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भिवानी में चादर ओढ़े बदमाश ने घर में पर्ची फेंककर दी एजेंसी बंद करने की धमकी

भिवानी भिवानी के कस्बा बवानीखेड़ा स्थित एक गैस एजेंसी संचालक से पत्थर बंधी पर्ची फेंककर रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। घर पर फेंकी गई पर्ची में पांच लाख रुपये की मांग की गई है। नहीं देने पर गैस एजेंसी बंद करवाने की धमकी भी दी गई है जिसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दी गई। सीसीटीवी में कैद हुआ संदिग्ध आरोपी पुलिस ने शिकायत मिलते ही मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। यह वारदात वहां लगे एक सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गए। जिसमें एक व्यक्ति चाद्दर ओढ़े दिखाई दे रहा है। पुलिस को दी गई लिखित शिकायत में बाला देवी पत्नी अशोक बंसल ने बताया कि उनकी अनाज मंडी स्थित दुकान नंबर 76 पर गैस एजेंसी है। ऊपरी मंजिल पर उन्होंने अपना आवास बनाया हुआ है। सफाई के दौरान मिली धमकी भरी पर्ची वह वहां सफाई कर रहे थे तभी अचानक उन्हें कुछ गिरने की आवाज सुनाई दी। वहां जाकर देखा तो एक पर्ची पड़ी मिली। उस पर्ची को उठाकर जब पढ़ा तो उसमें पांच पेटी की डिमांड की गई थी। इसकी जानकारी पत्नी ने अपने पतिअशोक बंसल को दी जो कि गैस एजेंसी में मौजूद थे। सूचना मिलते ही अशोक बंसल अनाज मंडी स्थित अपने आवास पर पहुंचे और मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ दर्ज किया केस सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सुरेश कुमार पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे तथा जांच शुरू की। थाना प्रभारी सुरेश कुमार ने बताया कि पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे और सीसीटीवी कैमरे खंगालने लगी। वहीं, कमरे में एक व्यक्ति कंबल ओढ़े हुए जाता दिखाई दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि बाला देवी की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ फिरौती मांगने को लेकर केस दर्ज किया गया। 

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण के उद्घाटन पर खुशी से झूम उठे लोग

जेवर में उमड़ा जन-सैलाब, मोदी-योगी के नारों की गूंज नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण के उद्घाटन पर खुशी से झूम उठे लोग ’सबका साथ-सबका विकास’ का विजन उतरा धरातल पर जेवर गौतमबुद्ध नगर में जेवर अब सिर्फ जमीन नहीं, उत्तर प्रदेश के सपनों की उड़ान का प्रतीक बन गया है। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण के उद्घाटन के साथ ही शनिवार को उत्तर प्रदेश के गौरवशाली इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया। एयरपोर्ट परिसर में कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह से ही उत्साह व उम्मीद का मिला-जुला माहौल दिखाई दिया। जनसभा में आए हजारों लोग, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी ने इस पल को एक विराट राष्ट्रीय आयोजन का रूप दे दिया। पीएम मोदी-सीएम योगी के पोस्टर लेकर पहुंचे लोग जैसे ही पीएम मोदी के साथ सीएम योगी मंच पर पहुंचे, पूरा परिसर अपार जनसमूह की तालियों और नारों से गुंजायमान हो उठा। युवाओं व महिलाओं के हाथों में प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीरों वाले पोस्टर लहरा रहे थे। भारी संख्या में लोग राष्ट्रीय ध्वज लेकर भी पहुंचे थे। पीएम और सीएम की तस्वीरों के कटआउट जनसभा को जीवंत बना रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर पंडाल में हजारों मोबाइल फोन की फ्लैश लाइट मानो उत्तर प्रदेश के चमकते भविष्य की झलक दिखा रही थी। सीएम योगी का जताया आभार एयरपोर्ट परिसर में मौजूद लोगों के चेहरों पर भविष्य की उम्मीदें साफ झलक रही थीं। स्थानीय युवाओं के बीच रोजगार को लेकर जबरदस्त उत्साह था। जनसभा में उपस्थित स्थानीय निवासी आशीष भाटी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कहा कि एयरपोर्ट बनने से स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। एक दौर था, जब स्थानीय युवा रोजगार के लिए बाहर जाते थे, लेकिन अब दूसरे राज्यों के लोग भी यहां आकर नौकरी कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल के रहने वाले पप्पू देवनाथ एयरपोर्ट में प्लांट ऑपरेटर के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश के लोग नौकरी की तलाश में पश्चिम बंगाल आते थे, लेकिन अब मैं वहां से नौकरी करने यूपी आया हूं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकास के नये कीर्तिमान बना रहा है। किसान-व्यापारी भी उत्साहित जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बन जाने से किसानों व व्यापारियों को निर्यात और लॉजिस्टिक्स में नई संभावनाएं दिख रही हैं। जेवर निवासी किसान भरत सिंह ने बताया कि हम लोगों के उत्पादों को अब अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध हो सकेगा। हमारे उत्पाद काफी कम लागत में विदेश में निर्यात हो सकेंगे। हमारे स्थानीय व्यापारी भी एयरपोर्ट बनने से काफी उत्साहित हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किसानों व नौजवानों के लिए जितना करते हैं, सोचते हैं, उतना आज तक किसी ने नहीं सोचा था।  अब दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में कार्यरत डॉ. ललिता जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने से बहुत उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि पहले इन्हें फ्लाइट लेने के लिए दिल्ली जाना पड़ता था, जिसमें तीन से चार घंटे लग जाते थे लेकिन अब वो आधे से एक घंटे के अंदर यहीं से फ्लाइट पकड़ सकेंगी।

ऑनलाइन तस्करी का बड़ा भंडाफोड़: Amazon पैकेट में मछली दाने की जगह निकली 314 लीटर शराब

समस्तीपुर. बिहार के समस्तीपुर जिले में मुफस्सिल थाने की पुलिस ने शनिवार को अमेजन (ऑनलाइन शापिंग कंपनी) के डिलीवरी सर्विस पार्सल पार्टनर विंग के आफिस में छापा मारकर शराब की खेप बरामद की। यहां मछली दाना की बुकिंग की आड़ में शराब की तस्करी की जा रही थी। पुलिस को इसकी सूचना मिलने पर यह कार्रवाई की गई। इस संबंध में तीन लोगों पर प्राथमिकी की गई है। शराब की यह खेप शराब कल्याणपुर थाना क्षेत्र के लदौरा पंचायत भवन के समीप वीरेंद्र कुमार के यहां डिलीवर होनी थी। इसे प्लास्टिक की 20 बाल्टियों में पैक किया गया था। जितवारपुर स्थित वेयर हाउस में पार्सल से शराब की गंध आने के बाद कूरियर कंपनी ने इसकी सूचना अमेजन के प्रतिनिधि और पुलिस को दी। पार्सल खोला तो पुलिस के उड़े होश मौके पर पहुंची पुलिस ने पार्सल को खोला तो होश उड़ गए। बोरे के भीतर प्लास्टिक की बाल्टी में मछली दाना की जगह शराब भरी थी। पुलिस टीम ने एक-एक कर सभी 20 बंद पैकेट को खोलकर देखा और जब्त कर लिया। कुल 252 लीटर बीयर और 62 लीटर अंग्रेली शराब मिली। बोतलों को बाल्टी के अंदर रखकर उसे जूट के बोरे से इस तरह पैक किया गया था कि पता नहीं चल सके। इस दौरान एक पैकेट से शराब जैसी महक आने पर कूरियर कर्मी ने टीम लीडर को सूचना दी। मुंबई से भेजा गया था पार्सल जांच में पता चला कि मुंबई के रहने वाले सेलर आदर्श कुमार और गुंजेश कुमार ने यह पार्सल रांची से भेजा था। इसकी सप्लाई वीरेंद्र कुमार को होनी थी। इन तीनों के खिलाफ कूरियर कंपनी के चैनल टीम लीडर केशव कुनाल सिन्हा ने प्राथमिकी कराई है। एफआइआर में मोबाइल नंबर और पैन कार्ड की जानकारी भी कंपनी ने पुलिस को दी है। थानाध्यक्ष अजीत प्रसाद सिंह ने बताया कि शराब जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। ऑनलाइन शापिंग साइट का उपयोग कर शराब मंगाना कानून का गंभीर उल्लंघन है। इस नेटवर्क को खंगालने का काम जारी है।

रोजगार और इंडस्ट्रियल ग्रोथ का मेगा हब बनेगा यूपी का जेवर

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से यूपी में निवेश को मिलेगा बड़ा बूस्ट रोजगार और इंडस्ट्रियल ग्रोथ का मेगा हब बनेगा यूपी का जेवर निर्यात को मिलेगी रफ्तार, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र बनेगा ग्लोबल निवेश और मैन्युफैक्चरिंग का केंद्र औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में उभर रहा जेवर, तेजी से बढ़ रहे निवेश प्रस्ताव 1 लाख से अधिक रोजगार, हजारों करोड़ की आर्थिक गतिविधि का अनुमान जेवर  नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश में निवेश, उद्योग और व्यापार के नए युग की शुरुआत का संकेत दे रहा है। यह एयरपोर्ट न केवल प्रदेश की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, बल्कि इसे राष्ट्रीय और वैश्विक निवेश के मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए “गेमचेंजर” बताते हुए कहा कि यह परियोजना निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसरों के द्वार खोलेगी। यमुना एक्सप्रेसवे बना निवेश का नया इंजन यमुना एक्सप्रेसवे और इसके आसपास के क्षेत्रों में पहले से ही बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव आने शुरू हो चुके हैं। एयरपोर्ट के कारण यह क्षेत्र तेजी से एक औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में विकसित हो रहा है, जहां देश-विदेश की कंपनियां अपनी इकाइयां स्थापित करने में रुचि दिखा रहीं हैं। एयरपोर्ट के आसपास मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, डेटा सेंटर, एमएसएमई पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, अपैरल और टॉय पार्क जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट विकसित किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में क्षेत्र में सेमीकंडक्टर यूनिट की आधारशिला रखे जाने से हाईटेक इंडस्ट्री को बढ़ावा मिला है। भविष्य में यहां फिनटेक सिटी जैसे अत्याधुनिक प्रोजेक्ट भी विकसित किए जाएंगे, जिससे यह क्षेत्र टेक्नोलॉजी और उद्योग का प्रमुख केंद्र बनेगा। निर्यात को मिलेगी नई रफ्तार मल्टी मोडल कार्गो हब बनने के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश को ‘लैंडलॉक्ड’ स्थिति से बाहर निकालकर वैश्विक बाजार से सीधे जोड़ देगा। इससे प्रदेश के उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक तेजी से पहुंच सकेंगे और निर्यात को नई गति मिलेगी। इस एयरपोर्ट परियोजना से लगभग 1 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। साथ ही करीब 60,000 करोड़ रुपये की आर्थिक गतिविधि उत्पन्न होने का अनुमान है। सरकार को इससे लगभग 2000 करोड़ रुपये का कर राजस्व प्राप्त हो सकता है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को और मजबूती देगा। दीर्घकालिक विकास का मजबूत आधार इस परियोजना का कंसेशन पीरियड 40 वर्षों का है। अनुमान है कि वर्ष 2061-62 तक नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि को 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की आय प्राप्त होगी, जो इसकी दीर्घकालिक आर्थिक क्षमता को दर्शाता है। कुल मिलाकर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के लिए केवल एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि निवेश, उद्योग, निर्यात और रोजगार का एक समग्र विकास मॉडल बनकर उभर रहा है। आने वाले समय में यह परियोजना प्रदेश को आर्थिक रूप से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

‘भांचा आया है’: छत्तीसगढ़ में बागेश्वर सरकार का विवादित बयान, धर्मांतरण पर सख्त रुख

कोरबा. ऊर्जाधानी कोरबा आज पूरी तरह से राममय हो गई है. बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपनी पाँच दिवसीय हनुमंत कथा के लिए कोरबा पहुँच चुके हैं. कथा के पहले ही दिन कथा स्थल ढपढप में श्रद्धा का ऐसा सैलाब उमड़ा कि प्रशासन के लिए व्यवस्था संभालना चुनौती बन गया. मंच संभालते ही बाबा ने जहाँ कोरबा की ऊर्जा शक्ति को नमन किया, वहीं धर्मांतरण करने वालों को सीधे शब्दों में चेतावनी दे डाली. ​धर्मांतरण के मुद्दे पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अब तक का सबसे तीखा प्रहार किया है. आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय मिशनरियों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने दो टूक कहा— “यहाँ आसपास हालेलुया वाले भी रहते हैं, उनकी भी ठाठरी मारी जाएगी. अब यह खेल नहीं चलेगा.” उन्होंने संकल्प दोहराते हुए कहा कि जो लोग राह भटक गए हैं, उनकी ‘घर वापसी’ कराई जाएगी. ​कोरबा के कोयले का लोहा माना ​शहर की महत्ता पर चर्चा करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि कोरबा पूरे देश को रोशन करता है. उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा— “अगर कोरबा का कोयला बंद हो जाए, तो हमारे मध्य प्रदेश में भी अंधेरा छा जाएगा, वहाँ लाइट नहीं जलेगी.” उन्होंने कोरबा वासियों के प्रेम को अद्भुत बताया. ​”मैं छत्तीसगढ़ का भांचा हूँ” ​भावुक संबोधन में शास्त्री जी ने खुद को छत्तीसगढ़ का ‘भांचा’ (भांजा) बताया. उन्होंने कहा— “यह माता कौशल्या की पावन धरती है और मैं यहाँ का भांचा हूँ. यहाँ मेरा पूरा अधिकार है.” उन्होंने जनता को ‘पागल’ कहते हुए उनके अटूट विश्वास की सराहना की. ​1 अप्रैल तक चलेगा भक्ति का महाकुंभ ​बता दें कि यह हनुमंत कथा 1 अप्रैल तक चलेगी, जिसमें विशेष ‘दिव्य दरबार’ भी सजेगा. बाबा ने साफ कर दिया है कि वे यहाँ केवल कथा सुनाने नहीं, बल्कि सनातन की अलख जगाने और धर्मांतरण रोकने के संकल्प के साथ आए हैं.

लोहिया संस्थान में 665 नर्सिंग अधिकारियों की नियुक्ति, आज सीएम करेंगे नियुक्ति पत्र का वितरण

लोहिया संस्थान में 665 नर्सिंग अधिकारियों की नियुक्ति, आज सीएम देंगे नियुक्ति पत्र लोक भवन में 20 अभ्यर्थियों को सीधे सौंपे जाएंगे नियुक्ति पत्र शेष को जिलों में ऑनलाइन माध्यम से जनप्रतिनिधि करेंगे वितरण, स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बल 345 पुरुष व 320 महिला अभ्यर्थी चयनित लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के चयनित नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे। संस्थान में कुल 665 नर्सिंग अधिकारियों का चयन किया गया है, जिनमें 345 पुरुष एवं 320 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। सीएम खुद देंगे नियुक्ति पत्र इनमें से 20 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री द्वारा कार्यक्रम में सीधे नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे, जबकि शेष अभ्यर्थियों को उनके संबंधित जनपदों में ऑनलाइन माध्यम से जनप्रतिनिधियों द्वारा नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। इनको मिलेगा नियुक्ति प्रमाण पत्र स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इन नियुक्तियों से प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ की उपलब्धता बढ़ेगी। इससे मरीजों को उपचार में सहूलियत मिलेगी और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र पाने वालों में प्रियंका सिंह, मनीष कुमार, लक्ष्मण राम चौधरी, मोहम्मद आलम, तनु, संध्या जोशी, देवराज गुर्जर, देवेश कुमार, जय प्रकाश सिंह, धर्मेंद्र काजला, कुमारी अनामिका यादव, दीप्ति देवी, प्रतिमा कश्यप, आकांक्षा, ऋषि राज गौतम, आराध्या सिंह, प्रियंका चौधरी, विवेक कुमार गोंड, संध्या सिंह व शरिमा सिद्दीकी शामिल हैं।

यूपी में ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को मिली राहत राशि

यूपी में ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत राशि वितरित 21 जनपदों में ओलावृष्टि से 244.23 हेक्टेयर फसल की हुई क्षति प्रभावित 286 किसानों को योगी सरकार ने दी ₹13.34 लाख से अधिक की सहायता 17 जनपदों में अतिवृष्टि से 4053.11 हेक्टेयर फसल का हुआ नुकसान प्रभावित 9992 किसानों को सरकार की ओर से मिली ₹4.47 करोड़ से अधिक की राहत लखनऊ  उत्तर प्रदेश में बीते दिनों खराब मौसम, आंधी और बारिश के चलते किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है। इसका संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को फील्ड में उतरकर राहत कार्यों को तेज करने और लगातार निगरानी बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए हैं। प्रदेश सरकार द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। ओलावृष्टि के कारण प्रदेश के 21 जनपदों में कुल 244.23 हेक्टेयर फसल क्षतिग्रस्त हुई है। इस आपदा से प्रभावित 286 किसानों को अब तक ₹13,34,217 की राहत राशि वितरित की जा चुकी है। वहीं, अतिवृष्टि (अधिक वर्षा) के चलते स्थिति अधिक गंभीर रही। प्रदेश के 17 जनपदों में 4053.11 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों को नुकसान पहुंचा है। इस दौरान कुल 14,207 किसान प्रभावित हुए, जिनमें से 9,992 किसानों को अब तक ₹4,47,24,779 की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। इसके अलावा, बीते दिनों (15 मार्च 2026 से 22 मार्च 2026 तक ) हुई बेमौसम भारी वर्षा से जनपद सहारनपुर के 5 गांवों में 11 हेक्टेयर फसल क्षति दर्ज की गई, जिसमें 44 किसान प्रभावित हुए हैं। जनपद ललितपुर की 3 तहसीलों में 1650.75 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल क्षति दर्ज की गई है, जिसमें कुल 3142 किसान प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार द्वारा फसल क्षति का आकलन तेजी से कराया जा रहा है और पात्र किसानों को राहत पहुंचाने की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शेष प्रभावित किसानों को भी शीघ्र सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे अपनी आर्थिक स्थिति संभाल सकें और आगामी फसल की तैयारी कर सकें। राज्य सरकार की इस त्वरित राहत व्यवस्था से किसानों को बड़ी राहत मिली है। प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी प्रभावित किसान सहायता से वंचित न रह जाए।

नक्सल नेटवर्क कमजोर: मिशिर बेसरा संपर्क में, जल्द हो सकता है बड़ा सरेंडर

बस्तर. बस्तर में दशकों पुराना नक्सलवाद अब अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है और 31 मार्च 2026 इसकी समाप्ति की दिशा में निर्णायक तारीख बनती दिख रही है। शीर्ष कमांडर पापाराव के आत्मसमर्पण के बाद संगठन की कमर टूट चुकी है। सूत्रों के अनुसार मिशिर बेसरा भी सरेंडर के लिए संपर्क में हैं। पिछले दो वर्षों में 5000 नक्सली नेटवर्क खत्म हुआ, जिसमें 3000 ने आत्मसमर्पण किया, 2000 गिरफ्तार और 500 मारे गए। पुनर्वास नीति और विकास कार्यों ने बड़ा असर डाला है। इस संघर्ष में 1416 जवान शहीद हुए। आईईडी के 1277 मामलों में नुकसान हुआ, लेकिन 4580 आईईडी बरामद कर साजिशें नाकाम की गईं। अब बचे नक्सलियों के पास आत्मसमर्पण या समाप्त होने का ही विकल्प बचा है। बस्तर में अब विकास और शांति की नई तस्वीर उभर रही है। नक्सलियों के खिलाफ हो रही सैन्य कार्रवाई से माओवादी संगठन बैकफुट पर हैं। कभी माओवादी संगठनों के शांति अपील के लेटर सामने आ रहे हैं तो कभी सरकार से युद्ध विराम घोषित करने की मांग। इस बीच एक और लेटर सामने आया है। इस बार माओवादी संगठनों ने अपने साथ काम करने वालों को लेटर लिखा है। जिसमें साफ-साफ कहा गया है कि अगर आपको किसी तरह से डर लगता है को हथियार छोड़ सकते हैं। किसके नाम से जारी किया गया है लेटर नक्सली संगठन के द्वारा जो लेटर जारी किया है उसमें प्रवक्ता अभय और विकल्प का नाम दिया गया है। सरेंडर कर रहे नक्सलियों को यह लेटर लिखा गया है। जिसमें कहा गया है कि जिन लोगों को डर लगता है वह अपने हथियार छोड़ दें लेकिन हम अपनी विचारधारा को नहीं छोड़ेंगे। क्या है मामला दरअसल, कुख्यात नक्सली कमांडर वेणुगोपाल राव उर्फ सोनू ने अपने संगठन को एक लेटर लिखा था। इस लेटर में उसने सरेंडर की बात लिखी थी। उसने अपने लेटर में लिखा था कि अब केवल सरेंडर ही एक बेहतर विकल्प है और अब समय आ गया है कि जनता के वास्तविक मुद्दों के लिए आवाज उठाई जाए। उसके इस लेटर के बाद संगठन में फूट पड़ गई थी। कुछ माओवादियों ने इस लेटर का विरोध किया तो कुछ ने कहा कि हम अपनी विचारधारा को नहीं छोड़ सकते हैं। बता दें कि सोनू कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी के मेंबर है।  नक्सलियों के पास केवल सरेंडर ही विकल्प छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबल के जवान मिशन 2026 के तहत कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं। सुरक्षाबल के जवानों ने नक्सलियों के कई टॉप लीडरों को मार गिराया है। वहीं, बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी ने कहा कि नक्सलियों के पास अब केवल एक ही रास्ता बचा है। उन्हें सरेंडर कर मुख्यधारा में लौटना चाहिए।

सीएम ने कहा, यूपी के पोटेंशियल को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका का निर्वहन करेगा यह एयरपोर्ट

उत्तर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य का लॉन्चपैड बनेगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्टः मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण के उद्घाटन समारोह को किया संबोधित सीएम ने कहा, यूपी के पोटेंशियल को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका का निर्वहन करेगा यह एयरपोर्ट सीएम योगी ने पेट्रोलियम पदार्थों के नियंत्रित मूल्य और एक्साइज ड्यूटी में कटौती के लिए प्रधानमंत्री का जताया आभार  सीएम के निशाने पर रही कांग्रेस व सपा, मुख्यमंत्री ने किसानों के योगदान के प्रति जताई कृतज्ञता 2002 से 2017 तक यूपी रहा अराजकता व अव्यवस्था का शिकार, गत 9 वर्ष में बनी बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू के रूप में यूपी की पहचान: सीएम योगी  जेवर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की उड़ान को नई ऊंचाई प्रदान करने वाला यह समारोह प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है। पीएम मोदी के मार्गदर्शन में नए भारत का नया उत्तर प्रदेश आज अपनी पहचान का नया उद्घोष कर रहा है कि जब संकल्प मजबूत, साहस अडिग व आत्मविश्वास अटल हो, तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं रह सकता। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट संकल्प को सिद्धि में बदलने का परिणाम है। इसका रनवे न केवल यूपी की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई तक ले जाने का आधार बनेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य का लॉन्चपैड भी बनेगा। यह एयरपोर्ट उत्तर भारत के निवेश, व्यापार व औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई तक पहुंचाते हुए व्यापक रोजगार सृजन भी करेगा। ग्लोबल एविएशन मैप पर यूपी की नई पहचान सीएम योगी ने कहा कि यह एयरपोर्ट विकास की नई ऊंचाइयों के साथ जनता को राहत दिलाने वाला है। पीएम मोदी ने पिछले 11-12 वर्षों में नए भारत को विकसित भारत की दिशा में बढ़ाने के लिए प्रत्येक क्षेत्र में कदम बढ़ाए हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इसी श्रृंखला का हिस्सा है। आज पीएम मोदी के करकमलों से नवनिर्माण की नई इकाई का लोकार्पण हो रहा है। यह नवसृजन उत्तर प्रदेश को ग्लोबल एविएशन मैप पर नए सिरे से प्रस्तुत करने का कार्य कर रहा है। पीएम मोदी ने विकसित भारत की संकल्पना देशवासियों को दी है। आत्मनिर्भर भारत-आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश, विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर आज की आवश्यकता है। अभी एक रनवे प्रारंभ हो रहा है। कुछ वर्षों में एयरपोर्ट के पांच रनवे संचालित होंगे तो यह खुद को ग्लोबल एयरपोर्ट के रूप में स्थापित करने में सफल होगा। पेट्रोलियम उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी कम करने का निर्णय ऐतिहासिक  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पीएम मोदी की दूरदर्शी सोच और उनके ‘देश प्रथम’ भाव के साथ 11-12 वर्षों में नए भारत की कार्ययोजना हमें देखने को मिल रही है। रामनवमी पर देश में उत्सव व उत्साह का माहौल था, जबकि दुनिया में अव्यवस्था, अराजकता और संशय की स्थिति है। अमेरिका जैसे विकसित देश में पेट्रोलियम उत्पादों के दाम आसमान छूते दिखाई दे रहे हैं, लेकिन भारत में दाम नियंत्रित है। इनकी आपूर्ति सुगम बनाई गई है। भारत के पड़ोस में जितने भी देश हैं, वहां भी पेट्रोलियम पदार्थों के दाम आसमान छू रहे हैं और उनका अभाव भी है। वहां अव्यवस्था का माहौल है। उन्हें कार्यावधि घटाने के साथ उत्पादन रोकना पड़ा है। पब्लिक में कोटा सिस्टम लागू करना पड़ा है, लेकिन भारत में निर्बाध रूप से पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति बनाए रखने के साथ ही दाम को नियंत्रित रखा गया है। कल पेट्रोलियम उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी कम करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है, उसके लिए 25 करोड़ प्रदेशवासियों की तरफ से मैं पीएम मोदी को कृतज्ञता ज्ञापित करता हूं। 2002 से 2017 तक यूपी रहा अराजकता व अव्यवस्था का शिकार  सीएम योगी ने कांग्रेस व सपा जैसे दलों पर भी निशाना साधा। कहा कि अपने नकारेपन के कारण इन्होंने देश व प्रदेश को विकास के बॉटलनेक के रूप में छोड़ दिया था। 2002 से 2017 तक यूपी अराजकता-अव्यवस्था का शिकार रहा, लेकिन पीएम मोदी के मार्गदर्शन में देश ने 12 वर्षों और प्रदेश ने 9 वर्षों में जो स्पीड पकड़ी है,  उसने बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू के रूप में नई पहचान प्रस्तुत की है। पीएम मोदी ने 25 नवंबर 2021 को इस एयरपोर्ट का शिलान्यास किया था, आज उन्हीं के करकमलों से प्रथम फेज के उद्घाटन का कार्यक्रम भी हो रहा है। यही डबल इंजन सरकार की स्पीड है, क्योंकि पीएम मोदी ने सदैव कहा है कि जिसका शिलान्यास करो, उसका उद्घाटन भी करो। उत्तर प्रदेश को ग्लोबल कनेक्टिविटी का केंद्र बनाएगा जेवर एयरपोर्ट मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश को ग्लोबल कनेक्टिविटी का केंद्र बनाते हुए यमुना एक्सप्रेसवे और भविष्य में ईस्टर्न पेरिफेरल, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, आरआरटीएस, दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेललाइन जैसे नेटवर्क से जोड़कर प्रदेश को गति के साथ विकास की नई ऊंचाई तक ले जाने का भी कार्य करेगा। इस एयरपोर्ट परियोजना के माध्यम से लाखों नौजवानों के लिए प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। यमुना एक्सप्रेसवे, नोएडा व ग्रेटर नोएडा में व्यापक निवेश की संभावनाओं ने अभी से प्रस्ताव देने प्रारंभ कर दिए हैं। पिछले दिनों इसी एयरपोर्ट के पास पीएम मोदी ने सेमीकंड्क्टर चिप बनाने की यूनिट की आधारशिला रखी थी। इसके साथ ही अत्य़ाधुनिक मैन्युफेक्चरिंग कलस्टर की निर्माण प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, ट्वाय पार्क, एमएसएमई पार्क, हैंडीक्रॉफ्ट पार्क समेत अन्य सुविधाएं विकसित हो रही हैं, जिसमें यहां निवेश के साथ ही रोजगार की व्यापक संभावनाएं भी विकसित हो रही हैं। यहां डाटा सेंटर से संबंधित यूनिट भी स्थापित हो रही है। आने वाले दिनों में अत्याधुनिक फिनटेक सिटी के निर्माण कार्य और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आने के साथ ही एनसीआर में निवेश के लिए सकारात्मक वातावरण का सृजन भी हो रहा है। सीमलेस, स्मार्ट और सस्टेनेबल एयरपोर्ट, एविएशन फ्यूलफॉर्म, इनफ्लाइट किचन फैसिलिटी, एमआरओ के साथ ही आधुनिक-डिजिटल और ऊर्जा संरक्षण पर केंद्रित ‘ईज ऑफ जर्नी’ की संकल्पना को यह एयरपोर्ट साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।  यूपी के पोटेंशियल को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका का निर्वहन करेगा यह एयरपोर्ट सीएम ने कहा कि डेडिकेटेड मल्टीमोडल कार्गो हब का निर्माण होने से उत्तर प्रदेश अब लैंडलॉक्ड की लिमिटेशन से बाहर निकलकर … Read more

उत्तर प्रदेश के राजकीय पक्षी सारस से सजा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का प्रतीक चिन्ह

सारस की उड़ान बनी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की पहचान उत्तर प्रदेश के राजकीय पक्षी सारस से सजा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का प्रतीक चिन्ह नीला-हरा ग्रेडिएंट परंपरा और आधुनिकता का संगम, तकनीक, कनेक्टिविटी और पर्यावरण का संदेश जेवर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने अपनी ब्रांड पहचान को खास और वैश्विक स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए उत्तर प्रदेश के राजकीय पक्षी सारस को अपने प्रतीक (लोगो) के रूप में अपनाया है। यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस विजन को दर्शाती है, जिसमें विकास के साथ सांस्कृतिक पहचान और पर्यावरणीय संतुलन को भी समान महत्व दिया जा रहा है। सारस उत्तर प्रदेश का राजकीय पक्षी होने के साथ-साथ समृद्ध परंपरा और प्रकृति का प्रतीक है। एयरपोर्ट के लोगो में इसे शामिल करना राज्य की विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की एक सार्थक पहल है, जो योगी सरकार के “विकास के साथ विरासत” के दृष्टिकोण को मजबूत करती है। डिजाइन में तकनीक और इको-फ्रेंडली सोच का मेल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लोगो को पतली और एकीकृत रेखाओं से तैयार किया गया है, जो गति, कनेक्टिविटी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का संकेत देती हैं। नीले-हरे रंग का ग्रेडिएंट तकनीकी प्रगति और पर्यावरण संरक्षण के संतुलन को दर्शाता है, जो योगी आदित्यनाथ की ग्रीन और सस्टेनेबल डेवलपमेंट नीति के अनुरूप है। उड़ान में छिपा विकास और सकारात्मकता का संदेश लोगो में उड़ता सारस प्रगति, आत्मविश्वास और नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ते उत्तर प्रदेश का प्रतीक है। यह राज्य को एक वैश्विक निवेश और कनेक्टिविटी हब बनाने के विजन को भी दर्शाता है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का यह प्रतीक न केवल इसकी ब्रांडिंग को मजबूत कर रहा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी पहचान को भी अलग और प्रभावी बना रहा है। यह एयरपोर्ट अब केवल एक परिवहन केंद्र नहीं, बल्कि संस्कृति, आधुनिकता और सतत विकास का प्रतीक बनकर उभर रहा है।