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Republic Day सुरक्षा कवच: चप्पे-चप्पे पर निगरानी, दिनभर शहर में कड़ी पाबंदियां

मालेरकोटला जिला मजिस्ट्रेट विराज एस. तिड़के ने पंजाब उत्पाद शुल्क अधिनियम, 1914 की धारा 54 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए गणतंत्र दिवस, सोमवार, 26 जनवरी , 2026 को सुबह 7:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक मालेरकोटला जिले की हदूद में ड्राई डे घोषित किया है । जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) पूरे भारत में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन शराब के सेवन के बाद लोगों के बीच मारपीट और झगड़े होने से कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा रहता है। इसलिए गणतंत्र दिवस को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने के लिए शराबबंदी घोषित करना आवश्यक हो जाता है। उन्होंनें कहा कि शराबबंदी के दौरान मालेरकोटला जिले की हदूद में  किसी भी शराब की दुकान (स्थानीय और अंग्रेजी), होटल, दुकान, रेस्तरां, क्लब, बीयर बार, ऐसे परिसर जहां शराब की बिक्री और सेवन कानूनी रूप से अनुमत है या अन्य सार्वजनिक स्थानों आदि में शराब की बिक्री, उपयोग, सेवन/परोसना और भंडारण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

जैसलमेर टूरिस्ट्स के लिए नई व्यवस्था, एंट्री पर 50-200 रुपए यात्री कर देना होगा, 2 टोल नाके बनाए जाएंगे

 जैसलमेर  स्वर्ण नगरी जैसलमेर की खूबसूरती निहारने आने वाले पर्यटकों को अब शहर में प्रवेश के लिए 'यात्री कर' (Entry Tax) देना होगा। जैसलमेर नगर परिषद ने 22 साल के लंबे अंतराल के बाद फिर से पर्यटक वाहनों पर टैक्स लगाने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार के स्वायत्त शासन विभाग ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और गजट नोटिफिकेशन जारी होते ही इसे लागू कर दिया जाएगा। जैसलमेर एक छोटा शहर है, लेकिन पर्यटन सीजन (अक्टूबर से मार्च) के दौरान यहां लाखों सैलानी और हजारों वाहन पहुँचते हैं। इससे शहर की सफाई व्यवस्था, सड़कों के रखरखाव और ट्रैफिक प्रबंधन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। नगर परिषद के अनुसार, इस कर से मिलने वाले राजस्व का उपयोग शहर के विकास और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए किया जाएगा। कहां लगेंगे टोल नाके और कितना होगा शुल्क? शहर में प्रवेश के मुख्य रास्तों पर दो टोल नाके बनाए जाएंगे। जोधपुर रोड, यहां से जयपुर, जोधपुर और बीकानेर की ओर से आने वाले पर्यटक वाहन प्रवेश करते हैं। बाड़मेर रोड : यहाँ से गुजरात और दक्षिण राजस्थान की ओर से आने वाले वाहनों का प्रवेश होता है। निर्धारित शुल्क : वाहनों की श्रेणी के अनुसार पर्यटकों को 50 रुपये से लेकर 200 रुपये तक की रसीद कटवानी होगी। किसे मिलेगी छूट और किस पर लगेगा टैक्स? स्थानीय निजी वाहन : जैसलमेर के स्थानीय निवासियों की निजी कारों/गाड़ियों को इस टैक्स से पूरी तरह छूट दी गई है। टैक्सी वाहन : जैसलमेर नंबर की लोकल टैक्सियों और बाहर से आने वाली टैक्सियों, दोनों को यह शुल्क देना होगा। यह टैक्स मुख्य रूप से कमर्शियल और पर्यटक वाहनों पर केंद्रित है। नगर परिषद का पक्ष : नगर परिषद आयुक्त लजपाल सिंह सोढा ने बताया कि पर्यटन सीजन में शहर पर बढ़ते आर्थिक भार को कम करने के लिए यह आवश्यक था। उन्होंने कहा:यात्री कर से सालाना लाखों रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है। इस राशि का सही इस्तेमाल पर्यटन स्थलों की सार-संभाल, शहर की सफाई और विकास कार्यों में किया जाएगा। जैसलमेर में टूरिस्ट सीजन में सैलानियों की बम्पर आवक होती है। इसके चलते नगर परिषद ने शहर में प्रवेश करने वाले पर्यटक वाहनों पर यात्री कर लगाने का फैसला किया है। पर्यटन सीजन में बढ़ता दबाव बना वजह जैसलमेर एक छोटा शहर है, लेकिन अक्टूबर से मार्च के पर्यटन सीजन में यहां लाखों पर्यटक पहुंचते हैं। बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही से शहर की सड़कों पर दबाव बढ़ता है, जाम की स्थिति बनती है और प्रदूषण में भी इजाफा होता है। इन्हीं कारणों से अतिरिक्त बजट की जरूरत महसूस की गई। कहां कटानी होगी रसीद? नगर परिषद ने 2 प्रमुख रास्तों पर एंट्री पॉइंट बनाने का फैसला किया है। एक एंट्री गेट जोधपुर रोड पर बनेगा, जहां से जयपुर, जोधपुर और बीकानेर की ओर से आने वाले अधिकतर पर्यटक प्रवेश करते हैं। दूसरा एंट्री गेट बाड़मेर रोड पर बनाया जाएगा, जहां से गुजरात और दक्षिण राजस्थान की ओर से आने वाले वाहनों का दबाव रहता है। इन नाकों को पार करते समय पर्यटक वाहनों को निर्धारित शुल्क जमा कर रसीद लेनी होगी। स्थानीय निजी गाडियों को छूट, टैक्सी पर लगेगा टैक्स नगर परिषद ने साफ किया है कि स्थानीय निवासियों की निजी गाडियों पर यह यात्री कर लागू नहीं होगा। हालांकि, जैसलमेर नंबर की टैक्सी भी इस टैक्स के दायरे में आएगी। यानी शहर की स्थानीय टैक्सी और बाहर से आने वाली टैक्सी दोनों को एंट्री शुल्क देना होगा। यह टैक्स केवल पर्यटकों और कॉमर्शियल उपयोग में आने वाले वाहनों पर लागू रहेगा। जैसलमेर नगर परिषद को होगी कमाई इस पूरे प्रोजेक्ट से नगर परिषद को भारी राजस्व मिलने की उम्मीद है। नगरपरिषद कमिश्नर लजपाल सिंह सोढा ने बताया- यात्री कर से लाखों रुपए सालाना मिलने की उम्मीद है। इससे सीजन में बढ़ने वाले यात्री भार से शहर की सफाई पर व अन्य भार बढ़ जाता है जिसको लेकर हम उस पैसों का सही इस्तेमाल कर सकेंगे। उस पैसों का खर्च हम पर्यटन स्थलों की सार संभाल व विकास आदि पर कर सकेंगे।नगर परिषद जल्द ही इन नाकों का निर्माण शुरू करेगी और सीजन के चरम पर पहुंचने से पहले इसे पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा।

खदानें बढ़ीं, समस्याएं नहीं घटीं: माइनिंग के विरोध में ग्रामीण एकजुट

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी  छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल और नक्सल प्रभावित मानपुर ब्लॉक के खड़गांव थाना क्षेत्र में स्थित भिलाई स्टील प्लांट (सेल) की दुलकी लौह अयस्क खदान को लेकर ग्रामीणों और प्रबंधन के बीच टकराव की स्थिति बनती नजर आ रही है. भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन ने लीज क्षेत्र में लौह अयस्क की उपलब्धता का आकलन करने के लिए एक्सप्लोरेटरी ड्रिलिंग की अनुमति ग्राम सभा के माध्यम से मांगी है, लेकिन वन प्रबंधन समिति और स्थानीय ग्रामीण फिलहाल इस अनुमति के खिलाफ खड़े हो गए हैं. इसी सिलसिले में खड़गांव थाना क्षेत्र के ग्राम दौरबा में ग्रामीणों की बैठक आयोजित हुई, जिसमें ड्रिलिंग कार्य के विरोध में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया. बैठक में वन प्रबंधन समिति बोदरा के सचिव रामकुमार सलामे, ग्रामीण महिला बिमला सलामे सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक ड्रिलिंग और खदान से जुड़ी सड़कों के उपयोग की अनुमति नहीं दी जाएगी. ग्रामीणों का आरोप है कि खनन कंपनियां केवल खनिज दोहन में रुचि दिखा रही हैं, जबकि नियमों के तहत क्षेत्र में बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास अपेक्षित स्तर पर नहीं हुआ है. ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई कि ड्रिलिंग के दौरान होने वाले जमीनी कंपन से गांवों में मकानों को नुकसान पहुंच सकता है. इसके अलावा खदानों से निकलने वाले लाल पानी से खेतों और फसलों पर भविष्य में खतरा मंडराने की बात भी कही गई. ग्रामीणों के अनुसार इन्हीं कारणों से फिलहाल वन प्रबंधन समिति से मांगी गई ड्रिलिंग अनुमति देने पर सहमति नहीं बनी है. हालांकि यह भी तय किया गया कि जल्द ही आसपास के प्रभावित गांवों की मौजूदगी में ग्राम सभा आयोजित कर अंतिम फैसला लिया जाएगा. ग्रामीणों ने कंपनी और प्रशासन के अधिकारियों से भी ग्राम सभा में पहुंचकर क्षेत्रीय विकास और खदान संचालन को लेकर खुली चर्चा करने की अपील की है. इस पूरे मामले पर कलेक्टर तूलिका प्रजापति ने कहा कि भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन को अनुमति की प्रक्रिया प्रशासन के माध्यम से करनी थी. उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ग्राम पंचायत और BSP प्रबंधन की संयुक्त बैठक बुलाकर यह जानने का प्रयास करेगा कि समस्या कहां है और ग्रामीणों को किस बात पर आपत्ति है. कलेक्टर ने भरोसा दिलाया कि चर्चा के जरिए समाधान निकालते हुए प्रशासन और कंपनी से अपेक्षित विकास सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा. दो दशक पहले शुरू हुआ खनन, विकास अब भी नदारद गौरतलब है कि मानपुर ब्लॉक के खड़गांव थाना क्षेत्र में पिछले दो दशकों में तीन लौह अयस्क खदानें स्थापित हुई हैं. वर्ष 2002 में पल्लेमाड़ी शारदा, 2014 में गोदावरी और 2017 में भिलाई स्टील प्लांट की दुलकी माइंस शुरू हुई. खदानों के संचालन के बाद क्षेत्रवासियों को उम्मीद थी कि नियमों के अनुसार कंपनियां बुनियादी सुविधाओं के विकास में योगदान देंगी, लेकिन दो दशक बाद भी ग्रामीण विकास से वंचित होने का दावा कर रहे हैं. बैठक के दौरान बोदरा गांव की एक वृद्ध महिला ने छत्तीसगढ़ी में अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा, “सड़क नई दे, न बिजली नई दे, मैं तो कहात-कहात हार गेंव… अब मर जहूं घला,” यानी न सड़क मिली, न बिजली—मांग करते-करते थक गई हूं. वहीं ग्रामीण महिला बिमला सलामे ने कहा कि चारों ओर पहाड़ और जंगल से घिरे उनके गांव के तीन तरफ पहले ही खदानें खुल चुकी हैं. अब यदि शेष बचे जंगल-पहाड़ क्षेत्र में भी खनन हुआ तो वनोपज, जो उनकी आजीविका का मुख्य साधन है, वह भी छिन जाएगा.

जुलाना में सुरक्षा कड़ी: 26 जनवरी से पहले होटल-धर्मशालाओं में पुलिस का सर्च ऑपरेशन

जुलाना जुलाना की नई अनाजमंडी में आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए जुलाना पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इसी कड़ी में थाना प्रभारी विक्रम जोसन के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा कस्बे के विभिन्न होटलों, ढाबों और सार्वजनिक स्थानों पर सर्च अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते नियंत्रण पाना रहा। पुलिस टीम ने कस्बे के प्रमुख होटलों में ठहरे लोगों की जांच की और होटल संचालकों को निर्देश दिए कि वे अपने यहां ठहरने वाले प्रत्येक व्यक्ति का पूरा रिकॉर्ड रखें। इस दौरान पहचान पत्रों की गहनता से जांच की गई और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ भी की गई। वहीं थाना प्रभारी विक्रम जोसन ने बताया कि गणतंत्र दिवस राष्ट्रीय पर्व है, इसलिए सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही पुलिस गश्त भी बढ़ा दी गई है ताकि असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा सके। होटल संचालकों और आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि नजर आए तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।

उज्जैन में तनाव चरम पर, हिंसा जारी; पुलिस ने जताई चिंता

उज्जैन मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी। गुरुवार शाम तोड़फोड़ और आगजनी के बाद लगातार दूसरे दिन शुक्रवार की दोपहर भी स्थिति बिगड़ गई। उपद्रवियों ने पथराव और आगजनी करके दोबारा माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने तेजी से स्थिति को नियंत्रण में लिया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।   तराना तहसील में पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब राम मंदिर के पास सुखला गली में एक हिंदूवादी नेता सोहेल ठाकुर पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। इसके बाद यहां हंगामा बढ़ने लगा और शाम को कुछ लोगों ने पथराव और आगजनी कर दी। पुलिस ने किसी तरह स्थिति को काबू करते हुए बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी थी। शुक्रवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव किया और वहां हनुमान चालीसा का पाठ किया। एक फरार आरोपी की गिरफ्तारी और उसके मकान पर बुलडोजर ऐक्शन की मांग को लेकर वे धरने पर बैठे थे। पुलिस ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया। स्थानीय विधायक महेश परमार भी थाने पहुंचे और पुलिस से उचित कार्रवाई की मांग की। दोपहर में फिर बवाल दोपहर में एक बार फिर माहौल बिगड़ गया। अज्ञात लोगों ने बस स्टैंड के पास गुरुवार शाम तोड़फोड़ का शिकार हुई एक बस को आग के हवाले कर दिया। नई बाखल ताकिया कलीम इलाके में पथराव किया गया। एक मोटरसाइकिल को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। कुछ घरों के शीशे टूटे हैं। महिलाओं ने गाली-गलौच और बदसलूकी के आरोप लगाए। लोग बोले- अचानक आई भीड़ और पथराव करके भागी स्थानीय लोगों का कहना है कि 25-30 लोगों की भीड़ अचानक मोहल्ले में घुसी और तोड़फोड़ करते हुए निकल गई। सूचना पाते ही पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है। इससे पहले पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी की पहचान कर ली गई है, लेकिन वह फरार है।  

यूपी में आज शाम 6 बजे सायरन बजेगा, बुझ जाएंगी बत्तियां! जानें ‘ब्लैकआउट’ की पूरी योजना

 लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार आज शाम 6:00 बजे पूरे राज्य में ब्लैकआउट की मॉक ड्रिल आयोजित कर रही है. इस दौरान सायरन बजते ही लोगों को अपने घरों और प्रतिष्ठानों की लाइटें बंद करनी होंगी. यह अभ्यास हवाई हमलों जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने और दुश्मन से लोकेशन छिपाने की तैयारी के लिए किया जा रहा है.  इसमें सिविल डिफेंस, एनडीआरएफ, होमगार्ड, फायर ब्रिगेड और स्वास्थ्य विभाग जैसी एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ हिस्सा लेंगी. प्रशासन ने विभिन्न जनपदों में स्थान चिन्हित कर लिए हैं ताकि आम जनता को इस सुरक्षा प्रक्रिया के प्रति जागरूक किया जा सके। क्यों जरूरी है यह मॉक ड्रिल? ब्लैकआउट का मुख्य उद्देश्य युद्ध के समय हवाई हमलों से सुरक्षा सुनिश्चित करना है. शाम के समय लाइटें बंद करने से दुश्मन को सटीक लोकेशन का पता नहीं चल पाता. इस मॉक ड्रिल के जरिए एनसीसी, स्काउट गाइड और सुरक्षा एजेंसियां अपनी तैयारियों की जांच करेंगी. इससे जनता को यह संदेश देना है कि अगर भविष्य में ऐसी कोई आपात स्थिति आती है, तो उन्हें घबराने के बजाय किस तरह अनुशासित रहकर अपनी और देश की सुरक्षा करनी है.  इन सावधानियों का रखें विशेष ध्यान ब्लैकआउट के दौरान कुछ कड़े नियमों का पालन अनिवार्य है. लोगों को अपने घरों के अंदर रहना चाहिए और सभी लाइटें बंद रखनी चाहिए. घर से बाहर टॉर्च, मोबाइल या माचिस का प्रयोग पूरी तरह वर्जित होता है. यदि घर के किसी हिस्से से रोशनी बाहर जा रही हो, तो वहां काला कागज चिपकाना जरूरी है. इसके अलावा धूम्रपान न करने और बाहर होने की स्थिति में दौड़ने के बजाय आराम से चलने की सलाह दी गई है ताकि कोई दुर्घटना न हो.

CS ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मण्डलायुक्तों और CDOs के साथ शासन की योजनाओं की समीक्षा की

मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मण्डलायुक्तों एवं मुख्य विकास अधिकारियों के साथ शासन के प्राथमिकता कार्यक्रमों एवं योजनाओं की समीक्षा की सभी मुख्य विकास अधिकारियों से मुख्य सचिव ने किया सीधे संवाद वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य को लेकर विकास कार्यों में तेजी के निर्देश एसआरएलएम और लखपति महिला कार्यक्रम की प्रगति पर विशेष जोर प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजनाओं के अधूरे कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश आकांक्षात्मक जनपदों में फील्ड विजिट और ब्लॉक डेवलपमेंट स्ट्रेटजी पर बल यूपी दिवस के राज्य स्तरीय मुख्य आयोजन में प्रत्येक जनपद से आने वाले 40-40 प्रतिभाशाली व्यक्तियों के ठहरने, खानपान एवं आवागमन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने के दिए निर्देश   लखनऊ  मुख्य सचिव श्री एस.पी.गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा की। बैठक में शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी भौतिक रूप से तथा सभी मण्डलायुक्त एवं मुख्य विकास अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।              मुख्य सचिव निर्देश दिए कि सभी विकास अधिकारी जनपद के विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य में प्रत्येक विभाग एवं उसकी योजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए प्रत्येक विभाग द्वारा कम से कम माह में एक बार नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए। समीक्षा के दौरान यह भी देखा जाए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता न हो और जनहित से जुड़े कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे हों। रूरल इकोनॉमी से जुड़ी छोटी-छोटी योजनाओं पर विशेष ध्यान देते हुए अधिक से अधिक लाभार्थियों का चयन कराया जाए।             उन्होंने कहा कि एसआरएलएम के प्रभावी क्रियान्वयन में मुख्य विकास अधिकारी की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रत्येक माह अनिवार्य रूप से कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक आयोजित की जाए। स्वयं सहायता समूहों का लक्ष्य बढ़ाकर तीन करोड़ किया गया है, जिसे ध्यान में रखते हुए प्रगति की नियमित समीक्षा करते हुए परिवार संतृप्तिकरण के लक्ष्य को पूरा किया जाए। लखपति महिला कार्यक्रम के अंतर्गत समूह की महिलाओं की आय का विवरण त्रैमासिक रूप से पोर्टल पर समयबद्ध रूप से फीड कराया जाए तथा डाटा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा डाटा की रैंडम जांच भी कराई जाए। समूहों में ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए जिससे अधिक से अधिक आय सृजन हो और अधिक महिलाएं लखपति बन सकें।             उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत प्रदेश में 36.56 लाख परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लक्ष्य के सापेक्ष केवल 0.4 प्रतिशत आवास अधूरे हैं, जिन्हें शीघ्र पूर्ण कराया जाए। इन परिवारों को स्वयं सहायता समूहों से भी आच्छादित किया जाए तथा उन्हें प्राथमिकता के आधार पर नल कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएं। मॉडल आवासों का निर्माण भी तेजी से पूर्ण कराया जाए। योजना के अंतर्गत सर्वे के उपरांत अपात्र लाभार्थियों की डिलीशन की कार्यवाही तत्काल पूरी की जाए, जिससे अग्रेतर कार्यवाही समय से हो सके। मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 1.05 लाख अधूरे आवासों को भी शीघ्र पूर्ण कराया जाए तथा स्वीकृत आवासों की किश्तें समय से जारी की जाएं।            उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक सरोवर के निर्माण के लक्ष्य के सापेक्ष जहां स्थल चयन शेष है या स्थल चयन के बाद कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्य पूर्ण कराया जाए। निर्माणाधीन अमृत सरोवरों में भी तेजी लाई जाए। ग्रामों को ओडीएफ प्लस घोषित करने के लिए सत्यापन कार्य में गति लाई जाए। सभी जनपदों में गो-आश्रय स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं तथा उनकी मॉनिटरिंग के लिए विकास भवन में कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए। जिन अस्थायी गो-आश्रय स्थलों में 50 से कम गोवंश हैं, उन्हें स्थायी गो-आश्रय स्थलों में स्थानांतरित किया जाए। फैमिली आईडी से अधिक से अधिक परिवारों को जोड़ा जाए। आकांक्षात्मक जनपदों में अधिकारी फील्ड में जाकर प्रगति की समीक्षा करें तथा ब्लॉक डेवलपमेंट स्ट्रेटजी तैयार करें।             मुख्य सचिव ने जीरो पावर्टी अभियान, आकांक्षात्मक विकास खण्ड कार्यक्रम, फैमिली आईडी, डिजिटल लाइब्रेरी सहित अन्य प्राथमिकता कार्यक्रमों की भी समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पशुपालन विभाग के अंतर्गत गो-आश्रय स्थल, कुक्कुट विकास नीति-2022, बकरी, सूकर एवं भेड़ पालन योजनाओं, टीकाकरण तथा नंद बाबा दुग्ध मिशन की प्रगति पर भी चर्चा की गई।           यूपी दिवस के राज्य स्तरीय मुख्य आयोजन के संबंध में उन्होंने निर्देश दिए गए कि प्रत्येक जनपद से 40-40 प्रतिभाशाली व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा, जिनमें प्रगतिशील किसान, उद्यमी, वैज्ञानिक, डॉक्टर, खिलाड़ी, महिलाएं तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के लाभार्थी शामिल होंगे। इनके ठहरने, खानपान एवं आवागमन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। दूरस्थ जनपदों से आने वाले प्रतिभागियों के लिए मार्ग में समन्वय कर व्यवस्थाएं की जाएं। प्रत्येक बस के लिए एक जिम्मेदार अधिकारी को बस प्रभारी नामित किया जाए, जो सभी प्रतिभागियों को सुरक्षित एवं समय से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने तथा वापसी की जिम्मेदारी सुनिश्चित करेगा। ———————

हरियाणा में सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जजों की पेंशन पर HC का बड़ा आदेश

चंडीगढ़  पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जज को मिलने वाली पेंशन एक सांविधानिक रूप से संरक्षित, निहित अधिकार है जिसे समायोजित या न्यूट्रलाइज नहीं किया जा सकता। अदालत ने हरियाणा सरकार के उस फैसले को रद्द कर दिया जिसमें लोकायुक्त के रूप में नियुक्त पूर्व जजों के वेतन से उनकी पेशन काटी जा रही थी। न्यायमूर्ति संदीप मौदगिल ने कहा कि हरियाणा लोकायुक्त अधिनियम, 2002 के तहत लोकायुक्त का वेतन वर्तमान हाईकोर्ट जज के समकक्ष तय है और इसमें पेंशन कटौती का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में राज्य सरकार को अपने स्तर पर पेंशन काटने का कोई अधिकार नहीं था। अदालत ने इस कार्रवाई को असाविधानिक, भेदभावपूर्ण और विधिसम्मत आधार से रहित करार देते हुए सभी बकाया राशि 6 प्रतिशत व्याज सहित चार सप्ताह में जारी करने का निर्देश दिया। यह फैसला न्यायमूर्ति एनके सूद सहित अन्य पूर्व जजों की याचिका पर आया, जिन्होंने हरियाणा के लोकायुक्त के रूप में निर्धारितb पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा किया था। याचिकाकर्ताओं ने 18 अगस्त 2022 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके जरिए राज्य ने उन्हें हाईकोर्ट जज के समकक्ष पूरा वेतन देने से इन्कार करते हुए पेंशन काट ली थी। मामले की मूल कानूनी स्थिति स्पष्ट करते हुए न्यायमूर्ति मौदगिल ने कहा, यह विवाद न तो न्यायसंगत का है और न ही प्रशासनिक विवेक का। यह सांविधानिक आदेश का प्रश्न है। जहां संविधान और संसदीय कानून प्रभावी ही वहां कार्यपालिका की व्याख्या टिक नहीं सकती। अदालत ने राज्य के दोहरे लाभ वाले तर्क को खारिज कर दिया।     

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने भर्ती परीक्षाओं के OMR शीट के लिए की नई व्यवस्था का ऐलान

जयपुर  राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं के OMR शीट को लेकर घमासान मचा हुआ है। भर्ती परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने एक नया फैसला लिया है। नए फैसले के तहत अब राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं की OMR शीट को ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज के अनुसार चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए ओएमआर शीट को ऑनलाइन अपलोड करने का फैसला लिया गया है। चपरासी भर्ती परीक्षा से इस नई व्यवस्था की शुरुआत की जाएगी। ओएमआर शीट में धांधली की मिलीं कई शिकायतें उल्लेखनीय है कि चयन बोर्ड के अफसरों और एक प्राइवेट फर्म के कर्मचारियों पर अभ्यर्थियों से पैसे लेकर ओएमआर शीट में नंबर बढ़ाने का आरोप है। ओएमआर शीट घोटाले के बाद अभ्यर्थियों की ओर से इस धांधली की कई शिकायतें मिलीं। शिकायतों पर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड गंभीर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया है। जिसके बाद राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने का नया फैसला लिया।

नायब सैनी का बयान: ऐसा बजट तैयार किया जाए जो राज्य के संतुलित विकास को गति दे

कुरुक्षेत्र  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने  कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सीनेट हाॅल में बजट के लिए भारतीय किसान संघ, भारतीय मजदूर संघ, स्वदेशी जागरण मंच, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, विद्या भारती, अधिवक्ता परिषद, विश्व हिंदू परिषद, क्रीड़ा भारती सहित अन्य प्रमुख संगठनों के पदाधिकारियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश का ऐसा बजट तैयार करना है जो राज्य के समग्र और संतुलित विकास को गति प्रदान करे। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही प्रदेश के आम नागरिक के लिए बजट बनाया जाएगा। इसमें आमजन की राय को शामिल करने के लिए ही समाज के हर समूह से सुझाव लिए जा रहे हैं। इन सुझावों पर सभी अधिकारी व विषय विशेषज्ञ गंभीरता के साथ मंथन करेंगे और आमजन के हित को जहन में रखकर बजट को तैयार किया जाएगा। उन्होंने संगठन प्रतिनिधियों से बजट पर सुझाव लिए और हर संगठन के पदाधिकारियों से बातचीत भी की। एक सरकार या किसी चुनावी एजेंडे का बजट नहीं : सैनी मुख्यमंत्री ने कहा कि यह किसी एक सरकार या किसी चुनावी एजेंडे का बजट नहीं है बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश के नागरिकों का बजट है। सरकार का उद्देश्य हर वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए ऐसा बजट तैयार करना है, जो राज्य के समग्र और संतुलित विकास को गति प्रदान करे। मुख्यमंत्री ने बजट-पूर्व परामर्श प्रक्रिया को लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण और सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि किसानों, श्रमिकों, युवाओं, अधिवक्ताओं, शिक्षा, खेल व सामाजिक संगठनों से प्राप्त सुझावों पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी। जनभागीदारी से तैयार यह बजट हरियाणा को आत्मनिर्भर, सशक्त और विकसित राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा दूरदर्शी, संतुलित और जन-अपेक्षाओं पर आधारित बजट प्रस्तुत करना है जिसका प्रभाव केवल कागजों तक सीमित न रहे बल्कि आने वाले वर्षों में धरातल पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे। बजट-पूर्व सुझावों पर हुई ठोस कार्रवाई, एक्शन-टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव की ओएसडी हिना बिंदलिश ने बजट-पूर्व परामर्श से संबंधित एक्शन-टेकन रिपोर्ट की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूर्व में प्राप्त सुझावों को सरकार की ओर से गंभीरता से लेते हुए पिछले बजटों में शामिल किया गया था जिनका सकारात्मक प्रभाव धरातल पर देखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि बजट से संबंधित 11 परामर्श बैठकें की गई थीं। इनमें विभिन्न हितधारकों से 73 महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए जिनमें से 32 को शामिल किया गया। इन बैठकों के दौरान महिला वर्ग, उद्योग व स्वास्थ्य क्षेत्र, विभिन्न विभागों, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, शिक्षा, कौशल विकास एवं स्किलिंग, आबकारी विभाग और इनक्यूबेशन सेंटर से जुड़े अहम सुझाव प्राप्त हुए, जिन्हें बजट में सम्मिलित किया गया है।