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इंदौर से हज यात्रा के लिए खर्च तय, तीसरी किस्त 31 मार्च तक जमा करनी होगी

भोपाल   हज यात्रा पर खर्च होने वाली कुल राशि सेंट्रल हज कमेटी ने तय कर दी है। मध्य प्रदेश के आर्थिक नगर इंदौर से एक हजयात्री को 3 लाख 63 हजार रुपए हज खर्च रहेगा। वहीं, मुम्बई से 3 लाख 40 हजार रुपए हज यात्रा पर खर्च तय हुआ है। अहमदाबाद से देश के बाकी हिस्सों के मुकाबले हज यात्रा सबसे कम खर्च करना होगा। वहां से एक हज यात्री को हज खर्च 3 लाख 33 हजार रुपए तय हुआ है। खास बात ये है कि, पांच साल में ये पहली बार है जब राजधानी भोपाल से कोई हज उड़ान नहीं होगी। जबकि, इंदौर से भी मात्र एक ही उड़ान हज यात्रा के लिए होगी। सेंट्रल हज कमेटी ने प्रदेश के 17 इम्बारकेशन पाइंट से हज यात्रा खर्च और फ्लाइट किराया सोमवार को जारी किया। इनमें इंदौर बारहवें नंबर पर है। यहां से यात्रा पर रवाना होने वाले एक हज यात्री को तीसरी किश्त के रूप में 86,550 रुपए जमा करने हैं। 31 मार्च इसकी अंतिम तारीख निर्धारित की गई है। हजयात्री दो किश्तों में 2 लाख 77 हजार रुपए पहले जमा कराए जा चुके हैं। अब कुल हज खर्च और दो किश्तों की राशि के बीच का अंतर तीसरी किश्त तय करेगा। विजयवाड़ा सबसे महंगा गुजरात के अहमदाबाद से हज पर रवाना होने वालों को सबसे कम राशि चुकानी होगी। यहां से हवाई खर्च 89 हजार रुपए आएगा, जिसके चलते एक हज यात्री को 3 लाख 33 खर्च करना होगा। कमेटी की ओर से बताया गया है कि, आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा से देश में सबसे महंगी हज यात्रा है। एक हज यात्री को 4.09 लाख रुपए चुकाने होंगे। दोनों का अंतर 76 हजार रुपए है। मध्य प्रदेश से इस बार साढ़े आठ हजार हज यात्री मध्य प्रदेश से इस बार साढ़े आठ हजार लोग हज यात्रा पर रवाना होंगे। इनमें से महज 10 फीसद ही इंदौर से यात्रा पर रवाना होंगे, जबकि 88 फीसदी लोग मुम्बई से रवाना होंगे। पहली फ्लाइट 18 अप्रेल को रवाना होगी। हज यात्रा खर्च जगह —- हज खर्च -इंदौर —- 3, 63, 850 —- तीसरी किश्त — 86, 550 -मुंबई — 3, 40, 250 —- तीसरी किश्त — 62, 950 17 शहरों से हज खर्च, इंदौर 12वें स्थान पर -अहमदाबाद – 3, 33, 200 -मुंबई – 3, 40, 250 -हैदराबाद – 3, 43, 350 -दिल्ली – 3, 46, 600 -कोचीन – 3, 46, 750 -बेंगलुरु – 3, 47, 65 -नागपुर – 3, 48, 25 -चेन्नई – 3, 50, 400 -कनन्‍नूर – 3, 51, 900 -जयपुर – 3, 52, 050 -लखनऊ – 3, 52, 550 -इंदौर – 3, 63, 850    

ग्वालियर नगर निगम ने संपत्ति कर पर 50% छूट की घोषणा की, 31 मार्च के बाद मिलेगा नहीं फायदा

ग्वालियर शहर के नागरिक 31 मार्च तक अपना बकाया संपत्ति कर जमाकर वर्तमान वर्ष की सिर्फ संपत्तिकर की राशि में 50 प्रतिशत छूट का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। अन्यथा 31 मार्च के बाद उन्हें संपत्ति कर दोगुना भरना पड़ेगा। इसके लिए सभी कर संग्रहक क्षेत्र में जाकर नागरिकों को जानकारी दें और अधिक से अधिक संपत्ति कर जमा कराएं। ये निर्देश नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने संपत्ति कर वसूली समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों को दिए। बैठक में अपर आयुक्त मुनीष सिंह सिकरवार, उपायुक्त डॉ. प्रदीप श्रीवास्तव, मुकेश बंसल, रजनीश गुप्ता सहित सभी राजस्व निरीक्षक एवं कर संग्रहक उपस्थित रहे। अधिकारियों को चेतावनी निगम मुख्यालय में आयोजित बैठक में निगमायुक्त ने कहा कि अभी तक लगभग 101 करोड़ रुपये की संपत्ति कर वसूली हुई है। 31 मार्च तक हर हाल में 125 करोड़ रुपये तक संपत्ति कर जमा कराना है। इसके साथ ही लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और सभी उपायुक्तों व राजस्व निरीक्षक को अगले सात दिवस का लक्ष्य देते हुए निर्देशित किया कि दिए गए लक्ष्य के अनुरूप संपत्ति कर वसूल नहीं होता है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम ने अब तक लगभग 101 करोड़ रुपए का संपत्ति कर वसूल किया है। 31 मार्च तक 125 करोड़ रुपये वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को हर हाल में पूरा करने के लिए सभी अधिकारियों को सक्रिय रूप से काम करने के निर्देश दिए हैं। लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं होने पर आयुक्त ने नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने सभी संपत्ति कर उपायुक्तों और राजस्व निरीक्षकों को आगामी सात दिनों का विशेष लक्ष्य दिया है। आयुक्त ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार वसूली नहीं हुई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, ग्वालियर नगर निगम द्वारा जारी सूची में कई शासकीय कार्यालय भी शामिल हैं जिन्होंने अपने सेवा कर अब तक जमा नहीं किए हैं। इन बकायादारों पर लगभग 200 करोड़ रुपए की राशि लंबित है। बड़े बकायेदारों पर मदाखलत अमले के साथ होगी कार्रवाई निगमायुक्त ने वसूली की समीक्षा करते हुए वार्डवार जानकारी ली और संबंधित राजस्व निरीक्षक व कर संग्रहक को आगामी सात दिवस में संपत्ति कर वसूली के लक्ष्य दिए। बैठक में यह भी निर्देश दिए कि सभी अधिकारी बड़े बकायेदारों से संपर्क करें और उनसे संपत्ति कर जमा कराएं। अगर कर जमा करने में आनाकानी करते हैं, तो मदाखलत अमले के साथ कार्रवाई करें।

उज्जैन में अवैध निर्माणों पर UDA की बड़ी कार्रवाई, 16 इमारतें बुलडोज़र से ध्वस्त

उज्जैन उज्जैन से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। जहां अवैध निर्माणों पर प्रशासन का सख्त रुख देखने को मिला है। उज्जैन विकास प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 16 अवैध बिल्डिंग्स को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया है। उज्जैन विकास प्राधिकरण के सीईओ संदीप सोनी के मुताबिक, वर्ष 1985 के आसपास प्राधिकरण द्वारा एक आवासीय योजना विकसित की गई थी। इस योजना के तहत फ्रंट के मकानों को केवल आवासीय उपयोग के लिए आवंटित किया गया था। लेकिन समय के साथ कई लोगों ने लीज की शर्तों का उल्लंघन करते हुए इनका व्यावसायिक और अन्य उपयोग शुरू कर दिया। प्राधिकरण द्वारा सभी मामलों की सुनवाई के बाद करीब 45 लीज निरस्त की गईं। साथ ही कई भूखंडों का अवैध रूप से विभाजन भी किया गया, जिसके चलते लगभग 90 से 95 निर्माण खड़े हो गए थे। आज की कार्रवाई में 11 भूखंडों पर बने 16 अवैध निर्माणों को जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम ने बुलडोजर चलाकर हटा दिया। कार्रवाई के बाद संबंधित जमीनों का कब्जा उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा लिया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी और अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

हाईकोर्ट के जस्टिस आज भोजशाला का करेंगे निरीक्षण, सुरक्षा इंतजामों की व्यवस्था चाक-चौबंद

धार  मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला एवं कमाल मौला मस्जिद परिसर एक बार फिर चर्चा के केंद्र बन चुकी है। इसके धार्मिक स्वरूप को लेकर चल रही न्यायिक प्रक्रिया के बीच आज इंदौर हाईकोर्ट से न्यायधीश स्थल का निरीक्षण करने आ रहे हैं। प्रतिनिधि मंडल के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इसी के मद्देनजर पूरे परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रतिनिधि मंडल का काफिला आज सर्किट हाउस से सीधे भोजशाला के लिए रवाना होगा, जहां दोपहर में  निरीक्षण प्रस्तावित किया गया है। इस दौरान पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधिकारी भी साथ में मौजूद रहेंगे। एएसआई की ओर से पेश की गई सर्वे रिपोर्ट के आधार पर स्थल का अवलोकन किया जाएगा। संभावना है कि, हाईकोर्ट के प्रतिनिधि नौगांव स्थित पुरातत्व संग्रहालय का भी दौरा कर सकते हैं। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर चल रही सुनवाई भोजशाला के इतिहास और स्वरूप को लेकर दोनों पक्षों के दावे लंबे समय से विवाद का विषय बने हुए हैं। साल 2024 में एएसआई ने 98 दिनों तक खुदाई कर 2098 पृष्ठों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की थी। इस रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण अवशेष और शिलालेखों का जिक्र किया गया था। इसी रिपोर्ट के आधार पर मौजूदा समय में कोर्ट में सुनवाई की जा रही है। अगली सुनवाई 2 अप्रेल को प्रस्तावित है। ठीक उसी से पहले न्यायधीश का ये निरीक्षण बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। साल 2022 से बना हुआ है प्रमुख मुद्दा भोजशाला को लेकर हिंदू और मुस्लिम पक्षों के बीच अलग-अलग दावे किए जाते रहे हैं। वर्ष 2022 में दायर याचिका के बाद न्यायालय के निर्देश पर एएसआइ सर्वे कराया गया था। तब से यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। नवरात्र में धार्मिक आयोजन भी जारी चैत्र नवरात्र के अवसर पर मंगलवार को सकल हिंदू समाज द्वारा नियमित सत्याग्रह और हनुमान चालीसा पाठ किया जाएगा। सुबह 8:55 से 9:25 बजे के बीच मां वाग्देवी को चुनरी अर्पित की जाएगी। इस दौरान विभिन्न समाजों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।

हरियाणा में फ्लैट्स की कीमतों में बढ़ोतरी, इन जिलों पर पड़ेगा असर; कैबिनेट बैठक में तय होंगी नई दरें

चंडीगढ़  हरियाणा में अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम के तहत फ्लैट्स की कीमतों में बढ़ोतरी की जाने वाली है। मंगलवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में होने वाली राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम के तहत फ्लैट्स की नई बढ़ी हुई दरों पर मुहर लगेगी। गुरुग्राम व फरीदाबाद जैसे मेट्रो सिटी में फ्लैट की कीमत में तीन से चार लाख रुपये तक बढ़ने की पूरी संभावना है। जमीन की बढ़ती कीमतों व निर्माण लागत में बढ़ोतरी के चलते हरियाणा सरकार कीमतें बढ़ाने पर विचार कर रही है। जमीन की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते बड़ी संख्या में बिल्डर गुरुग्राम व फरीदाबाद जैसे शहरों में अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम से मुंह मोड़ चुके हैं। इसका मुख्य कारण लगातार बढ़ती भूमि कीमतें, निर्माण सामग्री और श्रम लागत है, जिसने योजना को आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण बना दिया है। इस कदम के बाद शहरों में अफोर्डेबल फ्लैट्स की कीमतों में वृद्धि होगी, लेकिन बिल्डर्स के लिए यह योजना में निवेश करना आसान बनाएगा। अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के समय हुई थी। योजना का उद्देश्य मध्यम वर्ग के परिवारों को किफायती फ्लैट्स उपलब्ध कराना था। मल्टी-स्टोरी फ्लैट्स के निर्माण के लिए पांच एकड़ तक की भूमि पर मंजूरी दी गई थी। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सरकार ने इसे जारी रखा। अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार इसे आगे बढ़ा रही है। वर्तमान दरें (2021 और 2023 की नीति के अनुसार)     गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला – 5,000 रुपये प्रति वर्ग फुट     अन्य हाई और मीडियम पोटेंशियल टाउन – 4,500 रुपये प्रति वर्ग फुट     लो पोटेंशियल टाउन – 3,800 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रस्तावित नई दरें     गुरुग्राम: 5,575 रुपये प्रति वर्ग फुट     फरीदाबाद: 5,450 रुपये प्रति वर्ग फुट     अन्य हाई और मीडियम पोटेंशियल टाउन: 5,050 रुपये प्रति वर्ग फुट     लो पोटेंशियल टाउन: 4,250 रुपये प्रति वर्ग फुट संस्थागत साइट्स पर 350 प्रतिशत तक हो सकता एफएआर हरियाणा सरकार ट्रांजिट ओरंटिड डेवलेपमेंट (टीओडी) पालिसी में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। इस पालिसी के तहत एफएआर (फ्लोर एरिया रेसो) में बढ़ोतरी संभव है। अभी तक टीओडी जोन में संस्थागत साइट्स के लिए 100 से 150 प्रतिशत तक एफएआर है। अब इसे बढ़ाकर 250% से 350% तक करने का प्रस्ताव है। सरल भाषा में कहें तो पहले 1,000 वर्ग मीटर जमीन पर 1,500 वर्ग मीटर तक भवन बन सकता था। अब उसी जमीन पर 2,500 से 3,500 वर्ग मीटर तक भवन बनाया जा सकेगा। यह बढ़ी हुई क्षमता सिर्फ संस्थागत साइट्स पर लागू होगी। संस्थागत साइट्स का अर्थ है स्कूल, कालेज, अस्पताल, आफिस, सरकारी संस्थान। घर, दुकान या माल जैसी वाणिज्यिक निर्माण गतिविधियों के लिए एफएआर बढ़ोतरी लागू नहीं होगी। इसका मतलब यह है कि मेट्रो या रेलवे स्टेशन के पास अब सिर्फ संस्थानिक उपयोग वाली जगह पर ज्यादा निर्माण संभव होगा। मौजूदा भवनों में बदलाव के लिए स्ट्रक्चर सेफ्टी सर्टिफिकेट जरूरी होगा। ग्राउंड कवरेज 40% तक ही सीमित रहेगा। न्यूनतम साइट का आकार एक एकड़ होना चाहिए।

पंजाब में होगा एशियाई हॉकी चैंपियनशिप, सीएम भगवंत मान बोले – जालंधर और मोहाली में होंगे मुकाबले

जालंधर  पंजाब में पहली बार हॉकी के इंटरनेशनल मुकाबलों की मेजबानी करेगा। पुरुषों के एशियन चैंपियनशिप हॉकी टूर्नामेंट की पंजाब मेजबानी करेगा। यह दावा पंजाब के सीएम भगवंत मान ने चंडीगढ़ में प्रेस कांफ्रेंस में किया। उन्होंने कहा कि इस मुकाबले में एशियन खेलों की टॉप छह टीमें इसमें खेलेंगी। पूरी उम्मीद है भारत इसमें रहेगा। 26-27 अक्टूबर को पहली बार मैच होगा। सारे मुकाबले मोहाली व जालंधर में होंगे। इससे पहले 1997 में पाकिस्तान के साथ जालंधर में टेस्ट मैच हुआ था। कल सारी चीजों को चेक टीम कर गई है। वहीं, हॉकी की टीम ने हमें ऑफर दिया है कि आप हर साल एक 4 नेशन टूर्नामेंट करवा सकते हैं। इसे वह अपने हॉकी टूर्नामेंट में रख लेंगे। बैडमिंटन अंडर 13 राष्ट्रीय मुकाबलों की मेजबानी पंजाब को 44 साल बाद मिली है। यह मुकाबले जालंधर में होगा। जालंधर व मोहाली में होंगे एशिया कप हॉक मैच खेलों के क्षेत्र का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय बाद पंजाब को एशिया कप हॉकी प्रतियोगिता की मेजबानी मिलने जा रही है। यह मुकाबले जालंधर के बल्टन पार्क मैदान और मोहाली में आयोजित होंगे। उन्होंने कहा कि इससे पंजाब की खेल परंपरा को नई पहचान मिलेगी और युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अमृतसर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का नया क्रिकेट मैदान बनाया जाएगा। उनका कहना था कि राज्य में खेल ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार निवेश कर रही है और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार आने से पहले राज्य में नहरों के पानी का उपयोग लगभग 21 से 22 प्रतिशत तक ही सीमित था, जबकि अब यह बढ़कर 70 प्रतिशत से अधिक हो गया है। इसके लिए नहर प्रणाली को मजबूत बनाने पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने रोजगार के मुद्दे पर कहा कि पिछले चार वर्षों में करीब 65 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। साथ ही उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए निवेश आकर्षित किया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, चैंपियनशिप में भारत, पाकिस्तान, मलेशिया, जापान, दक्षिण कोरिया और चीन की टीमों के साथ-साथ अन्य क्वालीफाइंग टीमें भी भाग लेंगी। आधे मैच जालंधर में खेले जाएंगे, जबकि शेष मैच मोहाली में होंगे। इस आयोजन से राज्य की खेल संस्कृति को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। जालंधर, जो अपने समृद्ध खेल सामग्री उद्योग और हॉकी की विरासत के कारण एक खेल केंद्र के रूप में जाना जाता है, इस टूर्नामेंट की मेजबानी करके एक बार फिर सुर्खियों में आ जाएगा। इस बीच, बर्लटन पार्क में विकास कार्य 78 करोड़ रुपये की लागत वाली एक चल रही खेल केंद्र परियोजना का हिस्सा है। आगामी चैंपियनशिप से न केवल अंतरराष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिताओं के साथ पंजाब के जुड़ाव को पुनर्जीवित करने की उम्मीद है, बल्कि इससे पूरे क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलने की संभावना है।  

बजट से पहले दिल्ली विधानसभा, मेट्रो और स्पीकर को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा अलर्ट

नई दिल्ली  दिल्ली का बजट आज यानी मंगलवार को पेश होना है. ऐसे में विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी ने खलबली मचा दी है. जी हां, दिल्ली विधानसभा, दिल्ली विधानसभा मेट्रो और स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को बम से उड़ाने की धमकी मिली है. एक अनोन ईमेल के जरिए दिल्ली विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है. इस धमकी के बाद हलचल बढ़ गई है. पूरे विधानसभा की सिक्योरिटी चेक कराई जा रही है. अभी तक कोई बम नहीं मिला है।  दरअसल, आज यानी मंगलवार की सुबह 7:49 AM पर स्पीकर विजेंद्र गुप्ता की ईमेल पर एक ईमेल आया. इससे पहले 7:28 AM पर विधानसभा की ईमेल पर धमकी भरा मेल आया. ईमेल में LG तरनजीत संधू, प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, फॉरेन मिनिस्टर जयशंकर, और साथ में दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा का भी नाम है. इस धमकी के बाद बजट का समय आधा घंटे बढ़ा दिया गया है।  बम की धमकी मिलने के तुरंत बाद सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू कर दी. एक पुलिस सूत्र ने बताया कि हमने परिसर के अंदर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. सूत्र ने आगे बताया कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है, जबकि तोड़फोड़-रोधी गहन जांच भी जारी है।  बजट सत्र के माहौल में यह धमकी और गंभीर हो गई. सदन में बजट पेश करने की तैयारी चल रही थी, लेकिन धमकी के कारण कार्यवाही में देरी हुई. स्पीकर कार्यालय ने सत्र का समय आधे घंटे बढ़ा दिया ताकि सुरक्षा जांच पूरी हो सके और सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. विधानसभा परिसर में हलचल मची रही. कई विधायकों ने सदन में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।  बजट सत्र से ठीक पहले आई धमकी ने पूरे प्रशासन को चौकस कर दिया है. दिल्ली विधानसभा के इतिहास में ऐसी धमकियां पहले भी आई हैं, लेकिन इस बार बजट सत्र के संवेदनशील समय पर आने से माहौल और तनावपूर्ण हो गया है. आम जनता और मेट्रो यात्री भी सतर्क हैं. प्रशासन का दावा है कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी है। 

इंदौर में जनगणना के लिए आज से प्रशिक्षण कार्यक्रम, जल्द ही पहुंचेगी टीम आपके घर

इंदौर जनगणना 2027 के सफल और सटीक संचालन के लिए इंदौर जिले में फील्ड ट्रेनर्स के प्रशिक्षण की सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी किए गए विशेष निर्देशों के पालन में इंदौर जिले में तीन दिवसीय गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम का खाका तैयार किया गया है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को त्रुटिहीन तरीके से संपन्न कराना है।  दो चरणों में होगा प्रशिक्षण अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम शासकीय होलकर साइंस कॉलेज में आयोजित किया जा रहा है। कॉलेज का परिसर ए.बी. रोड स्थित भंवरकुआं चौराहे के पास है। कार्यक्रम को दो चरणों में विभाजित किया गया है। पहला चरण आज 24 मार्च से शुरू होकर 26 मार्च 2026 तक चलेगा, जिसमें मुख्य रूप से नगर निगम एवं बाह्यवृद्धि क्षेत्रों के ट्रेनर्स शामिल होंगे। इसके पश्चात दूसरा चरण 28 मार्च से 30 मार्च 2026 तक आयोजित होगा, जो जिला स्तर के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए निर्धारित किया गया है। हर दिन होंगे तीन बैच प्रशासनिक योजना के अनुसार, इस पूरे कार्यक्रम के दौरान कुल 129 फील्ड ट्रेनर्स को मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए इन्हें अलग-अलग बैचों में बांटा गया है। प्रत्येक दिन तीन बैच संचालित होंगे, जिनमें प्रति बैच लगभग 28 प्रतिभागी शामिल होंगे। वहीं, जिला स्तरीय सत्रों के लिए दो बैच बनाए गए हैं, जिनमें 23-23 प्रतिभागियों को बारीकियों से अवगत कराया जाएगा। कॉलेज परिसर में ही की सभी व्यवस्थाएं शिक्षण कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए होलकर साइंस कॉलेज के कक्ष क्रमांक बी-101, बी-102 एवं बी-103 को विशेष रूप से आरक्षित किया गया है। अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी ने कॉलेज प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रशिक्षण स्थल पर सभी मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध हों। इसमें बैठने के लिए टेबल-कुर्सी, तकनीकी सहायता के लिए प्रोजेक्टर और कंप्यूटर ऑपरेटर के साथ-साथ पेयजल और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। यह प्रशिक्षण जनगणना के राष्ट्रीय मिशन को प्रभावी ढंग से जमीन पर उतारने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। 

युवाओं को मिलेगा देशसेवा का अवसर, आत्मनिर्भरता के नए द्वार भी खुलेंगे – राज्‍यमंत्री गौर

‘शौर्य संकल्प योजना’ पर लगी कैबिनेट की मुहर, पिछड़ा वर्ग के युवाओं को सुरक्षाबलों में भर्ती के लिए तैयार करेगी योजना युवाओं को मिलेगा देशसेवा का अवसर, आत्मनिर्भरता के नए द्वार भी खुलेंगे – राज्‍यमंत्री गौर 45 दिन का आवासीय प्रशिक्षण, मिलेगी छात्रवृत्ति, 4000 युवाओं को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग युवा अभ्यर्थियों को सुरक्षाबलों में भर्ती के लिए सक्षम बनाने के लिए “शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना-2026” की शुरुआत करने जा रहा है। इसके जरिए युवाओं को गुणवत्तापूर्ण आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिसमें शारीरिक प्रशिक्षण के साथ-साथ सामान्य ज्ञान, गणित, तर्कशक्ति, कंप्यूटर एवं अंग्रेज़ी जैसे विषयों का सैद्धांतिक प्रशिक्षण भी शामिल होगा। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने योजना को कैबिनेट की मंजूरी मिलने पर कहा कि शौर्य संकल्प योजना हमारे युवाओं को केवल रोजगार ही नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा की भावना से भी सशक्त बनाएगी। हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश का हर युवा अपनी क्षमता के अनुसार देश की सेवा में योगदान दे सके। मध्यप्रदेश सरकार युवाओं को अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह योजना सुरक्षा बलों में भर्ती की तैयारी को सशक्त बनाकर पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए नए द्वार खोलेगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनाएगी। योजना के प्रारंभिक चरण में 40 प्रशिक्षण केंद्रों के जरिए 4000 युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी। योजना में महिला और पुरुष अभ्यर्थियों के लिए पृथक-पृथक केंद्र संचालित किए जाएंगे। प्रशिक्षण की अवधि 45 दिन निर्धारित की गई है। चयनित अभ्यर्थियों को निःशुल्क आवास, भोजन एवं अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही पुरुष अभ्यर्थियों को 1000 रुपये तथा महिला अभ्यर्थियों को 1100 रुपये प्रतिमाह की दर से छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। योजना के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं उत्तीर्ण निर्धारित की गई है। अभ्यर्थी मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए तथा OBC वर्ग का प्रमाण-पत्र (नॉन-क्रीमीलेयर) आवश्यक होगा। चयन प्रक्रिया में 12वीं के अंकों के आधार पर वरीयता तय की जाएगी। राज्य शासन द्वारा आगामी तीन वर्षों में इस योजना पर लगभग 15 करोड़ रुपये व्यय किए जाने का प्रावधान है, जिसके माध्यम से 12,000 युवाओं को सुरक्षा सेवाओं में रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा। यह योजना युवाओं में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन एवं कर्तव्यबोध विकसित करने के साथ उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।  

सच्चा वादा, पक्का काम… मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा – जो कहा, वो पूरा करके दिखाया

सच्चा वादा पक्का काम… हमने जो कहा, पूरा करके दिखाया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसान समृद्ध होंगे, तभी समृद्ध होगा हमारा प्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किसानों ने किया अभिनंदन आगर मालवा में 200 करोड़ रुपए के 2 कामों की मंजूरी के लिए माना आभार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसान हमारी धरोहर हैं। ये अन्नदाता ही देश के भाग्य विधाता हैं। सरकार प्रदेश के किसानों की समृद्धि के लिए कृत संकल्पित है। अन्नदाताओं को मजबूत करने के लिए ही हम 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। इसमें सरकार का पूरा फोकस खेती को आधुनिक तकनीक, नवाचार और मूल्य संवर्धन से जोड़ने पर है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए फसल उत्पादन के साथ गौपालन, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी एवं कृषि आधारित उद्योगों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सच्चा वादा और पक्का काम, यही सरकार का संकल्प है। हमने किसानों से जो वादा किया था, वह पूरा करके भी दिखाया है। उन्होंने कहा कि जब हमारे खेतों से लेकर कारखाने तक समृद्धि आएगी, तभी तो हमारे किसान भी समृद्ध और खुशहाल होंगे। मध्यप्रदेश का समृद्ध किसान ही विकसित भारत@2047 के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मुख्यमंत्री निवास में किसानों द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिले, इसके लिए प्रदेश में नदी जोड़ो अभियान एवं नयी सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में आगर-मालवा जिले के लिए 167.21 करोड़ रुपए लागत की आहू मध्यम सिंचाई परियोजना और 24.88 करोड़ रुपए की लागत से हड़ाई तालाब निर्माण को मंजूरी दी गई। करीब 200 करोड़ रुपए की इन दोनों योजनाओं से आगर-मालवा जिले के खेतों तक पानी पहुंचेगा और 4800 हैक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित होगी। आगर-मालवा जिले को यह दो सौगातें मिलने पर किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत कर आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनप्रतिनिधियों की मांग पर आगर-मालवा जिले के बड़ोद क्षेत्र के कुछ गांवों के अटपटे से नाम बदलने का आश्वासन किया। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द वे स्वयं आगर-मालवा आएंगे और किसानों के बीच जाकर उनसे संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिल्ली-मुंबई सुपर एक्सप्रेस-वे से जुड़ने के बाद आगर-मालवा को विकास को नए पंख लगे हैं। अब राजस्थान के झालावाड़ से नया हाई-वे भी सीधे उज्जैन के बाबा महाकाल और नलखेड़ा की मां बगुलामुखी धाम को जोड़ेगा। इससे धार्मिक पर्यटन के लिए आने-जाने वाले श्रद्धालुओं और माल परिवहन में लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने उद्यानिकी फलदार पौधों के मूल्यांकन एवं मुआवजा राशि में वृद्धि कर दी है। इसके तहत हमने आगर-मालवा जिले के मशहूर ओडीओपी उत्पाद संतरे की फसल के लिए पूर्व निर्धारित दर 4500 प्रति वृक्ष को बढ़ाकर 17,500 प्रति वृक्ष कर दिया गया है। यह जिले के संतरा उत्पादक किसानों के लिए बड़ी सौगात है। राज्य सरकार ने भावांतर भुगतान योजना का लाभ सोयाबीन किसानों को दिया है। अब इस योजना में सरसो की फसल को भी शामिल कर किसानों को नई सौगात दी गई है। गेहूं उत्पादक किसानों को 40 रुपए प्रति क्विंटल का बोनस देकर सरकार 2625 रुपए मूल्य पर खरीदी कर रही है। तुअर की शत-प्रतिशत खरीदी के लिए भी हम प्रतिबद्ध हैं। आगर-मालवा विधायक मधु गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश का कोना-कोना सिंचाई सुविधाओं से लैस हो रहा है और आगर मालवा जिला भी इससे अछूता नहीं है। कृषि कल्याण वर्ष में जिले के किसानों की समृद्धि के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 200 करोड़ लागत की सिंचाई परियोजना और तालाब विकास कार्यों को मंजूर किया है। उन्होंने औद्योगीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए निवेशकों को आगर मालवा से ईकाई प्रारंभ करने के लिए आकर्षित किया है। अब जिले में फूड चेन मकेन कंपनी की स्थापना से यहां के हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि आगर मालवा में 18 हजार करोड़ रुपए की लागत से भगवान बैजनाथ धाम का निर्माण किया जा रहा है। आगर मालवा को गोकुल ग्राम, 2 नवीन महाविद्यालय और अनेकों गौशालाओं की सौगात मिली है। अभिनंदन समारोह में जिलाध्यक्ष ओम मालवीय, मेहरबान सिंह सहित आगर-मालवा जिले से बड़ी संख्या में आए किसान बंधु एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।