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जनगणना का नया डिजिटल रूप: घर बैठे दें 33 प्रश्नों के उत्तर, 1 मई से शुरू प्रक्रिया

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन की एक मांग को जनगणना निदेशालय मान लेता है तो मजरे-टोलों में रहने वालों लोगों की अलग से जानकारी सामने आ जाएगी। इसका लाभ जल जीवन मिशन जैसी कई योजनाओं को लेकर नीति बनाने में होगा। उन्होंने शुक्रवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में जनगणना-2027 को लेकर आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर प्रशिक्षण कार्यक्रम में रजिस्ट्रार जनरल व जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण के समक्ष यह बात कही। अनुराग जैन ने कहा कि जनगणना में मजरे-टोलों का कालम अलग से जोड़ दिया जाए तो मध्य प्रदेश ही नहीं आदिवासी बहुल जनसंख्या वाले दूसरे राज्यों को भी उतना ही लाभ होगा। बता दें, प्रदेश में एक लाख 27 हजार मजरे-टोले हैं। ये अधिकतर आदिवासी बहुल क्षेत्रों में ही होते हैं। प्रशिक्षण कार्यशाला को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मृत्युंजय कुमार ने संबोधित किया।   अनुराग जैन ने कहा कि जीआईएस सिस्टम से महत्वपूर्ण जानकारियां मिलेंगी। आंकड़े सही तरीके से फीड किए जाएंगे तभी जनगणना का परिणाम बेहतर मिलेगा। आमजन भी सही जानकारी दें। कई बार लोगों को लगता है कि संपत्ति संबंधी जानकारी नहीं बताने पर वह लाभ में रहेंगे। सरकारी योजनाओं से सहायता मिल सकती है, पर ऐसा नहीं है। इनबिल्ड एप गलतियां भी बताएंगे मृत्युंजय कुमार नारायण ने कहा कि देश में पहली बार डिजिटल माध्यम से जनगणना होगी, इसके लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म तैयार किया गया है। जनगणना में स्व-गणना का विकल्प भी पहली बार उपलब्ध कराया जा रहा है। नागरिक मोबाइल, लैपटाप और डेस्कटाप से जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इस बार जातिगत जनगणना भी होगी। जानकारी बहुत सावधानी से अंकित की जाए जिससे किसी तरह की गलती की आशंका नहीं रहे। उन्होंने बताया जनगणना के सॉफ्टवेयर में कुछ इनबिल्ड एप्लीकेशन भी हैं, जो कुछ हद तक फीडिंग की गलतियों से सतर्क करेंगे। दो चरणों में जानकारियां एकत्र की जाएंगी निदेशक जनगणना कार्तिकेय गोयल ने कहा कि मध्य प्रदेश में प्रथम चरण में मकानों की सूची तैयार करने का कार्य एक से 30 मई के बीच होगा। इसमें मकानों की स्थिति, सुविधाओं एवं परिसंपत्तियों का विवरण प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर एकत्रित किया जाएगा।द्वितीय चरण में जनसंख्या की गणना का कार्य फरवरी, 2027 में कराया जाना तय किया गया है। जनसंख्या की गणना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति की गणना की जाएगी। साथ ही, व्यक्तियों के संबंध में अन्य बिंदु जैसे आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति, धर्म, दिव्यांगता, मातृभाषा, साक्षरता, शैक्षणिक योग्यता, आर्थिक क्रियाकलाप, प्रवास और संतानों की जानकारी एकत्र की जाएगी। यह 33 सवाल पूछे जाएंगे भवन संख्या (नगरपालिका या स्थानीय प्राधिकरण या जनगणना संख्या), घर संख्या, फर्श की प्रमुख सामग्री, भवन की दीवार की प्रमुख सामग्री, भवन की छत, घर का उपयोग, घर की स्थिति, परिवार संख्या, घर में सामान्यतः रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या, मुखिया का नाम व लिंग, क्या परिवार का मुखिया एससी/एसटी/अन्य से संबंधित है, स्वामित्व की स्थिति, परिवार के स्वामित्व वाले आवासीय कमरों की संख्या, घर में रहने वाले विवाहित जोड़ों की संख्या, पीने के पानी का मुख्य स्रोत, पेयजल स्रोत की उपलब्धता, प्रकाश का मुख्य स्रोत, शौचालय है या नही, शौचालय का प्रकार, अपशिष्ट जल निकास, स्नान सुविधा, रसोई और एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता, खाना बनाने में मुख्य ईंधन, रेडियो/ट्रांजिस्टर, टेलीविजन, इंटरनेट तक पहुंच किस तरह है।

शंकराचार्य मुद्दे पर सियासी घमासान, अखिलेश ने योगी सरकार को घेरा

लखनऊ समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा सीएम योगी को लेकर दिए गए बयान से मैं सहमत हूं। राजधानी लखनऊ में पार्टी ऑफिस में पत्रकारों को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि कोई मुख्यमंत्री, जो अपने आप को योगी कह रहे हों, पूजनीय शंकराचार्य को लेकर ऐसा कह सकते हैं क्या? इतना व्यवहार खराब हो सकता है? अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि हम शंकराचार्य से 100 प्रतिशत सहमत हैं। रविवार को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले नसीमुद्दीन सिद्दीकी समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल हो गए। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सिद्दीकी को सपा की सदस्यता ग्रहण कराई। उनके साथ उनकी पत्नी और 7 अन्य नेताओं ने भी रविवार को समाजवादी पार्टी का दामन थामा। नसीमुद्दीन सिद्दीकी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। मायावती का साथ छोड़ने के बाद उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन की थी। पिछले महीने उन्होंने कांग्रेस से भी इस्तीफा दे दिया था। सिद्दीकी ने अखिलेश यादव की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि मैं अलग-अलग दलों में रहते हुए भी हमेशा मुलायम सिंह यादव से प्रभावित रहा। इसी तरह मैंने हमेशा अखिलेश यादव को ही अपना नेता माना। पिछले महीने, नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को इस्तीफा भेजकर पार्टी छोड़ने का कारण व्यक्तिगत बताया था। अपने लिखित इस्तीफा पत्र में सिद्दीकी ने कहा कि वे 'अपरिहार्य कारणों' से अपनी प्राथमिक सदस्यता और सभी संगठनात्मक जिम्मेदारियों का त्याग कर रहे हैं। नसीमुद्दीन सिद्दीकी उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक जाना-पहचाना चेहरा हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत बसपा से की और मायावती सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाला।

DU विवाद में मेघा ने तोड़ी चुप्पी, कहा- यह व्यक्तिगत समर्थन था, किसी संगठन से संबंध नहीं

नई दिल्ली डीयू में हुए विवादित घटनाक्रम के बाद वायरल वीडियो को लेकर यूट्यूबर मेघा ने अपना पक्ष रखा है। मेघा ने कहा कि उन्होंने 'ब्रह्मणवाद जिंदाबाद' का नारा अपनी पत्रकार मित्र रुचि तिवारी के समर्थन में लगाया था, जिसे निशाना बनाया गया। मेघा ने स्पष्ट किया कि उनका किसी छात्र संगठन से कोई संबंध नहीं है और उन्होंने जातियों से ऊपर उठकर हिंदू एकता बनाए रखने की अपील की। मेघा के अनुसार पूरा मामला तब शुरू हुआ जब पेशे से पत्रकार उनकी मित्र रुचि तिवारी डीयू इलाके में मौजूद थीं। उसी दौरान जेएनयू के कुछ छात्र वहां यूजीसी के समर्थन में प्रदर्शन करने पहुंचे। मेघा ने कहा कि प्रदर्शन करना किसी का अधिकार है, लेकिन आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने उनकी मित्र से उनका सरनेम, जाति और गोत्र पूछे और ब्राह्मण होने के कारण उन्हें निशाना बनाया। मेघा का दावा है कि उनकी मित्र के साथ सड़क पर बदसलूकी की गई, जिसके बाद वे लोग मॉरिस नगर थाने पहुंचे। पुलिस ने कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया, लेकिन मेघा का कहना है कि सभी जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान उनके समूह पर भी दबाव बनाया गया और उन्हें किनारे करने की कोशिश की गई। मेघा ने कहा कि इसी स्थिति में उन्होंने ब्राह्मण समुदाय के समर्थन में नारे लगाए। उन्होंने बताया कि वे स्वयं ब्राह्मण नहीं हैं, लेकिन किसी भी समुदाय के साथ अन्याय होने पर उसके समर्थन में खड़े होना जरूरी है। मेघा ने लोगों से जाति के आधार पर विभाजन से बचने और धर्म के आधार पर एकजुट रहने की अपील की। मेघा ने अपने बयान में एबीवीपी और डीयू से किसी भी प्रकार के संबंध से इनकार किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनके खिलाफ यह प्रचार कर रहे हैं कि वे एबीवीपी से जुड़ी हैं या डीयू की छात्रा हैं, जबकि वे एक स्वतंत्र रिपोर्टर हैं और चाहें तो अपना प्रेस कार्ड दिखा सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आइसा के कुछ नेताओं द्वारा उनके खिलाफ गलत जानकारी फैलाई जा रही है। मेघा ने आरोप लगाया कि देश में जातियों के आधार पर समाज को बांटने का एक बड़ा एजेंडा चल रहा है। पिछले वर्षों में जो हिंदू एकता बनी थी, उसे तोड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने ब्राह्मण, क्षत्रिय, शूद्र और वैश्य को 'चार भाई' बताते हुए एकजुट रहने का आह्वान किया। मेघा ने जेएनयू की विचारधारा पर भी तीखी टिप्पणी की और कहा कि कुछ नारे और गतिविधियां देशविरोधी मानसिकता को दर्शाती हैं। उन्होंने दावा किया कि ऐसी सोच देश के लिए हानिकारक है और समाज में विभाजन पैदा करती है। यूजीसी से जुड़े मुद्दे पर बोलते हुए मेघा ने कहा कि यदि नई व्यवस्था लागू होती है तो जातिवाद बढ़ सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि सामाजिक विभाजन बढ़ने से समाज कमजोर होगा और बाहरी चुनौतियां मजबूत होंगी। मेघा ने सरकार से अन्य मुद्दों, जैसे जनसंख्या नियंत्रण, एंटी-कन्वर्जन कानून और अन्य नीतिगत मामलों पर भी ध्यान देने की बात कही। मेघा ने कहा कि लोगों को जाति के आधार पर नहीं, बल्कि एक बड़े सामाजिक और सांस्कृतिक ढांचे के रूप में एकजुट रहना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि उनका उद्देश्य किसी संगठन का समर्थन करना नहीं, बल्कि अपने मित्र के समर्थन में खड़ा होना और समाज में एकता का संदेश देना था।

मामूली विवाद से मर्डर तक: रोहिणी में टोपी को लेकर युवक की हत्या, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने किया चौंकाने वाला खुलासा

नई दिल्ली मुख्य आरोपी ने इस दौरान दूसरे लड़के से कहा कि वह पीड़ित को पकड़कर रखने के लिए कहा और चाकू से गोद दिया। इस दौरान आरोपियों ने पीड़ित को धमकाया कि वह इसबारे में अपने परिवारवालों को कुछ न बताए। उत्तर-पश्चिम दिल्ली के रोहिणी इलाके में टोपी को लेकर हुए झगड़े के दौरान एक लड़के को कथित तौर पर चाकू मारा दिया गया। अस्पताल में ईलाज के दौरान दो दिन बाह ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में एक नाबालिग को गिरफ्तार किया है जबकि मुख्य आरोपी परिवार संग फरार है। आरोपियों ने पीड़ित को धमकाया था कि वह अपने ऊपर हमले के बारे में किसी को न बताए। दरअसल मामला 11 फरवरी का जब तीनों छत पर बैठे थे। इस दौरान एक लड़के ने पीड़ित की टोपी छीन ली और साथ ही उसे वापस करने से भी इनकार किया जिससे बहस शुरू हो गई। इस दौरान बहस ने हिंसक रूप ले लिया। मुख्य आरोपी ने इस दौरान दूसरे लड़के से कहा कि वह पीड़ित को पकड़कर रखने के लिए कहा और चाकू से गोद दिया। इस दौरान आरोपियों ने पीड़ित को धमकाया कि वह इसबारे में अपने परिवारवालों को कुछ न बताए और यह कहे कि लोहे की रॉड पर गिरने से उसे चोट लगी है। उन्होंने उसे इलाज कराने का आश्वासन भी दिया। डर के मारे पीड़ित ने शुरू में अपने परिवार से यही झूठ बोला। पीड़ित और मुख्य आरोपी परिवार संग विजय विहार में एक ही बिल्डिंग में रहते हैं। पीड़ित को धमकाया था कि वह अपने ऊपर हमले के बारे में किसी को न बताए। पोस्टमार्टम में ऐसे खुली पोल पुलिस के मुताबिक पीड़ित बेहद डर गया था। यह मामला तब सामने आया जब घायल लड़के को 11 फरवरी को बीएसए अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुरुआत में उसने डॉक्टरों को बताया कि वह अपने घर की छत से लोहे की रॉड पर गिर गया था। इसके बाद 13 जनवरी को ईलाज के दौरान पीड़ित ने दम तोड़ दिया। 14 फरवरी को पोस्टमार्टम किया गया तो सामने आया कि घाव किसी धारदार हथियार से किया गया है। मुख्य आरोपी अब भी फरार हत्या की आशंका होने पर विजय विहार थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ लिया तो मुख्य आरोपी अब भी फरार है जिसकी तलाश जारी है। क्राइम और फॉरेंसिक टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर सबूत इकट्ठा कर लिए हैं और मामले की आगे की जांच जारी है।  

मुख्यमंत्री, डबरा में नवग्रह शक्तिपीठ के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में हुए शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को ग्वालियर जिले के डबरा में नवग्रह शक्तिपीठ के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में सहभागिता की। महाशिवरात्रि के अवसर पर नवग्रह शक्तिपीठ परिसर ओम नम: शिवाय से गूंज उठा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवग्रह मंदिर में दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डबरा में निर्मित यह नवग्रह शक्तिपीठ एक अद्भुत धाम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश सरकार की ओर से सभी का अभिनंदन करते हुए महाशिवरात्रि पर्व की उपस्थितजन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर डबरा के शक्तिपीठ में उपस्थित होना सौभागय का विषय है। उन्होंने कहा कि डॉ. नरोत्तम मिश्र द्वारा इस नवग्रह शक्तिपीठ का निर्माण कर अद्भुत और प्रेरणादायी संकल्प को साकार किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुमार विश्वास का अभिदनंदन करते हुए कहा कि उन पर मां सरस्वती की कृपा सदैव बरसती है। वे समाज को प्रेरणा देने का कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्रीराम द्वारा वनवास प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि इतना समृद्ध राज्य छोड़कर संसाधनों के अभाव में भी दो राजकुमारों द्वारा रामराज्य का स्वप्न देखना साहस, धैर्य और आदर्श का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान राम द्वारा स्वयंवर के समय विराट रूप के दर्शन करवाए गये जिसके साक्षी दुनिया के अनेक शासक भी थे। निश्चित ही यह प्रसंग युवा शक्ति के समाजहित में उपयोग की दृष्टि से भी अध्ययन और शोध का विषय है। पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने नवग्रह शक्तिपीठ के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि डबरा में इस प्रकल्प के पूर्ण होने और संतों के समागम का अवसर सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डबरावासियों की भावना का सम्मान करते हुए सहभागिता की है। डॉ. मिश्र ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित अन्य अतिथियों को साफा बांधकर और अंगवस्त्र भेंट कर उनका सम्मान भी किया। कुमार विश्वास ने कथा वाचन द्वारा अनेक पौराणिक प्रसंग सुनाए। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, सांसद विष्णुदत्त शर्मा, सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

स्कूल में दरिंदगी: मासूम छात्र का जबड़ा तोड़ा, दर्द में जिंदगी—शिक्षक और प्राचार्य कटघरे में

गुरुग्राम पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने बताया है कि मेडिकल जांच के दौरान बच्चे के बाएं जबड़े के जोड़ और दांतों की जड़ों में फ्रैक्चर पाया गया है, जिसके वजह से चेहरे पर काफी सूजन है और वह ज्यादा दर्द के चलते कुछ खा भी नहीं सकता है।   गुरुग्राम के भोंडसी में स्नेह विहार स्थित एक स्कूल में पढ़ने वाला आठवीं कक्षा का छात्र लिक्विड डाइट (तरल आहार) पर रहने को मजबूर है। ऐसा इसलिए क्योंकि आरोप है कि स्कूल में तीन टीचर और प्रिंसिपल ने उसकी इतनी पिटाई की कि उसके जबड़े के जोड़ और दांतों की जड़ों में फ्रैक्चर हो गया। डॉक्टरों ने बच्चे को सलाह दी है कि वह सिर्फ लिक्विड डाइट पर ही रहे। पुलिस ने बताया है कि बच्चे का सेक्टर 10ए स्थित सिविल अस्पताल में ईलाज चल रहा है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने बताया है कि मेडिकल जांच के दौरान बच्चे के बाएं जबड़े के जोड़ और दांतों की जड़ों में फ्रैक्चर पाया गया है, जिसके वजह से चेहरे पर काफी सूजन है और वह ज्यादा दर्द के चलते कुछ खा भी नहीं सकता है। खबर के मुताबिक यह घटना तब सामने आई जब स्कूल प्रशासन ने 28 जनवरी को लड़के की मां को उसकी चोट के बारे में सूचित किया। बच्चे की मां ने आरोप लगाया है कि स्कूल पहुंचने पर स्कूल परिसर में प्रिंसिपल और दो टीचरों ने उनके साथ भी जमकर मारपीट और गाली गलौज की थी। मां ने बेटे के चेहरे पर काफी सूजन देखी थी। मां का कहना है कि बेटे को कथित तौर पर बार-बार थप्पड़ मारे गए थे। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। 15 दिन बाद भी नहीं कम हुई सूजन बुधवार को भोंडसी पुलिस स्टेशन में प्रिंसिपल और तीन शिक्षकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की अलग-अलग धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। मां ने आरोप लगाया है कि ‘सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने ज्यादा दर्द और चेहरे की सूजन के वजह से बेटे को लिक्विड डाइट पर रखा है क्योंकि वह दर्द के वजह से खाना चबा नहीं सकता। शनिवार को सीटी स्कैन किया गया था जिसमें फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है। 15 दिन से ज्यादा समय बीत चुका है, इसके बावजूद चेहरे पर अब भी काफी सूजन है और वह दर्द से तड़प रहा है। पूरी तरह ठीक होने में एक महीने से ज्यादा का समय लग सकता है।’ प्रिंसिपल ने मां पर ही लगाए आरोप एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की है कि बच्चे को लगीं चोटें स्कूल परिसर में बच्चे संग हुई मारपीट से मेल खा रही हैं। साथ ही ये बताया है कि स्कूल ने अबतक सीसीटीवी फुटेज नहीं दिए हैं क्योंकि उस समय कैमरा काम नहीं कर रहे थे। हालांकि, प्रिसिंपल अमन यादव ने बच्चे संग मारपीट से इनकार करते हुए आरोप लगाया कि हो सकता है कि मां ने ही बाद में बच्चें को चोटें पहुंचाई हों क्योंकि लड़के ने इंस्टाग्राम पर प्रिंसिपल को गाली दी थी और कैंटीन से चोरी की थी। गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता संदीप तुरान ने बताया कि अस्पताल की रिपोर्ट सोमवार तक आने की उम्मीद है और जल्द ही एक्शन लिया जाएगा।  

बिहार की सड़कों में लगेगा ठेकेदारों का 70% पैसा

पटना. बिहार में सड़क बनाने वाले ठेकेदारों के लिए नियम अब बदलने वाले हैं. पथ निर्माण विभाग एक नई नियमावली तैयार कर रहा है, जिससे काम में पारदर्शिता और जिम्मेदारी दोनों बढ़ेंगी. अभी तक ठेकेदारों का रजिस्ट्रेशन साल 2007 की नियमावली के तहत होता था, लेकिन अब उसकी जगह बिहार संवेदक निबंधन नियमावली 2026 लाने की तैयारी चल रही है. सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि ठेकेदारों की एक नई कैटेगरी बनाई जाएगी. इसे केटेगरी-1 कहा जाएगा. इस केटेगरी में वही कंपनियां शामिल हो सकेंगी जो 50 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा के प्रोजेक्ट में हिस्सा लेना चाहती हैं. अभी ऐसी कोई अलग केटेगरी नहीं थी, जिससे बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए स्पष्ट व्यवस्था नहीं बन पाती थी. देना होगा जुर्माना नई नियमावली में यह भी साफ-साफ लिखा जाएगा कि अगर कोई कंपनी काम में लापरवाही करती है तो उसे कितना जुर्माना देना होगा. कितने समय तक उसे ब्लैकलिस्ट में रखा जाएगा, इसका भी स्पष्ट प्रावधान रहेगा. अभी तक इन मामलों में साफ नियम नहीं थे. इससे कई बार कार्रवाई में दिक्कत आती थी. विभाग की कोशिश जल्द लागू हो नियमावली विभाग की कोशिश है कि नई वित्तीय वर्ष में यह नियमावली लागू कर दी जाए. इसके साथ ही विभाग अपने मॉडल बिडिंग डॉक्यूमेंट में हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल भी जोड़ने जा रहा है. इस मॉडल को अक्टूबर 2025 में बिहार कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है. इस मॉडल के तहत सड़क परियोजना में कुल लागत का 70 प्रतिशत पैसा कंपनी लगाएगी, जबकि बाकी 30 प्रतिशत सरकार देगी. जरूरत के हिसाब सेटेंडर में खास शर्तें भी जोड़ी जा सकेंगी. विभाग की योजना है कि कुछ चुनिंदा सड़कों पर इस मॉडल से काम शुरू किया जाए.

रांची की मेयर प्रत्याशी रोशनी खलखो खर्च करने में सबसे आगे

रांची. रांची नगर निगम क्षेत्र में महापौर (आम) चुनाव 2026 के तहत जारी व्यय जांच रिपोर्ट में रोशनी खलखो और विनोद कुमार बड़ाइक सबसे अधिक खर्च करने वाले प्रत्याशियों में शामिल रहे हैं. रोशनी खलखो ने अब तक सर्वाधिक 2,70,108 रुपये खर्च दर्शाया है, जबकि विनोद कुमार बड़ाइक 43,853 रुपये के साथ दूसरे स्थान पर हैं. सबसे कम खर्च दर्शाने वाले प्रत्याशी सुजीत विजय आनंद कुजूर रहे, जिन्होंने 14,600 रुपये का हिसाब दिया है. रिपोर्ट के अनुसार 12, 16 और 20 फरवरी तक चुनावी खर्च का ब्योरा जमा करना अनिवार्य था. पूर्व मेयर रमा खलखो ने अपना कुल खर्च 19,546 रुपये बताया रोशनी खलखो और विनोद कुमार बड़ाइक के बाद सुरेंद्र लिंडा (43,500 रुपये), प्रवीण कच्छप (31,096 रुपये), सोनू खलखो (21,742 रुपये) और रमा खलखो (19,546 रुपये) ने अपना-अपना व्यय विवरण प्रस्तुत किया है. वहीं किरण कुमारी मुंडा, देवी दयाल मुंडा, सुजाता कच्छप और सुमन कांत तिग्गा निर्धारित तिथि तक व्यय लेखा प्रस्तुत करने में अनुपस्थित पाये गये. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समय सीमा के भीतर खर्च का पूरा लेखा-जोखा जमा करना सभी प्रत्याशियों के लिए अनिवार्य है. अनुपस्थित रहने वाले उम्मीदवारों पर आगे कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है. वार्ड प्रत्याशियों में अलीशा ने किया सबसे अधिक खर्च वहीं, वार्ड प्रत्याशियों में अलीशा हक ने अब तक सबसे अधिक खर्च किया है. वह वार्ड- 03 की प्रत्याशी है. उन्होंने अब तक सर्वाधिक 62,763 रुपये खर्च कर सभी वार्डों में शीर्ष स्थान हासिल किया है. इसके विपरीत वार्ड-02 की रुपम कुमारी झा ने मात्र 500 रुपये खर्च दिखाकर सबसे कम व्यय दर्ज कराया है. जारी रिपोर्ट के अनुसार, वार्ड-03 में ही हुस्ना आरा ने 54,573 रुपये खर्च कर दूसरा स्थान पाया है. वार्ड-06 की सुषमा खलखो ने 43,080 रुपये और वार्ड-05 की मोनिका खलखो ने 38,987 रुपये व्यय दर्शाया है. वहीं वार्ड-13 की हनी रूची धान ने 900 रुपये खर्च दर्ज किया है. सीमा उरांव ने 1,392 रुपये और निर्मला गाड़ी ने 17,263 रुपये का व्यय प्रस्तुत किया है. जांच प्रक्रिया के दौरान आशा कच्छप, कविता बिन्हा, गंगिया लिंडा, गीता कुमारी और लक्ष्मी कच्छप उपस्थित नहीं रहीं. कई वार्डों में आधे से अधिक प्रत्याशी अनुपस्थित पाये गये, जिसे प्रशासन ने गंभीरता से लिया है.

छत्तीसगढ़ के ‘रमन लोक कला महोत्सव’ में दिखेगी झारखंडी कला

सरायकेला. संस्था आचार्य छौ नृत्य विचित्र के सह-निदेशक और छऊ नृत्य विशेषज्ञ रंजीत आचार्य के नेतृत्व में झारखंड के मानभूम छऊ नृत्य दल छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित डॉ सीवी रमन विश्वविद्यालय में आयोजित रमन लोक कला महोत्सव 2026 में छऊ नृत्य की प्रस्तुति देगा. यह महोत्सव तीन दिवसीय है, जिसमें देशभर के प्रसिद्ध रचनाकार, संगीतकार, नृत्य विशेषज्ञ और कलाकार अपनी प्रस्तुतियां दे रहे हैं. महोत्सव की थीम ‘लोक में राम’ रखी गयी है रंजीत आचार्य ने बताया कि इस वर्ष महोत्सव की थीम ‘लोक में राम’ रखी गयी है. तीन दिवसीय आयोजन के अंतिम दिन वे अपने मानभूम छऊ नृत्य दल के साथ छऊ नृत्य की प्रस्तुति देंगे. इससे पूर्व वे सरायकेला और मनभूम दोनों छऊ शैलियों पर विश्वविद्यालय के अधिकारियों व विद्यार्थियों के समक्ष संगोष्ठी में अपने विचार साझा करेंगे. लेक्चर-डेमोंस्ट्रेशन के बाद शाम छह बजे छऊ नृत्य की मंचीय प्रस्तुति होगी. बीते कई वर्षों से हो रहा है लोक कला महोत्सव का आयोजन रंजीत आचार्य ने बताया कि रमन लोक कला महोत्सव का आयोजन पिछले कई वर्षों से किया जा रहा है, जहां केंद्र व राज्य सरकार के सहयोग से लोक कलाकारों को मंच प्रदान किया जाता है. साथ ही उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कलाकारों को आमंत्रित किया जाता है. मनभूम छऊ नृत्य दल में प्रभात महतो, जय राम महतो, जतला कालिंदी, लखविंदर को, सीताराम महतो, स्वर्ण को, पी. मंटू महतो, कार्तिक महतो, दिनेश महतो, मनोहर कालिंदी, विकास कुमार सहित कुल 12 सदस्य शामिल हैं. डॉ. सीवी रमन प्रमुख विश्वविद्यालय में से एक बताया गया कि बिलासपुर स्थित डॉ सीवी रमन विश्वविद्यालय देश के प्रमुख विश्वविद्यालयों में से एक है. विश्वविद्यालय के कुल सचिव के निमंत्रण पर रंजीत आचार्य व उनका दल इस प्रतिष्ठित लोक कला महोत्सव में अपनी प्रस्तुति दे रहा है.

‘राहुल गांधी को जेल में डाल देना चाहिए’: गिरिराज सिंह

मुजफ्फरपुर. देश में मौजूद गुलामी के प्रतीक चिह्नों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जाएगा। केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि नई पीढ़ी को ऐसे किसी भी प्रतीक से गुलामी का एहसास नहीं होना चाहिए। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी पर भी हमला बोला। वह शनिवार को मुजफ्फरपुर में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए कहा कि अंग्रेजों के समय के कई नाम और प्रतीक अब भी प्रचलन में हैं। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि नार्थ एवेन्यू और साउथ एवेन्यू जैसे नाम औपनिवेशिक दौर की याद दिलाते हैं। ऐसे स्थानों का नाम बदलकर भारतीय संस्कृति और सेवा भाव को दर्शाने वाले नाम रखे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इनका नाम बदलकर सेवा तीर्थ किया गया है और आगे भी इस प्रकार का अभियान जारी रहेगा। राहुल गांधी पर बोला हमला  नेता प्रतिपक्ष एवं सांसद राहुल गांधी के हालिया किसान संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि राहुल गांधी किसानों को भ्रमित करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित सुरक्षित हैं और उनके साथ किसी प्रकार का अन्याय नहीं होगा। उन्होंने बताया कि राफेल जैसे कई मुद्दों पर भी राहुल गांधी के बयान भ्रामक साबित हुए हैं। जनता अब उनके बयानों को गंभीरता से नहीं लेती। गिरिराज सिंह ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि राहुल गांधी को अपने बयानों के लिए जवाबदेह होना चाहिए। देश में कानून अपना काम कर रहा है। उनको जेल में डाल देना चाहिए। इस मौके पर महापौर निर्मला देवी, कुढ़नी विधायक केदार प्रसाद गुप्ता, भाजपा नेता देवांशु किशोर, रंजन कुमार साहू आदि मौजूद थे। राहुल गांधी का बयान बता दें कि लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका ट्रे़ड डील को एकतरफा करार दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप के भारी दबाव में आकर इस समझौते के जरिए भारत के किसानों की कड़ी मेहनत और खून-पसीने की कमाई को 'बेच' दिया है। देश समझ ले कि प्रधानमंत्री कॉम्प्रोमाइज्ड हैं।