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झारखंड की राजधानी से हटाए जाएंगे अवैध कब्जे

रांची. झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के मद्देनजर रांची शहर और जिले के विभिन्न इलाकों में अतिक्रमण के खिलाफ तगड़े बुलडोजर ऐक्शन के संकेत हैं। खासकर जब जलाशयों को अतिक्रमण मुक्त करने की कार्रवाई तेजी से चल रही है। बाकी जगहों पर भी अतिक्रमण हटाने की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रांची मंजुनाथ भजन्त्री ने शनिवार को हटिया जलाशय (धुर्वा डैम) के आस-पास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को अवैध कब्जों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। नक्शे के अनुसार चिह्नित हो जलाशयों की सीमा उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जलाशयों की मूल सीमा को राजस्व नक्शे के अनुसार चिह्नित किया जाए तथा किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को शीघ्र हटाया जाए। उन्होंने कहा कि जलाशयों पर अतिक्रमण न केवल जल भंडारण क्षमता को प्रभावित करता है, बल्कि पर्यावरण, भूजल स्तर एवं शहर की पारिस्थितिकी पर भी गहरा असर डालता है। इन जगहों पर होगा बुलडोजर ऐक्शन रांची जिला प्रशासन का स्पष्ट लक्ष्य है कि रांची के सभी प्रमुख जलाशयों – जिसमें कांके डैम, हटिया डैम, धुर्वा डैम, गेतलसूद डैम, हरमू नदी, हिनू नदी एवं अन्य तालाब शामिल हैं – को पूर्णतः अतिक्रमण मुक्त कर उनका संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण सुनिश्चित किया जाए। संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अंचल अधिकारी अन्य संबंधित विभागों को संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। अपर समाहर्ता को सभी अंचल अधिकारियों के लिए रोस्टर तैयार कर नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही अतिक्रमण हटाए जाने के बाद वहां दोबारा कब्जा ना हो, इस बात को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त उपायुक्त भजन्त्री ने आम नागरिकों से अपील की कि वे जलाशयों के आस-पास किसी भी प्रकार का अतिक्रमण ना करें। उन्होंने साफ कहा कि माननीय झारखंड हाईकोर्ट के आदेशों का अक्षरशः पालन कराया जाएगा। इस दिशा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई रांची को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और पर्यावरण अनुकूल शहर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन की सतत प्रतिबद्धता का हिस्सा है।

झारखंड में टूटे पुल पर रेलकर्मी की तत्परता से टला बड़ा रेल हादसा

लोहरदगा. झारखंड में बड़ा ट्रेन हादसा होने से बच गया। लोहरदगा-रांची मेमु ट्रेन रविवार दुर्घटनाग्रस्त होते-होते रह गई। समय रहते रेलवे प्रशासन को कोयल नदी पर बने रेलवे पुल के पांच नंबर पिलर के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी समय रहते मिल गई, इसलिए रांची से आने वाले मेमू ट्रेन को पूल से पहले ही रोक कर पैसेंजर खाली करा दिया गया। सभी रेलवे यात्री पांव पैदल रेलवे पु ल पार कर स्टेशन पहुंचे। इस दौरान मामले की जानकारी मिलने के बाद रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं और मामले की जांच की जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार, दिनों की अपेक्षा आज ट्रेन में काफी भीड़ थी। रांची से चंदवा टोरी जा रही मेमो ट्रेन 68027 लगभग 9 बजे रांची से चली थी। बताया जाता है कि लोहरदगा पहुंचने से कुछ मिनटों पहले ही रेलवे कर्मी को पूल क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली । रेलवे कर्मी तत्परता दिखाते हुए जैसे ही मेमू ट्रेन रेलवे पुल के पास पहुंची उसे रोक दिया गया। पूल क्षतिग्रस्त होते ही पैसेंजरों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, पैसेंजर रेलवे ट्रैक से पुल पार होकर स्टेशन पहुंचे। वहीं जानकारी के बाद रेलवे के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। इस मामले की जानकारी मिलने के बाद इस रूट पर रेलवे सेवा बंद कर दी गई है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी टीम के अप्रूवल के बाद ही रेलवे सेवा की जाएगी बहाल। फिलहाल इस मामले की जांच की जा रही है क्यों क्षतिग्रस्त हुआ पिलर मिली जानकारी के अनुसार, कोयल-शंख नदी में लगातार अवैध खनन चल रहा है। इस दौरान अवैध खनन की वजह से कोयल-शंख नदी पर बने पुल के पिलर नंबर 6 को क्षति पहुंची है, जिससे पिलर अब ट्रेन का भार सहने लायक नहीं रह गया है। इसकी वजह कोयल-शंख नदी में लगातार चल रहे अवैध खनन को बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलने के बाद रेलवे की तकनीकी टीम मौके पर जां के लिए पहुंच गई है।रांची रेलमंडल की सीनियर डीसीएम शुचि सिंह ने बताया की पुल वाली सूचना सही है। हल्की दरार है। फिर भी सुरक्षा कारणों से इस लाइन में ट्रेन का आवागमन रोक दिया है। लोहरदगा मेमू पैसेंजर को नागजुवा स्टेशन से चलाया जा रहा है। वहीं राजधानी एक्सप्रेस भी परिवर्तित मार्ग से चलेगी।

खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए पूरी हुई श्रीअन्न की खरीद

बाजरा की हुई 2.13 लाख मीट्रिक टन खरीद, ज्वार की खरीद रही 43,562 मीट्रिक टन और मक्का की खरीद रही 13,209 मीट्रिक टन ज्वार (मालदांडी) 3749, ज्वार (हाईब्रिड) 3699 रुपये, बाजरा 2775 और मक्का की 2400 रुपये प्रति कुंतल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर हुई खरीद लखनऊ खरीफ विपणन वर्ष (2025-26) में ‘श्रीअन्न’ के किसानों ने बाजार की बजाय सरकारी खरीद को प्राथमिकता दी। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष श्री अन्न (बाजरा, ज्वार व मक्का) की सरकारी खरीद अधिक रही। इसके एवज में किसानों को अधिक भुगतान भी किया गया। योगी सरकार की पारदर्शी नीतियों की बदौलत किसानों का झुकाव सरकारी खरीद पर अधिक रहा। इस वर्ष बाजरा की खरीद 2.13 लाख, ज्वार की 43,562 व मक्का की 12,208 मीट्रिक टन रही। पहली अक्टूबर से शुरू हुई ‘श्रीअन्न’ की खरीद पूरी हो गई। बाजरा की खरीद 33, मक्का 25 व ज्वार की खरीद 11 जनपदों में हुई। ज्वार का न्यूनतम समर्थन मूल्य (मालदांडी) 3749, ज्वार (हाईब्रिड) 3699 रुपये, बाजरा का 2775 व मक्का का 2400 रुपये प्रति कुंतल न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया था। बाजरा (2025-26)- खरीद 33 जनपद में ही हुई 90513 किसानों ने पंजीकरण कराया 54,253 किसानों से 2.13 लाख मीट्रिक टन खरीद 598.04 करोड़ रुपये का किया गया भुगतान (2024-25) 19,030 किसानों से 1.01 लाख मीट्रिक टन खरीद हुई थी किसानों को किया गया था लगभग 268 करोड़ रुपये का भुगतान ज्वार- (2025-26)- 11 जनपदों में हुई खरीद 20307 किसानों ने पंजीकरण कराया 13,454 किसानों से 43,562 मीट्रिक टन खरीद 162 करोड़ रुपये का किया गया भुगतान मक्का- (2025-26)- 25 जनपदों में हुई खरीद 7106 किसानों ने पंजीकरण कराया 3445 किसानों से 13,209 मीट्रिक टन खरीद 31.96 करोड़ रुपये का किया गया भुगतान यह भी जानें 25 जनपदों में हुई मक्का खरीद   मक्का खरीद 25 जनपदों (बदायूं,  बुलंदशहर, हरदोई, उन्नाव, मैनपुरी, आगरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस, कानपुर नगर-देहात, कन्नौज, औरैया, इटावा, बहराइच, गोंडा, बलिया, जौनपुर, फर्रुखाबाद, मीरजापुर, सोनभद्र, देवरिया व ललितपुर) में हुई।    बाजरा खरीद वाले 33 जनपद बदायूं,  बुलंदशहर, आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, मैनपुरी, अलीगढ़, कासगंज, हाथरस, एटा, बरेली,  शाहजहांपुर, संभल, रामपुर, अमरोहा, कानपुर नगर-देहात, फर्रुखाबाद, औरैया, कन्नौज, इटावा, जालौन, हमीरपुर, चित्रकूट, गाजीपुर, जौनपुर, प्रयागराज, फतेहपुर, कौशांबी, मीरजापुर, बलिया, हरदोई व उन्नाव समेत 33 जनपदों में बाजरा खरीद हुई।   11 जनपदों में चली ज्वार खरीद बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, कानपुर नगर-देहात, फतेहपुर, उन्नाव, हरदोई, मीरजापुर व जालौन में ज्वार की खरीद चल रही।

किडनी ट्रांसप्लांट के लिए रांची के 2 अस्पतालों को लाइसेंस देने की तैयारी

रांची. झारखंड के मरीजों को आने वाले दिनों में किडनी ट्रांसप्लांट के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। रांची के 2 अस्पतालों में यह सुविधा शुरू होने की संभावना है। सरकार ने इस दिशा में कदम बढ़ाया है। 9 जनवरी को एडवाइजरी कमिटी की बैठक बुलाई गई है। साथ ही राज्य के अन्य सरकारी अस्पतालों में भी इस योजना पर काम किया जा रहा है। झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में किडनी ट्रांसप्लांट सेवा शुरू करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम बढ़ाया है। इसके साथ ही राज्य के अन्य सरकारी अस्पतालों में भी चरणबद्ध तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट सुविधा उपलब्ध कराने की योजना पर काम किया जा रहा है। इस पहल से झारखंड के किडनी रोगियों को इलाज के लिए राज्य से बाहर जाने की मजबूरी से राहत मिलने की उम्मीद है। 9 जनवरी को बुलाई गई बैठक स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड सरकार के उप सचिव ध्रुव प्रसाद की ओर से इस संबंध में पत्र जारी किया गया है। पत्र के अनुसार 9 जनवरी 2026 को पूर्वाह्न 11:30 बजे एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी कमिटी की बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग अजय कुमार सिंह के कार्यालय कक्ष में होगी। बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव करेंगे। 2 अस्पतालों को लाइसेंस देने पर विचार बैठक में फिलहाल रांची के दो अस्पतालों-राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) और राज हॉस्पिटल को किडनी ट्रांसप्लांट के लिए लाइसेंस दिए जाने पर विचार किया जाएगा। इन अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं और निर्धारित मानकों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। निरीक्षण के बाद समिति देगी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग की निर्धारित प्रक्रिया के तहत किडनी ट्रांसप्लांट की अनुमति से पहले निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं की अध्यक्षता में एक तकनीकी समिति का गठन किया जाता है। यह समिति संबंधित अस्पताल का स्थल निरीक्षण कर वहां उपलब्ध बुनियादी ढांचे, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता, नेफ्रोलॉजी एवं यूरोलॉजी सेवाएं, ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, ब्लड बैंक और अन्य आवश्यक संसाधनों का विस्तृत आकलन करती है। निरीक्षण के बाद समिति अपनी रिपोर्ट पेश करती है। एडवाइजरी कमिटी लेगी फैसला तकनीकी समिति की रिपोर्ट के आधार पर एडवाइजरी कमिटी यह निर्णय लेती है कि संबंधित अस्पताल किडनी ट्रांसप्लांट के लिए निर्धारित सभी मानकों और अर्हताओं को पूरा करता है या नहीं। सभी शर्तें पूरी होने की स्थिति में अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग की अध्यक्षता में अंतिम निर्णय लिया जाता है और अस्पताल को किडनी ट्रांसप्लांट का लाइसेंस जारी किया जाता है।

योग, योग-डांस, ध्यान, भजन और पंचतत्व रीकी हीलिंग ने रचा इतिहास

नए वर्ष की नई शुरुआत: अनंत ऊर्जा सफ़र ने भोपाल की झील पर शिकाराओं में हुआ भारत का पहला भव्य आध्यात्मिक हीलिंग अनुभव भोपाल 4 जनवरी 2026 का दिन मध्य प्रदेश और भारत के आध्यात्मिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया, जब भोपाल की शांत झील के मध्य शिकाराओं पर भारत का पहला ऐसा भव्य आध्यात्मिक वेलनेस कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें 100 से अधिक साधकों ने एक साथ योग, योग-डांस, ध्यान, भजन और पंचतत्व आधारित रीकी हीलिंग का गहन अनुभव किया। Madhya Pradesh Tourism और Anannt Oorja Safar के संयुक्त सहयोग से तथा Dilip BuildCon के समर्थन से आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल प्रतिभागियों को भीतर तक स्पर्श किया, बल्कि यह सिद्ध कर दिया कि मध्य प्रदेश अब वैश्विक आध्यात्मिक वेलनेस मानचित्र पर एक सशक्त पहचान बना चुका है। झील के मध्य शिकाराओं पर ऊर्जा, चेतना और रूपांतरण का सजीव अनुभव इस अद्वितीय आयोजन में प्रतिभागियों ने जल तत्व के मध्य, खुले आकाश के नीचे, प्रकृति के पाँचों तत्वों—पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश—की उपस्थिति में स्वयं को पूर्णतः समर्पित किया। शिकारा पर बैठकर किया गया ध्यान, भजन की ध्वनि-तरंगें और सामूहिक मौन ने पूरे वातावरण को एक उच्च चेतना क्षेत्र में परिवर्तित कर दिया। Aarvika Gupta के योग-डांस और ध्यान ने छुआ आत्मा का स्तर कार्यक्रम में Aarvika Gupta द्वारा कराया गया योग, योग-डांस और ध्यान प्रतिभागियों के लिए अत्यंत प्रभावशाली रहा। उनकी सहज, करुणामयी और ऊर्जावान मार्गदर्शन शैली ने लोगों को केवल शारीरिक अभ्यास तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें अपने भीतर उतरने, भावनाओं को मुक्त करने और आत्मिक संतुलन अनुभव करने का अवसर दिया। कई प्रतिभागियों ने इसे “एक डीप हीलिंग जर्नी” और “जीवन बदल देने वाला अनुभव” बताया। Ayush Gupta द्वारा पंचतत्व रीकी हीलिंग: शुद्ध ऊर्जा का प्रवाह इस आध्यात्मिक यात्रा को पूर्णता प्रदान की Ayush Gupta द्वारा कराई गई पंचतत्व (5 Elements) रीकी हीलिंग ने। जल के मध्य बैठकर जब सामूहिक रूप से रीकी ऊर्जा प्रवाहित हुई, तो प्रतिभागियों ने गहरे स्तर पर मानसिक शांति, भावनात्मक हल्कापन और ऊर्जा संतुलन का अनुभव किया। यह केवल एक सत्र नहीं, बल्कि एक सामूहिक ऊर्जा उपचार था, जिसने पूरे समूह को भीतर से हील किया। मध्य प्रदेश का पहला ऐसा आयोजन जिसने रचा नया मानक यह मध्य प्रदेश का पहला आध्यात्मिक कार्यक्रम है, जिसमें झील के बीच शिकाराओं पर 100 से अधिक लोगों ने एक साथ हीलिंग और ध्यान किया। इस ऐतिहासिक पहल ने यह सिद्ध कर दिया कि आध्यात्मिक पर्यटन केवल आश्रमों या बंद स्थानों तक सीमित नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ मिलकर एक जीवंत अनुभव बन सकता है। प्रतिभागियों की एक आवाज़: “यह अनुभव हर महीने होना चाहिए” कार्यक्रम के पश्चात प्रतिभागियों में भारी उत्साह देखने को मिला। अधिकांश लोगों की यही भावना रही कि— “ऐसे कार्यक्रमों में और अधिक लोगों को शामिल होने का अवसर मिलना चाहिए” “यह अनुभव हर महीने झील पर होना चाहिए” “यह केवल एक इवेंट नहीं, बल्कि एक आवश्यकता है” भविष्य की ओर एक सशक्त संकेत इस सफल आयोजन के साथ ही भोपाल की झील केवल एक पर्यटन स्थल नहीं रही, बल्कि वह एक जीवंत आध्यात्मिक केंद्र के रूप में उभरकर सामने आई है। यह कार्यक्रम आने वाले समय में नियमित रूप से आयोजित हो—ऐसी सामूहिक इच्छा और संभावना दोनों स्पष्ट रूप से दिखाई दी। 4 जनवरी 2026 को संपन्न हुआ यह आयोजन केवल एक After Event नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है— मध्य प्रदेश से भारत के लिए, और भारत से पूरे विश्व के लिए शांति, हीलिंग और चेतना का संदेश। आने वाले दिनों में दुनिया भर से लोग अब म०प्र० आयेंगे अध्यात्म और योग विज्ञान के लिए़् इस कार्यक्रम में निम्नलिखित लोग उपस्थित रहे ःChief guests Rahul kothari ji Mahamatri bjp Dilip suryawanshi ji Dilip buildcon Malti rai Bhopal mahapor Reva kourse Actress Vibha bhagat Actress 100+ Influencers from Bhopal

दिन-रात बेखौफ फर्राटा भरती हैं ट्रेनर दीदी और 60 सहेलियां, सेफ मोबिलिटी से बन रहीं लखपति

सीएम योगी के विजन से बदला यूपी का माहौल, महिला सशक्तिकरण को मिल रही नई रफ्तार आत्मनिर्भर बनीं गोरखपुर की मंशा देवी, दूसरे ब्लॉकों की महिलाओं को भी बनाया आत्मनिर्भर स्वयं सहायता समूह से जुड़कर एक वर्ष में मंशा देवी बनीं लखपति दीदी, अब 26 जनवरी को पीएम मोदी से करेंगीं मुलाक़ात लखनऊ उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण अब सिर्फ नारा नहीं, बल्कि हकीकत बन चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से गोरखपुर की मंशा देवी ने न केवल खुद को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि 60 से अधिक महिलाओं को भी रोजगार और सम्मानजनक आजीविका से जोड़ा है। स्वयं सहायता समूह से जुड़कर एक वर्ष में वे लखपति दीदी बन गई हैं। अब मंशादेवी 26 जनवरी को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगी। कभी सीमित आय में जीवन चलाने वाली मंशा देवी आज ई-रिक्शा ट्रेनर के रूप में दिन-रात बेखौफ फर्राटा भर रही हैं और दूसरी महिलाओं को भी आत्मविश्वास की चाबी थमा रही हैं। ऐसे बदली जिंदगी की दिशा स्वयं सहायता समूह से जुड़कर समूह सखी के रूप में काम करने वाली मंशा देवी के पास पहले कोई विशेष आय का जरिया नहीं था। सेफ मोबिलिटी कार्यक्रम से जुड़ने के बाद उनकी जिंदगी की दिशा बदल गई। आज उनकी मासिक आय 20 से 30 हजार रुपये तक पहुंच चुकी है। जिससे साल भर में करीब ढाई से तीन लाख रुपए तक की आय होती है। सेफ मोबिलिटी कार्यक्रम राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक दीपा रंजन के निर्देशन में डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स एवं आजीविका मिशन के बीच हुए एक अनुबंध के अन्तर्गत चल रहा है। सुरक्षित परिवहन के माहौल ने महिलाओं के लिए खोली नई राह मंशादेवी ने ब्रह्मपुर ब्लॉक सहित गोरखपुर जिले की 60 से अधिक महिलाओं को ड्राइविंग, लाइसेंस और उद्यमिता का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया है। सरकारी योजनाओं से मिले मजबूत वित्तीय सहयोग और सुरक्षित परिवहन के माहौल ने महिलाओं के लिए नई राह खोली है। सड़कों पर आत्मविश्वास और स्वाभिमान के साथ ई-रिक्शा चलाती ये महिलाएं प्रदेश में बदले सामाजिक-आर्थिक वातावरण की गवाही दे रही हैं। गांव की दूसरी महिलाओं को भी ट्रेंड करना शुरु किया एक समय आय का कोई साधन नहीं था। तभी मंशा देवी को सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चलाई जा रही योजनाओं का पता चला। सेफ मोबिलिटी प्रोग्राम के जरिए अब उन्हें स्थाई आय होने लगी है। अब मंशादेवी को प्रतिदिन 800 से हजार रुपए की आमदनी हो रही है। मंशा देवी ने अपने गांव की दूसरी महिलाओं को भी ट्रेंड करना शुरु किया। धीरे धीरे जिले के अन्य ब्लॉकों की करीब 60 महिलाओं को समूह से जोड़का ट्रेनिंग दी, जिसके जरिए अब सभी महिलाएं निश्चित आय से अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। अपने साथ पूरे समाज को आगे बढ़ा सकती हैं ग्रामीण महिलाएं मंशा देवी को मुद्रा योजना से 1.25 लाख रुपए और ब्लॉक स्तर से एक लाख रुपए की सहायता मिली। जिसके बाद उनके काम ने रफ्तार पकड़ी। उनके समूह की 60 अन्य महिलाएं सुरक्षित माहौल में अब दिन-रात आत्मविश्वास के साथ ई-रिक्शा चला रही हैं। मोबिलिटी प्रोग्राम के जरिए महिला सुरक्षा, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता एक साथ आगे बढ़ रहे हैं। मंशा देवी की यह यात्रा समूह सखी से ई-रिक्शा ट्रेनर बनने तक इस बात का प्रमाण है कि सही नीति, प्रशिक्षण और अवसर मिलें तो ग्रामीण महिलाएं न केवल खुद को, बल्कि पूरे समाज को आगे बढ़ा सकती हैं।

CM नीतीश की बड़ी भविष्यवाणी: सम्राट चौधरी को लेकर पिता शकुनी चौधरी से क्या बोले?

पटना  बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रविवार को यहां वरिष्ठ नेता शकुनी चौधरी के 90वें जन्मदिन समारोह में शामिल हुए। शकुनी चौधरी, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पिता हैं और उनका तीन दशक लंबा राजनीतिक करियर है। जन्मदिन के मौके पर नीतीश कुमार शकुनी चौधरी के आवास पहुंचे और शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो इस समारोह के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री पहले शकुनी चौधरी को बधाई देते नजर आते हैं और फिर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की खुलकर प्रशंसा करते हैं। सीएम नीतीश कुमार ने कहा, “सम्राट चौधरी जिस तरह से अपनी जिम्मेदारियों को निभा रहे हैं, वह काबिले-तारीफ है। आपका बेटा बहुत आगे जाएगा। मैं हमेशा उसके साथ हूं।” बिहार सरकार में मंत्री रह चुके हैं शकुनी चौधरी बता दें कि शकुनी चौधरी बिहार सरकार में मंत्री रह चुके हैं और राजनीति में आने से पहले उन्होंने भारतीय सेना में भी सेवा दी थी। जन्मदिन समारोह में मुख्यमंत्री के अलावा कई अन्य मंत्री और नेता भी शामिल हुए। इस मौके पर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा, “मेरे पिता लंबे समय तक राजनीति में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने सेना में सेवा दी और सड़क से लेकर संसद तक बिहार के समाज को मुख्यधारा में लाने का काम किया। हम सभी की कामना है कि वे 190 साल तक हमें अपना आशीर्वाद देते रहें।” सम्राट चौधरी ने समारोह में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और अन्य मंत्रियों के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

वर्ष 2026 में राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सहायक आचार्य के 1112 पदों पर होगी तैनाती

कॉलेजों में आचार्य के 44 पदों और प्रवक्ता फॉर्मेसी के 11 पदों पर होगी भर्ती लखनऊ योगी सरकार स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में लगातार ठोस और दूरदर्शी कदम उठा रही है। इसी कड़ी में वर्ष 2026 में राजकीय मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण और तकनीकी पदों पर बड़े पैमाने पर भर्ती की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राजकीय मेडिकल कॉलेज में सहायक आचार्य, आचार्य एवं प्रवक्ता (फार्मेसी) के पदों पर भर्ती की जाएगी। इन पदों पर करीब 1,200 से अभ्यर्थियों काे सरकारी नौकरी की सौगात मिलेगी। याेगी सरकार के इस कदम से न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य शिक्षा व्यवस्था भी और मजबूत होगी। वहीं, योगी सरकार जल्द ही लोक सेवा आयोग, प्रयागराज से चयनित 1,230 नर्सिंग अधिकारियों (महिला/पुरुष) के नियुक्ति पत्रों का वितरण करेगी। राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सहायक आचार्य, आचार्य और प्रवक्ता फार्मेसी के पदों पर होगी भर्ती अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अमित कुमार घोष ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभाग में खाली पदों पर नियुक्ति करने के निर्देश दिये थे ताकि प्रदेश के ज्यादा से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी मिल सके। इसी के तहत चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सहायक आचार्य, आचार्य एवं प्रवक्ता (फार्मेसी) के पदों का अधियाचन लोक सेवा आयोग, प्रयागराज के माध्यम से चयन कराने के लिए भेजा गया है। उन्होंने बताया कि जल्द ही इन पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा। राजकीय मेडिकल कॉलेजों के करीब 12 सौ पदों क्रमश: सहायक आचार्य के 1,112 पदों, आचार्य के 44 पदों और प्रवक्ता (फार्मेसी) के 11 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा नर्सिंग कैडर को सशक्त करने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही लोक सेवा आयोग, प्रयागराज से चयनित 1,230 नर्सिंग अधिकारियों (महिला एवं पुरुष) को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे। इससे प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूती मिलेगी। भर्ती से शोध गतिविधियों में होगा इजाफा, छात्रों को मिलेगा बेहतर मार्गदर्शन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि प्रदेश में मेडिकल एजुकेशन को केवल डिग्री देने तक ही सीमित न रखा जाए, बल्कि उसे गुणवत्ता, शोध और व्यावहारिक प्रशिक्षण से जोड़ा जाए। इसी के तहत पिछले पौने नौ वर्षों में प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। जहां पहले कुछ गिने-चुने जिलों तक मेडिकल शिक्षा सीमित थी, वहीं, आज लगभग हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का लक्ष्य पूरा हो चुका है। नए कॉलेजों के संचालन के लिए योग्य शिक्षकों और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। यह भर्ती उसी दिशा में बड़ा कदम है। राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सहायक आचार्य, आचार्य और फार्मेसी प्रवक्ताओं की नियुक्ति से मेडिकल छात्रों को बेहतर मार्गदर्शन, शोध गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और चिकित्सा शिक्षा का स्तर राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो सकेगा। इससे भविष्य में प्रदेश को कुशल डॉक्टर, फार्मासिस्ट और स्वास्थ्य विशेषज्ञ मिलेंगे, जो आम जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान करेंगे।

बालकनी में मोबाइल सिग्नल तलाशते वक्त हुआ हादसा, नोएडा में IOC के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर की जान गई

नोएडा नोएडा के सेक्टर 104 में 55 साल के शख्स की 17वें फ्लोर गिरकर मौत हो गई। शख्स की पहचान अजय गर्ग के तौर पर हुई जो इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) में कार्यकारी निदेशक (Executive Director) थे। वह एटीएस वन हेलमेट सोसायटी में अपनी पत्नी के साथ रहते थे। घटना शनिवार सुबह 10.20 मिनट की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक वह फोन का नेटवर्क ढूंढते हुए बालकनी में गए थे और इसी दौरान वह बालकनी से गिर गए।   मीडया रिपोर्ट के मुताबिक अजय गर्ग के फोन में फ्लैट के अंदर अछानक नेटवर्क नहीं आ रहे थे। इसलिए वह बालकनी में चले गए। सिग्नल ढूंढते ढूंढते अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर गए। सोसाइटी के लोगों ने उन्हें जमीन पर पड़ा देखा और तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस सोसाइटी के CCTV फुटेज खंगाल रही है और परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह पूरी तरह साफ हो पाएगी। अजय गर्ग और उनकी पत्नी मूल रूप से कानपुर के रहने वाले थे। उनका बेटा मुंबई में रहता है। इस दर्दनाक हादसे के बाद अजय गर्ग की पत्नी बदहवास हो गईं। लोग अजय गर्ग को आनन फानन में अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उनके बेटे देवांग को भी मामले की जानकारी दी गई।  

72वीं सीनियर नेशनल वालीबॉल चैंपियनशिप के शुभारंभ अवसर पर बोले उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक

प्रधानमंत्री जी ने खिलाड़ियों में किया नई ऊर्जा का संचार, 2014 के बाद खेलों के विकास के लिए पीएम मोदी ने बहाई नई गंगाः उप मुख्यमंत्री वाराणसी  उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 72वीं सीनियर नेशनल वालीबॉल चैंपियनशिप के शुभारंभ अवसर पर खिलाड़ियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने खिलाड़ियों में नई ऊर्जा का संचार किया है। जिस देश में खिलाड़ी आगे होते हैं, वह देश सर्वोच्च शिखर की तरफ अग्रसर होता है। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि मैदान में खेल भावना से खेलना चाहिए, क्योंकि मैदान में उतरने वाला हर खिलाड़ी जीतता है और मैदान के बाहर गले मिलकर नई चुनौतियों के लिए फिर तैयार हो जाता है। 2014 के बाद खेलों के विकास के लिए पीएम मोदी ने बहाई नई गंगा उप मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद देश में खेलों के विकास के लिए पीएम मोदी ने नई गंगा बहाई। सभी खेलों का कई गुना बजट बढ़ाया गया। पहले खेल में सिर्फ औपचारिकता होती थी। उप मुख्यमंत्री ने केंद्र-प्रदेश में विकास की योजनाओं का भी जिक्र किया और कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा, बोले-कांग्रेस सरकार में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भी भ्रष्टाचार का दाग लगा। अब पीएम मोदी खिलाड़ियों में जज्बा भरते हैं। ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, एशियन गेम्स या किसी बड़ी प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने और लौटकर आने वाले खिलाड़ियों से पीएम मोदी स्वयं बात करते हैं और दुनिया को संदेश देते हैं कि यह खिलाड़ी हमारे परिवार के सदस्य हैं। इनके सम्मान में कोई कसर बाकी नहीं रखी जाएगी। प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को उच्च पदों पर दे रही सीधी तैनाती श्री पाठक ने कहा कि प्रदेश सरकार में भी खेल के बजट को कई गुना बढ़ाई गई। मेरठ में मेजर ध्यान चंद के नाम पर विश्वविद्यालय बनाया गया। प्रदेश सरकार द्वारा उच्च पदों पर खिलाड़ियों को सीधी तैनाती भी दी जा रही है। पूरी दुनिया में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रतियोगिता के विजयी खिलाड़ियों के चयन से ही देश की टीम बनेगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत माता का परचम फहराएगी।