samacharsecretary.com

पंजाब की जीएनडीयू में आज राष्ट्रपति मुर्मू देंगी 463 विद्यार्थियों को डिग्री

चंडीगढ़. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुबह अमृतसर की गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी में 50वीं गोल्डन जुबली कान्वोकेशन में हिस्सा लेंगी। पूरे अमृतसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज पंजाब दाैरे पर हैं। वे अमृतसर में गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (जीएनडीयू) की 50वीं गोल्डन जुबली कान्वोकेशन में हिस्सा लेंगीं। उनके आगमन को लेकर पुलिस और प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। जीएनडीयू मैनेजमेंट, जिला प्रशासन और राज्य पुलिस ने संयुक्त रूप से सुरक्षा रिहर्सल पूरी कर कार्यक्रम को यादगार बनाने की तैयारियां पूरी कर ली हैं। एसएस परमार की अध्यक्षता में एडीजीपी स्तर की सुरक्षा टीम ने कन्वेंशन हाल में सुरक्षा मानकों और रूट प्लान का विस्तार से रिव्यू किया। वीसी प्रो. डा. करमजीत सिंह, डीसी दलविंदरजीत सिंह, पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर, एआईजी परमिंदर सिंह भंडाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी विद्यार्थियों को पहचान दस्तावेज और पास जारी किए गए। मेडल और डिग्री पाने वाले छात्र-छात्राओं के लिए एडमिशन डाॅक्यूमेंट और टैग नंबर भी तय किए गए। परिसर और आसपास के इलाके को बैरिकेडिंग के साथ सील किया गया और तलाशी के बाद ही लोगों को एरिया में प्रवेश दिया जा रहा है। इस कान्वोकेशन में कुल 463 विद्यार्थियों को डिग्री और मेडल दिए जाएंगे, जिनमें 74 अंडरग्रेजुएट, 102 पोस्टग्रेजुएट, 270 पीएचडी डिग्री और 7 मेमोरियल मेडल शामिल हैं। इसके अलावा, यूनिवर्सिटी दो मशहूर हस्तियों को ऑनरेरी डॉक्टरेट प्रदान करेगी। राज्यपाल भी पहुंचेंगे मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और गवर्नर गुलाबचंद कटारिया भी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं, मुख्यमंत्री गुरुवार को हरमिंदर साहिब व अकाल तख्त में विशेष स्पष्टीकरण देंगे, जिसके चलते वहां भी सख्त सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। संपूर्ण व्यवस्था में पुलिस और प्रशासन सतर्क हैं, जिससे आम जनता और प्रतिभागियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

पीसी के दौरान शॉर्ट सर्किट, मची अफरातफरी; मायावती को तुरंत सुरक्षा में निकाला गया बाहर

लखनऊ राजधानी लखनऊ में बसपा प्रमुख मायावती के जन्मदिन के मौके पर बड़ा हादसा टल गया। मायावती की प्रेस कॉन्फ्रेंस (पीसी) के दौरान ही अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया। बिजली को बोर्ड से चिंगारी के साथ ही धुआं निकलने लगा। घटना उस वक्त हुई जब मायावती की प्रेसवार्ता समाप्त होने ही वाली थी। देखते ही देखते पूरे हॉल में धुआं भर गया। इससे वहां मौजूद पत्रकारों और नेताओं में हड़कंप मच गया।   तत्परता से टला बड़ा हादसा प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल में जैसे ही शॉर्ट सर्किट हुआ, बिजली के बोर्ड से चिंगारियां निकलने लगीं और धुएं का गुबार छा गया। हालांकि, मायावती की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने गजब की फुर्ती दिखाई। खतरे को भांपते हुए सुरक्षा घेरे ने तत्काल पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को लेकर सुरक्षित तरीके से हॉल से बाहर निकाला और उनके आवास की ओर ले गए। अग्नि सुरक्षा उपकरणों का हुआ उपयोग शॉर्ट सर्किट की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद सुरक्षा टीम और बिजली कर्मचारियों ने मोर्चा संभाला। सुरक्षाकर्मियों ने बिना समय गंवाए वहां रखे अग्नि सुरक्षा उपकरणों (Fire Extinguishers) का इस्तेमाल किया। इससे आग फैलने से पहले ही काबू पा लिया गया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी को चोट नहीं आई, लेकिन कुछ देर के लिए वहां अफरातफरी का माहौल बना रहा। अग्नि सुरक्षा उपकरणों का हुआ उपयोग शॉर्ट सर्किट की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद सुरक्षा टीम और बिजली कर्मचारियों ने मोर्चा संभाला। सुरक्षाकर्मियों ने बिना समय गंवाए वहां रखे अग्नि सुरक्षा उपकरणों (Fire Extinguishers) का इस्तेमाल किया। इससे आग फैलने से पहले ही काबू पा लिया गया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी को चोट नहीं आई, लेकिन कुछ देर के लिए वहां अफरातफरी का माहौल बना रहा। सुरक्षा पर उठे सवाल? बसपा प्रमुख की सुरक्षा को देखते हुए इस तरह की तकनीकी खामी पर सवाल उठने लगे हैं। जन्मदिन के बड़े आयोजन और मीडिया के भारी जमावड़े के बीच हुए इस शॉर्ट सर्किट ने सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और तकनीकी टीम सर्किट की जांच कर रही है।  

बिहार विधानसभा में कांग्रेस की स्थिति खतरे में, सभी 6 विधायक JDU में शामिल होने की संभावना

पटना  बिहार की राजनीति में एक बार फिर दलबदल के संकेत मिल रहे हैं। चर्चा है कि देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस के सभी छह विधायक पाला बदलकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) में शामिल हो सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो 243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में कांग्रेस का प्रतिनिधित्व पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।  रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा है कि कांग्रेस के सभी छह विधायक मनोहर प्रसाद सिंह, सुरेंद्र प्रसाद, अभिषेक रंजन, आबिदुर रहमान, मोहम्मद कामरुल होदा और मनोज बिस्वान जदयू नेतृत्व के संपर्क में हैं। हाल ही में पटना स्थित सदाकत आश्रम में आयोजित पारंपरिक दही-चूड़ा भोज से सभी छह विधायकों ने दूरी बनाए रखी। 8 जनवरी को प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम द्वारा बुलाई गई 'मनरेगा बचाओ' अभियान की बैठक में भी विधायक शामिल नहीं हुए। जदयू के एक वरिष्ठ पदाधिकारी का कहना है कि कांग्रेस विधायक अपनी पार्टी की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट हैं और उनके जदयू में शामिल होना बस कुछ ही दिनों की बात है। विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों में भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, जबकि जदयू को 85 सीटें मिली थीं। यदि कांग्रेस के 6 विधायक जदयू में आते हैं, तो जदयू की संख्या 91 हो जाएगी, जिससे वह भाजपा को पछाड़कर सदन में सबसे बड़ी पार्टी बन जाएगी। दूसरी ओर, भाजपा भी पीछे नहीं है। वह उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी 'राष्ट्रीय लोक मोर्चा' (RLM) के असंतुष्ट विधायकों पर नजर गड़ाए हुए है ताकि अपना शीर्ष स्थान बरकरार रख सके। कुशवाहा की पार्टी में फूट के आसार एनडीए के घटक दल RLM के 4 में से 3 विधायक रामेश्वर महतो, माधव आनंद और आलोक कुमार सिंह भाजपा के संपर्क में बताए जा रहे हैं। कुशवाहा द्वारा अपने बेटे दीपक को कैबिनेट मंत्री बनाने से पार्टी के विधायक नाराज हैं। हाल ही में इन विधायकों ने भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की, जिससे पार्टी टूटने की अटकलें तेज हो गई हैं। RCP की घर वापसी की चर्चा जदयू के पूर्व कद्दावर नेता आरसीपी सिंह नीतीश कुमार से अलग होकर प्रशांत किशोर की 'जन सुराज' में शामिल हो गए थे। उनके भी दोबारा जदयू में आने की अटकलें हैं। हाल ही में एक 'कुर्मी सम्मेलन' में नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह की मौजूदगी को राजनीतिक गलियारों में बड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

कांकेर में टैक्सी नाले में गिरने से दो लोगों की मौत

कांकेर. शहर से सटे ग्राम कुलगांव में बुधवार को एक भीषण सड़क हादसे में यात्रियों से भरी एक टैक्सी (ओमनी बस) अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे नाले में जा गिरी। इस दर्दनाक हादसे में एक पुरुष और एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वाहन में सवार कुल 18 लोगों में से 16 लोग घायल हो गए। घायलों में तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ओडिशा के नवरंगपुर जिले से पखांजूर मेला देखने जा रहे श्रद्धालुओं से भरी ओमनी बस क्रमांक CG 17 KJ 8609 बुधवार को कुलगांव के पास अचानक अनियंत्रित हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन की रफ्तार काफी तेज थी और मोड़ पर नियंत्रण खोते ही टैक्सी सीधे सड़क से नीचे नाले में जा समाई। हादसा इतना भयावह था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। हादसे में वाहन चालक एवं मालिक ओमप्रकाश कार्ला, निवासी बोरगांव, केशकाल की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दूसरी मृतक महिला की पहचान मिताली मजूमदार, पति निर्मल मजूमदार, निवासी भामा कुंदई, जिला नवरंगपुर (ओडिशा) के रूप में हुई है। दोनों की मौत से उनके परिवारों में कोहराम मच गया है। हादसे की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस एवं यातायात पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया और एंबुलेंस के माध्यम से जिला कोमलदेव मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में कई को सिर, हाथ-पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। तीन घायलों की हालत नाजुक होने के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद रायपुर रेफर किया गया है। हादसे की खबर लगते ही शहर के नामचीन समाजसेवी संस्था प्रमुख अजय पप्पू मोटवानी अपनी टीम के साथ पहुंचकर घायलों को हरसंभव इलाज मदद कर मानवता का मिशाल पेश किया गया है। घायलों में शामिल प्रमुख नाम इस प्रकार हैं— मनोरोग पारबिल, उम्र 40 वर्ष, निवासी कुंदई, जिला नवरंगपुर (ओडिशा);दीनबंधु विश्वास, पिता रसभेत्र विश्वास, उम्र 27 वर्ष; पराजय रेजिलराय, उम्र 14 वर्ष; लग हुनुन विश्वास, उम्र 15 वर्ष, निवासी पारबिल; अशिम अधिकारी, निवासी उदयपुर, थाना रायघर, जिला नवरंगपुर (ओडिशा); रजिया, पत्नी अजगर अली, उम्र 35 वर्ष, निवासी केशकाल; रिफल, पिता अजगर अली, उम्र 15 वर्ष, निवासी केशकाल। इसके अलावा अन्य घायलों का भी अस्पताल में उपचार जारी है। क्षमता से अधिक सवारी बैठाई – बताया जा रहा है कि वाहन में क्षमता से अधिक सवारी बैठाई गई थी, जिससे संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस द्वारा हादसे के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और चालक की लापरवाही को हादसे का प्रमुख कारण माना जा रहा है।इस हादसे ने एक बार फिर क्षेत्र में सड़क सुरक्षा, यात्री वाहनों की फिटनेस और ओवरलोडिंग जैसे गंभीर मुद्दों को सामने ला दिया है। स्थानीय नागरिकों ने भी हादसे पर गहरा आक्रोश जताते हुए कहा कि कुलगांव क्षेत्र में सड़क की स्थिति और यातायात नियंत्रण पहले से ही खराब है। तेज रफ्तार वाहनों पर न तो नियमित निगरानी होती है और न ही क्षमता से अधिक सवारी ढोने वालों पर प्रभावी कार्रवाई। यदि समय रहते सख्त कदम उठाए जाते, तो शायद आज दो परिवारों को अपनों की अर्थी नहीं उठानी पड़ती। फिलहाल पुलिस ने मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। वहीं अस्पताल में भर्ती घायलों के इलाज पर प्रशासन द्वारा नजर रखी जा रही है। यह हादसा न सिर्फ दो मौतों की कहानी है, बल्कि सिस्टम की उस चूक का आईना भी है, जो बार-बार सामने आने के बावजूद सुधरने का नाम नहीं ले रही। पूरे मामले पर यातायात प्रभारी दीपक साव ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि ओडिशा नौवरंगपुर जिले से टैक्सी पखांजूर मेला देखने जा रही थी जिसमें लगभग अठारह लोग सवार थे हादसे में टैक्सी चालक और एक महिला सवार की मौत हो गई वहीं टैक्सी में सवार सोलह लोग घायल हो गए जिसमें तीन गंभीर रूप से घायल हैं जिन्हें रायपुर रेफर किया गया है फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी ने तोड़ा रिकॉर्ड, 17.77 लाख किसानों को ₹23,448 करोड़ का भुगतान

रायपुर   धान खरीदी के मामले में छत्तीसगढ़ ने नया रिकॉर्ड बनाया है. इस बार राज्य में रिकॉर्ड 105.14 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुईहै, जिसमें 17.77 लाख किसानों के खातों में सरकार ने 23,448 करोड़ रुपए का भुगतान भी कर दिया है. यह आंकड़े 13 जनवरी तक की खरीदी और भुगतान के हैं, जबकि अभी धान खरीदी का काम चालू है. ऐसे में छत्तीसगढ़ में धान के बंपर उत्पादन से खरीदी और भुगतान के पिछले सारे रिकॉड टूट गए हैं. खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में यह नया रिकॉर्ड धान खरीदी का बन गया है.  धान खरीदी पर सख्त  वहीं सरकार की तरफ से बताया गया कि धान खरीदी को लेकर पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस अनियमितता पर 33 अधिकारियों को नोटिस अब तक भेजा गया है, जबकि 33 हजार क्विंटल धान को छत्तीसगढ़ में जब्त भी किया गया है. सरकार की तरफ से बताया गया कि रिकॉर्ड मात्रा में खरीदी और रिकॉर्ड राशि का वितरण यह बताता है कि धान खरीदी में गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई का असर दिखा है. एफआईआर और निलंबन की कार्रवाई भंडारण और निराकरण की प्रक्रिया पूरी तरह तकनीकी निगरानी में की गई है. ताकि किसानों को धान खरीदी का पूरा फायदा मिल सके.  यदि पिछले वर्षों के 13 जनवरी तक के आंकड़ों से तुलना की जाए तो सरकार की यह उपलब्धि और भी स्पष्ट रूप से सामने आती है। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में 13 जनवरी तक 17,49,003 किसानों से 72.15 LMT धान की खरीदी की गई थी और ₹13,550 करोड़ का भुगतान हुआ था। वर्ष 2021-22 में इसी अवधि तक 17,09,834 किसानों से 68.77 LMT धान खरीदा गया था, जिसके बदले ₹13,410 करोड़ किसानों को दिए गए थे। खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में 13 जनवरी तक 22,14,302 किसानों से 97.67 LMT धान की खरीदी की गई थी और ₹20,022 करोड़ का भुगतान हुआ था। इन सभी वर्षों की तुलना में वर्ष 2025-26 में धान खरीदी की मात्रा और किसानों को वितरित की गई राशि – दोनों ही  उच्चतम स्तर पर पहुँच चुकी हैं। आंकड़ों से स्पष्ट है कि जहां 2020-21 में 72.15 LMT, 2021-22 में 68.77 LMT और 2022-23 में 97.67 LMT धान खरीदा गया था, वहीं 2025-26 में मात्र 13 जनवरी तक ही 105.14 LMT धान खरीदा जा चुका है, जो अपने-आप में एक नया रिकॉर्ड है। इसी तरह किसानों को मिलने वाली राशि भी  सीधे बढ़कर  ₹23,448 करोड़ तक पहुँच गई है। किसानों के खातों में पहुंचा भरोसे का पैसा राज्य सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चलाई जा रही धान खरीदी व्यवस्था का नतीजा है. किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान बेचने का भरोसा मिला और भुगतान में किसी तरह की देरी नहीं हुई. यही कारण है कि किसान बिना किसी चिंता के अपनी उपज सरकारी केंद्रों तक लेकर पहुंचे. कहीं आगे निकला यह सीजन अगर पिछले कुछ सालों से तुलना करें तो यह उपलब्धि और भी बड़ी नजर आती है. साल 2020-21 में 13 जनवरी तक जहां करीब 72 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी और 13,550 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था, वहीं 2021-22 में यह आंकड़ा और भी कम रहा. 2022-23 में जरूर सुधार देखने को मिला था, लेकिन तब भी 97.67 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया और 20,022 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ था. इन सभी आंकड़ों को पीछे छोड़ते हुए मौजूदा सीजन ने नए कीर्तिमान स्थापित कर दिए हैं. पारदर्शी व्यवस्था से बढ़ा किसानों का भरोसा इस बार की धान खरीदी में सबसे अहम भूमिका पारदर्शी व्यवस्था और समयबद्ध भुगतान की रही है. सरकार ने साफ संदेश दिया कि हर पात्र किसान का एक-एक दाना खरीदा जाएगा और उसकी पूरी कीमत समय पर मिलेगी. यही वजह है कि किसानों में सरकार के प्रति भरोसा मजबूत हुआ है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार मिली है. लापरवाही पर सख्ती, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस सरकार ने केवल खरीदी और भुगतान पर ही ध्यान नहीं दिया, बल्कि भंडारण और प्रबंधन में गड़बड़ी करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की है. पिछले कुछ सालों में जहां भी धान भंडारण में कमी या लापरवाही पाई गई, वहां संबंधित अधिकारियों और केंद्र प्रभारियों को नोटिस दिए गए, निलंबन हुआ और कुछ मामलों में FIR भी दर्ज की गई. इससे साफ संदेश गया कि किसानों की मेहनत के साथ कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली नई ताकत धान खरीदी से सीधे तौर पर गांवों में नकदी का प्रवाह बढ़ा है. किसानों के पास अब रबी फसल के लिए बीज, खाद और अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए संसाधन हैं. स्थानीय बाजारों में भी रौनक लौटी है. सरकार का मानना है कि इसी तरह की नीतियों से किसान आत्मनिर्भर बनेंगे और छत्तीसगढ़ की कृषि अर्थव्यवस्था आने वाले सालों में और मजबूत होगी. 31 जनवरी तक चलेगी खरीदी  बता दें कि छत्तीसगढ़ में धान खरीदी 31 जनवरी तक चलने वाली है, ऐसे में अभी किसानों के पास पूरे 16 दिन है, जहां समर्थन मूल्य पर सरकार की तरफ से धान खरीदी की जाएगी, छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया 15 नवंबर 2025 से शुरू हुई थी, जो 31 जनवरी तक चलने वाली है. इस बार किसानों के लिए प्रति एकड़ 21 क्विंटल की सीमा और समय पर भुगतान राशि का प्रावधान किया गया है. इस बार धान खरीदी को सुगम बनाने के लिए सरकार की तरफ से कई तरह की पारदर्शिताएं भी रखी गई है, जबकि किसानो के लिए तकनीक का इस्तेमाल भी किया गया है.  बता दें कि अभी 31 जनवरी तक धान की खरीदी होनी है, ऐसे में धान खरीदी के मामले में छत्तीसगढ़ और रिकॉर्ड बना सकता है, क्योंकि फाइनल आंकड़ें आने के बाद यह तय होगा कि कितनी खरीदी हुई और कितना भुगतान हुआ है. 

शिवावतार महायोगी से मुख्यमंत्री ने की नागरिकों के सुखमय जीवन की मंगलकामना

सीएम योगी आदित्यनाथ ने अर्पित की गुरु गोरखनाथ को आस्था की खिचड़ी शिवावतार महायोगी से मुख्यमंत्री ने की नागरिकों के सुखमय जीवन की मंगलकामना मकर संक्रांति-खिचड़ी पर्व पर सीएम योगी ने दीं सभी नागरिकों को शुभकामनाएं गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी चढ़ाने लाखों की संख्या में आए श्रद्धालु गोरखपुर  मकर संक्रांति के पावन पर्व पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को ब्रह्म मुहूर्त में चार बजे गोरखनाथ मंदिर में नाथपंथ की विशिष्ट परंपरा के अनुसार महायोगी गुरु गोरखनाथ को विधि विधान से आस्था की पवित्र खिचड़ी चढ़ाई। इस अवसर पर उन्होंने शिवावतार महायोगी से लोकमंगल तथा सभी नागरिकों के सुखमय-समृद्धमय जीवन की प्रार्थना की। महायोगी गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी नागरिकों, संतों और श्रद्धालुओं को मकर संक्रांति की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मीडियाकर्मियों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि बुधवार से ही पूरे प्रदेश में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पवित्र धर्मस्थलों पर जाकर आस्था को नमन कर रहे हैं। गोरखपुर में बुधवार को लाखों श्रद्धालुओं ने महायोगी भगवान गोरखनाथ जी को आस्था की पवित्र खिचड़ी चढ़ाई। लाखों श्रद्धालुओं ने प्रयागराज के संगम में आस्था की पवित्र डुबकी भी लगाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिलसिला लगातार आज गुरुवार को भी जारी है। बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाना मेरा सौभाग्य सीएम योगी ने कहा कि आज गुरुवार को गोरखपुर में भगवान गोरखनाथ जी के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालुजन पंक्ति में लगकर श्रद्धापूर्वक खिचड़ी चढ़ा रहे हैं। यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे भी प्रातः 4 बजे गोरखनाथ मंदिर की विशिष्ट पूजा संपन्न होने के उपरांत भगवान गोरखनाथ जी को आस्था की पवित्र खिचड़ी चढ़ाने का अवसर प्राप्त हुआ है। गोरखनाथ मंदिर में लाखों की संख्या में श्रद्धालुजन आए हुए हैं। जगत की आत्मा हैं सूर्यदेव मुख्यमंत्री ने कहा कि मकर संक्रांति भारत के पर्व और त्योहारों की परंपरा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है। वास्तव में सूर्यदेव इस जगत की आत्मा हैं। जगतपिता सूर्य की उपासना का यह पर्व, हर प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए प्रशस्ति तिथि माना जाता है। आज के बाद सनातन धर्म की परंपरा में सभी मांगलिक कार्यक्रम प्रारंभ हो जाएंगे। सीएम योगी ने कहा कि सूर्य का जो अयन वृत्त है, ज्योतिषीय परंपरा के अनुसार वह 12 विभिन्न भागों में विभाजित है। एक राशि से दूसरी राशि में सूर्यदेव के संक्रमण को संक्रांति कहा जाता है और जब धनु राशि से मकर राशि में भगवान सूर्य का संक्रमण होता है तो यह मकर संक्रांति कहलाता है। मकर राशि से अगले छह माह तक यानी मिथुन राशि तक सूर्य भगवान उत्तरायण रहेंगे। उत्तरायण का जो समय होता है, उसमें दिन बड़े और रात्रि छोटी होती है। जीवंतता के लिए सूर्य का प्रकाश कितना महत्वपूर्ण है और भारत की ऋषि परंपरा ने इसे कितना महत्व दिया है, इसका अनुमान इस पर्व के माध्यम से लगाया जा सकता है।  अलग-अलग नाम व रूपों में मकर संक्रांति के आयोजन देश के सभी हिस्सों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मकर संक्रांति एक ऐसा पर्व है, जो देश के अंदर पूरब, पश्चिम, उत्तर व दक्षिण, सभी हिस्सों में अलग-अलग नाम व रूप में आयोजित होता है। पूरब में बिहू या तिलवा संक्रांति, पश्चिम में लोहड़ी, दक्षिण भारत में पोंगल और उत्तर भारत में खिचड़ी संक्रांति के रूप में मकर संक्रांति का आयोजन बड़ी श्रद्धाभाव के साथ किया जाता है। सीएम योगी ने किया देश और दुनिया से आए श्रद्धालुओं का अभिनंदन मकर संक्रांति के अवसर पर प्रदेश के अलग-अलग धर्मस्थलों पर देश और दुनिया से आए श्रद्धालुओं का अभिनंदन करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी के प्रति मंगलमय शुभकामनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि एक तरफ गोरखपुर में लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा गोरखनाथ को आस्था की खिचड़ी अर्पित कर रहे हैं। वहीं, प्रयागराज में लाखों की संख्या में श्रद्धालु, कल्पवासी, पूज्य संतजन न केवल अपनी साधना में रत हैं, अपितु भगवान वेणीमाधव, भगवान प्रयागराज और मां गंगा, मां यमुना, मां सरस्वती के सानिध्य में संगम में आस्था की पवित्र डुबकी लगा रहे हैं।

हिसार में 12 एकड़ में बने ‘पंचतत्व’ पार्क का CM सैनी करेंगे उद्घाटन

हिसार. शहर की हरियाली और सौंदर्य को नया आयाम देने वाला टाउन पार्क आज एक नई पहचान के साथ शहरवासियों को समर्पित होगा। चार जून 2000 को जनता को समर्पित किया गया यह पार्क अब पंचमहाभूत जल, वायु, अग्नि, पृथ्वी और आकाश की अवधारणा पर आधारित भव्य थीम में निखर उठा है। करीब 12 एकड़ क्षेत्र में फैले इस पार्क का 14.72 करोड़ रुपये की लागत से ऐसा नवीनीकरण किया गया है कि यह देश के आधुनिक और कलात्मक पार्कों की श्रेणी में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने को तैयार है। आज प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इस नवसज्जित पार्क का विधिवत उद्घाटन कर इसे जनता को समर्पित करेंगे। ताऊ देवी लाल टाउन पार्क पंचतत्व (पंचमहाभूत) थीम पर आधारित है, जहां प्रकृति के पांच तत्व अपनी-अपनी अदृश्य ध्वनियों और स्वरूपों में सजीव हो उठते हैं। झील में लहराता जल, पेड़ों की शाखाओं में बहती वायु, रोशनी में झलकती अग्नि, धरती की हरियाली और खुला आकाश सब मिलकर सृष्टि के संतुलन और जीवन के मूल संदेश को प्रतिध्वनित करते है। आधुनिक सौंदर्य से है सुसज्जित वार्ड-15 में स्थित यह पार्क करीब 12 एकड़ भूमि पर विकसित किया गया है। बीचोंबीच बना छोटा टापू, झील के किनारे आकर्षक सेल्फी प्वाइंट, आधुनिक पगडंडियां और कलात्मक संरचनाएं इसे विशिष्ट पहचान देती हैं। यह हरियाली का ठिकाना ही नहीं, बल्कि प्रकृति और आधुनिक शहरी जीवन का सुंदर संगम है। पूर्व मंत्री डॉ. कमल गुप्ता की परिकल्पना और तत्कालीन निगमायुक्त प्रदीप दहिया के नेतृत्व में शुरू हुए इस कार्य को निगमायुक्त नीरज के नेतृत्व में गति मिली। मुख्य द्वार के पास महात्मा बुद्ध की प्रतिमा बढ़ा रही अध्यात्म की छटा पार्क के मुख्य द्वार के पास स्थापित भगवान महात्मा बुद्ध की भव्य प्रतिमा इस स्थल को विशेष आध्यात्मिक गरिमा प्रदान करती है। शांत मुद्रा में विराजमान बुद्ध की यह प्रतिमा करुणा, शांति और आत्मबोध का संदेश देती है, जो पार्क में आने वाले लोगों के मन में सहज ही सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। पंचमहाभूत थीम से सुसज्जित इस पार्क में बुद्ध प्रतिमा मानो प्रकृति और चेतना के बीच सेतु का कार्य करती है। यहां पहुंचने वाले लोग केवल प्रकृति का सौंदर्य ही नहीं, बल्कि आत्मिक शांति का अनुभव भी करते हैं। प्रतिमा के समीप विकसित सेल्फी प्वाइंट युवाओं और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन गया है, जो स्मृतियों को सहेजता है। प्रतिदिन हजारों लोग सुकून के पल बिताने आते हैं इस पार्क में सन् 1968 में बने मधुबन पार्क के बाद वर्ष 2000 में तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी ओम प्रकाश चौटाला ने यह ताऊ देवी लाल टाउन पार्क जनता को समर्पित किया था। आज यह पार्क शहरवासियों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है, जहां प्रतिदिन हजारों लोग सैर, योग, मनोरंजन और सुकून के पल बिताने पहुंचते हैं। पार्क की प्रमुख विशेषताएं सूर्य नमस्कार प्रतिमा वाकिंग ट्रैक संगीतमय फव्वारा व जल निकाय बच्चों के लिए खेल कोना द्वीप सहित झील झील के दृश्य वाला कांच का डेक आउटडोर जिम उपकरण पंचतत्व थीम पर आधारित टाउन पार्क जनता के लिए पूरी तरह तैयार है। इस पर 14.72 करोड़ रुपये की लागत आई है। – नीरज, निगमायुक्त, हिसार मुख्यमंत्री आज टाउन पार्क का उद्घाटन करेंगे। शहर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। शहरवासियों को नवीनीकरण के साथ टाउन पार्क विधिवत समर्पित होगा। – प्रवीण पोपली, मेयर, हिसार सीएम प्री-बजट पर भी करेंगे चर्चा हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 15 जनवरी हिसार होंगे। वह दिल्ली रोड पर शहर के हर्ट पंचभूत थीम पर बने टाउन पार्क का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वह प्री-बजट पर चर्चा करेंगे। प्रस्तावित हिसार दौरे को लेकर जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।         मुख्यमंत्री के दौरे को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से बुधवार को उपायुक्त महेंद्र पाल एवं पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन ने विभिन्न कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के दौरे के दृष्टिगत धारा-163 लागू कर दी गई है।         निरीक्षण के दौरान उपायुक्त महेंद्र पाल एवं पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन ने हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय व गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का दौरा कर वहां किए जा रहे प्रबंधों का निरीक्षण किया। इन स्थलों पर मुख्यमंत्री प्री-बजट परामर्श कार्यक्रमों को संबोधित करेंगे।

14 जनवरी के स्नान पर्व में 85 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया पुण्य स्नान – ऋषिराज, माघ मेला अधिकारी

षटतिला एकादशी, मकर संक्रांति स्नान के लिए संगम में उमड़ा आस्था का ज्वार 14 जनवरी के स्नान पर्व में 85 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया पुण्य स्नान – ऋषिराज, माघ मेला अधिकारी श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते प्रशासन ने बढ़ाई चौकसी, निगरानी के लिए पहली बार तीन कंट्रोल सेंटर रोडवेज की तरफ से 1800 बसों का संचालन, एक्शन में क्यूआरटी टीमें मेला प्रशासन के साथ रेलवे का समन्वय, आवागमन के लिए रेलवे की 8 रिंग रेल सेवा व 16 ट्रेनों के ठहराव का विस्तार, 1.20 लाख क्षमता के 18 यात्री आश्रय स्थल तैयार प्रयागराज  प्रयागराज के संगम तट पर आयोजित माघ मेले का दूसरा बड़ा स्नान पर्व 'मकर संक्रांति' माघ मेला प्रशासन की दृष्टि में भले ही 15  जनवरी को है, लेकिन 14 जनवरी को संगम के विभिन्न घाटों में आस्था का ज्वार उमड़ पड़ा। बुधवार को षटतिला एकादशी और अपराह्न बाद मकर संक्रांति स्नान का मुहूर्त शुरू हो जाने की वजह से बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए भोर से ही घाटों पर पहुंचने लगे। मेला अधिकारी ऋषिराज के मुताबिक, दोपहर 12 बजे तक ही श्रद्धालुओं की संख्या 50 लाख पहुंच गई। परंपरागत रूप में 14 जनवरी को ही मकर संक्रांति मानकर पुण्य की डुबकी लगाने वालों का आंकड़ा बुधवार शाम तक ही 85 लाख को पार कर चुका था। व्यवस्था और जनसुविधाओं का किया गया विस्तार माघ मेला क्षेत्र में आ रही श्रद्धालुओं की विशाल संख्या को देखते पहले से सजग मेला प्रशासन ने भी अपनी जन सुविधाओं का विस्तार कर दिया है। मेला अधिकारी प्रयागराज के मुताबिक, श्रद्धालुओं के लिए 24 स्नान घाटों का निर्माण किया गया है। घाटों की लंबाई  बढ़ाकर 3.69 किमी कर दी गई है। महाकुंभ में घाटों के किनारे ड्रेजिंग से भी एरिया में बढ़ोतरी हुई है। घाटों के किनारे महिलाओं के लिए 1200 से अधिक चेंजिंग रूम बनाए गए हैं। पहली बार पक्के घाटों के पास कैनोपी आकार के अस्थायी फोल्ड करने वाले चेंजिंग रूम भी बनाए गए हैं। श्रद्धालुओं की नियमित रूप से निगरानी के लिए तीन कंट्रोल सेंटर बनाए गए हैं। इनमें एक आई ट्रिपल सी में, दूसरा पुलिस लाइन में और तीसरा जिला कलेक्ट्रेट में है।  सुगम आवागमन और भीड़ प्रबंधन के लिए एक्शन मोड में रोडवेज और रेलवे श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने के लिए रोडवेज और रेलवे दोनों मेला प्रशासन के साथ रणनीति बनाकर कार्य कर रहे हैं। डीएम प्रयागराज मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि रोडवेज की 1800 बसें इसके लिए तैयार हैं। रोडवेज की क्यूआरटी टीमें भी हर आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।  रेलवे की तरफ से रिंग रेल सेवा के अंतर्गत 8 ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है, जो पूरी मेला अवधि तक होगा। श्रद्धालु यात्रियों की अतिरिक्त सुविधा के लिए 16 ट्रेनों का 02 मिनट का अतिरिक्त अस्थायी ठहराव प्रयागराज रामबाग एवं झूसी स्टेशनों पर दिया गया है। भीड़ प्रबंधन के लिए स्टेशन में एंट्री पॉइंट्स में एकल व्यवस्था रखी गई है। जंक्शन रेलवे स्टेशन में 18 यात्री आश्रय बनाए गए हैं, जिनकी क्षमता 1.20 लाख यात्रियों की है। रेलवे स्टेशन परिसर में 1186 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

देश में अग्रणी राज्यों में, उत्तर प्रदेश में 2316 ईवी चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना

इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग में यूपी की मजबूत छलांग, हरित परिवहन में निर्णायक कदम देश में अग्रणी राज्यों में, उत्तर प्रदेश में 2316 ईवी चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना योगी सरकार की नीति से पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक अवसर लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा और हरित परिवहन की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रहा है। देश में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग अवसंरचना के विकास और विस्तार के बीच उत्तर प्रदेश अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रहा है। प्रदेश में पिछले पांच सालों में 2,316  इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं। यह उपलब्धि प्रदेश के बढ़ते शहरीकरण और औद्योगिक विकास को दर्शानें के साथ-साथ योगी सरकार की दूरदर्शी नीतियों का भी स्पष्ट प्रमाण हैं। याहवी ग्रुप के सीईओ संदीप यादव का कहना है कि उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन को स्थापित करने की दिशा में तेजी आगे बढ़ रहा है। याहवी ग्रुप की ओर से उत्तर प्रदेश के मथुरा और वृंदावन में ईवी चार्जिंग स्टेशन (ट्रकों के लिए)  स्थापित किये गए हैं।   चार्जिंग नेटवर्क में उत्तर प्रदेश की मजबूत हिस्सेदारी देश भर में स्थापित कुल 29,151 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों में उत्तर प्रदेश का उल्लेखनीय योगदान है। प्रदेश में स्थापित 2,316 चार्जिंग स्टेशनों में 540 फास्ट चार्जर और 1,776 स्लो चार्जर शामिल हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश सरकार ने शहरी और अर्ध शहरी दोनों क्षेत्रों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए संतुलित चार्जिंग नेटवर्क विकसित किया है। लखनऊ,  नोएडा,  ग्रेटर नोएडा,  गाजियाबाद,  कानपुर, वाराणसी,  प्रयागराज और आगरा जैसे प्रमुख शहरों में ईवी चार्जिंग सुविधाओं का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। योगी सरकार की स्पष्ट नीति और विजन उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता में सम्मिलित है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में निवेश अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए निजी कंपनियों और निवेशकों को लगातार प्रोत्साहन मिल रहा है।  पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास का संतुलन योगी सरकार का फोकस विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी है। इलेक्ट्रिक वाहनों और चार्जिंग अवसंरचना के विस्तार से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और प्रदूषण नियंत्रण को मजबूती मिलेगी। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े और घनी आबादी वाले प्रदेश में यह पहल वायु गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। इसके साथ ही पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम होने से अर्थव्यवस्था को भी दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। केंद्र सरकार के साथ प्रभावी समन्वय केंद्र सरकार की फेम-1 और फेम-2 योजनाओं के अंतर्गत देश भर में 9,576 ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं, जिनका लाभ उत्तर प्रदेश को भी मिला है। इसके अतिरिक्त पीएम ई-ड्राइव योजना के अंतर्गत ईवी चार्जिंग विस्तार के लिए 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।  भविष्य की दिशा और तैयारी विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले कुछ साल में उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में तेज वृद्धि होगी। इसे ध्यान में रखते हुए योगी सरकार एक्सप्रेस-वे,  औद्योगिक क्षेत्रों,  बस अड्डों,  रेलवे स्टेशनों और पर्यटन स्थलों पर चार्जिंग स्टेशन विकसित करने की रणनीति पर काम कर रही है।

सीएम भगवंत मान धार्मिक टिप्पणियों पर अपना पक्ष रखने पहुंचे श्री अकाल तख्त सचिवालय

अमृतसर. मुख्यमंत्री भगवंत मान आज सिखों की सर्वोच्च धार्मिक सत्ता श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होने के लिए पहुंच  गए हैं। सुबह वह अमृतसर के सर्किट हाऊस पहुंचे। जहां आम आदमी पार्टी के नेताओं से कुछ समय बातचीत के बाद वह अब श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचे। नतमस्तक होने के बाद तकरीबन 11.40 बजे वे श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय पहुंच गए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ उनके सुरक्षाकर्मी एक बैग लेकर चल रहे हैं, जो चर्चा का विषय बन गया है। अनुमान है कि सीएम मान इस बैग में कुछ दस्तावेज लाए  हैं, जो श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज के सुपुर्द किए जा सकते हैं। गौरतलब है कि सीएम मान को हालिया बयानों में सिख मर्यादा, एक आपत्तिजनक वीडियो और गोलक समेत दूसरे सिख मुद्दों पर की बयानबाजी को लेकर तलब किया है। वह टिप्पणियों को लेकर अपना पक्ष जत्थेदार के समक्ष रख रहे हैं। यह पेशी धार्मिक ही नहीं बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी अत्यंत अहम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री की पेशी को लेकर श्री हरिमंदिर साहिब परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। पंजाब पुलिस और शिरोमणि गुरुद्वार प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) सेवादारों की टीमों को तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी भीड़ या अप्रत्याशित स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। बताया गया है कि सीएम मान की उपस्थिति को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। समय में लगातार हो रहा बदलाव मुख्यमंत्री की पेशी का समय लगातार बदलता रहा। पहले उन्हें सुबह 10 बजे बुलाया गया था, फिर समय बदलकर शाम 4:30 बजे कर दिया गया। इसके बाद गुरुवार सुबह 11 से 11:30 बजे के बीच पेश होने का समय तय हुआ, लेकिन इसे भी बदलते हुए अब दोपहर 12 बजे का अंतिम समय निर्धारित किया गया है। जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने मुख्यमंत्री की पेशी पर सहमति दे दी। अमृतधारी सिख न होने की वजह से मुख्यमंत्री सीधे अकाल तख्त की फसील में पेश नहीं होंगे, बल्कि अकाल तख्त साहिब सचिवालय में जत्थेदार के सामने अपना पक्ष रखेंगे। लापता स्वरूपों की बरामदी के बाद भड़का मुद्दा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने सिख मर्यादा पर आपत्तिजनक बयान के लिए 15 जनवरी 2026, यानी कि आज सचिवालय में पेश होने का समन दिया। विवाद सहजधारी सिख जसबीर जस्सी के शबद कीर्तन पर 27 दिसंबर 2025 को भड़का, जब जत्थेदार ने आपत्ति जताई। 29 दिसंबर को चंडीगढ़ प्रेस कॉन्फ्रेंस में मान ने कहा कि सहजधारी शबद न गा सकें तो गुरु की गोलक में दान या मत्था टेकने से भी रोक दें, जिसे सिख भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला माना गया। इसमें दसवंध, लापता गुरु ग्रंथ साहिब स्वरूपों पर FIR और भिंडरांवाले तस्वीर विवाद भी जुड़े। समन 4-5 जनवरी को जारी हुआ। जिसके बाद मुख्मंत्री मान विनम्र सिख के रूप में सबूतों संग पेश हो रहे हैं।