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वीबी-जी राम-जी का सकारात्मक प्रभाव- आदिवासी एवं वनांचल बहुल गांवों में आजीविका का सशक्त नया अध्याय

रायपुर वीबी-जी राम-जी (VB-G RAM G) योजना (विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन-ग्रामीण) का सकारात्मक प्रभाव ग्रामीण रोजगार और आजीविका को सशक्त बनाना, मनरेगा का स्थान लेकर 125 दिन के रोजगार की गारंटी देना है।  बुनियादी ढांचे (जैसे जल संरक्षण, गाँव का विकास, स्वयं सहायता समूह) में सुधार करना, और पारदर्शिता व जवाबदेही (बायोमेट्रिक हाजिरी, जियो-टैगिंग, त्वरित भुगतान) बढ़ाकर भ्रष्टाचार कम करना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सशक्तिकरण और विकास को बढ़ावा मिलेगा।   मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला छत्तीसगढ़ के उन विशिष्ट अंचलों में शामिल है जहाँ घने वन क्षेत्र, पहाड़ी भू-आकृति और आदिवासी बहुल आबादी ने विकास को सदैव प्रकृति- अनुकूल और समावेशी स्वरूप प्रदान किया है। यहाँ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था परंपरागत रूप से वर्षा आधारित कृषि, वनोपज संग्रह और मौसमी श्रम पर आधारित रही है। ऐसे परिदृश्य में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम ने वर्ष 2006 से जिले के हजारों ग्रामीण परिवारों के लिए आजीविका सुरक्षा की एक मजबूत आधारशिला रखी। मनरेगा ने न केवल न्यूनतम आय का भरोसा दिया, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में ग्रामीणों को उनके गांव में ही सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराकर सामाजिक स्थिरता को भी मजबूती दी। समय के साथ यह अनुभव सामने आया कि रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ यदि उसे स्थायी परिसंपत्तियों और दीर्घकालिक आजीविका से जोड़ा जाए, तो उसका प्रभाव कई गुना बढ़ सकता है। इसी सोच के विस्तार के रूप में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अर्थात वीबी-जी राम-जी सामने आया है, जिसने मनरेगा को एक नए, परिणामोन्मुख और भविष्यदृष्टा स्वरूप में ढालने का मार्ग प्रशस्त किया है। एमसीबी जैसे जिले के लिए यह पहल इसलिए भी विशेष महत्व रखती है क्योंकि यहाँ रोजगार की आवश्यकता के साथ-साथ टिकाऊ आजीविका और सुदृढ़ ग्रामीण परिसंपत्तियों की संभावना भी प्रचुर मात्रा में विद्यमान है। जमीनी अनुभवों से सीख और सशक्त भविष्य की दिशा जिले में मनरेगा के तहत बीते वर्षों में बड़ी संख्या में परिवारों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। औसतन रोजगार दिवस भले ही 50 के आसपास रहे हों, किंतु इसने यह स्पष्ट कर दिया कि जिले में श्रम की उपलब्धता, कार्य करने की इच्छा और योजना के प्रति विश्वास मजबूत है। यह स्थिति भविष्य में रोजगार दिवसों के विस्तार और गुणवत्ता सुधार के लिए एक सकारात्मक आधार प्रदान करती है। मजदूरी भुगतान प्रणाली, कार्य स्वीकृति और योजना निर्माण में हुए अनुभवों ने प्रशासन को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और उत्तरदायी तंत्र विकसित करने की दिशा में प्रेरित किया है। मनरेगा के माध्यम से जिले में जल संरक्षण, ग्रामीण सड़क, भूमि सुधार और अन्य आधारभूत कार्यों ने गांवों के भौतिक स्वरूप को बदला है। अब वीबी-जी राम-जी इन कार्यों को आगे बढ़ाते हुए उन्हें प्रत्यक्ष आजीविका और उत्पादकता से जोड़ने का अवसर प्रदान करता है, जिससे पलायन जैसी समस्याओं का समाधान स्वाभाविक रूप से संभव हो सके। वीबी-जी राम-जीरू वित्तीय स्थिरता और सुव्यवस्थित क्रियान्वयन वीबी-जी राम-जी के अंतर्गत केंद्र और राज्य के बीच 60-40 की स्पष्ट वित्तीय साझेदारी ने ग्रामीण रोजगार योजनाओं को नई स्थिरता प्रदान की है। यह व्यवस्था जिला प्रशासन और ग्राम पंचायतों को दीर्घकालिक योजना निर्माण, संसाधनों के बेहतर उपयोग और समयबद्ध क्रियान्वयन में सक्षम बनाती है। वित्त वर्ष 2026 के लिए 86 हजार करोड़ रुपये का ऐतिहासिक आवंटन यह दर्शाता है कि ग्रामीण रोजगार और आजीविका को अब देश के समग्र आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण स्तंभ माना जा रहा है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में इस मिशन के अंतर्गत कार्यों को जल सुरक्षा, मुख्य अवसंरचना, आजीविका-संबंधी अवसंरचना और जलवायु-सहिष्णु परिसंपत्तियों जैसी स्पष्ट श्रेणियों में केंद्रित किया गया है। जिले की भौगोलिक विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए खेत-तालाब, चेकडैम, लघु सिंचाई संरचनाएँ और ग्रामीण सड़कें न केवल रोजगार सृजन का माध्यम बन रही हैं, बल्कि कृषि उत्पादकता, बाजार संपर्क और ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता को भी नई ऊँचाई दे रही हैं। ग्राम पंचायत स्तर की योजनाओं का पीएम गति-शक्ति ढांचे से जुड़ना इस बात का प्रमाण है कि ग्रामीण विकास अब एक समग्र और दूरदर्शी दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रहा है। 125 दिनों का रोजगाररू आत्मनिर्भरता की ओर सशक्त कदम वीबी-जी राम-जी के तहत रोजगार गारंटी को 100 से बढ़ाकर 125 दिनों तक विस्तारित करना ग्रामीण परिवारों के लिए एक सशक्त आश्वासन है। यह विस्तार केवल रोजगार के दिनों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन दिनों में किए जाने वाले कार्यों को अधिक उपयोगी, टिकाऊ और परिणाम-उन्मुख बनाने पर केंद्रित है। इससे ग्रामीण श्रमिकों को न केवल अधिक आय का अवसर मिलेगा, बल्कि उनके श्रम से निर्मित परिसंपत्तियाँ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी लाभकारी सिद्ध होंगी। एमसीबी जिले के आदिवासी और वनांचल बहुल क्षेत्रों में, जहाँ आजीविका का गहरा संबंध प्रकृति और स्थानीय संसाधनों से है, यह मॉडल मनरेगा को स्थायी ग्रामीण जीवन का आधार बनाने की क्षमता रखता है। जल संरचनाओं से बढ़ी सिंचाई क्षमता, बेहतर सड़कों से आसान बाजार पहुँच और आजीविका-संबंधी परिसंपत्तियों से स्थानीय रोजगार के नए अवसर ग्रामीण समाज को आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करेंगे। वीबी-जी राम-जी के माध्यम से मनरेगा का यह पुनर्गठन एमसीबी जिले के लिए केवल एक योजना सुधार नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की सोच में आया एक सकारात्मक और दूरगामी परिवर्तन है। राज्य सरकार, जिला प्रशासन और ग्राम पंचायतों के समन्वित प्रयासों से यह मिशन जिले को रोजगार गारंटी के साथ-साथ टिकाऊ आजीविका का सशक्त मॉडल बना सकता है।

योगी सरकार की पहल से प्रदेश के युवाओं को विदेश में भी मिल रहे रोजगार के अवसर

2,600 निर्माण श्रमिकों की टेस्टिंग प्रक्रिया प्रगति पर, विदेश में उपलब्ध कराया जाएगा रोजगार जर्मनी, जापान, इज़राइल और यूएई से मिल रहीं केयरिंग व नर्सिंग से जुड़ी नौकरियां प्रदेश भर में विभिन्न रोजगार मेलों के माध्यम से भी विदेश में खुल रहे नौकरियों के रास्ते अंतरराष्ट्रीय रोजगार के जरिए आय बढ़ाना और कौशल निखारना योगी सरकार का लक्ष्य लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं, श्रमिकों को रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में श्रम एवं सेवायोजन विभाग द्वारा विदेश में रोजगार के इच्छुक अभ्यर्थियों को अंतरराष्ट्रीय अवसर उपलब्ध कराने की कार्यवाही प्रभावी ढंग से शुरू की गई है। सरकार की इस पहल से न केवल युवाओं को रोजगार मिल रहा है, बल्कि उनके कौशल को वैश्विक पहचान भी मिल रही है। इज़राइल में निर्माण श्रमिकों को मिला रोजगार प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन एम.के. शनमुगा सुंदरम ने बताया कि जनवरी से मार्च 2024 के दौरान सेवायोजन विभाग द्वारा निर्माण श्रमिकों की टेस्टिंग, प्रशिक्षण एवं अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर उन्हें इज़राइल भेजने की प्रक्रिया संचालित की गई। इस योजना के तहत अब तक लगभग 5,978 निर्माण श्रमिकों को इजराइल भेजा जा चुका है, जहां वे बेहतर वेतन और सुरक्षित माहौल में कार्य कर रहे हैं। यह प्रदेश के श्रमिकों के लिए बड़ी उपलब्धि है। हजारों श्रमिक प्रक्रिया में शामिल वर्तमान में 1,336 निर्माण श्रमिकों को प्रशिक्षण प्रदान करने के बाद इज़राइल भेजने की कार्यवाही प्रगति पर है। इसके अलावा 2,600 निर्माण श्रमिकों की टेस्टिंग प्रक्रिया चल रही है, जिन्हें आवश्यक मानकों पर खरा उतरने के बाद विदेश में रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इससे स्पष्ट है कि आने वाले समय में और अधिक युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने का अवसर मिलेगा। कई देशों से मिल रहे रोजगार के अवसर योगी सरकार के प्रयासों का सकारात्मक परिणाम यह है कि श्रम एवं सेवायोजन विभाग को जर्मनी, जापान, इज़राइल और यूएई जैसे देशों से भी रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। इन देशों में विशेष रूप से केयरिंग और नर्सिंग सेक्टर में रिक्तियां सामने आई हैं, जिससे प्रदेश के प्रशिक्षित युवाओं के लिए नए द्वार खुल रहे हैं। रोजगार मेलों से भी मिले विदेश में नौकरियों के अवसर इसी क्रम में 26-28 अगस्त, 2025 को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित रोजगार महाकुंभ में कुल 16,212 युवाओं का चयन किया गया, जिनमें से 1,612 युवाओं को विदेश में रोजगार के लिए चुना गया। इसके अतिरिक्त 14-15 अक्टूबर, 2025 को जनपद गोरखपुर में आयोजित इंटरनेशनल प्लेसमेंट इवेंट के माध्यम से 279 अभ्यर्थियों का विदेश में रोजगार हेतु चयन हुआ। वहीं 09-10 दिसंबर, 2025 को वाराणसी में आयोजित काशी सांसद रोजगार महाकुंभ के जरिए 8,054 अभ्यर्थियों का चयन किया गया, जिसमें 85 युवाओं को विदेशी रोजगार का अवसर प्राप्त हुआ। युवाओं और औद्योगिक संगठनों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से 22 अगस्त, 2025 को नोएडा में एचआर मीट तथा 18 दिसंबर, 2025 को वाराणसी में इंटरनेशनल मोबिलिटी कॉन्क्लेव-2025 का आयोजन किया गया, जिससे प्रदेश के युवाओं को वैश्विक रोजगार बाजार से जोड़ने की दिशा में योगी सरकार के प्रयास और अधिक सशक्त हुए हैं। आय और कौशल दोनों में बढ़ोतरी का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय रोजगार को बढ़ावा देने के पीछे योगी सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रदेश के युवाओं की आय में वृद्धि हो, उनका कौशल वैश्विक मानकों के अनुरूप निखरे और वे आत्मनिर्भर बनें। सरकार द्वारा पारदर्शी चयन प्रक्रिया, प्रशिक्षण और टेस्टिंग के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि योग्य अभ्यर्थियों को ही विदेश में रोजगार के अवसर मिलें।

बजट सत्र से पहले देवनानी ने गहलोत और जूली को दिया खरा जवाब

जयपुर. राजस्थान विधानसभा के 28 जनवरी से शुरू हो रहे बजट सत्र से पहले प्रश्न लगाने, मंत्रियों के जवाब और सदन की कार्यवाही से जुड़े नियमों को लेकर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने रविवार को प्रेस वार्ता की। उन्होंने दावा किया है कि विधानसभा सचिवालय की ओर से अब जारी किए गए बुलेटिन में वही प्रावधान हैं, जो वर्ष 2020 में तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष सी.पी. जोशी के कार्यकाल में जारी किए गए थे। देवनानी ने कहा कि इन नियमों के बारे में विस्तृत जानकारी वे सदन के भीतर ही देंगे। वासुदेव देवनानी ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विधानसभा से जारी होते आ रहे बुलेटिन को यदि वे पढ़ते, तो शायद इस तरह के बयान नहीं आते। उन्होंने कहा कि यह धारणा बनाई जा रही है कि ये नियम पहली बार लागू हुए हैं, जबकि ऐसा नहीं है। वर्ष 2020 में जारी बुलेटिन संख्या-20 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा बुलेटिन में कोई नया प्रावधान नहीं जोड़ा गया है। विस्तारित प्रश्न न हों और पांच साल से अधिक पुरानी जानकारी संभवतः नहीं मांगी जाए ये सभी नियम पहले से ही लागू हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि 2020 के बाद अब 2026 में ही इन नियमों पर आपत्ति क्यों जताई जा रही है, जबकि जूली उस समय की सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। 90 से 95 फीसदी सवालों के जवाब समय पर मिल रहे वासुदेव देवनानी ने कहा कि जवाबदेही बढ़ाने के लिए उनके कार्यकाल में लगातार मॉनिटरिंग की गई है, जिसका नतीजा यह है कि अब 90 से 95 फ़ीसदी सवालों के जवाब समय पर मिल रहे हैं जो पहले नहीं होता था। पिछली विधानसभा में पर्ची व्यवस्था बंद कर दी गई थी। जिसे उन्होंने अध्यक्ष बनने के बाद फिर शुरू किया। उनका मकसद लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करना है न किसी पर पाबंदी लगाना है ‘तुच्छ’ शब्द पर भी सफाई विपक्ष की ओर से ‘तुच्छ’ शब्द पर जताई गई आपत्ति पर देवनानी ने कहा कि यह शब्द लोकसभा की व्यवस्था से लिया गया है। पिछले चार सत्रों में न तो इस पर कोई आपत्ति आई और न ही कोई चर्चा हुई। ऐसे में सवाल यह है कि क्या पहले बुलेटिन पढ़े ही नहीं गए या अब राजनीतिक आधार पर बयान दिए जा रहे हैं।

झामुमो में शामिल हुए पूर्व नेता उत्तम यादव

रांची. झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं का झामुमो से जुड़ने का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में झाविमो के पूर्व नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता उत्तम यादव ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ झामुमो की सदस्यता ग्रहण की। रांची के किशोरगंज स्थित एक स्कूल में सदस्यता ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री एवं झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए उत्तम यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोगों ने पार्टी की सदस्यता ली। झामुमो के केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता विनोद कुमार पाण्डेय की मौजूदगी में सभी नव-प्रवेशी सदस्यों ने औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। 'समग्र विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प' इस अवसर पर विनोद कुमार पाण्डेय ने सभी नए कार्यकर्ताओं को अंगवस्त्र पहनाकर पार्टी में स्वागत किया। उन्होंने अपने संबोधन में झामुमो की विचारधारा, नीति और सिद्धांतों की जानकारी दी तथा संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने हेमंत सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रत्येक कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है। साथ ही राज्य के समग्र विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प भी दिलाया। झामुमो की सदस्यता लेने के बाद क्या बोले उत्तम? झामुमो की सदस्यता लेने के बाद उत्तम यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विकास कार्यों से प्रभावित होकर उन्होंने अपने समर्थकों के साथ झामुमो की सदस्यता ग्रहण की है। उन्होंने कहा कि पार्टी के सिद्धांतों और विचारों को जन-जन तक पहुंचाना उनका उद्देश्य रहेगा। साथ ही उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में पूरी राजधानी झामुमोमय होगी और बड़ी संख्या में युवाओं को पार्टी से जोड़ा जाएगा। इस कार्यक्रम से यह स्पष्ट संदेश गया कि झारखंड की जनता का विश्वास तेजी से झामुमो और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व पर मजबूत हो रहा है।

नीचे से ऊपर तक चुनाव भाजपा में, बाकी दल हैं परिवारवाद के एजेंट– अनिल विज

चंडीगढ़ हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में ही युवाओं के लिए काम करने के लिए बहुत अच्छा स्थान है क्योंकि भाजपा एक संगठनात्मक पार्टी है। उन्होंने कहा कि कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर नितिन नबीन के आने के बाद युवाओं में बहुत आकर्षण है और जेन-जी को यह लगता है कि भारतीय जनता पार्टी एक ऐसी पार्टी है जहां पर युवाओं का सम्मान किया जाता है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि "मेरा मानना है जिस पार्टी के अंदर डेमोक्रेसी नहीं है, वो पार्टी देश के प्रजातंत्र की रक्षा नहीं कर सकती है" । विज नई दिल्ली में मीडिया कर्मियों के सवालों के जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि बाकी पार्टियों में रिटायरमेंट के आसपास राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाता है या पारिवारिक बुजुर्ग स्वर्ग सिधार जाए तो उसकी औलाद को बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि देशभर में केवल भारतीय जनता पार्टी में ही प्रजातंत्र है, जिसमें चुनाव नीचे से ऊपर होते है। जबकि अन्य पार्टियों में ऊपर से नीचे होते है।उन्होंने कहा कि भाजपा में पहले वार्ड का चुनाव होगा, फिर मंडल का चुनाव होगा और फिर जिला का चुनाव होगा, फिर प्रदेश का चुनाव होगा। उसके बाद राष्ट्रीय चुनाव होता है, जबकि बाकी पार्टियों में राष्ट्रीय अध्यक्ष तय ही हैं, क्योंकि वे परिवारिक है। ये तो एक प्रकार से एजेंसियां है और इनमें डिस्ट्रीब्यूटरशिप है। भारतीय जनता पार्टी में व्यक्ति नहीं बल्कि टीम मायने रखती है: विज राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन के कार्यकाल की सफलता के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में विज ने कहा कि नितिन नबीन का बहुत अनुभव है और कई बार ये बिहार से विधायक और मंत्री रहे है तथा इनके पास संगठन को संचालित करने का बहुत अनुभव है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में व्यक्ति नहीं बल्कि टीम मायने रखती है क्योंकि हमारे पास प्रशिक्षित और अनुभवी कार्यकर्ता और अधिकारियों की एक बेहतरीन फेहरिस्त है इसलिए यहां पर सब मिलकर विकेंद्रीकरण के माध्यम से काम करते हैं और यही कारण है कि आज भारतीय जनता पार्टी का फूल खिलता ही जा रहा है। पश्चिम बंगाल की स्थिति बहुत ही चिंताजनक: विज पश्चिम बंगाल में हाल ही में बीएलओ की मृत्यु के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की स्थिति बहुत ही चिंताजनक है वहां पर कानून का राज नहीं चलता है वहां पर ममता का राज चलता है। उन्होंने बताया कि किस प्रकार से बंगाल में संवैधानिक संस्थाओं पर प्रहार किए जा रहे है यह पूरे देश से छुपा हुआ नहीं है और ऐसी गतिविधियों से ये लोग देश के प्रजातंत्र को स्वतंत्र और आजाद नहीं रख पाएंगे। उन्होंने बताया कि बीएलओ मृत्यु की जांच जारी है और उसके तथ्य जुटाए जा रहे है तथा जो भी तथ्य सामने आयेंगे उन्हें बताया जाएगा। कांग्रेस सारे देश में टुकड़े-टुकड़े हो चुकी: विज कांग्रेस द्वारा प्रदेश में नगर निगम की कमेटियां बनाए जाने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि कांग्रेस सारे देश में टुकड़े-टुकड़े हो चुकी है ये जब भी बैठते हैं तो टुकड़ों को जोड़ने की कोशिश करते हैं लेकिन टुकड़े जुड़ नहीं पा रहे और टूटे हुए टुकड़ों से कुछ बनाया नहीं जा सकता।

सीएम भजनलाल ने नमन कर कहा- ‘राष्ट्रधर्म की अद्वितीय मिसाल हैं महाराणा प्रताप’

जयपुर. महाराणा प्रताप मेवाड़ के शासक थे, साथ ही वे भारतीय इतिहास में शौर्य, स्वाभिमान और मातृभूमि प्रेम के प्रतीक भी हैं। आज 19 जनवरी को राजस्थान में महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि मनाई जा रही है। इस मौके पर सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि मेवाड़ मुकुट' वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी की पुण्यतिथि पर शत-शत नमन! उनका जीवन स्वाभिमान, स्वतंत्रता और राष्ट्रधर्म की अद्वितीय मिसाल है। नई पीढ़ी प्रेरणा ले – अशोक गहलोत महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि पर कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा कि स्वाभिमान एवं अदम्य शौर्य के प्रतीक, मातृभूमि के गौरव के लिए संपूर्ण जीवन समर्पित करने वाले महान योद्धा महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि पर कोटि-कोटि नमन। उनके त्याग, साहस और देशभक्ति से नई पीढ़ी को प्रेरणा लेकर देश और समाज के लिए समर्पित भाव से आगे बढ़ना सीखना चाहिए। राष्ट्रभक्ति की जीवंत मिसाल – सचिन पायलट वहीं कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट ने सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा कि शौर्य, साहस, स्वाभिमान एवं राष्ट्रभक्ति की जीवंत मिसाल, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। पुण्यतिथि पर कोटि-कोटि नमन- गोविंद सिंह डोटासरा – कांग्रेस नेता गोविंद सिंह डोटासरा ने महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि पर सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा कि हूं लड्यो घणो हूं सह्यो घणो, मेवाड़ी मान बचावण नै। हूं पाछ नहीं राखी रण में, बैर्यां री खात खिडावण में।। अपने अदम्य साहस, अटूट स्वाभिमान और अप्रतिम वीरता से राजस्थान के स्वर्णिम इतिहास को गौरव प्रदान करने वाले मेवाड़ रत्न, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। महाराणा प्रताप जी ने जीवन भर मातृभूमि की आन-बान-शान की रक्षा हेतु संघर्ष किया और विपरीत परिस्थितियों में भी कभी स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। उनकी राष्ट्रभक्ति, पराक्रम और त्याग की अमर गाथाएं सदैव देशवासियों को प्रेरणा देती रहेंगी तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए शौर्य और आत्मसम्मान का मार्गदर्शन करती रहेंगी।

सीएम मान ने की शिक्षा को बढ़ावा, अजनाला में उच्च शिक्षा के नए अवसर, बिक्रौर कॉलेज का शुभारंभ

अमृतसर/अजनाला पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के अमृतसर दौरे का आज (19 जनवरी 2026) दूसरा दिन है। इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सीमावर्ती क्षेत्र अजनाला के निवासियों को विकास का एक बड़ा उपहार देने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री अजनाला की दाना मंडी में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान सरकारी डिग्री कॉलेज, बिक्रौर की आधारशिला रखेंगे। दशकों पुरानी मांग होगी पूरी अजनाला और इसके आसपास के सीमावर्ती गांवों के लोग लंबे समय से क्षेत्र में एक सरकारी उच्च शिक्षा संस्थान की मांग कर रहे थे। अब तक युवाओं को ग्रेजुएशन और अन्य उच्च शिक्षा के लिए अमृतसर या अन्य दूर-दराज के शहरों का रुख करना पड़ता था। इस कॉलेज के बनने से न केवल समय और पैसे की बचत होगी, बल्कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र भी अपने घर के पास बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। दाना मंडी में विशाल जनसभा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर अजनाला की दाना मंडी में व्यापक तैयारियां की गई हैं। यहाँ एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया है, जिसमें अजनाला के अलावा आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों लोगों के जुटने की उम्मीद है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मुख्यमंत्री की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पुख्ता इंतजाम किए हैं। विकास की नई इबारत लिखेगा 'बिक्रौर' कॉलेज मुख्यमंत्री भगवंत मान इस अवसर पर जनसभा को संबोधित भी करेंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि वे शिक्षा के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) और रोजगार को लेकर कुछ और बड़ी घोषणाएं कर सकते हैं। सरकार का मानना है कि यह कॉलेज इस उपेक्षित क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। सरकार का विजन : मुख्यमंत्री मान ने पहले भी कई मंचों से स्पष्ट किया है कि 'आप' सरकार का मुख्य फोकस शिक्षा और स्वास्थ्य है। अजनाला के इस कॉलेज का शिलान्यास उसी विजन का हिस्सा है, ताकि पंजाब के अंतिम छोर पर बैठे छात्र को भी आधुनिक शिक्षा मिल सके।

झारखंड नगर निकाय चुनाव में JMM ने किया सभी प्रत्याशियों के नामों का एलान

गम्हरिया. झारखंड में निकाय चुनाव (Jharkhand municipal elections) की औपचारिक घोषणा से पहले ही झामुमो ने चुनावी तैयारी प्रारम्भ कर दिया है। इसी क्रम में झामुमो जिला कमेटी की ओर से मेयर और अध्यक्ष पद के लिए अपने समर्थित उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दिया है। गम्हरिया स्थित पार्टी कार्यालय में रविवार को एक प्रेस वार्ता कर जिलाध्यक्ष डॉ. शुभेंदु महतो द्वारा जिले के तीनों निकायों के लिए पार्टी समर्थित उम्मीदवारों के नामों की घोषणा किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष ने जानकारी देते हुए बताया कि आदित्यपुर नगर निगम के मेयर पद के लिए भुगलु उर्फ डब्बा सोरेन के नाम पर पार्टी की सहमति बनी है। वहीं, सरायकेला नगर पंचायत के अध्यक्ष पद के लिए हरिहर लोहार को पार्टी समर्थित उम्मीदवार घोषित किया गया है। इसके अलावा कपाली नगर परिषद के अध्यक्ष पद के लिए सरवर आलम के नाम पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि सभी नामों पर संगठन स्तर पर विचार-विमर्श और सहमति के बाद निर्णय लिया गया है। कहा कि पार्टी का उद्देश्य नगर निकायों में जनहित से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देना और विकास कार्यों को गति देना है। आदित्यपुर नगर निगम: वार्डवार प्रत्याशियों की सूची  वार्ड     प्रत्याशी का नाम 1     बनमाली दास 2     फुलकी महतो 3     बंकिम चौधरी 4     सिद्धनाथ सिंह 5     संध्या देवी 6     शंकर मुखी 7     कविता दास 8     अनिता देवी 9     दुर्गा चरण बेसरा 10     सविता सिंह सरदार 11     संजय बेहरा 12     केदारनाथ 13     सुशीला तांती 14     विद्युत लता दास 15     उमेश प्रामाणिक 16     सचिन महतो 17     नीतू शर्मा 18     ललित सरकार 19     अंकित सरकार 20     पार्वती देवी 21     रखीमन हसन 22     चंचल कुमारी 23     जूली महतो 24     अभि मुखी 25     विक्की प्रधान 26     पूजा साहू 27     रिंकी करवा 28     अनीता केराई 29     अर्चना कुमारी 30     विष्णु बावरी 31     हेमलता देवी 32     ज्ञानवी देवी 33     बेला दोराई 34     अंजना सिंह 35     मुन्नी तिऊ कपाली नगर परिषद के वार्डवार प्रत्याशी  वार्ड     प्रत्याशी का नाम 1     चांदनी खातून 2     अब्दुल अंसारी 3     नाजिया परवीन 4     निकहत परवीन 5     नुसरत जहां 6     मोहम्मद नदीम 7     आफरीन शेख 8     तरन्नुम खातून 9     मोहम्मद अमीन 10     फरीदा बेगम 11     अजहर परवीन 12     बबलू महतो 13     मोहम्मद जब्बार 14     नौशाद खान 15     सैयद सलाउद्दीन 16     अजमेरी खातून 17     संतोष कुमार महतो 18     सरवन सिंह 19     राजू मांझी 20     अब्दुल कलाम 31     हिकीम टुडू सरायकेला नगर पंचायत अध्यक्ष एवं वार्ड प्रत्याशी पद / वार्ड     प्रत्याशी का नाम अध्यक्ष     हरी लोहार वार्ड 1     उमेश भोल वार्ड 2     संतोष प्रजापति वार्ड 3     माधुरी पति वार्ड 4     जिमी तिऊ वार्ड 5     गौतम नायक वार्ड 6     बबीता कामिला वार्ड 7     वंदना सिंह वार्ड 8     राकेश रंजन पति वार्ड 9     शंभू आचार्य वार्ड 10     आशीष सरदार वार्ड 11     नेहा सतपति

धीरेन्द्र शास्त्री का 100 बीघा में कथा पांडाल और भोजन-पार्किंग की निःशुल्क व्यवस्था

जयपुर. रीको औद्योगिक क्षेत्र फतेहपुर रामगंजमंडी में 23 से 25 जनवरी तक श्री राम कथा और श्री गोमाता महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। बागेश्वर धाम के आचार्य धीरेन्द्र शास्त्री रामकथा का वाचन करेंगे। कथा के प्रारंभ में दोपहर 1 बजे रामगंजमंडी नगर के प्रमुख मार्गों से होकर कलश यात्रा निकाली जाएगी। कलश यात्रा में 21,000 से अधिक महिलाएं कलश लिए शामिल होंगी। शिक्षा मंत्री मदन दिलावार ने रविवार को प्रेसवार्ता में आयोजन की पूरी जानकारी दी। दिलावर ने बताया कि 22 जनवरी को अयोध्या में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। इसके उपलक्ष्य में 22 को ही दीपोत्सव मनाया जाएगा। कलश यात्रा में शामिल 21,000 महिलाएं एक साथ दीप प्रज्वलित कर प्रभु श्री राम की आरती करेंगी। इसके बाद 23 से 25 जनवरी तक कथा होगी। दिलावर ने बताया कि कार्यक्रम में 8 से 10 लाख लोगों के शामिल होने का अनुमान है। श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पार्किंग की नि:शुल्क व्यवस्था की जा रही है। आयोजन 500 बीघा भू-भाग पर होगा, जिसमें कथा के लिए 100 बीघा में पांडाल सजाया जा रहा है। भोजन, पार्किंग समेत अन्य सभी व्यवस्थाएं की जाएंगी। 5000 के करीब कार्यकर्ता व्यवस्थाएं संभालेंगे। ये रहेगा खास 1000 से अधिक पुलिस कर्मी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। सीसीटीवर कैमरों से भी होगी निगरानी। 30 समितियों का गठन व्यवस्था के लिए किया गया है। 5000 के करीब कार्यकर्ता संभालेंगे जिम्मेदारी निशुल्क पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। 15 लाख लोगों के हिसाब से व्यवस्था करने के निर्देश 8 से 10 लाख लोगों के शामिल होने की है संभावना 10-10 डॉक्टरों की टीम रहेगी तैनात। जगह जगह पानी के स्टॉल लगेंगे। कथा स्थल पर सुरक्षा की दृष्टि से थाना भी खोला जाएगा। 500 पोर्टेबल शौचालय की रहेगी व्यवस्था। 20000 स्टील बर्तन के सेट का किया जाएगा उपयोग। पॉलिथिन मुक्त होगा पूरा कार्यक्रम निर्बाध बिजली की आपूर्ति के लिए 630 केवी के दो ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे है।

गणतंत्र दिवस पर दिल्ली वाली ट्रेनों में 26 जनवरी तक पार्सल बुकिंग बंद

सहरसा. गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा के मद्देनजर 22 जनवरी से 26 जनवरी तक पूर्व मध्य रेल समस्तीपुर मंडल अंतर्गत सभी स्टेशनों से दिल्ली के लिए पार्सल बुकिंग अस्थायी रूप से बंद कर दी जाएगी। रेलवे ने यह रोक लगायी है। यह नियम बिहार सहित दिल्ली के साथ नई दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन, आनंद विहार टर्मिनल, दिल्ली सराय रोहिल्ला स्टेशन पर यह निर्णय लागू रहेगा। रेलवे के अनुसार 23 से 26 जनवरी तक दिल्ली के किसी भी रेलवे स्टेशन पर पार्सल भेजने पर पूरी तरह से रोक रहेगी। इसीलिए अन्य स्टेशन पर एक दिन पहले से पार्सल सेवा बंद करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 26 जनवरी को आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। समस्तीपुर मंडल के वाणिज्य विभाग के अनुसार 26 जनवरी के बाद सुरक्षा स्थिति सामान्य होते ही दिल्ली के लिए पार्सल बुकिंग फिर से शुरू कर दी जाएगी। रेलवे ने यात्रियों और व्यापारियों से अपील की है कि वे इस अवधि के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था करें और रेलवे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। इस अवधि में किसी भी प्रकार का पार्सल चाहे वह व्यावसायिक हो या व्यक्तिगत दिल्ली के लिए स्वीकार नहीं किया जाएगा। पार्सल सेवा पर रोक लगने से सहरसा, सुपौल, मधेपुरा सहित सीमांचल क्षेत्र पटना और आसपास के क्षेत्रों के व्यापारियों, थोक विक्रेताओं और छोटे व्यवसायियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। बड़ी संख्या में व्यापारी दिल्ली के बाजारों में माल भेजने के लिए रेलवे पार्सल सेवा पर ही निर्भर रहते हैं। ऐसी परिस्थिति में एक सप्ताह के लिए उनका व्यवसाय प्रभावित रहेगा। इन ट्रेनों में होती है दिल्ली के लिए पार्सल बुकिंग 15566/65 ललित ग्राम -सहरसा -नई दिल्ली वैशाली एक्सप्रेस 15279/80 सहरसा- आनंद विहार पुरबिया एक्सप्रेस 12204/03 सहरसा – अमृतसर गरीब रथ एक्सप्रेस 15529/30 सहरसा – आनंद विहार टर्मिनल जनसाधारण एक्सप्रेस