश में LPG गैस क्राइसिस पर दिए गए बयान के बाद अब BJP ने कांग्रेस और राहुल गांधी के एलपीजी क्राइसिस को लेकर घेरना शुरू कर दिया है। सबसे आगे केंद्रीय मंत्री सिंधिया आए, जिन्होंने कहा कि कमलनाथ ने राहुल गांधी और कांग्रेस के आरोपों की पोल खोल दी है, शर्म आना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने X हैंडल पर एक पोस्ट शेयर की है। इसमें उन्होंने लिखा है कि 'अब तो कांग्रेस नेता कमलनाथ जी ने भी स्वयं कह दिया है कि देश में पेट्रोल-डीजल और गैस की कोई कमी नहीं है' 'झूठ और भ्रम के बलबूते जनता को इतने दिनों तक गुमराह कर रही कांग्रेस को अब शर्म आना चाहिए। अब समय है कि कांग्रेस जनता में डर और विश्वास पैदा कर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकना बंद कर दे।' क्या है मामला, ऐसे समझें     कमलनाथ ने गैस क्राइसिस पर बयान दिया था     उन्होंने कहा था, गैस की ऐसी कोई कमी नहीं है     उनका बयान पार्टी लाइन से इतर आया था     भाजपा ने तत्काल इसे कांग्रेस लपक लिया     सिंधिया ने कहा, कांग्रेस जनता को गुमराह कर रही     कांग्रेस को शर्म आना चाहिए कमलनाथ का वीडियो भी शेयर किया है मंत्री सिंधिया ने भाजपा मध्य प्रदेश के X की पोस्ट को शेयर किया था, जिसमें पार्टी ने लिखा था कि 'अब तो कांग्रेस नेता कमलनाथ ने भी राहुल गांधी द्वारा एलपीजी को लेकर फैलाए जा रहे प्रोपेगेंडा की पोल खोल दी' इसमें कमलनाथ का छिंदवाड़ा का वह वीडियो भी लगाया गया था, जिसमें कमलनाथ ने कहा था कि, गैस की कमी नहीं है, सिस्टम में गड़बड़ी है और एक भ्रम फैलाया गया है। कमलनाथ ने LPG पर क्या कहा था दरअसल बीते रोज कमलनाथ छिंदवाड़ा आए थे। उन्होंने हेलीपेड पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा था कि, 'गैस की कोई कमी नहीं है, यह अव्यवस्था है, लेकिन माहौल बना दिया कि कमी है।' उनके इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं। उनका यह बयान पार्टी लाइन से हटकर दिया है। कांग्रेस पार्टी पूरे देश में एलपीजी और पेट्रोलियम क्राइसिस को लेकर MP सहित पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन कर रही है। जबकि कमलनाथ कह रहे हैं कि ऐसी कोई कमी नहीं है। BJP ने मौके को तत्काल लपक लिया कमलनाथ का 'गैस ऐसी कोई कमी नहीं है' बयान को BJP ने तत्काल पलक लिया और इसके 'कांग्रेस के गैस की क्राइसिस कैंपेन' की हवा निकालने के लिए उपयोग कर रही है। भाजपा इस मौके को कतई छोड़ने वाली नहीं है। MP से लेकर दिल्ली तक भाजपा ने इसको लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

अमृतसर में हेल्थ कार्ड से इलाज पर अस्पताल का विरोध, AAP विधायक ने की हस्तक्षेप, बच्चा रेफर

अमृतसर  पंजाब के अमृतसर से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां सरकार की स्वास्थ्य योजना होने के बावजूद एक गरीब परिवार को अपने बीमार बच्चे के इलाज के लिए परेशानी उठानी पड़ी। घटना मकबूलपुरा क्षेत्र के एक निजी अस्पताल की है, जहां स्वास्थ्य कार्ड के तहत मुफ्त इलाज की सुविधा होने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने बच्चे का उपचार करने से इन्कार कर दिया। पीड़ित परिवार की सदस्य मनीषा ने बताया कि उनका बच्चा लंबे समय से बीमार है और वे अलग-अलग अस्पतालों में उसका इलाज करवा रहे हैं। इस बार उन्हें उम्मीद थी कि स्वास्थ्य योजना के तहत उन्हें राहत मिलेगी, लेकिन अस्पताल द्वारा इलाज से मना करने पर उनकी मुश्किलें और बढ़ गईं। इस दौरान अस्पताल परिसर में काफी देर तक हंगामा चलता रहा। अस्पताल में बिगढ़ा माहौल मामले की जानकारी मिलते ही आम आदमी पार्टी के स्थानीय नेता कमल कुमार मौके पर पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन के साथ तीखी बहस की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ निजी अस्पताल सरकारी योजनाओं को सही ढंग से लागू नहीं कर रहे हैं और गरीब मरीजों से अनुचित तरीके से पैसे वसूलने की कोशिश की जाती है। विवाद बढ़ने पर क्षेत्र की विधायक जीवनजोत कौर भी अस्पताल पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने इसे गलतफहमी का मामला बताते हुए कहा कि अस्पतालों को मरीजों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हर प्रकार की बीमारी का इलाज हर अस्पताल में संभव नहीं होता, इसलिए कई बार मरीजों को बेहतर उपचार के लिए दूसरे बड़े केंद्रों पर भेजना पड़ता है। विधायक बोलीं-गलतफहमी हुई विवाद बढ़ने पर पूर्वी हलके की विधायक जीवनजोत कौर भी मौके पर आईं। उन्होंने इसे गलतफहमी का मामला बताया और कहा कि अस्पतालों को मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हर बीमारी का इलाज हर अस्पताल में संभव नहीं होता, इसलिए मरीजों को उच्च केंद्रों पर रेफर करना पड़ता है। अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. ऋषभ ने कहा कि मरीज की बीमारी योजना के तहत कवर नहीं थी, जिससे यह गलतफहमी पैदा हुई। उन्होंने बताया कि अब मरीज को बेहतर इलाज के लिए उच्च केंद्र पर रेफर कर दिया गया है और मामला आपसी सहमति से सुलझ गया है। बच्चे की बिमारी योजना से बाहर वहीं अस्पताल के निदेशक डॉ. ऋषभ ने अपनी सफाई में कहा कि बच्चे की बीमारी स्वास्थ्य योजना के दायरे में नहीं आती थी, जिससे यह स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने बताया कि मरीज को अब बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र में भेज दिया गया है और मामला आपसी सहमति से सुलझा लिया गया है। इस घटना ने एक बार फिर स्वास्थ्य योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन और निजी अस्पतालों की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सरकार इस तरह के मामलों की गंभीरता से जांच करे, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।  

आग का कहर किसान की फसल जलकर खाक

 राजनगर     राजनगर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम राजामोटा ग्राम पंचायत सूरजपुर की किसान मेदा पाल पति मइयादीन पाल उम्र 45 साल निवासी राजामोटे थाना बमीठा की थाना उपस्थित आकर मौखिक रिपोर्ट किया कि में उक्त पते की रहने वाली हू । घरु एवं खेती किसानी का काम करती हू । मेरी राई की फसल मेरे खेत कुआ के पास मे गल्ले में इकट्ठी रखी थी। जो आज दिनाक 03/04/ 26 के शाम करीबन 4.30 बजे राई की कटी फसल में आग लग गई। जिसे मैने एवं परिवार के लोगों व गांव के लोगो द्वारा आग बुझाई गई। आग लगने से कटी राई की फसल पूरी तरह जल गई है जिससे करीबन 20 से 22 क्वटल राई कीमत करीब 1 लाख रुपये का नुकसान हो गया है। राइ के गल्ले में आग कैसे लगी मुझे कोई जानकारी  नही  लग पाई है  आग लगने के संबंध में किसी पर कोई शक सदेह नही है  थाना जाकर  रिपोर्ट दर्ज कर ली गईं हैं पुलिस जांच में जुटी.

पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम का मिजाज, लखनऊ समेत कई जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट

 लखनऊ यूपी में मौसम एक बार फिर से बदलने जा रहा है। विक्षोभ की वजह से प्रदेश के कई जिलों में आज बारिश हो सकती है। कुछ जिलों में ओले भी गिर सकते हैं। उत्तर प्रदेश में सक्रिय हुए नए विक्षोभ के असर से शुक्रवार को पश्चिमी यूपी के नोएडा, गाजियाबाद और सहारनपुर में तेज हवाओं, गरज-चमक और हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार तक इसका प्रभाव मध्यांचल और पूर्वांचल तक पहुंच जाएगा। प्रदेश के करीब 35 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है शुक्रवार को वाराणसी और सुल्तानपुर 38.6 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहे। बलिया में 38.5 डिग्री और बांदा में 38.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि दक्षिणी अफगानिस्तान और आसपास के पाकिस्तान क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर अब उत्तर प्रदेश में दिखने लगा है। इसके चलते पश्चिमी यूपी, मध्यांचल और बुंदेलखंड के कई हिस्सों में तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी और मौसम में बदलाव जारी रहेगा। यहां है ओले गिरने की चेतावनी अमेठी, औरैया, अयोध्या, बहराइच, बलरामपुर, बांदा, बाराबंकी, बस्ती, चित्रकूट, इटावा, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, गोंडा, हमीरपुर, हरदोई, जातीन, झांसी, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, कौशांबी, लखीमपुर खीरी, ललितपुर, लखनऊ, महोबा, मैनपुरी, पीलीभीत, प्रतापगढ़, रायबरेली, शाहजहांपुर, सिद्धार्थनगर, सीतापुर, श्रावस्ती, सुल्तानपुर, उन्नाव में ओले गिरने की चेतावनी जारी की गई है। राजधानी में झोंकेदार हवाओं के साथ बूंदाबांदी के आसार राजधानी में शनिवार को माैसम में बदलाव की आहट है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह का कहना है कि सक्रिय विक्षोभ के असर से 50 से 60 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है। इस दाैरान कहीं-कहीं ओले गिरने की भी आशंका है। इधर, शुक्रवार को सुबह से ही तेज हवाओं के साथ आसमान में घने बादल छाए रहे, लेकिन दोपहर में धूप खिलने से गर्माहट महसूस की गई। अधिकतम तापमान 1.6 डिग्री की गिरावट के साथ 35.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं न्यूनतम पारा 2.9 डिग्री की उछाल के साथ 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। हिमाचल के लिए अंधड़-ओलावृष्टि का अलर्ट हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार को ऑरेंज अलर्ट के बीच रोहतांग सहित भरमौर, लाहौल और मनाली की चोटियों पर बर्फबारी हुई। भरमौर की ऊपरी चोटियों में सात सेंटीमीटर तक बर्फबारी हुई। रोहतांग दर्रा सहित लाहौल और मनाली की ऊंची चोटियों पर हिमपात हुआ। अटल टनल के पास हिमस्खलन की चेतावनी के बीच बर्फ के फाहे गिरे। राजधानी शिमला समेत हमीरपुर, कांगड़ा में भी हल्की बारिश हुई। प्रदेश के पांच जिलों चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला के कई क्षेत्रों में शनिवार को अंधड़ और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। अन्य जिलों के लिए यलो अलर्ट रहेगा। प्रदेश में नौ अप्रैल तक मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है। खराब मौसम के कारण कई जिलों में ट्रांसफार्मर खराब होने से अंधेरा छा गया। सलूणी और पांगी में दो मार्ग बंद हो गए हैं।  

शिक्षकों की नई भर्ती में टीईटी पास होना अब जरूरी, हाईकोर्ट ने सुनाया आदेश

  लखनऊ इलाहाबाद हाईकोर्ट ने टीजीटी/एलटी ग्रेड की नई भर्तियों में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य योग्यता के रूप में शामिल करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ शैक्षिक (प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी) सेवा नियमावली-1983 के नियम आठ में उल्लेखित योग्यताओं के साथ अब टीईटी पास होना भी जरूरी होगा। जस्टिस अरिंदम सिन्हा व जस्टिस प्रशांत कुमार की खंडपीठ ने जयहिंद यादव व अन्य की याचिका पर यह आदेश दिया। प्रयागराज निवासी जयहिंद ने 28 जुलाई, 2025 को निकाली गई एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती की पात्रता को चुनौती देते हुए याचिका दायर कर दलील दी कि वर्तमान एलटी ग्रेड भर्ती में आरटीई अधिनियम-2009 का उल्लंघन किया गया है। लोक सेवा आयोग के विज्ञापन में स्पष्ट नहीं था कि भर्ती किस कक्षा के शिक्षण कार्य के लिए की जा रही है और किस काडर के तहत हो रही है। तार्किक नहीं आयोग का दावा हाईकोर्ट ने इन तथ्यों को गंभीरता से लिया कि शिक्षा के अपर निदेशक के हलफनामे में स्वीकार किया गया है कि प्रदेश में 904 ऐसे संस्थान हैं, जहां कक्षा छह से कक्षा 12 तक की शिक्षा दी जाती है। ऐसे में आयोग का यह दावा कि कक्षा छह से आठ तक के पदों पर कोई रिक्ति नहीं है, तार्किक प्रतीत नहीं हुआ। याची ने दलील दी कि सर्टिफिकेट ऑफ टीचिंग (सीटी) काडर को डाइंग घोषित कर इसे एलटी कैडर (टीजीटी ग्रेड) में पहले ही मिला दिया गया है। ऐसे में टीईटी पास योग्यता अनिवार्य है।

फर्जी प्रमाण पत्रों का खेल उजागर! BPSC पास शिक्षकों पर कार्रवाई, सैकड़ों की नौकरी पर संकट

सहरसा. बिहार के सहरसा जिले में बीपीएससी उत्तीर्ण शिक्षक भी फर्जी साबित होने लगे हैं। जिले में पिछले तीन-चार वर्षों में बिहार लोक सेवा आयोग के द्वारा ली जा रही प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर शिक्षकों का चयन किया जा रहा है। ऐसी हालत में जिले में टीआरई एक से तीन तक करीब चार हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की गयी। इन नियुक्त शिक्षकों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन में कई अनियमितता सामने आयी है। कई फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नियुक्त शिक्षकों की नौकरी पर संकट उत्पन्न हो गया है। बीपीएससी उत्तीर्ण शिक्षकों के प्रमाण पत्रों में मिली गड़बड़ी के आधार पर यह तो तय हो गया कि शिक्षा माफिया का तंत्र व तकनीक उच्च शिक्षा आयोग तक फैला हुआ है। इससे पूर्व वर्ष 2012-15 के बीच प्रमाण पत्र के आधार पर पहले आओ पहले पाओ के तर्ज पर शिक्षक की नौकरी हासिल की थी। उस समय में फर्जी शिक्षक चिह्नित किए गए। इधर, अब बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा परीक्षा आयोजित करनेवाले विद्यालय अध्यापकों में भी फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नैया पार करने वालों की खोज विभाग ने अब शुरू कर दी है। लगातार प्रमाण पत्रों के सत्यापन का कार्य चल रहा है। BPSC से बहाल हुए 3895 विद्यालय अध्यापक बिहार लोक सेवा आयेाग द्वारा प्रतियोगी परीक्षा आयोजित कर विद्यालयों में 3895 शिक्षकों की नियुक्ति की गयी। जिले में टीआरई 1, टीआरई 2 और टीआरई 3 में कुल मिलाकर शिक्षकों की नियुक्ति हुई, जिसमें टीआरई 1 में 1758, टीआरई 2 में 1169 एवं टीआरई 3 में 968 विद्यालय अध्यापक नियुक्त किए गए। इन सभी शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन कार्य शुरू होने से शिक्षकों के बीच हड़कंप मचा हुआ है। अभी हाल ही में कंप्यूटर विज्ञान विद्यालय अध्यापकों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन में करीब दो दर्जन से अधिक विद्यालय अध्यापकों की नौकरी पर तलवार लटक रही है। सबों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। अब विभाग इन शिक्षकों के विरूद्ध कार्रवाई करने के मूड में है। जांचोपरांत विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी – बीपीएससी से उत्तीर्ण शिक्षकों के प्रमाण पत्रों में अनियमितता बरतने की शिकायत मिल रही है जिसकी जांच कराई जा रही है। जांचोपरांत विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। -हेमचंद्र, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सहरसा

अब सफर होगा आसान! प्रशासन ने प्रमुख बस रूट्स का टाइम टेबल जारी किया

चंडीगढ़. बसों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल, चंडीगढ़ प्रशासन ने अलग-अलग राज्यों की बस सेवाओं के बीच चल रहे विवाद और यात्रियों को हो रही परेशानियों को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। प्रशासन द्वारा संयुक्त समय-सारिणी लागू कर दी गई है, जिससे अब बस सेवाएं अधिक व्यवस्थित और सुचारू तरीके से संचालित होंगी। स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी, चंडीगढ़ द्वारा साल 2011 में 9 प्रमुख रूटों के लिए तैयार की गई समय-सारिणी को अब लागू किया गया है। यह समय-सारिणी दोनों ISBT से चलने वाली स्टेज कैरिज बसों पर लागू होगी। अधिकारियों के अनुसार, अन्य रूटों और गंतव्यों के लिए भी समय-सारिणी तैयार करने का काम जारी है और जल्द ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। यह योजना CTU, पंजाब रोडवेज, हरियाणा रोडवेज, पीप्सू ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन, राजस्थान समेत अन्य राज्यों की परिवहन एजेंसियों की सहमति से लागू की गई है। क्या होगा फायदा अब बसें तय समय के अनुसार नियमित रूप से चलेंगी, जिससे यात्रियों को बिना रुकावट सफर की सुविधा मिलेगी। साथ ही, अलग-अलग राज्यों के बस ऑपरेटरों के बीच होने वाले विवादों में भी कमी आएगी और व्यवस्था अधिक सुचारू बनेगी। नई समय-सारिणी के अनुसार ISBT-17 से यमुनानगर, हरिद्वार, ऋषिकेश और हल्द्वानी के लिए 120 ट्रिप, कैथल, जींद, हिसार और खाटू श्याम के लिए 134 ट्रिप तथा 152(D) एक्सप्रेसवे के लिए 24 ट्रिप निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा मुल्लांपुर, कुराली आदि के लिए 68 ट्रिप चलेंगी। ISBT-43 से चूनी, सरहिंद और खन्ना के लिए 43 ट्रिप, मोरिंडा और चमकौर साहिब के लिए नियमित सेवा, जबकि पिंजौर, कालका और बद्दी के लिए 92 ट्रिप तय किए गए हैं। इसी तरह अंबाला और कुरुक्षेत्र रूट पर 127 ट्रिप तथा करनाल से रोहतक, रेवाड़ी और सीकर तक 152 ट्रिप निर्धारित किए गए हैं। कुल मिलाकर यह फैसला सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

नवाचार का असर! खनिज से 16,625 करोड़ का राजस्व, 14% की बढ़ोतरी दर्ज

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार और सुदृढ़ प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की गई है। खनिज विभाग के सचिव पी दयानंद ने बताया कि छत्तीसगढ़ ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में 16,625 करोड़ रुपए का खनिज राजस्व अर्जित कर लक्ष्य का 98 प्रतिशत प्राप्त किया है, जो सुशासन, प्रभावी नीति क्रियान्वयन और मजबूत निगरानी व्यवस्था का प्रत्यक्ष परिणाम है। इस वर्ष खनिज राजस्व में 14 प्रतिशत की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि दर्ज की गई है, जो पिछले पांच वर्षों की औसत वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) 6 प्रतिशत से दोगुनी से अधिक है। यह वृद्धि राज्य शासन द्वारा अपनाए गए सुधारात्मक और तकनीकी उपायों की सफलता को रेखांकित करती है। यह उपलब्धि न केवल प्रभावी प्रशासनिक रणनीति का परिणाम है, बल्कि राज्य की खनिज आधारित अर्थव्यवस्था की मजबूती को भी दर्शाती है खनिज राजस्व में इस वृद्धि के प्रमुख कारकों में एनएमडीसी (NMDC) तथा अन्य सार्वजनिक उपक्रमों के लिए डिस्पैच रूट्स का प्रभावी अनुकूलन शामिल है। इसके साथ ही ‘खनिज 2.0’ (Khanij 2.0) जैसे आईटी-आधारित प्लेटफॉर्म के माध्यम से पारदर्शिता, निगरानी और संचालन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। आगामी वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार का विशेष ध्यान गौण खनिजों को भी ‘खनिज 2.0’ प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर रहेगा, जिससे संपूर्ण खनन प्रणाली को डिजिटल और एकीकृत बनाया जा सके। इसके अतिरिक्त, खनिज परिवहन की निगरानी को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए वीटीएस (VTS), आई-चेक गेट्स (iCheck Gates) तथा ड्रोन आधारित निगरानी प्रणाली को और व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य खनिज संसाधनों के प्रबंधन में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए राजस्व में सतत वृद्धि करना है। इन प्रयासों से न केवल राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि विकास कार्यों के लिए संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी।

AAP सरकार का बड़ा कदम: पंजाब में महिलाओं को हर महीने मिलेगा ₹1,000, 2022 का वादा हुआ पूरा

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने 'मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना' के क्रियान्वयन के लिए एक अधिसूचना जारी की है जिसके तहत पात्र महिलाओं को 1,000 रुपये से 1,500 रुपये तक की मासिक वित्तीय सहायता मिलेगी।मपात्रता मानदंडों के अनुसार, योजना का लाभ लेने वाली किसी परिवार की पात्र महिलाओं की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। पहले से पेंशन पाने वाली महलाओं को भी लाभ दो अप्रैल की अधिसूचना के अनुसार, मौजूदा सामाजिक सुरक्षा पेंशनभोगी भी पहले से दी जा रही पेंशन के अलावा योजना के तहत पूर्ण वित्तीय लाभ पाने की हकदार होंगी। मंत्रिमंडल ने रविवार को इस योजना को मंजूरी दी थी, जिसके तहत महिलाओं को 1,000 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता मिलेगी और अनुसूचित जाति से संबंधित महिलाओं को 1,500 रुपये दिए जाएंगे। 2022 के चुनाव में किया था वादा पंजाब में 2022 के चुनावों से पहले आम आदमी पार्टी (आप) का एक प्रमुख चुनावी वादा महिलाओं को 1,000 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता प्रदान करना था। पैसे सीधे बैंक अकाऊंट में भेजे जाएंगे। 2 अप्रैल से ही यह योजना लागू मानी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का मकसद महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। किन महिलाओं को मिलेगा फायदा? मान सरकार का दावा है कि इस योजना का फायदा पंजाब की 97 फीसदी महिलाओं को मिलेगा. इस योजना के तहत 18 साल से ज्यादा उम्र की महिलाएं आवेदन कर सकती हैं. इस योजना का लाभ सभी महिलाओं को मिलेगा. हालांकि, मौजूदा या पूर्व सरकारी कर्मचारी, इनकम टैक्स देने वालीं महिलाओं और वर्तमान या पूर्व सांसद-विधायकों को इसका लाभ नहीं मिलेगा।  और भी कई राज्यों में है ऐसी योजना महिलाओं को हर महीने की वित्तीय सहायता देने वाली योजनाएं कई राज्यों में चल रही है. मध्य प्रदेश में 'लाड़ली बहना योजना' है, जिसके तहत 21 से 60 साल की उम्र की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये मिलते हैं. कर्नाटक की कांग्रेस सरकार 'गृहलक्ष्मी योजना' चलाती है, जिसके तहत 2,000 रुपये दिए जाते हैं. महाराष्ट्र में 'माझी लाडकी बहिण योजना' है, जिसके तहत गरीब महिलाओं को 1,500 रुपये मिलते हैं।  झारखंड में महिलाओं को सबसे ज्यादा रुपये मिलते हैं. 2024 में सरकार ने 'मुख्यमंत्री मैयां सम्मान योजना' के तहत मिलने वाली रकम को बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दिया था. इसके अलावा, असम में 1,250 रुपये, तमिलनाडु में 1,000 रुपये, पश्चिम बंगाल में 1,000 रुपये और छत्तीसगढ़ में भी 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता मिलती है।  कैसे भरा जाएगा फॉर्म? इस योजना का लाभ उठाने के लिए महिलाओं को फॉर्म भरना होगा और इसमें कुछ दस्तावेज लगाए जाएंगे। योनजा का लाभ उठाने के लिए महला के पास आधार कार्ड होना चाहिए जिसपर पंजाब का पता लिखा हो। इसके अलावा पंजाब का वोटर आई कार्ड. बैंक अकाउंट और पासबुक साथ ही अगर महिला अनुसूचित जाति या जनजाति से हैं तो जाति प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है। इस योजना को ठीक से लागू करने का जिम्मा जिला स्टर पर डिप्टी कमिश्नरों को दिया गया है। इसके अलावा गांवों तक लोगों को सुविधा अच्छी तरह पहुंचाने के लिए स्पेशन फेसिलिटेटर और मोबिलाइजर्स तैनात किए जाएंगे। जिन महिलाओं का खाता नहीं खुला है उनके बैंक अकाउंट खुलवाए जाएंगे। नियम के मुताबिक लाभार्थी की मृत्यु होने के बाद तुरंत लाभ मिलना बंद हो जाएगा। इस योनजा की निगरानी और फर्जीवाड़े से बचने के लिए मोबाइल ऐप और डैशबोर्ड भी तैयार किया गया है।

तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी, झारखंड में 6 अप्रैल तक खराब रहेगा मौसम, जानें अपने जिले का हाल

 रांची झारखंड में मौसम लगातार करवट ले रहा है. शुक्रवार को दिनभर आंशिक बादल छाए रहे और शाम होते-होते रांची और कोडरमा में तेज हवा के साथ बारिश हुई. इससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन आने वाले दिनों में मौसम और बदलने वाला है. 4 से 6 अप्रैल तक येलो अलर्ट मौसम विभाग ने 4 अप्रैल से 6 अप्रैल तक राज्य में बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है. इस दौरान कई जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना है. इन जिलों में बारिश और तेज हवा की चेतावनी शनिवार को पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा और धनबाद में कहीं-कहीं गर्जन के साथ बारिश हो सकती है. इसके साथ ही 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने और वज्रपात की भी संभावना जताई गई है. रविवार-सोमवार को और तेज होगा असर मौसम विभाग के अनुसार, रविवार और सोमवार को भी कई इलाकों में बारिश और गरज के साथ बादल छाए रहेंगे. इस दौरान हवा की रफ्तार बढ़कर 50-60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है. अप्रैल में टूट सकता है गर्मी का रिकॉर्ड मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार, अप्रैल में मौसम का उतार-चढ़ाव जारी रहेगा. पिछले 10 वर्षों में 2016 में अधिकतम तापमान 42 डिग्री दर्ज किया गया था, जो इस बार टूट सकता है. इस महीने के पहले सप्ताह में बारिश से थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन दूसरे और तीसरे सप्ताह में तापमान तेजी से बढ़ेगा और महीने के अंत तक हीट वेव की स्थिति बन सकती है. तापमान का हाल पिछले 24 घंटे में राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई. सबसे अधिक 5 मिमी बारिश रामगढ़ में हुई. वहीं, सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सरायकेला में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.5 डिग्री गुमला में रिकॉर्ड किया गया.