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SIT जांच में खुलासा, महिला से जबरन जुर्म कबूलवाने का आरोप; 4 पुलिसकर्मी फंसे

बालाघाट बालाघाट के किरनापुर पुलिस थाने में दर्ज चोरी के मामले को लेकर महिला से अमानवीय मारपीट का मामला सामने आया था। इसके बाद पुलिस की एसआईटी ने जांच की, जिसमें कानून का उल्लंघन कर महिला को जबरन जुर्म कबूल करने के लिए डराने-धमकाने सहित अन्य अनियमितताएं सामने आई।  चोरी की जांच में थाने लाई गई थी महिला मामला 21 अगस्त को किरनापुर पोस्ट ऑफिस के सामने हुई 50 हजार रुपए की चोरी से जुड़ा है। पुलिस 2 सितंबर को टिमकीटोला निवासी सावित्री चौधरी और उनके पति कैलाश चौधरी को पूछताछ के लिए थाने लाई थी। आरोप है कि यहां दोनों के साथ मारपीट और महिला के साथ दुर्व्यवहार किया गया। 3 सितंबर को सावित्री को आरोपी बनाकर कोर्ट में पेश किया गया था। समाज ने किया था थाने का घेराव महिला से मारपीट के आरोपों के विरोध में मरार माली समाज ने 15 सितंबर को किरनापुर में आंदोलन किया था। इस दौरान थाने में पथराव और तोड़फोड़ भी हुई थी। पुलिस ने पूर्व सांसद कंकर मुंजारे, समाज अध्यक्ष रमेश पंचे, जिला पंचायत प्रतिनिधि, सरपंच समेत 63 नामजद और 100 से 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित धाराओं में केस दर्ज किया था। एसआईटी ने जांच में पाई अनियमितताएं एसपी आदित्य मिश्रा के निर्देश पर डीएसपी प्रतिष्ठा राठौर के नेतृत्व में चार सदस्यीय एसआईटी ने चौधरी दंपती की शिकायत की जांच की। एसआईटी के अनुसार महिला को पर्याप्त कानूनी आधार के बिना थाने में रखा गया। रिपोर्ट में सूर्यास्त के बाद गिरफ्तारी और न्यायिक मजिस्ट्रेट की अनुमति से जुड़ी प्रक्रिया में भी अनियमितता सामने आने की बात कही गई है। केवल इकबालिया बयान के आधार पर कार्रवाई जांच रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने पर्याप्त परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाए बिना महिला के खिलाफ कार्रवाई की। एसआईटी ने महिला और उसके पति को अवैधानिक रूप से थाने में रखने, डराने-धमकाने और अनुचित दबाव डालने के आरोपों की भी पुष्टि की है। चार पुलिसकर्मियों पर इन धाराओं में केस एसआईटी जांच के आधार पर पुलिस ने एसआई दामेन्द्र तुरकर, प्रआर आशीष बघेल, आरक्षक कपिल बघेल और महिला आरक्षक मेघा टेकाम के खिलाफ बीएनएस की धारा 127, 115(2), 296(बी), 351(1) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की है। मामले की जांच जारी है। एक दिन पहले पीड़िता ने बताई थी पूरी घटना एसआईटी रिपोर्ट सामने आने से एक दिन पहले सावित्री चौधरी ने पति कैलाश के साथ मीडिया के सामने थाने में हुई घटना के बारे में बताया था। पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने भी महिला को कोर्ट में पेश किए जाने के बाद अदालत की उस टिप्पणी का हवाला दिया था, जिसमें गिरफ्तारी को अवैधानिक बताते हुए महिला को रिहा किए जाने की बात कही गई थी।

रायगढ़ पहुंचेंगे CM साय, आयुर्वेद सेवा सम्मेलन में लेंगे हिस्सा

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज रायपुर और रायगढ़ के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे. मुख्यमंत्री सुबह 11:40 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक रायपुर में आयोजित आयुर्वेद सेवा सम्मेलन में शामिल होंगे. इसके बाद दोपहर 12:40 बजे से 1:40 बजे तक बिरगांव में भूमिपूजन और लोकार्पण कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. मुख्यमंत्री साय दोपहर 3 बजे दो दिवसीय रायगढ़ दौरे के लिए रवाना होंगे. रायगढ़ में वे भाषा शिक्षण कार्यक्रम और रात में चक्रधर समारोह के समापन कार्यक्रम में शामिल होंगे. मुख्यमंत्री का रात्रि विश्राम रायगढ़ के सर्किट हाउस में होगा. 24 सितंबर को सीएम साय रायगढ़ में सेवा संकल्प सेवादान और वोकल फॉर लोकल कार्यक्रम में शामिल होंगे. साथ ही घाट विकास परियोजना का शिलान्यास करेंगे. सुबह करीब 11:35 बजे तक वह रायपुर लौट आएंगे.

भोपाल-इंदौर में ‘नो-UPI डे’, ₹2000 से ज्यादा का ऑनलाइन पेमेंट नहीं

भोपाल/इंदौर / ग्वालियर मध्य प्रदेश में आज 'नो-UPI डे' रहेगा। भोपाल, इंदौर समेत पूरे प्रदेश के व्यापारी ₹2000 से अधिक का यूपीआई भुगतान नहीं लेंगे।अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल मध्य प्रदेश ने यह आह्वान किया है।हालांकि, किसी भी व्यापारी से जोर-जबर्दस्ती नहीं की जाएगी। भोपाल में यूपीआई स्कैनर को काले कपड़े से ढांककर सांकेतिक विरोध भी जताएंगे।इससे पहले इंदौर में मंगलवार रात को टाइल्स एंड सेनेटरी वेयर व्यापारी एसोसिएशन के नेतृत्व में रीगल स्क्वायर पर हुए प्रदर्शन में 150 से ज्यादा व्यापारी शामिल हुए। व्यापारियों ने ‘यूपीआई बंद करो, यूपीआई पर चार्ज बंद करो’ के नारे लगाए।  अभी हाल ही में केंद्र सरकार ने दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर लगाया है। सभी व्यापारी इसका विरोध कर रहे हैं।सरकार के इस फैसले का विरोध शहरभर के व्यापारी व उनके संगठन 23 सितंबर बुधवार को नो-यूपीआई डे मनाकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। साथ ही वे अपने-अपने प्रतिष्ठान व दुकान पर यूपीआई स्कैनर को काले कपड़े से ढंककर रखेंगे। नो यूपीआई डे मनाने का आह्वान शहर की व्यापारिक संस्था चैंबर ऑफ कॉमर्स व मध्यप्रदेश व्यापारी संघ ने किया है। चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष डॉक्टर प्रवीण अग्रवाल सहित सभी पदाधिकारियों का कहना है कि दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई ट्रांजेक्सन पर 0.4 प्रतिशत का एमडीआर लगाना गलत निर्णय है, क्योंकि इसका असर व्यापारियों पर पड़ेगा। इसके बाद इसका असर कहीं न कहीं आम लोगों पर ही आएगा। अभी सभी व्यापारी अपने कामकाज को सही तरीके से लिखा पढ़ी में ले आए हैं। इस निर्णय से फिर से नकद लेनदेन शुरू होगा और पहले जैसी टैक्स चोरी व कालाधन जैसी समस्याएं पैदा होंगी। यूपीआई से नहीं करेंगे लेनदेन इसलिए बुधवार को संस्था के सदस्यों सहित अंचल के सभी व्यापारिक एवं औद्योगिक संगठनों से अपील की गई है कि व्यापारिक ट्रांजेक्शन पर एमडीआर चार्ज लिए जाने का विरोध करते हुए सभी नो यूपीआई डे मनाएं और अपने-अपने स्कैनरों को काले कपड़े से ढंक कर रखें और यूपीआई से लेनदेन न करें। व्यापार संघ के अध्यक्ष राजेंद्र खंडेलवाल ने बताया कि व्यापार संघ थाटीपुर के नेतृत्व में क्षेत्र के सभी व्यापारी एकजुट होकर विरोध दर्ज कराएंगे। सभी व्यापारी इसकी फोटो संघ के ग्रुप में भेजेंगे, जिसे प्रदेश की वेबसाइट पर अपलोड कर सरकार तक व्यापारियों की नाराजगी पहुंचाई जाएगी। सरकार का निर्णय व्यापारियों पर आर्थिक बोझ व्यापार मंडल के प्रदेश महासचिव अनुपम अग्रवाल ने बताया कि सरकार का यह निर्णय सीधे तौर पर व्यापारियों पर आर्थिक बोझ डालेगा। अधिकतम राशि 300 रुपए तक वसूली जाएगी। यदि व्यापारी एक दिन में 2 हजार रुपए से ज्यादा के 10 ट्रांसजेक्शन भी लेता है तो उसे 3 हजार रुपए देना पड़ सकते हैं। थोक किराना समेत जितने भी थोक व्यापार है, उनके लिए परेशानी ज्यादा बढ़ेगी। किराना में ही 90 प्रतिशत से ज्यादा लेन-देन 2 हजार रुपए से ज्यादा का होता है। अग्रवाल ने बताया कि वे खुद थोक तेल के कारोबारी है। यदि किसी ने 15 लीटर का एक जार भी लिया है तो उसकी कीमत 2200 रुपए तक है। जब ग्राहक ट्रांसजेक्शन करेगा तो मुझे सीधे तौर पर एमडीआर देना पड़ेगा। 15 अक्टूबर से लागू होगा नया नियम बता दें कि 15 अक्टूबर से ₹2,000 रुपए से ज्यादा के पर्सन टु मर्चेंट यूपीआई पेमेंट पर 0.4% MDR लगेगा। ₹75000 और उससे ज्यादा के लेन-देन पर चार्ज ₹300 रुपए होगा। प्रदेश के 4700 पेट्रोल पंप पर भी यह फैसला मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन ने 16 अक्टूबर से 2 हजार से ज्यादा के बिल पर UPI पेमेंट नहीं लेने का फैसला किया है। इससे पहले बुधवार को होने वाले सांकेतिक विरोध प्रदर्शन में भी वे शामिल होंगे। व्यापारियों के खिलाफ सरकार-खण्डेलवाल खण्डेलवाल ने कहा सरकार ने यह शुल्क थोपकर डिजिटल इंडिया को सफल बनाने वाले व्यापारी वर्ग की कमर तोड़ने का काम किया है। कैट का नो यूपीआई डे कल राजीव प्लाजा मेंकंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) बुधवार को नो यूपीआई डे राजीव प्लाजा में दोपहर एक बजे से आंदोलन के रूप में मनायेगा। कैट के जिलाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने बताया कि इस अवसर पर सभी मोबाइल व्यवसायी धरना प्रदर्शन करेंगे। साथ ही कैट मध्यप्रदेश के अध्यक्ष भूपेन्द्र जैन सभा को संबोधित करेंगे। कैट के महामंत्री रामकुमार गोयल, कोषाध्यक्ष नितिन गोयल, कार्यक्रम संयोजक एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज चौरसिया ने सभी कैट पदाधिकारी और सदस्यों को नो यूपीआइ डे में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आग्रह किया है।

बेहतर हवाई संपर्क से पर्यटन, व्यापार, निवेश और रोजगार की संभावनाओं को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री

छत्तीसगढ़ की दूरियां घटेंगी, विकास की रफ्तार बढ़ेगी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मॉडिफाइड उड़ान योजना के नए चरण के लिए भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन के बीच महत्वपूर्ण समझौता बेहतर हवाई संपर्क से पर्यटन, व्यापार, निवेश और रोजगार की संभावनाओं को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू के प्रति मुख्यमंत्री ने जताया आभार रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मॉडिफाइड उड़ान योजना के नए चरण के अंतर्गत भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन के बीच हुए समझौते को विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश की भौगोलिक दूरियां घटेंगी और विकास की रफ्तार बढ़ेगी। नई दिल्ली में हुए इस समझौते पर छत्तीसगढ़ शासन की ओर से विमानन सचिव मुकेश बंसल ने हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारा प्रयास है कि बेहतर हवाई संपर्क का लाभ बड़े शहरों के साथ छोटे शहरों और दूरस्थ अंचलों तक भी पहुंचे। इस समझौते से प्रदेश में नए हवाई संपर्क, हवाई पट्टियों के विकास और दूरस्थ क्षेत्रों में हेली-कनेक्टिविटी के विस्तार की संभावनाओं को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि बेहतर हवाई संपर्क से नागरिकों का आवागमन सुगम होगा और पर्यटन, व्यापार, निवेश तथा रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। प्रदेश के प्राकृतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। दूरस्थ क्षेत्रों में हेली-कनेक्टिविटी का विस्तार आपातकालीन चिकित्सा सहायता, आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों में भी उपयोगी होगा। मुख्यमंत्री साय ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ देश के विस्तारित होते विमानन नेटवर्क से और मजबूती से जुड़ेगा। उल्लेखनीय है कि मॉडिफाइड उड़ान योजना के अंतर्गत देश में मौजूदा अनुपयोगी हवाई पट्टियों से 100 हवाई अड्डे तथा दूरस्थ क्षेत्रों में 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

सेवा संकल्प अभियान के कार्यक्रमों का बेहतर आयोजन सुनिश्चित हो: मंत्री जायसवाल

रायपुर : सेवा संकलल्प अभियान अंतर्गत सभी कार्यक्रमों का बेहतर आयोजन सुनिश्चित हो -कैबिनेट मंत्री जायसवाल प्रभारी मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सेवा संकल्प अभियान की तैयारी हेतु ली समीक्षा बैठक अंगदान का संकल्प लेने वालों को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित रायपुर बलौदाबाजार भाटापारा जिले के प्रभारी एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मंगलवार को जिला प्रवास के दौरान संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष मे सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रम की तैयारी की समीक्षा  बैठक ली।  इस दौरान अंगदान का संकल्प लेने वाले 5 दानदाताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया औऱ उन्हें प्रेरणास्रोत बताया। अंगदान संकल्प लेने वालों मे जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल,फिरतराम साहू, पुष्पा साहू,भाटापारा से वेदराम आनंद एवं  रेशमा बाई शामिल हैं। सेवा संकलल्प अभियान अंतर्गत सभी कार्यक्रमों का बेहतर आयोजन सुनिश्चित हो -कैबिनेट मंत्री जायसवाल  प्रभारी मंत्री जायसवाल ने 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान को अति महत्वपूर्ण बताते हुए सभी कार्यक्रमो का बेहतर आयोजन सुनिश्चित करने एवं अधिक से अधिक जनसहभागिता हेतु आवश्यक निर्देश एवं मार्गदर्शन दिये। उन्होंने आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम का जिले मे बेहतर आयोजन की सराहना की औऱ आगामी सभी कार्यक्रम को गरिमापूर्ण आयोजन की बात कही। बैठक मे आगामी सभी कार्यक्रमों की तैयारी के सम्बन्ध मे विस्तृत समीक्षा की।उन्होंने मेरे सपनों का भारत कार्यक्रम अंतर्गत विद्यालय स्तर से ब्लॉक एवं जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिये विद्यार्थियों की संख्या निर्धारण करने कहा। आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम अंतर्गत अंगाबाड़ी कार्यकर्त्ता,सहायिका मितानिन का सम्मान,गर्भवती माताओ व बच्चों का हेल्थ चेक -अप एवं खेलकूद आयोजित करने के निर्देश दिये।सेवा की कहानी अंतर्गत लाभार्थियों की सफलता की कहानी सभी मीडिया प्लेटफार्म मे जारी करने, सेवा मेरा योगदान अंतर्गत स्वच्छता अभियान गांव,शहरों,नदी,घाट,तालाब आदि की सफाई जनसहभागिता से करें। उन्होंने सेवा सेतु शिविर के सम्बन्ध मे कहा कि सभी ब्लॉक मे एक- एक चिहांकित गांव मे आयोजित करना है जिसमें जिला स्तरीय अधिकारियो की टीम मौजूद रहेंगे। शिविर मे मेगा हेल्थ कैम्प का विशेष रूप से आयोजन किया जाए। शिविर का उद्देश्य आने वाले आवेदको को लाभार्थी बनाकर वापस भेजने का हो। उनके समस्याओ का तत्काल निराकरण होना चाहिए।

किसानों को मिलेंगे बेहतर बीज, विभागों के समन्वय से बनेगी रूपरेखा

उच्च गुणवत्ता के बीज उपलब्ध कराने के लिये बनेगी कमेटी सहयोगी संबंधित विभागों के समन्वय से बनायें रूपरेखा : मंत्री सारंग प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता बढ़ाने के लिये हुई बैठक भोपाल  प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता बढ़ाने के लिये सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग की अध्यक्षता में मंत्रालय में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में प्रमाणित एवं हाइब्रिड बीज की उपलब्धता बढ़ाने के लिये कार्य-योजना पर चर्चा की गई। मंत्री सारंग ने कहा कि दलहन के बीजों की उपलब्धता पर ध्यान दिया जाना होगा। जिस प्रकार पिछले वर्ष 5 बीजों पर बीज संघ ने काम किया था, उसी प्रकार इस वर्ष कार्य-योजना बनाई जाये। दूसरे विभागों से क्या अपेक्षाएँ हैं उस पर एक पीपीटी तैयार करें। मंत्री सारंग ने कहा कि एक हाई लेवल कमेटी बनाकर उच्च गुणवत्ता का बीज तैयार करने और इसके लिये अन्य विभागों से समन्वय स्थापित करने की रूपरेखा तैयार की जाये। हाई लेवल कमेटी में सहकारिता, कृषि, उद्यानिकी और कृषि विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि भी शामिल हों, जो एक माह में विस्तृत रूप से कार्य कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। बैठक में बीज उत्पादन एवं विपणन में शासकीय संस्थानों की उपादेयता, प्रमुख फसलों की बीज आवश्यकता, उपलब्धता, प्रदेश में प्रमुख फसलों का बोया गया क्षेत्रफल, फसलवार अधिक व कम उत्पादकता वाले जिले, हाइब्रिड बीज-आवश्यकता, शासकीय योगदान एवं कार्य-योजना, आगामी 5 वर्षों के लिये बीज उत्पादन कार्यक्रम, उद्यानिकी हाईब्रिड बीजों के लिये आधारभूत संरचना विकसित करने, बीज उत्पादन एवं विपणन में वर्तमान बाधाएँ एवं समाधान जैसे विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त के.सी. गुप्ता, सहकारिता आयुक्त दीपक सिंह, संचालक कृषि उमाशंकर भार्गव, उप सचिव मनोज सिन्हा और प्रबंध संचालक बीज संघ महेन्द्र दीक्षित सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

उद्योगों-रेलवे में होगा ट्रीटेड पानी का इस्तेमाल, 15 दिन में देनी होगी रिपोर्ट

उपचारित जल के उपयोग पर जोर, निकायों को 50 किमी के दायरे में यूजर तलाशने के निर्देश उद्योगों से लेकर रेलवे तक में उपयोग की होगी पड़ताल, 15 दिनों में निकाय देंगे जानकारी 6 शहरों में बन रहे कुल 338 एमएलडी के एसटीपी सूडा ने निकायों को परिपत्र जारी कर संभावित उपयोगकर्ताओं की पहचान और आवश्यक कार्यवाही के दिए निर्देश रायपुर  सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से निकलने वाले उपचारित पानी के सदुपयोग के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग गंभीरता से पहल कर रही है। विभाग ने उपचारित जल के दोबारा उपयोग को बढ़ावा देने नगरीय निकायों को संभावित उपयोगकर्ताओं की पहचान और उनकी जल आवश्यकता के आकलन के निर्देश दिए हैं। इसके लिए एसटीपी से 50 किलोमीटर के दायरे में आने वाले थर्मल पावर प्लांट, उद्योग, रेलवे, शासकीय विभाग और अन्य संस्थानों से समन्वय करने को कहा गया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) ने राज्य के जिन 6 नगर निगमों में कुल 338 एमएलडी क्षमता के एसटीपी निर्माणाधीन है, वहां के आयुक्तों को परिपत्र जारी कर इस दिशा में आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। इन निकायों को एसटीपी के उपचारित जल के संभावित उपयोगकर्ताओं की जानकारी जुटाने को कहा गया है। साथ ही संबंधित संस्थानों को कितनी मात्रा में उपचारित जल की आवश्यकता होगी, इसका भी आकलन करने को कहा गया है।  50 किमी के दायरे में तलाशेंगे उपयोगकर्ता उपचारित जल के पुन: उपयोग के लिए एसटीपी के आसपास के क्षेत्र को केंद्र में रखा गया है। निकायों को 50 किलोमीटर की परिधि में स्थित थर्मल पावर प्लांट, उद्योगों, रेलवे, शासकीय विभागों और अन्य संस्थानों से संपर्क कर उनकी जल आवश्यकता की जानकारी लेने के निर्देश दिए गए हैं। इससे एसटीपी से उपचारित जल उपलब्ध होने के बाद उसके उपयोग के लिए संभावित उपभोक्ताओं की पहचान पहले से की जा सकेगी। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 और मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत 6 नगर निगमों में कुल 338 एमएलडी क्षमता के एसटीपी निर्माणाधीन हैं। बीरगांव में 55 एमएलडी, भिलाई-चरौदा में 13 एमएलडी, भिलाई में 150 एमएलडी, दुर्ग में 47 एमएलडी, अंबिकापुर में 32 एमएलडी और राजनांदगांव में 41 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। केंद्र सरकार और एनजीटी के निर्देशों के अनुरूप राज्य शासन की पहल सूडा ने दुर्ग, भिलाई, भिलाई-चरोदा, बीरगांव, अंबिकापुर और राजनांदगाव के निगम आयुक्तों को परिपत्र जारी कर बताया है कि भारत सरकार के ऊर्जा विभाग की टैरिफ पॉलिसी, 2016 के तहत एसटीपी के 50 किलोमीटर के दायरे में स्थित थर्मल पावर प्लांटों में उपचारित जल के पुन: उपयोग के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने भी एसटीपी के उपचारित जल के पुन: उपयोग के लिए निर्देशित किया है। सूडा ने संबंधित निकायों को संभावित उपयोगकर्ताओं और उनकी जल आवश्यकता के संबंध में जानकारी 15 दिनों में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, जिससे कि एसटीपी का संचालन शुरू होने के बाद उपचारित जल का पुनः उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

भोपाल के पत्रकारों ने जाना जम्मू के औद्योगिक विकास का हाल

भोपाल से आए पत्रकारों के दल ने जम्मू क्षेत्र के औद्योगिक विकास के बारे में जानकारी ली सिडको  इंडस्ट्रियल एरिया में औद्योगिक इकाइयों का किया दौरा भोपाल/जम्मू   पत्र सूचना कार्यालय, भोपाल के नेतृत्व में जम्मू आए पत्रकारों के एक दल ने आज जम्मू में उद्योग और वाणिज्य निदेशालय का दौरा किया। सहायक निदेशक श्री जतिंदर पॉल सिंह ने उनका स्वागत किया और उन्हें जम्मू-कश्मीर इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2021–30 और नई सेंट्रल सेक्टर स्कीम   (NCSS 2021) के तहत जम्मू-कश्मीर में हो रहे तेज़ी से औद्योगिक बदलाव के बारे में जानकारी दी।श्री जतिंदर पॉल सिंह ने  मीडिया दल को बताया कि जम्मू डिवीज़न में बड़े पैमाने पर औद्योगिक विकास हुआ है। यहां तय औद्योगिक एस्टेट्स में सरकारी ज़मीन पर 1,767 औद्योगिक इकाइयाँ काम कर रही हैं, जिनमें कुल ₹13,391.46 करोड़ का निवेश हुआ है और 49,795 लोगों को सीधा रोज़गार मिला है।  नई सेंट्रल सेक्टर स्कीम 2021 फ्रेमवर्क के तहत, 30 सितंबर 2024 तक 971 इकाइयों का पंजीयन हुआ। इनमें कुल ₹14,294 करोड़ का प्रस्तावित निवेश शामिल है, जिसमें से ₹10,514 करोड़ प्लांट और मशीनरी के लिए हैं। साथ ही, इससे 51,897 लोगों को रोज़गार मिलने का अनुमान है और ₹32,017 करोड़ के वित्तीय प्रोत्साहन का भी अनुमान है। सहायक निदेशक ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में केंद्र शासित प्रदेश में असल निवेश ₹5,824 करोड़ तक पहुँच गया। यह 2021 से पहले के समय में हुए औसत सालाना निवेश के मुकाबले 13 गुना ज़्यादा है। तेज़ी से काम करते हुए, 1 अगस्त 2026 तक रजिस्टर्ड 440 नई और विस्तार वाली इकाइयों में से 401 (यानी 91 प्रतिशत) ने कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र के इतिहास में पहली बार, पैकेजिंग, फ़ूड प्रोसेसिंग, पॉलिमर और फ़ार्मास्यूटिकल्स जैसे तेज़ी से बढ़ने वाले सेक्टर में कई बड़ी औद्योगिक इकाइयाँ (मेगा इंडस्ट्रियल यूनिट्स) सफलतापूर्वक स्थापित की गई हैं, जिनमें से हर एक में ₹500 करोड़ से ज़्यादा का निवेश हुआ है। प्रतिनिधिमंडल को निवेशकों को मिलने वाले मज़बूत संस्थागत सहयोग के बारे में भी जानकारी दी गई। इसमें ₹45 लाख तक के  डीजी सेट पर 100% सब्सिडी, ₹50 लाख तक के प्रदूषण नियंत्रण   उपकरणों पर 60% सब्सिडी, पात्र इकाइयों के लिए 10 साल तक 100% नेट SGST की वापसी, 5 साल तक टर्नओवर से जुड़े इंसेंटिव और सिंगल विंडो पोर्टल के ज़रिए मैनेज होने वाला 99 साल तक का पारदर्शी ज़मीन लीज़ फ़्रेमवर्क शामिल है। बाद में, प्रतिनिधिमंडल ने SIDCO इंडस्ट्रियल एरिया में मौजूद फील्ड यूनिट्स का दौरा किया और  नई स्थापित इंडस्ट्रियल यूनिट्स के कामकाज, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं और ऑपरेशनल इकोसिस्टम को प्रत्यक्ष रूप से देखा।

जम्मू एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण की जानकारी लेने पहुंचा मीडिया दल

भोपाल से आए मीडिया दल ने जम्मू विमानतल के आधुनिकीकरण और विस्तार की जानकारी ली भोपाल  जम्मू से बड़ी खबर सामने आई है।पीआईबी के नेतृत्व में भोपाल से आए मीडिया दल ने जम्मू विमानतल का दौरा किया और यहां चल रहे आधुनिकीकरण एवं विस्तार कार्यों की जानकारी ली। इस दौरान भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, जम्मू के निदेशक श्री देवेंद्र यादव ने मीडिया दल को विमानतल के विस्तार और नई टर्मिनल बिल्डिंग के निर्माण की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जम्मू विमानतल की नई टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण विजन 2047 के अनुरूप किया जा रहा है। इसका उद्देश्य भविष्य की बढ़ती यात्री सुविधाओं और हवाई यातायात की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मीडिया दल ने विमानतल पर चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों से परियोजना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

मध्यप्रदेश को टेलीकॉम, सेमीकंडक्टर, का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 सीएम डॉ. यादव ने बताईं TMZ की विशेषताएं, कंपनियों ने की 500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव पर चर्चा  मध्यप्रदेश को टेलीकॉम, सेमीकंडक्टर, का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव – मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेंगलुरु में उद्योगपतियों से किया वन-टू-वन संवाद – चिप डिजाइन, ड्रोन तकनीक, जीसीसी, डेटा सेंटर पर हुई अहम बातचीत – ग्वालियर टेलीकॉम जोन से लेकर मालवा-महाकौशल तक खुलेंगे रोजगार के नए अवसर भोपाल/बेंगलुरु  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 22 सितंबर को बेंगलुरु में उद्योगपतियों और प्रमुख निवेशकों से वन-टू-वन संवाद किया। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद थे। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश में सूचना प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर, टेलीकॉम और इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण के एक सशक्त केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। उन्होंने निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योग-व्यापार के लिए अपार संभावनाएं, मजबूत अधोसंरचना, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन और उद्योग-हितैषी नीतियां मौजूद हैं। राज्य सरकार हर निवेशक को सुरक्षित वातावरण, सिंगल विंडो सिस्टम से त्वरित अनुमतियां और नीतिगत सहयोग देने के लिए पूरी तरह तत्पर है। बेंगलुरु के तकनीकी इको सिस्टम और मध्यप्रदेश के औद्योगिक आधार के समन्वय से प्रदेश में नवाचार और रोजगार के नए आयाम स्थापित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से कहा कि उद्योग की आवश्यकताओं और अपेक्षाओं के अनुरूप मध्यप्रदेश में सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि वे स्वयं हर रोड शो में निवेशकों के साथ संवाद करते हैं और उनके साथ वरिष्ठ अधिकारी भी रहते हैं, ताकि निवेश से जुड़ी समस्याओं और आवश्यकताओं का तत्काल समाधान किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में पारदर्शी नीतियां लागू हैं और निवेशकों से जुड़े प्रत्येक मुद्दे का तत्परता से निराकरण किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि निवेशकों को जरूरतों के अनुरूप सुविधाएं और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन संवाद में विशेष रूप से ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) की विशेषताओं और संभावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार टेलीकॉम उपकरणों के विनिर्माण के साथ-साथ इस क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की नीतियां भविष्योन्मुखी हैं, जो इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण समूहों के विस्तार के लिए वित्तीय एवं गैर-वित्तीय दोनों ही तरह के आकर्षक प्रोत्साहन प्रदान करती हैं। थोलोन्स और सीजीआई से संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव से संवाद के दौरान आईटी एवं जीसीसी सेक्टर के दिग्गजों ने मध्यप्रदेश में अपनी इकाइयां स्थापित करने को लेकर गहरी रुचि दिखाई। थोलोन्स के चेयरमैन और सीईओ अविनाश वशिष्ठ और अंकिता वशिष्ठ ने प्रदेश में 210 करोड़ रुपये के निवेश से जीसीसी यूनिट स्थापित करने के प्रस्ताव को अंतिम रूप देने पर चर्चा की। सीजीआई के वाइस प्रेसिडेंट अतुल अगाशे ने मध्यप्रदेश में जीसीसी निवेश की संभावनाओं को देखते हुए प्रदेश में विस्तार की मंशा जताई। सेमीकंडक्टर और चिप डिजाइनिंग का प्रमुख केंद्र बनेगा मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सेमीकंडक्टर और चिप डिजाइनिंग के क्षेत्र में अग्रणी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने विस्तृत चर्चा की। असेइक मावेन सिलिकॉन के संस्थापक एवं सीईओ शिवकुमार पी.आर. ने प्रदेश में कुल 100 करोड़ रुपये के निवेश से 'चिप डिजाइन हाउस' स्थापित करने का प्रस्ताव रखा, जिसके प्रथम चरण में 25 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। कोर-आईसी टेक्नोलॉजीज प्रायवेट लिमिटेड के संस्थापक एवं सीईओ पंकज गर्ग ने भी विभिन्न चरणों में कुल 100 करोड़ रुपये के निवेश से चिप डिजाइन सर्विसेज स्थापित करने पर सहमति जताई। डीपटेक फंडिंग, डेटा सेंटर, स्पेसटेक और सस्टेनेबिलिटी में नए निवेश प्रस्ताव प्रदेश में स्टार्टअप्स और नई तकनीकों को गति देने के लिए डीपटेक वेंचर कैपिटल फंड 'सीफंड' के नरेंद्र भंडारी ने मध्यप्रदेश के स्टार्टअप्स के लिए लगभग 200 करोड़ रुपये की फंडिंग उपलब्ध कराने की योजना प्रस्तुत की। नाइनस्टार्स इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्रायवेट लिमिटेड के चेयरमैन एवं सीईओ गोपाल कृष्णन ने मध्यप्रदेश में आधुनिक डेटा सेंटर स्थापित करने पर विमर्श किया। स्पेसटेक के क्षेत्र में गैलेक्सी के सह-संस्थापक रक्षित भट्ट और पायल दवे ने अपनी सहभागिता को लेकर संवाद किया। इसके अलावा, मोबिलिटी एवं बाइक शेयरिंग क्षेत्र की प्रमुख कंपनी रैपिडो के सह-संस्थापक पवन गुंटुपल्ली तथा पर्यावरण एवं सस्टेनेबिलिटी क्षेत्र में कार्य कर रही कंपनी डोनाउ कार्बन इंडिया के सीईओ व एमडी वीरेंद्र चौधरी ने भी प्रदेश में अपनी योजनाओं को लेकर चर्चा की। ड्रोन विनिर्माण और रक्षा तकनीक को मिलेगी नई गति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की भविष्य की तकनीक को ध्यान में रखते हुए ड्रोन विनिर्माण क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ भी महत्वपूर्ण बैठक हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से एयरबाउंड के संस्थापक नमन पुष्प, आइडियाफोर्ज की हेड ऑफ मार्केटिंग कुथि अरमनमाडा, नॉटिकल विंग्स के हेड ऑफ बिजनेस डेवलपमेंट रोहन फर्नांडीस, न्यूस्पेस एंड रिसर्च टेक्नोलॉजीज के हेड ऑफ बिजनेस अश्विन शास्त्री और अनमैन्ड सिस्टम्स के संस्थापक एवं सीईओ यशवंत रेड्डी ने प्रदेश में ड्रोन निर्माण और परीक्षण इकोसिस्टम विकसित करने के साथ-साथ निवेश के अवसरों पर विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को एयरबाउंड की ओर से प्रतिनिधियों ने ड्रोन भेंट किया। प्रमुख टेक एवं कंसल्टिंग कंपनियों के प्रतिनिधियों ने की भेंट मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बैठक के दौरान एचपी एंटरप्राइजेज की ओर से जीसीसी क्षेत्र में कार्यरत जयंत और तारा,  जेडस्केलर आईटी कंपनी की ओर से श्रीनिधि तथा क्वांटम कंप्यूटिंग और एआई क्षेत्र में कार्यरत कंपनी की ओर से अनुराग ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से फुजित्सु कंसल्टिंग इंडिया प्रालि की ओर से विशाल अगस्त्या, कंट्री लीडर, इंडिया एवं कंसल्टिंग लीड, ग्लोबल डिलीवरी यूनिट तथा इनफिनिटी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की ओर से नितिन मेहता, चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर एवं कंट्री हेड ने भी भेंट की। प्रदेश के सभी अंचलों में संतुलित औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन का संकल्प मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार चुनिंदा शहरों तक सीमित न रहकर इंदौर, उज्जैन, भोपाल के साथ-साथ जबलपुर और ग्वालियर जैसे संभागों में भी औद्योगिक गतिविधियों को समान रूप से संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के छोटे-बड़े शहरों में भारी उद्योगों के साथ एमएसएमई और लघु-कुटीर उद्योगों की स्थापना पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर नागरिकों को सम्मानजनक रोजगार मिल सके। उपस्थित सभी प्रमुख निवेशकों ने मध्यप्रदेश की निवेश अनुकूल नीतियों, पारदर्शी … Read more