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मेवाड़ को मिली बड़ी रेल सुविधा, उदयपुर-सूरत वंदे भारत सप्ताह में 6 दिन चलेगी

 उदयपुर  मेवाड़ को सूरत से बेहतर रेल कनेक्टिविटी देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उदयपुर-असरवा वंदे भारत एक्सप्रेस का सूरत तक विस्तार अब 3 अक्टूबर से नियमित रूप से होगा। ट्रेन के सूरत तक विस्तार के निरस्त होने की आशंका के बाद नए प्रयास किए गए, जिसके बाद रेल मंत्रालय ने 3 अक्टूबर से इसके नियमित संचालन की घोषणा की है। यह ट्रेन मंगलवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलेगी। सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने बताया कि 2 अक्टूबर को शाम 5.30 बजे वंदे भारत ट्रेन उदयपुर पहुंचेगी। इसके बाद ट्रेन का ठहराव उदयपुर में ही रहेगा। 3 अक्टूबर को ट्रेन पूर्व घोषित समय-सारणी के अनुसार उदयपुर से सूरत के लिए रवाना होगी। ट्रेन के उदयपुर पहुंचने पर भव्य स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। सांसद ने ट्रेन के सूरत तक विस्तार की घोषणा के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया। रात 11 बजे सूरत पहुंचेगी ट्रेन समय-सारणी के अनुसार वंदे भारत एक्सप्रेस उदयपुर से दोपहर 3.35 बजे रवाना होगी। इसके बाद ट्रेन शाम 4.03 बजे जावर, 4.50 बजे डूंगरपुर, 5.27 बजे शामलाजी रोड, 6.18 बजे हिम्मतनगर और शाम 7.25 बजे असरवा पहुंचेगी। यहां से ट्रेन मणिनगर रात 8.58 बजे, आणंद 9.50 बजे और भरूच 10.22 बजे पहुंचेगी। इसके बाद रात 11 बजे ट्रेन सूरत पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन सूरत से सुबह 6.10 बजे रवाना होगी और दोपहर 1.40 बजे उदयपुर पहुंचेगी। इस तरह मेवाड़ से सूरत के बीच यात्रियों को सीधी वंदे भारत रेल सेवा उपलब्ध होगी। सूरत और दक्षिण भारत जाना होगा आसान वंदे भारत के सूरत तक विस्तार से व्यापार और रोजगार के सिलसिले में सूरत व दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी। वर्तमान में कई यात्रियों को उदयपुर से बस के जरिए सूरत पहुंचने के बाद आगे की रेल यात्रा करनी पड़ती है। बस और ट्रेन की समय-सारणी में सामंजस्य नहीं होने के साथ ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची के कारण भी यात्रियों को परेशानी होती है। अब उदयपुर से सूरत तक सीधी वंदे भारत सेवा मिलने से यात्रियों को कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। सूरत पहुंचने के बाद दक्षिण भारत की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए भी आगे की रेल यात्रा करना आसान होगा। इससे मेवाड़ क्षेत्र के यात्रियों को व्यापार, रोजगार और अन्य जरूरी यात्राओं के लिए बेहतर रेल सुविधा मिलने की उम्मीद है।  

₹4.41 करोड़ की लागत से 100 मीटर लंबा पुल बना, 8 गांवों की कनेक्टिविटी होगी बेहतर

बोकी-आरा मार्ग पर गिरमा नदी में पुल निर्माण पूर्ण, 8 गांवों को मिलेगा सीधा लाभ 4.41 करोड़ की लागत से 100 मीटर लंबे पुल का निर्माण हुआ पूरा रायपुर.  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में सड़क, पुल-पुलिया सहित अधोसंरचना विकास के कार्यों को गति मिल रही है। पहाड़ी एवं पठारी भौगोलिक क्षेत्र वाले जशपुर जिले में नदी-नालों पर उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ ही लोगों को वर्षभर आवागमन की सुविधा मिल रही है। इसी क्रम में बोकी-आरा मार्ग पर गिरमा नदी में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। करीब 100 मीटर लंबे इस पुल के निर्माण पर 4 करोड़ 41 लाख 33 हजार रुपये की लागत आई है। पुल के शुरू होने से क्षेत्र के 8 गांवों के 5 हजार से अधिक ग्रामीणों को बारहमासी आवागमन की सुविधा मिलेगी। बारिश में आवागमन की वर्षों पुरानी समस्या का हुआ समाधान गिरमा नदी पर उच्च स्तरीय पुल नहीं होने के कारण बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने पर बोकी-आरा मार्ग पर आवागमन प्रभावित हो जाता था। तेज बारिश के दौरान पानी का बहाव बढ़ने से ग्रामीणों को नदी पार करने और मुख्य मार्ग तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इससे विद्यार्थियों, किसानों, मरीजों, व्यापारियों और आम नागरिकों को परेशानी होती थी। अब पुल का निर्माण पूरा होने से बारिश के दौरान भी आवागमन सुगम और सुरक्षित रहेगा तथा लंबे समय से चली आ रही संपर्क बाधित होने की समस्या से ग्रामीणों को राहत मिलेगी। 8 गांवों के 5100 से अधिक ग्रामीणों को सीधा लाभ गिरमा नदी पर पुल बनने से बोकी, बालाछपर, कोरमकेरा, बिरोपानी, रनपुर, सालेकेरा, नारायणपुर और झिलमिली सहित 8 गांवों के 5100 से अधिक ग्रामीण सीधे लाभान्वित होंगे। इन गांवों के लोगों को मुख्य मार्ग से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। स्कूल, बाजार, अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। किसानों एवं व्यापारियों को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ ही समय और परिवहन लागत की बचत होगी। बेहतर सड़क संपर्क से क्षेत्र में आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है। रामरेखा धाम की ओर आवागमन होगा सुगम बोकी-आरा मार्ग पर गिरमा नदी में पुल बनने से झारखंड के प्रसिद्ध रामरेखा धाम की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए भी आवागमन सुगम होगा। रामरेखा धाम झारखंड के सिमडेगा क्षेत्र में स्थित प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। सीमावर्ती क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने से धार्मिक पर्यटन और स्थानीय आवागमन आसान होगी। उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण को मिल रही गति मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में नदी-नालों पर उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है। जिले में 22 उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें से 2 पुलों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि अन्य पुलों का निर्माण विभिन्न चरणों में प्रगतिरत है। पुल का निर्माण पूर्ण होने पर क्षेत्रवासियों एवं ग्रामीणों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने से आवागमन जोखिमपूर्ण हो जाता था और कई बार संपर्क भी बाधित हो जाता था। अब पुल के निर्माण से वर्षभर आवागमन की सुविधा मिलेगी, जिससे समय की बचत के साथ लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

बेटी के MBBS एडमिशन के लिए फर्जी डेथ सर्टिफिकेट? बर्खास्त AIG राजजीत का मामला

चंडीगढ. ड्रग्स मामले में पंजाब सरकार द्वारा बर्खास्त किए गए पीपीएस अधिकारी राजजीत सिंह हुंदल का विवादों से लंबे समय से नाता रहा है। राजजीत ने तो अपना डेथ सर्टिफिकेट (मृत्यु प्रमाण पत्र) भी बनवाया था। राजजीत अपनी सैटिंग के दम पर हमेशा ही महत्वपूर्ण पदों पर रहा और बर्खास्तगी से पहले तक एनआरआइ विंग का एआइजी हेडक्वार्टर के पद पर तैनात था। राजनीतिक पहुंच के कारण राजजीत पर कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन एसआइटी की रिपोर्ट खुलने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बर्खास्त कर दिया था। राजजीत सिंह सबसे पहले 2013 में विवादों में आया था। जब उसने अपनी बेटी का मेडिकल कालेज में एमबीबीएस में दाखिला करवाने के लिए खुद का ही मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लिया था।

स्कूल जाने की उम्र में तंबाकू की लत, 200 बच्चों की जांच में 10 से ज्यादा में ल्यूकोप्लाकिया के संकेत

 रांची राजधानी के जगन्नाथपुर स्थित राजकीयकृत उच्च विद्यालय में बच्चों के बीच तंबाकू सेवन के खतरनाक असर का मामला सामने आया है। स्कूल में आयोजित दंत एवं मुख स्वास्थ्य जांच शिविर में करीब 200 छात्र-छात्राओं की जांच की गई। जांच के दौरान 10 से अधिक बच्चों के गाल और मसूड़ों के अंदर सफेद धब्बे पाए गए। चिकित्सकों ने बताया कि ये सारे बच्चे वर्षों से तंबाकू सेवन कर रहे हैं जिससे ल्यूकोप्लाकिया जैसे कैंसर-पूर्व बदलाव के लक्षण मिले हैं। संबंधित बच्चों को आगे की विस्तृत जांच और चिकित्सकीय परामर्श के लिए रिम्स डेंटल इंस्टीट्यूट बुलाया गया है। शिविर का आयोजन रिम्स के दंत चिकित्सा संस्थान और इंडियन एकेडमी आफ ओरल मेडिसिन एंड रेडियोलाजी के द्वारा किया गया। रिम्स डेंटल कालेज के ओरल मेडिसिन एंड रेडियोलजी विभाग की एडिशनल प्रोफेसर डॉ. शांताला के नेतृत्व में चार इंटर्न डाक्टरों की टीम ने विद्यार्थियों की जांच की। टीम में अनामिका कुमारी, आंचल कच्छप, अक्षिता कुमारी और सेजल खंडेलवाल शामिल थीं। यह वीडियो भी देखें सफेद धब्बे दिखे तो न करें नजरअंदाज डॉ. शांताला ने बताया कि कुछ बच्चों के गाल और मसूड़ों में सफेद रंग के धब्बे मिले। जांच में इन बच्चों में तंबाकू सेवन की जानकारी भी सामने आई। ऐसे सफेद धब्बों को चिकित्सकीय रूप से ल्यूकोप्लाकिया कहा जा सकता है। अधिकतर स्थितियों में यह कैंसर से पहले होने वाला बदलाव का बड़ा रूप है, जो इतने छोटे बच्चों में पाया जाना आश्चर्य करने वाला है। लेकिन प्रारंभिक चरण में यह जानकारी मिली है, जिसका उपचार शत प्रतिशत संभव है। इसलिए अब इनकी आगे के इलाज को लेकर तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि समय रहते इसकी जांच हुई जिससे यह तथ्य सामने आया है। उन्होंने बताया कि यदि शुरुआती स्तर पर ही तंबाकू का सेवन पूरी तरह बंद कर दिया जाए और चिकित्सकीय सलाह ली जाए तो आगे होने वाले नुकसान को रोकने में मदद मिल सकती है। संबंधित बच्चों को रिम्स डेंटल इंस्टीट्यूट में आगे की जांच के लिए बुलाया गया है। बच्चों को बताया तंबाकू से होने वाला नुकसान जांच के बाद स्कूल के सभी बच्चों के लिए जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। इसमें बीड़ी, सिगरेट, गुटखा और खैनी समेत तंबाकू उत्पादों के सेवन से होने वाले नुकसान की जानकारी दी गई। डाक्टरों ने बताया कि तंबाकू का सेवन मुंह की अंदरूनी सतह को प्रभावित कर सकता है और लंबे समय तक सेवन से गंभीर मुख रोगों का खतरा बढ़ सकता है। विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने, संतुलित आहार लेने और नियमित रूप से दांतों एवं मुंह की सफाई करने की सलाह दी गई। बच्चों में तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता पैदा करना और उन्हें शुरुआती उम्र से ही तंबाकू से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया। बच्चों ने खुल कर कहा वे तंबाकू का सेवन करते हैं स्कूल के इन छोटे बच्चों ने बिना संकोच के तंबाकू का सेवन करने की बात स्वीकारी। इनकी मासूमियत इतनी थी कि इन्हें यह तक पता नहीं है कि तंबाकू के नुकसान क्या है, जबकि वे इसे हर दिन आम खाने की चीजों में शामिल किए हुए हैं। डॉक्टरों ने बताया कि ये बच्चे पिछले चार-पांच वर्षों से तंबाकू का सेवन करते आ रहे हैं जिससे इन्हें परेशानी हुई है। स्कूल प्रबंधन की ओर से इन बच्चों की जांच कराने का आग्रह किया गया था, जिसमें इन बच्चों के गलत खानपान और मुंह से बदबू आने की शिकायत मिली थी। महत्वपूर्ण बिंदु :     मुंह में सफेद या लाल धब्बा, घाव या जलन दो सप्ताह से अधिक रहे तो दंत चिकित्सक से जांच करानी चाहिए।     बच्चों और किशोरों में तंबाकू की शुरुआत रोक भविष्य में मुंह के कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है।     नियमित दंत एवं मुख जांच से मुंह में होने वाले असामान्य बदलावों की शुरुआती पहचान संभव है।     बच्चों में इस तरह से कैंसर के लक्षण मिलना चिंताजनक है, बच्चे ही देश का भविष्य हैं। लेकिन यह प्रारंभिक जांच में संकेत मिले है जिसका पूर्ण रूप से इलाज संभव है। सरकार सभी स्कूलों व कालेजों में विशेषज्ञ टीमों द्वारा कैंसर स्क्रीनिंग कैंप लगायेगी और तंबाकू व अन्य नशीले पदार्थ के नुकसान को गंभीरता से बताएगी। अगर कोई भी कैंसर से पीड़ित पाया जाता है तो सरकार की ओर से पूरा इलाज निश्शुल्क किया जाएगा। -डॉ. इरफान अंसारी, स्वास्थ्य मंत्री।     जब स्कूल जाने की उम्र में बच्चों के मुंह में कैंसर-पूर्व बदलाव दिखने लगें, तो यह सिर्फ बच्चों की गलती नहीं, बल्कि परिवार, स्कूल और समाज के लिए भी गंभीर चेतावनी है। ये बच्चे घर या आसपास बड़ों को तंबाकू का सेवन करते देख सिखते हैं। गुटखा, पान मसाला आदि की आसानी से उपलब्धता भी एक बड़ी चुनौती है। साथ ही इन्हें तंबाकू के नुकसान की जानकारी का अभाव है। -प्रो. डॉ. प्रशांत गुप्ता, एचओडी, ओरल मेडिसिन एंड रेडियोलाजी विभाग, रिम्स डेंटल कॉलेज।

छात्र हितों की रक्षा और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शासन प्रतिबद्ध: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि राज्य शासन के लिए छात्र हित सर्वोपरि है। इसी भावना के साथ शासन ने नर्सिंग विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए माननीय उच्च न्यायालय में अपना पक्ष मजबूती से रखा है। विद्यार्थियों की शिक्षा और उनके भविष्य की राह में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए राज्य शासन संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।  उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा बी.एससी. नर्सिंग के 15 हजार से अधिक विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। साथ ही लगभग 28 हजार विद्यार्थियों की आगामी परीक्षा भी शीघ्र आयोजित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि छात्र हितों की रक्षा और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शासन सदैव प्रतिबद्ध है।    उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा बी.एससी. नर्सिंग द्वितीय वर्ष परीक्षा – मार्च 2026, बी.एससी. नर्सिंग तृतीय वर्ष परीक्षा – जनवरी 2026 के परीक्षा परिणाम घोषित किए गए हैं।

अवैध मदिरा पर आबकारी विभाग की कार्रवाई तेज, 817 केस दर्ज और 309 गिरफ्तार

जयपुर आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देशानुसार प्रदेश में अवैध मदिरा निर्माण, भण्डारण, परिवहन एवं विक्रय पर रोकथाम के लिए चल रहे विशेष निरोधात्मक अभियान के तहत नाकाबंदी, गश्त, रेड की प्रभावी कार्यवाही जारी है। प्रदेश में वाॅश, हथकड़ मदिरा सहित अन्य राज्य की मदिरा पर भी कार्रवाई की जा रही है अब तक 2 लाख 67 हजार 266 लीटर वाॅश नष्ट किया गया है। 309 गिरफ्तार, 31 वाहन सीज आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देशन में विशेष निरोधात्मक अभियान के तहत 23 सितंबर 2026 तक विभिन्न कार्रवाई के तहत 817 अभियोग दर्ज किए गए है। प्रदेश में देशी मदिरा 5 लाख 72 हजार 310 रूपए लागत की 2102 लीटर, भारत निर्मित विदेशी मदिरा एक करोड़ 1 लाख 27 हजार 990 रूपए की 10126 लीटर, बीयर एक लाख 41 हजार 608 रूपए की 674 लीटर, हथकड़ शराब 7403 लीटर एवं स्प्रिट 350 लीटर जब्त किया गया है। इसी क्रम में वाॅश 2 लाख 67 हजार 266 लीटर नष्ट किया गया। प्रदेश में अभियान के तहत एक बड़ा वाहन, 7 चार पहिया वाहन, 23 दुपहिया वाहन सहित 31 वाहन जब्त किए है साथ ही अवैध मदिरा से संबंधित 309 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। नाकाबंदी, दबिश – अवैध मदिरा जब्त प्रदेश में आबकारी निरोधक दलों की कार्रवाई के तहत पाली में आबकारी टीम ने अनुज्ञाधारियों की शिकायत पर संबंधित क्षेत्रों में अवैध मदिरा कारोबारियों पर दबिश देते हुए बड़ी मात्रा में अंग्रेजी मदिरा, देशी मदिरा एवं बीयर जब्त करते हुए नियमानुसार अभियोग दर्ज किए। श्रीगंगानगर के रायसिंह नगर में दबिश देकर 4 हजार लीटर वाॅश नष्ट किया। इसी क्रम में सूरतगढ़ में दबिश देकर 20 लीटर अवैध मदिरा जब्त की गई। हनुमानगढ़ में आबकारी टीम ने दबिश कार्रवाई में 500 लीटर वाॅश सहित 2 भट्टियां नष्ट करते हुए 8 लीटर हथकड़ मदिरा, 53 देशी मदिरा के पव्वे, 10 बीयर बोतल जब्त की। मौके से 2 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। इसी प्रकार प्रदेश के समस्त जिलों में भी विशेष निरोधात्मक अभियान के तहत नाकाबंदी, दबिश व सघन गश्त की जा रही है। समस्त अतिरिक्त आबकारी आयुक्त जोन, आबकारी उपायुक्त, जिला आबकारी अधिकारी, आबकारी निरीक्षक एवं आबकारी निरोधक दल द्वारा अवैध मदिरा के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्यवाही की जा रही है।

NIA कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे 10 दोषी, फांसी को दी चुनौती

जगदलपुर. झीरम घाटी हत्याकांड में एनआईए कोर्ट ने 10 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ बचाव पक्ष के वकील अरविंद चौधरी ने दोषियों के परिजनों से चर्चा के बाद हाईकोर्ट में अपील दाखिल की है। अब बचाव पक्ष को हाईकोर्ट की ओर से आगे की प्रक्रिया के लिए नोटिस का इंतजार है। दरअसल, किसी निचली अदालत के फैसले से असहमति होने पर संबंधित पक्ष ऊपरी अदालत में अपील कर सकता है। इसी कानूनी प्रक्रिया के तहत अब झीरम मामले का फैसला हाईकोर्ट के सामने चुनौती रूप में पहुंचा है। हाईकोर्ट पहले अपील की प्रक्रिया पर विचार करेगा और इसके बाद संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर उनका पक्ष सुना जा सकता है। यानी फिलहाल मामला अपील दाखिल होने के चरण में है, अभी हाईकोर्ट ने इस अपील पर अंतिम फैसला नहीं दिया है। अब हाईकोर्ट के नोटिस का इंतज़ार है।

राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

युवा शक्ति विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री ने कहा – सेवा, अनुशासन और नेतृत्व के संस्कार देकर जिम्मेदार नागरिक तैयार कर रही राष्ट्रीय सेवा योजना सेवा संकल्प अभियान में बड़ी भूमिका निभाएं एनएसएस स्वयंसेवक : स्वच्छता, रक्तदान, वृक्षारोपण, जल संरक्षण और नशामुक्ति के लिए समाज को करें प्रेरित युवाओं के लिए शिक्षा, शासकीय सेवा, रोजगार, स्टार्टअप, एआई और खेल के क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे अवसर मुख्यमंत्री एआई मिशन के माध्यम से छह लाख विद्यार्थियों को दिया जाएगा एआई प्रशिक्षण, मिशन के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान वर्ष 2030 तक प्रदेश में 5 हजार स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य, युवा केवल नौकरी पाने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले भी बनें : मुख्यमंत्री साय नई औद्योगिक विकास नीति में स्थानीय युवाओं के रोजगार को प्राथमिकता, डेढ़ वर्षों में मिले 8.25 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्रदेश में तैयार हो रहे नालंदा परिसर, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को मिलेगा बेहतर वातावरण मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले एनएसएस स्वयंसेवकों को किया सम्मानित रायपुर  युवा शक्ति विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, नवाचार की क्षमता और सेवा भावना को सही दिशा देकर समाज और राष्ट्र में बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं में सेवा, अनुशासन, नेतृत्व, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना के स्थापना दिवस पर सभी स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं दीं और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवा कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन उच्च शिक्षा विभाग के राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना आज देश के लाखों युवाओं को समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने वाला व्यापक अभियान बन चुकी है। एनएसएस से जुड़ने वाला युवा केवल गतिविधियों में भाग नहीं लेता, बल्कि समाज और अपने आसपास की परिस्थितियों को अधिक संवेदनशीलता से समझना सीखता है। लोगों की समस्याओं को समझना, जिम्मेदारी लेना, टीम के साथ कार्य करना और समाधान के लिए स्वयं आगे आना – ये ऐसे संस्कार हैं, जो युवाओं को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सक्षम बनाते हैं। उन्होंने कहा कि सेवा के किसी कार्य को छोटा नहीं समझना चाहिए। कई बार एक युवा द्वारा किया गया छोटा-सा प्रयास भी पूरे समाज को प्रेरित कर सकता है। किसी गांव में स्वच्छता के लिए पहल करना, जरूरतमंद के लिए रक्तदान करना, पौधा लगाकर उसकी देखभाल करना, जल संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करना अथवा किसी व्यक्ति को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना – ऐसे प्रयास समाज में बड़े परिवर्तन की नींव बनते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में और अधिक सक्रिय भागीदार बनाने के उद्देश्य से ‘मेरा युवा भारत’ जैसा व्यापक मंच तैयार किया गया है। इसके माध्यम से युवाओं को नेतृत्व, कौशल विकास और अनुभव आधारित सीख के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया का उल्लेख करते हुए कहा कि वे स्वयं अपने विद्यार्थी जीवन में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक रहे हैं। यह इस बात का उदाहरण है कि एनएसएस से मिले सेवा और नेतृत्व के संस्कार जीवन में कितनी दूर तक साथ चलते हैं। सेवा संकल्प अभियान में बड़ी भूमिका निभाएं युवा मुख्यमंत्री साय ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वर्तमान में प्रदेश में चल रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि एनएसएस और सेवा संकल्प अभियान की मूल भावना एक ही है – सेवा के लिए स्वयं आगे आना और समाज को भी सेवा कार्यों से जोड़ना। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में उनके जन्मदिन 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश में एक माह का सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। एनएसएस के युवा स्वच्छता, रक्तदान, वृक्षारोपण, जल संरक्षण, नशामुक्ति और स्वास्थ्य जागरूकता जैसे विषयों को जनआंदोलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों से अपने महाविद्यालय और विश्वविद्यालय परिसर के साथ-साथ गांवों, बस्तियों और शहरों में भी लोगों को इन अभियानों से जोड़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि युवाओं में समाज को प्रेरित करने की अपार क्षमता है। जब युवा किसी अच्छे उद्देश्य के लिए आगे आते हैं तो उनके साथ परिवार, समाज और समुदाय भी जुड़ता है। इसलिए एनएसएस स्वयंसेवकों की एक छोटी पहल भी व्यापक और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बन सकती है। युवाओं का भरोसा मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा सामर्थ्य यहां के युवा हैं। राज्य सरकार युवाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप शिक्षा, शासकीय सेवा, रोजगार, उद्यमिता, खेल और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में अवसरों का लगातार विस्तार कर रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं के मन में भर्ती परीक्षाओं के प्रति भरोसा मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता रही है। तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया गया है। भर्ती परीक्षाओं में नकल और अनुचित साधनों के इस्तेमाल को रोकने के लिए सख्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि मेहनत और प्रतिभा के आधार पर योग्य युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस विभाग में लगभग 7 हजार युवाओं की भर्ती की गई है। व्याख्याता, शिक्षक और सहायक शिक्षक के पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। बिजली कंपनियों में भी 1 हजार 235 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है, जिससे इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा सहित अलग-अलग योग्यताओं वाले युवाओं के लिए नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 430 लैब अटेंडेंट को नियुक्ति … Read more

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने खर्राघाट में किया श्रमदान, ₹29.99 करोड़ के कार्यों की शुरुआत

सेवा संकल्प अभियान : खर्राघाट में 29.99 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने स्वच्छता अभियान में किया श्रमदान, केलो नदी में डुबकी लगाकर किया नमन केलो तट के स्थायी विकास की बड़ी पहल, 8.50 एकड़ में बनेगा ऑक्सीजोन शनि मंदिर से खर्राघाट तक 2 किलोमीटर क्षेत्र का होगा कायाकल्प, पाथवे, घाट, हरित क्षेत्र और स्वास्थ्य सुविधाएं होंगी विकसित रायपुर,   सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान’ पहल के तहत रायगढ़ में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और शहरी अधोसंरचना विकास को एक साथ जोड़ते हुए केलो नदी तट के स्थायी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने गुरुवार को खर्राघाट में 29.99 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों के साथ स्वच्छता अभियान में स्वयं श्रमदान कर जनभागीदारी का संदेश दिया। परियोजना के तहत शनि मंदिर से खर्राघाट तक करीब 2 किलोमीटर क्षेत्र का विकास करने के साथ खर्राघाट में लगभग 8.50 एकड़ क्षेत्र में ऑक्सीजोन विकसित किया जाएगा। सेवा मेरा योगदान के तहत खर्राघाट और आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता अभियान चलाया गया। वित्त मंत्री चौधरी ने स्वयं श्रमदान करते हुए कहा कि स्वच्छता किसी एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की निरंतर जिम्मेदारी है। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने नागरिकों से केलो नदी, घाटों और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने का आह्वान किया। इस दौरान वित्त मंत्री चौधरी ने केलो नदी में डुबकी लगाकर नदी को नमन किया। उन्होंने कहा कि केलो नदी केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि रायगढ़ की पहचान, आस्था और संस्कृति से जुड़ी हुई है। इसी भावना के साथ नदी और इसके तटों को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए स्थायी विकास की दिशा में कार्य किया जा रहा है। खर्राघाट बनेगा हरियाली, स्वास्थ्य और मनोरंजन का नया केंद्र वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि खर्राघाट का विकास केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं रहेगा। इसे ऐसा सुव्यवस्थित सार्वजनिक क्षेत्र बनाया जाएगा, जहां नागरिकों को प्रकृति के बीच बेहतर वातावरण के साथ स्वास्थ्य और मनोरंजन से जुड़ी सुविधाएं भी मिल सकें। यहां ऑक्सीजोन, सुव्यवस्थित घाट, पैदल पथ, व्यायाम की सुविधाएं तथा मॉर्निंग और नाइट वॉक के लिए बेहतर स्थान विकसित किए जाएंगे। परिवारों के साथ समय बिताने के लिए भी सुविधाजनक सार्वजनिक क्षेत्र तैयार होगा। उन्होंने बताया कि खर्राघाट से शनि मंदिर की दिशा में आगे मरीन ड्राइव विकसित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। इससे आने वाले समय में केलो नदी तट का सुव्यवस्थित और चरणबद्ध विकास हो सकेगा। शनि मंदिर से खर्राघाट तक 2 किलोमीटर क्षेत्र का होगा कायाकल्प परियोजना के अंतर्गत शनि मंदिर से खर्राघाट पुल तक करीब 2 किलोमीटर सड़क का सुदृढ़ीकरण एवं उन्नयन किया जाएगा। सड़क के साथ नाली निर्माण, पैदल पथ और नदी तट का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। पचरी घाट का नवीनीकरण एवं सुधार होगा तथा घाट को पाथवे से जोड़ने के लिए संपर्क मार्ग विकसित किया जाएगा। शनि मंदिर के पास तिराहे का चौड़ीकरण कर यातायात व्यवस्था को भी बेहतर बनाया जाएगा। खर्राघाट में करीब 8.50 एकड़ क्षेत्र में ऑक्सीजोन विकसित होगा। यहां सघन पौधरोपण के साथ पार्किंग, पाथवे, घाट तथा व्यायाम और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। ऑक्सीजोन और घाट के बीच सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा पुल के नीचे अंडरपास यानी बॉक्स कल्वर्ट भी बनाया जाएगा। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ में विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र के विस्तार को भी प्राथमिकता दी जा रही है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में गार्डन और ऑक्सीजोन विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने आने वाले पांच वर्षों में रायगढ़ में 10 से अधिक ऑक्सीजोन विकसित करने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि खर्राघाट का ऑक्सीजोन इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। 29.99 करोड़ की स्वीकृति, दो वर्ष में पूरा होगा कार्य परियोजना के लिए सीएसआर मद से 29.99 करोड़ रुपये की प्रशासकीय एवं तकनीकी स्वीकृति प्रदान की गई है। कार्य की अनुबंधित राशि 26.39 करोड़ रुपये है। इसका कार्यादेश 24 जून 2026 को जारी किया गया है और कार्य को दो वर्ष की अवधि में पूरा किया जाना है। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि प्रयास होगा कि परियोजना को निर्धारित समय-सीमा से पहले पूरा कर नागरिकों को समर्पित किया जाए। लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से स्वच्छता और विकास को जनभागीदारी से जोड़ा जा रहा है। खर्राघाट में श्रमदान के साथ स्थायी विकास कार्यों की शुरुआत इसका उदाहरण है। केलो नदी और इसके घाट रायगढ़ की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनके विकास से शहरवासियों को बेहतर सार्वजनिक स्थान और सुविधाएं उपलब्ध होंगी। राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने रायगढ़ में हरित क्षेत्र बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि औद्योगिक गतिविधियों के बीच पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण है। ऑक्सीजोन और अन्य हरित क्षेत्रों के विकास से नागरिकों को बेहतर वातावरण उपलब्ध होगा। नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कि खर्राघाट रायगढ़ के प्रमुख नदी तटों में शामिल है। यहां स्वच्छता अभियान के साथ स्थायी विकास कार्यों की शुरुआत शहर के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। परियोजना पूरी होने पर नागरिकों को बेहतर घाट, हरित क्षेत्र, पैदल भ्रमण तथा स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों के लिए नई सुविधाएं मिलेंगी। ‘लोकल फॉर वोकल’ प्रदर्शनी का किया अवलोकन कार्यक्रम के दौरान सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘लोकल फॉर वोकल’ प्रदर्शनी भी लगाई गई। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों और गतिविधियों की जानकारी ली तथा विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर सभापति डिग्रीलाल साहू, सुभाष पाण्डेय, मनीष कंकरवाल, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी सहित जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन एवं नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

‘तुष्टीकरण के चलते अखिलेश नहीं देते ‘बाबू जी’ को श्रद्धांजलि’: संदीप सिंह

‘सत्ता में रहते नहीं की लोधी समाज की चिंता, आज वोट के लिए पी रहे हैं चाय’: अखिलेश पर बरसे मंत्री संदीप सिंह ‘तुष्टीकरण के चलते अखिलेश नहीं देते ‘बाबू जी’ को श्रद्धांजलि’: संदीप सिंह ‘जिस सड़क से अखिलेश जाएंगे, वह BJP सरकार ने बनाई है’- PDA रथ यात्रा पर संदीप सिंह का तीखा प्रहार PDA रथ यात्रा पर संदीप सिंह का पलटवार, लोधी समाज और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर अखिलेश को घेरा लखनऊ,   समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की रथ यात्रा को लेकर योगी सरकार में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने निशाना साधा है। उन्होंने यूपी की सड़कों, लोधी समाज के प्रति अखिलेश यादव का झुकाव और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सपा प्रमुख पर कई सवाल उठाए। मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव जिन सड़कों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं, उन्हीं सड़कों से उनके आलीशान रथ की यात्रा हो रही है और ये सड़कें भाजपा सरकार ने बनवाई हैं। ‘जिस सड़क से अखिलेश जाएंगे, वो BJP सरकार ने बनाई है’ संदीप सिंह ने कहा, “अखिलेश यादव अक्सर सवाल उठाते रहे कि यूपी की सड़कों की व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। लेकिन जिस सड़क से अखिलेश यादव अपने आलीशान रथ से जाएंगे, वो सड़कें यूपी की भाजपा सरकार द्वारा बनाई गई है और पूरी तरह से गड्ढामुक्त हैं।” बता दें कि अखिलेश यादव अपनी PDA रथ यात्रा रायबरेली से शुरू कर रहे हैं। इस दौरान वो सपा विधायक राहुल लोधी के घर चाय पीने जाएंगे। इसे सपा द्वारा लोधी समाज को अपने पक्ष में जोड़ने के तौर पर देखा जा रहा है। जिसको लेकर मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव ने आज लोधी समाज के व्यक्ति के यहां जाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि ये पूरी तरह से बताता है कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव वोट लेने के लिए पिछड़े वर्ग को, लोधी समाज को खासकर चुनाव के समय साधने का प्रयास कर रहे हैं। उन्हें बरगलाने का प्रयास कर रहे हैं। चुनाव के वक्त अखिलेश यादव और उनके लोग लोधी समाज को लुभाने का प्रयास करते हैं।” ‘'बाबू जी'’ के निधन पर अखिलेश यादव श्रद्धांजलि देने नहीं पहुंचे’ मंत्री संदीप सिंह ने आरोप लगाया कि आज अखिलेश यादव को लोधी समाज की चिंता है लेकिन हमारे बाबू जी(पूर्व सीएम कल्याण सिंह) का जब देहांत हुआ तो अखिलेश यादव बाबू जी को श्रद्धा सुमन अर्पित करने और अंतिम यात्रा में शामिल नहीं हुए थे । उन्होंने बाबू जी की पुण्यतिथि पर भी उन्हें कभी याद नहीं किया।” संदीप सिंह ने कहा, “अखिलेश यादव अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए, तुष्टीकरण की राजनीति करने के लिए बाबू जी को श्रद्धांजलि तक नहीं देते। ऐसा करते तो शायद उनका वोट बैंक नाराज हो जाता। लेकिन आज सिर्फ एक कप चाय पीकर वो लोधी समाज को अपनी तरफ आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं।” मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि जब अखिलेश यादव सत्ता में होते हैं तब उन्हें लोधी समाज की चिंता नहीं होती। तब इन्हें लोधी समाज याद नहीं आता। उन्होंने कहा कि लोधी समाज हमेशा भाजपा से जुड़ा रहा है। सपा के झांसे में नहीं आने वाला। ‘चुनाव नजदीक आते ही विपक्षी दलों को पिछड़े वर्ग की याद आती है’ संदीप सिंह ने कहा, “आज फिर से चुनाव नजदीक है तो विपक्षी दलों को पिछड़े वर्ग की याद आ रही है। दशकों तक सपा-कांग्रेस ने यही किया है। पूरे प्रदेश में जाति का जहर घोला है।” उन्होंने आरोप लगाया, “अखिलेश यादव ने अपने बड़बोले नेताओं से महिलाओं को, दलितों को, पिछड़े वर्ग के नेताओं को, महापुरुषों को गाली दिलवाने का काम किया है। उनके साथ सबसे बड़ी दिक्कत यही है कि वे समय-समय पर पीसी के जरिए समाज में जहर घोलने का काम करते हैं।” संदीप सिंह ने आरोप लगाया कि पिछड़ों को अधिकार दिलाने की बात जब आती है तो अखिलेश यादव उस समय कहीं और नजर आते हैं। सत्ता में रहते अखिलेश यादव पिछड़े वर्ग के साथ नहीं खड़े होते। अपराध के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव को घेरा संदीप सिंह ने कहा, “आज देश की जनता जागरूक है, जातिवाद के जहर से खुद को मुक्त करना चाहती है तो अखिलेश यादव फिर से लोगों को भ्रमित करने निकले हैं।” यूपी में अपराध को लेकर अखिलेश यादव के आरोपों पर भी संदीप सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “सपा प्रमुख के मुताबिक यूपी में अपराध चरम सीमा पर पहुंच गया है। लेकिन 2017 से पहले यूपी के हालात को भूल गए हैं। आज यूपी में सबसे ज्यादा अपराध कौन कर रहा है इसे वे खुद देख लें।” उन्होंने कहा, “आज अपराधी अपने असली ठिकाने पर पहुंचाए जा रहे हैं। आज अपराधियों पर एक्शन होता है तो अखिलेश यादव उसे शहीद बता देते हैं। योगी सरकार में कोई भी अपराधी सुरक्षित नहीं है। उसे उनके ठिकाने तक पहुंचाया जा रहा है।”