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राजकोष में बढ़ोतरी, जीएसटी में कमी: मध्य प्रदेश की वित्तीय तस्वीर

भोपाल मध्य प्रदेश के बजट का बड़ा आधार केंद्रीय करों में हिस्सा और राज्य के स्वयं के करों से आय होती है। केंद्रीय करों में भी जीएसटी बड़ा माध्यम है। पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 26,000 करोड़ रुपये जीएसटी मिला था, जबकि इस बार दिसंबर तक 25,250 करोड़ रुपये मिला है। इसमें तीन प्रतिशत की कमी है। वहीं, राज्य के करों की बात करें तो इसने राजकोष भरने का काम किया है। वैल्यू एडेड टैक्स (वैट), आबकारी, पंजीयन एवं मुद्रांक शुल्क के माध्यम से सरकार को 32,660 करोड़ रुपये मिले हैं, जो पिछले वर्ष इस अवधि में प्राप्त राजस्व से अधिक है। प्रदेश को केंद्रीय करों के हिस्से में एक लाख 11 हजार करोड़ और राज्य के करों से एक लाख नौ हजार करोड़ रुपये 31 मार्च, 2026 तक प्राप्त होने का अनुमान बजट में लगाया गया था। तीसरी तिमाही में देखें तो जीएसटी को छोड़कर राजस्व संग्रहण की स्थिति ठीक चल रही है। वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी जीएसटी में तीन प्रतिशत की कमी है। एक फरवरी को पेश होगा बजट एक फरवरी को आम बजट प्रस्तुत होना है, इसमें साफ हो जाएगा कि जीएसटी की दरों में संशोधन का कितना असर राजस्व संग्रहण पर पड़ा है। भारत सरकार 2026-27 के बजट के साथ-साथ 2025-26 का पुनरीक्षित अनुमान भी प्रस्तुत करेगी। इससे स्पष्ट होगा कि प्रदेश को केंद्रीय करों के हिस्से में कितनी राशि इस वित्तीय वर्ष की समाप्ति में प्राप्त होगी। वहीं, अगले वित्तीय वर्ष में क्या स्थिति बनेगी। प्रदेश का अनुमान है कि इस वर्ष पांच हजार करोड़ रुपये तक जीएसटी का नुकसान हो सकता है। हालांकि, संतोष की बात यह है कि राज्य के टैक्स का संग्रहण लक्ष्य से अधिक चल रहा है। पेट्रोल, डीजल आदि से प्राप्त होने वाला वैट 14 हजार करोड़ रुपये दिसंबर तक प्राप्त हुआ है, जो गत वर्ष इसी अवधि में 13,500 करोड़ रुपये था। इसी तरह आबकारी से आय में 17 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इससे अभी तक 10,500 करोड़ रुपये खजाने में आए हैं। पंजीयन एवं मुद्रांक शुल्क में 8,660 करोड़ रुपये मिले हैं, इसी मद में पिछले वर्ष 7,750 करोड़ रुपये मिले थे। करों में वृद्धि के आसार नहीं जीएसटी लागू होने के बाद राज्यों के पास कर लगाने के अवसर सीमित हो गए हैं। सरकार बिजली से लेकर जितने भी माध्यमों से टैक्स ले सकती है, वह लगाए जा चुके हैं। संभावना जताई जा रही है कि सरकार कर में वृद्धि के स्थान पर संग्रहण की व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर जोर देगी।

जहां मर्द भी गांव छोड़ते थे, अब सुरक्षा बलों की कार्रवाई से हुई बदलाव

जमुई  बिहार के जमुई जिला का वो इलाका जिसे नक्सल समस्या के कारण लाल गलियारा की संज्ञा दी जाती थी. जिस इलाके से सटे जंगल में मुंगेर के तत्कालीन एसपी केसी सुरेंद्र बाबू विस्फोट में शहीद हो गए थे. जिस इलाके के मर्द नक्सली खौफ के कारण दूसरे जगहों पर पलायन कर जाते थे. वहां अब सूरत बदलने लगी है. सीआरपीएफ के कैम्प आने के बाद तीन नक्सलियों के सरेंडर से लाल गलियारा में चहल पहल बढ़ गई. पलायन किए लोग गांव लौट आए हैं अब इंतजार है विकास का. सुरक्षा के बाद अब यहां बात होने लगी है बिजली, सड़क, शिक्षा और संचार सुविधा की. जमुई जिले के बरहट इलाके का चौरमारा गांव जो जंगलों और पहाड़ों से घिरा है. जहां दशकों से नक्सलियों का बोलबाला था. लाल गलियारे कहे जाने वाले इसी जंगली इलाके की सड़क पर नक्सलियों द्वारा किए गए एक विस्फोट में मुंगेर के तत्कालीन एसपी केसी सुरेंद्र बाबू शहीद हो गए थे. अब वहां नक्सल समस्या खत्म हो चली है, चौरमारा वाले इस इलाके में अब विकास की बात की जा रही है. नक्सलियों के खौफ के कारण जो लोग पलायन कर गए थे वह गांव लौट आए हैं. चौरमारा गांव के नागेश्वर कोड़ा की कहानी भी ऐसी ही है. नक्सलियों के डर और खौफ के कारण नागेश्वर गांव छोड़कर दूसरे महानगर में चले गए थे, जबकि उनकी पत्नी संगीता देवी गांव में ही रही. लोगों को बुरी तरह पीटते थे नक्सली  संगीता देवी का सामना कई बार नक्सलियों के दस्ते से हुआ, जो गांव में अक्सर आकर अत्याचार करते थे. नक्सली खौफ के खात्मे के बाद यह दंपति उन घटनाओं को याद कर अभी भी सहम जाते हैं. संगीता बताती हैं कि कई बार हमारे सामने ही नक्सली लोगों को मारते-पीटते थे. जबरन साथ में बंधक बनाकर ले जाते और अपना काम कराते थे. मना करने पर लोगों को पीट-पीटकर घायल कर देते थे. उनके पति नागेश्वर बताते हैं कि मारपीट और अत्याचार की घटनाओं से डरकर उन्हें गांव छोड़ना पड़ गया था. कई लोगों ने छोड़ दिया था गांव  सिर्फ नागेश्वर कोड़ा ही नहीं गांव के अधिकांश मर्द जान जाने के डर और नक्सलियों की पिटाई के खौफ के कारण गांव से पलायन कर गए थे, अब वापस आ चुके हैं. यह सब संभव हुआ जब गांव में सरकार ने सीआरपीएफ कैंप लगा दी. पैरा मिलिट्री फोर्सेज की तैनाती के बाद इस इलाके में नक्सलियों का खौफ तब और खत्म हो गया जब यहां के हार्डकोर तीन नक्सली कमांडर ने सरेंडर कर दिया. सुरक्षा के बाद अब यहां के लोग विकास मांग रहे हैं, गांव में अभी तक बिजली नहीं, संचार की कोई सुविधा नहीं, गांव जाने वाली सड़क कच्ची है. हालांकि कई दशक के बाद यहां के लोग पहली बार अपना वोट गांव में डालें, सरकारी अनाज अब गांव तक पहुंचने लगा, लेकिन शिक्षा और स्वास्थ्य की बेहतरी की मांग हो रही है. जंगल में बसे चोरमारा की आबादी लगभग 4 हजार है. नक्सली खौफ के खात्मे के बाद विकास की मांग पर सरकार और जिला प्रशासन की गंभीर है. जिले के डीएम का कहना है कि बिजली संचार सड़क शिक्षा जैसी चीजों पर काम हो रही है आने वाले दिनों में जल्द ही बेहतर परिणाम देखे जाएंगे.

मध्य प्रदेश से हज यात्रा आसान, अप्रैल में मुंबई-मदीना पहली उड़ान का आगाज़

इंदौर  हज यात्रियों के लिए इंतजार की घड़ियां अब खत्म हो चुकी हैं। भारतीय हज कमेटी ने वर्ष 2026 की हज यात्रा का शेड्यूल जारी कर दिया है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश के हज यात्रियों, खासकर भोपाल सहित पूरे प्रदेश से जाने वाले यात्रियों की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। 18 अप्रैल को मुंबई से मदीना के लिए उड़ान भरेगी पहली फ्लाइट बता दें कि इस साल हज यात्रा का आगाज 18 अप्रैल से होगा, जब मुंबई से मदीना के लिए पहली फ्लाइट रवाना होगी। इस वर्ष मध्यप्रदेशसे करीब साढ़े सात हजार हज यात्री पवित्र यात्रा पर रवाना होंगे। इनमें से लगभग 90 फीसदी यात्रियों का इम्बार्केशन मुंबई के जरिए होगा। हज कमेटी के मुताबिक यात्रा को दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में 18 अप्रैल से 4 मई तक मदीना के लिए उड़ानें संचालित की जाएंगी। वहीं दूसरे चरण में 5 मई से 19 मई के बीच हज यात्री जेद्दा पहुंचेंगे। हुआ ये अहम बदलाव भोपाल के हज यात्रियों के लिए इस बार (Haj 2026) एक अहम बदलाव देखने को मिलेगा। पहले जहां भोपाल इम्बार्केशन प्वाइंट के जरिए भी हज यात्रियों की उड़ानें होती थीं, अब वह सुविधा समाप्त कर दी गई है। इसके बाद मध्यप्रदेश से हज की सीधी फ्लाइट केवल इंदौर एयरपोर्ट से ही संचालित की जाएगी। इसका असर भोपाल और आसपास के जिलों से जाने वाले हज यात्रियों पर भी पड़ेगा, जिन्हें अब इंदौर तक यात्रा करनी होगी। भोपाल के हज यात्रियों को झटका यहां से बंद हुई सुविधा भोपाल के हज प्रशिक्षकों और हज कमेटी से जुड़े लोगों का कहना है कि यात्रियों को इस बदलाव (Haj 2026) की जानकारी पहले ही दी जा रही है, ताकि उन्हें किसी तरह की असुविधा न हो। भोपाल में हज हाउस में प्रशिक्षण शिविरों की तैयारी भी शुरू कर दी गई है, जहां यात्रियों को हज के अरकान, स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों और यात्रा से जुड़ी जरूरी जानकारी दी जाएगी। कुल मिलाकर कहना होगा कि Haj 2026 को लेकर मध्यप्रदेश , खासकर भोपाल के हज यात्रियों में उत्साह नजर आ रहा है, वहीं इंदौर को एकमात्र इम्बार्केशन प्वाइंट बनाए जाने से यात्रा व्यवस्था में बड़ा बदलाव भी देखने को मिला है।

गंगा जल छिड़ककर रानी बेगम ने लिया हिंदू धर्म, बोली- अब महसूस हो रहा पुनर्जन्म

छतरपुर  छतरपुर में वार्ड क्रमांक 11 की पूर्व पार्षद रानी बेगम ने साधु-संतों की मौजूदगी में विधि-विधान से पुनः हिंदू धर्म अपनाते हुए घर वापसी की। इस अवसर पर हनुमान जी को साक्षी मानकर हवन-पूजन किया गया और गंगाजल छिड़ककर शुद्धिकरण संपन्न कराया गया। घर वापसी के बाद उन्होंने अपना मूल नाम शीला यादव पुनः धारण किया। वर्ष 1995 में साबिर काजी के साथ निकाह कर इस्लाम धर्म अपनाया शीला यादव मूल रूप से छतरपुर जिले के ग्राम कुर्रा, थाना ईसानगर की निवासी हैं। जो वर्तमान वार्ड नंबर 12 मैं रह रही है उन्होंने बताया कि उनका बचपन का नाम शीला यादव था और उनके पिता का नाम चिंटोले यादव है। वर्ष 1995 में साबिर काजी के साथ निकाह कर इस्लाम धर्म अपनाया और करीब 21 वर्षों तक वैवाहिक जीवन व्यतीत किया। हालांकि, वहां की परंपराओं और जीवनशैली को स्वीकार न कर पाने के कारण वर्ष 2018 में उन्होंने तलाक लेकर हिंदू धर्म पुनः अपना लिया था, लेकिन धार्मिक विधि से घर वापसी नहीं हो सकी थी।  शीला यादव का कहना है कि बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा घर वापसी और हिंदू राष्ट्र को लेकर चलाए जा रहे अभियान से वे प्रेरित हुईं। उन्होंने कहा कि भारतीय और हिंदू होने के नाते हिंदू धर्म ही उनकी आत्मा से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि नाम परिवर्तन को लेकर समाचार पत्रों में इश्तिहार प्रकाशित कराया, आधार कार्ड में नाम अपडेट कराया, लेकिन प्रशासनिक दस्तावेजों में रानी बेगम से शीला यादव नाम दर्ज कराने के लिए वे पिछले एक वर्ष से कलेक्टर कार्यालय के चक्कर लगा रही हैं। छतरपुर के साधू संतो औऱ सनातन धर्म सेवा समिति से संपर्क किया जहां एआज गुरुवार को अनगढ़ टोरिया में साधु-संतों की उपस्थिति में विधिवत घर वापसी कराई गई शीला यादव बोलीं, जैसे पुनर्जन्म  हुआ हो.. शीला यादव ने कहा कि मैंने यादव कुल में जन्म लिया था और मैं यादव परिवार में पली बढ़ी। वो याद करते हुए कहती हैं कि  मैने शादी के बाद इस्लाम कुबूल किया और 20-25 साल तक मैं साबिर काजी के साथ मुस्लिम रीतिरिवाज के साथ रही, लेकिन ये रास नहीं आ रहा था, घुटन महसूस हो रही थी।  अब से मैं अपने धर्म और समाज में जीना मरना चाहती हूँ। रानी बताती हैं कि इन बीच रानी बेगम बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ा और पार्षद रही, लोगों की जनसेवा की, पर जो सुकून अपने धर्म में था और है वो कहीं नहीं हैं मैं मजबूरी में घुट-घुट कर जीती रही।   

CM साय का बड़ा कदम: राज्य में बिजली की कटौती रोकने के लिए अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ऊर्जा विभाग के कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा की। बैठक में उन्होंने राज्य में विद्युत उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आमजन की मूलभूत आवश्यकता है और इसकी निर्बाध आपूर्ति सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी विद्युत उत्पादक राज्यों में शामिल है और भविष्य की बढ़ती मांग को देखते हुए ऊर्जा अवसंरचना का समयबद्ध विस्तार किया जाना आवश्यक है। उन्होंने ऑफ-ग्रिड विद्युतीकृत गांवों को शीघ्र ग्रिड से जोड़ने तथा विद्युत अधोसंरचनाओं के सुदृढ़ीकरण कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। सीएम साय ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को विद्युत आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए इसके प्रति उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने सोलर पैनल स्थापना एवं रखरखाव की प्रक्रिया को सरल बनाने, इंस्टालेशन की दैनिक संख्या बढ़ाने और सभी शासकीय भवनों में सोलर पैनल लगाने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना एवं स्मार्ट मीटर से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा। मुख्यमंत्री ने लंबित बिजली बिलों की समीक्षा करते हुए उपभोक्ताओं को भुगतान के लिए अवसर और सुविधा देने विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने बस्तर के दूरस्थ अंचलों में ग्रिड आधारित विद्युतीकरण को गति देने, नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने तथा पीक डिमांड के अनुरूप ट्रांसमिशन क्षमता विस्तार पर भी जोर दिया। बैठक में बताया गया कि पिछले दो वर्षों में ट्रांसफार्मर क्षमता 24,227 एमवीए से बढ़कर 27,820 एमवीए हो गई है तथा 400/220 केवी, 220/132 केवी और 132/33 केवी उपकेंद्रों के उन्नयन सहित कई परियोजनाएं प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने सौर सुजला योजना, कुसुम योजना, नियद नेल्ला नार एवं ग्राम विद्युतीकरण से जुड़ी योजनाओं की भी समीक्षा की। ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने पीपीटी के माध्यम से विद्युत उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण, पीएम सूर्यघर, पीएम जनमन, कृषि पंपों के ऊर्जीकरण, मजराटोला विद्युतीकरण एवं नवीकरणीय ऊर्जा से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने आगामी वर्षों में नए उपकेंद्रों की स्थापना, वितरण ट्रांसफार्मरों की संख्या बढ़ाने और अंडरग्राउंड केबल सहित विभिन्न विकास कार्यों की कार्ययोजना प्रस्तुत की। बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, सीएसपीडीसीएल, सीएसपीजीसीएल, सीएसपीटीसीएल के वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद थे।  

टोल प्लाजा के पास भीषण एक्सीडेंट, परीक्षा देने जा रहे छात्र सहित 4 की जान गई

ग्वालियर  ग्वालियर के महाराजपुरा क्षेत्र में शुक्रवार सुबह भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। कोहरे के कारण ट्रक और कार की भिड़ंत हो गई। जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए रवाना कर दिए गए हैं। हादसा धुंध और ट्रक की अत्यधिक गति के कारण हुआ कार एमपी 07 जेडएफ 5193 और ट्रक एमपी 07 2801 में टक्कर हुई। जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। हादसा धुंध और ट्रक की अत्यधिक गति के कारण हुआ है। सुबह करीब 9 बजे हादसा महाराजपुरा इलाके में बरेठा टोल प्लाजा के पास हुआ। मौके पर पहुंची पुलिस हादसे की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, थाना प्रभारी यशवंत गोयल फोर्स के साथ पहुंचे। क्रेन से ट्रक और कार को अलग करवाया। इसके बाद शवों को बाहर निकाला जा सका। ट्रक ग्वालियर की ओर से आ रहा था, जबकि कार भिंड से आ रही थी। मृतकों में यह शामिल, तीन की पहचान, एक अज्ञात ज्योति यादव पत्नी हरि सिंह यादव यादव मोहल्ला गोरमी राहुल शर्मा पुत्र किशन दत्त शर्मा ग्राम मोरोली थाना मेहगांव राजू प्रजापति निवासी भिंड परीक्षा देने आ रहा था राहुल राहुल बीएससी कृषि का छात्र था। वह गालियां स्थित कृषि महाविद्यालय का छात्र था। शुक्रवार को परीक्षा देने आ रहा था। इसी दौरान हादसे में मौत हो गई।

जानिए फरवरी में कौन मंत्री कब मिलेंगे, बीजेपी ऑफिस में हर दिन दो घंटे जनता से संवाद

भोपाल  लगातार सत्ता में रहने के बावजूद बीजेपी कार्यकर्ता ही अपने काम के लिए मंत्रियों और अफसरों के घर, दफ्तर के चक्कर काटते रहते हैं। कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सुलझाने के लिए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने रोज एक मंत्री को बीजेपी ऑफिस में बिठाने की व्यवस्था की।  सोमवार से शुक्रवार तक दो घंटे बीजेपी ऑफिस में बैठेंगे मंत्री सोमवार से शुक्रवार तक दोपहर एक बजे से तीन बजे तक रोस्टर के अनुसार मंत्री बीजेपी कार्यालय में बैठकर कार्यकर्ताओं से मिलेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे। मंत्री के साथ एक प्रदेश पदाधिकारी की भी ड्यूटी लगाई गई है। संगठन से संबंधित मामलों के निराकरण के लिए प्रदेश पदाधिकारी काम करेंगे। फरवरी में किस मंत्री की कब ड्यूटी 02 फरवरी (सोमवार): जगदीश देवड़ा(डिप्टी सीएम), गौतम टेटवाल(मंत्री तकनीकी शिक्षा), मनीषा सिंह (विधायक, प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा) 03 फरवरी (मंगलवार) राकेश सिंह (पीडब्ल्यूडी मंत्री), दिलीप अहिरवार (वन राज्यमंत्री) – राजेन्द्र सिंह (प्रदेश मंत्री भाजपा) 04 फरवरी (बुधवार) विश्वास सारंग (खेल एवं सहकारिता मंत्री), लखन पटेल (पशुपालन मंत्री), डॉ. नंदिता पाठक (प्रदेश उपाध्यक्ष, भाजपा) 05 फरवरी (गुरुवार) कैलाश विजयवर्गीय (नगरीय प्रशासन मंत्री), प्रतिमा बागरी(नगरीय प्रशासन राज्यमंत्री), जयदीप पटेल (प्रदेश मंत्री भाजपा) 06 फरवरी (शुक्रवार) विजय शाह (जनजातीय कार्यमंत्री), नरेन्द्र शिवाजी पटेल (स्वास्थ्य राज्यमंत्री), क्षितिज भट्ट (प्रदेश मंत्री भाजपा) 09 फरवरी (सोमवार) राजेन्द्र शुक्ला(डिप्टी सीएम) नारायण सिंह पंवार (मत्स्य पालन राज्यमंत्री), डॉ. प्रभुलाल जाटव (प्रदेश उपाध्यक्ष) 10 फरवरी (मंगलवार) प्रहलाद सिंह पटेल (पंचायत मंत्री), राधा सिंह(पंचायत राज्य मंत्री), शैलेन्द्र बरुआ (प्रदेश उपाध्यक्ष) 11 फरवरी (बुधवार) उदयप्रताप सिंह (स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री) दिलीप जायसवाल (खादी एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री) लोकेन्द्र पाराशर (प्रदेश मंत्री, भाजपा) 12 फरवरी (गुरुवार) करणसिंह वर्मा (राजस्व मंत्री), कृष्णा गौर (पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री ), संगीता सोनी (प्रदेश मंत्री, भाजपा) 13 फरवरी (शुक्रवार) संपतिया उइके (पीएचई मंत्री), धर्मेन्द्र सिंह लोधी (पर्यटन मंत्री), राजो मालवीय (प्रदेश मंत्री, भाजपा) 16 फरवरी (सोमवार) तुलसीराम सिलावट (जल संसाधन मंत्री) मनीषा सिंह (विधायक, प्रदेश उपाध्यक्ष) 17 फरवरी (मंगलवार) ऐदलसिंह कंसाना (कृषि मंत्री) डॉ. प्रभुराम चौधरी (विधायक व प्रदेश उपाध्यक्ष, भाजपा) 18 फरवरी (बुधवार) निर्मला भूरिया (महिला बाल विकास मंत्री), अर्चना सिंह (विधायक व प्रदेश मंत्री, भाजपा) 19 फरवरी (गुरुवार) गोविन्द सिंह राजपूत (खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री), बबीता परमार (प्रदेश मंत्री, भाजपा) 20 फरवरी (शुक्रवार) नारायण सिंह कुशवाह (उद्यानिकी मंत्री), जयदीप पटेल (प्रदेश मंत्री) 23 फरवरी (सोमवार) नागरसिंह चौहान (अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री), डॉ. प्रभुलाल जाटव (प्रदेश उपाध्यक्ष) 24 फरवरी (मंगलवार) प्रद्युम्न सिंह तोमर (ऊर्जा मंत्री), शैलेन्द्र बरुआ (प्रदेश उपाध्यक्ष) 25 फरवरी (बुधवार) राकेश शुक्ला (नवकरणीय ऊर्जा मंत्री) लोकेन्द्र पाराशर (प्रदेश मंत्री) 26 फरवरी (गुरुवार) चेतन्य कश्यप (एमएसएमई मंत्री),राजेन्द्र सिंह (प्रदेश मंत्री भाजपा) 27 फरवरी (शुक्रवार) इंदर सिंह परमार (उच्च् शिक्षा मंत्री), राजो मालवीय (प्रदेश मंत्री) जिला कार्यालयों में पदाधिकारियों के बैठने के दिन तय बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर भाजपा के जिला पदाधिकारियों के जिला कार्यालय में बैठने के दिन तय किए जा रहे हैं। जिला अध्यक्ष के लिए भी दिन तय किया जा रहा है कि जिला अध्यक्ष से लेकर कौन से जिला पदाधिकारी किस दिन कार्यालय में बैठकर आम लोगों और कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनेंगे। 

भीलवाड़ा सड़क हादसा: कोहरे के कारण 6 गाड़ियां टकराईं, मावठ और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी

भीलवाड़ा/जयपुर   राजस्थान में कड़ाके की ठंड के साथ अब घना कोहरा जानलेवा साबित हो रहा है। शुक्रवार सुबह भीलवाड़ा जिले में नेशनल हाईवे-58 (भीलवाड़ा-उदयपुर हाईवे) पर कम विजिबिलिटी के कारण एक भीषण सड़क हादसा हो गया। यहाँ कोहरे के कारण एक के बाद एक 6 गाड़ियां आपस में टकरा गईं, जिसमें 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और 6 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे के बाद लगा 4 KM लंबा जाम सुबह करीब 8 बजे हुए इस एक्सीडेंट के बाद हाईवे पर चीख-पुकार मच गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ियां पूरी तरह चकनाचूर हो गईं और कई लोग मलबे में फंस गए। हादसे के कारण हाईवे पर करीब 4 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिसमें घायलों को लेने पहुंची एम्बुलेंस भी काफी देर तक फंसी रही। स्थानीय लोगों और पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद गाड़ियों में फंसे लोगों को बाहर निकाला। प्रदेश में कोहरे की स्थिति 27 जनवरी को हुई मावठ (बेमौसम बारिश) के बाद से ही राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में नमी और कोहरा छाया हुआ है। आज सुबह की स्थिति कुछ इस प्रकार रही: जयपुर-दिल्ली हाईवे: यहाँ दृश्यता (Visibility) मात्र 10 मीटर तक रह गई। प्रमुख जिले: सीकर, चूरू, अलवर और कोटा में भी घना कोहरा दर्ज किया गया। मौसम विभाग की चेतावनी: बारिश और ओले गिरने के आसार मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, राजस्थान के लोगों को अभी सर्दी से राहत मिलने वाली नहीं है। नया सिस्टम : 31 जनवरी से एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने जा रहा है। प्रभावित क्षेत्र : जयपुर, भरतपुर, बीकानेर और कोटा संभाग में बादल छाए रहेंगे। चेतावनी : 2 फरवरी तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश के साथ ओले (Hailstorm) गिरने की भी संभावना है। सावधानी : कोहरे के दौरान हाईवे पर वाहन चलाते समय 'फॉग लाइट्स' का प्रयोग करें और गति सीमा का विशेष ध्यान रखें।

मध्य प्रदेश में सर्दी का कहर: 19 शहरों का पारा 10°C से नीचे, राजगढ़ में सबसे कम तापमान

भोपाल मध्य प्रदेश में बारिश का दौर फिर लौटेगा। मौसम केंद्र भोपाल ने 31 जनवरी और 1-2 फरवरी को प्रदेश के ज्यादातर हिस्से में बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ की वजह से ऐसा होगा। आज यानी शुक्रवार को सुबह प्रदेश के करीब आधे हिस्से में घना कोहरा छा रहा है। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने दावा किया है कि प्रदेश में एक बार फिर से बारिश का दौर शुरू होगा। 31 जनवरी, 1-2 फरवरी को बारिश होने का अलर्ट है। दरअसल,  मंगलवार-बुधवार को प्रदेश के कई जिलों में हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद एक बार फिर ठंडी ठंड लौट आई है। जनवरी के अंतिम सप्ताह में प्रदेश कड़ाके की ठंड की चपेट में है। बीती रात मंदसौर में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में इस समय सबसे कम है। इसके साथ ही मालवा अंचल प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका बना रहा। इसके कई जिलों में तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला गया।   बुंदेलखंड क्षेत्र में शीतलहर उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाएं और पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर पड़ने के बाद साफ आसमान ठंड को और तीखा बना रहा है। खासकर रात के समय विकिरणीय शीतलन के कारण तापमान में तेज गिरावट देखी जा रही है। मालवा और बुंदेलखंड क्षेत्र में शीतलहर की स्थिति बनी है। इन संभागों में छाया रहा कोहरा मौसम विभाग के अनुसार, आज सुबह भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के 24 जिलों में कहीं हलका तो कहीं मध्यम कोहरा छा रहा है। ग्वालियर, रीवा, शहडोल, सागर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, निवाड़ी, दतिया, श्योपुर, मुरैना, भिंड, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली में भी कोहरे का असर रहा। सावधान! पाले की चेतावनी कृषि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मंदसौर, नीमच, रतलाम और शहडोल जैसे जिलों में पाले का खतरा बढ़ गया है। इससे गेहूं, चना और सरसों की फसलों को नुकसान हो सकता है। किसानों को हल्की सिंचाई और धुएं की व्यवस्था जैसे बचाव उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार सुबह सतना, रीवा, ग्वालियर और गुना में घना कोहरा दर्ज किया गया। इसके अलावा भोपाल, दतिया, खजुराहो, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, जबलपुर, मंडला, सागर, उमरिया, बालाघाट, विदिशा, अशोकनगर, रायसेन, शाजापुर, आगर-मालवा, देवास, सीहोर और डिंडौरी सहित कई जिलों में कोहरे का असर देखा गया। प्रदेश के कई शहरों में रात का तापमान सामान्य से काफी नीचे रहा। भोपाल में 9.8 डिग्री, ग्वालियर में 9.4 डिग्री, राजगढ़ में 3 डिग्री, पचमढ़ी में 7.2 डिग्री, खजुराहो में 7.4 डिग्री और दमोह में 7.6 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। सतना में भी पारा 9.7 डिग्री तक गिर गया। विजिबिलिटी की बात करें तो सतना में यह 50 मीटर से कम रही, जबकि रीवा में 50 से 200 मीटर के बीच दर्ज की गई। ग्वालियर और गुना में 200 से 500 मीटर तक दृश्यता रही। रायसेन, दमोह, नौगांव और सीधी में 500 से 1000 मीटर तक विजिबिलिटी रही। भोपाल, दतिया, खजुराहो और टीकमगढ़ में एक किलोमीटर से अधिक, जबकि नर्मदापुरम, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, जबलपुर, मंडला, सागर, उमरिया और बालाघाट में 2 से 4 किलोमीटर तक दृश्यता रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक सुबह के समय कोहरा और रात में ठंड बने रहने की संभावना जताई है। ठंड और कोहरे को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अगले 3 दिन बारिश का अलर्ट     31 जनवरी- ग्वालियर, मुरैना, दतिया, भिंड, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, विदिशा, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश का अलर्ट।     1 फरवरी- नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, भोपाल, विदिशा, सागर, रायसेन, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में बारिश का अलर्ट।     2 फरवरी- भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, शाजापुर, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, देवास, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में बारिश का अलर्ट। चंबल-बुंदेलखंड कोहरे का अलर्ट मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि तापमान में बहुत राहत की संभावना नहीं है। कुछ इलाकों में हल्के बादल छाने से न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री की मामूली बढ़ोतरी हो सकती है। सुबह और देर रात के समय ठंड का असर ज्यादा रहेगा। ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, छतरपुर, निवाड़ी और मैहर जिलों में कहीं-कहीं घने कोहरे की चेतावनी है।   अगले 3 दिन बारिश का अलर्ट     31 जनवरी- ग्वालियर, मुरैना, दतिया, भिंड, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, विदिशा, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।     01 फरवरी- नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, भोपाल, विदिशा, सागर, रायसेन, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में बारिश का अलर्ट है।     2 फरवरी- भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, शाजापुर, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, देवास, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में बारिश की चेतावनी जारी की गई है।  

राज चौहान हत्याकांड: आगरा एनकाउंटर में तीन इनामी बदमाश घायल

 आगरा  यूपी के आगरा में एक बार फिर से एनकाउंटर हुआ है. राज चौहान हत्याकांड में शामिल आरोपियों के साथ पुलिस की बीती रात मुठभेड़ हुई जिसमें तीन बदमाशों के पैर में गोली लगी है. इसके एक दिन पहले हुए एनकाउंटर में अरबाज खान उर्फ़ मंसूरी मारा गया था. जबकि आशु और मोहित घायल हो गए थे. दो पुलिसवाले भी जख्मी हुए थे.  आपको बता दें कि आगरा के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस की हत्यारोपियों से मुठभेड़ हुई. थाना एत्मादपुर और थाना बमरौली कटारा में हुई इन मुठभेड़ में तीन बदमाशों के पैर में गोली लगी है.  बताया जा रहा है कि कानून व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए चेकिंग कर रही पुलिस को देख बदमाश भागने लगे. रोकने पर मरौली कटारा क्षेत्र में मुठभेड़ हो गई. इस दौरान विष्णु पंडित उर्फ भुल्ला के पैर में गोली लगी जबकि उसका साथी शिवांग शर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. दोनों के पास से जिंदा कारतूस और तमंचा बरामद हुआ है.  दूसरी मुठभेड़ थाना एत्मादपुर क्षेत्र में हुई. यहां भी चेकिंग के दौरान संदिग्धों को रोकने पर पुलिस पर फायरिंग की गई थी. जवाबी कार्रवाई में बदमाश के पैर में गोली लग गई. पकड़े गए बदमाश ने अपना नाम आकाश प्रजापति है. आकाश और विष्णु उर्फ भुल्ला पर राज हत्याकांड मामले में 25-25 हजार का इनाम था. हत्याकांड में दो लोगों को पुलिस कल जेल भेज चुकी है जबकि एक मुठभेड़ में हो ढेर चुका है और तीन आज गिरफ्तार हुए हैं.  मालूम हो कि राज चौहान की गोली मारकर हत्या की गई थी. इस हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस ने 9 टीमें बनाई थीं. इनपुट मिलने पर आरोपियों की घेराबंदी की गई. बचने के लिए इन्होने पुलिस टीम पर फायर किया. आत्मरक्षा में पुलिस ने भी गोली चलाई.